Jharkhand में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। कहीं तेज गर्मी लोगों को परेशान कर रही है तो कई जिलों में आंधी, बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने 20 मई के लिए कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी मौसम विभाग के अनुसार 20 मई को: Bokaro Giridih Dhanbad Deoghar Jamtara Dumka Godda Sahibganj Pakur में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने, वज्रपात और बारिश की संभावना है। रांची समेत कई जिलों में बारिश के आसार Ranchi सहित: Hazaribagh Koderma Chatra Ramgarh Khunti Saraikela Jamshedpur West Singhbhum में बादल छाए रहने, 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। 21 और 22 मई को लू का अलर्ट मौसम विभाग ने 21 मई को: Garhwa Palamu Chatra Latehar में लू चलने की संभावना जताई है। हालांकि बाकी जिलों में दोपहर बाद मौसम बदल सकता है और कहीं-कहीं बारिश भी हो सकती है। 22 मई को भी मौसम का यही पैटर्न बने रहने की संभावना है। 23 मई को फिर तेज आंधी-बारिश की चेतावनी 23 मई को: रांची रामगढ़ हजारीबाग बोकारो चतरा कोडरमा गिरिडीह धनबाद जामताड़ा देवघर दुमका पाकुड़ साहिबगंज में दोपहर बाद तेज आंधी, बारिश और वज्रपात की आशंका है। हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने फिर से ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा राज्य के बाकी हिस्सों में भी तेज हवा और बारिश की संभावना बनी हुई है। विभाग ने 25 मई तक पूरे झारखंड में येलो अलर्ट जारी किया है। रांची और मेदिनीनगर का तापमान पिछले 24 घंटों में: रांची का अधिकतम तापमान 1.2 डिग्री बढ़कर 37.4°C दर्ज किया गया Medininagar का तापमान 42.4°C रहा जमशेदपुर का अधिकतम तापमान 40.4°C रिकॉर्ड किया गया वहीं सरायकेला में 7 मिमी बारिश दर्ज की गई और खूंटी समेत कई इलाकों में तेज हवा चली।
Jharkhand में मई के महीने के बीच मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। राज्य के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से बादल, हल्की बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल रहा है। अब मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए भी बारिश, आंधी और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, 23 मई तक राज्य के अलग-अलग जिलों में मौसम इसी तरह बदला हुआ बना रहेगा। कई इलाकों में तेज हवा के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। 19 मई: आंशिक बादल और हल्की बारिश के आसार मौसम विभाग के मुताबिक, 19 मई को राज्य में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। हालांकि उत्तर-पश्चिमी और उससे सटे मध्य भागों, खासकर Hazaribagh और Koderma को छोड़कर बाकी जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। 20 और 21 मई: तेज आंधी और वज्रपात का खतरा 20 और 21 मई को मौसम और ज्यादा सक्रिय हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के पूर्वी और आसपास के मध्य क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ गरज और वज्रपात की भी आशंका है। वहीं Palamu और Garhwa को छोड़कर पश्चिमी, दक्षिणी और निकटवर्ती मध्य भागों में भी तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। 21 मई को Latehar समेत कुछ उत्तर-पश्चिमी जिलों को छोड़कर राज्य के अधिकांश हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। 22 मई: फिर बारिश की संभावना 22 मई को भी मौसम पूरी तरह साफ होने के संकेत नहीं हैं। पश्चिमी जिलों को छोड़कर बाकी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी है। मई के अंतिम सप्ताह तक जारी रहेगा असर मौसम केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार मई के अंतिम सप्ताह तक राज्य में मौसम का यही बदला हुआ रूप बना रह सकता है। बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की गतिविधियां कई जिलों में जारी रहने की संभावना है। किसानों और आम लोगों को मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की गई है।
Jharkhand में इस बार मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। मई के महीने में जहां आमतौर पर भीषण गर्मी पड़ती है, वहीं इस साल राज्य के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश और ठंडी हवाओं ने तापमान को सामान्य से नीचे बनाए रखा है। मौसम विभाग के मुताबिक 1 मार्च से अब तक राज्य के 19 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। मौसम विशेषज्ञ इसे क्लाइमेट चेंज का संकेत मान रहे हैं। आने वाले दिनों में भी राहत मिलने के आसार नहीं हैं, क्योंकि 23 मई तक तेज हवा, बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। अप्रैल में गर्मी, मई में बदला मौसम मौसम विभाग के अनुसार अप्रैल की शुरुआत में झारखंड में भीषण गर्मी पड़ी थी और कई जिलों का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था। लेकिन इसके बाद मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिला। मई में ज्यादातर जिलों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री से नीचे रहा और पूरे राज्य का औसत तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। इसी वजह से लोगों को इस बार सामान्य मई जैसी तेज गर्मी महसूस नहीं हो रही है। किन जिलों में हुई सबसे ज्यादा बारिश? राज्य के छह जिलों में सामान्य से 100 प्रतिशत से अधिक बारिश दर्ज की गई है: बोकारो हजारीबाग लातेहार रामगढ़ रांची सिमडेगा वहीं चतरा, गढ़वा, लोहरदगा और साहिबगंज में सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। 