Vaibhav Suryavanshi ने सिर्फ अपनी बल्लेबाजी से ही नहीं, बल्कि अपने व्यवहार और संस्कार से भी क्रिकेट फैंस का दिल जीत लिया। Rajasthan Royals और Lucknow Super Giants के बीच खेले गए अहम मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव ने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 38 गेंदों में 93 रन ठोक दिए। उनकी पारी में 10 छक्के और 7 चौके शामिल रहे। वैभव की इस धमाकेदार पारी की बदौलत राजस्थान रॉयल्स ने 220 रनों का बड़ा लक्ष्य 19.1 ओवर में हासिल कर लिया और मुकाबला 7 विकेट से अपने नाम कर लिया। लेकिन मैच खत्म होने के बाद जो दृश्य देखने को मिला, उसने सोशल मीडिया पर अलग ही चर्चा छेड़ दी। मैच के बाद दिखे वैभव के संस्कार मुकाबला खत्म होने के बाद Sanjiv Goenka खुद मैदान पर पहुंचे और वैभव सूर्यवंशी की शानदार बल्लेबाजी की तारीफ की। इसी दौरान जब संजीव गोयनका की पत्नी वहां पहुंचीं, तो वैभव ने हाथ जोड़कर उनका अभिवादन किया और फिर उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। यह पल कैमरे में कैद हो गया और देखते ही देखते सोशल media पर वायरल हो गया। फैंस वैभव की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। कई लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति और सम्मान की खूबसूरत मिसाल बताया। राजस्थान की प्लेऑफ उम्मीदें बरकरार इस जीत के साथ राजस्थान रॉयल्स ने प्लेऑफ की रेस में खुद को मजबूती से बनाए रखा है। टीम फिलहाल अंक तालिका में चौथे स्थान पर बनी हुई है। लक्ष्य का पीछा करते हुए वैभव के अलावा Dhruv Jurel ने नाबाद 53 रन और Yashasvi Jaiswal ने 43 रनों की अहम पारी खेली। अब राजस्थान के लिए अगला मुकाबला बेहद अहम होने वाला है। टीम को 24 मई को Mumbai Indians के खिलाफ हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी, तभी प्लेऑफ का टिकट लगभग पक्का हो सकेगा। सोशल मीडिया पर छाए वैभव वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी के साथ-साथ उनका व्यवहार भी चर्चा का विषय बन गया है। क्रिकेट फैंस का मानना है कि इतनी कम उम्र में मैदान पर आक्रामक खेल और मैदान के बाहर विनम्रता उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है।
मुंबई, एजेंसियां। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL 2026 में पंजाब किंग्स को हराकर प्लेऑफ में जगह पक्की कर ली। टीम 13 मैचों में 18 पॉइंट्स के साथ टेबल के टॉप पर हैं। RCB अब लीग स्टेज में टॉप-2 से बाहर नहीं हो सकती, इसलिए उसका क्वालीफायर-1 खेलना भी तय हो गया है। पंजाब की लगातार छठी हार दूसरी ओर पंजाब किंग्स को लगातार छठी हार मिली, जिससे टीम के नाकआउट स्टेज में पहुंचने के चांस कम हो गए हैं। वहीं दिल्ली कैपिटल्स ने राजस्थान रॉयल्स को हराकर एक स्थान की छलांग लगाई। टीम 12 पॉइंट्स के साथ सातवें स्थान पर पहुंच गई है। चेन्नई सुपर किंग्स, कोलकाता नाइट राइडर्स और दिल्ली कैपिटल्स अब भी प्लेऑफ की रेस में बनी हुई हैं। बेंगलुरु टॉप पर RCB 13 मैचों में 9 जीत और 18 पॉइंट्स के साथ पहले स्थान पर है। टीम का नेट रनरेट +1.065 है, जो लीग में सबसे बेहतर है। बेंगलुरु अब अधिकतम 20 पॉइंट्स तक पहुंच सकती है। ऐसे में टीम का क्वालीफायर-1 खेलना तय हो गया है। बेंगलुरु का आखिरी लीग मैच 22 मई को सनराइजर्स हैदराबाद से होगा। 18 पॉइंट्स पर बेंगलुरु को टॉप-2 से हटाना नामुमकिन है। पॉइंट्स टेबल में हैदराबाद और गुजरात 18 पॉइंट्स तक पहुंच सकते हैं। लेकिन, बेंगलुरु के रनरेट को पीछे छोड़ना मुश्किल है। इसके लिए दोनों टीमों को अपने दोनों मैच बड़े मार्जिन से जीतने होंगे। गुजरात दूसरे स्थान पर कायम गुजरात टाइटंस 16 पॉइंट्स के साथ दूसरे स्थान पर बनी हुई है। टीम का आखिरी मुकाबला चेन्नई सुपर किंग्स से है। गुजरात यह मैच जीतती है तो टॉप-2 में जगह लगभग पक्की कर लेगी। हैदराबाद तीसरे पायदान पर सनराइजर्स हैदराबाद 14 पॉइंट्स के साथ तीसरे स्थान पर है। टीम को अब चेन्नई और बेंगलुरु से खेलना है। आज 18 मई को चेन्नई को हराकर टीम अपनी प्लेऑफ खेलने की स्थिति मजबूत कर सकती है। पंजाब और राजस्थान के लिए हर मैच अहम पंजाब किंग्स 13 मैचों में 13 पॉइंट्स के साथ चौथे स्थान पर है। टीम लगातार 6 मैच हार चुकी है। पंजाब का आखिरी मुकाबला लखनऊ से है। प्लेऑफ की उम्मीद बनाए रखने के लिए उसे हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। राजस्थान रॉयल्स 12 पॉइंट्स के साथ छठे स्थान पर पहुंच गई है। टीम का रनरेट (+0.27) चेन्नई के बराबर हैं। राजस्थान को अब लखनऊ और मुंबई से मुकाबले खेलने हैं। टॉप-4 में पहुंचने के लिए टीम को दोनों मैच जीतने होंगे। चेन्नई, कोलकाता और दिल्ली की उम्मीदें बाकी चेन्नई सुपर किंग्स 12 पॉइंट्स के साथ पांचवें स्थान पर है। टीम को हैदराबाद और 21 मई को गुजरात से मैच खेलना है। प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए CSK को दोनों मुकाबले जीतने होंगे। दिल्ली की जीत से कोलकाता नाइट राइडर्स को नुकसान हुआ है। टीम 11 पॉइंट्स के साथ 8वें स्थान पर खिसक गई हैं। कोलकाता को अब मुंबई और दिल्ली से मैच खेलने हैं। KKR को प्लेऑफ में पहुंचने के लिए दोनों मैच जीतने होंगे और दूसरी टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना पड़ेगा। दिल्ली कैपिटल्स 12 पॉइंट्स के साथ सातवें स्थान पर पहुंच गई हैं। टीम को प्लेऑफ में जाने के लिए 24 मई को कोलकाता के खिलाफ बड़े अंतर से जीतना होगा। साथ ही दूसरी टीमों के नतीजों पर भी नजर रखनी होगी। मुंबई और लखनऊ पहले ही बाहर मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स 8-8 पॉइंट्स के साथ क्रमश: नौवें और दसवें स्थान पर हैं। दोनों टीमें प्लेऑफ की रेस से बाहर हो चुकी हैं।
