भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में Ather Energy का Ather Rizta तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। फैमिली-फ्रेंडली डिजाइन, लंबी रेंज और आधुनिक फीचर्स के कारण यह इलेक्ट्रिक स्कूटर ग्राहकों की पसंद बनता जा रहा है। अगर आप भी इसे खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो अच्छी बात यह है कि इसे सिर्फ ₹10,000 के डाउन पेमेंट पर भी घर लाया जा सकता है। आइए जानते हैं Ather Rizta की संभावित EMI, बैटरी, रेंज और फीचर्स से जुड़ी पूरी जानकारी। ₹10,000 डाउन पेमेंट पर कितनी बनेगी EMI? Ather Rizta S की शुरुआती एक्स-शोरूम (दिल्ली) कीमत लगभग ₹1,21,499 है। यदि आप ₹10,000 का डाउन पेमेंट करते हैं और शेष राशि पर बैंक या फाइनेंस कंपनी से 8% वार्षिक ब्याज दर पर 36 महीनों के लिए लोन लेते हैं, तो अनुमानित मासिक EMI करीब ₹3,715 हो सकती है। ध्यान रखें कि वास्तविक EMI आपके शहर की ऑन-रोड कीमत, डाउन पेमेंट, ब्याज दर, लोन अवधि और आपके क्रेडिट प्रोफाइल के आधार पर अलग हो सकती है। बैटरी और रेंज Ather Rizta दो बैटरी विकल्पों के साथ उपलब्ध है— 2.9kWh बैटरी पैक – लगभग 123 किलोमीटर की IDC रेंज। 3.7kWh बैटरी पैक – लगभग 160 किलोमीटर की IDC रेंज। स्कूटर की टॉप स्पीड 80 किमी/घंटा है और यह 0 से 40 किमी/घंटा की रफ्तार केवल 4.7 सेकंड में पकड़ सकता है। लगभग 15 डिग्री ग्रेडेबिलिटी के साथ यह चढ़ाई वाले रास्तों पर भी बेहतर प्रदर्शन करता है। Ather Rizta के प्रमुख फीचर्स Ather Rizta S में कई आधुनिक फीचर्स दिए गए हैं, जिनमें शामिल हैं— 17.7 सेमी (लगभग 7 इंच) का कलर TFT डिस्प्ले ब्लूटूथ कनेक्टिविटी टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन स्मार्टफोन कनेक्टिविटी WhatsApp नोटिफिकेशन सपोर्ट लाइव लोकेशन ट्रैकिंग डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर फैमिली-फ्रेंडली बड़ी और आरामदायक सीट बेहतर अंडर-सीट स्टोरेज क्या Ather Rizta खरीदना सही रहेगा? अगर आपकी प्राथमिकता लंबी रेंज, कम रनिंग कॉस्ट, आरामदायक सीट और स्मार्ट फीचर्स वाला फैमिली इलेक्ट्रिक स्कूटर है, तो Ather Rizta एक अच्छा विकल्प हो सकता है। हालांकि, खरीदने से पहले अपने शहर की ऑन-रोड कीमत, उपलब्ध ऑफर्स, चार्जिंग सुविधाओं और फाइनेंस विकल्पों की जानकारी जरूर लें। कम डाउन पेमेंट और आसान EMI विकल्प इसे उन ग्राहकों के लिए भी आकर्षक बनाते हैं, जो बिना एकमुश्त बड़ी रकम खर्च किए इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना चाहते हैं।
नई दिल्ली: अगर आप रोजाना स्कूल, कॉलेज, ऑफिस, कोचिंग या आसपास के छोटे-छोटे कामों के लिए एक किफायती इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए कई ऐसे विकल्प मौजूद हैं जिन्हें चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस (DL) और RTO रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होती। ये लो-स्पीड इलेक्ट्रिक स्कूटर कम दूरी की यात्रा के लिए डिजाइन किए गए हैं और कम खर्च में सुविधाजनक सफर का विकल्प प्रदान करते हैं। स्टूडेंट्स, वरिष्ठ नागरिकों और शहर के भीतर नियमित यात्रा करने वाले लोगों के बीच इन स्कूटर्स की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। क्यों नहीं चाहिए ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन? भारतीय मोटर वाहन नियमों के अनुसार जिन इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की अधिकतम गति 25 किमी/घंटा तक होती है और जिनकी मोटर निर्धारित सीमा के भीतर रहती है, उन्हें लो-स्पीड इलेक्ट्रिक स्कूटर की श्रेणी में रखा जाता है। ऐसे वाहनों के लिए सामान्यतः: ड्राइविंग लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होती। RTO रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं होती। हालांकि, ये स्कूटर मुख्य रूप से शहर के भीतर कम दूरी की यात्रा के लिए उपयुक्त माने जाते हैं। लंबी दूरी या हाईवे पर इनका उपयोग उपयुक्त नहीं माना जाता। बिना DL और रजिस्ट्रेशन वाले लोकप्रिय इलेक्ट्रिक स्कूटर 1. Komaki X-One Komaki X-One इस सेगमेंट का सबसे किफायती विकल्पों में से एक है। शुरुआती कीमत: लगभग ₹34,999 अनुमानित रेंज: 60 किमी (सिंगल चार्ज) उपयुक्त: स्टूडेंट्स और रोजमर्रा की छोटी दूरी 2. Zelio Gracy Zelio Gracy शहर के भीतर आरामदायक सफर के लिए लोकप्रिय लो-स्पीड इलेक्ट्रिक स्कूटर है। अधिकतम स्पीड: 25 किमी/घंटा लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं उपयुक्त: बाजार, स्कूल और स्थानीय आवागमन 3. Kinetic Zing Kinetic Zing बेहतर रेंज के साथ आने वाला एक मजबूत विकल्प है। एक्स-शोरूम कीमत: लगभग ₹67,990 अनुमानित रेंज: 70 किमी (सिंगल चार्ज) 4. Okinawa R30 Okinawa R30 भी कम दूरी की यात्रा के लिए लोकप्रिय मॉडल है। शुरुआती कीमत: लगभग ₹61,998 अनुमानित रेंज: 60 किमी (सिंगल चार्ज) 5. Yulu Wynn हल्के वजन और कम ऑपरेटिंग कॉस्ट की वजह से Yulu Wynn भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। शुरुआती कीमत: लगभग ₹55,555 (ऑन-रोड, स्थान के अनुसार बदलाव संभव) मासिक मोबिलिटी प्लान का विकल्प उपलब्ध शहर के भीतर दैनिक आवागमन के लिए उपयुक्त खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान सिर्फ कीमत देखकर इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने का फैसला न करें। खरीदारी से पहले इन पहलुओं की भी जांच करें: बैटरी वारंटी चार्जिंग में लगने वाला समय सर्विस सेंटर की उपलब्धता आफ्टर-सेल्स सर्विस स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता यदि आपकी रोजाना की यात्रा 20 से 40 किलोमीटर के बीच है, तो ये लो-स्पीड इलेक्ट्रिक स्कूटर किफायती और सुविधाजनक विकल्प साबित हो सकते हैं। वहीं, यदि आपको लंबी दूरी तय करनी है या अधिक स्पीड की जरूरत है, तो हाई-स्पीड इलेक्ट्रिक स्कूटर अधिक उपयुक्त रहेंगे।
भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार तेजी से बढ़ रहा है। अब ई-स्कूटर केवल कम स्पीड और शहर के छोटे सफर तक सीमित नहीं हैं। कई कंपनियां ऐसे हाई-परफॉर्मेंस इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च कर चुकी हैं, जो 100 किमी/घंटा से अधिक की टॉप स्पीड और लंबी रेंज का दावा करते हैं। अगर आप दमदार परफॉर्मेंस वाला इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यहां जानिए भारत के 5 सबसे तेज इलेक्ट्रिक स्कूटरों के बारे में। 1. Ola S1 Pro Plus Gen 3 Ola S1 Pro Plus Gen 3 फिलहाल भारत के सबसे तेज इलेक्ट्रिक स्कूटरों में गिना जाता है। मुख्य फीचर्स: टॉप स्पीड: 130 किमी/घंटा IDC रेंज: 320 किमी 13kW पीक पावर मोटर Brake-by-Wire मल्टी-मोड ट्रैक्शन कंट्रोल डुअल-चैनल ABS एक्स-शोरूम कीमत: ₹1.24 लाख 2. River Indie River Indie को "SUV of Scooters" भी कहा जाता है। इसका मजबूत डिजाइन और व्यावहारिक उपयोग इसे अलग पहचान देता है। मुख्य फीचर्स: टॉप स्पीड: 90 किमी/घंटा IDC रेंज: 160 किमी 9hp इलेक्ट्रिक मोटर एक्स-शोरूम कीमत: ₹1.54 लाख 3. Simple One Gen 2 Simple One Gen 2 लंबी रेंज और तेज स्पीड दोनों के लिए जाना जाता है। मुख्य फीचर्स: टॉप स्पीड: 105 किमी/घंटा दावा की गई रेंज: 265 किमी Ultra वेरिएंट में लगभग 400 किमी तक की दावा की गई रेंज एक्स-शोरूम कीमत: ₹1.90 लाख 4. Ather 450 Apex Ather 450 Apex को परफॉर्मेंस पसंद करने वाले ग्राहकों के लिए तैयार किया गया है। मुख्य फीचर्स: टॉप स्पीड: 100 किमी/घंटा दावा की गई रेंज: 157 किमी स्पोर्टी राइडिंग अनुभव एक्स-शोरूम कीमत: ₹1.95 लाख 5. TVS X TVS X कंपनी का प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटर है, जिसमें आधुनिक डिजाइन और एडवांस फीचर्स दिए गए हैं। मुख्य फीचर्स: टॉप स्पीड: 105 किमी/घंटा IDC रेंज: 159 किमी फ्यूचरिस्टिक डिजाइन स्मार्ट कनेक्टेड फीचर्स एक्स-शोरूम कीमत: ₹2.66 लाख खरीदने से पहले किन बातों का रखें ध्यान? इलेक्ट्रिक स्कूटर चुनते समय केवल टॉप स्पीड ही नहीं, बल्कि बैटरी रेंज, चार्जिंग समय, सर्विस नेटवर्क, सुरक्षा फीचर्स और वारंटी जैसे पहलुओं पर भी ध्यान देना चाहिए। वास्तविक रेंज सड़क की स्थिति, राइडिंग स्टाइल और मौसम के अनुसार अलग हो सकती है।
लंदन,एजेंसियां। आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में मेजबान इंग्लैंड ने दक्षिण अफ्रीका को 40 रन से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। इस जीत के साथ अब इंग्लैंड का सामना खिताबी मुकाबले में मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से होगा। दोनों टीमों के बीच होने वाला फाइनल क्रिकेट प्रशंसकों के लिए बेहद रोमांचक माना जा रहा है। पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने बनाए 169 रन टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही और टीम ने 23 रन पर तीन विकेट गंवा दिए। इसके बाद कप्तान नैट स्किवर-ब्रंट ने 47 गेंदों पर 75 रन और हीदर नाइट ने 47 गेंदों पर 58 रन की शानदार पारी खेली। दोनों के बीच चौथे विकेट के लिए 133 रन की रिकॉर्ड साझेदारी हुई, जिसकी बदौलत इंग्लैंड ने 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 169 रन बना लिए। दक्षिण अफ्रीका 129 रन पर ही सिमटी 170 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की टीम निर्धारित 20 ओवर में 8 विकेट पर 129 रन ही बना सकी। ताज़मिन ब्रिट्स ने सर्वाधिक 51 रन बनाए, लेकिन उन्हें दूसरे बल्लेबाजों का पर्याप्त साथ नहीं मिला। इंग्लैंड की अनुशासित गेंदबाजी और शानदार फील्डिंग के सामने दक्षिण अफ्रीका की टीम बेबस नजर आयी। नैट स्किवर-ब्रंट बनीं प्लेयर ऑफ द मैच चोट से वापसी कर रही कप्तान नैट स्किवर-ब्रंट ने मैच जिताऊ 75 रन की पारी खेली और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। इंग्लैंड की ओर से लॉरेन बेल और चार्ली डीन ने दो-दो विकेट लेकर दक्षिण अफ्रीका की उम्मीदों को झटका दिया। फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से होगी टक्कर इस जीत के साथ इंग्लैंड ने आठ वर्षों बाद महिला टी20 विश्व कप के फाइनल में जगह बनाई है। अब उसका मुकाबला ऑस्ट्रेलिया से होगा, जिसने पहले सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज को हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया था। क्रिकेट प्रशंसकों को दोनों मजबूत टीमों के बीच रोमांचक खिताबी मुकाबले का इंतजार है। रोमांचक फाइनल का इंतजार क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच फाइनल मुकाबला बेहद कांटे का हो सकता है। दोनों टीमों के पास अनुभवी खिलाड़ी और मजबूत गेंदबाजी आक्रमण है। अब दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों की नजरें रविवार को होने वाले महिला टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल पर टिकी हैं।
