Chennai Super Kings के लिए आईपीएल 2026 का सीजन बेहद निराशाजनक साबित हुआ। Gujarat Titans के खिलाफ मिली 89 रन की करारी हार के साथ टीम प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई। इसके तुरंत बाद Board of Control for Cricket in India ने स्लो ओवर रेट के मामले में कप्तान Ruturaj Gaikwad और पूरी टीम पर भारी जुर्माना लगा दिया। रुतुराज गायकवाड़ पर लगा 24 लाख का जुर्माना बीसीसीआई के अनुसार यह इस सीजन में दूसरा मौका था जब Chennai Super Kings ने स्लो ओवर रेट नियमों का उल्लंघन किया। नियमों के तहत: कप्तान Ruturaj Gaikwad पर 24 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया प्लेइंग इलेवन के बाकी खिलाड़ियों और इम्पैक्ट प्लेयर कार्तिक शर्मा पर 6 लाख रुपये या मैच फीस का 25% जुर्माना लगाया गया लगातार दूसरी बार नियम टूटने की वजह से सजा और ज्यादा कड़ी हो गई। गुजरात टाइटंस ने खड़ा किया विशाल स्कोर अहमदाबाद में खेले गए मुकाबले में Chennai Super Kings ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन यह दांव पूरी तरह उल्टा पड़ गया। Sai Sudharsan और Shubman Gill ने गुजरात को शानदार शुरुआत दिलाई। साई सुदर्शन – 84 रन शुभमन गिल – 64 रन दोनों ने पहले विकेट के लिए 125 रन की बड़ी साझेदारी की। इसके बाद Jos Buttler ने सिर्फ 27 गेंदों में नाबाद 57 रन बनाकर टीम को 4 विकेट पर 229 रन तक पहुंचा दिया। CSK की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखरी 230 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी Chennai Super Kings की शुरुआत बेहद खराब रही। Sanju Samson पहली ही गेंद पर Mohammed Siraj का शिकार बन गए और गोल्डन डक पर आउट हो गए। इसके बाद टीम लगातार विकेट गंवाती रही। मिडिल ऑर्डर में सिर्फ Shivam Dube ने संघर्ष करते हुए: 17 गेंदों में 47 रन की तेज पारी खेली, लेकिन बाकी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं कर सके। पूरी टीम 13.4 ओवर में सिर्फ 140 रन पर सिमट गई। गुजरात के गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन Gujarat Titans की ओर से गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। Mohammed Siraj – 3 विकेट Kagiso Rabada – 3 विकेट Rashid Khan – 3 विकेट तीनों गेंदबाजों ने मिलकर चेन्नई की बल्लेबाजी पूरी तरह ध्वस्त कर दी। CSK के लिए भूलने वाला सीजन पांच बार की चैंपियन Chennai Super Kings के लिए यह सीजन बेहद खराब रहा। टीम न तो लगातार अच्छा प्रदर्शन कर सकी और न ही प्लेऑफ तक पहुंच पाई। अब इस हार और जुर्माने के बाद टीम मैनेजमेंट और कप्तानी को लेकर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
Indian Premier League में शुक्रवार को एक हाई-वोल्टेज मुकाबला खेला जाएगा, जहां Royal Challengers Bengaluru और Sunrisers Hyderabad आमने-सामने होंगी। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला हैदराबाद के Rajiv Gandhi International Cricket Stadium में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। यह मुकाबला सिर्फ जीत-हार तक सीमित नहीं है, बल्कि प्लेऑफ की तस्वीर भी तय कर सकता है। RCB जहां अंक तालिका में नंबर-1 स्थान पक्का करने उतरेगी, वहीं सनराइजर्स की नजर टॉप-2 में जगह बनाकर क्वालीफायर-1 खेलने पर होगी। RCB के पास टॉप पर बने रहने का मौका डिफेंडिंग चैंपियन Royal Challengers Bengaluru फिलहाल 18 अंकों के साथ पॉइंट्स टेबल में शीर्ष पर बनी हुई है। टीम का रन रेट भी मजबूत है। अगर बेंगलुरु इस मुकाबले में जीत दर्ज कर लेती है, तो उसका पहला स्थान लगभग तय हो जाएगा। टॉप-2 में रहने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि टीम को फाइनल में पहुंचने के लिए दो मौके मिलेंगे। यही वजह है कि RCB इस मैच को किसी भी कीमत पर जीतना चाहेगी। हैदराबाद के सामने मुश्किल चुनौती Sunrisers Hyderabad ने अब तक 13 मैचों में 16 अंक हासिल किए हैं और टीम फिलहाल तीसरे स्थान पर है। दूसरे नंबर पर मौजूद गुजरात टाइटंस के भी 16 अंक हैं, लेकिन बेहतर रन रेट के कारण गुजरात आगे है। ऐसे में हैदराबाद को सिर्फ जीत ही नहीं, बल्कि बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी ताकि उसका नेट रन रेट बेहतर हो सके और टीम क्वालीफायर-1 में जगह बना सके। हेड