पटना

Nishant Kumar
LNJP अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, औचक निरीक्षण में मिलीं खामियां

पटना, एजेंसियां। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार मंगलवार को अचानक राजधानी स्थित एलएनजेपी (LNJP) अस्पताल पहुंचे और अस्पताल की व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। बिना पूर्व सूचना पहुंचे मंत्री ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का दौरा किया, मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर इलाज एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान कई व्यवस्थाओं में खामियां मिलने पर उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई और तत्काल सुधार के निर्देश दिए।   मरीजों से बातचीत कर जानी समस्याएं निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से सीधे संवाद किया। उन्होंने पूछा कि इलाज, दवाइयों और अन्य सुविधाओं को लेकर उन्हें किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं हो रही है। साथ ही मरीजों के परिजनों से भी अस्पताल की व्यवस्था और स्टाफ के व्यवहार के बारे में जानकारी ली। मंत्री ने अस्पताल के वार्ड, ओपीडी, प्रतीक्षालय और अन्य विभागों का भी निरीक्षण किया।   सफाई और बुनियादी सुविधाओं पर जताई नाराजगी निरीक्षण के दौरान अस्पताल में बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियों की कमी और शौचालयों की खराब सफाई देखकर स्वास्थ्य मंत्री नाराज हो गए। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि मरीजों की मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी क्यों की जा रही है। इसके अलावा उन्होंने अस्पताल में एमआरआई मशीन की कार्यशीलता, उसे संचालित करने के लिए तकनीशियन की उपलब्धता और आवश्यक दवाइयों के स्टॉक की भी जानकारी ली। सभी कमियों को जल्द दूर करने और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।   लगातार कर रहे हैं अस्पतालों का निरीक्षण स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार हाल के दिनों में राज्य के सरकारी अस्पतालों का लगातार औचक निरीक्षण कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने पीएमसीएच का भी दौरा किया था, जहां अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की गई थी। उस दौरान प्राचार्य की अनुपस्थिति पर कार्रवाई भी की गई थी। मंत्री ने दोहराया कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज, स्वच्छ वातावरण और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अस्पतालों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए नियमित निगरानी जारी रहेगी।

abhishek singh जुलाई 7, 2026 0
Bihar MLAs Orientation Program
गया में 11 जुलाई से शुरू होगा बिहार के विधायकों का विशेष ओरिएंटेशन कार्यक्रम

पटना, एजेंसियां। बिहार विधानसभा के नवनिर्वाचित विधायकों के लिए 11 और 12 जुलाई को गया स्थित बिहार इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन एंड रूरल डेवलपमेंट (BIPARD) परिसर में दो दिवसीय विशेष ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य विधायकों को संसदीय परंपराओं, सदन की कार्यवाही, विधायी प्रक्रियाओं और जनप्रतिनिधि के दायित्वों की जानकारी देना है।   लोकसभा अध्यक्ष समेत कई वरिष्ठ नेता होंगे शामिल   कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम में लोकसभा सचिवालय के PRIDE (Parliamentary Research and Training Institute for Democracies) के विशेषज्ञ विधायकों को प्रशिक्षण देंगे।   तैयारियों की हुई समीक्षा   बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने सोमवार को एक उच्चस्तरीय बैठक कर कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में आवास, सुरक्षा, भोजन, परिवहन और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। यह कार्यक्रम बिहार विधानसभा सचिवालय, PRIDE और BIPARD के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।

anjali kumari जुलाई 7, 2026 0
Bihar Weather
बिहार में आज भारी बारिश और आंधी का अलर्ट, पटना समेत कई जिलों के लिए IMD की चेतावनी

पटना, एजेंसियां। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार को बिहार के कई जिलों के लिए भारी बारिश, गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज़ हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, पटना, बेतिया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, मधुबनी और आसपास के जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान तेज बारिश और खराब मौसम की संभावना है।   60 से 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं   IMD के अनुसार, कई इलाकों में 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चल सकती हैं। भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, यातायात प्रभावित होने और बिजली गिरने की घटनाओं का खतरा भी बना हुआ है।   लोगों को सतर्क रहने की सलाह   मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने तथा बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। प्रशासन को भी संभावित आपदा से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।   मानसून रहेगा सक्रिय   IMD के अनुसार, सक्रिय मानसून के प्रभाव से बिहार में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रह सकता है। उत्तर बिहार के कई जिलों में भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए गए हैं।

abhishek singh जुलाई 7, 2026 0
BSPHCL
बिहार में रिकॉर्ड बिजली खपत, पहली बार 9,350 मेगावाट के पार पहुंची पीक पावर डिमांड

पटना,एजेंसियां। भीषण गर्मी और उमस के बीच बिहार में बिजली की मांग ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। शनिवार को राज्य की पीक पावर डिमांड पहली बार 9,350 मेगावाट के आंकड़े को पार कर गई। ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह अब तक की सबसे अधिक बिजली मांग है और राज्य की वितरण कंपनियों ने बिना बड़े व्यवधान के आपूर्ति बनाए रखी।   गर्मी और उमस से बढ़ी बिजली की खपत   ऊर्जा विभाग के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से राज्य के अधिकांश जिलों में तापमान और उमस बढ़ने के कारण एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य बिजली उपकरणों का उपयोग तेजी से बढ़ा है। इसका सीधा असर बिजली की खपत पर पड़ा और राज्य की पीक डिमांड नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। सबसे अधिक मांग पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और दरभंगा जैसे शहरी क्षेत्रों में दर्ज की गई।    रिकॉर्ड मांग के बावजूद निर्बाध रही बिजली आपूर्ति   बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड ने बताया कि रिकॉर्ड मांग के बावजूद राज्य में बिजली आपूर्ति सामान्य रही। पर्याप्त बिजली खरीद, ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करने और ग्रिड प्रबंधन की वजह से उपभोक्ताओं को बड़े स्तर पर कटौती का सामना नहीं करना पड़ा। अधिकारियों ने कहा कि आने वाले दिनों में भी बढ़ती मांग को देखते हुए सभी बिजली संयंत्रों और ग्रिड की लगातार निगरानी की जा रही है।   बिजली व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी   ऊर्जा विभाग का कहना है कि राज्य में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण क्षमता को लगातार बढ़ाया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में हर उपभोक्ता को 24 घंटे गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराई जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक गतिविधियों और घरेलू उपभोग में वृद्धि के कारण बिहार में बिजली की मांग आगे भी बढ़ सकती है।

