Delhi News

Fee Regulation Committee
दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, निजी स्कूलों में 15 जुलाई तक बनेगी फीस रेगुलेशन कमेटी

नई दिल्ली, एजेंसियां। दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने राजधानी के सभी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को 15 जुलाई 2026 तक स्कूल-स्तरीय फीस रेगुलेशन कमेटी गठित करने का निर्देश दिया है। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य स्कूल फीस निर्धारण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है।   15 जुलाई तक कमेटी बनाना अनिवार्य   शिक्षा निदेशालय के आदेश के अनुसार, सभी निजी स्कूलों को निर्धारित समय सीमा के भीतर फीस रेगुलेशन कमेटी का गठन करना होगा। इस कमेटी में स्कूल प्रबंधन, शिक्षक और अभिभावकों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा, ताकि फीस से जुड़े फैसलों में सभी पक्षों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।   नई फीस मंजूर होने तक पुरानी फीस ही रहेगी लागू   सरकार ने स्पष्ट किया है कि जब तक नई फीस संरचना को मंजूरी नहीं मिल जाती, तब तक स्कूल पहले से लागू फीस ही वसूल सकेंगे। किसी भी तरह की मनमानी फीस वृद्धि की अनुमति नहीं होगी।   अभिभावकों को मिलेगी राहत   सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से फीस निर्धारण में पारदर्शिता बढ़ेगी और अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। साथ ही स्कूलों को भी निर्धारित नियमों के तहत ही फीस संबंधी निर्णय लेने होंगे।   शिक्षा विभाग रखेगा निगरानी   शिक्षा विभाग ने कहा है कि सभी स्कूलों को निर्देशों का पालन करना होगा। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित स्कूलों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

anjali kumari जुलाई 3, 2026 0
Mandi House Metro Station
दिल्ली के मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन पर बैग से देसी पिस्तौल बरामद, दो युवक गिरफ्तार

नई दिल्ली, एजेंसियां। दिल्ली के मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन पर नियमित सुरक्षा जांच के दौरान दो यात्रियों के बैग से एक देसी पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस बरामद होने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। यह बरामदगी सीआईएसएफ की एक्स-रे बैगेज स्क्रीनिंग के दौरान हुई, जिसके बाद दोनों को तुरंत दिल्ली मेट्रो रेल पुलिस के हवाले कर दिया गया।   सुरक्षा जांच में हुआ खुलासा   अधिकारियों के अनुसार, घटना गुरुवार सुबह नियमित जांच के दौरान सामने आई। एक्स-रे मशीन से बैग की जांच के दौरान संदिग्ध वस्तु दिखाई देने पर सीआईएसएफ जवानों ने बैग की तलाशी ली, जिसमें देसी पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस मिला। इसके बाद दोनों यात्रियों को हिरासत में ले लिया गया।   बरेली के रहने वाले हैं दोनों आरोपी   पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार दोनों युवकों की पहचान राजवीर और गौरव के रूप में हुई है। दोनों उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के निवासी हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वे हथियार लेकर मेट्रो स्टेशन क्यों पहुंचे थे और उनके पास इसके लिए कोई वैध लाइसेंस था या नहीं।   आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज   दिल्ली पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही उनके आपराधिक रिकॉर्ड और हथियार के स्रोत की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि हथियार का इस्तेमाल किसी आपराधिक गतिविधि के लिए किया जाना था या नहीं।   CISF की सतर्कता से टला बड़ा खतरा   अधिकारियों ने कहा कि सीआईएसएफ की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से प्रतिबंधित हथियार को दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में ले जाने से रोक दिया गया। मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल कर रही है।

anjali kumari जुलाई 3, 2026 0
Aam Aadmi Party MP Raghav Chadha outside the Delhi High Court after the court ordered the removal of allegedly defamatory social media content targeting him.
राघव चड्ढा को दिल्ली हाई कोर्ट से राहत, सोशल मीडिया से कथित अपमानजनक कंटेंट हटाने का अंतरिम आदेश

नई दिल्ली: Raghav Chadha को सोशल मीडिया पर कथित रूप से चलाए जा रहे मानहानिकारक अभियान के मामले में राहत मिली है। Delhi High Court ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए उनके खिलाफ प्रसारित किए जा रहे कथित अपमानजनक और भ्रामक कंटेंट को हटाने का निर्देश दिया है। क्या है मामला? राघव चड्ढा ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया था कि सोशल मीडिया पर झूठे पोस्ट और वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं, जिनमें यह दिखाने की कोशिश की गई कि उन्होंने अपनी राजनीतिक निष्ठा बदल ली है। याचिका में इन पोस्टों को उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला बताया गया। कोर्ट ने क्या कहा? सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष यह तर्क रखा गया कि सुनियोजित तरीके से कई सोशल मीडिया अकाउंट्स और कथित पेड इन्फ्लुएंसर्स के माध्यम से एक जैसा कंटेंट एक साथ प्रसारित किया गया, जिससे उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। प्रथम दृष्टया प्रस्तुत सामग्री को देखते हुए हाई कोर्ट ने संबंधित अपमानजनक और भ्रामक कंटेंट को हटाने का अंतरिम आदेश जारी किया। याचिकाकर्ता की ओर से क्या दलील दी गई? राघव चड्ढा की ओर से पेश वकीलों ने अदालत में दावा किया कि: कई सोशल मीडिया अकाउंट्स ने एक ही तरह का कंटेंट लगभग एक ही समय पर साझा किया। यह अभियान कथित रूप से समन्वित और भुगतान आधारित (पेड) था। इसका उद्देश्य उनकी सार्वजनिक छवि और राजनीतिक साख को नुकसान पहुंचाना था। वकीलों की प्रतिक्रिया चड्ढा की कानूनी टीम ने अदालत के आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार किसी व्यक्ति के खिलाफ सुनियोजित मानहानि या चरित्र हनन का माध्यम नहीं बन सकता। उनके अनुसार, यह आदेश ऑनलाइन मानहानि से जुड़े मामलों में सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्तियों की प्रतिष्ठा की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।  

