आईपीएल 2026 में भले ही Rajasthan Royals का सफर क्वालिफायर-2 में समाप्त हो गया हो, लेकिन युवा सनसनी Vaibhav Sooryavanshi ने पूरे सीजन में अपने बल्ले से ऐसा प्रदर्शन किया कि ऑरेंज कैप की दौड़ में सभी को पीछे छोड़ दिया। गुजरात टाइटंस के खिलाफ 47 गेंदों में 96 रन की विस्फोटक पारी खेलने के बाद वैभव ने अपना सीजन 776 रनों के साथ समाप्त किया। उनका स्ट्राइक रेट 237.30 रहा, जो इस सीजन के सबसे आक्रामक बल्लेबाजों में उनकी पहचान को और मजबूत करता है। 100 से चूके, लेकिन रिकॉर्ड बना गए क्वालिफायर-2 में वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर धमाकेदार बल्लेबाजी की। पिछले मैच में वह 97 रन पर आउट होकर सबसे तेज आईपीएल शतक का रिकॉर्ड बनाने से चूक गए थे, जबकि इस बार 96 रन बनाकर शतक से सिर्फ चार रन दूर रह गए। इसके बावजूद उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप की रेस में मजबूत बढ़त बना ली। शुभमन गिल ने बढ़ाया रोमांच Shubman Gill ने भी बड़े मैच में कप्तानी पारी खेलते हुए 53 गेंदों में 104 रन बनाए और गुजरात टाइटंस को फाइनल में पहुंचा दिया। इस शतक के बाद गिल के कुल रन 722 हो गए हैं। वह अब वैभव से सिर्फ 54 रन पीछे हैं और उनके पास फाइनल मुकाबले में यह अंतर खत्म करने का मौका होगा। अगर गिल फाइनल में 55 या उससे ज्यादा रन बना लेते हैं, तो वे ऑरेंज कैप अपने नाम कर सकते हैं। साई सुदर्शन भी दौड़ में बरकरार B Sai Sudharsan भी ऑरेंज कैप की रेस से बाहर नहीं हुए हैं। उन्होंने क्वालिफायर-2 में 32 गेंदों पर 58 रन बनाए और गिल के साथ पहले विकेट के लिए 167 रन की साझेदारी की। इस पारी के बाद उनके कुल रन 710 हो गए हैं। फाइनल में बड़ी पारी खेलकर वह भी ऑरेंज कैप जीतने की दौड़ में बने हुए हैं। ऑरेंज कैप टॉप दावेदार Vaibhav Sooryavanshi – 776 रन (सीजन समाप्त) Shubman Gill – 722 रन B Sai Sudharsan – 710 रन Virat Kohli – 600 रन फाइनल में गुजरात टाइटंस के बल्लेबाजों के पास वैभव का रिकॉर्ड तोड़ने का आखिरी मौका होगा। पर्पल कैप की रेस में बड़ा बदलाव जहां ऑरेंज कैप की रेस रोमांचक बनी हुई है, वहीं पर्पल कैप की सूची में नया नंबर-1 मिल गया है। Kagiso Rabada ने राजस्थान के खिलाफ दो विकेट लेकर पर्पल कैप अपने नाम कर ली। रबाडा ने: ध्रुव जुरेल का विकेट लिया वैभव सूर्यवंशी की शानदार पारी का अंत किया इन दो विकेटों के साथ उनके विकेटों की संख्या 28 हो गई। भुवनेश्वर कुमार पीछे हुए Bhuvneshwar Kumar अब 26 विकेटों के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। दिलचस्प बात यह है कि फाइनल मुकाबले में रबाडा और भुवनेश्वर आमने-सामने होंगे, जिससे पर्पल कैप की लड़ाई भी आखिरी मैच तक जारी रहेगी। जोफ्रा आर्चर ने भी छोड़ी छाप Jofra Archer ने क्वालिफायर-2 में एक विकेट लिया और 25 विकेटों के साथ सीजन समाप्त किया। वह पर्पल कैप सूची में तीसरे स्थान पर रहे। फाइनल में दांव पर होंगे दो बड़े अवॉर्ड अब आईपीएल 2026 के फाइनल में Gujarat Titans और Royal Challengers Bengaluru आमने-सामने होंगे। इस मुकाबले में सिर्फ ट्रॉफी ही नहीं, बल्कि: ऑरेंज कैप पर्पल कैप दोनों पुरस्कारों की तस्वीर भी साफ होगी। फिलहाल वैभव सूर्यवंशी ऑरेंज कैप की दौड़ में सबसे आगे हैं, लेकिन शुभमन गिल और साई सुदर्शन के पास इतिहास बदलने का आखिरी मौका मौजूद है।
