Raja Shivaji

Raja Shivaji Box Office Collection
‘राजा शिवाजी’ का 27वें दिन भी बॉक्स ऑफिस पर जलवा कायम

मुंबई, एजेंसियां। मराठी ऐतिहासिक एक्शन ड्रामा फिल्म ‘राजा शिवाजी’ बॉक्स ऑफिस पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। रिलीज के चार हफ्ते बाद भी फिल्म की कमाई थमने का नाम नहीं ले रही है। रितेश देशमुख के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने अब एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। फिल्म ने अभिषेक बच्चन की सुपरहिट फिल्म ‘बोल बच्चन’ को पीछे छोड़ते हुए उनके करियर की भारत में पांचवीं सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म का स्थान हासिल कर लिया है।   27वें दिन भी जारी रही कमाई रिपोर्ट्स के मुताबिक ‘राजा शिवाजी’ ने रिलीज के 27वें दिन यानी चौथे बुधवार को भारतीय बॉक्स ऑफिस पर लगभग 40 लाख रुपये का कारोबार किया। इससे पहले तीसरे मंगलवार को फिल्म ने 45 लाख रुपये की कमाई की थी। अब तक फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 102.7 करोड़ रुपये पहुंच चुका है, जबकि इसकी ग्रॉस कमाई 121.2 करोड़ रुपये बताई जा रही है।   यह फिल्म पहले ही मराठी सिनेमा की पहली 100 करोड़ रुपये कमाने वाली फिल्म बन चुकी है। फिल्म में संजय दत्त, भाग्यश्री, अभिषेक बच्चन, बोमन ईरानी और महेश मांजरेकर जैसे कलाकारों ने अहम भूमिकाएं निभाई हैं।   अब ‘हाउसफुल 3’ पर नजर ‘राजा शिवाजी’ ने 102 करोड़ रुपये की कमाई के साथ अभिषेक बच्चन की फिल्म ‘बोल बच्चन’ को पीछे छोड़ दिया है, जिसने भारत में 102 करोड़ रुपये का कारोबार किया था। अब फिल्म का अगला लक्ष्य ‘हाउसफुल 3’ का 107.7 करोड़ रुपये का लाइफटाइम कलेक्शन है। ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि पांचवें वीकेंड तक फिल्म यह रिकॉर्ड भी तोड़ सकती है।   अभिषेक बच्चन की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में ‘धूम 3’, ‘हैप्पी न्यू ईयर’, ‘हाउसफुल 5’ और ‘हाउसफुल 3’ शामिल हैं। अब ‘राजा शिवाजी’ भी इस खास सूची में अपना मजबूत स्थान बना चुकी है।

Unknown मई 28, 2026 0
Riteish Deshmukh in Raja Shivaji as the film crosses ₹100 crore at Indian box office
ऋतेश देशमुख की ‘राजा शिवाजी’ ने रचा इतिहास, भारत में 100 करोड़ कमाने वाली पहली मराठी फिल्म बनी

Raja Shivaji ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया है। Riteish Deshmukh स्टारर इस ऐतिहासिक फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। इसके साथ ही यह भारत में 100 करोड़ क्लब में पहुंचने वाली पहली मराठी फिल्म बन गई है। तीसरे मंगलवार को फिल्म ने करीब 1.50 करोड़ रुपये की कमाई की, जिसके बाद इसका कुल भारतीय बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 100.85 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। फिल्म अब भी सिनेमाघरों में मजबूत पकड़ बनाए हुए है और ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसका लाइफटाइम कलेक्शन 110 से 115 करोड़ रुपये तक जा सकता है। ‘सैराट’ और ‘बाईपण भारी देवा’ को छोड़ा पीछे इससे पहले Sairat और Baipan Bhari Deva जैसी फिल्मों ने शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन वे 100 करोड़ क्लब तक पहुंचने से थोड़ा पीछे रह गई थीं। हालांकि दिलचस्प बात यह है कि उन फिल्मों की कमाई का बड़ा हिस्सा महाराष्ट्र से आया था, जबकि ‘राजा शिवाजी’ को महाराष्ट्र के बाहर भी अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। यही वजह है कि फिल्म ने ऑल इंडिया लेवल पर बड़ा रिकॉर्ड बना दिया। महाराष्ट्र में अभी भी पीछे भले ही ‘राजा शिवाजी’ ने नया रिकॉर्ड बनाया हो, लेकिन महाराष्ट्र के अंदर की कमाई के मामले में यह अभी भी कुछ बड़ी फिल्मों से पीछे है। Tanhaji और Chhaava जैसी फिल्मों ने महाराष्ट्र में जबरदस्त बिजनेस किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आज के हिसाब से ‘तान्हाजी’ का एडजस्टेड कलेक्शन करीब 250 करोड़ रुपये और ‘छावा’ का कलेक्शन 300 करोड़ रुपये से ज्यादा माना जाता है। ट्रेड रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘राजा शिवाजी’ महाराष्ट्र में 100 करोड़ रुपये के आंकड़े तक शायद नहीं पहुंच पाएगी, लेकिन फिर भी यह फिल्म मराठी सिनेमा के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। ऋतेश देशमुख ने फिर साबित किया स्टारडम ‘राजा शिवाजी’ की सफलता के साथ ऋतेश देशमुख ने एक बार फिर मराठी सिनेमा में अपनी मजबूत फैन फॉलोइंग साबित कर दी है। लगातार हिट फिल्मों के जरिए उन्होंने यह दिखाया है कि दर्शकों के बीच उनकी पकड़ काफी मजबूत है। फिल्म का ऐतिहासिक विषय, भव्य प्रस्तुति और दमदार अभिनय दर्शकों को खूब पसंद आ रहा है। भारत में ‘राजा शिवाजी’ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन समय कमाई पहला हफ्ता 61.75 करोड़ रुपये दूसरा हफ्ता 28.00 करोड़ रुपये तीसरा शुक्रवार 1.60 करोड़ रुपये तीसरा शनिवार 3.00 करोड़ रुपये तीसरा रविवार 3.75 करोड़ रुपये तीसरा सोमवार 1.25 करोड़ रुपये तीसरा मंगलवार 1.50 करोड़ रुपये (अनुमानित) कुल कमाई 100.85 करोड़ रुपये

