Kolkata Knight Riders के लिए आज का मुकाबला सीजन का सबसे अहम मैच साबित हो सकता है। आईपीएल 2026 का 65वां मुकाबला शाम 7:30 बजे कोलकाता के ईडन गार्डन्स में Mumbai Indians और केकेआर के बीच खेला जाएगा। प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए कोलकाता को हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। दूसरी तरफ मुंबई इंडियंस भले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी हो, लेकिन वह केकेआर की राह मुश्किल करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। अंक तालिका में क्या है स्थिति? केकेआर ने अब तक 12 मुकाबलों में 11 अंक हासिल किए हैं और टीम फिलहाल आठवें स्थान पर है। वहीं मुंबई इंडियंस 8 अंकों के साथ नौवें नंबर पर मौजूद है। हालांकि मुंबई की प्लेऑफ की उम्मीदें खत्म हो चुकी हैं, लेकिन टीम अपने आखिरी मुकाबलों में जीत के साथ सीजन खत्म करना चाहेगी। प्लेऑफ की रेस इस समय बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुकी है। बेंगलुरु, गुजरात और हैदराबाद की टीमें पहले ही अंतिम चार में जगह बना चुकी हैं। चौथे स्थान के लिए पंजाब, राजस्थान, चेन्नई, दिल्ली और कोलकाता के बीच कड़ी टक्कर जारी है। ऐसे में केकेआर के लिए अब हर मैच फाइनल जैसा बन गया है। हेड टू हेड में मुंबई भारी दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 36 मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें मुंबई इंडियंस का दबदबा साफ नजर आता है। मुंबई ने 25 मैच जीते हैं, जबकि कोलकाता को सिर्फ 11 जीत मिली हैं। इस सीजन की पिछली भिड़ंत में भी मुंबई ने केकेआर को हराया था। हार्दिक पांड्या की वापसी से मुंबई को राहत Hardik Pandya चोट की वजह से पिछले तीन मैचों से बाहर थे, लेकिन अब उनकी वापसी की संभावना जताई जा रही है। उन्होंने मंगलवार को नेट्स में बल्लेबाजी अभ्यास भी किया। हालांकि इस सीजन में हार्दिक का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्होंने 8 पारियों में सिर्फ 146 रन बनाए हैं और गेंदबाजी में भी महंगे साबित हुए हैं। मुंबई को लगा दोहरा झटका मुंबई इंडियंस को मैच से पहले बड़ा नुकसान भी हुआ है। विकेटकीपर बल्लेबाज Quinton de Kock और ऑलराउंडर Raj Angad Bawa चोट के कारण बाकी सीजन से बाहर हो गए हैं। डी कॉक को बाएं हाथ की कलाई में चोट लगी। राज अंगद बावा के दाएं अंगूठे में चोट आई है। डी कॉक ने इस सीजन सिर्फ 3 मैच खेले लेकिन पंजाब के खिलाफ नाबाद 112 रन की शानदार पारी खेली थी। पिच रिपोर्ट Eden Gardens की पिच बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग मानी जाती है। यहां गेंद बल्ले पर अच्छी तरह आती है और छोटी बाउंड्री के कारण बड़े स्कोर देखने को मिलते हैं। शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को स्विंग मिल सकती है, जबकि बाद में स्पिनर्स भी असर डाल सकते हैं। मौसम अपडेट कोलकाता में आज अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। शाम के समय हल्की बारिश की 25 प्रतिशत संभावना है, लेकिन मैच के दौरान मौसम साफ रहने की उम्मीद है। संभावित प्लेइंग-11 कोलकाता नाइट राइडर्स: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), फिन एलन, अंगकृष रघुवंशी, कैमरन ग्रीन, मनीष पांडे, रिंकू सिंह, सुनील नरेन, अनुकूल रॉय, कार्तिक त्यागी, सौरभ दुबे, वरुण चक्रवर्ती, मथीश पथिराना। मुंबई इंडियंस: हार्दिक पंड्या (कप्तान), रोहित शर्मा, रायन रिकेल्टन, नमन धीर, तिलक वर्मा, शेरफन रदरफोर्ड, विल जैक्स, रघु शर्मा, कॉर्बिन बॉश, शार्दूल ठाकुर, दीपक चाहर, जसप्रीत बुमराह। मैच में किन खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें? Rinku Singh Sunil Narine Rohit Sharma Jasprit Bumrah इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन मैच का रुख तय कर सकता है। यह मुकाबला सिर्फ दो टीमों के बीच नहीं, बल्कि प्लेऑफ की उम्मीदों और सम्मान की लड़ाई भी होगा। अब देखना दिलचस्प होगा कि केकेआर अपने घरेलू मैदान पर दबाव झेल पाती है या मुंबई एक बार फिर उसका खेल बिगाड़ देती है।
