1568 – इंग्लैंड की महारानी एलिजाबेथ प्रथम ने स्कॉट रानी मैरी को गिरफ्तार किया। 1571 – मिग्यूल लोपेज डी जगाज्पी ने फिलीपींस की राजधानी मनीला की स्थापना की। 1714 - ग्रेट ब्रिटेन की रानी ने अपने जीवनकाल में हनोवर के सदन के सदस्यों को ब्रिटेन में रहने की इजाजत देने से इनकार किया। 1769 - पोप क्लेमेंट XIV पोप क्लेमेंट XIII के स्थान पर 249वें पोप के रूप में चुने गए। 1792 – रूसी सेना पोलैंड में दाखिल हुई। 1802 - नेपोलियन बोनापार्ट ने साहब फ्रेंच लेजन (साहब की सेना) स्थापना की। 1848 – दुनिया का पहला डिपार्टमेंटल स्टोर खुला। 1885 – जर्मन चांसलर बिस्फार्क ने अफ्रीकी देश कैमरून और टोंगोलैंड पर कब्जा किया। 1892 – बहुचर्चित नाटककार और कवि आॅस्कर वाइल्ड जेल से रिहा किए गए थे। 1900 – दुनिया के तब के सबसे बड़े रेल सुरंग सिंपलन यात्रियों के लिए खुला, इटली-स्विट्जरलैंड मार्ग से जुड़े। 1926 – बेनितो मुसोलिनी ने इटली को फांसीवादी राष्ट्र घोषित किया। 1930 – श्वेत महिलाओं को साउथ अफ्रीका में वोट देने का अधिकार प्राप्त हुआ। 1939 – रूस और ब्रिटेन ने नाजी विरोधी समझौते पर हस्ताक्षर किए। 1961 – असम के सिलचर रेलवे स्टेशन पर बंगाली भाषा को मान्यता दिए जाने की मांग को लेकर पुलिस के साथ भिड़ंत में 11 लोगों की मौत हुई। 1971 – भारतीय नौसेना का पहला पनडुब्बी अड्डा वीर बाहू विशाखापत्तनम में शुरू हुआ। 1971 – रूस ने मार्स-2 प्रोग्राम लांच किया। 1976 – ऑस्ट्रेलिया ने सोने के स्वामित्व को कानूनी मान्यता दी। 1991 – क्रोएशियाई नागरिकों ने आजादी के लिए जनमत संग्रह में हिस्सा लिया। 1999 - भारतीय मूल के महेन्द्र चौधरी फिजी के प्रधानमंत्री नियुक्त। 1999 - मैक्सिको में 'बाल्कान डिफ़्यूजो' नामक ज्वालामुखी सक्रिय। 2000 – डिज्नी ने ‘डायनासोर’ फिल्म रिलीज की। 2000 - फिजी में भारतीय मूल के प्रधानमंत्री महेन्द्र चौधरी की सरकार को ठीक एक साल बाद सात नाकाबपोश सशस्त्र व्यक्तियों द्वारा तख्तापलट। 2001 - इस्रायल का फ़िलिस्तीनी मुख्यालयों पर हवाई हमला, 15 घायल। 2002 - पूर्वी तिमोर चार सदियों की दासता के बाद नयी सहस्त्राब्दी के पहले नये राष्ट्र के रूप में विश्व मानचित्र पर उभरा। 2003 - जिबुती के राष्ट्रपति इस्माइल उमर गुलेह भारत की यात्रा पर नई दिल्ली पहुँचे। 2006 - भारतीय मूल के मलेशियाई उद्योगपति टी. रविचन्द्रन ने माउंट एवरेस्ट को फ़तह किया। 2007 - अमेरिकी सीनेट में समग्र आव्रजन सुधार विधेयक पर सहमति। 2008 - भारत व चीन के बीच नाथुला से व्यापार पुनः शुरू हुआ। 2008 - विश्व श्रम संगठन के कार्यकारी अक्ष्यक्ष असाने ने नई दिल्ली में सामाजिक सुरक्षा पर सम्मेलन का उदघाटन किया। 2008 - बैंक आफ़ बड़ौंदा ने वर्ष 2007-08 में अपने शुद्ध लाभ में 39.9% की वृद्धि दर्ज की। 2008 - मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री महाथिर मुहम्मद ने सत्तायुढ़ दल से अलग होने की घोषणा की। 