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Noor Ahmad’s Double Blow Stuns KKR

IPL 2026: 11वें ओवर की दो गेंदों ने पलटा मैच, KKR की हार का बना टर्निंग पॉइंट

surbhi अप्रैल 15, 2026 0
Noor Ahmad celebrates wicket during CSK vs KKR IPL 2026 match after dismissing Rahane and Green.
Noor Ahmad Turns Match for CSK

आईपीएल 2026 के 22वें मुकाबले में Chennai Super Kings ने Kolkata Knight Riders को 32 रन से हराया, लेकिन इस मैच का असली टर्निंग पॉइंट पारी का 11वां ओवर रहा। इसी ओवर की दो गेंदों ने KKR के जीत के अरमानों पर पूरी तरह पानी फेर दिया।

11वें ओवर में बदला मैच का रुख

जब KKR 193 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही थी, तब 10 ओवर के बाद स्कोर 81/3 था और टीम मुकाबले में बनी हुई थी। क्रीज पर कप्तान अजिंक्य रहाणे और रिंकू सिंह मौजूद थे।

इसी समय CSK के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने गेंद थमाई युवा स्पिनर नूर अहमद को – और यहीं से मैच पलट गया।

  • ओवर की पहली चार गेंदों पर सिर्फ 4 रन बने
  • 5वीं गेंद: रहाणे बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में कैच आउट
  • 6वीं गेंद: कैमरून ग्रीन बिना खाता खोले आउट

लगातार दो गेंदों पर दो विकेट गिरने से KKR की बल्लेबाजी पूरी तरह दबाव में आ गई और टीम वापसी नहीं कर सकी।

KKR की पारी यहीं से बिखरी

रहाणे और ग्रीन के आउट होने के बाद KKR का मिडिल ऑर्डर पूरी तरह लड़खड़ा गया। टीम 20 ओवर में 7 विकेट पर सिर्फ 160 रन ही बना सकी।

यह ओवर मैच का निर्णायक मोड़ साबित हुआ, जिसने KKR को जीत से काफी दूर कर दिया।

नूर अहमद का शानदार प्रदर्शन

नूर अहमद ने इस मुकाबले में 4 ओवर में 21 रन देकर 3 विकेट झटके।
साथ ही उन्होंने IPL में अपने 50 विकेट भी पूरे कर लिए – और वह सबसे कम मैचों में यह उपलब्धि हासिल करने वाले गेंदबाजों की सूची में शामिल हो गए।

मैच के बाद नूर ने कहा कि पिच पर गेंद आसानी से बल्ले पर नहीं आ रही थी, जिसका उन्होंने पूरा फायदा उठाया।

 

क्रिकेट में एक ओवर या कुछ गेंदें ही मैच का नतीजा बदल देती हैं, और इस मुकाबले में 11वें ओवर की आखिरी दो गेंदें इसका सबसे बड़ा उदाहरण बनीं। KKR के लिए यह हार सिर्फ स्कोर की नहीं, बल्कि मोमेंटम की भी हार साबित हुई।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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मुंबई: आईपीएल 2026 के हाई-वोल्टेज मुकाबले में Punjab Kings ने Mumbai Indians को उनके घरेलू मैदान पर 7 विकेट से करारी शिकस्त दी। इस हार के बाद मुंबई के कप्तान Hardik Pandya ने टीम के प्रदर्शन पर गंभीर सवाल उठाते हुए संकेत दिया कि आगे सुधार के लिए कड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं। प्रभसिमरन और अय्यर की शानदार बल्लेबाजी पंजाब की जीत में Prabhsimran Singh और कप्तान Shreyas Iyer ने अहम भूमिका निभाई। दोनों बल्लेबाजों ने शानदार अर्धशतक जड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया और मैच को एकतरफा बना दिया। हार के बाद क्या बोले हार्दिक पांड्या? मैच के बाद हार्दिक पांड्या ने कहा कि टीम को अपने प्रदर्शन का गंभीरता से आकलन करने की जरूरत है। उन्होंने माना कि मुकाबले के दौरान कई गलतियां हुईं और अब टीम को बैठकर यह समझना होगा कि कमी कहां रह गई। पांड्या ने कहा कि यह देखना जरूरी है कि गलती खिलाड़ियों के प्रदर्शन में थी, रणनीति में कमी थी या फिर पूरी टीम का सामूहिक प्रदर्शन कमजोर रहा। उन्होंने साफ तौर पर स्वीकार किया कि इस मुकाबले में पंजाब हर विभाग में बेहतर साबित हुई। “पंजाब हर मामले में बेहतर रही” पांड्या ने खुलकर कहा कि फिलहाल उनके पास ज्यादा कहने के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि टीम को शांत दिमाग से बैठकर विश्लेषण करना होगा कि किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है। उन्होंने मैच की परिस्थितियों का जिक्र करते हुए बताया कि पहली पारी में रिवर्स स्विंग देखने को मिली, जबकि दूसरी पारी में ओस का असर था, लेकिन इसके बावजूद पंजाब ने गेंदबाजी, बल्लेबाजी और फील्डिंग–तीनों में बेहतर प्रदर्शन किया। कड़े फैसलों के संकेत मुंबई इंडियंस के कप्तान ने यह भी संकेत दिया कि टीम मैनेजमेंट को अब कुछ सख्त फैसले लेने पड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह तय करना होगा कि क्या बदलाव जरूरी हैं या फिर मौजूदा खिलाड़ियों पर भरोसा कायम रखते हुए आगे बढ़ना चाहिए। पांड्या ने माना कि ये आसान फैसले नहीं हैं, लेकिन टीम को जिम्मेदारी लेते हुए सही दिशा में कदम उठाने होंगे। पॉइंट्स टेबल में बड़ा उलटफेर इस जीत के साथ Punjab Kings चार जीत और एक नो-रिजल्ट के साथ अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गई है, जबकि डिफेंडिंग चैंपियन Royal Challengers Bengaluru दूसरे स्थान पर खिसक गई। वहीं Mumbai Indians सिर्फ एक जीत के साथ नौवें स्थान पर पहुंच गई है, जिससे टीम पर दबाव और बढ़ गया है।  

