Indian Stock Market

Indian stock market sees sharp volatility with Sensex down 544 points, Nifty at 22,683 amid global tensions.
Stock Market Updates: भारी गिरावट के बाद संभला बाजार, सेंसेक्स 544 अंक नीचे, निफ्टी 22683 पर

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के चलते बाजार ने जोरदार गिरावट के साथ शुरुआत की। हालांकि, दिन के दौरान कुछ रिकवरी देखने को मिली, जिससे निवेशकों को थोड़ी राहत जरूर मिली। शुरुआती कारोबार में बड़ी गिरावट सोमवार को बाजार खुलते ही भारी दबाव में नजर आया: सेंसेक्स 1018 अंक गिरकर 72,565 पर खुला निफ्टी 269 अंक टूटकर 22,549 पर ओपन हुआ यह गिरावट साफ तौर पर ग्लोबल नेगेटिव संकेतों और निवेशकों के कमजोर सेंटिमेंट का असर दिखाती है। बाद में आई रिकवरी हालांकि शुरुआती गिरावट के बाद बाजार में हल्की खरीदारी देखने को मिली: सेंसेक्स अब 544 अंक नीचे 73,038 पर ट्रेड कर रहा है निफ्टी 136 अंक गिरकर 22,683 के आसपास बना हुआ है इससे संकेत मिलता है कि निचले स्तरों पर कुछ निवेशक खरीदारी कर रहे हैं। गिरावट की बड़ी वजहें (डिटेल में) 1. मिडिल ईस्ट में बढ़ता युद्ध ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी तनाव अब पांचवें हफ्ते में पहुंच चुका है। इससे वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ी है निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं इक्विटी मार्केट से पैसा निकलकर सुरक्षित निवेश (Gold, Bonds) की ओर जा रहा है 2. कच्चे तेल की कीमतों में विस्फोटक तेजी ब्रेंट क्रूड 115–120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया फरवरी के मुकाबले इसमें करीब 59% उछाल भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह बेहद चिंताजनक है क्योंकि: महंगाई बढ़ने का खतरा कंपनियों की लागत बढ़ेगी चालू खाता घाटा (CAD) बढ़ सकता है 3. विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली मार्च 2026 में अब तक 1,13,810 करोड़ रुपये की बिकवाली इससे बाजार में लगातार दबाव बना हुआ है और लिक्विडिटी पर असर पड़ रहा है। 4. रुपये की रिकॉर्ड गिरावट डॉलर के मुकाबले रुपया 94.82 के स्तर पर पहुंच गया इसका असर: आयात महंगा विदेशी निवेशकों का भरोसा कमजोर बाजार में और बिकवाली का दबाव एशियाई बाजारों में हाहाकार भारतीय बाजार ही नहीं, पूरे एशिया में गिरावट का माहौल: निक्केई 225 (जापान): ~3.97% गिरावट टॉपिक्स: ~3.9% नीचे कोस्पी (दक्षिण कोरिया): 5% से ज्यादा टूटा कोस्डैक: ~3.97% गिरावट हैंग सेंग फ्यूचर्स: भी दबाव में यह दर्शाता है कि गिरावट पूरी तरह ग्लोबल ट्रेंड का हिस्सा है। अमेरिकी बाजार से भी नेगेटिव संकेत शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में भी बड़ी गिरावट दर्ज हुई: डाऊ जोन्स: 793 अंक (1.73%) गिरावट S&P 500: 1.67% गिरकर 7 महीने के निचले स्तर पर नैस्डेक: 2.15% टूटा अमेरिकी बाजार की कमजोरी का असर एशियाई बाजारों पर पड़ा। कमोडिटी मार्केट में उथल-पुथल ब्रेंट क्रूड: 115.55 डॉलर/बैरल COMEX क्रूड: 102.59 डॉलर/बैरल 27 फरवरी के बाद से तेल में तेज उछाल युद्ध के चलते सप्लाई को लेकर डर बढ़ गया है, जिससे कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। सेक्टोरल असर (कौन प्रभावित?) सबसे ज्यादा दबाव में: ऑटो सेक्टर (महंगा ईंधन) एविएशन (फ्यूल कॉस्ट बढ़ी) पेंट और केमिकल कंपनियां कुछ सेक्टर सुरक्षित: आईटी (डॉलर मजबूत होने से फायदा) फार्मा (डिफेंसिव सेक्टर) निवेशकों के लिए सलाह फिलहाल बाजार में हाई वोलैटिलिटी बनी रहेगी शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग में सतर्कता जरूरी लॉन्ग टर्म निवेशक गिरावट को बायिंग ऑपर्च्युनिटी मान सकते हैं क्रूड ऑयल और ग्लोबल न्यूज पर नजर रखें

surbhi मार्च 30, 2026 0
Coal India receives ₹1057 crore battery energy storage order, signaling shift towards clean energy.
Coal India Share: 1057 करोड़ के ऑर्डर से शेयरों में हलचल संभव, क्लीन एनर्जी की ओर बड़ा कदम

