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Stock Market: शेयर बाजार में लौटी तेजी, सेंसेक्स 350 अंक चढ़ा

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को शुरुआती कारोबार के दौरान शानदार तेजी देखने को मिली। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई रोकने और समझौते की उम्मीद जताने के बाद निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। इसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दिया।   आईटी और अदाणी समूह के शेयरों में उछाल बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में करीब 367 अंक चढ़कर 75,706 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 23,760 के पार कारोबार करता दिखा। बाजार की तेजी में आईटी कंपनियों और अदाणी समूह के शेयरों की बड़ी भूमिका रही। Infosys, HCLTech, Tech Mahindra और Tata Consultancy Services के शेयरों में अच्छी खरीदारी हुई। वहीं, अदाणी समूह की कंपनियों में तेजी अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा Gautam Adani और उनके भतीजे सागर अडानी के खिलाफ आपराधिक आरोप हटाने की खबर के बाद आई। इससे निवेशकों का विश्वास बढ़ा और समूह के शेयर मजबूत हुए।   कच्चे तेल में गिरावट से मिला समर्थन वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब दो फीसदी गिरकर 109.9 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। तेल की कीमतों में नरमी से भारतीय बाजार को अतिरिक्त समर्थन मिला। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने भी सोमवार को 2,813 करोड़ रुपये की खरीदारी की, जिससे बाजार की धारणा मजबूत बनी रही।   निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम पर हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक स्थिति अब भी संवेदनशील बनी हुई है। एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला, जबकि अमेरिकी बाजार भी मिश्रित संकेतों के साथ बंद हुए। इसके बावजूद भारतीय बाजार में फिलहाल सकारात्मक माहौल बना हुआ है।

Anjali Kumari मई 19, 2026 0
Stock market investors tracking Sensex and Nifty gains amid rising crude oil prices and weak rupee
Stock Market Update: रुपये में गिरावट और महंगे कच्चे तेल के बीच भी शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 400 अंक उछला

घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार तीसरे कारोबारी दिन तेजी देखने को मिली। रुपये में कमजोरी, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और एशियाई बाजारों में गिरावट के बावजूद भारतीय बाजार मजबूती के साथ कारोबार करते नजर आए। सुबह के कारोबार में BSE Sensex 400 अंकों से अधिक उछल गया, जबकि NIFTY 50 में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई। बाजार का हाल सुबह 10 बजे तक: सेंसेक्स 348.65 अंक यानी 0.46% बढ़कर 75,747.37 पर पहुंच गया निफ्टी 102.70 अंक यानी 0.43% चढ़कर 23,792.30 पर ट्रेड करता दिखा पिछले सत्र में भी बाजार में मजबूत तेजी दर्ज की गई थी। किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा तेजी? सेंसेक्स में सबसे ज्यादा तेजी इन कंपनियों के शेयरों में देखी गई: Adani Ports and Special Economic Zone Infosys Tata Consultancy Services Power Grid Corporation of India HCL Technologies Tech Mahindra Maruti Suzuki India आईटी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। किन शेयरों में आई गिरावट? दूसरी ओर कुछ दिग्गज कंपनियों के शेयर दबाव में रहे: State Bank of India Asian Paints UltraTech Cement Reliance Industries इनमें करीब 2% तक की गिरावट दर्ज की गई। रुपया फिर कमजोर भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले शुरुआती कारोबार में 29 पैसे टूटकर 95.93 तक पहुंच गया। कमजोर रुपये का असर आमतौर पर आयात लागत और विदेशी निवेश धारणा पर पड़ता है। कच्चे तेल में फिर तेजी अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेजी जारी रही। ब्रेंट क्रूड: 107 डॉलर प्रति बैरल तेजी: 1.22% कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसी आयात-निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय मानी जाती हैं। विदेशी निवेशकों का रुख बदला विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने गुरुवार को: 187 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे यह लगातार सात दिनों की बिकवाली के बाद पहली खरीदारी रही, जिसने बाजार सेंटीमेंट को मजबूत किया। एशियाई बाजारों में दबाव एशियाई बाजारों में गिरावट का माहौल रहा: दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3% से ज्यादा टूटा जापान का निक्केई 1% से ज्यादा गिरा हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग भी लाल निशान में रहा चीन का शंघाई कंपोजिट हल्की बढ़त में दिखा इसके विपरीत अमेरिकी और यूरोपीय बाजार पिछले कारोबारी सत्र में मजबूती के साथ बंद हुए थे।  

surbhi मई 15, 2026 0
Indian stock market opens higher as Nifty crosses 23,500 and MGL shares gain after CNG price hike
शेयर बाजार में शानदार शुरुआत, निफ्टी 23,500 के पार; CNG महंगी होते ही MGL शेयर में उछाल

घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और चुनिंदा सेक्टर्स में खरीदारी के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में खुले। शुरुआती कारोबार में बैंकिंग, फार्मा और मेटल शेयरों में तेजी देखने को मिली, जबकि आईटी सेक्टर पर दबाव बना रहा। बीएसई सेंसेक्स 339 अंकों की तेजी के साथ 74,947.12 के स्तर पर खुला। वहीं, एनएसई निफ्टी भी 118 अंकों की बढ़त लेकर 23,530.25 पर पहुंच गया। बाजार खुलते ही निवेशकों का रुझान चुनिंदा स्टॉक्स में खरीदारी की ओर दिखा, जिससे कई शेयरों में जोरदार हलचल रही। फार्मा शेयरों में खरीदारी, IT सेक्टर दबाव में शुरुआती कारोबार में फार्मा सेक्टर ने बाजार को सपोर्ट दिया। सिप्ला समेत कई दवा कंपनियों के शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जिसके चलते निफ्टी फार्मा इंडेक्स करीब 1.26 फीसदी मजबूत हुआ। दूसरी ओर आईटी शेयरों में कमजोरी देखने को मिली। HCL Tech, TCS, Tech Mahindra और Infosys जैसे बड़े आईटी स्टॉक्स में बिकवाली हावी रही। निफ्टी IT इंडेक्स करीब 0.83 फीसदी तक फिसल गया। डॉलर के मुकाबले हल्की कमजोरी के साथ खुला रुपया विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले हल्की कमजोरी के साथ खुला। गुरुवार को रुपया 95.73 प्रति डॉलर के स्तर पर खुला, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 95.71 पर बंद हुआ था। यानी शुरुआती कारोबार में रुपये में 2 पैसे की गिरावट दर्ज की गई। CNG महंगी होते ही MGL शेयर में तेजी महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने मुंबई महानगर क्षेत्र में CNG की कीमत में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। नई दरें लागू होने के बाद अब मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई में CNG की कीमत 84 रुपये प्रति किलो हो गई है। इस फैसले का असर कंपनी के शेयर पर भी दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में MGL का स्टॉक करीब 1.5 फीसदी उछलकर 1,059 रुपये के आसपास पहुंच गया। Kaynes Technology के शेयर में भारी गिरावट आज के कारोबार में Kaynes Technology के शेयर निवेशकों के लिए चिंता का कारण बने रहे। कंपनी के मार्च तिमाही नतीजे बाजार की उम्मीदों से कमजोर रहने के बाद स्टॉक में बड़ी गिरावट आई। करीब 10 बजे तक कंपनी का शेयर लगभग 18 फीसदी टूटकर 3,431.70 रुपये के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं, वैश्विक ब्रोकरेज फर्म JPMorgan द्वारा रेटिंग घटाने से भी निवेशकों की धारणा कमजोर हुई। वेदांता के शेयर में जोरदार उछाल मेटल सेक्टर की दिग्गज कंपनी वेदांता के शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में स्टॉक 3 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 335 रुपये के पार पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कमोडिटी कीमतों में सुधार और मजबूत मांग के संकेतों से मेटल शेयरों को सपोर्ट मिल रहा है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार में फिलहाल सकारात्मक माहौल बना हुआ है, लेकिन सेक्टर आधारित उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। फार्मा और मेटल शेयरों में फिलहाल मजबूती दिख रही है, जबकि आईटी सेक्टर पर दबाव बना रह सकता है। हालांकि, वैश्विक आर्थिक संकेत, डॉलर की चाल और कंपनियों के तिमाही नतीजे आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेंगे।  

surbhi मई 14, 2026 0
Traders monitor falling Sensex and Nifty screens amid crude oil surge and market selloff
शेयर बाजार में भारी गिरावट, Sensex 1000 अंक टूटा; कच्चे तेल और PM मोदी के बयान से बढ़ी चिंता