नई दिल्ली: भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। जून 2026 में इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक की बिक्री रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गई। इस दौरान 1,93,495 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बिके, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 75 प्रतिशत अधिक हैं। बिक्री के मामले में TVS Motor ने लगातार अपनी बादशाहत कायम रखी, जबकि Bajaj Auto ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए कंपनी को कड़ी चुनौती दी। वहीं, कभी बाजार में नंबर-1 रही Ola Electric अभी भी अपनी खोई हुई बढ़त वापस पाने की कोशिश कर रही है। छह महीने में 9.7 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बिक्री जनवरी से जून 2026 के बीच देशभर में 9,70,611 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बिके। यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 53 प्रतिशत की वृद्धि है। विशेषज्ञों का मानना है कि मई में पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद बड़ी संख्या में ग्राहकों ने इलेक्ट्रिक स्कूटर की ओर रुख किया, जिसका सीधा असर जून की बिक्री पर दिखाई दिया। TVS ने लगातार तीसरे महीने बनाए रखा दबदबा जून 2026 में TVS Motor ने 46,999 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बेचकर सबसे अधिक बिक्री दर्ज की। इसके साथ कंपनी की बाजार हिस्सेदारी लगभग 24 प्रतिशत रही। TVS लगातार तीसरे महीने 40 हजार से अधिक यूनिट बेचने में सफल रही है। इसी अवधि में कंपनी ने भारत में 10 लाख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बिक्री का महत्वपूर्ण आंकड़ा भी पार कर लिया। Bajaj Chetak ने बढ़ाई प्रतिस्पर्धा Bajaj Auto ने जून में 43,234 यूनिट की बिक्री दर्ज की। कंपनी का लोकप्रिय इलेक्ट्रिक स्कूटर Chetak लगातार ग्राहकों की पसंद बना हुआ है। बाजार में Bajaj की हिस्सेदारी अब करीब 22 प्रतिशत तक पहुंच गई है और बिक्री के मामले में TVS और Bajaj के बीच का अंतर लगातार कम होता जा रहा है। Ather और Hero Vida की शानदार रफ्तार Ather Energy ने जून में 31,188 इलेक्ट्रिक स्कूटर बेचे, जो पिछले साल की तुलना में 95 प्रतिशत अधिक हैं। कंपनी का फैमिली स्कूटर Rizta बिक्री बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है। वहीं Hero Vida ने सबसे तेज बढ़त दर्ज करते हुए जून में 21,792 यूनिट की बिक्री की। कंपनी की सालाना वृद्धि 175 प्रतिशत रही, जो इस सूची में सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन में से एक है। Ola Electric अभी भी वापसी की कोशिश में एक समय भारतीय इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार की सबसे बड़ी कंपनी रही Ola Electric जून में 16,144 यूनिट बेचकर पांचवें स्थान पर रही। हालांकि कंपनी की सालाना बिक्री में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन पिछले पांच महीनों से उसकी मासिक बिक्री में लगातार सुधार देखने को मिला है। इससे संकेत मिलता है कि Ola Electric धीरे-धीरे अपनी बाजार हिस्सेदारी मजबूत करने की कोशिश कर रही है। Ampere और River Mobility ने भी दिखाया दम Ampere ने जून में 10,928 यूनिट की बिक्री दर्ज की और अपनी स्थिति मजबूत की। वहीं River Mobility ने 4,391 यूनिट बेचते हुए 214 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हासिल की, जो सभी प्रमुख कंपनियों में सबसे अधिक रही। इसके अलावा BGauss, E-Sprinto और Simple Energy भी जून 2026 में टॉप-10 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनियों की सूची में शामिल रहीं। इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में बढ़ रही प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ती मांग और नए मॉडल्स के लॉन्च के चलते भारत का इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार पहले से अधिक प्रतिस्पर्धी होता जा रहा है। TVS और Bajaj के बीच नंबर-1 की दौड़ तेज हो गई है, जबकि Ather, Hero Vida और Ola Electric भी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए आक्रामक रणनीति अपना रही हैं। आने वाले महीनों में यह मुकाबला और दिलचस्प होने की उम्मीद है।
नई दिल्ली: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की मांग लगातार बढ़ रही है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच अब बड़ी संख्या में लोग इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने का विकल्प चुन रहे हैं। बाजार में 80 हजार रुपये से लेकर 1.5 लाख रुपये से अधिक कीमत वाले कई इलेक्ट्रिक स्कूटर उपलब्ध हैं, जिनमें लंबी रेंज, स्मार्ट फीचर्स और आकर्षक डिजाइन का दावा किया जाता है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कंपनी द्वारा बताई गई रेंज, कीमत या फीचर्स के आधार पर इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना सही फैसला नहीं है। कई खरीदार बाद में बैटरी, चार्जिंग, सर्विस और ऐप सपोर्ट जैसी समस्याओं का सामना करते हैं, जिससे अतिरिक्त खर्च और असुविधा बढ़ सकती है। अगर आप नया इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो इन पांच महत्वपूर्ण बातों पर जरूर ध्यान दें। 1. कंपनी की बताई रेंज पर पूरी तरह भरोसा न करें अधिकांश कंपनियां इलेक्ट्रिक स्कूटर की रेंज नियंत्रित परीक्षण (Test Conditions) के आधार पर बताती हैं। वास्तविक परिस्थितियों में ट्रैफिक, सड़क की स्थिति, मौसम, वाहन पर लोड और ड्राइविंग स्टाइल के कारण यह रेंज काफी कम हो सकती है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी स्कूटर की आधिकारिक रेंज 120 किलोमीटर बताई गई है, तो सामान्य उपयोग में वह लगभग 75 से 90 किलोमीटर तक ही चल सकता है। इसलिए स्कूटर खरीदने से पहले वास्तविक उपयोगकर्ताओं के अनुभव पढ़ें, वीडियो रिव्यू देखें और संभव हो तो मौजूदा मालिकों से बात करें। 