टू हेड रिकॉर्ड आईपीएल इतिहास में दोनों टीमें अब तक 26 बार भिड़ चुकी हैं। सनराइजर्स हैदराबाद की जीत: 13 रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की जीत: 12 बेनतीजा मैच: 1 इस सीजन में दोनों टीमों की यह दूसरी भिड़ंत होगी। इससे पहले 28 मार्च को खेले गए मुकाबले में RCB ने हैदराबाद को 6 विकेट से हराया था। पिच रिपोर्ट Rajiv Gandhi International Cricket Stadium की पिच बल्लेबाजों के लिए काफी मददगार मानी जाती है। यहां की सतह सपाट है और बाउंड्री छोटी होने के कारण बड़े स्कोर देखने को मिलते हैं। हालांकि मैच आगे बढ़ने के साथ स्पिन गेंदबाजों को थोड़ी मदद मिलने लगती है, जिससे मिडिल ओवर्स में विकेट गिर सकते हैं। संभावित प्लेइंग 12 रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु Rajat Patidar (कप्तान) Virat Kohli Devdutt Padikkal Venkatesh Iyer Tim David Jitesh Sharma Romario Shepherd Krunal Pandya Bhuvneshwar Kumar Rasikh Salam Josh Hazlewood Jacob Duffy सनराइजर्स हैदराबाद Pat Cummins (कप्तान) Abhishek Sharma Travis Head Ishan Kishan Heinrich Klaasen सलिल अरोड़ा आर स्मरण Nitish Kumar Reddy शिवांग कुमार ईशान मलिंगा साकिब हुसैन प्रफुल्ल हिंगे
धर्मशाला में आज होगा अहम मुकाबला Indian Premier League 2026 का 58वां मुकाबला आज Punjab Kings और Mumbai Indians के बीच खेला जाएगा। यह मैच शाम 7:30 बजे धर्मशाला के एचपीसीए स्टेडियम में होगा। पंजाब किंग्स के लिए यह मुकाबला ‘करो या मरो’ जैसा माना जा रहा है। टीम अगर यह मैच हारती है तो उसका प्लेऑफ में पहुंचने का सपना लगभग खत्म हो सकता है। लगातार हार से मुश्किल में पंजाब श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली पंजाब टीम लगातार चार मैच हार चुकी है। टीम ने अब तक 11 मुकाबलों में सिर्फ 4 जीत दर्ज की है और अंक तालिका में संघर्ष करती नजर आ रही है। प्लेऑफ की उम्मीद बनाए रखने के लिए पंजाब को अपने बचे हुए दोनों मैच जीतने होंगे। हेड-टू-हेड रिकॉर्ड में कांटे की टक्कर पंजाब और मुंबई के बीच मुकाबला हमेशा रोमांचक रहा है। दोनों टीमों के बीच अब तक 35 मैच खेले गए हैं, जिनमें दोनों ने 17-17 मुकाबले जीते हैं, जबकि एक मैच बेनतीजा रहा। आज जीतने वाली टीम न सिर्फ अंक तालिका में फायदा पाएगी, बल्कि आपसी रिकॉर्ड में भी बढ़त बना लेगी। पंजाब की गेंदबाजी बनी चिंता इस सीजन पंजाब की सबसे बड़ी कमजोरी उसकी गेंदबाजी रही है। Arshdeep Singh की इकोनॉमी भी 9 से ऊपर रही है, जिससे टीम की परेशानी बढ़ी है। लॉकी फर्ग्यूसन और मार्को यानसन जैसे गेंदबाजों के बावजूद टीम रन रोकने में सफल नहीं हो रही। पिछले मैच में Yuzvendra Chahal को प्लेइंग-11 में शामिल करने के बावजूद उनसे गेंदबाजी नहीं कराई गई थी, जिसने फैंस को भी हैरान किया। मुंबई इंडियंस का सीजन भी निराशाजनक दूसरी ओर Mumbai Indians का प्रदर्शन भी इस सीजन बेहद खराब रहा है। टीम ने 11 में से सिर्फ 3 मुकाबले जीते हैं और अंक तालिका में निचले स्थान पर है। Jasprit Bumrah जैसे स्टार गेंदबाज की मौजूदगी के बावजूद मुंबई गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों विभागों में संघर्ष करती दिखी है। हालांकि रिपोर्ट्स के मुताबिक कप्तान Hardik Pandya इस मैच में वापसी कर सकते हैं, जिससे टीम को मजबूती मिल सकती है। धर्मशाला में बारिश बन सकती है बाधा मौसम विभाग के अनुसार धर्मशाला में मैच के दौरान हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना है। तापमान 12 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। हालांकि एचपीसीए स्टेडियम का ड्रेनेज सिस्टम बेहतर माना जाता है, इसलिए बारिश के बाद भी मुकाबला जल्द शुरू होने की उम्मीद है। संभावित प्लेइंग-11 पंजाब किंग्स प्रियांश आर्या, प्रभसिमरन सिंह, कूपर कोनोली, Shreyas Iyer (कप्तान), मार्कस स्टोयनिस, सूर्यांश शेडगे, मार्को यानसन, लॉकी फर्ग्यूसन, Arshdeep Singh, Yuzvendra Chahal, यश ठाकुर। इम्पैक्ट प्लेयर: शशांक सिंह मुंबई इंडियंस रायन रिकेल्टन, नमन धीर, Suryakumar Yadav, तिलक वर्मा, विल जैक्स, Hardik Pandya (कप्तान), कॉर्बिन बॉश, शार्दुल ठाकुर, दीपक चाहर, अल्लाह गजनफर, Jasprit Bumrah। इम्पैक्ट प्लेयर: Rohit Sharma
