फैशन और ब्यूटी

Best Lightweight Moisturisers for Summer

गर्मियों में चिपचिपाहट नहीं, चाहिए हल्की हाइड्रेशन? ये 7 Lightweight Moisturisers बन सकते हैं आपकी स्किन के बेस्ट फ्रेंड

surbhi मई 15, 2026 0
Lightweight gel moisturisers and skincare products arranged for summer hydration and glowing healthy skin
Best Lightweight Moisturisers for Summer

गर्मियों के मौसम में हैवी क्रीम और ऑयली मॉइश्चराइज़र अक्सर स्किन को चिपचिपा और अनकम्फर्टेबल बना देते हैं। ऐसे में लोग ऐसे प्रोडक्ट्स की तलाश करते हैं जो स्किन को हाइड्रेट तो रखें लेकिन भारी महसूस न हों।

आजकल मार्केट में कई ऐसे lightweight moisturisers मौजूद हैं, जिनकी जेल, वॉटर-बेस्ड और माइक्रोइमल्शन टेक्सचर स्किन में जल्दी एब्जॉर्ब हो जाती है और लंबे समय तक फ्रेशनेस बनाए रखती है।

इन मॉइश्चराइजर्स में Hyaluronic Acid, Ceramides, Aloe Vera और Ectoin जैसे इंग्रेडिएंट्स स्किन बैरियर को मजबूत करने, रेडनेस कम करने और डिहाइड्रेशन से बचाने में मदद करते हैं।

यहां जानिए ऐसे 7 lightweight moisturisers के बारे में जो गर्मियों में स्किन के लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकते हैं।

1. The Ordinary Rice Lipids + Ectoin Microemulsion

यह अल्ट्रा-लाइट माइक्रोइमल्शन स्किन को बिना ऑयली बनाए डीप हाइड्रेशन देता है।

खास खूबियां:

  • Rice Lipids और Jojoba Oil से स्किन बैरियर मजबूत
  • Ectoin से रेडनेस और इरिटेशन कम
  • Humid मौसम में भी नॉन-ग्रीसी फिनिश

यह खासतौर पर sensitive और acne-prone स्किन के लिए अच्छा माना जाता है।

2. d'you Inbalance Soothing Milky Tonic

यह प्रोडक्ट टोनर और lightweight moisturiser का कॉम्बिनेशन है।

क्यों है खास?

  • ओवरहीटेड और irritated skin को soothe करता है
  • Sunscreen और makeup के नीचे आसानी से लेयर हो जाता है
  • Fluid texture स्किन पर बेहद हल्का महसूस होता है

3. Clinique Moisture Surge 100H Auto-Replenishing Hydrator

गर्मियों के लिए सबसे लोकप्रिय oil-free gel creams में से एक।

मुख्य फायदे:

  • Aloe Bio-Ferment और Hyaluronic Acid से लंबे समय तक hydration
  • Cooling effect देता है
  • Sticky weather में भी हल्का महसूस होता है

4. Neutrogena Hydro Boost Water Gel

यह water-gel moisturiser oily और combination skin वालों के बीच काफी पसंद किया जाता है।

इसकी खूबियां:

  • त्वचा में तेजी से absorb होता है
  • Shine या residue नहीं छोड़ता
  • गर्मियों में instant freshness देता है

5. Forest Essentials Light Hydrating Facial Gel

अगर आप cooling और minimalist skincare पसंद करते हैं, तो यह अच्छा विकल्प हो सकता है।

क्या है खास?

  • Aloe Vera बेस्ड फॉर्मूला
  • Non-sticky और fast-absorbing texture
  • Acne-prone skin के लिए उपयुक्त

6. Innisfree Green Tea Ceramide Cream

यह moisturiser hydration और barrier repair का अच्छा बैलेंस देता है।

मुख्य फायदे:

  • Green Tea Ceramides से स्किन मजबूत
  • Environmental stress से सुरक्षा
  • Nourishing होने के बावजूद breathable feel

7. belif The True Cream Aqua Bomb

यह जेल मॉइश्चराइज़र गर्मियों में instant cooling effect देने के लिए जाना जाता है।

क्यों पसंद किया जाता है?

  • Niacinamide और Hyaluronic Acid से hydration
  • Skin को fresh और dewy लुक देता है
  • Heatwave और humid मौसम के लिए अच्छा विकल्प

गर्मियों में मॉइश्चराइज़र चुनते समय किन बातों का रखें ध्यान?

