मेजर लीग क्रिकेट (MLC) 2026 के एलिमिनेटर मुकाबले में एमआई न्यूयॉर्क (MI New York) ने टी20 क्रिकेट की सबसे विस्फोटक पारियों में से एक खेलते हुए वाशिंगटन फ्रीडम के खिलाफ 20 ओवर में 9 विकेट पर 266 रन ठोक दिए। ओकलैंड कोलिसियम में खेले गए इस नॉकआउट मुकाबले में कप्तान निकोलस पूरन और अनुभवी कीरोन पोलार्ड की आक्रामक बल्लेबाजी ने विपक्षी गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। इस दौरान एमआई न्यूयॉर्क ने एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया। टीम ने अपनी पारी में कुल 29 छक्के लगाए, जो लीग क्रिकेट के इतिहास में किसी भी टीम द्वारा एक पारी में लगाए गए सबसे ज्यादा छक्के हैं। निकोलस पूरन ने 33 गेंदों में जड़ा तूफानी शतक एमआई न्यूयॉर्क के कप्तान निकोलस पूरन ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और वाशिंगटन फ्रीडम के गेंदबाजों पर लगातार हमला बोला। उन्होंने सिर्फ 33 गेंदों में 106 रन की विस्फोटक पारी खेली। इस दौरान उनके बल्ले से 5 चौके और 13 छक्के निकले। पूरन का स्ट्राइक रेट 321.21 रहा, जिसने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। क्विंटन डी कॉक और पोलार्ड ने भी मचाया धमाल पूरन को दूसरे छोर से सलामी बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक का शानदार साथ मिला। डी कॉक ने 24 गेंदों में 51 रन बनाए, जिसमें 6 छक्के शामिल रहे। इसके बाद 39 वर्षीय कीरोन पोलार्ड ने अपने पुराने अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए मैदान के चारों ओर लंबे-लंबे शॉट लगाए। पोलार्ड ने सिर्फ 25 गेंदों में 64 रन बनाए और इस दौरान 8 छक्के जड़े। अंतिम ओवरों में ट्रेंट बोल्ट ने भी 10 गेंदों में 22 रन बनाकर टीम को 266 रन के विशाल स्कोर तक पहुंचाया। 300 रन की ओर बढ़ रही थी MI न्यूयॉर्क एमआई न्यूयॉर्क की बल्लेबाजी इतनी आक्रामक रही कि एक समय ऐसा लग रहा था कि टीम टी20 क्रिकेट में 300 रन का ऐतिहासिक आंकड़ा भी छू सकती है। हालांकि आखिरी पांच ओवरों में वाशिंगटन फ्रीडम ने कुछ विकेट निकालकर रनगति पर थोड़ा अंकुश लगाया और स्कोर 266 रन पर रोक दिया। गेंदबाजों के लिए बुरे सपने जैसा दिन वाशिंगटन फ्रीडम के लगभग सभी गेंदबाज एमआई न्यूयॉर्क के बल्लेबाजों के सामने बेबस नजर आए। सौरभ नेत्रवलकर ने 3 ओवर में बिना विकेट लिए 52 रन खर्च किए। ग्लेन मैक्सवेल ने 3 ओवर में 41 रन लुटाए। अन्य गेंदबाज भी रन रोकने में नाकाम रहे। हालांकि स्पिनर रचिन रवींद्र ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 29 रन देकर 4 विकेट लिए और एमआई न्यूयॉर्क को इससे भी बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोका। बेन द्वारशुइस ने भी 2 विकेट हासिल किए। 29 छक्कों के साथ बना नया रिकॉर्ड एमआई न्यूयॉर्क की इस पारी की सबसे बड़ी खासियत उसकी पावर हिटिंग रही। टीम ने पूरे 20 ओवर में 29 छक्के लगाए, जो लीग क्रिकेट के इतिहास में किसी भी टीम द्वारा एक पारी में लगाए गए सबसे अधिक छक्कों का नया रिकॉर्ड है। अब वाशिंगटन फ्रीडम के सामने जीत के लिए 267 रन का विशाल लक्ष्य है। इतने बड़े स्कोर का पीछा करना आसान नहीं होगा, लेकिन टी20 क्रिकेट की अनिश्चितता को देखते हुए मुकाबला अभी पूरी तरह खुला हुआ है। वहीं एमआई न्यूयॉर्क का आत्मविश्वास इस ऐतिहासिक बल्लेबाजी प्रदर्शन के बाद सातवें आसमान पर होगा।
रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पथ निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को अधूरी सड़क और पुल परियोजनाओं को लेकर कड़ी फटकार लगाई। बुधवार को झारखंड मंत्रालय में आयोजित बैठक में उन्होंने विभाग के पिछले पांच वर्षों के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की और स्पष्ट निर्देश दिया कि लंबे समय से लंबित सभी प्रमुख परियोजनाएं अगले दो महीने के भीतर पूरी की जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा के बाद भी कार्य लंबित रहने पर संबंधित अधिकारियों और कार्य एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हर परियोजना का बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड मुख्यमंत्री ने विभाग को सभी सड़क, पुल, फ्लाईओवर और ओवरब्रिज परियोजनाओं का विस्तृत डेटाबेस तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परियोजना की जियो-टैगिंग की जाए, ताकि कार्य की प्रगति, लागत और समय-सीमा का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध रहे। इससे परियोजनाओं की निगरानी आसान होगी और जवाबदेही भी सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता न करने और नियमित समीक्षा करने पर भी जोर दिया। सोशल मीडिया की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया, समाचार पत्रों और टीवी के माध्यम से खराब सड़कों, गड्ढों, जलजमाव और निर्माण कार्यों में अनियमितताओं की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की जाए। विशेष रूप से बारिश के मौसम में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने, गड्ढों की मरम्मत, जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने और संकरी सड़कों के चौड़ीकरण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। नई परियोजनाओं की भी हुई समीक्षा मुख्यमंत्री ने सोलर साइकिल ट्रैक सहित नई परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने पुल-पुलियों के किनारों को मजबूत बनाने, बेहतर जल निकासी व्यवस्था विकसित करने और सभी निर्माण कार्यों को टिकाऊ तथा गुणवत्ता मानकों के अनुरूप समय पर पूरा करने पर जोर दिया। बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव सुनील कुमार, अभियंता प्रमुख प्रवीण जयंत भेंगरा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला गुरुवार, 16 जुलाई को खेला जाएगा। पहले मैच में जीत हासिल करने के बाद भारतीय टीम की नजर इस मुकाबले को जीतकर सीरीज अपने नाम करने पर होगी। वहीं मेजबान इंग्लैंड वापसी करते हुए सीरीज को 1-1 से बराबर करने के इरादे से मैदान में उतरेगा। दूसरे वनडे को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों में जबरदस्त उत्साह है। भारतीय टीम के लिए कप्तान शुभमन गिल, रोहित शर्मा और विराट कोहली से बड़ी पारियों की उम्मीद रहेगी, जबकि इंग्लैंड की कप्तानी कर रहे हैरी ब्रूक अपनी टीम को घरेलू परिस्थितियों का फायदा दिलाने की कोशिश करेंगे। कब खेला जाएगा दूसरा वनडे? भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरा वनडे मुकाबला 16 जुलाई (गुरुवार) को खेला जाएगा। कहां खेला जाएगा मैच? यह मुकाबला एजबेस्टन, बर्मिंघम में आयोजित होगा। मैच कितने बजे शुरू होगा? टॉस: भारतीय समयानुसार शाम 5:00 बजे मैच शुरू: भारतीय समयानुसार 5:30 बजे टीवी पर लाइव टेलीकास्ट कहां देखें? भारत और इंग्लैंड के दूसरे वनडे मैच का सीधा प्रसारण निम्नलिखित चैनलों पर देखा जा सकता है— Sony Sports Ten 1 Sony Sports Ten 1 HD Sony Sports Ten 3 Sony Sports Ten 4 ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग कहां देखें? यदि आप मोबाइल, लैपटॉप या स्मार्ट टीवी पर मैच देखना चाहते हैं, तो इसकी लाइव स्ट्रीमिंग Sony LIV ऐप और वेबसाइट पर उपलब्ध होगी। इसके अलावा क्रिकेट फैंस JioHotstar पर भी मुकाबले का आनंद ले सकते हैं। फ्री में कैसे देखें मैच? अगर आपके पास Sony LIV या JioHotstar का सब्सक्रिप्शन नहीं है, तब भी आप यह मुकाबला मुफ्त में देख सकते हैं। भारत और इंग्लैंड के दूसरे वनडे का लाइव प्रसारण DD Sports चैनल पर उपलब्ध रहेगा। इसके लिए किसी अतिरिक्त सब्सक्रिप्शन की आवश्यकता नहीं होगी। भारतीय टीम शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), इशान किशन (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बराड़ और प्रिंस यादव। इंग्लैंड टीम हैरी ब्रूक (कप्तान), रेहान अहमद, जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, जोस बटलर (विकेटकीपर), जेम्स कोल्स, सैम करन, लियाम डॉसन, बेन डकेट, विल जैक्स, साकिब महमूद, आदिल राशिद, जो रूट और जोश टंग। सीरीज के लिहाज से यह मुकाबला बेहद अहम माना जा रहा है। जहां भारत जीत के साथ ट्रॉफी अपने नाम करना चाहेगा, वहीं इंग्लैंड के लिए सीरीज बचाने की चुनौती होगी। ऐसे में क्रिकेट प्रेमियों को एक रोमांचक मुकाबला देखने की पूरी उम्मीद है।
