Indian Stock Market

Stock Market
Stock Market: शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन तेजी, सेंसेक्स 500 अंक से अधिक उछला

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी देखने को मिली। सकारात्मक वैश्विक संकेतों और आईटी शेयरों में खरीदारी के दम पर सेंसेक्स 500 अंक से अधिक की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी 24,300 के ऊपर मजबूती से बना रहा।   आईटी शेयरों ने बाजार को दी मजबूती   बाजार की तेजी में आईटी सेक्टर का सबसे बड़ा योगदान रहा। एचसीएल टेक, इन्फोसिस और टीसीएस के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। इसके अलावा कुछ बैंकिंग और ऑटो शेयरों में भी बढ़त दर्ज की गई।   वैश्विक संकेतों से मिला समर्थन   विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर नरम रुख की उम्मीद, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने भारतीय बाजार को मजबूती दी। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी भी बाजार के पक्ष में रही।   इन शेयरों पर रही निवेशकों की नजर   आज के कारोबार में बजाज फाइनेंस, पंजाब नेशनल बैंक (PNB), मारिको, अडानी एंटरप्राइजेज और पीबी फिनटेक जैसे शेयर निवेशकों के फोकस में रहे। कंपनियों के तिमाही कारोबारी अपडेट और बेहतर प्रदर्शन के संकेतों से इन शेयरों में गतिविधि बढ़ी है।   विशेषज्ञों की राय   बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि निफ्टी मौजूदा स्तरों के ऊपर टिके रहने में सफल रहता है, तो आने वाले दिनों में इसमें और तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि निवेशकों को वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम और कंपनियों के पहली तिमाही के नतीजों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

anjali kumari जुलाई 3, 2026 0
Indian stock market opens higher as Sensex surges over 500 points, led by gains in Infosys and Adani Enterprises.
Share Market Opening: लगातार दूसरे दिन शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 500 अंक उछला, Infosys और Adani Enterprises में शानदार बढ़त

मुंबई: घरेलू शेयर बाजार ने लगातार दूसरे कारोबारी दिन मजबूत शुरुआत की। अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत से भू-राजनीतिक तनाव कम होने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सकारात्मक असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। गुरुवार को शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 500 अंक तक उछल गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 भी 24,150 अंक के करीब पहुंच गया। बाजार में सबसे ज्यादा खरीदारी आईटी शेयरों में देखने को मिली, जबकि व्यापक बाजार (Broader Market) में भी सकारात्मक माहौल बना रहा। सेंसेक्स और निफ्टी में मजबूत शुरुआत सुबह करीब 9:40 बजे तक— बीएसई सेंसेक्स 493.71 अंक यानी 0.64% की बढ़त के साथ 77,416.35 अंक पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी 50 143.85 अंक यानी 0.60% चढ़कर 24,149.70 अंक पर पहुंच गया। वहीं, शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया भी मजबूती के साथ कारोबार करता दिखा। आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी बाजार की तेजी में सबसे बड़ा योगदान आईटी सेक्टर का रहा। Infosys के शेयरों में 3 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई, जिससे यह सेंसेक्स के सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले शेयरों में शामिल रहा। इसके अलावा— HCL Technologies TCS Tech Mahindra के शेयरों में भी लगभग 2 प्रतिशत तक की बढ़त देखने को मिली। आईटी शेयरों में आई इस तेजी ने पूरे बाजार की धारणा को मजबूत किया। Adani Enterprises सहित कई दिग्गज शेयरों में बढ़त आईटी कंपनियों के अलावा Adani Enterprises सहित कई अन्य प्रमुख शेयरों में भी निवेशकों की अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांकों को मजबूती मिली। हालांकि, सभी शेयरों में तेजी नहीं रही। Bajaj Finance के शेयरों में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई और यह सेंसेक्स में सबसे अधिक नुकसान उठाने वाला शेयर रहा। ब्रॉडर मार्केट में भी दिखी मजबूती केवल बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में भी निवेशकों का उत्साह देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 करीब 0.3% मजबूत रहा। निफ्टी स्मॉलकैप 100 में भी लगभग 0.3% की बढ़त दर्ज की गई। सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो— निफ्टी आईटी लगभग 3% चढ़ा। निफ्टी रियल्टी में करीब 1% की तेजी रही। निफ्टी मेटल इंडेक्स भी लगभग 1% मजबूत हुआ। एनएसई पर कारोबार के दौरान लगभग— 1,818 शेयरों में तेजी, 586 शेयरों में गिरावट, जबकि 99 शेयर बिना किसी बदलाव के कारोबार करते नजर आए। यह आंकड़े बाजार में व्यापक खरीदारी का संकेत देते हैं। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से मिला समर्थन विशेषज्ञों के अनुसार बाजार की तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी है। ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 1.06 प्रतिशत गिरकर 70.81 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। बताया जा रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच कतर की राजधानी दोहा में जारी वार्ता से निवेशकों की चिंता कुछ कम हुई है। दोनों देशों के प्रतिनिधि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से सामान्य रूप से संचालित करने और ईरान के फ्रीज किए गए फंड को जारी करने जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। यदि बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है, तो वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता आने की संभावना बढ़ सकती है। निवेशकों की नजर आगे के संकेतों पर विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों (FII) की गतिविधियों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी। यही कारक आगे बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।  

surbhi जुलाई 2, 2026 0
Today Stock Market
Stock Market: सेंसेक्स 400 अंकों से अधिक उछला, निफ्टी 24,100 के पार; आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी

मुंबई, एजेंसियां। घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को लगातार दूसरे दिन तेजी देखी गयी। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 400 अंकों से अधिक चढ़ गया, जबकि एनएसई निफ्टी 24,100 के स्तर के ऊपर कारोबार करता दिखा। बाजार में तेजी की अगुवाई आईटी और बैंकिंग शेयरों ने की।   क्यों आई बाजार में तेजी?   विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आने, वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत और अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में प्रगति की खबरों से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। इसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला।   आईटी शेयरों ने दिखाई मजबूती   आज के कारोबार में Infosys, TCS और अन्य आईटी कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। ऑटो और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों ने भी बाजार को समर्थन दिया।   विशेषज्ञों की राय   बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक संकेत सकारात्मक बने रहे और विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रही, तो आने वाले दिनों में निफ्टी 24,500–25,000 के स्तर की ओर बढ़ सकता है। हालांकि, निवेशकों को उतार-चढ़ाव के बीच सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

anjali kumari जुलाई 2, 2026 0
Stock market news
Stock Market: गिरावट के साथ बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 250 अंक टूटा