मुंबई, एजेंसियां। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL 2026 में पंजाब किंग्स को हराकर प्लेऑफ में जगह पक्की कर ली। टीम 13 मैचों में 18 पॉइंट्स के साथ टेबल के टॉप पर हैं। RCB अब लीग स्टेज में टॉप-2 से बाहर नहीं हो सकती, इसलिए उसका क्वालीफायर-1 खेलना भी तय हो गया है। पंजाब की लगातार छठी हार दूसरी ओर पंजाब किंग्स को लगातार छठी हार मिली, जिससे टीम के नाकआउट स्टेज में पहुंचने के चांस कम हो गए हैं। वहीं दिल्ली कैपिटल्स ने राजस्थान रॉयल्स को हराकर एक स्थान की छलांग लगाई। टीम 12 पॉइंट्स के साथ सातवें स्थान पर पहुंच गई है। चेन्नई सुपर किंग्स, कोलकाता नाइट राइडर्स और दिल्ली कैपिटल्स अब भी प्लेऑफ की रेस में बनी हुई हैं। बेंगलुरु टॉप पर RCB 13 मैचों में 9 जीत और 18 पॉइंट्स के साथ पहले स्थान पर है। टीम का नेट रनरेट +1.065 है, जो लीग में सबसे बेहतर है। बेंगलुरु अब अधिकतम 20 पॉइंट्स तक पहुंच सकती है। ऐसे में टीम का क्वालीफायर-1 खेलना तय हो गया है। बेंगलुरु का आखिरी लीग मैच 22 मई को सनराइजर्स हैदराबाद से होगा। 18 पॉइंट्स पर बेंगलुरु को टॉप-2 से हटाना नामुमकिन है। पॉइंट्स टेबल में हैदराबाद और गुजरात 18 पॉइंट्स तक पहुंच सकते हैं। लेकिन, बेंगलुरु के रनरेट को पीछे छोड़ना मुश्किल है। इसके लिए दोनों टीमों को अपने दोनों मैच बड़े मार्जिन से जीतने होंगे। गुजरात दूसरे स्थान पर कायम गुजरात टाइटंस 16 पॉइंट्स के साथ दूसरे स्थान पर बनी हुई है। टीम का आखिरी मुकाबला चेन्नई सुपर किंग्स से है। गुजरात यह मैच जीतती है तो टॉप-2 में जगह लगभग पक्की कर लेगी। हैदराबाद तीसरे पायदान पर सनराइजर्स हैदराबाद 14 पॉइंट्स के साथ तीसरे स्थान पर है। टीम को अब चेन्नई और बेंगलुरु से खेलना है। आज 18 मई को चेन्नई को हराकर टीम अपनी प्लेऑफ खेलने की स्थिति मजबूत कर सकती है। पंजाब और राजस्थान के लिए हर मैच अहम पंजाब किंग्स 13 मैचों में 13 पॉइंट्स के साथ चौथे स्थान पर है। टीम लगातार 6 मैच हार चुकी है। पंजाब का आखिरी मुकाबला लखनऊ से है। प्लेऑफ की उम्मीद बनाए रखने के लिए उसे हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। राजस्थान रॉयल्स 12 पॉइंट्स के साथ छठे स्थान पर पहुंच गई है। टीम का रनरेट (+0.27) चेन्नई के बराबर हैं। राजस्थान को अब लखनऊ और मुंबई से मुकाबले खेलने हैं। टॉप-4 में पहुंचने के लिए टीम को दोनों मैच जीतने होंगे। चेन्नई, कोलकाता और दिल्ली की उम्मीदें बाकी चेन्नई सुपर किंग्स 12 पॉइंट्स के साथ पांचवें स्थान पर है। टीम को हैदराबाद और 21 मई को गुजरात से मैच खेलना है। प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए CSK को दोनों मुकाबले जीतने होंगे। दिल्ली की जीत से कोलकाता नाइट राइडर्स को नुकसान हुआ है। टीम 11 पॉइंट्स के साथ 8वें स्थान पर खिसक गई हैं। कोलकाता को अब मुंबई और दिल्ली से मैच खेलने हैं। KKR को प्लेऑफ में पहुंचने के लिए दोनों मैच जीतने होंगे और दूसरी टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना पड़ेगा। दिल्ली कैपिटल्स 12 पॉइंट्स के साथ सातवें स्थान पर पहुंच गई हैं। टीम को प्लेऑफ में जाने के लिए 24 मई को कोलकाता के खिलाफ बड़े अंतर से जीतना होगा। साथ ही दूसरी टीमों के नतीजों पर भी नजर रखनी होगी। मुंबई और लखनऊ पहले ही बाहर मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स 8-8 पॉइंट्स के साथ क्रमश: नौवें और दसवें स्थान पर हैं। दोनों टीमें प्लेऑफ की रेस से बाहर हो चुकी हैं।
