मुंबई, एजेंसियां। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL 2026 में पंजाब किंग्स को हराकर प्लेऑफ में जगह पक्की कर ली। टीम 13 मैचों में 18 पॉइंट्स के साथ टेबल के टॉप पर हैं। RCB अब लीग स्टेज में टॉप-2 से बाहर नहीं हो सकती, इसलिए उसका क्वालीफायर-1 खेलना भी तय हो गया है। पंजाब की लगातार छठी हार दूसरी ओर पंजाब किंग्स को लगातार छठी हार मिली, जिससे टीम के नाकआउट स्टेज में पहुंचने के चांस कम हो गए हैं। वहीं दिल्ली कैपिटल्स ने राजस्थान रॉयल्स को हराकर एक स्थान की छलांग लगाई। टीम 12 पॉइंट्स के साथ सातवें स्थान पर पहुंच गई है। चेन्नई सुपर किंग्स, कोलकाता नाइट राइडर्स और दिल्ली कैपिटल्स अब भी प्लेऑफ की रेस में बनी हुई हैं। बेंगलुरु टॉप पर RCB 13 मैचों में 9 जीत और 18 पॉइंट्स के साथ पहले स्थान पर है। टीम का नेट रनरेट +1.065 है, जो लीग में सबसे बेहतर है। बेंगलुरु अब अधिकतम 20 पॉइंट्स तक पहुंच सकती है। ऐसे में टीम का क्वालीफायर-1 खेलना तय हो गया है। बेंगलुरु का आखिरी लीग मैच 22 मई को सनराइजर्स हैदराबाद से होगा। 18 पॉइंट्स पर बेंगलुरु को टॉप-2 से हटाना नामुमकिन है। पॉइंट्स टेबल में हैदराबाद और गुजरात 18 पॉइंट्स तक पहुंच सकते हैं। लेकिन, बेंगलुरु के रनरेट को पीछे छोड़ना मुश्किल है। इसके लिए दोनों टीमों को अपने दोनों मैच बड़े मार्जिन से जीतने होंगे। गुजरात दूसरे स्थान पर कायम गुजरात टाइटंस 16 पॉइंट्स के साथ दूसरे स्थान पर बनी हुई है। टीम का आखिरी मुकाबला चेन्नई सुपर किंग्स से है। गुजरात यह मैच जीतती है तो टॉप-2 में जगह लगभग पक्की कर लेगी। हैदराबाद तीसरे पायदान पर सनराइजर्स हैदराबाद 14 पॉइंट्स के साथ तीसरे स्थान पर है। टीम को अब चेन्नई और बेंगलुरु से खेलना है। आज 18 मई को चेन्नई को हराकर टीम अपनी प्लेऑफ खेलने की स्थिति मजबूत कर सकती है। पंजाब और राजस्थान के लिए हर मैच अहम पंजाब किंग्स 13 मैचों में 13 पॉइंट्स के साथ चौथे स्थान पर है। टीम लगातार 6 मैच हार चुकी है। पंजाब का आखिरी मुकाबला लखनऊ से है। प्लेऑफ की उम्मीद बनाए रखने के लिए उसे हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। राजस्थान रॉयल्स 12 पॉइंट्स के साथ छठे स्थान पर पहुंच गई है। टीम का रनरेट (+0.27) चेन्नई के बराबर हैं। राजस्थान को अब लखनऊ और मुंबई से मुकाबले खेलने हैं। टॉप-4 में पहुंचने के लिए टीम को दोनों मैच जीतने होंगे। चेन्नई, कोलकाता और दिल्ली की उम्मीदें बाकी चेन्नई सुपर किंग्स 12 पॉइंट्स के साथ पांचवें स्थान पर है। टीम को हैदराबाद और 21 मई को गुजरात से मैच खेलना है। प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए CSK को दोनों मुकाबले जीतने होंगे। दिल्ली की जीत से कोलकाता नाइट राइडर्स को नुकसान हुआ है। टीम 11 पॉइंट्स के साथ 8वें स्थान पर खिसक गई हैं। कोलकाता को अब मुंबई और दिल्ली से मैच खेलने हैं। KKR को प्लेऑफ में पहुंचने के लिए दोनों मैच जीतने होंगे और दूसरी टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना पड़ेगा। दिल्ली कैपिटल्स 12 पॉइंट्स के साथ सातवें स्थान पर पहुंच गई हैं। टीम को प्लेऑफ में जाने के लिए 24 मई को कोलकाता के खिलाफ बड़े अंतर से जीतना होगा। साथ ही दूसरी टीमों के नतीजों पर भी नजर रखनी होगी। मुंबई और लखनऊ पहले ही बाहर मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स 8-8 पॉइंट्स के साथ क्रमश: नौवें और दसवें स्थान पर हैं। दोनों टीमें प्लेऑफ की रेस से बाहर हो चुकी हैं।
नई दिल्ली, एजेंसियां। दिल्ली कैपिटल्स ने रविवार को दूसरे मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स को 5 विकेट से हरा दिया। नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में राजस्थान ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 193 रन बनाए। दिल्ली ने 194 रन का टारगेट 19.2 ओवर में 5 विकेट खोकर हासिल कर लिया। यह राजस्थान की लगातार तीसरी हार रही। इस हार के बाद राजस्थान के प्लेऑफ में पहुंचने का इंतजार लंबा हो गया। वहीं, दिल्ली की उम्मीद अभी कायम है। राहुल-पोरेल के बीच 105 रन की ओपनिंग पार्टनरशिप अभिषेक पोरेल और केएल राहुल ने दिल्ली को तेज शुरुआत दिलाई। राहुल ने 42 गेंदों पर 56 और पोरेल ने 31 गेंदों में 51 रन बनाए। दोनों ने पहले विकेट के लिए 105 रन जोड़कर मैच दिल्ली की पकड़ में ला दिया। मिडिल ओवर्स में जोफ्रा आर्चर और ब्रिजेश शर्मा ने विकेट निकालकर राजस्थान की वापसी कराने की कोशिश की, लेकिन दिल्ली के कप्तान अक्षर पटेल ने 18 गेंदों में नाबाद 34 रन बनाकर टीम को संभाले रखा। आखिर में आशुतोष शर्मा ने सिर्फ 5 गेंदों में 18 रन ठोकते हुए चौका और छक्का लगाकर दिल्ली को जीत दिला दी। राजस्थान के लिए जोफ्रा आर्चर और बृजेश शर्मा ने 2-2 विकेट लिए। दासुन शनाका को 1 विकेट मिला। जुरेल-पराग के अर्धशतक इससे पहले राजस्थान के लिए ध्रुव जुरेल ने सबसे ज्यादा 53 रन बनाए, जबकि कप्तान रियान पराग ने 26 गेंदों में 51 रन की विस्फोटक पारी खेली। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने भी 21 गेंदों पर 46 रन बनाए। राजस्थान ने 14 ओवर तक मजबूत स्थिति बना ली थी, लेकिन डेथ ओवरों में लगातार विकेट गिरने से टीम 200 रन का आंकड़ा नहीं छू सकी। दिल्ली के लिए मिचेल स्टार्क ने 4 विकेट झटके। लुंगी एनगिडी और माधव तिवारी ने 2-2 विकेट लिए।
