Vaibhav Sooryavanshi

Abhijit Deepke announces student-led protest demanding accountability over examination controversies
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक 6 जून को लौटेंगे भारत, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान

  कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने घोषणा की है कि वह 6 जून को भारत लौटेंगे और विभिन्न परीक्षा विवादों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू करेंगे। वर्तमान में अमेरिका में मौजूद दीपके ने सोशल मीडिया के जरिए अपने समर्थकों और छात्रों से इस अभियान में शामिल होने की अपील की है। एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि छात्र और नागरिक संविधान के दायरे में रहकर अपनी आवाज बुलंद करें। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में लोगों के एकजुट होने पर सरकार को उनकी मांगों पर ध्यान देना पड़ेगा। दिल्ली एयरपोर्ट से जंतर-मंतर तक मार्च की तैयारी अभिजीत दीपके ने अपने समर्थकों से 6 जून की सुबह दिल्ली हवाई अड्डे पर उनका स्वागत करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वहां से सभी लोग संसद मार्ग थाने पहुंचेंगे और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति मांगेंगे। दीपके के अनुसार, उनका प्रस्तावित आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किया जाएगा। परीक्षा विवादों को लेकर सरकार पर सवाल दीपके ने दावा किया कि हाल के वर्षों में कई प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि नीट, सीबीएसई, सीयूईटी और एसएससी-जीडी जैसी परीक्षाओं से जुड़े विवादों ने छात्रों के बीच असुरक्षा और चिंता का माहौल पैदा किया है। उनका आरोप है कि इन घटनाओं का असर एक करोड़ से अधिक छात्रों पर पड़ा है, लेकिन इसके बावजूद जवाबदेही तय नहीं की गई। ऑनलाइन याचिका को मिले लाखों समर्थन अभिजीत दीपके ने बताया कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू की गई ऑनलाइन याचिका पर अब तक करीब आठ लाख लोग हस्ताक्षर कर चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में भी शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी हैं। दीपके ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में छात्रों के प्रभावित होने के बावजूद यदि जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होती है, तो यह जवाबदेही की कमी को दर्शाता है।   गिरफ्तारी की आशंका पर भी दी प्रतिक्रिया अपने वीडियो संदेश में दीपके ने कहा कि उनके परिवार और मित्रों को आशंका है कि भारत लौटने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन उन्हें शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से विरोध दर्ज कराने की अनुमति देगा। उन्होंने कहा कि वह लोकतंत्र और संविधान में विश्वास रखते हैं तथा कानून के दायरे में रहकर अपनी बात रखना चाहते हैं। गांधी, आंबेडकर और भगत सिंह से प्रेरित होने का दावा दीपके ने कहा कि वह महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव आंबेडकर, भगत सिंह और जवाहरलाल नेहरू के विचारों से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान नागरिकों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार देता है और उनका आंदोलन इसी संवैधानिक अधिकार के तहत होगा। उन्होंने समर्थकों से अपील करते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता के लिए सभी लोगों को लोकतांत्रिक तरीके से एकजुट होकर अपनी आवाज उठानी चाहिए।  

Deepshikha जून 2, 2026 0
Young cricket sensation Vaibhav Sooryavanshi celebrates after a standout performance in IPL 2026
15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर BCCI की बड़ी नजर, जल्द मिल सकता है टीम इंडिया का टिकट

