स्पोर्ट्स

Riyan Parag Emotional After RR Defeat to DC

RR vs DC: दिल्ली की दमदार जीत, हार के बाद भावुक हुए रियान पराग – “मिडिल ओवर्स में बेहतर गेंदबाजी कर सकते थे”

surbhi मई 2, 2026 0
Riyan Parag reacts emotionally after Rajasthan Royals lose to Delhi Capitals in IPL thriller
Riyan Parag Emotional After RR Loss Against DC

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के एक हाई-स्कोरिंग मुकाबले में Delhi Capitals ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Rajasthan Royals को 7 विकेट से हराकर जोरदार जीत दर्ज की। मुकाबला रोमांच से भरपूर रहा, लेकिन अंत में दिल्ली की मजबूत बल्लेबाजी ने राजस्थान के बड़े स्कोर को भी बौना साबित कर दिया।

दिल्ली की आक्रामक शुरुआत ने तय किया मैच

225 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए दिल्ली को KL Rahul (75 रन) और Pathum Nissanka (62 रन) ने शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों की संयमित और आक्रामक पारी ने मैच का रुख शुरू में ही दिल्ली की ओर मोड़ दिया। टीम ने लक्ष्य को 5 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया, जो उनकी बल्लेबाजी की मजबूती को दर्शाता है।

रियान पराग की कप्तानी पारी गई बेकार

इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए राजस्थान ने 6 विकेट के नुकसान पर 225 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। कप्तान Riyan Parag ने शानदार 90 रन की पारी खेली, जबकि अंत में Donovan Ferreira ने सिर्फ 14 गेंदों में नाबाद 47 रन बनाकर टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया।

हार के बाद भावुक हुए पराग

मैच के बाद रियान पराग काफी भावुक नजर आए। उनकी आंखें नम हो गईं और उन्होंने स्वीकार किया कि टीम मिडिल ओवर्स में बेहतर गेंदबाजी कर सकती थी। उन्होंने कहा, “मुझे लगा था कि यह एक अच्छा स्कोर है, करीब 200 का स्कोर पर्याप्त होता है, लेकिन हम उसे बचा नहीं सके।”

चोट पर भी दिया अपडेट

पराग मैच के दौरान हैमस्ट्रिंग चोट के कारण मैदान से बाहर चले गए थे। उन्होंने बताया कि चोट ज्यादा गंभीर नहीं है और वह एक हफ्ते के ब्रेक के बाद वापसी कर सकते हैं।

आलोचकों को दिया जवाब

अपनी पारी पर बोलते हुए पराग ने कहा कि उन्हें आलोचकों को जवाब देने की जरूरत नहीं है, लेकिन टीम की हार उन्हें सबसे ज्यादा खल रही है।

 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

स्पोर्ट्स

View more
Ashok Sharma
श्रीलंका A से हार के बाद इंडिया A टीम में बड़ा बदलाव, BCCI ने लिया एक्शन

कोलंबो, एजेंसियां। श्रीलंका A के खिलाफ सुपर ओवर में हार के बाद BCCI ने इंडिया A स्क्वाड में बड़ा बदलाव किया है। श्रीलंका के डंबुला में चल रही 50-ओवर ट्राई-सीरीज के बीच टीम में चोट के कारण तेज गेंदबाज युधवीर सिंह को बाहर कर दिया गया है। उनकी जगह तेज गेंदबाज अशोक शर्मा को टीम में शामिल किया गया है।   चोट के कारण युधवीर सिंह बाहर BCCI के अनुसार, युधवीर सिंह को गेंदबाजी के दौरान दाहिने कंधे में चोट लगी थी। 11 और 13 जून को फील्डिंग और बॉलिंग सेशन के दौरान उन्हें लगातार दर्द महसूस हुआ। मेडिकल टीम की सलाह पर उन्हें रिहैबिलिटेशन के लिए BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भेजा गया है, जहां उनका उपचार और रिकवरी प्रोग्राम चलेगा।   अशोक शर्मा को मिला मौका युधवीर की जगह शामिल किए गए तेज गेंदबाज अशोक शर्मा ने घरेलू क्रिकेट और IPL में शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025/26 में 10 मैचों में 22 विकेट लेकर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में जगह बनाई थी। IPL में भी उन्होंने अपनी रफ्तार से प्रभावित किया और 154.2 किमी प्रति घंटे की गेंद फेंकी थी।   ट्राई-सीरीज में भारत A का प्रदर्शन तिलक वर्मा की कप्तानी में इंडिया A का प्रदर्शन अब तक मिला-जुला रहा है। टीम ने तीन मैचों में से एक में जीत और दो में हार दर्ज की है। भारत A ने पहले मैच में श्रीलंका A को 8 रनों से हराया था, लेकिन बाद में अफगानिस्तान A से डकवर्थ-लुईस नियम के तहत 4 रनों से हार मिली और फिर श्रीलंका A के खिलाफ सुपर ओवर में भी हार का सामना करना पड़ा।   फाइनल की रेस में अहम मुकाबला इंडिया A का अगला मुकाबला 17 जून को अफगानिस्तान A से होगा, जो फाइनल की रेस के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। इस मैच में जीत हासिल करना टीम के लिए अनिवार्य हो गया है ताकि वह टूर्नामेंट में आगे की दौड़ में बनी रह सके।

