Ranchi Rain

Dark clouds and heavy rain over Jharkhand as IMD issues thunderstorm and strong wind alert till May 19
झारखंड में बदला मौसम का मिजाज, 19 मई तक तेज हवा और बारिश का अलर्ट

  Jharkhand में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। मई की तपती गर्मी के बीच राज्य के कई इलाकों में बारिश और तेज हवाओं ने लोगों को राहत दी है, लेकिन साथ ही मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए सतर्क रहने की चेतावनी भी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 19 मई तक राज्यभर में गरज-चमक, तेज हवा और बारिश का दौर जारी रह सकता है। राजधानी Ranchi में बुधवार दोपहर और रात को हुई बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया। शहर में करीब 20 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि कई इलाकों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। तेज हवा की वजह से कुछ क्षेत्रों में लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना भी करना पड़ा। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को राज्य में सबसे ज्यादा बारिश Chaibasa में दर्ज की गई। वहीं तापमान में भी गिरावट देखने को मिली। रांची का अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा Jamshedpur में 36 डिग्री, Bokaro में 34.1 डिग्री और चाईबासा में 36.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। 14 मई को कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के मुताबिक 14 मई को राज्य के पूर्वी और मध्य हिस्सों में कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान आने की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। 15 और 16 मई के लिए ऑरेंज अलर्ट 15 मई को Godda, Sahibganj, Pakur, Dumka, Deoghar, Jamtara और Giridih जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी, बारिश और वज्रपात को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 16 मई को रांची समेत पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज में भी खराब मौसम की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने इन इलाकों में तेज हवा, गर्जन और बिजली गिरने की आशंका जताई है। लोगों से सतर्क रहने की अपील मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि आंधी और बिजली गिरने के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और मौसम से जुड़ी आधिकारिक जानकारी पर नजर बनाए रखें। 19 मई तक जारी रहेगा मौसम का असर मौसम विभाग के अनुसार 19 मई तक राज्य के अधिकांश जिलों में मौसम का असर बना रहेगा। इस दौरान तेज हवा, वज्रपात और बारिश की संभावना को देखते हुए कई जिलों में येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। 17 मई को गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार और लोहरदगा को छोड़कर ज्यादातर जिलों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।  

surbhi मई 14, 2026 0
Dark clouds and strong winds over Jharkhand as IMD issues storm and rain alert
Jharkhand Weather: झारखंड में तेज आंधी-बारिश का अलर्ट, कई जिलों में 60 KMPH तक चलेगी हवा

मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट Jharkhand में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राज्य के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। वहीं मौसम विभाग ने 9 और 10 मई को तेज आंधी, बारिश और वज्रपात की आशंका को देखते हुए कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से 13 मई तक राज्यभर में मौसम का मिजाज बदला रह सकता है। आज कैसा रहेगा मौसम? 8 मई को झारखंड के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों को छोड़कर बाकी इलाकों में गरज के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। 9 और 10 मई को इन जिलों में ज्यादा असर मौसम विभाग के अनुसार 9 और 10 मई को Ranchi, Dhanbad, Bokaro, Ramgarh, Khunti, Lohardaga और Gumla समेत उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी जिलों में तेज मौसम का ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। साथ ही वज्रपात और बारिश की भी संभावना जताई गई है। इसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं राज्य के बाकी हिस्सों में भी तेज हवा और बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। 13 मई तक जारी रह सकता है मौसम का असर मौसम विभाग का कहना है कि 13 मई तक राज्य में बादल छाए रह सकते हैं। दिन में उमस और गर्मी बनी रहेगी, जबकि दोपहर बाद कई इलाकों में गरज के साथ बारिश हो सकती है। पूर्वी सिंहभूम में हुई सबसे ज्यादा बारिश गुरुवार को कई जिलों में मौसम बदला हुआ नजर आया। Ranchi में दिनभर तेज धूप के बाद शाम में बारिश हुई। वहीं East Singhbhum के दारीसाई इलाके में सबसे ज्यादा 14 मिमी बारिश दर्ज की गई। तापमान की बात करें तो रांची का अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि Medininagar सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।  

surbhi मई 8, 2026 0
Dark clouds and heavy rain over Ranchi as thunderstorms hit Jharkhand districts
झारखंड में मौसम का बदला मिजाज: आंधी-बारिश से राहत, 17 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