23 मई तक खराब रहेगा मौसम India Meteorological Department के मौसम केंद्र ने अनुमान जताया है कि मई के अंतिम सप्ताह तक मौसम इसी तरह बदला रहेगा। 19 और 20 मई को संताल परगना, मध्य झारखंड, Ranchi और आसपास के इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ बारिश, गर्जन और वज्रपात की भी संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिक ने दी चेतावनी रांची मौसम केंद्र के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के मुताबिक झारखंड में मौसम का यह बदलता पैटर्न क्लाइमेट चेंज का असर हो सकता है। उन्होंने कहा कि पहले बारिश सामान्य होती थी, लेकिन अब तेज हवा, भारी बारिश और वज्रपात जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें और सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। वज्रपात के समय मोबाइल फोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल करने और सेल्फी लेने जैसी गतिविधियों से बचने की सलाह भी दी गई है।
मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट, कई जिलों में खतरे की आशंका झारखंड में मौसम का मिजाज लगातार अस्थिर बना हुआ है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों के लिए 17 और 18 मई को तेज आंधी, गरज-चमक और भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार बदलते मौसम पैटर्न और स्थानीय वायुमंडलीय दबाव के कारण राज्य में आंधी-पानी की स्थिति बनी हुई है। 17 मई का मौसम: किन जिलों में ज्यादा असर 17 मई को झारखंड के उत्तर-पूर्वी और मध्य हिस्सों में मौसम सबसे ज्यादा खराब रहने की संभावना है। इसमें शामिल जिले हैं: धनबाद कोडरमा हजारीबाग बोकारो रामगढ़ रांची इन क्षेत्रों में 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, साथ ही गरज-चमक के साथ आंधी-बारिश की संभावना है। वहीं गुमला और खूंटी जैसे दक्षिणी जिलों में भी 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। 18 मई का मौसम: कई जिलों में फिर बिगड़ेगा हाल 18 मई को भी मौसम में खास सुधार की उम्मीद नहीं है। इस दिन: कोडरमा, हजारीबाग, बोकारो, रामगढ़, रांची और धनबाद चतरा सहित उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र इन सभी इलाकों में आंधी-तूफान और तेज बारिश की संभावना बनी रहेगी। कई स्थानों पर हवाओं की रफ्तार 50-60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। 15 और 16 मई का हाल: पहले से जारी है येलो अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार 15 और 16 मई को भी झारखंड के अधिकांश हिस्सों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन दिनों हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। तापमान में उतार-चढ़ाव जारी लगातार बदलते मौसम का असर तापमान पर भी साफ दिख रहा है। मेदिनीनगर: 44°C रांची: 34.5°C (न्यूनतम 19.2°C) जमशेदपुर: 36°C बोकारो: 36.5°C चाईबासा: 36.5°C दिन में तेज गर्मी और शाम को आंधी-बारिश के कारण तापमान में तेजी से उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। मौसम विभाग की चेतावनी मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। तेज हवाओं और वज्रपात की संभावना को देखते हुए खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर ढांचों से दूर रहने की सलाह दी गई है। किसानों और बाहरी काम करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है।
रांची समेत कई जिलों में तेज हवाओं और वज्रपात का खतरा Jharkhand में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। मंगलवार को राजधानी Ranchi समेत कई जिलों में तेज आंधी और बारिश देखने को मिली। खराब मौसम के कारण कई जगहों पर पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। कुछ इलाकों में पेड़ कारों और ई-रिक्शा पर भी गिर पड़े। मौसम विभाग ने 13 और 14 मई के लिए राज्य के कई हिस्सों में येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 18 मई तक राज्य में आंधी, बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का असर बना रह सकता है। इन जिलों में जारी हुआ येलो अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक 13 और 14 मई को पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, हजारीबाग और कोडरमा को छोड़कर बाकी अधिकांश जिलों में मौसम खराब रह सकता है। Ranchi सहित कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 15 मई को ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी 15 मई को मौसम और ज्यादा खराब हो सकता है। मौसम विभाग ने Ranchi, Khunti, Ramgarh, Bokaro, Giridih, Dhanbad, Dumka, Jamtara, Deoghar, Godda, Sahibganj और Pakur में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी, बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है। 18 मई तक जारी रहेगा मौसम का असर मौसम विभाग के अनुसार 17 और 18 मई को भी राज्य के उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। लगातार बदलते मौसम के कारण लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। पलामू में फिर बढ़ी गर्मी एक तरफ राज्य के कई हिस्सों में बारिश हो रही है, वहीं Medininagar में गर्मी का असर बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को यहां अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों में तापमान में 2.2 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है, जिससे लोगों को तेज धूप और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ा। वहीं Bokaro का अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले 24 घंटों में 2.4 डिग्री कम रहा।