Deepshikha जुलाई 2, 2026 0
A symbolic image of a liver transplant surgery, showing doctors in an operating room as a Delhi High Court ruling allows a 17-year-old boy to donate part of his liver to save his critically ill father.
दिल्ली हाई कोर्ट का मानवीय फैसला: 17 वर्षीय बेटे को पिता की जान बचाने के लिए लिवर दान की अनुमति

  नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण और भावनात्मक फैसले में 17 वर्षीय नाबालिग को अपने गंभीर रूप से बीमार पिता को लिवर का एक हिस्सा दान करने की अनुमति दे दी है। अदालत ने Institute of Liver and Biliary Sciences (ILBS) को निर्देश दिया है कि सभी कानूनी, नैतिक और चिकित्सकीय मानकों का पालन करते हुए जल्द से जल्द लिवर प्रत्यारोपण की प्रक्रिया पूरी की जाए। क्या है मामला? यह मामला एक 17 वर्षीय किशोर की ओर से उसकी मां के माध्यम से दायर याचिका से जुड़ा है। याचिका में Human Organ and Tissue Transplantation Act, 1994 के तहत अपने पिता उत्तम कुमार शॉ को लिवर का हिस्सा दान करने की अनुमति मांगी गई थी। पिता लंबे समय से क्रॉनिक लिवर डिजीज से पीड़ित हैं और उनकी स्थिति गंभीर बताई गई है। कोर्ट ने किन आधारों पर दी अनुमति? मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि मरीज लिवर सिरोसिस और हेपेटोसेलुलर कार्सिनोमा (लिवर कैंसर) जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार उनकी जान बचाने का एकमात्र विकल्प लिवर प्रत्यारोपण है। परिवार के अन्य सदस्यों की मेडिकल जांच के बाद केवल नाबालिग बेटा ही लिवर दान के लिए उपयुक्त पाया गया। नाबालिग का फैसला स्वेच्छा से अदालत ने अपने आदेश में कहा कि करीब साढ़े 17 वर्ष का यह किशोर पूरी तरह स्वस्थ है और उसने बिना किसी दबाव, लालच या बाहरी प्रभाव के केवल अपने पिता की जान बचाने की भावना से अंगदान का निर्णय लिया है। एलजी की मंजूरी पहले ही मिल चुकी थी सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार ने अदालत को बताया कि 29 जून 2026 को सक्षम प्राधिकारी और दिल्ली के उपराज्यपाल की ओर से नाबालिग को अपने पिता को लिवर दान करने की प्रशासनिक अनुमति पहले ही दी जा चुकी थी। अस्पताल को जल्द सर्जरी करने का निर्देश अदालत ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि यदि समय रहते अनुमति नहीं दी गई तो मरीज की जान को गंभीर खतरा हो सकता है। इसलिए मानवीय आधार पर यह अनुमति देना आवश्यक है। ILBS ने अदालत को आश्वस्त किया कि आदेश मिलते ही प्रत्यारोपण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी और जल्द ही सर्जरी की तारीख तय की जाएगी। क्या कहता है कानून? भारत में सामान्य परिस्थितियों में नाबालिगों द्वारा अंगदान की अनुमति नहीं होती। हालांकि, मानव अंग और ऊतक प्रत्यारोपण नियम, 2014 के तहत अत्यंत असाधारण और जीवनरक्षक परिस्थितियों में सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी से नाबालिग द्वारा अंगदान की अनुमति दी जा सकती है। अनुच्छेद 226 क्या है? भारतीय संविधान का अनुच्छेद 226 देश के उच्च न्यायालयों को यह अधिकार देता है कि वे नागरिकों के मौलिक अधिकारों और अन्य कानूनी अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक आदेश या रिट जारी कर सकें। इसी संवैधानिक शक्ति का उपयोग करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में मानवीय आधार पर हस्तक्षेप किया।  

Deepshikha जुलाई 1, 2026 0
Posters describing Rahul Gandhi as "missing" displayed in Delhi, sparking a political controversy between the BJP and Congress.
दिल्ली में राहुल गांधी को लेकर लगे 'गुमशुदा' पोस्टरों पर सियासत तेज, बीजेपी का हमला

  नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लेकर लगाए गए 'गुमशुदा' पोस्टरों ने राजनीतिक विवाद को हवा दे दी है। शहर के कई इलाकों में लगाए गए इन पोस्टरों में राहुल गांधी की तस्वीर के साथ उन्हें "गुमशुदा" बताया गया है और उनकी विदेश यात्राओं को लेकर तंज कसा गया है। इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। पोस्टरों में क्या लिखा है? दिल्ली में लगाए गए पोस्टरों में बड़े अक्षरों में "गुमशुदा" लिखा गया है। पोस्टर में राहुल गांधी की तस्वीर के साथ लिखा गया है: नाम: राहुल गांधी पहचान: हमेशा विदेश में पाए जाते हैं। किसी पब में हो सकते हैं, किसी बीच पर हो सकते हैं। तलाश जारी है। इन पोस्टरों के सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी ने राहुल गांधी पर साधा निशाना बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए उन्हें "पर्यटन का नेता" और "लापता राहुल बाबा" बताया। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में बिना छुट्टी लिए लगातार काम किया है, जबकि राहुल गांधी महत्वपूर्ण राजनीतिक अवसरों पर अक्सर विदेश यात्राओं पर चले जाते हैं। पूनावाला ने आरोप लगाया कि जब संसद, देश या उनकी पार्टी को उनकी जरूरत होती है, तब राहुल गांधी विदेश में होते हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि राहुल गांधी की विदेश यात्राओं का खर्च किस स्रोत से उठाया जाता है। अर्जुन राम मेघवाल ने भी किया हमला केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने भी पोस्टरों के मुद्दे पर राहुल गांधी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का तरीका "झूठ बोलो और फिर भाग जाओ" जैसा हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी कई बार ऐसे मुद्दों पर राजनीति करते हैं, जिनसे देश में भ्रम और अशांति फैलती है। उन्होंने कहा कि यदि किसी नीति या परीक्षा व्यवस्था पर सुझाव हैं तो उन्हें रचनात्मक तरीके से रखा जाना चाहिए। कांग्रेस की ओर से नहीं आई प्रतिक्रिया पोस्टर विवाद पर कांग्रेस की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसद सत्र और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों के बीच यह मुद्दा सियासी बहस का हिस्सा बना रह सकता है। दिल्ली में लगे इन पोस्टरों ने एक बार फिर राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।  