भीषण गर्मी से जूझ रहे झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राजधानी रांची सहित कई इलाकों में तेज आंधी, बारिश और वज्रपात ने लोगों को गर्मी से राहत दी, लेकिन इसके साथ ही जनजीवन भी प्रभावित हुआ। गुरुवार दोपहर बाद करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं ने कई जगहों पर पेड़ उखाड़ दिए, जिससे यातायात और बिजली व्यवस्था बाधित हो गई। बारिश के दौरान रांची में लगभग 4 मिमी वर्षा दर्ज की गई। मौसम के इस बदलाव का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा। वहीं, वज्रपात की चपेट में आने से बरियातु क्षेत्र के एक युवक की मौत हो गई, जिससे इलाके में शोक का माहौल है। तापमान में भारी गिरावट, लोगों को मिली राहत अचानक बदले मौसम के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान में 7.9 डिग्री सेल्सियस की कमी आई, जबकि न्यूनतम तापमान में 6.6 डिग्री की गिरावट देखी गई। रांची का अधिकतम तापमान 30.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे लोगों को तपती गर्मी से राहत मिली। 17 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी भारत मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार के लिए झारखंड के 17 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि अन्य जिलों में येलो अलर्ट लागू है। विभाग के अनुसार, राज्य के पूर्वी और मध्य हिस्सों में कहीं-कहीं 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, साथ ही गरज के साथ वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। अन्य क्षेत्रों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। आने वाले दिनों में भी राहत के संकेत मौसम विभाग के अनुसार, 1 से 4 मई के बीच राज्य में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। इस दौरान कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। इससे आने वाले दिनों में भी लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।  

surbhi मई 1, 2026 0
Heavy rain and dark clouds over Ranchi as thunderstorms hit several Jharkhand districts
झारखंड में बदला मौसम का मिजाज: बारिश से मिली राहत, कई जिलों में आंधी-तूफान का अलर्ट जारी

झारखंड में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ली है। राजधानी Ranchi समेत कई जिलों में हुई बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने लोगों को गर्मी से राहत जरूर दी है, लेकिन इसके साथ ही कई जगहों पर जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने आज के लिए राज्य के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और वज्रपात की आशंका जताते हुए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। बारिश से तापमान में गिरावट, मिली राहत राज्य के अलग-अलग जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। खूंटी: 34.5 मिमी बोकारो: 32.4 मिमी रांची: 2.0 मिमी कांके: 12.2 मिमी इस बारिश से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को तपती गर्मी से राहत मिली है। बदले मौसम ने बढ़ाई मुश्किलें जहां एक ओर बारिश ने राहत दी, वहीं तेज आंधी और ओलावृष्टि ने कई इलाकों में नुकसान भी पहुंचाया। बेड़ो क्षेत्र में फसलों को आंशिक नुकसान सड़क पर पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित ओरमांझी के कुकुई गांव में पेड़ की डाल गिरने से दो छात्राएं घायल यह घटनाएं बताती हैं कि अचानक मौसम परिवर्तन के साथ सावधानी बरतना जरूरी है। बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा असर तेज आंधी और बारिश के दौरान कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। नामकुम-सिकिदरी हाई वोल्टेज लाइन ट्रिप हटिया-कांके अंडरग्राउंड केबल पंक्चर इससे कई क्षेत्रों में अस्थायी बिजली कटौती देखने को मिली। इन जिलों में तेज आंधी और वज्रपात का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, गोड्डा, साहिबगंज, पाकुड़, दुमका, देवघर, जामताड़ा, गिरिडीह, धनबाद, बोकारो, रामगढ़ और रांची में 50–60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी 40–50 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी और गरज के साथ बारिश हो सकती है।  

surbhi अप्रैल 30, 2026 0
Dark clouds over Jharkhand sky with lightning strikes and rainfall during sudden weather change
झारखंड में बदला मौसम का मिजाज: कई जिलों में बारिश और वज्रपात की चेतावनी, ऑरेंज अलर्ट जारी