Indian Premier League के लीग स्टेज के खत्म होते ही पर्पल कैप और ऑरेंज कैप की रेस और भी रोमांचक हो गई है। प्लेऑफ से पहले खिलाड़ियों के बीच रन और विकेट की जंग तेज हो चुकी है। रविवार को खेले गए मुकाबलों के बाद दोनों लिस्ट में बड़ा बदलाव देखने को मिला। जोफ्रा आर्चर ने पर्पल कैप रेस में लगाई लंबी छलांग Jofra Archer ने Mumbai Indians के खिलाफ शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में सिर्फ 17 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। इस दमदार प्रदर्शन के बाद Rajasthan Royals के स्टार तेज गेंदबाज पर्पल कैप की रेस में सीधे तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। आर्चर अब इस सीजन 14 मैचों में 21 विकेट ले चुके हैं। उन्होंने Anshul Kamboj को पीछे छोड़ते हुए टॉप-3 में जगह बनाई। पर्पल कैप पर अब भी भुवनेश्वर कुमार का कब्जा Royal Challengers Bengaluru के अनुभवी तेज गेंदबाज Bhuvneshwar Kumar अभी भी पर्पल कैप होल्डर बने हुए हैं। उन्होंने 14 मैचों में 24 विकेट झटके हैं। वहीं Gujarat Titans के Kagiso Rabada भी 24 विकेट लेकर दूसरे स्थान पर बने हुए हैं। विकेटों की संख्या बराबर होने के बावजूद इकॉनमी और औसत के आधार पर भुवनेश्वर आगे हैं। IPL 2026 Purple Cap Top 5 Bhuvneshwar Kumar – 24 विकेट Kagiso Rabada – 24 विकेट Jofra Archer – 21 विकेट Anshul Kamboj – 20 विकेट Rashid Khan – 19 विकेट ऑरेंज कैप में साई सुदर्शन सबसे आगे ऑरेंज कैप फिलहाल Sai Sudharsan के पास है। Gujarat Titans के इस युवा बल्लेबाज ने 14 मैचों में 638 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 157 का रहा है। उनके साथ ओपनिंग करने वाले कप्तान Shubman Gill भी शानदार फॉर्म में हैं और 616 रन बनाकर दूसरे नंबर पर मौजूद हैं। केएल राहुल की टॉप-5 में एंट्री Delhi Capitals के स्टार बल्लेबाज KL Rahul ने Kolkata Knight Riders के खिलाफ 60 रनों की शानदार पारी खेली। इस प्रदर्शन के बाद राहुल ऑरेंज कैप की रेस में चौथे नंबर पर पहुंच गए हैं। वहीं Sunrisers Hyderabad के Heinrich Klaasen 606 रनों के साथ तीसरे स्थान पर बने हुए हैं। IPL 2026 Orange Cap Top 5 Sai Sudharsan – 638 रन Shubman Gill – 616 रन Heinrich Klaasen – 606 रन KL Rahul – 593 रन Vaibhav Suryavanshi – 583 रन प्लेऑफ में और रोमांचक होगी रेस अब जबकि लीग स्टेज खत्म हो चुका है, प्लेऑफ मुकाबलों में पर्पल और ऑरेंज कैप की रेस और दिलचस्प होने वाली है। खासकर भुवनेश्वर कुमार, रबाडा, साई सुदर्शन और शुभमन गिल जैसे खिलाड़ी अपने शानदार प्रदर्शन से रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं।