Deepshikha जून 29, 2026 0
Mehrauli Building Collapse
महरौली में तीन मंजिला इमारत का हिस्सा ढहा, कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के महरौली इलाके में गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया, जब एक तीन मंजिला इमारत का हिस्सा अचानक ढह गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, यह घटना महरौली के वार्ड नंबर-3 में हुई, जहां लगभग 300 वर्ग गज क्षेत्र में बनी एक इमारत को तोड़ने का कार्य चल रहा था। इसी दौरान अचानक इमारत का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया। हादसे के समय आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई और क्षेत्र में भारी भीड़ जमा हो गई।   सुबह 9:30 बजे मिली हादसे की सूचना अधिकारियों के मुताबिक, सुबह करीब 9:30 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली थी। इसके तुरंत बाद दमकल विभाग की तीन गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा गया। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है ताकि राहत और बचाव कार्य में किसी तरह की बाधा न आए।   मलबे को हटाने का काम तेजी से जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हादसे के समय इमारत के भीतर कोई मजदूर या अन्य व्यक्ति मौजूद था या नहीं। प्रशासन ने एहतियातन आसपास के लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया है।   ठेकेदार से पूछताछ, जांच शुरू घटना के बाद इमारत को गिराने का काम कर रहे ठेकेदार को मौके पर बुलाया गया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी उससे पूछताछ कर रहे हैं ताकि हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके। प्रारंभिक जांच में यह देखा जा रहा है कि क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।   अभी तक किसी हताहत की पुष्टि नहीं पुलिस के अनुसार, फिलहाल किसी के घायल होने या मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका को देखते हुए बचाव अभियान पूरी सतर्कता के साथ चलाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि राहत कार्य पूरा होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

anjali kumari जून 25, 2026 0
Firefighters conduct rescue operations after a deadly building fire in Delhi's Tughlaqabad area.
तुगलकाबाद की इमारत में भीषण आग, 3 लोगों की मौत; साड़ियों के सहारे लोगों को निकाला गया बाहर

  नई दिल्ली: दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के तुगलकाबाद इलाके में शुक्रवार तड़के एक बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लगने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग तथा दमकल कर्मी राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए। दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के अनुसार, आग लगने की सूचना रात करीब 2:10 बजे मिली, जिसके बाद दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। राहत अभियान के दौरान पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। आग पर काबू पाने और फंसे लोगों को बचाने के लिए घंटों तक अभियान चलाया गया। स्थानीय लोगों ने दिखाई बहादुरी प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग लगने के बाद इमारत के निचले हिस्से में खड़े वाहनों में विस्फोट होने लगे, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। ऐसे में स्थानीय लोगों ने दमकल कर्मियों के पहुंचने से पहले ही बचाव कार्य शुरू कर दिया। एक स्थानीय महिला ने बताया कि इमारत में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए पीछे की ओर से साड़ियों को बांधकर अस्थायी सहारा बनाया गया। वहीं, कुछ लोगों तक पहुंचने के लिए सुरक्षा ग्रिल काटनी पड़ी, जिसके बाद उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया। कई लोग घायल, जांच शुरू पुलिस के अनुसार, हादसे में तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों में चौथी मंजिल पर रहने वाले एक व्यक्ति की भी पहचान की गई है। फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है और पुलिस तथा दमकल विभाग आग लगने के कारणों की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की वजह स्पष्ट हो सकेगी।  

Deepshikha जून 12, 2026 0
Abhijeet Dipke leads Cockroach Janta Party protest at Jantar Mantar over education issues
कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज

  नई दिल्ली: सोशल मीडिया से शुरू हुई पहल अब सड़क पर उतर चुकी है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन शुरू किया, जिसमें परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके सुबह दिल्ली पहुंचे और प्रदर्शन में शामिल हुए। जंतर-मंतर पहुंचने के दौरान उनके हाथ में डॉ. भीमराव अंबेडकर की जीवनी भी देखी गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हाल के वर्षों में विभिन्न परीक्षाओं और मूल्यांकन प्रक्रियाओं में सामने आए विवादों ने छात्रों का भरोसा कमजोर किया है। NEET और CBSE मूल्यांकन विवाद बना प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा प्रदर्शनकारियों ने NEET-UG पेपर लीक मामले और CBSE के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम से जुड़े विवादों को प्रमुख मुद्दा बताया है। उनका आरोप है कि इन घटनाओं ने लाखों छात्रों और अभ्यर्थियों को प्रभावित किया है। इसी को लेकर शिक्षा मंत्रालय की जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री से इस्तीफा देने की मांग की जा रही है। सोनम वांगचुक भी होंगे आंदोलन में शामिल लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk ने भी इस प्रदर्शन को समर्थन दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पहले ही घोषणा की थी कि वह दिल्ली पहुंचकर आंदोलन में शामिल होंगे। वांगचुक का कहना है कि यदि शिक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां सामने आती हैं, तो जिम्मेदार पदाधिकारियों को जवाबदेही स्वीकार करनी चाहिए। क्या है कॉकरोच जनता पार्टी? कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत सोशल मीडिया पर हुई थी। यह नाम उस टिप्पणी के बाद चर्चा में आया था, जिसमें अदालत की एक सुनवाई के दौरान कुछ लोगों की तुलना "कॉकरोच" से की गई थी। इसके बाद अभिजीत दिपके ने इस नाम से एक सोशल मीडिया अभियान शुरू किया, जो धीरे-धीरे युवाओं और प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों के बीच लोकप्रिय हो गया। अब यह अभियान ऑनलाइन दायरे से निकलकर जमीनी विरोध प्रदर्शन का रूप ले चुका है। कौन हैं अभिजीत दिपके? Abhijeet Dipke महाराष्ट्र के रहने वाले हैं और पत्रकारिता की पढ़ाई कर चुके हैं। उन्होंने आगे की शिक्षा के लिए अमेरिका का रुख किया और Boston University से पब्लिक रिलेशन्स में मास्टर डिग्री प्राप्त की। दिपके इससे पहले चुनावी और सोशल मीडिया अभियानों से भी जुड़े रहे हैं। अब वह शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। जंतर-मंतर पर जारी रहेगा विरोध आयोजकों के अनुसार, प्रदर्शन का उद्देश्य केवल एक मंत्री के इस्तीफे की मांग करना नहीं, बल्कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुधार की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना है। आंदोलन में देश के विभिन्न राज्यों से छात्र, अभ्यर्थी और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हो रहे हैं।  

