Daily Predictions

Numerology predictions for 24 June 2026 highlighting lucky numbers, colors, and daily guidance for all birth numbers.
आज का अंक ज्योतिष 24 जून 2026 : मूलांक 5 के धैर्य से बनेंगे हर काम, मूलांक 6 के घर का माहौल रहेगा खुशनुमा, जन्मतिथि से जानें आज का भविष्यफल

Numerology Prediction 24 June 2026: 24 जून का दिन परिवार, रिश्तों और भावनात्मक संतुलन के नाम रहने वाला है। अंक ज्योतिष के अनुसार आज का दिन हमें यह सिखाता है कि जीवन की असली खुशियां केवल उपलब्धियों में नहीं, बल्कि अपने प्रियजनों के साथ बिताए गए पलों और रिश्तों की मजबूती में छिपी होती हैं। आज का समय जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाने, पुराने मतभेदों को खत्म करने और अपनों के साथ प्रेमपूर्ण संबंधों को मजबूत बनाने के लिए अनुकूल माना जा रहा है। आज का दिन यह संदेश देता है कि छोटी-छोटी खुशियों का आनंद लें, धैर्य बनाए रखें और अपने आसपास के लोगों को यह एहसास कराएं कि वे आपके लिए कितने महत्वपूर्ण हैं। प्यार और सच्चाई से उठाया गया हर कदम आने वाले समय को बेहतर बनाने में मदद करेगा। मूलांक 1 : काम और परिवार के बीच संतुलन बनाएं आज टीमवर्क आपके लिए सफलता की कुंजी साबित हो सकता है। हर काम अकेले करने की कोशिश करने के बजाय दूसरों का सहयोग लें। कार्यक्षेत्र के साथ-साथ परिवार को भी समय दें। स्पष्ट बातचीत रिश्तों को मजबूत बनाएगी। लकी नंबर: 1, 6 लकी रंग: गोल्ड, क्रीम सुझाव: प्यार और जिम्मेदारी का संतुलन आपको और अधिक मजबूत बनाता है। मूलांक 2 : मधुर व्यवहार से बनेंगे बिगड़े काम आज आपकी विनम्रता और मधुर वाणी कई समस्याओं का समाधान कर सकती है। ऑफिस में सहयोगियों का साथ मिलेगा। मन अशांत हो तो कुछ समय शांति में बिताएं और अपने प्रियजनों से खुलकर बातचीत करें। लकी नंबर: 2, 6 लकी रंग: व्हाइट, सिल्वर सुझाव: सच्चाई और ईमानदारी मन को संतुष्टि देती है। मूलांक 3 : अधूरे कार्यों को पूरा करने पर दें ध्यान आज नए कार्य शुरू करने की बजाय पहले से लंबित कामों को पूरा करना आपके लिए अधिक लाभदायक रहेगा। अनुशासन और सकारात्मक सोच आपको सफलता दिलाएगी। परिवार के साथ बिताया गया समय खुशी देगा। लकी नंबर: 3, 6 लकी रंग: येलो, पीच सुझाव: खुशियां बांटने से और बढ़ती हैं। मूलांक 4 : योजना और अनुशासन से मिलेगा लाभ आज व्यवस्थित तरीके से काम करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। जल्दबाजी से बचें और स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें। परिवार के प्रति अपने प्रेम और अपनापन को खुलकर व्यक्त करें। लकी नंबर: 4, 6 लकी रंग: ब्लू, ग्रे सुझाव: स्थिरता और प्रेम जीवन को सुंदर बनाते हैं। मूलांक 5 : धैर्य से बनेंगे सभी काम आज बदलाव की इच्छा प्रबल हो सकती है, लेकिन जल्दबाजी करने से बचना बेहतर रहेगा। मौजूदा अवसरों का बेहतर उपयोग करें। अपनी बात सोच-समझकर कहें और रिश्तों में सामंजस्य बनाए रखें। लकी नंबर: 5, 4 लकी रंग: ग्रीन, व्हाइट सुझाव: स्वतंत्रता का आनंद जिम्मेदारी के साथ ही मिलता है। मूलांक 6 : घर में रहेगा प्रेम और खुशियों का माहौल आज का दिन आपके लिए विशेष रहने वाला है। दूसरों की मदद करने और उनका उत्साह बढ़ाने की आपकी आदत आपको सम्मान दिलाएगी। घर में प्रेम और सकारात्मकता का वातावरण रहेगा। लकी नंबर: 6, 24 लकी रंग: पिंक, रोज गोल्ड सुझाव: स्वयं से प्रेम करना अच्छे रिश्तों की शुरुआत है। मूलांक 7 : अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनें कोई भी बड़ा निर्णय लेने से पहले अपने मन की बात जरूर सुनें। शांति और आत्मचिंतन आपको सही दिशा दिखाएंगे। परिवार के साथ खुलकर बातचीत करें। लकी नंबर: 7, 6 लकी रंग: पर्पल, सिल्वर सुझाव: आंतरिक शांति सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। मूलांक 8 : मेहनत का मिलेगा उचित परिणाम आज जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, लेकिन आपकी मेहनत रंग लाएगी। धैर्य और संयम बनाए रखें। परिवार को समय देना आपके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि साबित होगा। लकी नंबर: 8, 4 लकी रंग: नेवी ब्लू, ब्राउन सुझाव: अपनों की खुशी ही जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति है। मूलांक 9 : रिश्तों को दें एक नया अवसर आज आपकी संवेदनशीलता और दूसरों को समझने की क्षमता लोगों के काम आएगी। पुराने मतभेदों को भूलकर रिश्तों को नया मौका दें। सकारात्मक सोच और प्रेम आपको मानसिक शांति प्रदान करेंगे। लकी नंबर: 9, 6 लकी रंग: रेड, मरून सुझाव: दया और प्रेम दोनों पक्षों के लिए लाभदायक होते हैं।  

surbhi जून 24, 2026 0
Zodiac wheel featuring all 12 signs with planetary influences for June 23, 2026 daily horoscope.
आज 23 जून 2026 को चंद्रमा के प्रभाव से बदलेंगे हालात, जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल

Aaj Ka Rashifal 23 June 2026: आज मंगलवार, 23 जून 2026 को शुद्ध ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि रात्रि 7:30 बजे तक रहेगी, इसके बाद दशमी तिथि का आरंभ होगा। आज चंद्रमा कन्या राशि में गोचर कर रहे हैं, जिससे विवेक, अनुशासन और सूक्ष्म विश्लेषण की क्षमता बढ़ेगी। वहीं कर्क राशि में गुरु और शुक्र की शुभ युति पारिवारिक सुख और आर्थिक समृद्धि के संकेत दे रही है। वृषभ राशि में स्थित मंगल धैर्य और स्थिरता प्रदान करेंगे, जबकि मिथुन राशि में बुध संचार और व्यापारिक मामलों में लाभ देंगे। आइए जानते हैं ज्योतिषाचार्य दीप्ति शर्मा के अनुसार आज का दिन सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहने वाला है। मेष राशि आज चंद्रमा आपके छठे भाव में हैं, इसलिए कार्यक्षेत्र में सतर्कता और अनुशासन की आवश्यकता रहेगी। सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा, लेकिन नए निवेश से पहले दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच करें। प्रेम संबंधों में छोटी गलतफहमियां हो सकती हैं। पाचन संबंधी समस्याओं से बचने के लिए खान-पान पर ध्यान दें। छात्रों को पढ़ाई में अधिक एकाग्रता बनाए रखने की जरूरत है। वृषभ राशि चंद्रमा पांचवें भाव में होने से आज का दिन शुभ रहेगा। करियर में मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलेगा और वरिष्ठ अधिकारी आपके कार्य से प्रभावित होंगे। व्यापार में नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। प्रेम जीवन में मधुरता बढ़ेगी और साथी के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा। मिथुन राशि चौथे भाव में चंद्रमा का गोचर पारिवारिक सुख और मानसिक शांति प्रदान करेगा। नौकरी और व्यवसाय में लाभ के योग बन रहे हैं। घर की सुविधाओं पर खर्च हो सकता है। प्रेम जीवन में सामंजस्य बढ़ेगा और विद्यार्थियों को मेहनत का फल मिलने की संभावना है। कर्क राशि तीसरे भाव में चंद्रमा आपके आत्मविश्वास को मजबूत बनाएंगे। कार्यक्षेत्र में आपकी वाणी और व्यवहार लोगों को प्रभावित करेंगे। व्यापार में लाभ के संकेत हैं। परिवार का सहयोग मिलेगा और छोटी यात्रा लाभदायक सिद्ध हो सकती है। मानसिक शांति बनी रहेगी। सिंह राशि आज आपको अतिरिक्त जिम्मेदारियों का सामना करना पड़ सकता है। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। प्रेम जीवन में साथी को समय देना आवश्यक है। आंखों और दांतों से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज न करें। कर्ज लेने या देने से बचना आपके लिए बेहतर रहेगा। कन्या राशि चंद्रमा आपकी ही राशि में हैं, जिससे आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि होगी। करियर में सराहना मिलेगी और व्यापार विस्तार की योजनाएं सफल हो सकती हैं। प्रेम जीवन सुखद रहेगा। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। तुला राशि बारहवें भाव में चंद्रमा के कारण आज खर्च बढ़ सकते हैं। कार्यक्षेत्र में दबाव महसूस हो सकता है। बड़े निवेश से बचें और आर्थिक मामलों में सावधानी रखें। प्रेम संबंधों में साथी की भावनाओं को समझने का प्रयास करें। पर्याप्त आराम और नींद आपके लिए आवश्यक होगी। वृश्चिक राशि ग्यारहवें भाव में चंद्रमा होने से आय और लाभ के अवसर बढ़ेंगे। नौकरी में पदोन्नति के संकेत मिल सकते हैं। व्यापार में साझेदारों का सहयोग मिलेगा। प्रेम जीवन शानदार रहेगा और विद्यार्थियों को सफलता मिलने के प्रबल योग हैं। धनु राशि दसवें भाव में चंद्रमा होने से कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ेंगी। सहकर्मियों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल सकता, इसलिए अपने कार्यों पर स्वयं ध्यान दें। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। प्रेम जीवन में छोटी नोकझोंक संभव है। स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें। मकर राशि नौवें भाव में चंद्रमा का गोचर भाग्य का साथ दिलाएगा। रुके हुए कार्य पूरे होंगे और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। प्रेम जीवन में रोमांस बढ़ेगा। परिवार से कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल रहेगा। कुम्भ राशि आठवें भाव में चंद्रमा होने से दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। कार्यक्षेत्र में बदलाव की संभावना तनाव बढ़ा सकती है। किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। संपत्ति या वाहन खरीदने का निर्णय फिलहाल टालना बेहतर होगा। परिवार, विशेषकर माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। मीन राशि सातवें भाव में चंद्रमा होने से दांपत्य और साझेदारी के मामलों में शुभ परिणाम मिलेंगे। व्यापार में लाभ के योग हैं और करियर में प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। मित्रों और भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। छोटी यात्रा लाभदायक साबित हो सकती है।  

surbhi जून 23, 2026 0
Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

झारखंड

वरिष्ठ संपादक एवं प्रतिष्ठित पत्रकार दीपेश कुमार का हृदयाघात से निधन

anjali kumari जून 24, 2026 0