2. बैटरी वारंटी की शर्तें ध्यान से पढ़ें बैटरी किसी भी इलेक्ट्रिक स्कूटर का सबसे महंगा हिस्सा होती है। कई कंपनियां 3 से 5 वर्ष तक की वारंटी देती हैं, लेकिन हर वारंटी की अपनी अलग शर्तें होती हैं। खरीदने से पहले यह जरूर जान लें कि किन परिस्थितियों में बैटरी मुफ्त बदली जाएगी और किन मामलों में वारंटी लागू नहीं होगी। इससे भविष्य में होने वाले बड़े खर्च से बचा जा सकता है। 3. घर पर चार्जिंग की सुविधा पहले जांच लें इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने से पहले यह सुनिश्चित करें कि आपके घर या अपार्टमेंट में सुरक्षित चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध है। पुराने मकानों या कुछ सोसायटी में बिजली की वायरिंग, लोड क्षमता या चार्जिंग की अनुमति से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। यदि सही चार्जिंग पॉइंट उपलब्ध नहीं होगा, तो रोजाना स्कूटर चार्ज करना मुश्किल हो सकता है। फ्लैट में रहने वाले लोगों को सोसायटी के नियम भी पहले से जान लेने चाहिए। 4. नजदीकी सर्विस सेंटर की उपलब्धता जरूर देखें इलेक्ट्रिक स्कूटर की मरम्मत हर सामान्य मैकेनिक नहीं कर सकता। इसके लिए कंपनी के अधिकृत सर्विस सेंटर की जरूरत होती है। यदि सर्विस सेंटर आपके घर से काफी दूर है, तो छोटी-सी तकनीकी खराबी में भी समय और अतिरिक्त खर्च दोनों बढ़ सकते हैं। खरीदारी से पहले कंपनी की वेबसाइट या डीलर से अपने शहर के सर्विस नेटवर्क की पूरी जानकारी जरूर लें। 5. कंपनी और उसके मोबाइल ऐप की विश्वसनीयता जांचें आज के अधिकांश इलेक्ट्रिक स्कूटर मोबाइल ऐप से जुड़े होते हैं। इन ऐप्स के जरिए वाहन की लोकेशन, बैटरी स्टेटस, लॉक- अनलॉक, डायग्नोस्टिक्स और कई स्मार्ट फीचर्स का उपयोग किया जाता है। यदि भविष्य में कंपनी ऐप का सपोर्ट बंद कर दे या नियमित अपडेट न दे, तो कई स्मार्ट सुविधाएं प्रभावित हो सकती हैं। इसलिए यह भी देखें कि कंपनी कितने समय से बाजार में मौजूद है, उसकी वित्तीय स्थिति कैसी है, सर्विस नेटवर्क कितना मजबूत है और ऐप को नियमित अपडेट मिलते हैं या नहीं। सिर्फ रेंज नहीं, पूरी तस्वीर देखें इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना एक लंबी अवधि का निवेश है। ऐसे में केवल अधिक रेंज या कम कीमत देखकर फैसला करना सही नहीं होगा। अगर आप रेंज के साथ बैटरी की गुणवत्ता, वारंटी, चार्जिंग सुविधा, सर्विस नेटवर्क और कंपनी की विश्वसनीयता जैसे पहलुओं का भी ध्यान रखेंगे, तो भविष्य में होने वाली परेशानियों और अनावश्यक खर्च से बच सकते हैं। सही जानकारी के साथ लिया गया फैसला न केवल आपके पैसे बचाएगा बल्कि बेहतर ओनरशिप अनुभव भी देगा।
भारत का इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है और इसी बढ़ते बाजार पर अब वैश्विक कंपनियों की भी नजर है। वियतनाम की प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी VinFast ने भारत में अपने नए इलेक्ट्रिक स्कूटर का डिजाइन पेटेंट कराया है। इस कदम को कंपनी की भारतीय ईवी टू-व्हीलर बाजार में एंट्री की मजबूत तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। अगर VinFast भारतीय बाजार में इस स्कूटर को लॉन्च करती है, तो इसका सीधा मुकाबला OLA Electric, TVS Motor, Bajaj Auto, Ather Energy और अन्य स्थापित कंपनियों के इलेक्ट्रिक स्कूटरों से होगा। कंपनी ने फिलहाल लॉन्च डेट और कीमत का खुलासा नहीं किया है, लेकिन पेटेंट दाखिल होने के बाद माना जा रहा है कि जल्द ही इससे जुड़े और बड़े अपडेट सामने आ सकते हैं। भारत बना VinFast की रणनीति का अहम हिस्सा VinFast की पैरेंट कंपनी Vingroup भारत को अपने सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में शामिल कर रही है। कंपनी पहले ही भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक कारों को लेकर अपनी योजनाओं का ऐलान कर चुकी है और हाल ही में अपनी Green SM इलेक्ट्रिक कैब सेवा के जरिए भी भारतीय बाजार में मौजूदगी दर्ज करा चुकी है। अब इलेक्ट्रिक स्कूटर का डिजाइन पेटेंट यह संकेत देता है कि कंपनी सिर्फ चार पहिया वाहनों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में भी अपनी मजबूत हिस्सेदारी बनाना चाहती है। प्रीमियम डिजाइन के साथ मिलेगा नया लुक पेटेंट इमेज के अनुसार नया इलेक्ट्रिक स्कूटर कंपनी के मौजूदा VinFast Viper मॉडल से काफी मिलता-जुलता दिखाई देता है, लेकिन इसमें कई नए डिजाइन अपडेट किए गए हैं। संभावित डिजाइन फीचर्स में शामिल हैं— नया एलईडी हेडलाइट सेटअप इंटीग्रेटेड एलईडी डीआरएल नया फ्रंट फेंडर नीचे की ओर शिफ्ट किया गया VinFast लोगो बैट-विंग स्टाइल एलईडी टेललाइट 14 इंच के अलॉय व्हील स्टेप-अप सीट फ्लैट फ्लोरबोर्ड फुट पेग इन बदलावों के चलते स्कूटर का लुक पहले से अधिक मॉडर्न और प्रीमियम नजर आता है। फीचर्स में मिलेगी एडवांस टेक्नोलॉजी रिपोर्ट्स के अनुसार नए इलेक्ट्रिक स्कूटर में कई आधुनिक फीचर्स देखने को मिल सकते हैं। इनमें शामिल हैं— TFT डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर स्मार्ट-की सिस्टम कीलेस-गो फीचर स्मार्टफोन कनेक्टिविटी डिजिटल डिस्प्ले टेलीस्कोपिक फ्रंट फोर्क गैस-चार्ज्ड ट्विन रियर शॉक एब्जॉर्बर फ्रंट डिस्क ब्रेक इन फीचर्स के साथ VinFast का यह स्कूटर प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटर सेगमेंट में मजबूत दावेदारी पेश कर सकता है। 