IPL 2026 में धमाकेदार प्रदर्शन के बाद बढ़ी राष्ट्रीय टीम में चयन की उम्मीद भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे Vaibhav Sooryavanshi को लेकर टीम इंडिया में चयन की चर्चाएं तेज हो गई हैं। आईपीएल 2026 में शानदार बल्लेबाजी करने वाले 15 वर्षीय युवा खिलाड़ी के लिए अब राष्ट्रीय टीम के दरवाजे खुलते नजर आ रहे हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सचिव Devajit Saikia ने संकेत दिया है कि वैभव जल्द ही भारतीय सीनियर टीम का हिस्सा बन सकते हैं। उनके बयान को युवा बल्लेबाज के लिए अब तक का सबसे बड़ा संकेत माना जा रहा है। IPL 2026 के सबसे बड़े सितारे बने वैभव Rajasthan Royals के लिए खेलते हुए वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में 16 मैचों में 776 से अधिक रन बनाए और ऑरेंज कैप अपने नाम की। पूरे सीजन में उन्होंने दुनिया के कई दिग्गज गेंदबाजों के खिलाफ निडर बल्लेबाजी की। उनकी तकनीक, आक्रामकता और दबाव में मैच संभालने की क्षमता ने क्रिकेट विशेषज्ञों और चयनकर्ताओं को प्रभावित किया। BCCI सचिव ने दिए बड़े संकेत देवजीत सैकिया ने कहा कि चयन समिति युवा बल्लेबाज के प्रदर्शन पर लगातार नजर बनाए हुए है और उनके भविष्य को लेकर उचित फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वैभव भारतीय क्रिकेट के नए "वंडरकिड" हैं और आने वाले दिनों में दुनिया भर में अपनी छाप छोड़ सकते हैं। सैकिया के अनुसार, चयन समिति के सभी सदस्य आईपीएल मैचों पर करीबी नजर रख रहे थे और वैभव का प्रदर्शन किसी से छिपा नहीं है। इंग्लैंड दौरे की टीम में मिल सकता है मौका रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय टीम के आगामी यूनाइटेड किंगडम दौरे के लिए होने वाली चयन बैठक में वैभव सूर्यवंशी का नाम चर्चा का विषय बन सकता है। हालांकि BCCI ने आधिकारिक तौर पर किसी चयन की पुष्टि नहीं की है, लेकिन बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों की टिप्पणियों ने अटकलों को और मजबूत कर दिया है। "असाधारण प्रतिभा" बताया देवजीत सैकिया ने कहा कि आईपीएल में कई खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया, लेकिन वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन "असाधारण" रहा। उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट को इस समय एक नया प्रतिभाशाली खिलाड़ी मिला है और वह जल्द ही नई ऊंचाइयों को छू सकता है। चयनकर्ताओं के सामने बड़ी चुनौती अब अंतिम फैसला मुख्य चयनकर्ता Ajit Agarkar और उनकी टीम को लेना है। चयनकर्ताओं को यह तय करना होगा कि इतनी कम उम्र में वैभव को सीधे सीनियर टीम में मौका दिया जाए या पहले उन्हें भारत ए और अन्य अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुभव दिलाए जाएं। खिलाड़ियों की फिटनेस पर भी BCCI की नजर आईपीएल के बाद खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर भी BCCI सतर्क है। सैकिया ने बताया कि बोर्ड का तकनीकी और फिटनेस स्टाफ केंद्रीय अनुबंध वाले खिलाड़ियों की लगातार निगरानी करता है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि आईपीएल के दौरान खिलाड़ी अपनी-अपनी फ्रेंचाइजी के नियंत्रण में होते हैं, इसलिए बोर्ड हर गतिविधि में सीधे हस्तक्षेप नहीं करता। भारतीय क्रिकेट का अगला सुपरस्टार? वैभव सूर्यवंशी की उम्र अभी सिर्फ 15 साल है, लेकिन उन्होंने जिस तरह बड़े मंच पर खुद को साबित किया है, उससे क्रिकेट जगत में उनकी तुलना भविष्य के बड़े सितारों से की जाने लगी है। अगर उन्हें जल्द ही टीम इंडिया में मौका मिलता है, तो वह भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे कम उम्र के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों में शामिल हो सकते हैं।  

surbhi जून 2, 2026 0
Kumar Sangakkara praises Vaibhav Sooryavanshi after his record-breaking IPL 2026 season for Rajasthan Royals
वैभव सूर्यवंशी को जल्द मिलेगा टीम इंडिया का बुलावा? कुमार संगकारा ने दिया बड़ा बयान