Coal India News: सरकारी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी कोल इंडिया (Coal India) के शेयरों में आज हलचल देखने को मिल सकती है। कंपनी को तेलंगाना पावर जेनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (TGGENCO) से 1057.09 करोड़ रुपये का बड़ा ऑर्डर मिला है, जो इसके बिजनेस मॉडल में बदलाव का भी संकेत देता है। क्या है पूरा ऑर्डर? कोल इंडिया को मिला यह कॉन्ट्रैक्ट पारंपरिक कोयला खनन से अलग एक नई दिशा में कदम है। प्रोजेक्ट: बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) लोकेशन: चौटुप्पल, तेलंगाना कुल वैल्यू: ₹1057.09 करोड़ इस प्रोजेक्ट के तहत कंपनी को एक बड़े पैमाने पर बिजली स्टोरेज प्लांट स्थापित करना होगा। प्रोजेक्ट की खासियत कुल क्षमता: 750 MWh स्टोरेज समय: 4 घंटे तक बिजली स्टोर प्रोजेक्ट टाइमलाइन: 18 महीने में पूरा करना होगा यह प्लांट खासतौर पर सोलर और विंड एनर्जी को स्टोर करने में मदद करेगा, जिससे पीक डिमांड के समय बिजली की सप्लाई सुनिश्चित की जा सके। कमाई का नया जरिया इस डील से कोल इंडिया को सिर्फ प्रोजेक्ट वैल्यू ही नहीं, बल्कि रेगुलर इनकम का मौका भी मिलेगा: कंपनी 3.14 लाख मेगावाट प्रति माह के टैरिफ पर बिजली सप्लाई करेगी यानी यह प्रोजेक्ट लॉन्ग टर्म रेवेन्यू स्ट्रीम भी बना सकता है। क्लीन एनर्जी की ओर शिफ्ट अब तक कोल इंडिया मुख्य रूप से कोयला खनन के लिए जानी जाती रही है, लेकिन यह ऑर्डर कंपनी के एनर्जी ट्रांजिशन प्लान को दिखाता है: रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में एंट्री बैटरी स्टोरेज टेक्नोलॉजी में निवेश भविष्य के ग्रीन एनर्जी मार्केट में पकड़ मजबूत करने की कोशिश यह कदम निवेशकों के लिए पॉजिटिव संकेत माना जा सकता है। आगे की प्रक्रिया कंपनी को 15 दिनों के भीतर परफॉर्मेंस बैंक गारंटी जमा करनी होगी इसके बाद फाइनल एग्रीमेंट साइन होगा यानी फिलहाल यह ऑर्डर शुरुआती स्टेज में है, लेकिन संभावनाएं मजबूत हैं। शेयर पर क्या असर? इस बड़े ऑर्डर के बाद बाजार में कोल इंडिया के शेयरों पर नजर बनी रहेगी। 27 मार्च 2026 को शेयर कीमत: ₹445 के आसपास 1 साल का रिटर्न: लगभग 11–13% 52 वीक हाई: ₹476 52 वीक लो: ₹350 इसके अलावा कंपनी ने निवेशकों को आकर्षित करते हुए ₹26.40 प्रति शेयर डिविडेंड भी दिया है। निवेशकों के लिए संकेत यह डील कंपनी के बिजनेस में डायवर्सिफिकेशन दिखाती है क्लीन एनर्जी में एंट्री से लॉन्ग टर्म ग्रोथ की संभावना शॉर्ट टर्म में शेयर में वोलैटिलिटी और पॉजिटिव मूवमेंट संभव

surbhi मार्च 30, 2026 0
Indian stock market crash with falling Sensex and Nifty displayed on trading screens amid global tensions
Stock Market Crash: हफ्ते की शुरुआत में बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1100 अंक लुढ़का, निवेशकों में घबराहट