  • Gel या water-based formulas चुनें
  • Non-comedogenic products लें
  • Hyaluronic Acid और Ceramides वाले options बेहतर रहते हैं
  • Heavy oils और thick creams से बचें
Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

फैशन और ब्यूटी

View more
Woman experiencing skin irritation and burning sensation after applying moisturizer on sensitive facial skin
मॉइश्चराइजर लगाते ही होने लगती है जलन? आपकी त्वचा दे रही है ये अहम संकेत, भूलकर भी न करें नजरअंदाज

ग्लोइंग और हेल्दी स्किन के लिए मॉइश्चराइजर को स्किनकेयर रूटीन का सबसे जरूरी हिस्सा माना जाता है। लेकिन अगर वही मॉइश्चराइजर लगाते ही त्वचा में जलन, चुभन या तीखापन महसूस होने लगे, तो यह सामान्य बात नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थिति में आपकी त्वचा किसी गहरी समस्या का संकेत दे रही होती है। मॉइश्चराइजर से जलन क्यों होती है? त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार, जब मॉइश्चराइजर लगाने पर जलन महसूस होती है तो इसका सबसे बड़ा कारण स्किन बैरियर का कमजोर या क्षतिग्रस्त होना हो सकता है। स्किन बैरियर त्वचा की बाहरी सुरक्षा परत होती है, जो नमी को बनाए रखने और बाहरी हानिकारक तत्वों को अंदर जाने से रोकने का काम करती है। जब यह सुरक्षा परत कमजोर हो जाती है, तब सामान्य और हल्के उत्पाद भी त्वचा में चुभन या जलन पैदा कर सकते हैं। पहले ठीक लगने वाले उत्पाद अचानक क्यों करने लगते हैं परेशान? स्किन बैरियर खराब होने पर कई ऐसे तत्व भी त्वचा को परेशान कर सकते हैं जो पहले किसी तरह की समस्या नहीं पैदा करते थे। इनमें रेटिनॉल, विटामिन-सी, नियासिनामाइड, लैक्टिक एसिड, एएचए, सुगंध वाले उत्पाद और कुछ केमिकल सनस्क्रीन शामिल हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि ये तत्व अपने आप में खराब नहीं होते, लेकिन संवेदनशील या क्षतिग्रस्त त्वचा पर इनका असर अलग हो सकता है। क्या मॉइश्चराइजर लगाने पर हल्की चुभन सामान्य है? विशेषज्ञ बताते हैं कि बहुत ज्यादा रूखी त्वचा, हाल ही में एक्सफोलिएशन कराने, शेविंग के बाद या त्वचा में पहले से मौजूद जलन की स्थिति में कुछ सेकंड की हल्की झनझनाहट महसूस हो सकती है। हालांकि अगर यह जलन बार-बार हो रही है या लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसे सामान्य नहीं माना जाना चाहिए। स्किन बैरियर खराब होने के पीछे ये आदतें हैं जिम्मेदार त्वचा की सुरक्षा परत अचानक नहीं टूटती। कई छोटी-छोटी गलतियां धीरे-धीरे इसे नुकसान पहुंचाती हैं। इनमें शामिल हैं: जरूरत से ज्यादा एक्सफोलिएशन करना एक साथ कई एक्टिव इंग्रीडिएंट्स का इस्तेमाल बार-बार चेहरा धोना कठोर फेसवॉश का उपयोग लगातार नए-नए स्किनकेयर उत्पाद बदलना पर्याप्त सनस्क्रीन न लगाना बहुत गर्म पानी से चेहरा धोना विशेषज्ञों का मानना है कि अधिकतर लोगों के लिए क्लेंजिंग, मॉइश्चराइजिंग और सन प्रोटेक्शन पर आधारित सरल स्किनकेयर रूटीन ही पर्याप्त होता है। स्किन बैरियर को कैसे करें रिपेयर? अगर आपकी त्वचा मॉइश्चराइजर से जलन महसूस करा रही है, तो सबसे पहले स्किनकेयर रूटीन को सरल बनाना जरूरी है। कुछ दिनों के लिए रेटिनॉल, विटामिन-सी, ग्लाइकोलिक एसिड, सैलिसिलिक एसिड, स्क्रब और केमिकल पील जैसे एक्टिव उत्पादों का इस्तेमाल बंद कर दें। इसके बजाय: माइल्ड क्लेंजर का उपयोग करें सेरामाइड्स युक्त बैरियर-रिपेयर मॉइश्चराइजर लगाएं मिनरल सनस्क्रीन चुनें सुगंध वाले उत्पादों से दूरी बनाएं गर्म पानी की जगह गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें कब डॉक्टर से मिलना जरूरी है? यदि मॉइश्चराइजर लगाने पर लगातार जलन बनी रहती है, तो यह एक्जिमा, रोसैशिया या डर्मेटाइटिस जैसी त्वचा संबंधी बीमारियों का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। ऐसी स्थिति में घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है। कम उत्पाद, ज्यादा फायदा आजकल लंबी और जटिल स्किनकेयर रूटीन का चलन तेजी से बढ़ा है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि हर त्वचा को दर्जनों उत्पादों की जरूरत नहीं होती। कई बार कम उत्पादों वाला संतुलित रूटीन ही त्वचा को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने का सबसे प्रभावी तरीका साबित होता है। यदि आपका मॉइश्चराइजर अचानक चुभने लगे, तो नया प्रोडक्ट खरीदने से पहले अपनी त्वचा की वास्तविक जरूरतों को समझना ज्यादा जरूरी है।  