abhishek singh जुलाई 5, 2026 0
Bihar Police Recruitment
बिहार पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के 150 पदों पर भर्ती, 9 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन

पटना, एजेंसियां।  बिहार पुलिस में सब-इंस्पेक्टर (SI) बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग (BPSSC) ने गृह विभाग (पुलिस शाखा) के अंतर्गत 150 सब-इंस्पेक्टर पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 9 जुलाई से 9 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। सभी वर्गों के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क 100 रुपये निर्धारित किया गया है।   स्नातक होना अनिवार्य इस भर्ती के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है। आयु और शैक्षणिक योग्यता की गणना 1 अगस्त 2025 को आधार मानकर की जाएगी।   आयु सीमा के अनुसार सामान्य वर्ग के पुरुष उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 37 वर्ष, सामान्य वर्ग की महिलाओं तथा पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों की 40 वर्ष और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 42 वर्ष निर्धारित की गई है।   शारीरिक मानक भी जरूरी सामान्य और पिछड़ा वर्ग के पुरुष अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम लंबाई 165 सेंटीमीटर, जबकि अत्यंत पिछड़ा वर्ग, एससी और एसटी वर्ग के पुरुषों के लिए 160 सेंटीमीटर निर्धारित की गई है। महिला अभ्यर्थियों के लिए सभी वर्गों में न्यूनतम लंबाई 155 सेंटीमीटर तय की गई है। पुरुष उम्मीदवारों के लिए निर्धारित छाती का माप भी अनिवार्य होगा।   तीन चरणों में होगी चयन प्रक्रिया भर्ती प्रक्रिया में सबसे पहले प्रारंभिक परीक्षा आयोजित होगी, जिसमें 200 अंकों के वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे। इसके बाद सफल उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा देनी होगी, जिसमें सामान्य अध्ययन, गणित, तर्कशक्ति, भाषा और बिहार सामान्य ज्ञान के साथ निबंध एवं अनुवाद से जुड़े प्रश्न शामिल होंगे। अंतिम चरण में शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) होगी। तीनों चरणों में सफल अभ्यर्थियों का अंतिम चयन बिहार पुलिस में सब-इंस्पेक्टर पद के लिए किया जाएगा।

anjali kumari जुलाई 4, 2026 0
Lalu Yadav Rabari Devi
लालू-राबड़ी को फिर मिली Z सिक्योरिटी और बुलेटप्रूफ गाड़ियां

पटना, एजेंसियां। बिहार सरकार ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव तथा पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सुरक्षा को लेकर अपना पहले का फैसला बदलते हुए दोनों की Z श्रेणी की सुरक्षा बहाल कर दी है। इसके साथ ही उन्हें बुलेटप्रूफ वाहन की सुविधा भी दोबारा उपलब्ध करा दी गई है। सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब कुछ समय पहले बंगला विवाद के दौरान दोनों की सुरक्षा घटा दी गई थी, जिसके बाद लालू प्रसाद और राबड़ी देवी ने सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई सुरक्षा वापस लौटा दी थी।   जानकारी के अनुसार जानकारी के अनुसार, अब दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों को पहले की तरह Z कैटेगरी सुरक्षा मिलेगी। इस श्रेणी में लगभग 22 प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। इनमें घर की सुरक्षा के लिए हथियारबंद गार्ड, 24 घंटे तैनात रहने वाले पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO), सुरक्षा वाहनों का काफिला और एक बुलेटप्रूफ कार शामिल होती है। सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य संभावित खतरों से वीआईपी व्यक्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है।   क्या है मामला ? दरअसल, राबड़ी देवी को सरकारी आवास खाली करने का नोटिस मिलने के बाद राज्य सरकार ने लालू परिवार की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की थी। इसके बाद लालू प्रसाद, राबड़ी देवी और तेज प्रताप यादव की सुरक्षा में कटौती कर दी गई थी। हालांकि, उस समय नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और सांसद मीसा भारती की सुरक्षा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया था।   सुरक्षा में कटौती के फैसले के विरोध में लालू प्रसाद और राबड़ी देवी ने सरLकार द्वारा उपलब्ध कराई गई सुरक्षा लौटा दी थी। बाद में तेजस्वी यादव और मीसा भारती ने भी अपनी सुरक्षा वापस कर दी थी। इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक गलियारों में काफी बयानबाजी और विवाद देखने को मिला था।   अब बिहार सरकार द्वारा सुरक्षा बहाल किए जाने के बाद लालू प्रसाद और राबड़ी देवी को फिर से Z श्रेणी सुरक्षा और बुलेटप्रूफ वाहन की सुविधा मिल गई है। इसे राज्य सरकार के बदले हुए रुख के रूप में देखा जा रहा है, जबकि राजनीतिक हलकों में इस फैसले को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

abhishek singh जुलाई 4, 2026 0
Bihar Weather
बिहार में बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से अगले 48 घंटे भारी बारिश के आसार, कई जिलों के लिए अलर्ट जारी

