Rajasthan Royals

Powerplay Woes Continue Without Dhoni
IPL 2026: सीजन बदला, लेकिन नहीं बदली CSK की पावरप्ले की कमजोरी-धोनी के बिना फिर ढहा टॉप ऑर्डर

IPL 2026 की शुरुआत Chennai Super Kings के लिए बेहद निराशाजनक रही है। गुवाहाटी में खेले गए मुकाबले में Rajasthan Royals के खिलाफ टीम ने पावरप्ले में ही 41 रन पर 4 विकेट गंवा दिए, जिससे मैच की दिशा शुरुआत में ही तय हो गई। यह प्रदर्शन केवल एक खराब दिन की कहानी नहीं, बल्कि पिछले सीजन से चली आ रही समस्या की निरंतरता को दर्शाता है। पावरप्ले में लगातार फ्लॉप CSK T-20 क्रिकेट में पावरप्ले को सबसे अहम और स्कोरिंग के लिए अनुकूल फेज माना जाता है, लेकिन CSK के लिए यही फेज सबसे बड़ी कमजोरी बनता जा रहा है। IPL 2026 के पहले मैच में 41/4 का स्कोर इस बात का संकेत है कि टीम की टॉप ऑर्डर बल्लेबाजी अभी भी दबाव में टूट रही है। यह शुरुआत उन्हें मुकाबले से बाहर करने के लिए काफी थी। धोनी की गैरमौजूदगी से आगे की समस्या हालांकि टीम इस मैच में MS Dhoni के बिना उतरी, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि समस्या सिर्फ एक खिलाड़ी की गैरमौजूदगी तक सीमित नहीं है। दरअसल, IPL 2025 में भी CSK की पावरप्ले बल्लेबाजी सबसे कमजोर टीमों में रही थी। 14 पारियों में कुल 731 रन औसत रन रेट: 8.70 औसत स्कोर: 52.21 कुल 29 विकेट (प्रति पारी औसतन 2.07 विकेट) डॉट बॉल प्रतिशत: 42.66% पहले 3 ओवर में ही बिगड़ जाता है खेल CSK की सबसे बड़ी समस्या पावरप्ले के शुरुआती ओवरों में सामने आती है। ओवर 1 से 3 के बीच टीम का रन रेट केवल 7.76 रहा और लगभग आधी गेंदें (49.60%) डॉट खेली गईं। हालांकि ओवर 4 से 6 में रन रेट 9.64 तक पहुंचती है, लेकिन तब तक टीम शुरुआती नुकसान की भरपाई करने की कोशिश में ही रहती है। 2025 का पैटर्न 2026 में भी जारी राजस्थान के खिलाफ 41/4 का स्कोर CSK के 2025 के औसत से भी काफी खराब है। यह केवल एक मैच नहीं, बल्कि एक पैटर्न का हिस्सा है-धीमी शुरुआत, जल्दी विकेट गिरना और टॉप ऑर्डर का पूरी तरह ढह जाना। आगे की राह मुश्किल अगर CSK को टूर्नामेंट में वापसी करनी है, तो उन्हें पावरप्ले की रणनीति पर तुरंत काम करना होगा। अन्य टीमों के मुकाबले तेज शुरुआत करना अब जरूरत बन चुकी है, वरना हर मैच में शुरुआती झटका भारी पड़ सकता है।  

surbhi मार्च 31, 2026 0
Young cricketer Vaibhav Suryavanshi smashing sixes during explosive 17-ball 52 run innings in T20 match
15 साल के वैभव सूर्यवंशी का तूफान: 17 गेंदों में 52 रन ठोककर बनाया T-20 वर्ल्ड रिकॉर्ड