Delhi Capitals ने आईपीएल 2026 के 62वें मुकाबले में Rajasthan Royals को 5 विकेट से हराकर प्लेऑफ की उम्मीदों को जिंदा रखा है। इस जीत के साथ दिल्ली कैपिटल्स अंकतालिका में सातवें स्थान पर पहुंच गई, जबकि राजस्थान रॉयल्स की राह अब और कठिन हो गई है। अब राजस्थान को प्लेऑफ में जगह बनाने के लिए अपने बाकी दोनों मुकाबले हर हाल में जीतने होंगे। राजस्थान की पारी: जुरेल और पराग ने संभाला मोर्चा टॉस जीतकर दिल्ली ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया। राजस्थान की शुरुआत अच्छी नहीं रही और यशस्वी जायसवाल सिर्फ 12 रन बनाकर आउट हो गए। टीम का पहला विकेट 19 रन पर गिरा। इसके बाद वैभव सूर्यवंशी और ध्रुव जुरेल ने पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों के बीच दूसरे विकेट के लिए 70 रन की साझेदारी हुई। सूर्यवंशी 46 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद ध्रुव जुरेल और रियान पराग ने तीसरे विकेट के लिए 72 रन जोड़कर राजस्थान को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। रियान पराग ने 51 रन की शानदार पारी खेली, जबकि जुरेल ने 53 रन बनाए। हालांकि आखिरी ओवरों में राजस्थान की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई और टीम 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 193 रन ही बना सकी। दिल्ली के लिए गेंदबाजी में: मिचेल स्टार्क ने 4 विकेट लुंगी एनगिडी ने 2 विकेट माधव तिवारी ने 2 विकेट हासिल किए। दिल्ली की शानदार शुरुआत 194 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत बेहद मजबूत रही। अभिषेक पोरेल और केएल राहुल ने पहले विकेट के लिए शतकीय साझेदारी कर राजस्थान के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। अभिषेक पोरेल ने 51 रन की अहम पारी खेली। इसके बाद साहिर पारख सिर्फ 9 रन बनाकर आउट हो गए। केएल राहुल ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 56 रन बनाए। उनके आउट होने तक दिल्ली मजबूत स्थिति में पहुंच चुकी थी। अक्षर पटेल और आशुतोष शर्मा ने दिलाई जीत मध्यक्रम में डेविड मिलर और ट्रिस्टन स्टब्स जल्दी आउट हो गए, लेकिन कप्तान अक्षर पटेल एक छोर पर टिके रहे। उन्होंने नाबाद 34 रन बनाकर टीम को जीत के करीब पहुंचाया। अंत में आशुतोष शर्मा ने तेज 18 रन बनाकर दिल्ली को 5 विकेट से यादगार जीत दिला दी। राजस्थान की ओर से: जोफ्रा आर्चर ने 2 विकेट बृजेश शर्मा ने 2 विकेट लिए। प्लेऑफ की रेस हुई और रोमांचक इस जीत के बाद दिल्ली कैपिटल्स ने प्लेऑफ की उम्मीदों को जिंदा रखा है। वहीं राजस्थान रॉयल्स के लिए अब हर मुकाबला फाइनल जैसा हो गया है। आने वाले मैच तय करेंगे कि कौन सी टीम अंतिम चार में जगह बना पाएगी।
Indian Premier League में प्लेऑफ की रेस के साथ-साथ ऑरेंज और पर्पल कैप की जंग भी बेहद दिलचस्प होती जा रही है। Delhi Capitals के स्टार बल्लेबाज KL Rahul ने पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच के बाद ऑरेंज कैप की सूची में एक स्थान की छलांग लगाकर दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। हालांकि राहुल इस मुकाबले में बड़ी पारी नहीं खेल सके और सिर्फ 9 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन उनके कुल रन 477 हो गए हैं। उन्होंने इस सीजन 12 पारियों में 177.98 के शानदार स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। ऑरेंज कैप की रेस में कांटे की टक्कर KL Rahul अब ऑरेंज कैप की दौड़ में दूसरे स्थान पर पहुंच चुके हैं, लेकिन उनकी यह स्थिति ज्यादा सुरक्षित नहीं मानी जा रही। Sunrisers Hyderabad के विस्फोटक बल्लेबाज Abhishek Sharma 475 रन के साथ बेहद करीब हैं, जबकि Gujarat Titans के कप्तान Shubman Gill 462 रन के साथ पीछे चल रहे हैं। ऑरेंज कैप फिलहाल Heinrich Klaasen के पास है। Sunrisers Hyderabad के इस बल्लेबाज ने 11 पारियों में 494 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 157.32 का रहा है। Orange Cap टॉप बल्लेबाज स्थान खिलाड़ी टीम रन पारी स्ट्राइक रेट 1 Heinrich Klaasen सनराइजर्स हैदराबाद 494 11 157.32 2 KL Rahul दिल्ली कैपिटल्स 477 12 177.98 3 Abhishek Sharma सनराइजर्स हैदराबाद 475 11 - 4 Shubman Gill गुजरात टाइटंस 462 11 - पर्पल कैप में भुवनेश्वर कुमार का जलवा गेंदबाजी में Bhuvneshwar Kumar ने शानदार प्रदर्शन जारी रखा है। Royal Challengers Bengaluru के अनुभवी तेज गेंदबाज ने Mumbai Indians के खिलाफ 23 रन देकर 4 विकेट झटके और पर्पल कैप की दौड़ में अपनी बढ़त मजबूत कर ली। 36 साल के भुवनेश्वर इस सीजन लगातार शानदार लय में नजर आ रहे हैं। यह इस सीजन उनका छठा तीन विकेट हॉल था और पहली बार उन्होंने चार विकेट लेने का कारनामा किया। अब उनके नाम 21 विकेट हो चुके हैं। पर्पल कैप की रेस भी बेहद दिलचस्प Kagiso Rabada 18 विकेट के साथ भुवनेश्वर के पीछे बने हुए हैं। वहीं Anshul Kamboj ने Chennai Super Kings के लिए शानदार गेंदबाजी करते हुए 19 विकेट पूरे कर लिए हैं और कुछ समय के लिए वह शीर्ष पर भी पहुंच गए थे। सीजन के आखिरी चरण में अब बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच यह मुकाबला और रोमांचक होने वाला है।