नई दिल्ली, एजेंसियां। दिल्ली कैपिटल्स ने रविवार को दूसरे मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स को 5 विकेट से हरा दिया। नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में राजस्थान ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 193 रन बनाए। दिल्ली ने 194 रन का टारगेट 19.2 ओवर में 5 विकेट खोकर हासिल कर लिया। यह राजस्थान की लगातार तीसरी हार रही। इस हार के बाद राजस्थान के प्लेऑफ में पहुंचने का इंतजार लंबा हो गया। वहीं, दिल्ली की उम्मीद अभी कायम है। राहुल-पोरेल के बीच 105 रन की ओपनिंग पार्टनरशिप अभिषेक पोरेल और केएल राहुल ने दिल्ली को तेज शुरुआत दिलाई। राहुल ने 42 गेंदों पर 56 और पोरेल ने 31 गेंदों में 51 रन बनाए। दोनों ने पहले विकेट के लिए 105 रन जोड़कर मैच दिल्ली की पकड़ में ला दिया। मिडिल ओवर्स में जोफ्रा आर्चर और ब्रिजेश शर्मा ने विकेट निकालकर राजस्थान की वापसी कराने की कोशिश की, लेकिन दिल्ली के कप्तान अक्षर पटेल ने 18 गेंदों में नाबाद 34 रन बनाकर टीम को संभाले रखा। आखिर में आशुतोष शर्मा ने सिर्फ 5 गेंदों में 18 रन ठोकते हुए चौका और छक्का लगाकर दिल्ली को जीत दिला दी। राजस्थान के लिए जोफ्रा आर्चर और बृजेश शर्मा ने 2-2 विकेट लिए। दासुन शनाका को 1 विकेट मिला। जुरेल-पराग के अर्धशतक इससे पहले राजस्थान के लिए ध्रुव जुरेल ने सबसे ज्यादा 53 रन बनाए, जबकि कप्तान रियान पराग ने 26 गेंदों में 51 रन की विस्फोटक पारी खेली। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने भी 21 गेंदों पर 46 रन बनाए। राजस्थान ने 14 ओवर तक मजबूत स्थिति बना ली थी, लेकिन डेथ ओवरों में लगातार विकेट गिरने से टीम 200 रन का आंकड़ा नहीं छू सकी। दिल्ली के लिए मिचेल स्टार्क ने 4 विकेट झटके। लुंगी एनगिडी और माधव तिवारी ने 2-2 विकेट लिए।
Delhi Capitals ने आईपीएल 2026 के 62वें मुकाबले में Rajasthan Royals को 5 विकेट से हराकर प्लेऑफ की उम्मीदों को जिंदा रखा है। इस जीत के साथ दिल्ली कैपिटल्स अंकतालिका में सातवें स्थान पर पहुंच गई, जबकि राजस्थान रॉयल्स की राह अब और कठिन हो गई है। अब राजस्थान को प्लेऑफ में जगह बनाने के लिए अपने बाकी दोनों मुकाबले हर हाल में जीतने होंगे। राजस्थान की पारी: जुरेल और पराग ने संभाला मोर्चा टॉस जीतकर दिल्ली ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया। राजस्थान की शुरुआत अच्छी नहीं रही और यशस्वी जायसवाल सिर्फ 12 रन बनाकर आउट हो गए। टीम का पहला विकेट 19 रन पर गिरा। इसके बाद वैभव सूर्यवंशी और ध्रुव जुरेल ने पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों के बीच दूसरे विकेट के लिए 70 रन की साझेदारी हुई। सूर्यवंशी 46 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद ध्रुव जुरेल और रियान पराग ने तीसरे विकेट के लिए 72 रन जोड़कर राजस्थान को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। रियान पराग ने 51 रन की शानदार पारी खेली, जबकि जुरेल ने 53 रन बनाए। हालांकि आखिरी ओवरों में राजस्थान की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई और टीम 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 193 रन ही बना सकी। दिल्ली के लिए गेंदबाजी में: मिचेल स्टार्क ने 4 विकेट लुंगी एनगिडी ने 2 विकेट माधव तिवारी ने 2 विकेट हासिल किए। दिल्ली की शानदार शुरुआत 194 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत बेहद मजबूत रही। अभिषेक पोरेल और केएल राहुल ने पहले विकेट के लिए शतकीय साझेदारी कर राजस्थान के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। अभिषेक पोरेल ने 51 रन की अहम पारी खेली। इसके बाद साहिर पारख सिर्फ 9 रन बनाकर आउट हो गए। केएल राहुल ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 56 रन बनाए। उनके आउट होने तक दिल्ली मजबूत स्थिति में पहुंच चुकी थी। अक्षर पटेल और आशुतोष शर्मा ने दिलाई जीत मध्यक्रम में डेविड मिलर और ट्रिस्टन स्टब्स जल्दी आउट हो गए, लेकिन कप्तान अक्षर पटेल एक छोर पर टिके रहे। उन्होंने नाबाद 34 रन बनाकर टीम को जीत के करीब पहुंचाया। अंत में आशुतोष शर्मा ने तेज 18 रन बनाकर दिल्ली को 5 विकेट से यादगार जीत दिला दी। राजस्थान की ओर से: जोफ्रा आर्चर ने 2 विकेट बृजेश शर्मा ने 2 विकेट लिए। प्लेऑफ की रेस हुई और रोमांचक इस जीत के बाद दिल्ली कैपिटल्स ने प्लेऑफ की उम्मीदों को जिंदा रखा है। वहीं राजस्थान रॉयल्स के लिए अब हर मुकाबला फाइनल जैसा हो गया है। आने वाले मैच तय करेंगे कि कौन सी टीम अंतिम चार में जगह बना पाएगी।
Delhi Capitals vs Kolkata Knight Riders मुकाबले के बाद Orange और Purple Cap की रेस में ज्यादा बदलाव देखने को नहीं मिला, लेकिन शनिवार को Rajasthan Royals और Gujarat Titans के बीच होने वाला मुकाबला तस्वीर बदल सकता है। दिल्ली पर आसान जीत के बाद Kolkata Knight Riders के खिलाड़ियों ने जरूर असर डाला, लेकिन अब सबसे ज्यादा नजरें उन खिलाड़ियों पर हैं जो शनिवार रात Orange और Purple Cap की दौड़ को पूरी तरह पलट सकते हैं। Orange Cap की रेस में कौन आगे? रनों की सूची में फिलहाल बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। KL Rahul ने 23 रन की पारी खेलकर अपना कुल स्कोर 468 तक पहुंचा दिया है और वह तीसरे स्थान पर बने हुए हैं। वहीं Abhishek Sharma 475 रन के साथ दूसरे और Heinrich Klaasen 494 रन के साथ Orange Cap की रेस में शीर्ष पर हैं। अब सबकी नजरें Vaibhav Sooryavanshi पर होंगी, जिन्होंने इस सीजन शानदार बल्लेबाजी करते हुए 404 रन बना लिए हैं और फिलहाल पांचवें स्थान पर हैं। इसके अलावा B Sai Sudharsan 385 रन के साथ सातवें और Shubman Gill 378 रन के साथ दसवें नंबर पर मौजूद हैं। अगर शनिवार के मैच में बड़ा स्कोर बनता है तो Orange Cap की टेबल में बड़ा बदलाव संभव है। Purple