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। मासिक एक्सपायरी के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला और दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। हालांकि, बड़ी कंपनियों के शेयरों में दबाव के बीच मिडकैप, स्मॉलकैप और इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली।   सेंसेक्स और निफ्टी दोनों फिसले कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 249.70 अंक यानी 0.32 प्रतिशत गिरकर 76,478.67 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 80.50 अंक यानी 0.34 प्रतिशत टूटकर 23,865.75 पर आ गया। इसके साथ ही निफ्टी 23,900 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे बंद हुआ, जिससे निवेशकों की सतर्कता बढ़ी।   आईटी शेयरों में बिकवाली, हेल्थकेयर और रियल्टी में तेजी बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव आईटी सेक्टर का रहा। इंफोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक, आईटीसी और टाटा स्टील जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर, हेल्थकेयर, केमिकल्स, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में खरीदारी का रुझान बना रहा। मारुति, टाइटन, बजाज फाइनेंस, अडानी पोर्ट्स, भारती एयरटेल और एनटीपीसी जैसे शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।   नई ईवी पॉलिसी से इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियों को फायदा दिल्ली सरकार की नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) पॉलिसी का सकारात्मक असर ईवी कंपनियों के शेयरों पर दिखा। ओला इलेक्ट्रिक का शेयर 8 प्रतिशत से अधिक चढ़ा, जबकि एथर एनर्जी में भी 5 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी रही। इसके विपरीत, आयशर मोटर्स, भारत फोर्ज और हीरो मोटोकॉर्प जैसे पारंपरिक ऑटो शेयर दबाव में रहे।   रुपया कमजोर, लेकिन बाजार को लेकर उम्मीद बरकरार डॉलर के मुकाबले रुपया 94.66 पर बंद हुआ, जो पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में कमजोर रहा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट मुनाफावसूली और कंसोलिडेशन का हिस्सा है, न कि दीर्घकालिक ट्रेंड में बदलाव। मिडकैप, स्मॉलकैप और ईवी सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी यह संकेत देती है कि बाजार में सकारात्मक धारणा अभी भी बनी हुई है। अब निवेशकों की नजर अगले कारोबारी सत्र और वैश्विक संकेतों पर रहेगी।

anjali kumari जून 30, 2026 0
Stock Market
Stock Market: शेयर बाजार में शानदार तेजी, सेंसेक्स 200 अंक से अधिक उछला, निफ्टी 24,000 के पार

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को मजबूती के साथ कारोबार शुरू किया है। बीएसई सेंसेक्स 200 अंकों से अधिक चढ़कर 77,000 के ऊपर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 ने 24,000 का स्तर पार कर लिया है। पिछले कारोबारी सत्र में हुई गिरावट के बाद आज बाजार में रिकवरी देखने को मिली है।   बैंकिंग और ऑटो शेयरों में खरीदारी   आज के कारोबार में HDFC Bank, Maruti Suzuki और अन्य बैंकिंग शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। HDFC Bank में प्रबंधन स्तर पर हुए बदलाव और Maruti Suzuki के शेयरों में करीब 3% की तेजी ने बाजार को मजबूती दी है। बैंकिंग इंडेक्स भी हरे निशान में कारोबार करता रहा।   वैश्विक संकेतों से मिला सहारा   एशियाई बाजारों में मजबूती, अमेरिकी टेक शेयरों में रिकवरी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से भारतीय बाजार का सेंटीमेंट बेहतर हुआ। ब्रेंट क्रूड 73 डॉलर प्रति बैरल से नीचे रहने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।   इन शेयरों पर रही खास नजर   आज के कारोबार में HDFC Bank, Bajaj Auto, BPCL, Hindustan Unilever, Tata Motors, JSW Energy, Biocon, BHEL और City Union Bank जैसे शेयर निवेशकों के फोकस में रहे। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले सत्रों में इन शेयरों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।   निवेशकों की नजर आगे क्या?   विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों की नजर अब वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों (FII) के निवेश और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी। यदि सकारात्मक माहौल बना रहा तो बाजार में तेजी आगे भी जारी रह सकती है।

anjali kumari जून 30, 2026 0
Stock Market
Stock Market: शेयर बाजार की सुस्त शुरुआत, सेंसेक्स फिसला

मुंबई, एजेंसियां। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार, 29 जून 2026 को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सुस्त और मिले-जुले रुख के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में बढ़त दर्ज करने के बाद बीएसई सेंसेक्स लाल निशान में फिसल गया, जबकि एनएसई निफ्टी 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर बने रहने में सफल रहा। निवेशकों ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सतर्क रुख अपनाया, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला।   सुबह के कारोबार में सेंसेक्स 47.96 अंक यानी 0.06 फीसदी की गिरावट के साथ 77,052.51 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं, निफ्टी 13.55 अंक यानी 0.06 फीसदी की बढ़त के साथ 24,069.55 पर बना रहा। इस दौरान इटरनल और ट्रेंट के शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए टॉप गेनर्स की सूची में जगह बनाई।   ईरान-अमेरिका तनाव का बाजार पर असर बाजार की सुस्त शुरुआत के पीछे सबसे बड़ी वजह ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ा भू-राजनीतिक तनाव रहा। सप्ताहांत में दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हल्की तेजी देखने को मिली। तेल महंगा होने की आशंका ने निवेशकों को सतर्क कर दिया, जिसका असर घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत पर भी दिखाई दिया।   विशेषज्ञों का नजरिया अब भी सकारात्मक हालांकि बाजार की शुरुआत कमजोर रही, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार की दीर्घकालिक और निकट अवधि की तस्वीर अब भी मजबूत बनी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के 24,000 के स्तर से ऊपर बने रहने की संभावना है। उनका मानना है कि यदि भू-राजनीतिक तनाव कम होता है, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आती है और भारतीय रुपये में मजबूती बनी रहती है, तो बाजार को आगे भी समर्थन मिलता रहेगा।   वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले संकेत भी निवेशकों के लिए उत्साहजनक रहे। हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स करीब 1.9 फीसदी की बढ़त के साथ सबसे मजबूत रहा। चीन का शंघाई कंपोजिट और ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 भी बढ़त में कारोबार करते दिखे। वहीं, अमेरिकी एसएंडपी 500 फ्यूचर्स और यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स में भी मजबूती दर्ज की गई।   कुल मिलाकर, आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर निवेशकों की नजर रहेगी, क्योंकि यही बाजार की अगली दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

anjali kumari जून 29, 2026 0
Stock Market
The Bonus Market Update: तेजी के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 109 अंक चढ़ा; निफ्टी 24,050 के पार बंद