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में हर दौर में एक ऐसा बल्लेबाज उभरकर सामने आया है जिसने दुनिया भर में अपनी अलग पहचान बनाई। सुनील गावस्कर से शुरू हुई यह विरासत सचिन तेंदुलकर तक पहुंची और फिर विराट कोहली ने अपने शानदार प्रदर्शन से भारतीय बल्लेबाजी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। अब जब विराट कोहली अपने करियर के अंतिम चरण की ओर बढ़ रहे हैं, तो सबसे बड़ा सवाल यही है कि भारतीय क्रिकेट का अगला 'किंग' कौन होगा? मौजूदा फॉर्म को देखते हुए इस सवाल का सबसे मजबूत जवाब शुभमन गिल के रूप में सामने आ रहा है। भारतीय टीम की कप्तानी संभाल रहे शुभमन गिल इन दिनों अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ लय में नजर आ रहे हैं। खासकर वनडे क्रिकेट में उनका बल्ला पिछले सात महीनों से लगातार रन उगल रहा है। इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में 80 रनों की जिम्मेदार पारी खेलकर उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह सिर्फ भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान के भी सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल हैं। सात महीने से वनडे में शानदार फॉर्म शुभमन गिल ने साल 2026 की शुरुआत से ही वनडे क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले दो मैचों में उन्होंने लगातार 56-56 रन बनाए। तीसरे मुकाबले में 18 गेंदों पर 23 रन की तेज पारी खेली। इसके बाद अफगानिस्तान के खिलाफ पहले वनडे में 84 रन बनाए, जबकि दूसरे मुकाबले में 154 रन की शानदार पारी खेलकर अपने करियर का दूसरा सबसे बड़ा वनडे स्कोर दर्ज किया। इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में भी उन्होंने 75 गेंदों में 80 रन बनाकर भारत की जीत की मजबूत नींव रखी। उनकी पिछली छह वनडे पारियों में पांच अर्धशतक इस बात का प्रमाण हैं कि फिलहाल उन्हें रोकना किसी भी गेंदबाजी आक्रमण के लिए आसान नहीं है। इंग्लैंड के खिलाफ खेली मैच जिताऊ पारी बर्मिंघम में खेले गए पहले वनडे में भारत को 259 रन का लक्ष्य मिला था। कप्तान रोहित शर्मा सिर्फ 11 रन और विराट कोहली 5 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। श्रेयस अय्यर (35) और केएल राहुल (1) भी बड़ी पारी नहीं खेल सके। ऐसे मुश्किल समय में शुभमन गिल ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए 80 रन बनाए। हालांकि हैमस्ट्रिंग और ग्रॉइन में परेशानी के कारण उन्हें बीच में मैदान छोड़ना पड़ा, लेकिन तब तक वह भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा चुके थे। बाद में वाशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल की अहम पारियों ने टीम इंडिया को जीत दिलाई। यदि गिल शुरुआती दबाव को संभालकर यह पारी नहीं खेलते तो मुकाबले का नतीजा भारत के पक्ष में आना मुश्किल हो सकता था। औसत के मामले में विराट कोहली से भी आगे वनडे क्रिकेट में कम से कम 3000 रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में शुभमन गिल अब सबसे अधिक बल्लेबाजी औसत वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने 65 वनडे मैचों में 3271 रन 60 से अधिक की औसत से बनाए हैं। वहीं विराट कोहली 58.50 की औसत के साथ 14,802 रन बनाकर दूसरे स्थान पर हैं। हालांकि विराट कोहली के नाम अनुभव, रिकॉर्ड और बड़े टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन जैसी कई उपलब्धियां हैं, लेकिन शुरुआती करियर में जिस तरह शुभमन गिल लगातार रन बना रहे हैं, उसने उन्हें भारतीय क्रिकेट के अगले बड़े सुपरस्टार के रूप में स्थापित कर दिया है। अगर गिल इसी निरंतरता के साथ प्रदर्शन करते रहे, तो आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट को एक नया 'किंग' मिल सकता है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली करीब छह महीने बाद एक बार फिर वनडे क्रिकेट में वापसी करने जा रहे हैं। 14 जुलाई से इंग्लैंड के खिलाफ शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज उनके लिए सिर्फ वापसी का मंच नहीं, बल्कि कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम करने का बड़ा अवसर भी होगी। चोट के कारण वह अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज से बाहर रहे थे, जबकि उन्होंने अपना आखिरी वनडे जनवरी 2026 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। 15 हजार वनडे रन का ऐतिहासिक मुकाम करीब विराट कोहली ने अब तक 311 वनडे मैचों की 299 पारियों में 14,797 रन बनाए हैं। 15,000 वनडे रन पूरे करने के लिए उन्हें केवल 203 रन की जरूरत है। यदि वह इंग्लैंड के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल कर लेते हैं, तो वनडे क्रिकेट में 15 हजार रन बनाने वाले दुनिया के दूसरे और भारत के दूसरे बल्लेबाज बन जाएंगे। इस सूची में सबसे ऊपर सचिन तेंदुलकर का नाम है। सबसे तेज 15 हजार रन बनाने का भी मौका इंग्लैंड के खिलाफ पहला वनडे कोहली के करियर की 300वीं वनडे पारी होगी। यदि वह इस सीरीज में 203 रन बना लेते हैं, तो वह सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड भी तोड़ सकते हैं। सचिन ने 15 हजार वनडे रन तक पहुंचने के लिए 359 पारियां खेली थीं, जबकि विराट के पास यह उपलब्धि सिर्फ 300वीं पारी के आसपास हासिल करने का मौका है। ऐसा होने पर वह वनडे इतिहास में सबसे तेज 15 हजार रन बनाने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे। वनडे में शानदार रिकॉर्ड साल 2008 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले विराट कोहली का वनडे करियर बेहद शानदार रहा है। उनका औसत 58.71 और स्ट्राइक रेट 90 से अधिक है। अब तक वे 54 शतक और 77 अर्धशतक लगा चुके हैं, जबकि उनका सर्वोच्च स्कोर 183 रन है। टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद कोहली अब पूरी तरह वनडे क्रिकेट और अगले साल होने वाले विश्व कप पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। ऐसे में इंग्लैंड के खिलाफ यह सीरीज उनके लिए नई शुरुआत के साथ-साथ इतिहास रचने का भी सुनहरा अवसर साबित हो सकती है।