पटना, एजेंसियां। बिहार में मौसम एक बार फिर बदलने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बने नए कम दबाव के क्षेत्र (लो प्रेशर सिस्टम) के प्रभाव से राज्य में अगले 48 घंटों के दौरान तेज बारिश होने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई जिलों में भारी वर्षा, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है।   इन जिलों में भारी बारिश की संभावना   मौसम विभाग के अनुसार पटना, भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, अररिया, सुपौल, मधेपुरा, सहरसा और आसपास के जिलों में शनिवार और रविवार के दौरान अच्छी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर वज्रपात और तेज हवा चलने की भी आशंका जताई गई है।   गर्मी और उमस से मिलेगी राहत, प्रशासन ने जारी की सलाह   लगातार उमस और गर्मी से परेशान लोगों को बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और खुले स्थानों, पेड़ों तथा बिजली के खंभों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी है। किसानों को भी मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए खेती का कार्य करने की अपील की गई है।

abhishek singh जुलाई 4, 2026 0
Bullet Train
बिहार को मिली हाई-स्पीड रेल की सौगात, पटना से दिल्ली का सफर अब 4 घंटे 41 मिनट में

पटना, एजेंसियां।  बिहार में परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देने वाली बहुप्रतीक्षित बुलेट ट्रेन परियोजना को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल गई है। दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर देश की सात नई बुलेट ट्रेन परियोजनाओं में शामिल है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद बिहार से दिल्ली, वाराणसी और सिलीगुड़ी की यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। सबसे बड़ी राहत यह होगी कि पटना से दिल्ली का करीब 1000 किलोमीटर लंबा सफर महज 4 घंटे 41 मिनट में पूरा किया जा सकेगा, जबकि वर्तमान में यही यात्रा सामान्य ट्रेनों से 13 से 15 घंटे में पूरी होती है।   350 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी ट्रेन प्रस्तावित बुलेट ट्रेन लगभग 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से एलिवेटेड ट्रैक पर चलेगी। परियोजना का निर्माण नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) और रेलवे मंत्रालय की देखरेख में किया जाएगा। पूरे कॉरिडोर की लंबाई करीब 1705 किलोमीटर होगी, जिसमें बिहार में लगभग 400 किलोमीटर हाई-स्पीड रेल ट्रैक बनाया जाएगा।   बिहार के कई प्रमुख शहर होंगे जुड़े बुलेट ट्रेन का रूट बिहार में बक्सर, आरा, पटना, मोकामा, कटिहार और किशनगंज जैसे प्रमुख शहरों से होकर गुजरेगा। प्रारंभिक योजना के अनुसार पटना, बक्सर और कटिहार में प्रमुख स्टेशन विकसित किए जाएंगे। पटना का बुलेट ट्रेन स्टेशन लगभग 40 फीट ऊंचाई पर एलिवेटेड बनाया जाएगा। जल्द ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू होने की संभावना है।   यात्रा, रोजगार और विकास को मिलेगा बढ़ावा परियोजना के पूरा होने के बाद पटना से वाराणसी का सफर करीब 50 मिनट और सिलीगुड़ी की यात्रा सिर्फ 2 घंटे 5 मिनट में पूरी होगी। इससे छात्रों, मरीजों, व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा। सरकार का मानना है कि बुलेट ट्रेन कई रूटों पर हवाई यात्रा का किफायती विकल्प भी बनेगी। साथ ही निर्माण कार्य, रेलवे, लॉजिस्टिक्स, होटल और अन्य क्षेत्रों में हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना बिहार में निवेश, व्यापार, पर्यटन और आधारभूत ढांचे के विकास को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

abhishek singh जुलाई 3, 2026 0
Khan Sir FIR
खान सर को कोर्ट से बड़ी राहत, 7 जुलाई तक गिरफ्तारी पर लगी रोक

पटना, एजेंसियां। बिहार के चर्चित शिक्षक फैसल खान उर्फ खान सर को कोचिंग संस्थान में हुई गोलीबारी और विवाद से जुड़े मामले में फिलहाल बड़ी राहत मिली है। पटना की अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई 7 जुलाई तक स्थगित कर दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर लगी अंतरिम रोक भी अगले आदेश तक, यानी 7 जुलाई तक जारी रखने का निर्देश दिया है। यह मामला जून की शुरुआत में उनके कोचिंग संस्थान में हुई हिंसक घटना से जुड़ा है, जहां कथित तौर पर कुछ असामाजिक तत्वों ने तोड़फोड़ की थी और सुरक्षा कर्मियों द्वारा गोली चलाए जाने का आरोप लगा था।   जरूरी दस्तावेज आने के बाद होगी सुनवाई शिक्षक रोशन आनंद के अधिवक्ता सत्यम झा ने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अनुपस्थिति के कारण शुक्रवार को मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में हुई। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 7 जुलाई तय की है। वहीं, खान सर के वकील अरविंद कुमार मौआर ने पुष्टि की कि अदालत ने गिरफ्तारी पर लगी रोक भी उसी तारीख तक बढ़ा दी है।   कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया है कि वह मामले से संबंधित अद्यतन केस डायरी और खान सर के निजी सुरक्षा कर्मियों के हथियारों के लाइसेंस की सत्यापन रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करे। इन दस्तावेजों के आधार पर ही अग्रिम जमानत याचिका पर आगे विचार किया जाएगा।   सुरक्षा कर्मियों पर भी लगे हैं गंभीर आरोप मामले में खान सर के दोनों निजी सुरक्षा कर्मी न्यायिक हिरासत में हैं। उनकी जमानत याचिकाओं पर भी अब 7 जुलाई को ही सुनवाई होगी। विरोधी पक्ष का आरोप है कि सुरक्षा कर्मियों ने भीड़ को डराने और दहशत फैलाने के उद्देश्य से फायरिंग की थी। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है।   हत्या के प्रयास समेत कई धाराओं में दर्ज है केस घटना के बाद पटना पुलिस ने फैसल खान, शिक्षक रोशन आनंद, उनके सुरक्षा कर्मियों और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास, दंगा और अन्य गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। खान सर ने 9 जून को अग्रिम जमानत के लिए आवेदन दिया था, जबकि रोशन आनंद को 15 जून को नियमित जमानत मिल चुकी है। अब इस बहुचर्चित मामले की अगली सुनवाई 7 जुलाई को होगी, जिस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