surbhi मई 20, 2026 0
Raja Shivaji
Day 5 पर भी ‘Raja Shivaji’ का जलवा, बॉक्स ऑफिस पर ताबड़तोड़ कमाई

मुंबई, एजेंसियां। Raja Shivaji बॉक्स ऑफिस पर लगातार मजबूत प्रदर्शन कर रही है। रितेश देशमुख द्वारा निर्देशित और अभिनीत इस ऐतिहासिक फिल्म को दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है। ओपनिंग वीकेंड पर शानदार कमाई करने के बाद फिल्म ने वीकडेज में भी अपनी पकड़ बनाए रखी है।   पहले चार दिनों में शानदार कलेक्शन फिल्म ने पहले दिन 11.35 करोड़ रुपये के साथ शानदार शुरुआत की थी। दूसरे दिन इसमें हल्की गिरावट आई और 10.55 करोड़ रुपये की कमाई हुई। तीसरे दिन रविवार का फायदा मिला और कलेक्शन 12 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं सोमवार को कमाई में गिरावट दर्ज की गई, लेकिन इसके बावजूद फिल्म ने 5.60 करोड़ रुपये जुटाए। इस तरह चार दिनों में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 39.50 करोड़ रुपये और ग्रॉस कलेक्शन करीब 46.95 करोड़ रुपये हो चुका है।   पांचवें दिन भी जारी कमाई का सिलसिला मंगलवार यानी रिलीज के पांचवें दिन भी फिल्म ने धीमी लेकिन स्थिर शुरुआत की है। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक दोपहर 1 बजे तक फिल्म ने लगभग 0.28 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है। इस दौरान दोपहर के शो में लगभग 9.7% ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई, जो वीकडे के हिसाब से ठीक मानी जा रही है।   वीकडेज में भी दर्शकों का साथ हालांकि सोमवार को फिल्म की कमाई में गिरावट देखी गई थी, लेकिन इसके बावजूद यह अन्य फिल्मों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर रही है। वीकडेज में भी दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचना फिल्म की बड़ी सफलता मानी जा रही है। ‘राजा शिवाजी’ का बॉक्स ऑफिस पर प्रदर्शन यह दिखाता है कि फिल्म को मजबूत वर्ड ऑफ माउथ मिल रहा है। अगर यही रफ्तार बनी रही, तो आने वाले दिनों में यह फिल्म 50 करोड़ के आंकड़े को पार कर सकती है। अब सभी की नजर इसके फाइनल डे 5 कलेक्शन पर टिकी है, जो रात तक सामने आएंगे।

Unknown मई 5, 2026 0
Raja Shivaji movie poster featuring Riteish Deshmukh with Salman Khan cameo buzz
‘राजा शिवाजी’ की धमाकेदार ओपनिंग: पहले दिन 11.35 करोड़ की कमाई, सलमान खान के कैमियो ने बढ़ाया क्रेज