US Iran Conflict: पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. ईरान की ओर से खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और समुद्री गतिविधियों को निशाना बनाए जाने के बाद अमेरिका ने जवाबी सैन्य अभियान का एक अहम चरण पूरा करने का दावा किया है. अमेरिकी सेना के अनुसार, ताजा कार्रवाई में ईरान के करीब 140 सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए, जिनमें वायु रक्षा प्रणाली, रडार, मिसाइल और ड्रोन लॉन्चिंग साइट्स समेत कई रणनीतिक ठिकाने शामिल हैं. अमेरिका का दावा- 140 सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि इस अभियान में पहली बार लड़ाकू विमान, युद्धपोत, हवाई ड्रोन और नौसैनिक ड्रोन का संयुक्त रूप से इस्तेमाल किया गया. सेना के मुताबिक, ऑपरेशन के दौरान ईरान की वायु रक्षा प्रणाली, मिसाइल और ड्रोन लॉन्चिंग साइट, गोला-बारूद के भंडार, संचार केंद्र और छोटे सैन्य जहाजों को निशाना बनाया गया. होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका का बयान अमेरिका ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट किसी एक देश के नियंत्रण में नहीं है और यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है. अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया कि वह इस जलमार्ग को अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों के लिए सुरक्षित और खुला बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. कंटेनर जहाज पर हमले के बाद बढ़ा तनाव रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने रविवार को होर्मुज स्ट्रेट में एक कंटेनर जहाज पर हुए हमले के बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए. इसके बाद ईरान ने भी पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए जवाबी कार्रवाई की. पांच देशों तक पहुंचा हमलों का असर ईरान के जवाबी हमलों का प्रभाव बहरीन, कुवैत, कतर, जॉर्डन और ओमान तक देखा गया. बहरीन में सोमवार तड़के मिसाइल हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बजाए गए. हालांकि अब तक किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है. ईरान के सरकारी मीडिया ने भी देश के कई हिस्सों में हुए ताजा हमलों की पुष्टि की है. रिपोर्टों के मुताबिक, कई स्थानों पर विस्फोट हुए हैं और कम से कम एक व्यक्ति की मौत होने की जानकारी सामने आई है. ट्रंप बोले- बड़े पैमाने पर की गई बमबारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की है. वहीं ईरान ने दोहराया कि होर्मुज स्ट्रेट पर उसका अधिकार है और वहां से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूलने का अधिकार भी उसी के पास होना चाहिए. संयुक्त राष्ट्र ने दी चेतावनी बढ़ते सैन्य तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि यदि संघर्ष बड़े पैमाने पर युद्ध में बदलता है तो इसके गंभीर और विनाशकारी परिणाम पूरी दुनिया को भुगतने पड़ सकते हैं. उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान तलाशने की अपील की है. तनाव कम कराने की कोशिशें जारी इस बीच पाकिस्तान, कतर और मिस्र सहित कई देश दोनों पक्षों के बीच तनाव कम कराने और स्थायी समाधान निकालने के लिए कूटनीतिक प्रयासों में जुटे हुए हैं. हालांकि फिलहाल क्षेत्र में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस संघर्ष पर टिकी हुई है.
भारतीय सेना ने 68वें शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC) टेक्निकल महिला कोर्स के लिए आधिकारिक भर्ती अधिसूचना जारी कर दी है। इस भर्ती अभियान के तहत अविवाहित महिला इंजीनियरिंग स्नातकों को सेना में अधिकारी बनने का अवसर मिलेगा। इच्छुक उम्मीदवार 8 जुलाई 2026 से 6 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। चयनित अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण अप्रैल 2027 से ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA), गया (बिहार) में शुरू होगा। 30 पदों पर होगी भर्ती इस भर्ती अभियान के तहत विभिन्न इंजीनियरिंग शाखाओं में कुल 30 रिक्त पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इसके अलावा सेवा के दौरान शहीद हुए रक्षा कर्मियों की विधवाओं के लिए तकनीकी और गैर-तकनीकी श्रेणी में विशेष प्रवेश का प्रावधान भी रखा गया है। भर्ती से जुड़ी प्रमुख जानकारी विवरण जानकारी भर्ती का नाम Indian Army SSC Tech Women 68 Course पद शॉर्ट सर्विस कमीशन (तकनीकी) महिला अधिकारी कुल पद 30 आवेदन शुरू 8 जुलाई 2026 आवेदन की अंतिम तिथि 6 अगस्त 2026 प्रशिक्षण शुरू अप्रैल 2027 प्रशिक्षण स्थल OTA, गया (बिहार) कौन कर सकता है आवेदन? इस भर्ती के लिए आवेदन करने वाली उम्मीदवारों को निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी। उम्मीदवार अविवाहित महिला इंजीनियरिंग स्नातक हो। इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष में अध्ययनरत छात्राएं भी आवेदन कर सकती हैं, यदि उनका परिणाम 1 अप्रैल 2027 तक घोषित हो जाए। 1 अप्रैल 2027 को उम्मीदवार की आयु 20 से 27 वर्ष के बीच होनी चाहिए। यानी अभ्यर्थी का जन्म 1 अप्रैल 2000 से 31 मार्च 2007 के बीच हुआ होना चाहिए। शहीद रक्षा कर्मियों की विधवाओं के लिए अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष निर्धारित की गई है। ऐसे होगा चयन भारतीय सेना इस भर्ती में उम्मीदवारों का चयन कई चरणों में करेगी। आवेदन पत्रों की जांच और शॉर्टलिस्टिंग सर्विस सिलेक्शन बोर्ड (SSB) इंटरव्यू मेडिकल परीक्षण अंतिम मेरिट सूची जॉइनिंग लेटर जारी SSB इंटरव्यू लगभग पांच दिनों तक चलेगा, जिसमें उम्मीदवारों की नेतृत्व क्षमता, मानसिक योग्यता और व्यक्तित्व का मूल्यांकन किया जाएगा। फिजिकल फिटनेस भी होगी जरूरी चयन प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों को निर्धारित शारीरिक मानकों पर भी खरा उतरना होगा। इसके तहत उम्मीदवार को— 13 मिनट में 2.4 किलोमीटर दौड़ पूरी करनी होगी। कम से कम 15 पुश-अप्स करने होंगे। 2 पुल-अप्स पूरे करने होंगे। 25 सिट-अप्स करने होंगे। तैराकी का बुनियादी ज्ञान होना चाहिए। ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? उम्मीदवार नीचे दिए गए चरणों का पालन कर आवेदन कर सकते हैं— भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट Join Indian Army पर जाएं। Officer Entry Apply/Login विकल्प चुनें। यदि पहले से पंजीकरण नहीं है तो नया रजिस्ट्रेशन करें। आधार या मैट्रिक प्रमाणपत्र के माध्यम से सत्यापन पूरा करें। लॉगिन करने के बाद Short Service Commission (Technical) Women Course का चयन करें। व्यक्तिगत, शैक्षणिक और संपर्क संबंधी जानकारी भरें। यदि पहले SSB में शामिल हुए हैं तो उसका विवरण दर्ज करें। सभी जानकारियां जांचने के बाद आवेदन पत्र सबमिट करें और भविष्य के लिए उसका प्रिंट सुरक्षित रखें। महिला इंजीनियरों के लिए सुनहरा अवसर अगर आप इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर चुकी हैं और भारतीय सेना में अधिकारी बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं, तो यह भर्ती आपके लिए बेहतरीन अवसर है। इच्छुक उम्मीदवार अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को उनके 