CM Hemant Soren

Aditi Pandey
अदिति का नहीं तो वो मांस का टुकड़ा किसका था ?

रांची। रांची के कोकर स्थित खोरा टोली से 9 मई से लापता डेढ़ वर्षीय अदिति पांडे की तलाश में पुलिस एक बार फिर बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू करने की तैयारी में है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है और नई रणनीति के तहत हर संभावित पहलू की पड़ताल की जा रही है। एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद बच्ची का कोई सुराग नहीं मिलने से परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। वहीं स्थानीय लोग भी अदिति की सकुशल बरामदगी की उम्मीद लगाए हुए हैं। मामले की जांच कर रहे सदर थाना प्रभारी कुलदीप कुमार ने अदिति के परिजनों से मुलाकात कर जांच की प्रगति से उन्हें अवगत कराया। इस दौरान उन्होंने लापता  अदिति अदिति  के  माता पिता को घर के पिछले हिस्से में सुरक्षा के लिहाज से बाउंड्री वॉल बनवाने की सलाह दी ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न  हो।     कई बार नाले में सर्च अभियान चलाया अदिति के लापता होने के बाद राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने कई बार नाले में सर्च अभियान चलाया। हाल ही में बच्ची के घर से करीब 800 मीटर दूर नाले की झाड़ियों में मांस का एक टुकड़ा बरामद हुआ, जिसे पुलिस ने जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया था। बाद में  अदालत ने इस छोटे से टुकड़ा को डीएनए टेस्ट  कराने की अनुमति दी थी। उसके बाद बात थी कि इसे खेलगांव स्थित फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा, जहां अदिति के माता-पिता के डीएनए सैंपल लिए जाएंगे और सभी सैंपल को कोलकाता की प्रयोगशाला भेजे जाएंगे।   कहां है  रिपोर्ट ? हालांकि, एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इस प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। अब तक न तो डीएनए जांच की रिपोर्ट सार्वजनिक हुई है और न ही यह स्पष्ट किया गया है कि अदिति के माता-पिता के डीएनए नमूने लिए गए या नहीं। यदि सैंपल लिए गए थे तो रिपोर्ट कहां तक पहुंची, और यदि नहीं लिए गए तो इसकी वजह क्या रही? इन सवालों के जवाब अब भी सामने नहीं आए हैं। फिलहाल इस पूरे मामले में जांच से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर केवल इंतजार ही नजर आ रहा है।   मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी मामले को गंभीरता से लिया  इधर, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए रांची पुलिस को अदिति की जल्द बरामदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पुलिस ने सर्च अभियान और जांच की रफ्तार बढ़ा दी है। पुलिस ने अदिति की सूचना देने वाले के लिए घोषित इनाम की राशि 50 हजार बढ़ाकर ढाई लाख रुपये कर दी है। साथ ही पोस्टर, विज्ञापन और सोशल मीडिया के माध्यम से भी व्यापक स्तर पर लोगों से सहयोग मांगा जा रहा है।   अदिति के पिता मनीष कुमार पांडेय और परिवार के अन्य सदस्य लगातार शहर के विभिन्न इलाकों में पोस्टर लगाकर बच्ची की तलाश कर रहे हैं। पुलिस ने जिले के सभी थानों को बच्ची का विवरण भेज दिया है और सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच जारी है।   अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि यदि अदिति के संबंध में कोई भी जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि उसे सुरक्षित उनके परिवार तक पहुंचाया जा सके।                                                                              

abhishek singh जून 16, 2026 0
Bhairav Singh
CM का काफिला रोकने के केस में भैरव सिंह बरी

रांची।  वर्ष 2021 में रांची के किशोरगंज चौक में सीएम के काफिले को रोकने का प्रयास करने और प्रदर्शन करने से जुड़े केस में रांची सिविल कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। बुधवार को कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए भैरव सिंह समेत अन्य आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।   इस मामले का ट्रायल रांची सिविल कोर्ट के अपर प्रधान न्यायायुक्त की अदालत में चला। घटना को लेकर वर्ष 2021 में सुखदेवनगर थाना में पदस्थापित एएसआई सदानंद कुमार के बयान पर 72 नामजद समेत 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। किशोरगंज चौंक के पास काफिले को बनाया गया था निशाना 4 जनवरी को सीएम हेमंत सोरेन का काफिला झारखंड मंत्रालय से लौट रहा था। इसी दौरान किशोरगंज चौक के पास उपद्रवियों के झुंड ने सुनियोजित साजिश के तहत काफिले को निशाना बनाने की कोशिश की थी। हालांकि रांची पुलिस ने सूझबूझ का परिचय देते हुए सीएम के काफिले को रूट डायवर्ट कर दिया था। इस संबंध में सुखदेवनगर थाना में कांड संख्या 5/2021 दर्ज की गई थी। सिविल कोर्ट से बरी किये जाने से भैरव सिंह को बड़ी राहत मिली है। इस केस के बाद भैरव सिंह को जेल भी जाना पड़ा था।

abhishek singh जून 11, 2026 0
CM Hemant Soren Narendra Modi
CM हेमंत दिल्ली गये,  प्रधानमंत्री के साथ नीति आयोग की बैठक में भाग लेंगे

रांची। केंद्र सरकार की नीति निर्धारण संस्था नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल (शासी परिषद) की बैठक 11 जून को दिल्ली में होगी। इस हाई-प्रोफाइल बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इसमें शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बुधवार की दोपहर दिल्ली के रवाना हो गए है।   बता दें कि इस महत्वपूर्ण बैठक में झारखंड राज्य की भागीदारी को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। जिसके तहत राज्य के मुख्यमंत्री और शीर्ष अधिकारियों की सूची को अंतिम रूप देकर नीति आयोग को भेज दिया गया है।   नीति आयोग की मुख्य कार्यकारी अधिकारी निधि छिब्बर ने इस संबंध में झारखंड के मुख्य सचिव अविनाश कुमार को पत्र भेजा है। इसमे कहा गया है कि इस बार की बैठक का मुख्य विषय विकसित भारत के लिए मानव पूंजी रखा गया है। इसके साथ ही इस बैठक के एजेंडे में दिसंबर 2025 में आयोजित मुख्य सचिवों के 5वें राष्ट्रीय सम्मेलन में तय की गई प्राथमिकताओं और सिफारिशों को शामिल किया गया है। सीएम के साथ अधिकारी होंगे बैठक में शामिल जानकारी के मुताबिक नीति आयोग की ओर से झारखंड के मुख्यमंत्री को बैठक में शामिल होने के लिए उपाध्यक्ष की ओर से एक अलग से आमंत्रण पत्र गया है। 11 जून को होने वाली इस बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अलावा झारखंड का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिकारियों में राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, प्लानिंग एंड डेवलपमेंट सचिव मुकेश कुमार, दिल्ली के रेसिडेंट कमिश्नर अरवा राजकमल और प्लानिंग एंड डेवलपमेंट की अपर सचिव विजया जाधव शामिल होंगी।

abhishek singh जून 11, 2026 0
Hemant Soren Jal Jivan Mission Order
पेयजल व्यवस्था में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त: सीएम हेमंत सोरेन