सोमवार, 30 मार्च को भारतीय शेयर बाजार ने बेहद कमजोर शुरुआत की, जिससे निवेशकों के बीच हड़कंप मच गया। वैश्विक तनाव और मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष के असर से बाजार खुलते ही भारी बिकवाली देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में BSE Sensex 1,137 अंक (करीब 1.55%) गिरकर 72,445 के स्तर पर आ गया, जबकि Nifty 50 भी 336 अंक (1.47%) टूटकर 22,483 के नीचे फिसल गया। इस तेज गिरावट से निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये डूब गए। बैंकिंग सेक्टर में सबसे ज्यादा मार आज के कारोबार में सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग शेयरों पर देखा गया। Nifty Bank करीब 2.1% तक गिर गया, जो दिन का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा। हालांकि, गिरावट के इस माहौल में Nifty Metal ने थोड़ी राहत दी और 0.4% की बढ़त के साथ टॉप गेनर बना रहा। पिछले हफ्ते से जारी है गिरावट बाजार में कमजोरी का यह सिलसिला नया नहीं है। पिछले सप्ताह भी सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 1.27% की गिरावट दर्ज की गई थी। शुक्रवार को भी बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुआ था, जिससे निवेशकों का भरोसा पहले से ही कमजोर था। एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट भारतीय बाजार ही नहीं, बल्कि एशियाई बाजारों में भी भारी दबाव देखा गया: Nikkei 225 4.65% तक गिरा Kospi 3.51% टूटा Hang Seng Index 1.84% नीचे ASX 200 1.18% कमजोर मिडिल-ईस्ट तनाव और तेल की कीमतों का असर विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल-ईस्ट में बढ़ते युद्ध जैसे हालात और वैश्विक अनिश्चितता ने बाजार पर गहरा असर डाला है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के ईरान के तेल को “जब्त” करने वाले बयान ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिखा, जहां Brent Crude $116 प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जबकि WTI भी $102 से ऊपर ट्रेड कर रहा है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक वैश्विक तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे समय में निवेशकों को सतर्क रहने और जल्दबाजी में फैसले लेने से बचने की सलाह दी जा रही है।  

surbhi मार्च 30, 2026 0
हरे निशान पर बंद हुआ शेयर बाजार

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में आई गिरावट के बाद बाजार ने जोरदार वापसी की और दोनों प्रमुख सूचकांक हरे निशान पर बंद हुए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 938.93 अंक यानी 1.26 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75,502.85 अंक पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 257.70 अंक या 1.11 प्रतिशत चढ़कर 23,408.80 अंक पर पहुंच गया।   दिन के कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 75,805.27 का उच्चतम स्तर और 73,949.76 का निचला स्तर छुआ। बाजार में आई इस तेजी का मुख्य कारण बैंकिंग और ब्लू-चिप शेयरों में हुई मजबूत खरीदारी रही।   इन कंपनियों के शेयरों में रही सबसे ज्यादा तेजी सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई। अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में सबसे ज्यादा करीब 4.22 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली। इसके अलावा ट्रेंट, एचडीएफसी बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, आईटीसी, टाटा स्टील और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के शेयर भी बढ़त के साथ बंद हुए। हालांकि कुछ कंपनियों के शेयरों में गिरावट भी देखने को मिली। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, सन फार्मा, पावर ग्रिड और भारती एयरटेल के शेयरों में कमजोरी रही और ये दिन के कारोबार में पिछड़ने वाले शेयरों में शामिल रहे।   विशेषज्ञों ने बताई बाजार में तेजी की वजह बाजार विशेषज्ञों के अनुसार हाल के दिनों में हुई भारी बिकवाली के बाद निवेशकों ने मूल्य-आधारित खरीदारी शुरू की, जिससे बाजार में तेजी आई। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि घरेलू क्षेत्रों जैसे ऑटो, बैंकिंग और एफएमसीजी सेक्टर में निवेशकों की खरीदारी से बाजार को मजबूती मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रमों पर रहेगी, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी परिस्थितियों पर, क्योंकि इसका असर वैश्विक आपूर्ति शृंखला और बाजार की दिशा पर पड़ सकता है।   वैश्विक बाजारों का मिला-जुला रुख सोमवार को एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। जापान का निक्केई 225 और चीन का शंघाई एसएसई कंपोजिट गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त के साथ बंद हुए। वहीं यूरोपीय बाजारों में ज्यादातर गिरावट का रुख देखने को मिला।   कच्चे तेल और रुपये की स्थिति वैश्विक तेल बाजार में भी तेजी देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड का भाव 1.41 प्रतिशत बढ़कर 104.4 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। वहीं भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 10 पैसे गिरकर 92.40 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ।

Juli Gupta मार्च 17, 2026 0
IDBI Bank logo with a downward trending stock chart showing sharp fall in share price.
IDBI Bank के शेयर में बड़ी गिरावट, सरकार द्वारा हिस्सेदारी बिक्री रोकने की खबर से 16% तक लुढ़का