abhishek singh जून 16, 2026 0
Ranchi Titans and Chotanagpur Royals celebrate key victories in Jharkhand T20 League 2026

झारखंड टी20 लीग में रोमांच चरम पर, रांची टाइटन्स और छोटानागपुर रॉयल्स की जीत से प्लेऑफ की जंग हुई दिलचस्प

Brendon McCullum addresses England cricket team discipline after nightclub controversy involving players

नाइट क्लब विवाद पर फूटा ब्रेंडन मैकुलम का गुस्सा, बोले- जश्न मनाइए, लेकिन टीम की मर्यादा न भूलिए

Indian women’s hockey team celebrates victory over Japan in FIH Nations Cup 2026

सलीमा टेटे की कप्तानी में भारत का दमदार प्रदर्शन, जापान को 2-1 से हराकर नेशंस कप के सेमीफाइनल में पहुंची टीम

FIFA World Cup 2026
फीफा वर्ल्ड कप: पांचवें दिन चारों मुकाबले रहे ड्रॉ, ईरान, सऊदी और मिस्र ने एक-एक अंक से किया आगाज

वाशिंगटन, एजेंसियां। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के पांचवें दिन खेले गए चारों मुकाबले ड्रॉ रहे। टूर्नामेंट में यह दुर्लभ नजारा 68 साल बाद देखने को मिला, जब एक ही दिन खेले गए सभी मैच बराबरी पर समाप्त हुए। इससे पहले ऐसा 1958 विश्व कप में हुआ था। दिन के मुकाबलों में केप वर्डे ने स्पेन को 0-0 से रोका, जबकि ईरान और न्यूजीलैंड 2-2, सऊदी अरब और उरुग्वे 1-1 तथा मिस्र और बेल्जियम 1-1 की बराबरी पर रहे।   ईरान ने दो बार पिछड़कर बचाया मैच ग्रुप जी के मुकाबले में ईरान ने शानदार जुझारूपन दिखाते हुए दो बार पिछड़ने के बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ 2-2 की बराबरी हासिल की। रामिन रेजाईन ने ईरान के लिए पहला गोल किया और दूसरे गोल की भूमिका भी निभाई, जिसे मोहम्मद मोहेब्बी ने गोल में बदला। न्यूजीलैंड की ओर से एलिजा जस्ट ने दोनों गोल किए, जबकि क्रिस वुड ने दोनों में असिस्ट दिया।   मिस्र ने बेल्जियम को कड़ी टक्कर दी ग्रुप जी के दूसरे मुकाबले में मिस्र ने बेल्जियम को 1-1 से रोककर शानदार प्रदर्शन किया। इमाम अशौर ने 19वें मिनट में मोहम्मद सलाह के बेहतरीन पास पर गोल कर मिस्र को बढ़त दिलाई। हालांकि, दूसरे हाफ में बेल्जियम को डिफेंडर मोहम्मद हनी के आत्मघाती गोल से बराबरी मिल गई। इसके बावजूद मिस्र ने मजबूत टीम के खिलाफ एक महत्वपूर्ण अंक हासिल किया।   सऊदी और केप वर्डे का दमदार प्रदर्शन ग्रुप एच में सऊदी अरब ने उरुग्वे के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेला। अब्दुलेलाह अल अमरी ने सऊदी अरब को बढ़त दिलाई, लेकिन अंतिम क्षणों में मैक्सी अराउजो ने उरुग्वे को बराबरी दिला दी। वहीं, दिन का सबसे बड़ा उलटफेर तब हुआ जब पहली बार विश्व कप खेल रही केप वर्डे ने स्पेन जैसी मजबूत टीम को गोल करने का मौका नहीं दिया। गोलकीपर वोजिन्हा के शानदार प्रदर्शन की बदौलत टीम ने अपने पहले विश्व कप मैच में ऐतिहासिक एक अंक हासिल किया।

abhishek singh जून 16, 2026 0
Jharkhand T20 League 2026

Jharkhand T20 League 2026 Points Table: कोयलांचल सुपर किंग्स नंबर-1, कौन है सबसे पीछे?