Jharkhand में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राज्य के कई हिस्सों में 17 मई तक तेज गर्मी के बाद दोपहर और शाम के समय आंधी, वज्रपात और बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने 12 और 13 मई को राजधानी Ranchi समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मध्य प्रदेश और हिमालयी क्षेत्र से पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ रहे साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर झारखंड के मौसम पर साफ दिखाई दे रहा है। इसके कारण राज्य में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है। 12 मई को इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक 12 मई को Ranchi, Khunti, Ramgarh, Hazaribagh, Koderma, Giridih, Dhanbad, Deoghar, Jamtara, Dumka, Godda, Sahibganj और Pakur में 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है। इसके साथ मेघ गर्जन, वज्रपात और बारिश की भी संभावना है। वहीं Palamu और Garhwa को छोड़कर राज्य के बाकी हिस्सों में 40 किलोमीटर प्रतिघंटा तक की तेज हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 13 मई को भी खराब रहेगा मौसम 13 मई को भी मौसम का असर कम होने वाला नहीं है। मौसम विभाग ने Ranchi, Khunti, West Singhbhum, East Singhbhum, Seraikela, Ramgarh, Bokaro, Dhanbad, Jamtara, Giridih, Deoghar और Dumka में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की तेज हवाओं के साथ आंधी, वज्रपात और भारी बारिश हो सकती है। 14 और 15 मई को कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के अनुसार 14 मई को Garhwa, Palamu, Chatra और Latehar को छोड़कर बाकी जिलों में बादल छाए रहने, तेज हवा चलने और बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 15 मई को पूरे Jharkhand में आंधी, बारिश और मेघ गर्जन की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने राज्यभर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है। किसानों और आम नागरिकों को बिजली गिरने और तेज हवाओं के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
झारखंड में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ली है। राजधानी Ranchi समेत कई जिलों में हुई बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने लोगों को गर्मी से राहत जरूर दी है, लेकिन इसके साथ ही कई जगहों पर जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने आज के लिए राज्य के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और वज्रपात की आशंका जताते हुए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। बारिश से तापमान में गिरावट, मिली राहत राज्य के अलग-अलग जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। खूंटी: 34.5 मिमी बोकारो: 32.4 मिमी रांची: 2.0 मिमी कांके: 12.2 मिमी इस बारिश से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को तपती गर्मी से राहत मिली है। बदले मौसम ने बढ़ाई मुश्किलें जहां एक ओर बारिश ने राहत दी, वहीं तेज आंधी और ओलावृष्टि ने कई इलाकों में नुकसान भी पहुंचाया। बेड़ो क्षेत्र में फसलों को आंशिक नुकसान सड़क पर पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित ओरमांझी के कुकुई गांव में पेड़ की डाल गिरने से दो छात्राएं घायल यह घटनाएं बताती हैं कि अचानक मौसम परिवर्तन के साथ सावधानी बरतना जरूरी है। बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा असर तेज आंधी और बारिश के दौरान कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। नामकुम-सिकिदरी हाई वोल्टेज लाइन ट्रिप हटिया-कांके अंडरग्राउंड केबल पंक्चर इससे कई क्षेत्रों में अस्थायी बिजली कटौती देखने को मिली। इन जिलों में तेज आंधी और वज्रपात का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, गोड्डा, साहिबगंज, पाकुड़, दुमका, देवघर, जामताड़ा, गिरिडीह, धनबाद, बोकारो, रामगढ़ और रांची में 50–60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी 40–50 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी और गरज के साथ बारिश हो सकती है।
झारखंड की राजधानी Ranchi में मंगलवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ले ली। अप्रैल की तेज गर्मी के बीच सुबह-सुबह हुई झमाझम बारिश ने लोगों को राहत दी, वहीं आसमान में घने बादल छाए रहने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। ऑरेंज अलर्ट के साथ मौसम विभाग की चेतावनी India Meteorological Department के अनुसार, रांची में आज गर्जन, वज्रपात और तेज आंधी के साथ बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी बदला मौसम सोमवार को झारखंड के कई जिलों में मौसम का मिजाज बदला नजर आया। Bokaro और Dhanbad में हल्की बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली, जबकि Medininagar में तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे गर्मी का असर बरकरार रहा। अगले कुछ दिनों तक ऐसा ही रहेगा मौसम मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 29 और 30 अप्रैल को भी रांची समेत राज्य के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में बारिश, आंधी और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। इसके अलावा 3 मई तक राज्य में बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश होने के आसार हैं, जिससे मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।