Cap की रेस में बढ़ा रोमांच Kartik Tyagi लगातार विकेट लेकर चर्चा में हैं। Kolkata Knight Riders के लिए खेलते हुए उन्होंने पिछले चार मैचों में 8 विकेट झटके हैं। दिल्ली के खिलाफ भी उन्होंने दो विकेट लिए, जिससे उनका कुल विकेट आंकड़ा 13 पहुंच गया। हालांकि Purple Cap की टॉप-5 सूची फिलहाल जस की तस बनी हुई है। Bhuvneshwar Kumar – 17 विकेट Anshul Kamboj – 17 विकेट Prince Yadav – 16 विकेट Kagiso Rabada – 16 विकेट Eshan Malinga – 16 विकेट आज की रात बदल सकती है Purple Cap की तस्वीर शनिवार को सबसे ज्यादा नजरें Kagiso Rabada और Jofra Archer पर रहेंगी। रबाडा ने पिछले छह मैचों में 12 विकेट लेकर शानदार फॉर्म दिखाई है। अगर वह इसी लय को जारी रखते हैं, तो शनिवार रात तक Purple Cap उनके सिर पर हो सकती है। दूसरी ओर Jofra Archer 15 विकेट के साथ टॉप खिलाड़ियों के बेहद करीब हैं। सिर्फ दो विकेट उन्हें शीर्ष स्थान तक पहुंचा सकते हैं। पावरप्ले में रबाडा और आर्चर की गेंदबाजी इस मुकाबले का सबसे बड़ा आकर्षण बन सकती है।
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के एक हाई-स्कोरिंग मुकाबले में Delhi Capitals ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Rajasthan Royals को 7 विकेट से हराकर जोरदार जीत दर्ज की। मुकाबला रोमांच से भरपूर रहा, लेकिन अंत में दिल्ली की मजबूत बल्लेबाजी ने राजस्थान के बड़े स्कोर को भी बौना साबित कर दिया। दिल्ली की आक्रामक शुरुआत ने तय किया मैच 225 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए दिल्ली को KL Rahul (75 रन) और Pathum Nissanka (62 रन) ने शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों की संयमित और आक्रामक पारी ने मैच का रुख शुरू में ही दिल्ली की ओर मोड़ दिया। टीम ने लक्ष्य को 5 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया, जो उनकी बल्लेबाजी की मजबूती को दर्शाता है। रियान पराग की कप्तानी पारी गई बेकार इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए राजस्थान ने 6 विकेट के नुकसान पर 225 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। कप्तान Riyan Parag ने शानदार 90 रन की पारी खेली, जबकि अंत में Donovan Ferreira ने सिर्फ 14 गेंदों में नाबाद 47 रन बनाकर टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया। हार के बाद भावुक हुए पराग मैच के बाद रियान पराग काफी भावुक नजर आए। उनकी आंखें नम हो गईं और उन्होंने स्वीकार किया कि टीम मिडिल ओवर्स में बेहतर गेंदबाजी कर सकती थी। उन्होंने कहा, “मुझे लगा था कि यह एक अच्छा स्कोर है, करीब 200 का स्कोर पर्याप्त होता है, लेकिन हम उसे बचा नहीं सके।” चोट पर भी दिया अपडेट पराग मैच के दौरान हैमस्ट्रिंग चोट के कारण मैदान से बाहर चले गए थे। उन्होंने बताया कि चोट ज्यादा गंभीर नहीं है और वह एक हफ्ते के ब्रेक के बाद वापसी कर सकते हैं। आलोचकों को दिया जवाब अपनी पारी पर बोलते हुए पराग ने कहा कि उन्हें आलोचकों को जवाब देने की जरूरत नहीं है, लेकिन टीम की हार उन्हें सबसे ज्यादा खल रही है।
आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स का 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi अपने धमाकेदार प्रदर्शन से क्रिकेट जगत को हैरान कर रहा है। जिस आक्रामक अंदाज में वह बल्लेबाजी कर रहे हैं, उसे देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि वह इस सीजन में आईपीएल इतिहास के कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। पंजाब किंग्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में वैभव ने महज 16 गेंदों में 43 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 5 छक्के और 3 चौके शामिल थे। उनकी इस पारी ने न सिर्फ मैच का रुख बदला, बल्कि दिग्गजों के रिकॉर्ड पर भी खतरे की घंटी बजा दी है। क्रिस गेल का ‘महारिकॉर्ड’ खतरे में आईपीएल इतिहास में एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड Chris Gayle के नाम है, जिन्होंने 2012 में 59 छक्के लगाए थे। लेकिन इस सीजन वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 9 मैचों में ही 37 छक्के जड़ दिए हैं। उनकी मौजूदा फॉर्म को देखते हुए यह रिकॉर्ड अब ज्यादा दूर नहीं लगता। वहीं Abhishek Sharma का 2024 में 42 छक्कों का आंकड़ा भी खतरे में है, जिसे वैभव जल्द पार कर सकते हैं। दुनिया के टॉप गेंदबाज भी नहीं बच पाए वैभव की बल्लेबाजी की सबसे खास बात उनका निडर रवैया है। उन्होंने Jasprit Bumrah और Josh Hazlewood जैसे विश्वस्तरीय गेंदबाजों के खिलाफ भी आक्रामक खेल दिखाया है। उनका आत्मविश्वास और बड़े शॉट खेलने की क्षमता उन्हें बाकी बल्लेबाजों से अलग बनाती है। रिकॉर्डतोड़ स्ट्राइक रेट और ऑरेंज कैप की दौड़ वैभव सूर्यवंशी इस सीजन 238.10 के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट और 44.44 की औसत से रन बना रहे हैं। वह ऑरेंज कैप की रेस में भी सबसे आगे चल रहे हैं। इसके साथ ही वह आईपीएल इतिहास के पहले बल्लेबाज बन गए हैं, जिन्होंने एक ही सीजन में 230+ के स्ट्राइक रेट से 400 रन का आंकड़ा पार किया है। RR के लिए गेम-चेंजर बनते वैभव Yashasvi Jaiswal के साथ उनकी साझेदारी राजस्थान रॉयल्स के लिए इस सीजन की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। दोनों की आक्रामक शुरुआत ने टीम को कई मैचों में मजबूत स्थिति दिलाई है। IPL में एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के (Top Records) 59 – क्रिस गेल (2012) 52 – आंद्रे रसेल (2019) 51 – क्रिस गेल (2013) 44 – क्रिस गेल (2011) 42 – अभिषेक शर्मा (2024)
