आज बुधवार, 22 जुलाई 2026 को आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है। आज का दिन भगवान गणेश जी की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। पंचांग के अनुसार आज स्वाति नक्षत्र रात्रि 11:03 बजे तक रहेगा, इसके बाद विशाखा नक्षत्र का आरंभ होगा। वहीं साध्य योग सायं 6:42 बजे तक रहेगा, इसके बाद शुभ योग शुरू हो जाएगा।
आज चंद्रमा पूरे दिन तुला राशि में संचार करेंगे, जबकि सूर्य कर्क राशि में स्थित रहेंगे।
ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 3:55 बजे से 4:41 बजे तक
अमृत काल
दोपहर 1:26 बजे से 3:11 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त
आज उपलब्ध नहीं है।
बुधवार के दिन भगवान श्री गणेश को दूर्वा अर्पित करें, मोदक का भोग लगाएं और श्रद्धापूर्वक गणेश चालीसा का पाठ करें। मान्यता है कि इससे विघ्न-बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
Numerology Prediction 22 July 2026: 22 जुलाई 2026 का दिन अंक 4 की ऊर्जा और वर्ष 2026 के अंक 3 के प्रभाव का विशेष संयोग लेकर आया है। यह दिन बताता है कि केवल बड़े सपने देखना ही काफी नहीं, बल्कि उन्हें साकार करने के लिए अनुशासन, सही योजना और निरंतर मेहनत भी जरूरी है। आज लिया गया हर सोच-समझकर किया गया फैसला भविष्य की मजबूत नींव बन सकता है। करियर, कारोबार, धन और पारिवारिक जीवन में स्थिरता पाने के लिए यह दिन सकारात्मक संकेत दे रहा है। मूलांक 1 आज नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। धैर्य और आत्मविश्वास के साथ काम करेंगे तो सफलता आपके कदम चूमेगी। टीमवर्क आपके लिए लाभदायक रहेगा। समय पर भोजन करें और पर्याप्त आराम भी लें। लकी नंबर: 1, 4 लकी रंग: गोल्ड, ब्राउन मूलांक 2 योजनाबद्ध तरीके से किए गए कार्यों में सफलता मिलेगी। साझेदारी और टीमवर्क में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। रिश्तों में संवाद बढ़ाएं और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर चर्चा करें। लकी नंबर: 2, 4 लकी रंग: व्हाइट, लाइट ग्रीन मूलांक 3 रचनात्मक कार्यों, लेखन, शिक्षा और कला से जुड़े लोगों के लिए दिन अनुकूल रहेगा। कई काम एक साथ शुरू करने की बजाय एक समय में एक कार्य पूरा करने पर ध्यान दें। लकी नंबर: 3, 4 लकी रंग: येलो, ग्रीन मूलांक 4 आज स्वास्थ्य और दिनचर्या को प्राथमिकता दें। भविष्य की योजनाएं बनाने और कामकाज को व्यवस्थित करने के लिए समय अनुकूल है। परिवार के साथ समय बिताएं और अपनी भावनाएं व्यक्त करें। लकी नंबर: 4, 3 लकी रंग: ब्राउन, ग्रे मूलांक 5 आज नेटवर्किंग, नए संपर्क बनाने और प्रोफेशनल बातचीत के लिए बेहतरीन दिन है। किसी भी निवेश से पहले पूरी जानकारी जरूर लें। व्यस्तता के बीच आराम के लिए भी समय निकालें। लकी नंबर: 5, 4 लकी रंग: ग्रीन, स्काई ब्लू मूलांक 6 परिवार और करियर दोनों में संतुलन बनाए रखना जरूरी रहेगा। योजनाबद्ध तरीके से किए गए कार्यों में सफलता मिलेगी। दूसरों की मदद करें लेकिन अपनी जरूरतों को भी नजरअंदाज न करें। लकी नंबर: 6, 4 लकी रंग: पिंक, क्रीम मूलांक 7 आज आत्ममंथन और गहराई से सोचने का दिन है। रिश्तों में खुलकर अपनी भावनाएं व्यक्त करें। ध्यान और मेडिटेशन मानसिक शांति प्रदान करेगा। लकी नंबर: 7, 4 लकी रंग: इंडिगो, ग्रे मूलांक 8 मेहनत और अनुशासन का पूरा लाभ मिलेगा। निवेश, वित्तीय योजना और लंबे समय के लक्ष्यों पर काम करने के लिए दिन अच्छा है। निजी और पेशेवर जीवन में संतुलन बनाए रखें। लकी नंबर: 8, 4 लकी रंग: नेवी ब्लू, ब्राउन मूलांक 9 आज पुरानी नाराजगियों को पीछे छोड़कर नई शुरुआत करने का समय है। टीमवर्क से सम्मान और सफलता मिलेगी। ध्यान और व्यायाम से मानसिक शांति बनी रहेगी। लकी नंबर: 9, 4 लकी रंग: रेड, मैरून