शुरुआती कारोबार में बाजार में बड़ी बिकवाली सोमवार को घरेलू शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। BSE Sensex शुरुआती कारोबार में 1000 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि Nifty 50 में भी करीब 300 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। सुबह करीब 9:39 बजे Sensex 1016 अंक गिरकर 76,311 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं Nifty 50 करीब 23,879 अंक पर पहुंच गया। बाजार में गिरावट की बड़ी वजह क्या है? विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार पर इस समय दो बड़े दबाव बने हुए हैं– पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल रिपोर्ट्स के अनुसार Brent Crude Oil की कीमत फिर 105 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई है। इससे भारत के चालू खाता घाटे (Current Account Deficit) और महंगाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री Narendra Modi की हालिया अपील ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया। प्रधानमंत्री ने लोगों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, गैरजरूरी विदेश यात्रा से बचने और सोना, खाद्य तेल व उर्वरक जैसे आयातित उत्पादों पर निर्भरता घटाने की बात कही थी। बाजार इसे सरकार की आर्थिक चिंता और बढ़ते आयात बिल के संकेत के तौर पर देख रहा है। किन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा दबाव? गिरावट का असर कई सेक्टरों में साफ दिखाई दिया। ज्वेलरी और कंजम्प्शन सेक्टर Titan Company के शेयर करीब 5.6 प्रतिशत टूट गए। बाजार को डर है कि सोने की मांग में कमी आने से ज्वेलरी कंपनियों की बिक्री प्रभावित हो सकती है। एविएशन सेक्टर कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से एयरलाइन कंपनियों पर दबाव बढ़ा। InterGlobe Aviation के शेयर 3.5 प्रतिशत से ज्यादा टूट गए। बैंकिंग सेक्टर बैंकिंग शेयरों में भी कमजोरी रही– State Bank of India करीब 3% टूटा HDFC Bank में 1% से ज्यादा गिरावट ICICI Bank और Axis Bank भी लाल निशान में कारोबार करते दिखे ऑटो और एनर्जी कंपनियां भी दबाव में Maruti Suzuki, Bajaj Auto और Reliance Industries के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई। किन शेयरों में दिखी मजबूती? बाजार की भारी गिरावट के बीच कुछ डिफेंसिव सेक्टरों में खरीदारी देखने को मिली। Tata Consumer Products के शेयरों में तेजी रही। इसके अलावा फार्मा सेक्टर अपेक्षाकृत स्थिर दिखा। Sun Pharmaceutical Industries और Cipla जैसे शेयर बाजार की कमजोरी के बावजूद संभले रहे। आगे बाजार की चाल कैसी रह सकती है? विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी रहती हैं, तो बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों की नजर अब– कच्चे तेल की कीमतों पश्चिम एशिया की स्थिति रुपये की चाल सरकार के अगले आर्थिक संकेतों पर बनी रहेगी।  

surbhi मई 11, 2026 0
Stock Market
Stock Market: शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 900 अंक टूटा; निफ्टी 24 हजार से नीचे

मुंबई, एजेंसियां। BSE Sensex और Nifty 50 में सोमवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार भारी दबाव में नजर आया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 900 अंक टूटकर 76,400 के नीचे पहुंच गया, जबकि निफ्टी 24 हजार के अहम स्तर से फिसलकर 23,950 के नीचे कारोबार करता दिखा।   विशेषज्ञों के अनुसार, प्रधानमंत्री Narendra Modi की ओर से विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए लोगों से किफायत बरतने की अपील, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बाजार पर दबाव बढ़ा दिया। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 845 अंकों से अधिक गिरकर 76,482 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी करीब 238 अंक टूटकर 23,936 पर कारोबार करता दिखा।   ज्वैलरी सेक्टर में भारी बिकवाली   प्रधानमंत्री मोदी द्वारा गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने की सलाह के बाद ज्वैलरी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। Senco Gold का शेयर करीब 9 प्रतिशत तक टूट गया। वहीं Kalyan Jewellers, Titan Company और PC Jeweller के शेयरों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई।   रुपये में कमजोरी और महंगाई की चिंता   डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी कमजोर हुआ और शुरुआती कारोबार में 94.90 के स्तर तक पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई बढ़ने का खतरा है।   विशेषज्ञों के मुताबिक, इस्राइल-ईरान तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा है। हालांकि भारत की अर्थव्यवस्था अभी मजबूत मानी जा रही है, लेकिन बढ़ती तेल कीमतें और विदेशी मुद्रा पर दबाव आने वाले समय में बाजार के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं।

Anjali Kumari मई 11, 2026 0
Stock market screen showing Sensex surge and Nifty crossing 24250 amid election results
Share Market Update: चुनावी नतीजों के बीच बाजार में जबरदस्त तेजी, सेंसेक्स 900 अंक उछला, निफ्टी 24,250 के पार

नई दिल्ली: देश के पांच राज्यों–पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुड्डुचेरी–में विधानसभा चुनावों की मतगणना के बीच घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में BSE Sensex 900 अंकों से अधिक उछल गया, जबकि Nifty 50 24,250 के स्तर को पार कर गया। सुबह करीब 9:50 बजे सेंसेक्स 923.85 अंक यानी 1.20% की बढ़त के साथ 77,837.35 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 272.50 अंक यानी 1.14% चढ़कर 24,270.05 पर पहुंच गया। इस दौरान रुपये में हल्की कमजोरी देखने को मिली। डॉलर के मुकाबले रुपया 0.04% गिरकर 94.95 पर खुला, जबकि पिछले सत्र में यह 94.91 पर बंद हुआ था। किन शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा तेजी? बाजार की इस तेजी में ऑटो और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर ने अहम भूमिका निभाई। Maruti Suzuki India और Adani Ports के शेयरों में करीब 4% तक की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा Hindustan Unilever, Larsen & Toubro, IndiGo, Bajaj Finance, Mahindra & Mahindra, HDFC Bank, State Bank of India और Tata Steel में भी 1% से ज्यादा की बढ़त देखने को मिली। हालांकि, Kotak Mahindra Bank के शेयरों में करीब 4% की गिरावट आई, जबकि ‘इटरनल’ में भी कमजोरी दर्ज की गई। सेक्टरवाइज प्रदर्शन कैसा रहा? निफ्टी के सेक्टरल इंडेक्स की बात करें तो: ऑटो, रियल्टी और मेटल सेक्टर में सबसे ज्यादा तेजी मीडिया, आईटी और प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर में गिरावट ब्रॉडर मार्केट में भी मजबूती दिखी–निफ्टी मिडकैप 0.73% और स्मॉलकैप 0.89% चढ़े। बाजार की तेजी के पीछे क्या वजह? विशेषज्ञों के मुताबिक, चुनावी नतीजों के बीच स्थिर सरकार की उम्मीद और निवेशकों की सकारात्मक धारणा ने बाजार को सपोर्ट दिया है। इसके अलावा वैश्विक संकेतों और कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव का भी असर देखने को मिला। कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भी हलचल रही। Donald Trump द्वारा ‘ऑपरेशन फ्रीडम’ की घोषणा के बाद शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड में 2.45% की गिरावट आई। हालांकि बाद में इसमें रिकवरी देखने को मिली और कीमत 0.46% बढ़कर 108.7 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। यह कदम Strait of Hormuz के आसपास फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालने से जुड़ा है, जिससे सप्लाई चेन को राहत मिलने की उम्मीद है।  

surbhi मई 4, 2026 0
Stock Market
Stock Market: शेयर बाजार में शानदार उछाल, सेंसेक्स 400 अंक चढ़ा, निफ्टी 24,450 के पार