रांची। झारखंड में गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। Ranchi स्थित मौसम केंद्र के ताजा आंकड़ों के अनुसार राज्य के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री अधिक दर्ज किया गया, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इन जिलों में हीट वेव का अलर्ट मौसम विभाग ने 21 अप्रैल को राज्य के कई जिलों के लिए लू (हीट वेव) का अलर्ट जारी किया है। इनमें Palamu, Garhwa, Latehar, Chatra, Bokaro, Dhanbad, Simdega, East Singhbhum, West Singhbhum और Seraikela-Kharsawan शामिल हैं। 22 अप्रैल को भी कई इलाकों में गर्म हवा चलने की संभावना जताई गई है। डालटनगंज सबसे गर्म, कई शहरों में 42 पार राज्य में सबसे अधिक तापमान Daltonganj में 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 4 डिग्री ज्यादा है। Jamshedpur में पारा 42.6 डिग्री और Bokaro में 42.2 डिग्री तक पहुंच गया। राजधानी रांची भी तपिश से बेहाल राजधानी रांची में भी तापमान 40.1 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.2 डिग्री अधिक है। Chaibasa में 41.4 डिग्री तापमान रहा, जबकि देवघर, कोडरमा और गोड्डा में भी पारा 40 डिग्री के पार पहुंच गया। रात में भी नहीं मिल रही राहत राज्य के अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से ऊपर बना हुआ है। रांची और जमशेदपुर में रात का तापमान 25 डिग्री से अधिक रिकॉर्ड किया गया, जिससे लोगों को रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही। बढ़ती गर्मी से बदला स्कूल टाइम लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए शिक्षा विभाग ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है।
रांची: झारखंड में मौसम ने एक बार फिर तेज़ी से करवट ली है। शुक्रवार सुबह कई इलाकों में घनी धुंध देखने को मिली, जिससे दृश्यता प्रभावित रही, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही तापमान में तेज़ बढ़ोतरी दर्ज की गई। अब India Meteorological Department ने राज्य के कई जिलों में 19 से 21 अप्रैल के बीच लू चलने की चेतावनी जारी की है। सुबह धुंध, दिन में तपिश मौसम विभाग के अनुसार, हवा की रफ्तार कम और नमी ज्यादा रहने के कारण सुबह के समय धुंध छाई रही। हालांकि जैसे ही धूप निकली, तापमान तेजी से बढ़ने लगा। अनुमान है कि 18 अप्रैल को तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है। बारिश और तेज हवाओं का भी अलर्ट Ranchi समेत कई जिलों में दोपहर बाद मौसम अचानक बदल सकता है। विभाग ने तेज हवा, मेघ गर्जन, हल्की बारिश और वज्रपात की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। लोगों को खुले स्थानों से दूर रहने और सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। 19–21 अप्रैल: कई जिलों में लू का खतरा राज्य के पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार जैसे जिलों में 19 से 21 अप्रैल के बीच लू चलने की संभावना है। इन इलाकों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर जा सकता है, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ेगा। प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की अपील की है। कुहासे से हवाई सेवाएं प्रभावित धुंध का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा। IndiGo की रांची-बेंगलुरु फ्लाइट को कोलकाता डायवर्ट करना पड़ा। वहीं कई अन्य उड़ानों में देरी देखी गई, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा।
झारखंड में बीते दिनों हुई बारिश और तेज हवाओं के बाद लोगों को मिली राहत अब ज्यादा दिनों तक नहीं रहने वाली है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के अनुसार झारखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है और आने वाले दिनों में गर्मी तेजी से बढ़ेगी। मौसम रहेगा शुष्क, बढ़ेगा तापमान पिछले कुछ दिनों से रांची समेत कई इलाकों में बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक के कारण मौसम सुहावना बना हुआ था। लेकिन अब राज्य के सभी जिलों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान में करीब 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। 30 डिग्री के पार पहुंचा तापमान राज्य के लगभग सभी जिलों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। सरायकेला: 36°C मेदनीनगर: 35°C रांची: 30.3°C यह संकेत है कि गर्मी धीरे-धीरे अपना असर दिखाने लगी है। रांची में 11 से 14 अप्रैल का मौसम राजधानी रांची में अगले चार दिनों तक मौसम पूरी तरह साफ और शुष्क रहने का अनुमान है: 11 अप्रैल: अधिकतम 33°C, न्यूनतम 20°C 12 अप्रैल: अधिकतम 35°C, न्यूनतम 22°C 13 अप्रैल: अधिकतम 36°C, न्यूनतम 22°C 14 अप्रैल: अधिकतम 37°C, न्यूनतम 23°C लगातार बढ़ते तापमान के कारण लोगों को एक बार फिर तेज गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। क्या रखें ध्यान? बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि: दिन में ज्यादा देर धूप में निकलने से बचें पर्याप्त पानी पिएं हल्के और सूती कपड़े पहनें