Indian Premier League में Punjab Kings की लगातार चौथी हार के बाद टीम की रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं। Delhi Capitals के खिलाफ 211 रन का बड़ा स्कोर बनाने के बावजूद पंजाब मुकाबला हार गया, और सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि कप्तान Shreyas Iyer ने अनुभवी स्पिनर Yuzvendra Chahal से एक भी ओवर क्यों नहीं करवाया। यह आईपीएल इतिहास में सिर्फ चौथा मौका था जब Yuzvendra Chahal ने पूरे मैच में एक भी गेंद नहीं डाली। खास बात यह रही कि धर्मशाला में खेले गए इस मुकाबले के सभी 39 ओवर तेज गेंदबाजों ने फेंके। अभिषेक मुकुंद ने बताया कहां हुई गलती पूर्व भारतीय ओपनर Abhinav Mukund ने मैच के बाद कहा कि पंजाब को मध्य ओवरों में चहल को कम से कम एक-दो ओवर जरूर देने चाहिए थे। उनके मुताबिक, जब स्कोरबोर्ड का दबाव था तब विकेट निकालने के लिए जोखिम लिया जा सकता था। उन्होंने कहा कि सातवें से दसवें ओवर के बीच चहल को गेंदबाजी दी जा सकती थी, खासकर उस समय जब Axar Patel और Tristan Stubbs बल्लेबाजी कर रहे थे। अगर प्रयोग सफल नहीं होता, तो टीम के पास Marcus Stoinis जैसे विकल्प मौजूद थे। Miller और Axar ने बदल दिया मैच दिल्ली की जीत में David Miller और Axar Patel की अहम भूमिका रही। दोनों बल्लेबाजों ने मध्य ओवरों में रन गति बनाए रखी और पंजाब के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। पूर्व न्यूजीलैंड तेज गेंदबाज Mitchell McClenaghan का मानना है कि चहल को खास तौर पर डेविड मिलर के खिलाफ इस्तेमाल किया जा सकता था। उन्होंने कहा कि मिलर अपने शुरुआती ओवरों में लेग स्पिन के खिलाफ थोड़ा सतर्क रहते हैं और चहल उनके लिए खतरा बन सकते थे। पंजाब ने डेथ ओवरों में गंवाया नियंत्रण पंजाब ने डेथ ओवरों में Marcus Stoinis और युवा तेज गेंदबाज Yash Thakur पर भरोसा जताया। उस समय दिल्ली को जीत के लिए 38 रन चाहिए थे, लेकिन दिल्ली के बल्लेबाजों ने दोनों ओवरों में तेजी से रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया। श्रेयस अय्यर ने क्या कहा? मैच के बाद कप्तान Shreyas Iyer ने माना कि चहल को गेंदबाजी देने पर विचार किया गया था। हालांकि उनका कहना था कि पिच पर तेज गेंदबाजों को काफी मदद मिल रही थी और टीम को लगा कि सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी कर विकेट निकाले जा सकते हैं। लेकिन पंजाब के गेंदबाज उस योजना को पूरी तरह लागू नहीं कर सके और दिल्ली ने 19 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। अब भी प्लेऑफ की उम्मीद बरकरार लगातार चार हार के बावजूद Punjab Kings की प्लेऑफ उम्मीदें अभी खत्म नहीं हुई हैं। टीम के तीन मुकाबले बाकी हैं, जिनमें दो मैच निचले पायदान पर मौजूद Mumbai Indians और Lucknow Super Giants के खिलाफ हैं। ऐसे में पंजाब के पास वापसी का मौका अभी भी मौजूद है।
Indian Premier League के 55वें मुकाबले में Delhi Capitals ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Punjab Kings को 3 विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ दिल्ली कैपिटल्स को अंक तालिका में बड़ा फायदा मिला है, जबकि पंजाब किंग्स की लगातार चौथी हार ने टीम की चिंता बढ़ा दी है। धर्मशाला के Himachal Pradesh Cricket Association Stadium में खेले गए मुकाबले में दिल्ली ने 211 रनों का बड़ा लक्ष्य हासिल कर सीजन की पांचवीं जीत दर्ज की। इस जीत के बाद दिल्ली की टीम सातवें स्थान पर पहुंच गई है। दिल्ली को जीत से मिला बड़ा फायदा Delhi Capitals अब 12 मैचों में 5 जीत और 10 अंकों के साथ अंक तालिका में सातवें स्थान पर पहुंच गई है। हालांकि टीम का नेट रन रेट अभी भी -0.993 है। वहीं Punjab Kings हार के बावजूद चौथे स्थान पर बनी हुई है। पंजाब के खाते में 11 मैचों में 6 जीत और 13 अंक हैं। अंक तालिका में फिलहाल शीर्ष स्थान पर Royal Challengers Bengaluru मौजूद है। टीम ने 11 मुकाबलों में 14 अंक हासिल किए हैं और उसका नेट रन रेट +1.103 है। IPL 2026 अपडेटेड पॉइंट्स टेबल स्थान टीम मैच जीत हार अंक नेट रन रेट 1 रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 11 7 4 14 +1.103 2 सनराइजर्स हैदराबाद 11 7 4 14 +0.737 3 गुजरात टाइटंस 11 7 4 14 +0.228 4 पंजाब किंग्स 11 6 4 13 +0.428 5 चेन्नई सुपर किंग्स 11 6 5 12 +0.185 6 राजस्थान रॉयल्स 11 6 5 12 +0.082 7 दिल्ली कैपिटल्स 12 5 7 10 -0.993 8 कोलकाता नाइट राइडर्स 10 4 5 9 -0.169 9 मुंबई इंडियंस 11 3 8 6 -0.585 10 लखनऊ सुपर जायंट्स 11 3 8 6 -0.907 ऐसा रहा मुकाबला Delhi Capitals ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए Punjab Kings ने 4 विकेट के नुकसान पर 210 रन बनाए। पंजाब की ओर से Shreyas Iyer और Priyansh Arya ने शानदार अर्धशतकीय पारियां खेलीं। दोनों बल्लेबाजों की मदद से टीम ने बड़ा स्कोर खड़ा किया। 211 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली की शुरुआत उतनी मजबूत नहीं रही, लेकिन कप्तान Axar Patel और David Miller ने शानदार अर्धशतक लगाकर टीम को मुकाबले में बनाए रखा। आखिर में Ashutosh Sharma ने तेज 24 रन बनाकर दिल्ली को 19 ओवर में जीत दिला दी। प्लेऑफ की रेस हुई और रोमांचक Indian Premier League में अब प्लेऑफ की जंग और दिलचस्प हो गई है। दिल्ली की जीत ने निचले क्रम की टीमों की उम्मीदें जिंदा रखी हैं, जबकि पंजाब की लगातार हार ने टीम पर दबाव बढ़ा दिया है। आने वाले मुकाबले अब सभी टीमों के लिए बेहद अहम साबित होंगे।