मुंबई, एजेंसियां। मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की। BSE Sensex में शुरुआती कारोबार के दौरान 400 अंकों से अधिक की तेजी दर्ज की गई, जबकि Nifty 50 24,450 के अहम स्तर को पार कर गया। सेंसेक्स 445.82 अंक चढ़कर 78,966.12 पर पहुंचा, वहीं निफ्टी 121.15 अंक बढ़कर 24,486 पर कारोबार करता नजर आया।   बैंकिंग और इंफ्रा शेयरों में खरीदारी बाजार की इस तेजी में बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के शेयरों का अहम योगदान रहा। Adani Ports और ICICI Bank के शेयरों में करीब 2% तक की बढ़त देखी गई। इसके अलावा एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, इंटरग्लोब एविएशन और एनटीपीसी भी लाभ में रहे। हालांकि, आईटी और सीमेंट सेक्टर में दबाव बना रहा, जहां Infosys और Tata Consultancy Services जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।   वैश्विक संकेतों से मिला सहारा बाजार में इस तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारकों की बड़ी भूमिका रही। अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता की खबरों से निवेशकों में सकारात्मक भावना बनी है। साथ ही Brent Crude Oil की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आने से भी बाजार को मजबूती मिली है। फिलहाल ब्रेंट क्रूड करीब 95 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है।   रुपये में कमजोरी, लेकिन बाजार मजबूत इस बीच भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 16 पैसे कमजोर होकर 93.32 पर आ गया। हालांकि विदेशी निवेश और घरेलू बाजार की मजबूती ने निवेशकों का भरोसा बनाए रखा है। विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार फिलहाल वैश्विक घटनाक्रमों पर निर्भर है और आने वाले दिनों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

Anjali Kumari अप्रैल 21, 2026 0
Stock market trading screen showing Sensex surge after Trump’s statement boosting investor sentiment.
₹9.25 लाख करोड़ की तेजी से बाजार गुलजार: ट्रंप के बयान के बाद सेंसेक्स 1,300 अंक उछला

वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक संकेतों ने भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उत्साह भर दिया है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत की खबरों के बीच बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली, जिससे निवेशकों की संपत्ति में भारी इजाफा हुआ। शुरुआती कारोबार में जोरदार उछाल बुधवार सुबह बाजार खुलते ही BSE Sensex 1,300 अंक से अधिक उछलकर 78,166.50 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं Nifty 50 भी करीब 400 अंकों की तेजी के साथ 24,224.35 पर कारोबार करता दिखा। पिछले सत्र में आई गिरावट के बाद यह उछाल बाजार में मजबूत रिकवरी का संकेत देता है। निवेशकों को ₹9.25 लाख करोड़ का फायदा इस तेजी का सीधा असर बाजार पूंजीकरण पर पड़ा। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप ₹9.25 लाख करोड़ बढ़कर ₹457.73 लाख करोड़ हो गया। यह निवेशकों के लिए एक दिन में बड़ी ‘कमाई’ जैसा साबित हुआ। किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा तेजी? आज सेंसेक्स के सभी 30 शेयर हरे निशान में खुले। खासतौर पर: IndiGo में 4% की तेजी UltraTech Cement Asian Paints Larsen & Toubro Infosys State Bank of India इन सभी शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। रुपये में भी मजबूती भारतीय रुपया भी डॉलर के मुकाबले 0.2% मजबूत होकर 93.17 पर खुला। यह संकेत देता है कि विदेशी निवेशकों का भरोसा भी कुछ हद तक लौट रहा है। तेजी की मुख्य वजह क्या? अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के बयान ने बाजार को बड़ा ट्रिगर दिया। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान के साथ युद्ध खत्म होने के करीब है और समझौते की संभावना बढ़ रही है। इस बयान से निवेशकों में सकारात्मक भावना बनी और जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी। सेक्टर और ब्रॉडर मार्केट का हाल निफ्टी मिडकैप: +2.09% निफ्टी स्मॉलकैप: +2.10% निफ्टी PSU बैंक और IT सेक्टर में सबसे ज्यादा तेजी फार्मा सेक्टर में कमजोरी ग्लोबल मार्केट का असर एशियाई बाजारों में भी तेजी का माहौल रहा, जबकि अमेरिकी बाजारों में भी मजबूती देखने को मिली। S&P 500 और Nasdaq 100 दोनों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई।  

surbhi अप्रैल 15, 2026 0
Bank Nifty stock market chart showing sharp decline amid crude oil price surge above 100 dollars
Bank Nifty में बड़ी गिरावट: कच्चे तेल की कीमत $100 पार, PSU बैंक शेयरों में भारी बिकवाली – आगे क्या संकेत?

मुंबई: हफ्ते की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए कमजोर रही, जहां बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर में तेज गिरावट देखने को मिली। Bank Nifty इंडेक्स सोमवार को करीब 2.5% तक टूट गया, जिसका मुख्य कारण कच्चे तेल की कीमतों का $100 प्रति बैरल के पार जाना रहा। तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई (Inflation) के बढ़ने और सख्त मौद्रिक नीति (Tighter Monetary Policy) की आशंकाओं को जन्म दिया है, जिससे बैंकिंग शेयरों पर दबाव बढ़ गया। PSU बैंकों में सबसे ज्यादा गिरावट इस गिरावट की अगुवाई पब्लिक सेक्टर बैंकों ने की, जहां कई शेयरों में 4% तक की कमजोरी दर्ज की गई। प्रमुख गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे: Union Bank of India Bank of India Bank of Maharashtra Punjab National Bank इन बैंकों पर दबाव का कारण यह है कि बढ़ती महंगाई से ब्याज दरें बढ़ सकती हैं, जिससे लोन ग्रोथ और एसेट क्वालिटी प्रभावित होती है। प्राइवेट बैंकों में भी कमजोरी सिर्फ PSU बैंक ही नहीं, बल्कि प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में भी गिरावट देखने को मिली। State Bank of India करीब 2.5% तक गिरा HDFC Bank में 2.47% तक कमजोरी IndusInd Bank लगभग 1.85% नीचे Axis Bank और Kotak Mahindra Bank भी दबाव में रहे इंडेक्स का प्रदर्शन कैसा रहा? Bank Nifty इंट्राडे में 1,556 अंक टूटकर 54,356 के स्तर तक पहुंच गया Nifty PSU Bank इंडेक्स 2.24% गिरा Nifty Private Bank इंडेक्स 1.37% नीचे रहा यह दिन बैंकिंग सेक्टर के लिए सबसे कमजोर सत्रों में से एक रहा। गिरावट की असली वजह क्या है? कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ता है क्योंकि भारत आयात पर निर्भर है। इसके प्रमुख प्रभाव: महंगाई बढ़ने का खतरा RBI द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना लोन डिमांड और बैंकिंग ग्रोथ पर असर इन्हीं कारणों से निवेशकों ने बैंकिंग शेयरों में मुनाफावसूली शुरू कर दी। आगे क्या रह सकता है रुख? (एक्सपर्ट व्यू) Religare Broking के रिसर्च हेड अजीत मिश्रा के अनुसार: Bank Nifty पहले करीब 8.5% की तेजी दिखा चुका है अब यह 56,700 (200 DEMA) के स्तर को फिर टेस्ट कर सकता है इसके बाद 57,800 तक की रिकवरी संभव है सपोर्ट लेवल: पहला सपोर्ट: 54,300 अगला मजबूत सपोर्ट: 53,000 निवेशकों के लिए क्या रणनीति हो? मौजूदा हालात में विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि: जल्दबाजी में खरीदारी से बचें प्रमुख सपोर्ट लेवल्स पर नजर रखें लंबी अवधि के निवेशक गिरावट में चुनिंदा शेयरों पर नजर रख सकते हैं कच्चे तेल की कीमत और RBI के रुख पर खास ध्यान दें 