150 किलोमीटर तक की रेंज का दावा कंपनी के मौजूदा VinFast Viper मॉडल में 1.5kWh की फिक्स्ड बैटरी मिलती है, जिससे लगभग 82 किलोमीटर तक की ड्राइविंग रेंज प्राप्त होती है। इसके अलावा इसमें 1.15kWh की अतिरिक्त बैटरी लगाने का विकल्प भी दिया जाता है। दोनों बैटरियों के साथ कुल संभावित रेंज लगभग 150 किलोमीटर तक पहुंच जाती है, जो रोजाना शहर में आने-जाने वाले ग्राहकों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है। हालांकि भारत में आने वाले मॉडल में यही बैटरी सेटअप मिलेगा या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मोटर और परफॉर्मेंस मौजूदा VinFast Viper में 3000W पीक पावर वाला रियर हब मोटर मिलता है, जो लगभग 4bhp की पावर जनरेट करता है। इसकी टॉप स्पीड करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटा बताई जाती है। यदि भारतीय मॉडल इसी पावरट्रेन के साथ लॉन्च होता है, तो यह शहरों में रोजमर्रा की यात्रा के लिए एक संतुलित और किफायती विकल्प बन सकता है। कब होगा लॉन्च? फिलहाल VinFast ने भारत में इस इलेक्ट्रिक स्कूटर की लॉन्च डेट, कीमत और आधिकारिक स्पेसिफिकेशन का खुलासा नहीं किया है। हालांकि डिजाइन पेटेंट दाखिल होने के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि कंपनी जल्द ही भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में अपनी नई पेशकश के साथ दस्तक दे सकती है। यदि ऐसा होता है तो आने वाले समय में भारतीय ईवी बाजार में प्रतिस्पर्धा और भी तेज होने की संभावना है।
नई दिल्ली: इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदते समय लोग अक्सर रेंज, बैटरी और चार्जिंग पर ज्यादा ध्यान देते हैं, लेकिन रोजमर्रा के इस्तेमाल में सबसे अहम चीज स्टोरेज स्पेस होती है। ऑफिस बैग, बच्चों का सामान या घर का राशन रखने के लिए अधिक जगह की जरूरत पड़ती है। ऐसे में रिवर इंडी इलेक्ट्रिक स्कूटर अपनी बड़ी स्टोरेज क्षमता और प्रैक्टिकल डिजाइन के कारण तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। कंपनी इसे ‘स्कूटर्स की एसयूवी’ कहती है और इसकी सबसे बड़ी वजह इसका विशाल स्टोरेज स्पेस है। 55 लीटर स्टोरेज इसकी सबसे बड़ी ताकत रिवर इंडी में कुल 55 लीटर का लॉक करने योग्य स्टोरेज मिलता है। इसमें 43 लीटर का अंडर-सीट स्टोरेज और 12 लीटर का फ्रंट ग्लव बॉक्स दिया गया है। इसमें फुल-फेस हेलमेट के साथ अन्य जरूरी सामान भी आसानी से रखा जा सकता है। फ्रंट ग्लव बॉक्स में मोबाइल, दस्तावेज और छोटी दैनिक उपयोग की चीजें रखी जा सकती हैं। यही वजह है कि यह स्कूटर परिवार और रोजमर्रा के उपयोग के लिए बेहद सुविधाजनक माना जा रहा है। मजबूत डिजाइन और अलग पहचान रिवर इंडी का डिजाइन पारंपरिक स्कूटरों से अलग है। इसका मजबूत और बॉक्सी लुक इसे सड़क पर अलग पहचान देता है। स्कूटर में चौड़ा फ्लोरबोर्ड, आरामदायक राइडिंग पोजिशन, ट्विन एलईडी हेडलैंप, इंटीग्रेटेड क्रैश गार्ड और 14 इंच के बड़े पहिए दिए गए हैं। यह मॉडल मानसून ब्लू, समर रेड, स्प्रिंग येलो, स्टॉर्म ग्रे और विंटर व्हाइट जैसे रंगों में उपलब्ध है। दमदार बैटरी और 160 किलोमीटर तक की रेंज रिवर इंडी में 4 किलोवाट-घंटा बैटरी पैक और मिड-माउंटेड इलेक्ट्रिक मोटर दी गई है, जो लगभग 9 बीएचपी की शक्ति पैदा करती है। कंपनी के अनुसार, यह स्कूटर एक बार फुल चार्ज होने पर 160 किलोमीटर तक की प्रमाणित रेंज प्रदान कर सकता है। 750 वॉट फास्ट चार्जर की मदद से बैटरी को 0 से 80 प्रतिशत तक लगभग 5 घंटे में चार्ज किया जा सकता है, जबकि सामान्य चार्जर से इसमें करीब 8 घंटे का समय लगता है। प्रदर्शन में भी नहीं है पीछे यह इलेक्ट्रिक स्कूटर 0 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार केवल 3.7 सेकेंड में पकड़ सकता है। इसकी अधिकतम गति 90 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसके अलावा इसमें अलग-अलग राइडिंग मोड्स भी दिए गए हैं, जिससे उपयोगकर्ता अपनी जरूरत के अनुसार बेहतर प्रदर्शन या अधिक ऊर्जा बचत का विकल्प चुन सकते हैं। कीमत और मुकाबला भारतीय बाजार में रिवर इंडी की एक्स-शोरूम कीमत लगभग 1.50 लाख रुपये है। इसका मुकाबला एथर रिज्टा, बजाज चेतक, ओला एस1 प्रो और टीवीएस आईक्यूब जैसे लोकप्रिय इलेक्ट्रिक स्कूटर्स से है। हालांकि स्टोरेज और उपयोगिता के मामले में रिवर इंडी अपनी अलग पहचान बनाने में सफल रहा है। अगर आप ऐसा इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना चाहते हैं, जो शानदार रेंज और स्पीड के साथ रोजमर्रा की जरूरतों को भी बेहतर तरीके से पूरा कर सके, तो रिवर इंडी एक मजबूत विकल्प साबित हो सकता है।
भारत के तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में Ather Energy ने अपने लोकप्रिय फैमिली इलेक्ट्रिक स्कूटर Ather Rizta की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। कंपनी ने 1 जून 2026 से Rizta के सभी वेरिएंट्स की कीमतों में लगभग ₹3,000 से ₹4,000 तक का इजाफा किया है। नई कीमतें लागू होने के बाद अब ग्राहकों को इस फैमिली-फ्रेंडली इलेक्ट्रिक स्कूटर के लिए पहले से अधिक भुगतान करना होगा। Ather Rizta ने लॉन्च के बाद से ही भारतीय परिवारों के बीच अपनी उपयोगिता, लंबी रेंज और आधुनिक फीचर्स के कारण खास पहचान बनाई है। बाजार में इसका मुकाबला TVS और Bajaj जैसे ब्रांड्स के इलेक्ट्रिक स्कूटर्स से होता है। वेरिएंट के अनुसार नई कीमतें वेरिएंट नई कीमत पुरानी कीमत बढ़ोतरी Rizta S (2.9 kWh) ₹1,21,499 ₹1,17,500 ₹3,999 Rizta Z (2.9 kWh) ₹1,36,999 ₹1,32,998 ₹4,001 Rizta S (3.7 kWh) ₹1,44,500 ₹1,40,499 ₹4,001 Rizta Z (3.7 kWh) ₹1,56,999 ₹1,52,998 ₹4,001 कीमत बढ़ने की क्या है वजह? Ather Energy ने फिलहाल कीमत बढ़ाने के पीछे कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है। हालांकि, ऑटो इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि कच्चे माल की बढ़ती लागत, उत्पादन खर्च में इजाफा और सप्लाई चेन से जुड़े खर्च इस फैसले की प्रमुख वजह हो सकते हैं। हाल के महीनों में कई अन्य वाहन निर्माताओं ने भी इसी तरह कीमतों में संशोधन किया है। बैटरी, रेंज और वारंटी Ather Rizta को दो बैटरी विकल्पों के साथ पेश किया जाता है। 