नई दिल्ली, एजेंसियां। कोलकाता नाइट राइडर्स ने IPL के मौजूदा सीजन में लगातार चौथी जीत हासिल की है। टीम ने शुक्रवार को दिल्ली कैपिटल्स को 8 विकेट से हराया। इस हार के बाद दिल्ली प्लेऑफ रेस से लगभग बाहर हो गई है। वहीं, नाइट राइडर्स की उम्मीदें अभी कायम हैं। अरुण जेटली स्टेडियम में कोलकाता ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। दिल्ली ने 20 ओवर में 8 विकेट पर 142 रन बनाए। कोलकाता ने 143 रन का टारगेट 14.2 ओवर में 2 विकेट पर चेज कर लिया। ओपनर फिन एलन ने छक्का मारकर टीम को जीत दिलाई। उन्होंने अपना शतक भी पूरा कर दिया। उन्होंने 47 गेंद पर 5 चौके और 10 छक्कों के सहारे नाबाद 100 रन बनाए। कैमरन ग्रीन 33 रन बनाकर नाबाद रहे। एलन-ग्रीन में शतकीय साझेदारी 143 रन का टारगेट चेज कर रही कोलकाता ने 31 रन पर दो विकेट गंवा दिए थे। कप्तान अजिंक्य रहाणे 13 और अंगकृष रघुवंशी एक रन बनाकर आउट हुए थे। ऐसे में फिन एलन ने कैमरन ग्रीन के साथ शतकीय साझेदारी करके टीम को जीत दिला दी। पाथुम निसांका ने फिफ्टी लगाई दिल्ली के ओपनर पाथुम निसांका ने 29 बॉल पर 50 रन की पारी खेली। जबकि आशुतोष शर्मा ने 39 रन का योगदान दिया। केएल राहुल ने 23 रन बनाए। कोलकाता की ओर से अनुकूल रॉय और कार्तिक त्यागी ने 2-2 विकेट झटके। वैभव अरोड़ा, सुनील नरेन और कैमरन ग्रीन को एक-एक विकेट मिला। एक बैटर रनआउट हुआ।
अरुण जेटली स्टेडियम में आज होगा हाईवोल्टेज मुकाबला Delhi Capitals और Kolkata Knight Riders के बीच आईपीएल 2026 का 51वां मुकाबला आज दिल्ली के Arun Jaitley Stadium में खेला जाएगा। दोनों टीमों के लिए यह मैच बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि हार से प्लेऑफ की राह लगभग मुश्किल हो सकती है। दिल्ली और कोलकाता दोनों इस मुकाबले को जीतकर अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेंगी। दिल्ली की शुरुआत अच्छी, फिर बिगड़ा खेल दिल्ली कैपिटल्स ने सीजन की शुरुआत लगातार दो जीत के साथ की थी, लेकिन इसके बाद टीम की लय टूट गई। पिछले 8 मुकाबलों में दिल्ली सिर्फ 2 मैच जीत सकी है। टीम फिलहाल 10 मैचों में 4 जीत के साथ अंक तालिका में सातवें स्थान पर मौजूद है। वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स का प्रदर्शन भी इस सीजन निराशाजनक रहा है। टीम ने अब तक 9 मैचों में केवल 3 जीत दर्ज की है और वह प्वाइंट्स टेबल में आठवें स्थान पर है। हेड टू हेड में किसका पलड़ा भारी? आईपीएल इतिहास में दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 35 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें कोलकाता ने 19 मैचों में जीत हासिल की है, जबकि दिल्ली को 15 मुकाबलों में सफलता मिली है। एक मैच का कोई नतीजा नहीं निकला था। ऐसे में आंकड़ों के लिहाज से कोलकाता का पलड़ा भारी नजर आता है, लेकिन घरेलू मैदान पर दिल्ली वापसी की कोशिश करेगी। कैसी रहेगी अरुण जेटली स्टेडियम की पिच? दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। यहां हाई स्कोरिंग मुकाबले देखने को मिलते हैं। हालांकि पिछले कुछ मैचों में गेंदबाजों को भी मदद मिली है, जिससे मुकाबला संतुलित रहने की उम्मीद है। इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर 170 से ज्यादा रहा है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले बल्लेबाजी करने का फैसला ले सकती है। मौसम देगा साथ दिल्ली में मैच के दौरान मौसम साफ रहने की संभावना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 डिग्री रह सकता है। शाम 7:30 बजे शुरू होने वाले मैच में बारिश की कोई संभावना नहीं है। दिल्ली कैपिटल्स की संभावित टीम अक्षर पटेल (कप्तान), केएल राहुल, कुलदीप यादव, करुण नायर, डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स, टी नटराजन, मुकेश कुमार, पृथ्वी शॉ, मिचेल स्टार्क, अभिषेक पोरेल समेत कई स्टार खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं। कोलकाता नाइट राइडर्स की संभावित टीम अजिंक्य रहाणे (कप्तान), रिंकू सिंह, सुनील नरेन, वरुण चक्रवर्ती, फिन एलन, राहुल त्रिपाठी, उमरान मलिक, मथीशा पथिराना और रचिन रवींद्र जैसे खिलाड़ी टीम में मौजूद हैं।
आईपीएल 2026 में Delhi Capitals के लिए घरेलू मैदान पर प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। टीम ने Arun Jaitley Stadium में अब तक खेले गए 5 मुकाबलों में सिर्फ एक जीत दर्ज की है। इस प्रदर्शन के बीच टीम के हेड कोच Hemang Badani ने पिच की अनिश्चितता को बड़ी वजह बताया है। “पिच पर हमारा कोई कंट्रोल नहीं” बदानी ने साफ तौर पर कहा कि टीमों के पास अपनी घरेलू पिच चुनने का अधिकार नहीं होता। उन्होंने बताया कि Board of Control for Cricket in India (BCCI) ही पिच तैयार करवाता है, ताकि किसी भी टीम को घरेलू फायदा न मिले। उनके मुताबिक, “आपको वही खेलना पड़ता है जो पिच पर मिलता है। दिल्ली में हमें अब तक यह समझने में दिक्कत हुई है कि किस तरह की पिच मिलेगी–कभी हाई-स्कोरिंग, तो कभी बेहद मुश्किल।” एक ही मैदान, अलग-अलग कहानियां दिल्ली के मैदान पर इस सीजन विरोधाभासी परिस्थितियां देखने को मिलीं। एक मैच में स्कोर 265 बनाम 264 तक पहुंच गया वहीं अगले ही मैच में टीम सिर्फ 75 रन पर ऑलआउट हो गई हालिया मुकाबले में पिच धीमी और स्पिन के अनुकूल रही, जिससे चेन्नई के स्पिनर्स ने मैच पर पकड़ बना ली। गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में संघर्ष स्पिनर Kuldeep Yadav का प्रदर्शन इस सीजन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। 30 ओवर में सिर्फ 7 विकेट इकॉनमी 10 से ज्यादा वहीं कप्तान Axar Patel गेंद से प्रभावी रहे, लेकिन बल्ले से संघर्ष करते दिखे। उन्होंने 7 पारियों में सिर्फ 33 रन बनाए हैं। कोच का भरोसा बरकरार खराब फॉर्म के बावजूद बदानी ने अपने खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि ये खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित कर चुके हैं और वापसी करना जानते हैं। बदानी का मानना है कि अगर टीम 20-25 रन और जोड़ पाती, तो विरोधी टीम के बल्लेबाज–खासतौर पर Sanju Samson–के लिए मैच को नियंत्रित करना इतना आसान नहीं होता। क्या है आगे की चुनौती? दिल्ली कैपिटल्स के लिए सबसे बड़ी चुनौती अब पिच की अनिश्चितता के बीच खुद को ढालना है। आईपीएल जैसे प्रतिस्पर्धी टूर्नामेंट में जहां हर मैच अहम होता है, वहां टीम को हर परिस्थिति में जीत का रास्ता निकालना ही होगा।