रांची। मुख्यमंत्री ने राज्य में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए अधिकारियों को जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया है। मंगलवार को झारखंड मंत्रालय में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।   मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पेयजल योजनाओं के कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए ताकि लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके। उन्होंने जलापूर्ति व्यवस्था के रखरखाव और मरम्मत कार्यों पर विशेष ध्यान देने का भी निर्देश दिया।   संभावित जल संकट वाले क्षेत्रों पर विशेष नजर बैठक में मुख्यमंत्री ने उन क्षेत्रों की पहचान कर विशेष निगरानी रखने को कहा, जहां गर्मी या अन्य कारणों से पेयजल संकट की संभावना बनी रहती है। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी क्षेत्र में जल संकट उत्पन्न होने पर तत्काल कार्रवाई की जाए और प्रभावित लोगों तक स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।   समीक्षा बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद  भी मौजूद रहे। इस दौरान विभागीय योजनाओं की प्रगति और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।   जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन पर जोर मुख्यमंत्री ने केवल जलापूर्ति ही नहीं, बल्कि जल संरक्षण को भी उतना ही महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने अधिकारियों को वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण और भू-जल स्तर बनाए रखने के लिए प्रभावी अल्पकालिक और दीर्घकालिक योजनाएं तैयार करने का निर्देश दिया।   उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में भू-जल स्तर गिरने के कारण चापाकल अनुपयोगी हो चुके हैं, वहां उनके बोरिंग का उपयोग रिचार्ज पीट के रूप में किया जाए ताकि वर्षा का पानी भू-जल स्तर बढ़ाने में सहायक हो सके।   ग्रामीण क्षेत्रों को प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। साथ ही उन्होंने जल सहियाओं की भूमिका को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर देते हुए कहा कि जनभागीदारी से ही पेयजल योजनाओं को सफल बनाया जा सकता है। सरकार का लक्ष्य राज्य के हर घर तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है।

abhishek singh जून 10, 2026 0
Hemant Soren
मोरहाबादी मैदान में 16 से 18 जून तक आयोजित होगा कृषि व्यापार मेला, मुख्यमंत्री करेंगे उद्घाटन

रांची। झारखंड सरकार कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने और किसानों को नई तकनीकों से परिचित कराने के उद्देश्य से रांची के मोरहाबादी मैदान में 16 से 18 जून तक तीन दिवसीय कृषि व्यापार मेला आयोजित करने जा रही है। इस मेले का उद्घाटन मुख्यमंत्री Hemant Soren करेंगे।   आयोजन का उद्देश्य किसानों, कृषि वैज्ञानिकों, व्यापारियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को एक साझा मंच प्रदान करना है, जहां वे कृषि क्षेत्र में हो रहे नवीन प्रयोगों और तकनीकी विकास पर विचार-विमर्श कर सकें।   देशभर से आएंगे विशेषज्ञ और लगेंगे आधुनिक कृषि स्टॉल कृषि व्यापार मेले में देश के विभिन्न राज्यों से कृषि क्षेत्र से जुड़े संस्थान, कंपनियां और संगठन अपने स्टॉल लगाएंगे। मेले में 50 से अधिक वैज्ञानिक और कृषि विशेषज्ञ विभिन्न विषयों पर व्याख्यान देंगे। किसानों के लिए पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है ताकि अधिक से अधिक किसान इस आयोजन का लाभ उठा सकें।   कृषि विभाग के अनुसार मेले में आधुनिक खेती, उन्नत बीज, सिंचाई तकनीक, जैविक कृषि और कृषि व्यवसाय से जुड़ी नई जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी। किसानों को उत्पादन बढ़ाने और लागत कम करने के उपायों से भी अवगत कराया जाएगा।   आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीकों पर रहेगा विशेष फोकस मेले का प्रमुख आकर्षण कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीकों का प्रदर्शन होगा। इसके साथ ही कम लागत में अधिक उत्पादन देने वाली आधुनिक कृषि पद्धतियों, मत्स्य पालन, बागवानी और कृषि यंत्रीकरण से जुड़ी तकनीकों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। विशेषज्ञ किसानों को इन तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग और उनके लाभों की जानकारी देंगे।   सांस्कृतिक कार्यक्रमों से भी सजेगा आयोजन कृषि व्यापार मेला केवल तकनीकी और व्यावसायिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगा। शाम के समय झारखंड की पारंपरिक लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए नृत्य और गीत-संगीत के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा राज्य के प्रगतिशील किसान और अन्य राज्यों के सफल कृषि विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे, जिससे किसानों को नई प्रेरणा और सीख मिलेगी। यह मेला कृषि क्षेत्र में नवाचार, ज्ञान और अवसरों का महत्वपूर्ण केंद्र बनने जा रहा है।

abhishek singh जून 10, 2026 0
CM  Hemant Soren Jal Jeevan Mission
सीएम हेमंत की सख्तीः घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को झारखंड मंत्रालय में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा की। बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाते हुए राज्य के प्रत्येक घर तक पाइपलाइन और नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य तय समय सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि पेयजल से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा पेयजल संकट वाले क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। जल सहियाओं को प्रशिक्षण और जिम्मेदारी देने का निर्देश मुख्यमंत्री ने जल सहियाओं की भूमिका को और मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जल सहियाओं को समूहवार आईटीआई में प्लंबर का व्यावसायिक प्रशिक्षण दिलाया जाए। साथ ही खराब चापाकलों की मरम्मत, सौर ऊर्जा आधारित जलापूर्ति योजनाओं की देखरेख और रखरखाव की जिम्मेदारी भी उन्हें सौंपी जाए। उन्होंने बेहतर कार्य करने वाली जल सहियाओं को पुरस्कृत करने और उनके लिए प्रोत्साहन कार्यक्रम चलाने की बात भी कही। रियल टाइम मॉनिटरिंग और बेहतर फ्रेमवर्क पर जोर सीएम ने विभाग की निर्माणाधीन योजनाओं की समीक्षा करते हुए बड़ी परियोजनाओं के लिए ठेकेदारों का व्हाट्सएप समूह बनाकर प्रतिदिन कार्य प्रगति की जानकारी लेने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के लिए मजबूत फ्रेमवर्क तैयार किया जाए और वित्तीय संतुलन बनाए रखने के लिए बैकअप प्लान विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने, योजनाएं पूरी होने के बाद समय पर यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट लेने तथा वाटर रिचार्ज के लिए सोक पिट जैसी व्यवस्थाओं को आधुनिक बनाने पर भी जोर दिया। अधिकारियों ने बताया कि दिसंबर 2028 तक राज्य के सभी ग्रामीण घरों में पाइपलाइन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित है। जल संरक्षण और भू-जल स्तर बढ़ाने का निर्देश मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और भू-जल स्तर को बनाए रखने के लिए प्रभावी अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक योजनाएं तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अनुपयोगी हो चुके चापाकलों के बोरिंग का उपयोग रिचार्ज पिट के रूप में किया जाए, ताकि वर्षा जल का संचयन कर भू-जल स्तर बढ़ाया जा सके। इसके अलावा लोगों को सोक पिट निर्माण और जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया। जल गुणवत्ता, स्वच्छता और कचरा प्रबंधन की भी समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने जल गुणवत्ता की समस्या पर चिंता जताते हुए स्वच्छ पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्लास्टिक मुक्त गांवों को प्रोत्साहित करने और ऐसे प्रयासों को पुरस्कृत करने की बात कही। इस दौरान जल जीवन मिशन, हर घर जल, जल गुणवत्ता निगरानी, बहु ग्रामीण एवं एकल ग्रामीण जलापूर्ति योजनाएं, नलकूप, स्वच्छ भारत मिशन, व्यक्तिगत शौचालय, ओडीएफ प्लस गांव, ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन तथा गोबरधन योजना सहित विभिन्न कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा कर अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।

