मुंबई: बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर खान एक बार फिर अपने एथनिक फैशन सेंस को लेकर सुर्खियों में हैं। मुंबई में आयोजित आमिर खान प्रोडक्शंस के 25वें वर्ष और फिल्म लगान की सिल्वर जुबली सेलिब्रेशन में करीना ने अपने बेहद एलिगेंट अंदाज से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। रेड कार्पेट पर भारी-भरकम गाउन की जगह करीना ने पारंपरिक भारतीय परिधान को चुना और अपने सिग्नेचर मिनिमलिस्ट स्टाइल से साबित कर दिया कि सादगी में भी शाही अंदाज छिपा होता है। ₹41 हजार का हैंडवोवन बनारसी सूट करीना कपूर ने लग्जरी लेबल Ekaya Banaras का ब्लश-पिंक हैंडवोवन बनारसी सिल्क सूट पहना था, जिसकी कीमत करीब 40,975 रुपये बताई जा रही है। यह खास कलेक्शन प्रसिद्ध भारतीय चित्रकार अमृता शेरगिल के जीवन और कला से प्रेरित है। सूट के साथ उन्होंने मैचिंग स्ट्रेट-कट पैंट और हल्का शीयर दुपट्टा कैरी किया, जिसने उनके पूरे लुक को बेहद ग्रेसफुल बना दिया। सैंडल की कीमत सुनकर हो जाएंगे हैरान करीना के आउटफिट से भी ज्यादा चर्चा उनकी फुटवियर की हुई। उन्होंने अपने एथनिक लुक के साथ Aquazzura Embellished Satin Sandals पहनी थीं, जिनकी कीमत लगभग 91,874 रुपये बताई जा रही है। इन कस्टम हैंड-असेंबल्ड हील्स ने उनके पूरे लुक में लग्जरी टच जोड़ दिया। एमराल्ड और डायमंड ज्वेलरी बनी आकर्षण का केंद्र करीना ने अपने लुक को एमराल्ड और डायमंड से बने झूमर स्टाइल ईयररिंग्स के साथ पूरा किया। इसके अलावा उन्होंने: गोल्ड और डायमंड की चूड़ियां स्टेटमेंट रिंग्स छोटी स्टोन बिंदी के जरिए अपने एथनिक लुक को और निखारा। मिनिमल मेकअप में दिखीं बेहद खूबसूरत अपने सिग्नेचर स्टाइल को बरकरार रखते हुए करीना ने ड्यूई मेकअप लुक चुना। उन्होंने: न्यूड लिप्स ग्लोइंग स्किन डार्क काजल से हाइलाइटेड आंखें के साथ लुक को पूरा किया। वहीं बालों को क्लासिक बन में स्टाइल किया गया था, जिसने उनके पूरे लुक में शालीनता का एहसास जोड़ा। वर्कफ्रंट पर क्या है अगला प्रोजेक्ट? वर्कफ्रंट की बात करें तो करीना कपूर खान जल्द ही निर्देशक मेघना गुलजार की फिल्म 'दायरा' में नजर आएंगी। इस फिल्म में उनके साथ अभिनेता पृथ्वीराज सुकुमारन मुख्य भूमिका में दिखाई देंगे।
नई दिल्ली: भारतीय पारंपरिक परिधानों में ब्लाउज को लंबे समय तक केवल एक सहायक परिधान माना जाता रहा। साड़ी के पल्लू या दुपट्टे के नीचे छिपा यह हिस्सा अक्सर पूरे लुक का केंद्र नहीं बन पाता था। लेकिन अब फैशन की दुनिया में स्टेटमेंट ब्लाउज का दौर है, जहां ब्लाउज केवल एक जरूरत नहीं बल्कि पूरे आउटफिट का सबसे आकर्षक हिस्सा बन चुका है। कॉर्सेट, हाई कॉलर, कट-आउट, ज्वेलरी ब्लाउज और अनोखे नेकलाइन डिजाइनों ने पारंपरिक भारतीय पहनावे को नया और आधुनिक रूप दिया है। बॉलीवुड और देश की कई चर्चित हस्तियों ने अपने अनोखे ब्लाउज डिजाइनों से इस ट्रेंड को लोकप्रिय बनाया है। 1. राधिका अंबानी का मेटल कॉर्सेट ब्लाउज राधिका अंबानी ने अपने वेडिंग रिसेप्शन में अनामिका खन्ना की गोल्डन साड़ी के साथ Dolce & Gabbana Alta Moda का मेटल कॉर्सेट पहना था। यह आर्मर-स्टाइल ब्लाउज पारंपरिक साड़ी के साथ आधुनिक फैशन का बेहतरीन उदाहरण बना। 2. ईशा अंबानी का जड़ाऊ ज्वेलरी ब्लाउज ईशा अंबानी का Abu Jani Sandeep Khosla द्वारा डिजाइन किया गया ब्लाउज बेहद खास था। इसे जड़ाऊ ज्वेलरी से तैयार किया गया था, जिसमें उनके निजी कलेक्शन के पारंपरिक आभूषणों को नए डिजाइन के साथ शामिल किया गया। 3. अनन्या पांडे का Qipao-प्रेरित कॉलर ब्लाउज Ekaya Banaras की पाउडर ब्लू साड़ी के साथ अनन्या पांडे ने एक अनोखा हाई-कॉलर ब्लाउज पहना, जो चीनी Qipao स्टाइल से प्रेरित था। इसमें पीक-ए-बू नेकलाइन और बो डिटेलिंग ने पूरे लुक को अलग पहचान दी। 4. जाह्नवी कपूर का रॉयल कट-आउट ब्लाउज Marwar Couture की साड़ी के साथ जाह्नवी कपूर का ब्लैक वेलवेट ब्लाउज काफी चर्चा में रहा। इसमें Queen Anne नेकलाइन, हाई कॉलर और बैक कट-आउट डिजाइन ने इसे शाही और एलिगेंट लुक दिया। रंग-बिरंगे टैसल्स ने इसमें और आकर्षण जोड़ा। 5. कियारा आडवाणी का स्वीटहार्ट नेकलाइन ब्लाउज House of Masaba की साड़ी के साथ कियारा आडवाणी ने गोल्ड एम्ब्रॉयडरी वाला स्पेगेटी स्ट्रैप ब्लाउज पहना। इसका स्वीटहार्ट नेकलाइन डिजाइन और शीयर पल्लू के जरिए दिखाई देने वाला पैटर्न पूरे लुक का मुख्य आकर्षण बना। 6. भूमि पेडनेकर का हैल्टर-नेक ग्लैमरस लुक Shehla Chatoor के डिजाइन किए गए आउटफिट में भूमि पेडनेकर का हैल्टर-नेक ब्लाउज बेहद आकर्षक नजर आया। क्रिस्टल, स्टोन और बीडवर्क से सजे इस हाई-नेक और ओपन-बैक ब्लाउज ने उनके लुक को ग्लैमरस टच दिया। 