surbhi अप्रैल 13, 2026 0
Stock market screen showing Sensex decline amid rising crude oil prices and global tensions
कच्चे तेल में उछाल से शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 500 अंक लुढ़का, अडानी पोर्ट्स-इन्फोसिस दबाव में

वैश्विक तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। पश्चिम एशिया में सीजफायर को लेकर बढ़ते विवाद के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है, जिससे गुरुवार को बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। BSE Sensex शुरुआती कारोबार में करीब 500 अंक तक गिर गया, जबकि Nifty 50 भी दबाव में नजर आया। यह गिरावट उस तेजी के ठीक एक दिन बाद आई है, जब सीजफायर की खबरों से बाजार में जबरदस्त उछाल देखने को मिला था। पश्चिम एशिया तनाव और बाजार पर असर ईरान द्वारा अमेरिका पर सीजफायर उल्लंघन का आरोप लगाए जाने के बाद वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ गई है। इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा, जहां ब्रेंट क्रूड करीब 2.9% उछलकर 97.50 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। ऊर्जा कीमतों में यह तेजी निवेशकों के लिए चिंता का कारण बनती है, क्योंकि इससे महंगाई बढ़ने और कंपनियों के मुनाफे पर दबाव पड़ने की आशंका रहती है। शुरुआती कारोबार का हाल सुबह करीब 9:38 बजे: BSE Sensex: 407.54 अंक (0.53%) गिरकर 77,155.36 पर Nifty 50: 91.35 अंक (0.38%) गिरकर 23,906 पर सेंसेक्स के 19 शेयर गिरावट के साथ खुले, जो बाजार में कमजोर धारणा को दर्शाता है। किन शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव? आज के कारोबार में कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई: Adani Ports and Special Economic Zone Infosys Bajaj Finance ICICI Bank Kotak Mahindra Bank InterGlobe Aviation इन शेयरों में 2% तक की गिरावट दर्ज की गई। किन शेयरों में दिखी मजबूती? गिरते बाजार के बीच कुछ शेयरों में तेजी भी देखने को मिली: NTPC Hindustan Unilever Bharti Airtel TCS ITC Limited State Bank of India ब्रॉडर मार्केट का रुख मुख्य सूचकांकों में गिरावट के बावजूद व्यापक बाजार (ब्रॉडर मार्केट) में हल्की मजबूती रही: निफ्टी मिडकैप: 0.28% की बढ़त निफ्टी स्मॉलकैप: 0.57% की बढ़त सेक्टर के स्तर पर: मेटल और मीडिया सेक्टर में तेजी आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट

surbhi अप्रैल 9, 2026 0
Stock market graph falling amid geopolitical tensions with investors analyzing data on screens
पश्चिम एशिया तनाव के बीच बाजार में गिरावट, लेकिन एक्सपर्ट्स को दिख रहे ‘जेम’ स्टॉक्स-क्या यही सही निवेश का समय है?

पश्चिम एशिया में जारी तनाव, खासकर ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक बाजारों को हिला दिया है। इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिख रहा है, जहां हालिया हफ्तों में 8 से 10 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, इस गिरावट के बीच कई ब्रोकरेज फर्म्स इसे एक बड़ा निवेश अवसर मान रही हैं और करीब 80 ऐसे शेयरों की पहचान की गई है जिन्हें ‘वैल्यू बाय’ माना जा रहा है। क्यों गिरा बाजार? बाजार में गिरावट के पीछे कई अहम कारण हैं: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भू-राजनीतिक तनाव कंपनियों की कमाई पर दबाव निवेशकों की बढ़ती अनिश्चितता Kotak Equities के मुताबिक, बाजार फिलहाल इस बात को लेकर चिंतित है कि युद्ध लंबा खिंचेगा या यह सिर्फ अल्पकालिक झटका है। इन सेक्टर्स में दिख रहा है मौका ब्रोकरेज हाउसों ने जिन सेक्टर्स को सबसे ज्यादा संभावनाओं वाला बताया है, उनमें शामिल हैं: कंजम्प्शन डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग इन सेक्टर्स के कई मजबूत फंडामेंटल वाले शेयर गिरावट के बाद आकर्षक वैल्यूएशन पर उपलब्ध हैं। टॉप ब्रोकरेज की पसंदीदा कंपनियां विभिन्न ब्रोकरेज फर्म्स ने जिन प्रमुख शेयरों को चुना है, उनमें शामिल हैं: Kotak Equities की पसंद DLF Godrej Consumer Products Info Edge Coforge Dixon Technologies Motilal Oswal की पसंद Bharti Airtel State Bank of India ICICI Bank Infosys Limited Tata Steel Elara Securities की पसंद HDFC Bank Larsen & Toubro Maruti Suzuki Apollo Hospitals Axis Securities की पसंद Bajaj Finance Kotak Mahindra Bank Avenue Supermarts Nestlé India UBS (Global) की पसंद Reliance Industries NTPC Limited Sun Pharmaceutical Industries Adani Ports क्यों बन रहा है निवेश का मौका? ब्रोकरेज फर्म्स के अनुसार, मौजूदा गिरावट ने बाजार में आकर्षक एंट्री पॉइंट बना दिया है: Nifty 50 लगभग 17.7x फॉरवर्ड P/E पर ट्रेड कर रहा है वैल्यूएशन लंबे समय के औसत से नीचे आ गया है उभरते बाजारों के मुकाबले प्रीमियम कम हुआ है एक्सपर्ट की राय Emkay Global ने दिसंबर 2026 तक निफ्टी का लक्ष्य 29,000 रखा है और FY27 में करीब 15% अर्निंग्स ग्रोथ का अनुमान जताया है। हालांकि, विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी है कि कच्चे तेल की कीमतें अभी भी सबसे बड़ा जोखिम बनी हुई हैं। अगर युद्ध लंबा चलता है, तो महंगाई और कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बढ़ सकता है।  

surbhi अप्रैल 4, 2026 0
Indian stock market sees sharp volatility with Sensex down 544 points, Nifty at 22,683 amid global tensions.
Stock Market Updates: भारी गिरावट के बाद संभला बाजार, सेंसेक्स 544 अंक नीचे, निफ्टी 22683 पर

