सेंसेक्स

Share Market Update
शेयर बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 418 अंक उछला; निफ्टी 23,200 के पार

मुंबई, एजेंसियां। घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को मजबूत शुरुआत देखने को मिली। सोमवार की गिरावट के बाद निवेशकों की वापसी से प्रमुख सूचकांकों में तेजी दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 418.98 अंक यानी 0.56 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,943.24 अंक पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 123.85 अंक यानी 0.54 प्रतिशत चढ़कर 23,246.85 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। बाजार में आई इस तेजी ने निवेशकों को राहत दी है। इंडिगो और ट्रेंट समेत कई शेयरों में खरीदारी शुरुआती कारोबार में एविएशन और रिटेल सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखी गई। इंडिगो और ट्रेंट के शेयर करीब दो प्रतिशत तक चढ़े। वहीं रुपये में भी मजबूती दर्ज की गई और भारतीय मुद्रा डॉलर के मुकाबले 20 पैसे मजबूत होकर 95.41 पर पहुंच गई। वैश्विक बाजारों से मिला सकारात्मक संकेत विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में करीब एक प्रतिशत की गिरावट और पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। एशियाई शेयर बाजारों में भी जोरदार रिकवरी देखने को मिली। एमएससीआई एशिया पैसिफिक इंडेक्स 1.3 प्रतिशत चढ़कर तीन दिनों की गिरावट को समाप्त करने में सफल रहा। अमेरिकी बाजार और एआई शेयरों से मिला समर्थन बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी तकनीकी और चिप कंपनियों के शेयरों में सुधार से वैश्विक निवेश भावना मजबूत हुई है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से जुड़े शेयरों में तेजी ने भी बाजार को सहारा दिया। अमेरिकी सूचकांकों डॉव जोन्स, एसएंडपी 500 और नैस्डैक में भी मजबूती दर्ज की गई, जिसका असर एशियाई बाजारों पर पड़ा। आरबीआई की नीतियों और भू-राजनीतिक राहत का असर विशेषज्ञ अजय बग्गा के मुताबिक भारतीय रिजर्व बैंक की एफसीएनआर(बी) संबंधी नीतिगत पहल से विदेशी पूंजी प्रवाह बढ़ने की उम्मीद है। इसके अलावा ईरान और इजराइल के बीच तनाव कम होने से भी निवेशकों की चिंता घटी है। हालांकि विदेशी निवेशकों की हालिया बिकवाली के बावजूद बाजार में सुधार की संभावना बनी हुई है। एशियाई बाजारों में भी दिखी तेजी जापान का निक्केई 225 सूचकांक 1.73 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक करीब 5 प्रतिशत तक उछल गया। वहीं शंघाई बाजार में भी बढ़त दर्ज की गई। वैश्विक संकेतों और घरेलू कारकों के समर्थन से भारतीय शेयर बाजार में फिलहाल सकारात्मक माहौल बना हुआ है।

Unknown जून 9, 2026 0
Weekly stock market wrap showing Sensex and Nifty decline with investors tracking market data and charts.
Stock Market Weekly Wrap: लगातार दूसरे हफ्ते गिरा बाजार, रुपया मजबूत हुआ, मीडिया शेयरों में दिखी चमक

