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Jharkhand Heatwave Alert

Jharkhand Weather: झारखंड में बढ़ा गर्मी का कहर, कई जिलों में लू का अलर्ट जारी

surbhi मई 22, 2026 0
People walking under scorching sun amid heatwave conditions in Jharkhand as temperatures cross 45 degrees Celsius.
Jharkhand Heatwave Alert 2026

Jharkhand में भीषण गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। राजधानी Ranchi समेत राज्य के कई जिलों में तेज धूप और गर्म हवाओं का असर लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने 22 और 23 मई को कई जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है।

गुरुवार को रांची का अधिकतम तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटों में 0.4 डिग्री बढ़ा है। वहीं Jamshedpur में तापमान 43.1 डिग्री, Bokaro में 41.1 डिग्री और Chaibasa में 41.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में गर्मी का ज्यादा असर

शुक्रवार को रांची सहित कई जिलों में दोपहर तक तेज धूप और गर्मी का असर बना रहेगा। जिन जिलों में ज्यादा गर्मी पड़ने की संभावना जताई गई है, उनमें:

  • गुमला
  • सिमडेगा
  • पूर्वी सिंहभूम
  • पश्चिमी सिंहभूम
  • रामगढ़
  • गिरिडीह
  • बोकारो
  • धनबाद
  • सरायकेला
  • देवघर
  • जामताड़ा
  • दुमका
  • गोड्डा
  • साहिबगंज
  • पाकुड़

शामिल हैं।

हालांकि मौसम विभाग के मुताबिक दोपहर बाद कुछ इलाकों में तेज हवा और हल्की बारिश भी हो सकती है, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

रांची में 26 मई तक येलो अलर्ट

Ranchi में मौसम का मिजाज अगले कुछ दिनों तक बदला हुआ रह सकता है। मौसम विभाग ने 26 मई तक येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान दोपहर बाद बादल छाने और कुछ इलाकों में बारिश होने की संभावना जताई गई है।

मेदिनीनगर में पारा 45 डिग्री के पार

Medininagar में गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। गुरुवार को यहां अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम विभाग के अनुसार 22 और 23 मई को:

  • गढ़वा
  • पलामू
  • चतरा

जिलों में लू चलने की प्रबल संभावना है। प्रशासन ने लोगों से दोपहर में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।

स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर

भीषण गर्मी और हीट स्ट्रोक के खतरे को देखते हुए Irfan Ansari ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने जरूरत पड़ने पर ही दिन में घर से बाहर निकलने की सलाह दी है।

राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों, सदर अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अस्पतालों में:

  • ORS काउंटर
  • जरूरी दवाइयां
  • IV फ्लूइड्स
  • इमरजेंसी बेड
  • कूलिंग सुविधाएं

उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही वाटर कूलर और बिजली व्यवस्था को भी दुरुस्त रखने को कहा गया है।

गर्मी से बचने के लिए क्या करें?

  • दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें
  • ज्यादा पानी और ORS का सेवन करें
  • हल्के और सूती कपड़े पहनें
  • धूप में निकलते समय सिर ढकें
  • बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

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रांची। रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में महिला कैदी के साथ कथित यौन शोषण के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया हैI कोर्ट ने राज्य के डीजीपी से इस मामले में दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी हैI मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने साफ कहा कि जेल जैसी सुरक्षित जगह में अगर इस तरह की घटनाएं हो रही हैं, तो यह बेहद चिंताजनक हैI मामला रांची जेल में बंद एक महिला कैदी से जुड़ा हैI आरोप है कि जेल के अंदर उसके साथ यौन शोषण हुआI  पूरे राज्य में मचा हड़कंप यह मामला सामने आने के बाद पूरे राज्य में हड़कंप मच गयाI घटना को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं कि आखिर जेल जैसी हाई सिक्योरिटी जगह में ऐसी घटना कैसे हुईI सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैंI हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान मामले को गंभीर मानते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लियाI कोर्ट ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से जवाब मांगा हैI  सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि जेल प्रशासन की जिम्मेदारी सिर्फ कैदियों को बंद रखना नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना भी हैI   डीजीपी को दो हफ्ते का समय हाईकोर्ट ने राज्य के पुलिस महानिदेशक यानी DGP को निर्देश दिया है कि मामले की जांच रिपोर्ट दो हफ्ते के भीतर कोर्ट में पेश की जाएI कोर्ट यह जानना चाहता है कि अब तक जांच में क्या सामने आया है, किस स्तर पर लापरवाही हुई और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गईI इस मामले के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैंI लोगों का कहना है कि अगर जेल के अंदर ही महिला कैदी सुरक्षित नहीं हैं, तो सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीरता से सोचने की जरूरत हैI मानवाधिकार और महिला संगठनों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की हैI हाईकोर्ट की सख्ती के बाद अब सरकार और प्रशासन पर दबाव बढ़ गया हैI माना जा रहा है कि मामले में जल्द कुछ बड़े फैसले या कार्रवाई हो सकती हैI  विपक्ष जुटा सरकार को घेरने मे राज्य में विपक्षी दल भी इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेर रहे हैं और जेल व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैंI

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रांची। झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआइआर की प्रक्रिया 20 जून से शुरू होने जा रही है। निर्वाचन आयोग ने राज्यवासियों को बड़ी राहत देते हुए घोषणा की है बिना वजह किसी का नाम मतादाता सूची से नहीं कटेगा। बिना सुनवाई के और संबंधित वयक्ति का पक्ष सुने बिना तो किसी का नाम तो हट ही नहीं सकता। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने स्पष्ट कहा है कि इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे। बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे के रवि कुमार ने मीडिया को बताया कि इसके तहत बूथ लेवल ऑफिसर यानी बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। उन्होंने कहा कि एसआइआर को लेकर 20 जून से 29 जून तक तैयारी, प्रशिक्षण और आवश्यक मुद्रण कार्य किए जाएंगे। इसके बाद 30 जून से 29 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराएंगे और जानकारी का सत्यापन करेंगे। प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 5 अगस्त को इसके बाद प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 5 अगस्त को किया जाएगा। इसके बाद 5 अगस्त से 4 सितंबर तक दावा और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। दावों और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया 3 अक्टूबर तक चलेगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 7 अक्टूबर को किया जाएगा। इस पुनरीक्षण अभियान के लिए अर्हता तिथि 1 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। विशेष शिविर भी लगेंगे रवि कुमार ने बताया कि नए मतदाताओं के आवेदन, दावे और आपत्तियां भी बीएलओ घर-घर जाकर एकत्र करेंगे। जिन लोगों से बीएलओ का संपर्क नहीं हो पाएगा, उनके लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। बिना सुनवाई के सूची से नहीं हटेगा किसी का नाम मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी मतदाता का नाम बिना सुनवाई के सूची से नहीं हटाया जाएगा और लोगों से भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान नहीं देने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया केवल भारतीय नागरिकों के लिए है और विदेशी नागरिक इसमें शामिल नहीं होंगे। उन्होंने मतदाताओं, राजनीतिक दलों, बीएलए और मीडिया प्रतिनिधियों से इस अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की, ताकि राज्य की मतदाता सूची को अधिक स्वच्छ, समावेशी और त्रुटिरहित बनाया जा सके।

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