abhishek singh जुलाई 3, 2026 0
Manjhi Reaction on Bharat Tiwari Encounter
भरत तिवारी एनकाउंटर पर मांझी का बयान, बोले- पुलिस की कार्रवाई थी सटीक

पटना, एजेंसियां। भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर सियासत लगातार तेज होती जा रही है। शुक्रवार को पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने एक बार फिर पुलिस कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने परिस्थितियों के अनुसार बिल्कुल सटीक कदम उठाया। मांझी ने कहा कि यदि पुलिस कार्रवाई नहीं करती, तो पुलिसकर्मियों की जान भी जा सकती थी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मामले की न्यायिक जांच चल रही है, इसलिए अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।   'पुलिस ने जान बचाने के लिए की कार्रवाई' मांझी ने भरत तिवारी के खिलाफ दर्ज मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि यदि वह निर्दोष थे, तो उन पर एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला क्यों दर्ज था। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि भरत तिवारी के हाथ में दिखाई गई रिवॉल्वर क्या लाइसेंसी थी। मांझी ने कहा कि यदि पुलिस का मकसद हत्या करना होता, तो गोली सिर या सीने में मारी जाती, जबकि गोली कमर के नीचे लगी। दुर्भाग्यवश उनकी मौत हो गई, लेकिन इससे पुलिस की मंशा पर सवाल नहीं उठाया जा सकता।   एसडीपीओ के तबादले और महापंचायत पर भी बोले एनकाउंटर मामले में नामजद एसडीपीओ राजेश शर्मा के ट्रांसफर पर मांझी ने कहा कि किसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होना और दोषी साबित होना अलग-अलग बातें हैं। न्यायिक जांच पूरी होने तक किसी अधिकारी को हटाना उचित नहीं था, खासकर तब जब बिहार पुलिस पहले से ही बल की कमी से जूझ रही है।   महापंचायत में शामिल नहीं होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर राज्य की कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उनके वहां जाने से बड़ी भीड़ जुट सकती थी और असामाजिक तत्व माहौल खराब कर सकते थे, इसलिए उन्होंने दूरी बनाए रखना उचित समझा।   चिराग पासवान के दौरे पर दिया संतुलित जवाब   भरत तिवारी के गांव बिलौटी पहुंचकर परिजनों से मुलाकात करने वाले केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान पर पूछे गए सवाल पर मांझी ने कहा, "चिराग पासवान जो करते हैं, वही हम भी करेंगे।" उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में संतुलित प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर बिहार की राजनीति में बयानबाजी और न्यायिक जांच दोनों पर सबकी नजर बनी हुई है।

abhishek singh जुलाई 3, 2026 0
Bankipur Vidhan Sabha
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को होगा उपचुनाव, चुनाव आयोग ने जारी किया कार्यक्रम

पटना, एजेंसियां। चुनाव आयोग ने बिहार की हाई-प्रोफाइल सीट मानी जाने  वाली बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा कर दी है। आयोग के अनुसार, इस सीट पर 30 जुलाई 2026 को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे। बांकीपुर सीट भाजपा के लिए प्रतिष्ठा की सीट मानी जाती है और इस उपचुनाव पर पूरे राज्य की राजनीतिक नजरें टिकी हैं।   नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट   बांकीपुर विधानसभा सीट भाजपा नेता नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद विधायक पद से इस्तीफा देने के कारण रिक्त हुई थी। इसके बाद चुनाव आयोग ने इस सीट पर उपचुनाव का कार्यक्रम जारी किया है।   जानिए पूरा चुनाव कार्यक्रम   चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, 6 जुलाई को अधिसूचना जारी होगी। 13 जुलाई नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि होगी, 14 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी और 16 जुलाई तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। मतदान 30 जुलाई को होगा और 3 अगस्त को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे।   प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने पर सस्पेंस   उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। जन सुराज पार्टी ने घोषणा की है कि वह 5 जुलाई को अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान करेगी। हालांकि पार्टी प्रमुख प्रशांत किशोर खुद चुनाव लड़ेंगे या नहीं, इस पर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है।   राजनीतिक दलों ने शुरू की तैयारियां   उपचुनाव की घोषणा के साथ ही भाजपा, राजद, कांग्रेस और जन सुराज समेत सभी प्रमुख दलों ने चुनावी रणनीति तेज कर दी है। बांकीपुर सीट को बिहार की सबसे चर्चित सीटों में से एक माना जा रहा है और इस चुनाव के नतीजों पर पूरे राज्य की राजनीतिक निगाहें टिकी रहेंगी।

abhishek singh जुलाई 3, 2026 0
Bihar Education Department
पटना में निगरानी ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई, शिक्षा विभाग के अवर सचिव 20 हजार रुपये लेते गिरफ्तार