नई दिल्ली: 21 जुलाई 2026 का दिन अंक 3 की सकारात्मक ऊर्जा और वर्ष 2026 (अंक 2) के सहयोगात्मक प्रभाव का सुंदर मेल लेकर आया है। आज का दिन आत्मविश्वास के साथ अपने विचार व्यक्त करने, नई चीजें सीखने और टीम के साथ मिलकर काम करने के लिए बेहद अनुकूल माना जा रहा है। यदि आप अपनी बात स्पष्ट और सकारात्मक ढंग से रखते हैं, तो सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। साथ ही दूसरों की भावनाओं और विचारों का सम्मान करना भी आज आपके लिए लाभदायक रहेगा। मूलांक 1 (जन्मतिथि: 1, 10, 19, 28) आज आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखें, लेकिन साथियों की सलाह को भी महत्व दें। टीमवर्क आपके लिए लाभदायक रहेगा। काम के बीच थोड़ा आराम करें और अपनों के साथ खुलकर संवाद करें। आपकी नेतृत्व क्षमता आज लोगों को प्रभावित करेगी। लकी नंबर: 1, 3 लकी रंग: गोल्ड, येलो मूलांक 2 (जन्मतिथि: 2, 11, 20, 29) आज रिश्तों में खुलकर बातचीत करने का दिन है। कार्यस्थल पर आपकी संवाद क्षमता आपको नई सफलता दिला सकती है। पुरानी गलतफहमियां दूर करने का यह सही समय है। संगीत, ध्यान या परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक शांति मिलेगी। लकी नंबर: 2, 3 लकी रंग: व्हाइट, लाइट ब्लू मूलांक 3 (जन्मतिथि: 3, 12, 21, 30) आज कार्यक्षेत्र का माहौल सकारात्मक और खुशनुमा रहेगा। आपकी रचनात्मकता और बोलने का अंदाज लोगों को प्रभावित करेगा। लेखन, शिक्षा और कला से जुड़े लोगों के लिए दिन विशेष रूप से शुभ है। समय का सही प्रबंधन करें और नई चीजें सीखने के लिए तैयार रहें। लकी नंबर: 3, 2 लकी रंग: येलो, ग्रीन मूलांक 4 (जन्मतिथि: 4, 13, 22, 31) आज पुराने तरीकों से हटकर कुछ नया करने की कोशिश करें। किसी सहकर्मी का सुझाव आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। काम के साथ आराम भी जरूरी है। परिवार के साथ भावनाएं साझा करने से रिश्ते मजबूत होंगे। लकी नंबर: 4, 3 लकी रंग: ग्रे, स्काई ब्लू मूलांक 5 (जन्मतिथि: 5, 14, 23) बातचीत और नेटवर्किंग के जरिए तरक्की के नए अवसर मिल सकते हैं। निवेश करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें। दोस्तों से मुलाकात या बातचीत मन को प्रसन्न रखेगी। सोच-समझकर फैसले लें। लकी नंबर: 5, 3 लकी रंग: ग्रीन, एक्वा मूलांक 6 (जन्मतिथि: 6, 15, 24) योजना बनाकर किया गया काम आपको सफलता दिलाएगा। परिवार के साथ समय बिताने से रिश्तों में मिठास बढ़ेगी। दूसरों की मदद करें, लेकिन अपनी जरूरतों को भी नजरअंदाज न करें। मानसिक शांति बनाए रखें। लकी नंबर: 6, 2 लकी रंग: पिंक, क्रीम मूलांक 7 (जन्मतिथि: 7, 16, 25) रिसर्च, अध्ययन और नए विषयों को समझने के लिए दिन शुभ है। अपने निर्णय लेते समय अंतर्मन की आवाज पर भरोसा करें। रिश्तों में खुलकर बातचीत करने से गलतफहमियां दूर होंगी और विश्वास मजबूत होगा। लकी नंबर: 7, 2 लकी रंग: वॉयलेट, लाइट ब्लू मूलांक 8 (जन्मतिथि: 8, 17, 26) आज धैर्य और मेहनत आपकी सबसे बड़ी ताकत रहेंगे। भविष्य की योजनाएं बनाने और निवेश पर विचार करने के लिए दिन अनुकूल है। निजी जीवन और काम के बीच संतुलन बनाए रखें। धैर्य से किया गया प्रयास लंबे समय तक सफलता देगा। लकी नंबर: 8, 2 लकी रंग: नेवी ब्लू, ग्रे मूलांक 9 (जन्मतिथि: 9, 18, 27) आज टीमवर्क आपके लिए सफलता की कुंजी साबित होगा। नेतृत्व क्षमता से आपको पहचान मिलेगी। पुरानी नाराजगी छोड़कर रिश्तों में नई शुरुआत करें। ध्यान और व्यायाम मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करेंगे। लकी नंबर: 9, 3 लकी रंग: रेड, येलो आज का संदेश आज का दिन यह सिखाता है कि स्पष्ट संवाद, सकारात्मक सोच और सामूहिक प्रयास किसी भी लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अपने विचारों को आत्मविश्वास के साथ रखें, दूसरों को सुनें और हर अवसर का सकारात्मक उपयोग करें।