आईपीएल 2026 में बुधवार को खेले गए मुकाबले में Virat Kohli ने एक बार फिर अपनी क्लास दिखाई। Royal Challengers Bengaluru की ओर से खेलते हुए विराट ने नाबाद 105 रन की शानदार पारी खेली और टीम को Kolkata Knight Riders के खिलाफ 6 विकेट से यादगार जीत दिलाई। इस जीत के साथ आरसीबी अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गई। कोहली-पडिक्कल की साझेदारी बनी मैच का टर्निंग प्वाइंट मैच के बाद केकेआर कप्तान Ajinkya Rahane ने हार का दर्द जाहिर करते हुए विराट कोहली की जमकर तारीफ की। रहाणे ने कहा कि विराट और देवदत्त पडिक्कल की साझेदारी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने कहा कि इस जीत का सबसे बड़ा श्रेय विराट को जाता है, क्योंकि उन्होंने दबाव की स्थिति में शानदार बल्लेबाजी की और टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया। ‘विराट जैसे खिलाड़ी गलती की सजा देते हैं’ रहाणे ने माना कि मैच के दौरान विराट कोहली का कैच छोड़ना टीम को भारी पड़ गया। उन्होंने कहा कि नया बल्लेबाज उस विकेट पर आसानी से रन नहीं बना सकता था, लेकिन विराट जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौके का पूरा फायदा उठाना जानते हैं। केकेआर कप्तान ने कहा कि उनकी टीम की फील्डिंग पूरे टूर्नामेंट में अच्छी रही है, लेकिन इस मुकाबले में अहम मौके हाथ से निकल गए। उनके मुताबिक, रन चेज में विराट कोहली सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में से एक हैं और उन्हें दूसरा मौका देना हमेशा महंगा पड़ता है। देवदत्त पडिक्कल की भी हुई तारीफ रहाणे ने Devdutt Padikkal की बल्लेबाजी की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पडिक्कल इस सीजन लगातार अच्छी लय में नजर आए हैं और उन्होंने विराट के साथ मिलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। कार्तिक त्यागी की मेहनत से खुश दिखे रहाणे हार के बावजूद रहाणे ने युवा तेज गेंदबाज Kartik Tyagi की तारीफ की। उन्होंने कहा कि कार्तिक लगातार मेहनत कर रहे हैं और उनकी सबसे बड़ी ताकत उनका साफ माइंडसेट है। रहाणे के अनुसार, गेंदबाजी के दौरान कार्तिक को पूरी तरह पता होता है कि उन्हें क्या करना है, जो किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए सकारात्मक संकेत है।
Kolkata Knight Riders ने Indian Premier League 2026 में बेहद खराब शुरुआत की थी। टीम ने शुरुआती छह मुकाबलों में पांच हार झेली और एक मैच बारिश की वजह से रद्द हो गया था। उस समय ऐसा लग रहा था कि टीम का सीजन लगभग खत्म हो चुका है। लेकिन IPL की सबसे बड़ी खासियत यही है कि यहां हालात तेजी से बदलते हैं। अब लगातार चार जीत के बाद KKR ने शानदार वापसी की है और प्लेऑफ की उम्मीदें फिर से जगा दी हैं। स्पिनर्स ने बदली KKR की किस्मत पूर्व भारतीय क्रिकेटर Deep Dasgupta का मानना है कि टूर्नामेंट के दूसरे हिस्से में पिचों का स्वभाव बदलने से KKR को फायदा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि शुरुआती मैचों में Varun Chakravarthy और Sunil Narine उम्मीद के मुताबिक असर नहीं छोड़ पाए थे। लेकिन अब पिचें धीमी हो रही हैं, जिससे स्पिन गेंदबाजों की भूमिका ज्यादा अहम हो गई है। Dasgupta के अनुसार KKR की टीम संरचना ऐसी है कि वह टूर्नामेंट के दूसरे चरण में ज्यादा खतरनाक बनती है। Cameron Green बोले- टीम का विश्वास कभी नहीं टूटा Delhi Capitals के खिलाफ जीत के बाद Cameron Green ने कहा कि टीम का माहौल पूरे सीजन में सकारात्मक बना रहा। उन्होंने माना कि शुरुआती हार निराशाजनक थीं, लेकिन खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ ने ड्रेसिंग रूम का आत्मविश्वास बनाए रखा। Green ने कहा कि टीम अब सही कॉम्बिनेशन ढूंढ चुकी है और बल्लेबाजी क्रम भी पहले से ज्यादा संतुलित नजर आ रहा है। आगे के मुकाबले तय करेंगे KKR की किस्मत KKR का अगला मुकाबला Royal Challengers Bengaluru से रायपुर में होगा। यह मैदान RCB का दूसरा घरेलू मैदान माना जाता है, लेकिन यहां लंबे समय से IPL मैच नहीं खेले गए हैं, इसलिए इसे लगभग न्यूट्रल वेन्यू माना जा रहा है। इसके बाद KKR अपने आखिरी तीन मुकाबले घरेलू मैदान पर खेलेगी, जहां उसका सामना Gujarat Titans, Mumbai Indians और