54वें जन्मदिन पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने बड़ा सम्मान दिया है। आईसीसी ने उन्हें प्रतिष्ठित ICC हॉल ऑफ फेम में शामिल करने की घोषणा की। यह फैसला स्कॉटलैंड की राजधानी एडिनबर्ग में आयोजित आईसीसी बोर्ड की वार्षिक बैठक में लिया गया। गांगुली इस सम्मान को हासिल करने वाले कुल 12वें भारतीय क्रिकेटर और पुरुष वर्ग में 10वें भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। गांगुली ने इस सम्मान पर खुशी जताते हुए आईसीसी और चेयरमैन जय शाह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि हॉल ऑफ फेम में शामिल होना उनके लिए बेहद गर्व और सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट के महान खिलाड़ियों के साथ इस प्रतिष्ठित सूची का हिस्सा बनना उनके करियर का यादगार पल है। कप्तान के रूप में बदली भारतीय क्रिकेट की तस्वीर सौरव गांगुली का क्रिकेट करियर उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने 113 टेस्ट मैचों में 7,212 रन बनाए, जबकि 311 वनडे मुकाबलों में 22 शतकों की मदद से 11,363 रन बनाए। इसके अलावा उन्होंने वनडे में 132 विकेट भी अपने नाम किए। वर्ष 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंतिम टेस्ट खेलने के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया। गांगुली का सबसे बड़ा योगदान क्या क्या है? साल 2000 से 2005 के बीच भारतीय टीम की कप्तानी के दौरान माना जाता है। मैच फिक्सिंग विवाद के बाद उन्होंने टीम इंडिया को नई दिशा दी। उनकी कप्तानी में भारत ने 2002 नेटवेस्ट ट्रॉफी जीती, 2002 चैंपियंस ट्रॉफी में संयुक्त विजेता बना, 2003 विश्व कप के फाइनल तक पहुंचा और 2004 में पाकिस्तान में पहली बार टेस्ट सीरीज जीतकर इतिहास रचा। 2001 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कोलकाता टेस्ट की ऐतिहासिक जीत भी उनके नेतृत्व की बड़ी उपलब्धि रही। संन्यास के बाद गांगुली ने क्रिकेट प्रशासन में अहम भूमिका निभाई। वह भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष रह चुके हैं और वर्तमान में क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) के अध्यक्ष, SA20 में प्रिटोरिया कैपिटल्स के मुख्य कोच तथा आईपीएल और डब्ल्यूपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के क्रिकेट डायरेक्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
दुबई, एजेंसियां। International Cricket Council ने महिला टी20 विश्व कप 2026 की 'टीम ऑफ द टूर्नामेंट' का ऐलान कर दिया है। विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया का इस ड्रीम टीम में सबसे अधिक दबदबा रहा है। खिताब जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम के चार खिलाड़ियों को अंतिम एकादश में जगह मिली है, जबकि उपविजेता इंग्लैंड के दो खिलाड़ी भी टीम में शामिल किए गए हैं। ऑस्ट्रेलिया की कप्तान सोफी मोलिन्यूक्स को मिली कमान ऑस्ट्रेलिया को रिकॉर्ड सातवां महिला टी20 विश्व कप खिताब दिलाने वाली Sophie Molineux को टीम का कप्तान चुना गया है। वहीं, टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहीं Beth Mooney को विकेटकीपर के रूप में टीम में जगह मिली। ऑस्ट्रेलिया की Ellyse Perry और Ashleigh Gardner भी इस ड्रीम टीम का हिस्सा हैं। भारतीय स्पिनर श्री चरणी को भी मिली जगह भारत की युवा स्पिनर Sree Charani को भी शानदार प्रदर्शन का इनाम मिला है। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 14 विकेट लेकर सबसे ज्यादा विकेट चटकाए और पहली बार आईसीसी की 'टीम ऑफ द टूर्नामेंट' में जगह बनाई। इंग्लैंड की Danni Wyatt-Hodge भी टीम में शामिल हैं, जिन्होंने टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बनाए। विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया का रहा दबदबा ऑस्ट्रेलिया ने फाइनल में इंग्लैंड को 7 विकेट से हराकर रिकॉर्ड सातवीं बार महिला टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया। टूर्नामेंट में टीम का प्रदर्शन लगातार शानदार रहा, जिसका असर 'टीम ऑफ द टूर्नामेंट' के चयन में भी साफ दिखाई दिया।।
नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज ऑलराउंडर एलिस पेरी महिला टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में पूरी तरह फिट नहीं होने के बावजूद मैदान पर उतर सकती हैं। सेमीफाइनल मुकाबले में चोटिल होने के बाद उनकी फिटनेस को लेकर सवाल उठ रहे थे, लेकिन टीम प्रबंधन ने संकेत दिए हैं कि विश्व कप जैसे बड़े मुकाबले में पेरी को खेलने का मौका मिल सकता है। ऑस्ट्रेलिया की हेड कोच शेली नित्शके ने गुरुवार को कहा कि पेरी की फिटनेस पर अंतिम फैसला मैच से ठीक पहले लिया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि टीम की स्टार खिलाड़ी हर हाल में फाइनल का हिस्सा बनना चाहती हैं और किसी भी भूमिका में टीम की मदद करने के लिए तैयार हैं। सेमीफाइनल में चोटिल होकर लौटी थीं पवेलियन एलिस पेरी वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल में बल्लेबाजी के दौरान जांघ की मांसपेशियों में परेशानी महसूस होने पर रिटायर्ड हर्ट हो गई थीं। चोट के कारण उन्हें बीच पारी में मैदान छोड़ना पड़ा, जिसके बाद उनकी उपलब्धता पर संशय पैदा हो गया। हेड कोच शेली नित्शके ने बताया कि सेमीफाइनल के बाद टीम ने अभ्यास नहीं किया है, इसलिए उनकी फिटनेस पर अभी कोई नया मेडिकल अपडेट उपलब्ध नहीं है। 'विश्व कप फाइनल में खिलाड़ियों को अलग नजरिए से देखते हैं' जब शेली नित्शके से पूछा गया कि क्या पेरी पूरी तरह फिट नहीं होने के बावजूद फाइनल खेल सकती हैं, तो उन्होंने सकारात्मक जवाब दिया। उन्होंने कहा, "हां, यह संभव है। एलिस पेरी टीम के लिए किसी भी तरह योगदान देना चाहती हैं, चाहे बल्लेबाजी हो, फील्डिंग हो या विकेटों के बीच दौड़ना। विश्व कप फाइनल जैसे बड़े मुकाबलों में खिलाड़ियों की उपलब्धता को सामान्य मैचों से अलग नजरिए से देखा जाता है।" कोच के इस बयान से साफ है कि ऑस्ट्रेलियाई टीम अपने सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में से एक को किसी भी कीमत पर फाइनल से बाहर नहीं रखना चाहती। युवा तेज गेंदबाज लूसी हैमिल्टन की भी हुई तारीफ शेली नित्शके ने युवा तेज गेंदबाज लूसी हैमिल्टन की भी जमकर सराहना की। हालांकि हैमिल्टन अब तक पूरे टूर्नामेंट में एक भी विकेट हासिल नहीं कर सकी हैं, लेकिन उनकी कसी हुई गेंदबाजी ने टीम को कई मौकों पर फायदा पहुंचाया है। उन्होंने 11 ओवर में सिर्फ 4.45 की इकॉनमी से रन दिए हैं। भारत के खिलाफ पावरप्ले में उनकी गेंदबाजी की विशेष रूप से तारीफ हुई थी, जबकि सेमीफाइनल में भी उन्होंने दबाव के बीच शानदार नियंत्रण बनाए रखा और बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। फिर से विश्व चैंपियन बनने की कोशिश ऑस्ट्रेलिया ने 2023 में दक्षिण अफ्रीका को हराकर महिला टी20 विश्व कप का खिताब जीता था। इसके बाद टीम किसी भी आईसीसी विश्व कप ट्रॉफी पर कब्जा नहीं कर सकी। ऑस्ट्रेलिया 2024 के टी20 विश्व कप और 2025 के वनडे विश्व कप के फाइनल तक भी नहीं पहुंच पाया था। अब टीम के पास एक बार फिर विश्व चैंपियन बनने का मौका है। फाइनल में उसका मुकाबला इंग्लैंड से