Famous events April 15

15 अप्रैल की महत्त्वपूर्ण घटनाएं
Important Events: 15 अप्रैल की महत्त्वपूर्ण घटनाएं

1689 – फ्रांस ने स्पेन के खिलाफ युद्ध की घोषणा की।  1715 - दक्षिण कैरोलिना में यकाय युद्ध की शुरुआत पोकोलागो नरसंहार से हुई।  1716 - ग्रेट नॉर्दर्न वॉर: प्रशियाई सैनिकों ने स्वीडन के जर्मन नियंत्रण विस्मर के बंदरगाह पर कब्जा कर किया। 1726 - न्यूटन विलियम ने सुप्रीम पी आइजैक स्टैकली को अपने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत बारे में बताया।  1729 - लीपज़िग के शहर जोहान सेबस्टियन बाख में "सेंट मैथ्यू पैशन" का उद्घाटन हुआ।  1755 - शमूएल जॉनसन का "ए डिक्शनरी ऑफ द इंग्लिश लैंग्वेज" लंदन में प्रकाशित की गयी। 1784 – आयरलैंड में दुनिया का पहला गुब्बारा उड़ाया गया। 1817 – अमेरिका में पहला स्कूल बधिर बच्चों के लिए खोला गया। 1820 - वुर्टेमबर्ग के राजा विलियम-I ने अपने चचेरे भाई पॉलिन थेरेसे से स्टटगार्ट में शादी की।  1840 - किंग्स कॉलेज अस्पताल लंदन में खुला।  1847 - लॉरेंस स्कूल सानवार की स्थापना की गयी। 1858 - अज़ीमघुर की लड़ाई, मैक्सिकन स्पैनिश को हराया।  1877 - टोक्यो विश्वविद्यालय आधिकारिक तौर पर जापान में स्थापित किया गया।  1892 - जनरल इलेक्ट्रिक कंपनी न्यूयॉर्क में स्थापित की गयी। 1895 – बाल गंगाधर तिलक ने राजगढ़ किले में शिवाजी उत्सव का उद्घाटन किया। 1923 – डाईबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए इंन्सुलिन बाजार में उपलब्ध हुआ। 1927 – स्विट्जरलैंड और तत्कालीन सोवियत संघ राजनयिक संबंध बनाने पर सहमत हुए। 1940 – मैकडोनाल्ड का पहला रेस्त्रां कैलिफोर्निया में खुला। 1948 – हिमाचल प्रदेश राज्य की स्थापना हुई। 1986 – अमरीका ने लीबिया के त्रिपोली और बिनग़ाज़ी नगरों पर आक्रमण किया। 1992 – संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद ने लीबिया पर वायु और हथियार प्रतिबंध लगाने से संबंधित एक प्रस्ताव पारित किया और इस देश से बाहर इस देश की सारी सम्पत्ति को जब्त कर लिया। 1994 - भारत सहित 109 देशों द्वारा 'गैट' समझौते की स्वीकृति। 1999 - पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो तथा उनके पति आसिफ़ अली जरदारी को सरकारी ठेकों में दलाली खाने के आरोप में पांच वर्ष की क़ैद की सज़ा, पाकिस्तान ने परमाणु क्षमता वाले अपने दूसरे प्रक्षेपास्त्र शाहीन-1 का परीक्षण किया। 2000 - आतंकवाद से निपटने के लिए सहयोग के आहवान के साथ जी -77 शिखर सम्मेलन हवाना में सम्पन्न। 2002 – दक्षिण कोरिया में बुसान के निकट एयर चाइना का विमान दुर्घटनाग्रस्त होने से 128 लोगों की मौत हुई। 2003 - ब्रिटेन में आयरिश रिपब्लिकन आर्मी ने हथियार डाल देने का निर्णय लिया। 2004 - राजीव गांधी हत्याकांड से जुड़े लिट्टे उग्रवादी वी. मुरलीधरन की कोलम्बो में हत्या की गयी। 2006 – नेपाल में माओवादीयों ने संघर्षविराम की घोषणा की। 2006 - इंटरपोल ने जकार्ता सम्मेलन में एंटी करप्शन एकेडमी के गठन का प्रस्ताव सुझाया। 2008 - राज्यसभा के सभापति मोहम्मद हामिद अंसारी ने बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन नव निर्वाचित 55 सदस्यों में से 50 को शपथ दिलायी। 