  सोमवार को शुरुआती कारोबार में IDBI Bank के शेयर में भारी गिरावट देखने को मिली। रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार बैंक में अपनी बहुमत हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया को फिलहाल रोक सकती है, क्योंकि मिले हुए ऑफर सरकार की तय न्यूनतम कीमत से कम हैं।   शेयर 16% तक गिरा मार्केट खुलते ही IDBI Bank का शेयर करीब 16% तक गिरकर ₹77.66 पर पहुंच गया। यह गिरावट उस खबर के बाद आई जिसमें बताया गया कि सरकार इस रणनीतिक बिक्री (Strategic Sale) को रद्द कर सकती है।   क्यों रुक सकती है हिस्सेदारी बिक्री रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार को जो बोली (bids) मिली हैं, वे तय रिजर्व प्राइस से कम हैं। ऐसे में सरकार मौजूदा बिक्री प्रक्रिया को खत्म कर सकती है और फिलहाल इसे रोकने का फैसला ले सकती है।   2022 में शुरू हुई थी विनिवेश प्रक्रिया सरकार और Life Insurance Corporation of India (LIC) ने साल 2022 में IDBI Bank में रणनीतिक विनिवेश की प्रक्रिया शुरू की थी। इसका मकसद बैंक में लगभग 60.7% हिस्सेदारी बेचकर निजी निवेशक लाना था। सरकार की हिस्सेदारी: 45.5% LIC की हिस्सेदारी: 49.2% योजना के अनुसार: सरकार 30.5% हिस्सेदारी बेचने वाली थी LIC करीब 30.2% हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में थी अनुमान था कि इस सौदे से करीब ₹66,000 करोड़ जुटाए जा सकते हैं।   संभावित खरीदारों के नाम रिपोर्ट्स में बताया गया था कि कनाडा की Fairfax Financial Holdings और दुबई की Emirates NBD इस हिस्सेदारी खरीदने के लिए बोली लगाने वालों में शामिल थे।   आगे क्या हो सकता है सूत्रों के मुताबिक सरकार भविष्य में बेहतर बाजार परिस्थितियों और ज्यादा निवेशक रुचि के साथ नई बिक्री प्रक्रिया शुरू कर सकती है।   बैंक का प्रदर्शन हाल के वर्षों में IDBI Bank ने अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार किया है। एनपीए कम करने और पूंजी समर्थन मिलने के बाद बैंक फिर से मुनाफे में आ गया है। पिछले एक साल में बैंक के शेयर में करीब 9.2% की बढ़त दर्ज हुई, जो Nifty 50 इंडेक्स की लगभग 3.4% की बढ़त से बेहतर रही है।

surbhi मार्च 16, 2026 0
Vodafone Idea logo displayed on smartphone screen with rising stock chart indicating share price surge.
Vodafone Idea के शेयर में तेजी से उछाल, नए निवेशकों की दिलचस्पी की खबर से 2% से ज्यादा उछाल

  टेलीकॉम कंपनी Vodafone Idea के शेयर सोमवार को शुरुआती कारोबार में मजबूत बढ़त के साथ ट्रेड करते नजर आए। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी में संभावित निवेश को लेकर कई घरेलू और वैश्विक निवेशक दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इस खबर के बाद कंपनी के शेयर में तेजी देखने को मिली।   शेयर में 5% तक की उछाल सोमवार सुबह ट्रेडिंग के दौरान Vodafone Idea का शेयर करीब 5% तक चढ़ गया। हालांकि बाद में थोड़ी मुनाफावसूली के बाद यह लगभग ₹9.46 पर ट्रेड कर रहा था, जो करीब 2% की बढ़त दर्शाता है। पिछले एक साल में कंपनी के शेयर में करीब 36% की तेजी दर्ज की गई है।   संभावित निवेशकों में बड़े नाम एक रिपोर्ट के मुताबिक JSW Group और सिंगापुर की ST Telemedia कंपनी में संभावित हिस्सेदारी खरीदने की संभावना तलाश रहे हैं। इसके अलावा अमेरिका की Tillman Global Holdings भी इस अवसर का मूल्यांकन कर रही है। हालांकि फिलहाल ये बातचीत शुरुआती (exploratory) चरण में है और किसी डील को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।   निवेशकों से मिलने जा रहा मैनेजमेंट रिपोर्ट के अनुसार Vodafone Idea का मैनेजमेंट 16-17 मार्च को सिंगापुर और हांगकांग में संस्थागत निवेशकों से मुलाकात करने वाला है, जहां संभावित निवेश पर चर्चा हो सकती है।   सरकार सबसे बड़ी शेयरधारक कंपनी में भारत सरकार की हिस्सेदारी करीब 49% है, जो वैधानिक बकाया (statutory dues) को इक्विटी में बदलने के बाद बढ़ी है। वहीं कंपनी के प्रमोटर Aditya Birla Group के पास करीब 9.5% और Vodafone Group के पास करीब 16.07% हिस्सेदारी है।   50,000 करोड़ निवेश से मिल सकती राहत ब्रोकरेज अनुमानों के मुताबिक अगर कोई रणनीतिक निवेशक करीब ₹50,000 करोड़ का नया निवेश करता है, तो सरकार लगभग ₹48,000 करोड़ की स्पेक्ट्रम देनदारी को इक्विटी में बदल सकती है। इससे कंपनी के कुल स्पेक्ट्रम कर्ज में करीब 40% तक कमी आ सकती है।   5G विस्तार के लिए जरूरी फंड Vodafone Idea फिलहाल भारत की तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है और इसका बाजार हिस्सा लगभग 17% है। कंपनी 30 से ज्यादा शहरों में 5G सेवा शुरू कर चुकी है, लेकिन नेटवर्क विस्तार में उसे Bharti Airtel और Reliance Jio से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है।  

surbhi मार्च 16, 2026 0
ABB India company logo with stock market chart representing brokerage rating and target price update.
Stock Recommendation: ABB India पर ‘Reduce’ रेटिंग बरकरार, टारगेट बढ़ाकर ₹5,875 - Emkay Global