Indian Premier League 2026 के एक रोमांचक मुकाबले के दौरान एक चिंताजनक घटना सामने आई, जब Priyansh Arya के लगाए गए जोरदार छक्के से स्टैंड में बैठा एक दर्शक घायल हो गया। छक्का बना हादसे की वजह यह घटना Punjab Kings और Rajasthan Royals के बीच 28 अप्रैल को खेले गए मैच के दौरान हुई। पंजाब के ओपनर प्रियांश आर्य ने एक बड़ा शॉट खेला, जो सीधे स्टैंड्स में जाकर एक फैन के चेहरे पर लगा। इससे वह व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके चेहरे से खून बहने लगा। हालांकि, मौके पर मौजूद अन्य दर्शकों ने तुरंत उसकी मदद की और स्थिति को संभाला। मैदान पर रोमांच, बाहर चिंता मैच भले ही हाई स्कोरिंग और रोमांचक रहा, लेकिन इस घटना ने स्टेडियम में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्रिकेट में दर्शकों का उत्साह जितना जरूरी है, उतनी ही उनकी सुरक्षा भी अहम होती है। ऐसा रहा मैच का हाल मैच में Riyan Parag की कप्तानी वाली राजस्थान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। पंजाब ने 20 ओवर में 4 विकेट पर 222 रन बनाए Marcus Stoinis: 62* रन Prabhsimran Singh: 59 रन जवाब में राजस्थान ने 19.2 ओवर में 4 विकेट पर 223 रन बनाकर मैच जीत लिया Donovan Ferreira: 52* रन Shubham Dubey: 31* रन पंजाब के लिए Yuzvendra Chahal ने 3 विकेट लिए।
Indian Premier League 2026 में Rajasthan Royals के लिए एक बड़ा मैच विनर उभरकर सामने आया है। Shubham Dubey ने पंजाब किंग्स के खिलाफ बेहद दबाव भरे मुकाबले में शानदार पारी खेलकर अपनी टीम को जीत दिलाई और यह साबित किया कि वह मुश्किल परिस्थितियों के खिलाड़ी हैं। नंबर 6 पर आकर पलटा मैच जब राजस्थान को जीत के लिए 36 गेंदों में 72 रन की जरूरत थी, तब शुभम दुबे को नंबर 6 पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया–वो भी Ravindra Jadeja और Dasun Shanaka जैसे खिलाड़ियों से पहले। दुबे ने इस चुनौती को बखूबी निभाते हुए सिर्फ 12 गेंदों में नाबाद 31 रन बनाए और मैच का रुख बदल दिया। Ferreira के साथ मैच जिताऊ साझेदारी उन्होंने Donovan Ferreira के साथ मिलकर 32 गेंदों में 77 रन की अहम साझेदारी की। इस साझेदारी ने न सिर्फ दबाव कम किया, बल्कि राजस्थान को जीत की राह पर ला खड़ा किया। संगकारा ने बताया ‘एक्सेप्शनल’ टीम के हेड कोच Kumar Sangakkara ने दुबे की तारीफ करते हुए कहा कि इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर खेलना सबसे मुश्किल होता है, क्योंकि खिलाड़ी को पहले से पता नहीं होता कि उसे मौका मिलेगा या नहीं। ऐसे में मानसिक रूप से तैयार रहना ही असली चुनौती होती है–और दुबे इसमें सफल रहे। छोटे टूर्नामेंट से IPL तक का सफर 31 वर्षीय शुभम दुबे का सफर संघर्ष से भरा रहा है। उन्होंने विदर्भ के बापुना कप जैसे छोटे टूर्नामेंट्स से पहचान बनाई और फिर Syed Mushtaq Ali Trophy 2023-24 में 73.66 की औसत और 187+ स्ट्राइक रेट के साथ शानदार प्रदर्शन किया। RR का भरोसा और दुबे का प्रदर्शन राजस्थान ने IPL 2024 में उन्हें 5.8 करोड़ रुपये में खरीदा था, हालांकि पहले सीजन में उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले। बाद में टीम ने उन्हें रिलीज कर दोबारा खरीदा, लेकिन भरोसा कायम रखा। अब IPL 2026 में दुबे ने लगातार दो मैचों में दमदार प्रदर्शन किया– लखनऊ के खिलाफ 19* (11 गेंद) पंजाब के खिलाफ 31* (12 गेंद) एक्सपर्ट्स ने भी सराहा पूर्व क्रिकेटर Abhinav Mukund और Piyush Chawla ने भी माना कि दुबे जैसे खिलाड़ी के लिए यह रोल बेहद कठिन होता है, जहां 10-12 गेंदों में 25-30 रन बनाने का दबाव होता है। लेकिन दुबे ने अपनी काबिलियत से साबित कर दिया कि वह गेम को कंट्रोल करना जानते हैं।
Indian Premier League 2026 सीजन जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, प्लेऑफ की रेस और ज्यादा दिलचस्प होती जा रही है। अब तक 40 मुकाबले खेले जा चुके हैं और हर टीम के लिए समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। मंगलवार को Punjab Kings को Rajasthan Royals के खिलाफ 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा, जो इस सीजन में उनकी पहली हार थी। इस जीत के साथ राजस्थान ने 12 अंक हासिल कर लिए हैं और टॉप-4 की रेस को और भी कड़ा बना दिया है। प्लेऑफ के लिए क्या है गणित? आईपीएल में आमतौर पर 16 अंक प्लेऑफ में जगह पक्की करने के लिए सुरक्षित माने जाते हैं, हालांकि कई बार 14 अंक पर भी टीमें क्वालीफाई कर चुकी हैं। टीमों का मौजूदा समीकरण पंजाब किंग्स (13 अंक) टेबल में टॉप पर मौजूद पंजाब को अब बचे 6 मैचों में से सिर्फ 2-3 जीत की जरूरत है, जिससे उनका प्लेऑफ लगभग तय हो सकता है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (12 अंक) Royal Challengers Bengaluru को बचे हुए 6 मैचों में से कम से कम 2-3 जीत दर्ज करनी होंगी। राजस्थान रॉयल्स (12 अंक) राजस्थान 9 मैच खेल चुका है। अब उसे बाकी 5 मुकाबलों में से कम से कम 2 जीत हासिल करनी जरूरी है। सनराइजर्स हैदराबाद (10 अंक) Sunrisers Hyderabad को सुरक्षित स्थिति में पहुंचने के लिए कम से कम 4 मैच जीतने होंगे। गुजरात टाइटंस (8 अंक) Gujarat Titans को प्लेऑफ में पहुंचने के लिए बचे 6 मैचों में 4-5 जीत दर्ज करनी होगी। चेन्नई सुपर किंग्स (6 अंक) Chennai Super Kings को अब लगभग हर मैच जीतना होगा–कम से कम 6 में से 5 जीत जरूरी है, साथ ही नेट रन रेट भी अहम रहेगा। दिल्ली कैपिटल्स (6 अंक) Delhi Capitals का भी हाल चेन्नई जैसा है–उन्हें लगभग सभी मैच जीतने होंगे। कोलकाता नाइट राइडर्स (5 अंक) Kolkata Knight Riders को प्लेऑफ की उम्मीद जिंदा रखने के लिए सभी मैच जीतने होंगे। मुंबई इंडियंस (4 अंक) Mumbai Indians के लिए अब हर मैच करो या मरो जैसा है–एक भी हार बाहर कर सकती है। लखनऊ सुपर जायंट्स (4 अंक) Lucknow Super Giants पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे है और उसे प्लेऑफ के लिए सभी मैच जीतने होंगे। रेस अभी खुली है इस सीजन की सबसे खास बात यह है कि अभी तक कोई भी टीम आधिकारिक तौर पर प्लेऑफ की दौड़ से बाहर नहीं हुई है। ऐसे में आने वाले मुकाबले हर टीम के लिए बेहद अहम होंगे और नेट रन रेट भी निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