2008 - भारतीय मूल के कनाडाई मंत्री दीपक ओबेरॉय को अफ़ग़ानिस्तान पर गठित कनाडाई संसद की विशेष समिति का सदस्य चुना गया। 2010 - भारत में निर्मित पहले क्रायोजेनिक रॉकेट जीएसएलवी-डी3 का प्रक्षेपण नाकाम हो गया। 2012 – पाकिस्तान की एक जेल पर हमले के बाद 400 आतंकवादी फरार हुए। 2013 – इराक में बम विस्फोट से 33 मरे और 163 घायल हुए। 2013 – निकोलस मदुरो वेनेजुएला के राष्ट्रपति बने। 2019 - पेरिस के 850 साल पुराने विश्वप्रसिद्ध चर्च नॉट्र डाम में आग लग गई जिससे चर्च की मुख्य मीनार और उसकी छत ढह गई । 2019 - प्रथम स्वदेशी (भारत में निर्मित )क्रूज मिसाइल ‘निर्भय’ का सफल परीक्षण , DRDO ने किया कीर्तिमान स्थापित। 2020 - इलेक्‍ट्रोनिक्‍स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने आरोग्‍य ऐप विकसित किया।इस ऐप की शुरूआत से 13 दिन के अंदर ही पांच करोड़ से अधिक लोग इसे डाउनलोड कर चुके। 2021 - फ्रांस ने अपने नागरिकों को तुरंत पाकिस्तान छोड़ने की सलाह दी। 2021 -  अमेरिका ने पिछले साल के राष्ट्रपति चुनाव में दखलअंदाजी  करने और अमेरिकी संघीय एजेंसियों में सेंधमारी करने के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया। 2021 - हैती के प्रधानमंत्री जोसेफ जूथ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। 2022 - रूस ने यूरोपीय संघ (ईयू) के 18 राजनयिकों को निष्कासित किया। 2022 - प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के भुज में केके पटेल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल राष्ट्र को समर्पित किया। 2023 - महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में एक निजी बस खाई में गिरने से 13 लोगों की मौत हुई। 2023 - मोतिहारी में नकली शराब पीने से मरने वालों की संख्या 16 तक पहुंची व 12 की हालत गंभीर बनी रही। 2023 - सूडान में रैपिड सपोर्ट फोर्स (RSF) व सूडानी सशस्त्र बलों के बीच जारी झड़पों में कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई और 183 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। 2023 - पोलैंड और हंगरी ने "स्थानीय कृषि क्षेत्र की रक्षा के लिए" यूक्रेन से अनाज और अन्य खाद्य पदार्थों के आयात पर प्रतिबंध लगाया। 2023 - फ्रांस में विरोध प्रदर्शन तेज होने के बीच राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने पेंशन सुधार विधेयक पर हस्ताक्षर किए। 2023 - कुक आइलैंड्स संसद ने समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से हटा गया। 2023 - संयुक्त अरब अमीरात में दुबई के एक अपार्टमेंट इमारत में आग लगने से 16 लोगों की मौत हुई व 9 घायल हुए। 2023 - राउरकेला, ओडिशा में आयोजित क्षेत्रीय आदि महोत्सव का समापन हुआ। 2024 - ओडिशा के जाजपुर में बस के ओवरब्रिज से गिर जाने से 5 लोगों की मौत व 30 से अधिक घायल हुए। 2024 - भारतीय सेना की टुकड़ी भारत-उज्बेकिस्तान संयुक्त सैन्य अभ्यास डस्टलिक के लिए रवाना हुई।   15 अप्रॅल को जन्मे व्यक्ति   1452 - लिओनार्दो दा विंची, इटलीवासी, महान चित्रकार। 