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Patna–Thawe Fast Passenger Train Starts Service

पटना-थावे फास्ट पैसेंजर ट्रेन शुरू: अब 7 घंटे में पूरा होगा सफर, जानिए टाइमिंग और स्टॉपेज

surbhi मार्च 16, 2026 0
Patna–Thawe fast passenger train begins service improving travel time and connectivity for passengers and pilgrims.
Patna Thawe Fast Passenger Train Service

 

यात्रियों को मिली बड़ी राहत

बिहार के रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। पटना और थावे के बीच नई फास्ट पैसेंजर ट्रेन का संचालन शुरू कर दिया गया है। इस ट्रेन के शुरू होने से अब दोनों शहरों के बीच यात्रा पहले की तुलना में काफी आसान हो जाएगी। ट्रेन करीब 6 घंटे 50 मिनट में यह दूरी तय करेगी, जिससे यात्रियों का समय भी बचेगा और सफर अधिक सुविधाजनक होगा।

नई ट्रेन के संचालन को लेकर जानकारी देते हुए Ravi Shankar Prasad ने कहा कि Thawe Temple धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है। लंबे समय से लोगों की मांग थी कि पटना से थावे के लिए तेज ट्रेन सेवा शुरू की जाए, जिसे अब पूरा कर दिया गया है।

 

24 कोच वाली ट्रेन से बढ़ेगी सुविधा

Indian Railways के दानापुर मंडल के अधिकारियों के अनुसार इस फास्ट पैसेंजर ट्रेन में कुल 24 कोच लगाए गए हैं। दानापुर मंडल के सीनियर डीसीएम Abhinav Siddharth ने बताया कि यह ट्रेन पाटलिपुत्र और दीघवारा होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचेगी।

नई ट्रेन सेवा शुरू होने से पटना और थावे के बीच आवागमन आसान होगा। साथ ही थावे मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, जिससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

 

पटना-थावे ट्रेन की टाइमिंग और स्टॉपेज

गाड़ी संख्या 55515 पटना-थावे फास्ट पैसेंजर रोजाना Patna Junction से दोपहर 12:10 बजे रवाना होगी। इसके प्रमुख स्टॉपेज इस प्रकार हैं:

  • फुलवारीशरीफ – 12:13 बजे
  • पाटलिपुत्र – 12:40 बजे
  • दीघा ब्रिज हाल्ट – 12:52 बजे
  • दीघवारा – 13:50 बजे
  • गोल्डिनगंज – 14:55 बजे

इन स्टेशनों पर रुकते हुए यह ट्रेन शाम 7:00 बजे Thawe पहुंचेगी।

वहीं 55516 थावे-पटना फास्ट पैसेंजर रोजाना थावे से रात 8:05 बजे रवाना होगी और अगले दिन निम्न स्टेशनों पर रुकते हुए पटना पहुंचेगी:

  • गोल्डिनगंज – 00:40 बजे
  • दीघवारा – 01:00 बजे
  • दीघा ब्रिज हाल्ट – 01:55 बजे
  • पाटलिपुत्र – 02:05 बजे
  • फुलवारीशरीफ – 02:25 बजे

यह ट्रेन सुबह 03:20 बजे पटना जंक्शन पहुंचेगी।

 

पुरी-पटना ट्रेन को भी मिला नियमित संचालन

रेलवे यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लगातार नई ट्रेन सेवाएं शुरू कर रहा है। इससे पहले भी यात्रियों की मांग को देखते हुए Puri–Patna Express के नियमित संचालन को मंजूरी दी गई थी।

इस ट्रेन के अनुसार, यह हर शनिवार को दोपहर 2:55 बजे Puri से रवाना होकर अगले दिन सुबह 10:45 बजे पटना पहुंचती है। वहीं वापसी में हर रविवार को दोपहर 1:30 बजे पटना से प्रस्थान करती है।

 

धार्मिक और स्थानीय यात्रियों को मिलेगा लाभ

पटना-थावे फास्ट पैसेंजर ट्रेन शुरू होने से न सिर्फ रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को सुविधा मिलेगी, बल्कि थावे मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को भी काफी राहत मिलेगी। माना जा रहा है कि इस नई ट्रेन सेवा से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन और स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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बिहार में आज भारी बारिश और आंधी का अलर्ट, पटना समेत कई जिलों के लिए IMD की चेतावनी

पटना, एजेंसियां। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार को बिहार के कई जिलों के लिए भारी बारिश, गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज़ हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, पटना, बेतिया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, मधुबनी और आसपास के जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान तेज बारिश और खराब मौसम की संभावना है।   60 से 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं   IMD के अनुसार, कई इलाकों में 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चल सकती हैं। भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, यातायात प्रभावित होने और बिजली गिरने की घटनाओं का खतरा भी बना हुआ है।   लोगों को सतर्क रहने की सलाह   मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने तथा बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। प्रशासन को भी संभावित आपदा से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।   मानसून रहेगा सक्रिय   IMD के अनुसार, सक्रिय मानसून के प्रभाव से बिहार में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रह सकता है। उत्तर बिहार के कई जिलों में भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए गए हैं।

