Jharkhand में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। कहीं तेज गर्मी लोगों को परेशान कर रही है तो कई जिलों में आंधी, बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने 20 मई के लिए कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी मौसम विभाग के अनुसार 20 मई को: Bokaro Giridih Dhanbad Deoghar Jamtara Dumka Godda Sahibganj Pakur में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने, वज्रपात और बारिश की संभावना है। रांची समेत कई जिलों में बारिश के आसार Ranchi सहित: Hazaribagh Koderma Chatra Ramgarh Khunti Saraikela Jamshedpur West Singhbhum में बादल छाए रहने, 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। 21 और 22 मई को लू का अलर्ट मौसम विभाग ने 21 मई को: Garhwa Palamu Chatra Latehar में लू चलने की संभावना जताई है। हालांकि बाकी जिलों में दोपहर बाद मौसम बदल सकता है और कहीं-कहीं बारिश भी हो सकती है। 22 मई को भी मौसम का यही पैटर्न बने रहने की संभावना है। 23 मई को फिर तेज आंधी-बारिश की चेतावनी 23 मई को: रांची रामगढ़ हजारीबाग बोकारो चतरा कोडरमा गिरिडीह धनबाद जामताड़ा देवघर दुमका पाकुड़ साहिबगंज में दोपहर बाद तेज आंधी, बारिश और वज्रपात की आशंका है। हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने फिर से ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा राज्य के बाकी हिस्सों में भी तेज हवा और बारिश की संभावना बनी हुई है। विभाग ने 25 मई तक पूरे झारखंड में येलो अलर्ट जारी किया है। रांची और मेदिनीनगर का तापमान पिछले 24 घंटों में: रांची का अधिकतम तापमान 1.2 डिग्री बढ़कर 37.4°C दर्ज किया गया Medininagar का तापमान 42.4°C रहा जमशेदपुर का अधिकतम तापमान 40.4°C रिकॉर्ड किया गया वहीं सरायकेला में 7 मिमी बारिश दर्ज की गई और खूंटी समेत कई इलाकों में तेज हवा चली।
Jharkhand में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र का असर अब राज्य के कई हिस्सों में दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग ने 16 से 21 मई तक झारखंड के कई जिलों में तेज आंधी, वज्रपात और बारिश की संभावना जताई है। इसे देखते हुए 17 और 18 मई के लिए कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 17 मई को इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार 17 मई को Ranchi समेत धनबाद, कोडरमा, हजारीबाग, बोकारो, रामगढ़, गिरिडीह, देवघर, दुमका, जामताड़ा, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। इसके साथ वज्रपात और बारिश की भी संभावना है। स्थिति को देखते हुए इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं राज्य के अन्य हिस्सों में बादल छाए रहने, 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और कहीं-कहीं बारिश व वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। 18 मई को भी खराब रहेगा मौसम 18 मई को भी मौसम में ज्यादा राहत मिलने के संकेत नहीं हैं। मौसम विभाग ने रांची, धनबाद, कोडरमा, हजारीबाग, बोकारो, रामगढ़, चतरा, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई है। इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है और वज्रपात की आशंका भी बनी हुई है। इसलिए इन क्षेत्रों के लिए फिर से ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बाकी जिलों में येलो अलर्ट लागू रहेगा। इन जिलों में लू का असर एक तरफ जहां कई जिलों में बारिश और आंधी का खतरा है, वहीं दूसरी तरफ राज्य के कुछ हिस्सों में गर्मी का असर भी जारी रहेगा। Garhwa, Palamu और Latehar में 16 से 18 मई तक लू चलने की संभावना जताई गई है। वहीं 17 मई को चतरा जिले में भी हीटवेव की स्थिति बन सकती है। मेदिनीनगर के तापमान में बड़ी गिरावट लगातार मौसम बदलने के बीच Medininagar के तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। गुरुवार को यहां अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस था, लेकिन अगले 24 घंटों में तापमान करीब 5 डिग्री गिरकर 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और वज्रपात के समय खुले स्थानों से दूर रहने की अपील की है।
मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट, कई जिलों में खतरे की आशंका झारखंड में मौसम का मिजाज लगातार अस्थिर बना हुआ है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों के लिए 17 और 18 मई को तेज आंधी, गरज-चमक और भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार बदलते मौसम पैटर्न और स्थानीय वायुमंडलीय दबाव के कारण राज्य में आंधी-पानी की स्थिति बनी हुई है। 17 मई का मौसम: किन जिलों में ज्यादा असर 17 मई को झारखंड के उत्तर-पूर्वी और मध्य हिस्सों में मौसम सबसे ज्यादा खराब रहने की संभावना है। इसमें शामिल जिले हैं: धनबाद कोडरमा हजारीबाग बोकारो रामगढ़ रांची इन क्षेत्रों में 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, साथ ही गरज-चमक के साथ आंधी-बारिश की संभावना है। वहीं गुमला और खूंटी जैसे दक्षिणी जिलों में भी 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। 18 मई का मौसम: कई जिलों में फिर बिगड़ेगा हाल 18 मई को भी मौसम में खास सुधार की उम्मीद नहीं है। इस दिन: कोडरमा, हजारीबाग, बोकारो, रामगढ़, रांची और धनबाद चतरा सहित उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र इन सभी इलाकों में आंधी-तूफान और तेज बारिश की संभावना बनी रहेगी। कई स्थानों पर हवाओं की रफ्तार 50-60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। 15 और 16 मई का हाल: पहले से जारी है येलो अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार 15 और 16 मई को भी झारखंड के अधिकांश हिस्सों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन दिनों हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। तापमान में उतार-चढ़ाव जारी लगातार बदलते मौसम का असर तापमान पर भी साफ दिख रहा है। मेदिनीनगर: 44°C रांची: 34.5°C (न्यूनतम 19.2°C) जमशेदपुर: 36°C बोकारो: 36.5°C चाईबासा: 36.5°C दिन में तेज गर्मी और शाम को आंधी-बारिश के कारण तापमान में तेजी से उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। मौसम विभाग की चेतावनी मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। तेज हवाओं और वज्रपात की संभावना को देखते हुए खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर ढांचों से दूर रहने की सलाह दी गई है। किसानों और बाहरी काम करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है।
Jharkhand में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। मई की तपती गर्मी के बीच राज्य के कई इलाकों में बारिश और तेज हवाओं ने लोगों को राहत दी है, लेकिन साथ ही मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए सतर्क रहने की चेतावनी भी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 19 मई तक राज्यभर में गरज-चमक, तेज हवा और बारिश का दौर जारी रह सकता है। राजधानी Ranchi में बुधवार दोपहर और रात को हुई बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया। शहर में करीब 20 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि कई इलाकों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। तेज हवा की वजह से कुछ क्षेत्रों में लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना भी करना पड़ा। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को राज्य में सबसे ज्यादा बारिश Chaibasa में दर्ज की गई। वहीं तापमान में भी गिरावट देखने को मिली। रांची का अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा Jamshedpur में 36 डिग्री, Bokaro में 34.1 डिग्री और चाईबासा में 36.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। 14 मई को कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के मुताबिक 14 मई को राज्य के पूर्वी और मध्य हिस्सों में कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान आने की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। 15 और 16 मई के लिए ऑरेंज अलर्ट 15 मई को Godda, Sahibganj, Pakur, Dumka, Deoghar, Jamtara और Giridih जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी, बारिश और वज्रपात को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 16 मई को रांची समेत पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज में भी खराब मौसम की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने इन इलाकों में तेज हवा, गर्जन और बिजली गिरने की आशंका जताई है। लोगों से सतर्क रहने की अपील मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि आंधी और बिजली गिरने के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और मौसम से जुड़ी आधिकारिक जानकारी पर नजर बनाए रखें। 19 मई तक जारी रहेगा मौसम का असर मौसम विभाग के अनुसार 19 मई तक राज्य के अधिकांश जिलों में मौसम का असर बना रहेगा। इस दौरान तेज हवा, वज्रपात और बारिश की संभावना को देखते हुए कई जिलों में येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। 17 मई को गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार और लोहरदगा को छोड़कर ज्यादातर जिलों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