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का रोमांच अब अपने निर्णायक दौर में पहुंच चुका है। रविवार को खेले गए दो अहम मुकाबलों के बाद प्लेऑफ की तस्वीर पूरी तरह बदल गई। Lucknow Super Giants और Mumbai Indians की टीमें आधिकारिक तौर पर प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई हैं, जबकि Royal Challengers Bengaluru शानदार जीत के साथ अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गई है। 53वें मुकाबले में Chennai Super Kings ने लखनऊ सुपर जायंट्स को 5 विकेट से हराकर उनकी उम्मीदों पर पूरी तरह पानी फेर दिया। वहीं रायपुर में खेले गए रोमांचक मुकाबले में आरसीबी ने मुंबई इंडियंस को आखिरी गेंद पर 2 विकेट से हराकर बड़ा झटका दिया। लखनऊ बनी बाहर होने वाली पहली टीम लखनऊ सुपर जायंट्स का IPL 2026 अभियान बेहद निराशाजनक रहा। टीम ने 11 मैचों में सिर्फ 3 जीत दर्ज की और 8 मुकाबलों में हार का सामना किया। 6 अंकों के साथ टीम अंक तालिका में सबसे नीचे 10वें स्थान पर है। लगातार खराब प्रदर्शन और कमजोर नेट रन रेट ने टीम को प्लेऑफ की रेस से बाहर कर दिया। मुंबई इंडियंस का भी टूटा सपना पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस इस सीजन लय में नजर नहीं आई। टीम ने 11 मुकाबलों में सिर्फ 3 जीत हासिल की और 8 मैच गंवाए। 6 अंकों के साथ मुंबई की टीम 9वें स्थान पर पहुंच गई है। आरसीबी के खिलाफ करीबी हार ने उनके प्लेऑफ की सभी संभावनाओं को खत्म कर दिया। RCB बनी नंबर-1 टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ रोमांचक जीत दर्ज कर अंक तालिका में पहला स्थान हासिल कर लिया। टीम के अब 14 अंक हैं और उसका नेट रन रेट +1.103 है, जो इस समय सभी टीमों से बेहतर है। हैदराबाद और गुजरात के भी 14-14 अंक हैं, लेकिन बेहतर NRR के चलते आरसीबी टॉप पर पहुंच गई है। IPL 2026 Updated Points Table स्थान टीम मैच जीत हार अंक NRR 1 RCB 11 7 4 14 +1.103 2 SRH 11 7 4 14 +0.737 3 GT 11 7 4 14 +0.228 4 PBKS 10 6 3 13 +0.571 5 CSK 11 6 5 12 +0.185 6 RR 11 6 5 12 +0.082 7 KKR 10 4 5 9 -0.169 8 DC 11 4 7 8 -1.154 9 MI 11 3 8 6 -0.585 10 LSG 11 3 8 6 -0.907 CSK vs LSG: 203 रन का लक्ष्य किया हासिल चेन्नई सुपर किंग्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। पहले बल्लेबाजी करते हुए लखनऊ सुपर जायंट्स ने 8 विकेट खोकर 203 रन बनाए। जवाब में चेन्नई ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 19.2 ओवर में 5 विकेट पर 208 रन बनाकर मुकाबला जीत लिया। इस जीत के साथ CSK अब पांचवें स्थान पर पहुंच गई है और उसकी प्लेऑफ की उम्मीदें मजबूत हो गई हैं। RCB vs MI: आखिरी गेंद तक चला रोमांच रायपुर में खेले गए हाई-वोल्टेज मुकाबले में आरसीबी ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। मुंबई इंडियंस ने 7 विकेट पर 166 रन बनाए। जवाब में आरसीबी ने बेहद रोमांचक अंदाज में आखिरी गेंद पर लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत के साथ आरसीबी ने न सिर्फ दो अहम अंक हासिल किए बल्कि पॉइंट्स टेबल में भी लंबी छलांग लगाकर पहला स्थान कब्जा कर लिया। अब प्लेऑफ की रेस और हुई दिलचस्प RCB, SRH, GT और PBKS फिलहाल सबसे मजबूत स्थिति में नजर आ रही हैं। वहीं CSK और RR भी अभी रेस में बनी हुई हैं। आने वाले मुकाबले तय करेंगे कि इस सीजन की अंतिम चार टीमें कौन होंगी।
अरुण जेटली स्टेडियम में आज होगा हाईवोल्टेज मुकाबला Delhi Capitals और Kolkata Knight Riders के बीच आईपीएल 2026 का 51वां मुकाबला आज दिल्ली के Arun Jaitley Stadium में खेला जाएगा। दोनों टीमों के लिए यह मैच बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि हार से प्लेऑफ की राह लगभग मुश्किल हो सकती है। दिल्ली और कोलकाता दोनों इस मुकाबले को जीतकर अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेंगी। दिल्ली की शुरुआत अच्छी, फिर बिगड़ा खेल दिल्ली कैपिटल्स ने सीजन की शुरुआत लगातार दो जीत के साथ की थी, लेकिन इसके बाद टीम की लय टूट गई। पिछले 8 मुकाबलों में दिल्ली सिर्फ 2 मैच जीत सकी है। टीम फिलहाल 10 मैचों में 4 जीत के साथ अंक तालिका में सातवें स्थान पर मौजूद है। वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स का प्रदर्शन भी इस सीजन निराशाजनक रहा है। टीम ने अब तक 9 मैचों