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के चलते बाजार ने जोरदार गिरावट के साथ शुरुआत की। हालांकि, दिन के दौरान कुछ रिकवरी देखने को मिली, जिससे निवेशकों को थोड़ी राहत जरूर मिली। शुरुआती कारोबार में बड़ी गिरावट सोमवार को बाजार खुलते ही भारी दबाव में नजर आया: सेंसेक्स 1018 अंक गिरकर 72,565 पर खुला निफ्टी 269 अंक टूटकर 22,549 पर ओपन हुआ यह गिरावट साफ तौर पर ग्लोबल नेगेटिव संकेतों और निवेशकों के कमजोर सेंटिमेंट का असर दिखाती है। बाद में आई रिकवरी हालांकि शुरुआती गिरावट के बाद बाजार में हल्की खरीदारी देखने को मिली: सेंसेक्स अब 544 अंक नीचे 73,038 पर ट्रेड कर रहा है निफ्टी 136 अंक गिरकर 22,683 के आसपास बना हुआ है इससे संकेत मिलता है कि निचले स्तरों पर कुछ निवेशक खरीदारी कर रहे हैं। गिरावट की बड़ी वजहें (डिटेल में) 1. मिडिल ईस्ट में बढ़ता युद्ध ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी तनाव अब पांचवें हफ्ते में पहुंच चुका है। इससे वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ी है निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं इक्विटी मार्केट से पैसा निकलकर सुरक्षित निवेश (Gold, Bonds) की ओर जा रहा है 2. कच्चे तेल की कीमतों में विस्फोटक तेजी ब्रेंट क्रूड 115–120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया फरवरी के मुकाबले इसमें करीब 59% उछाल भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह बेहद चिंताजनक है क्योंकि: महंगाई बढ़ने का खतरा कंपनियों की लागत बढ़ेगी चालू खाता घाटा (CAD) बढ़ सकता है 3. विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली मार्च 2026 में अब तक 1,13,810 करोड़ रुपये की बिकवाली इससे बाजार में लगातार दबाव बना हुआ है और लिक्विडिटी पर असर पड़ रहा है। 4. रुपये की रिकॉर्ड गिरावट डॉलर के मुकाबले रुपया 94.82 के स्तर पर पहुंच गया इसका असर: आयात महंगा विदेशी निवेशकों का भरोसा कमजोर बाजार में और बिकवाली का दबाव एशियाई बाजारों में हाहाकार भारतीय बाजार ही नहीं, पूरे एशिया में गिरावट का माहौल: निक्केई 225 (जापान): ~3.97% गिरावट टॉपिक्स: ~3.9% नीचे कोस्पी (दक्षिण कोरिया): 5% से ज्यादा टूटा कोस्डैक: ~3.97% गिरावट हैंग सेंग फ्यूचर्स: भी दबाव में यह दर्शाता है कि गिरावट पूरी तरह ग्लोबल ट्रेंड का हिस्सा है। अमेरिकी बाजार से भी नेगेटिव संकेत शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में भी बड़ी गिरावट दर्ज हुई: डाऊ जोन्स: 793 अंक (1.73%) गिरावट S&P 500: 1.67% गिरकर 7 महीने के निचले स्तर पर नैस्डेक: 2.15% टूटा अमेरिकी बाजार की कमजोरी का असर एशियाई बाजारों पर पड़ा। कमोडिटी मार्केट में उथल-पुथल ब्रेंट क्रूड: 115.55 डॉलर/बैरल COMEX क्रूड: 102.59 डॉलर/बैरल 27 फरवरी के बाद से तेल में तेज उछाल युद्ध के चलते सप्लाई को लेकर डर बढ़ गया है, जिससे कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। सेक्टोरल असर (कौन प्रभावित?) सबसे ज्यादा दबाव में: ऑटो सेक्टर (महंगा ईंधन) एविएशन (फ्यूल कॉस्ट बढ़ी) पेंट और केमिकल कंपनियां कुछ सेक्टर सुरक्षित: आईटी (डॉलर मजबूत होने से फायदा) फार्मा (डिफेंसिव सेक्टर) निवेशकों के लिए सलाह फिलहाल बाजार में हाई वोलैटिलिटी बनी रहेगी शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग में सतर्कता जरूरी लॉन्ग टर्म निवेशक गिरावट को बायिंग ऑपर्च्युनिटी मान सकते हैं क्रूड ऑयल और ग्लोबल न्यूज पर नजर रखें

surbhi मार्च 30, 2026 0
Coal India receives ₹1057 crore battery energy storage order, signaling shift towards clean energy.
Coal India Share: 1057 करोड़ के ऑर्डर से शेयरों में हलचल संभव, क्लीन एनर्जी की ओर बड़ा कदम

Coal India News: सरकारी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी कोल इंडिया (Coal India) के शेयरों में आज हलचल देखने को मिल सकती है। कंपनी को तेलंगाना पावर जेनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (TGGENCO) से 1057.09 करोड़ रुपये का बड़ा ऑर्डर मिला है, जो इसके बिजनेस मॉडल में बदलाव का भी संकेत देता है। क्या है पूरा ऑर्डर? कोल इंडिया को मिला यह कॉन्ट्रैक्ट पारंपरिक कोयला खनन से अलग एक नई दिशा में कदम है। प्रोजेक्ट: बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) लोकेशन: चौटुप्पल, तेलंगाना कुल वैल्यू: ₹1057.09 करोड़ इस प्रोजेक्ट के तहत कंपनी को एक बड़े पैमाने पर बिजली स्टोरेज प्लांट स्थापित करना होगा। प्रोजेक्ट की खासियत कुल क्षमता: 750 MWh स्टोरेज समय: 4 घंटे तक बिजली स्टोर प्रोजेक्ट टाइमलाइन: 18 महीने में पूरा करना होगा यह प्लांट खासतौर पर सोलर और विंड एनर्जी को स्टोर करने में मदद करेगा, जिससे पीक डिमांड के समय बिजली की सप्लाई सुनिश्चित की जा सके। कमाई का नया जरिया इस डील से कोल इंडिया को सिर्फ प्रोजेक्ट वैल्यू ही नहीं, बल्कि रेगुलर इनकम का मौका भी मिलेगा: कंपनी 3.14 लाख मेगावाट प्रति माह के टैरिफ पर बिजली सप्लाई करेगी यानी यह प्रोजेक्ट लॉन्ग टर्म रेवेन्यू स्ट्रीम भी बना सकता है। क्लीन एनर्जी की ओर शिफ्ट अब तक कोल इंडिया मुख्य रूप से कोयला खनन के लिए जानी जाती रही है, लेकिन यह ऑर्डर कंपनी के एनर्जी ट्रांजिशन प्लान को दिखाता है: रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में एंट्री बैटरी स्टोरेज टेक्नोलॉजी में निवेश भविष्य के ग्रीन एनर्जी मार्केट में पकड़ मजबूत करने की कोशिश यह कदम निवेशकों के लिए पॉजिटिव संकेत माना जा सकता है। आगे की प्रक्रिया कंपनी को 15 दिनों के भीतर परफॉर्मेंस बैंक गारंटी जमा करनी होगी इसके बाद फाइनल एग्रीमेंट साइन होगा यानी फिलहाल यह ऑर्डर शुरुआती स्टेज में है, लेकिन संभावनाएं मजबूत हैं। शेयर पर क्या असर? इस बड़े ऑर्डर के बाद बाजार में कोल इंडिया के शेयरों पर नजर बनी रहेगी। 27 मार्च 2026 को शेयर कीमत: ₹445 के आसपास 1 साल का रिटर्न: लगभग 11–13% 52 वीक हाई: ₹476 52 वीक लो: ₹350 इसके अलावा कंपनी ने निवेशकों को आकर्षित करते हुए ₹26.40 प्रति शेयर डिविडेंड भी दिया है। निवेशकों के लिए संकेत यह डील कंपनी के बिजनेस में डायवर्सिफिकेशन दिखाती है क्लीन एनर्जी में एंट्री से लॉन्ग टर्म ग्रोथ की संभावना शॉर्ट टर्म में शेयर में वोलैटिलिटी और पॉजिटिव मूवमेंट संभव

surbhi मार्च 30, 2026 0
Indian stock market crash with falling Sensex and Nifty displayed on trading screens amid global tensions
Stock Market Crash: हफ्ते की शुरुआत में बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1100 अंक लुढ़का, निवेशकों में घबराहट