आईपीएल 2026 के मुकाबले में Lucknow Super Giants को Rajasthan Royals के खिलाफ 40 रनों की करारी हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में इंग्लैंड के तेज गेंदबाज Jofra Archer की घातक गेंदबाजी ने लखनऊ की बल्लेबाजी को पूरी तरह से झकझोर दिया। 160 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम मात्र 119 रनों पर सिमट गई। हार के बाद कप्तान Rishabh Pant काफी निराश नजर आए और उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनके पास इस हार का कोई ठोस जवाब नहीं है। “जवाब बाहर नहीं, अंदर ढूंढने होंगे” – पंत मैच के बाद पंत ने स्वीकार किया कि टीम पिच को सही तरीके से समझने में असफल रही। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजी यूनिट ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया, जिससे टीम को भारी नुकसान हुआ। पंत ने कहा, “मेरे पास इस हार का कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। हमें अपने अंदर झांककर सुधार करना होगा। बल्लेबाजों को थोड़ा समय लेकर खेलना चाहिए था।” उन्होंने यह भी माना कि वह खुद अपनी पारी को लंबा नहीं खींच पाए, जो टीम के लिए नुकसानदायक साबित हुआ। पंत के मुताबिक, पूरी बल्लेबाजी इकाई को जिम्मेदारी लेनी होगी और गलतियों से सीखना होगा। गेंदबाजों की तारीफ, उम्मीदें बरकरार पंत ने टीम के गेंदबाजों के प्रदर्शन, खासकर Mohammed Shami की सराहना की। उन्होंने कहा कि कुछ सकारात्मक पहलू भी हैं, जिन पर टीम आगे काम कर सकती है। उन्होंने भरोसा जताया कि अभी टूर्नामेंट में काफी मैच बाकी हैं और टीम वापसी कर सकती है। “पहले से अंदाजा था कि गेंद स्विंग करेगी” – रियान पराग वहीं राजस्थान के कप्तान Riyan Parag ने जीत के बाद कहा कि पिच गेंदबाजों के अनुकूल थी और उन्हें पहले से अंदाजा था कि गेंद स्विंग करेगी। उन्होंने Nandre Burger और जोफ्रा आर्चर की शानदार लाइन-लेंथ की जमकर तारीफ की और टीम के सकारात्मक माहौल को जीत का अहम कारण बताया। ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ जडेजा का खास बयान मैच में अहम भूमिका निभाने वाले Ravindra Jadeja ने नाबाद 43 रन बनाकर ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का खिताब जीता। उन्होंने यह अवॉर्ड अपनी पत्नी रिवाबा जडेजा को समर्पित किया। जडेजा ने कहा कि पिच बल्लेबाजी के लिए आसान नहीं थी और गेंद लगातार सीम और स्विंग कर रही थी। उन्होंने हालात के अनुसार धैर्य से खेलते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
आईपीएल 2026 के सीजन में एक बार फिर पॉइंट्स टेबल में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। Royal Challengers Bengaluru (RCB) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Lucknow Super Giants को 5 विकेट से हराया और सीधे टेबल के शीर्ष पर पहुंच गई। इस जीत ने टूर्नामेंट के समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं। RCB ने अब तक खेले गए 5 मुकाबलों में से 4 में जीत दर्ज की है और सिर्फ 1 मैच गंवाया है। टीम के पास 8 अंक हैं और +1.503 का बेहतरीन नेट रन रेट है, जो उसे अन्य टीमों से आगे रखता है। लगातार दो जीतों ने टीम का आत्मविश्वास और मजबूत किया है। सीजन की शुरुआत में RCB ने Sunrisers Hyderabad को 6 विकेट से हराया, इसके बाद Chennai Super Kings को 43 रन से मात दी। हालांकि तीसरे मैच में Rajasthan Royals ने 6 विकेट से हराकर RCB को झटका दिया, लेकिन टीम ने वापसी करते हुए Mumbai Indians को 18 रन से हराया और अब लखनऊ के खिलाफ जीत दर्ज कर टॉप पर कब्जा कर लिया। पॉइंट्स टेबल की स्थिति पहले स्थान पर RCB (8 अंक, +1.503 NRR) दूसरे स्थान पर Rajasthan Royals (8 अंक, +0.889 NRR) तीसरे स्थान पर Punjab Kings (7 अंक) चौथे स्थान पर Sunrisers Hyderabad (4 अंक) पांचवें स्थान पर Delhi Capitals (4 अंक) छठे स्थान पर Gujarat Titans (4 अंक) सातवें स्थान पर Lucknow Super Giants (4 अंक) आठवें स्थान पर Chennai Super Kings (4 अंक) नौवें स्थान पर Mumbai Indians (2 अंक) दसवें स्थान पर Kolkata Knight Riders (1 अंक) RR दूसरे स्थान पर, KKR सबसे कमजोर Rajasthan Royals ने भी 5 मैचों में 4 जीत के साथ 8 अंक हासिल किए हैं, लेकिन नेट रन रेट कम होने के कारण वह दूसरे स्थान पर है। वहीं Kolkata Knight Riders का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है—5 मैच खेलने के बाद भी टीम जीत का खाता नहीं खोल सकी है और सबसे नीचे बनी हुई है।
राजस्थान रॉयल्स की लगातार चौथी जीत के पीछे सिर्फ आक्रामक बल्लेबाज़ी नहीं, बल्कि संयम और रणनीति का शानदार संतुलन भी था। जहां एक ओर वैभव सूर्यवंशी की तूफानी पारी ने मुकाबले को रोमांचक बना दिया, वहीं दूसरी ओर ध्रुव जुरेल की शांत और समझदारी भरी बल्लेबाज़ी ने टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया। वैभव का तूफान, लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ रन चेज़ के दौरान वैभव सूर्यवंशी की आक्रामक बल्लेबाज़ी ने मैच को एकतरफा बनाना शुरू कर दिया था। उनकी विस्फोटक पारी ने गेंदबाज़ों को बैकफुट पर ला दिया और ऐसा लगा कि मैच जल्द खत्म हो जाएगा। लेकिन जैसे ही वैभव आउट हुए, मुकाबले ने अचानक करवट ले ली। मैच में आया टर्निंग पॉइंट कृणाल पांड्या ने लगातार दो विकेट लेकर मैच को फिर से रोमांचक बना दिया। पहले वैभव और फिर शिमरन हेटमायर का विकेट गिरने से राजस्थान