में केवल 3 जीत दर्ज की है और वह प्वाइंट्स टेबल में आठवें स्थान पर है। हेड टू हेड में किसका पलड़ा भारी? आईपीएल इतिहास में दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 35 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें कोलकाता ने 19 मैचों में जीत हासिल की है, जबकि दिल्ली को 15 मुकाबलों में सफलता मिली है। एक मैच का कोई नतीजा नहीं निकला था। ऐसे में आंकड़ों के लिहाज से कोलकाता का पलड़ा भारी नजर आता है, लेकिन घरेलू मैदान पर दिल्ली वापसी की कोशिश करेगी। कैसी रहेगी अरुण जेटली स्टेडियम की पिच? दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। यहां हाई स्कोरिंग मुकाबले देखने को मिलते हैं। हालांकि पिछले कुछ मैचों में गेंदबाजों को भी मदद मिली है, जिससे मुकाबला संतुलित रहने की उम्मीद है। इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर 170 से ज्यादा रहा है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले बल्लेबाजी करने का फैसला ले सकती है। मौसम देगा साथ दिल्ली में मैच के दौरान मौसम साफ रहने की संभावना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 डिग्री रह सकता है। शाम 7:30 बजे शुरू होने वाले मैच में बारिश की कोई संभावना नहीं है। दिल्ली कैपिटल्स की संभावित टीम अक्षर पटेल (कप्तान), केएल राहुल, कुलदीप यादव, करुण नायर, डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स, टी नटराजन, मुकेश कुमार, पृथ्वी शॉ, मिचेल स्टार्क, अभिषेक पोरेल समेत कई स्टार खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं। कोलकाता नाइट राइडर्स की संभावित टीम अजिंक्य रहाणे (कप्तान), रिंकू सिंह, सुनील नरेन, वरुण चक्रवर्ती, फिन एलन, राहुल त्रिपाठी, उमरान मलिक, मथीशा पथिराना और रचिन रवींद्र जैसे खिलाड़ी टीम में मौजूद हैं।
अहमदाबाद में खेले गए Indian Premier League 2026 के रोमांचक मुकाबले में Gujarat Titans ने Royal Challengers Bangalore को 4 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की। मैच के बाद कप्तान Shubman Gill ने टीम के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप को 155 रन पर रोकना इस जीत की सबसे बड़ी कुंजी रही। RCB की बल्लेबाजी रही फीकी, पहली बार ऑल आउट टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी Royal Challengers Bangalore की टीम मेजबान गेंदबाजों के सामने टिक नहीं पाई और 19.2 ओवर में 155 रन पर सिमट गई। यह इस सीजन में RCB का पहला ऑल आउट था, जो टीम के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। गिल और बटलर ने दिलाई तेज शुरुआत लक्ष्य का पीछा करने उतरी Gujarat Titans को कप्तान Shubman Gill (18 गेंदों में 43 रन) और Jos Buttler (19 गेंदों में 39 रन) ने तेज और मजबूत शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने पावरप्ले में ही मैच का रुख तय कर दिया। अंत में Rahul Tewatia की नाबाद 27 रन की उपयोगी पारी की बदौलत टीम ने 15.5 ओवर में 6 विकेट खोकर 158 रन बनाते हुए लक्ष्य हासिल कर लिया। गिल बोले–टीम ने की शानदार वापसी मैच के बाद Shubman Gill ने कहा, “ऐसे विकेट पर Royal Challengers Bangalore जैसी मजबूत टीम को 155 रन पर रोकना बड़ी उपलब्धि है। हमारी फील्डिंग पूरे टूर्नामेंट में हमेशा अच्छी नहीं रही, लेकिन दूसरे ओवर के बाद टीम की ऊर्जा शानदार रही और हमने जबरदस्त वापसी की।” बल्लेबाजी में आत्मविश्वास दिखा अपनी बल्लेबाजी को लेकर गिल ने कहा कि शुरुआत में उन्हें थोड़ी किस्मत का साथ मिला, लेकिन इसके बाद वह पूरी तरह आत्मविश्वास में आ गए। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य गेंदबाजों पर दबाव बनाना था और उसी रणनीति ने टीम को जीत दिलाई। गिल ने Rahul Tewatia की तारीफ करते हुए उन्हें टीम का अहम खिलाड़ी बताया और कहा कि उन्होंने मैच को शानदार अंदाज में खत्म किया, भले ही बीच में कुछ विकेट जल्दी गिर गए थे।