Delhi Capitals से होगा। पूर्व न्यूजीलैंड तेज गेंदबाज Mitchell McClenaghan का मानना है कि RCB और GT के खिलाफ अगले दो मुकाबले KKR के लिए सबसे अहम साबित होंगे। क्या KKR प्लेऑफ में पहुंच सकती है? फिलहाल Kolkata Knight Riders के 10 मैचों में 9 अंक हैं और टीम अंक तालिका में सातवें स्थान पर है। अगर KKR अपने बचे हुए चारों मुकाबले जीत लेती है, तो वह 17 अंकों तक पहुंच सकती है, जो प्लेऑफ में जगह बनाने के लिए काफी हो सकता है। हालांकि अब टीम की किस्मत सिर्फ उसके अपने प्रदर्शन पर नहीं, बल्कि दूसरी टीमों के नतीजों पर भी निर्भर करेगी।
नई दिल्ली, एजेंसियां। कोलकाता नाइट राइडर्स ने IPL के मौजूदा सीजन में लगातार चौथी जीत हासिल की है। टीम ने शुक्रवार को दिल्ली कैपिटल्स को 8 विकेट से हराया। इस हार के बाद दिल्ली प्लेऑफ रेस से लगभग बाहर हो गई है। वहीं, नाइट राइडर्स की उम्मीदें अभी कायम हैं। अरुण जेटली स्टेडियम में कोलकाता ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। दिल्ली ने 20 ओवर में 8 विकेट पर 142 रन बनाए। कोलकाता ने 143 रन का टारगेट 14.2 ओवर में 2 विकेट पर चेज कर लिया। ओपनर फिन एलन ने छक्का मारकर टीम को जीत दिलाई। उन्होंने अपना शतक भी पूरा कर दिया। उन्होंने 47 गेंद पर 5 चौके और 10 छक्कों के सहारे नाबाद 100 रन बनाए। कैमरन ग्रीन 33 रन बनाकर नाबाद रहे। एलन-ग्रीन में शतकीय साझेदारी 143 रन का टारगेट चेज कर रही कोलकाता ने 31 रन पर दो विकेट गंवा दिए थे। कप्तान अजिंक्य रहाणे 13 और अंगकृष रघुवंशी एक रन बनाकर आउट हुए थे। ऐसे में फिन एलन ने कैमरन ग्रीन के साथ शतकीय साझेदारी करके टीम को जीत दिला दी। पाथुम निसांका ने फिफ्टी लगाई दिल्ली के ओपनर पाथुम निसांका ने 29 बॉल पर 50 रन की पारी खेली। जबकि आशुतोष शर्मा ने 39 रन का योगदान दिया। केएल राहुल ने 23 रन बनाए। कोलकाता की ओर से अनुकूल रॉय और कार्तिक त्यागी ने 2-2 विकेट झटके। वैभव अरोड़ा, सुनील नरेन और कैमरन ग्रीन को एक-एक विकेट मिला। एक बैटर रनआउट हुआ।
अरुण जेटली स्टेडियम में आज होगा हाईवोल्टेज मुकाबला Delhi Capitals और Kolkata Knight Riders के बीच आईपीएल 2026 का 51वां मुकाबला आज दिल्ली के Arun Jaitley Stadium में खेला जाएगा। दोनों टीमों के लिए यह मैच बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि हार से प्लेऑफ की राह लगभग मुश्किल हो सकती है। दिल्ली और कोलकाता दोनों इस मुकाबले को जीतकर अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेंगी। दिल्ली की शुरुआत अच्छी, फिर बिगड़ा खेल दिल्ली कैपिटल्स ने सीजन की शुरुआत लगातार दो जीत के साथ की थी, लेकिन इसके बाद टीम की लय टूट गई। पिछले 8 मुकाबलों में दिल्ली सिर्फ 2 मैच जीत सकी है। टीम फिलहाल 10 मैचों में 4 जीत के साथ अंक तालिका में सातवें स्थान पर मौजूद है। वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स का प्रदर्शन भी इस सीजन निराशाजनक रहा है। टीम ने अब तक 9 मैचों में केवल 3 जीत दर्ज की है और वह प्वाइंट्स टेबल में आठवें स्थान पर है। हेड टू हेड में किसका पलड़ा भारी? आईपीएल इतिहास में दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 35 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें कोलकाता ने 19 मैचों में जीत हासिल की है, जबकि दिल्ली को 15 मुकाबलों में सफलता मिली है। एक मैच का कोई नतीजा नहीं निकला था। ऐसे में आंकड़ों के लिहाज से कोलकाता का पलड़ा भारी नजर आता है, लेकिन घरेलू मैदान पर दिल्ली वापसी की कोशिश करेगी। कैसी रहेगी अरुण जेटली स्टेडियम की पिच? दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। यहां हाई स्कोरिंग मुकाबले देखने को मिलते हैं। हालांकि पिछले कुछ मैचों में गेंदबाजों को भी मदद मिली है, जिससे मुकाबला संतुलित रहने की उम्मीद है। इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर 170 से ज्यादा रहा है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले बल्लेबाजी करने का फैसला ले सकती है। मौसम देगा साथ दिल्ली में मैच के दौरान मौसम साफ रहने की संभावना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 डिग्री रह सकता है। शाम 7:30 बजे शुरू होने वाले मैच में बारिश की कोई संभावना नहीं है। दिल्ली कैपिटल्स की संभावित टीम अक्षर पटेल (कप्तान), केएल राहुल, कुलदीप यादव, करुण नायर, डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स, टी नटराजन, मुकेश कुमार, पृथ्वी शॉ, मिचेल स्टार्क, अभिषेक पोरेल समेत कई स्टार खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं। कोलकाता नाइट राइडर्स की संभावित टीम अजिंक्य रहाणे (कप्तान), रिंकू सिंह, सुनील नरेन, वरुण चक्रवर्ती, फिन एलन, राहुल त्रिपाठी, उमरान मलिक, मथीशा पथिराना और रचिन रवींद्र जैसे खिलाड़ी टीम में मौजूद हैं।
अहमदाबाद: Kolkata Knight Riders (KKR) को Gujarat Titans (GT) के खिलाफ मिली हार के बाद टीम के कप्तान Ajinkya Rahane ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इस हार के लिए किसी एक खिलाड़ी को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं होगा। साथ ही उन्होंने GT के कप्तान Shubman Gill और ओपनर Sai Sudharsan की शानदार बल्लेबाजी की जमकर सराहना की। गिल की तूफानी पारी ने पलटा मैच अहमदाबाद के Narendra Modi Stadium में खेले गए इस मुकाबले में Shubman Gill ने 50 गेंदों पर 86 रन की बेहतरीन पारी खेली। उनकी इस पारी में 8 चौके और 4 छक्के शामिल रहे, जिसकी बदौलत GT ने 181 रन का लक्ष्य 19.4 ओवर में हासिल कर लिया। सुदर्शन ने दी मजबूत शुरुआत Sai Sudharsan ने भले ही 22 रन बनाए, लेकिन पावरप्ले में उनकी भूमिका अहम रही। दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर टीम को तेज शुरुआत दिलाई, जिससे मैच का रुख शुरू से ही GT के पक्ष में झुक गया। ‘पावरप्ले में विकेट नहीं लेना पड़ा भारी’ मैच के बाद Ajinkya Rahane ने स्वीकार किया कि 180 रन का स्कोर प्रतिस्पर्धी था, लेकिन पावरप्ले में विकेट न निकाल पाना टीम के लिए महंगा साबित हुआ। उन्होंने कहा कि पिच थोड़ी धीमी थी और ओस का असर भी था, लेकिन यह हार का बहाना नहीं हो सकता। ग्रीन की पारी बनी KKR के लिए पॉजिटिव हालांकि हार के बावजूद रहाणे ने Cameron Green की बल्लेबाजी को टीम के लिए बड़ा सकारात्मक पहलू बताया। ग्रीन ने दबाव में शानदार खेल दिखाते हुए 55 गेंदों पर 79 रन बनाए और टीम को 180 के स्कोर तक पहुंचाया। लगातार तीसरी जीत के साथ GT का दबदबा इस जीत के साथ Gujarat Titans ने मौजूदा सीजन में लगातार तीसरी जीत दर्ज की है। इससे पहले टीम Delhi Capitals और Lucknow Super Giants को भी मात दे चुकी है।
आईपीएल 2026 के सीजन में एक बार फिर पॉइंट्स टेबल में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। Royal Challengers Bengaluru (RCB) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Lucknow Super Giants को 5 विकेट से हराया और सीधे टेबल के शीर्ष पर पहुंच गई। इस जीत ने टूर्नामेंट के समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं। RCB ने अब तक खेले गए 5 मुकाबलों में से 4 में जीत दर्ज की है और सिर्फ 1 मैच गंवाया है। टीम के पास 8 अंक हैं और +1.503 का बेहतरीन नेट रन रेट है, जो उसे अन्य टीमों से आगे रखता है। लगातार दो जीतों ने टीम का आत्मविश्वास और मजबूत किया है। सीजन की शुरुआत में RCB ने Sunrisers Hyderabad को 6 विकेट से हराया, इसके बाद Chennai Super Kings को 43 रन से मात दी। हालांकि तीसरे मैच में Rajasthan Royals ने 6 विकेट से हराकर RCB को झटका दिया, लेकिन टीम ने वापसी करते हुए Mumbai Indians को 18 रन से हराया और अब लखनऊ के खिलाफ जीत दर्ज कर टॉप पर कब्जा कर लिया। पॉइंट्स टेबल की स्थिति पहले स्थान पर RCB (8 अंक, +1.503 NRR) दूसरे स्थान पर Rajasthan Royals (8 अंक, +0.889 NRR) तीसरे स्थान पर Punjab Kings (7 