  ब्रोकरेज फर्म Emkay Global Financial Services ने इंजीनियरिंग कंपनी ABB India के शेयर पर “Reduce” रेटिंग बनाए रखी है, हालांकि टारगेट प्राइस को थोड़ा बढ़ाकर ₹5,875 कर दिया गया है। इससे पहले ब्रोकरेज ने इसका लक्ष्य ₹5,600 तय किया था।   कंपनी का नया निवेश (Capex Plan) ABB India ने CY26 के लिए करीब 75 मिलियन डॉलर का कैपेक्स प्लान घोषित किया है। यह निवेश इन क्षेत्रों में किया जाएगा: मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने के लिए मौजूदा प्लांट्स का आधुनिकीकरण नई एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) को मजबूत करना यह निवेश CY25 में किए गए 35 मिलियन डॉलर के निवेश के अतिरिक्त होगा।   किन सेक्टरों से बढ़ रही मांग कंपनी के अनुसार, भारत में कई बड़े सेक्टर तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे उनके उत्पादों की मांग बढ़ रही है: ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) ग्रिड मॉडर्नाइजेशन डेटा सेंटर का तेजी से विस्तार मेट्रो और हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन   ब्रोकरेज का आकलन Emkay Global ने अपनी रिपोर्ट में CY28 के लिए नए अनुमान जोड़े हैं और टारगेट प्राइस को Mar-28E EPS के 55x वैल्यूएशन पर तय किया है। हालांकि ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी के शेयर अभी प्रीमियम वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहे हैं, इसलिए निवेशकों को इसमें मुनाफावसूली (Reduce) की सलाह दी गई है।   सरल शब्दों में: कंपनी का बिजनेस मजबूत है और निवेश भी बढ़ रहा है। लेकिन शेयर पहले से ही महंगे स्तर पर ट्रेड कर रहा है। इसलिए ब्रोकरेज ने खरीदारी की बजाय होल्ड या आंशिक मुनाफावसूली की सलाह दी है।

surbhi मार्च 11, 2026 0
Stock market screen showing Sensex and Nifty falling sharply amid global tensions and investor selling.
सेंसेक्स दिन के उच्च स्तर से 1,000 अंक टूटा, निफ्टी 24,000 के करीब - गिरावट के ये हैं बड़े कारण

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार (11 मार्च) को तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। BSE Sensex दिन के उच्च स्तर से करीब 1,000 अंक टूट गया, जबकि Nifty 50 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर के आसपास कारोबार करता दिखा। करीब 11:38 बजे Sensex 878.12 अंक यानी 1.12% गिरकर 77,327.86 पर था, जबकि Nifty 242.40 अंक यानी लगभग 1% गिरकर 24,019.20 पर ट्रेड कर रहा था। इस दौरान 2,149 शेयरों में तेजी, 1,469 में गिरावट और 179 शेयरों में कोई बदलाव नहीं देखा गया।   बाजार गिरने के प्रमुख कारण 1️. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। 10 मार्च को FIIs ने करीब ₹4,673 करोड़ की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹6,333 करोड़ की खरीदारी की। VK Vijayakumar के अनुसार, पिछले एक साल का पैटर्न फिर दिखाई दे रहा है-FIIs की बिक्री को DIIs की खरीद संतुलित कर रही है।   2️. मुनाफावसूली (Profit Booking) पिछले कारोबारी सत्र में बाजार में अच्छी तेजी आई थी। Nifty करीब 24,261 पर बंद हुआ था Sensex करीब 78,206 पर इस तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे बाजार दबाव में आ गया।   3️. मिडिल ईस्ट तनाव का असर मध्य-पूर्व में तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। खबरों के मुताबिक United States और Israel ने Iran पर बड़े हमले किए हैं, जिससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी है। साथ ही Donald Trump ने कहा कि यह संघर्ष जल्द खत्म हो सकता है, लेकिन स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है। इससे निवेशक सतर्क बने हुए हैं।   4️. बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में गिरावट बाजार की गिरावट में बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों का बड़ा योगदान रहा। सबसे ज्यादा दबाव इन शेयरों पर रहा: Kotak Mahindra Bank Bajaj Finserv Bajaj Finance SBI Life Insurance Bharti Airtel Tata Consumer Products इसके अलावा HDFC Bank और ICICI Bank भी करीब 1.4% तक गिर गए।   5️. सेक्टोरल दबाव ऑटो, आईटी, एफएमसीजी और फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों में 0.6% से 1.3% तक गिरावट दर्ज की गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि: स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 0.5% ऊपर रहा मिडकैप इंडेक्स लगभग सपाट रहा   टेक्निकल संकेत Aakash Shah के अनुसार: निफ्टी के लिए 24,100 और 24,000 अहम सपोर्ट लेवल हैं ऊपर की ओर 24,400–24,500 बड़ा रेजिस्टेंस है अगर निफ्टी 24,500 के ऊपर निकलता है तो 24,600–24,700 तक तेजी आ सकती है, जबकि 24,000 के नीचे जाने पर बाजार में अल्पकालिक अस्थिरता बढ़ सकती है।  

surbhi मार्च 11, 2026 0
Indian stock market screen showing Sensex and Nifty opening higher after previous session fall
Market Opening Bell: गिरावट के बाद संभला बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी बढ़त के साथ खुले