Indian Premier League में प्लेऑफ की रेस के साथ-साथ ऑरेंज और पर्पल कैप की जंग भी बेहद दिलचस्प होती जा रही है। Delhi Capitals के स्टार बल्लेबाज KL Rahul ने पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच के बाद ऑरेंज कैप की सूची में एक स्थान की छलांग लगाकर दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। हालांकि राहुल इस मुकाबले में बड़ी पारी नहीं खेल सके और सिर्फ 9 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन उनके कुल रन 477 हो गए हैं। उन्होंने इस सीजन 12 पारियों में 177.98 के शानदार स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। ऑरेंज कैप की रेस में कांटे की टक्कर KL Rahul अब ऑरेंज कैप की दौड़ में दूसरे स्थान पर पहुंच चुके हैं, लेकिन उनकी यह स्थिति ज्यादा सुरक्षित नहीं मानी जा रही। Sunrisers Hyderabad के विस्फोटक बल्लेबाज Abhishek Sharma 475 रन के साथ बेहद करीब हैं, जबकि Gujarat Titans के कप्तान Shubman Gill 462 रन के साथ पीछे चल रहे हैं। ऑरेंज कैप फिलहाल Heinrich Klaasen के पास है। Sunrisers Hyderabad के इस बल्लेबाज ने 11 पारियों में 494 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 157.32 का रहा है। Orange Cap टॉप बल्लेबाज स्थान खिलाड़ी टीम रन पारी स्ट्राइक रेट 1 Heinrich Klaasen सनराइजर्स हैदराबाद 494 11 157.32 2 KL Rahul दिल्ली कैपिटल्स 477 12 177.98 3 Abhishek Sharma सनराइजर्स हैदराबाद 475 11 - 4 Shubman Gill गुजरात टाइटंस 462 11 - पर्पल कैप में भुवनेश्वर कुमार का जलवा गेंदबाजी में Bhuvneshwar Kumar ने शानदार प्रदर्शन जारी रखा है। Royal Challengers Bengaluru के अनुभवी तेज गेंदबाज ने Mumbai Indians के खिलाफ 23 रन देकर 4 विकेट झटके और पर्पल कैप की दौड़ में अपनी बढ़त मजबूत कर ली। 36 साल के भुवनेश्वर इस सीजन लगातार शानदार लय में नजर आ रहे हैं। यह इस सीजन उनका छठा तीन विकेट हॉल था और पहली बार उन्होंने चार विकेट लेने का कारनामा किया। अब उनके नाम 21 विकेट हो चुके हैं। पर्पल कैप की रेस भी बेहद दिलचस्प Kagiso Rabada 18 विकेट के साथ भुवनेश्वर के पीछे बने हुए हैं। वहीं Anshul Kamboj ने Chennai Super Kings के लिए शानदार गेंदबाजी करते हुए 19 विकेट पूरे कर लिए हैं और कुछ समय के लिए वह शीर्ष पर भी पहुंच गए थे। सीजन के आखिरी चरण में अब बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच यह मुकाबला और रोमांचक होने वाला है।
Delhi Capitals vs Kolkata Knight Riders मुकाबले के बाद Orange और Purple Cap की रेस में ज्यादा बदलाव देखने को नहीं मिला, लेकिन शनिवार को Rajasthan Royals और Gujarat Titans के बीच होने वाला मुकाबला तस्वीर बदल सकता है। दिल्ली पर आसान जीत के बाद Kolkata Knight Riders के खिलाड़ियों ने जरूर असर डाला, लेकिन अब सबसे ज्यादा नजरें उन खिलाड़ियों पर हैं जो शनिवार रात Orange और Purple Cap की दौड़ को पूरी तरह पलट सकते हैं। Orange Cap की रेस में कौन आगे? रनों की सूची में फिलहाल बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। KL Rahul ने 23 रन की पारी खेलकर अपना कुल स्कोर 468 तक पहुंचा दिया है और वह तीसरे स्थान पर बने हुए हैं। वहीं Abhishek Sharma 475 रन के साथ दूसरे और Heinrich Klaasen 494 रन के साथ Orange Cap की रेस में शीर्ष पर हैं। अब सबकी नजरें Vaibhav Sooryavanshi पर होंगी, जिन्होंने इस सीजन शानदार बल्लेबाजी करते हुए 404 रन बना लिए हैं और फिलहाल पांचवें स्थान पर हैं। इसके अलावा B Sai Sudharsan 