Important Events April 21

Important Event
Important Event: 21 अप्रैल की महत्त्वपूर्ण घटनाएं

829 – ब्रिटेन के प्रथम नरेश एगबर्ट को लंबी लड़ाई के बाद सिंहासन मिला। 1451 – लोदी वंश का संस्थापक बहलोल खां लोदी दिल्ली का शासक बना। 1526 – मुगल शासक बाबर और इब्राहिम लोदी के बीच पानीपत की पहली लड़ाई में इब्राहिम लोदी मारा गया (20 अप्रैल का भी वर्णन)। 1572 – फ्रांस और इंग्लैंड के बीच स्पेन के खिलाफ सैन्य समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। 1654 – इंग्लैंड और स्वीडन के बीच व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर हुए।  1720 – बाजी राव प्रथम, पेशवा बालाजी विश्वनाथ के उत्तराधिकारी बने। 1739 – स्पेन और आस्ट्रिया के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। 1782 – थाईलैंड की राजधानी बैंकाक शहर की स्थापना हुई। 1895 – अमेरिका में विकसित पहले फिल्म प्रोजेक्टर 'पैनटॉप्टिकॉन' का प्रदर्शन किया गया। 1941 – यूनान ने नाजी जर्मनी के समक्ष आत्मसमर्पण किया। 1945 – दूसरे विश्व युद्ध के दौरान आज के सोवियत संघ की सेना ने बर्लिन के कुछ बाहरी इलाक़ों को अपने कब्ज़े में लिया। 1947 - सरदार वल्लभभाई पटेल ने सिविल सेवकों को 'भारत का स्टील फ्रेम ' कहा। 1960 – ब्रासीलिया शहर को ब्राजील की राजधानी बनाई गई। 1967 – यूनान में सैन्य तख्तापलट हुआ। 1975 – दक्षिण वियतनाम के राष्ट्रपति गुएन वान थिऊ को इस्तीफा देने पर मजबूर किया गया। 1977 - मेजर जनरल जियाउर्रहमान बांग्लादेश के राष्ट्रपति नियुक्त। 1983 – ब्रिटेन में एक पाउंड का सिक्का पेश किया गया। 1987 – श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में एक बम धमाके में 100 से अधिक लोगों की मौत हुई। 1989 – चीन के थेन यन मान चौक पर एक लाख छात्र प्रदर्शनकारी जमा हुए सरकार के समर्थन में सड़कों पर उतरे। 1996 – भारतीय वायु सेना के संजय थापर को पैराशूट के जरिए उत्तरी धुव्र पर उतारा गया। 2001 - बांग्लादेश में भारतीय जवानों की नृशंस हत्या पर भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। 2002 - एलटीटीई से प्रतिबंध नहीं हटाने का संयुक्त राज्य अमेरिका का फैसला। 2003 - भारत में अमेरिकी राजदूत राबर्ट ब्लैकविल ने अपने पद से इस्तीफ़ा दिया। 2004 - बसरा में मिसाइल हमले में 68 लोगों की मृत्यु। 2006 - नेपाल नरेश ने चुनी हुई सरकार को सत्ता सौंपने की घोषणा की। 2007 - ब्रायन लारा ने एक दिवसीय क्रिकेट से सन्न्यास लिया। 2008 - उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमत्री सचिवालय में फेरबदल करते हुए नेतराम को मुख्यमंत्री का प्रमुख सचिव बनाया।  2008 - हीरो होण्डा ग्रुप ने डेमलर एजी के साथ वाणिज्यिक वाहन बनाने के लिए संयुक्त उद्यम गठित किया।  2008 - भारत व ब्रिटेन की नौसेनाओं के बीच तीसरा साझा अभ्यास गोवा के निकट कोंकण में शुरू हुआ। 2008 - भारत व चीन ने आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए चार समझौतों पर हस्ताक्षर हेतु अपनी सहमति व्यक्त की। 2016 अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मिशेल ओबामा के साथ ब्रिटेन के चार दिन की यात्रा शुरू की। 2019 - ईस्टर की प्रार्थना के दौरान रविवार सुबह श्रीलंका छह सिलसिलेवार धमाकों और दो आत्मघाती हमलों से दहल उठा। राजधानी कोलंबो के अलावा तटीय शहर नेगेंबो और बट्टिकलोआ में हुए कुल आठ धमाकों में 215 लोगों की मौत हो गई, जबकि 500 से ज्यादा लोग जख्मी हुए। 2019 -भारत और अमेरीकी नौसेना ने हिन्द महासागर में पनडुब्बी रोधी युद्धाभ्यास किया। 2020 - म.प्र. में 29 दिनों से अकेले सरकार चला रहे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल का गठन हो गया। 2021 - महाराष्ट्र के नासिक में कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन टैंक में रिसाव होने से 22 रोगियों की मौत हुई। 2021 - भारत और अमरीका ने अफगानिस्तान में स्थिरता लाने के प्रयासों में तालमेल करने पर सहमति व्यक्त की। 2022 - झारखंड में अवैध कोयला खनन के दौरान हादसा में 50 फीट जमीन धंसने से दर्जनभर लोग दबे। 2022 - फिलीपींस में तूफान मेगी के कारण हुए भूस्खलन और बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 224 हुई , 147 लोग लापता। 2022 - पाकिस्तान के योजना मंत्री अहसान इकबाल ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा प्राधिकरण को खत्म करने की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया। 