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Actress Sanchita Ugale death
अभिनेत्री संचिता उगले की संदिग्ध मौत से परिवार सदमे में

मुंबई, एजेंसियां। टीवी अभिनेत्री संचिता उगले की कथित आत्महत्या के बाद उनके परिवार में गहरा शोक है। 22 वर्षीय अभिनेत्री की मौत ने मनोरंजन जगत को भी स्तब्ध कर दिया है। परिजनों ने दावा किया है कि संचिता पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान थीं और अक्सर गुमसुम रहती थीं। परिवार का कहना है कि उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा था, इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।   संचिता अपने परिवार के साथ पालघर जिले के नालासोपारा क्षेत्र में रहती थीं। 14 जून को उनके कमरे में उनका शव मिलने के बाद पिता ने पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच के दौरान घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।   पुलिस ने जांच पूरी होने तक निष्कर्ष से बचने की अपील की   पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संचिता के पिता ने अपनी शिकायत में किसी व्यक्ति पर आत्महत्या के लिए उकसाने या दबाव बनाने का औपचारिक आरोप नहीं लगाया है। उनका कहना है कि अभिनेत्री की किसी से व्यक्तिगत दुश्मनी की जानकारी भी सामने नहीं आई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।   कामकाजी माहौल पर उठे सवाल  दूसरी ओर, संचिता के भाई ने मनोरंजन उद्योग के कामकाजी माहौल पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि उन पर पेशेवर दबाव था। हालांकि, इन दावों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच का हिस्सा हैं।   संचिता उगले ने टेलीविजन के कई लोकप्रिय धारावाहिकों, जिनमें कुमकुम भाग्य, वागले की दुनिया और दिलवाली दुल्हा ले जाएगी शामिल हैं, में अभिनय किया था। इसके अलावा वह फिल्म छावा में ताराबाई की भूमिका में भी नजर आई थीं। उनकी अचानक हुई मौत से टीवी और फिल्म जगत में शोक का माहौल है, जबकि पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।

anjali kumari जून 16, 2026 0
दाढ़ी वाले अभिनेता के विभिन्न लुक्स और एक्शन सीन का कोलाज
ना ‘कांतारा’, ना ‘केजीएफ’, इस हिंदी फिल्म ने कर्नाटक बॉक्स ऑफिस पर रच दिया इतिहास

बैंगलोर,एजेंसियां। बॉक्स ऑफिस पर ‘धुरंधर 2’ की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। आदित्य धर के निर्देशन में बनी यह फिल्म अब सिर्फ हिंदी पट्टी ही नहीं, बल्कि कन्नड़ दर्शकों के बीच भी जबरदस्त क्रेज बटोर रही है। यही वजह है कि फिल्म ने अब कर्नाटक बॉक्स ऑफिस पर एक ऐसा रिकॉर्ड बना दिया है, जो अब तक किसी भी हिंदी फिल्म के नाम नहीं था।   कर्नाटक में 100 करोड़ कमाने वाली पहली हिंदी फिल्म रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘धुरंधर 2’ ने कर्नाटक में 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। इसके साथ ही यह कर्नाटक बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ कमाने वाली पहली हिंदी फिल्म बन गई है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि आमतौर पर कर्नाटक में कन्नड़ फिल्मों का दबदबा ज्यादा रहता है और हिंदी फिल्मों को वहां सीमित स्क्रीन और रिस्पॉन्स मिलता है।   ‘कांतारा’ और ‘केजीएफ’ के बाद नया रिकॉर्ड अब तक ‘कांतारा’, ‘केजीएफ: चैप्टर 1’ और ‘केजीएफ: चैप्टर 2’ जैसी फिल्मों ने भाषा की सीमाएं तोड़कर पूरे देश में शानदार प्रदर्शन किया था। लेकिन अब ‘धुरंधर 2’ ने यह साबित कर दिया है कि अगर कंटेंट दमदार हो, तो भाषा कोई बाधा नहीं बनती। फिल्म को कन्नड़ ऑडियंस से भी शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है, जो इसकी कमाई में साफ दिखाई दे रहा है।   13 दिनों में 889 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन फिल्म के कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन की बात करें तो 13 दिनों में ‘धुरंधर 2’ ने 889.31 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है। मंगलवार शाम तक फिल्म ने करीब 17 करोड़ रुपये का कारोबार किया, जबकि सोमवार को इसकी कमाई 25 करोड़ रुपये रही थी। इससे पहले दूसरे रविवार को फिल्म ने 68.10 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड कलेक्शन दर्ज किया था।