385 रन के साथ सातवें और Shubman Gill 378 रन के साथ दसवें नंबर पर मौजूद हैं। अगर शनिवार के मैच में बड़ा स्कोर बनता है तो Orange Cap की टेबल में बड़ा बदलाव संभव है। Purple Cap की रेस में बढ़ा रोमांच Kartik Tyagi लगातार विकेट लेकर चर्चा में हैं। Kolkata Knight Riders के लिए खेलते हुए उन्होंने पिछले चार मैचों में 8 विकेट झटके हैं। दिल्ली के खिलाफ भी उन्होंने दो विकेट लिए, जिससे उनका कुल विकेट आंकड़ा 13 पहुंच गया। हालांकि Purple Cap की टॉप-5 सूची फिलहाल जस की तस बनी हुई है। Bhuvneshwar Kumar – 17 विकेट Anshul Kamboj – 17 विकेट Prince Yadav – 16 विकेट Kagiso Rabada – 16 विकेट Eshan Malinga – 16 विकेट आज की रात बदल सकती है Purple Cap की तस्वीर शनिवार को सबसे ज्यादा नजरें Kagiso Rabada और Jofra Archer पर रहेंगी। रबाडा ने पिछले छह मैचों में 12 विकेट लेकर शानदार फॉर्म दिखाई है। अगर वह इसी लय को जारी रखते हैं, तो शनिवार रात तक Purple Cap उनके सिर पर हो सकती है। दूसरी ओर Jofra Archer 15 विकेट के साथ टॉप खिलाड़ियों के बेहद करीब हैं। सिर्फ दो विकेट उन्हें शीर्ष स्थान तक पहुंचा सकते हैं। पावरप्ले में रबाडा और आर्चर की गेंदबाजी इस मुकाबले का सबसे बड़ा आकर्षण बन सकती है।
Indian Premier League 2026 में हर मुकाबले के साथ Orange Cap और Purple Cap की रेस और रोमांचक होती जा रही है। Sunrisers Hyderabad की Punjab Kings पर 33 रन की जीत के बाद बल्लेबाजों और गेंदबाजों की रैंकिंग में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। हैदराबाद की जीत के साथ टीम पॉइंट्स टेबल में टॉप पर पहुंच गई, जबकि उसके स्टार बल्लेबाजों ने Orange Cap की रेस में भी दबदबा बना लिया। Orange Cap की रेस में क्लासेन नंबर-1 Heinrich Klaasen इस सीजन लगातार शानदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं। पंजाब के खिलाफ उन्होंने 69 रन की दमदार पारी खेली, जो इस सीजन उनका पांचवां अर्धशतक रहा। इसी के साथ क्लासेन 494 रनों के साथ Orange Cap लिस्ट में पहले स्थान पर पहुंच गए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 157.32 का है, जो दिखाता है कि वह SRH के मिडिल ऑर्डर की सबसे बड़ी ताकत बन चुके हैं। अभिषेक शर्मा दूसरे स्थान पर कायम Abhishek Sharma ने पंजाब के खिलाफ सिर्फ 13 गेंदों में 35 रन बनाकर टीम को तेज शुरुआत दिलाई। वह अब 475 रनों के साथ दूसरे स्थान पर बने हुए हैं। पूरे सीजन में अभिषेक और क्लासेन लगातार टॉप-3 बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं और SRH की सफलता में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। ईशान किशन ने लगाई लंबी छलांग Ishan Kishan ने 32 गेंदों में 55 रन की विस्फोटक पारी खेली और अब 409 रनों के साथ चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं। तीसरे नंबर पर KL Rahul बने हुए हैं, जिनके नाम 445 रन हैं। हालांकि पिछले मुकाबले में वह बड़ी पारी नहीं खेल सके थे। 