भारतीय शेयर बाजार में बीता सप्ताह उतार-चढ़ाव भरा रहा। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी, अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर अनिश्चितता, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और आरबीआई की नई आर्थिक अनुमान रिपोर्ट ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। इसके चलते प्रमुख सूचकांक लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुए। लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट में बंद हुआ बाजार सप्ताह के अंत में बीएसई सेंसेक्स 532.40 अंक यानी 0.71 फीसदी गिरकर 74,243.34 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 50 में 181.05 अंकों यानी 0.76 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह 23,366.70 के स्तर पर बंद हुआ। मिडकैप शेयरों में दबाव, स्मॉलकैप स्थिर निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स ने पिछले दो सप्ताह की तेजी का सिलसिला तोड़ते हुए 1.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की। इस दौरान सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में शामिल रहे— PB Fintech ICICI Prudential AMC Patanjali Foods IREDA BHEL NALCO वहीं, मिडकैप श्रेणी में Vodafone Idea, Laurus Labs, NMDC और Federal Bank जैसे शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स लगभग सपाट बंद हुआ। IFCI, Himadri Speciality Chemical, JBM Auto, Tata Technologies और Ola Electric Mobility जैसे शेयरों में 8% से 16% तक की तेजी देखने को मिली। मीडिया सेक्टर बना सबसे बड़ा विजेता सेक्टोरल इंडेक्स में मिश्रित रुख देखने को मिला। गिरावट वाले सेक्टर निफ्टी कैपिटल मार्केट्स: -3.6% FMCG: -2% इंफ्रा: लगभग -2% रियल्टी: लगभग -2% मेटल: लगभग -2% बढ़त वाले सेक्टर निफ्टी मीडिया: +7% कंज्यूमर ड्यूरेबल्स: +1.7% PSU बैंक: +1.2% मीडिया इंडेक्स पूरे सप्ताह का सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा। बाजार पूंजीकरण में 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की गिरावट सप्ताह के दौरान बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक घट गया। सबसे अधिक बाजार मूल्य गंवाने वाली कंपनियों में शामिल रहीं— रिलायंस इंडस्ट्रीज NTPC टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) भारती एयरटेल वहीं, टाइटन, इंफोसिस और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के मार्केट वैल्यू में बढ़ोतरी दर्ज की गई। लगातार तीसरे सप्ताह मजबूत हुआ रुपया भारतीय रुपया लगातार तीसरे सप्ताह मजबूती के साथ बंद हुआ। सप्ताह के अंत में डॉलर के मुकाबले रुपया 94.94 पर पहुंच गया, जबकि पिछले सप्ताह यह 95 के स्तर पर था। विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने सप्ताह भर में 31,114.47 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार खरीदारी जारी रखकर बाजार को सहारा दिया। निवेशकों की नजर अगले सप्ताह किन बातों पर रहेगी? कच्चे तेल की कीमतों की दिशा वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम विदेशी निवेशकों की गतिविधियां घरेलू आर्थिक संकेतक और कॉर्पोरेट नतीजे

surbhi जून 6, 2026 0
Indian stock markets rebound strongly
तीन दिन की गिरावट के बाद शेयर बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 400 अंक उछला, इंडिगो ने दिखाई दमदार उड़ान

घरेलू शेयर बाजार ने जून महीने की शुरुआत मजबूती के साथ की है। लगातार तीन कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद सोमवार को बाजार में शानदार रिकवरी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में BSE Sensex 400 अंकों से ज्यादा चढ़ गया, जबकि Nifty 50 23,600 के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर कारोबार करता नजर आया। बाजार में इस तेजी के पीछे आईटी शेयरों में खरीदारी, बेहतर तिमाही नतीजे और निवेशकों की वापसी को प्रमुख वजह माना जा रहा है। शुरुआती कारोबार में मजबूत बढ़त पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 74,775.74 पर बंद हुआ था, जबकि सोमवार को यह 75,203 के स्तर पर खुला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 400 अंकों से ज्यादा उछलकर 75,000 के ऊपर पहुंच गया। वहीं निफ्टी भी करीब 23,650 के स्तर तक चढ़ गया। विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले सप्ताह की भारी बिकवाली के बाद बाजार में वैल्यू बाइंग देखने को मिली, जिससे निवेशकों का भरोसा कुछ हद तक लौटा है। इंडिगो के शेयरों में सबसे बड़ी तेजी सोमवार के कारोबार में सबसे ज्यादा चर्चा InterGlobe Aviation के शेयरों की रही। इंडिगो के शेयरों में लगभग 5 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। हालांकि कंपनी ने तिमाही नतीजों में घाटा दर्ज किया है, लेकिन ब्रोकरेज फर्मों ने भविष्य की आय संभावनाओं और मजबूत यात्री मांग को देखते हुए सकारात्मक रुख बनाए रखा है। इसी वजह से निवेशकों ने इंडिगो के शेयरों में जोरदार खरीदारी की। इन शेयरों में भी दिखी मजबूती बाजार में तेजी के दौरान कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। प्रमुख बढ़त वाले शेयर: Asian Paints Infosys Tata Consultancy Services Tech Mahindra HCL Technologies Bajaj Finserv आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा मजबूती देखने को मिली और निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 3 प्रतिशत तक चढ़ा। बैंकिंग और कुछ ऊर्जा शेयर दबाव में जहां अधिकांश शेयर हरे निशान में रहे, वहीं कुछ बैंकिंग और ऊर्जा कंपनियों में कमजोरी देखने को मिली। गिरावट वाले प्रमुख शेयर: Kotak Mahindra Bank Axis Bank NTPC Limited Trent Limited मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी बाजार की तेजी सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में बढ़त निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में भी मजबूती इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों की दिलचस्पी व्यापक बाजार में भी बनी हुई है। कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता शेयर बाजार में तेजी के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उछाल चिंता का विषय बना हुआ है। ब्रेंट क्रूड 2 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 93 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि तेल की बढ़ती कीमतें आने वाले दिनों में भारतीय बाजार पर दबाव बना सकती हैं। अमेरिका-ईरान तनाव पर टिकी नजर वैश्विक बाजारों की नजर अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव पर भी बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिए हैं कि उनका प्रशासन ईरान के साथ ऐसा समझौता चाहता है जिससे परमाणु हथियारों की संभावना खत्म हो सके। हालांकि फिलहाल निवेशक भू-राजनीतिक हालात को लेकर सतर्क बने हुए हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रम भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे।  