अप्रैल के अंतिम सप्ताह में झारखंड के मौसम ने अचानक करवट ली है। भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को अब राहत मिलने लगी है। मंगलवार सुबह राज्य के कई हिस्सों, खासकर रांची में तेज गर्जन, वज्रपात और हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई और मौसम सुहावना हो गया। राजधानी रांची में लगभग 2 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि धनबाद में 5 मिमी और जमशेदपुर में हल्की बूंदाबांदी हुई। इस बदलाव ने गर्मी से जूझ रहे लोगों को कुछ राहत जरूर दी है, लेकिन इसके साथ ही खतरे भी बढ़े हैं। तापमान में गिरावट, लेकिन खतरा बरकरार बारिश के चलते रांची का अधिकतम तापमान 1.7 डिग्री गिरकर 38.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। हालांकि, इसी दौरान वज्रपात की एक दुखद घटना में बेड़ो क्षेत्र के खुखरा गांव के 61 वर्षीय किसान भीम महतो की जान चली गई, जो मौसम के इस बदलाव के जोखिम को भी दर्शाता है। कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट भारतीय मौसम विभाग ने 29 अप्रैल के लिए राज्य के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों में तेज आंधी, बारिश और वज्रपात की आशंका है, उनमें रांची, खूंटी, रामगढ़, पश्चिमी और पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, दुमका, जामताड़ा, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ शामिल हैं। अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां तेज हवा और वज्रपात की संभावना बनी हुई है। मई की शुरुआत में भी ऐसा ही रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, 30 अप्रैल को भी यही स्थिति बनी रह सकती है। इसके अलावा 1 से 5 मई तक राज्यभर में बादल छाए रहने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। यह मौसम बदलाव जहां एक ओर राहत लेकर आया है, वहीं दूसरी ओर लोगों को सतर्क रहने की जरूरत भी बढ़ गई है। खासकर वज्रपात के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने और सुरक्षित जगहों पर शरण लेने की सलाह दी गई है।  

surbhi अप्रैल 29, 2026 0
Cloudy sky with rainfall and cool breeze in Ranchi amid yellow weather alert in Jharkhand
रांची में बारिश से मौसम सुहावना, कई जिलों में येलो अलर्ट जारी; 10 अप्रैल से बढ़ेगी गर्मी

झारखंड में अप्रैल की शुरुआत राहत भरे मौसम के साथ हुई है, लेकिन यह राहत ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है। राज्य की राजधानी रांची में इन दिनों मौसम काफी सुहावना बना हुआ है। ठंडी हवाएं, हल्की नमी और संतुलित तापमान ने लोगों को गर्मी से अस्थायी राहत दी है। खासकर सुबह और शाम की ठंडक लोगों को बाहर निकलने के लिए प्रेरित कर रही है। बारिश और ओलावृष्टि से बदला मौसम बुधवार को रांची में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि दर्ज की गई। इस दौरान अधिकतम तापमान लगभग 30 डिग्री सेल्सियस रहा, जिससे गर्मी का असर काफी हद तक कम महसूस हुआ। कई जिलों में येलो अलर्ट जारी India Meteorological Department के अनुसार 9 अप्रैल को भी राज्य के कई हिस्सों में मौसम खराब रह सकता है। इसे देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है: गोड्डा साहेबगंज पाकुड़ दुमका देवघर जामताड़ा धनबाद बोकारो रामगढ़ रांची खूंटी पूर्वी सिंहभूम पश्चिमी सिंहभूम सरायकेला-खरसावां इन क्षेत्रों में तेज हवा (40–50 किमी/घंटा), गरज-चमक, वज्रपात और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें और सुरक्षित जगह पर शरण लें। 10 अप्रैल से मौसम में बदलाव के संकेत मौसम विभाग के अनुसार 10 अप्रैल से आसमान साफ होने लगेगा और मौसम शुष्क हो जाएगा। इसके साथ ही अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। आगे चलकर 14 अप्रैल के बाद गर्मी और उमस दोनों में इजाफा होने की संभावना है, जिससे लोगों को फिर से तपती गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।  

surbhi अप्रैल 9, 2026 0
Dark clouds over Jharkhand city with heavy rain and lightning during sudden weather change
झारखंड में बदला मौसम: रांची-कोडरमा में झमाझम बारिश, 13 जिलों में अलर्ट जारी

झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। शुक्रवार शाम को रांची और कोडरमा समेत कई इलाकों में तेज हवा के साथ झमाझम बारिश हुई, जिससे गर्मी से जूझ रहे लोगों को राहत मिली। हालांकि, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए सतर्क रहने की चेतावनी दी है। 4 से 6 अप्रैल तक येलो अलर्ट भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 4 अप्रैल से 6 अप्रैल तक झारखंड में बारिश और खराब मौसम को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान राज्य के कई जिलों में तेज हवाएं, गरज के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है। इन 13 जिलों में विशेष चेतावनी मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को जिन जिलों में मौसम ज्यादा प्रभावित रह सकता है, उनमें शामिल हैं: पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, कोडरमा और धनबाद। इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने के साथ-साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। रविवार और सोमवार को और बढ़ेगा असर मौसम विभाग का अनुमान है कि रविवार और सोमवार को मौसम का असर और तेज हो सकता है। इस दौरान हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। अप्रैल में गर्मी का रिकॉर्ड टूटने के संकेत हालांकि अभी बारिश से थोड़ी राहत मिल रही है, लेकिन मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अप्रैल के दूसरे और तीसरे सप्ताह में तापमान तेजी से बढ़ सकता है। वर्ष 2016 में 42 डिग्री सेल्सियस का रिकॉर्ड बना था, जो इस बार टूटने की संभावना जताई जा रही है। महीने के अंत तक हीट वेव जैसी स्थिति भी बन सकती है। तापमान और बारिश का ताजा अपडेट पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई। रामगढ़ में सबसे ज्यादा 5 मिमी बारिश हुई सरायकेला में अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री दर्ज किया गया गुमला में न्यूनतम तापमान 19.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया

surbhi अप्रैल 4, 2026 0
Dark clouds and rain over Jharkhand city with strong winds and changing weather conditions
Jharkhand में अप्रैल की शुरुआत में बदला मौसम का मिजाज, कहीं बारिश तो कहीं गर्मी-अगले कुछ दिन रहेंगे उतार-चढ़ाव भरे

Jharkhand में अप्रैल की शुरुआत के साथ ही मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का अलग-अलग रूप देखने को मिल रहा है-कहीं तेज हवा और बारिश हो रही है तो कहीं धूल भरी आंधी और गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। ऐसे में कहा जा सकता है कि इस बार मौसम खुद ही लोगों के साथ “अप्रैल फूल” खेलता नजर आ रहा है। मंगलवार शाम आई तेज आंधी और बारिश ने लोगों को चौंका दिया। कई जिलों में हुई इस बारिश के बाद बुधवार को भी आसमान में बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में गरज के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी मौसम का यह अस्थिर रुख जारी रह सकता है। राज्य के कई जिलों में मंगलवार को अच्छी बारिश दर्ज की गई। बोकारो में 17 मिमी वर्षा हुई, जबकि जमशेदपुर में 1.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं बरही में पिछले 24 घंटों के दौरान 35.2 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सबसे अधिक रही। इस बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई है। बोकारो में 8.7 डिग्री सेल्सियस, जमशेदपुर में 4.7 डिग्री, चाईबासा में 6.2 डिग्री और मेदिनीनगर में 1.6 डिग्री तक तापमान गिरा। इससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली है। राजधानी Ranchi में भी मौसम ने अचानक रंग बदला। मंगलवार दोपहर करीब 3:30 बजे तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हुई, जिससे दिनभर की गर्मी के बाद शाम का मौसम सुहाना हो गया। यहां अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन और रात के तापमान में यह अंतर लोगों के लिए असमंजस की स्थिति पैदा कर रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, 1 अप्रैल को राज्य के उत्तरी और मध्य हिस्सों में आंशिक बादल छाए रहेंगे। इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर तेज हवा चलने की संभावना है। यह बदलाव किसानों के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि फसलों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। हालांकि 2 और 3 अप्रैल को मौसम के साफ रहने का अनुमान है। इन दिनों आसमान साफ रहेगा और तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे एक बार फिर गर्मी का असर बढ़ेगा। इसके बाद 4 अप्रैल से मौसम फिर करवट ले सकता है। उत्तरी झारखंड में तेज हवा, गरज और बारिश की संभावना है, जबकि 5 और 6 अप्रैल को राज्य के अधिकांश हिस्सों में मेघ गर्जन, वज्रपात और बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने खासतौर पर वज्रपात के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। मंगलवार को राज्य में सबसे अधिक तापमान मेदिनीनगर में 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि जमशेदपुर में दिनभर उमस के बाद शाम को हुई बारिश ने राहत दी। यहां अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री और न्यूनतम 23.5 डिग्री सेल्सियस रहा। लगातार बदलते मौसम ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। कभी तेज गर्मी, कभी बारिश और कभी तेज हवाएं-इन सबके बीच लोगों को अपने स्वास्थ्य और कामकाज दोनों का ध्यान रखने की जरूरत है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक इसी तरह का उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।  

surbhi अप्रैल 1, 2026 0
hailstorm and rain over Jharkhand with strong winds and lightning
झारखंड में बदला मौसम का मिजाज: बारिश और ओलावृष्टि से राहत भी, नुकसान भी, IMD का अलर्ट जारी