400 रन क्लब में शामिल ये बल्लेबाज इस सीजन अब तक कई बल्लेबाज 400 रन का आंकड़ा पार कर चुके हैं– Vaibhav Suryavanshi – 404 रन Sanju Samson – 402 रन वहीं पंजाब किंग्स के लिए शानदार फॉर्म में चल रहे Cooper Connolly ने SRH के खिलाफ 59 गेंदों में नाबाद 107 रन बनाए। इस शतक के बाद वह 377 रनों के साथ 11वें स्थान पर पहुंच गए हैं। Purple Cap की रेस भी हुई रोमांचक गेंदबाजों की सूची में टॉप-5 नामों में कोई बदलाव नहीं हुआ, लेकिन Eshan Malinga ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Purple Cap की रेस को और दिलचस्प बना दिया है। पंजाब के कप्तान Shreyas Iyer का विकेट लेने के बाद मलिंगा के अब 16 विकेट हो गए हैं। वह विकेटों के मामले में Kagiso Rabada की बराबरी पर पहुंच गए हैं, हालांकि इकॉनमी रेट के कारण पीछे हैं। Purple Cap टॉप-5 Bhuvneshwar Kumar – 17 विकेट Anshul Kamboj – 17 विकेट Kagiso Rabada – 16 विकेट Eshan Malinga – 16 विकेट Jofra Archer – 15 विकेट IPL 2026 जैसे-जैसे प्लेऑफ की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे Orange Cap और Purple Cap की रेस और भी रोमांचक होती जा रही है।
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में रविवार के मुकाबलों के बाद पर्पल और ऑरेंज कैप की रेस और भी रोमांचक हो गई है। खासतौर पर Prince Yadav ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पर्पल कैप की टॉप-3 लिस्ट में जगह बना ली है। पर्पल कैप: प्रिंस यादव का जलवा पंजाब किंग्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच खेले गए मुकाबले में Punjab Kings ने 54 रन से जीत दर्ज की, जिसमें प्रिंस यादव ने 2 विकेट लेकर मैच में अहम भूमिका निभाई। इस सीजन में उनका प्रदर्शन लगातार बेहतरीन रहा है–उन्होंने खेले गए सभी 6 मैचों में कम से कम एक विकेट जरूर लिया है। अब उनके नाम कुल 11 विकेट हो चुके हैं, जो Prasidh Krishna के बराबर हैं, लेकिन बेहतर इकॉनमी रेट के कारण वे उनसे आगे हैं। पर्पल कैप की रेस में फिलहाल Anshul Kamboj 13 विकेट के साथ पहले स्थान पर बने हुए हैं। वहीं Ravi Bishnoi 10 विकेट लेकर पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं। इसके अलावा Bhuvneshwar Kumar और Jofra Archer भी इस रेस में मजबूती से बने हुए हैं। कोलकाता नाइट राइडर्स के Kartik Tyagi ने 3/22 के शानदार प्रदर्शन के साथ अपनी स्थिति मजबूत की है। ऑरेंज कैप: टॉप-3 में कोई बदलाव नहीं रनों की रेस यानी ऑरेंज कैप में टॉप-3 बल्लेबाजों की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। Heinrich Klaasen, Shubman Gill और Virat Kohli क्रमशः पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर बने हुए हैं। हालांकि, राजस्थान रॉयल्स के Vaibhav Sooryavanshi ने 46 रन की पारी खेलकर चौथे स्थान पर कब्जा कर लिया है। उभरते सितारे: कोनोली और आर्य का धमाका पंजाब किंग्स के Cooper Connolly ने 46 गेंदों में 87 रन बनाकर अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया और अब वे 223 रन के साथ छठे स्थान पर हैं। उनके साथ शानदार तालमेल दिखाने वाले Priyansh Arya ने 37 गेंदों में 93 रन ठोककर 200 रन का आंकड़ा पार कर लिया है और इस सीजन के उभरते सितारों में शामिल हो गए हैं। वहीं Yashasvi Jaiswal भी 223 रन के साथ बराबरी पर बने हुए हैं। क्या कहती है मौजूदा रेस? IPL 2026 अब ऐसे मोड़ पर पहुंच चुका है जहां हर मैच के साथ लीडरबोर्ड बदल रहा है। गेंदबाजों में जहां प्रिंस यादव तेजी से उभरते नजर आ रहे हैं, वहीं बल्लेबाजों की रेस में भी युवा खिलाड़ियों का दबदबा बढ़ता दिख रहा है।