surbhi जून 1, 2026 0
Stock market display board showing Sensex and Nifty surging sharply during morning trade
शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स 800 अंक उछला; निफ्टी 23,900 के पार

BSE Sensex और NIFTY 50 ने सोमवार, 25 मई 2026 को शानदार शुरुआत की। ग्लोबल मार्केट से मिले मजबूत संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट के चलते भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 800 अंकों से ज्यादा उछल गया, जबकि निफ्टी 23,900 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर गया। शुरुआती कारोबार में बाजार ने पकड़ी रफ्तार कारोबार शुरू होते ही: BSE Sensex करीब 800 अंक चढ़कर 76,241.44 पर पहुंच गया NIFTY 50 लगभग 240 अंकों की बढ़त के साथ 23,959.20 के स्तर तक पहुंच गया बाजार में खरीदारी का माहौल खासतौर पर बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर में देखने को मिला। बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह क्या है? इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट मानी जा रही है। Brent Crude करीब 5.4% टूटकर 95-97 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती शांति वार्ता की उम्मीदों ने बाजार का सेंटिमेंट मजबूत किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक: ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने पर सैद्धांतिक सहमति दे सकता है अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम भंडार को कम करने की दिशा में भी बातचीत आगे बढ़ रही है इन खबरों से वैश्विक निवेशकों को राहत मिली है और जोखिम लेने की भावना मजबूत हुई है। एशियाई बाजारों में भी दिखी हरियाली तेल की कीमतों में गिरावट का असर सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरे एशियाई बाजारों में देखने को मिला। Nikkei 225 में 3% से ज्यादा तेजी ताइवान इंडेक्स करीब 2.9% मजबूत दक्षिण कोरिया का कोस्पी लगभग सपाट रहा वहीं तेल कीमतों में नरमी के चलते डॉलर की मांग भी घटी, जिससे भारतीय रुपया मजबूत होकर डॉलर के मुकाबले 95.42 के स्तर तक पहुंच गया। आगे बाजार की दिशा क्या हो सकती है? मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिलहाल बाजार का सेंटिमेंट सकारात्मक बना हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार: अगर निफ्टी 23,850 के ऊपर टिकता है, तो जल्द 24,000 से 24,200 तक पहुंच सकता है निफ्टी के लिए 23,600 मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है सेंसेक्स के लिए 75,100 अहम सपोर्ट लेवल रहेगा NIFTY Bank में भी तेजी जारी रह सकती है और यह 54,500 तक जा सकता है हालांकि निवेशकों को अमेरिका-ईरान वार्ता से जुड़ी खबरों पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है। निवेशकों को क्या करना चाहिए? विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा तेजी में जल्दबाजी से बचना जरूरी है। मजबूत फंडामेंटल वाले सेक्टर्स और क्वालिटी स्टॉक्स में निवेश फिलहाल बेहतर रणनीति हो सकती है। साथ ही ग्लोबल घटनाक्रमों के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।  

surbhi मई 25, 2026 0
Stock market screen showing Sensex and Nifty gains amid strong buying in Indian equity markets.
बाजार में लौटी रौनक: सेंसेक्स 400 अंक उछला, निफ्टी 23,750 के पार