7. खुशी कपूर का मल्टीकलर टैसल ब्लाउज Nidhi Tambi Kejriwal की रेड साड़ी के साथ खुशी कपूर ने एक्वामरीन शेड का स्कूप नेक ब्लाउज पहना। ब्लाउज के पीछे और हेमलाइन पर लगे मल्टीकलर टैसल्स ने इसे बेहद ट्रेंडी और युवा अंदाज दिया। क्यों बढ़ रहा है स्टेटमेंट ब्लाउज का ट्रेंड? आज के समय में महिलाएं केवल भारी साड़ी या लहंगे पर निर्भर नहीं रहना चाहतीं। एक यूनिक ब्लाउज पूरे लुक को नया आयाम दे सकता है। यही वजह है कि फैशन डिजाइनर अब पारंपरिक ब्लाउज में मॉडर्न सिल्हूट, कॉर्सेट, कॉलर और कट-आउट जैसे तत्व जोड़ रहे हैं। अगर आप भी शादी, रिसेप्शन या फेस्टिव सीजन के लिए नया लुक तलाश रही हैं, तो ये स्टेटमेंट ब्लाउज डिजाइन्स आपके लिए शानदार प्रेरणा बन सकते हैं।
बॉलीवुड अभिनेत्री जान्हवी कपूर एक बार फिर अपने एथनिक फैशन और आध्यात्मिक जुड़ाव को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में वह आंध्र प्रदेश के तिरुमला स्थित वेंकटेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचीं, जहां उनका पारंपरिक लुक सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस दौरान जान्हवी ने राजस्थान के कोटा स्थित लेबल Sonchiriya की बेहद खास सिल्क साड़ी पहनी, जिसकी जरी में असली सोने और चांदी का इस्तेमाल किया गया है। मंदिर दर्शन के दौरान दिखा पारंपरिक अंदाज जान्हवी कपूर अक्सर भारतीय परिधानों में नजर आती हैं और समय-समय पर देश के विभिन्न मंदिरों में दर्शन करती दिखाई देती हैं। इस बार उन्होंने बोतल ग्रीन और डीप पर्पल रंग की मुलबेरी सिल्क साड़ी चुनी, जो ब्रांड के नवीनतम कलेक्शन 'तारिणी' का हिस्सा है। इस साड़ी पर सुंदरबन के फूलों और पत्तियों से प्रेरित डिजाइन बनाए गए हैं। खास बात यह है कि इसकी जरी में असली सोने और चांदी का उपयोग किया गया है, जिससे यह और भी खास बन जाती है। 90 के दशक की झलक वाला ब्लाउज जान्हवी ने साड़ी को पारंपरिक नवी (Nivi) स्टाइल में ड्रेप किया था। इसके साथ उन्होंने मैचिंग ब्लाउज पहना, जिसकी कैप स्लीव्स 90 के दशक के फैशन की याद दिलाती हैं। भारतीय फैशन में इस तरह की स्लीव्स का ट्रेंड एक बार फिर वापसी करता दिखाई दे रहा है। पोल्की ज्वेलरी ने बढ़ाई खूबसूरती स्टाइलिस्ट मीगन कंसेसियो और शुभ्रा शर्मा ने जान्हवी के इस लुक को मल्टीकलर जेमस्टोन वाली पोल्की नेकलेस, इयररिंग्स और चूड़ियों के साथ पूरा किया। इसके अलावा उन्होंने एक स्टेटमेंट कमरबंद और रिंग भी कैरी की, जिसने पूरे लुक को रॉयल टच दिया। मिनिमल मेकअप और साउथ इंडियन हेयरस्टाइल मेकअप आर्टिस्ट रिवेरा लिन ने जान्हवी के लिए हल्का ब्लश, पिंक टोन लिप्स और डिफाइंड लैशेज वाला नैचुरल मेकअप चुना। वहीं उनके हाफ-अप, हाफ-डाउन हेयरस्टाइल ने साउथ इंडियन ट्रेडिशनल लुक को और भी आकर्षक बना दिया। जान्हवी कपूर का यह एथनिक अवतार एक बार फिर साबित करता है कि पारंपरिक भारतीय पहनावा आधुनिक फैशन के साथ भी शानदार तरीके से प्रस्तुत किया जा सकता है।
नई दिल्ली: अभिनेत्री मृणाल ठाकुर इन दिनों अपनी फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' के प्रमोशन में व्यस्त हैं, लेकिन हाल ही में उन्होंने ग्लैमरस प्रमोशनल लुक्स से अलग एक बेहद खूबसूरत एथनिक अंदाज से फैशन प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। एक करीबी दोस्त की मेहंदी सेरेमनी में मृणाल ने दिल्ली की डिजाइनर हीना कोचर के लेबल का आकर्षक अनारकली कुर्ता सेट पहना, जिसने पारंपरिक गोटा वर्क को खूबसूरती से उभार दिया। रंगों और शिल्पकारी का बेहतरीन मेल मृणाल का यह आउटफिट डिजाइनर हीना कोचर के 2023 के 'हम-नफस' कलेक्शन का हिस्सा है, जिसे 'हिकमत' नाम दिया गया है। इस सेट की खासियत इसका क्रॉप्ड चंदेरी सिल्क अनारकली कुर्ता है, जिसमें हाथ से तैयार किए गए गोटा मोटिफ्स पैनल और योक पर बेहद बारीकी से सजाए गए हैं। इस लुक में बैंगनी रंग की चंदेरी सिल्क सलवार शामिल थी, जिसके बॉर्डर पर भी खूबसूरत गोटा वर्क किया गया था। वहीं, सैप ग्रीन रंग की टिश्यू ओढ़नी ने पूरे आउटफिट में तीसरा रंग जोड़ते हुए इसे और आकर्षक बना दिया। ओढ़नी पर भी गोटा वर्क की थीम को बरकरार रखा गया था। गोल्डन किरण लेस ने बढ़ाई शाही झलक पूरे आउटफिट के बॉर्डर्स पर लगी चमकदार गोल्डन किरण लेस ने इसे पारंपरिक उत्तर भारतीय वेडिंग आउटफिट्स जैसा रॉयल टच दिया। मृणाल का यह लुक इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि सही कलर ब्लॉकिंग