झारखंड में बीते कुछ दिनों से जारी बारिश ने जहां लोगों को राहत दी थी, वहीं अब मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में अब तेज गर्मी और हीटवेव (लू) की स्थिति बनने जा रही है। 10 अप्रैल से तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होने की संभावना है और कई इलाकों में पारा 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। किन जिलों में कैसा रहेगा तापमान? मौसम विभाग के ताजा अनुमान के अनुसार, राज्य के अलग-अलग हिस्सों में तापमान इस प्रकार रहने की संभावना है: संथाल परगना क्षेत्र (देवघर, दुमका, धनबाद, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़, साहिबगंज): अधिकतम तापमान: 34°C न्यूनतम तापमान: 19°C उत्तर-पश्चिम और मध्य झारखंड (कोडरमा, चतरा, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा, पलामू, बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग, रांची): अधिकतम तापमान: 34°C न्यूनतम तापमान: 18°C दक्षिणी झारखंड (खूंटी, गुमला, पश्चिम सिंहभूम, सरायकेला, पूर्वी सिंहभूम, सिमडेगा): अधिकतम तापमान: 36°C न्यूनतम तापमान: 19°C विशेष रूप से पश्चिम सिंहभूम में तापमान 36°C तक पहुंचने की संभावना है, जहां तेज धूप लोगों को परेशान कर सकती है। क्यों बढ़ रही है गर्मी? मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि बारिश का दौर खत्म होते ही आसमान साफ हो गया है, जिससे सूरज की तीव्रता सीधे जमीन पर पड़ रही है। इसके कारण तापमान में अचानक उछाल देखने को मिल रहा है और हीटवेव की स्थिति बन रही है। हीटवेव को लेकर अलर्ट राज्य के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में ‘लू’ चलने की संभावना है। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बचाव के लिए क्या करें? घर से बाहर निकलते समय पानी की बोतल जरूर रखें धूप से बचने के लिए छाता या टोपी का इस्तेमाल करें ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ लें और खुद को हाइड्रेटेड रखें दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचें
झारखंड में अप्रैल की शुरुआत राहत भरे मौसम के साथ हुई है, लेकिन यह राहत ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है। राज्य की राजधानी रांची में इन दिनों मौसम काफी सुहावना बना हुआ है। ठंडी हवाएं, हल्की नमी और संतुलित तापमान ने लोगों को गर्मी से अस्थायी राहत दी है। खासकर सुबह और शाम की ठंडक लोगों को बाहर निकलने के लिए प्रेरित कर रही है। बारिश और ओलावृष्टि से बदला मौसम बुधवार को रांची में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि दर्ज की गई। इस दौरान अधिकतम तापमान लगभग 30 डिग्री सेल्सियस रहा, जिससे गर्मी का असर काफी हद तक कम महसूस हुआ। कई जिलों में येलो अलर्ट जारी India Meteorological Department के अनुसार 9 अप्रैल को भी राज्य के कई हिस्सों में मौसम खराब रह सकता है। इसे देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है: गोड्डा साहेबगंज पाकुड़ दुमका देवघर जामताड़ा धनबाद बोकारो रामगढ़ रांची खूंटी पूर्वी सिंहभूम पश्चिमी सिंहभूम सरायकेला-खरसावां इन क्षेत्रों में तेज हवा (40–50 किमी/घंटा), गरज-चमक, वज्रपात और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें और सुरक्षित जगह पर शरण लें। 10 अप्रैल से मौसम में बदलाव के संकेत मौसम विभाग के अनुसार 10 अप्रैल से आसमान साफ होने लगेगा और मौसम शुष्क हो जाएगा। इसके साथ ही अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। आगे चलकर 14 अप्रैल के बाद गर्मी और उमस दोनों में इजाफा होने की संभावना है, जिससे लोगों को फिर से तपती गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
झारखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग ने अगले 24–48 घंटों में तेज आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात की चेतावनी दी है। लोगों को खास सतर्क रहने की सलाह दी गई है। 8 अप्रैल: इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट इन जिलों में तेज मौसम का असर देखने को मिल सकता है: गोड्डा, साहेबगंज, पाकुड़ दुमका, देवघर, जामताड़ा धनबाद, बोकारो, गिरिडीह हजारीबाग, कोडरमा, रामगढ़ रांची, खूंटी पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम सरायकेला-खरसावां संभावित असर: गर्जन के साथ वज्रपात ओलावृष्टि 50–60 किमी/घंटा की तेज हवाएं 9 अप्रैल: येलो अलर्ट जारी इन जिलों में मौसम थोड़ा कम तीव्र लेकिन असरदार रहेगा: गोड्डा, साहेबगंज, पाकुड़ दुमका, देवघर, जामताड़ा धनबाद, बोकारो रामगढ़, रांची, खूंटी पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम सरायकेला-खरसावां संभावित असर: गर्जन और वज्रपात 40–50 किमी/घंटा की हवाएं लोगों के लिए जरूरी सावधानियां खराब मौसम में घर के अंदर रहें खिड़कियां-दरवाजे बंद रखें पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें मवेशियों को सुरक्षित जगह पर रखें बेवजह यात्रा करने से बचें किसानों के लिए अलर्ट ओलावृष्टि और तेज हवा से फसलों बागवानी को भारी नुकसान हो सकता है, इसलिए पहले से तैयारी रखें।
झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। India Meteorological Department (IMD) ने राज्य में अगले तीन दिनों तक तेज आंधी, भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती सर्कुलेशन के कारण पूरे प्रदेश में मौसम अस्थिर बना हुआ है। किन जिलों में ज्यादा खतरा? राजधानी Ranchi समेत कई जिलों में मौसम का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। जिन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, उनमें शामिल हैं: बोकारो रामगढ़ हजारीबाग खूंटी गुमला पूर्वी सिंहभूम सरायकेला-खरसावां पश्चिमी सिंहभूम इन इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। कितनी तेज चलेंगी हवाएं? मौसम विभाग के अनुसार: हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है कई जगहों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी संभावना वज्रपात (ठनका) का खतरा काफी ज्यादा 9 अप्रैल तक रहेगा असर IMD के मुताबिक 7 अप्रैल से लेकर 9 अप्रैल तक पूरे झारखंड में मौसम खराब रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में येलो अलर्ट भी जारी किया गया है, जिससे साफ है कि राज्यभर में बारिश का असर देखने को मिलेगा। लोगों के लिए जरूरी सावधानियां मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है: खराब मौसम में घर के अंदर ही रहें वज्रपात के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें ओलावृष्टि के समय सुरक्षित छायादार स्थान पर शरण लें पशुओं को भी सुरक्षित स्थान पर रखें किसानों की बढ़ी चिंता बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तेज हवाओं और बारिश के कारण: खड़ी फसलें खराब हो सकती हैं बागवानी और वृक्षारोपण को नुकसान खेतों में जलभराव की स्थिति इस मौसम का सीधा असर कृषि पर पड़ सकता है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।
India Meteorological Department के रांची केंद्र ने झारखंड के मौसम को लेकर अहम अपडेट जारी किया है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव के कारण राज्य में 31 मार्च तक मौसम अस्थिर बना रहेगा। इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है। 27 और 28 मार्च के लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। बारिश और गरज-चमक का दौर रहेगा जारी मौसम विभाग के अनुसार, 28, 30 और 31 मार्च को झारखंड के अधिकांश हिस्सों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि उत्तर-पश्चिमी जिलों में इसका असर अपेक्षाकृत कम रहेगा। लगातार बदलते मौसम के कारण लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। 26 और 29 मार्च को मिलेगी राहत मौसम विभाग के मुताबिक 26 और 29 मार्च को राज्य में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहेगा। इन दिनों आंशिक बादल छा सकते हैं, लेकिन बारिश की संभावना नहीं है। इससे लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी, हालांकि गर्मी का असर बना रहेगा। रामनवमी पर भी बदल सकता है मौसम 27 मार्च यानी रामनवमी के दिन भी मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहेगा। कई स्थानों पर हल्की बारिश और मेघ गर्जन की संभावना है। ऐसे में त्योहार के दौरान प्रशासन और आम लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। तापमान में उतार-चढ़ाव, कई जिलों में बढ़ेगी गर्मी झारखंड में तापमान में भी लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। सरायकेला में अधिकतम तापमान 36.7°C दर्ज किया गया गुमला में न्यूनतम तापमान 14.9°C रहा रांची का अधिकतम तापमान 32.4°C तक पहुंच गया देवघर, धनबाद, दुमका और गोड्डा जैसे जिलों में अधिकतम तापमान 33–37°C के बीच रहने की संभावना है। वहीं पलामू, गढ़वा और चतरा में यह 35–37°C तक जा सकता है। वज्रपात और तेज हवा से सतर्क रहने की सलाह मौसम विभाग ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि इस दौरान वज्रपात और तेज हवा का खतरा बना रहेगा। लोगों को सलाह दी गई है कि: खुले स्थानों पर जाने से बचें पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें बारिश के दौरान सुरक्षित स्थान पर शरण लें किसानों और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि मौसम में यह बदलाव जनजीवन को प्रभावित कर सकता है।
झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से राज्य के अधिकांश हिस्सों में 25 और 26 मार्च को आसमान में घने बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में मौसम का यह अस्थिर रुख जारी रहेगा, जिससे आम जनजीवन के साथ-साथ त्योहारों और खेती पर भी असर पड़ सकता है। रामनवमी पर बारिश की संभावना इस बार रामनवमी के अवसर पर मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहने वाला है। विभाग का अनुमान है कि इस दिन हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसे भगवान श्रीराम का “प्राकृतिक जलाभिषेक” भी माना जा रहा है, लेकिन इससे जुलूस और आयोजन प्रभावित हो सकते हैं। 27-28 मार्च को येलो अलर्ट मौसम केंद्र ने 27 और 28 मार्च के लिए कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इन दिनों 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही मेघ गर्जन, वज्रपात और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। लोगों को खुले स्थानों, खासकर पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। 