आईपीएल 2026 में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित करने वाले युवा बल्लेबाज Vaibhav Sooryavanshi को जल्द ही भारतीय टीम में मौका मिल सकता है। ऐसा मानना है राजस्थान रॉयल्स के मुख्य कोच Kumar Sangakkara का, जिन्होंने टीम के क्वालिफायर-2 से बाहर होने के बाद वैभव की जमकर सराहना की। गुजरात टाइटंस के खिलाफ हार के साथ राजस्थान रॉयल्स का आईपीएल 2026 का सफर खत्म हो गया, लेकिन 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने पूरे सीजन में ऐसा प्रदर्शन किया जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। "बहुत जल्द मिलेगा इंटरनेशनल कॉल-अप" संगकारा ने मैच के बाद कहा कि वैभव ने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों के खिलाफ जिस तरह बल्लेबाजी की है, उससे साफ है कि वह किसी भी स्तर की चुनौती के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, "वैभव ने इस सीजन में जो कुछ दिखाया है, उसे देखते हुए मुझे लगता है कि वह किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। मुझे पूरा विश्वास है कि उसे बहुत जल्द भारतीय टीम से बुलावा मिलेगा।" संगकारा के मुताबिक वैभव ने सिर्फ रन ही नहीं बनाए, बल्कि ओपनिंग साझेदारी की जिम्मेदारी भी शानदार तरीके से निभाई और पूरे सीजन परिपक्वता के साथ बल्लेबाजी की। रिकॉर्डतोड़ सीजन ने बढ़ाई दावेदारी Vaibhav Sooryavanshi ने आईपीएल 2026 में 16 पारियों में 776 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 237.30 रहा, जो टूर्नामेंट के इतिहास के सबसे बेहतरीन स्ट्राइक रेट्स में शामिल है। उनके कुल 776 रनों में से 684 रन सिर्फ चौकों और छक्कों से आए, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का प्रमाण है। क्वालिफायर-2 में भी उन्होंने 47 गेंदों में 96 रन की शानदार पारी खेली, हालांकि टीम को जीत नहीं दिला सके। वैभव की तैयारी से प्रभावित हैं संगकारा संगकारा ने बताया कि राजस्थान रॉयल्स का कोचिंग स्टाफ वैभव के दिमाग पर अतिरिक्त दबाव नहीं डालता। उन्होंने कहा कि युवा बल्लेबाज टीम मीटिंग्स में सक्रिय रूप से हिस्सा लेते हैं, गेंदबाजों की वीडियो स्टडी करते हैं और हर मैच से पहले गहन तैयारी करते हैं। संगकारा ने कहा, "हम उनके दिमाग में अनावश्यक बातें नहीं भरना चाहते। वह साफ सोच के साथ बल्लेबाजी करते हैं और वही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।" मुश्किल हालात में भी राजस्थान ने किया कमाल आईपीएल 2026 के दौरान राजस्थान रॉयल्स को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। टीम के अहम खिलाड़ी Sam Curran चोट के कारण पूरे सीजन से बाहर रहे, जबकि Riyan Parag और Ravindra Jadeja भी सीजन के अंतिम चरण में फिटनेस समस्याओं से जूझते रहे। इसके बावजूद राजस्थान ने प्लेऑफ तक का सफर तय किया। संगकारा ने युवा गेंदबाजों Yash Raj Punja और Brijesh Sharma के प्रदर्शन की भी सराहना की। रियान पराग की कप्तानी को बताया शानदार राजस्थान रॉयल्स के कप्तान Riyan Parag ने पहली बार पूरे सीजन टीम की कमान संभाली। संगकारा ने उनकी कप्तानी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने दबाव के बावजूद टीम को बेहतरीन तरीके से संभाला और मैदान पर अच्छे फैसले लिए। उन्होंने कहा, "रियान का पहला पूरा कप्तानी सीजन शानदार रहा। वह लगातार सीख रहे हैं और अगले सीजन में और बेहतर होकर लौटेंगे।" नौवें स्थान से प्लेऑफ तक का सफर पिछले सीजन राजस्थान रॉयल्स अंक तालिका में नौवें स्थान पर रही थी, लेकिन इस बार टीम ने सभी उम्मीदों को पीछे छोड़ते हुए प्लेऑफ में जगह बनाई। संगकारा का मानना है कि टीम ने कठिन परिस्थितियों में भी जिस जज्बे के साथ खेला, वह भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा, "शायद टूर्नामेंट शुरू होने से पहले किसी ने नहीं सोचा था कि हम प्लेऑफ तक पहुंचेंगे। लेकिन मेहनत, विश्वास और टीम भावना ने इसे संभव बनाया।" हालांकि राजस्थान फाइनल में जगह नहीं बना सकी, लेकिन वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा सितारे ने फ्रेंचाइजी और भारतीय क्रिकेट दोनों के भविष्य को लेकर उम्मीदें जरूर बढ़ा दी हैं।  

surbhi मई 30, 2026 0
Vaibhav Sooryavanshi leads IPL 2026 Orange Cap race ahead of Shubman Gill and Sai Sudharsan
ऑरेंज कैप की रेस में वैभव सूर्यवंशी सबसे आगे, फाइनल से पहले शुभमन गिल और साई सुदर्शन के सामने बड़ी चुनौती