2008 - कैलाश मानसरोवर के लिए चीन ने भारतीय यात्रियों का दौरा स्थगित किया। 2010 - भारत सरकार को 34 दिनों से चले आ रहे 3जी स्पेक्ट्रम की नीलामी से 67718.95 करोड़ रुपए का शुल्क मिलना तय हो गया। 2010 - बिहार के मुजफ्फरपुर-रक्सौल रेलखंड पर मोतीहारी ज़िला के जीवधारा और पीपरा रेलवे स्टेशन के बीच बंगारी हॉल्ट के समीप नक्सलियों ने रेल पटरी उड़ा दी, जिससे एक टैंकर मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई तथा इसकी 13 बोगियों में आग लग गई। 2011- 58वें राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कारों की घोषणा हुई। फ़िल्म 'मोनेर मानुस' को राष्ट्रीय एकता के लिए , फिल्म 'दबंग' को सर्वाधिक मनोरंजक फ़िल्म के लिए पुरस्कृत किया। मलयालम फ़िल्म ‘एदेमाइन्ते माकान अबू’ को सर्वश्रेठ फ़िल्म , अरुणिमा शार्मा को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक चुना गया। 2016 - पेरिस से काहिरा जाने वाली इजिप्टएयर उड़ान MS804 भूमध्य पर गायब हो गयी। 2019 - इराक: शिया अर्द्धसैनिक जवानों पर बम हमले में सात की मौत, 26 घायल हो गए। 2019 - ऑस्ट्रेलियाई चुनाव में बड़ा उलटफेर: सत्तारूढ़ लिबरल गठबंधन की जीत, लेबर पार्टी नेता बिल शॉर्टन का इस्तीफा। 2020 - भारत - केंद्र ने अम्बिकापुर, राजघाट, सूरत, मैसूर, इंदौर और नवी मुंबई को कचरा मुक्त फाइव स्टार शहर घोषित किया। 2021 - झारखंड में ट्रेन का इंजन पटरी से उतरकर नदी में लुढ़का , 84 यात्री बाल-बाल बचे। 2021 - राजस्थान ने म्यूकोर-मिकोसिस यानी ब्लैक फंगस को महामारी घोषित किया। 2021 - नेपाल में 5.8 तीव्रता के भूकंप से लगभग दो दर्जन घर ध्वस्त हुए व लगभग छह लोग घायल हो गए। भारत के जम्मू-कश्मीर व असम में भी भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। 2022 - ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की चीन में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक हुई। 2022 - देश में पहली बार 5G कॉल का IIT मद्रास में सफल परीक्षण किया गया , नेटवर्क का सारा डिजाइन भारत में ही डेवलप किया गया। 2022 - अफ्रीका के लिये संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष राजनीतिक अधिकारी ने माली के ‘साहेल क्षेत्रीय आतंकवाद रोधी बल’ (G5-Sahel या G5S) से हटने की जानकारी दी। 2023 - भारत की पहली वाणिज्यिक यात्री उड़ान स्वदेशी रूप से उत्पादित टिकाऊ विमानन ईंधन (एसएएफ) के मिश्रण का उपयोग करके उड़ाई गई। 2023 - केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने एशिया पेट्रोकेमिकल उद्योग सम्मेलन 2023 की अध्यक्षता की। 2023 - केंद्रीय मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय का कार्यभार संभाला। 2023 - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए जापान के हिरोशिमा पहुंचे। 2023 - भारतीय रिज़र्व बैंक ने ₹ 2000 मूल्यवर्ग के बैंक नोटों को प्रचलन से वापस लेने का निर्णय लिया। 