सोमवार, 30 मार्च को भारतीय शेयर बाजार ने बेहद कमजोर शुरुआत की, जिससे निवेशकों के बीच हड़कंप मच गया। वैश्विक तनाव और मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष के असर से बाजार खुलते ही भारी बिकवाली देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में BSE Sensex 1,137 अंक (करीब 1.55%) गिरकर 72,445 के स्तर पर आ गया, जबकि Nifty 50 भी 336 अंक (1.47%) टूटकर 22,483 के नीचे फिसल गया। इस तेज गिरावट से निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये डूब गए। बैंकिंग सेक्टर में सबसे ज्यादा मार आज के कारोबार में सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग शेयरों पर देखा गया। Nifty Bank करीब 2.1% तक गिर गया, जो दिन का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा। हालांकि, गिरावट के इस माहौल में Nifty Metal ने थोड़ी राहत दी और 0.4% की बढ़त के साथ टॉप गेनर बना रहा। पिछले हफ्ते से जारी है गिरावट बाजार में कमजोरी का यह सिलसिला नया नहीं है। पिछले सप्ताह भी सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 1.27% की गिरावट दर्ज की गई थी। शुक्रवार को भी बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुआ था, जिससे निवेशकों का भरोसा पहले से ही कमजोर था। एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट भारतीय बाजार ही नहीं, बल्कि एशियाई बाजारों में भी भारी दबाव देखा गया: Nikkei 225 4.65% तक गिरा Kospi 3.51% टूटा Hang Seng Index 1.84% नीचे ASX 200 1.18% कमजोर मिडिल-ईस्ट तनाव और तेल की कीमतों का असर विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल-ईस्ट में बढ़ते युद्ध जैसे हालात और वैश्विक अनिश्चितता ने बाजार पर गहरा असर डाला है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के ईरान के तेल को “जब्त” करने वाले बयान ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिखा, जहां Brent Crude $116 प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जबकि WTI भी $102 से ऊपर ट्रेड कर रहा है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक वैश्विक तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे समय में निवेशकों को सतर्क रहने और जल्दबाजी में फैसले लेने से बचने की सलाह दी जा रही है।  

surbhi मार्च 30, 2026 0
हरे निशान पर बंद हुआ शेयर बाजार

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में आई गिरावट के बाद बाजार ने जोरदार वापसी की और दोनों प्रमुख सूचकांक हरे निशान पर बंद हुए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 938.93 अंक यानी 1.26 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75,502.85 अंक पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 257.70 अंक या 1.11 प्रतिशत चढ़कर 23,408.80 अंक पर पहुंच गया।   दिन के कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 75,805.27 का उच्चतम स्तर और 73,949.76 का निचला स्तर छुआ। बाजार में आई इस तेजी का मुख्य कारण बैंकिंग और ब्लू-चिप शेयरों में हुई मजबूत खरीदारी रही।   इन कंपनियों के शेयरों में रही सबसे ज्यादा तेजी सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई। अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में सबसे ज्यादा करीब 4.22 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली। इसके अलावा ट्रेंट, एचडीएफसी बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, आईटीसी, टाटा स्टील और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के शेयर भी बढ़त के साथ बंद हुए। हालांकि कुछ कंपनियों के शेयरों में गिरावट भी देखने को मिली। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, सन फार्मा, पावर ग्रिड और भारती एयरटेल के शेयरों में कमजोरी रही और ये दिन के कारोबार में पिछड़ने वाले शेयरों में शामिल रहे।   विशेषज्ञों ने बताई बाजार में तेजी की वजह बाजार विशेषज्ञों के अनुसार हाल के दिनों में हुई भारी बिकवाली के बाद निवेशकों ने मूल्य-आधारित खरीदारी शुरू की, जिससे बाजार में तेजी आई। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि घरेलू क्षेत्रों जैसे ऑटो, बैंकिंग और एफएमसीजी सेक्टर में निवेशकों की खरीदारी से बाजार को मजबूती मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रमों पर रहेगी, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी परिस्थितियों पर, क्योंकि इसका असर वैश्विक आपूर्ति शृंखला और बाजार की दिशा पर पड़ सकता है।   वैश्विक बाजारों का मिला-जुला रुख सोमवार को एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। जापान का निक्केई 225 और चीन का शंघाई एसएसई कंपोजिट गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त के साथ बंद हुए। वहीं यूरोपीय बाजारों में ज्यादातर गिरावट का रुख देखने को मिला।   कच्चे तेल और रुपये की स्थिति वैश्विक तेल बाजार में भी तेजी देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड का भाव 1.41 प्रतिशत बढ़कर 104.4 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। वहीं भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 10 पैसे गिरकर 92.40 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ।

Juli Gupta मार्च 17, 2026 0
IDBI Bank logo with a downward trending stock chart showing sharp fall in share price.
IDBI Bank के शेयर में बड़ी गिरावट, सरकार द्वारा हिस्सेदारी बिक्री रोकने की खबर से 16% तक लुढ़का

  सोमवार को शुरुआती कारोबार में IDBI Bank के शेयर में भारी गिरावट देखने को मिली। रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार बैंक में अपनी बहुमत हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया को फिलहाल रोक सकती है, क्योंकि मिले हुए ऑफर सरकार की तय न्यूनतम कीमत से कम हैं।   शेयर 16% तक गिरा मार्केट खुलते ही IDBI Bank का शेयर करीब 16% तक गिरकर ₹77.66 पर पहुंच गया। यह गिरावट उस खबर के बाद आई जिसमें बताया गया कि सरकार इस रणनीतिक बिक्री (Strategic Sale) को रद्द कर सकती है।   क्यों रुक सकती है हिस्सेदारी बिक्री रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार को जो बोली (bids) मिली हैं, वे तय रिजर्व प्राइस से कम हैं। ऐसे में सरकार मौजूदा बिक्री प्रक्रिया को खत्म कर सकती है और फिलहाल इसे रोकने का फैसला ले सकती है।   2022 में शुरू हुई थी विनिवेश प्रक्रिया सरकार और Life Insurance Corporation of India (LIC) ने साल 2022 में IDBI Bank में रणनीतिक विनिवेश की प्रक्रिया शुरू की थी। इसका मकसद बैंक में लगभग 60.7% हिस्सेदारी बेचकर निजी निवेशक लाना था। सरकार की हिस्सेदारी: 45.5% LIC की हिस्सेदारी: 49.2% योजना के अनुसार: सरकार 30.5% हिस्सेदारी बेचने वाली थी LIC करीब 30.2% हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में थी अनुमान था कि इस सौदे से करीब ₹66,000 करोड़ जुटाए जा सकते हैं।   संभावित खरीदारों के नाम रिपोर्ट्स में बताया गया था कि कनाडा की Fairfax Financial Holdings और दुबई की Emirates NBD इस हिस्सेदारी खरीदने के लिए बोली लगाने वालों में शामिल थे।   आगे क्या हो सकता है सूत्रों के मुताबिक सरकार भविष्य में बेहतर बाजार परिस्थितियों और ज्यादा निवेशक रुचि के साथ नई बिक्री प्रक्रिया शुरू कर सकती है।   बैंक का प्रदर्शन हाल के वर्षों में IDBI Bank ने अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार किया है। एनपीए कम करने और पूंजी समर्थन मिलने के बाद बैंक फिर से मुनाफे में आ गया है। पिछले एक साल में बैंक के शेयर में करीब 9.2% की बढ़त दर्ज हुई, जो Nifty 50 इंडेक्स की लगभग 3.4% की बढ़त से बेहतर रही है।

surbhi मार्च 16, 2026 0
Vodafone Idea logo displayed on smartphone screen with rising stock chart indicating share price surge.
Vodafone Idea के शेयर में तेजी से उछाल, नए निवेशकों की दिलचस्पी की खबर से 2% से ज्यादा उछाल