भारतीय क्रिकेट में एक नया सितारा तेजी से उभर रहा है। महज 15 साल की उम्र में Vaibhav Suryavanshi ने T-20 क्रिकेट में ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने पूरे क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया है। Rajasthan Royals की ओर से खेलते हुए चेन्नई के खिलाफ मुकाबले में वैभव ने सिर्फ 17 गेंदों में 52 रन की विस्फोटक पारी खेली और अपनी टीम को 8 विकेट से शानदार जीत दिलाई। इस दौरान उन्होंने 4 चौके और 5 छक्के लगाए, यानी अपनी पारी के 52 में से 46 रन केवल बाउंड्री से आए। शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज वैभव ने अपनी पारी की दूसरी ही गेंद पर छक्का जड़कर इरादे साफ कर दिए। उन्होंने Matt Henry की गेंद पर छक्का लगाकर शुरुआत की और फिर लगातार आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 15 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। T-20 में बनाया अनोखा वर्ल्ड रिकॉर्ड इस पारी के साथ वैभव सूर्यवंशी T-20 इतिहास में 15 साल की उम्र में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। अब तक वह इस उम्र में कुल 67 छक्के जड़ चुके हैं, जो अपने आप में एक विश्व रिकॉर्ड है। दिलचस्प बात यह है कि इस उम्र में बाकी खिलाड़ियों के कुल छक्के मिलाकर भी इस आंकड़े के करीब नहीं पहुंचते। IPL में भी बनाया बड़ा रिकॉर्ड वैभव ने IPL में भी एक नया इतिहास रच दिया है। उन्होंने अपनी पहली 8 पारियों में 29 छक्के लगाकर सबसे ज्यादा सिक्स मारने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इस मामले में उन्होंने Jake Fraser-McGurk को पीछे छोड़ा, जिनके नाम 28 छक्के थे। इसके अलावा, वैभव IPL इतिहास में ऐसे पहले खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने एक ही फ्रेंचाइजी के लिए 18 गेंदों से कम में एक से ज्यादा बार अर्धशतक जड़ा है। भविष्य का सुपरस्टार? वैभव की इस धमाकेदार पारी ने यह साफ कर दिया है कि भारतीय क्रिकेट को एक और बड़ा मैच विनर मिल सकता है। इतनी कम उम्र में उनका आत्मविश्वास, शॉट चयन और आक्रामकता उन्हें खास बनाती है।  

surbhi मार्च 31, 2026 0
Sanju Samson in CSK jersey facing Rajasthan Royals during IPL 2026 match at Barsapara Stadium
IPL 2026: अपनी ही पुरानी टीम के खिलाफ उतरेंगे संजू सैमसन, CSK के लिए डेब्यू मुकाबला, जानें कब-कहां देखें लाइव

IPL 2026 का रोमांच अपने चरम पर है और आज का मुकाबला बेहद खास होने वाला है। Sanju Samson पहली बार Chennai Super Kings के लिए मैदान पर उतरेंगे-वो भी अपनी पुरानी टीम Rajasthan Royals के खिलाफ। भावनात्मक होगा मुकाबला संजू सैमसन के लिए यह मैच सिर्फ एक मुकाबला नहीं, बल्कि एक भावनात्मक पल भी है। उन्होंने 11 साल तक राजस्थान रॉयल्स का प्रतिनिधित्व किया और टीम के प्रमुख बल्लेबाज रहे। अब वही खिलाड़ी चेन्नई की जर्सी में अपने पुराने साथियों के खिलाफ खेलते नजर आएंगे। वहीं, Ravindra Jadeja भी इस बार राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा बनकर अपनी पूर्व टीम के खिलाफ उतरेंगे, जिससे मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। नई कप्तानी की शुरुआत इस मैच में Riyan Parag राजस्थान रॉयल्स के फुल-टाइम कप्तान के रूप में अपना पहला IPL मैच खेलेंगे। दूसरी ओर, चेन्नई की कप्तानी Ruturaj Gaikwad के हाथों में है, जिनसे टीम को मजबूत शुरुआत की उम्मीद होगी। धोनी नहीं खेलेंगे MS Dhoni चोट के कारण शुरुआती मैचों में उपलब्ध नहीं हैं, जिससे चेन्नई की टीम संयोजन में बदलाव देखने को मिल सकता है। मैच से जुड़ी जरूरी जानकारी मैच: राजस्थान रॉयल्स vs चेन्नई सुपर किंग्स तारीख: 30 मार्च 2026 स्थान: गुवाहाटी, बारसापारा क्रिकेट स्टेडियम समय: शाम 7:30 बजे (टॉस 7:00 बजे) लाइव कहां देखें? टीवी पर: स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क ऑनलाइन स्ट्रीमिंग: JioHotstar ऐप और वेबसाइट 

surbhi मार्च 30, 2026 0
Aryaman Birla portrait highlighting transition from cricketer to RCB chairman after franchise ownership change
RR में मौका नहीं मिला, अब RCB के चेयरमैन बने आर्यमन बिरला - क्रिकेटर से कॉरपोरेट लीडर तक का सफर

