लू अलर्ट

Heatwave conditions in Jharkhand as temperatures soar before forecast rain and thunderstorms
झारखंड में बदलेगा मौसम का मिजाज, डालटनगंज में 44°C तापमान; पलामू-गढ़वा में लू का अलर्ट

झारखंड में भीषण गर्मी के बीच मौसम अब करवट लेने जा रहा है। राज्य के कई हिस्सों में जहां तेज गर्मी और लू लोगों को परेशान कर रही है, वहीं आने वाले दिनों में बारिश, आंधी और गर्जन की संभावना जताई गई है। Jharkhand के मौसम विज्ञान केंद्र ने पलामू प्रमंडल के जिलों के लिए लू का अलर्ट जारी किया है, जबकि रांची और संताल परगना समेत कई इलाकों में 25 से 28 मई के बीच मौसम बदलने का अनुमान है। डालटनगंज सबसे गर्म, 44 डिग्री पहुंचा पारा रविवार को Daltonganj राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा, जहां अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा: Jamshedpur : 40.5°C Bokaro : 42.1°C Chaibasa : 40°C Ranchi : 39°C अधिकतम, 26.6°C न्यूनतम तापमान राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहा, हालांकि बहरागोड़ा में चार मिमी बारिश दर्ज की गई। पलामू-गढ़वा और चतरा में लू का खतरा मौसम विभाग ने Palamu, Garhwa और Chatra सहित उत्तर-पश्चिमी जिलों में भीषण लू चलने की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार इन इलाकों में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है और दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। 25 से 28 मई तक बारिश और तेज हवा की संभावना मौसम विभाग के मुताबिक 25 से 28 मई के बीच राज्य के कई हिस्सों में आंशिक बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। विशेष रूप से: 25 मई को संताल परगना क्षेत्र में तेज हवा और वज्रपात की आशंका 26 और 27 मई को कई जिलों में गर्जन के साथ बारिश तेज हवाएं चलने की भी संभावना इस बदलाव से तापमान में कुछ गिरावट दर्ज की जा सकती है। रांची में भी बदलता रहेगा मौसम Ranchi और आसपास के इलाकों में अगले पांच दिनों तक मौसम लगातार बदलता रहेगा। 25 और 27 मई को गर्जन वाले बादल बनने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार 28 मई तक राजधानी का अधिकतम तापमान घटकर करीब 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री तक पहुंच सकता है। लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए? दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक धूप में निकलने से बचें पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ लेते रहें बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें आंधी और वज्रपात के दौरान खुले मैदान या पेड़ के नीचे खड़े न हों

surbhi मई 25, 2026 0
People shielding themselves from intense heat as temperatures cross 44°C in Jharkhand’s Medininagar
झारखंड में भीषण गर्मी का कहर, मेदिनीनगर में पारा 44 डिग्री के पार

Jharkhand में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। राजधानी Ranchi समेत कई जिलों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। रांची समेत कई जिलों में बढ़ेगा तापमान मौसम विभाग के मुताबिक 23 और 24 मई को Ranchi, गुमला, सिमडेगा, खूंटी, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, हजारीबाग और कोडरमा में तेज धूप और बढ़ते तापमान से लोगों को परेशानी हो सकती है। हालांकि कुछ इलाकों में दोपहर बाद बादल छाने और हल्की बारिश की संभावना भी जताई गई है, लेकिन गर्मी से ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। इन जिलों में लू का अलर्ट मौसम विभाग ने पलामू, गढ़वा, चतरा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला में लू चलने की आशंका जताई है। लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। इसके अलावा 24 और 25 मई को राज्य के उत्तर-पूर्वी और मध्य हिस्सों, खासकर बोकारो और धनबाद में तेज आंधी और वज्रपात की संभावना जताई गई है। 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं कई इलाकों में गरज के साथ बारिश होने की संभावना मध्य और दक्षिणी हिस्सों में भी वज्रपात का खतरा मेदिनीनगर सबसे गर्म Medininagar राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अन्य प्रमुख शहरों का तापमान इस प्रकार रहा: जमशेदपुर: 38.6 डिग्री सेल्सियस बोकारो: 41.5 डिग्री सेल्सियस चाईबासा: 39.4 डिग्री सेल्सियस रांची: 39.2 डिग्री सेल्सियस लोगों को सतर्क रहने की सलाह भीषण गर्मी और लू को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को पर्याप्त पानी पीने, धूप में बाहर निकलने से बचने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।  