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के एक हाई-स्कोरिंग मुकाबले में Delhi Capitals ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Rajasthan Royals को 7 विकेट से हराकर जोरदार जीत दर्ज की। मुकाबला रोमांच से भरपूर रहा, लेकिन अंत में दिल्ली की मजबूत बल्लेबाजी ने राजस्थान के बड़े स्कोर को भी बौना साबित कर दिया। दिल्ली की आक्रामक शुरुआत ने तय किया मैच 225 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए दिल्ली को KL Rahul (75 रन) और Pathum Nissanka (62 रन) ने शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों की संयमित और आक्रामक पारी ने मैच का रुख शुरू में ही दिल्ली की ओर मोड़ दिया। टीम ने लक्ष्य को 5 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया, जो उनकी बल्लेबाजी की मजबूती को दर्शाता है। रियान पराग की कप्तानी पारी गई बेकार इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए राजस्थान ने 6 विकेट के नुकसान पर 225 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। कप्तान Riyan Parag ने शानदार 90 रन की पारी खेली, जबकि अंत में Donovan Ferreira ने सिर्फ 14 गेंदों में नाबाद 47 रन बनाकर टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया। हार के बाद भावुक हुए पराग मैच के बाद रियान पराग काफी भावुक नजर आए। उनकी आंखें नम हो गईं और उन्होंने स्वीकार किया कि टीम मिडिल ओवर्स में बेहतर गेंदबाजी कर सकती थी। उन्होंने कहा, “मुझे लगा था कि यह एक अच्छा स्कोर है, करीब 200 का स्कोर पर्याप्त होता है, लेकिन हम उसे बचा नहीं सके।” चोट पर भी दिया अपडेट पराग मैच के दौरान हैमस्ट्रिंग चोट के कारण मैदान से बाहर चले गए थे। उन्होंने बताया कि चोट ज्यादा गंभीर नहीं है और वह एक हफ्ते के ब्रेक के बाद वापसी कर सकते हैं। आलोचकों को दिया जवाब अपनी पारी पर बोलते हुए पराग ने कहा कि उन्हें आलोचकों को जवाब देने की जरूरत नहीं है, लेकिन टीम की हार उन्हें सबसे ज्यादा खल रही है।
आईपीएल 2026 में Delhi Capitals की हालत एक झटके में बदलती नजर आई, जब टीम Royal Challengers Bengaluru के खिलाफ महज 75 रन पर सिमट गई। इस करारी हार से टीम का नेट रन रेट भी बुरी तरह प्रभावित हुआ, लेकिन पूर्व भारतीय क्रिकेटर Piyush Chawla ने टीम को घबराने के बजाय संयम बनाए रखने की सलाह दी है। “यह घबराने का समय नहीं है” चावला ने स्पष्ट कहा कि टीम को अभी पैनिक करने की जरूरत नहीं है। उनके मुताबिक, टूर्नामेंट की शुरुआत में दिल्ली कैपिटल्स ने अच्छा प्रदर्शन किया था और कुछ खराब मैचों से पूरी टीम की क्षमता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। उन्होंने कहा कि टीम को एक साथ बैठकर चर्चा करनी चाहिए और नए सिरे से शुरुआत करनी चाहिए। खराब फॉर्म और गिरता प्रदर्शन दिल्ली कैपिटल्स ने सीजन की शुरुआत लगातार दो जीत के साथ की थी, लेकिन इसके बाद अगले छह मैचों में टीम को सिर्फ एक जीत मिली। फील्डिंग में गलतियां, खासकर अहम मौकों पर कैच छोड़ना, टीम के लिए भारी पड़ा। हाल ही में Punjab Kings के खिलाफ मैच में भी आसान कैच छूटने का खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा। ड्रेसिंग रूम का माहौल है अहम चावला का मानना है कि जब चीजें टीम के पक्ष में नहीं होतीं, तो खिलाड़ियों के बीच नकारात्मकता बढ़ने लगती है। ऐसे में ड्रेसिंग रूम का माहौल सकारात्मक बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि टीम को एकजुट रहना होगा और एक-दूसरे पर दोषारोपण करने के बजाय आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना होगा। प्लेऑफ की उम्मीद अभी बाकी हालांकि लगातार हार से दिल्ली की स्थिति कमजोर हुई है, लेकिन टीम अभी भी टूर्नामेंट से बाहर नहीं हुई है। चावला ने याद दिलाया कि पिछले सीजन में भी टीम ने अच्छी शुरुआत के बाद लय खो दी थी और प्लेऑफ से चूक गई थी। इस बार इतिहास बदलने के लिए खिलाड़ियों को सकारात्मक सोच के साथ मैदान में उतरना होगा। कप्तानी और लीडरशिप की भूमिका चावला ने खासतौर पर टीम के लीडरशिप ग्रुप पर जोर देते हुए कहा कि कप्तान और सीनियर खिलाड़ियों को आगे आकर टीम को संभालना होगा। उनके मुताबिक, इस समय स्किल से ज्यादा मानसिक मजबूती और सकारात्मक रवैया जरूरी है।
आईपीएल 2026 के बीच एक चिंताजनक घटना सामने आई है, जहां Delhi Capitals के एक नेट गेंदबाज को अभ्यास सत्र के दौरान गंभीर चोट लग गई। यह हादसा नई दिल्ली स्थित Arun Jaitley Stadium में हुआ, जहां टीम आगामी मुकाबले की तैयारी कर रही थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रैक्टिस के दौरान गेंद सीधे गेंदबाज के चेहरे पर आकर लगी, जिससे वह तुरंत जमीन पर गिर पड़ा। चोट इतनी गंभीर थी कि उसके चेहरे से खून बहने लगा और वह दर्द से कराहता नजर आया। मौके पर मौजूद मेडिकल टीम ने बिना देर किए प्राथमिक जांच की और स्थिति को गंभीर देखते हुए खिलाड़ी को एम्बुलेंस के जरिए तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल टीम मैनेजमेंट या फ्रेंचाइजी की ओर से खिलाड़ी की हालत को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे उसकी स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। दिल्ली कैपिटल्स का मौजूदा प्रदर्शन आईपीएल 2026 में दिल्ली कैपिटल्स ने शुरुआत तो मजबूत की थी, लेकिन बाद के मैचों में टीम का प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा है। टीम ने अब तक 6 मुकाबलों में 3 जीत और 3 हार के साथ 6 अंक जुटाए हैं और अंक तालिका में छठे स्थान पर बनी हुई है। अगला मुकाबला और चुनौती दिल्ली कैपिटल्स का अगला मैच Punjab Kings के खिलाफ है, जो इस सीजन शानदार फॉर्म में चल रही है। Shreyas Iyer की कप्तानी में पंजाब की टीम ने 6 में से 5 मैच जीते हैं, जबकि एक मुकाबला बारिश के कारण बेनतीजा रहा। ऐसे में दिल्ली के लिए यह मुकाबला आसान नहीं माना जा रहा।