आईपीएल 2026 के मुकाबले जैसे-जैसे आगे बढ़ रहे हैं, ऑरेंज और पर्पल कैप की रेस भी उतनी ही दिलचस्प होती जा रही है। मैच नंबर 24 के बाद तस्वीर लगभग वही है, लेकिन कुछ खिलाड़ी तेजी से टॉप की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं। Punjab Kings (PBKS) की शानदार जीत में Prabhsimran Singh और कप्तान Shreyas Iyer ने अहम भूमिका निभाई। प्रभसिमरन ने 39 गेंदों में नाबाद 80 रन ठोके, जबकि अय्यर ने 35 गेंदों में 66 रन बनाए। ऑरेंज कैप रेस: कोहली टॉप पर, लेकिन खतरा बरकरार इस समय ऑरेंज कैप की दौड़ में Virat Kohli (RCB) शीर्ष पर बने हुए हैं। हालांकि, उनके पीछे कई खिलाड़ी तेजी से बढ़ रहे हैं। Heinrich Klaasen (SRH) Rajat Patidar (RCB) Ishan Kishan (SRH) इनके बीच अब प्रभसिमरन सिंह पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं। उन्होंने चार पारियों में 211 रन बनाए हैं, और उनका स्ट्राइक रेट 172.95 है, जो उन्हें सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में शामिल करता है। वहीं, अय्यर 203 रन के साथ छठे स्थान पर हैं और लगातार अच्छी पारियों के दम पर टॉप-3 में पहुंचने के करीब हैं। Vaibhav Sooryavanshi (RR), जो कुछ समय पहले तक टॉप पर थे, अब एक खराब पारी (डक) के बाद सातवें स्थान पर खिसक गए हैं। पर्पल कैप: गेंदबाजों की रेस स्थिर पर्पल कैप की सूची में फिलहाल ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। टॉप पर हैं Prasidh Krishna (GT) और Anshul Kamboj (CSK), दोनों के 10 विकेट उनके पीछे Prince Yadav (LSG) और Ravi Bishnoi (RR) 9-9 विकेट के साथ 7 विकेट के साथ Jofra Archer (RR), Bhuvneshwar Kumar और Krunal Pandya (RCB) इस बीच Shardul Thakur (MI) टॉप-10 में शामिल हो गए हैं, उनके नाम अब 6 विकेट हो चुके हैं। मुकाबला अभी बाकी है टूर्नामेंट अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन जिस तरह से प्रभसिमरन और अय्यर फॉर्म में हैं, वह आने वाले मैचों में Virat Kohli के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं।
आईपीएल 2026 में एक बार फिर Virat Kohli का बल्ला जमकर बोल रहा है। Royal Challengers Bengaluru (RCB) के स्टार बल्लेबाज कोहली ने लखनऊ के खिलाफ शानदार पारी खेलते हुए ऑरेंज कैप अपने नाम कर ली है। इम्पैक्ट प्लेयर बनकर भी छाए कोहली Lucknow Super Giants के खिलाफ मुकाबले में कोहली ने 34 गेंदों में 49 रन की अहम पारी खेली और टीम को 147 रन का लक्ष्य हासिल करने में मदद की। यह पहली बार था जब RCB ने उन्हें Impact Player के रूप में इस्तेमाल किया। इस पारी के साथ कोहली के इस सीजन में कुल 228 रन हो गए हैं, जिससे वह रन बनाने वालों की सूची में पहले स्थान पर पहुंच गए हैं। खास बात यह है कि कोहली हाल ही में घुटने में दर्द से जूझ रहे थे, फिर भी उन्होंने मैदान पर आकर टीम के लिए अहम योगदान दिया। ऑरेंज कैप की रेस में कड़ी टक्कर कोहली के