2.9kWh बैटरी पैक लगभग 105 किलोमीटर की वास्तविक रेंज प्रदान करता है, जबकि 3.7kWh बैटरी विकल्प में यह रेंज करीब 125 किलोमीटर तक पहुंच जाती है। कंपनी बैटरी पर 5 साल या 60,000 किलोमीटर तक की वारंटी देती है। इसके अलावा बैटरी को IP67 रेटिंग मिली हुई है, जो इसे धूल और पानी से सुरक्षा प्रदान करती है। Rizta S के प्रमुख फीचर्स Rizta S वेरिएंट में 7-इंच का DeepView डिस्प्ले, टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन और रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम दिया गया है। सुरक्षा के लिए CBS ब्रेकिंग, Vehicle Fall Safe और Emergency Stop Signal (ESS) जैसे फीचर्स शामिल हैं। इसके अलावा 34 लीटर अंडर-सीट स्टोरेज, LED लाइटिंग, मल्टीपल राइडिंग मोड्स, Auto Hold, Guide Me Home लाइट्स और Ather Connect जैसी कनेक्टेड सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। Rizta Z के एडवांस फीचर्स टॉप वेरिएंट Rizta Z में 7-इंच TFT टचस्क्रीन डिस्प्ले, Magic Twist और स्किड कंट्रोल जैसे एडवांस फीचर्स दिए गए हैं। इसके अलावा ऑटो-ब्राइटनेस एडजस्टमेंट, ऑप्टिमाइज्ड चार्जिंग, रिमोट फंक्शन्स, पॉटहोल अलर्ट और क्रैश अलर्ट जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं। कनेक्टिविटी और स्मार्ट फीचर्स की बात करें तो इसमें WhatsApp प्रीव्यू, लाइव लोकेशन शेयरिंग, डॉक्यूमेंट स्टोरेज, Cricket Dash, नेविगेशन और टेक्स्ट मैसेज के साथ कॉल रिजेक्ट करने जैसी सुविधाएं शामिल हैं। कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद Ather Rizta अपने सेगमेंट में फीचर्स, रेंज और फैमिली-ओरिएंटेड डिजाइन के कारण एक मजबूत विकल्प बना हुआ है। हालांकि, नए ग्राहकों को अब इस इलेक्ट्रिक स्कूटर को खरीदने के लिए पहले से कुछ अधिक बजट तैयार रखना होगा।
भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार तेजी से बढ़ रहा है और अब खरीदार सिर्फ स्टाइल या फीचर्स नहीं, बल्कि लंबी बैटरी रेंज को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं। ऑफिस, कॉलेज या रोजमर्रा के कामों के लिए लोग ऐसे इलेक्ट्रिक स्कूटर चाहते हैं जो एक बार चार्ज होने के बाद लंबी दूरी तय कर सकें और बार-बार चार्जिंग की चिंता न रहे। अगर आप भी लंबी रेंज और बेहतर परफॉर्मेंस वाला इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो ये 5 मॉडल आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकते हैं। 1. Bajaj Chetak C2501 बजाज का यह इलेक्ट्रिक स्कूटर रोजमर्रा के इस्तेमाल को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इसकी सीट आरामदायक है और ट्रैफिक में इसे चलाना काफी आसान माना जाता है। कंपनी के अनुसार यह स्कूटर एक बार फुल चार्ज होने पर 113 किलोमीटर तक की IDC रेंज देने में सक्षम है। मजबूत बॉडी और भरोसेमंद परफॉर्मेंस इसे शहर में डेली कम्यूट के लिए अच्छा विकल्प बनाते हैं। 2. TVS iQube टीवीएस का iQube भारतीय बाजार में सबसे लोकप्रिय इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में शामिल है। इसकी चौड़ी सीट, बेहतर स्टोरेज स्पेस और आरामदायक राइड इसे परिवारों के बीच भी लोकप्रिय बनाती है। इसके अलग-अलग वेरिएंट्स में लगभग 94 किलोमीटर से लेकर 212 किलोमीटर तक की IDC रेंज मिलती है। लंबी दूरी तय करने वालों के लिए यह एक मजबूत विकल्प माना जाता है। 3. Ather Rizta Ather Rizta को खासतौर पर फैमिली यूजर्स को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। इसमें बड़ा सीट स्पेस और पर्याप्त स्टोरेज दिया गया है, जिससे रोजमर्रा के उपयोग में सुविधा मिलती है। इसके विभिन्न बैटरी विकल्प 123 किलोमीटर से 159 किलोमीटर तक की IDC रेंज प्रदान करते हैं। आराम और उपयोगिता के मामले में यह स्कूटर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। 4. Honda Activa e होंडा ने अपनी लोकप्रिय Activa सीरीज के जरिए इलेक्ट्रिक सेगमेंट में कदम रखा है। इसकी सबसे बड़ी खासियत स्वैपेबल बैटरी सिस्टम है। इसमें 1.5 kWh की दो बैटरियां दी गई हैं जिन्हें जरूरत पड़ने पर बदला जा सकता है। कंपनी का दावा है कि यह स्कूटर फुल चार्ज पर लगभग 102 किलोमीटर तक की रेंज देता है। 5. Ather 450X अगर आप लंबी रेंज के साथ स्पोर्टी परफॉर्मेंस भी चाहते हैं, तो Ather 450X एक शानदार विकल्प हो सकता है। तेज एक्सीलरेशन, स्मार्ट फीचर्स और शानदार हैंडलिंग के साथ यह स्कूटर शहर की सड़कों पर बेहतरीन अनुभव देता है। कंपनी के मुताबिक इसकी रेंज लगभग 161 किलोमीटर तक जा सकती है। किसके लिए कौन सा स्कूटर बेहतर? डेली ऑफिस और शहर में सफर के लिए: Bajaj Chetak C2501 सबसे ज्यादा रेंज चाहने वालों के लिए: TVS iQube फैमिली यूज के लिए: Ather Rizta बैटरी स्वैपिंग सुविधा पसंद करने वालों के लिए: Honda Activa e परफॉर्मेंस और रेंज दोनों चाहने वालों के लिए: Ather 450X इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदते समय केवल कंपनी की दावा की गई रेंज पर निर्भर न रहें। अपनी रोजाना की जरूरत, चार्जिंग सुविधा, सर्विस नेटवर्क और बजट को ध्यान में रखकर फैसला लेना ज्यादा समझदारी होगी।