29 को राहत, 30 को फिर बदलेगा मौसम 29 मार्च को मौसम कुछ हद तक राहत देगा। हालांकि बादल बने रहेंगे, लेकिन बारिश की संभावना कम है। वहीं 30 मार्च को एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है और कई जिलों में गरज के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। तापमान में उतार-चढ़ाव राजधानी रांची में अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 17.1 डिग्री रहा। मेदिनीनगर और सरायकेला जैसे इलाकों में तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों में तापमान 4 से 5 डिग्री तक बढ़ सकता है, जिसके बाद हल्की गिरावट दर्ज की जाएगी। जमशेदपुर में भी बारिश के संकेत जमशेदपुर में भी मौसम ने राहत दी है। 27, 28 और 30 मार्च को यहां बारिश के आसार हैं। मंगलवार को अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा कम रहा। बेमौसम बारिश से किसानों को नुकसान साहिबगंज जिले में बेमौसम बारिश और तेज हवा ने किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। गेहूं, मक्का, सरसों, मटर, मसूर और चना जैसी फसलें खेतों में ही बर्बाद हो गई हैं। स्थानीय किसानों ने प्रशासन से जल्द सर्वे कर मुआवजा देने की मांग की है। छोटे और सीमांत किसान इस नुकसान से आर्थिक संकट में आ गए हैं। जिलों में तापमान का अनुमान उत्तर-पूर्वी जिलों में अधिकतम तापमान 33 से 36 डिग्री के बीच रहेगा, जबकि न्यूनतम 19 से 21 डिग्री तक रहने की संभावना है। रांची, हजारीबाग और बोकारो जैसे इलाकों में तापमान थोड़ा कम रहेगा। वहीं दक्षिणी जिलों में तापमान 37 डिग्री तक पहुंच सकता है। त्योहार और मौसम की चुनौती कुल मिलाकर, झारखंड में इस सप्ताह मौसम पूरी तरह अस्थिर बना रहेगा। रामनवमी जैसे बड़े त्योहार के दौरान बारिश और तेज हवाएं प्रशासन और आम लोगों के लिए चुनौती बन सकती हैं। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना बेहद जरूरी है।
रांची: झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। खासकर 20 मार्च को हालात ज्यादा गंभीर रहने की संभावना जताई गई है। 70 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकती है हवा मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से राज्य में तेज आंधी का असर दिखेगा। कई जगहों पर हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही गरज-चमक, वज्रपात और ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। पूरे राज्य में ऑरेंज अलर्ट, लोगों को सावधान रहने की सलाह रांची स्थित मौसम केंद्र के निदेशक Abhishek Anand ने बताया कि 20 मार्च के लिए पूरे झारखंड में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को अनावश्यक बाहर न निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। इन जिलों में ज्यादा असर मौसम विभाग के अनुसार, रांची, धनबाद, दुमका, देवघर, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़, साहिबगंज, कोडरमा, बोकारो, चतरा, रामगढ़ और हजारीबाग में तेज आंधी के साथ ओलावृष्टि और वज्रपात की संभावना अधिक है। वहीं खूंटी, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, पलामू, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा में 50 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। 19 मार्च को भी दिखेगा असर 19 मार्च को भी राज्य के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में दोपहर के बाद 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। 22 मार्च से मिलेगा राहत मौसम विभाग का कहना है कि 22 मार्च से राज्य में मौसम साफ और शुष्क हो जाएगा। इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। तापमान और बारिश का हाल गुरुवार को मेदिनीनगर में सबसे अधिक 37.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं रांची का अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री और न्यूनतम 18.5 डिग्री रहा। पिछले 24 घंटों में पश्चिमी सिंहभूम के मझगांव में सबसे ज्यादा 15 mm बारिश दर्ज की गई, जबकि रांची और गुमला में ओलावृष्टि हुई।
रांची: झारखंड की राजधानी रांची में सोमवार को अचानक बदले मौसम ने अफरा-तफरी मचा दी। तेज आंधी और बिजली की गर्जना के बीच कडरू मेन रोड स्थित स्काईलाइन बिल्डिंग में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब एक रेस्तरां के रूफटॉप पर लगा शेड टूटकर नीचे गिर गया। शेड गिरा, बाल-बाल बचे लोग प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तेज हवा के झोंकों के कारण रूफटॉप शेड अचानक टूटकर नीचे आ गिरा। राहत की बात यह रही कि उस समय वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे जनहानि नहीं हुई। हालांकि, नीचे खड़ी चार कारें और छह दोपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। अचानक बदले मौसम से मची अफरा-तफरी सोमवार दोपहर बाद रांची के कई इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवा, बादलों की गड़गड़ाहट और बिजली कड़कने से वातावरण पूरी तरह बदल गया। इस दौरान कई जगहों पर कमजोर और अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रही। आज भी बारिश और तेज हवा की संभावना मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को रांची में अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दिनभर बादलों की आवाजाही के बीच कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। अगले कुछ दिनों तक मौसम रहेगा खराब मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि झारखंड समेत पूर्वी भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक, तेज हवा और बारिश का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है। सतर्कता ही सुरक्षा इस घटना ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि खराब मौसम के दौरान सावधानी बेहद जरूरी है। समय रहते सतर्कता बरतने से बड़े हादसों को टाला जा सकता है।