के साथ बोल्ड रंगों को भी दिन के समय होने वाले शादी समारोहों में बेहद खूबसूरती से पहना जा सकता है। ज्वेलरी और मेकअप रखा मिनिमल मृणाल ने अपने इस लुक को ज्यादा हैवी न रखते हुए पोल्की और जेमस्टोन जुमकों के साथ कड़े पहने। आराम को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने मेटैलिक जूतियों का चयन किया। साथ ही स्टाइलिश सनग्लासेस ने उनके पूरे लुक में मॉडर्न टच जोड़ दिया। मेकअप की बात करें तो अभिनेत्री ने नो-मेकअप मेकअप लुक अपनाया। हल्के आई मेकअप, सॉफ्ट ब्लश, न्यूड लिप शेड और छोटी सी बिंदी ने उनके एथनिक अंदाज को और निखारा। वहीं, हाफ-अप और हाफ-डाउन हेयरस्टाइल ने उनके लुक को सहज और फ्रेश फील दिया। मृणाल ठाकुर का यह अनारकली सेट दिन के समय होने वाली शादी, मेहंदी, हल्दी या किसी भी फेस्टिव गेट-टुगेदर के लिए एक परफेक्ट इंस्पिरेशन माना जा सकता है।
ढाका: बांग्लादेश के बोगुरा जिले के मोकामतला इलाके में एक ही रात में तीन हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ की घटना सामने आई है। अज्ञात बदमाशों ने कई देवी-देवताओं की मूर्तियों को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिसके बाद इलाके में तनाव और चिंता का माहौल है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। तीन मंदिरों को बनाया गया निशाना स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बदमाशों ने कनाचगारी क्षेत्र स्थित शिव मंदिर, शीतला मंदिर और महाश्मशान मंदिर को निशाना बनाया। आशंका है कि यह घटना शुक्रवार रात को अंजाम दी गई। शनिवार दोपहर जब श्रद्धालु नियमित पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे, तो उन्होंने मूर्तियों को टूटी हुई अवस्था में देखा। इसके बाद तत्काल स्थानीय प्रशासन और पुलिस को सूचना दी गई। मंदिर प्रबंधन समिति के अनुसार, घटना में कम से कम चार से पांच देवी-देवताओं की मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया गया है। श्रद्धालुओं ने सबसे पहले देखी टूटी मूर्तियां कांचगरी श्मशान घाट प्रबंधन समिति के सदस्य उज्जल ने बताया कि उनकी पत्नी हर महीने की तरह शनिवार सुबह पूजा के लिए मंदिर गई थीं। वहां पहुंचने पर उन्होंने मूर्तियों को क्षतिग्रस्त पाया और तुरंत समिति तथा प्रशासन को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस घटना से स्थानीय हिंदू समुदाय में गहरी नाराजगी और असुरक्षा की भावना पैदा हुई है। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी घटना की जानकारी मिलते ही शिबगंज पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी (ओसी) मोहम्मद शाहीनुज्जमान और शिबगंज उपजिला के कार्यकारी अधिकारी (यूएनओ) मोहम्मद जियाउर रहमान घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। यूएनओ जियाउर रहमान ने स्थानीय मीडिया से कहा, "फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि तोड़फोड़ की घटना किस समय हुई। प्रशासन पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है।" उन्होंने बताया कि तीनों मंदिर मुख्य आबादी से कुछ दूरी पर स्थित हैं, जिससे आरोपियों के लिए वारदात को अंजाम देना अपेक्षाकृत आसान रहा होगा। पुलिस जुटा रही जानकारी पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कुछ मंदिर श्मशान घाट और खुले मैदानों के पास स्थित हैं। प्रारंभिक जांच में ऐसा प्रतीत होता है कि तोड़फोड़ की घटना कुछ दिन पहले हुई हो सकती है और इसकी जानकारी बाद में स्थानीय लोगों को मिली। ओसी मोहम्मद शाहीनुज्जमान ने कहा, "पुलिस आसपास के क्षेत्रों से जानकारी जुटा रही है और घटना के पीछे शामिल लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।" लिखित शिकायत के बाद होगी कानूनी कार्रवाई पुलिस ने बताया कि अब तक मंदिर समिति या स्थानीय लोगों की ओर से कोई औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलते ही कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। स्थानीय लोगों में चिंता घटना के बाद इलाके में बेचैनी का माहौल है। स्थानीय हिंदू समुदाय ने दोषियों की जल्द पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की मांग की है। लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर इस तरह की घटनाएं सामाजिक सौहार्द और समुदायों के बीच विश्वास को प्रभावित करती हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अभिनेत्री वामिका गब्बी के लिए साल 2026 बेहद खास रहने वाला है। आने वाले महीनों में उनकी कई फिल्में रिलीज होने वाली हैं, लेकिन