होगा और सभी की नजरें इस बात पर रहेंगी कि एलिस पेरी पूरी तरह फिट हुए बिना भी मैदान पर उतरती हैं या नहीं। अगर पेरी खेलती हैं तो उनका अनुभव और बड़े मैचों का दबाव झेलने की क्षमता ऑस्ट्रेलिया के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर बड़ा बयान दिया है। शास्त्री का मानना है कि इतनी प्रतिभाशाली खिलाड़ी को लंबे समय तक बेंच पर बैठाकर रखना भारतीय टीम के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि वैभव को आयरलैंड दौरे पर ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू का मौका मिलना चाहिए था, क्योंकि वहां की परिस्थितियां उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पूरी तरह अनुकूल थीं। सोनी स्पोर्ट्स पर बातचीत के दौरान शास्त्री ने कहा कि आयरलैंड की धीमी और स्पंजी पिचों पर वैभव सूर्यवंशी विरोधी गेंदबाजों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकते थे। उनके मुताबिक वहां के छोटे मैदान और बल्लेबाजी के अनुकूल हालात युवा बल्लेबाज को अपनी स्वाभाविक शैली में खेलने का बेहतरीन अवसर देते। 'आयरलैंड में खेलता तो गेंदबाजों पर भारी पड़ता' रवि शास्त्री ने कहा, "उसे आयरलैंड में खेलना चाहिए था। वहां की पिचें धीमी और स्पंजी होती हैं। वह वहां छप्पर फाड़ बल्लेबाजी करता। मैदान भी छोटे हैं। अब इंग्लैंड में उसे मौका मिलेगा या नहीं, यह कहना मुश्किल है।" शास्त्री के इस बयान ने टीम चयन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। उनका मानना है कि युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बनाए रखने के लिए उन्हें सही समय पर अवसर मिलना बेहद जरूरी है। 'बेंच गर्म करने के लिए नहीं है ऐसा खिलाड़ी' पूर्व भारतीय कोच ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी को सिर्फ रिजर्व के तौर पर बैठाकर रखना सही रणनीति नहीं है। उन्होंने कहा, "उसे जितनी जल्दी हो सके खिलाइए। उसने आईपीएल में लगभग हर गेंदबाज की धुनाई की है। ऐसा कौन-सा तेज गेंदबाज है जिसे उसने नहीं पीटा? आप उसे सिर्फ बेंच गर्म करने के लिए बैठा रहे हैं।" शास्त्री का मानना है कि ऐसे निडर खिलाड़ी मैच का रुख कुछ ही ओवरों में बदलने की क्षमता रखते हैं और टीम को तेज शुरुआत दिलाकर विपक्ष पर दबाव बना सकते हैं। भारत के लिए बन सकते हैं एक्स-फैक्टर रवि शास्त्री के अनुसार वैभव सूर्यवंशी में वह आत्मविश्वास, निडरता और आक्रामक सोच है जो आधुनिक टी20 क्रिकेट की सबसे बड़ी जरूरत है। उनका मानना है कि शुरुआती ओवरों में तेज रन बनाने की क्षमता टीम के मध्यक्रम का दबाव कम कर सकती है और मैच का पूरा समीकरण बदल सकती है। इसी वजह से उन्होंने टीम मैनेजमेंट से जल्द से जल्द वैभव को प्लेइंग इलेवन में शामिल करने पर विचार करने की अपील की। सहायक कोच ने भी माना- तैयार हैं वैभव भारतीय टीम के सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने भी स्वीकार किया कि वैभव सूर्यवंशी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा टीम संयोजन के कारण उन्हें अभी इंतजार करना होगा। उनके अनुसार टीम मैनेजमेंट उन खिलाड़ियों को पर्याप्त अवसर देना चाहता है जिन्होंने हाल के महीनों में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। इसलिए फिलहाल किसी खिलाड़ी को बाहर करना आसान फैसला नहीं है। राहुल द्रविड़ भी कर चुके हैं तारीफ वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा की सराहना इससे पहले पूर्व भारतीय कप्तान और कोच राहुल द्रविड़ भी कर चुके हैं। राजस्थान रॉयल्स के साथ काम करते हुए द्रविड़ ने उन्हें "अनूठी प्रतिभा" बताया था और उनके उज्ज्वल भविष्य की भविष्यवाणी की थी। अब सबकी नजर टीम मैनेजमेंट के फैसले पर आईपीएल में अपने विस्फोटक प्रदर्शन से सुर्खियां बटोर चुके वैभव सूर्यवंशी को लेकर उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं। रवि शास्त्री के बयान के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि क्या भारतीय टीम मैनेजमेंट युवा खिलाड़ियों को जल्दी मौका देने की रणनीति अपनाएगा। अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजर इस बात पर टिकी है कि वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू का अवसर आखिर कब मिलता है और वह अपनी प्रतिभा को बड़े मंच पर किस तरह साबित करते हैं।
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण अभी भी टल गया है। इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में भी युवा बल्लेबाज को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली। इससे पहले आयरलैंड के खिलाफ दोनों मैचों में भी वह बेंच पर ही बैठे रहे थे। हालांकि क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर का मानना है कि डेब्यू में देरी से उम्मीदें और दबाव जरूर बढ़ता है, लेकिन इतनी कम उम्र में खिलाड़ी इन बातों को ज्यादा गंभीरता से नहीं लेता। भारत और इंग्लैंड के बीच चेस्टर-ले-स्ट्रीट में खेले गए पहले टी20 मुकाबले में टीम मैनेजमेंट ने अपने अनुभवी टॉप ऑर्डर पर भरोसा जताया और वैभव को एक बार फिर अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया। इसके बाद उनके डेब्यू को लेकर चर्चा और तेज हो गई। 'जितना लंबा इंतजार, उतना बड़ा दबाव' सोनी स्पोर्ट्स पर बातचीत के दौरान सुनील गावस्कर ने कहा कि जब किसी खिलाड़ी के डेब्यू में लगातार देरी होती है तो उसके प्रदर्शन को लेकर लोगों की अपेक्षाएं भी बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा, "जब भी वैभव को मौका मिलेगा, तब तक का यह लंबा इंतजार उनके ऊपर थोड़ा अतिरिक्त दबाव जरूर डालेगा। लेकिन 15 साल की उम्र में खिलाड़ी दबाव के बारे में ज्यादा नहीं सोचता। उसे सिर्फ अपना खेल खेलने की चिंता होती है।" गावस्कर ने यह भी कहा कि वैभव अच्छी तरह जानते हैं कि जब भी उन्हें मौका मिलेगा, उन्हें अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट का भरोसा जीतना होगा। सीनियर खिलाड़ियों के बीच सीखने का मिल रहा है मौका पूर्व भारतीय कप्तान का मानना है कि फिलहाल वैभव के लिए सबसे बड़ा फायदा भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम का हिस्सा होना है। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम इस समय अनुभवी और विश्वस्तरीय खिलाड़ियों से भरी हुई है। ऐसे माहौल में रहकर युवा खिलाड़ी बहुत कुछ सीख सकता है। नेट्स में अभ्यास करना, टीम मीटिंग्स का हिस्सा बनना और सीनियर खिलाड़ियों के साथ समय बिताना भी किसी बड़े अनुभव से कम नहीं है। गावस्कर के मुताबिक, वैभव इस समय टीम के साथ रहकर मिलने वाले अनुभव का पूरा आनंद ले रहे होंगे और यही उनके भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। पहला टी20 बारिश की भेंट चढ़ा भारत और इंग्लैंड के बीच सीरीज का पहला टी20 मुकाबला बारिश के कारण बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गया। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 189 रन बनाए। भारतीय पारी में: अभिषेक शर्मा ने 24 गेंदों में 59 रनों की विस्फोटक पारी खेली। कप्तान श्रेयस अय्यर ने शानदार 68 रन बनाए। शिवम दुबे ने अंत में नाबाद 42 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। हालांकि संजू सैमसन, ईशान किशन और उपकप्तान तिलक वर्मा बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे। इसके बाद लगातार बारिश होने के कारण इंग्लैंड अपनी पारी शुरू ही नहीं कर सका और मुकाबला रद्द घोषित कर दिया गया। अब मैनचेस्टर पर टिकी निगाहें अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का दूसरा टी20 मुकाबला 4 जुलाई को मैनचेस्टर में खेला जाएगा। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि क्या इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी को आखिरकार भारत की ओर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने का मौका मिलेगा या उन्हें अभी और इंतजार करना पड़ेगा। अगर उन्हें मौका मिलता है तो यह न सिर्फ उनके करियर का सबसे बड़ा दिन होगा, बल्कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य का एक नया सितारा भी मिल सकता है।