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को जबरदस्त रिकवरी देखने को मिली। सोमवार को शुरुआती भारी गिरावट के बाद बाजार ने जिस तरह वापसी की थी, उसी तेजी को आज भी जारी रखा गया। शुरुआती कारोबार में BSE Sensex करीब 400 अंकों की मजबूती के साथ 75,700 के ऊपर कारोबार करता नजर आया, जबकि NIFTY 50 100 अंकों की तेजी के साथ 23,750 के पार पहुंच गया। बाजार में चौतरफा खरीदारी के चलते निवेशकों का भरोसा एक बार फिर मजबूत होता दिखा। आईटी शेयरों में लगातार खरीदारी आज के कारोबार में सबसे ज्यादा मजबूती आईटी सेक्टर में देखने को मिली। Nifty IT इंडेक्स के शेयरों में जोरदार खरीदारी जारी रही। विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद निवेशक आईटी कंपनियों के लंबे समय के ग्रोथ आउटलुक को लेकर सकारात्मक बने हुए हैं। इसी वजह से इस सेक्टर में लगातार निवेश बढ़ रहा है। हालांकि दूसरी तरफ Nifty Private Bank इंडेक्स पर दबाव बना रहा। प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली। एशियाई बाजारों का मिला-जुला रुख एशियाई बाजारों से मिले संकेत पूरी तरह सकारात्मक नहीं रहे। Hang Seng Index में 0.24% की बढ़त दर्ज की गई। Nikkei 225 में 0.64% की गिरावट रही। KOSPI में 3% से ज्यादा की बड़ी कमजोरी देखने को मिली। इसके बावजूद भारतीय बाजार ने मजबूती बनाए रखी। अमेरिकी बाजारों में मिला-जुला कारोबार बीती रात अमेरिकी बाजारों में भी मिश्रित रुख देखने को मिला। Dow Jones Industrial Average 160 अंक चढ़कर बंद हुआ। Nasdaq Composite में गिरावट रही। S&P 500 लगभग सपाट बंद हुआ। टेक शेयरों में दबाव और ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता अमेरिकी बाजारों पर असर डालती दिखी। विदेशी निवेशकों की वापसी बनी बड़ा सहारा भारतीय बाजार के लिए सबसे बड़ा सकारात्मक संकेत विदेशी निवेशकों की वापसी मानी जा रही है। काफी समय से लगातार बिकवाली कर रहे Foreign Institutional Investors (FII/FPI) सोमवार को खरीदारी करते नजर आए। निवेशकों की स्थिति कैटेगरी सोमवार की स्थिति FII/FPI ₹1,329 करोड़ की खरीदारी DII ₹1,959 करोड़ की बिकवाली हालांकि पिछले 30 दिनों में विदेशी निवेशक अब भी बिकवाल बने हुए हैं, लेकिन हालिया खरीदारी ने बाजार को बड़ा समर्थन दिया है। निवेशकों की नजर अब किस पर? विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में: वैश्विक बाजारों का रुख अमेरिकी फेडरल रिजर्व से जुड़े संकेत विदेशी निवेशकों का फ्लो आईटी और बैंकिंग सेक्टर की चाल भारतीय बाजार की दिशा तय करेंगे। फिलहाल बाजार में लौटती मजबूती ने निवेशकों का भरोसा जरूर बढ़ाया है।  

surbhi मई 19, 2026 0
Traders watching falling Sensex and Nifty charts on stock market screens during volatile trading session
शेयर बाजार में अचानक गिरावट, Sensex दिन की ऊंचाई से 450 अंक टूटा, Nifty 23,400 के नीचे