झारखंड में अगले कुछ दिनों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग ने 15 से 18 मार्च 2026 के बीच राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज के साथ बारिश और तेज हवा चलने की संभावना जताई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार राज्य के 24 में से 20 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 13 और 14 मार्च को मौसम रहेगा साफ मौसम विभाग के मुताबिक 13 और 14 मार्च को राज्य के अधिकांश इलाकों में मौसम साफ और शुष्क रहेगा। इस दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। दिन में गर्मी का असर बढ़ेगा, जबकि रात के तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। 15 मार्च से बदलेगा मौसम 15 मार्च से राज्य के कई हिस्सों में मौसम अचानक बदल सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र India Meteorological Department के अनुसार कई जिलों में आंशिक बादल छाए रहेंगे और मेघ गर्जन के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही तेज हवाएं भी चल सकती हैं। इन 20 जिलों में जारी हुआ येलो अलर्ट मौसम विभाग ने जिन जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है, उनमें खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, पश्चिम सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रामगढ़, कोडरमा, बोकारो, गिरिडीह, देवघर, दुमका, जामताड़ा, गोड्डा, पाकुड़, साहेबगंज, रांची, धनबाद और हजारीबाग शामिल हैं। इन जिलों में गरज के साथ हल्की बारिश और तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है। पुटकी में सबसे ज्यादा बारिश पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई। इस दौरान Putki में सबसे अधिक 19 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जिससे कुछ इलाकों में तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई। मेदिनीनगर रहा सबसे गर्म राज्य में गुरुवार को Medininagar सबसे गर्म रहा। यहां का अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस साल का अब तक का सबसे अधिक तापमान है। प्रमुख शहरों का तापमान Ranchi: अधिकतम 33.6°C, न्यूनतम 19.1°C Jamshedpur: अधिकतम 36.5°C, न्यूनतम 24.2°C Chaibasa: अधिकतम 37.4°C, न्यूनतम 21.8°C मौसम विभाग की सलाह मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि आंधी, बिजली और बारिश के दौरान खुले स्थानों पर न रहें। तेज हवा और मेघ गर्जन की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहने और सतर्कता बरतने की जरूरत है।
मार्च की शुरुआत में मौसम ने ली करवट मार्च महीने की शुरुआत के साथ ही झारखंड में मौसम का रुख बदलने लगा है। राज्य के कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही बढ़ गई है और कुछ इलाकों में हल्की बारिश की स्थिति बन रही है। मौसम विभाग के अनुसार 9 और 10 मार्च को खासकर उत्तर-पूर्वी और उससे सटे मध्य जिलों में आंशिक से लेकर घने बादल छाए रह सकते हैं। इस दौरान कई जगहों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। तेज हवा और वज्रपात को लेकर चेतावनी मौसम विभाग ने बताया है कि इन दो दिनों के दौरान कई क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही कुछ जगहों पर वज्रपात की आशंका को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह बदला हुआ मौसम लगभग दो दिनों तक बना रह सकता है। इन जिलों में बारिश के आसार पूर्वानुमान के मुताबिक 9 मार्च को बोकारो, हजारीबाग, गिरिडीह, कोडरमा, देवघर, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ जिलों में बादल छाए रहने के साथ कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। वहीं 10 मार्च को बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज जिलों में आंशिक बादल रहने और कुछ जगहों पर हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान तेज हवा चलने और गर्जना होने की भी स्थिति बन सकती है। पश्चिमी विक्षोभ का असर मौसम विभाग के अनुसार राज्य में मौसम में आया यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण हो रहा है। इसके चलते वातावरण में नमी बढ़ी है, जिससे बादल बनने और बारिश की स्थिति बन रही है। रांची में भी दो दिन बदला रहेगा मौसम राजधानी रांची और आसपास के इलाकों में भी अगले दो दिनों तक मौसम बदला हुआ रहने की संभावना है। यहां आंशिक बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है। रांची का अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 18 से 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। 11 मार्च के बाद बढ़ेगी गर्मी मौसम विभाग के मुताबिक 11 मार्च से राज्य में आसमान धीरे-धीरे साफ होने लगेगा और 12 मार्च तक अधिकतर जिलों में साफ मौसम रहने की संभावना है। इसके बाद तेज धूप के कारण अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। अनुमान है कि मार्च के तीसरे सप्ताह लोगों को सतर्क रहने की सलाह मौसम वैज्ञानिकों ने गरज-चमक और वज्रपात की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खुले मैदान, पेड़ या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की गई है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।