भारतीय क्रिकेट और कॉरपोरेट जगत के संगम से एक दिलचस्प कहानी सामने आई है। आर्यमन बिरला, जिन्हें कभी राजस्थान रॉयल्स की ओर से एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला, अब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के चेयरमैन बन गए हैं। टीम के मालिकाना हक में हुए बड़े बदलाव के बाद यह नियुक्ति सामने आई है, जिसने खेल और बिजनेस दोनों क्षेत्रों में हलचल मचा दी है। RCB में बड़ा बदलाव, नए मालिकों की एंट्री RCB को एक कंसोर्टियम ने खरीदा है, जिसमें Aditya Birla Group, Times Group, Bolt Ventures और Blackstone की प्राइवेट इक्विटी स्ट्रैटेजी शामिल हैं। इस नए ढांचे में आर्यमन बिरला को चेयरमैन बनाया गया है, जबकि टाइम्स ग्रुप के सत्यान गजवानी वाइस-चेयरमैन की भूमिका निभाएंगे। कौन हैं आर्यमन बिरला? आर्यमन बिरला, कुमार मंगलम बिरला के बेटे हैं और Aditya Birla Group में डायरेक्टर की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने एक क्रिकेटर के रूप में भी अपनी पहचान बनाई और घरेलू क्रिकेट में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। फर्स्ट क्लास डेब्यू: नवंबर 2017 (ओडिशा के खिलाफ) कुल मैच: 9 रन: 414 औसत: 27.6 एक शतक और एक अर्धशतक उन्होंने रजत पाटीदार और वेंकटेश अय्यर जैसे खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा किया। IPL करियर: बिना खेले ही खत्म IPL 2018 की नीलामी में राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें 30 लाख रुपये में खरीदा था, लेकिन पूरे सीजन में उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। इसके बाद 2020 सीजन से पहले टीम ने उन्हें रिलीज कर दिया। मानसिक स्वास्थ्य पर लिया बड़ा फैसला क्रिकेट से दूरी बनाने के दौरान आर्यमन बिरला ने खुलकर अपनी मानसिक स्थिति पर बात की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था कि वे खुद को “फंसा हुआ” महसूस कर रहे थे और अब अपनी मानसिक सेहत को प्राथमिकता देना चाहते हैं। यह कदम उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ, जहां से उन्होंने खुद को नए नजरिए से समझा और अब एक बड़े कॉरपोरेट रोल में नजर आ रहे हैं। क्रिकेट से कॉरपोरेट तक का सफर आर्यमन बिरला की यह कहानी बताती है कि असफलता अंत नहीं होती। क्रिकेट में सीमित मौके मिलने के बावजूद उन्होंने खुद को एक नई दिशा दी और आज IPL की एक बड़ी टीम के चेयरमैन बन चुके हैं।  

surbhi मार्च 25, 2026 0
Shane Warne with Rajasthan Royals team during IPL highlighting his legacy and historic franchise deal value
शेन वॉर्न की दूरदर्शिता का कमाल: राजस्थान रॉयल्स की ऐतिहासिक डील से परिवार को मिलेंगे करीब 450 करोड़ रुपये

क्रिकेट इतिहास के महानतम स्पिनरों में शुमार Shane Warne एक बार फिर सुर्खियों में हैं-इस बार अपनी गेंदबाजी नहीं, बल्कि अपनी असाधारण व्यावसायिक समझ के कारण। इंडियन प्रीमियर लीग की फ्रेंचाइजी Rajasthan Royals की हालिया बिक्री ने यह साबित कर दिया है कि वॉर्न मैदान के साथ-साथ रणनीतिक सोच में भी ‘धुरंधर’ थे। 15,000 करोड़ की डील और वॉर्न परिवार को बड़ा फायदा राजस्थान रॉयल्स को हाल ही में करीब 1.63 अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग 15,000 करोड़ रुपये से अधिक) में एक अमेरिकी निवेशक समूह को बेच दिया गया। इस ऐतिहासिक डील के बाद शेन वॉर्न के परिवार को लगभग 450–460 करोड़ रुपये मिलने की संभावना है। यह लाभ किसी संयोग का परिणाम नहीं, बल्कि वॉर्न की वर्षों पहले की गई एक दूरदर्शी रणनीति का नतीजा है। 2008 में रखी थी अनोखी शर्त जब 2008 में IPL के पहले सीजन से पहले वॉर्न ने राजस्थान रॉयल्स के साथ करार किया, तब उन्होंने अपने कॉन्ट्रैक्ट में एक विशेष शर्त शामिल करवाई थी। इस शर्त के तहत उन्हें हर सीजन खेलने के बदले फ्रेंचाइजी में 0.75% इक्विटी (मालिकाना हिस्सा) दिया जाना था। वॉर्न ने टीम के लिए कुल चार सीजन खेले, जिससे उनका हिस्सा बढ़कर 3% हो गया। उस समय उनकी सैलरी करीब 9.35 करोड़ रुपये थी, लेकिन असली निवेश यह इक्विटी साबित हुई। 3% हिस्सेदारी बनी 450 करोड़ की संपत्ति आज जब राजस्थान रॉयल्स की वैल्यू 15,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है, तो वॉर्न की 3% हिस्सेदारी की कीमत लगभग 450–460 करोड़ रुपये हो चुकी है। यह रकम उनके परिवार को IPL 2026 सीजन के बाद मिलने की संभावना है, हालांकि इस डील को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (Board of Control for Cricket in India) की अंतिम मंजूरी मिलना अभी बाकी है। सिर्फ खिलाड़ी नहीं, एक दूरदर्शी लीडर शेन वॉर्न को 2008 में सिर्फ कप्तान ही नहीं, बल्कि टीम के क्रिकेट संचालन का पूरा नियंत्रण दिया गया था। उन्होंने अपनी कप्तानी में राजस्थान रॉयल्स को पहले ही सीजन में चैंपियन बनाकर इतिहास रच दिया। साल 2022 में उनके निधन के बावजूद, उनकी यह रणनीतिक सोच आज भी मिसाल बनी हुई है। यह कहानी दिखाती है कि वॉर्न सिर्फ क्रिकेट के जादूगर ही नहीं, बल्कि एक समझदार निवेशक और दूरदर्शी व्यक्तित्व भी थे।  

