भीषण गर्मी से जूझ रहे झारखंड के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में 17 जून तक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के प्रवेश की संभावना है। हालांकि उससे पहले भी अगले कुछ दिनों में मौसम का मिजाज बदलने के संकेत मिल रहे हैं और कई जिलों में बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। आज इन जिलों में बारिश की संभावना 9 जून को राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार रामगढ़, बोकारो, रांची, गुमला और खूंटी जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश के साथ वज्रपात और तेज हवाएं चल सकती हैं। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। 10 जून को इन इलाकों में तेज हवाओं का अनुमान 10 जून को उत्तर-पश्चिमी और आसपास के मध्य क्षेत्रों को छोड़कर राज्य के अन्य हिस्सों में वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। 11 और 12 जून से मौसम में बड़ा बदलाव मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से 11 जून से झारखंड के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 11 जून को धनबाद, बोकारो, कोडरमा, हजारीबाग, रामगढ़ और रांची में— 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी, वज्रपात, और बारिश की संभावना है। इन जिलों के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं 12 जून से अगले तीन दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने और बारिश होने के आसार हैं। 24 घंटे में बढ़ा तापमान बारिश की संभावना के बावजूद सोमवार को राज्य के कई शहरों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। रांची: 37.2°C (2.6 डिग्री की बढ़ोतरी) मेदिनीनगर: 43.1°C (2.2 डिग्री की बढ़ोतरी) जमशेदपुर: 41.3°C (4.5 डिग्री की बढ़ोतरी) बोकारो: 37.1°C (0.6 डिग्री की बढ़ोतरी) चाईबासा: 40.8°C (4 डिग्री की बढ़ोतरी) हालांकि रामगढ़ में सोमवार को 1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को आंशिक राहत मिली। 17 जून तक मॉनसून की दस्तक की उम्मीद मौसम विभाग का अनुमान है कि यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो 17 जून तक मॉनसून झारखंड में प्रवेश कर सकता है। मॉनसून के आगमन से राज्य में तापमान में गिरावट आने और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
Jharkhand Weather: दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के साथ झारखंड के मौसम में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार 6 जून को राज्य के कई हिस्सों में मेघ गर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ मौसम बिगड़ सकता है। कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश होने की भी संभावना जताई गई है। 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं मौसम विभाग के मुताबिक, 6 जून को झारखंड के कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही बादल गरजने और बिजली गिरने की आशंका भी बनी हुई है। रांची में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 7 से 9 जून तक कैसा रहेगा मौसम? 7 जून राज्य के दक्षिणी और मध्य भागों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। 8 जून उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी जिलों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 9 जून दक्षिणी और मध्य झारखंड के कुछ इलाकों में वज्रपात और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। इस दौरान भी हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। 10 जून से प्री-मानसून बारिश के संकेत मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 10 जून से राज्य के कई हिस्सों में प्री-मानसून बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। इससे तापमान में गिरावट आने और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। पिछले 24 घंटे में कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश? बीते 24 घंटों के दौरान झारखंड के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक बारिश पाकुड़ जिले में हुई, जहां करीब 80 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। तेजी से आगे बढ़ रहा है मानसून केरल पहुंचने के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। अगले दो से तीन दिनों में इसके गोवा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।
झारखंड में आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ सकता है। India Meteorological Department के रांची केंद्र ने राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक, वज्रपात, हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। 4 जून को कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के अनुसार 4 जून को राज्य के पूर्वी और उससे सटे मध्य भागों में कहीं-कहीं गरज-चमक और वज्रपात के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। इन क्षेत्रों में हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है। साथ ही कुछ स्थानों पर हल्की बारिश भी हो सकती है। 5 जून को भी बारिश के आसार 5 जून को झारखंड के अधिकांश हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। उत्तर-पश्चिमी और उससे सटे मध्य क्षेत्रों को छोड़कर राज्य के अन्य भागों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। मौसम में नमी बढ़ने के कारण लोगों को उमस का भी सामना करना पड़ सकता है। रांची में अगले कुछ दिनों का मौसम राजधानी Ranchi और आसपास के इलाकों में 5 जून तक आंशिक बादल छाए रहने और गर्जन वाले बादल बनने की संभावना है। वहीं 6 और 7 जून को गरज-चमक के साथ बारिश होने के संकेत मिले हैं। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार— अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। न्यूनतम तापमान 24 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। पिछले 24 घंटे में कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश? राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान सबसे अधिक वर्षा Hazaribagh में दर्ज की गई, जहां 2.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। हालांकि अधिकांश जिलों में मौसम सामान्य बना रहा, लेकिन आने वाले दिनों में कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है, विशेष रूप से वज्रपात की स्थिति में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