2023 - भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 100 घंटे में बनाई 100 किमी की सड़क बनाकर एक और वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। 2024 - ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी का हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन हुआ। इसमें ईरान के विदेश मंत्री होसैन अमीराब्दुल्लाहियन समेत नौ लोग सवार थे। सभी की मृत्यु हो गई। 19 मई को जन्मे व्यक्ति 1824 - नाना साहेब सन 1857 के भारतीय स्वतन्त्रता के प्रथम संग्राम के शिल्पकार थे। उनका मूल नाम 'धोंडूपन्त' था। 1881 - कमाल अतातुर्क - आधुनिक तुर्की के निर्माता थे। 1910 - नाथुराम विनायक गोडसे। 1913 - नीलम संजीव रेड्डी - भारत के पूर्व राष्ट्रपति। 1934 - रस्किन बॉण्ड - अंग्रेज़ी भाषा के प्रसिद्ध भारतीय लेखकों में से एक हैं। 1938 - गिरीश कर्नाड, कवि, रंगमंच कर्मी, कहानी लेखक, नाटककार, फ़िल्म निर्देशक और फ़िल्म अभिनेता। 1947 - टी.सी. योहानन - लम्बी कूद के भारतीय खिलाड़ी । 1974 - नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी एक भारतीय फ़िल्म अभिनेता। 1999 - नायब सूबेदार दीपक पुनिया, एक भारतीय फ्रीस्टाइल पहलवान व भारतीय सेना में जूनियर कमीशंड अधिकारी। 19 मई को हुए निधन 1904 - जमशेद जी टाटा - टाटा समूह के संस्थापक। 1979 - हज़ारी प्रसाद द्विवेदी - हिन्दी के शीर्ष साहित्यकार। 1996 - जानकी रामचन्द्रन - प्रसिद्ध तमिल अभिनेत्री तथा तमिलनाडु की भूतपूर्व मुख्यमंत्री। 1997 - सोंभु मित्रा - फ़िल्म और रंगमंच अभिनेता, निर्देशक और नाटककार थे। 2004 - एरम्पाला कृष्णन नायनार - केरल के पूर्व मुख्यमंत्री। 2008 - परम्परावादी मराठी थियेटर के पुरोधा, भारतीय नाटककार और रंगमंचकर्मी विजय तेंदुलकर का निधन। 2010 - स्काटिश जॉन शेफर्ड बैरोन, दुनिया की पहली एटीएम :ऑटोमैटिक टेलर मशीन के आविष्कारक। 2021 - राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री श्री जगन्नाथ पहाड़िया (93) का निधन हुआ। 2021 - मुंबई आतंकवादी हमलों के दौरान कमांडो बल का नेतृत्व करने वाले NSG के पूर्व महानिदेशक जेके दत्त (72) की मौत हुई। 2023 - अंग्रेजी संगीतकार एंड्रयू माइकल राउरके (59) का निधन हुआ। 2023 - ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट खिलाड़ी ब्रायन बूथ (89) का निधन हुआ। 2023 - अंग्रेजी उपन्यासकार, निबंधकार, संस्मरणकार, पटकथा लेखक और आलोचक मार्टिन एमिस (73) का निधन हुआ। 2023 - अंग्रेजी प्रदर्शन कवि, गीतकार और गायक पीट ब्राउन (82) का निधन हुआ। 2024 - ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी (63) का हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन हुआ। 2024 - अमेरिकी पेशेवर फुटबॉल खिलाड़ी जिम ओटो (86) का निधन हुआ। 19 मई के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव श्री श्रेयांसनाथ जी गर्भ कल्याणक (जैन , ज्येष्ठ कृष्ण षष्ठी अनुसार)। श्री नीलम संजीव रेड्डी जयन्ती। श्रीमती जानकी रामचन्द्रन स्मृति दिवस। श्री जगन्नाथ पहाड़िया स्मृति दिवस। श्री एरम्पाला कृष्णन नायनार स्मृति दिवस। कृपया ध्यान दें यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए IDTV इन्द्रधनुष की कोई जिम्मेदारी नहीं है।