Unknown मार्च 31, 2026 0
सलमान खान और साउथ की अभिनेत्री नई फिल्म में साथ नजर आने वाले
सलमान खान की अगली फिल्म में हुई साउथ की लेडी सुपरस्टार की एंट्री, मेकर्स ने किया ऐलान

मुंबई,एजेंसियां। बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की अगली फिल्म को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। दिलचस्प बात यह है कि इस बार सलमान किसी बॉलीवुड एक्ट्रेस के साथ नहीं, बल्कि साउथ सिनेमा की लेडी सुपरस्टार नयनतारा के साथ नजर आने वाले हैं। मेकर्स ने आधिकारिक तौर पर इस फिल्म की लीड एक्ट्रेस के नाम की घोषणा कर दी है, जिसके बाद फैंस की एक्साइटमेंट और भी बढ़ गई है।   पहली बार साथ दिखेंगे सलमान और नयनतारा यह फिल्म निर्माता दिल राजू और निर्देशक वामसी पेडिपल्ली के साथ सलमान खान का बड़ा प्रोजेक्ट मानी जा रही है। खास बात यह है कि सलमान खान और नयनतारा पहली बार किसी फिल्म में साथ काम करने जा रहे हैं। नयनतारा इससे पहले शाहरुख खान के साथ फिल्म ‘जवान’ में नजर आ चुकी हैं और अब वह सलमान के साथ अपनी नई जोड़ी को लेकर चर्चा में हैं।   मेकर्स ने पोस्ट शेयर कर किया ऐलान मंगलवार को फिल्म के मेकर्स ने सोशल मीडिया पर एक खास पोस्ट शेयर करते हुए इस बड़ी खबर की पुष्टि की। पोस्ट में लिखा गया कि, “क्वीन आ चुकी हैं। वर्सटैलिटी और एक्सीलेंस की मिसाल नयनतारा, सलमान खान और वामसी की फिल्म से जुड़ रही हैं।” इस घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर फैंस के बीच इस नई जोड़ी को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।   अप्रैल से शुरू हो सकती है शूटिंग रिपोर्ट्स के मुताबिक, सलमान खान इस फिल्म की शूटिंग अप्रैल 2026 से शुरू कर सकते हैं। हालांकि, फिल्म के टाइटल और कहानी को लेकर अभी ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि यह एक बड़े बजट की कमर्शियल एंटरटेनर होगी।

Unknown मार्च 31, 2026 0
रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा अपनी नन्ही फैन के साथ
रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने जीता दिल, नन्ही फैन को घर बुलाकर दिया खास तोहफा

बेंगलुरू, एजेंसियां। साउथ सिनेमा के चर्चित स्टार कपल रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी फिल्म या शादी नहीं, बल्कि एक प्यारी सी फैन के लिए किया गया खास gesture है। दोनों कलाकारों ने अपनी एक नन्ही फैन की ख्वाहिश पूरी कर उसे अपने घर लंच पर आमंत्रित किया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी जमकर तारीफ हो रही है।   वायरल वीडियो से शुरू हुई कहानी दरअसल, “Urs Lucky Thalli” नाम के इंस्टाग्राम चैनल पर एक छोटी बच्ची ने 8 मार्च को एक वीडियो शेयर किया था। इस वीडियो में उसने रश्मिका और विजय को शादी की बधाई दी, लेकिन साथ ही उन्हें शादी में न बुलाने की क्यूट शिकायत भी कर डाली। बच्ची का यह मासूम वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लाखों लोगों का दिल जीत लिया।   सितारों ने निभाया वादा जब यह वीडियो रश्मिका और विजय तक पहुंचा, तो उन्होंने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए बच्ची को अपने घर पर लंच के लिए आमंत्रित किया। हाल ही में सामने आए वीडियो में देखा गया कि दोनों स्टार्स ने न सिर्फ बच्ची का गर्मजोशी से स्वागत किया, बल्कि उसे उसका पसंदीदा खाना भी खिलाया।वीडियो में रश्मिका मंदाना बच्ची को लड्डू खिलाते हुए नजर आ रही हैं, वहीं विजय देवरकोंडा उसे गोद में उठाकर खेलते दिखाई दे रहे हैं। इस भावुक और प्यारे पल ने फैंस का दिल जीत लिया है।   सोशल मीडिया पर मिल रही सराहना इस वीडियो के सामने आने के बाद फैंस लगातार इस स्टार कपल की तारीफ कर रहे हैं। लोग इसे स्टार्स का डाउन-टू-अर्थ व्यवहार और अपने फैंस के प्रति सम्मान का शानदार उदाहरण बता रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे “दिल जीत लेने वाला पल” और “सच्चा स्टारडम” कहा।   दोस्ती से शादी तक का सफर रश्मिका और विजय की जोड़ी लंबे समय से चर्चा में रही है। दोनों की दोस्ती 2018 की सुपरहिट फिल्म गीता गोविंदम के दौरान शुरू हुई थी, जो बाद में प्यार में बदल गई। कई सालों तक रिलेशनशिप में रहने के बाद इस कपल ने 26 फरवरी 2026 को शादी कर ली।शादी के बाद भी दोनों अपने काम में व्यस्त हैं, लेकिन इस घटना ने दिखा दिया कि वे अपने फैंस के लिए कितना खास स्थान रखते हैं।   फैंस के लिए खास संदेश इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित किया कि सच्ची लोकप्रियता केवल फिल्मों से नहीं, बल्कि इंसानियत और फैंस के प्रति सम्मान से भी मिलती है। रश्मिका और विजय का यह कदम उनके लाखों चाहने वालों के लिए एक यादगार पल बन गया है।