दबाव में आ गया। इसके बाद रियान पराग के आउट होने से स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई। जुरेल की 'कमांडर' जैसी पारी ऐसे मुश्किल समय में ध्रुव जुरेल ने मोर्चा संभाला। उन्होंने बिना घबराए परिस्थिति के अनुसार अपनी बल्लेबाज़ी को ढाला। पावरप्ले में तेज़ 27 रन (10 गेंद) 18 गेंदों पर 40 रन बनाकर मजबूत आधार बाद में संयमित खेल दिखाते हुए टीम को संभाला जुरेल की पारी में आक्रामकता और समझदारी का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिला। जडेजा के साथ साझेदारी बनी जीत की कुंजी रविंद्र जडेजा ने जुरेल का अच्छा साथ निभाया। दोनों ने मिलकर बिना जोखिम लिए पारी को आगे बढ़ाया और लक्ष्य को सुरक्षित तरीके से हासिल किया। यह साझेदारी ताकत से ज्यादा रणनीति और समझदारी पर आधारित थी। राजस्थान रॉयल्स की जीत का असली हीरो इस मुकाबले में जहां वैभव सूर्यवंशी ने चमक बिखेरी, वहीं ध्रुव जुरेल ने यह साबित किया कि बड़े मैच सिर्फ आक्रामकता से नहीं, बल्कि धैर्य और समझदारी से जीते जाते हैं। उनकी यह पारी राजस्थान रॉयल्स की जीत की सबसे अहम कड़ी साबित हुई और टीम की जीत की लय को बरकरार रखा।
इंडियन प्रीमियर लीग के एक रोमांचक मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने अपनी तूफानी बल्लेबाज़ी से क्रिकेट जगत को चौंका दिया। राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच खेले गए मैच में महज़ 15 साल के इस बल्लेबाज़ ने 26 गेंदों पर 78 रन ठोककर इतिहास रच दिया। 300 के स्ट्राइक रेट से मचाया तहलका वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक पारी में 8 चौके और 7 छक्के लगाए। उनका स्ट्राइक रेट 300 से अधिक रहा, जिसने RCB के गेंदबाज़ों को पूरी तरह बैकफुट पर ला दिया। उनकी बल्लेबाज़ी में आत्मविश्वास और आक्रामकता साफ झलक रही थी। IPL में बनाया अनोखा महारिकॉर्ड वैभव सूर्यवंशी ने इस पारी के साथ एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया, जो अब तक कोई बल्लेबाज़ नहीं बना पाया था। IPL की पहली 11 पारियों के बाद सबसे ज्यादा छक्के: 42 – वैभव सूर्यवंशी 30 – जेक फ्रेज़र-मैकगर्क 26 – शॉन मार्श 24 – नीतीश राणा 23 – क्रिस लिन / ग्लेन मैक्सवेल यह आंकड़े दिखाते हैं कि वैभव किस स्तर की आक्रामक बल्लेबाज़ी कर रहे हैं। एक और ऐतिहासिक उपलब्धि वैभव सूर्यवंशी IPL इतिहास के पहले भारतीय बल्लेबाज़ बन गए हैं, जिन्होंने 300+ स्ट्राइक रेट के साथ एक से अधिक 50+ स्कोर बनाए हैं। गेंदबाज़ों पर भारी पड़े वैभव अपने छोटे से IPL करियर में वैभव ने बड़े-बड़े गेंदबाज़ों के खिलाफ भी बेखौफ खेल दिखाया है: IPL की पहली गेंद – छक्का जसप्रीत बुमराह की पहली गेंद – छक्का भुवनेश्वर कुमार की पहली गेंद – चौका जोश हेज़लवुड की पहली 4 गेंदें – 3 चौके, 1 छक्का शार्दुल ठाकुर की पहली गेंद – छक्का राजस्थान रॉयल्स की शानदार जीत इस मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 6 विकेट से हराया। वैभव सूर्यवंशी और ध्रुव जुरेल की शानदार पारियों ने टीम को जीत दिलाई। वैभव को उनकी शानदार बल्लेबाज़ी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
आईपीएल 2026 के शुरुआती मुकाबलों ने पॉइंट्स टेबल की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। राजस्थान रॉयल्स ने मुंबई इंडियंस को हराकर न सिर्फ जीत की हैट्रिक लगाई, बल्कि सीधे अंक तालिका के शीर्ष पर कब्जा जमा लिया। इस जीत में यशस्वी जायसवाल और वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक पारियों ने अहम भूमिका निभाई, जिसने मैच का रुख एकतरफा कर दिया। राजस्थान रॉयल्स नंबर-1 पर तीन मैचों में लगातार तीन जीत के साथ राजस्थान के 6 अंक हो गए हैं और उनका नेट रन रेट +2.403 है। टीम ने पहले चेन्नई सुपर किंग्स, फिर गुजरात टाइटंस और अब मुंबई को हराकर शानदार फॉर्म दिखाया है। टॉप-4 का समीकरण 1. राजस्थान रॉयल्स – 6 अंक (3 मैच, 3 जीत) 2. पंजाब किंग्स – 5 अंक (2 जीत, 1 मैच रद्द) 3. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु – 4 अंक 4. दिल्ली कैपिटल्स – 4 अंक बेंगलुरु और दिल्ली दोनों के बराबर अंक हैं, लेकिन बेहतर नेट रन रेट के चलते बेंगलुरु तीसरे स्थान पर बना हुआ है। बाकी टीमों का हाल 5. सनराइजर्स हैदराबाद – 2 अंक 6. लखनऊ सुपर जायंट्स – 2 अंक 7. मुंबई इंडियंस – 2 अंक (3 मैच में 1 जीत) 8. कोलकाता नाइट राइडर्स – 1 अंक 9. गुजरात टाइटंस – 0 अंक 10. चेन्नई सुपर किंग्स – 0 अंक (लगातार 3 हार) क्या कहता है समीकरण? सीजन अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन राजस्थान की लगातार जीत ने बाकी टीमों पर दबाव बना दिया है। वहीं पंजाब और बेंगलुरु को अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखने के लिए आने वाले मैचों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
आईपीएल 2026 में एक ऐसा मुकाबला देखने को मिला जिसने क्रिकेट फैंस को हैरान कर दिया। वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से दुनिया के दिग्गज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को भी चौंका दिया। महज 15 साल के इस युवा खिलाड़ी ने जिस अंदाज में बल्लेबाजी की, उसने मैच का रुख ही बदल दिया। गुवाहाटी में दिखा तूफानी खेल राजस्थान रॉयल्स और मुंबई इंडियंस के बीच खेले गए इस मुकाबले में शुरुआत से ही राजस्थान का दबदबा रहा। बारिश के कारण मैच 11 ओवर का कर दिया गया, लेकिन इस छोटे मुकाबले में भी बड़े रिकॉर्ड बन गए। वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 14 गेंदों में 39 रन ठोक दिए, जिसमें 5 शानदार छक्के शामिल थे। खास बात यह रही कि उन्होंने बुमराह की पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर अपने इरादे साफ कर दिए। जायसवाल के साथ मिलकर मचाया कहर