मुंबई, एजेंसियां। 25 जून 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती के साथ कारोबार का समापन किया। दिनभर के उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों की खरीदारी से बाजार हरे निशान में बंद हुआ। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 109.25 अंक यानी 0.14 फीसदी की बढ़त के साथ 77,100.47 अंक पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 34.35 अंक चढ़कर 24,056.00 के स्तर पर पहुंच गया।   बाजार की तेजी में सबसे बड़ा योगदान ऑटो, रियल्टी, बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और सीमेंट सेक्टर के शेयरों का रहा। खासतौर पर महिंद्रा एंड महिंद्रा और मारुति के शेयर करीब 4-4 फीसदी तक उछले, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। बैंकिंग शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिसने प्रमुख सूचकांकों को मजबूती दी।   मेटल और मीडिया सेक्टर में दिखी मुनाफावसूली हालांकि बाजार का समग्र रुख सकारात्मक रहा, लेकिन मेटल और मीडिया सेक्टर के शेयरों में निवेशकों ने मुनाफावसूली की। इसके चलते इन सेक्टरों में हल्की कमजोरी दर्ज की गई, जबकि अन्य प्रमुख सेक्टरों में खरीदारी बनी रही।   वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत अंतरराष्ट्रीय बाजारों से भी भारतीय बाजार को समर्थन मिला। एसएंडपी 500 फ्यूचर्स और नैस्डैक 100 फ्यूचर्स में बढ़त दर्ज की गई, जबकि यूरोपीय बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार रहा। जापान का टोपिक्स इंडेक्स बढ़त में रहा, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग और ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 इंडेक्स कमजोरी के साथ कारोबार करते दिखे।   विशेषज्ञों का मानना है कि ऑटो, बैंकिंग और रियल्टी जैसे प्रमुख सेक्टरों में लगातार निवेश यह संकेत देता है कि निवेशकों का भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास संभावनाओं पर भरोसा बरकरार है। ऐसे में निकट भविष्य में बाजार का रुख सकारात्मक बने रहने की उम्मीद जताई जा रही है।

anjali kumari जून 26, 2026 0
Investors tracking upcoming July 2026 IPOs including SBI Funds, Zepto and Manipal Health
जुलाई 2026 में IPO की बंपर बारिश! SBI, Zepto और Manipal Health समेत 12 से ज्यादा कंपनियां जुटाएंगी ₹45,000 करोड़

नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार में जुलाई 2026 निवेशकों के लिए बेहद व्यस्त और रोमांचक रहने वाला है। लंबे समय बाद प्राइमरी मार्केट में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। अगले महीने 12 से अधिक कंपनियां अपना आईपीओ (IPO) लॉन्च करने की तैयारी में हैं और इनका कुल लक्ष्य करीब ₹45,000 करोड़ जुटाने का है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं में कमी और घरेलू निवेशकों के बढ़ते भरोसे ने कंपनियों को अब पूंजी जुटाने के लिए अनुकूल माहौल दिया है। SBI फंड्स मैनेजमेंट का हो सकता है सबसे बड़ा IPO जुलाई में आने वाले संभावित आईपीओ में सबसे ज्यादा चर्चा SBI Funds Management की है। कंपनी का आईपीओ करीब ₹12,000 से ₹13,000 करोड़ का हो सकता है, जो अगले महीने का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम बनने की संभावना रखता है। यह इश्यू निवेशकों के लिए खास इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि SBI समूह की कंपनियों में निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत रहा है। Manipal Health और Zepto भी तैयार हेल्थकेयर सेक्टर की प्रमुख कंपनी Manipal Health Enterprises भी बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है। कंपनी का आईपीओ लगभग ₹11,000 करोड़ का हो सकता है। वहीं क्विक-कॉमर्स क्षेत्र की चर्चित कंपनी Zepto करीब ₹8,000 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। इन तीन कंपनियों के आईपीओ से ही लगभग ₹32,000 करोड़ जुटने का अनुमान है। जुलाई की IPO पाइपलाइन में कौन-कौन? जुलाई में जिन अन्य कंपनियों के बाजार में आने की संभावना है, उनमें शामिल हैं— Gaja Capital NAC Packaging Innovative View इसके अलावा भी कई मध्यम और बड़े आकार की कंपनियां बाजार में दस्तक देने की तैयारी कर रही हैं। क्यों लौट रही है IPO बाजार में तेजी? विशेषज्ञों के अनुसार पिछले कुछ महीनों में वैश्विक स्तर पर कई चुनौतियां थीं, जिनमें भू-राजनीतिक तनाव और विदेशी निवेशकों की सतर्कता शामिल थी। इसी वजह से आईपीओ बाजार की रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि अब परिस्थितियां बेहतर होती दिख रही हैं— सेंसेक्स और निफ्टी में स्थिरता घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी वैश्विक तनाव में कमी कॉर्पोरेट सेक्टर का बढ़ता आत्मविश्वास इन कारणों से कंपनियां फिर से पूंजी बाजार की ओर रुख कर रही हैं। मई में नहीं आया था एक भी IPO दिलचस्प बात यह है कि इस वर्ष अप्रैल तक 18 आईपीओ बाजार में आए थे, लेकिन मई में एक भी नया आईपीओ लॉन्च नहीं हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और बाजार की स्थिति सुधरने के बाद अब कंपनियां अपने लिस्टिंग प्लान को आगे बढ़ा रही हैं। निवेशक क्या देख रहे हैं? बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अब निवेशक केवल चर्चित ब्रांड्स पर नहीं बल्कि मजबूत बिजनेस मॉडल, मुनाफे की संभावना और दीर्घकालिक विकास क्षमता वाली कंपनियों को प्राथमिकता दे रहे हैं। रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी भी IPO बाजार को मजबूती दे रही है। SEBI के पास बड़ी पाइपलाइन तैयार 19 जून तक करीब 173 कंपनियों को Securities and Exchange Board of India से आईपीओ के जरिए लगभग ₹2.7 लाख करोड़ जुटाने की मंजूरी मिल चुकी है। इसके अलावा 64 अन्य कंपनियां अभी मंजूरी का इंतजार कर रही हैं। इनमें संभावित रूप से शामिल हैं— National Stock Exchange of India का लगभग ₹30,000 करोड़ का आईपीओ Jio Platforms का बहुप्रतीक्षित आईपीओ यदि ये इश्यू भी बाजार में आते हैं, तो भारतीय IPO बाजार नए रिकॉर्ड बना सकता है।  

surbhi जून 25, 2026 0
Indian stock market screen showing Sensex and Nifty trading higher during early session on 24 June 2026.
बाजार में फिर लौटी रौनक! सेंसेक्स 76,395 और निफ्टी 23,867 पर, निवेशकों की उम्मीदें बढ़ीं