अंक) चौथे स्थान पर Sunrisers Hyderabad (4 अंक) पांचवें स्थान पर Delhi Capitals (4 अंक) छठे स्थान पर Gujarat Titans (4 अंक) सातवें स्थान पर Lucknow Super Giants (4 अंक) आठवें स्थान पर Chennai Super Kings (4 अंक) नौवें स्थान पर Mumbai Indians (2 अंक) दसवें स्थान पर Kolkata Knight Riders (1 अंक) RR दूसरे स्थान पर, KKR सबसे कमजोर Rajasthan Royals ने भी 5 मैचों में 4 जीत के साथ 8 अंक हासिल किए हैं, लेकिन नेट रन रेट कम होने के कारण वह दूसरे स्थान पर है। वहीं Kolkata Knight Riders का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है—5 मैच खेलने के बाद भी टीम जीत का खाता नहीं खोल सकी है और सबसे नीचे बनी हुई है।
आईपीएल 2026 के 22वें मुकाबले में Chennai Super Kings ने Kolkata Knight Riders को 32 रन से हराया, लेकिन इस मैच का असली टर्निंग पॉइंट पारी का 11वां ओवर रहा। इसी ओवर की दो गेंदों ने KKR के जीत के अरमानों पर पूरी तरह पानी फेर दिया। 11वें ओवर में बदला मैच का रुख जब KKR 193 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही थी, तब 10 ओवर के बाद स्कोर 81/3 था और टीम मुकाबले में बनी हुई थी। क्रीज पर कप्तान अजिंक्य रहाणे और रिंकू सिंह मौजूद थे। इसी समय CSK के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने गेंद थमाई युवा स्पिनर नूर अहमद को – और यहीं से मैच पलट गया। ओवर की पहली चार गेंदों पर सिर्फ 4 रन बने 5वीं गेंद: रहाणे बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में कैच आउट 6वीं गेंद: कैमरून ग्रीन बिना खाता खोले आउट लगातार दो गेंदों पर दो विकेट गिरने से KKR की बल्लेबाजी पूरी तरह दबाव में आ गई और टीम वापसी नहीं कर सकी। KKR की पारी यहीं से बिखरी रहाणे और ग्रीन के आउट होने के बाद KKR का मिडिल ऑर्डर पूरी तरह लड़खड़ा गया। टीम 20 ओवर में 7 विकेट पर सिर्फ 160 रन ही बना सकी। यह ओवर मैच का निर्णायक मोड़ साबित हुआ, जिसने KKR को जीत से काफी दूर कर दिया। नूर अहमद का शानदार प्रदर्शन नूर अहमद ने इस मुकाबले में 4 ओवर में 21 रन देकर 3 विकेट झटके। साथ ही उन्होंने IPL में अपने 50 विकेट भी पूरे कर लिए – और वह सबसे कम मैचों में यह उपलब्धि हासिल करने वाले गेंदबाजों की सूची में शामिल हो गए। मैच के बाद नूर ने कहा कि पिच पर गेंद आसानी से बल्ले पर नहीं आ रही थी, जिसका उन्होंने पूरा फायदा उठाया। क्रिकेट में एक ओवर या कुछ गेंदें ही मैच का नतीजा बदल देती हैं, और इस मुकाबले में 11वें ओवर की आखिरी दो गेंदें इसका सबसे बड़ा उदाहरण बनीं। KKR के लिए यह हार सिर्फ स्कोर की नहीं, बल्कि मोमेंटम की भी हार साबित हुई।
आईपीएल 2026 के 22वें मुकाबले में Kolkata Knight Riders (KKR) को Chennai Super Kings (CSK) के खिलाफ 32 रनों से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही KKR के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज हो गया, जो टीम के इतिहास में पहली बार देखने को मिला है। इतिहास में पहली बार बना ये अनचाहा रिकॉर्ड यह IPL इतिहास का पहला मौका है जब KKR अपनी शुरुआती 5 मैचों में एक भी जीत दर्ज नहीं कर सकी है। टीम ने अब तक 5 मुकाबले खेले हैं, जिसमें 4 में हार और 1 मुकाबला बेनतीजा रहा है। इस खराब शुरुआत ने टीम की रणनीति और प्रदर्शन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मैच का पूरा हाल चेन्नई के एमए चिदंबरम क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में CSK ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 192 रन बनाए। CSK की ओर से संजू सैमसन – 48 रन डेवाल्ड ब्रेविस – 41 रन आयुष म्हात्रे – 38 रन ने अहम योगदान दिया, जबकि कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ सस्ते में आउट हो गए। KKR की बल्लेबाजी रही फ्लॉप 193 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए KKR की शुरुआत बेहद खराब रही। फिन एलन – 1 रन सुनील नरेन – 24 