Unknown जून 10, 2026 0
Jharkhand Resort Politics
झारखंड में अब रिसार्ट पालिटिक्स

रांची। झारखंड में 2 सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव के लिए नामाकंन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने बैजनाथ राम को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने प्रणव झा पर फिर से भरोसा जताया है। वहीं, बीजेपी की बात करें तो गौरव वल्लभ ने भले ही नामांकन पर्चा खरीदा है, लेकिन अभी तक बीजेपी ने नाम की घोषणा नहीं की है। उधर परिमल नाथवाणी भी निदर्लीय मैदान में उतरने को तैयार हैं। उन्होंने नामांकन पर्चा दाखिल भी कर दिया है।  2 सीटों के लिए 3 उम्मीदवारों के उतरने से चुनाव का माहौल रोचक हो गया है। हालांकि कांग्रेस ने देर रात जेएमएम प्रमुख और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर काफी हद तक विवाद को सुलझा लिया है। माना जा रहा है कि गठबंधन में शामिल कांग्रेस के उम्मीदवार को जेएमएम का समर्थन मिल सकता है। उधर बीजेपी ने अभी तक पत्ता नहीं खोला है। लेकिन, परिमल नाथवाणी के नामांकन में बीजेपी नेताओं ने प्रस्तावक बन कर इशारा दे दिया है कि बीजेपी उनके साथ है।  माना जा रहा है कि एनडीए के विधायक परिमल नाथवाणी को अपना समर्थन देने जा रहे हैं।  इसके बावजूद भी उन्हें 4 विधायक जुटाने होंगे, क्योंकि एनडीए के पास 24 विधायक ही ही हैं और जीत के लिए 28 विधायकों की जरूरत होगी। जेकेएलएम विधायक जयराम महतो का समर्थन उन्हें मिल सकता है, लेकिन इसके बावजूद भी उन्हें 3 विधायक जुटाने होंगे। इसका मतलब हुआ कि क्रॉस वोटिंग का ही सहारा लेना होगा। अगर क्रॉस वोटिंग होती है तो कांग्रेस के हाथ से सीट छिटक सकती है। यही से एक बार फिर रिसॉर्ट पालिटिक्स देखने को मिल सकती है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पहले ही अपने सारे विधायकों को रांची बुला लिया है और सभी को एकसाथ-एकजुट रहने का निर्देश दिया गया है। वहीं, बीजेपी जब नाथवाणी को समर्थन दे ही रही है, तो उसके विधायकों के छिटकने का सवाल ही नहीं है। ऐसे भी नाथवाणी ने सोमवार को बीजेपी विधायक नवीन जायसवाल के आवास पर पहुंच कर उनके साथ आगे की रणनीति तय की।  कांग्रेस और राजद के विधायकों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। इसलिए दोनों ही दल अपने विधायकों को एकजुट रखने की कोशिश में जुटे हैं। राज्य के मंत्री और राजद नेता संजय प्रसाद यादव ने साफ किया कि वे सभी लालू प्रसाद यादव के शिष्य हैं, इसलिए गद्दारी तो उनके खून में ही नहीं है। यह भी संभव है कि जल्द ही कांग्रेस के विधायकों को एकजुट रखने के लिए उन्हें भी कहीं एकसाथ  ही रखा जाये। क्योंकि, आज 8 जून है और चुनाव 18 जून को होना है। यानी, 10 अभी बाकी हैं और इस दौरान काफी कुछ देखने को मिल सकता है।

Unknown जून 9, 2026 0
Parimal Nathwani
परिमल नाथवाणी रांची में!

रांची। पूर्व राज्यसभा सांसद परिमल नाथवाणी के रांची में होने की सूचना है। सूचना के मुताबिक विशेष विमान से परिमल नाथवाणी रांची आये हैं। हालांकि अब तक इसकी किसी ने पुष्टि नहीं की है। राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच उनके आने की सूचना ने सियासी पारा बढ़ा दिया है। चर्चाओं के मुताबिक नाथवाणी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिल सकते हैं। हालांकि मुख्यमंत्री सचिवालय से भी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। नाथवाणी को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाये जाने की चर्चा है। बता दें कि झारखंड मुक्ति मोर्चा ने एक उम्मीदवार की घोषणा कर दी है, जबकि दूसरे देर शाम तक होने की संभावना है।

Unknown जून 6, 2026 0
JMM Congress Rajya Sabha Seat
राज्यसभा चुनाव को लेकर बढ़ी हलचल, JMM ने सभी विधायकों को रांची बुलाया

रांची। झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने अपने सभी विधायकों के लिए अहम निर्देश जारी करते हुए उन्हें आज शाम तक रांची पहुंचने और 8 जून तक राजधानी में ही रहने को कहा है। पार्टी के इस निर्देश के बाद राज्य की राजनीति में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। राज्यसभा की दो सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर सत्ताधारी गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर मतभेद उभरकर सामने आए है। इसी संभावित राजनीतिक खींचतान और रणनीतिक तैयारी को देखते हुए JMM ने अपने विधायकों को एकजुट रखने का फैसला किया है। 2 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगा JMM जानकारी के अनुसार, JMM ने राज्यसभा की दोनों सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने का संकेत दिया है। एक उम्मीदवार के रूप में बैजनाथ राम की घोषणा कर दी गई है, जबकि दूसरे की घोषणा देर शाम तक किये जाने की उम्मीद है। इस फैसले ने गठबंधन की राजनीति को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस ने पहले ही घोषित कर दिया उम्मीदवार दूसरी ओर, कांग्रेस ने राज्यसभा की एक सीट के लिए अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। कांग्रेस शुरू से ही यह मांग करती रही है कि राज्यसभा चुनाव में गठबंधन के तहत एक सीट JMM और एक सीट कांग्रेस के हिस्से में जाए, लेकिन JMM द्वारा दोनों सीटों पर दावा जताने की रणनीति से गठबंधन के भीतर असहज स्थिति बनती दिख रही है। गठबंधन में बढ़ रही है खींचतान जेएमएम का अपने सभी विधायकों को रांची बुलाना सिर्फ सामान्य बैठक नहीं है, बल्कि इसके पीछे राज्यसभा चुनाव की रणनीति और संख्या बल को लेकर गंभीर मंथन चल रहा है। यदि दोनों दल अपने-अपने दावे पर अड़े रहते हैं, तो आने वाले दिनों में गठबंधन के भीतर तनाव और बढ़ सकता है।