surbhi मार्च 25, 2026 0
IPL vs PSL conflict with players choosing IPL over PSL as PCB warns of strict action
IPL vs PSL: IPL की ओर झुकते खिलाड़ी, PCB चीफ मोहसिन नकवी का सख्त रुख-नियम तोड़े तो होगी कार्रवाई

दुनिया की दो प्रमुख टी20 लीग-Indian Premier League (IPL) और Pakistan Super League (PSL)-के बीच टकराव एक बार फिर चर्चा में है। इस बार विवाद की वजह बने हैं वे खिलाड़ी, जिन्होंने PSL को छोड़कर IPL में खेलने का फैसला किया है। Mohsin Naqvi, जो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन हैं, ने ऐसे खिलाड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि लीग के नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। “नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई” नकवी ने साफ कहा कि जो खिलाड़ी PSL में अनुबंध के बावजूद IPL में खेलने चले जाते हैं, उनके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने 2025 का उदाहरण देते हुए बताया कि Corbin Bosch पर इसी तरह एक साल का बैन लगाया गया था, जब उन्होंने PSL टीम पेशावर जाल्मी को छोड़कर IPL में Mumbai Indians के लिए खेला। 2026 में भी दोहराई जा रही कहानी इस साल भी कई खिलाड़ियों ने PSL से दूरी बनाकर IPL को प्राथमिकता दी है: Blessing Muzarabani ने इस्लामाबाद यूनाइटेड छोड़कर Kolkata Knight Riders जॉइन किया Dasun Shanaka ने लाहौर कलंदर्स से हटकर Rajasthan Royals के साथ जाने का फैसला किया इसके अलावा कई अन्य खिलाड़ियों ने भी PSL से नाम वापस लिया है, हालांकि उन्होंने निजी कारणों का हवाला दिया है। IPL vs PSL: शेड्यूल टकराव भी बड़ा कारण PSL 26 मार्च से शुरू हो रही है, जबकि IPL 28 मार्च से। दोनों लीग के शेड्यूल के टकराव की वजह से खिलाड़ियों को एक विकल्प चुनना पड़ रहा है। IPL की ज्यादा लोकप्रियता, बड़े कॉन्ट्रैक्ट और ग्लोबल एक्सपोजर के कारण खिलाड़ी अक्सर IPL को प्राथमिकता देते नजर आते हैं। नकवी का संतुलित बयान हालांकि नकवी ने यह भी कहा कि IPL के साथ सीधा टकराव उनका मुद्दा नहीं है। उनका मानना है कि अगर कुछ खिलाड़ी IPL में जा रहे हैं, तो PSL में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी शामिल हो रहे हैं। लेकिन साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि PSL को टालना संभव नहीं था, क्योंकि पूरे साल में उपलब्ध विंडो सीमित है। क्या बढ़ेगा विवाद? इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या भविष्य में IPL और PSL के बीच शेड्यूल को लेकर बेहतर समन्वय हो पाएगा या नहीं। फिलहाल, PCB के सख्त रुख से यह साफ है कि खिलाड़ी अब दोनों लीग के बीच चुनाव करने में ज्यादा सावधानी बरतेंगे।  

surbhi मार्च 23, 2026 0
Riyan Parag leading Rajasthan Royals with coach Kumar Sangakkara before IPL 2026
IPL 2026: रियान पराग ही क्यों बने राजस्थान रॉयल्स के कप्तान? कोच कुमार संगकारा ने खोला राज