  टेलीकॉम कंपनी Vodafone Idea के शेयर सोमवार को शुरुआती कारोबार में मजबूत बढ़त के साथ ट्रेड करते नजर आए। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी में संभावित निवेश को लेकर कई घरेलू और वैश्विक निवेशक दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इस खबर के बाद कंपनी के शेयर में तेजी देखने को मिली।   शेयर में 5% तक की उछाल सोमवार सुबह ट्रेडिंग के दौरान Vodafone Idea का शेयर करीब 5% तक चढ़ गया। हालांकि बाद में थोड़ी मुनाफावसूली के बाद यह लगभग ₹9.46 पर ट्रेड कर रहा था, जो करीब 2% की बढ़त दर्शाता है। पिछले एक साल में कंपनी के शेयर में करीब 36% की तेजी दर्ज की गई है।   संभावित निवेशकों में बड़े नाम एक रिपोर्ट के मुताबिक JSW Group और सिंगापुर की ST Telemedia कंपनी में संभावित हिस्सेदारी खरीदने की संभावना तलाश रहे हैं। इसके अलावा अमेरिका की Tillman Global Holdings भी इस अवसर का मूल्यांकन कर रही है। हालांकि फिलहाल ये बातचीत शुरुआती (exploratory) चरण में है और किसी डील को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।   निवेशकों से मिलने जा रहा मैनेजमेंट रिपोर्ट के अनुसार Vodafone Idea का मैनेजमेंट 16-17 मार्च को सिंगापुर और हांगकांग में संस्थागत निवेशकों से मुलाकात करने वाला है, जहां संभावित निवेश पर चर्चा हो सकती है।   सरकार सबसे बड़ी शेयरधारक कंपनी में भारत सरकार की हिस्सेदारी करीब 49% है, जो वैधानिक बकाया (statutory dues) को इक्विटी में बदलने के बाद बढ़ी है। वहीं कंपनी के प्रमोटर Aditya Birla Group के पास करीब 9.5% और Vodafone Group के पास करीब 16.07% हिस्सेदारी है।   50,000 करोड़ निवेश से मिल सकती राहत ब्रोकरेज अनुमानों के मुताबिक अगर कोई रणनीतिक निवेशक करीब ₹50,000 करोड़ का नया निवेश करता है, तो सरकार लगभग ₹48,000 करोड़ की स्पेक्ट्रम देनदारी को इक्विटी में बदल सकती है। इससे कंपनी के कुल स्पेक्ट्रम कर्ज में करीब 40% तक कमी आ सकती है।   5G विस्तार के लिए जरूरी फंड Vodafone Idea फिलहाल भारत की तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है और इसका बाजार हिस्सा लगभग 17% है। कंपनी 30 से ज्यादा शहरों में 5G सेवा शुरू कर चुकी है, लेकिन नेटवर्क विस्तार में उसे Bharti Airtel और Reliance Jio से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है।  

surbhi मार्च 16, 2026 0
ABB India company logo with stock market chart representing brokerage rating and target price update.
Stock Recommendation: ABB India पर ‘Reduce’ रेटिंग बरकरार, टारगेट बढ़ाकर ₹5,875 - Emkay Global

  ब्रोकरेज फर्म Emkay Global Financial Services ने इंजीनियरिंग कंपनी ABB India के शेयर पर “Reduce” रेटिंग बनाए रखी है, हालांकि टारगेट प्राइस को थोड़ा बढ़ाकर ₹5,875 कर दिया गया है। इससे पहले ब्रोकरेज ने इसका लक्ष्य ₹5,600 तय किया था।   कंपनी का नया निवेश (Capex Plan) ABB India ने CY26 के लिए करीब 75 मिलियन डॉलर का कैपेक्स प्लान घोषित किया है। यह निवेश इन क्षेत्रों में किया जाएगा: मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने के लिए मौजूदा प्लांट्स का आधुनिकीकरण नई एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) को मजबूत करना यह निवेश CY25 में किए गए 35 मिलियन डॉलर के निवेश के अतिरिक्त होगा।   किन सेक्टरों से बढ़ रही मांग कंपनी के अनुसार, भारत में कई बड़े सेक्टर तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे उनके उत्पादों की मांग बढ़ रही है: ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) ग्रिड मॉडर्नाइजेशन डेटा सेंटर का तेजी से विस्तार मेट्रो और हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन   ब्रोकरेज का आकलन Emkay Global ने अपनी रिपोर्ट में CY28 के लिए नए अनुमान जोड़े हैं और टारगेट प्राइस को Mar-28E EPS के 55x वैल्यूएशन पर तय किया है। हालांकि ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी के शेयर अभी प्रीमियम वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहे हैं, इसलिए निवेशकों को इसमें मुनाफावसूली (Reduce) की सलाह दी गई है।   सरल शब्दों में: कंपनी का बिजनेस मजबूत है और निवेश भी बढ़ रहा है। लेकिन शेयर पहले से ही महंगे स्तर पर ट्रेड कर रहा है। इसलिए ब्रोकरेज ने खरीदारी की बजाय होल्ड या आंशिक मुनाफावसूली की सलाह दी है।

surbhi मार्च 11, 2026 0
Stock market screen showing Sensex and Nifty falling sharply amid global tensions and investor selling.
सेंसेक्स दिन के उच्च स्तर से 1,000 अंक टूटा, निफ्टी 24,000 के करीब - गिरावट के ये हैं बड़े कारण

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार (11 मार्च) को तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। BSE Sensex दिन के उच्च स्तर से करीब 1,000 अंक टूट गया, जबकि Nifty 50 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर के आसपास कारोबार करता दिखा। करीब 11:38 बजे Sensex 878.12 अंक यानी 1.12% गिरकर 77,327.86 पर था, जबकि Nifty 242.40 अंक यानी लगभग 1% गिरकर 24,019.20 पर ट्रेड कर रहा था। इस दौरान 2,149 शेयरों में तेजी, 1,469 में गिरावट और 179 शेयरों में कोई बदलाव नहीं देखा गया।   बाजार गिरने के प्रमुख कारण 1️. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। 10 मार्च को FIIs ने करीब ₹4,673 करोड़ की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹6,333 करोड़ की खरीदारी की। VK Vijayakumar के अनुसार, पिछले एक साल का पैटर्न फिर दिखाई दे रहा है-FIIs की बिक्री को DIIs की खरीद संतुलित कर रही है।   2️. मुनाफावसूली (Profit Booking) पिछले कारोबारी सत्र में बाजार में अच्छी तेजी आई थी। Nifty करीब 24,261 पर बंद हुआ था Sensex करीब 78,206 पर इस तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे बाजार दबाव में आ गया।   3️. मिडिल ईस्ट तनाव का असर मध्य-पूर्व में तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। खबरों के मुताबिक United States और Israel ने Iran पर बड़े हमले किए हैं, जिससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी है। साथ ही Donald Trump ने कहा कि यह संघर्ष जल्द खत्म हो सकता है, लेकिन स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है। इससे निवेशक सतर्क बने हुए हैं।   4️. बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में गिरावट बाजार की गिरावट में बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों का बड़ा योगदान रहा। सबसे ज्यादा दबाव इन शेयरों पर रहा: Kotak Mahindra Bank Bajaj Finserv Bajaj Finance SBI Life Insurance Bharti Airtel Tata Consumer Products इसके अलावा HDFC Bank और ICICI Bank भी करीब 1.4% तक गिर गए।   5️. सेक्टोरल दबाव ऑटो, आईटी, एफएमसीजी और फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों में 0.6% से 1.3% तक गिरावट दर्ज की गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि: स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 0.5% ऊपर रहा मिडकैप इंडेक्स लगभग सपाट रहा   टेक्निकल संकेत Aakash Shah के अनुसार: निफ्टी के लिए 24,100 और 24,000 अहम सपोर्ट लेवल हैं ऊपर की ओर 24,400–24,500 बड़ा रेजिस्टेंस है अगर निफ्टी 24,500 के ऊपर निकलता है तो 24,600–24,700 तक तेजी आ सकती है, जबकि 24,000 के नीचे जाने पर बाजार में अल्पकालिक अस्थिरता बढ़ सकती है।  

surbhi मार्च 11, 2026 0
Indian stock market screen showing Sensex and Nifty opening higher after previous session fall
Market Opening Bell: गिरावट के बाद संभला बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी बढ़त के साथ खुले

