स्पोर्ट्स

IPL Cap Race Gets More Intense

Indian Premier League Orange और Purple Cap की रेस हुई दिलचस्प, अब नजरें Vaibhav Sooryavanshi, Kagiso Rabada और Jofra Archer पर

surbhi मई 9, 2026 0
IPL stars Vaibhav Sooryavanshi, Kagiso Rabada and Jofra Archer during Orange and Purple Cap race.
IPL 2026 Orange Purple Cap Race

Delhi Capitals vs Kolkata Knight Riders मुकाबले के बाद Orange और Purple Cap की रेस में ज्यादा बदलाव देखने को नहीं मिला, लेकिन शनिवार को Rajasthan Royals और Gujarat Titans के बीच होने वाला मुकाबला तस्वीर बदल सकता है।

दिल्ली पर आसान जीत के बाद Kolkata Knight Riders के खिलाड़ियों ने जरूर असर डाला, लेकिन अब सबसे ज्यादा नजरें उन खिलाड़ियों पर हैं जो शनिवार रात Orange और Purple Cap की दौड़ को पूरी तरह पलट सकते हैं।

Orange Cap की रेस में कौन आगे?

रनों की सूची में फिलहाल बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। KL Rahul ने 23 रन की पारी खेलकर अपना कुल स्कोर 468 तक पहुंचा दिया है और वह तीसरे स्थान पर बने हुए हैं।

वहीं Abhishek Sharma 475 रन के साथ दूसरे और Heinrich Klaasen 494 रन के साथ Orange Cap की रेस में शीर्ष पर हैं।

अब सबकी नजरें Vaibhav Sooryavanshi पर होंगी, जिन्होंने इस सीजन शानदार बल्लेबाजी करते हुए 404 रन बना लिए हैं और फिलहाल पांचवें स्थान पर हैं।

इसके अलावा B Sai Sudharsan 385 रन के साथ सातवें और Shubman Gill 378 रन के साथ दसवें नंबर पर मौजूद हैं। अगर शनिवार के मैच में बड़ा स्कोर बनता है तो Orange Cap की टेबल में बड़ा बदलाव संभव है।

Purple Cap की रेस में बढ़ा रोमांच

Kartik Tyagi लगातार विकेट लेकर चर्चा में हैं। Kolkata Knight Riders के लिए खेलते हुए उन्होंने पिछले चार मैचों में 8 विकेट झटके हैं। दिल्ली के खिलाफ भी उन्होंने दो विकेट लिए, जिससे उनका कुल विकेट आंकड़ा 13 पहुंच गया।

हालांकि Purple Cap की टॉप-5 सूची फिलहाल जस की तस बनी हुई है।

  • Bhuvneshwar Kumar – 17 विकेट
  • Anshul Kamboj – 17 विकेट
  • Prince Yadav – 16 विकेट
  • Kagiso Rabada – 16 विकेट
  • Eshan Malinga – 16 विकेट

आज की रात बदल सकती है Purple Cap की तस्वीर

शनिवार को सबसे ज्यादा नजरें Kagiso Rabada और Jofra Archer पर रहेंगी।

रबाडा ने पिछले छह मैचों में 12 विकेट लेकर शानदार फॉर्म दिखाई है। अगर वह इसी लय को जारी रखते हैं, तो शनिवार रात तक Purple Cap उनके सिर पर हो सकती है।

दूसरी ओर Jofra Archer 15 विकेट के साथ टॉप खिलाड़ियों के बेहद करीब हैं। सिर्फ दो विकेट उन्हें शीर्ष स्थान तक पहुंचा सकते हैं।

पावरप्ले में रबाडा और आर्चर की गेंदबाजी इस मुकाबले का सबसे बड़ा आकर्षण बन सकती है।

 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

स्पोर्ट्स

View more
IND VS IRE 2nd T20
IND vs IRE: दूसरे टी20 में भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी, वैभव सूर्यवंशी को फिर नहीं मिला मौका