Indian Premier League 2026 के आगाज से पहले राजस्थान रॉयल्स ने बड़ा फैसला लेते हुए संजू सैमसन के बाद टीम की कमान रियान पराग को सौंप दी है। इस फैसले ने क्रिकेट जगत में चर्चा तेज कर दी, जिस पर अब टीम के हेड कोच कुमार संगकारा ने खुलकर अपनी बात रखी है। खराब प्रदर्शन के बाद बड़े बदलाव IPL 2025 में राजस्थान रॉयल्स का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था। टीम ने केवल 4 मैच जीते, जबकि 10 मुकाबलों में हार झेलनी पड़ी और अंक तालिका में 9वें स्थान पर रही। इसी खराब प्रदर्शन के बाद फ्रेंचाइजी ने टीम संयोजन और नेतृत्व दोनों में बड़े बदलाव करने का निर्णय लिया। टीम को संतुलित करने पर फोकस कुमार संगकारा के अनुसार, इस बार टीम ने अपनी कमजोरियों पर खास काम किया है। स्पिन विभाग को मजबूत करने के लिए रवि बिश्नोई को शामिल किया गया   ऑलराउंडर विकल्प बढ़ाने के लिए रवींद्र जडेजा और सैम करन को टीम में जोड़ा गया   इन बदलावों से टीम को संतुलन और लचीलापन मिलने की उम्मीद है, खासकर विदेशी खिलाड़ियों के चयन में। रियान पराग को कप्तान क्यों चुना गया? कप्तानी के फैसले पर संगकारा ने साफ कहा कि यह पूरी तरह योग्यता और नेतृत्व क्षमता के आधार पर लिया गया निर्णय है। उन्होंने बताया कि रियान पराग को उन्होंने किशोर उम्र से देखा है और अब उनमें काफी परिपक्वता आ चुकी है। संगकारा के मुताबिक, पराग में टीम को साथ लेकर चलने की क्षमता है   दबाव में निर्णय लेने की समझ विकसित हुई है   वे एक जिम्मेदार खिलाड़ी और इंसान के रूप में उभरे हैं   उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चयन में किसी क्षेत्रीय पहचान या अन्य बाहरी कारकों का कोई असर नहीं था। चयन प्रक्रिया रही कड़ी राजस्थान रॉयल्स ने नए कप्तान के चयन के लिए कई खिलाड़ियों पर विचार किया और एक सख्त इंटरव्यू प्रक्रिया अपनाई। अंत में टीम मैनेजमेंट इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि रियान पराग ही इस भूमिका के लिए सबसे उपयुक्त हैं। आगे की राह टीम मैनेजमेंट और कोचिंग स्टाफ को भरोसा है कि रियान पराग की कप्तानी में टीम बेहतर प्रदर्शन करेगी। संगकारा ने कहा कि योजना बनाना जरूरी है, लेकिन असली सफलता मैदान पर प्रदर्शन से तय होगी। टीम का फोकस अब खिलाड़ियों के बीच तालमेल और आत्मविश्वास बढ़ाने पर है।  

surbhi मार्च 20, 2026 0
Sanju Samson IPL as he nears 5000 runs milestone record
IPL 2026 में संजू सैमसन के निशाने पर बड़ा रिकॉर्ड: 5000 रन बनाते ही एमएस धोनी के खास क्लब में एंट्री

भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे Sanju Samson एक बार फिर सुर्खियों में हैं। टी20 विश्व कप 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद अब उनकी नजर IPL 2026 में एक ऐतिहासिक उपलब्धि पर टिकी है। अगर सैमसन इस सीजन में 5000 रन पूरे कर लेते हैं, तो वह MS Dhoni के खास क्लब में शामिल हो जाएंगे। टी20 वर्ल्ड कप में मैच विनर बने सैमसन टी20 विश्व कप 2026 में सैमसन ने भारतीय टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। वेस्टइंडीज के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में 97 रन   इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में 89 रन   न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में 89 रन   इन पारियों ने उन्हें टीम का सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज साबित कर दिया। IPL में इतिहास रचने के करीब अब IPL 2026 में सैमसन एक खास रिकॉर्ड के बेहद करीब हैं। अब तक उन्होंने 2013 से 2025 के बीच 177 मैचों में 4,704 रन बनाए हैं, जिसमें 3 शतक   26 अर्धशतक शामिल हैं   उन्हें 5000 रन के आंकड़े तक पहुंचने के लिए सिर्फ 296 रन की जरूरत है। धोनी के क्लब में एंट्री का मौका IPL इतिहास में विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में 5000 रन का आंकड़ा अभी तक केवल MS Dhoni ही छू पाए हैं, जिन्होंने 2008 से 2025 के बीच 278 मैचों में 5,439 रन बनाए हैं। हालांकि KL Rahul के नाम भी 5000+ रन हैं, लेकिन उन्होंने हर मैच में विकेटकीपिंग नहीं की, इसलिए यह उपलब्धि अलग मानी जाती है। CSK की जर्सी में दिखेंगे सैमसन इस बार सैमसन के लिए यह उपलब्धि और भी खास हो सकती है, क्योंकि IPL 2026 में वह Chennai Super Kings की ओर से खेलते नजर आएंगे। दिलचस्प बात यह है कि यही वह टीम है, जहां MS Dhoni ने अपने करियर के सबसे यादगार पल दिए। ऐसे में सैमसन अगर इस टीम के लिए खेलते हुए 5000 रन पूरे करते हैं, तो यह उनके करियर का एक ऐतिहासिक मोमेंट होगा। राजस्थान से चेन्नई तक का सफर सैमसन लंबे समय तक Rajasthan Royals का हिस्सा रहे और 2021 में टीम की कप्तानी भी संभाली। उनकी अगुवाई में टीम 2022 में फाइनल तक पहुंची थी। 2025 सीजन के बाद उन्होंने टीम से अलग होने का फैसला किया, जिसके बाद चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें ट्रेड के जरिए अपने साथ जोड़ लिया। क्या टूटेगा रिकॉर्ड? अब सबकी नजर IPL 2026 पर है-क्या सैमसन इस सीजन में 5000 रन का आंकड़ा छूकर धोनी के खास क्लब में शामिल हो पाएंगे? अगर उनका फॉर्म जारी रहा, तो यह सिर्फ समय की बात लगती है।  

surbhi मार्च 19, 2026 0
Sanju Samson speaking about leaving Rajasthan Royals ahead of IPL 2026 season
IPL 2026: “मेरा समय खत्म हो गया था…” – Sanju Samson ने राजस्थान रॉयल्स छोड़ने पर तोड़ी चुप्पी

IPL 2026 से पहले एक बड़े फैसले ने क्रिकेट फैंस को चौंका दिया था-भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज Sanju Samson का Rajasthan Royals से अलग होना। अब सैमसन ने खुद इस फैसले के पीछे की वजह साफ कर दी है। एक बातचीत में सैमसन ने खुलकर कहा कि उन्होंने टीम इसलिए छोड़ी क्योंकि उन्हें लगा कि राजस्थान रॉयल्स के साथ उनका सफर पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा, “मुझे लगा कि टीम में मेरा समय खत्म हो गया है, इसलिए आगे बढ़ने का फैसला किया।”   8 साल का लंबा सफर, टीम के सबसे बड़े सितारों में शामिल संजू सैमसन ने 2018 से 2025 तक लगातार राजस्थान रॉयल्स का प्रतिनिधित्व किया। इससे पहले भी वह 2013 से 2015 तक टीम का हिस्सा रहे थे। इस दौरान उन्होंने कुल 11 सीजन खेले और टीम के सबसे ज्यादा मैच खेलने और रन बनाने वाले खिलाड़ियों में अपना नाम दर्ज कराया। बीच में उन्होंने 2016-2017 के दौरान Delhi Capitals (तब दिल्ली डेयरडेविल्स) के लिए भी खेला, लेकिन उनकी पहचान सबसे ज्यादा राजस्थान रॉयल्स के साथ ही बनी।   अब नई पारी चेन्नई सुपर किंग्स के साथ IPL 2026 में सैमसन अब Chennai Super Kings की जर्सी में नजर आएंगे। यह बदलाव नवंबर 2025 में एक ट्रेड डील के तहत हुआ था, जिसने क्रिकेट जगत में काफी चर्चा बटोरी थी। सैमसन ने इस नई शुरुआत को लेकर उत्साह भी जताया। उनका कहना है कि हर खिलाड़ी के करियर में एक समय ऐसा आता है जब उसे आगे बढ़ना होता है, और उन्होंने भी वही किया।   पुरानी टीम के खिलाफ खेलना होगा भावनात्मक राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेलने को लेकर सैमसन ने कहा कि यह उनके लिए पहली बार होगा और निश्चित रूप से भावनात्मक पल रहेगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मैदान पर उतरते ही वह भावनाओं को अलग रखकर सिर्फ खेल पर ध्यान देंगे। मैच से पहले और बाद में पुराने साथियों से मिलने की खुशी जरूर होगी, लेकिन खेल के दौरान उनका फोकस पूरी तरह अपनी नई टीम पर रहेगा।   “नई शुरुआत, नया उत्साह” सैमसन ने कहा कि यह उनके करियर की एक नई यात्रा है, जिसे वह पूरे जोश और सकारात्मकता के साथ अपनाना चाहते हैं। राजस्थान रॉयल्स के साथ बिताए गए वर्षों को उन्होंने सम्मान और प्यार के साथ याद किया, लेकिन यह भी साफ कर दिया कि अब वह आगे बढ़ चुके हैं और नई चुनौतियों के लिए तैयार हैं।  