पटना ,एजेंसियां। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक और कड़ी कार्रवाई करते हुए शिक्षा विभाग के वेतन सत्यापन कोषांग में कार्यरत अवर सचिव अमोद मिश्रा को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। यह कार्रवाई पटना के गर्दनीबाग इलाके में मिनिस्टर एन्क्लेव मोड़ के पास की गई।   एरियर भुगतान के बदले मांगी जा रही थी रकम   मामले में सामने आया है कि शिकायतकर्ता उमा शंकर उमरेबी (नालंदा जिला, नई सराय) ने आरोप लगाया था कि उनके एरियर भुगतान से जुड़े कार्य को आगे बढ़ाने के लिए उनसे अवर सचिव द्वारा 20 हजार रुपये की मांग की जा रही थी। इसके बाद उन्होंने इसकी शिकायत निगरानी ब्यूरो से की।   जांच में शिकायत सही मिलने पर बिछाया गया ट्रैप   शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले की प्रारंभिक जांच कराई, जिसमें आरोपों की पुष्टि हुई। इसके बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और जैसे ही रिश्वत की रकम ली गई, अधिकारी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।   कार्रवाई के बाद दफ्तर में हड़कंप   गिरफ्तारी के बाद संबंधित विभाग में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। निगरानी टीम अब आगे की जांच में जुटी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं इस पूरे मामले में और लोग शामिल तो नहीं हैं।

abhishek singh जुलाई 3, 2026 0
ECR RBMS App
बिहार: अब रेलवे क्वार्टरों की मरम्मत के लिए ऑनलाइन दर्ज होगी शिकायत, फोटो-वीडियो के जरिए होगी मॉनिटरिंग

पटना, एजेंसियां। पूर्व मध्य रेलवे ने दानापुर रेल मंडल समेत अपने सरकारी क्वार्टरों में रहने वाले रेलकर्मियों और उनके परिवारों की सुविधा के लिए रेलवे बिल्डिंग मेंटेनेंस सिस्टम (RBMS) ऐप लॉन्च किया है। इस नई डिजिटल व्यवस्था के तहत अब क्वार्टरों की मरम्मत और रखरखाव से जुड़ी शिकायतें पूरी तरह ऑनलाइन दर्ज की जा सकेंगी। इससे कर्मचारियों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी और शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी व तेज होगी।   फोटो और वीडियो के साथ दर्ज कर सकेंगे शिकायत RBMS ऐप के माध्यम से रेलकर्मी अपने क्वार्टर में आने वाली किसी भी समस्या की शिकायत फोटो, वीडियो या लिखित विवरण के साथ ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। शिकायत प्राप्त होने के बाद इंजीनियरिंग और संबंधित विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करेगी और आवश्यक मरम्मत कार्य करेगी। इससे शिकायतों के समाधान में तेजी आने की उम्मीद है।   खत्म होगी पुरानी मैनुअल व्यवस्था रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना की रूपरेखा वर्ष 2024 में तैयार की गई थी। रेलवे बोर्ड के निर्देश के बाद अब इसे पूर्व मध्य रेलवे में लागू कर दिया गया है। इसके साथ ही क्वार्टरों की मरम्मत से जुड़ी पुरानी मैनुअल व्यवस्था को समाप्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, जिससे पूरी व्यवस्था डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित होगी।   गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकेंगे ऐप पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि कर्मचारी RBMS ऐप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। ऐप में जोन, डिवीजन, रेलवे कॉलोनी, क्वार्टर नंबर और पहचान संबंधी जानकारी दर्ज करने के बाद शिकायत आसानी से भेजी जा सकेगी।   शिकायतों की होगी ऑनलाइन निगरानी नई व्यवस्था के तहत यह भी देखा जा सकेगा कि कितनी शिकायतें लंबित हैं, किन शिकायतों का समाधान हो चुका है और उन्हें निपटाने में कितना समय लगा। इससे जवाबदेही बढ़ेगी और कर्मचारियों को अपनी शिकायत की स्थिति की रियल टाइम जानकारी मिलती रहेगी। रेलवे यूनियनों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे क्वार्टरों की रखरखाव व्यवस्था में सुधार आएगा और रेलकर्मियों को बड़ी राहत मिलेगी।

abhishek singh जुलाई 2, 2026 0
Bihar Weather
Bihar Weather Update: अगले 4 दिन आंधी-बारिश का अलर्ट, 13 जिलों में ऑरेंज और 25 जिलों में येलो अलर्ट

पटना, एजेंसियां। बिहार में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और इसका असर पूरे राज्य में देखने को मिल रहा है। मंगलवार रात से मौसम ने करवट ली है, जिसके बाद कई जिलों में बारिश शुरू हो गई। बुधवार सुबह बेगूसराय समेत कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग ने 1 से 4 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश, तेज हवा और मेघ गर्जन की संभावना जताई है।   13 जिलों में ऑरेंज, 25 जिलों में येलो अलर्ट भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार के लिए पटना सहित 13 जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं 25 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है।   अगले पांच दिन ऐसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, अगले पांच दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। बारिश के कारण अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और बिजली चमकने के समय खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है।   बारिश से मिली राहत, एक महिला की मौत बीते 24 घंटों के दौरान खगड़िया, समस्तीपुर, सासाराम और जमुई में अच्छी बारिश दर्ज की गई। हालांकि औरंगाबाद में आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला की मौत हो गई। राजधानी पटना में दिनभर बादल छाए रहे और ठंडी हवाओं ने मौसम को सुहावना बना दिया।   अब भी सामान्य से 46% कम बारिश मौसम विभाग के अनुसार, 30 जून तक बिहार में 87.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य औसत 163.3 मिमी होनी चाहिए थी। यानी अब तक राज्य में सामान्य से 46 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि पिछले 24 घंटों में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं, खासकर उत्तर और उत्तर-पूर्वी बिहार में। विभाग के अनुसार 2 जुलाई को पटना, नालंदा, गया, जहानाबाद, नवादा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, औरंगाबाद और कैमूर समेत कई जिलों में बारिश की संभावना बनी हुई है। इससे किसानों और आम लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

abhishek singh जुलाई 1, 2026 0
Bihar Weather
बिहार में झमाझम बारिश के साथ होगी जुलाई की शुरुआत, कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी

पटना, एजेंसियां।  बिहार में जुलाई की शुरुआत मानसून की जोरदार बारिश के साथ होने जा रही है। पटना मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने 1 से 3 जुलाई तक राज्य के कई जिलों में भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात की आशंका जताते हुए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है।   1 जुलाई को उत्तर और पश्चिम बिहार में सबसे ज्यादा असर मौसम विभाग के अनुसार, 1 जुलाई को उत्तर और पश्चिम बिहार में मानसून सबसे अधिक सक्रिय रहेगा। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, साथ ही भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना है।   वहीं पटना समेत राज्य के कई अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना है।   2 जुलाई को भी जारी रहेगा बारिश का दौर 2 जुलाई को पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम बिहार के कई जिलों, जिनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास और औरंगाबाद शामिल हैं, के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में भारी बारिश, तेज हवा और वज्रपात की आशंका जताई गई है। अन्य जिलों में येलो अलर्ट के तहत हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है।   3 जुलाई को दक्षिण और मध्य बिहार में बढ़ेगा असर 3 जुलाई को मानसून का प्रभाव दक्षिण और मध्य बिहार की ओर शिफ्ट होगा। इस दौरान पटना, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय और बेगूसराय में भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।   हालांकि, कोशी और सीमांचल क्षेत्र के कई जिलों, जैसे पूर्णिया, अररिया, कटिहार, किशनगंज, सुपौल, सहरसा और मधेपुरा में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

abhishek singh जून 30, 2026 0
Khan Sir FIR
खान सर मामले में आज अहम सुनवाई, अग्रिम जमानत पर कोर्ट के फैसले का इंतजार

पटना, एजेंसियां। चर्चित शिक्षक और यूट्यूबर फैसल खान (खान सर) से जुड़े कोचिंग फायरिंग मामले में आज पटना की अदालत में अहम सुनवाई होनी है। पिछली सुनवाई में अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक (नो कोर्सिव एक्शन) को 30 जून तक बढ़ा दिया था और पुलिस द्वारा दाखिल अपडेटेड केस डायरी पर अंतिम बहस के लिए आज की तारीख तय की थी।   पुलिस ने कोर्ट में सौंपी अपडेटेड केस डायरी   पिछली सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी ने अदालत में अपडेटेड केस डायरी पेश की थी। इसके बाद अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष को दस्तावेजों का अध्ययन करने के लिए समय देते हुए सुनवाई आज के लिए स्थगित कर दी थी। तब तक खान सर के खिलाफ कोर्ट द्वारा किसी भी तरह की कठोर कार्रवाई पर रोक बरकरार रखी गई थी।   फायरिंग केस में दर्ज है FIR   मामला जून की शुरुआत में खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर हुए विवाद और कथित फायरिंग से जुड़ा है। इस घटना के बाद पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी। जांच के दौरान खान सर का नाम भी मामले में जोड़ा गया। वहीं, उनके दो सुरक्षा गार्ड इस मामले में न्यायिक हिरासत में हैं और उनकी जमानत याचिका पर भी सुनवाई प्रस्तावित है।   सभी की नजर अदालत के फैसले पर   आज की सुनवाई में अदालत यह तय कर सकती है कि खान सर को अग्रिम जमानत मिलेगी या नहीं, अथवा अंतरिम राहत आगे भी जारी रहेगी। इस कारण छात्रों, समर्थकों और कानूनी विशेषज्ञों की नजर आज की अदालत की कार्यवाही पर टिकी हुई है। फिलहाल अदालत का अंतिम आदेश आना बाकी है।

abhishek singh जून 30, 2026 0
Bihar Teacher Transfer
बिहार में शिक्षकों के तबादले का नया नियम लागू, ऑनलाइन होगी पूरी प्रक्रिया; जानें 7 श्रेणियां और 5 साल का नियम