आईपीएल 2026 में Royal Challengers Bangalore (RCB) और Lucknow Supergiants (LSG) के बीच खेले गए मुकाबले के बाद ‘मैन ऑफ द मैच’ को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मैच में शानदार प्रदर्शन करने वाले जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज Rasikh Salam Dar को नजरअंदाज करने पर क्रिकेट जगत में बहस छिड़ गई है। 4 विकेट लेने के बावजूद नहीं मिला सम्मान इस मुकाबले में रसिख सलाम डार ने घातक गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 24 रन देकर 4 विकेट झटके और LSG की पारी को 146 रन पर समेटने में अहम भूमिका निभाई। उनका प्रदर्शन मैच का टर्निंग पॉइंट माना जा रहा था। RCB ने बाद में 15.1 ओवर में 149 रन बनाकर 5 विकेट से आसान जीत दर्ज की, लेकिन सभी को उम्मीद थी कि ‘मैन ऑफ द मैच’ का अवॉर्ड रसिख को मिलेगा। हेजलवुड को अवॉर्ड मिलने से बढ़ा विवाद हैरानी की बात यह रही कि यह अवॉर्ड Josh Hazlewood को दिया गया, जिन्होंने 4 ओवर में 20 रन देकर सिर्फ 1 विकेट लिया। इस फैसले ने फैंस और एक्सपर्ट्स को चौंका दिया है। आकाश चोपड़ा ने उठाए सवाल भारत के पूर्व ओपनर और कमेंटेटर Aakash Chopra ने भी इस फैसले पर सवाल उठाए। उनका मानना है कि मैच के नतीजे में सबसे बड़ा योगदान रसिख सलाम डार का था, इसलिए उन्हें नजरअंदाज करना सही नहीं है। गेंदबाजों ने दिलाई जीत RCB की जीत में गेंदबाजों का योगदान बेहद अहम रहा। Rasikh Salam Dar – 4 विकेट (24 रन) Bhuvneshwar Kumar – 3 विकेट (27 रन) Krunal Pandya – 2 विकेट (38 रन) Josh Hazlewood – 1 विकेट (20 रन) गेंदबाजों के इस सामूहिक प्रदर्शन ने RCB को टॉप पर पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई। क्या फैसले पर फिर होगी समीक्षा? क्रिकेट में ‘मैन ऑफ द मैच’ का चयन अक्सर बहस का विषय बनता रहा है, लेकिन इस बार मामला ज्यादा चर्चा में है क्योंकि एक गेंदबाज ने मैच जिताऊ प्रदर्शन किया, फिर भी उसे नजरअंदाज कर दिया गया। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या ऐसे फैसलों में पारदर्शिता बढ़ाने की जरूरत है या फिर चयन प्रक्रिया में बदलाव होना चाहिए।
आईपीएल 2026 में एक बार फिर Virat Kohli का बल्ला जमकर बोल रहा है। Royal Challengers Bengaluru (RCB) के स्टार बल्लेबाज कोहली ने लखनऊ के खिलाफ शानदार पारी खेलते हुए ऑरेंज कैप अपने नाम कर ली है। इम्पैक्ट प्लेयर बनकर भी छाए कोहली Lucknow Super Giants के खिलाफ मुकाबले में कोहली ने 34 गेंदों में 49 रन की अहम पारी खेली और टीम को 147 रन का लक्ष्य हासिल करने में मदद की। यह पहली बार था जब RCB ने उन्हें Impact Player के रूप में इस्तेमाल किया। इस पारी के साथ कोहली के इस सीजन में कुल 228 रन हो गए हैं, जिससे वह रन बनाने वालों की सूची में पहले स्थान पर पहुंच गए हैं। खास बात यह है कि कोहली हाल ही में घुटने में दर्द से जूझ रहे थे, फिर भी उन्होंने मैदान पर आकर टीम के लिए अहम योगदान दिया। ऑरेंज कैप की रेस में कड़ी टक्कर कोहली के बाद दूसरे स्थान पर Heinrich Klaasen हैं, जो Sunrisers Hyderabad के लिए खेलते हुए 224 रन बना चुके हैं। तीसरे स्थान पर RCB के कप्तान Rajat Patidar पहुंच गए हैं, जिन्होंने लखनऊ के खिलाफ 13 गेंदों में 27 रन की तेज पारी खेली। इसके अलावा Ishan Kishan और Vaibhav Sooryavanshi भी 200+ रन के आंकड़े को पार कर चुके हैं, जिससे इस सीजन की रन रेस और रोमांचक हो गई है। पर्पल कैप की दौड़ भी दिलचस्प गेंदबाजी में Anshul Kamboj (Chennai Super Kings) और Prasidh Krishna (Gujarat Titans) 10-10 विकेट के साथ टॉप पर बने हुए हैं। उनके पीछे Ravi Bishnoi (Rajasthan Royals) और Prince Yadav (LSG) 9-9 विकेट लेकर दबाव बनाए हुए हैं। वहीं Bhuvneshwar Kumar और Krunal Pandya 7-7 विकेट के साथ रेस में बने हुए हैं। खास बात यह है कि क्रुणाल इस सीजन के टॉप विकेट-टेकर्स में इकलौते फिंगर स्पिनर हैं। सीजन होता जा रहा रोमांचक IPL 2026 में बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। जहां एक तरफ कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ी फॉर्म में लौटे हैं, वहीं युवा खिलाड़ी भी लगातार चुनौती पेश कर रहे हैं। आने वाले मुकाबलों में ऑरेंज और पर्पल कैप की रेस और भी दिलचस्प होने वाली है।