रांची समेत कई जिलों में तेज हवाओं और वज्रपात का खतरा Jharkhand में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। मंगलवार को राजधानी Ranchi समेत कई जिलों में तेज आंधी और बारिश देखने को मिली। खराब मौसम के कारण कई जगहों पर पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। कुछ इलाकों में पेड़ कारों और ई-रिक्शा पर भी गिर पड़े। मौसम विभाग ने 13 और 14 मई के लिए राज्य के कई हिस्सों में येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 18 मई तक राज्य में आंधी, बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का असर बना रह सकता है। इन जिलों में जारी हुआ येलो अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक 13 और 14 मई को पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, हजारीबाग और कोडरमा को छोड़कर बाकी अधिकांश जिलों में मौसम खराब रह सकता है। Ranchi सहित कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 15 मई को ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी 15 मई को मौसम और ज्यादा खराब हो सकता है। मौसम विभाग ने Ranchi, Khunti, Ramgarh, Bokaro, Giridih, Dhanbad, Dumka, Jamtara, Deoghar, Godda, Sahibganj और Pakur में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी, बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है। 18 मई तक जारी रहेगा मौसम का असर मौसम विभाग के अनुसार 17 और 18 मई को भी राज्य के उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। लगातार बदलते मौसम के कारण लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। पलामू में फिर बढ़ी गर्मी एक तरफ राज्य के कई हिस्सों में बारिश हो रही है, वहीं Medininagar में गर्मी का असर बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को यहां अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों में तापमान में 2.2 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है, जिससे लोगों को तेज धूप और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ा। वहीं Bokaro का अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले 24 घंटों में 2.4 डिग्री कम रहा।
मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट Jharkhand में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राज्य के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। वहीं मौसम विभाग ने 9 और 10 मई को तेज आंधी, बारिश और वज्रपात की आशंका को देखते हुए कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से 13 मई तक राज्यभर में मौसम का मिजाज बदला रह सकता है। आज कैसा रहेगा मौसम? 8 मई को झारखंड के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों को छोड़कर बाकी इलाकों में गरज के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। 9 और 10 मई को इन जिलों में ज्यादा असर मौसम विभाग के अनुसार 9 और 10 मई को Ranchi, Dhanbad, Bokaro, Ramgarh, Khunti, Lohardaga और Gumla समेत उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी जिलों में तेज मौसम का ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। साथ ही वज्रपात और बारिश की भी संभावना जताई गई है। इसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं राज्य के बाकी हिस्सों में भी तेज हवा और बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। 13 मई तक जारी रह सकता है मौसम का असर मौसम विभाग का कहना है कि 13 मई तक राज्य में बादल छाए रह सकते हैं। दिन में उमस और गर्मी बनी रहेगी, जबकि दोपहर बाद कई इलाकों में गरज के साथ बारिश हो सकती है। पूर्वी सिंहभूम में हुई सबसे ज्यादा बारिश गुरुवार को कई जिलों में मौसम बदला हुआ नजर आया। Ranchi में दिनभर तेज धूप के बाद शाम में बारिश हुई। वहीं East Singhbhum के दारीसाई इलाके में सबसे ज्यादा 14 मिमी बारिश दर्ज की गई। तापमान की बात करें तो रांची का अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि Medininagar सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
भीषण गर्मी से जूझ रहे झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राजधानी रांची सहित कई इलाकों में तेज आंधी, बारिश और वज्रपात ने लोगों को गर्मी से राहत दी, लेकिन इसके साथ ही जनजीवन भी प्रभावित हुआ। गुरुवार दोपहर बाद करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं ने कई जगहों पर पेड़ उखाड़ दिए, जिससे यातायात और बिजली व्यवस्था बाधित हो गई। बारिश के दौरान रांची में लगभग 4 मिमी वर्षा दर्ज की गई। मौसम के इस बदलाव का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा। वहीं, वज्रपात की चपेट में आने से बरियातु क्षेत्र के एक युवक की मौत हो गई, जिससे इलाके में शोक का माहौल है। तापमान में भारी गिरावट, लोगों को मिली राहत अचानक बदले मौसम के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान में 7.9 डिग्री सेल्सियस की कमी आई, जबकि न्यूनतम तापमान में 6.6 डिग्री की गिरावट देखी गई। रांची का अधिकतम तापमान 30.