चेस्टर-ले-स्ट्रीट, एजेंसियां। भारत के कप्तान श्रेयस अय्यर ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए एक बड़ा मुकाम हासिल किया। अय्यर ने 47 गेंदों में 68 रनों की कप्तानी पारी खेली और इसी दौरान श्रेयस अय्यर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने 5,000 रन पूरे कर लिए। उनकी पारी की बदौलत भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 189/7 का प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया। कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों में दिखाया दम श्रेयस ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और इंग्लैंड के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। उन्होंने अपनी पारी में आकर्षक चौके-छक्के लगाए और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। यह उपलब्धि उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का एक अहम पड़ाव मानी जा रही है। बारिश से फीका पड़ा जश्न हालांकि श्रेयस की यादगार पारी के बावजूद मैच का नतीजा नहीं निकल सका। लगातार बारिश के कारण इंग्लैंड की पारी शुरू ही नहीं हो सकी और मुकाबला बिना परिणाम (No Result) समाप्त हुआ। अब दोनों टीमें सीरीज के दूसरे टी20 में आमने-सामने होंगी।
चेस्टर-ले-स्ट्रीट, एजेंसियां। भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला लगातार बारिश के कारण रद्द हो गया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 189/7 का मजबूत स्कोर बनाया, लेकिन बारिश के चलते इंग्लैंड अपनी पारी का एक भी गेंद नहीं खेल सका। मुकाबला बिना परिणाम (No Result) समाप्त हुआ और सीरीज 0-0 से बराबरी पर है। श्रेयस और अभिषेक ने खेली दमदार पारियां भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने 47 गेंदों में 68 रन, जबकि अभिषेक शर्मा ने सिर्फ 24 गेंदों में 59 रन की विस्फोटक पारी खेली। अंत में शिवम दुबे ने 21 गेंदों पर नाबाद 42 रन की तेज तर्रार पारी खेलकर भारत को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। इंग्लैंड के तरफ से साकिब महमूद ने 3 विकेट लिए। दूसरा मुकाबला मैनचेस्टर में बारिश के कारण दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला। अब सीरीज का दूसरा टी20 शनिवार को मैनचेस्टर में खेला जाएगा, जहां दोनों टीमें जीत के साथ सीरीज में बढ़त बनाने की कोशिश करेंगी।
भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका विस्फोटक बल्लेबाजी प्रदर्शन नहीं, बल्कि उनका मासूम अंदाज है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें फैंस का प्यार देखकर 15 वर्षीय बल्लेबाज शर्माते हुए अपना चेहरा हूडी से छिपाते नजर आ रहे हैं। मैदान पर बड़े-बड़े गेंदबाजों के खिलाफ बेखौफ बल्लेबाजी करने वाले वैभव का यह सरल और विनम्र अंदाज क्रिकेट प्रशंसकों को खूब पसंद आ रहा है। सोशल मीडिया पर फैंस इस वीडियो पर जमकर प्यार लुटा रहे हैं। फैंस की आवाज सुनकर मुस्कुराए, फिर छिपा लिया चेहरा वायरल वीडियो कथित तौर पर इंग्लैंड का बताया जा रहा है, जहां भारतीय टीम आगामी पांच मैचों की टी20 सीरीज की तैयारी कर रही है। वीडियो में वैभव भारतीय टीम की ट्रेनिंग किट पहनकर वॉर्म-अप के दौरान मैदान का चक्कर लगा रहे हैं। इसी दौरान स्टैंड में मौजूद फैंस उनका नाम जोर-जोर से पुकारने लगते हैं। जैसे ही वैभव फैंस के करीब पहुंचते हैं, वह हल्की मुस्कान के साथ शर्मा जाते हैं और अपनी हूडी से चेहरा छिपा लेते हैं। उनका यह स्वाभाविक और सादगी भरा रिएक्शन अब इंटरनेट पर वायरल हो चुका है। टीम इंडिया में डेब्यू के लिए करना होगा इंतजार हालांकि वैभव सूर्यवंशी इस समय भारतीय टीम के साथ इंग्लैंड दौरे पर हैं, लेकिन उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह मिलने के लिए अभी इंतजार करना पड़ सकता है। पहले टी20 मुकाबले से पहले कप्तान श्रेयस अय्यर ने संकेत दिए कि टीम प्रबंधन युवा खिलाड़ी को लेकर जल्दबाजी नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा कि टॉप ऑर्डर में पहले से अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और ईशान किशन जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं, जिन्होंने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। ऐसे में वैभव को अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के लिए सही अवसर का इंतजार करना होगा। कम उम्र में बना चुके हैं बड़ी पहचान वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में अपनी बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, आईपीएल 2026 में उन्होंने 16 पारियों में 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की। इसके बाद श्रीलंका ए के खिलाफ ट्राई सीरीज में उन्होंने मात्र 11 गेंदों में अर्धशतक जड़कर लिस्ट-ए क्रिकेट के इतिहास की सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। उनके लगातार शानदार प्रदर्शन की वजह से क्रिकेट जगत में उन्हें 'वंडर किड' के नाम से भी पहचान मिलने लगी है। फैंस के बीच लगातार बढ़ रही लोकप्रियता वैभव की आक्रामक बल्लेबाजी जितनी चर्चा में रहती है, उतनी ही उनकी सादगी भी लोगों को आकर्षित करती है। वायरल वीडियो में उनका शर्मीला अंदाज इस बात का संकेत देता है कि मैदान पर आत्मविश्वास से भरे नजर आने वाले इस युवा खिलाड़ी का स्वभाव निजी जीवन में बेहद विनम्र और शांत है। यही कारण है कि उनकी फैन फॉलोइंग लगातार बढ़ती जा रही है और क्रिकेट प्रेमी उनके अंतरराष्ट्रीय डेब्यू का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज में भारतीय टीम को 2-0 से मिली हार के बाद खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इस बीच भारत के पूर्व मुख्य चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत ने टीम के उपकप्तान तिलक वर्मा की बल्लेबाजी पर कड़ी नाराजगी जताई है। श्रीकांत ने आरोप लगाया कि तिलक वर्मा ने टीम की जरूरत के मुताबिक बल्लेबाजी नहीं की, बल्कि मैच को अंत तक ले जाकर खुद मैच जिताने की कोशिश में धीमी पारी खेली। उनके मुताबिक मिडिल ओवरों में धीमी बल्लेबाजी भारतीय टीम की हार की बड़ी वजह बनी। मिडिल ऑर्डर का प्रदर्शन रहा निराशाजनक पूरी टी20 सीरीज में भारतीय टीम का मिडिल ऑर्डर उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। खासकर