Unknown मार्च 21, 2026 0
शर्मिला टैगोर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में सम्मानित होने वाली अभिनेत्री
दिल्ली में सजेगा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, शर्मीला टैगोर को मिलेगा सम्मान

नई दिल्ली,एजेंसियां। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में 25 से 31 मार्च तक इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का भव्य आयोजन होने जा रहा है। इस फिल्म फेस्टिवल में देश-विदेश की बेहतरीन फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। यह आयोजन Bharat Mandapam में होगा, जहां सिनेमा जगत की कई बड़ी हस्तियां शामिल होंगी।   दुनिया भर से आईं हजारों फिल्में इस फिल्म फेस्टिवल में 100 से अधिक देशों से कुल 2,187 फिल्में एंट्री के रूप में आई हैं। इनमें 1,372 अंतरराष्ट्रीय और 815 भारतीय फीचर व नॉन-फीचर फिल्में शामिल हैं। यह आयोजन फिल्म प्रेमियों के लिए एक बड़ा मंच साबित होगा, जहां विविध संस्कृतियों और कहानियों को देखने का मौका मिलेगा।   दिग्गज कलाकारों को मिलेगा सम्मान फेस्टिवल के दौरान सिनेमा के क्षेत्र में अहम योगदान देने वाले कलाकारों को सम्मानित किया जाएगा। खास तौर पर दिग्गज अभिनेत्री Sharmila Tagore को भारतीय सिनेमा में उनके अमूल्य योगदान के लिए सम्मान दिया जाएगा।शर्मिला टैगोर ने इस सम्मान के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि फिल्म फेस्टिवल ऐसे मंच होते हैं, जहां दुनिया भर की कहानियां एक साथ आती हैं। उन्होंने इस आयोजन का हिस्सा बनने को अपने लिए गर्व की बात बताया।   सिनेमा प्रेमियों के लिए खास मौका यह फेस्टिवल न केवल फिल्म निर्माताओं के लिए बल्कि दर्शकों के लिए भी खास रहेगा। यहां विभिन्न भाषाओं, संस्कृतियों और विषयों पर आधारित फिल्मों का प्रदर्शन होगा। साथ ही फिल्म से जुड़े चर्चाएं, इंटरैक्शन और विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।   शानदार रहा है शर्मिला टैगोर का करियर Sharmila Tagore ने हिंदी और बंगाली सिनेमा में कई यादगार फिल्में दी हैं। उनके अभिनय की विरासत को उनके बच्चे Saif Ali Khan और Soha Ali Khan आगे बढ़ा रहे हैं।दिल्ली में होने वाला यह इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल सिनेमा प्रेमियों के लिए एक यादगार अनुभव साबित होने वाला है, जहां कला, संस्कृति और मनोरंजन का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

Unknown मार्च 19, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

Military activity near the Strait of Hormuz amid escalating US-Iran tensions and reported retaliatory strikes.
दुनिया

अपाचे हेलीकॉप्टर घटना के बाद अमेरिका का ईरान पर हमला, तेहरान ने दी कड़ी चेतावनी

Deepshikha जून 10, 2026 0