मेकअप खरीदना अक्सर उत्साह से ज्यादा कन्फ्यूजन से भरा अनुभव बन जाता है, खासकर जब बात फाउंडेशन की हो। स्टोर में जो शेड परफेक्ट लगता है, वही कुछ घंटों बाद ऑरेंज, ग्रे या जरूरत से ज्यादा डार्क नजर आने लगता है। कई बार गलत शेड की बोतलें ड्रेसिंग टेबल के कोने में पड़ी रह जाती हैं और लोग मजबूरी में वही फाउंडेशन इस्तेमाल करते रहते हैं जो उनकी स्किन टोन से मेल ही नहीं खाता। ऐसे में मेकअप एक्सपर्ट्स का कहना है कि सही फाउंडेशन चुनना मुश्किल जरूर है, लेकिन अगर कुछ बेसिक बातों का ध्यान रखा जाए तो यह प्रक्रिया काफी आसान हो सकती है। मेकअप आर्टिस्ट Leiya Phinao Ningshen और Rose Siard ने फाउंडेशन चुनने के तीन सबसे जरूरी स्टेप्स बताए हैं—शेड, अंडरटोन और स्किन टाइप। Step 1: सही शेड कैसे चुनें? अधिकतर लोग फाउंडेशन को हाथ के पीछे लगाकर टेस्ट करते हैं, जबकि एक्सपर्ट्स इसे सबसे बड़ी गलती मानते हैं। हाथ का रंग अक्सर चेहरे से अलग होता है क्योंकि वह ज्यादा धूप में रहता है। मेकअप आर्टिस्ट्स के मुताबिक, फाउंडेशन हमेशा जॉलाइन यानी चेहरे और गर्दन के बीच वाले हिस्से पर टेस्ट करना चाहिए। इससे पता चलता है कि शेड चेहरे और गर्दन दोनों में नेचुरली ब्लेंड हो रहा है या नहीं। विशेषज्ञों का कहना है कि फाउंडेशन को खरीदने से पहले उसे कम से कम 5 से 10 मिनट तक स्किन पर रहने दें। ऐसा इसलिए क्योंकि कई फाउंडेशन स्किन के ऑयल के साथ मिलकर ऑक्सीडाइज हो जाते हैं और कुछ देर बाद डार्क या ऑरेंज दिखने लगते हैं। ऑक्सीडेशन क्या होता है? ऑक्सीडेशन वह प्रक्रिया है जिसमें फाउंडेशन स्किन के नैचुरल ऑयल के संपर्क में आकर अपना रंग बदल देता है। यही वजह है कि शुरुआत में सही दिखने वाला फाउंडेशन बाद में अलग नजर आने लगता है। Step 2: अपना Undertone पहचानें कई बार समस्या शेड की नहीं बल्कि अंडरटोन की होती है। अगर फाउंडेशन चेहरे पर ज्यादा पीला, गुलाबी या ग्रे दिख रहा है, तो संभव है कि उसका अंडरटोन आपकी स्किन से मैच नहीं कर रहा हो। अंडरटोन पहचानने का आसान तरीका: Cool Undertone: नसें नीली या बैंगनी दिखती हैं Warm Undertone: नसें हरी या ऑलिव टोन में नजर आती हैं Neutral Undertone: Warm और Cool का संतुलन Olive Undertone: स्किन में हल्का हरा-ग्रे टोन दिखाई देता है एक्सपर्ट्स का कहना है कि कलर करेक्टर का सही इस्तेमाल भी मेकअप को बेहतर बना सकता है। उदाहरण के लिए: Green corrector रेडनेस कम करता है Peach corrector डार्कनेस छुपाता है Yellow corrector पिंक या ब्लू टोन को बैलेंस करता है Step 3: स्किन टाइप के हिसाब से चुनें Formula सिर्फ सही शेड चुनना काफी नहीं है। अगर फाउंडेशन का फॉर्मूला आपकी स्किन टाइप