भारतीय टू-व्हीलर बाजार तेजी से बदल रहा है और अब चर्चा एक ऐसी तकनीक की हो रही है, जो आने वाले वर्षों में स्कूटर इंडस्ट्री की तस्वीर बदल सकती है। देश की प्रमुख ऑटो कंपनी Bajaj Auto अपने लोकप्रिय Bajaj Chetak के नए हाइड्रोजन वर्जन पर काम कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह स्कूटर हाइड्रोजन फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी से लैस हो सकता है और एक बार में करीब 280 किलोमीटर तक की रेंज देने का दावा किया जा रहा है। अगर यह तकनीक सफल रहती है, तो यह सिर्फ इलेक्ट्रिक स्कूटर्स के लिए ही नहीं बल्कि पूरे टू-व्हीलर मार्केट के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। खास बात यह है कि इसे लेकर “पानी से चलने वाले स्कूटर” जैसी चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। इलेक्ट्रिक के बाद अब हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी पर दांव Bajaj पहले ही अपने इलेक्ट्रिक चेतक के जरिए ईवी मार्केट में मजबूत पकड़ बना चुकी है। अब कंपनी अगला कदम हाइड्रोजन मोबिलिटी की दिशा में बढ़ाती दिख रही है। माना जा रहा है कि कंपनी ने इस तकनीक से जुड़े पेटेंट पर पहले ही काम शुरू कर दिया था और अब इसकी शुरुआती जानकारी सामने आने लगी है। यह नया स्कूटर पारंपरिक लिथियम-आयन बैटरी सिस्टम की जगह हाइड्रोजन फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर सकता है। यही वजह है कि इसे मौजूदा इलेक्ट्रिक स्कूटर्स से अलग और ज्यादा एडवांस माना जा रहा है। आखिर कैसे काम करेगी यह टेक्नोलॉजी? हाइड्रोजन फ्यूल सेल सिस्टम में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के बीच रासायनिक प्रतिक्रिया कर बिजली तैयार की जाती है। यही बिजली स्कूटर की मोटर को पावर देती है। इस प्रक्रिया में प्रदूषण बेहद कम होता है और मुख्य रूप से पानी ही उप-उत्पाद के रूप में निकलता है। हालांकि सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में “एक लीटर पानी से 280Km” जैसे दावे किए जा रहे हैं, लेकिन तकनीकी रूप से स्कूटर सीधे पानी से नहीं चलता। पहले हाइड्रोजन तैयार करनी होती है, जिसके बाद फ्यूल सेल सिस्टम काम करता है। कंपनी ने अभी तक इसकी आधिकारिक टेक्निकल डिटेल्स साझा नहीं की हैं। डिजाइन रहेगा रेट्रो, फीचर्स होंगे हाईटेक नई हाइड्रोजन चेतक का डिजाइन मौजूदा इलेक्ट्रिक चेतक की तरह क्लासिक और रेट्रो स्टाइल में रखा जा सकता है। चेतक की पहचान उसके पुराने आइकॉनिक लुक से जुड़ी रही है और कंपनी उसी पहचान को बरकरार रख सकती है। फीचर्स की बात करें तो इसमें डिजिटल स्मार्ट डिस्प्ले, कनेक्टेड टेक्नोलॉजी, नेविगेशन सपोर्ट, स्मार्टफोन कनेक्टिविटी, आधुनिक सेफ्टी सिस्टम और बेहतर राइडिंग मोड्स मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी इसे प्रीमियम सेगमेंट में उतार सकती है। लॉन्च और कीमत को लेकर क्या संकेत मिले? फिलहाल कंपनी ने न तो इसकी लॉन्च डेट की पुष्टि की है और न ही कीमत का आधिकारिक ऐलान किया है। हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ग्राहक इसे लगभग 20 हजार रुपये की डाउन पेमेंट के साथ बुक कर सकते हैं। अगर Bajaj इस स्कूटर को बड़े स्तर पर लॉन्च करती है, तो यह भारत में हाइड्रोजन आधारित टू-व्हीलर सेगमेंट की शुरुआत मानी जा सकती है। क्या भारत में सफल होगी हाइड्रोजन स्कूटर टेक्नोलॉजी? भारत में पेट्रोल की बढ़ती कीमतें और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सीमित चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर लगातार चुनौती बने हुए हैं। ऐसे में हाइड्रोजन आधारित स्कूटर एक वैकल्पिक समाधान बन सकता है। लेकिन इसकी सफलता कई अहम बातों पर निर्भर करेगी– हाइड्रोजन फ्यूल की उपलब्धता रिफ्यूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तकनीक की लागत सुरक्षा मानक आम ग्राहकों के लिए कीमत दुनिया की कई बड़ी ऑटो कंपनियां अब इलेक्ट्रिक के साथ-साथ हाइड्रोजन मोबिलिटी पर भी तेजी से काम कर रही हैं। ऐसे में Bajaj का यह कदम संकेत देता है कि भविष्य का भारतीय टू-व्हीलर बाजार सिर्फ बैटरी आधारित ईवी तक सीमित नहीं रहेगा। पूरा ऑटो सेक्टर अब इस बात पर नजर लगाए बैठा है कि क्या हाइड्रोजन चेतक वास्तव में सड़कों पर उतर पाएगा और क्या यह तकनीक आम लोगों के लिए व्यावहारिक साबित होगी।
TVS Motor Company ने भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करते हुए नया TVS iQube S 4.7 kWh वेरिएंट लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इस इलेक्ट्रिक स्कूटर को 1,37,142 रुपये (एक्स-शोरूम) की शुरुआती कीमत पर पेश किया है। नया मॉडल पुराने 3.5 kWh बैटरी वेरिएंट की जगह लेगा और इसमें ज्यादा रेंज के साथ कई एडवांस फीचर्स दिए गए हैं। बड़ी बैटरी, ज्यादा रेंज नए TVS iQube S में 4.7 kWh का बड़ा बैटरी पैक दिया गया है। कंपनी के मुताबिक यह स्कूटर सिंगल चार्ज पर 175 किलोमीटर तक की IDC रेंज देने में सक्षम है, जो इसे लंबी दूरी के लिए और ज्यादा उपयोगी बनाता है। स्कूटर की इलेक्ट्रिक मोटर 5.9 hp की पीक पावर और 33 Nm का अधिकतम टॉर्क जनरेट करती है। वहीं इसकी टॉप स्पीड 82 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई है। शानदार परफॉर्मेंस परफॉर्मेंस के मामले में भी नया iQube S काफी दमदार नजर आता है। कंपनी का दावा है कि यह स्कूटर 