आईपीएल 2026 के सीजन में एक बार फिर पॉइंट्स टेबल में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। Royal Challengers Bengaluru (RCB) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Lucknow Super Giants को 5 विकेट से हराया और सीधे टेबल के शीर्ष पर पहुंच गई। इस जीत ने टूर्नामेंट के समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं। RCB ने अब तक खेले गए 5 मुकाबलों में से 4 में जीत दर्ज की है और सिर्फ 1 मैच गंवाया है। टीम के पास 8 अंक हैं और +1.503 का बेहतरीन नेट रन रेट है, जो उसे अन्य टीमों से आगे रखता है। लगातार दो जीतों ने टीम का आत्मविश्वास और मजबूत किया है। सीजन की शुरुआत में RCB ने Sunrisers Hyderabad को 6 विकेट से हराया, इसके बाद Chennai Super Kings को 43 रन से मात दी। हालांकि तीसरे मैच में Rajasthan Royals ने 6 विकेट से हराकर RCB को झटका दिया, लेकिन टीम ने वापसी करते हुए Mumbai Indians को 18 रन से हराया और अब लखनऊ के खिलाफ जीत दर्ज कर टॉप पर कब्जा कर लिया। पॉइंट्स टेबल की स्थिति पहले स्थान पर RCB (8 अंक, +1.503 NRR) दूसरे स्थान पर Rajasthan Royals (8 अंक, +0.889 NRR) तीसरे स्थान पर Punjab Kings (7 अंक) चौथे स्थान पर Sunrisers Hyderabad (4 अंक) पांचवें स्थान पर Delhi Capitals (4 अंक) छठे स्थान पर Gujarat Titans (4 अंक) सातवें स्थान पर Lucknow Super Giants (4 अंक) आठवें स्थान पर Chennai Super Kings (4 अंक) नौवें स्थान पर Mumbai Indians (2 अंक) दसवें स्थान पर Kolkata Knight Riders (1 अंक) RR दूसरे स्थान पर, KKR सबसे कमजोर Rajasthan Royals ने भी 5 मैचों में 4 जीत के साथ 8 अंक हासिल किए हैं, लेकिन नेट रन रेट कम होने के कारण वह दूसरे स्थान पर है। वहीं Kolkata Knight Riders का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है—5 मैच खेलने के बाद भी टीम जीत का खाता नहीं खोल सकी है और सबसे नीचे बनी हुई है।
आईपीएल 2026 के 22वें मुकाबले में Chennai Super Kings ने Kolkata Knight Riders को 32 रन से हराया, लेकिन इस मैच का असली टर्निंग पॉइंट पारी का 11वां ओवर रहा। इसी ओवर की दो गेंदों ने KKR के जीत के अरमानों पर पूरी तरह पानी फेर दिया। 11वें ओवर में बदला मैच का रुख जब KKR 193 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही थी, तब 10 ओवर के बाद स्कोर 81/3 था और टीम मुकाबले में बनी हुई थी। क्रीज पर कप्तान अजिंक्य रहाणे और रिंकू सिंह मौजूद थे। इसी समय CSK के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने गेंद थमाई युवा स्पिनर नूर अहमद को – और यहीं से मैच पलट गया। ओवर की पहली चार गेंदों पर सिर्फ 4 रन बने 5वीं गेंद: रहाणे बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में कैच आउट 6वीं गेंद: कैमरून ग्रीन बिना खाता खोले आउट लगातार दो गेंदों पर दो विकेट गिरने से KKR की बल्लेबाजी पूरी तरह दबाव में आ गई और टीम वापसी नहीं कर सकी। KKR की पारी यहीं से बिखरी रहाणे और ग्रीन के आउट होने के बाद KKR का मिडिल ऑर्डर पूरी तरह लड़खड़ा गया। टीम 20 ओवर में 7 विकेट पर सिर्फ 160 रन ही बना सकी। यह ओवर मैच का निर्णायक मोड़ साबित हुआ, जिसने KKR को जीत से काफी दूर कर दिया। नूर अहमद का शानदार प्रदर्शन नूर अहमद ने इस मुकाबले में 4 ओवर में 21 रन देकर 3 विकेट झटके। साथ ही उन्होंने IPL में अपने 50 विकेट भी पूरे कर लिए – और वह सबसे कम मैचों में यह उपलब्धि हासिल करने वाले गेंदबाजों की सूची में शामिल हो गए। मैच के बाद नूर ने कहा कि पिच पर गेंद आसानी से बल्ले पर नहीं आ रही थी, जिसका उन्होंने पूरा फायदा उठाया। क्रिकेट में एक ओवर या कुछ गेंदें ही मैच का नतीजा बदल देती हैं, और इस मुकाबले में 11वें ओवर की आखिरी दो गेंदें इसका सबसे बड़ा उदाहरण बनीं। KKR के लिए यह हार सिर्फ स्कोर की नहीं, बल्कि मोमेंटम की भी हार साबित हुई।
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में Lucknow Super Giants ने Kolkata Knight Riders को आखिरी गेंद तक चले मैच में 3 विकेट से हरा दिया। इस जीत के हीरो बने युवा बल्लेबाज Mukul Chaudhary, जिनकी नाबाद अर्धशतकीय पारी ने मैच का पूरा रुख बदल दिया। दबाव में खेली मैच जिताऊ पारी मुकुल चौधरी ने अपनी पारी की शुरुआत बेहद धीमी की, पहली 8 गेंदों में केवल 2 रन। लेकिन इसके बाद उन्होंने आक्रामक अंदाज अपनाते हुए 7 छक्कों की मदद से नाबाद 54 रन ठोक दिए। खास बात यह रही कि उन्होंने Vaibhav Arora की गेंद पर Mahendra Singh Dhoni के स्टाइल में शानदार हेलीकॉप्टर शॉट खेलकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। आखिरी ओवर का रोमांच एलएसजी को अंतिम ओवर में 