Deepshikha जून 6, 2026 0
Heavy security deployment at Delhi Airport ahead of Cockroach Janata Party protest call.
CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली हाई अलर्ट पर, अभिजीत दीपके पहुंचे राजधानी

  नई दिल्ली: डिजिटल संगठन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे, दिल्ली की सीमाओं तथा अन्य संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस महीने की शुरुआत में समर्थकों और छात्रों से दिल्ली में आयोजित होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी। उन्होंने अपने समर्थकों से 6 जून को दिल्ली एयरपोर्ट पर उनसे मिलने का भी आह्वान किया था। सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस को कोई औपचारिक अनुमति आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है।  सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य खुफिया सूचनाओं के आधार पर एहतियातन सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। राजधानी में बढ़ाई गई सुरक्षा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नई दिल्ली जिले समेत कई रणनीतिक स्थानों पर 1,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। आईजीआई एयरपोर्ट, प्रमुख रेलवे स्टेशन, अंतरराज्यीय बस टर्मिनल और दिल्ली की सीमाओं पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा प्रमुख बाजारों, चौराहों और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। एयरपोर्ट परिसर के बाहर बहुस्तरीय बैरिकेडिंग की गई है, जबकि दिल्ली की सीमाओं और मध्य दिल्ली की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर वाहनों की जांच भी तेज कर दी गई है। अभिजीत दीपके के दिल्ली पहुंचने का दावा सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने दावा किया है कि अभिजीत दीपके दिल्ली पहुंच चुके हैं और इसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया पर भी साझा की है। रांका के अनुसार, दीपके दिल्ली पुलिस से प्रदर्शन की अनुमति लेने के लिए संबंधित थाने जाएंगे, जिसके बाद जंतर-मंतर पर धरना आयोजित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि यह दिन भारतीय राजनीति के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है और संगठन अपने मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाना चाहता है। वरिष्ठ अधिकारियों ने की समीक्षा शुक्रवार को पुलिस उपायुक्त (आईजीआई) विचित्र वीर समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने एयरपोर्ट और आसपास के इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। पुलिस सूत्रों के अनुसार, एक उच्चस्तरीय बैठक में सुरक्षा हालात का आकलन किया गया और सभी फील्ड इकाइयों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए। जिला पुलिस इकाइयों को पर्याप्त संख्या में बल तैयार रखने और पूरे घटनाक्रम पर कड़ी नजर बनाए रखने के लिए कहा गया है। खुफिया एजेंसियों के साथ समन्वय अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस खुफिया एजेंसियों और अन्य सुरक्षा संस्थानों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है। पुलिस का कहना है कि आम नागरिकों की सुरक्षा और यात्रियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। साथ ही राजधानी में कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।  

surbhi जून 6, 2026 0
E85 fuel dispenser launched at an Indian Oil outlet in Delhi for flex-fuel vehicles.
दिल्ली में लॉन्च हुआ E85 फ्यूल, E20 पेट्रोल से करीब 20 रुपये सस्ता; जानिए किन गाड़ियों में कर सकेंगे इस्तेमाल

भारत में वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिल्ली के पूसा रोड स्थित इंडियन ऑयल आउटलेट पर राजधानी के पहले E85 फ्यूल पंप का उद्घाटन किया। इसके साथ ही दिल्ली में हाई-इथेनॉल ईंधन की व्यावसायिक शुरुआत हो गई है। E20 पेट्रोल से करीब 20 रुपये सस्ता दिल्ली में E85 फ्यूल की कीमत 82.12 रुपये प्रति लीटर तय की गई है। यह मौजूदा E20 पेट्रोल की तुलना में लगभग 20 रुपये प्रति लीटर सस्ता है। उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रम की स्थिति से बचाने के लिए पेट्रोल पंप पर E85 के लिए अलग डिस्पेंसर और स्पष्ट लेबलिंग की व्यवस्था की गई है। यह पहल सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाना है। क्या है E85 फ्यूल? जहां E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल होता है, वहीं E85 में लगभग 85 प्रतिशत इथेनॉल और केवल 15 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। E85 के फायदे पेट्रोल पर निर्भरता कम होती है। क्रूड ऑयल की खपत घटती है। घरेलू स्तर पर उत्पादित इथेनॉल के उपयोग को बढ़ावा मिलता है। ईंधन की लागत कम हो सकती है। कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में मदद मिलती है। क्या हर गाड़ी में इस्तेमाल किया जा सकता है? नहीं। E85 फ्यूल को सामान्य पेट्रोल इंजन वाली गाड़ियों में सीधे इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इसके लिए फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक से लैस इंजन की आवश्यकता होती है, जो हाई-इथेनॉल मिश्रण को संभालने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए जाते हैं। कौन-सी गाड़ियां E85 सपोर्ट करती हैं? भारत में फिलहाल फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों की संख्या सीमित है। इनमें शामिल हैं— Hero Splendor+ Flex Fuel Hero HF Deluxe Flex Fuel Maruti Suzuki WagonR Flex Fuel (लॉन्च की तैयारी में) आने वाले समय में कई अन्य कंपनियां भी फ्लेक्स-फ्यूल वाहन बाजार में उतार सकती हैं। देश की ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम विशेषज्ञों का मानना है कि E85 जैसे वैकल्पिक ईंधन भारत की आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। साथ ही इससे किसानों को भी फायदा होगा, क्योंकि इथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से कृषि आधारित फसलों से किया जाता है।  

surbhi जून 6, 2026 0
Firefighters and rescue teams at Delhi hotel after deadly fire killed 21 people.
मालवीय नगर होटल अग्निकांड पर सख्ती, एलजी ने बिठाई जांच; फरार मालिकों पर शिकंजा

  दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासन ने जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि हादसे के कारणों और संभावित लापरवाही की विस्तृत पड़ताल की जा सके। उन्होंने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया। राजधानी में चलेगा विशेष अग्नि सुरक्षा अभियान हादसे के बाद उपराज्यपाल ने दिल्ली भर में एक महीने का विशेष निरीक्षण अभियान चलाने का आदेश दिया है। इस दौरान होटल, नर्सिंग होम, कोचिंग संस्थान, रेस्तरां और अन्य संवेदनशील व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। निर्देशों के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दमकल संचालन में बाधाओं की होगी पहचान प्रशासन ने अग्निशमन विभाग और पुलिस को संयुक्त सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य ऐसे इलाकों की पहचान करना है जहां संकरी गलियों, अवैध निर्माण या अन्य कारणों से दमकल वाहनों की पहुंच प्रभावित होती है। सर्वेक्षण के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। फरार आरोपियों के खिलाफ कड़ा कदम हादसे के बाद जांच एजेंसियों ने होटल के सह-मालिक लवकेश बजाज और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने उनके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LoC) जारी किया है ताकि वे देश छोड़कर न जा सकें। साथ ही गैर इरादतन हत्या समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश जारी है। 21 लोगों की गई जान बुधवार सुबह मालवीय नगर के ‘फ्लोरिश स्टे बी एंड बी’ होटल में लगी आग ने बड़ी त्रासदी का रूप ले लिया। हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई, जिनमें कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। मृतकों में मध्य एशिया और अफ्रीकी देशों के नागरिकों के होने की भी जानकारी सामने आई है। बेसमेंट से शुरू हुई आग ने लिया विकराल रूप प्रारंभिक जांच के अनुसार, आग इमारत के बेसमेंट स्थित रेस्तरां क्षेत्र से शुरू हुई। बताया जा रहा है कि काम शुरू होने के कुछ समय बाद जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई। कुछ ही मिनटों में लपटों ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे ऊपरी मंजिलों पर ठहरे कई लोग फंस गए। हादसे की हर परत खंगाल रही जांच एजेंसियां जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि भवन में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं, और कहीं सुरक्षा मानकों की अनदेखी तो नहीं की गई थी। मजिस्ट्रेट जांच, पुलिस कार्रवाई और तकनीकी निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी।  

Deepshikha जून 4, 2026 0
Rahul Gandhi wearing an auto driver uniform and sharing a meal with auto-rickshaw drivers in Delhi
राहुल गांधी ने पहनी ऑटो ड्राइवरों की वर्दी, चालकों के साथ जमीन पर बैठकर किया भोजन

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को एक बार फिर आम लोगों के बीच अलग अंदाज में नजर आए। कांग्रेस सांसद ने दिल्ली स्थित अपने सरकारी आवास पर ऑटो रिक्शा चालकों से मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनीं और उनके साथ जमीन पर बैठकर भोजन किया। राहुल गांधी इस दौरान ऑटो ड्राइवरों की वर्दी पहने हुए दिखाई दिए। उन्होंने ऑटो चालकों के साथ बातचीत कर उनकी रोजमर्रा की चुनौतियों, सामाजिक सुरक्षा, बीमा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। संसद में आवाज उठाने का दिया आश्वासन मुलाकात के दौरान राहुल गांधी ने ऑटो चालकों को भरोसा दिलाया कि उनके मुद्दों को संसद में उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेहनतकश वर्ग की समस्याओं को समझना और उन्हें उचित मंच पर रखना जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। ऑटो चालकों ने भी अपने अनुभव साझा किए और परिवहन क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न समस्याओं की जानकारी दी। राहुल गांधी ने उनकी बातों को ध्यानपूर्वक सुना और आवश्यक सहायता के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया। चालकों के साथ सादा भोजन किया कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने ऑटो चालकों के साथ जमीन पर बैठकर सादा भोजन भी किया। इस दौरान उन्होंने अनौपचारिक बातचीत करते हुए उनकी सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों के बारे में जानकारी ली। मुलाकात के बाद एक ऑटो चालक ने बताया कि राहुल गांधी ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और बीमा योजनाओं समेत अन्य सुविधाओं के मुद्दे पर सहयोग का आश्वासन दिया। चालक ने कहा कि यह मुलाकात उनके लिए यादगार अनुभव रही। पहले भी आम लोगों के बीच पहुंचते रहे हैं राहुल गांधी यह पहला अवसर नहीं है जब राहुल गांधी आम लोगों के बीच इस तरह पहुंचे हों। इससे पहले भी वे भारत जोड़ो यात्रा के दौरान ट्रक चालकों के साथ सफर करते, मैकेनिकों के साथ काम करते और विभिन्न वर्गों के लोगों से सीधे संवाद करते नजर आए थे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी लगातार विभिन्न पेशों से जुड़े लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझने और उनसे संवाद स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। इसी क्रम में ऑटो चालकों के साथ उनकी यह मुलाकात भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।  

surbhi मई 30, 2026 0
Vehicles refueling at a CNG station in Delhi after the latest gas price hike
दिल्ली में फिर महंगी हुई CNG, 11 दिनों में तीसरी बार बढ़े दाम