फिल्मों से पहले उनका फैशन स्टेटमेंट सुर्खियां बटोर रहा है। हाल ही में वामिका गब्बी ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में ऐसा लुक अपनाया, जिसने फैशन प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। डिजाइनर लिज़ पॉल के कॉउचर लहंगे में दिखीं वामिका नई दिल्ली की प्रसिद्ध कॉउचर डिजाइनर लिज़ पॉल द्वारा तैयार किए गए इस खास लहंगे में वामिका बेहद खूबसूरत नजर आईं। यह आउटफिट पारंपरिक बनारसी फैब्रिक और मॉडर्न एम्बेलिशमेंट्स का शानदार मेल था। लहंगे की खासियत टू-टियर मेटैलिक बनारसी टिश्यू स्कर्ट पायलट्स (Paillettes) और चमकदार डिटेलिंग स्लीवलेस चोली पर थ्रेडवर्क और रंगीन स्टोन एम्ब्रॉयडरी डीप प्लंजिंग नेकलाइन बस्ट एरिया पर कौड़ी शेल (Cowrie Shells) की सजावट एक्स्ट्रा-लार्ज मेटैलिक सीक्विन्स से यूनिक लुक इस पूरे आउटफिट के साथ ब्लश पिंक ऑर्गेंजा दुपट्टा जोड़ा गया था, जिसके किनारों पर बीडेड टैसल्स लगे थे। इसने लुक में नजाकत और फेमिनिन टच जोड़ दिया। डायमंड ज्वेलरी ने बढ़ाई शान सेलिब्रिटी स्टाइलिस्ट देवकी भट्ट ने वामिका के लुक को शानदार ज्वेलरी के साथ पूरा किया। उन्होंने माय्या संघवी ज्वेल्स की मल्टी-लेयर्ड डायमंड नेकलेस और फ्लावर-शेप पोल्की व एनामेल ड्रॉप ईयररिंग्स के साथ इस आउटफिट को एक्सेसराइज किया। सॉफ्ट ग्लैम मेकअप और क्लासिक हेयरस्टाइल मेकअप आर्टिस्ट कोको बल्लुची ने वामिका को सॉफ्ट ग्लैम लुक दिया। ब्लश्ड चीक्स और न्यूड लिप्स ने उनके मेकअप को बेहद एलिगेंट बनाया। वहीं हेयर आर्टिस्ट फोरम गोतेचा ने सेंटर पार्टिंग के साथ स्लीक बन हेयरस्टाइल चुना, जिसने पूरे लुक को और ज्यादा रॉयल बना दिया। ब्राइड्समेड्स के लिए बेहतरीन फैशन इंस्पिरेशन यदि आप शादी के सीजन के लिए कुछ अलग और ग्लैमरस लुक की तलाश में हैं, तो वामिका गब्बी का यह बनारसी लहंगा निश्चित रूप से आपके फैशन मूडबोर्ड का हिस्सा बन सकता है। पारंपरिक बनारसी फैब्रिक में मॉडर्न एलिमेंट्स का यह मिश्रण ब्राइड्समेड्स के लिए एक शानदार विकल्प है।
भारतीय पारंपरिक वस्त्र कला बंधनी (Bandhani), जो कभी केवल शादियों, त्योहारों और खास धार्मिक अवसरों तक सीमित मानी जाती थी, अब आधुनिक फैशन की दुनिया में नई पहचान बना रही है। राजस्थान और गुजरात की सदियों पुरानी यह टाई-एंड-डाई कला अब युवाओं की रोजमर्रा की वॉर्डरोब में जगह बना रही है। डिजाइनर्स इसे नए अंदाज में पेश कर रहे हैं, जिससे बंधनी का दायरा पारंपरिक साड़ियों और घाघरों से निकलकर शर्ट, को-ऑर्ड सेट, ड्रेसेस, काफ्तान और जैकेट्स तक पहुंच गया है। परंपरा से जुड़ी है गहरी सांस्कृतिक पहचान बंधनी केवल एक कपड़ा नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। खासतौर पर गुजरात और राजस्थान में इसका धार्मिक और सामाजिक महत्व है। लाल रंग की बंधनी दुल्हनों के लिए शुभ मानी जाती है, जो सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक है। वहीं पीले रंग की बंधनी नए जीवन और शुभ शुरुआत से जुड़ी होती है। गुजराती दुल्हनों के पारंपरिक परिधान घरचोला में बंधनी की विशेष भूमिका आज भी बरकरार है। डिजाइनर्स ने बदला बंधनी का रूप पिछले कुछ वर्षों में कई भारतीय डिजाइनर्स और फैशन लेबल्स ने बंधनी को आधुनिक फैशन से जोड़ने का काम किया है। स्पोर्ट्सवियर से लेकर कैजुअल वियर तक, बंधनी को नए सिल्हूट्स में पेश किया जा रहा है। फैशन ब्रांड्स जैसे NorBlack NorWhite ने इसे एक्टिववियर तक पहुंचाया, जबकि Abraham & Thakore ने अपनी मिनिमलिस्ट डिजाइन भाषा के जरिए बंधनी को डेली वियर का हिस्सा बनाया। वहीं Péro, Dyelogue और 11.11 जैसे लेबल्स इसे समकालीन फैशन में नए प्रयोगों के साथ प्रस्तुत कर रहे हैं। नई पीढ़ी को क्यों पसंद आ रही है बंधनी? Dyelogue की संस्थापक रचिता पारेख के अनुसार, बंधनी को हमेशा केवल अवसर विशेष के कपड़े के रूप में देखा जाता था। लेकिन उन्होंने इसे रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए आसान और आरामदायक रूप में डिजाइन किया। काफ्तान, शर्ट और हल्के सिल्हूट्स ने युवाओं के बीच इसकी लोकप्रियता बढ़ाई। इसके अलावा बंधनी के कई परिधान ऐसे होते हैं जिन्हें बार-बार इस्त्री करने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे वे यात्रा और नियमित उपयोग के लिए भी सुविधाजनक बन जाते हैं। आधुनिकता और परंपरा के बीच संतुलन 11.11 के सह-संस्थापक शनि हिमांशु का मानना है कि बंधनी को आधुनिक बनाने का मतलब उसकी तकनीक बदलना नहीं, बल्कि उसके उपयोग का संदर्भ बदलना है। उनके अनुसार, बंधनी की असली