  पिछले कारोबारी दिन की तेज गिरावट के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की। वैश्विक बाजारों से मिले अच्छे संकेतों और मध्य पूर्व में तनाव कम होने की उम्मीदों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। इसी कारण शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांकों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई।   सेंसेक्स और निफ्टी में मजबूत शुरुआत बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 809.57 अंकों की तेजी के साथ 78,375.73 पर खुला। वहीं एनएसई का निफ्टी 252.75 अंक बढ़कर 24,280.80 के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले पिछले सत्र में सेंसेक्स 77,566.16 और निफ्टी 24,028.05 पर बंद हुए थे।   मिडकैप में तेजी, स्मॉलकैप में दबाव शुरुआती कारोबार में व्यापक बाजार का रुख मिश्रित रहा। बीएसई मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स में करीब 1.29 प्रतिशत की तेजी देखी गई, जबकि स्मॉलकैप सेलेक्ट इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की गई। इसी बीच बाजार की अस्थिरता मापने वाला इंडिया वीआईएक्स लगभग 12 प्रतिशत तक नीचे आया।   इन शेयरों में दिखी तेजी सेंसेक्स की कंपनियों में इंडिगो, एशियन पेंट्स, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और लार्सन एंड टुब्रो जैसे शेयर बढ़त में कारोबार करते नजर आए। इंडिगो शुरुआती कारोबार में लगभग 3.84 प्रतिशत चढ़कर सबसे ज्यादा लाभ में रहा। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज में हल्की गिरावट देखी गई।   बाजार की चौड़ाई कमजोर एनएसई में बाजार की चौड़ाई फिलहाल नकारात्मक रही। शुरुआती ट्रेडिंग के दौरान करीब 870 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, जबकि 1,601 शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। वहीं 28 शेयरों में कोई बदलाव नहीं देखा गया।   निवेशकों के लिए अहम स्तर बाजार विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी के लिए 24,000 से 23,900 के बीच का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। यदि बाजार इन स्तरों के ऊपर बना रहता है तो आगे 24,200 से 24,300 तक की तेजी संभव है। वहीं इन स्तरों के नीचे फिसलने पर बिकवाली बढ़ सकती है।   गिफ्ट निफ्टी से मिले सकारात्मक संकेत गिफ्ट निफ्टी ने भी बाजार को मजबूत शुरुआत का संकेत दिया। यह लगभग 319 अंकों की बढ़त के साथ 24,335 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया।   विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार सातवें सत्र में बिकवाली करते दिखे। 9 मार्च को उन्होंने करीब 6,030 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगभग 9,013 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया।   एशियाई बाजारों में भी तेजी मंगलवार को एशियाई शेयर बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद निवेशकों की धारणा मजबूत हुई। जापान का निक्केई सूचकांक 2 प्रतिशत से अधिक चढ़ा, जबकि हांगकांग, दक्षिण कोरिया और चीन के बाजारों में भी बढ़त दर्ज की गई।  

surbhi मार्च 10, 2026 0
Tencent sells ₹694 crore stake in PB Fintech; Goldman Sachs and top investors buy shares
Tencent ने Policybazaar की पैरेंट कंपनी में बेचे 694 करोड़ के शेयर, Goldman Sachs समेत बड़े निवेशकों ने झट से खरीदी हिस्सेदारी