मुंबई: बुधवार, 24 जून 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने मिले-जुले वैश्विक संकेतों के बीच सकारात्मक शुरुआत की। अमेरिकी बाजारों में कमजोरी के बावजूद घरेलू बाजार में खरीदारी का माहौल देखने को मिला, जिससे शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। सुबह करीब 9:30 बजे तक बीएसई सेंसेक्स 194 अंकों की बढ़त के साथ 76,395 पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 करीब 41 अंकों की मजबूती के साथ 23,867 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। शुरुआती कारोबार में बाजार का हाल इंडेक्स स्तर (सुबह 9:30 बजे) BSE Sensex 76,395 NSE Nifty 50 23,867 बाजार में तेजी का मुख्य कारण आईसीआईसीआई बैंक, इंफोसिस, टेक महिंद्रा और एलएंडटी जैसे दिग्गज शेयरों में खरीदारी रही। एनएसई के 15 सेक्टोरल इंडेक्स में से 11 बढ़त के साथ खुले। प्राइवेट बैंक, आईटी और हेल्थकेयर सेक्टर ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। वैश्विक संकेतों से क्यों बना दबाव? हालांकि घरेलू बाजार में मजबूती दिखी, लेकिन वैश्विक स्तर पर कुछ ऐसे कारक हैं जो निवेशकों की चिंता बढ़ा रहे हैं। अमेरिकी बाजारों में गिरावट पिछले कारोबारी सत्र में अमेरिकी बाजारों में बिकवाली देखने को मिली। खासकर टेक शेयरों में कमजोरी के कारण Nasdaq और S&P 500 दबाव में रहे। एशियाई बाजारों का मिश्रित रुख जापान और चीन के बाजारों में सुस्ती रही, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स करीब 3 प्रतिशत की मजबूती के साथ कारोबार करता नजर आया। ब्याज दरों को लेकर चिंता बाजार में यह आशंका बनी हुई है कि साल के अंत तक ब्याज दरों में बढ़ोतरी हो सकती है। इसी वजह से निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। आगे क्या रहेगा निफ्टी और सेंसेक्स का रुख? मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, फिलहाल बाजार एक अहम मोड़ पर खड़ा है। निफ्टी के लिए महत्वपूर्ण स्तर 23,900 के ऊपर टिकने पर निफ्टी 24,000 से 24,050 तक पहुंच सकता है। यदि दबाव बढ़ता है तो 23,640 तक गिरावट संभव है। सेंसेक्स के लिए अहम स्तर 76,500 का स्तर बाजार की अगली दिशा तय करने वाला माना जा रहा है। किन सेक्टरों में दिखा दबाव? आज के कारोबार में ऑटो, मेटल और मीडिया सेक्टर में कमजोरी देखने को मिली। वहीं बैंकिंग, आईटी और हेल्थकेयर शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही। निवेशकों के लिए क्या है सलाह? विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में संतुलित स्थिति बनी हुई है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचना चाहिए और अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार ही निवेश करना चाहिए। कच्चे तेल और सोने की कीमतों में आ रहे बदलाव भी आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।  

surbhi जून 24, 2026 0
Stock Market
Stock Market: तेजी के साथ बंद हुआ शेयर बाजार,सेंसेक्स 544 अंक उछला

मुंबई, एजेंसियां। मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने लगातार तीसरे कारोबारी दिन मजबूत बढ़त दर्ज की। टेक्नोलॉजी और घरेलू मांग से जुड़े सेक्टर्स में जोरदार खरीदारी के दम पर बाजार हरे निशान में बंद हुआ। निवेशकों की सकारात्मक धारणा के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में अच्छी तेजी देखने को मिली।   सेंसेक्स और निफ्टी में मजबूत बढ़त बीएसई सेंसेक्स 544.15 अंक यानी 0.71% की छलांग लगाकर 76,808.48 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी 135.25 अंक यानी 0.57% की बढ़त के साथ 23,989.15 पर पहुंच गया। यह लगातार तीसरा सत्र है जब भारतीय बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ है, जिससे निवेशकों का भरोसा और बढ़ा है।   आईटी और एफएमसीजी सेक्टर में तेजी बाजार की इस तेजी में आईटी सेक्टर ने सबसे अहम भूमिका निभाई। इसके साथ ही मीडिया सेक्टर में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। एफएमसीजी और फाइनेंशियल सेक्टर्स ने भी मामूली बढ़त के साथ बाजार को सहारा दिया। हिंदुस्तान यूनिलीवर और एनटीपीसी के शेयरों में करीब 2% की तेजी दर्ज की गई, जिससे बाजार को अतिरिक्त सपोर्ट मिला।   कुछ सेक्टर्स में दबाव भी रहा जहां एक ओर बाजार में तेजी रही, वहीं मेटल, फार्मा, हेल्थकेयर और सीमेंट सेक्टर्स में कमजोरी देखने को मिली। इन सेक्टर्स में बिकवाली के दबाव ने बाजार की बढ़त को कुछ हद तक सीमित रखा।   ग्लोबल बाजारों का मिला-जुला रुख अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आज मिला-जुला रुझान देखने को मिला। एशियाई बाजारों में जापान और हांगकांग में गिरावट रही, जबकि कुछ अन्य इंडेक्स स्थिर रहे। यूरोपीय बाजार भी लगभग सपाट बंद हुए। इसके बावजूद भारतीय बाजार ने घरेलू मांग और मजबूत सेक्टोरल सपोर्ट के दम पर बेहतर प्रदर्शन किया।   बाजार में घरेलू मांग का बढ़ता असर विश्लेषकों के अनुसार, भारतीय बाजार अब वैश्विक सुस्ती के बावजूद घरेलू अर्थव्यवस्था और टेक सेक्टर्स के दम पर मजबूती दिखा रहा है। यह संकेत देता है कि आने वाले दिनों में भी चुनिंदा सेक्टर्स बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

anjali kumari जून 16, 2026 0
Stock market screen showing Sensex and Nifty gains with Reliance Industries leading the rally.
Share Market Update: शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स 400 अंक उछला, रिलायंस में सबसे ज्यादा बढ़त

नई दिल्ली: घरेलू शेयर बाजार में आज सकारात्मक शुरुआत देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 400 अंक से अधिक की तेजी के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी50 इंडेक्स 23,300 के स्तर को पार कर गया। सुबह करीब 9:45 बजे सेंसेक्स 430.61 अंक यानी 0.58 फीसदी की बढ़त के साथ 74,349.37 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 114.45 अंक या 0.49 फीसदी चढ़कर 23,356.55 अंक पर पहुंच गया। इस बीच भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 0.2 फीसदी कमजोर होकर 95.54 पर खुला। पिछले कारोबारी सत्र में रुपया 95.35 के स्तर पर बंद हुआ था। रिलायंस इंडस्ट्रीज में सबसे ज्यादा तेजी सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 22 शेयर हरे निशान में खुले। सबसे ज्यादा बढ़त रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में दर्ज की गई, जो करीब 1.5 फीसदी मजबूत हुए। इसके अलावा इन शेयरों में भी तेजी रही: हिंदुस्तान यूनिलीवर भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) इन्फोसिस ट्रेंट स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) लार्सन एंड टुब्रो (L&T) एचडीएफसी बैंक टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) इन शेयरों में रही कमजोरी दूसरी ओर कुछ प्रमुख शेयरों में गिरावट भी देखने को मिली। इनमें शामिल हैं: बजाज फिनसर्व पावरग्रिड टेक महिंद्रा एचसीएल टेक महिंद्रा एंड महिंद्रा सन फार्मा मारुति सुजुकी मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन ब्रॉडर मार्केट में भी मिश्रित रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.01 फीसदी की बढ़त रही। निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.25 फीसदी मजबूत हुआ। सेक्टरवार प्रदर्शन आज के कारोबार में FMCG सेक्टर सबसे मजबूत रहा। निफ्टी FMCG इंडेक्स में लगभग 1 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा: आईटी सेक्टर में खरीदारी प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में मजबूती ऑयल एंड गैस सेक्टर में बढ़त वहीं, मेटल और ऑटो सेक्टर में दबाव देखने को मिला। कच्चे तेल की कीमतों में भी बढ़ोतरी पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में हल्की तेजी देखी गई है। ब्रेंट क्रूड 0.65 फीसदी बढ़कर 92.04 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इंडियन बास्केट की कीमत 1.31 फीसदी बढ़कर 97.19 डॉलर प्रति बैरल हो गई। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव आने वाले दिनों में भारतीय बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।  

surbhi जून 10, 2026 0
Stock market traders monitor falling Sensex and Nifty amid rising Middle East geopolitical tensions
Share Market Fall: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव से शेयर बाजार धड़ाम, निवेशकों के ₹5 लाख करोड़ स्वाहा, सेंसेक्स 800 अंक टूटा