21 मार्च तक सतर्क रहने की चेतावनी, कई जिलों में वज्रपात और तेज हवा का खतरा झारखंड में मंगलवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। दोपहर तक तेज धूप के बाद शाम होते-होते राज्य के कई जिलों में बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात देखने को मिला। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अगले चार दिनों तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में बारिश, ओले और वज्रपात राज्य के रांची, धनबाद, बोकारो, रामगढ़, खूंटी, गुमला, लोहरदगा समेत कई जिलों में देर शाम तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई। कुछ स्थानों पर आसमानी बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल रहा। 21 मार्च तक जारी रहेगा ऐसा ही मौसम मौसम विभाग के अनुसार, 21 मार्च तक राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना बनी रहेगी। विभाग ने रांची, बोकारो, धनबाद, देवघर, दुमका, जामताड़ा, साहिबगंज, गोड्डा और पाकुड़ जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। तेज हवाओं ने बढ़ाई परेशानी रांची में दोपहर बाद मौसम अचानक बदला और करीब 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। शाम होते-होते बारिश शुरू हो गई और कई इलाकों में ओले भी गिरे। मोरहाबादी, कांके रोड, नामकुम और इटकी जैसे क्षेत्रों में ओलावृष्टि दर्ज की गई। तापमान में गिरावट, गर्मी से राहत मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। जहां पहले अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच रहा था, वहीं अब यह घटकर 34-36 डिग्री सेल्सियस तक आ गया है। खूंटी में न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री और रांची में 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कई जिलों में तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की गिरावट आई है। किसानों को भारी नुकसान बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खासकर गुमला, धनबाद और लोहरदगा में गेहूं और सब्जियों की फसल को भारी नुकसान हुआ है। अचानक हुई ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसलें प्रभावित हुई हैं। अलग-अलग जिलों में दर्ज हुई बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पूर्वी सिंहभूम में 37.2 मिमी, पश्चिमी सिंहभूम में 9.6 मिमी, रांची में 4.8 मिमी और धनबाद में 4.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है। 22 मार्च से फिर बदल सकता है मौसम मौसम विभाग का अनुमान है कि 22 मार्च के बाद मौसम में फिर बदलाव आएगा और तापमान दोबारा बढ़ने लगेगा। फिलहाल अगले कुछ दिनों तक लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। सतर्कता जरूरी अचानक बदलते मौसम और वज्रपात की घटनाओं को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर किसानों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।  

surbhi मार्च 18, 2026 0
Dark clouds and rainfall over Ranchi as cyclonic circulation triggers storm and hail alert in Jharkhand
बांग्लादेश में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर, रांची समेत कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट

  बांग्लादेश के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर अब झारखंड के मौसम पर साफ दिखाई देने लगा है। मंगलवार को राजधानी रांची सहित राज्य के कई जिलों में अचानक मौसम बदल गया। दोपहर बाद आसमान में घने बादल छा गए और शाम होते-होते कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई। करीब दो घंटे तक चली बारिश के दौरान रांची में लगभग 9 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इस दौरान कांके और रातू इलाके में तेज हवाएं चलीं और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई। बारिश और ठंडी हवाओं के कारण मौसम सुहावना हो गया, जिससे लोगों को अचानक बढ़ी गर्मी से राहत मिली।   तापमान में आई गिरावट बारिश का असर तापमान पर भी पड़ा। रांची का अधिकतम तापमान करीब 2.8 डिग्री सेल्सियस घटकर 30.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि यह गिरावट ज्यादा दिनों तक नहीं रहेगी। अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में लगभग 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना है। ऐसे में आने वाले दिनों में तापमान फिर से 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।   15 जिलों में यलो अलर्ट जारी मौसम विभाग ने बुधवार को रांची समेत राज्य के 15 जिलों में मेघ गर्जन, तेज हवाओं और वज्रपात की संभावना जताई है। इसे देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है। जिन जिलों में चेतावनी जारी की गई है, उनमें खूंटी, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला खरसावां, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, जामताड़ा, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज शामिल हैं। इन इलाकों में तेज हवा के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों तथा पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है।   घने कोहरे से हवाई सेवाएं प्रभावित मंगलवार सुबह से दोपहर तक रांची में घना कोहरा भी छाया रहा। कोहरे की वजह से हवाई सेवाओं पर असर पड़ा और एक विमान को रांची की जगह कोलकाता डायवर्ट करना पड़ा। इस कारण यात्रियों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।   13–14 मार्च को मौसम रहेगा साफ मौसम विभाग के अनुसार 13 और 14 मार्च को आसमान साफ रहने और मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है। इस दौरान तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे उमस बढ़ने की आशंका है। वहीं 15 मार्च से मौसम फिर करवट ले सकता है। 15 और 16 मार्च को सुबह के समय कोहरा और दिन में बादल छाए रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में मेघ गर्जन के साथ हल्की बारिश भी हो सकती है।  

surbhi मार्च 11, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Indian delegation at international cyber security meeting after India assumed CCDB chairmanship role
राष्ट्रीय

भारत को मिली बड़ी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी, संभाला CCDB के अध्यक्ष का पद

surbhi मई 15, 2026 0