T20 World Cup 2026

T20 वर्ल्ड कप 2026: कप्तान हरमनप्रीत कौर ने तोड़ा मिताली राज का रिकॉर्ड

Smriti Mandhana fifty

स्मृति मंधाना की धमाकेदार फिफ्टी से भारत ने पाकिस्तान को 64 रन से हराया

Indian women's cricket team celebrates victory over Pakistan in Women's T20 World Cup 2026.
भारत से हार तय दिखी तो पाकिस्तानी चैनल पर बदल गया प्रसारण? सोशल मीडिया पर वायरल हुआ दावा

नई दिल्ली: महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए पाकिस्तान को 64 रन से हराया। इस मुकाबले में भारत ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में दमदार प्रदर्शन किया। हालांकि मैच के बाद एक और वजह चर्चा का विषय बन गई। सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि पाकिस्तान की हार तय होते ही वहां के सरकारी प्रसारक पीटीवी ने लाइव क्रिकेट मैच की जगह फीफा मुकाबले का प्रसारण शुरू कर दिया। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और वायरल वीडियो तथा सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर ही यह चर्चा सामने आई है। भारत ने दर्ज की बड़ी जीत पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 170 रन बनाए। टीम के लिए Smriti Mandhana ने 44 गेंदों पर 68 रन की शानदार पारी खेली। कप्तान Harmanpreet Kaur ने 36 रन का योगदान दिया, जबकि विकेटकीपर बल्लेबाज Richa Ghosh ने डेथ ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 17 गेंदों में 34 रन बनाए। आखिरी दो ओवर में भारतीय टीम ने 38 रन जोड़कर स्कोर को 170 तक पहुंचाया। दीप्ति शर्मा ने गेंद से मचाया कहर 171 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की पूरी टीम 17 ओवर में 106 रन पर सिमट गई। भारतीय स्पिनर Deepti Sharma ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में सिर्फ 10 रन देकर पांच विकेट हासिल किए। यह महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी भी भारतीय गेंदबाज का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बन गया। वहीं विश्व कप में पदार्पण कर रहीं Shree Charani ने भी दो विकेट अपने नाम किए। रनों के लिहाज से यह महिला टी20 विश्व कप में भारत की पांचवीं सबसे बड़ी जीत रही। पीटीवी को लेकर वायरल हुआ दावा सोशल मीडिया पर वायरल कुछ पोस्ट और वीडियो में दावा किया गया कि पाकिस्तान में महिला टी20 विश्व कप के प्रसारण अधिकार रखने वाले पीटीवी ने मैच के अंतिम चरण में क्रिकेट प्रसारण हटाकर फीफा मुकाबला दिखाना शुरू कर दिया। वायरल वीडियो में जर्मनी और कुराकाओ के बीच फुटबॉल मैच दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे सोशल मीडिया पर वायरल जानकारी के रूप में ही देखा जाना चाहिए।  

surbhi जून 15, 2026 0
Dhiraj Bommadevara celebrates after winning double gold medals at Archery World Cup Stage 3 in Antalya.

धीरज बोम्मादेवरा का आर्चरी विश्व कप में डबल गोल्ड, ओलंपिक पदक विजेता को हराकर रचा इतिहास

Harmanpreet Kaur celebrates after breaking Mithali Raj's record in Women's T20 World Cup 2026.

हरमनप्रीत कौर ने रचा इतिहास, मिताली राज का बड़ा रिकॉर्ड तोड़कर बनीं महिला टी20 वर्ल्ड कप में भारत की सबसे सफल बल्लेबाज

IND vs AFG

IND vs AFG: बारिश ने बिगाड़ा पहले वनडे का शेड्यूल, धर्मशाला में टॉस टला

0 Comments

Top week

Military activity near the Strait of Hormuz amid escalating US-Iran tensions and reported retaliatory strikes.
दुनिया

अपाचे हेलीकॉप्टर घटना के बाद अमेरिका का ईरान पर हमला, तेहरान ने दी कड़ी चेतावनी

Deepshikha जून 10, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?