surbhi जून 13, 2026 0
Woman applying brow gel to shape and style her eyebrows during a daily makeup routine.

क्या रोज़ाना ब्रो जेल लगाने से आइब्रो को नुकसान हो सकता है? जानिए एक्सपर्ट की राय

Woman managing oily hair with styling products instead of washing it daily.

रोज़ बाल धोना संभव नहीं? जानिए ऑयली और चिपचिपे बालों को मैनेज करने के आसान और असरदार तरीके

Wamiqa Gabbi stuns in a metallic Banarasi lehenga with cowrie shells and oversized sequins.

वामिका गब्बी का बनारसी लहंगा बना चर्चा का विषय, कौड़ी शेल और बड़े सीक्विन्स ने दिया यूनिक टच

Modern Indian women shopping for gold and diamond jewellery to celebrate personal achievements.
अब विरासत या शादी का इंतजार नहीं, भारतीय महिलाएं खुद खरीद रही हैं डायमंड और गोल्ड ज्वेलरी

भारत में लंबे समय तक सोना और हीरे की ज्वेलरी महिलाओं के जीवन में विरासत, शादी या किसी खास पारिवारिक समारोह के जरिए आती रही है। लेकिन अब तस्वीर तेजी से बदल रही है। नई पीढ़ी की महिलाएं किसी गिफ्ट या प्रस्ताव का इंतजार करने के बजाय अपनी मेहनत की कमाई से खुद के लिए फाइन ज्वेलरी खरीद रही हैं। अब ज्वेलरी सिर्फ भावनात्मक या पारिवारिक धरोहर नहीं रह गई है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता, उपलब्धि और व्यक्तिगत पसंद का प्रतीक बनती जा रही है। पहली सैलरी से खुद को दे रही हैं खास तोहफा कई युवा महिलाएं अपनी पहली नौकरी या किसी बड़े करियर माइलस्टोन को यादगार बनाने के लिए खुद को ज्वेलरी गिफ्ट कर रही हैं। 24 वर्षीय कम्युनिकेशन स्ट्रैटेजिस्ट इंद्राणी भट्टाचार्जी ने अपनी पहली सैलरी से खुद के लिए सोने की अंगूठी खरीदी। उनके मुताबिक, यह अनुभव उन्हें आर्थिक स्वतंत्रता का अहसास दिलाने वाला था। वहीं 29 वर्षीय कंटेंट राइटर प्राची गोडबोले ने अपनी पहली नौकरी मिलने के बाद खुद को लैब-ग्रोन डायमंड ब्रेसलेट गिफ्ट किया। उनके अनुसार, पहले हीरे सिर्फ सगाई या शादी से जुड़े प्रतीक लगते थे, लेकिन अब वे रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गए हैं। उपलब्धियों का जश्न बन रही है ज्वेलरी 35 वर्षीय फैशन डिजाइनर दीक्षा जायसवाल ने कई वर्षों तक बचत करने के बाद कोच्चि के एक ज्वेलर से अपने लिए 18 कैरेट गोल्ड और 5 कैरेट रूबी वाली कस्टम रिंग बनवाई। उनका कहना है कि किसी और के गिफ्ट का इंतजार करने के बजाय खुद को यह अवसर देना अपने आप में एक उपलब्धि थी। रिपोर्ट में भी सामने आया नया ट्रेंड BoF-McKinsey State of Fashion 2026 रिपोर्ट के अनुसार, 42 प्रतिशत महिलाएं पहले की तुलना में अब खुद के लिए ज्यादा ज्वेलरी खरीद रही हैं। यह ट्रेंड आने वाले वर्षों में ज्वेलरी इंडस्ट्री की सबसे बड़ी ग्रोथ ड्राइवर्स में से एक माना जा रहा है। रोजमर्रा की जिंदगी के लिए चुन रही हैं हल्की और उपयोगी ज्वेलरी आज की महिलाएं भारी पारंपरिक गहनों की जगह ऐसी फाइन ज्वेलरी पसंद कर रही हैं, जिन्हें रोजाना पहना जा सके। कई बिजनेस वुमन और प्रोफेशनल महिलाओं का मानना है कि लॉकर में बंद रहने वाले भारी गहनों की बजाय हल्के, स्टाइलिश और बहुउपयोगी डिजाइन ज्यादा व्यावहारिक हैं। लैब-ग्रोन डायमंड बने युवाओं की पसंद महंगे प्राकृतिक हीरों के मुकाबले लैब-ग्रोन डायमंड युवा महिलाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। इनकी शुरुआती कीमत 6,000 से 10,000 रुपये के बीच होने के कारण यह एक किफायती विकल्प बनकर उभरे हैं। कई महिलाएं अब अपनी पसंद, जीवन के नए अध्याय या व्यक्तिगत उपलब्धियों को यादगार बनाने के लिए कस्टमाइज्ड रिंग्स और डायमंड ज्वेलरी खरीद रही हैं। ज्वेलरी का बदलता मतलब जहां पहले ज्वेलरी किसी रिश्ते, विरासत या समारोह का प्रतीक होती थी, वहीं अब यह महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता, आत्मविश्वास और व्यक्तिगत पहचान का हिस्सा बनती जा रही है। अब महिलाएं सिर्फ ज्वेलरी पाने का इंतजार नहीं कर रहीं, बल्कि अपनी शर्तों पर, अपने समय पर और अपनी कमाई से उसे चुन रही हैं।  