पहचान उन कारीगरों के हाथों में है जो पीढ़ियों से इस कला को जीवित रखे हुए हैं। यदि उसी तकनीक को आधुनिक परिधानों पर लागू किया जाए तो यह नई पीढ़ी तक पहुंच सकती है, बिना अपनी आत्मा खोए। सबसे बड़ी चुनौती: असली बंधनी को बचाए रखना विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती मांग के साथ बाजार में प्रिंटेड बंधनी की संख्या भी बढ़ी है, जो असली हस्तनिर्मित बंधनी का विकल्प बनकर सामने आ रही है। लेकिन असली बंधनी हजारों छोटे-छोटे हाथ से बांधे गए गांठों की मेहनत का परिणाम होती है। यही कारण है कि उच्च गुणवत्ता वाली बंधनी आज भी महंगी और दुर्लभ होती जा रही है। कारीगरों की संख्या घटने और श्रम लागत बढ़ने के कारण इस कला को संरक्षित रखना बड़ी चुनौती बन गया है। हालांकि शर्ट, टॉप और को-ऑर्ड सेट जैसे उत्पादों ने इसे अधिक लोगों तक पहुंचाने में मदद की है। बंधनी का बदलता भविष्य आज बंधनी केवल शादियों और त्योहारों की पहचान नहीं रह गई है। यह ऑफिस मीटिंग, दोस्तों के साथ आउटिंग, छुट्टियों और कैजुअल फैशन का भी हिस्सा बन रही है। डिजाइनर्स का मानना है कि परंपरा और प्रयोग दोनों साथ-साथ चल सकते हैं, बशर्ते कारीगरों और शिल्प की मूल भावना को केंद्र में रखा जाए। एक समय जो वस्त्र केवल खास मौकों का इंतजार करता था, वह अब लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनता जा रहा है।
बॉलीवुड अभिनेत्री Madhuri Dixit एक बार फिर अपने शानदार फैशन सेंस को लेकर चर्चा में हैं। अपनी नई फिल्म के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में उन्होंने ऐसा खूबसूरत एथनिक लुक कैरी किया, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। माधुरी ने The Silk Story की लेनन वॉटरकलर शिफॉन साड़ी पहनी, जिसमें पेस्टल शेड्स और पेंटेड फ्लोरल पैटर्न का बेहद खूबसूरत मेल देखने को मिला। यह साड़ी ब्लश पिंक, लाइम ग्रीन और आइवरी रंगों के मिश्रण से तैयार की गई थी, जो पूरे लुक को सॉफ्ट और समर फ्रेश फील दे रही थी। फ्लोरल वॉटरकलर इफेक्ट बना लुक की खासियत साड़ी पर बने फ्लोरल मोटिफ्स और वॉटरकलर फिनिश ने इसे बेहद आकर्षक बना दिया। फ्लोई पल्लू ने पूरे आउटफिट में एलिगेंस और मूवमेंट जोड़ा। माधुरी ने इस साड़ी को मैचिंग डीप यू-बैक ब्लाउज के साथ स्टाइल किया, जिसमें पीछे टैसल टाई-अप डिटेलिंग दी गई थी। उनका यह लुक पारंपरिक और मॉडर्न फैशन का खूबसूरत मिश्रण नजर आया। ज्वेलरी और मेकअप ने बढ़ाई खूबसूरती स्टाइलिस्ट सुकृति ग्रोवर ने माधुरी के इस लुक को मिनिमल लेकिन क्लासी एक्सेसरीज के साथ पूरा किया। उन्होंने Mirari Jewels के मोगरा चैंडेलियर ईयररिंग्स पहने और एक हाथ में सफेद और गुलाबी रंग की बैंगल्स स्टैक कीं। हेयर स्टाइलिस्ट शीतल एफ खान ने उनके बालों को सॉफ्ट वेव्स में स्टाइल किया और पीछे फ्लोरल एक्सेसरी लगाई, जिसने पूरे समर लुक को और भी आकर्षक बना दिया। मेकअप आर्टिस्ट हर्षल जरीवाला ने रोज टोन ग्लोइंग मेकअप, कोहल-लाइन आंखें और पिंक लिप्स के साथ उनके लुक को फ्रेश और ग्लैमरस टच दिया। समर फैशन के लिए परफेक्ट इंस्पिरेशन फैशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि Madhuri Dixit का यह लुक समर वेडिंग, डे इवेंट्स और फेस्टिव फंक्शन्स के लिए बेहतरीन इंस्पिरेशन हो सकता है। हल्के पेस्टल रंग, फ्लोरल डिजाइन और सॉफ्ट मेकअप का यह कॉम्बिनेशन गर्मियों के मौसम में एलिगेंट और फ्रेश स्टाइल स्टेटमेंट बनाने के लिए परफेक्ट माना जा रहा है।
बॉलीवुड अभिनेत्री Janhvi Kapoor ने अपनी आगामी स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म Peddi के प्रमोशन्स की शुरुआत बेहद खूबसूरत और एलिगेंट अंदाज में की। इस दौरान उन्होंने मशहूर डिजाइनर Manish Malhotra की डिजाइन की हुई पेरिविंकल ब्लू रंग की साड़ी पहनी, जिसने फैशन लवर्स के बीच तुरंत चर्चा बटोर ली। फ्रेंच शिफॉन फैब्रिक ने दिया फ्लोई और ड्रीमी लुक यह साड़ी हल्के फ्रेंच शिफॉन फैब्रिक से तैयार की गई थी, जो अपने फ्लोई और सॉफ्ट टेक्सचर के लिए जानी जाती है। साड़ी की सबसे खास बात इसका हैंड-पेंटेड डिजाइन था, जिसमें ब्लू के अलग-अलग टोन इस्तेमाल किए गए थे। इन शेड्स ने साड़ी को मार्बल-इंस्पायर्ड फिनिश दी, जो इसे बेहद यूनिक और मॉडर्न बना रही थी। जहां आजकल भारी एम्ब्रॉयडरी और स्टोनवर्क ट्रेंड में हैं, वहीं जाह्नवी की इस साड़ी ने बिना किसी भारी सजावट के केवल रंग और फैब्रिक के दम पर अपना प्रभाव छोड़ा। फ्रिंज डिटेलिंग ने बढ़ाया मॉडर्न टच साड़ी के पल्लू पर फ्रिंज डिटेलिंग दी गई थी, जिसने पूरे लुक को