surbhi मार्च 17, 2026 0
Vaibhav Suryavanshi hitting big shots during Rajasthan Royals practice before IPL 2026
IPL 2026 से पहले फिर चर्चा में वैभव सूर्यवंशी, प्रैक्टिस में दिखी तूफानी बल्लेबाजी

भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे और बिहार के युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi एक बार फिर सुर्खियों में हैं। IPL 2025 में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सभी को चौंकाने वाले वैभव अब आगामी सीजन के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रहे हैं। Rajasthan Royals ने हाल ही में अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें 15 वर्षीय वैभव अभ्यास सत्र के दौरान सीनियर गेंदबाजों के खिलाफ बड़े-बड़े शॉट लगाते दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो ने फैंस के बीच उत्साह बढ़ा दिया है और संकेत दिया है कि IPL 2026 में एक बार फिर उनका आक्रामक अंदाज देखने को मिल सकता है।   पिछले सीजन में रचा था इतिहास IPL 2025 में जब मात्र 14 साल 23 दिन की उम्र में वैभव ने डेब्यू किया, तो वह अपने आप में एक ऐतिहासिक पल था। Indian Premier League के मंच पर कदम रखते ही उन्होंने पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर अपने इरादे जाहिर कर दिए थे। इसके बाद उनका प्रदर्शन लगातार चर्चा का विषय बना रहा। Gujarat Titans के खिलाफ खेले गए मैच में वैभव ने महज 35 गेंदों में शतक लगाकर रिकॉर्ड बना दिया। इस उपलब्धि के साथ वह टी20 क्रिकेट और IPL इतिहास में शतक लगाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। यह शतक IPL इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक भी रहा। पूरे सीजन में वैभव ने 7 मैचों में 206.55 की शानदार स्ट्राइक रेट से 252 रन बनाए और उनके बल्ले से 24 छक्के निकले। इतनी कम उम्र में इस तरह का प्रदर्शन उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल कर चुका है।   अभ्यास में दिख रही वही निडर बल्लेबाजी राजस्थान रॉयल्स द्वारा साझा किए गए अभ्यास वीडियो में वैभव उसी आत्मविश्वास और आक्रामक शैली में बल्लेबाजी करते दिखाई दे रहे हैं। सीनियर गेंदबाजों के खिलाफ वह बेखौफ अंदाज में आगे बढ़कर बड़े शॉट खेल रहे हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार विरोधी टीमें उनके लिए बेहतर रणनीति बनाकर मैदान में उतरेंगी, लेकिन वैभव ने भी अपनी बल्लेबाजी में परिपक्वता और समझ को और मजबूत किया है।   अंडर-19 विश्व कप में भी मचाया धमाल IPL के बाद वैभव ने जूनियर स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन जारी रखा। ICC Under-19 Cricket World Cup के फाइनल में उन्होंने हरारे में खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ 80 गेंदों में 175 रन की तूफानी पारी खेली। इस पारी की बदौलत India Under-19 cricket team ने England Under-19 cricket team को 100 रनों से हराकर खिताब अपने नाम किया। उनकी इस पारी ने भारत को 50 ओवर में 411/9 के विशाल स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।   राजस्थान रॉयल्स की उम्मीदों का केंद्र राजस्थान रॉयल्स ने वैभव को 1.1 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया था और अब टीम को उनसे एक बार फिर बड़ी उम्मीदें हैं। युवा बल्लेबाज भी इस भरोसे पर खरा उतरने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। क्रिकेट प्रशंसकों के बीच यह चर्चा भी तेज है कि क्या आगामी IPL में वैभव टी20 क्रिकेट के कुछ बड़े रिकॉर्ड तोड़ पाएंगे। खासकर Chris Gayle के सबसे तेज शतक जैसे रिकॉर्ड को लेकर फैंस की निगाहें उन पर टिकी रहेंगी। फिलहाल जिस तरह से वैभव अभ्यास सत्र में गेंद को मैदान के बाहर भेज रहे हैं, उसे देखकर यही कहा जा सकता है कि IPL 2026 में एक बार फिर “वैभव का तूफान” देखने को मिल सकता है।  