surbhi मई 23, 2026 0
People walking under scorching sun amid heatwave conditions in Jharkhand as temperatures cross 45 degrees Celsius.
Jharkhand Weather: झारखंड में बढ़ा गर्मी का कहर, कई जिलों में लू का अलर्ट जारी

Jharkhand में भीषण गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। राजधानी Ranchi समेत राज्य के कई जिलों में तेज धूप और गर्म हवाओं का असर लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने 22 और 23 मई को कई जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। गुरुवार को रांची का अधिकतम तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटों में 0.4 डिग्री बढ़ा है। वहीं Jamshedpur में तापमान 43.1 डिग्री, Bokaro में 41.1 डिग्री और Chaibasa में 41.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इन जिलों में गर्मी का ज्यादा असर शुक्रवार को रांची सहित कई जिलों में दोपहर तक तेज धूप और गर्मी का असर बना रहेगा। जिन जिलों में ज्यादा गर्मी पड़ने की संभावना जताई गई है, उनमें: गुमला सिमडेगा पूर्वी सिंहभूम पश्चिमी सिंहभूम रामगढ़ गिरिडीह बोकारो धनबाद सरायकेला देवघर जामताड़ा दुमका गोड्डा साहिबगंज पाकुड़ शामिल हैं। हालांकि मौसम विभाग के मुताबिक दोपहर बाद कुछ इलाकों में तेज हवा और हल्की बारिश भी हो सकती है, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। रांची में 26 मई तक येलो अलर्ट Ranchi में मौसम का मिजाज अगले कुछ दिनों तक बदला हुआ रह सकता है। मौसम विभाग ने 26 मई तक येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान दोपहर बाद बादल छाने और कुछ इलाकों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। मेदिनीनगर में पारा 45 डिग्री के पार Medininagar में गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। गुरुवार को यहां अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार 22 और 23 मई को: गढ़वा पलामू चतरा जिलों में लू चलने की प्रबल संभावना है। प्रशासन ने लोगों से दोपहर में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर भीषण गर्मी और हीट स्ट्रोक के खतरे को देखते हुए Irfan Ansari ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने जरूरत पड़ने पर ही दिन में घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों, सदर अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अस्पतालों में: ORS काउंटर जरूरी दवाइयां IV फ्लूइड्स इमरजेंसी बेड कूलिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही वाटर कूलर और बिजली व्यवस्था को भी दुरुस्त रखने को कहा गया है। गर्मी से बचने के लिए क्या करें? दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें ज्यादा पानी और ORS का सेवन करें हल्के और सूती कपड़े पहनें धूप में निकलते समय सिर ढकें बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें

surbhi मई 22, 2026 0
Dark clouds and strong winds over Jharkhand as rain brings relief from extreme heatwave conditions
झारखंड में भीषण गर्मी के बीच राहत की उम्मीद, 24–26 अप्रैल के बीच बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान

  झारखंड में पिछले कई दिनों से जारी भीषण गर्मी के बीच अब राहत के संकेत मिल रहे हैं। राज्य के विभिन्न हिस्सों में तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ऐसे में India Meteorological Department (आईएमडी) के ताजा पूर्वानुमान ने लोगों को कुछ राहत की उम्मीद दी है। मौसम विभाग के अनुसार, 24, 25 और 26 अप्रैल के दौरान राज्य के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, आंधी और तेज हवाओं की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे तापमान में गिरावट आने के आसार हैं। चार जिलों में लू का अलर्ट जारी हालांकि राहत के संकेतों के बीच मौसम विभाग ने चार जिलों–दुमका, जामताड़ा, धनबाद और बोकारो–में लू (हीटवेव) को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में तापमान काफी ऊंचा रहने की संभावना है, जिससे लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है। कई क्षेत्रों में व्यापक बारिश की संभावना पूर्वानुमान के मुताबिक, 24 अप्रैल को उत्तर-पूर्वी झारखंड के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। वहीं 25 अप्रैल को उत्तर-पूर्वी, दक्षिणी और मध्य क्षेत्रों में भी वर्षा की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि रविवार तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है। तापमान में धीरे-धीरे आएगी गिरावट आईएमडी रांची के उप निदेशक अभिषेक आनंद के अनुसार, अगले तीन दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। लेकिन इसके बाद 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। डाल्टनगंज रहा सबसे गर्म पिछले 24 घंटों में पलामू के डाल्टनगंज में सबसे अधिक 43.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इसके अलावा जमशेदपुर और चाईबासा में 42.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया, जो राज्य में गर्मी की गंभीर स्थिति को दर्शाता है। मौसम का मिला-जुला असर आने वाले दिनों में झारखंड में मौसम का मिश्रित प्रभाव देखने को मिलेगा। एक ओर लू की स्थिति बनी रहेगी, वहीं दूसरी ओर बारिश और तेज हवाएं राहत देने का काम करेंगी। यह बदलाव खासतौर पर किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे समय-समय पर मौसम अपडेट पर नजर रखें और आवश्यक सावधानियां बरतें, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें।  

surbhi अप्रैल 23, 2026 0
People shielding from intense heat under bright sun in Ranchi during Jharkhand heatwave
Jharkhand Weather News: रांची में तपिश तेज, पारा 37°C पार; 17-18 अप्रैल को लू का अलर्ट

  झारखंड में अप्रैल की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। राजधानी Ranchi में तापमान तेजी से बढ़ रहा है, जिससे आम लोगों की परेशानी भी बढ़ने लगी है। मौसम के इस अचानक बदलाव ने संकेत दे दिए हैं कि इस साल गर्मी जल्दी और ज्यादा असरदार हो सकती है। रांची में पारा 37.8°C के पार बुधवार को रांची का अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटों में 2.6 डिग्री की बढ़ोतरी दर्शाता है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को झुलसाना शुरू कर दिया है। दो दिन लू चलने की चेतावनी मौसम विभाग के अनुसार 17 और 18 अप्रैल को रांची सहित राज्य के 13 जिलों में लू चलने की संभावना है। इन दिनों में दोपहर के समय बाहर निकलना खतरनाक साबित हो सकता है, क्योंकि गर्म हवाएं और तेज धूप शरीर पर सीधा असर डालेंगी। उत्तर-पूर्वी इलाकों में हल्की राहत जहां एक ओर राज्य के ज्यादातर हिस्सों में गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा, वहीं 16 और 17 अप्रैल को उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में आंशिक बादल और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि रांची और आसपास के इलाकों में मौसम शुष्क ही बना रहेगा। मेदिनीनगर सबसे ज्यादा गर्म झारखंड में सबसे ज्यादा तापमान Medininagar में दर्ज किया गया, जहां पारा 42.6 डिग्री तक पहुंच गया। इसके अलावा Jamshedpur में 40.2°C और Bokaro में 38.2°C तापमान रिकॉर्ड किया गया। राज्य के सभी जिलों में तापमान अब 33 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह मौसम विभाग ने लोगों को तेज धूप और लू से बचने की सलाह दी है। खासतौर पर दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें, सिर ढककर निकलें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।  

surbhi अप्रैल 16, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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