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर सोमवार को वैश्विक और भारतीय शेयर बाजारों पर साफ दिखाई दिया। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी, जिसके चलते घरेलू शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 800 अंक से अधिक टूट गया, जबकि निफ्टी 50 भी 250 अंकों से ज्यादा फिसल गया। सुबह करीब 9:20 बजे सेंसेक्स 784.77 अंक यानी 1.06 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,458.57 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 234.80 अंक यानी 1 प्रतिशत गिरकर 23,131.90 अंक पर पहुंच गया। निवेशकों को ₹5 लाख करोड़ का झटका बाजार में आई इस तेज गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में बड़ा नुकसान हुआ है। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण घटकर लगभग 456 लाख करोड़ रुपये रह गया। शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों की करीब 5 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति साफ हो गई। सेंसेक्स के 30 में से 28 शेयर लाल निशान में सेंसेक्स के अधिकांश शेयर दबाव में रहे। सबसे ज्यादा गिरावट एयरलाइन कंपनी इंडिगो के शेयर में दर्ज की गई। इसके अलावा बजाज फाइनेंस, एशियन पेंट्स, टाटा स्टील, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एनटीपीसी, टीसीएस, बीईएल और लार्सन एंड टुब्रो जैसे दिग्गज शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। हालांकि टेक महिंद्रा और सन फार्मा के शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए, जिससे बाजार को सीमित सहारा मिला। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली केवल बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि व्यापक बाजार में भी भारी दबाव देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप सूचकांक में 1.51 प्रतिशत की गिरावट निफ्टी स्मॉलकैप सूचकांक में 1.52 प्रतिशत की गिरावट सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो रियल्टी और मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी रही। दूसरी ओर फार्मा और हेल्थकेयर क्षेत्र के शेयरों ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट भारतीय बाजार के साथ-साथ एशियाई शेयर बाजारों में भी हड़कंप देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का बाजार 9 प्रतिशत से अधिक गिर गया, जिसके बाद कुछ समय के लिए कारोबार रोकना पड़ा। जापान का निक्केई सूचकांक लगभग 5 प्रतिशत लुढ़क गया। हांगकांग का हैंग सेंग और चीन का शंघाई कंपोजिट भी 1 प्रतिशत से अधिक टूट गए। क्यों टूटा शेयर बाजार? बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव है। ईरान द्वारा इजरायल पर मिसाइल हमले के बाद क्षेत्र में संघर्ष बढ़ने की आशंका गहरा गई है। इससे अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति प्रयासों को भी झटका लगा है। भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने जोखिम वाले निवेश से दूरी बनानी शुरू कर दी, जिसका सीधा असर शेयर बाजार पर दिखाई दिया। कच्चे तेल की कीमतों में भी उछाल तनाव बढ़ने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड करीब 3.37 प्रतिशत बढ़कर 96.23 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इंडियन बास्केट का मूल्य 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया। तेल की कीमतों में यह तेजी भारत जैसे आयात-निर्भर देशों के लिए चिंता का विषय मानी जा रही है, क्योंकि इससे महंगाई और व्यापार घाटे पर दबाव बढ़ सकता है।  

surbhi जून 8, 2026 0
Stock Market
Stock Market: गिरावट के  साथ शुरू हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 700 अंक टूटा, निफ्टी 23,200 के नीचे फिसला

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स कारोबार के दौरान 700 अंक से अधिक टूटकर 73,597.83 के आसपास पहुंच गया, जबकि निफ्टी 23,200 के नीचे फिसलकर लगभग 23,166.90 पर कारोबार करता दिखा। निवेशकों की मुनाफावसूली और वैश्विक स्तर पर बढ़े जोखिम से बचने के रुझान ने बाजार पर दबाव बढ़ाया।   आईटी, ऑटो और मेटल शेयरों में भारी बिकवाली गिरावट का सबसे अधिक असर आईटी, रियल्टी, मेटल और ऑटो सेक्टर पर दिखाई दिया। इन क्षेत्रों में निवेशकों ने जमकर बिकवाली की। दूसरी ओर, फार्मा, हेल्थकेयर और मीडिया जैसे डिफेंसिव सेक्टर अपेक्षाकृत मजबूत रहे और उन्होंने बाजार को कुछ सहारा देने की कोशिश की।   रुपये पर भी दबाव विदेशी बाजार में डॉलर की मजबूती और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के कारण रुपया शुरुआती कारोबार में 17 पैसे कमजोर होकर 95.35 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। इससे विदेशी निवेशकों की चिंता और बढ़ी।   ग्लोबल बाजारों में घबराहट एशियाई बाजारों में व्यापक गिरावट देखने को मिली। जापान के निक्केई फ्यूचर्स में 4.2 प्रतिशत, टोपिक्स में 2.7 प्रतिशत और हांगकांग के हैंग सेंग में 1.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई। चीन और ऑस्ट्रेलिया के बाजार भी दबाव में रहे। यूरोप में यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स कमजोर रहे, जबकि अमेरिकी एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में सीमित बदलाव दिखा।   पश्चिम एशिया तनाव और तेल कीमतों का असर विश्लेषकों के अनुसार, लेबनान और इजरायल से जुड़ी घटनाओं तथा ईरान-इजरायल तनाव ने वैश्विक जोखिम बढ़ाया है। ब्रेंट क्रूड करीब 96 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जिससे ऊर्जा आयातक देशों के लिए चिंता बढ़ी। साथ ही, अमेरिकी टेक शेयरों की एआई-आधारित रैली कमजोर पड़ने और विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा 8,776 करोड़ रुपये से अधिक की बिकवाली ने भारतीय बाजार के मनोबल को और कमजोर किया

Unknown जून 8, 2026 0
Indian stock market screens showing Sensex and Nifty volatility amid global geopolitical tensions
पश्चिम एशिया तनाव के बीच शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव, शुरुआती गिरावट के बाद संभला सेंसेक्स, इटरनल और टाइटन में तेजी