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  आईपीएल 2026 के सीजन में एक बार फिर पॉइंट्स टेबल में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। Royal Challengers Bengaluru (RCB) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Lucknow Super Giants को 5 विकेट से हराया और सीधे टेबल के शीर्ष पर पहुंच गई। इस जीत ने टूर्नामेंट के समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं। RCB ने अब तक खेले गए 5 मुकाबलों में से 4 में जीत दर्ज की है और सिर्फ 1 मैच गंवाया है। टीम के पास 8 अंक हैं और +1.503 का बेहतरीन नेट रन रेट है, जो उसे अन्य टीमों से आगे रखता है। लगातार दो जीतों ने टीम का आत्मविश्वास और मजबूत किया है। सीजन की शुरुआत में RCB ने Sunrisers Hyderabad को 6 विकेट से हराया, इसके बाद Chennai Super Kings को 43 रन से मात दी। हालांकि तीसरे मैच में Rajasthan Royals ने 6 विकेट से हराकर RCB को झटका दिया, लेकिन टीम ने वापसी करते हुए Mumbai Indians को 18 रन से हराया और अब लखनऊ के खिलाफ जीत दर्ज कर टॉप पर कब्जा कर लिया। पॉइंट्स टेबल की स्थिति पहले स्थान पर RCB (8 अंक, +1.503 NRR) दूसरे स्थान पर Rajasthan Royals (8 अंक, +0.889 NRR) तीसरे स्थान पर Punjab Kings (7 अंक) चौथे स्थान पर Sunrisers Hyderabad (4 अंक) पांचवें स्थान पर Delhi Capitals (4 अंक) छठे स्थान पर Gujarat Titans (4 अंक) सातवें स्थान पर Lucknow Super Giants (4 अंक) आठवें स्थान पर Chennai Super Kings (4 अंक) नौवें स्थान पर Mumbai Indians (2 अंक) दसवें स्थान पर Kolkata Knight Riders (1 अंक) RR दूसरे स्थान पर, KKR सबसे कमजोर Rajasthan Royals ने भी 5 मैचों में 4 जीत के साथ 8 अंक हासिल किए हैं, लेकिन नेट रन रेट कम होने के कारण वह दूसरे स्थान पर है। वहीं Kolkata Knight Riders का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है—5 मैच खेलने के बाद भी टीम जीत का खाता नहीं खोल सकी है और सबसे नीचे बनी हुई है।  

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आईपीएल 2026 के 22वें मुकाबले में Kolkata Knight Riders (KKR) को Chennai Super Kings (CSK) के खिलाफ 32 रनों से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही KKR के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज हो गया, जो टीम के इतिहास में पहली बार देखने को मिला है। इतिहास में पहली बार बना ये अनचाहा रिकॉर्ड यह IPL इतिहास का पहला मौका है जब KKR अपनी शुरुआती 5 मैचों में एक भी जीत दर्ज नहीं कर सकी है। टीम ने अब तक 5 मुकाबले खेले हैं, जिसमें 4 में हार और 1 मुकाबला बेनतीजा रहा है। इस खराब शुरुआत ने टीम की रणनीति और प्रदर्शन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मैच का पूरा हाल चेन्नई के एमए चिदंबरम क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में CSK ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 192 रन बनाए। CSK की ओर से संजू सैमसन – 48 रन डेवाल्ड ब्रेविस – 41 रन आयुष म्हात्रे – 38 रन ने अहम योगदान दिया, जबकि कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ सस्ते में आउट हो गए। KKR की बल्लेबाजी रही फ्लॉप 193 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए KKR की शुरुआत बेहद खराब रही। फिन एलन – 1 रन सुनील नरेन – 24 रन कप्तान अजिंक्य रहाणे – 24 रन मिडिल ऑर्डर भी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। रिंकू सिंह – 6 रन कैमरून ग्रीन – 0 रन हालांकि, रोवमैन पॉवेल (31 रन) और रमनदीप सिंह (35 रन) ने 63 रनों की साझेदारी कर कुछ उम्मीद जगाई, लेकिन टीम को जीत तक नहीं पहुंचा सके। KKR 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 160 रन ही बना सकी। CSK की घातक गेंदबाजी CSK की ओर से नूर अहमद ने 21 रन देकर 3 विकेट लिए अंशुल कंबोज ने 2 विकेट चटकाए और KKR की बल्लेबाजी को पूरी तरह से दबाव में रखा। KKR के लिए यह सीजन अब तक बेहद निराशाजनक रहा है। शुरुआती 5 मैचों में जीत का खाता न खुलना टीम के लिए बड़ा झटका है। अगर टीम को प्लेऑफ की दौड़ में बने रहना है, तो आने वाले मैचों में रणनीति और प्रदर्शन दोनों में बड़ा बदलाव करना होगा।  

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