के मुताबिक नहीं होगा, तो मेकअप खराब दिख सकता है। Oily या Acne-Prone Skin ऑयल-फ्री, मैट और लॉन्ग-वियर फाउंडेशन बेहतर रहते हैं। Dry Skin Hydrating या Serum-infused फाउंडेशन स्किन को फ्लॉलेस लुक देते हैं। Combination Skin Natural या Satin finish फाउंडेशन सबसे अच्छा विकल्प माने जाते हैं। मेकअप एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि फाउंडेशन हमेशा पतली लेयर में लगाएं और उसे स्किन पर प्रेस करें, रगड़ें नहीं। साथ ही जरूरत से ज्यादा पाउडर लगाने से बचें, वरना मेकअप केकी दिख सकता है। गलत फाउंडेशन को कैसे ठीक करें? अगर गलती से गलत शेड खरीद लिया है, तो उसे फेंकने की जरूरत नहीं। ज्यादा Orange लगे तो Blue corrector मिलाएं ज्यादा Yellow लगे तो Purple tone add करें Grey दिखे तो Bronzer से Warmth दें ज्यादा Dark हो तो White mixer से हल्का करें मेकअप एक्सपर्ट्स का मानना है कि परफेक्ट फाउंडेशन वही होता है जो स्किन में पूरी तरह घुल जाए और अलग से नजर न आए। सही शेड ढूंढने में थोड़ा समय जरूर लगता है, लेकिन बेसिक जानकारी होने पर यह प्रक्रिया आसान और कम खर्चीली बन सकती है।
छोटे बालों को अक्सर “low-maintenance” माना जाता है, लेकिन असलियत यह है कि सही स्टाइलिंग के बिना यह कभी-कभी थोड़ा मुश्किल भी हो सकते हैं। इसी वजह से फैशन और ब्यूटी एक्सपर्ट्स ऐसे हेयरस्टाइल्स की सलाह देते हैं जिन्हें सिर्फ 5 मिनट या उससे कम समय में आसानी से बनाया जा सके। इन आसान हेयरस्टाइल्स की मदद से छोटे बालों में भी आप हर दिन नया और फ्रेश लुक पा सकते हैं। 1. Slicked-back Bob यह स्टाइल क्लासिक और एलीगेंट लुक देता है। बालों में हल्का जेल या सीरम लगाकर पीछे की ओर कॉम्ब कर दिया जाता है। यह ऑफिस और इवनिंग दोनों लुक्स के लिए परफेक्ट माना जाता है। 2. Five-minute Flick बॉब या लॉब हेयर के लिए यह सबसे आसान स्टाइल है। बालों के सिर्फ सिरों को बाहर की तरफ हल्का फ्लिक देने से ही पूरा लुक बदल जाता है और हेयर में मूवमेंट आ जाता है। 3. Soft Side Part with Tucked Ends एक साइड पार्टिंग बदलने से ही पूरा लुक नया हो जाता है। एक साइड के बाल कान के पीछे टक कर देने से छोटा हेयरकट भी काफी स्टाइलिश दिखता है। 4. Textured Pixie पिक्सी कट में थोड़ा टेक्सचर जोड़ने से यह और भी ट्रेंडी लगने लगता है। हल्के वैक्स या स्टाइलिंग क्रीम से बालों को नैचुरल और मूवमेंट वाला लुक दिया जाता है। 5. Mini Claw-Clip Twist छोटे बालों के लिए मिनी क्लॉ-क्लिप काफी काम की चीज है। पीछे के कुछ बालों को ट्विस्ट करके क्लिप से सेट करने पर एक आसान और क्यूट अपडू बन जाता है। 6. Wet-look Waves डैम्प बालों में जेल या कर्ल क्रीम लगाकर वेट लुक वेव्स बनाए जाते हैं। यह स्टाइल मॉडर्न और ग्लॉसी फिनिश देता है। 7. Pinned-back Front Pieces अगर समय बिल्कुल नहीं है, तो आगे के बालों को पिन करके पीछे कर देना सबसे आसान विकल्प है। यह सिंपल होने के साथ-साथ बहुत क्लीन और एलिगेंट लुक देता है। स्टाइलिंग टिप्स छोटे बालों पर कम प्रोडक्ट का इस्तेमाल करें बहुत ज्यादा हेयरस्प्रे से बचें हल्की टेक्सचर और नेचुरल मूवमेंट पर फोकस करें सही हेयरकट स्टाइलिंग को और आसान बना देता है छोटे बालों की खासियत यही है कि थोड़े से बदलाव से ही पूरा लुक बदल जाता है।