Unknown जून 6, 2026 0
Jharkhand Rajyasabha Election
राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार ऐलान से नाराज झामुमो, दोनों सीटों पर ठोका दावा

रांची। झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव से पहले महागठबंधन में मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। कांग्रेस द्वारा बोकारो निवासी प्रणव झा को राज्यसभा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने दोनों सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने की मंशा जाहिर की है। इससे गठबंधन के भीतर राजनीतिक तनाव बढ़ गया है और आने वाले दिनों में सियासी समीकरण बदलने की संभावना जताई जा रही है। कांग्रेस के फैसले पर उठे सवाल कांग्रेस ने गुरुवार देर रात प्रणव झा को उम्मीदवार घोषित किया। इसके बाद पार्टी के भीतर और बाहर दोनों जगह सवाल उठने लगे। राजनीतिक हलकों में प्रणव झा को "पैराशूट उम्मीदवार" बताया जा रहा है। उनका जन्म भले ही झारखंड में हुआ हो, लेकिन राज्य की सक्रिय राजनीति में उनकी भूमिका सीमित रही है। बताया जा रहा है कि उनके नाम पर अंतिम फैसला कांग्रेस आलाकमान ने लिया, जिससे प्रदेश कांग्रेस के कुछ नेताओं में नाराजगी है। फुरकान अंसारी ने जताई नाराजगी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और गोड्डा के पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संकेत दिया कि वर्षों तक पार्टी के लिए काम करने के बावजूद उनके नाम पर विचार नहीं किया गया। उनकी प्रतिक्रिया ने यह साफ कर दिया कि उम्मीदवार चयन को लेकर कांग्रेस के भीतर भी असंतोष मौजूद है। झामुमो की बैठक में दोनों सीटों पर दावा शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर झामुमो की अहम बैठक हुई, जिसमें पार्टी के सांसद, विधायक, मंत्री और वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक के बाद नेताओं ने स्पष्ट किया कि झामुमो राज्यसभा की दोनों सीटों पर अपना दावा पेश करेगा। नेताओं का कहना है कि राज्य में झामुमो सबसे बड़ा दल है, इसलिए दोनों सीटों पर उसका स्वाभाविक अधिकार बनता है। हफीजुल हसन और बैद्यनाथ राम के बयान मंत्री हफीजुल हसन ने कहा कि पार्टी का रुख पहले से स्पष्ट है और दोनों सीटों पर झामुमो उम्मीदवार उतारना चाहता है। वहीं विधायक बैद्यनाथ राम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सहमति के बिना उम्मीदवार घोषित कर दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी सांसदों और विधायकों ने दोनों सीटों पर झामुमो उम्मीदवार उतारने की इच्छा जताई है। हेमंत सोरेन के फैसले पर टिकी निगाहें राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि कांग्रेस और झामुमो अपने-अपने उम्मीदवार मैदान में उतारते हैं तो महागठबंधन की एकजुटता पर गंभीर सवाल खड़े होंगे। फिलहाल अंतिम निर्णय के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अधिकृत किया गया है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि गठबंधन आपसी सहमति से समाधान निकालता है या राज्यसभा चुनाव में टकराव की स्थिति बनती है।

Unknown जून 6, 2026 0
Ranchi Sadar Hospital
रांची सदर अस्पताल ने रचा इतिहास, ‘MusQan’ सर्टिफिकेशन पाने वाला झारखंड का पहला अस्पताल

रांची। झारखंड की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए रांची सदर अस्पताल को राष्ट्रीय स्तर का प्रतिष्ठित ‘MusQan’ सर्टिफिकेशन प्राप्त हुआ है। 96.61 प्रतिशत अंक हासिल कर यह झारखंड का पहला अस्पताल बन गया है जिसे यह प्रमाणन मिला है। यह उपलब्धि राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के अंतर्गत संचालित MusQan कार्यक्रम के मूल्यांकन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर मिली है। बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमाण MusQan कार्यक्रम स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य जन्म से 12 वर्ष तक के बच्चों को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और बच्चों के अनुकूल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस कार्यक्रम के तहत अस्पतालों का विभिन्न मानकों पर आकलन किया जाता है। राष्ट्रीय टीम ने किया था मूल्यांकन रांची सदर अस्पताल का राष्ट्रीय स्तर पर मूल्यांकन 29 और 30 अप्रैल 2026 को किया गया था। मूल्यांकनकर्ताओं की टीम ने अस्पताल की सेवाओं, संक्रमण नियंत्रण, मरीजों के अधिकारों, क्लिनिकल प्रोटोकॉल, गुणवत्ता प्रबंधन तथा चाइल्ड-फ्रेंडली वातावरण की गहन जांच की। अस्पताल ने सभी मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) ने 98 प्रतिशत, पीडियाट्रिक वार्ड ने 97.96 प्रतिशत और पीडियाट्रिक ओपीडी ने 93.84 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। टीम वर्क और नेतृत्व का परिणाम सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. बिमलेश कुमार सिंह ने इस सफलता का श्रेय चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों और अन्य कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास को दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और राज्य सरकार के मार्गदर्शन से यह उपलब्धि संभव हो सकी है। अन्य जिलों में भी विकसित होंगे ऐसे अस्पताल राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के झारखंड अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि रांची सदर अस्पताल की सफलता पूरे राज्य के लिए प्रेरणादायक है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देशानुसार अब राज्य के अन्य जिला अस्पतालों में भी रांची सदर अस्पताल जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना बनाई जा रही है, ताकि सभी मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।

Unknown जून 5, 2026 0
Hemant soren Illegal Mining Action
झारखंड में अवैध खनन पर CM हेमंत सख्त, बालू माफिया निशाने पर

रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में अवैध खनन पर कड़ी सख्ती बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि इसे हर हाल में रोका जाये। साथ ही, उन्होंने अवैध बालू खनन को भी रोकने का सख्त आदेश दिया। सीएम ने ये निर्देश खान व भूतत्व विभाग की समीक्षा करते हुए दिये।  उन्होंने कहा कि अवैध खनन से राज्य को राजस्व की हानि होती है, साथ ही यह पर्यावरणीय संतुलन और कानून-व्यवस्था के लिए भी गंभीर चुनौती उत्पन्न करता है। इस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विभागीय समन्वय, नियमित निगरानी और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। निष्क्रिय खदानों को चालू करने का निर्देश समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में संचालित बीसीसीएल, सीसीएल एवं इसीएल की बंद पड़ी खदानों को निरस्त करने हेतु उपाय तलाशने का निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जिन खदानों में उत्पादन बंद है, वहां उत्पादन पुनः प्रारंभ कराया जाये। जिन खनिज ब्लॉकों का ऑक्शन हो चुका है, लेकिन वे लंबे समय से क्रियाशील नहीं हैं, उन्हें निरस्त कर पुनः राजस्व का आकलन करते हुए दोबारा ऑक्शन किया जाए। खनन लीज क्षेत्र तथा कार्यरत एवं गैर-कार्यरत क्षेत्रों की मैपिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्वर्ण उत्पादन बढ़ाने पर जोर मुख्यमंत्री सोरेन ने राज्य में संचालित कुल सात गोल्ड माइंस की समीक्षा करते हुए इनके उत्पादन को बढ़ाने के निर्देश दिए। वर्तमान में इन खदानों से लगभग 20 किलोग्राम वार्षिक स्वर्ण उत्पादन हो रहा है, जिसे बढ़ाने की आवश्यकता पर उन्होंने विशेष बल दिया। अधिकारियों को निर्देश दिया कि गोल्ड माइंस के संचालन में आ रही बाधाओं की पहचान कर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने राज्य के अन्य संभावित गोल्ड खदानों के शीघ्र ऑक्शन की प्रक्रिया को गति देने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में स्वर्ण भंडार की संभावनाएं महत्वपूर्ण हैं और इस क्षेत्र में योजनाबद्ध एवं वैज्ञानिक तरीके से कार्य करने की आवश्यकता है। इसके तकनीकी उन्नयन, निवेश आकर्षण तथा प्रभावी प्रबंधन के माध्यम से इस क्षेत्र को और सशक्त बनाने का निर्देश दिया। अनुषंगी इकाइयों को अधिक खान आरक्षित करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने झारखंड राज्य खनिज विकास निगम लिमिटेड एवं झारखंड माइनिंग एंड एक्सप्लोरेशन कंपनी लिमिटेड के लिए अधिकाधिक खनिज क्षेत्र आरक्षित करने का निर्देश दिया। उन्होंने जेएमइसीएल में रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने तथा दोनों संस्थाओं के लिए एसओपी तैयार करने का भी निर्देश दिया। अवैध खनन एवं बालू उठाव रोकने का निर्देश मुख्यमंत्री ने अवैध खनन, विशेषकर बालू उठाव की रोकथाम हेतु आधुनिक एवं तकनीक आधारित उपाय अपनाने के निर्देश दिए। राज्य में कुल 820 बालू घाटों में से 376 (कैटेगरी-1) घाटों पर पंचायतों के माध्यम से उठाव जारी है, जबकि 444 (कैटेगरी-2) घाटों में से 300 का ऑक्शन किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने ऑक्शन किए गए घाटों से शीघ्र बालू उठाव प्रारंभ कराने तथा शेष घाटों का शीघ्र ऑक्शन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मशीन से बालू उठाव पर रोक संबंधी आदेश की समीक्षा कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने को कहा। मुख्यमंत्री ने अवैध खनन, अवैध परिवहन एवं ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके लिए आधुनिक तकनीक के उपयोग, नियमित निरीक्षण, सघन निगरानी तथा विभाग, पुलिस एवं जिला प्रशासन के समन्वित अभियान चलाने पर विशेष बल दिया। कोयला आपूर्ति में वृद्धि लाने का निर्देश मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड राज्य खनिज विकास निगम लिमिटेड के माध्यम से कोल ट्रेडिंग व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश देते हुए योग्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को पंजीकृत कर कोयला आपूर्ति में वृद्धि सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि आपूर्ति प्रणाली को सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाया जाए, ताकि आवश्यक क्षेत्रों तक समय पर कोयला उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी छात्रावासों, विशेषकर आवासीय विद्यालयों के छात्रावासों का समुचित मैपिंग कर वहां कोयला आपूर्ति की प्रक्रिया प्रारंभ करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में एलपीजी की उपलब्धता में आ रही कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत के रूप में कोयले के उपयोग की संभावनाओं पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाए।

Unknown जून 4, 2026 0
Welfare Department
कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में सीएम हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को दिए कई अहम निर्देश

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के कार्यों की व्यापक समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विभागीय योजनाओं की प्रगति का आकलन करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए और विभिन्न परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया।   छात्रवृत्ति और साइकिल योजना पर विशेष फोकस   मुख्यमंत्री ने छात्रवृत्ति योजनाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए लाभुकों तक समय पर सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने अगले वर्ष साइकिल वितरण योजना से पहले कल्याण, उद्योग और शिक्षा विभाग के बीच समन्वय स्थापित कर राज्य में ही साइकिल उद्योग लगाने की संभावनाओं पर विस्तृत योजना तैयार करने को कहा। साथ ही दिव्यांग छात्र-छात्राओं के लिए ट्राई-साइकिल उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी मांगा।   हॉस्टल और स्कूलों के विकास पर जोर   बैठक में रांची, पलामू सहित विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन छात्रावासों की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने गुणवत्ता से कोई समझौता न करने और निर्धारित समयसीमा में निर्माण कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने आश्रम स्कूलों को सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की तर्ज पर विकसित करने की कार्ययोजना तैयार करने को भी कहा।   खेल, कौशल विकास और रोजगार योजनाओं की समीक्षा   मुख्यमंत्री ने कल्याण विभाग के स्कूलों में जिला एवं राज्य स्तरीय इंटर-स्कूल खेल प्रतियोगिताएं नियमित रूप से आयोजित करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना (CMEGP) की समीक्षा करते हुए लाभुकों से ऑनलाइन संवाद भी किया और योजना के प्रभाव का मूल्यांकन कर आगे की रणनीति प्रस्तुत करने को कहा।   वन अधिकार, स्वास्थ्य और कौशल प्रशिक्षण पर भी निर्देश   सीएम ने वन अधिकार पट्टा वितरण की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए "अबुआ बीर अबुआ दिशोम" अभियान में तेजी लाने को कहा। कल्याण विभाग के अस्पतालों की व्यवस्था सुधारने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ संयुक्त कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही कल्याण गुरुकुल से प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट, नर्सिंग स्कूलों में युवकों की भागीदारी बढ़ाने और एक ड्राइविंग इंस्टीट्यूट स्थापित करने का प्रस्ताव भी तैयार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Unknown जून 1, 2026 0
Water Sources Protection
CM हेमंत का एक्शनः जलस्रोत रोकने वाले पर हो FIR

रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विभागों की समीक्षा करते हुए फुल एक्शन में दिख रहे हैं। बीते दिन नगर विकास एवं आवास विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने नदियों-तालाबों का जलस्रोत बाधित करनेवाले पर FIR का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक समय पर पहुंचना चाहिए और शहरी विकास के साथ नागरिक सुविधाओं में भी गुणात्मक सुधार दिखना चाहिए। सीएम ने स्मार्ट सिटी, सीवरेज प्लांट और बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी लाने का निर्देश दिया। बैठक में नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार, मुख्य सचिव अविनाश कुमार सहित कई आला अफसर मौजूद रहे।   जलस्रोतों पर अतिक्रमण करने वालों पर दर्ज होगी FIR... मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची समेत राज्य के विभिन्न शहरों से गुजरने वाली नदियों, तालाबों, डैमों और नालियों पर हुए अतिक्रमण को पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा बताया। उन्होंने अवैध निर्माणों को तत्काल चिह्नित कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। सीएम ने साफ कहा कि अतिक्रमण कर बनाए गए घरों और संरचनाओं का सर्वे कराया जाए, उन्हें नोटिस जारी हो और यदि फिर भी अतिक्रमण नहीं हटता है, तो सीधे प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर अवैध निर्माण को ध्वस्त किया जाए। इस मामले में किसी भी स्तर पर कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। कांके डैम के कैचमेंट एरिया की होगी मापी और घेराबंदी रांची की लाइफलाइन माने जाने वाले कांके डैम के अस्तित्व को बचाने के लिए मुख्यमंत्री ने एक ठोस और विशेष कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है।   इसके तहत निम्नलिखित कड़े कदम उठाए जाएंगे कांके डैम में सीधे गिरने वाले गंदे नालों को तत्काल बंद कराया जाएगा। डैम के पूरे कैचमेंट एरिया (जलग्रहण क्षेत्र) की प्रशासनिक मापी कर उसकी कटीली तारों या बाउंड्री से घेराबंदी की जाएगी। शहरी क्षेत्रों के सभी घरों तक पाइपलाइन के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। रिंग रोड पर लगेंगे सोलर पैनल ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने एक बड़ा फैसला लेते हुए रांची सहित राज्य के सभी रिंग रोड क्षेत्रों में सोलर पैनल स्थापित कर सौर ऊर्जा प्रणाली विकसित करने का निर्देश दिया है। रिंग रोड के किनारे सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। सीएम ने अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट से स्वीकृति लेने का अल्टीमेटम दिया है। इसके साथ ही रिंग रोड क्षेत्र में जलापूर्ति और सीवर लाइन की आधारभूत संरचना भी विकसित की जाएगी।   झिरी में कचरे के पहाड़ हटेगा रांची के झिरी में स्थित कचरे के विशाल पहाड़ के निस्तारण को मुख्यमंत्री ने अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखा। उन्होंने आधुनिक और उन्नत वैज्ञानिक तकनीक के माध्यम से इस लेगेसी वेस्ट का स्थायी समाधान निकालने का निर्देश दिया। उन्होंने जनता से भी अपील की कि वे गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग डस्टबिन में रखें, ताकि जैविक कचरे से ऊर्जा और जैविक खाद का उत्पादन हो सके और प्लास्टिक जैसे अन्य कचरे का Recycling किया जा सके। हर अपार्टमेंट और सोसाइटी में रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्यः भू-जल स्तर को सुधारने और जल संकट से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने शहरी क्षेत्रों के सभी घरों, आवासीय परिसरों, बहुमंजिला अपार्टमेंट्स, होटलों और बड़ी सोसाइटियों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और वेस्ट वाटर मैनेजमेंट व्यवस्था को कड़ाई से लागू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए जनभागीदारी बढ़ाई जाए और प्रदूषण नियंत्रण के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए।   मानसून से पहले पेड़ों की ट्रिमिंग और डिजिटल मॉनिटरिंग समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि योजनाओं में किसी भी तरह की लेट-लतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने डिजिटल मॉनिटरिंग प्रणाली को मजबूत कर सभी योजनाओं की नियमित ट्रैकिंग का निर्देश दिया। साथ ही, आगामी बरसात से पहले शहरों में जलजमाव (Waterlogging) की समस्या का स्थायी समाधान निकालने, स्ट्रीट लाइटें दुरुस्त रखने और सड़क किनारे लगे पेड़ों की ट्रिमिंग कराने को कहा, ताकि आंधी-पानी में दुर्घटनाएं न हों। बैठक के दौरान सीएम ने ऑनलाइन माध्यम से राजमहल, साहिबगंज और धनबाद के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की भी समीक्षा की।

Unknown मई 30, 2026 0
cm hemant soren
CM हेमंत एक्शन में, कहा-शिक्षकों के सभी खाली पद भरें, बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन दें सीएम ने की स्कूली शिक्षा विभाग की समीक्षा

रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को झारखंड मंत्रालय में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्थाएं, आधारभूत संरचनाओं तथा विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य सरकार द्वारा विद्यालयों से जुड़ी योजनाओं एवं कार्यक्रमों को प्रभावी तरीके से पारदर्शिता के साथ अध्यनरत छात्र-छात्राओं तक ससमय पहुंचाना सुनिश्चित करें। झारखंडी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राज्य सरकार झारखंड के बच्चों को बेहतर एवं क्वालिटी एजुकेशन प्रदान करने हेतु प्रतिबद्ध है। सभी सरकारी विद्यालयों में आधारभूत संरचना और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ पठन-पाठन की नवीनतम एवं आधुनिक तकनीक से संबंधित संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के परीक्षा परिणाम में निरंतर सुधार हो रहा है, बच्चों का रिजल्ट और ज्यादा अच्छा हो इस निमित्त शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्य सहित सभी पहलुओं पर विशेष ध्यान केंद्रित करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया को गति दें। शिक्षकों के शत प्रतिशत पदों को भरना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। शिक्षकों को समय पर वेतन मिले मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में हजारों की संख्या शिक्षकों की बहाली हुई है, नियुक्ति प्रक्रिया निरंतर जारी रखते हुए रिक्त पदों को भरा जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नव नियुक्त शिक्षकों को ससमय वेतन मिले इस निमित्त सभी वेरिफिकेशन कार्य इस माह के अंत तक पूर्ण करना सुनिश्चित की जाए। ड्रॉप आउट मामलों में निरंतर सुधार मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि शिक्षा किसी भी राज्य की आधारशिला होती है। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित हो तथा प्रत्येक बच्चे को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाय। बैठक में मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा में ड्रॉप आउट बच्चों की संख्या में कमी आई है। ड्रॉप आउट के मामले में झारखंड राष्ट्रीय औसत से अच्छा है। शिक्षा विभाग द्वारा अभियान चलाकर ड्रॉप आउट बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया जा रहा है। श्रम विभाग से समन्वय स्थापित कर वैसे बच्चों का चिन्हित किया जा रहा है, जो बच्चे मजदूरी या कोई अन्य कार्य से जुड़े हैं और स्कूली शिक्षा से वंचित हैं। किताब, पठन-पाठन सामग्री एवं साइकिल वितरण कार्य भी समयबद्ध तरीके से किया जा रहा है। अब बच्चे मैट्रिक परीक्षा में अच्छे अंकों के साथ उतीर्ण हो रहे हैं, जिन विद्यालयों में बच्चों का रिजल्ट ठीक नहीं रहा है, वैसे विद्यालयों को चिन्हित कर सभी सुविधा, व्यवस्था एवं शिक्षकों की उपलब्धता सहित प्रत्येक बिंदुओं पर सुधार हेतु विभाग विशेष ध्यान केंद्रित कर रहा है।  सभी स्कूलों में हो इंटरनेट कनेक्शन मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी सरकारी विद्यालयों में इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराई जाए एवं आईसीटी लैब की सुविधा दुरुस्त करें।  5000 सीएम स्कूल ऑफ़ एक्सीलेंस मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि राज्य के भीतर सीएम स्कूल ऑफ़ एक्सीलेंस की संख्या बढ़ाकर 5 हजार किए जाने की कार्य योजना पर तेजी से कार्य करें, ताकि प्रत्येक पंचायत तक स्कूलों में अध्यनरत छात्र-छात्राओं को क्वालिटी एजुकेशन पहुंचाई जा सके। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि अगले 6 से 8 महीने के भीतर यह सुनिश्चित करें कि कोई भी विद्यालय सिंगल टीचर के भरोसे न चले। विद्यालय प्रबंध समितियों से समन्वय स्थापित कर स्थानीय पढ़े-लिखे अहर्ता रखने वाले इच्छुक युवाओं को शिक्षक के रूप में जोड़ें। विशेष कर छात्राओं को भी मौका दें, ताकि शिक्षकों की कमी से किसी भी विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं हो। प्रत्येक पंचायत में अच्छे स्कूल हो मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के प्रत्येक पंचायतों में अच्छे स्कूल होंगे, तभी बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ग्रहण कर अपना भविष्य उज्ज्वल करेंगे। सभी सरकारी विद्यालयों के पठन-पाठन कार्य में एकरूपता लाना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत परिवहन सुविधा का संचालन करें, ताकि छात्र-छात्राओं को समय के अनुसार घर से स्कूल एवं स्कूल से घर तक पहुंचाया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सरकारी विद्यालयों के परिसरों व्यापक रूप से वृक्षारोपण का अभियान शुरू कराएं।    अभिवंचित बच्चों को आवासीय सुविधा और क्वालिटी एजुकेशन प्रदान करे मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के भीतर संचालित नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत अभिवंचित वर्ग के बच्चे-बच्चियों को आवासीय सुविधा सहित क्वालिटी एजुकेशन प्रदान करें। बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि राज्य के भीतर नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालयों की कुल संख्या 26 है। इन स्कूलों में लगभग 4 हजार विभिन्न प्रकार के अभिवंचित बच्चों को रहने-खाने की पूरी सुविधा के साथ निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालयों के भवनों के रख-रखाव सहित सभी कार्यों को सुदृढ़ किया गया है।  खेलकूद को दें बढ़ावा सीएम ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के बीच शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों को भी बढ़ावा दें। वैसे बच्चे-बच्चियों को चिन्हित करें, जो खेल प्रतिस्पर्धा में बहुत अच्छा परफॉर्मेंस कर रहे हैं ताकि उन्हें खेल के क्षेत्र में और आगे बढ़ाया जा सके। राज्य के भीतर खेल के क्षेत्र में हमारे कई बच्चों ने झारखंड का नाम भी रोशन किया है। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि विद्यालयों में बच्चों को स्पोर्ट्स किट्स उपलब्ध कराया जा रहा है।  राष्ट्रीय विद्यालय खेल प्रतियोगिता के तहत झारखंड के बच्चों की पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। शारीरिक शिक्षा के शिक्षक खेल गतिविधियों की बेहतरी के लिए कार्य कर रहे हैं। दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय का डीपीआर जल्द बने बैठक में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के समक्ष अधिकारियों ने जगुआर कैंपस रांची में बनाए जाने वाले प्रस्तावित दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय की स्थापना हेतु  चिन्हित भूमि का पीपीटी प्रजेंटेशन रखा। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि जगुआर कैंपस रांची में ही 6 एकड़ भूमि विद्यालय निर्माण हेतु विभाग द्वारा चिन्हित किया गया है। मुख्यमंत्री को विद्यालय स्थापना की कार्य योजना से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में अधिकारियों को कई अहम दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर राज्य सरकार को इस प्रस्ताव से संबंधित डीपीआर समर्पित करने का निर्देश दिया। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय शहीद पुलिस कर्मियों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से स्थापित किया जा रहा है। कस्तूरबा गांधी विद्यालय की ऑनलाइन जानकारी ली मौके पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ऑनलाइन माध्यम से कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, बुंडू के स्कूल प्रबंधन के साथ जुड़े एवं स्कूल में स्थापित सभी सुविधाओं की जानकारी ली। बैठक में राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह, राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन, निदेशक माध्यमिक शिक्षा राजेश प्रसाद, निदेशक प्राथमिक शिक्षा मनोज कुमार रंजन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

Unknown मई 26, 2026 0
CM Hemant Soren
एक्शन में सीएम हेमंत-राजस्व और GST बढ़ाने को लेकर सख्त निर्देश जारी

रांची।  झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पूरे एक्शन में हैंष सोमवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में वित्त एवं वाणिज्य-कर विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हुई। इसमें राज्य की वित्तीय स्थिति, राजस्व संग्रह, बजट प्रबंधन और विभागीय योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित की जाए।  इन बिंदुओं पर हुई समीक्षा बैठक में बजट प्रावधान, राजस्व लक्ष्य, पूंजीगत प्राप्तियां, स्थापना व्यय और केंद्र सरकार से मिलने वाले सहायता अनुदान की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं का लाभ समय पर जनता तक पहुंचे, इसके लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर योजनाओं को पूरा करने के निर्देश दिए। अवैध खनन पर रोक का निर्देश समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि खनन राजस्व के मामले में झारखंड की स्थिति पड़ोसी राज्यों ओडिशा और छत्तीसगढ़ से बेहतर बनी हुई है। राज्य में खनिज संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और निगरानी के कारण राजस्व में वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि पर संतोष जताते हुए अवैध खनन पर कड़ी निगरानी और आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने का निर्देश दिया।   बायोमैट्रिक और ई-गवर्नेंस पर जोर मुख्यमंत्री ने सरकारी कार्यालयों में बायोमैट्रिक सिस्टम को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और प्रशासनिक जवाबदेही मजबूत होगी। साथ ही विभागीय प्रक्रियाओं को डिजिटल और आसान बनाने के निर्देश भी दिए गए। GST और कर संग्रह बढ़ाने की रणनीति वाणिज्य-कर विभाग की समीक्षा में GST, VAT, प्रोफेशनल टैक्स और अन्य करों की वसूली पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कर चोरी रोकने, करदाताओं के बीच जागरूकता बढ़ाने और तकनीकी निगरानी प्रणाली को मजबूत करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पारदर्शी और सरल व्यवस्था से राज्य के राजस्व में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की जा सकती है। GST और कर संग्रह बढ़ाने की रणनीति वाणिज्य-कर विभाग की समीक्षा में GST, VAT, प्रोफेशनल टैक्स और अन्य करों की वसूली पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कर चोरी रोकने, करदाताओं के बीच जागरूकता बढ़ाने और तकनीकी निगरानी प्रणाली को मजबूत करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पारदर्शी और सरल व्यवस्था से राज्य के राजस्व में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की जा सकती है। बैठक में ये रहे शामिल बैठक में मंत्री राधा कृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, वित्त सचिव प्रशांत कुमार और वाणिज्य-कर विभाग के सचिव अमित कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

