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Mahavir Jayanti 2026: Significance & Teachings Explained

महावीर जयंती 2026: जैन धर्म का पवित्र पर्व, जानें क्यों खास है यह दिन और क्या है इसका संदेश

surbhi मार्च 31, 2026 0
idol of Lord Mahavira
Mahavir Jayanti Celebration India

आज देशभर में Mahavir Jayanti श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जा रही है। यह दिन जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर Mahavira के जन्मोत्सव के रूप में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि आत्मशुद्धि, संयम और मानवता के मूल्यों को भी दर्शाता है।

भगवान महावीर के सिद्धांत: जीवन को दिशा देने वाले विचार

भगवान महावीर ने अपने जीवन में जिन पांच मूल सिद्धांतों का पालन करने का संदेश दिया, उन्हें ‘पंच महाव्रत’ कहा जाता है। इनमें अहिंसा, सत्य, अस्तेय (चोरी न करना), ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह (संपत्ति का मोह त्यागना) शामिल हैं।

ये सिद्धांत आज भी लोगों को नैतिक, शांतिपूर्ण और संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं, खासकर ऐसे समय में जब भौतिकवाद तेजी से बढ़ रहा है।

देशभर में धार्मिक आयोजन और शोभायात्राएं

महावीर जयंती के अवसर पर जैन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, ध्यान और प्रवचन आयोजित किए जाते हैं। श्रद्धालु भगवान महावीर की प्रतिमा को सुसज्जित रथ में विराजमान कर भव्य शोभायात्राएं निकालते हैं।

प्रभात फेरियां, भक्ति गीत और धार्मिक कार्यक्रमों से वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंग जाता है।

उपवास, दान और सेवा का महत्व

इस दिन श्रद्धालु उपवास रखते हैं, जैन ग्रंथों का पाठ करते हैं और दान-पुण्य के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। जरूरतमंदों की मदद, पशु-पक्षियों के प्रति करुणा और शाकाहार के प्रचार को विशेष महत्व दिया जाता है।

यह पर्व हमें सिखाता है कि सच्ची भक्ति केवल पूजा तक सीमित नहीं, बल्कि सेवा और करुणा में भी निहित है।

शांति और मानवता का संदेश

महावीर जयंती केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि समाज को शांति, सहिष्णुता और आत्मअनुशासन का संदेश देने वाला पर्व है। भगवान महावीर के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने हजारों साल पहले थे।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Devotee reciting Hanuman Chalisa before Lord Hanuman idol with a lit diya during prayer.
हनुमान चालीसा का पाठ क्यों माना जाता है संकटमोचन का उपाय? जानिए धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसके प्रमुख लाभ

हिंदू धर्म में हनुमान चालीसा को सबसे लोकप्रिय और पूजनीय स्तोत्रों में से एक माना जाता है। गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित यह चालीसा भगवान हनुमान की महिमा का वर्णन करती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धा और विश्वास के साथ हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करने से व्यक्ति को मानसिक शक्ति, सकारात्मक ऊर्जा और कठिन परिस्थितियों का सामना करने का साहस मिलता है। हालांकि, इन लाभों का आधार धार्मिक आस्था और परंपराएं हैं, इनके समर्थन में वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। 1. मानसिक तनाव और भय कम करने की मान्यता धार्मिक मान्यता है कि नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करने से मन शांत होता है और भय, चिंता तथा नकारात्मक विचारों से राहत मिलती है। कई श्रद्धालु इसे आत्मविश्वास बढ़ाने और मानसिक संतुलन बनाए रखने का माध्यम मानते हैं। 2. सकारात्मक ऊर्जा का संचार मान्यता है कि हनुमान चालीसा की 40 चौपाइयों का श्रद्धापूर्वक पाठ करने से घर और मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इससे व्यक्ति का मन आध्यात्मिक रूप से मजबूत होता है और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है। 3. ग्रह दोषों से राहत की धार्मिक मान्यता ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में शनि, मंगल या अन्य ग्रहों के प्रतिकूल प्रभाव बताए जाते हैं, उन्हें नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करने की सलाह दी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इससे ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव कम हो सकते हैं। 4. संकट और बाधाओं से रक्षा भगवान हनुमान को 'संकटमोचन' कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा से हनुमान चालीसा का पाठ करने पर जीवन की कठिनाइयों, बाधाओं और भय से मुक्ति मिलने में सहायता मिलती है। यही कारण है कि अनेक श्रद्धालु इसे अपनी दैनिक पूजा का हिस्सा बनाते हैं। हनुमान चालीसा पाठ की पारंपरिक विधि धार्मिक परंपराओं के अनुसार, मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ विशेष फलदायी माना जाता है। पाठ से पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें, भगवान हनुमान के समक्ष दीपक और धूप जलाएं तथा भगवान श्रीराम का स्मरण करने के बाद श्रद्धापूर्वक चालीसा का पाठ करें। आस्था का विषय हनुमान चालीसा का पाठ करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह व्यक्ति को आध्यात्मिक शक्ति और मनोबल प्रदान करता है। हालांकि, इसके प्रभाव व्यक्तिगत विश्वास और धार्मिक आस्था पर आधारित माने जाते हैं।  