  भारतीय फिनटेक कंपनी PB Fintech, जो Policybazaar और Paisabazaar जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म चलाती है, में हाल ही में बड़ा ब्लॉक डील देखने को मिला। चीन की टेक दिग्गज Tencent Holdings की इकाई Tencent Cloud Europe BV ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेच दिया, जिसे कई बड़े घरेलू और विदेशी निवेशकों ने खरीद लिया।   Tencent ने बेची 694 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी 6 मार्च को हुए ब्लॉक डील में Tencent Cloud Europe BV ने PB Fintech के करीब 48.4 लाख शेयर बेचे। यह कंपनी की कुल चुकता पूंजी का लगभग 1.04 प्रतिशत हिस्सा है। यह पूरा सौदा करीब 694.65 करोड़ रुपये का रहा और प्रति शेयर कीमत लगभग 1,435.1 रुपये तय की गई।   Goldman Sachs सबसे बड़ा खरीदार Tencent द्वारा बेचे गए शेयरों को सात बड़े संस्थागत निवेशकों ने खरीदा। इनमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी Goldman Sachs ने ली। Goldman Sachs Bank Europe ने 12.65 लाख शेयर लगभग 181.6 करोड़ रुपये में खरीदे। Mirae Asset Mutual Fund ने करीब 9 लाख शेयर 129.15 करोड़ रुपये में खरीदे। Societe Generale ने 7 लाख शेयर लगभग 100.45 करोड़ रुपये में लिए। इसके अलावा बचे हुए 19.74 लाख शेयर DSP Mutual Fund, Schroders, Tata Mutual Fund और Viridian Asia Opportunities Master Fund ने खरीदे।   शेयर में आई गिरावट बड़े ब्लॉक डील के बाद PB Fintech के शेयर पर दबाव देखने को मिला। सप्ताह के अंत में कंपनी का शेयर करीब 3.01 प्रतिशत गिरकर 1,428.4 रुपये पर बंद हुआ। यह 17 मार्च 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर है।   Shankara Buildpro में भी बड़ी खरीदारी इस बीच Shankara Buildpro के शेयरों में भी हलचल देखने को मिली। 360 ONE Equity Opportunity Fund ने कंपनी के लगभग 1.62 लाख शेयर खरीदे, जो करीब 0.67 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है। इस सौदे की कीमत लगभग 16.22 करोड़ रुपये रही। इसके बाद कंपनी का शेयर करीब 3.58 प्रतिशत बढ़कर 1,001.8 रुपये पर पहुंच गया।   Ganesha Ecosphere में बिकवाली का दबाव वहीं Ganesha Ecosphere के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। कंपनी का शेयर करीब 8.36 प्रतिशत टूटकर 706.4 रुपये पर आ गया। बताया जा रहा है कि DSP Mutual Fund ने कंपनी में अपनी करीब 1.03 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच दी है। DSP ने 2.76 लाख शेयर करीब 21.2 करोड़ रुपये में 768 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बेचे। हालांकि, दूसरी ओर India Capital Management ने अपने India Capital Fund के जरिए 2.34 लाख शेयर करीब 17.97 करोड़ रुपये में खरीद लिए। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के बड़े ब्लॉक डील निवेशकों की बदलती रणनीति और बाजार में बढ़ती संस्थागत दिलचस्पी को दर्शाते हैं।  

surbhi मार्च 7, 2026 0
Indian stock market shows sharp fall; Sensex, Nifty drop, rupee hits record low against dollar
स्टॉक मार्केट में झटका: सेंसेक्स-निफ्टी में भारी गिरावट, रुपया पहुंचा अब तक के सबसे निचले स्तर पर

  भारतीय शेयर बाजार के लिए यह सप्ताह काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच निवेशकों की धारणा कमजोर पड़ी, जिसका असर बाजार पर साफ दिखाई दिया। इसी दौरान भारतीय मुद्रा भी दबाव में रही और रुपया डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया।   सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट सप्ताह के अंत तक BSE Sensex में 2,368.29 अंकों यानी करीब 2.91 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 78,918.90 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 भी 728.2 अंक यानी लगभग 2.89 प्रतिशत फिसलकर 24,450.45 पर आ गया। यह गिरावट पिछले एक साल से अधिक समय में बाजार की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट मानी जा रही है।   रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया इस सप्ताह Indian Rupee भी दबाव में रहा। रुपया गिरकर 92.30 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितता और डॉलर की मजबूती ने रुपये पर दबाव बढ़ाया है।   बाजार पर इन कारणों का पड़ा असर बाजार में कमजोरी की मुख्य वजहों में United States और Iran के बीच बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव शामिल है। इस तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और कमजोर वैश्विक संकेतों ने भी बाजार पर नकारात्मक असर डाला।   स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में भी गिरावट इस सप्ताह BSE Smallcap Index करीब 3.3 प्रतिशत गिरा। इस दौरान InfoBeans Technologies, Orchid Pharma, Rajesh Exports और Netweb Technologies India जैसे शेयरों में 15 से 25 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि कुछ शेयरों में तेजी भी देखने को मिली। Jindal Poly Films, Paras Defence and Space Technologies, Sterlite Technologies और Jupiter Wagons जैसे शेयरों में 12 से 25 प्रतिशत तक की बढ़त रही।   सेक्टोरल इंडेक्स भी लाल निशान में अधिकांश सेक्टोरल इंडेक्स इस सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुए। Nifty PSU Bank Index – 6.5% गिरावट Nifty Realty Index – 5% गिरावट Nifty Bank Index – 4.5% गिरावट Nifty Media Index – 4.3% गिरावट Nifty Private Bank Index – 4% गिरावट हालांकि Nifty Defence Index ने इस रुझान के उलट करीब 5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की।   विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली इस सप्ताह Foreign Institutional Investors (FII) ने लगभग 21,831 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जिससे उनकी लगातार तीसरे सप्ताह बिकवाली जारी रही। वहीं Domestic Institutional Investors (DII) ने 32,786 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर बाजार को कुछ सहारा दिया।   इन कंपनियों के मार्केट कैप में बड़ा बदलाव सप्ताह के दौरान State Bank of India, ICICI Bank, Larsen & Toubro और HDFC Bank के मार्केट कैपिटलाइजेशन में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। वहीं Bharat Electronics, Reliance Industries और Sun Pharmaceutical Industries के बाजार पूंजीकरण में बढ़ोतरी देखने को मिली। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है, तो आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।  