आईपीएल 2026 के मुकाबले में Sunrisers Hyderabad ने दमदार प्रदर्शन करते हुए Delhi Capitals को 47 रन से हरा दिया। इस मुकाबले के सबसे बड़े हीरो रहे Abhishek Sharma, जिन्होंने नाबाद 135 रन की विस्फोटक पारी खेलकर मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। हैदराबाद ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 2 विकेट के नुकसान पर 242 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में दिल्ली कैपिटल्स की टीम 195 रन पर सिमट गई। गेंदबाजी में Eshan Malinga ने 4 विकेट लेकर विपक्षी बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। मैच के बाद ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बने अभिषेक शर्मा ने खुलासा किया कि शुरुआत में टीम की योजना पावरप्ले में आक्रामक बल्लेबाजी करने की थी, लेकिन पिच की धीमी प्रकृति को देखते हुए उन्हें अपनी रणनीति बदलनी पड़ी। उन्होंने कहा कि गेंद बल्ले पर आसानी से नहीं आ रही थी, ऐसे में हालात के अनुसार खेलना जरूरी था और यही बदलाव टीम की जीत की बड़ी वजह बना। अभिषेक ने अपनी 68 गेंदों की पारी में 10 चौके और 10 छक्के लगाए, जिससे हैदराबाद को बड़ा स्कोर बनाने में मदद मिली। टीम मैनेजमेंट को दिया श्रेय अभिषेक शर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय टीम मैनेजमेंट को दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने अंदाज में खेलने की पूरी आजादी मिलती है, जो उनके प्रदर्शन को बेहतर बनाती है। उन्होंने कोचिंग स्टाफ और कप्तान का विशेष धन्यवाद करते हुए कहा कि टीम का सकारात्मक माहौल खिलाड़ियों को खुलकर खेलने का आत्मविश्वास देता है। उन्होंने यह भी कहा कि 2024 से टीम के भीतर बना यह माहौल ‘गेमचेंजर’ साबित हुआ है और इसी वजह से खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ दे पा रहे हैं। फैंस के लिए खास ‘एल सेलिब्रेशन’ अपने शतक के बाद किए गए ‘एल सेलिब्रेशन’ पर अभिषेक ने बताया कि यह जश्न वह काफी समय से करते आ रहे हैं और यह खास तौर पर फैंस के लिए है, जो उन्हें हर मैच में जबरदस्त समर्थन देते हैं।
आईपीएल 2026 के बेहद रोमांचक मुकाबले में Delhi Capitals को Gujarat Titans के खिलाफ सिर्फ 1 रन से हार का सामना करना पड़ा। यह मैच आखिरी गेंद तक गया, लेकिन अंत में एक छोटी सी गलती ने दिल्ली से जीत छीन ली। इस हार के केंद्र में रहे David Miller, जिनके ‘ब्रेन फेड’ फैसले ने मैच का रुख बदल दिया। आखिरी पलों में क्या हुई चूक? दिल्ली को जीत के लिए अंतिम दो गेंदों पर सिर्फ 2 रन चाहिए थे। ऐसे में प्रसिद्ध कृष्णा की दूसरी आखिरी गेंद पर मिलर के पास सिंगल लेने का मौका था, जिससे स्कोर बराबर हो सकता था और मैच सुपर ओवर में जा सकता था। लेकिन मिलर ने बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में सिंगल लेने से इनकार कर दिया। आखिरी गेंद पर भी वह बड़ा शॉट नहीं लगा पाए और दबाव में चूक गए। इसके बाद रन लेने की कोशिश में Kuldeep Yadav रन आउट हो गए, जहां Jos Buttler ने विकेट के पीछे शानदार भूमिका निभाई। इस तरह दिल्ली की टीम जीत के बेहद करीब पहुंचकर भी हार गई। राहुल की पारी गई बेकार इस मैच में KL Rahul ने 52 गेंदों में 92 रनों की शानदार पारी खेली थी, जबकि Pathum Nissanka ने 41 रन बनाकर अच्छी शुरुआत दिलाई। वहीं मिलर ने भी 40+ की उपयोगी पारी खेली, लेकिन अंत का एक फैसला भारी पड़ गया। गुजरात की दमदार बल्लेबाजी पहले बल्लेबाजी करते हुए गुजरात के कप्तान Shubman Gill ने 70 रन की शानदार पारी खेली। उनके अलावा Jos Buttler (52 रन) और Washington Sundar (55 रन) ने टीम को 210 रन के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। क्रिकेट में एक छोटी सी गलती भी मैच का नतीजा बदल सकती है और इस मुकाबले में वही देखने को मिला। डेविड मिलर का यह फैसला लंबे समय तक चर्चा में रहेगा और दिल्ली के लिए यह हार एक बड़ा सबक बन सकती है।
आईपीएल 2026 के रोमांचक मुकाबले में भले ही दिल्ली को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन KL Rahul ने अपनी शानदार बल्लेबाज़ी से इतिहास रच दिया। गुजरात के खिलाफ खेले गए इस मैच में राहुल ने 92 रनों की दमदार पारी खेलते हुए एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम किया, जिसने Virat Kohli को पीछे छोड़ दिया। दरअसल, राहुल अब आईपीएल इतिहास में बतौर ओपनर सबसे ज्यादा बार एक पारी में 4 या उससे अधिक छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने यह कारनामा 18 बार किया है, जबकि कोहली 17 बार ऐसा कर पाए हैं। इस सूची में Shubman Gill (11 बार) और Virender Sehwag (10 बार) भी शामिल हैं। 92 रनों की विस्फोटक पारी राहुल ने 52 गेंदों में 11 चौकों और 4 छक्कों की मदद से 92 रन बनाए। उन्होंने Pathum Nissanka के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 76 रन की मजबूत साझेदारी की। निसांका ने भी 24 गेंदों में 41 रन की तेज पारी खेली। हालांकि, राहुल अपने शतक से सिर्फ 8 रन दूर रह गए और 17वें ओवर में Mohammed Siraj की गेंद पर आउट हो गए। इसके बाद मैच में दिल्ली की उम्मीदें काफी हद तक कमजोर हो गईं। 1 रन से हार, लेकिन दिल जीत लिया 211 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए दिल्ली की टीम आखिरी ओवर तक मुकाबले में बनी रही। David Miller ने 20 गेंदों में नाबाद 40 रन बनाकर टीम को जीत के करीब पहुंचाया, लेकिन अंत में टीम 1 रन से मुकाबला हार गई। आखिरी ओवर में 13 रन की जरूरत थी, लेकिन नाटकीय अंत में कुलदीप यादव रन आउट हो गए और दिल्ली की जीत की उम्मीद टूट गई। भले ही मैच का नतीजा दिल्ली के पक्ष में नहीं रहा, लेकिन केएल राहुल की यह पारी लंबे समय तक याद रखी जाएगी। उनका यह रिकॉर्ड आईपीएल इतिहास में एक नई उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गया है।