आईपीएल 2026 में भले ही Rajasthan Royals का सफर क्वालिफायर-2 में समाप्त हो गया हो, लेकिन युवा सनसनी Vaibhav Sooryavanshi ने पूरे सीजन में अपने बल्ले से ऐसा प्रदर्शन किया कि ऑरेंज कैप की दौड़ में सभी को पीछे छोड़ दिया। गुजरात टाइटंस के खिलाफ 47 गेंदों में 96 रन की विस्फोटक पारी खेलने के बाद वैभव ने अपना सीजन 776 रनों के साथ समाप्त किया। उनका स्ट्राइक रेट 237.30 रहा, जो इस सीजन के सबसे आक्रामक बल्लेबाजों में उनकी पहचान को और मजबूत करता है। 100 से चूके, लेकिन रिकॉर्ड बना गए क्वालिफायर-2 में वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर धमाकेदार बल्लेबाजी की। पिछले मैच में वह 97 रन पर आउट होकर सबसे तेज आईपीएल शतक का रिकॉर्ड बनाने से चूक गए थे, जबकि इस बार 96 रन बनाकर शतक से सिर्फ चार रन दूर रह गए। इसके बावजूद उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप की रेस में मजबूत बढ़त बना ली। शुभमन गिल ने बढ़ाया रोमांच Shubman Gill ने भी बड़े मैच में कप्तानी पारी खेलते हुए 53 गेंदों में 104 रन बनाए और गुजरात टाइटंस को फाइनल में पहुंचा दिया। इस शतक के बाद गिल के कुल रन 722 हो गए हैं। वह अब वैभव से सिर्फ 54 रन पीछे हैं और उनके पास फाइनल मुकाबले में यह अंतर खत्म करने का मौका होगा। अगर गिल फाइनल में 55 या उससे ज्यादा रन बना लेते हैं, तो वे ऑरेंज कैप अपने नाम कर सकते हैं। साई सुदर्शन भी दौड़ में बरकरार B Sai Sudharsan भी ऑरेंज कैप की रेस से बाहर नहीं हुए हैं। उन्होंने क्वालिफायर-2 में 32 गेंदों पर 58 रन बनाए और गिल के साथ पहले विकेट के लिए 167 रन की साझेदारी की। इस पारी के बाद उनके कुल रन 710 हो गए हैं। फाइनल में बड़ी पारी खेलकर वह भी ऑरेंज कैप जीतने की दौड़ में बने हुए हैं। ऑरेंज कैप टॉप दावेदार Vaibhav Sooryavanshi – 776 रन (सीजन समाप्त) Shubman Gill – 722 रन B Sai Sudharsan – 710 रन Virat Kohli – 600 रन फाइनल में गुजरात टाइटंस के बल्लेबाजों के पास वैभव का रिकॉर्ड तोड़ने का आखिरी मौका होगा। पर्पल कैप की रेस में बड़ा बदलाव जहां ऑरेंज कैप की रेस रोमांचक बनी हुई है, वहीं पर्पल कैप की सूची में नया नंबर-1 मिल गया है। Kagiso Rabada ने राजस्थान के खिलाफ दो विकेट लेकर पर्पल कैप अपने नाम कर ली। रबाडा ने: ध्रुव जुरेल का विकेट लिया वैभव सूर्यवंशी की शानदार पारी का अंत किया इन दो विकेटों के साथ उनके विकेटों की संख्या 28 हो गई। भुवनेश्वर कुमार पीछे हुए Bhuvneshwar Kumar अब 26 विकेटों के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। दिलचस्प बात यह है कि फाइनल मुकाबले में रबाडा और भुवनेश्वर आमने-सामने होंगे, जिससे पर्पल कैप की लड़ाई भी आखिरी मैच तक जारी रहेगी। जोफ्रा आर्चर ने भी छोड़ी छाप Jofra Archer ने क्वालिफायर-2 में एक विकेट लिया और 25 विकेटों के साथ सीजन समाप्त किया। वह पर्पल कैप सूची में तीसरे स्थान पर रहे। फाइनल में दांव पर होंगे दो बड़े अवॉर्ड अब आईपीएल 2026 के फाइनल में Gujarat Titans और Royal Challengers Bengaluru आमने-सामने होंगे। इस मुकाबले में सिर्फ ट्रॉफी ही नहीं, बल्कि: ऑरेंज कैप पर्पल कैप दोनों पुरस्कारों की तस्वीर भी साफ होगी। फिलहाल वैभव सूर्यवंशी ऑरेंज कैप की दौड़ में सबसे आगे हैं, लेकिन शुभमन गिल और साई सुदर्शन के पास इतिहास बदलने का आखिरी मौका मौजूद है।  