  पिछले कारोबारी दिन की तेज गिरावट के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की। वैश्विक बाजारों से मिले अच्छे संकेतों और मध्य पूर्व में तनाव कम होने की उम्मीदों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। इसी कारण शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांकों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई।   सेंसेक्स और निफ्टी में मजबूत शुरुआत बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 809.57 अंकों की तेजी के साथ 78,375.73 पर खुला। वहीं एनएसई का निफ्टी 252.75 अंक बढ़कर 24,280.80 के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले पिछले सत्र में सेंसेक्स 77,566.16 और निफ्टी 24,028.05 पर बंद हुए थे।   मिडकैप में तेजी, स्मॉलकैप में दबाव शुरुआती कारोबार में व्यापक बाजार का रुख मिश्रित रहा। बीएसई मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स में करीब 1.29 प्रतिशत की तेजी देखी गई, जबकि स्मॉलकैप सेलेक्ट इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की गई। इसी बीच बाजार की अस्थिरता मापने वाला इंडिया वीआईएक्स लगभग 12 प्रतिशत तक नीचे आया।   इन शेयरों में दिखी तेजी सेंसेक्स की कंपनियों में इंडिगो, एशियन पेंट्स, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और लार्सन एंड टुब्रो जैसे शेयर बढ़त में कारोबार करते नजर आए। इंडिगो शुरुआती कारोबार में लगभग 3.84 प्रतिशत चढ़कर सबसे ज्यादा लाभ में रहा। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज में हल्की गिरावट देखी गई।   बाजार की चौड़ाई कमजोर एनएसई में बाजार की चौड़ाई फिलहाल नकारात्मक रही। शुरुआती ट्रेडिंग के दौरान करीब 870 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, जबकि 1,601 शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। वहीं 28 शेयरों में कोई बदलाव नहीं देखा गया।   निवेशकों के लिए अहम स्तर बाजार विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी के लिए 24,000 से 23,900 के बीच का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। यदि बाजार इन स्तरों के ऊपर बना रहता है तो आगे 24,200 से 24,300 तक की तेजी संभव है। वहीं इन स्तरों के नीचे फिसलने पर बिकवाली बढ़ सकती है।   गिफ्ट निफ्टी से मिले सकारात्मक संकेत गिफ्ट निफ्टी ने भी बाजार को मजबूत शुरुआत का संकेत दिया। यह लगभग 319 अंकों की बढ़त के साथ 24,335 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया।   विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार सातवें सत्र में बिकवाली करते दिखे। 9 मार्च को उन्होंने करीब 6,030 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगभग 9,013 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया।   एशियाई बाजारों में भी तेजी मंगलवार को एशियाई शेयर बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद निवेशकों की धारणा मजबूत हुई। जापान का निक्केई सूचकांक 2 प्रतिशत से अधिक चढ़ा, जबकि हांगकांग, दक्षिण कोरिया और चीन के बाजारों में भी बढ़त दर्ज की गई।  

surbhi मार्च 10, 2026 0
Tencent sells ₹694 crore stake in PB Fintech; Goldman Sachs and top investors buy shares
Tencent ने Policybazaar की पैरेंट कंपनी में बेचे 694 करोड़ के शेयर, Goldman Sachs समेत बड़े निवेशकों ने झट से खरीदी हिस्सेदारी

  भारतीय फिनटेक कंपनी PB Fintech, जो Policybazaar और Paisabazaar जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म चलाती है, में हाल ही में बड़ा ब्लॉक डील देखने को मिला। चीन की टेक दिग्गज Tencent Holdings की इकाई Tencent Cloud Europe BV ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेच दिया, जिसे कई बड़े घरेलू और विदेशी निवेशकों ने खरीद लिया।   Tencent ने बेची 694 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी 6 मार्च को हुए ब्लॉक डील में Tencent Cloud Europe BV ने PB Fintech के करीब 48.4 लाख शेयर बेचे। यह कंपनी की कुल चुकता पूंजी का लगभग 1.04 प्रतिशत हिस्सा है। यह पूरा सौदा करीब 694.65 करोड़ रुपये का रहा और प्रति शेयर कीमत लगभग 1,435.1 रुपये तय की गई।   Goldman Sachs सबसे बड़ा खरीदार Tencent द्वारा बेचे गए शेयरों को सात बड़े संस्थागत निवेशकों ने खरीदा। इनमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी Goldman Sachs ने ली। Goldman Sachs Bank Europe ने 12.65 लाख शेयर लगभग 181.6 करोड़ रुपये में खरीदे। Mirae Asset Mutual Fund ने करीब 9 लाख शेयर 129.15 करोड़ रुपये में खरीदे। Societe Generale ने 7 लाख शेयर लगभग 100.45 करोड़ रुपये में लिए। इसके अलावा बचे हुए 19.74 लाख शेयर DSP Mutual Fund, Schroders, Tata Mutual Fund और Viridian Asia Opportunities Master Fund ने खरीदे।   शेयर में आई गिरावट बड़े ब्लॉक डील के बाद PB Fintech के शेयर पर दबाव देखने को मिला। सप्ताह के अंत में कंपनी का शेयर करीब 3.01 प्रतिशत गिरकर 1,428.4 रुपये पर बंद हुआ। यह 17 मार्च 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर है।   Shankara Buildpro में भी बड़ी खरीदारी इस बीच Shankara Buildpro के शेयरों में भी हलचल देखने को मिली। 360 ONE Equity Opportunity Fund ने कंपनी के लगभग 1.62 लाख शेयर खरीदे, जो करीब 0.67 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है। इस सौदे की कीमत लगभग 16.22 करोड़ रुपये रही। इसके बाद कंपनी का शेयर करीब 3.58 प्रतिशत बढ़कर 1,001.8 रुपये पर पहुंच गया।   Ganesha Ecosphere में बिकवाली का दबाव वहीं Ganesha Ecosphere के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। कंपनी का शेयर करीब 8.36 प्रतिशत टूटकर 706.4 रुपये पर आ गया। बताया जा रहा है कि DSP Mutual Fund ने कंपनी में अपनी करीब 1.03 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच दी है। DSP ने 2.76 लाख शेयर करीब 21.2 करोड़ रुपये में 768 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बेचे। हालांकि, दूसरी ओर India Capital Management ने अपने India Capital Fund के जरिए 2.34 लाख शेयर करीब 17.97 करोड़ रुपये में खरीद लिए। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के बड़े ब्लॉक डील निवेशकों की बदलती रणनीति और बाजार में बढ़ती संस्थागत दिलचस्पी को दर्शाते हैं।  

surbhi मार्च 7, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

Indian delegation at international cyber security meeting after India assumed CCDB chairmanship role
राष्ट्रीय

भारत को मिली बड़ी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी, संभाला CCDB के अध्यक्ष का पद

surbhi मई 15, 2026 0