14 रन की जरूरत थी। चौधरी ने दबाव झेलते हुए पांचवीं गेंद पर छक्का लगाकर स्कोर बराबर किया और आखिरी गेंद पर एक रन लेकर टीम को यादगार जीत दिलाई। संजीव गोयनका का वायरल रिएक्शन जैसे ही जीत मिली, टीम के मालिक Sanjiv Goenka अपनी खुशी को रोक नहीं पाए। वह मैदान पर दौड़ते हुए पहुंचे और मुकुल चौधरी को गले लगा लिया। यह भावुक पल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। टीम का योगदान एलएसजी के लिए Ayush Badoni ने भी 54 रनों की अहम पारी खेली, जिससे टीम मुकाबले में बनी रही। वहीं कप्तान Rishabh Pant और अन्य बल्लेबाज सस्ते में आउट हो गए थे, लेकिन चौधरी और बडोनी की साझेदारी ने मैच पलट दिया। KKR की पारी पहले बल्लेबाजी करते हुए केकेआर ने 4 विकेट पर 181 रन बनाए। Ajinkya Rahane और Angkrish Raghuvanshi ने शानदार साझेदारी की, जबकि अंत में Rovman Powell और Cameron Green ने टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। हालांकि, एलएसजी के गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में वापसी करते हुए केकेआर को 200 के पार जाने से रोक दिया।
नई दिल्ली, एजेंसियां। आईपीएल 2026 से पहले लखनऊ सुपर जाएंट्स के ट्रेनिंग कैंप से एक दिलचस्प वीडियो सामने आया है, जिसमें अर्जुन तेंदुलकर और ऋषभ पंत के बीच बल्ले के वजन को लेकर बातचीत हो रही है। इस बातचीत में अर्जुन ने अपने पिता सचिन तेंदुलकर के बल्ले को लेकर ऐसा खुलासा किया, जिसे सुनकर पंत भी हैरान रह गए। भारी बल्ले से खेलने की पसंद ट्रेनिंग के दौरान ऋषभ पंत ने अर्जुन से उनके बैट के वजन के बारे में पूछा। जवाब में अर्जुन ने बताया कि उनका बल्ला करीब 1200 से 1220 ग्राम के बीच है। उन्होंने कहा कि उन्हें भारी बल्ले से खेलने में मजा आता है और गेंद बल्ले से लगते ही अच्छी गति से निकलती है।इसके बाद अर्जुन ने अपने पिता के बल्ले का जिक्र करते हुए बताया कि सचिन तेंदुलकर 1310 से 1315 ग्राम तक वजन वाला बल्ला इस्तेमाल करते थे। यह सुनकर पंत चौंक गए, क्योंकि इतना भारी बल्ला इस्तेमाल करना हर खिलाड़ी के बस की बात नहीं होती। सचिन की विरासत को आगे बढ़ा रहे अर्जुन क्रिकेट जगत में यह बात पहले से चर्चा में रही है कि सचिन तेंदुलकर अपने करियर के दौरान भारी बल्ले का इस्तेमाल करते थे, जो उनकी बल्लेबाजी शैली का एक अहम हिस्सा था। अब अर्जुन भी उसी राह पर चलते नजर आ रहे हैं और हल्के बल्ले से खेलने से बचते हैं। मजेदार बातचीत ने जीता दिल वीडियो में दोनों खिलाड़ियों के बीच हल्की-फुल्की बातचीत भी देखने को मिली। ऋषभ पंत ने अर्जुन की शादी को लेकर मजाक करते हुए कहा कि वह शादी के अगले ही दिन ट्रेनिंग के लिए पहुंच गए थे। इस पर उन्होंने अर्जुन की तारीफ करते हुए उन्हें काफी उत्साही खिलाड़ी बताया।पंत ने यह भी कहा कि अगर अर्जुन को किसी भी तरह की मदद की जरूरत हो तो वह हमेशा उनके लिए मौजूद हैं। आईपीएल 2026 में नई टीम, नई उम्मीदें इस बार अर्जुन तेंदुलकर Lucknow Super Giants की ओर से खेलते नजर आएंगे, जबकि पहले वह Mumbai Indians का हिस्सा थे। टीम ने अपना ट्रेनिंग कैंप शुरू कर दिया है और खिलाड़ी पूरे जोश के साथ तैयारी में जुटे हैं।लखनऊ सुपर जाएंट्स की टीम पिछले सीजन के निराशाजनक प्रदर्शन को पीछे छोड़ते हुए इस बार बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रही है। टीम अपना पहला मुकाबला 1 अप्रैल को खेलेगी, जहां सभी की नजर अर्जुन और पंत की जोड़ी पर रहेगी।
भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे Sanju Samson एक बार फिर सुर्खियों में हैं। टी20 विश्व कप 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद अब उनकी नजर IPL 2026 में एक ऐतिहासिक उपलब्धि पर टिकी है। अगर सैमसन इस सीजन में 5000 रन पूरे कर लेते हैं, तो वह MS Dhoni के खास क्लब में शामिल हो जाएंगे। टी20 वर्ल्ड कप में मैच विनर बने सैमसन टी20 विश्व कप 2026 में सैमसन ने भारतीय टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। वेस्टइंडीज के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में 97 रन इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में 89 रन न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में 89 रन इन पारियों ने उन्हें टीम का सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज साबित कर दिया। IPL में इतिहास रचने के करीब अब IPL 2026 में सैमसन एक खास रिकॉर्ड के बेहद करीब हैं। अब तक उन्होंने 2013 से 2025 के बीच 177 मैचों में 4,704 रन बनाए हैं, जिसमें 3 शतक 26 अर्धशतक शामिल हैं उन्हें 5000 रन के आंकड़े तक पहुंचने के लिए सिर्फ 296 रन की जरूरत है। धोनी के क्लब में एंट्री का मौका IPL इतिहास में विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में 5000 रन का आंकड़ा अभी तक केवल MS Dhoni ही छू पाए हैं, जिन्होंने 2008 से 2025 के बीच 278 मैचों में 5,439 रन बनाए हैं। हालांकि KL Rahul के नाम भी 5000+ रन हैं, लेकिन उन्होंने हर मैच में विकेटकीपिंग नहीं की, इसलिए यह उपलब्धि अलग मानी जाती है। CSK की जर्सी में दिखेंगे सैमसन इस बार सैमसन के लिए यह उपलब्धि और भी खास हो सकती है, क्योंकि IPL 2026 में वह Chennai Super Kings की ओर से खेलते नजर आएंगे। दिलचस्प बात यह है कि यही वह टीम है, जहां MS Dhoni ने अपने करियर के सबसे यादगार पल दिए। ऐसे में सैमसन अगर इस टीम के लिए खेलते हुए 5000 रन पूरे करते हैं, तो यह उनके करियर का एक ऐतिहासिक मोमेंट होगा। राजस्थान से चेन्नई तक का सफर सैमसन लंबे समय तक Rajasthan Royals का हिस्सा रहे और 2021 में टीम की कप्तानी भी संभाली। उनकी अगुवाई में टीम 2022 में फाइनल तक पहुंची थी। 2025 सीजन के बाद उन्होंने टीम से अलग होने का फैसला किया, जिसके बाद चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें ट्रेड के जरिए अपने साथ जोड़ लिया। क्या टूटेगा रिकॉर्ड? अब सबकी नजर IPL 2026 पर है-क्या सैमसन इस सीजन में 5000 रन का आंकड़ा छूकर धोनी के खास क्लब में शामिल हो पाएंगे? अगर उनका फॉर्म जारी रहा, तो यह सिर्फ समय की बात लगती है।
Indian Premier League (IPL) 2026 के आगाज से पहले Board of Control for Cricket in India (BCCI) ने टीमों के अभ्यास सत्र और पिच के इस्तेमाल को लेकर नए और सख्त नियम लागू कर दिए हैं। 28 मार्च से शुरू होने वाले टूर्नामेंट से पहले जारी इन दिशानिर्देशों का उद्देश्य पिच की गुणवत्ता बनाए रखना और अभ्यास सत्रों को अधिक व्यवस्थित बनाना है। नेट और पिच के इस्तेमाल पर सख्त नियम नए नियमों के तहत किसी भी टीम को उस पिच या नेट पर अभ्यास करने की अनुमति नहीं होगी, जिस पर पहले कोई दूसरी टीम अपना नेट सत्र कर चुकी हो। यदि दो टीमें लगातार अभ्यास करती हैं, तो दोनों को अलग-अलग और नई पिच उपलब्ध कराई जाएगी। यहां तक कि अगर पहली टीम अपना अभ्यास जल्दी समाप्त कर दे, तब भी दूसरी टीम उसी नेट या रेंज-हिटिंग विकेट का उपयोग नहीं कर सकेगी। दोनों टीमों को मिलेंगे दो-दो नेट अभ्यास सत्र के दौरान दोनों टीमों को दो-दो नेट उपलब्ध कराए जाएंगे, जबकि रेंज-हिटिंग के लिए मुख्य स्क्वायर पर एक अतिरिक्त नेट दिया जाएगा। यदि अभ्यास समय को लेकर कोई विवाद होता है, तो ऐसी स्थिति में मेहमान टीम को प्राथमिकता देने का प्रावधान भी किया गया है। हालांकि घरेलू टीम को अपने पसंदीदा अभ्यास समय का पहला विकल्प मिलेगा, लेकिन अगर मेहमान टीम ने पिछला मैच खेला हो या लंबी यात्रा करके आई हो, तो उसके अनुरोध को प्राथमिकता दी जा सकती है। मैच से चार दिन पहले मुख्य पिच पर रोक पिच की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए यह भी तय किया गया है कि किसी भी फ्रेंचाइज़ी के पहले घरेलू मुकाबले से चार दिन पहले तक मुख्य पिच पर न तो अभ्यास सत्र होंगे और न ही अभ्यास मैच खेले जाएंगे। इस दौरान यदि घरेलू टीम को अभ्यास की जरूरत हो, तो राज्य क्रिकेट संघ को वैकल्पिक मैदान मुफ्त में उपलब्ध कराना होगा। अभ्यास मैचों की भी सीमा टीमें चाहें तो अभ्यास मैच खेल सकती हैं, लेकिन उनकी संख्या अधिकतम दो ही होगी और इसके लिए पहले से बोर्ड को सूचित करना अनिवार्य होगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि अभ्यास मैच उस पिच पर न खेले जाएं, जिस पर आधिकारिक मुकाबला होना है। इसके अलावा, अगर कोई टीम फ्लडलाइट में अभ्यास मैच आयोजित करना चाहती है, तो उसकी अवधि अधिकतम साढ़े तीन घंटे तक ही सीमित रखी गई है। BCCI के मुताबिक इन नए नियमों का मकसद पिच की गुणवत्ता को बेहतर बनाए रखना और सभी टीमों को अभ्यास के लिए समान और निष्पक्ष अवसर देना है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।