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे लोगों को तपती गर्मी से राहत मिली। 17 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी भारत मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार के लिए झारखंड के 17 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि अन्य जिलों में येलो अलर्ट लागू है। विभाग के अनुसार, राज्य के पूर्वी और मध्य हिस्सों में कहीं-कहीं 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, साथ ही गरज के साथ वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। अन्य क्षेत्रों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। आने वाले दिनों में भी राहत के संकेत मौसम विभाग के अनुसार, 1 से 4 मई के बीच राज्य में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। इस दौरान कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। इससे आने वाले दिनों में भी लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
झारखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग ने अगले 24–48 घंटों में तेज आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात की चेतावनी दी है। लोगों को खास सतर्क रहने की सलाह दी गई है। 8 अप्रैल: इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट इन जिलों में तेज मौसम का असर देखने को मिल सकता है: गोड्डा, साहेबगंज, पाकुड़ दुमका, देवघर, जामताड़ा धनबाद, बोकारो, गिरिडीह हजारीबाग, कोडरमा, रामगढ़ रांची, खूंटी पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम सरायकेला-खरसावां संभावित असर: गर्जन के साथ वज्रपात ओलावृष्टि 50–60 किमी/घंटा की तेज हवाएं 9 अप्रैल: येलो अलर्ट जारी इन जिलों में मौसम थोड़ा कम तीव्र लेकिन असरदार रहेगा: गोड्डा, साहेबगंज, पाकुड़ दुमका, देवघर, जामताड़ा धनबाद, बोकारो रामगढ़, रांची, खूंटी पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम सरायकेला-खरसावां संभावित असर: गर्जन और वज्रपात 40–50 किमी/घंटा की हवाएं लोगों के लिए जरूरी सावधानियां खराब मौसम में घर के अंदर रहें खिड़कियां-दरवाजे बंद रखें पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें मवेशियों को सुरक्षित जगह पर रखें बेवजह यात्रा करने से बचें किसानों के लिए अलर्ट ओलावृष्टि और तेज हवा से फसलों बागवानी को भारी नुकसान हो सकता है, इसलिए पहले से तैयारी रखें।
रांची: झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। खासकर 20 मार्च को हालात ज्यादा गंभीर रहने की संभावना जताई गई है। 70 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकती है हवा मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से राज्य में तेज आंधी का असर दिखेगा। कई जगहों पर हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही गरज-चमक, वज्रपात और ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। पूरे राज्य में ऑरेंज अलर्ट, लोगों को सावधान रहने की सलाह रांची स्थित मौसम केंद्र के निदेशक Abhishek Anand ने बताया कि 20 मार्च के लिए पूरे झारखंड में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को अनावश्यक बाहर न निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। इन जिलों में ज्यादा असर मौसम विभाग के अनुसार, रांची, धनबाद, दुमका, देवघर, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़, साहिबगंज, कोडरमा, बोकारो, चतरा, रामगढ़ और हजारीबाग में तेज आंधी के साथ ओलावृष्टि और वज्रपात की संभावना अधिक है। वहीं खूंटी, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, पलामू, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा में 50 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। 19 मार्च को भी दिखेगा असर 19 मार्च को भी राज्य के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में दोपहर के बाद 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। 22 मार्च से मिलेगा राहत मौसम विभाग का कहना है कि 22 मार्च से राज्य में मौसम साफ और शुष्क हो जाएगा। इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। तापमान और बारिश का हाल गुरुवार को मेदिनीनगर में सबसे अधिक 37.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं रांची का अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री और न्यूनतम 18.5 डिग्री रहा। पिछले 24 घंटों में पश्चिमी सिंहभूम के मझगांव में सबसे ज्यादा 15 mm बारिश दर्ज की गई, जबकि रांची और गुमला में ओलावृष्टि हुई।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।