रन कप्तान अजिंक्य रहाणे – 24 रन मिडिल ऑर्डर भी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। रिंकू सिंह – 6 रन कैमरून ग्रीन – 0 रन हालांकि, रोवमैन पॉवेल (31 रन) और रमनदीप सिंह (35 रन) ने 63 रनों की साझेदारी कर कुछ उम्मीद जगाई, लेकिन टीम को जीत तक नहीं पहुंचा सके। KKR 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 160 रन ही बना सकी। CSK की घातक गेंदबाजी CSK की ओर से नूर अहमद ने 21 रन देकर 3 विकेट लिए अंशुल कंबोज ने 2 विकेट चटकाए और KKR की बल्लेबाजी को पूरी तरह से दबाव में रखा। KKR के लिए यह सीजन अब तक बेहद निराशाजनक रहा है। शुरुआती 5 मैचों में जीत का खाता न खुलना टीम के लिए बड़ा झटका है। अगर टीम को प्लेऑफ की दौड़ में बने रहना है, तो आने वाले मैचों में रणनीति और प्रदर्शन दोनों में बड़ा बदलाव करना होगा।
चेन्नई: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के प्रशंसकों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। टीम के दिग्गज खिलाड़ी और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आज, 14 अप्रैल को कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ होने वाले मुकाबले में मैदान पर नहीं उतरेंगे। लंबे समय से उनकी वापसी को लेकर चल रहा सस्पेंस अब समाप्त हो गया है। पिंडली की चोट बनी अनुपस्थिति की वजह 44 वर्षीय धोनी सीजन की शुरुआत से ही पिंडली (काफ) की चोट से जूझ रहे हैं। टीम मैनेजमेंट और मेडिकल स्टाफ ने स्पष्ट किया है कि उन्हें पूरी तरह फिट होने तक जल्दबाजी में मैदान पर उतारना जोखिम भरा हो सकता है। यही कारण है कि KKR के खिलाफ मैच में उन्हें आराम दिया गया है। धोनी की गैरमौजूदगी का असर CSK के प्रदर्शन पर भी देखने को मिला है। शुरुआती मुकाबलों में टीम को लगातार हार का सामना करना पड़ा, जिससे नेतृत्व और मैच फिनिशिंग में उनकी कमी साफ महसूस हुई। उनकी अनुपस्थिति में विकेटकीपिंग और फिनिशर की जिम्मेदारी अन्य खिलाड़ियों पर आ गई है, जिससे टीम का संतुलन प्रभावित हुआ है। चेपॉक में डगआउट से बढ़ाएंगे टीम का हौसला चेन्नई सुपर किंग्स और KKR के बीच यह मुकाबला एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में खेला जाएगा। हालांकि धोनी मैदान पर नहीं दिखेंगे, लेकिन वे डगआउट (मैदान के किनारे स्थित वह निर्धारित क्षेत्र, जहां खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ मैच के दौरान बैठकर टीम का मार्गदर्शन और रणनीति तैयार करते हैं) में मौजूद रहकर अपनी रणनीतिक समझ और अनुभव से टीम का मार्गदर्शन करेंगे। सूत्रों के अनुसार, धोनी फिलहाल हल्के नेट सेशन और रिकवरी प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, ताकि जल्द से जल्द प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी कर सकें। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ हो सकती है वापसी फैंस के लिए राहत की खबर यह है कि धोनी 19 अप्रैल को सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ होने वाले मुकाबले में वापसी कर सकते हैं। हालांकि, टीम मैनेजमेंट उन्हें पूरी तरह फिट होने तक सीमित भूमिका में उतारने की योजना बना रहा है। संभावना है कि धोनी को ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ के रूप में इस्तेमाल किया जाए, जहां वे 5-10 गेंदों की छोटी लेकिन निर्णायक पारी खेलकर मैच का रुख बदल सकते हैं। रणनीतिक फैसला, उम्मीद बरकरार CSK के लिए यह निर्णय पूरी तरह रणनीतिक है। टीम अपने सबसे अनुभवी खिलाड़ी को जल्दबाजी में जोखिम में नहीं डालना चाहती। भले ही धोनी मैदान पर न हों, लेकिन उनकी मौजूदगी डगआउट में टीम के मनोबल और रणनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। धोनी का अनुभव और शांत नेतृत्व–जिसके कारण उन्हें ‘कैप्टन कूल’ कहा जाता है–अब भी टीम के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। फैंस को उम्मीद है कि उनकी संभावित वापसी CSK के अभियान में नई ऊर्जा भर देगी।