स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आए। रिपोर्ट के अनुसार, तिलक वर्मा, शिवम दुबे और अक्षर पटेल का स्ट्राइक रेट मिडिल ओवरों में काफी धीमा रहा, जिससे टीम पावरप्ले में मिली अच्छी शुरुआत का फायदा नहीं उठा सकी। इसके अलावा, कहा गया कि आईपीएल 2024 के बाद से स्पिन के खिलाफ तिलक वर्मा के प्रदर्शन में गिरावट देखने को मिली है। इसी वजह से 2026 टी20 विश्व कप के दौरान टीम प्रबंधन ने उन्हें मिडिल ऑर्डर की बजाय फिनिशर की भूमिका में भी आजमाया था। दूसरे टी20 में नहीं दिला सके जीत सीरीज के दूसरे मुकाबले में भारत को 155 रन का लक्ष्य मिला था। टीम की शुरुआत खराब रही और महज 19 रन पर तीन विकेट गिर गए। इसके बाद तिलक वर्मा ने एक छोर संभालकर बल्लेबाजी की और मुकाबले को आखिरी ओवर तक पहुंचाया। हालांकि अंतिम क्षणों में रन गति बढ़ाने में टीम सफल नहीं हो सकी और भारत को 1 रन से हार का सामना करना पड़ा। श्रीकांत ने क्या कहा? अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान कृष्णमाचारी श्रीकांत ने भारतीय बल्लेबाजी की आलोचना करते हुए कहा कि— "आप मिडिल ओवरों में उस तरह बल्लेबाजी नहीं कर सकते जैसी भारत ने की। खासकर तिलक वर्मा, शिवम दुबे और अक्षर पटेल का स्ट्राइक रेट बेहद खराब था। शुरुआत में पारी संभालना जरूरी होता है, लेकिन उसके बाद तेजी से रन बनाने भी जरूरी हैं।" उन्होंने कहा कि यदि मिडिल ओवरों में रन गति रुक जाती है तो लक्ष्य हासिल करना काफी मुश्किल हो जाता है। 'सिर्फ अपने लिए खेल रहे थे' श्रीकांत ने तिलक वर्मा के रवैये पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि— "तिलक वर्मा सिर्फ अपने लिए खेल रहे थे। वह सिंगल-डबल लेकर मैच को आखिरी तक ले जाना चाहते थे ताकि अंत में खुद मैच जिताकर हीरो बन सकें। ऐसे लक्ष्य का पीछा आखिरी गेंद तक नहीं, बल्कि एक ओवर पहले पूरा करने की कोशिश करनी चाहिए।" बहस का विषय बनी बल्लेबाजी हालांकि तिलक वर्मा की पारी को लेकर क्रिकेट जगत में अलग-अलग राय सामने आ सकती हैं। कुछ विशेषज्ञ मुश्किल परिस्थितियों में विकेट बचाकर खेलने को सही रणनीति मानते हैं, जबकि अन्य का मानना है कि टी20 क्रिकेट में आवश्यक रन गति बनाए रखना उतना ही महत्वपूर्ण होता है। आयरलैंड के खिलाफ मिली सीरीज हार के बाद भारतीय टीम के मिडिल ऑर्डर की बल्लेबाजी और मैच फिनिश करने की रणनीति पर चर्चा तेज हो गई है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय टी20 टीम में जगह बनाने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को अभी अपने अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा। आयरलैंड दौरे पर टीम में शामिल होने के बावजूद उन्हें दोनों टी20 मुकाबलों में अंतिम एकादश में मौका नहीं मिला, जबकि भारत को सीरीज में 2-0 से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद वैभव के डेब्यू को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। असिस्टेंट कोच रेयान टेन डेसकाटे ने क्या कहा? टीम इंडिया के असिस्टेंट कोच रेयान टेन डेसकाटे ने साफ कहा कि वैभव अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन मौजूदा टीम संयोजन और अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी के कारण उन्हें सही अवसर का इंतजार करना होगा। उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन खिलाड़ियों को पर्याप्त मौके देकर उनका आत्मविश्वास बनाए रखना चाहता है। रेयान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा रेयान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि संजू सैमसन जैसे खिलाड़ी हाल ही में भारत की सफलता में अहम भूमिका निभा चुके हैं और उनका आईपीएल प्रदर्शन भी शानदार रहा है। ऐसे में टीम प्रबंधन किसी खिलाड़ी को जल्दबाजी में बाहर करने के बजाय उसे लगातार अवसर देना चाहता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैभव की प्रतिभा और तैयारी पर किसी तरह का संदेह नहीं है। आईपीएल 2026 में वैभव सूर्यवंशी ने 237.30 के बेहतरीन स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाकर 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' का पुरस्कार जीता था। उनके आक्रामक खेल ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा और उन्हें भारतीय टी20 टीम में जगह मिली। 1 जुलाई से इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैच खेली जाएगी अब भारतीय टीम 1 जुलाई से इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज खेलेगी। माना जा रहा है कि यदि शीर्ष क्रम के बल्लेबाज उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए, तो वैभव सूर्यवंशी को बहुप्रतीक्षित अंतरराष्ट्रीय डेब्यू का मौका मिल सकता है। क्रिकेट प्रशंसकों की नजर अब इंग्लैंड दौरे पर टिकी है, जहां यह युवा बल्लेबाज भारतीय जर्सी में पहली बार मैदान पर उतर सकता है।
नई दिल्ली: टी20 विश्व कप 2026 जीतने के बाद भारतीय टीम से आयरलैंड दौरे पर शानदार प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन टीम उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। दो मैचों की टी20 सीरीज में भारत को 2-0 से हार का सामना करना पड़ा। पहले मुकाबले में 183 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम 34 रन से हार गई, जबकि दूसरे मैच में 155 रन के लक्ष्य को भी हासिल नहीं कर सकी। सीरीज के दौरान कई खिलाड़ियों का प्रदर्शन उम्मीद से काफी नीचे रहा। आइए जानते हैं उन पांच खिलाड़ियों के बारे में, जिनका प्रदर्शन भारत की हार की बड़ी वजह बना। 1. श्रेयस अय्यर नई टी20 कप्तानी की शुरुआत श्रेयस अय्यर के लिए बेहद निराशाजनक रही। बल्लेबाजी के साथ-साथ कप्तानी में भी वह प्रभाव नहीं छोड़ सके। सीरीज प्रदर्शन: पहला मैच: 3 रन (7 गेंद) दूसरा मैच: 10 रन कप्तान होने के नाते उनसे बड़ी पारी और बेहतर रणनीति की उम्मीद थी, लेकिन दोनों मोर्चों पर टीम को निराशा मिली। 2. संजू सैमसन विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन भी टीम को अच्छी शुरुआत नहीं दिला सके। सीरीज प्रदर्शन: पहला मैच: 5 रन दूसरा मैच: पहली ही गेंद पर आउट लगातार दो खराब पारियों ने शीर्ष क्रम पर दबाव बढ़ा दिया। 3. ईशान किशन आईपीएल में शानदार फॉर्म के बावजूद ईशान किशन आयरलैंड के खिलाफ लय में नजर नहीं आए। सीरीज प्रदर्शन: पहला मैच: 1 रन दूसरा मैच: 12 रन दूसरे मुकाबले में रन आउट होना भी भारत के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। 4. अक्षर पटेल अनुभवी ऑलराउंडर अक्षर पटेल गेंद और बल्ले दोनों से अपेक्षित योगदान नहीं दे सके। प्रदर्शन: गेंदबाजी: पहले मैच में 2 विकेट, दूसरे में कोई विकेट नहीं बल्लेबाजी: 15 और 14 रन टीम को उनसे मैच जिताने वाले प्रदर्शन की उम्मीद थी। 5. तिलक वर्मा तिलक वर्मा ने रन जरूर बनाए, लेकिन उनकी बल्लेबाजी की गति सवालों के घेरे में रही। सीरीज प्रदर्शन: पहला मैच: 19 रन (21 गेंद) दूसरा मैच: 55 रन (46 गेंद) टी20 क्रिकेट की जरूरत के हिसाब से उनकी स्ट्राइक रेट अपेक्षाकृत धीमी रही, जिससे टीम पर दबाव बढ़ता गया। हार से मिले बड़े सबक आयरलैंड के खिलाफ यह सीरीज हार भारतीय टीम के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है। बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी, शीर्ष क्रम की विफलता और दबाव के क्षणों में खराब फैसलों ने टीम को दोनों मुकाबलों में नुकसान पहुंचाया। हालांकि, यह युवा टीम के लिए अपनी कमजोरियों को पहचानने और आने वाली सीरीज से पहले सुधार करने का भी अवसर है।