surbhi मार्च 10, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का रिजल्ट घोषित, अनुज अग्निहोत्री बने टॉपर, 958 उम्मीदवार सफल

UPSC CSE Result 2025: देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक Civil Services Examination का अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है। Union Public Service Commission ने शुक्रवार 6 मार्च 2026 को UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट घोषित किया। इस परीक्षा में अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल किया है। परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अब आयोग की आधिकारिक वेबसाइट UPSC Official Website पर जाकर फाइनल मेरिट लिस्ट देख सकते हैं। 958 उम्मीदवारों का हुआ चयन यूपीएससी द्वारा जारी फाइनल रिजल्ट के अनुसार इस वर्ष कुल 958 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति विभिन्न केंद्रीय सेवाओं में उनकी रैंक और पसंद के आधार पर की जाएगी। फाइनल रिजल्ट उम्मीदवारों के लिखित परीक्षा (Main Exam) और पर्सनैलिटी टेस्ट (Interview) में प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है। इन प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए होता है चयन यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से देश की कई प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं— भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS)   भारतीय पुलिस सेवा (IPS)   भारतीय विदेश सेवा (IFS)   भारतीय राजस्व सेवा (IRS)   भारतीय व्यापार सेवा सहित अन्य ग्रुप A और ग्रुप B सेवाएं   979 पदों को भरने का लक्ष्य सिविल सेवा परीक्षा 2025 के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 979 रिक्त पदों को भरा जाना है। ऐसे चेक करें UPSC CSE 2025 का रिजल्ट उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स के माध्यम से अपना रिजल्ट देख सकते हैं— आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं   होमपेज पर “Examination” टैब पर क्लिक करें   “Active Examinations” या “What’s New” सेक्शन में जाएं   Civil Services Examination Final Result 2025 लिंक पर क्लिक करें   मेरिट लिस्ट की PDF खुल जाएगी   Ctrl + F दबाकर अपना नाम या रोल नंबर सर्च करें   15 दिन में जारी होगी मार्कशीट यूपीएससी के अनुसार सभी उम्मीदवारों की मार्कशीट रिजल्ट जारी होने के 15 दिनों के भीतर आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। उम्मीदवार इसे 30 दिनों तक ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। पिछले साल का कट-ऑफ पिछले वर्ष का अंतिम कट-ऑफ इस प्रकार था— जनरल: 87.98   EWS: 85.92   OBC: 87.28   SC: 79.03   ST: 74.23   आयु सीमा क्या है यूपीएससी की अधिसूचना के अनुसार उम्मीदवार की आयु 1 अगस्त 2024 तक कम से कम 21 वर्ष और अधिकतम 32 वर्ष होनी चाहिए। यानी उम्मीदवार का जन्म 2 अगस्त 1992 से 1 अगस्त 2003 के बीच होना चाहिए। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन तीन चरणों—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू—को पार कर बहुत कम उम्मीदवार ही अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं। UPSC CSE 2025 टॉप-20 उम्मीदवारों की सूची रैंक रोल नंबर नाम 1 1131589 अनुज अग्निहोत्री 2 4000040 राजेश्वरी सुवे एम 3 3512521 अकांश ढुल 4 0834732 राघव झुनझुनवाला 5 0409847 ईशान भटनागर 6 6410067 जिनिया अरोड़ा 7 0818306 ए आर राजा मोहिद्दीन 8 0843487 पक्षल सेक्रेटरी 9 0831647 आस्था जैन 10 1523945 उज्ज्वल प्रियांक 11 1512091 यशस्वी राज वर्धन 12 0840280 अक्षित भारद्वाज 13 7813999 अनन्या शर्मा 14 5402316 सुरभि यादव 15 3507500 सिमरनदीप कौर 16 0867445 मोनिका श्रीवास्तव 17 0829589 चितवन जैन 18 5604518 श्रुति आर 19 0105602 निसार दिशांत अमृतलाल 20 6630448 रवि राज

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surbhi मार्च 31, 2026 0