समकालीन और स्टाइलिश टच दिया। इसके साथ उन्होंने मैचिंग दुपट्टा भी कैरी किया, जिसमें भी फ्रिंज बॉर्डर थी। मनिष मल्होत्रा ने शिफॉन को अपना पसंदीदा फैब्रिक बताते हुए कहा कि यह भारतीय सिनेमा और फैशन का अहम हिस्सा रहा है। उन्होंने कहा कि साल 2026 “द ड्रेप” का साल है और दुनिया भर में भारतीय दुपट्टा और ड्रेपिंग स्टाइल से प्रेरणा ली जा रही है। ब्लू जेमस्टोन ज्वेलरी ने किया लुक को कंप्लीट जाह्नवी कपूर ने अपने लुक को ब्लू टोन जेमस्टोन ज्वेलरी के साथ कंप्लीट किया। उन्होंने डायमंड और टैंज़नाइट स्टड ईयररिंग्स और रिंग पहनी, जबकि रूबी और सैफायर ब्रेसलेट ने पूरे लुक में एक रिच कॉन्ट्रास्ट जोड़ा। ग्लॉसी मेकअप और हाई पोनीटेल बना आकर्षण का केंद्र मेकअप की बात करें तो उन्होंने ग्लॉसी न्यूड लिप्स, मेटैलिक आईशैडो और हाईलाइटर के साथ डीवी फिनिश लुक चुना। वहीं उनके बालों को स्लीक हाई पोनीटेल में स्टाइल किया गया था, जिसने पूरे आउटफिट को और भी ग्लैमरस बना दिया। 2026 में मिनिमल ड्रेप्स बन सकते हैं नया फैशन ट्रेंड फैशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि जाह्नवी कपूर का यह लुक आने वाले वेडिंग और फेस्टिव सीजन के लिए नया ट्रेंड सेट कर सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जो मिनिमल लेकिन स्टेटमेंट ड्रेप्स पसंद करते हैं।
Kiaasa Retail Limited भारतीय एथनिक वियर मार्केट में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है। हाल ही में BSE SME प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध हुई कंपनी ने अप्रैल महीने में देश के तीन बड़े शहरों में नए एक्सक्लूसिव ब्रांड आउटलेट्स (EBOs) शुरू करने की घोषणा की है। कंपनी का यह विस्तार केवल नए स्टोर खोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत के तेजी से बढ़ते फैशन और रिटेल बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। कंपनी ने इस बार महाराष्ट्र, बिहार और छत्तीसगढ़ में अपने नए स्टोर्स लॉन्च किए हैं। नागपुर में स्टोर Glocal Square Mall में खोला गया है, जबकि बिहार की राजधानी पटना में नया आउटलेट City Centre Mall में शुरू हुआ है। वहीं छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कंपनी ने Zora The Mall में अपना नया स्टोर लॉन्च किया है। इन सभी लोकेशंस को प्रीमियम और तेजी से विकसित हो रहे शॉपिंग डेस्टिनेशन के रूप में देखा जाता है। कंपनी का फोकस खास तौर पर आधुनिक भारतीय महिलाओं के लिए प्रीमियम एथनिक फैशन उपलब्ध कराने पर है। Kiaasa अपने डिजाइनों में पारंपरिक भारतीय पहनावे और आधुनिक फैशन ट्रेंड्स का मिश्रण पेश करती है, जिसकी वजह से युवा ग्राहकों के बीच इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। अप्रैल में हुए ये तीन नए लॉन्च यह भी दिखाते हैं कि कंपनी बेहद आक्रामक विस्तार रणनीति पर काम कर रही है। इससे पहले मार्च महीने में भी कंपनी ने भोपाल, इंदौर, अयोध्या और ज़ीरकपुर जैसे शहरों में चार नए स्टोर्स शुरू किए थे। लगातार नए शहरों में विस्तार से साफ है कि Kiaasa अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि उभरते टियर-1 और हाई-ग्रोथ शहरों को भी अपना बड़ा बाजार मान रही है। Kiaasa Retail Limited ने अपने “Vision 2028-29” के तहत देशभर में 250 स्टोर्स का विशाल नेटवर्क तैयार करने का लक्ष्य रखा है। कंपनी का मानना है कि भारत में एथनिक वियर इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही है और आने वाले वर्षों में इसकी मांग और बढ़ेगी। इसी को ध्यान में रखते हुए Kiaasa लगातार अपनी भौतिक उपस्थिति मजबूत कर रही है। कंपनी अपने हालिया IPO से जुटाई गई राशि का उपयोग नए स्टोर्स खोलने, सप्लाई चेन को मजबूत बनाने और ओमनीचैनल नेटवर्क को बेहतर करने में कर रही है। Kiaasa ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्लेटफॉर्म पर ग्राहकों को बेहतर अनुभव देने की दिशा में काम कर रही है। कंपनी भविष्य में “सेम-डे डिलीवरी” जैसी आधुनिक सुविधाएं भी बड़े स्तर पर उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है, ताकि ग्राहकों को तेज और सुविधाजनक सेवा मिल सके। कंपनी के प्रबंध निदेशक Om Prakash ने कहा कि नागपुर, पटना और रायपुर जैसे शहर भारत की नई फैशन राजधानियों के रूप में तेजी से उभर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी का उद्देश्य “मास-प्रीमियम” सेगमेंट में अपनी मजबूत पहचान बनाना और गुणवत्तापूर्ण एथनिक फैशन को देशभर के ग्राहकों तक पहुंचाना है। उन्होंने यह भी कहा कि Kiaasa आने वाले वर्षों में देश की सबसे भरोसेमंद एथनिक फैशन ब्रांड्स में शामिल होने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है।