नई दिल्ली: ट्रेंट ब्रिज में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट में डेरिल मिचेल ने शानदार नाबाद शतकीय पारी खेलकर न्यूजीलैंड को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। उनके बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत न्यूजीलैंड ने अपनी दूसरी पारी 228/9 पर घोषित करते हुए इंग्लैंड के सामने 373 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। मिचेल ने दबाव भरे मुकाबले में 241 गेंदों का सामना करते हुए 100 रन* बनाए। उनकी पारी में 10 चौके और 1 छक्का शामिल रहा। मुश्किल हालात में संभाली पारी न्यूजीलैंड ने चौथे दिन की शुरुआत 120/3 के स्कोर से की। इससे पहले तीसरे दिन जोफ्रा आर्चर की तेज गेंदबाजी के सामने कीवी टीम 54/3 के स्कोर पर संघर्ष कर रही थी। इसके बाद रचिन रविंद्र और डेरिल मिचेल ने जिम्मेदारी संभाली। दोनों ने तीसरे दिन नाबाद साझेदारी की और चौथे दिन भी टीम को मजबूत स्थिति तक पहुंचाया। रविंद्र के आउट होने के बाद मिचेल ने एक छोर संभाले रखा और इंग्लैंड के गेंदबाजों को लंबे समय तक सफलता नहीं मिलने दी। इंग्लैंड की वापसी की कोशिश नाकाम बेन स्टोक्स की कप्तानी वाली इंग्लैंड टीम ने बीच-बीच में विकेट जरूर निकाले, लेकिन मिचेल को आउट नहीं कर सकी। उनकी धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी ने न्यूजीलैंड को बड़ा लक्ष्य खड़ा करने में अहम भूमिका निभाई। शानदार वापसी का इनाम सीरीज के पहले टेस्ट में डेरिल मिचेल का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था, जहां उन्होंने 12 और 0 रन बनाए थे। हालांकि, दूसरे टेस्ट में उन्होंने 44 और 68 रन की उपयोगी पारियां खेलीं। अब तीसरे टेस्ट में नाबाद शतक लगाकर उन्होंने शानदार अंदाज में फॉर्म में वापसी की है। टेस्ट करियर का छठा शतक इस शतकीय पारी के साथ 33 वर्षीय डेरिल मिचेल ने अपने टेस्ट करियर का छठा शतक पूरा किया। उनके टेस्ट करियर के प्रमुख आंकड़े: 39 टेस्ट मैच 62 पारियां 2411 रन औसत: 43.05 6 शतक 16 अर्धशतक इंग्लैंड के खिलाफ उनका रिकॉर्ड भी शानदार रहा है। उन्होंने इंग्लैंड के विरुद्ध 13 टेस्ट मैचों में 56.71 की औसत से 1191 रन बनाए हैं, जिसमें 4 शतक और 8 अर्धशतक शामिल हैं। अब इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 373 रन का कठिन लक्ष्य है, जबकि न्यूजीलैंड जीत के बेहद करीब दिखाई दे रहा है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय महिला क्रिकेट टीम का टी20 वर्ल्ड कप 2026 का सफर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ छह विकेट की हार के साथ समाप्त हो गया। इस हार के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टीम के प्रदर्शन पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्वीकार किया कि भारत पूरे टूर्नामेंट में अपने स्तर का क्रिकेट नहीं खेल सका और अब टीम को मजबूत विपक्षी टीमों के खिलाफ अपनी रणनीति और प्रदर्शन पर गंभीरता से विचार करना होगा। हरमनप्रीत ने कहा कि कुछ समय तक मुकाबले में रहने के बावजूद टीम निर्णायक मौकों पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई। 'अच्छी टीमों के खिलाफ बेहतर खेलना होगा' मैच के बाद हरमनप्रीत कौर ने कहा कि भारतीय टीम ने 170 रन का प्रतिस्पर्धी स्कोर बनाया था और एक समय ऐसा लगा कि यह जीत के लिए पर्याप्त साबित हो सकता है। हालांकि ऑस्ट्रेलिया ने शानदार बल्लेबाजी और सटीक रणनीति के दम पर लक्ष्य हासिल कर लिया। कप्तान ने माना कि पूरे टूर्नामेंट में मजबूत टीमों के खिलाफ भारत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। उन्होंने कहा, "सबसे अच्छी टीमों के खिलाफ आपका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन सामने आना चाहिए, लेकिन हम ऐसा नहीं कर सके। हमें इस पर दोबारा सोचने और अपनी कमियों को दूर करने की जरूरत है।" हरमनप्रीत की अर्धशतकीय पारी भी नहीं दिला सकी जीत टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने कप्तान हरमनप्रीत कौर की 26 गेंदों में 56 रनों की विस्फोटक पारी की बदौलत 20 ओवर में 170/4 का मजबूत स्कोर बनाया। लेकिन ऑस्ट्रेलिया की ओर से एलिस पेरी (56) और एशले गार्डनर (नाबाद 53) की शानदार पारियों ने मैच का रुख बदल दिया। ऑस्ट्रेलिया ने 171 रन का लक्ष्य हासिल कर महिला टी20 वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे बड़ा सफल रन चेज दर्ज किया। इस हार के साथ भारत सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गया, जबकि ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका ने अंतिम चार में जगह बनाई। अब पहला सेमीफाइनल ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के बीच तथा दूसरा इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला जाएगा, जबकि फाइनल मुकाबला 5 जुलाई को लॉर्ड्स में आयोजित होगा।
नई दिल्ली, एजेंसियां। टी20 विश्व कप 2026 जीतने के बाद इंडियन क्रिकेट टीम आज (26 जून) से आयरलैंड दौरे की शुरुआत करेगी। दोनों टीमों के बीच दो मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला बेलफास्ट के स्टॉर्मॉन्ट (Civil Service Cricket Club) में आज खेला जाएगा। इस मैच के साथ भारतीय टी20 टीम अपने नए कप्तान Shreyas Iyer के नेतृत्व में नए सफर की शुरुआत करेगी। वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर सबकी नजर इस मुकाबले का सबसे बड़ा आकर्षण 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज बेबी बॉस Vaibhav Suryavanshi हैं। माना जा रहा है कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का मौका आज मिल सकता है। यदि ऐसा होता है, तो वह भारतीय क्रिकेट इतिहास का एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं। श्रेयस अय्यर के सामने नई चुनौती टी20 टीम की कप्तानी संभालने के बाद यह श्रेयस अय्यर का पहला मुकाबला होगा। चयनकर्ताओं ने इस दौरे पर कई युवा खिलाड़ियों को मौका दिया है, जिससे टीम भविष्य की तैयारियों को मजबूत करना चाहती है। विश्व चैंपियन बनने के बाद भारत इस सीरीज में भी जीत के साथ शुरुआत करने के इरादे से उतरेगा। आयरलैंड को हल्के में नहीं लेगी टीम इंडिया हालांकि कागजों पर भारत मजबूत दिखाई देता है, लेकिन घरेलू परिस्थितियों में आयरलैंड चुनौती पेश कर सकता है। कप्तान Lorcan Tucker की अगुवाई में मेजबान टीम उलटफेर की कोशिश करेगी। बारिश डाल सकती है खलल बेलफास्ट के मौसम को देखते हुए मैच पर बारिश का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार मुकाबले के दौरान हल्की बारिश और बादल छाए रहने की संभावना है, जिससे खेल प्रभावित हो सकता है। मैच का समय और प्रसारण भारत और आयरलैंड के बीच पहला टी20 मुकाबला आज शाम 6:00 बजे (भारतीय समयानुसार) शुरू होगा। क्रिकेट प्रेमी इसका सीधा प्रसारण टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर देख सकेंगे।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।