राष्ट्रीय राजधानी Delhi में सीएनजी उपभोक्ताओं को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। मंगलवार (26 मई) को CNG की कीमतों में 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी कर दी गई। नई कीमतें सुबह 6 बजे से लागू हो गई हैं। अब दिल्ली में CNG की कीमत बढ़कर 83.09 रुपये प्रति किलो हो गई है। बताया जा रहा है कि वैश्विक ऊर्जा कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण यह फैसला लिया गया है। 11 दिनों में तीसरी बार बढ़े दाम पिछले कुछ दिनों में CNG की कीमतों में लगातार इजाफा हुआ है। इससे पहले: 15 मई को 2 रुपये प्रति किलो बढ़ोतरी हुई थी 23 मई को 1 रुपये प्रति किलो दाम बढ़ाए गए थे अब 26 मई को फिर 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है इस तरह 15 मई से अब तक दिल्ली में CNG कुल 5 रुपये प्रति किलो महंगी हो चुकी है। आम लोगों पर बढ़ेगा बोझ लगातार बढ़ती कीमतों का सीधा असर ऑटो, टैक्सी और निजी वाहन चालकों पर पड़ेगा। CNG महंगी होने से सार्वजनिक परिवहन का किराया बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। खासकर रोजाना सफर करने वाले लोगों की जेब पर इसका अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। ऊर्जा बाजार में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती कीमतों और सप्लाई लागत में इजाफे को इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह माना जा रहा है।  

surbhi मई 26, 2026 0
Firefighters battle massive blaze at Delhi furniture market as angry locals gather nearby
देर से पहुंची दमकल तो भड़की भीड़, फायर ब्रिगेड की गाड़ियों पर पथराव

Delhi के उत्तर-पूर्वी इलाके Shastri Park स्थित फर्नीचर बाजार में शुक्रवार देर रात भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कई दुकानें जलकर खाक हो गईं और लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। आग बुझाने में कथित देरी से नाराज स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंची दमकल विभाग की गाड़ियों पर पथराव कर दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। रातभर चला आग बुझाने का अभियान Delhi Fire Service (DFS) के अधिकारियों के मुताबिक शुक्रवार रात 11 बजकर 57 मिनट पर आग लगने की सूचना मिली थी। आग New Seelampur Metro Station के पास स्थित फर्नीचर बाजार में लगी थी। अधिकारियों ने बताया कि बाजार में बड़ी मात्रा में लकड़ी और अन्य ज्वलनशील सामग्री मौजूद होने की वजह से आग तेजी से फैल गई। दमकल विभाग ने आग पर काबू पाने के लिए कुल 25 फायर टेंडर मौके पर भेजे। आग बुझाने का काम पूरी रात जारी रहा। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। दमकलकर्मियों पर पथराव डीएफएस के एक अधिकारी के अनुसार, कुछ स्थानीय लोग आग बुझाने में देरी को लेकर नाराज हो गए और उन्होंने दमकल कर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ने के बाद रात करीब 12 बजकर 50 मिनट पर पुलिस सहायता मांगी गई। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हालात को नियंत्रित किया गया। आग लगने की वजह का पता नहीं फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। अधिकारियों का कहना है कि आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद जांच शुरू की जाएगी। प्राथमिक अनुमान के मुताबिक बाजार में रखी ज्वलनशील सामग्री के कारण नुकसान काफी ज्यादा हुआ है।  

surbhi मई 23, 2026 0
ED officials conduct raids in Delhi and Goa in bank fraud and investment scam investigations.
ED की बड़ी कार्रवाई: दिल्ली-गोवा में छापेमारी, AAP नेता दीपक सिंगला और बाबाजी फाइनेंस ग्रुप जांच के घेरे में

Enforcement Directorate ने दिल्ली और गोवा समेत कई स्थानों पर दो अलग-अलग मामलों में बड़ी छापेमारी की है। जांच एजेंसी की यह कार्रवाई बैंक फ्रॉड और निवेश धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में की गई है। पहले मामले में ईडी ने Deepak Singla के ठिकानों पर छापेमारी की। दीपक सिंगला Aam Aadmi Party की ओर से विश्वास नगर विधानसभा सीट से उम्मीदवार रह चुके हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मामले में की जा रही है, जिसके तहत दिल्ली और गोवा स्थित कई परिसरों की तलाशी ली गई। सूत्रों के मुताबिक, इससे पहले भी वर्ष 2024 में इसी मामले से जुड़ी जांच के दौरान ईडी ने सिंगला के ठिकानों पर छापेमारी की थी। हालांकि इस कार्रवाई पर उनकी ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। 180 करोड़ की कथित ठगी मामले में भी कार्रवाई ईडी की दूसरी कार्रवाई दिल्ली के सुभाष नगर स्थित ‘बाबाजी फाइनेंस ग्रुप’ से जुड़े मामले में हुई। जांच एजेंसी ने समूह से जुड़े राम सिंह के ठिकानों पर छापेमारी की है। अधिकारियों के अनुसार, बाबाजी फाइनेंस ग्रुप पर निवेश के नाम पर आम लोगों से करीब 180 करोड़ रुपये की कथित ठगी और धन की हेराफेरी करने का आरोप है। ईडी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। जांच एजेंसी का कहना है कि लोगों को भारी मुनाफे का लालच देकर निवेश कराया गया और बाद में रकम का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया गया। दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाल रही एजेंसी ईडी दोनों मामलों में वित्तीय दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सबूत जुटाए गए हैं। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर धोखाधड़ी से हासिल धन का इस्तेमाल कहां और किस तरह किया गया। आने वाले दिनों में इस मामले में और लोगों से पूछताछ की संभावना भी जताई जा रही है।  

surbhi मई 18, 2026 0
ED raids I-PAC offices in Delhi, Bengaluru, Hyderabad over alleged coal scam linked to TMC
I-PAC के ठिकानों पर ED की रेड: कोयला घोटाले से जुड़ा मामला, TMC से कनेक्शन