surbhi जून 9, 2026 0
Rashmika Mandanna in blue shirt, pinstripe trousers and vintage Givenchy tie at Cocktail 2 promotion

रश्मिका मंदाना का जेंडर-न्यूट्रल फैशन स्टेटमेंट बना चर्चा का विषय

Janhvi Kapoor flaunts a chic Miu Miu balloon skirt look with Y2K-inspired styling and accessories.

Janhvi Kapoor ने Miu Miu के स्टाइलिश Balloon Skirt लुक से बिखेरा Y2K फैशन का जादू

Kriti Sanon flaunts a black-and-white Nensi Dojaka maxi dress at the Cocktail 2 trailer launch.

Kriti Sanon ने Cocktail 2 के प्रमोशन में पहनी Nensi Dojaka की स्टाइलिश मोनोक्रोम मैक्सी ड्रेस, ग्लैमरस लुक ने खींचा ध्यान

Collection of solid perfumes in compact cases designed for travel and everyday fragrance use
परफ्यूम की नई दुनिया: अब बैग में रखें सॉलिड परफ्यूम, बिना स्प्रे के घंटों रहेगी खुशबू

अगर आप दिनभर की भागदौड़ के बीच अपनी पसंदीदा खुशबू को लंबे समय तक बनाए रखना चाहते हैं, तो सॉलिड परफ्यूम आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं। पारंपरिक परफ्यूम की भारी कांच की बोतलों और बार-बार स्प्रे करने की झंझट से अलग, सॉलिड परफ्यूम छोटे, सुविधाजनक और ट्रैवल-फ्रेंडली होते हैं। इनका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इन्हें सीधे पल्स पॉइंट्स पर लगाया जाता है, जिससे खुशबू नियंत्रित रहती है और आसपास के लोगों को परेशान किए बिना लंबे समय तक बनी रहती है। मोम, तेल और बटर बेस्ड फॉर्मूला होने के कारण ये त्वचा पर धीरे-धीरे एक्टिव होते हैं और सामान्य स्प्रे परफ्यूम की तुलना में ज्यादा समय तक टिक सकते हैं। क्यों बढ़ रही है सॉलिड परफ्यूम की लोकप्रियता? आज की व्यस्त जीवनशैली में सुबह लगाया गया परफ्यूम अक्सर शाम तक फीका पड़ जाता है। यात्रा, पसीना, एयर कंडीशनिंग और लंबे कार्यदिवस के कारण खुशबू की तीव्रता कम हो जाती है। ऐसे में सॉलिड परफ्यूम दिन के दौरान आसान टच-अप का विकल्प बनकर उभरे हैं। इनकी खास बात यह है कि इनमें लीकेज का डर नहीं होता, ओवर-स्प्रे की समस्या नहीं होती और इन्हें आसानी से हैंडबैग या पॉकेट में रखा जा सकता है। 6 सॉलिड परफ्यूम जो आपके बैग में होने चाहिए 1. Diptyque Orphéon Solid Perfume यह रिफिलेबल कॉम्पैक्ट पैक में आता है और इसमें सीडर, टोंका बीन, जुनिपर बेरी और जैस्मिन की खुशबू का मिश्रण मिलता है। इसकी वुडी और स्मोकी फ्रेगरेंस इसे बेहद प्रीमियम बनाती है। 2. Dior Miss Dior Mini Miss लगभग ₹7,700 कीमत वाला यह लग्जरी फ्रेगरेंस स्टिक रोज और सैंडलवुड नोट्स के साथ आता है। इसका स्लिम डिज़ाइन इसे लिपस्टिक जैसा लुक देता है, जिससे इसे कहीं भी आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है। 