बेलफास्ट, एजेंसियां। भारत और आयरलैंड के बीच दूसरे और अंतिम टी20 मुकाबले में कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। पहले मैच में मिली 34 रन की हार के बाद भारतीय टीम सीरीज बराबर करने के इरादे से मैदान में उतरी है।   प्रिंस यादव और सूर्यांश शेडगे का डेब्यू    इस मुकाबले में भारत ने प्लेइंग इलेवन में दो बदलाव किए हैं। प्रिंस यादव और सूर्यांश शेडगे को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू का मौका मिला है। वहीं, युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लगातार दूसरे मैच में भी अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली है, जिससे उनके डेब्यू का इंतजार और बढ़ गया है।   पहले टी20 में आयरलैंड ने भारत को हराकर इतिहास रचा था। अब मेजबान टीम पहली बार भारत के खिलाफ टी20 सीरीज जीतने की कोशिश करेगी, जबकि भारत के सामने सीरीज 1-1 से बराबर करने की चुनौती है।  

abhishek singh जून 28, 2026 0
Shreyas Iyer Vaibhav Suryavanshi

भारत-आयरलैंड टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला आज, टीम इंडिया के सामने सीरीज बचाने की चुनौती

IND VS AUS

महिला टी20 विश्व कप: आज ऑस्ट्रेलिया से 'करो या मरो' मुकाबले में उतरेगा भारत, सेमीफाइनल की उम्मीदें दांव पर

Shreyas Iyer

आयरलैंड से हार के बाद बोले श्रेयस अय्यर, बीच के ओवरों की गेंदबाजी बनी हार की सबसे बड़ी वजह

Cape Verde
फीफा वर्ल्ड कप में केप वर्डे का ऐतिहासिक कारनामा, पहली बार खेलकर नॉकआउट में बनाई जगह

नई दिल्ली, एजेंसियां। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अफ्रीकी देश केप वर्डे ने इतिहास रच दिया है। अपने पहले ही विश्व कप में हिस्सा ले रही इस टीम ने नॉकआउट चरण में जगह बनाकर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। सऊदी अरब के खिलाफ गोलरहित (0-0) ड्रॉ के बाद केप वर्डे ने ग्रुप एच में दूसरा स्थान हासिल किया और अंतिम-32 (राउंड ऑफ 32) के लिए क्वालिफाई कर लिया। लगभग पांच लाख की आबादी वाला केप वर्डे अब वर्ल्ड कप के नॉकआउट चरण में पहुंचने वाला सबसे छोटा देश बन गया है।   तीनों मुकाबले ड्रॉ, फिर भी हासिल किया नॉकआउट टिकट केप वर्डे ने ग्रुप चरण के अपने तीनों मुकाबले ड्रॉ खेले। टीम ने पहले 2010 की विश्व चैंपियन स्पेन को 0-0 से रोका, फिर उरुग्वे के खिलाफ 0-2 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए मुकाबला 2-2 से बराबर किया। तीसरे मैच में सऊदी अरब के खिलाफ भी टीम ने 0-0 का परिणाम हासिल किया। तीन अंकों के साथ टीम ने ग्रुप में दूसरा स्थान सुरक्षित कर लिया।   पहले ही विश्व कप में रचा नया रिकॉर्ड केप वर्डे अपने पहले विश्व कप में बिना कोई मैच गंवाए नॉकआउट चरण में पहुंचने वाला तीसरा अफ्रीकी देश भी बन गया है। टीम के इस प्रदर्शन ने फुटबॉल जगत में नई मिसाल पेश की है। सीमित संसाधनों और छोटी आबादी के बावजूद खिलाड़ियों ने बड़े देशों के खिलाफ शानदार खेल दिखाकर साबित किया कि मजबूत इरादों के सामने चुनौतियां छोटी पड़ जाती हैं।   अब अर्जेंटीना से होगी कड़ी चुनौती नॉकआउट दौर में केप वर्डे का सामना मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना से होगा। यह मुकाबला भारतीय समयानुसार 4 जुलाई को मियामी में सुबह 3:30 बजे खेला जाएगा। कप्तान लियोनेल मेसी की टीम के खिलाफ यह मैच केप वर्डे के लिए अब तक की सबसे बड़ी परीक्षा होगी।   मैच से पहले टीम के मुख्य कोच बुबिस्टा ने कहा था, "हर किसी को सपने देखने का अधिकार है और कुछ भी असंभव नहीं है।" केप वर्डे ने अपने प्रदर्शन से इस विश्वास को सच साबित कर दिया और विश्व फुटबॉल में अपनी अलग पहचान बना ली।

abhishek singh जून 27, 2026 0
Vaibhav Suryavanshi

15 साल के वैभव सूर्यवंशी को नहीं मिला डेब्यू, टीम इंडिया के फैसले ने चौंकाया

Women T20 World Cup 2026

Women T20 World Cup 2026: आज ऑस्ट्रेलिया से होगी भारत की अग्निपरीक्षा, सेमीफाइनल की उम्मीदें दांव पर