नई दिल्ली/कोलकाता/बेंगलुरु/हैदराबाद: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC (Indian Political Action Committee) के कई ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई दिल्ली, बेंगलुरु और हैदराबाद स्थित कंपनी के दफ्तरों में की गई। अधिकारियों के अनुसार, यह छापेमारी कथित कोयला चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी है। 2,742 करोड़ के घोटाले से जुड़ा मामला ED की यह कार्रवाई करीब 2,742 करोड़ रुपए के कोयला घोटाले से संबंधित बताई जा रही है। इस मामले में CBI ने 27 नवंबर 2020 को FIR दर्ज की थी, जिसके बाद ED ने मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच शुरू की। डायरेक्टर और को-फाउंडर भी जांच के दायरे में छापेमारी के दायरे में कंपनी के को-फाउंडर और डायरेक्टर ऋषि राज सिंह के ठिकाने भी शामिल हैं। इसके अलावा डायरेक्टर प्रतीक जैन पहले से ही जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। ED ने हाल ही में दोनों को बयान दर्ज कराने के लिए समन भी भेजा था। हालांकि, सिंह और जैन ने इन समन को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया, यह कहते हुए कि वे इस समय पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनावी कार्यों में व्यस्त हैं। पहले भी हो चुकी है कार्रवाई इससे पहले जनवरी में ED ने कोलकाता में I-PAC के दफ्तर और प्रतीक जैन के घर पर छापा मारा था। उस दौरान कोलकाता के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास और सॉल्टलेक स्थित ऑफिस में जांच की गई थी। ममता बनर्जी भी पहुंची थीं मौके पर जनवरी में हुई कार्रवाई के दौरान एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला था। छापेमारी सुबह करीब 6 बजे शुरू हुई बाद में कोलकाता पुलिस कमिश्नर मौके पर पहुंचे कुछ ही देर बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद प्रतीक जैन के घर पहुंचीं बताया जाता है कि ममता बनर्जी कुछ समय वहां रुकीं और बाहर निकलते समय उनके हाथ में एक फाइल भी देखी गई। इसके बाद वे I-PAC के दफ्तर भी गईं। TMC के लिए चुनावी रणनीति संभालती है I-PAC I-PAC फिलहाल तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए चुनावी रणनीति और कैंपेन मैनेजमेंट का काम कर रही है। कंपनी डेटा-आधारित चुनावी रणनीति, मीडिया प्लानिंग और वोटर आउटरीच में विशेषज्ञ मानी जाती है। I-PAC का इतिहास I-PAC की शुरुआत 2013 में प्रशांत किशोर और प्रतीक जैन ने की थी पहले इसका नाम Citizens for Accountable Governance (CAG) था बाद में इसे I-PAC नाम दिया गया प्रशांत किशोर के अलग होने के बाद कंपनी की कमान पूरी तरह प्रतीक जैन के पास आ गई आगे क्या? ED की यह कार्रवाई राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर बड़ा असर डाल सकती है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और इसके राजनीतिक निहितार्थ पर सभी की नजर रहेगी।  

surbhi अप्रैल 2, 2026 0
Delhi CM presents Budget 2026-27 highlighting free LPG cylinders, green initiatives and ₹1.03 lakh crore allocation
Delhi Budget 2026-27 Live: ₹260 करोड़ में होली-दीवाली पर फ्री LPG सिलेंडर, ₹1.03 लाख करोड़ का बजट पेश

नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज विधानसभा में 2026-27 का ₹1,03,700 करोड़ का बजट पेश किया। यह पिछले साल के ₹1 लाख करोड़ बजट से बड़ा है। इस बार बजट का फोकस “विकसित दिल्ली, हरित दिल्ली” विज़न पर रखा गया है, जिसमें 21% हिस्सा पर्यावरण संरक्षण के लिए तय किया गया है। बड़ी घोषणाएं होली-दीवाली पर फ्री LPG सिलेंडर: ₹260 करोड़ का प्रावधान महिला सुरक्षा: ₹50 करोड़ + CCTV के लिए ₹225 करोड़ क्लास 9 की लड़कियों को फ्री साइकिल: ₹90 करोड़ मेधावी छात्रों को लैपटॉप ANMOL योजना: नवजातों के 56 मुफ्त ब्लड टेस्ट (₹25 करोड़) महिलाओं को 1000 फ्री ई-ऑटो परमिट, ट्रांसजेंडर के लिए 100 Gig Workers Welfare Board का गठन जल्द  स्वास्थ्य और शिक्षा पर फोकस नया मेडिकल कॉलेज, UG/PG सीटें बढ़ेंगी (₹50 करोड़) नए स्कूल और विस्तार के लिए ₹475 करोड़ AI और टेक सीखने के लिए छात्रों के exposure visits (₹18.5 करोड़) MCD को ₹11,666 करोड़, सड़क सुधार के लिए ₹1,000 करोड़ 750 किमी सड़कें होंगी री-डेवलप ट्रांस-यमुना विकास के लिए ₹300 करोड़ नया इंटीग्रेटेड सेक्रेटेरिएट कॉम्प्लेक्स  ग्रीन बजट पर जोर कुल बजट का 21% पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रदूषण नियंत्रण, हरित क्षेत्र बढ़ाने और साफ-सफाई पर फोकस

surbhi मार्च 24, 2026 0
Firefighters battling massive blaze in Delhi Palam area where nine family members died in tragic incident
दिल्ली पालम अग्निकांड: मां को बचाने की कोशिश में बेटी ने दी जान, एक ही परिवार के 9 लोगों की दर्दनाक मौत