surbhi मार्च 7, 2026 0
Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का रिजल्ट घोषित, अनुज अग्निहोत्री बने टॉपर, 958 उम्मीदवार सफल

UPSC CSE Result 2025: देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक Civil Services Examination का अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है। Union Public Service Commission ने शुक्रवार 6 मार्च 2026 को UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट घोषित किया। इस परीक्षा में अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल किया है। परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अब आयोग की आधिकारिक वेबसाइट UPSC Official Website पर जाकर फाइनल मेरिट लिस्ट देख सकते हैं। 958 उम्मीदवारों का हुआ चयन यूपीएससी द्वारा जारी फाइनल रिजल्ट के अनुसार इस वर्ष कुल 958 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति विभिन्न केंद्रीय सेवाओं में उनकी रैंक और पसंद के आधार पर की जाएगी। फाइनल रिजल्ट उम्मीदवारों के लिखित परीक्षा (Main Exam) और पर्सनैलिटी टेस्ट (Interview) में प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है। इन प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए होता है चयन यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से देश की कई प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं— भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS)   भारतीय पुलिस सेवा (IPS)   भारतीय विदेश सेवा (IFS)   भारतीय राजस्व सेवा (IRS)   भारतीय व्यापार सेवा सहित अन्य ग्रुप A और ग्रुप B सेवाएं   979 पदों को भरने का लक्ष्य सिविल सेवा परीक्षा 2025 के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 979 रिक्त पदों को भरा जाना है। ऐसे चेक करें UPSC CSE 2025 का रिजल्ट उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स के माध्यम से अपना रिजल्ट देख सकते हैं— आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं   होमपेज पर “Examination” टैब पर क्लिक करें   “Active Examinations” या “What’s New” सेक्शन में जाएं   Civil Services Examination Final Result 2025 लिंक पर क्लिक करें   मेरिट लिस्ट की PDF खुल जाएगी   Ctrl + F दबाकर अपना नाम या रोल नंबर सर्च करें   15 दिन में जारी होगी मार्कशीट यूपीएससी के अनुसार सभी उम्मीदवारों की मार्कशीट रिजल्ट जारी होने के 15 दिनों के भीतर आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। उम्मीदवार इसे 30 दिनों तक ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। पिछले साल का कट-ऑफ पिछले वर्ष का अंतिम कट-ऑफ इस प्रकार था— जनरल: 87.98   EWS: 85.92   OBC: 87.28   SC: 79.03   ST: 74.23   आयु सीमा क्या है यूपीएससी की अधिसूचना के अनुसार उम्मीदवार की आयु 1 अगस्त 2024 तक कम से कम 21 वर्ष और अधिकतम 32 वर्ष होनी चाहिए। यानी उम्मीदवार का जन्म 2 अगस्त 1992 से 1 अगस्त 2003 के बीच होना चाहिए। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन तीन चरणों—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू—को पार कर बहुत कम उम्मीदवार ही अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं। UPSC CSE 2025 टॉप-20 उम्मीदवारों की सूची रैंक रोल नंबर नाम 1 1131589 अनुज अग्निहोत्री 2 4000040 राजेश्वरी सुवे एम 3 3512521 अकांश ढुल 4 0834732 राघव झुनझुनवाला 5 0409847 ईशान भटनागर 6 6410067 जिनिया अरोड़ा 7 0818306 ए आर राजा मोहिद्दीन 8 0843487 पक्षल सेक्रेटरी 9 0831647 आस्था जैन 10 1523945 उज्ज्वल प्रियांक 11 1512091 यशस्वी राज वर्धन 12 0840280 अक्षित भारद्वाज 13 7813999 अनन्या शर्मा 14 5402316 सुरभि यादव 15 3507500 सिमरनदीप कौर 16 0867445 मोनिका श्रीवास्तव 17 0829589 चितवन जैन 18 5604518 श्रुति आर 19 0105602 निसार दिशांत अमृतलाल 20 6630448 रवि राज

Top week

Crowd chaos at Nalanda Sheetla Temple during religious event causing stampede-like situation and casualties
बिहार

नालंदा मंदिर हादसा: भीड़ ने ली 8 महिलाओं की जान, धार्मिक आयोजन में मची भगदड़ जैसी स्थिति

surbhi मार्च 31, 2026 0