1469 – सिख धर्म के संस्थापक गुरू नानक का जन्म हुआ। 1563 - गुरु अर्जन देव - सिक्खों के पाँचवें गुरु। 1707 – स्वीटज़रलैंड के खगोलशास्त्री गणितज्ञ और भौतिकशस्त्री लयूनार्ड ओलेर का जन्म हुआ। 1731 – ब्रिटिश दार्शनिक और भौतिकशास्त्री हेनरी काउन्डेश का फ़्रांस में जन्म हुआ। 1865 - अयोध्यासिंह उपाध्याय - खड़ी बोली के प्रथम महाकाव्यकार। 1901 - अजय कुमार मुखर्जी -  पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमन्त्री। 1907 - ब्रिगेडियर शेर जंग थापा, एमवीसी भारतीय सेना अधिकारी थे। 1919 - अर्जन सिंह - भारतीय वायु सेना के सबसे वरिष्ठ और पांच सितारा वाले रैंक तक पहुँचने वाले एकमात्र मार्शल थे (भारतीय वायु सेना के पहले एयर चीफ मार्शल)। 1940 - सुल्तान ख़ान - भारत के प्रसिद्ध सारंगी वादक और शास्त्रीय गायक। 1940 - सुल्तान ख़ान - भारत के प्रसिद्ध सारंगी वादक और शास्त्रीय गायक। 1946 - फ़्राँसिस्क सार्डिन्हा - भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राजनीतिज्ञ, जो गोवा के भूतपूर्व मुख्यमंत्री रहे। 1948 - थिरुमालाचारी रामासामी एक पूर्व भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी सचिव रहे। 1960 - नरोत्तम मिश्रा - मध्य प्रदेश की राजनीति में 'भारतीय जनता पार्टी' के प्रसिद्ध नेता। 1972 - मंदिरा बेदी- बालीवुड अभिनेत्री, क्रिकेट ग्लैमर और फैशन की मूर्ति। 1992 - वंदना कटारिया - भारतीय फील्ड हॉकी खिलाड़ी हैं।   15 अप्रॅल को हुए निधन   1865 - अब्राहम लिंकन - अमेरिका के सोलहवें राष्ट्रपति थे। 1981 - दरोगा प्रसाद राय एक भारतीय राजनेता थे और बिहार के 10वें मुख्यमंत्री रहे। 1985 - शंभुनाथ डे - हैजा के जीवाणु पर शोध कार्य करने वाले भारतीय वैज्ञानिक थे। 1998 – थम्पी गुरु के नाम से प्रसिद्ध फ़्रेडरिक लेंज का निधन हुआ। 2020 - दिग्गज अभिनेता रंजीत चौधरी का निधन। 2023 - ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट खिलाड़ी फेथ थॉमस (90) का निधन हुआ। 2024 - जर्मन फुटबॉल खिलाड़ी बर्न्ड होलज़ेनबाइन (78) का निधन हुआ। 2024 - इंग्लिश क्रिकेट खिलाड़ी डेरेक अंडरवुड (78) का निधन हुआ।   15 अप्रॅल के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव   श्री श्रीधरस्वामी पुण्यतिथि (सज्जनगढ़)। भगवान पार्श्वनाथ जी गर्भकल्याणक (जैन , बैशाख कृष्ण द्वितीया)। गुरु श्री नानक देव जयन्ती (तारीखानुसार)। गुरु अर्जुनदेव जयन्ती (तारीखानुसार)। श्री अजय कुमार मुखर्जी जयन्ती। श्री फ्रांसिस्को सरदिन्हा जन्म दिवस। श्री दरोगा प्रसाद राय स्मृति दिवस। हिमाचल प्रदेश दिवस (1948 , पूर्ण राज्य 25 जनवरी 1971 को)। दक्षिणी पश्चिमी कमान दिवस (2005)। विश्व कला दिवस। कृपया ध्यान दें     यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए IDTV इन्द्रधनुष की  कोई जिम्मेदारी नहीं है।

Anjali Kumari अप्रैल 15, 2026 0
Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

Ranchi University protest
शिक्षा

लेट सेशन के खिलाफ रांची यूनिवर्सिटी में छात्रों का प्रदर्शन

Anjali Kumari अप्रैल 13, 2026 0