वैश्विक बाजारों में कमजोर संकेतों और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को भारी गिरावट के साथ शुरुआत की। हालांकि कारोबार आगे बढ़ने के साथ बाजार ने कुछ हद तक रिकवरी दिखाई और शुरुआती नुकसान की भरपाई करने की कोशिश की। शुरुआत में 500 अंकों से ज्यादा टूटा सेंसेक्स कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 500 अंकों से अधिक लुढ़क गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 भी महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। सुबह करीब 9:20 बजे सेंसेक्स 284.51 अंक यानी 0.38 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,061.66 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 67.25 अंक यानी 0.29 प्रतिशत टूटकर 23,338.35 अंक पर पहुंच गया। हालांकि दिन चढ़ने के साथ खरीदारी लौटने लगी और बाजार में सुधार देखने को मिला। बाद में सेंसेक्स करीब 100 अंकों की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। इन शेयरों में दिखी मजबूती शुरुआती कमजोरी के बावजूद कुछ प्रमुख शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इनमें शामिल रहे— इटरनल टाइटन अडानी पोर्ट्स एशियन पेंट्स टेक महिंद्रा भारत इलेक्ट्रॉनिक्स टीसीएस एनटीपीसी हिंदुस्तान यूनिलीवर इन शेयरों में आई मजबूती ने बाजार को संभालने में अहम भूमिका निभाई। इन दिग्गज शेयरों पर रहा दबाव सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 18 शेयर गिरावट के साथ खुले। सबसे ज्यादा दबाव ट्रेंट पर देखने को मिला। गिरावट वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे— ट्रेंट इन्फोसिस एचडीएफसी बैंक बजाज फिनसर्व इंडिगो सन फार्मा कोटक महिंद्रा बैंक एचसीएल टेक व्यापक बाजार का हाल मुख्य सूचकांकों के साथ-साथ व्यापक बाजार में भी कमजोरी दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप सूचकांक में 0.22 प्रतिशत की गिरावट निफ्टी स्मॉलकैप सूचकांक में 0.15 प्रतिशत की गिरावट सेक्टोरल सूचकांकों में सूचना प्रौद्योगिकी, रियल्टी और निजी बैंकिंग शेयरों में सबसे अधिक दबाव देखा गया। वहीं दूसरी ओर— उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु क्षेत्र तेल एवं गैस क्षेत्र रसायन क्षेत्र में सकारात्मक कारोबार देखने को मिला। रुपये में हल्की मजबूती इस बीच भारतीय मुद्रा में भी मामूली सुधार देखने को मिला। रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 7 पैसे मजबूत होकर 95.69 के स्तर पर खुला। बाजार में गिरावट की वजह क्या रही? विश्लेषकों के अनुसार बाजार पर सबसे बड़ा दबाव पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का रहा। क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों और भू-राजनीतिक अनिश्चितता ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे माहौल में निवेशक जोखिम वाले निवेश से दूरी बनाते हैं, जिसका असर शेयर बाजारों पर दिखाई देता है। इसके अलावा निवेशकों की नजर भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के नतीजों पर भी टिकी हुई है। ब्याज दरों और आर्थिक वृद्धि को लेकर आने वाले फैसले बाजार की अगली दिशा तय कर सकते हैं। निवेशकों के लिए क्या संकेत? विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा समय में वैश्विक घटनाक्रम बाजार की चाल को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे में निवेशकों को अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से घबराने के बजाय मजबूत कंपनियों और दीर्घकालिक निवेश रणनीति पर ध्यान देना चाहिए।  

surbhi जून 4, 2026 0
Investors monitor falling stock market indices amid West Asia tensions and rising crude oil prices.
पश्चिम एशिया संकट का असर: शेयर बाजार में भारी बिकवाली, सेंसेक्स 800 अंक से ज्यादा टूटा, निवेशकों में बढ़ी चिंता

भारत समेत वैश्विक वित्तीय बाजारों पर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर साफ दिखाई देने लगा है। एक दिन की राहत भरी तेजी के बाद बुधवार को घरेलू शेयर बाजार में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। निवेशकों की चिंता बढ़ने से शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 800 अंकों से अधिक टूट गया, जबकि निफ्टी 24,300 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। सुबह के कारोबार में सेंसेक्स 803.13 अंक यानी 1.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,846.71 अंक पर कारोबार करता दिखा। वहीं, निफ्टी 209.35 अंक यानी 0.89 प्रतिशत गिरकर 23,274.20 अंक पर पहुंच गया। इससे पहले लगातार चार कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद मंगलवार को बाजार में मामूली रिकवरी देखने को मिली थी, लेकिन वैश्विक तनाव ने फिर से निवेशकों का भरोसा कमजोर कर दिया। आईटी शेयरों में सबसे बड़ी गिरावट बाजार की गिरावट में सबसे बड़ा योगदान आईटी सेक्टर का रहा। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 27 लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। आईटी दिग्गज कंपनियों पर सबसे ज्यादा दबाव रहा। सबसे अधिक गिरावट टीसीएस के शेयर में दर्ज की गई, जो 4 प्रतिशत से ज्यादा टूट गया। इसके अलावा इन्फोसिस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, आईटीसी, बजाज फाइनेंस और अन्य बड़े शेयरों में भी बिकवाली का दबाव रहा। हालांकि कुछ शेयरों ने बाजार को सीमित सहारा देने की कोशिश की। भारती एयरटेल, टाटा स्टील और एशियन पेंट्स में मजबूती देखने को मिली, लेकिन यह बढ़त समग्र बाजार की कमजोरी को संतुलित नहीं कर सकी। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी दबाव में केवल बड़ी कंपनियां ही नहीं, बल्कि व्यापक बाजार में भी कमजोरी का माहौल रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में करीब 0.67 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.48 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। सेक्टोरल इंडेक्स में आईटी सबसे कमजोर रहा, जहां 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली। इसके अलावा रियल्टी और पीएसयू बैंकिंग शेयरों में भी दबाव बना रहा। दूसरी ओर मेटल सेक्टर ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। रुपया भी कमजोर, डॉलर के मुकाबले फिसला शेयर बाजार में गिरावट के साथ-साथ भारतीय मुद्रा पर भी दबाव दिखाई दिया। रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोरी के साथ खुला और 95.45 के स्तर पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में भी रुपया 17 पैसे की गिरावट के साथ 95.36 पर बंद हुआ था। आखिर बाजार में गिरावट की वजह क्या है? बाजार की इस बड़ी गिरावट के पीछे सबसे प्रमुख कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव माना जा रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio के बयान ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है। उनके अनुसार ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के बड़े हिस्से में माइन बिछा दी है और कुछ वाणिज्यिक जहाजों पर फायरिंग की घटनाएं भी सामने आई हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। ऐसे में वहां किसी भी तरह का तनाव वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल तनाव बढ़ने के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी देखी गई। ब्रेंट क्रूड लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ 96.90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें महंगाई, व्यापार घाटे और कॉर्पोरेट मुनाफे पर दबाव बढ़ा सकती हैं। यही वजह है कि निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं और सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। आगे निवेशकों की नजर किस पर रहेगी? विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतों की दिशा और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम बाजार की चाल तय करेंगे। यदि तनाव और बढ़ता है तो शेयर बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। वहीं किसी सकारात्मक कूटनीतिक समाधान की खबर बाजार को राहत दे सकती है।  

surbhi जून 3, 2026 0
Stock Market
Stock Market: हरे निशान में बंद हुआ शेयर बाजार, निफ्टी 100.96 अंक चढ़कर 23,483.55 के  पार