शुरुआती तेजी के बाद बाजार में बिकवाली भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को शुरुआती बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं सकी। कारोबार के दौरान BSE Sensex दिन के उच्च स्तर से करीब 450 अंक नीचे फिसल गया, जबकि NIFTY 50 23,400 के अहम स्तर से नीचे आ गया। बाजार में गिरावट ऐसे समय आई है जब पिछले चार कारोबारी सत्रों में दोनों प्रमुख इंडेक्स लगभग 4 प्रतिशत तक कमजोर हो चुके हैं। क्यों लाल निशान में आया बाजार? मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक बाजार में कमजोरी के पीछे कई बड़े कारण हैं। 1. विदेशी निवेशकों की बिकवाली Foreign Institutional Investors (FII) लगातार मुनाफावसूली कर रहे हैं। विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और ऊंचे वैल्यूएशन के चलते विदेशी फंड्स फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं। 2. कमजोर मार्केट मोमेंटम हाल के दिनों में आई तेज तेजी के बाद बाजार में थकावट दिखाई देने लगी है। कई निवेशक अब प्रॉफिट बुकिंग कर रहे हैं, जिससे इंडेक्स दबाव में आ गए। ट्रेडर्स का कहना है कि जब तक NIFTY 50 23,400 के ऊपर मजबूत पकड़ नहीं बनाता, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। 3. ग्लोबल संकेत भी बने दबाव अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मिलेजुले संकेतों और ब्याज दरों को लेकर जारी चिंताओं का असर भी भारतीय बाजार पर देखने को मिला। निवेशक फिलहाल अमेरिकी फेडरल रिजर्व की संभावित नीति और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर नजर बनाए हुए हैं। किन सेक्टर्स में ज्यादा दबाव? बाजार गिरावट के दौरान बैंकिंग, IT और ऑटो शेयरों में कमजोरी देखने को मिली। वहीं कुछ डिफेंसिव सेक्टर्स में सीमित खरीदारी दिखाई दी। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों ने सतर्कता दिखाई। निवेशकों के लिए क्या संकेत? विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा समय में बाजार काफी संवेदनशील बना हुआ है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचना चाहिए। यदि वैश्विक संकेत और विदेशी निवेशकों का रुख कमजोर बना रहता है, तो आने वाले सत्रों में बाजार में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।  

surbhi मई 13, 2026 0
Traders monitor falling stock market as crude oil prices surge amid US-Iran geopolitical tensions
शेयर बाजार पर ग्लोबल तनाव का असर, आज SBI-Titan समेत इन शेयरों पर रहेगी नजर

कमजोर संकेतों के साथ खुल सकता है बाजार BSE Sensex और NIFTY 50 में शुक्रवार को दबाव देखने को मिल सकता है। ग्लोबल बाजारों में कमजोरी, अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। गिफ्ट निफ्टी करीब 102 अंकों की गिरावट के साथ 24,283 के आसपास कारोबार करता दिखा, जिससे घरेलू बाजार में कमजोर शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी बाजार की टेंशन मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने दुनियाभर के बाजारों को प्रभावित किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक होर्मुज जलडमरूमध्य में हालिया सैन्य घटनाओं के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। इसका असर कमोडिटी मार्केट पर भी साफ दिखाई दे रहा है। कच्चा तेल 100 डॉलर के पार ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 101 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह चिंता की बात मानी जा रही है, क्योंकि इससे महंगाई और लागत दोनों बढ़ सकती हैं। सोने और डॉलर में भी तेजी अनिश्चितता बढ़ने के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ रहे हैं। सोने की कीमतों में तेजी देखी गई है, जबकि डॉलर इंडेक्स भी मजबूत बना हुआ है। ग्लोबल बाजारों का क्या रहा हाल? अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए। टेक शेयरों में मुनाफावसूली और भू-राजनीतिक तनाव का असर वॉल स्ट्रीट पर देखने को मिला। Dow Jones Industrial Average में 0.63% की गिरावट S&P 500 0.38% नीचे बंद NASDAQ Composite 0.13% टूटा एशियाई बाजारों में भी कमजोरी रही। जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते दिखे। आज आएंगे इन बड़ी कंपनियों के नतीजे शुक्रवार को कई दिग्गज कंपनियां अपने चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे जारी करेंगी। बाजार की नजर खासतौर पर इन कंपनियों पर रहेगी: State Bank of India (SBI) Titan Company Hyundai Motor India Swiggy MCX India Urban Company इन शेयरों में दिख सकता है एक्शन BSE India कंपनी का चौथी तिमाही का मुनाफा सालाना आधार पर 61% से ज्यादा बढ़ा है, जिसके बाद शेयर चर्चा में रह सकता है। Lenskart मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी में बड़ी ब्लॉक डील हो सकती है। इससे शेयर बाजार में हलचल बढ़ सकती है। Cochin Shipyard कंपनी की सहयोगी इकाई को नया बड़ा ऑर्डर मिला है, जिससे निवेशकों की नजर इस शेयर पर बनी रहेगी। Britannia Industries एफएमसीजी कंपनी ने मजबूत तिमाही नतीजे पेश किए हैं। मुनाफे में 21% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। PNC Infratech कंपनी को लखनऊ विकास प्राधिकरण से बड़ा EPC प्रोजेक्ट मिला है, जिससे शेयर में तेजी देखने को मिल सकती है। निवेशकों को किन बातों पर रखनी होगी नजर? मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार आज का कारोबार काफी उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है। निवेशकों को अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर नजर बनाए रखनी होगी।  

surbhi मई 8, 2026 0
Investors tracking falling Sensex and Nifty amid crude oil surge and global market tensions
तेल संकट से कांपा शेयर बाजार, सेंसेक्स 550 अंक टूटा, निफ्टी भी फिसला