पटना, एजेंसियां। बिहार सरकार ने राज्य के शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और डिजिटल बनाने के उद्देश्य से बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली-2026 लागू कर दी है। नई व्यवस्था के तहत अब शिक्षकों को तबादले के लिए जिला या राज्य मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। वे निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर अपने स्थानांतरण का दावा प्रस्तुत कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और अनावश्यक दौड़-धूप समाप्त होगी।   नई नियमावली के तहत  नई नियमावली के तहत शिक्षक स्थानांतरण के लिए सात अलग-अलग श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। इनमें गंभीर बीमारी, दिव्यांगता, पति-पत्नी पदस्थापन, विधवा, तलाकशुदा या एकल अभिभावक, पारस्परिक (म्यूचुअल) स्थानांतरण, समायोजन/समानुपातीकरण और सामान्य स्थानांतरण शामिल हैं। प्रत्येक श्रेणी के लिए अलग-अलग वरीयता तय की गई है।   शिक्षा विभाग ने स्थानांतरण प्रक्रिया शिक्षा विभाग ने स्थानांतरण प्रक्रिया को अंक आधारित प्रणाली से जोड़ा है। गंभीर बीमारियों से पीड़ित शिक्षकों को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलेगी। कैंसर, ओपन हार्ट सर्जरी, अंग प्रत्यारोपण, किडनी प्रत्यारोपण, डायलिसिस, ब्रेन ट्यूमर, प्रमुख न्यूरो सर्जरी, बोन टीबी, गंभीर टीबी और पक्षाघात जैसी गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों को प्राथमिकता सूची में शामिल किया गया है।   नई नीति के अनुसार नई नीति के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में किसी शिक्षक का स्थानांतरण तभी किया जाएगा, जब वह अपने वर्तमान विद्यालय में कम से कम पांच वर्ष की सेवा पूरी कर चुका हो। हालांकि गंभीर बीमारी, दिव्यांगता, पति-पत्नी पदस्थापन और अन्य विशेष परिस्थितियों में पांच वर्ष की अनिवार्य अवधि पूरी होने से पहले भी आवेदन स्वीकार किया जा सकेगा।   पारस्परिक स्थानांतरण के लिए दोनों शिक्षकों की संयुक्त सहमति आवश्यक होगी। दोनों का समान संवर्ग, समान श्रेणी तथा विषयवार पदस्थापन की स्थिति में एक ही विषय का होना अनिवार्य रहेगा। साथ ही गृह जिला से जुड़े सभी नियमों का पालन भी करना होगा। नई स्थानांतरण नीति का उद्देश्य पात्र शिक्षकों को तय मानकों के आधार पर समयबद्ध और निष्पक्ष तरीके से तबादले का लाभ उपलब्ध कराना है।

anjali kumari जून 29, 2026 0
Khan Sir
खान सर को गिरफ्तारी से राहत, पटना कोर्ट ने 30 जून तक बढ़ाई अंतरिम सुरक्षा

पटना, एजेंसियां। मशहूर शिक्षक और यूट्यूबर खान सर (फैसल खान) को फिलहाल बड़ी कानूनी राहत मिली है। पटना की एक अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज कोचिंग संस्थान फायरिंग मामले में गिरफ्तारी पर लगी रोक (अंतरिम सुरक्षा) को 30 जून 2026 तक बढ़ा दिया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई भी 30 जून को निर्धारित की है।   क्या है पूरा मामला?   यह मामला जून की शुरुआत में पटना के खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग संस्थान के बाहर हुई हिंसा और फायरिंग से जुड़ा है। आरोप है कि विवाद के दौरान खान सर के सुरक्षा गार्डों ने गोली चलाई। बाद में पुलिस ने इस मामले में दर्ज FIR में खान सर का भी नाम शामिल किया। खान सर पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर सुरक्षा गार्डों को गोली चलाने के निर्देश दिए थे, जबकि उनका पक्ष है कि सुरक्षा कर्मियों ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की।   अदालत ने क्या कहा?   शनिवार को सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी ने अदालत में अपडेटेड केस डायरी पेश की। इसके बाद अदालत ने मामले की अंतिम बहस के लिए अगली तारीख 30 जून तय करते हुए तब तक 'नो कोअर्सिव एक्शन' (कोई कठोर कार्रवाई नहीं) का आदेश जारी रखा। इसका मतलब है कि अगली सुनवाई तक खान सर की गिरफ्तारी नहीं की जाएगी।   जांच में सहयोग कर रहे हैं खान सर   खान सर के वकील ने अदालत के बाहर कहा कि उनके मुवक्किल जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं और पुलिस द्वारा मांगी गई सभी जानकारियां उपलब्ध करा रहे हैं। इसी घटना से जुड़े सुरक्षा गार्डों के मामले की सुनवाई भी 30 जून को होगी।   अब सबकी नजर 30 जून की सुनवाई पर   30 जून को होने वाली सुनवाई में अदालत अग्रिम जमानत याचिका पर विस्तृत बहस सुन सकती है। इसी सुनवाई के बाद यह तय होगा कि खान सर को आगे भी राहत मिलेगी या जांच एजेंसियां उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई कर सकेंगी।

abhishek singh जून 28, 2026 0
Muharram procession accident
मुहर्रम जुलूस में बड़ा हादसा, तलवारबाजी के दौरान किशोर के सिर में धंसी तलवार

पटना, एजेंसियां। मुहर्रम जुलूस के दौरान मधुबनी जिले के राजनगर में पारंपरिक तलवारबाजी का प्रदर्शन एक बड़े हादसे में बदल गया। प्रदर्शन के दौरान एक युवक के हाथ से तलवार फिसलकर जुलूस में शामिल 16 वर्षीय किशोर के सिर में जा धंसी। गंभीर रूप से घायल किशोर का कई घंटे तक ऑपरेशन चला, जिसके बाद डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक तलवार निकाल दी। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।   तलवारबाजी के प्रदर्शन में हुआ दर्दनाक हादसा यह घटना शुक्रवार देर शाम राजनगर बाजार के चट्टी रोड पर निकले मुहर्रम जुलूस के दौरान हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पारंपरिक तलवारबाजी का प्रदर्शन चल रहा था, तभी एक युवक के हाथ से तलवार अचानक फिसल गई और पास में मौजूद 16 वर्षीय किशोर के सिर में जा धंसी। बताया जा रहा है कि तलवार करीब ढाई इंच तक सिर के भीतर चली गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और जुलूस कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। घटना के बाद तलवारबाजी कर रहा युवक मौके से फरार हो गया।   प्राथमिक उपचार के बाद बड़े अस्पताल किया गया रेफर घायल किशोर की पहचान लहेरी बाजार निवासी के रूप में हुई है। जुलूस में मौजूद लोगों ने तुरंत उसे राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. निरंजन जायसवाल और उनकी टीम ने उपचार शुरू किया, लेकिन तलवार गहराई तक धंसी होने के कारण उसे निकालना संभव नहीं हो सका। इसके बाद प्राथमिक उपचार देकर किशोर को सदर अस्पताल रेफर किया गया।   कई घंटे चले ऑपरेशन के बाद बची जान परिजन बाद में किशोर को सकरी स्थित रामशिला हॉस्पिटल ले गए, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने कई घंटे तक ऑपरेशन कर उसके सिर से तलवार निकाल दी। चिकित्सकों के अनुसार ऑपरेशन सफल रहा और फिलहाल किशोर की हालत स्थिर है। उसे आईसीयू में निगरानी में रखा गया है।   सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल हादसे के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि धार्मिक जुलूसों में पारंपरिक हथियारों के प्रदर्शन के दौरान पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम और सतर्कता बरती जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