नई दिल्ली, एजेंसियां। लगातार चार कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में शानदार रिकवरी देखने को मिली। आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी के दम पर प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 382.50 अंक यानी 0.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,649.84 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 100.96 अंक चढ़कर 23,483.55 के स्तर पर पहुंच गया।   शुरुआती कमजोरी के बाद बाजार ने दिखाई मजबूती कारोबार के दौरान बाजार में शुरुआत में दबाव देखने को मिला और सेंसेक्स एक समय 73,815.12 तक फिसल गया था। हालांकि बाद में निवेशकों की खरीदारी लौटने से बाजार ने जोरदार वापसी की और दिन के अंत तक 1,000 अंकों से अधिक की रिकवरी दर्ज की। इससे पहले सोमवार को सेंसेक्स 508 अंक और निफ्टी 165 अंक गिरकर बंद हुए थे।   आईटी शेयर बने बाजार के हीरो मंगलवार की तेजी में आईटी सेक्टर की सबसे बड़ी भूमिका रही। बीएसई आईटी इंडेक्स 4.40 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ। सबसे ज्यादा बढ़त टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) में 6.53 प्रतिशत दर्ज की गई। इसके अलावा इन्फोसिस 5.66 प्रतिशत, एचसीएल टेक 4.08 प्रतिशत और टेक महिंद्रा 1.76 प्रतिशत चढ़े। आईटी कंपनियों के अलावा अदाणी पोर्ट्स, टाइटन, एचडीएफसी बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। वहीं एनटीपीसी, एक्सिस बैंक, पावर ग्रिड और आईसीआईसीआई बैंक जैसे शेयर दबाव में रहे।   वैश्विक संकेतों से मिला समर्थन विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी टेक कंपनियों के मजबूत नतीजों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), क्लाउड तथा एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी में बढ़ते निवेश ने आईटी शेयरों को मजबूती दी है। इसके अलावा वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल और बड़े शेयरों के आकर्षक मूल्यांकन ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।   निवेशकों की नजर आगे किन कारकों पर? हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 3,911 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, लेकिन बाजार की मजबूती बरकरार रही। दूसरी ओर, ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट और एशियाई तथा यूरोपीय बाजारों में सकारात्मक रुख ने भी भारतीय बाजार को सहारा दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में विदेशी निवेश, वैश्विक आर्थिक संकेतक और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की दिशा शेयर बाजार की अगली चाल तय करेगी। \

Unknown जून 2, 2026 0
Stock Market
Stock Market: गिरावट के साथ शुरू हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 350 अंक टूटा

मुंबई, एजेंसियां। मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में गिरावट देखने को मिली। निवेशकों की सतर्कता और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच बाजार की शुरुआत नकारात्मक रही। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 350 अंक तक टूट गया, जबकि एनएसई निफ्टी भी 23,300 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। इससे बाजार में निवेशकों की चिंता बढ़ती दिखाई दी।   सेंसेक्स और निफ्टी का ताजा हाल सुबह 9:25 बजे तक सेंसेक्स 302.16 अंक यानी 0.40 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,965.18 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 105 अंक यानी 0.45 प्रतिशत गिरकर 23,277.60 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार के अधिकांश प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली का दबाव देखा गया, जिससे प्रमुख सूचकांकों पर असर पड़ा।   एशियाई बाजारों का भी कमजोर प्रदर्शन भारतीय बाजारों के साथ-साथ एशियाई शेयर बाजारों में भी कमजोरी दर्ज की गई। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और निवेशकों के सतर्क रुख के कारण अधिकांश एशियाई सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। इसका असर घरेलू बाजार की निवेशक धारणा पर भी पड़ा।   रुपये में हल्की मजबूती शेयर बाजार में गिरावट के बावजूद भारतीय मुद्रा रुपये ने मजबूती दिखाई। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 16 पैसे मजबूत होकर 95.03 के स्तर पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।   निवेशकों के लिए संकेत विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों के रुख और घरेलू आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी। फिलहाल निवेशकों को सतर्कता बरतने और गुणवत्ता वाले शेयरों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी जा रही है। लगातार पांच दिनों की गिरावट ने बाजार की कमजोर धारणा को उजागर किया है, हालांकि दीर्घकालिक निवेशकों के लिए यह अवसर भी साबित हो सकता है।

Unknown जून 2, 2026 0
Stock Market
Stock Market: लाल निशान पर बंद हुआ शेयर बाजार

मुंबई, एजेंसियां। घरेलू शेयर बाजार में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सोमवार को बाजार ने मजबूती के साथ शुरुआत की, लेकिन दिनभर के कारोबार के दौरान बिकवाली का दबाव बढ़ने से प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। इसके साथ ही बाजार लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज करने में सफल रहा।   सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट कारोबार समाप्त होने पर BSE Sensex 508.40 अंक यानी 0.67 प्रतिशत गिरकर 74,267.34 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 165.16 अंक यानी 0.70 प्रतिशत टूटकर 23,382.60 पर पहुंच गया। बाजार में आई इस गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में भी बड़ी कमी दर्ज की गई। विदेशी मुद्रा बाजार में भी दबाव देखने को मिला। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 12 पैसे कमजोर होकर 94.97 के स्तर पर बंद हुआ, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई।   एचयूएल और श्रीराम फाइनेंस समेत कई शेयरों में कमजोरी दिन के कारोबार में कई दिग्गज कंपनियों के शेयर दबाव में रहे। Hindustan Unilever Limited और Shriram Finance के शेयरों में करीब तीन प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। व्यापक बाजार की बात करें तो नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में सूचीबद्ध 2,201 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि केवल 1,151 शेयरों में बढ़त देखने को मिली। 99 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।   गिरावट के पीछे क्या हैं कारण? विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में जारी कमजोरी के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण जिम्मेदार हैं। सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव माना जा रहा है। दोनों देशों से जुड़े घटनाक्रमों का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ रहा है। तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से निवेशकों की धारणा प्रभावित हो रही है। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया है। वैश्विक बॉन्ड यील्ड में वृद्धि और सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ते रुझान के कारण विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पूंजी निकाल रहे हैं।   आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल? विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक संकेतकों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बाजार की दिशा निर्भर करेगी। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम होता है और विदेशी निवेश की वापसी होती है, तो बाजार में फिर से स्थिरता देखने को मिल सकती है। फिलहाल निवेशकों को सतर्कता बरतने और बाजार की चाल पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।

Unknown जून 1, 2026 0
Indian stock markets rebound strongly
तीन दिन की गिरावट के बाद शेयर बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 400 अंक उछला, इंडिगो ने दिखाई दमदार उड़ान

