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Stock Market: तेजी के साथ बंद हुआ शेयर बाजार,सेंसेक्स 544 अंक उछला

anjali kumari जून 16, 2026 0
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मुंबई, एजेंसियां। मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने लगातार तीसरे कारोबारी दिन मजबूत बढ़त दर्ज की। टेक्नोलॉजी और घरेलू मांग से जुड़े सेक्टर्स में जोरदार खरीदारी के दम पर बाजार हरे निशान में बंद हुआ। निवेशकों की सकारात्मक धारणा के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में अच्छी तेजी देखने को मिली।

 

सेंसेक्स और निफ्टी में मजबूत बढ़त


बीएसई सेंसेक्स 544.15 अंक यानी 0.71% की छलांग लगाकर 76,808.48 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी 135.25 अंक यानी 0.57% की बढ़त के साथ 23,989.15 पर पहुंच गया। यह लगातार तीसरा सत्र है जब भारतीय बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ है, जिससे निवेशकों का भरोसा और बढ़ा है।

 

आईटी और एफएमसीजी सेक्टर में तेजी


बाजार की इस तेजी में आईटी सेक्टर ने सबसे अहम भूमिका निभाई। इसके साथ ही मीडिया सेक्टर में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। एफएमसीजी और फाइनेंशियल सेक्टर्स ने भी मामूली बढ़त के साथ बाजार को सहारा दिया। हिंदुस्तान यूनिलीवर और एनटीपीसी के शेयरों में करीब 2% की तेजी दर्ज की गई, जिससे बाजार को अतिरिक्त सपोर्ट मिला।

 

कुछ सेक्टर्स में दबाव भी रहा


जहां एक ओर बाजार में तेजी रही, वहीं मेटल, फार्मा, हेल्थकेयर और सीमेंट सेक्टर्स में कमजोरी देखने को मिली। इन सेक्टर्स में बिकवाली के दबाव ने बाजार की बढ़त को कुछ हद तक सीमित रखा।

 

ग्लोबल बाजारों का मिला-जुला रुख


अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आज मिला-जुला रुझान देखने को मिला। एशियाई बाजारों में जापान और हांगकांग में गिरावट रही, जबकि कुछ अन्य इंडेक्स स्थिर रहे। यूरोपीय बाजार भी लगभग सपाट बंद हुए। इसके बावजूद भारतीय बाजार ने घरेलू मांग और मजबूत सेक्टोरल सपोर्ट के दम पर बेहतर प्रदर्शन किया।

 

बाजार में घरेलू मांग का बढ़ता असर


विश्लेषकों के अनुसार, भारतीय बाजार अब वैश्विक सुस्ती के बावजूद घरेलू अर्थव्यवस्था और टेक सेक्टर्स के दम पर मजबूती दिखा रहा है। यह संकेत देता है कि आने वाले दिनों में भी चुनिंदा सेक्टर्स बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Stock Market: उतार-चढ़ाव के बीच शेयर बाजार में हलचल, सेंसेक्स-निफ्टी सुस्त  शुरुआत