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पटना, एजेंसियां।  बिहार पुलिस में सब-इंस्पेक्टर (SI) बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग (BPSSC) ने गृह विभाग (पुलिस शाखा) के अंतर्गत 150 सब-इंस्पेक्टर पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 9 जुलाई से 9 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। सभी वर्गों के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क 100 रुपये निर्धारित किया गया है।   स्नातक होना अनिवार्य इस भर्ती के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है। आयु और शैक्षणिक योग्यता की गणना 1 अगस्त 2025 को आधार मानकर की जाएगी।   आयु सीमा के अनुसार सामान्य वर्ग के पुरुष उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 37 वर्ष, सामान्य वर्ग की महिलाओं तथा पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों की 40 वर्ष और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 42 वर्ष निर्धारित की गई है।   शारीरिक मानक भी जरूरी सामान्य और पिछड़ा वर्ग के पुरुष अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम लंबाई 165 सेंटीमीटर, जबकि अत्यंत पिछड़ा वर्ग, एससी और एसटी वर्ग के पुरुषों के लिए 160 सेंटीमीटर निर्धारित की गई है। महिला अभ्यर्थियों के लिए सभी वर्गों में न्यूनतम लंबाई 155 सेंटीमीटर तय की गई है। पुरुष उम्मीदवारों के लिए निर्धारित छाती का माप भी अनिवार्य होगा।   तीन चरणों में होगी चयन प्रक्रिया भर्ती प्रक्रिया में सबसे पहले प्रारंभिक परीक्षा आयोजित होगी, जिसमें 200 अंकों के वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे। इसके बाद सफल उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा देनी होगी, जिसमें सामान्य अध्ययन, गणित, तर्कशक्ति, भाषा और बिहार सामान्य ज्ञान के साथ निबंध एवं अनुवाद से जुड़े प्रश्न शामिल होंगे। अंतिम चरण में शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) होगी। तीनों चरणों में सफल अभ्यर्थियों का अंतिम चयन बिहार पुलिस में सब-इंस्पेक्टर पद के लिए किया जाएगा।

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पटना, एजेंसियां।  बिहार में परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देने वाली बहुप्रतीक्षित बुलेट ट्रेन परियोजना को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल गई है। दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर देश की सात नई बुलेट ट्रेन परियोजनाओं में शामिल है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद बिहार से दिल्ली, वाराणसी और सिलीगुड़ी की यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। सबसे बड़ी राहत यह होगी कि पटना से दिल्ली का करीब 1000 किलोमीटर लंबा सफर महज 4 घंटे 41 मिनट में पूरा किया जा सकेगा, जबकि वर्तमान में यही यात्रा सामान्य ट्रेनों से 13 से 15 घंटे में पूरी होती है।   350 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी ट्रेन प्रस्तावित बुलेट ट्रेन लगभग 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से एलिवेटेड ट्रैक पर चलेगी। परियोजना का निर्माण नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) और रेलवे मंत्रालय की देखरेख में किया जाएगा। पूरे कॉरिडोर की लंबाई करीब 1705 किलोमीटर होगी, जिसमें बिहार में लगभग 400 किलोमीटर हाई-स्पीड रेल ट्रैक बनाया जाएगा।   बिहार के कई प्रमुख शहर होंगे जुड़े बुलेट ट्रेन का रूट बिहार में बक्सर, आरा, पटना, मोकामा, कटिहार और किशनगंज जैसे प्रमुख शहरों से होकर गुजरेगा। प्रारंभिक योजना के अनुसार पटना, बक्सर और कटिहार में प्रमुख स्टेशन विकसित किए जाएंगे। पटना का बुलेट ट्रेन स्टेशन लगभग 40 फीट ऊंचाई पर एलिवेटेड बनाया जाएगा। जल्द ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू होने की संभावना है।   यात्रा, रोजगार और विकास को मिलेगा बढ़ावा परियोजना के पूरा होने के बाद पटना से वाराणसी का सफर करीब 50 मिनट और सिलीगुड़ी की यात्रा सिर्फ 2 घंटे 5 मिनट में पूरी होगी। इससे छात्रों, मरीजों, व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा। सरकार का मानना है कि बुलेट ट्रेन कई रूटों पर हवाई यात्रा का किफायती विकल्प भी बनेगी। साथ ही निर्माण कार्य, रेलवे, लॉजिस्टिक्स, होटल और अन्य क्षेत्रों में हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना बिहार में निवेश, व्यापार, पर्यटन और आधारभूत ढांचे के विकास को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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