ग्लोबल तनाव का भारतीय बाजार पर बड़ा असर BSE Sensex और NIFTY 50 में शुक्रवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी, जिसके चलते बाजार की शुरुआत ही भारी गिरावट के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 553 अंक टूट गया, जबकि निफ्टी 100 अंकों से ज्यादा फिसल गया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 77,400 और निफ्टी 24,213 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। बैंकिंग और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली आज के कारोबार में बैंकिंग और ऑटो सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। HDFC Bank, ICICI Bank और Reliance Industries जैसे दिग्गज शेयरों में कमजोरी दर्ज की गई। विशेषज्ञों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली बाजार की गिरावट की बड़ी वजह बन रही है। हालांकि आईटी और फार्मा सेक्टर में कुछ खरीदारी देखने को मिली, लेकिन वह बाजार को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं रही। कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों को तेज कर दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच समुद्री क्षेत्र में तनाव बढ़ने के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर तेल आयात करता है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सीधा असर महंगाई, रुपये और शेयर बाजार पर पड़ता है। यही वजह है कि निवेशकों में घबराहट बढ़ी हुई है। बाजार को अब किस बात का इंतजार? मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिलहाल निवेशकों की नजर अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतों पर बनी रहेगी। अगर वैश्विक तनाव कम होता है, तो भारतीय बाजार और रुपये को राहत मिल सकती है। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) और रिटेल निवेशक अभी भी बाजार में सक्रिय हैं, जिसकी वजह से मिडकैप और पावर सेक्टर के कुछ शेयर मजबूती दिखा रहे हैं।  

surbhi मई 8, 2026 0
Stock market screen showing Sensex and Nifty gains amid falling crude oil prices and global market rally
कच्चे तेल में गिरावट से शेयर बाजार को राहत, सेंसेक्स-निफ्टी में लौटी तेजी

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को लगातार दूसरे दिन मजबूती देखने को मिली। BSE Sensex और Nifty 50 दोनों बढ़त के साथ खुले। बाजार में आई इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की उम्मीदें मानी जा रही हैं। वैश्विक बाजार से मिले सकारात्मक संकेतों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, जिसकी वजह से निफ्टी 24,400 के करीब पहुंच गया, जबकि सेंसेक्स 78,300 के पार खुलने में सफल रहा। बाजार में क्यों दिखी हल्की अस्थिरता? शुरुआती तेजी के बाद बाजार में कुछ उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला। GIFT Nifty के संकेतों और पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक परिस्थितियों ने बाजार पर दबाव बनाया। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली भी चिंता का विषय बनी हुई है। बुधवार को FIIs ने 5,834 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेचे। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 6,836 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को संभालने की कोशिश की। कच्चे तेल और ग्लोबल मार्केट का असर Brent Crude की कीमतें गिरकर करीब 101 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई हैं। इससे भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों को राहत मिलती है क्योंकि इससे आयात बिल कम होने की संभावना रहती है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों की बात करें तो अमेरिकी बाजारों में भी शानदार तेजी दर्ज की गई। Nasdaq Composite S&P 500 दोनों इंडेक्स मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए। इसका असर एशियाई बाजारों में भी दिखा, जहां Nikkei 225 में 5% से ज्यादा की उछाल दर्ज की गई। डॉलर की मांग में कमी आने से भारतीय रुपये को भी मजबूती मिली है, जिससे बाजार को अतिरिक्त समर्थन मिला। आगे बाजार की चाल कैसी रह सकती है? मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, निफ्टी के लिए 24,500 का स्तर बेहद अहम माना जा रहा है। अगर इंडेक्स इस स्तर के ऊपर टिकने में सफल रहता है, तो बाजार 24,700 की तरफ बढ़ सकता है। हालांकि अगर निफ्टी 24,250 के सपोर्ट लेवल से नीचे फिसलता है, तो बाजार में दबाव बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में– बैंकिंग सेक्टर फार्मा सेक्टर कैपिटल मार्केट से जुड़े शेयर इनमें अच्छी गतिविधि देखने को मिल सकती है। अब निवेशकों की नजर पूरी तरह अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता और वैश्विक संकेतों पर बनी हुई है।  

surbhi मई 7, 2026 0
Stock market trading screen showing Sensex surge after Trump’s statement boosting investor sentiment.
₹9.25 लाख करोड़ की तेजी से बाजार गुलजार: ट्रंप के बयान के बाद सेंसेक्स 1,300 अंक उछला

वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक संकेतों ने भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उत्साह भर दिया है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत की खबरों के बीच बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली, जिससे निवेशकों की संपत्ति में भारी इजाफा हुआ। शुरुआती कारोबार में जोरदार उछाल बुधवार सुबह बाजार खुलते ही BSE Sensex 1,300 अंक से अधिक उछलकर 78,166.50 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं Nifty 50 भी करीब 400 अंकों की तेजी के साथ 24,224.35 पर कारोबार करता दिखा। पिछले सत्र में आई गिरावट के बाद यह उछाल बाजार में मजबूत रिकवरी का संकेत देता है। निवेशकों को ₹9.25 लाख करोड़ का फायदा इस तेजी का सीधा असर बाजार पूंजीकरण पर पड़ा। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप ₹9.25 लाख करोड़ बढ़कर ₹457.73 लाख करोड़ हो गया। यह निवेशकों के लिए एक दिन में बड़ी ‘कमाई’ जैसा साबित हुआ। किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा तेजी? आज सेंसेक्स के सभी 30 शेयर हरे निशान में खुले। खासतौर पर: IndiGo में 4% की तेजी UltraTech Cement Asian Paints Larsen & Toubro Infosys State Bank of India इन सभी शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। रुपये में भी मजबूती भारतीय रुपया भी डॉलर के मुकाबले 0.2% मजबूत होकर 93.17 पर खुला। यह संकेत देता है कि विदेशी निवेशकों का भरोसा भी कुछ हद तक लौट रहा है। तेजी की मुख्य वजह क्या? अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के बयान ने बाजार को बड़ा ट्रिगर दिया। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान के साथ युद्ध खत्म होने के करीब है और समझौते की संभावना बढ़ रही है। इस बयान से निवेशकों में सकारात्मक भावना बनी और जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी। सेक्टर और ब्रॉडर मार्केट का हाल निफ्टी मिडकैप: +2.09% निफ्टी स्मॉलकैप: +2.10% निफ्टी PSU बैंक और IT सेक्टर में सबसे ज्यादा तेजी फार्मा सेक्टर में कमजोरी ग्लोबल मार्केट का असर एशियाई बाजारों में भी तेजी का माहौल रहा, जबकि अमेरिकी बाजारों में भी मजबूती देखने को मिली। S&P 500 और Nasdaq 100 दोनों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई।  

surbhi अप्रैल 15, 2026 0
Stock market trading screen showing Sensex and Nifty surge with green charts after six-week recovery in Indian equities
6 हफ्तों की गिरावट खत्म: भारतीय शेयर बाजार में जोरदार वापसी, 2021 के बाद सबसे बड़ी साप्ताहिक तेजी