T20 world champions

आयरलैंड ने रचा इतिहास, टी20 विश्व चैंपियन भारत को 34 रन से हराकर पहली बार दर्ज की बड़ी जीत

John Abraham
जॉन अब्राहम की क्रिकेट में धमाकेदार एंट्री, बने रॉटरडैम डॉकर्स के को-ओनर

मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता जॉन अब्राहम ने अब क्रिकेट जगत में भी कदम रख दिया है। वे यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग (ETPL) की टीम रॉटरडैम डॉकर्स के को-ओनर बन गए हैं। इसके साथ ही जॉन उन बॉलीवुड सितारों की फेहरिस्त में शामिल हो गए हैं, जिनमें शाहरुख खान (कोलकाता नाइट राइडर्स) और प्रीति जिंटा (पंजाब किंग्स) पहले से मौजूद हैं।   दिग्गजों के साथ मिलकर बनाएंगे नई पहचान रॉटरडैम डॉकर्स के मालिकाना हक और लीडरशिप ग्रुप में क्रिकेट के कई बड़े नाम शामिल हैं। इनमें दक्षिण अफ्रीका के महान फील्डर जोंटी रोड्स, पूर्व कप्तान फाफ डु प्लेसिस, विस्फोटक बल्लेबाज हेनरिक क्लासेन और मैनेजिंग पार्टनर मधुकर श्री शामिल हैं। जॉन अब्राहम इस स्टार-स्टडेड ग्रुप के साथ मिलकर टीम को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का लक्ष्य रखते हैं।   क्या है यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग ईटीपीएल का पहला सीजन 26 अगस्त से 20 सितंबर 2026 तक आयोजित होगा। इस लीग में छह शहरों की टीमें हिस्सा लेंगी — ग्लासगो, एम्स्टर्डम, एडिनबर्ग, डब्लिन, बेलफास्ट और रॉटरडैम। कुल 32 मैच खेले जाएंगे। यह लीग आयरलैंड, स्कॉटलैंड और नीदरलैंड में क्रिकेट के विकास को नई गति देगी और यूरोप के उभरते खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकने का मौका देगी।   जॉन अब्राहम ने क्या कहा इस मौके पर जॉन अब्राहम ने कहा कि क्रिकेट में लोगों को एकजुट करने और प्रेरित करने की अद्भुत ताकत है। उन्होंने कहा कि यूरोप क्रिकेट के विकास के लिए सबसे रोमांचक बाजारों में से एक है और रॉटरडैम डॉकर्स के पास कुछ खास बनाने का विज़न और महत्वाकांक्षा है। उन्होंने इस सफर का हिस्सा बनकर क्रिकेट की अगली पीढ़ी को निखारने में योगदान देने पर खुशी जताई।

abhishek singh जून 26, 2026 0
Vaibhav Suryavanshi Sachin Tendulkar

15 साल के वैभव सूर्यवंशी रच सकते हैं इतिहास, आज भारत-आयरलैंड मुकाबले में टूट सकता है सचिन तेंदुलकर का 36 साल पुराना रिकॉर्ड

FIFA World Cup 2026

FIFA World Cup 2026: दक्षिण अफ्रीका ने रचा इतिहास, पहली बार साउथ कोरिया को 1-0 से हराकर नॉकआउट में बनाई जगह

T20 Match

भारत-आयरलैंड पहला T20 आज: नए कप्तान श्रेयस अय्यर की अग्निपरीक्षा, वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर रहेंगी निगाहें

0 Comments

Top week

झारखंड

वरिष्ठ संपादक एवं प्रतिष्ठित पत्रकार दीपेश कुमार का हृदयाघात से निधन

anjali kumari जून 24, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?