Jharkhand में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। कहीं तेज गर्मी लोगों को परेशान कर रही है तो कई जिलों में आंधी, बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने 20 मई के लिए कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी मौसम विभाग के अनुसार 20 मई को: Bokaro Giridih Dhanbad Deoghar Jamtara Dumka Godda Sahibganj Pakur में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने, वज्रपात और बारिश की संभावना है। रांची समेत कई जिलों में बारिश के आसार Ranchi सहित: Hazaribagh Koderma Chatra Ramgarh Khunti Saraikela Jamshedpur West Singhbhum में बादल छाए रहने, 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। 21 और 22 मई को लू का अलर्ट मौसम विभाग ने 21 मई को: Garhwa Palamu Chatra Latehar में लू चलने की संभावना जताई है। हालांकि बाकी जिलों में दोपहर बाद मौसम बदल सकता है और कहीं-कहीं बारिश भी हो सकती है। 22 मई को भी मौसम का यही पैटर्न बने रहने की संभावना है। 23 मई को फिर तेज आंधी-बारिश की चेतावनी 23 मई को: रांची रामगढ़ हजारीबाग बोकारो चतरा कोडरमा गिरिडीह धनबाद जामताड़ा देवघर दुमका पाकुड़ साहिबगंज में दोपहर बाद तेज आंधी, बारिश और वज्रपात की आशंका है। हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने फिर से ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा राज्य के बाकी हिस्सों में भी तेज हवा और बारिश की संभावना बनी हुई है। विभाग ने 25 मई तक पूरे झारखंड में येलो अलर्ट जारी किया है। रांची और मेदिनीनगर का तापमान पिछले 24 घंटों में: रांची का अधिकतम तापमान 1.2 डिग्री बढ़कर 37.4°C दर्ज किया गया Medininagar का तापमान 42.4°C रहा जमशेदपुर का अधिकतम तापमान 40.4°C रिकॉर्ड किया गया वहीं सरायकेला में 7 मिमी बारिश दर्ज की गई और खूंटी समेत कई इलाकों में तेज हवा चली।
रांची। झारखंड में अगले 72 घंटों के दौरान मौसम तेजी से बदल सकता है। रांची स्थित मौसम केंद्र ने राज्य के कई जिलों में गरज के साथ बारिश, तेज हवा और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। दक्षिणी और मध्य झारखंड के इलाकों में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की अपील की है। कई जिलों में तेज हवा और वज्रपात का खतरा मौसम केंद्र के अनुसार खूंटी और गुमला समेत दक्षिणी झारखंड के कई हिस्सों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। इसके साथ ही वज्रपात की भी आशंका है। वहीं धनबाद, बोकारो, रामगढ़ और लोहरदगा समेत मध्य झारखंड के जिलों में भी गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। अगले तीन दिनों का मौसम पूर्वानुमान 19 मई को उत्तर-पश्चिमी झारखंड को छोड़कर राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश और तेज हवा का असर देखने को मिल सकता है। 20 मई को पूर्वी और मध्य झारखंड में मौसम और ज्यादा सक्रिय रहेगा। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। 21 मई को पलामू, गढ़वा और लातेहार को छोड़कर बाकी हिस्सों में बारिश और मेघ गर्जन की संभावना बनी रहेगी। तापमान में भी बढ़ोतरी राज्य के कई जिलों में गर्मी का असर भी बना हुआ है। डाल्टनगंज में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं जमशेदपुर, बोकारो और रांची में भी तापमान सामान्य से ऊपर रिकॉर्ड किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले पांच दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।
रांची समेत कई जिलों में तेज हवाओं और वज्रपात का खतरा Jharkhand में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। मंगलवार को राजधानी Ranchi समेत कई जिलों में तेज आंधी और बारिश देखने को मिली। खराब मौसम के कारण कई जगहों पर पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। कुछ इलाकों में पेड़ कारों और ई-रिक्शा पर भी गिर पड़े। मौसम विभाग ने 13 और 14 मई के लिए राज्य के कई हिस्सों में येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 18 मई तक राज्य में आंधी, बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का असर बना रह सकता है। इन जिलों में जारी हुआ येलो अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक 13 और 14 मई को पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, हजारीबाग और कोडरमा को छोड़कर बाकी अधिकांश जिलों में मौसम खराब रह सकता है। Ranchi सहित कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 15 मई को ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी 15 मई को मौसम और ज्यादा खराब हो सकता है। मौसम विभाग ने Ranchi, Khunti, Ramgarh, Bokaro, Giridih, Dhanbad, Dumka, Jamtara, Deoghar, Godda, Sahibganj और Pakur में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी, बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है। 18 मई तक जारी रहेगा मौसम का असर मौसम विभाग के अनुसार 17 और 18 मई को भी राज्य के उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। लगातार बदलते मौसम के कारण लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। पलामू में फिर बढ़ी गर्मी एक तरफ राज्य के कई हिस्सों में बारिश हो रही है, वहीं Medininagar में गर्मी का असर बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को यहां अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों में तापमान में 2.2 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है, जिससे लोगों को तेज धूप और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ा। वहीं Bokaro का अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले 24 घंटों में 2.4 डिग्री कम रहा।