बॉलीवुड अभिनेत्री Kajol एक बार फिर अपने स्टाइल स्टेटमेंट से सुर्खियों में हैं। हाल ही में ज्वेलरी ब्रांड Joyalukkas के एक इवेंट में उन्होंने ऐसा लुक कैरी किया, जिसने ट्रेडिशनल और मॉडर्न फैशन का खूबसूरत संगम पेश किया। साड़ी में शिमर का नया अंदाज Kajol ने डिजाइनर जोड़ी Rimple & Harpreet की डिजाइन की हुई ब्लश ट्यूल साड़ी पहनी, जो अपने यूनिक टेक्सचर के कारण अलग नजर आई। साड़ी पर वर्टिकल सीक्विन लाइन्स दी गई थीं, जो मूवमेंट के साथ फ्लूइड इफेक्ट देती हैं पल्लू और स्कर्ट में बड़े फ्लोरल मोटिफ्स, टोनल पिंक और मेटैलिक शेड्स में उभरे स्कैलप्ड बॉर्डर ने लुक को सॉफ्ट और एलिगेंट फिनिश दिया ब्लाउज भी इसी थीम को फॉलो करता नजर आया, जिसमें फ्लोरल एम्ब्रॉयडरी और स्कैलप्ड नेकलाइन ने डिटेलिंग को और खास बना दिया। ज्वेलरी ने बढ़ाया ग्लैमर इस आउटफिट को Kajol ने Joyalukkas की स्टेटमेंट ज्वेलरी के साथ पेयर किया: रूबी सेंटर वाला डायमंड चोकर पर्ल ड्रॉप्स मैचिंग ईयररिंग्स और रिंग्स यह ज्वेलरी लुक को रॉयल टच देने में अहम रही। स्टाइलिंग और मेकअप स्टाइलिस्ट: Radhika Mehra मेकअप: Pallavi Symons (स्मोकी कोहल आई और न्यूट्रल लिप) हेयर: Sangeeta Hegde (साइड-पार्टेड वॉल्यूमिनस ब्लोआउट) पूरे लुक में सटल ग्लैम और क्लासिक चार्म का बेहतरीन बैलेंस देखने को मिला।
Hyderabad की शादियों की बात हो और ‘खड़ा दुपट्टा’ का जिक्र न हो, ऐसा संभव नहीं। लगभग 400 वर्षों पुरानी यह पारंपरिक पोशाक आज भी हैदराबादी मुस्लिम दुल्हनों की पहचान बनी हुई है–जहां परंपरा, शाही अंदाज और व्यक्तिगत अभिव्यक्ति का अनोखा संगम देखने को मिलता है। सिर्फ एक पोशाक नहीं, पहचान का प्रतीक शादी का लिबास केवल कपड़ा नहीं होता, बल्कि यह एक भावनात्मक और सांस्कृतिक परिवर्तन का प्रतीक होता है। हैदराबाद में यह भूमिका ‘खड़ा दुपट्टा’ निभाता है–एक ऐसा ब्राइडल एंसेंबल जो दुल्हन की पहचान, विरासत और सौंदर्य को एक साथ प्रस्तुत करता है। यह तीन हिस्सों में बना होता है–कुर्ता, चूड़ीदार और लगभग छह गज लंबा दुपट्टा। इसकी सबसे खास बात इसका पहनने का अंदाज है, जिसमें दुपट्टा दोनों कंधों पर ‘खड़ा’ रहता है और पीछे की ओर गिरता है, जिससे एक खास और शाही सिल्हूट बनता है। मुगल काल से आज तक की यात्रा इस पोशाक की जड़ें Mughal era से जुड़ी मानी जाती हैं। माना जाता है कि उस दौर की प्रभावशाली शख्सियत Nur Jahan ने वस्त्र और शिल्प में कई नए प्रयोग किए, जिनका असर इस पोशाक में भी दिखता है। जब Nizam-ul-Mulk ने दक्कन में शासन स्थापित किया, तो मुगल और स्थानीय परंपराओं का मेल हुआ और धीरे-धीरे ‘खड़ा दुपट्टा’ ने अपना मौजूदा स्वरूप लिया। समय के साथ यह शाही पोशाक आम समाज तक पहुंची और आज यह हैदराबादी मुस्लिम दुल्हनों की पारंपरिक पहचान बन चुकी है। कारीगरी में छुपा है असली जादू ‘खड़ा दुपट्टा’ की खासियत इसकी बारीक कढ़ाई और भारी बॉर्डर में छिपी होती है। जरी, ज़रदोज़ी, दबका और गोटा वर्क कुंदन और फ्लोरल पैटर्न हाथ से की गई महीन कढ़ाई इन सभी तत्वों का संतुलन इसे एक शाही और संतुलित रूप देता है। डिजाइनर Jayanti Reddy इसे “कल्चरल हेयरलूम” मानती हैं–एक ऐसी विरासत जो समय के साथ बदलती है, लेकिन अपनी आत्मा को कायम रखती है। वहीं Karan Torani के अनुसार, यह पोशाक “लेयरिंग, गरिमा और पावर ड्रेसिंग” का बेहतरीन उदाहरण है, जो दुल्हन को एक आर्किटेक्चरल एलिगेंस देता है। परंपरा और आधुनिकता का संगम आज के दौर में भी ‘खड़ा दुपट्टा’ की लोकप्रियता कम नहीं हुई है। कई मशहूर हस्तियां जैसे Rekha, Nita Ambani, Sania Mirza और Sobhita Dhulipala इस पारंपरिक स्टाइल को आधुनिक अंदाज में अपनाकर इसकी विरासत को आगे बढ़ा चुकी हैं। एक भावनात्मक जुड़ाव ‘खड़ा दुपट्टा’ सिर्फ एक ड्रेस नहीं, बल्कि एक एहसास है–जो दुल्हन को उसके अतीत, परंपरा और परिवार से जोड़ता है। यही कारण है कि बदलते फैशन ट्रेंड्स के बावजूद यह पोशाक आज भी उतनी ही खास और प्रासंगिक बनी हुई है।