यशस्वी जायसवाल ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 32 गेंदों में नाबाद 77 रन बनाए। दोनों की जोड़ी ने मिलकर सिर्फ 5 ओवर में 80 रन जोड़ दिए और टीम को 11 ओवर में 150 रन के विशाल स्कोर तक पहुंचाया। मुंबई की टीम रही बेबस 151 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियंस की टीम कभी मैच में वापसी नहीं कर पाई और 9 विकेट खोकर सिर्फ 123 रन ही बना सकी। तीन मैच में वैभव का प्रदर्शन CSK के खिलाफ: 17 गेंद में 52 रन GT के खिलाफ: 18 गेंद में 31 रन MI के खिलाफ: 14 गेंद में 39 रन क्यों खास है ये पारी? इतनी कम उम्र में दुनिया के टॉप गेंदबाज के खिलाफ इस तरह की बल्लेबाजी ने वैभव सूर्यवंशी को रातों-रात स्टार बना दिया है। उनकी निडर बल्लेबाजी ने यह दिखा दिया कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य बेहद मजबूत है।
IPL 2026 की शुरुआत Chennai Super Kings के लिए बेहद निराशाजनक रही है। गुवाहाटी में खेले गए मुकाबले में Rajasthan Royals के खिलाफ टीम ने पावरप्ले में ही 41 रन पर 4 विकेट गंवा दिए, जिससे मैच की दिशा शुरुआत में ही तय हो गई। यह प्रदर्शन केवल एक खराब दिन की कहानी नहीं, बल्कि पिछले सीजन से चली आ रही समस्या की निरंतरता को दर्शाता है। पावरप्ले में लगातार फ्लॉप CSK T-20 क्रिकेट में पावरप्ले को सबसे अहम और स्कोरिंग के लिए अनुकूल फेज माना जाता है, लेकिन CSK के लिए यही फेज सबसे बड़ी कमजोरी बनता जा रहा है। IPL 2026 के पहले मैच में 41/4 का स्कोर इस बात का संकेत है कि टीम की टॉप ऑर्डर बल्लेबाजी अभी भी दबाव में टूट रही है। यह शुरुआत उन्हें मुकाबले से बाहर करने के लिए काफी थी। धोनी की गैरमौजूदगी से आगे की समस्या हालांकि टीम इस मैच में MS Dhoni के बिना उतरी, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि समस्या सिर्फ एक खिलाड़ी की गैरमौजूदगी तक सीमित नहीं है। दरअसल, IPL 2025 में भी CSK की पावरप्ले बल्लेबाजी सबसे कमजोर टीमों में रही थी। 14 पारियों में कुल 731 रन औसत रन रेट: 8.70 औसत स्कोर: 52.21 कुल 29 विकेट (प्रति पारी औसतन 2.07 विकेट) डॉट बॉल प्रतिशत: 42.66% पहले 3 ओवर में ही बिगड़ जाता है खेल CSK की सबसे बड़ी समस्या पावरप्ले के शुरुआती ओवरों में सामने आती है। ओवर 1 से 3 के बीच टीम का रन रेट केवल 7.76 रहा और लगभग आधी गेंदें (49.60%) डॉट खेली गईं। हालांकि ओवर 4 से 6 में रन रेट 9.64 तक पहुंचती है, लेकिन तब तक टीम शुरुआती नुकसान की भरपाई करने की कोशिश में ही रहती है। 2025 का पैटर्न 2026 में भी जारी राजस्थान के खिलाफ 41/4 का स्कोर CSK के 2025 के औसत से भी काफी खराब है। यह केवल एक मैच नहीं, बल्कि एक पैटर्न का हिस्सा है-धीमी शुरुआत, जल्दी विकेट गिरना और टॉप ऑर्डर का पूरी तरह ढह जाना। आगे की राह मुश्किल अगर CSK को टूर्नामेंट में वापसी करनी है, तो उन्हें पावरप्ले की रणनीति पर तुरंत काम करना होगा। अन्य टीमों के मुकाबले तेज शुरुआत करना अब जरूरत बन चुकी है, वरना हर मैच में शुरुआती झटका भारी पड़ सकता है।
भारतीय क्रिकेट में एक नया सितारा तेजी से उभर रहा है। महज 15 साल की उम्र में Vaibhav Suryavanshi ने T-20 क्रिकेट में ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने पूरे क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया है। Rajasthan Royals की ओर से खेलते हुए चेन्नई के खिलाफ मुकाबले में वैभव ने सिर्फ 17 गेंदों में 52 रन की विस्फोटक पारी खेली और अपनी टीम को 8 विकेट से शानदार जीत दिलाई। इस दौरान उन्होंने 4 चौके और 5 छक्के लगाए, यानी अपनी पारी के 52 में से 46 रन केवल बाउंड्री से आए। शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज वैभव ने अपनी पारी की दूसरी ही गेंद पर छक्का जड़कर इरादे साफ कर दिए। उन्होंने Matt Henry की गेंद पर छक्का लगाकर शुरुआत की और फिर लगातार आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 15 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। T-20 में बनाया अनोखा वर्ल्ड रिकॉर्ड इस पारी के साथ वैभव सूर्यवंशी T-20 इतिहास में 15 साल की उम्र में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। अब तक वह इस उम्र में कुल 67 छक्के जड़ चुके हैं, जो अपने आप में एक विश्व रिकॉर्ड है। दिलचस्प बात यह है कि इस उम्र में बाकी खिलाड़ियों के कुल छक्के मिलाकर भी इस आंकड़े के करीब नहीं पहुंचते। IPL में भी बनाया बड़ा रिकॉर्ड वैभव ने IPL में भी एक नया इतिहास रच दिया है। उन्होंने अपनी पहली 8 पारियों में 29 छक्के लगाकर सबसे ज्यादा सिक्स मारने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इस मामले में उन्होंने Jake Fraser-McGurk को पीछे छोड़ा, जिनके नाम 28 छक्के थे। इसके अलावा, वैभव IPL इतिहास में ऐसे पहले खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने एक ही फ्रेंचाइजी के लिए 18 गेंदों से कम में एक से ज्यादा बार अर्धशतक जड़ा है। भविष्य का सुपरस्टार? वैभव की इस धमाकेदार पारी ने यह साफ कर दिया है कि भारतीय क्रिकेट को एक और बड़ा मैच विनर मिल सकता है। इतनी कम उम्र में उनका आत्मविश्वास, शॉट चयन और आक्रामकता उन्हें खास बनाती है।