राजधानी दिल्ली के पालम इलाके में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में एक ही परिवार के 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जिनमें मां-बेटी की कहानी सबसे ज्यादा दिल दहला देने वाली है। मां को छोड़कर नहीं भागी बेटी पालम के साधनगर इलाके में लगी इस आग में 70 वर्षीय लाडो कश्यप और उनकी बेटी हिमांशी की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि जब आग तेजी से फैल रही थी, तब हिमांशी अपनी मां को बचाने के लिए आखिरी समय तक उनके साथ डटी रही। परिजनों और पड़ोसियों के मुताबिक, लाडो तेज़ी से भागने में असमर्थ थीं। ऐसे में हिमांशी चाहती तो खुद को बचा सकती थी, लेकिन उसने मां को अकेला छोड़ने से इनकार कर दिया। बाथरूम में छिपकर बचने की कोशिश दोनों मां-बेटी ने आग से बचने के लिए बाथरूम में शरण ली, लेकिन घर में रखे कॉस्मेटिक सामान और प्लास्टिक के कारण आग तेजी से फैल गई। दम घुटने और आग की चपेट में आने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। बाद में दोनों के शव एक साथ मिले, जिसने इस त्रासदी को और भी मार्मिक बना दिया। 9 लोगों की गई जान इस हादसे में कश्यप परिवार के कुल 9 लोगों की मौत हुई। मृतकों में परिवार के कई सदस्य शामिल हैं, जबकि दो लोग गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि पूरे परिवार के उजड़ जाने की कहानी बन गया है। रेस्क्यू में देरी पर उठे सवाल इस घटना के बाद राहत और बचाव कार्य को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि फायर ब्रिगेड की हाइड्रोलिक लैडर समय पर काम नहीं कर पाई, जिससे तीसरी मंजिल पर फंसे लोगों तक मदद पहुंचने में देरी हुई। अब इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। सियासी विवाद भी शुरू हादसे के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप और बहस तक की स्थिति बन गई। एक दर्दनाक सीख यह हादसा न सिर्फ सिस्टम की खामियों को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि आपदा के समय एक परिवार किन हालातों से गुजरता है। मां को बचाने के लिए बेटी का आखिरी सांस तक साथ निभाना, इस घटना को बेहद भावुक और हृदयविदारक बना देता है।  

surbhi मार्च 20, 2026 0
दिल्ली के साध नगर में बहुमंजिला इमारत में लगी भीषण आग और राहत कार्य
दिल्ली के साध नगर में बहुमंजिला इमारत में भीषण आग, तीन बच्चों समेत सात लोगों की मौत

नई दिल्ली, एजेंसियां। दिल्ली के पालम इलाके के साध नगर में बुधवार सुबह एक बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लगने से तीन बच्चों समेत सात लोगों की मौत हो गई। आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 30 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव अभियान शुरू किया।   कैसे फैली आग? शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग ग्राउंड फ्लोर पर स्थित कॉस्मेटिक की दुकान में लगी और तेजी से ऊपरी मंजिलों तक फैल गई। इमारत में धुएं के गुबार और फायर फैलने के कारण अंदर फंसे लोग बाहर नहीं निकल पाए। कुछ लोग इमारत से नीचे कूद गए। इमारत में कई कपड़े और कॉस्मेटिक स्टोर के साथ दूसरी और तीसरी मंजिल पर रिहायशी फ्लैट भी हैं।   मौत और घायल: दमकलकर्मियों ने सात घायल व्यक्तियों (जिनमें तीन बच्चे शामिल थे) को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। हादसे में तीन बच्चों सहित कुल सात लोगों की मौत हुई। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।   प्रशासनिक कार्रवाई: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटना की जानकारी मिलने पर मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने भी दुख जताया और प्रभावित लोगों को आवश्यक मदद मुहैया कराने का भरोसा दिया। दमकल विभाग और पुलिस घटना स्थल पर बचाव कार्य में जुटी हुई हैं, और प्रशासन पूरी तरह से स्थिति पर नजर रखे हुए है।

Unknown मार्च 18, 2026 0
Security alert at Parliament House in Delhi as vehicles were stopped and CISF investigated a triggered alarm.
संसद परिसर में बजी खतरे की घंटी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, गाड़ियों की एंट्री रोकी

  नई दिल्ली: राजधानी में स्थित Parliament House परिसर में सोमवार दोपहर अचानक खतरे का सायरन बजने से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। सायरन बजते ही प्रवेश द्वार पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया और कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। सूत्रों के मुताबिक यह घटना संसद भवन के विजय चौक एंट्रेंस गेट पर हुई, जहां एक कार परिसर में प्रवेश करने की कोशिश कर रही थी। सुरक्षा प्रणाली वाहन के पास को स्कैन नहीं कर पाई, जिसके कारण एंट्री गेट पर लगा अलार्म सक्रिय हो गया।   सुरक्षा प्रोटोकॉल तुरंत हुआ सक्रिय अलार्म बजते ही वहां तैनात सुरक्षाकर्मी तुरंत अपनी-अपनी पोजीशन पर पहुंच गए और संदिग्ध वाहन को आगे बढ़ने से रोक दिया। सुरक्षा के लिहाज से प्रवेश द्वार पर लगे बैरियर को सक्रिय करते हुए पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त सतर्कता बरती गई।   CISF ने संभाला मोर्चा घटना के बाद Central Industrial Security Force (CISF) के जवानों ने तेजी से मोर्चा संभालते हुए वाहन और उसके पास की जांच शुरू कर दी। सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियात के तौर पर पूरे इलाके को घेरकर स्थिति पर नजर बनाए रखी।   तकनीकी खराबी या अन्य कारण, जांच जारी प्राथमिक जानकारी के अनुसार बैरियर में अचानक असामान्य हलचल दर्ज होने के कारण सुरक्षा प्रणाली सक्रिय हुई। फिलहाल जांच की जा रही है कि यह अलार्म तकनीकी खराबी की वजह से बजा या इसके पीछे कोई अन्य कारण था। हालांकि कुछ देर की जांच के बाद स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आ गई और विजय चौक प्रवेश द्वार पर वाहनों की आवाजाही फिर से सामान्य कर दी गई। सुरक्षा एजेंसियां एहतियात के तौर पर पूरे संसद परिसर पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।  

surbhi मार्च 16, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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abhishek singh जुलाई 2, 2026 0