आईपीएल 2026 के 14वें मुकाबले में Delhi Capitals और Gujarat Titans आमने-सामने होंगे, लेकिन इस हाई-वोल्टेज मैच से पहले सबसे बड़ा सवाल मौसम को लेकर है। हाल ही में बारिश के कारण कई मुकाबले प्रभावित हुए हैं, ऐसे में फैंस की नजरें अब दिल्ली के आसमान पर टिकी हैं। यह मुकाबला Arun Jaitley Stadium में खेला जाएगा, जहां बीती रात तेज बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार दोपहर 1 बजे के आसपास बारिश की संभावना करीब 47% तक पहुंच सकती है, खासकर 1 से 3 बजे के बीच हल्की से मध्यम बारिश की आशंका जताई गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि शाम के समय मौसम के साफ रहने की उम्मीद है। मैच के दौरान बारिश की संभावना काफी कम बताई जा रही है, लेकिन आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। तापमान 17 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जिससे खिलाड़ियों को ज्यादा परेशानी नहीं होगी। दिल्ली की नजरें जीत की हैट्रिक पर Delhi Capitals इस मैच में जीत की हैट्रिक लगाने के इरादे से उतरेगी। टीम के लिए समीर रिजवी शानदार फॉर्म में हैं, जबकि KL Rahul और नीतीश राणा की फॉर्म चिंता का विषय बनी हुई है। गेंदबाजी में मुकेश कुमार और कुलदीप यादव ने अब तक अच्छा प्रदर्शन किया है। गुजरात को पहली जीत की तलाश दूसरी ओर Gujarat Titans इस सीजन में अब तक जीत का खाता नहीं खोल पाई है। टीम को अपने कप्तान Shubman Gill की वापसी से मजबूती मिलने की उम्मीद है। साई सुदर्शन ने बल्ले से प्रभावित किया है, लेकिन बाकी बल्लेबाजों का साथ नहीं मिल पाया। गेंदबाजी में राशिद खान और मोहम्मद सिराज जैसे बड़े नाम अब तक उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए हैं, जिससे टीम दबाव में है। क्या पूरा मैच होगा? मौसम के मौजूदा पूर्वानुमान को देखें तो फैंस को पूरा 20 ओवर का मैच देखने को मिल सकता है। हालांकि, मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए हल्की देरी या बाधा से इनकार नहीं किया जा सकता।
आईपीएल 2026 के शुरुआती मुकाबलों ने पॉइंट्स टेबल की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। राजस्थान रॉयल्स ने मुंबई इंडियंस को हराकर न सिर्फ जीत की हैट्रिक लगाई, बल्कि सीधे अंक तालिका के शीर्ष पर कब्जा जमा लिया। इस जीत में यशस्वी जायसवाल और वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक पारियों ने अहम भूमिका निभाई, जिसने मैच का रुख एकतरफा कर दिया। राजस्थान रॉयल्स नंबर-1 पर तीन मैचों में लगातार तीन जीत के साथ राजस्थान के 6 अंक हो गए हैं और उनका नेट रन रेट +2.403 है। टीम ने पहले चेन्नई सुपर किंग्स, फिर गुजरात टाइटंस और अब मुंबई को हराकर शानदार फॉर्म दिखाया है। टॉप-4 का समीकरण 1. राजस्थान रॉयल्स – 6 अंक (3 मैच, 3 जीत) 2. पंजाब किंग्स – 5 अंक (2 जीत, 1 मैच रद्द) 3. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु – 4 अंक 4. दिल्ली कैपिटल्स – 4 अंक बेंगलुरु और दिल्ली दोनों के बराबर अंक हैं, लेकिन बेहतर नेट रन रेट के चलते बेंगलुरु तीसरे स्थान पर बना हुआ है। बाकी टीमों का हाल 5. सनराइजर्स हैदराबाद – 2 अंक 6. लखनऊ सुपर जायंट्स – 2 अंक 7. मुंबई इंडियंस – 2 अंक (3 मैच में 1 जीत) 8. कोलकाता नाइट राइडर्स – 1 अंक 9. गुजरात टाइटंस – 0 अंक 10. चेन्नई सुपर किंग्स – 0 अंक (लगातार 3 हार) क्या कहता है समीकरण? सीजन अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन राजस्थान की लगातार जीत ने बाकी टीमों पर दबाव बना दिया है। वहीं पंजाब और बेंगलुरु को अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखने के लिए आने वाले मैचों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
IPL 2026 के मुकाबले में एक ऐसा प्रदर्शन देखने को मिला, जिसने क्रिकेट फैंस को हैरान कर दिया। दिल्ली कैपिटल्स के युवा बल्लेबाज समीर रिजवी ने लखनऊ के इकाना स्टेडियम में ऐसी पारी खेली, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। 142 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए जब दिल्ली की टीम 26 रन पर 4 विकेट गंवाकर हार के करीब थी, तब ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ के रूप में उतरे रिजवी ने अकेले मैच का रुख बदल दिया। खराब शुरुआत, फिर तूफानी वापसी समीर रिजवी की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। वह एक समय 9 गेंदों पर बिना खाता खोले खेल रहे थे और 13 गेंदों में सिर्फ 5 रन बना पाए थे। लेकिन इसके बाद उन्होंने गियर बदला और विपक्षी गेंदबाजों पर जोरदार हमला बोल दिया। रिजवी ने 47 गेंदों में नाबाद 70 रन बनाए, जिसमें 4 छक्के और 5 चौके शामिल थे। उनकी इस पारी ने मैच का पूरा समीकरण बदल दिया। स्टब्स के साथ साझेदारी बनी टर्निंग पॉइंट रिजवी ने ट्रिस्टन स्टब्स के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 