Jharkhand में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग ने 9 मई को राज्य के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात की संभावना जताई है। राजधानी Ranchi समेत कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार Ranchi, Hazaribagh, Ramgarh, Khunti और Bokaro में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हो सकती है। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा कुछ स्थानों पर वज्रपात भी हो सकता है। अन्य जिलों में येलो अलर्ट राज्य के अन्य जिलों में बादल छाए रहने, हल्की बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। 14 मई तक जारी रह सकता है मौसम का असर मौसम विभाग के मुताबिक 10 से 14 मई तक Jharkhand के अधिकांश जिलों में दोपहर बाद मौसम बदल सकता है। इस दौरान आकाश में बादल छाए रहने, तेज हवा चलने और कुछ जगहों पर हल्की बारिश होने की संभावना बनी रहेगी। कई जिलों में हुई बारिश साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। Ranchi में करीब 2 मिमी और Jamshedpur में लगभग 5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। सबसे ज्यादा 25 मिमी बारिश Chaibasa में हुई। इसके अलावा Koderma, Giridih, Deoghar, Jamtara, Godda, Dumka, Pakur और Sahibganj के कई इलाकों में देर रात तेज हवा और बारिश देखने को मिली। रांची के तापमान में गिरावट बारिश और बादलों की वजह से Ranchi के तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को शहर का अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं Medininagar राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
झारखंड की राजधानी Ranchi में मंगलवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ले ली। अप्रैल की तेज गर्मी के बीच सुबह-सुबह हुई झमाझम बारिश ने लोगों को राहत दी, वहीं आसमान में घने बादल छाए रहने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। ऑरेंज अलर्ट के साथ मौसम विभाग की चेतावनी India Meteorological Department के अनुसार, रांची में आज गर्जन, वज्रपात और तेज आंधी के साथ बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी बदला मौसम सोमवार को झारखंड के कई जिलों में मौसम का मिजाज बदला नजर आया। Bokaro और Dhanbad में हल्की बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली, जबकि Medininagar में तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे गर्मी का असर बरकरार रहा। अगले कुछ दिनों तक ऐसा ही रहेगा मौसम मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 29 और 30 अप्रैल को भी रांची समेत राज्य के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में बारिश, आंधी और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। इसके अलावा 3 मई तक राज्य में बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश होने के आसार हैं, जिससे मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।
रांची। झारखंड में मौसम ने करवट ले ली है और राज्य में अब मिला-जुला मौसम देखने को मिल रहा है। 18 अप्रैल को अधिकांश इलाकों में आसमान साफ और मौसम शुष्क रहने का अनुमान है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में बदलाव के संकेत भी हैं। मौसम केंद्र, रांची के अनुसार दिन के समय तेज धूप और बढ़ती गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। कुछ जिलों में बारिश और वज्रपात की संभावना मौसम विभाग के मुताबिक पलामू और गढ़वा जिले के कुछ हिस्सों में मेघ गर्जन, वज्रपात और हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की भी संभावना है। हालांकि राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहेगा। 19 अप्रैल से लू का अलर्ट आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ने के आसार हैं। 19 अप्रैल से 23 अप्रैल के बीच अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार जैसे उत्तर-पश्चिमी जिलों में लू चल सकती है। वहीं दक्षिणी जिलों जैसे पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और सिमडेगा में भी उष्ण लहर का असर देखने को मिलेगा। डाल्टनगंज बना सबसे गर्म इलाका राज्य में सबसे अधिक तापमान डाल्टनगंज में दर्ज किया गया, जहां पारा 42.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। राजधानी रांची में अधिकतम तापमान करीब 37.1 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि बोकारो में 38.2 डिग्री और चाईबासा में 37.4 डिग्री तापमान रहा। जमशेदपुर में भी गर्मी और उमस का असर बना हुआ है। गर्मी से राहत के आसार नहीं पिछले 24 घंटों में राज्य में कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई, जिससे तापमान में गिरावट नहीं आई है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में गर्मी और तेज हो सकती है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने और जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।