गुड फ्राइडे के मौके पर सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। अंतरराष्ट्रीय तनाव और डॉलर की मजबूती का असर घरेलू बाजार पर साफ नजर आ रहा है। देश में सोने के ताजा भाव (3 अप्रैल) दिल्ली: ₹1,49,110 प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट) मुंबई: ₹1,48,960 प्रति 10 ग्राम एक दिन पहले दिल्ली में सोना ₹1,51,500 प्रति 10 ग्राम था, यानी करीब ₹3,500 की गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल हाजिर सोना: $4,591.52 प्रति औंस वैश्विक स्तर पर भी कीमतों पर दबाव बना हुआ है। क्यों सस्ता हुआ सोना? एक्सपर्ट्स के अनुसार, इसके पीछे कई बड़े कारण हैं: 🇺🇸 डॉलर मजबूत हुआ (0.5% बढ़कर 99–100 स्तर) कच्चे तेल की कीमतों में उछाल इजरायल-अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने की आशंका होर्मुज स्ट्रेट में सप्लाई बाधित होने का खतरा इन सभी कारणों से निवेशकों का रुख बदला, जिससे सोने की कीमतों पर दबाव पड़ा। चांदी का भी गिरा भाव सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली, हालांकि विस्तृत रेट अलग-अलग शहरों में अलग हो सकते हैं। क्या आगे और गिरेंगे दाम? विशेषज्ञों का मानना है कि: अगर डॉलर और मजबूत होता है, तो सोना और सस्ता हो सकता है लेकिन भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने पर कीमतें फिर उछल सकती हैं
नई दिल्ली, एजेंसियां। 1 अप्रैल को सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। जहां सोना 750 रुपये की तेजी के साथ ₹1.51 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, वहीं चांदी 1380 रुपये गिरकर ₹2.40 लाख प्रति किलोग्राम पर आ गई। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच नरमी की उम्मीदों और वैश्विक संकेतों का असर घरेलू बाजार पर साफ नजर आया। सोना मजबूत, चांदी में गिरावट आज के कारोबार में सोने की कीमतों में मजबूती बनी रही, जबकि चांदी दबाव में दिखाई दी। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों का रुझान फिलहाल सुरक्षित निवेश यानी सोने की ओर बढ़ा है। दूसरी ओर, चांदी में मुनाफावसूली और औद्योगिक मांग को लेकर अनिश्चितता के कारण गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिला सपोर्ट वैश्विक बाजार में भी सोने और चांदी में हलचल बनी रही। कॉमेक्स पर सोने की कीमत 1.25% बढ़कर 4,737 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। पिछले सत्र में इसमें 3.5% की तेजी देखी गई थी। वहीं, चांदी 0.42% चढ़कर 75.23 डॉलर प्रति औंस पर पहुंची। इससे साफ है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी निवेशकों का रुझान कीमती धातुओं की ओर बना हुआ है। तेजी की वजह क्या है? अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव को लेकर कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि युद्ध अगले दो से तीन हफ्तों में समाप्त हो सकता है। वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने भी संघर्ष खत्म करने की इच्छा जताई है। इन संकेतों ने बाजार में उम्मीद जगाई है। निवेशकों की नजर फेड और महंगाई पर हालांकि वैश्विक तनाव अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। तेल सप्लाई और महंगाई को लेकर चिंता बनी हुई है। ऐसे में निवेशकों की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व और जेरोम पॉवेल के आगामी बयानों पर टिकी है, जो सोना-चांदी की अगली चाल तय कर सकते हैं।
नई दिल्ली, एजेंसियां। शादी सीजन शुरू होने से पहले एक बार फिर सोने-चांदी की कीमतों में तेजी लौटती दिख रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती अनिश्चितता और मिडिल ईस्ट में तनाव के चलते निवेशक एक बार फिर सेफ हेवन यानी सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दे रहा है, जहां पिछले कुछ दिनों से सोना और चांदी दोनों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक हालात ऐसे ही बने रहे, तो आने वाले दिनों में कीमतों में और तेजी देखी जा सकती है। आज क्या है सोने का ताजा भाव? 28 मार्च 2026 को देश के बड़े शहरों में 24 कैरेट सोना करीब ₹1.48 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास बिक रहा है। वहीं 22 कैरेट सोना लगभग ₹1.35 लाख और 18 कैरेट सोना करीब ₹1.11 