Unknown मई 25, 2026 0
CM Hemant Soren
CM हेमंत करेंगे विभागों की समीक्षा, होगा ताबड़तोड़ एक्शन

रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सोमवार से राज्य के विभिन्न विभागों की समीक्षा करेंगे। इसे लेकर लंबी बैठकों का दौर भी चलेगा और ताबड़तोड़ एक्शन भी होंगे। यह बैठकें 25 मई से 11 जून तक रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन के सभागार में होंगी।  होगी कामकाज की समीक्षा इन बैठकों में सरकार के प्रमुख विभागों के कामकाज, योजनाओं की प्रगति और बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का आकलन किया जाएगा। सरकार की ओर से तय कार्यक्रम के अनुसार समीक्षा बैठकों में संबंधित विभागों के मंत्री, अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी भी शामिल होंगे। बैठकों का उद्देश्य विभागीय कार्यों की वास्तविक स्थिति जानना और योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही दिक्कतों को दूर करना है। पहले दिन इन विभागों की समीक्षा जानकारी के अनुसार समीक्षा बैठकों के पहले दिन जल संसाधन विभाग, वित्त विभाग और वाणिज्य-कर विभाग के कार्यों की समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री योजनाओं की प्रगति, बजट उपयोग और लंबित परियोजनाओं की स्थिति की विस्तार स जानकारी लेंगे। हाल के दिनों में मुख्यमंत्री द्वारा की गई नई घोषणाओं और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की प्रगति पर भी विशेष चर्चा होगी। अधिकारियों को योजनाओं के समयबद्ध और बेहतर क्रियान्वयन के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए जा सकते हैं, ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके। सरकार की कोशिश विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारने की है।

Unknown मई 25, 2026 0
Teacher Recruitment
सीएम हेमंत 338 शिक्षकों को सौंपेंगे नियुक्ति पत्र

रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सोमवार 18 मई को सहायक आचार्य के पद पर नियुक्त 319 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। इसे लेकर प्रोजेक्ट भवन सभागार में नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया है। नियुक्त अभ्यर्थियों में 158 उम्मीदवारों का चयन इंटर प्रशिक्षित सहायक आचार्य तथा 161 अभ्यर्थियों का चयन स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य के पदों पर किया गया है। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने इन अभ्यर्थियों की नियुक्ति की अनुशंसा पिछले वर्ष दिसंबर में ही कर दी थी। 19 महिला पर्यवेक्षकों को भी मिलेगा नियुक्ति पत्र मुख्यमंत्री महिला एवं बाल विकास तथा सामाजिक सुरक्षा विभाग के लिए नियुक्त महिला पर्यवेक्षक के पदों पर चयनित 19 अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे। जिला स्तर पर काउंसिलिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियुक्ति पत्र वितरण का निर्णय लिया गया।

Unknown मई 18, 2026 0
CM Hemant Soren
CM हेमंत सोरेन के डिस्चार्ज पिटीशन पर सुनवाई पूरी

रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के डिस्चार्च पिटीशन पर रांची के पीएमएलए कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गयी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची के 8.87 एकड़ भूमि घोटाले से संबंधित मनी लाउंड्रिंग को लेकर कोर्ट में डिस्चार्ज पिटीशन दायर कर रखा है। जानकारी के अनुसार कोर्ट में ED और हेमंत सोरेन की ओर से हुई बहस पूरी हो गयी। इसके बाद कोर्ट ने दोनों पक्षों को 8 मई तक लिखित रूप में भी अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया। 5 दिसंबर 2025 को याचिका दाखिल की थी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूर्व में कोर्ट में 5 दिसंबर 2025 को याचिका दाखिल की थी। इसमें उन्होंने अपने को बेदाग बताते हुए आरोप मुक्त करने का आग्रह किया था। उधर ईडी ने इस मामले में लगभग 10 आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। भूमि घोटाले से जुड़े इस मामले में ईडी द्वारा कई आरोपियों के यहां छापेमारी की गयी थी। साथ ही कई को दफ्तर बुला कर पूछताछ की गयी थी।  इसी मामले में ईडी ने हेमंत सोरेन को 31 जनवरी 2024 को गिरफ्तार किया था। हालांकि 24 जून 2024 को हाईकोर्ट से उन्हें जमानत मिल गयी थी।

Unknown मई 2, 2026 0
Maiya Samman Yojana
Maiya Samman Yojana: लाभुकों के खाते में पहुंचेगी 21वीं किस्त, सीएम हेमंत ने दिए निर्देश

रांची। झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी मंईयां सम्मान योजना को लेकर बड़ा अपडेट है। राज्य की लाखों महिलाओं के लिए राहत भरी खबर है कि योजना की 21वीं किस्त जल्द ही उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। मुख्यमंत्री Hemant Soren ने बीते दिनों बैठक में इस योजना की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि भुगतान में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए और तय समय के भीतर लाभुकों के खातों में राशि पहुंचाई जाए। 2500 रुपये आयेंगे खाते मे मंईयां सम्मान योजना झारखंड सरकार की एक प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता देना है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रति माह 2500 रुपये सीधे बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजे जाते हैं। 21वीं किस्त को लेकर क्या है नया अपडेट? सरकार की समीक्षा बैठक में यह सामने आया कि कई जगहों पर तकनीकी कारणों या सत्यापन प्रक्रिया के चलते भुगतान में देरी हुई है। ऐसे में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी लंबित मामलों को तुरंत निपटाया जाए और 21वीं किस्त की राशि तय तिथि से लाभुकों के खातों में खटाखट पहुंचनी शुरू हो जाए। सूत्रों के अनुसार, जिन महिलाओं का बैंक खाता आधार से लिंक है और जिनका दस्तावेज सत्यापन पूरा हो चुका है, उन्हें सबसे पहले राशि भेजी जाएगी। वहीं जिन लाभुकों का सत्यापन अधूरा है, उनके मामलों को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा गया है।   मार्च महीने की किस्त कई जिलों में हो चुकी है जारी इस योजना की खास बात यह है कि सरकार हर महीने की एक तय 15 तारीख को राशि ट्रांसफर करती है। इससे महिलाओं को नियमित आर्थिक सहारा मिलता है और वे अपने दैनिक खर्च, बच्चों की पढ़ाई या स्वास्थ्य जैसी जरूरतों को आसानी से पूरा कर पाती हैं। हाल ही में मार्च महीने की किस्त भी कई जिलों में जारी की गई थी, जिसमें लाखों महिलाओं के खातों में एक साथ पैसे भेजे गए थे।

Unknown अप्रैल 30, 2026 0
Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

Military activity near the Strait of Hormuz amid escalating US-Iran tensions and reported retaliatory strikes.
दुनिया

अपाचे हेलीकॉप्टर घटना के बाद अमेरिका का ईरान पर हमला, तेहरान ने दी कड़ी चेतावनी

Deepshikha जून 10, 2026 0