IPL 2026 का रोमांच अपने चरम पर है और आज का मुकाबला बेहद खास होने वाला है। Sanju Samson पहली बार Chennai Super Kings के लिए मैदान पर उतरेंगे-वो भी अपनी पुरानी टीम Rajasthan Royals के खिलाफ। भावनात्मक होगा मुकाबला संजू सैमसन के लिए यह मैच सिर्फ एक मुकाबला नहीं, बल्कि एक भावनात्मक पल भी है। उन्होंने 11 साल तक राजस्थान रॉयल्स का प्रतिनिधित्व किया और टीम के प्रमुख बल्लेबाज रहे। अब वही खिलाड़ी चेन्नई की जर्सी में अपने पुराने साथियों के खिलाफ खेलते नजर आएंगे। वहीं, Ravindra Jadeja भी इस बार राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा बनकर अपनी पूर्व टीम के खिलाफ उतरेंगे, जिससे मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। नई कप्तानी की शुरुआत इस मैच में Riyan Parag राजस्थान रॉयल्स के फुल-टाइम कप्तान के रूप में अपना पहला IPL मैच खेलेंगे। दूसरी ओर, चेन्नई की कप्तानी Ruturaj Gaikwad के हाथों में है, जिनसे टीम को मजबूत शुरुआत की उम्मीद होगी। धोनी नहीं खेलेंगे MS Dhoni चोट के कारण शुरुआती मैचों में उपलब्ध नहीं हैं, जिससे चेन्नई की टीम संयोजन में बदलाव देखने को मिल सकता है। मैच से जुड़ी जरूरी जानकारी मैच: राजस्थान रॉयल्स vs चेन्नई सुपर किंग्स तारीख: 30 मार्च 2026 स्थान: गुवाहाटी, बारसापारा क्रिकेट स्टेडियम समय: शाम 7:30 बजे (टॉस 7:00 बजे) लाइव कहां देखें? टीवी पर: स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क ऑनलाइन स्ट्रीमिंग: JioHotstar ऐप और वेबसाइट
भारतीय क्रिकेट और कॉरपोरेट जगत के संगम से एक दिलचस्प कहानी सामने आई है। आर्यमन बिरला, जिन्हें कभी राजस्थान रॉयल्स की ओर से एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला, अब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के चेयरमैन बन गए हैं। टीम के मालिकाना हक में हुए बड़े बदलाव के बाद यह नियुक्ति सामने आई है, जिसने खेल और बिजनेस दोनों क्षेत्रों में हलचल मचा दी है। RCB में बड़ा बदलाव, नए मालिकों की एंट्री RCB को एक कंसोर्टियम ने खरीदा है, जिसमें Aditya Birla Group, Times Group, Bolt Ventures और Blackstone की प्राइवेट इक्विटी स्ट्रैटेजी शामिल हैं। इस नए ढांचे में आर्यमन बिरला को चेयरमैन बनाया गया है, जबकि टाइम्स ग्रुप के सत्यान गजवानी वाइस-चेयरमैन की भूमिका निभाएंगे। कौन हैं आर्यमन बिरला? आर्यमन बिरला, कुमार मंगलम बिरला के बेटे हैं और Aditya Birla Group में डायरेक्टर की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने एक क्रिकेटर के रूप में भी अपनी पहचान बनाई और घरेलू क्रिकेट में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। फर्स्ट क्लास डेब्यू: नवंबर 2017 (ओडिशा के खिलाफ) कुल मैच: 9 रन: 414 औसत: 27.6 एक शतक और एक अर्धशतक उन्होंने रजत पाटीदार और वेंकटेश अय्यर जैसे खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा किया। IPL करियर: बिना खेले ही खत्म IPL 2018 की नीलामी में राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें 30 लाख रुपये में खरीदा था, लेकिन पूरे सीजन में उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। इसके बाद 2020 सीजन से पहले टीम ने उन्हें रिलीज कर दिया। मानसिक स्वास्थ्य पर लिया बड़ा फैसला क्रिकेट से दूरी बनाने के दौरान आर्यमन बिरला ने खुलकर अपनी मानसिक स्थिति पर बात की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था कि वे खुद को “फंसा हुआ” महसूस कर रहे थे और अब अपनी मानसिक सेहत को प्राथमिकता देना चाहते हैं। यह कदम उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ, जहां से उन्होंने खुद को नए नजरिए से समझा और अब एक बड़े कॉरपोरेट रोल में नजर आ रहे हैं। क्रिकेट से कॉरपोरेट तक का सफर आर्यमन बिरला की यह कहानी बताती है कि असफलता अंत नहीं होती। क्रिकेट में सीमित मौके मिलने के बावजूद उन्होंने खुद को एक नई दिशा दी और आज IPL की एक बड़ी टीम के चेयरमैन बन चुके हैं।
क्रिकेट इतिहास के महानतम स्पिनरों में शुमार Shane Warne एक बार फिर सुर्खियों में हैं-इस बार अपनी गेंदबाजी नहीं, बल्कि अपनी असाधारण व्यावसायिक समझ के कारण। इंडियन प्रीमियर लीग की फ्रेंचाइजी Rajasthan Royals की हालिया बिक्री ने यह साबित कर दिया है कि वॉर्न मैदान के साथ-साथ रणनीतिक सोच में भी ‘धुरंधर’ थे। 15,000 करोड़ की डील और वॉर्न परिवार को बड़ा फायदा राजस्थान रॉयल्स को हाल ही में करीब 1.63 अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग 15,000 करोड़ रुपये से अधिक) में एक अमेरिकी निवेशक समूह को बेच दिया गया। इस ऐतिहासिक डील के बाद शेन वॉर्न के परिवार को लगभग 450–460 करोड़ रुपये मिलने की संभावना है। यह लाभ किसी संयोग का परिणाम नहीं, बल्कि वॉर्न की वर्षों पहले की गई एक दूरदर्शी रणनीति का नतीजा है। 2008 में रखी थी अनोखी शर्त जब 2008 में IPL के पहले सीजन से पहले वॉर्न ने राजस्थान रॉयल्स के साथ करार किया, तब उन्होंने अपने कॉन्ट्रैक्ट में एक विशेष शर्त शामिल करवाई थी। इस शर्त के तहत उन्हें हर सीजन खेलने के बदले फ्रेंचाइजी में 0.75% इक्विटी (मालिकाना हिस्सा) दिया जाना था। वॉर्न ने टीम के लिए कुल चार सीजन खेले, जिससे उनका हिस्सा बढ़कर 3% हो गया। उस समय उनकी सैलरी करीब 9.35 करोड़ रुपये थी, लेकिन असली निवेश यह इक्विटी साबित हुई। 3% हिस्सेदारी बनी 450 करोड़ की संपत्ति आज जब राजस्थान रॉयल्स की वैल्यू 15,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है, तो वॉर्न की 3% हिस्सेदारी की कीमत लगभग 450–460 करोड़ रुपये हो चुकी है। यह रकम उनके परिवार को IPL 2026 सीजन के बाद मिलने की संभावना है, हालांकि इस डील को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (Board of Control for Cricket in India) की अंतिम मंजूरी मिलना अभी बाकी है। सिर्फ खिलाड़ी नहीं, एक दूरदर्शी लीडर शेन वॉर्न को 2008 में सिर्फ कप्तान ही नहीं, बल्कि टीम के क्रिकेट संचालन का पूरा नियंत्रण दिया गया था। उन्होंने अपनी कप्तानी में राजस्थान रॉयल्स को पहले ही सीजन में चैंपियन बनाकर इतिहास रच दिया। साल 2022 में उनके निधन के बावजूद, उनकी यह रणनीतिक सोच आज भी मिसाल बनी हुई है। यह कहानी दिखाती है कि वॉर्न सिर्फ क्रिकेट के जादूगर ही नहीं, बल्कि एक समझदार निवेशक और दूरदर्शी व्यक्तित्व भी थे।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।