भारतीय फैशन की दुनिया में क्लासिक और मिनिमल एलिगेंस का बेहतरीन उदाहरण पेश किया है Aditi Rao Hydari ने। इस बार उनका लुक एक लाइम रंग की सिल्क साड़ी में सामने आया, जिसे डिजाइन किया है Raw Mango ने–और यह लुक अपनी सादगी में भी बेहद शाही नजर आता है। लाइम सिल्क में संतुलित खूबसूरती लाइम रंग को कैरी करना आसान नहीं होता, खासकर जब बात सिल्क की हो, जहां रंग पूरी तरह हावी हो जाता है। लेकिन अदिति की इस साड़ी में यही रंग इसकी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरता है। मलबरी सिल्क की इस साड़ी में पूरे कपड़े पर हल्के-हल्के zardozi फ्लोरल मोटिफ्स बनाए गए हैं, जो ज्यादा भरे हुए नहीं बल्कि संतुलित दूरी पर सजाए गए हैं। इससे साड़ी का लुक ओवरडन नहीं लगता, बल्कि एक क्लीन और क्लासी अपील देता है। किनारे पर दिया गया पतला kiran border लाइट को हल्के-हल्के रिफ्लेक्ट करता है, जो साड़ी में सूक्ष्म चमक जोड़ता है। पफ स्लीव ब्लाउज में रोमांटिक टच इस लुक को खास बनाता है इसका ब्लाउज–उसी लाइम टोन में बना पफ स्लीव डिजाइन, जो पूरे आउटफिट में एक सॉफ्ट और रोमांटिक चार्म जोड़ता है। क्लीन नेकलाइन के साथ यह ब्लाउज साड़ी के साथ पूरी तरह मेल खाता है और कोई अतिरिक्त जटिलता नहीं लाता। जूलरी ने बढ़ाया स्टाइल क्वोशेंट अदिति के इस लुक में जूलरी का खास योगदान है, जो Indriya Jewels से ली गई है। गले में फिट चोकर लंबे और स्टेटमेंट ईयररिंग्स यह जूलरी फेस फ्रेम को और उभारती है, जिससे लुक में ग्रेस और डिटेल दोनों जुड़ते हैं। मेकअप और हेयरस्टाइल में सॉफ्ट ग्लो मेकअप में आंखों को हल्का डिफाइन किया गया है, भौंहें नेचुरल रखी गई हैं और लिप कलर न्यूड पिंक टोन में है–जो पूरे लुक को सॉफ्ट और एलिगेंट बनाता है। मॉडर्न ट्विस्ट के साथ स्टाइलिंग टिप इस क्लासिक लुक को और मॉडर्न बनाने के लिए– गोल्ड बैंगल की जगह स्लिम सिल्वर वॉच ट्राई करें बालों को सिंपल बन में बांधें व्हाइट लेस स्क्रंची से गजरा जैसा हल्का इफेक्ट दें क्लासिक साड़ियों के लिए अदिति का प्यार Aditi Rao Hydari का Raw Mango साड़ियों के प्रति प्यार पहले भी कई बार देखा गया है–रेड कार्पेट से लेकर उनकी अपनी शादी के फंक्शंस तक।
रेड कार्पेट पर अपने दमदार फैशन से पहचान बना चुके सितारे जब निजी समारोहों खासकर शादी-ब्याह में शामिल होते हैं, तो उनका अंदाज चौंकाने वाला बदलाव दिखाता है। यहां दिखावा नहीं, बल्कि सादगी, आत्मविश्वास और व्यक्तिगत पहचान अहम हो जाती है। यही कारण है कि इन मौकों पर सेलेब्रिटीज का स्टाइल अधिक यादगार और वास्तविक लगता है। ‘खुद को साबित’ नहीं, ‘खुद को सहेजना’ बनता है लक्ष्य जब Anushka Sharma अपनी शादी की तैयारी कर रही थीं, तब चुनौती खूबसूरती नहीं, बल्कि नयापन थी। फिल्मों में कई बार दुल्हन का किरदार निभाने और Ae Dil Hai Mushkil जैसी फिल्म में आइकॉनिक ब्राइडल लुक देने के बाद उनके लिए खुद को दोहराना आसान था। लेकिन डिजाइनर Sabyasachi Mukherjee और उनकी टीम ने एक अलग रास्ता चुना। ओवरड्रामैटिक लुक की बजाय हल्का गुलाबी, सॉफ्ट और संयमित लहंगा चुना गया। यही सादगी उनकी शादी के लुक को हमेशा के लिए यादगार बना गई। परफॉर्मेंस से दूरी Ranbir Kapoor का वेडिंग लुक इसका बेहतरीन उदाहरण है। फिल्मों में भारी-भरकम शेरवानी पहन चुके रणबीर ने अपनी शादी में बेहद सादगी भरा लुक चुना। हल्के रंग, सॉफ्ट एम्ब्रॉयडरी और परफेक्ट फिट-यानी स्टाइल बिना किसी दिखावे के। यह दिखाता है कि जब दर्शक करीबी हों, तो ‘कपड़ों का प्रदर्शन’ नहीं, ‘पर्सनैलिटी’ मायने रखती है। वही सिल्हूट, लेकिन बेहतर डिटेल Saif Ali Khan और Shahid Kapoor जैसे सितारे निजी समारोहों में पारंपरिक सिल्हूट-अचकन, बंधगला या शेरवानी-ही चुनते हैं। फर्क होता है डिटेलिंग में। हैंडवोवन फैब्रिक, खास बटन, सटीक फिटिंग-ये वो बारीकियां हैं जो दिखती कम हैं, लेकिन महसूस ज्यादा होती हैं। कम्फर्ट सबसे बड़ा फैक्टर फैमिली वेडिंग्स में सेलेब्रिटीज घंटों तक एक्टिव रहते हैं-मिलना-जुलना, बैठना, डांस करना। ऐसे में आराम सबसे बड़ी प्राथमिकता बन जाता है। Virat Kohli का स्टाइल इसका उदाहरण है, यह स्ट्रक्चर्ड लेकिन आरामदायक। क्योंकि आत्मविश्वास तभी टिकता है, जब कपड़े सहज हों। रिपीट करने से नहीं डरते रेड कार्पेट के उलट, निजी समारोहों में सेलेब्रिटी अपने पसंदीदा स्टाइल को दोहराने से नहीं हिचकते। Hrithik Roshan जैसे सितारे अक्सर सिंपल, एलिगेंट एथनिक वियर में नजर आते हैं। यही उनकी सिग्नेचर स्टाइल बन जाती है-हर बार थोड़ा अलग, लेकिन हमेशा पहचानी हुई। दिखने से ज्यादा ‘याद’ रहने पर फोकस सबसे बड़ा बदलाव मानसिकता में आता है। यहां न कैमरे होते हैं, न आलोचक-सिर्फ अपने लोग होते हैं। इसलिए कपड़े ‘इंप्रेस’ करने के लिए नहीं, बल्कि ‘मौके को जीने’ के लिए चुने जाते हैं। यही वजह है कि ये लुक्स ज्यादा ईमानदार और लंबे समय तक याद रहने वाले बनते हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।