भारतीय शेयर बाजार ने आखिरकार छह हफ्तों से जारी गिरावट का सिलसिला तोड़ते हुए शानदार वापसी की है। बेहतर वैश्विक संकेतों, मजबूत होते रुपये, विदेशी निवेशकों की बिकवाली में कमी और United States–Iran तनाव में नरमी के संकेतों ने बाजार को मजबूती दी। सप्ताह भर में BSE Sensex 4,230.70 अंक (5.77%) उछलकर 77,550.25 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 1,337.5 अंक (5.88%) चढ़कर 24,050.60 पर पहुंच गया। यह फरवरी 2021 के बाद बाजार का सबसे शानदार साप्ताहिक प्रदर्शन रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप में जोरदार तेजी तेजी सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही - मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने भी जबरदस्त प्रदर्शन किया। Nifty Midcap 100 Index करीब 8% चढ़ा, जिसमें Ashok Leyland ICICI Prudential Asset Management Company L&T Finance Phoenix Mills BSE Limited जैसे शेयर 15% से 19% तक उछले। वहीं Nifty Smallcap Index 7.6% बढ़ा, जिसमें Ola Electric Mobility Neuland Laboratories Aditya Birla Real Estate Angel One जैसे शेयरों में 15% से 44% तक की तेजी दर्ज हुई। हर सेक्टर में हरियाली, रियल्टी और ऑटो सबसे आगे इस सप्ताह सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। Nifty Realty Index: 13% की बढ़त Nifty Capital Market Index: 11.7% उछाल Nifty Auto Index: 11.5% तेजी Nifty Consumer Durables Index: 9% से ज्यादा बढ़त Nifty India Defence Index: 9.2% की मजबूती बड़े शेयरों में क्या रहा हाल इस दौरान मार्केट कैप में सबसे ज्यादा बढ़त HDFC Bank में देखने को मिली, इसके बाद ICICI Bank, Bajaj Finance और Larsen & Toubro रहे। हालांकि दूसरी ओर Sun Pharmaceutical Industries, Infosys और Reliance Industries के मार्केट कैप में गिरावट देखी गई। FII vs DII: किसका पलड़ा भारी? विदेशी निवेशक (FII) लगातार सातवें हफ्ते बिकवाली करते रहे, हालांकि रफ्तार धीमी रही। इस दौरान उन्होंने ₹20,710 करोड़ के शेयर बेचे। वहीं घरेलू निवेशकों (DII) ने खरीदारी जारी रखी और ₹21,602 करोड़ का निवेश किया, जिससे बाजार को मजबूत सपोर्ट मिला। रुपया भी मजबूत भारतीय रुपया लगातार दूसरे हफ्ते मजबूत हुआ और 37 पैसे बढ़कर 92.73 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। यह विदेशी निवेशकों के भरोसे और बेहतर वैश्विक संकेतों का असर माना जा रहा है।  

surbhi अप्रैल 11, 2026 0
Stock market screen showing Sensex decline amid rising crude oil prices and global tensions
कच्चे तेल में उछाल से शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 500 अंक लुढ़का, अडानी पोर्ट्स-इन्फोसिस दबाव में

वैश्विक तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। पश्चिम एशिया में सीजफायर को लेकर बढ़ते विवाद के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है, जिससे गुरुवार को बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। BSE Sensex शुरुआती कारोबार में करीब 500 अंक तक गिर गया, जबकि Nifty 50 भी दबाव में नजर आया। यह गिरावट उस तेजी के ठीक एक दिन बाद आई है, जब सीजफायर की खबरों से बाजार में जबरदस्त उछाल देखने को मिला था। पश्चिम एशिया तनाव और बाजार पर असर ईरान द्वारा अमेरिका पर सीजफायर उल्लंघन का आरोप लगाए जाने के बाद वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ गई है। इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा, जहां ब्रेंट क्रूड करीब 2.9% उछलकर 97.50 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। ऊर्जा कीमतों में यह तेजी निवेशकों के लिए चिंता का कारण बनती है, क्योंकि इससे महंगाई बढ़ने और कंपनियों के मुनाफे पर दबाव पड़ने की आशंका रहती है। शुरुआती कारोबार का हाल सुबह करीब 9:38 बजे: BSE Sensex: 407.54 अंक (0.53%) गिरकर 77,155.36 पर Nifty 50: 91.35 अंक (0.38%) गिरकर 23,906 पर सेंसेक्स के 19 शेयर गिरावट के साथ खुले, जो बाजार में कमजोर धारणा को दर्शाता है। किन शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव? आज के कारोबार में कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई: Adani Ports and Special Economic Zone Infosys Bajaj Finance ICICI Bank Kotak Mahindra Bank InterGlobe Aviation इन शेयरों में 2% तक की गिरावट दर्ज की गई। किन शेयरों में दिखी मजबूती? गिरते बाजार के बीच कुछ शेयरों में तेजी भी देखने को मिली: NTPC Hindustan Unilever Bharti Airtel TCS ITC Limited State Bank of India ब्रॉडर मार्केट का रुख मुख्य सूचकांकों में गिरावट के बावजूद व्यापक बाजार (ब्रॉडर मार्केट) में हल्की मजबूती रही: निफ्टी मिडकैप: 0.28% की बढ़त निफ्टी स्मॉलकैप: 0.57% की बढ़त सेक्टर के स्तर पर: मेटल और मीडिया सेक्टर में तेजी आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट

surbhi अप्रैल 9, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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