मुंबई, एजेंसियां। गुरुवार, 18 जून 2026 को भारतीय शेयर बाजार में कारोबार के दौरान जोरदार उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में बाजार सकारात्मक रुख के साथ खुला, लेकिन दिनभर खरीदारी और बिकवाली के बीच सेंसेक्स और निफ्टी सीमित दायरे में कारोबार करते रहे। साप्ताहिक एक्सपायरी के चलते बाजार में अस्थिरता और अधिक देखने को मिली। कारोबार के दौरान निफ्टी 24,058.85 से 24,133.35 और सेंसेक्स 77,044.39 से 77,281.83 के दायरे में कारोबार करता नजर आया।   HDFC Bank और L&T ने बाजार को दिया सहारा बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। खासकर HDFC Bank और Larsen & Toubro (L&T) के शेयरों में मजबूती ने बाजार को गिरावट से बचाए रखा। इन दिग्गज कंपनियों में निवेशकों की खरीदारी ने बाजार की धारणा को सकारात्मक बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।   RIL और Infosys की कमजोरी बनी दबाव की वजह दूसरी ओर Reliance Industries (RIL) और Infosys जैसे भारी-भरकम शेयरों में कमजोरी देखने को मिली। इन दोनों कंपनियों के शेयरों में गिरावट का सीधा असर प्रमुख सूचकांकों पर पड़ा, जिससे बाजार में तेजी सीमित रही। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इन दिग्गज शेयरों में कमजोरी के कारण निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।   वैश्विक संकेतों पर टिकी निवेशकों की नजर विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है, लेकिन वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता निवेशकों की चिंता बढ़ा रही है। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के रुख पर भी बाजार की चाल निर्भर करेगी।   निवेशकों के लिए सलाह बाजार में लगातार कई दिनों की तेजी के बाद कुछ शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। ऐसे में विशेषज्ञ जल्दबाजी में निवेश से बचने और मजबूत बुनियादी स्थिति वाली कंपनियों पर ही ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं। निवेशकों को बाजार की मौजूदा अस्थिरता के बीच सोच-समझकर निवेश करना चाहिए।

anjali kumari जून 18, 2026 0
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Gold jewellery and silver bars displayed as precious metal prices decline in Indian markets.
Gold Silver Price: 800 रुपये तक सस्ता हुआ सोना, चांदी में भी बड़ी गिरावट, जानिए आपके शहर का ताजा भाव

नई दिल्ली: सोने और चांदी की कीमतों में बुधवार को गिरावट देखने को मिली। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और शांति की उम्मीद बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई है। इससे महंगाई के दबाव में कमी आने की संभावना बढ़ी है, जिसका असर अब कीमती धातुओं के बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। एमसीएक्स (MCX) पर शुरुआती कारोबार में सोना और चांदी दोनों दबाव में रहे। सोने की कीमत में करीब 800 रुपये तक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी 1,300 रुपये से अधिक फिसल गई। MCX पर क्या रहे भाव? 5 अगस्त डिलीवरी वाला सोना पिछले कारोबारी सत्र में 1,53,091 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। बुधवार सुबह इसकी शुरुआत 1,52,800 रुपये से हुई और शुरुआती कारोबार में यह 1,52,301 रुपये तक लुढ़क गया। सुबह करीब 10:45 बजे सोना 541 रुपये की गिरावट के साथ 1,52,550 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। वहीं, चांदी की कीमत शुरुआती कारोबार में 1,328 रुपये गिरकर 2,48,777 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। बाद में यह 202 रुपये की कमजोरी के साथ 2,49,903 रुपये प्रति किलो पर ट्रेड करती दिखाई दी। प्रमुख शहरों में सोने का ताजा रेट शहर 24 कैरेट 22 कैरेट 18 कैरेट दिल्ली ₹1,51,250 ₹1,38,650 ₹1,13,470 मुंबई ₹1,51,100 ₹1,38,500 ₹1,13,320 कोलकाता ₹1,51,100 ₹1,38,500 ₹1,13,320 चेन्नई ₹1,53,060 ₹1,40,300 ₹1,17,500 लखनऊ ₹1,51,250 ₹1,38,650 ₹1,13,470 कानपुर ₹1,51,250 ₹1,38,650 ₹1,13,470 पटना ₹1,51,150 ₹1,38,550 ₹1,13,370 जयपुर ₹1,51,250 ₹1,38,650 ₹1,13,470 इंदौर ₹1,51,150 ₹1,38,550 ₹1,13,370 भोपाल ₹1,51,150 ₹1,38,550 ₹1,13,370 सर्राफा बाजार में भी नरमी घरेलू सर्राफा बाजार में भी सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना: ₹270 सस्ता होकर ₹1,51,100 प्रति 10 ग्राम 22 कैरेट सोना: ₹250 गिरकर ₹1,38,500 प्रति 10 ग्राम 18 कैरेट सोना: ₹210 की गिरावट के साथ ₹1,13,320 प्रति 10 ग्राम चांदी: ₹2,65,000 प्रति किलो पर स्थिर विशेषज्ञों के अनुसार, यदि वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और कम होता है तथा कच्चे तेल की कीमतों में नरमी बनी रहती है, तो सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।  

surbhi जून 17, 2026 0
Investor reviewing mutual fund SIP returns chart showing long-term wealth creation despite market volatility.