हिंदू धर्म में पूजा के दौरान दीपक जलाना शुभ और मंगलकारी माना जाता है। मान्यता है कि दीपक की लौ केवल प्रकाश ही नहीं देती, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का भी प्रतीक होती है। कई धार्मिक मान्यताओं और लोकविश्वासों के अनुसार, पूजा के समय दीपक की लौ में बनने वाली कुछ आकृतियां जीवन से जुड़े शुभ-अशुभ संकेत भी दे सकती हैं। ज्योतिष एवं वास्तु से जुड़े पारंपरिक मतों के अनुसार, दीपक की लौ में बनने वाली आकृतियों को दैवीय संकेत माना जाता है। हालांकि, इन मान्यताओं का वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है और इन्हें धार्मिक आस्था एवं परंपरागत विश्वास के रूप में ही देखा जाना चाहिए। आइए जानते हैं कि दीपक की लौ में दिखाई देने वाली अलग-अलग आकृतियों का पारंपरिक अर्थ क्या माना जाता है। दीपक की लौ में दिखने वाले शुभ संकेत त्रिशूल, ॐ या स्वास्तिक जैसी आकृति धार्मिक मान्यता के अनुसार यदि दीपक की लौ में त्रिशूल, ॐ या स्वास्तिक जैसी आकृति दिखाई दे, तो इसे अत्यंत शुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि यह ईश्वर की विशेष कृपा और सकारात्मक ऊर्जा का संकेत हो सकता है। साथ ही जीवन में चल रही बाधाएं धीरे-धीरे दूर होने की संभावना मानी जाती है। फूल जैसी आकृति यदि लौ में कमल या गुलाब जैसे फूल की आकृति प्रतीत हो, तो पारंपरिक मान्यता के अनुसार यह इस बात का संकेत माना जाता है कि आपकी पूजा-आराधना स्वीकार हो रही है। इसे आने वाले शुभ समाचार और मनोकामनाओं की पूर्ति से भी जोड़ा जाता है। हंस या मोर की आकृति हंस और मोर दोनों को भारतीय संस्कृति में शुभता, ज्ञान और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। यदि दीपक की लौ में ऐसी आकृति दिखाई दे, तो इसे परिवार में सुख-शांति, प्रेम और मानसिक संतुलन का संकेत माना जाता है। भगवान गणेश जैसी आकृति यदि लौ में भगवान गणेश का स्वरूप प्रतीत हो, तो धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह कार्यों में आ रही बाधाओं के दूर होने और नए शुभ कार्यों के सफल होने का संकेत माना जाता है। दीपक की लौ में दिखाई देने वाले सतर्क करने वाले संकेत दो भागों में बंटी हुई लौ यदि दीपक की लौ बीच से दो हिस्सों में विभाजित दिखाई दे, तो पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इसे शुभ नहीं माना जाता। इसे परिवार में मतभेद, आर्थिक चुनौतियों या किसी प्रकार की अस्थिरता का संकेत माना जाता है। बिना हवा के काला धुआं निकलना यदि वातावरण शांत होने के बावजूद दीपक से लगातार काला धुआं निकल रहा हो, तो लोकमान्यताओं के अनुसार इसे नकारात्मक ऊर्जा का संकेत माना जाता है। ऐसी स्थिति में घर की साफ-सफाई, सकारात्मक वातावरण और पूजा-पाठ पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है। लगातार फड़फड़ाती हुई लौ यदि दीपक की लौ बिना स्पष्ट कारण के लगातार तेज़ी से कांपती या फड़फड़ाती रहे, तो इसे आने वाली चुनौतियों, अनावश्यक खर्चों या स्वास्थ्य संबंधी सावधानी बरतने का संकेत माना जाता है। ध्यान रखने योग्य बात धार्मिक मान्यताएं व्यक्ति की आस्था और परंपराओं पर आधारित होती हैं। दीपक की लौ में दिखाई देने वाली आकृतियों को लेकर अलग-अलग क्षेत्रों और परंपराओं में अलग-अलग मान्यताएं प्रचलित हैं। इन्हें भविष्य की निश्चित भविष्यवाणी या वैज्ञानिक तथ्य नहीं माना जाना चाहिए। सकारात्मक सोच, सत्कर्म और नियमित पूजा ही जीवन में मानसिक शांति और आत्मविश्वास का आधार बनते हैं।