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बना हुआ है। दिल्ली और लखनऊ में 24 कैरेट सोना ₹1,48,220, 22 कैरेट ₹1,35,900 और 18 कैरेट ₹1,11,220 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। मुंबई, कोलकाता और हैदराबाद में 24 कैरेट सोना ₹1,48,090, 22 कैरेट ₹1,35,750 और 18 कैरेट ₹1,11,070 प्रति 10 ग्राम रहा। वहीं चेन्नई में सोना थोड़ा महंगा है, जहां 24 कैरेट का भाव ₹1,49,020, 22 कैरेट ₹1,36,600 और 18 कैरेट ₹1,14,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। चांदी में भी लौटी मजबूती सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी मजबूती देखने को मिली है। देश के कई शहरों में 10 ग्राम चांदी का भाव ₹2,450 से ₹2,500 के बीच बना हुआ है। यानी 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को करीब ₹24,500 से ₹25,000 तक खर्च करने पड़ सकते हैं। वहीं 1 किलो चांदी का औसत बाजार भाव लगभग ₹2.45 लाख के आसपास बना हुआ है। यह दिखाता है कि निवेशक सिर्फ सोने ही नहीं, बल्कि चांदी को भी सुरक्षित विकल्प मानकर खरीदारी कर रहे हैं।
नई दिल्ली, एजेंसियां। दिल्ली सर्राफा बाजार में बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी तेजी दर्ज की गई। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के मुताबिक, चांदी ₹11,250 उछलकर ₹2,41,250 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई, जबकि 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना ₹4,900 महंगा होकर ₹1,49,700 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। यह तेजी घरेलू बाजार में एक ही दिन में कीमती धातुओं की सबसे उल्लेखनीय चालों में से एक मानी जा रही है। हाल के कारोबारी अपडेट्स में भी कीमती धातुओं में तेज उछाल दर्ज किया गया है। मंगलवार के मुकाबले तेज चढ़ाव एक दिन पहले चांदी ₹2,30,000 प्रति किलो और सोना ₹1,44,800 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ था। बुधवार को चांदी में करीब 4.89 फीसदी और सोने में 3.38 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस उछाल के पीछे मजबूत वैश्विक रुझान, निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी और सुरक्षित निवेश की मांग प्रमुख कारण हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बहुमूल्य धातुओं में मजबूती देखने को मिली। ताजा कारोबारी रिपोर्ट्स के अनुसार, हाजिर सोना लगभग 2 फीसदी चढ़कर करीब 4,556 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंचा, जबकि चांदी भी 72 डॉलर प्रति औंस के ऊपर मजबूत कारोबार करती दिखी। वैश्विक स्तर पर डॉलर में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने भी सोने-चांदी को सहारा दिया। तेजी के पीछे क्या है वजह? विश्लेषकों का कहना है कि पश्चिम एशिया से जुड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रम, अमेरिका-ईरान तनाव में संभावित नरमी, डॉलर इंडेक्स में गिरावट और कच्चे तेल की चाल ने निवेशकों का रुख कीमती धातुओं की ओर मोड़ा है। ऐसे माहौल में सोना और चांदी दोनों को सुरक्षित निवेश के तौर पर फिर से मजबूती मिल रही है। बाजार जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में भी वैश्विक घटनाओं का असर सर्राफा बाजार पर बना रह सकता है। निवेशकों के लिए सलाह विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा तेजी के बीच निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए। कीमतों में उतार-चढ़ाव तेज रह सकता है, इसलिए खरीदारी या निवेश से पहले बाजार की चाल और अंतरराष्ट्रीय संकेतों पर नजर रखना जरूरी है।
हफ्ते की शुरुआत गिरावट के साथ सप्ताह की शुरुआत में सर्राफा बाजार से थोड़ी राहत भरी खबर आई है। 