0 से 40 kmph की रफ्तार सिर्फ 4.3 सेकंड में पकड़ सकता है। चार्जिंग की बात करें तो पोर्टेबल चार्जर की मदद से इसकी बैटरी को 0 से 80 प्रतिशत तक चार्ज होने में करीब 4 घंटे का समय लगता है। मिलेंगे कई स्मार्ट फीचर्स नया TVS iQube S कई प्रीमियम स्मार्ट फीचर्स के साथ आता है। इसमें– TFT डिस्प्ले स्मार्टफोन कनेक्टिविटी नेविगेशन सपोर्ट राइड स्टैटिस्टिक्स कॉल और नोटिफिकेशन अलर्ट जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इसके अलावा स्कूटर में रिवर्स मोड, क्रैश अलर्ट, फॉल अलर्ट और एंटी-थेफ्ट अलर्ट जैसे सेफ्टी फीचर्स भी शामिल किए गए हैं। डस्ट और वाटर रेसिस्टेंट डिजाइन कंपनी ने इसके इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स को IP67 डस्ट और वाटर रेसिस्टेंस रेटिंग दी है, जिससे स्कूटर खराब मौसम और पानी से बेहतर सुरक्षा प्रदान करता है। हार्डवेयर और ब्रेकिंग सिस्टम स्कूटर का कर्ब वेट 128.8 किलोग्राम है। इसकी सीट हाइट 770mm और ग्राउंड क्लीयरेंस 157mm रखा गया है। इसमें 12-इंच अलॉय व्हील्स के साथ दोनों तरफ 90/90-12 ट्यूबलेस टायर्स दिए गए हैं। ब्रेकिंग के लिए– फ्रंट में 220mm डिस्क ब्रेक रियर में 130mm ड्रम ब्रेक का सेटअप मिलता है। नए कलर ऑप्शन्स भी शामिल TVS ने नए बैटरी वेरिएंट के साथ दो नए कलर ऑप्शन्स भी पेश किए हैं– Magnificence Purple Beige Harlequin Blue Beige इसके अलावा स्कूटर Titanium Grey Matte रंग में भी उपलब्ध रहेगा।
इलेक्ट्रिक व्हीकल मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करते हुए Ola Electric ने नई Ola S1 X+ 5.2 kWh को भारत में लॉन्च कर दिया है। यह स्कूटर दमदार परफॉर्मेंस, लंबी रेंज और एडवांस टेक्नोलॉजी के साथ मिड-प्राइस सेगमेंट में एक मजबूत दावेदार बनकर उभरी है। कंपनी ने इसकी शुरुआती कीमत ₹1,29,999 (एक्स-शोरूम) रखी है, जो 15 अप्रैल 2026 के बाद बढ़ सकती है। 4680 Bharat Cell: Ola की बड़ी टेक्नोलॉजी पहल इस स्कूटर की सबसे खास बात है इसका इन-हाउस विकसित 4680 Bharat Cell बैटरी सिस्टम। Ola Electric का दावा है कि यह तकनीक: ज्यादा लंबी रेंज देती है बैटरी एफिशिएंसी बढ़ाती है EV को आम लोगों के लिए ज्यादा सुलभ बनाती है यह कदम भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेजी से बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परफॉर्मेंस में नहीं कोई समझौता Ola S1 X+ 5.2 kWh को पावर देने के लिए 11 kW का मिड-ड्राइव मोटर दिया गया है, जो शानदार स्पीड और स्मूद राइडिंग अनुभव देता है। मुख्य फीचर्स: टॉप स्पीड: 125 किमी/घंटा रेंज: 320 किमी (सिंगल चार्ज) ब्रेकिंग सिस्टम: Brake-by-Wire + फ्रंट डिस्क ब्रेक इन स्पेसिफिकेशंस के साथ यह स्कूटर अपने सेगमेंट में सबसे पावरफुल विकल्पों में शामिल हो जाती है। Ola के पोर्टफोलियो को मिला नया बूस्ट नई S1 X+ 5.2 kWh के साथ Ola Electric ने अपने प्रोडक्ट लाइनअप को और मजबूत कर दिया है। कंपनी पहले से: S1 Pro+ और S1 Pro जैसे प्रीमियम मॉडल S1 X सीरीज के मास मार्केट स्कूटर्स और Roadster बाइक रेंज ऑफर कर रही है। इस नए मॉडल के आने से मिड-रेंज सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा और तेज होने की उम्मीद है। EV मार्केट में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की मांग तेजी से बढ़ रही है और Ola की यह नई पेशकश ग्राहकों को ज्यादा विकल्प देगी। लंबी रेंज, हाई स्पीड और एडवांस फीचर्स के साथ यह स्कूटर खासतौर पर उन यूजर्स को आकर्षित कर सकती है, जो पेट्रोल वाहनों से EV की ओर शिफ्ट करना चाहते हैं।
देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। PM E-DRIVE Scheme के तहत मिलने वाली सब्सिडी की समय सीमा बढ़ा दी गई है, जिससे अब EV खरीदने की योजना बना रहे लोगों को ज्यादा समय और फायदा मिलेगा। क्या है नई डेडलाइन? सरकार ने अलग-अलग श्रेणी के वाहनों के लिए नई समय सीमा तय की है: इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर: 31 जुलाई 2026 तक सब्सिडी का लाभ इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर (E-Rickshaw/E-Cart): 31 मार्च 2028 तक हालांकि, L5 कैटेगरी वाले थ्री-व्हीलर के लिए सब्सिडी पहले ही बंद की जा चुकी है। कितना मिलेगा फायदा? सब्सिडी सीधे वाहन की कीमत को कम करती है, जिससे आम लोगों के लिए EV खरीदना आसान हो जाता है। ₹2,500 प्रति kWh की दर से सब्सिडी अधिकतम ₹5,000 तक का लाभ प्रति वाहन प्राइस कैप: टू-व्हीलर: ₹1.5 लाख तक थ्री-व्हीलर: ₹2.5 लाख तक यानि तय कीमत सीमा के अंदर आने वाले वाहनों पर ही यह सब्सिडी लागू होगी। ध्यान रखें: सीमित है बजट इस योजना का कुल बजट करीब ₹10,900 करोड़ है। सरकार ने साफ किया है कि यह फंड-लिमिटेड स्कीम है। मतलब अगर बजट पहले खत्म हो गया, तो तय समय सीमा से पहले ही सब्सिडी बंद हो सकती है। इसलिए एक्सपर्ट सलाह दे रहे हैं कि ग्राहक आखिरी तारीख का इंतजार न करें। चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी जोर सरकार सिर्फ वाहन खरीद तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर में पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क भी तेजी से बढ़ाया जा रहा है। इससे EV यूजर्स को लंबी दूरी तय करने में आसानी होगी और “बैटरी खत्म होने” की चिंता भी कम होगी। क्या है इसका असर? इस फैसले से: EV सस्ते होंगे मिडिल क्लास के लिए खरीद आसान होगी प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बड़ा बढ़ावा मिलेगा
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।