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में Lucknow Super Giants ने Kolkata Knight Riders को आखिरी गेंद तक चले मैच में 3 विकेट से हरा दिया। इस जीत के हीरो बने युवा बल्लेबाज Mukul Chaudhary, जिनकी नाबाद अर्धशतकीय पारी ने मैच का पूरा रुख बदल दिया। दबाव में खेली मैच जिताऊ पारी मुकुल चौधरी ने अपनी पारी की शुरुआत बेहद धीमी की, पहली 8 गेंदों में केवल 2 रन। लेकिन इसके बाद उन्होंने आक्रामक अंदाज अपनाते हुए 7 छक्कों की मदद से नाबाद 54 रन ठोक दिए। खास बात यह रही कि उन्होंने Vaibhav Arora की गेंद पर Mahendra Singh Dhoni के स्टाइल में शानदार हेलीकॉप्टर शॉट खेलकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। आखिरी ओवर का रोमांच एलएसजी को अंतिम ओवर में 14 रन की जरूरत थी। चौधरी ने दबाव झेलते हुए पांचवीं गेंद पर छक्का लगाकर स्कोर बराबर किया और आखिरी गेंद पर एक रन लेकर टीम को यादगार जीत दिलाई। संजीव गोयनका का वायरल रिएक्शन जैसे ही जीत मिली, टीम के मालिक Sanjiv Goenka अपनी खुशी को रोक नहीं पाए। वह मैदान पर दौड़ते हुए पहुंचे और मुकुल चौधरी को गले लगा लिया। यह भावुक पल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। टीम का योगदान एलएसजी के लिए Ayush Badoni ने भी 54 रनों की अहम पारी खेली, जिससे टीम मुकाबले में बनी रही। वहीं कप्तान Rishabh Pant और अन्य बल्लेबाज सस्ते में आउट हो गए थे, लेकिन चौधरी और बडोनी की साझेदारी ने मैच पलट दिया। KKR की पारी पहले बल्लेबाजी करते हुए केकेआर ने 4 विकेट पर 181 रन बनाए। Ajinkya Rahane और Angkrish Raghuvanshi ने शानदार साझेदारी की, जबकि अंत में Rovman Powell और Cameron Green ने टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। हालांकि, एलएसजी के गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में वापसी करते हुए केकेआर को 200 के पार जाने से रोक दिया।
IPL 2026 के रोमांचक मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को मुंबई इंडियंस के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, लेकिन मैच के बाद सबसे ज्यादा चर्चा कप्तान Ajinkya Rahane के मैदान छोड़ने को लेकर रही। शानदार बल्लेबाजी के बावजूद वह फील्डिंग के दौरान अचानक बाहर चले गए, जिससे फैंस हैरान रह गए। रहाणे ने खुद बताई वजह मैच के बाद रहाणे ने साफ किया कि उन्हें गंभीर क्रैंप्स (मांसपेशियों में ऐंठन) की समस्या हो गई थी। उन्होंने कहा, “मुझे काफी ज्यादा क्रैंप्स आ गए थे, जिसकी वजह से मैदान छोड़ना पड़ा। उम्मीद है कि मैं जल्द फिट होकर वापसी करूंगा।” कप्तानी पारी, लेकिन टीम को नहीं मिली जीत वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में KKR ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 220 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। इसमें रहाणे ने 40 गेंदों में 67 रनों की शानदार पारी खेली, जबकि अंगकृष रघुवंशी ने भी 51 रन का अहम योगदान दिया। मुंबई इंडियंस ने आसान बनाया लक्ष्य 221 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए मुंबई इंडियंस ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। टीम के लिए Ryan Rickelton ने 81 रन और Rohit Sharma ने 78 रन बनाकर मैच को 19.1 ओवर में ही खत्म कर दिया। गेंदबाजी में KKR की कमजोरी आई सामने KKR के गेंदबाज इस बड़े स्कोर का बचाव करने में नाकाम रहे। टीम की ओर से वैभव अरोड़ा, कार्तिक त्यागी और सुनील नारायण को एक-एक विकेट मिला, लेकिन मुंबई के बल्लेबाजों के सामने यह नाकाफी साबित हुआ। रहाणे ने हार से क्या सीखा? मैच के बाद रहाणे ने कहा कि यह हार टीम के लिए सीखने का मौका है। उन्होंने माना कि 220-225 का स्कोर अच्छा था, लेकिन मुंबई के मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप के सामने यह भी कम पड़ गया।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।