surbhi मई 30, 2026 0
IPL stars Vaibhav Sooryavanshi, Kagiso Rabada and Jofra Archer during Orange and Purple Cap race.
Indian Premier League Orange और Purple Cap की रेस हुई दिलचस्प, अब नजरें Vaibhav Sooryavanshi, Kagiso Rabada और Jofra Archer पर

Delhi Capitals vs Kolkata Knight Riders मुकाबले के बाद Orange और Purple Cap की रेस में ज्यादा बदलाव देखने को नहीं मिला, लेकिन शनिवार को Rajasthan Royals और Gujarat Titans के बीच होने वाला मुकाबला तस्वीर बदल सकता है। दिल्ली पर आसान जीत के बाद Kolkata Knight Riders के खिलाड़ियों ने जरूर असर डाला, लेकिन अब सबसे ज्यादा नजरें उन खिलाड़ियों पर हैं जो शनिवार रात Orange और Purple Cap की दौड़ को पूरी तरह पलट सकते हैं। Orange Cap की रेस में कौन आगे? रनों की सूची में फिलहाल बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। KL Rahul ने 23 रन की पारी खेलकर अपना कुल स्कोर 468 तक पहुंचा दिया है और वह तीसरे स्थान पर बने हुए हैं। वहीं Abhishek Sharma 475 रन के साथ दूसरे और Heinrich Klaasen 494 रन के साथ Orange Cap की रेस में शीर्ष पर हैं। अब सबकी नजरें Vaibhav Sooryavanshi पर होंगी, जिन्होंने इस सीजन शानदार बल्लेबाजी करते हुए 404 रन बना लिए हैं और फिलहाल पांचवें स्थान पर हैं। इसके अलावा B Sai Sudharsan 385 रन के साथ सातवें और Shubman Gill 378 रन के साथ दसवें नंबर पर मौजूद हैं। अगर शनिवार के मैच में बड़ा स्कोर बनता है तो Orange Cap की टेबल में बड़ा बदलाव संभव है। Purple Cap की रेस में बढ़ा रोमांच Kartik Tyagi लगातार विकेट लेकर चर्चा में हैं। Kolkata Knight Riders के लिए खेलते हुए उन्होंने पिछले चार मैचों में 8 विकेट झटके हैं। दिल्ली के खिलाफ भी उन्होंने दो विकेट लिए, जिससे उनका कुल विकेट आंकड़ा 13 पहुंच गया। हालांकि Purple Cap की टॉप-5 सूची फिलहाल जस की तस बनी हुई है। Bhuvneshwar Kumar – 17 विकेट Anshul Kamboj – 17 विकेट Prince Yadav – 16 विकेट Kagiso Rabada – 16 विकेट Eshan Malinga – 16 विकेट आज की रात बदल सकती है Purple Cap की तस्वीर शनिवार को सबसे ज्यादा नजरें Kagiso Rabada और Jofra Archer पर रहेंगी। रबाडा ने पिछले छह मैचों में 12 विकेट लेकर शानदार फॉर्म दिखाई है। अगर वह इसी लय को जारी रखते हैं, तो शनिवार रात तक Purple Cap उनके सिर पर हो सकती है। दूसरी ओर Jofra Archer 15 विकेट के साथ टॉप खिलाड़ियों के बेहद करीब हैं। सिर्फ दो विकेट उन्हें शीर्ष स्थान तक पहुंचा सकते हैं। पावरप्ले में रबाडा और आर्चर की गेंदबाजी इस मुकाबले का सबसे बड़ा आकर्षण बन सकती है।  

surbhi मई 9, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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anjali kumari जून 24, 2026 0