anjali kumari जून 27, 2026 0
daughter wedding tragedy
सीतामढ़ी में भावुक कर देने वाली घटना: वीडियो कॉल पर बेटी की शादी देख पिता ने ली अंतिम सांस

पटना, एजेंसियां। बिहार के सीतामढ़ी जिले से एक बेहद मार्मिक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को भावुक कर दिया। अस्पताल में भर्ती एक पिता ने वीडियो कॉल के जरिए अपनी बेटी की शादी की सभी रस्में देखीं। बेटी की विदाई के कुछ ही क्षण बाद उन्होंने अंतिम सांस ली। शादी की खुशियां देखते ही देखते पूरे परिवार के लिए गहरे मातम में बदल गईं।   शादी से पहले बिगड़ी थी तबीयत सोनबरसा बस स्टैंड निवासी लालबाबू महतो वर्षों तक एक निजी बस में कंडक्टर के रूप में कार्यरत रहे थे। उनकी सबसे छोटी बेटी निधि कुमारी की शादी मोहनपुर निवासी युवक के साथ तय थी। परिवार में विवाह की तैयारियां जोरों पर चल रही थीं, लेकिन शादी से तीन दिन पहले लालबाबू महतो की अचानक तबीयत बिगड़ गई। गंभीर हालत में उन्हें इलाज के लिए लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसके कारण वे बेटी की शादी में शामिल नहीं हो सके।   वीडियो कॉल पर देखीं हर रस्म परिजनों ने अस्पताल में भर्ती लालबाबू महतो को शादी के हर पल से जोड़े रखा। वीडियो कॉल के माध्यम से उन्होंने बेटी की हल्दी, मेहंदी, जयमाला और विवाह की सभी प्रमुख रस्में देखीं। दुल्हन के रूप में बेटी को देखकर उनकी आंखें नम हो गईं। विदाई के समय उन्होंने वीडियो कॉल पर ही बेटी को आशीर्वाद दिया और उसके सुखी वैवाहिक जीवन की कामना की।   विदाई के साथ ही थम गई जिंदगी परिवार के अनुसार, जैसे ही बेटी की डोली ससुराल के लिए रवाना हुई, उसी समय अस्पताल में लालबाबू महतो ने अंतिम सांस ली। एक ही दिन परिवार ने बेटी के नए जीवन की शुरुआत और पिता के निधन का दुख एक साथ झेला। शादी का माहौल पलभर में शोक में बदल गया।   पूरे इलाके को भावुक कर गई घटना लालबाबू महतो अपने पीछे पत्नी, तीन पुत्र और दो पुत्रियों का परिवार छोड़ गए हैं। इस घटना की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। जिसने भी इस मार्मिक घटना के बारे में सुना, उसकी आंखें नम हो गईं। यह घटना पिता और बेटी के अटूट रिश्ते तथा विदाई के भावनात्मक पल को हमेशा के लिए यादगार बना गई।

anjali kumari जून 27, 2026 0
Ayodhya land controversy
अयोध्या दान विवाद की गूंज बिहार तक, जदयू-राजद ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की उठाई मांग

पटना, एजेंसियां। अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित दान अनियमितता मामले की गूंज अब बिहार की राजनीति में भी सुनाई देने लगी है। राज्य की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों जदयू (JDU) और राजद (RJD) ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। इस मुद्दे पर दोनों दलों के नेताओं के बयानों के बाद बिहार का राजनीतिक माहौल गरमा गया है।   क्या है पूरा मामला?   अयोध्या में राम मंदिर के लिए प्राप्त दान के प्रबंधन और उपयोग को लेकर कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। मामले की जांच जारी है और इसे लेकर राजनीतिक दल लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।   बिहार में तेज हुई सियासी बयानबाजी   जदयू और राजद के नेताओं ने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। दोनों दलों ने मांग की है कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।   जदयू (JDU) की प्रतिक्रिया   जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने स्पष्ट कहा है कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है, इसलिए केवल एफआईआर (FIR) दर्ज करना काफी नहीं है। दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए।    राजद (RJD) का रुख   राजद के प्रवक्ताओं ने इसे लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की है और आरोप लगाया है कि भगवान के नाम पर राजनीति करने वालों ने दान राशि तक को नहीं छोड़ा। राजद नेताओं ने मांग की है कि छोटे कर्मचारियों के साथ-साथ इस घोटाले के मुख्य साजिशकर्ताओं पर भी शिकंजा कसा जाना चाहिए।   जांच पर टिकी सभी की नजर   फिलहाल इस पूरे मामले की जांच जारी है। जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर राजनीतिक दलों के साथ-साथ आम लोगों की भी नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।

anjali kumari जून 27, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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