119 रनों की साझेदारी की। यह साझेदारी उस वक्त आई जब टीम पूरी तरह दबाव में थी। दोनों बल्लेबाजों ने खासकर स्पिन गेंदबाजों को निशाना बनाया और धीरे-धीरे मैच को लखनऊ की पकड़ से बाहर कर दिया। मेरठ से IPL तक का सफर समीर रिजवी का जन्म 6 दिसंबर 2003 को मेरठ में हुआ, जिसे भारतीय क्रिकेट की ‘नर्सरी’ कहा जाता है। उनके पिता हसीन रिजवी ने आर्थिक चुनौतियों के बावजूद बेटे के क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। रिजवी के पहले कोच उनके मामा तंकीब अख्तर थे, जिन्होंने बचपन से ही उनकी तकनीक, खासकर स्पिन के खिलाफ खेलने की क्षमता को मजबूत किया। घरेलू क्रिकेट से मिली पहचान समीर पहली बार चर्चा में तब आए जब उन्होंने 2020 में उत्तर प्रदेश के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया। लेकिन असली पहचान उन्हें 2023 की यूपी T20 लीग से मिली, जहां उन्होंने 455 रन बनाए और 35 छक्के जड़े। उनकी इसी पावर हिटिंग के कारण चेन्नई सुपर किंग्स ने 2024 में उन्हें 8.4 करोड़ रुपये में खरीदा था, जबकि 2025 में दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें 95 लाख में अपनी टीम में शामिल किया। दिल्ली को मिला नया मैच विनर इस पारी के बाद समीर रिजवी को दिल्ली कैपिटल्स का नया मैच विनर माना जा रहा है। उन्होंने साबित कर दिया कि दबाव की स्थिति में भी संयम और आत्मविश्वास से खेला जाए, तो किसी भी मैच को जीता जा सकता है।
IPL 2026 में भले ही लखनऊ सुपर जायंट्स को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन इस मुकाबले में एक बड़ी उपलब्धि तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के नाम दर्ज हो गई। इकाना स्टेडियम में खेले गए इस मैच में शमी ने पारी की पहली ही गेंद पर विकेट लेकर इतिहास रच दिया। पहली गेंद पर विकेट, बना दिया अनोखा रिकॉर्ड मोहम्मद शमी ने मैच की पहली गेंद पर ही केएल राहुल को आउट कर शानदार शुरुआत दिलाई। इसी के साथ शमी IPL इतिहास में 5 बार पहली गेंद पर विकेट लेने वाले इकलौते गेंदबाज बन गए हैं। इस मामले में उन्होंने कई बड़े गेंदबाजों को पीछे छोड़ दिया है। प्रवीण कुमार, उमेश यादव, ट्रेंट बोल्ट, लसिथ मलिंगा, भुवनेश्वर कुमार, अशोक डिंडा और पैट कमिंस जैसे गेंदबाजों ने यह कारनामा 3-3 बार किया है, लेकिन शमी उनसे आगे निकल गए हैं। लखनऊ की बल्लेबाजी रही कमजोर मैच की बात करें तो लखनऊ सुपर जायंट्स की बल्लेबाजी पूरी तरह लड़खड़ा गई। टीम 18.4 ओवर में सिर्फ 141 रन पर सिमट गई। कप्तान ऋषभ पंत जल्दी आउट हो गए, जिससे टीम दबाव में आ गई। हालांकि मिचेल मार्श और अब्दुल समद ने कुछ हद तक संघर्ष करते हुए टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया, लेकिन यह स्कोर जीत के लिए काफी नहीं था। समीर रिजवी की दमदार पारी से दिल्ली की जीत 142 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत भी खराब रही। टीम ने शुरुआती झटके झेले, लेकिन इसके बाद समीर रिजवी ने शानदार जिम्मेदारी निभाई। रिजवी ने 47 गेंदों में नाबाद 70 रन बनाए, जबकि ट्रिस्टन स्टब्स ने 39 रनों की अहम पारी खेली। दोनों के बीच 119 रनों की साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया और दिल्ली को जीत दिलाई। रिकॉर्ड के बावजूद टीम को नहीं मिली जीत मोहम्मद शमी का यह ऐतिहासिक प्रदर्शन टीम को जीत नहीं दिला सका, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर यह उपलब्धि उन्हें IPL के सबसे खास गेंदबाजों में शामिल करती है।
IPL 2026 के एक मुकाबले के बाद लखनऊ सुपर जायंट्स के खेमे में तनाव खुलकर सामने आ गया। लखनऊ सुपर जायंट्स को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन मैच के बाद जो दृश्य देखने को मिला, उसने क्रिकेट फैंस को हैरान कर दिया। मैदान पर ही टीम के मालिक संजिव गोयनका और कप्तान ऋषभ पंत के बीच तीखी बहस होती नजर आई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में गोयनका काफी नाराज दिखाई दे रहे हैं और उनका बातचीत का अंदाज भी बेहद सख्त नजर आया। मैच का हाल: लखनऊ की कमजोर बल्लेबाजी पड़ी भारी इस मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम केवल 141 रन ही बना सकी। जवाब में दिल्ली कैपिटल्स ने यह लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया। लखनऊ के गेंदबाजों ने भी 20 अतिरिक्त रन (16 वाइड और 4 लेग बाई) देकर टीम की मुश्किलें और बढ़ा दीं। मैच के बाद कप्तान ऋषभ पंत ने हार की वजह बताते हुए कहा कि कम स्कोर के कारण दबाव बढ़ गया और अतिरिक्त रन टीम पर भारी पड़े। फैंस का गुस्सा: ‘मैदान पर नहीं, ड्रेसिंग रूम में होनी चाहिए थी बात’ इस पूरे घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर फैंस ने तीखी प्रतिक्रिया दी। कई क्रिकेट प्रेमियों का मानना है कि इस तरह सार्वजनिक रूप से कप्तान से बहस करना खेल भावना के खिलाफ है। उनका कहना है कि टीम से जुड़ी बातों को ड्रेसिंग रूम तक सीमित रखना चाहिए। यह पहली बार नहीं है जब संजिव गोयनका का ऐसा रवैया चर्चा में आया हो। इससे पहले भी वह एक अन्य कप्तान के साथ इसी तरह के व्यवहार को लेकर सुर्खियों में रह चुके हैं। टीम बॉन्डिंग पर असर या वापसी का मौका? अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस विवाद का असर लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम बॉन्डिंग पर पड़ेगा, या फिर ऋषभ पंत आने वाले मैचों में अपने प्रदर्शन से जवाब देंगे। IPL जैसे बड़े टूर्नामेंट में टीम के अंदर का माहौल जीत-हार पर गहरा असर डालता है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।