2022 - रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के शहर मारियुपोल को जीतने का दावा किया। 2022 - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरु तेग बहादुर के 400वें प्रकाश पर्व पर स्मारक सिक्का व डाक टिकट जारी किया। 2022 - अफगानिस्तान में मजार-ए-शरीफ की मस्जिद समेत 4 जगह बम ब्लास्ट में 5 की मौत व 65 घायल हुए। 2023 - विजाग फिल्म सोसाइटी द्वारा तीन दिवसीय ऑस्कर पुरस्कार फिल्म महोत्सव विशाखापत्तनम में शुरू हुआ। 2023 - गुजरात के गोधरा में 2002 में ट्रेन के कोच में आग लगाकर 59 लोगों की हत्या करने के दोषी 8 लोगों को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दी , 4 की रिहाई से जजों ने मना किया। 2023 - उ.प्र. के अयोध्या में बस और ट्रक की टक्कर से 7 लोगों की मौत व 40 से अधिक लोग घायल हुए। 2023 - प्रधानमंत्री ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 16वें सिविल सेवा दिवस को संबोधित किया। 2023 - दो दिवसीय वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन 2023 नई दिल्ली घोषणा के साथ संपन्न हुआ व राजस्थान के जोधपुर में दो दिवसीय श्री अन्न महोत्सव का आयोजन किया गया तथा CSIR व OIL ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। 2023 - DRDO व भारतीय नौसेना ने नौसेना बेस से बीएमडी इंटरसेप्टर मिसाइल का सफल परीक्षण किया। 2023 - ब्रिटेन के उप प्रधानमंत्री डोमिनिक राब ने अपने पद से इस्तीफा दिया।   21 अप्रैल को जन्मे व्यक्ति   1828 – फ्रांसीसी दार्शनिक एवं इतिहासकार हिपोलिट टेन का जन्म हुआ (कन्फर्म नहीं)। 1864 - मैक्स वेबर - प्रसिद्ध जर्मन दार्शनिक एवं इतिहासकार। 1891 - जेम्स ब्रेड टेलर, भारतीय रिज़र्व बैंक के प्रथम उप-गवर्नर और ओसबोर्न स्मिथ के बाद दूसरे गवर्नर थे। 1895 - गबर सिंह नेगी भारतीय सैनिक , जो प्रथम विश्वयुद्ध में मरणोपरान्त 'विक्टोरिया क्रास' प्राप्त करने वाले गढ़वाल, उत्तराखण्ड के वीर सपूत थे। 1910 - सदाशिव त्रिपाठी - उड़ीसा राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री । 1924 - कर्णी सिंह - भारत के पहले निशानेबाज़ थे, जिन्हें 1961 में ‘अर्जुन पुरस्कार’ देकर सम्मानित किया गया था। 1926 - महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय, 54 राष्ट्रों और राज्य क्षेत्रों की प्रमुख हैं। 1944 - एन. गोपालस्वामी भारत के पन्द्रहवें मुख्य चुनाव आयुक्त थे। 1988 - अदिति गुप्ता -एक भारतीय टेलीविज़न अभिनेत्री हैं।    21 अप्रैल को हुए निधन   1910 – टॉम सायर तथा हकलबरी फिन जैसे जिंदादिल किरदारों के रचियता अमेरिकी लेखक मार्क ट्वेन का निधन हुआ। 1938 - मोहम्मद इक़बाल, सुप्रसिद्ध कवि एवं शायर। 2013 – आंकड़ों की बाजीगरी में मशीन को मात देने वाली मानसिक परिकलित्र (गणितज्ञ) शकुन्‍तला देवी का निधन हुआ था। 2015 - जानकी बल्लभ पटनायक - भारतीय राजनीतिज्ञ एवं राष्ट्रीय काँग्रेस के वरिष्ठ नेता थे। 2020 - फ़िजी के पूर्व प्रधानमंत्री लाईसेनिया क़रसे का निधन। 2021 - सुविख्यात बांग्ला कवि, आलोचक, शिक्षाविद् और पद्मभूषण शंख घोष (89) का देहावसान हुआ।  2021 - इस्लामिक विद्वान मौलाना वहीदुद्दीन खान (96) का निधन हुआ। 2022 - ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट ऑलराउंडर जॉन वाल्टर रदरफोर्ड (92) का निधन हुआ। 2022 - अमेरिकी पेशेवर फुटबॉल क्वार्टरबैक डेरिल पास्क्वेल लामोनिका (80) का निधन हुआ।   21 अप्रैल के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव   गुरु श्री तेगबहादुर गुरयायी दिवस ( प्राचीनपरम्परानुसार)। भगवान श्री महावीर जी जयंती (जैन)। आसरादेवी यात्रा-दोनाद ख़ुर्द (अकोला)। श्री सदाशिव त्रिपाठी जयन्ती। श्रीमती शकुंतला देवी पुण्य दिवस। भारतीय शिविल सेवा दिवस। विश्व रचनात्मकता एवं नवाचार दिवस। Administrative Professionals Day (also known as Secretaries Day or Admin Day , Not confirmed ).   कृपया ध्यान दें  यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए IDTV इन्द्रधनुष की कोई जिम्मेदारी नहीं है।

Anjali Kumari अप्रैल 21, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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अग्निशमन सेवा सप्ताह की शुरुआत पर बोले सीएम हेमंत-लोगों को जागरूक करना है

Anjali Kumari अप्रैल 14, 2026 0