बाद दूसरे स्थान पर Heinrich Klaasen हैं, जो Sunrisers Hyderabad के लिए खेलते हुए 224 रन बना चुके हैं। तीसरे स्थान पर RCB के कप्तान Rajat Patidar पहुंच गए हैं, जिन्होंने लखनऊ के खिलाफ 13 गेंदों में 27 रन की तेज पारी खेली। इसके अलावा Ishan Kishan और Vaibhav Sooryavanshi भी 200+ रन के आंकड़े को पार कर चुके हैं, जिससे इस सीजन की रन रेस और रोमांचक हो गई है। पर्पल कैप की दौड़ भी दिलचस्प गेंदबाजी में Anshul Kamboj (Chennai Super Kings) और Prasidh Krishna (Gujarat Titans) 10-10 विकेट के साथ टॉप पर बने हुए हैं। उनके पीछे Ravi Bishnoi (Rajasthan Royals) और Prince Yadav (LSG) 9-9 विकेट लेकर दबाव बनाए हुए हैं। वहीं Bhuvneshwar Kumar और Krunal Pandya 7-7 विकेट के साथ रेस में बने हुए हैं। खास बात यह है कि क्रुणाल इस सीजन के टॉप विकेट-टेकर्स में इकलौते फिंगर स्पिनर हैं। सीजन होता जा रहा रोमांचक IPL 2026 में बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। जहां एक तरफ कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ी फॉर्म में लौटे हैं, वहीं युवा खिलाड़ी भी लगातार चुनौती पेश कर रहे हैं। आने वाले मुकाबलों में ऑरेंज और पर्पल कैप की रेस और भी दिलचस्प होने वाली है।
Indian Premier League 2026 सीजन की शुरुआत से ही रोमांच अपने चरम पर है। ताज़ा मुकाबले में Punjab Kings ने Chennai Super Kings को 5 विकेट से हराकर पॉइंट्स टेबल का पूरा समीकरण बदल दिया है। इस जीत के साथ पंजाब लगातार दो मैच जीतकर टॉप पर पहुंच गई है, जबकि चेन्नई को लगातार दूसरी हार झेलनी पड़ी है। पॉइंट्स टेबल में बड़ा उलटफेर सीजन के शुरुआती मुकाबलों के बाद अंक तालिका में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। पंजाब किंग्स – 2 मैच, 2 जीत (पहला स्थान) Rajasthan Royals – 1 जीत (दूसरा स्थान) Royal Challengers Bengaluru – 1 जीत (तीसरा स्थान) Delhi Capitals – 1 जीत (चौथा स्थान) Mumbai Indians – 1 जीत (पांचवां स्थान) इसके अलावा Sunrisers Hyderabad एक जीत और एक हार के साथ छठे स्थान पर है, जबकि Gujarat Titans और Lucknow Super Giants को शुरुआती हार का नुकसान उठाना पड़ा है। CSK और KKR पर मंडराया खतरा सबसे बड़ा झटका Kolkata Knight Riders और चेन्नई सुपर किंग्स को लगा है। दोनों टीमों को अपने शुरुआती दो मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है और उनका नेट रन रेट भी नकारात्मक है। ऐसे में अगर जल्द ही प्रदर्शन नहीं सुधरा, तो प्लेऑफ की दौड़ में बने रहना मुश्किल हो सकता है। टॉप-4 की रेस होगी और कड़ी IPL जैसे लंबे टूर्नामेंट में शुरुआत बेहद अहम होती है। शुरुआती जीत टीम को आत्मविश्वास और अंक तालिका में बढ़त दिलाती है। वहीं, लगातार हार टीम को दबाव में डाल देती है। CSK और KKR को अब आने वाले मैचों में दमदार वापसी करनी होगी, वरना टॉप-4 में जगह बनाना चुनौतीपूर्ण हो जाएगा। ऑरेंज और पर्पल कैप की रेस इस समय Cooper Connolly (पंजाब किंग्स) 108 रन के साथ ऑरेंज कैप की दौड़ में आगे है। वहीं, Vijaykumar Vyshak 5 विकेट लेकर पर्पल कैप अपने नाम किए हुए हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।