घरेलू शेयर बाजार ने जून महीने की शुरुआत मजबूती के साथ की है। लगातार तीन कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद सोमवार को बाजार में शानदार रिकवरी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में BSE Sensex 400 अंकों से ज्यादा चढ़ गया, जबकि Nifty 50 23,600 के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर कारोबार करता नजर आया। बाजार में इस तेजी के पीछे आईटी शेयरों में खरीदारी, बेहतर तिमाही नतीजे और निवेशकों की वापसी को प्रमुख वजह माना जा रहा है। शुरुआती कारोबार में मजबूत बढ़त पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 74,775.74 पर बंद हुआ था, जबकि सोमवार को यह 75,203 के स्तर पर खुला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 400 अंकों से ज्यादा उछलकर 75,000 के ऊपर पहुंच गया। वहीं निफ्टी भी करीब 23,650 के स्तर तक चढ़ गया। विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले सप्ताह की भारी बिकवाली के बाद बाजार में वैल्यू बाइंग देखने को मिली, जिससे निवेशकों का भरोसा कुछ हद तक लौटा है। इंडिगो के शेयरों में सबसे बड़ी तेजी सोमवार के कारोबार में सबसे ज्यादा चर्चा InterGlobe Aviation के शेयरों की रही। इंडिगो के शेयरों में लगभग 5 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। हालांकि कंपनी ने तिमाही नतीजों में घाटा दर्ज किया है, लेकिन ब्रोकरेज फर्मों ने भविष्य की आय संभावनाओं और मजबूत यात्री मांग को देखते हुए सकारात्मक रुख बनाए रखा है। इसी वजह से निवेशकों ने इंडिगो के शेयरों में जोरदार खरीदारी की। इन शेयरों में भी दिखी मजबूती बाजार में तेजी के दौरान कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। प्रमुख बढ़त वाले शेयर: Asian Paints Infosys Tata Consultancy Services Tech Mahindra HCL Technologies Bajaj Finserv आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा मजबूती देखने को मिली और निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 3 प्रतिशत तक चढ़ा। बैंकिंग और कुछ ऊर्जा शेयर दबाव में जहां अधिकांश शेयर हरे निशान में रहे, वहीं कुछ बैंकिंग और ऊर्जा कंपनियों में कमजोरी देखने को मिली। गिरावट वाले प्रमुख शेयर: Kotak Mahindra Bank Axis Bank NTPC Limited Trent Limited मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी बाजार की तेजी सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में बढ़त निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में भी मजबूती इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों की दिलचस्पी व्यापक बाजार में भी बनी हुई है। कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता शेयर बाजार में तेजी के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उछाल चिंता का विषय बना हुआ है। ब्रेंट क्रूड 2 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 93 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि तेल की बढ़ती कीमतें आने वाले दिनों में भारतीय बाजार पर दबाव बना सकती हैं। अमेरिका-ईरान तनाव पर टिकी नजर वैश्विक बाजारों की नजर अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव पर भी बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिए हैं कि उनका प्रशासन ईरान के साथ ऐसा समझौता चाहता है जिससे परमाणु हथियारों की संभावना खत्म हो सके। हालांकि फिलहाल निवेशक भू-राजनीतिक हालात को लेकर सतर्क बने हुए हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रम भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे।  

surbhi जून 1, 2026 0
Stock Market
Stock Market: हरे निशान पर खुला शेयर बाजार, 75200 के पार पहुंचा सेंसेक्‍स, निफ्टी भी 100 अंक उछला

मुंबई, एजेंसियां। जून 2026 के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने दमदार शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 440 अंकों की बढ़त के साथ 75,200 के स्तर को पार कर गया, जबकि एनएसई निफ्टी 100 अंकों से अधिक उछलकर 23,650 के करीब पहुंच गया। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों का उत्साह बढ़ा है और पिछले सप्ताह की गिरावट के बाद मजबूत रिकवरी देखने को मिली है।   वैश्विक बाजारों की मजबूती का मिला समर्थन भारतीय बाजार में तेजी का प्रमुख कारण वैश्विक बाजारों का सकारात्मक रुख माना जा रहा है। अमेरिकी शेयर बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र के दौरान मजबूती दर्ज की गई थी, जिसका असर एशियाई बाजारों पर भी दिखाई दिया। जापान, दक्षिण कोरिया और हांगकांग के प्रमुख सूचकांकों में बढ़त के चलते घरेलू निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ और खरीदारी का माहौल बना।   बैंकिंग, आईटी और ऑटो शेयरों में जोरदार खरीदारी सोमवार की तेजी में बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। निजी और सरकारी बैंकों के शेयरों में निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। इसके अलावा आईटी कंपनियों के शेयरों में भी अच्छी मांग देखने को मिली, जिससे बाजार को मजबूती मिली। ऑटो सेक्टर के कई प्रमुख शेयर भी बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए।   पिछले सप्ताह की गिरावट से उबरा बाजार शुक्रवार को विदेशी निवेशकों की बिकवाली और MSCI रीबैलेंसिंग के कारण बाजार में दबाव देखा गया था। हालांकि, सोमवार को निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी का अवसर देखा, जिससे बाजार ने तेजी से वापसी की। इस रिकवरी ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाने का काम किया है।   आगे किन कारकों पर रहेगी नजर बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियां, कच्चे तेल की कीमतें, मानसून की प्रगति और वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम बाजार की दिशा तय करेंगे। जानकारों के अनुसार, यदि विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है तो बाजार में और मजबूती देखने को मिल सकती है। हालांकि, निवेशकों को उतार-चढ़ाव के बीच सतर्क रहकर मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में निवेश करने की सलाह दी जा रही है।

Unknown जून 1, 2026 0
Stock Market
Stock Market: हरे निशान में खुले शेयर बाजार

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की। पिछले कारोबारी सत्र की गिरावट के बाद बाजार में खरीदारी लौटती दिखी और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 350 अंकों से अधिक उछलकर 76 हजार के पार पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 24 हजार के करीब कारोबार करता दिखा।   सुबह 9 बजकर 27 मिनट पर सेंसेक्स 78.34 अंकों की बढ़त के साथ 75,946.14 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 10.40 अंकों की मजबूती के साथ 23,917.55 पर कारोबार करता नजर आया। शुरुआती कारोबार में बाजार में तेजी का माहौल देखने को मिला, हालांकि बाद में कुछ मुनाफावसूली भी देखने को मिली।   कच्चे तेल में नरमी से मिला सहारा विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार को सबसे बड़ा समर्थन कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट से मिला है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 92 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बनी हुई है, जिससे निवेशकों की धारणा मजबूत हुई है। इससे महंगाई को लेकर चिंता भी कुछ कम हुई है।   आईटी और फार्मा शेयरों में जोरदार खरीदारी सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो आईटी और फार्मा शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली। निफ्टी आईटी इंडेक्स दो प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा, जबकि फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर भी बढ़त में रहे। पीएसयू बैंक, ऑटो, मेटल और ऑयल एंड गैस शेयरों में भी खरीदारी का माहौल बना रहा। हालांकि एफएमसीजी और मीडिया सेक्टर में हल्की गिरावट दर्ज की गई।   ग्लोबल बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत अमेरिकी और एशियाई बाजारों से मिले मजबूत संकेतों ने भी भारतीय बाजार को सपोर्ट दिया। वॉल स्ट्रीट में टेक शेयरों की तेजी का असर एशियाई बाजारों पर भी दिखाई दिया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर निफ्टी 24,000 के स्तर को मजबूती से पार कर लेता है, तो आने वाले दिनों में इसमें और तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं 23,800 का स्तर बाजार के लिए मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है।

Unknown मई 29, 2026 0
Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

Bihar Assistant Professor
जॉब्स

बिहार में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के नियम बदले, जानिए कब जरूरी होगा NET ?

abhishek singh जुलाई 2, 2026 0