3. The Bare Bar Colors of Autumn ₹499 की कीमत वाला यह बजट-फ्रेंडली विकल्प गर्म, मसालेदार और वुडी खुशबू पसंद करने वालों के लिए बेहतरीन है। इसका टिन पैक इसे रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए आदर्श बनाता है। 4. Forest Essentials Parijat ₹4,200 की कीमत वाला यह अल्कोहल-फ्री सॉलिड परफ्यूम पारिजात फूल की सुगंध पर आधारित है। इसमें आम और महुआ बटर का इस्तेमाल किया गया है, जो त्वचा को भी पोषण देता है। 5. The Joon Shop Solid 3 – Clean Fruity ₹3,200 की कीमत वाला यह परफ्यूम लाइम, वायलेट और मस्क नोट्स के साथ आता है। इसकी फ्रेश और हल्की खुशबू ऑफिस और दिनभर के उपयोग के लिए उपयुक्त है। 6. Sol de Janeiro Cheirosa 62 Jelly Perfume Balm ₹3,200 की कीमत वाला यह परफ्यूम पिस्ता, साल्टेड कैरामेल और वैनिला नोट्स के साथ आता है। मीठी और बीच-वेकेशन जैसी खुशबू पसंद करने वालों के लिए यह शानदार विकल्प है। सॉलिड परफ्यूम खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान? खुशबू के साथ-साथ फॉर्मूलेशन भी देखें। ट्रैवल फ्रेंडली पैकेजिंग को प्राथमिकता दें। यदि आपकी त्वचा संवेदनशील है तो अल्कोहल-फ्री विकल्प चुनें। लंबे समय तक टिकने वाले वुडी और मस्क बेस्ड फ्रेगरेंस अधिक प्रभावी होते हैं। सॉलिड परफ्यूम पारंपरिक परफ्यूम का विकल्प नहीं हैं, लेकिन दिनभर खुशबू बनाए रखने और आसान टच-अप के लिए ये एक स्मार्ट और स्टाइलिश समाधान जरूर बन चुके हैं।  

surbhi जून 4, 2026 0
Modern Bandhani outfits showcasing traditional tie-dye craftsmanship in contemporary everyday fashion

Bandhani अब सिर्फ शादियों तक सीमित नहीं, रोजमर्रा के फैशन का बन रही हिस्सा

Collection of popular Korean sunscreens suitable for Indian skin with SPF 50+ protection

भारतीय त्वचा के लिए 11 बेहतरीन कोरियाई सनस्क्रीन, न चिपचिपाहट की परेशानी और न सफेद परत की चिंता

Sara Arjun in elegant ivory Anarkali featuring intricate Mughal-inspired embroidery and flowing silhouette

सारा अर्जुन का आइवरी अनारकली लुक बना चर्चा का विषय, 24 पैनल और मुगलकालीन कढ़ाई ने खींचा ध्यान

0 Comments

Top week

Military activity near the Strait of Hormuz amid escalating US-Iran tensions and reported retaliatory strikes.
दुनिया

अपाचे हेलीकॉप्टर घटना के बाद अमेरिका का ईरान पर हमला, तेहरान ने दी कड़ी चेतावनी

Deepshikha जून 10, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?