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आज किस राशि की बढ़ेंगी नजदीकियां, किसे रखना होगा रिश्तों का ध्यान? जानें 3 जुलाई 2026 का लव राशिफल

नई दिल्ली: 3 जुलाई 2026 का दिन प्रेम संबंधों के लिए सकारात्मक संकेत लेकर आया है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार आज कई राशियों के प्रेम जीवन में विश्वास, संवाद और भावनात्मक जुड़ाव मजबूत होगा। जहां कुछ लोगों के रिश्तों में नई शुरुआत के योग बन रहे हैं, वहीं कुछ को पुराने मतभेद दूर कर संबंधों में मधुरता लाने का अवसर मिलेगा। अविवाहित लोगों के लिए भी नए रिश्तों की शुरुआत के संकेत दिखाई दे रहे हैं। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का आज का लव राशिफल। मेष लव राशिफल आज अपने मन की बात कहने के लिए दिन अनुकूल है। साथी के साथ भावनात्मक नजदीकियां बढ़ेंगी। अविवाहित लोगों को किसी पुराने मित्र के प्रति प्रेम भाव महसूस हो सकता है। वृषभ लव राशिफल रिश्तों में भरोसा और स्थिरता बनी रहेगी। पार्टनर से कोई सुखद समाचार मिल सकता है। नए प्रेम संबंध की शुरुआत के लिए समय शुभ माना जा रहा है। मिथुन लव राशिफल भावनाओं में बहने के बजाय धैर्य रखें। पुराने विवाद सुलझाने का अच्छा अवसर मिलेगा। किसी खास व्यक्ति के प्रति आकर्षण बढ़ सकता है। कर्क लव राशिफल जीवनसाथी या प्रेमी के साथ यादगार समय बिताने का मौका मिलेगा। छोटी यात्रा या रोमांटिक डेट रिश्ते में नई ताजगी और उत्साह ला सकती है। सिंह लव राशिफल पुराने मतभेद समाप्त होने के संकेत हैं। खुलकर बातचीत करने से रिश्ते पहले से अधिक मजबूत होंगे। अविवाहित लोगों को किसी करीबी मित्र के प्रति आकर्षण महसूस हो सकता है। कन्या लव राशिफल प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी। पार्टनर को कोई खास सरप्राइज देकर खुश कर सकते हैं। रिश्तों में विश्वास और भावनात्मक गहराई बढ़ेगी। तुला लव राशिफल आज प्रेम संबंधों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। यदि आप किसी से अपने दिल की बात कहना चाहते हैं, तो आज का दिन आपके लिए अनुकूल है। वृश्चिक लव राशिफल रिश्तों में अहंकार से बचें और साथी की भावनाओं को समझने का प्रयास करें। अविवाहित लोगों की नई दोस्ती भविष्य में प्रेम संबंध का रूप ले सकती है। धनु लव राशिफल आज प्रेम जीवन में रोमांच और उत्साह बना रहेगा। पुराने साथी से मुलाकात के योग बन रहे हैं, जिससे पुरानी यादें एक बार फिर ताजा हो सकती हैं। मकर लव राशिफल पार्टनर के साथ थोड़ी दूरी महसूस हो सकती है, लेकिन खुलकर बातचीत करने से सभी गलतफहमियां दूर हो जाएंगी। अविवाहित लोगों को जल्दबाजी में कोई फैसला लेने से बचना चाहिए। कुंभ लव राशिफल रिश्तों में संतुलन और समझदारी बनाए रखें। सिंगल जातकों के लिए नए आकर्षण के अवसर बन सकते हैं, लेकिन किसी भी रिश्ते में आगे बढ़ने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार करें। मीन लव राशिफल आज प्रेम जीवन शांत, सुखद और संतुलित रहेगा। साथी के साथ बिताया गया समय रिश्ते को और मजबूत बनाएगा। अविवाहित लोगों की किसी खास व्यक्ति से मुलाकात होने की संभावना है। आज का लव टिप: प्रेम संबंधों में विश्वास, सम्मान और खुला संवाद किसी भी रिश्ते की सबसे मजबूत नींव होते हैं। छोटी-छोटी बातों को दिल पर लेने के बजाय एक-दूसरे को समझने की कोशिश करें।  

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Numerology chart with numbers 1 to 9 representing daily numerology predictions for July 1, 2026.
आज का अंक ज्योतिष, 1 जुलाई 2026: मूलांक 1 के लिए करियर में तरक्की के योग, मूलांक 5 को मिलेंगे नए अवसर, जानें सभी मूलांकों का भविष्यफल