16 मार्च 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। जो लोग गहने खरीदने या निवेश करने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह अच्छा मौका हो सकता है। बाजार के शुरुआती रुझान के अनुसार सोने की कीमत में मामूली कमी आई है, जबकि चांदी के दाम भी थोड़े नीचे आए हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि यहां दिए गए भाव पिछले कारोबारी सत्र के बंद भाव और आज सुबह के शुरुआती बाजार रुझानों पर आधारित हैं। सोने के दाम में कितनी आई कमी आज सोने की कीमत में करीब 10 रुपये प्रति 10 ग्राम की हल्की गिरावट दर्ज की गई है। हाल के दिनों में सोने की कीमत लगातार बढ़ रही थी, ऐसे में यह गिरावट खरीदारों के लिए राहत मानी जा रही है। सोने का ताजा भाव (राष्ट्रीय स्तर पर) शुद्धता 1 ग्राम का रेट 10 ग्राम का रेट 24 कैरेट ₹15,965 ₹1,59,650 22 कैरेट ₹14,634 ₹1,46,340 18 कैरेट ₹11,973 ₹1,19,730 अलग-अलग शहरों में सोने का रेट (प्रति ग्राम) शहर 24 कैरेट 22 कैरेट 18 कैरेट Mumbai ₹15,965 ₹14,634 ₹11,973 Delhi ₹15,980 ₹14,649 ₹11,988 Kolkata ₹15,965 ₹14,634 ₹11,973 Bengaluru ₹15,965 ₹14,634 ₹11,973 Chennai ₹16,101 ₹14,759 ₹12,399 Patna ₹16,125 ₹14,785 ₹12,095 Ranchi ₹16,125 ₹14,785 ₹12,095 चांदी की कीमत में भी गिरावट सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई है। आज चांदी 100 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हुई है। मार्च के दौरान चांदी के दाम में धीरे-धीरे कमी देखने को मिल रही है। चांदी का ताजा रेट वजन आज की कीमत कल की कीमत 1 ग्राम ₹274.90 ₹275 100 ग्राम ₹27,490 ₹27,500 1 किलोग्राम ₹2,74,900 ₹2,75,000 शहरों के अनुसार चांदी का रेट (1 किलो) शहर कीमत बदलाव Mumbai ₹2,74,900 – ₹100 Delhi ₹2,74,900 – ₹100 Kolkata ₹2,74,900 – ₹100 Bengaluru ₹2,74,900 – ₹100 Patna ₹2,74,900 – ₹100 Chennai ₹2,79,900 स्थिर Ranchi ₹2,80,000 – ₹100 खरीदारी से पहले रखें इन बातों का ध्यान सोने-चांदी की कीमतें हर दिन बाजार के अनुसार बदलती रहती हैं। इसलिए गहने खरीदने या निवेश करने से पहले अपने शहर के स्थानीय ज्वेलर्स से ताजा रेट जरूर पता कर लें। इसके अलावा मेकिंग चार्ज और जीएसटी के कारण अंतिम कीमत में थोड़ा अंतर भी हो सकता है।
पिछले कारोबारी सत्र में तेज गिरावट के बाद मंगलवार, 10 मार्च को सर्राफा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में फिर से बढ़त देखने को मिली। पश्चिम एशिया में जारी Iran–Israel conflict से जुड़े घटनाक्रमों और वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच दिल्ली में दोनों कीमती धातुओं के दाम हल्की तेजी के साथ खुले। बुलियन मार्केट के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमतों में मामूली सुधार हुआ, जबकि चांदी ने भी गिरावट के बाद मजबूती दिखाते हुए फिर से ₹2.90 लाख प्रति किलोग्राम का स्तर छू लिया। 24 कैरेट सोने के दाम में बढ़त दिल्ली में 10 मार्च 2026 को 24 कैरेट सोने की कीमत ₹70 प्रति ग्राम बढ़कर ₹16,253 हो गई। एक दिन पहले यानी 9 मार्च को यह ₹16,183 प्रति ग्राम पर थी, जब इसमें तेज गिरावट दर्ज की गई थी। 8 ग्राम 24K सोना: ₹1,30,024 (₹560 की बढ़त) 10 ग्राम 24K सोना: ₹1,62,530 (₹700 की बढ़त) 100 ग्राम 24K सोना: ₹16,25,300 (₹7,000 की बढ़त) 22 कैरेट गोल्ड भी हुआ महंगा 22 कैरेट सोने की कीमत में भी मंगलवार को तेजी दर्ज की गई। 1 ग्राम: ₹14,900 (₹65 की बढ़त) 8 ग्राम: ₹1,19,200 (₹520 की बढ़त) 10 ग्राम: ₹1,49,000 (₹650 की बढ़त) 100 ग्राम: ₹14,90,000 (₹6,500 की बढ़त) इससे पहले सप्ताह की शुरुआत में दिल्ली में सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट आई थी, जब एक ही सत्र में 100 ग्राम सोने का भाव करीब ₹19,700 तक गिर गया था। 18 कैरेट सोने के ताज़ा रेट सर्राफा बाजार में 18 कैरेट सोने के दाम में भी हल्की बढ़त दर्ज की गई। 1 ग्राम: ₹12,194 (₹53 की बढ़त) 8 ग्राम: ₹97,552 (₹424 की बढ़त) 10 ग्राम: ₹1,21,940 (₹530 की बढ़त) 100 ग्राम: ₹12,19,400 (₹5,300 की बढ़त) चांदी के दाम में भी तेज उछाल सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। दिल्ली में चांदी का भाव ₹10 प्रति ग्राम बढ़कर ₹290 हो गया। 8 ग्राम चांदी: ₹2,320 (₹80 की बढ़त) 10 ग्राम चांदी: ₹2,900 (₹100 की बढ़त) 100 ग्राम चांदी: ₹29,000 (₹1,000 की बढ़त) 1 किलोग्राम चांदी: ₹2,90,000 (₹10,000 की बढ़त) विशेषज्ञों की राय कमोडिटी बाजार विशेषज्ञ Ross Maxwell, जो VT Markets में ग्लोबल स्ट्रैटेजी ऑपरेशंस लीड हैं, का कहना है कि चांदी की कीमतों को लंबी अवधि में औद्योगिक मांग, इलेक्ट्रिफिकेशन, रिन्यूएबल एनर्जी और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता से समर्थन मिल सकता है। हालांकि मौजूदा समय में बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।