मराठी और हिंदी सिनेमा के दर्शकों के बीच बहुप्रतीक्षित फिल्म Raja Shivaji ने रिलीज के साथ ही बॉक्स ऑफिस पर मजबूत शुरुआत दर्ज की है। अभिनेता-निर्देशक Riteish Deshmukh का यह ड्रीम प्रोजेक्ट पहले ही दिन चर्चा का केंद्र बन गया है। खास तौर पर फिल्म में Salman Khan के कैमियो ने दर्शकों की उत्सुकता को और बढ़ा दिया है। पहले दिन की कमाई ने चौंकाया ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ने पहले दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 11.35 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। इसमें हिंदी वर्जन से करीब 3.35 करोड़ रुपये, जबकि मराठी वर्जन से लगभग 8 करोड़ रुपये की कमाई हुई। ग्रॉस कलेक्शन 13.51 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो एक मजबूत ओपनिंग का संकेत है। कड़ी टक्कर के बीच बनाई जगह फिल्म की रिलीज ऐसे समय पर हुई है जब बॉक्स ऑफिस पर कई बड़ी फिल्में पहले से मौजूद हैं। Aamir Khan के प्रोडक्शन की फिल्म Ek Din, हॉलीवुड की The Devil Wears Prada 2, Michael और Dhurandhar: The Revenge जैसी फिल्मों के बीच ‘राजा शिवाजी’ ने अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। फिल्म की खासियत क्या है? ‘राजा शिवाजी’ Chhatrapati Shivaji Maharaj के जीवन पर आधारित एक भव्य ऐतिहासिक फिल्म है। इसमें रितेश देशमुख ने न सिर्फ मुख्य भूमिका निभाई है, बल्कि लेखन और निर्देशन भी किया है। फिल्म में Sanjay Dutt, Abhishek Bachchan, Vidya Balan, Genelia Deshmukh और Boman Irani जैसे दिग्गज कलाकार नजर आए हैं। संगीत मशहूर जोड़ी Ajay-Atul ने दिया है, जो फिल्म की भव्यता को और बढ़ाता है। आगे की कमाई पर टिकी नजर पहले दिन की अच्छी ओपनिंग के बाद अब सभी की नजर वीकेंड कलेक्शन पर है। अगर फिल्म को दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलती है, तो खासकर मराठी बाजार में इसकी कमाई में तेजी देखने को मिल सकती है।  

surbhi मई 2, 2026 0
Raja Shivaji
इतिहास की सबसे महंगी कास्ट में शामिल ‘राजा शिवाजी’? जानिए पूरी डिटेल

मुंबई, एजेंसियां। मई में रिलीज होने जा रही फिल्म ‘राजा शिवाजी’ को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। लगभग 100 करोड़ रुपये के बड़े बजट में बनी यह फिल्म ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित है और इसमें कई बड़े सितारे अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म की खास बात इसकी मल्टी-स्टार कास्ट और कलाकारों को दी गई भारी फीस है।   मुख्य कलाकार और उनकी फीस फिल्म में रितेश देशमुख लीड रोल में हैं, जो छत्रपति शिवाजी महाराज का किरदार निभा रहे हैं। उन्होंने न सिर्फ अभिनय किया है, बल्कि निर्देशन और सह-लेखन भी संभाला है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इसके लिए उन्हें 15 से 18 करोड़ रुपये की फीस मिली है। संजय दत्त फिल्म में अफजल खान की भूमिका में नजर आएंगे और उन्हें 8 से 10 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। वहीं अभिषेक बच्चन संभाजी शाहजी भोसले के किरदार में दिखेंगे, जिनकी फीस 6 से 8 करोड़ रुपये बताई जा रही है।   अन्य कलाकारों की कमाई और भूमिकाएं जिनिलिया देशमुख साईबाई के किरदार में नजर आएंगी और उन्हें 1 से 2 करोड़ रुपये मिले हैं। वह फिल्म की निर्माता भी हैं। महेश मांजरेकर लखूजी जाधव की भूमिका निभा रहे हैं और उनकी फीस 2 से 3 करोड़ रुपये बताई गई है। फरदीन खान शाहजहां के किरदार में नजर आएंगे और उन्हें भी लगभग 2 से 3 करोड़ रुपये मिले हैं। वहीं विद्या बालन को ताजुल मुखिदारत के रोल के लिए करीब 1.5 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।   रिलीज और विवाद फिल्म 1 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। हालांकि ट्रेलर रिलीज के बाद इसे कुछ आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा है। कुछ दर्शकों ने ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगाया है, खासकर शिवाजी और अफजल खान के बीच दिखाए गए दृश्यों को लेकर। इसके बावजूद फिल्म को लेकर उत्साह बरकरार है।

Unknown अप्रैल 24, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Military activity near the Strait of Hormuz amid escalating US-Iran tensions and reported retaliatory strikes.
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अपाचे हेलीकॉप्टर घटना के बाद अमेरिका का ईरान पर हमला, तेहरान ने दी कड़ी चेतावनी

Deepshikha जून 10, 2026 0