Numerology Prediction 1 July 2026: जुलाई महीने का पहला दिन नई ऊर्जा, नए संकल्प और सकारात्मक शुरुआत का संदेश लेकर आया है। अंक ज्योतिष के अनुसार, आज का दिन आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने, रुके हुए कार्यों को पूरा करने और भविष्य की मजबूत नींव रखने के लिए अनुकूल माना जा रहा है। यदि आप कोई नया काम शुरू करना चाहते हैं, निवेश की योजना बना रहे हैं या करियर में आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे हैं, तो आज का दिन कई लोगों के लिए शुभ संकेत लेकर आया है। आइए जानते हैं जन्मतिथि के आधार पर सभी मूलांक (1 से 9) का आज का विस्तृत अंक राशिफल। मूलांक 1 (जन्मतिथि 1, 10, 19, 28) आज का दिन आपके लिए बेहद शुभ रहने वाला है। करियर में नई जिम्मेदारी, प्रमोशन या नए अवसर मिलने की संभावना बन सकती है। आत्मविश्वास आपकी सबसे बड़ी ताकत रहेगा। आर्थिक मामलों में भी योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ना लाभदायक रहेगा। लकी नंबर: 1, 9 लकी रंग: लाल, गोल्डन आज का सुझाव: अपने आत्मविश्वास को बनाए रखें, सफलता आपके कदम चूम सकती है। मूलांक 2 (जन्मतिथि 2, 11, 20, 29) आज धैर्य और समझदारी से लिए गए फैसले आपके लिए फायदेमंद साबित होंगे। टीमवर्क और पारिवारिक सहयोग से रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी से बचें। लकी नंबर: 2, 9 लकी रंग: सफेद, हल्का नीला आज का सुझाव: शांत मन से लिया गया निर्णय बेहतर परिणाम देगा। मूलांक 3 (जन्मतिथि 3, 12, 21, 30) रचनात्मक कार्यों और नए आइडिया पर काम करने के लिए आज का दिन अच्छा रहेगा। आपकी संवाद शैली लोगों को प्रभावित करेगी। यदि किसी नए प्रोजेक्ट की शुरुआत करना चाहते हैं तो समय अनुकूल है। लकी नंबर: 3, 1 लकी रंग: पीला, नारंगी आज का सुझाव: अपने विचार खुलकर रखें, सफलता मिलने की संभावना बढ़ेगी। मूलांक 4 (जन्मतिथि 4, 13, 22, 31) आज अनुशासन और सही योजना आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेगी। कार्यक्षेत्र में व्यवस्थित ढंग से काम करने पर अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में बचत पर ध्यान देना लाभकारी रहेगा। लकी नंबर: 4, 1 लकी रंग: ग्रे, नीला आज का सुझाव: समय प्रबंधन और अनुशासन से लक्ष्य जल्दी हासिल होंगे। मूलांक 5 (जन्मतिथि 5, 14, 23) आज अचानक नए अवसर सामने आ सकते हैं। नौकरी, व्यापार या नए संपर्कों के जरिए लाभ मिलने की संभावना है। हालांकि निवेश या खरीदारी सोच-समझकर करें। लकी नंबर: 5, 9 लकी रंग: हरा, टरक्वॉइज आज का सुझाव: बदलावों का स्वागत करें, नए अवसर सफलता दिला सकते हैं। मूलांक 6 (जन्मतिथि 6, 15, 24) आज रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी। परिवार और प्रियजनों के साथ समय बिताने से मानसिक शांति मिलेगी। कार्यस्थल पर सहयोगात्मक रवैया आपकी छवि मजबूत करेगा। लकी नंबर: 6, 1 लकी रंग: गुलाबी, क्रीम आज का सुझाव: अपनों के साथ बिताया गया समय आपको नई ऊर्जा देगा। मूलांक 7 (जन्मतिथि 7, 16, 25) आज आत्ममंथन और सोच-समझकर फैसले लेने का दिन है। किसी भी बड़े निर्णय से पहले पूरी जानकारी जुटाएं। जल्दबाजी से बचें और अपने अंतर्मन की आवाज पर भरोसा करें। लकी नंबर: 7, 9 लकी रंग: इंडिगो, पर्पल आज का सुझाव: धैर्य और एकाग्रता आपको सही दिशा दिखाएगी। मूलांक 8 (जन्मतिथि 8, 17, 26) आज आपकी मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिल सकता है। करियर में आगे बढ़ने और आर्थिक लाभ मिलने के अच्छे संकेत हैं। काम का दबाव रहेगा, लेकिन आप उसे सफलतापूर्वक संभाल पाएंगे। लकी नंबर: 8, 1 लकी रंग: नेवी ब्लू, काला आज का सुझाव: अपनी क्षमता पर विश्वास रखें और मेहनत जारी रखें। मूलांक 9 (जन्मतिथि 9, 18, 27) आज पुरानी बातों को पीछे छोड़कर नई शुरुआत करने का समय है। अधूरे कार्य पूरे करें और भविष्य की योजनाओं पर ध्यान दें। स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन का भी ध्यान रखें। लकी नंबर: 9, 1 लकी रंग: मैरून, लाल आज का सुझाव: अतीत से सीख लें, लेकिन भविष्य की ओर आगे बढ़ें।  

surbhi जुलाई 1, 2026 0
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