Mutual Fund SIP का जादू: बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद 15 साल में मिला 18.5% तक का शानदार रिटर्न

Oil storage tanks symbolizing India's plan to strengthen crude reserves and fuel security.

अब नहीं मचेगा पेट्रोल-डीजल और LPG पर हाहाकार? चीन की राह पर चल सकता है भारत, सरकार बना रही बड़ी रणनीति

Gold-Silver

चांदी ₹744 गिरकर ₹2.48 लाख पर आई, 10 ग्राम सोना ₹558 सस्ता होकर ₹1.50 लाख का हुआ

Gold Silver Rate
सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट, तीन दिन की तेजी पर लगा ब्रेक

नई दिल्ली, एजेंसियां। नई दिल्ली में लगातार तीन दिनों से जारी सोने और चांदी की तेजी पर अब ब्रेक लग गया है। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव में नरमी और अमेरिका-ईरान शांति वार्ता से जुड़ी खबरों के बीच निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी है, जिससे कीमती धातुओं के दामों में गिरावट दर्ज की गई है।   वायदा बाजार में नरमी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार की शुरुआत आज गिरावट के साथ हुई। जुलाई 2026 डिलीवरी वाली चांदी की कीमत करीब 0.5% गिरकर 2,50,001 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई, जबकि अगस्त 2026 डिलीवरी वाला सोना भी हल्की कमजोरी के साथ 1,52,842 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सुरक्षित निवेश की मांग में कमी के चलते कीमतों पर दबाव बना है।   शहरों में अलग-अलग रेट देश के विभिन्न शहरों में सोने की कीमतों में स्थानीय टैक्स और मेकिंग चार्ज के कारण अंतर देखने को मिला। दक्षिण भारत के तिरुवनंतपुरम में सोना सबसे महंगा रहा, जहां 24 कैरेट सोना 1,53,280 रुपये और 22 कैरेट 1,40,507 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। चेन्नई भी महंगे शहरों में शामिल रहा। इसके विपरीत, राजधानी दिल्ली में सोना सबसे सस्ता रहा, जहां 24 कैरेट सोना 1,52,470 रुपये और 22 कैरेट 1,39,764 रुपये प्रति 10 ग्राम पर उपलब्ध रहा। मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में भी कीमतें लगभग समान स्तर पर दर्ज की गईं।   चांदी की कीमत स्थिर देशभर में चांदी का खुदरा भाव लगभग स्थिर रहा और यह 2,50,260 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करता दिखा। बाजार में फिलहाल सीमित उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, जिससे निवेशकों में सतर्कता बनी हुई है।   आगे बाजार की दिशा पर नजर विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है। वैश्विक बाजार अब अमेरिका-ईरान वार्ता के अंतिम परिणाम और केंद्रीय बैंकों की ब्याज दर नीतियों पर नजर बनाए हुए हैं। इन्हीं कारकों के आधार पर आने वाले दिनों में सोना-चांदी की कीमतों की दिशा तय होगी।

abhishek singh जून 16, 2026 0
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Stock Market: तेजी के साथ बंद हुआ शेयर बाजार,सेंसेक्स 544 अंक उछला

Government raises windfall tax on diesel and ATF exports amid West Asia tensions

पश्चिम एशिया संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, डीजल और ATF निर्यात पर बढ़ाया विंडफॉल टैक्स

Indian stock market rises for third straight day as IT stocks lead gains

ईरान-अमेरिका शांति समझौते से बाजार में जोश, लगातार तीसरे दिन चढ़ा शेयर बाजार; आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी

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राजनीति

टीएमसी के बागियों को रोकने की आखिरी कोशिश! अभिषेक बनर्जी ने ओम बिरला को लिखा पत्र, कहा- सदन में TMC को एकल पार्टी माना जाए

Deepshikha जून 15, 2026 0

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