गर्मियों के मौसम में हैवी क्रीम और ऑयली मॉइश्चराइज़र अक्सर स्किन को चिपचिपा और अनकम्फर्टेबल बना देते हैं। ऐसे में लोग ऐसे प्रोडक्ट्स की तलाश करते हैं जो स्किन को हाइड्रेट तो रखें लेकिन भारी महसूस न हों। आजकल मार्केट में कई ऐसे lightweight moisturisers मौजूद हैं, जिनकी जेल, वॉटर-बेस्ड और माइक्रोइमल्शन टेक्सचर स्किन में जल्दी एब्जॉर्ब हो जाती है और लंबे समय तक फ्रेशनेस बनाए रखती है। इन मॉइश्चराइजर्स में Hyaluronic Acid, Ceramides, Aloe Vera और Ectoin जैसे इंग्रेडिएंट्स स्किन बैरियर को मजबूत करने, रेडनेस कम करने और डिहाइड्रेशन से बचाने में मदद करते हैं। यहां जानिए ऐसे 7 lightweight moisturisers के बारे में जो गर्मियों में स्किन के लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकते हैं। 1. The Ordinary Rice Lipids + Ectoin Microemulsion यह अल्ट्रा-लाइट माइक्रोइमल्शन स्किन को बिना ऑयली बनाए डीप हाइड्रेशन देता है। खास खूबियां: Rice Lipids और Jojoba Oil से स्किन बैरियर मजबूत Ectoin से रेडनेस और इरिटेशन कम Humid मौसम में भी नॉन-ग्रीसी फिनिश यह खासतौर पर sensitive और acne-prone स्किन के लिए अच्छा माना जाता है। 2. d'you Inbalance Soothing Milky Tonic यह प्रोडक्ट टोनर और lightweight moisturiser का कॉम्बिनेशन है। क्यों है खास? ओवरहीटेड और irritated skin को soothe करता है Sunscreen और makeup के नीचे आसानी से लेयर हो जाता है Fluid texture स्किन पर बेहद हल्का महसूस होता है 3. Clinique Moisture Surge 100H Auto-Replenishing Hydrator गर्मियों के लिए सबसे लोकप्रिय oil-free gel creams में से एक। मुख्य फायदे: Aloe Bio-Ferment और Hyaluronic Acid से लंबे समय तक hydration Cooling effect देता है Sticky weather में भी हल्का महसूस होता है 4. Neutrogena Hydro Boost Water Gel यह water-gel moisturiser oily और combination skin वालों के बीच काफी पसंद किया जाता है। इसकी खूबियां: त्वचा में तेजी से absorb होता है Shine या residue नहीं छोड़ता गर्मियों में instant freshness देता है 5. Forest Essentials Light Hydrating Facial Gel अगर आप cooling और minimalist skincare पसंद करते हैं, तो यह अच्छा विकल्प हो सकता है। क्या है खास? Aloe Vera बेस्ड फॉर्मूला Non-sticky और fast-absorbing texture Acne-prone skin के लिए उपयुक्त 6. Innisfree Green Tea Ceramide Cream यह moisturiser hydration और barrier repair का अच्छा बैलेंस देता है। मुख्य फायदे: Green Tea Ceramides से स्किन मजबूत Environmental stress से सुरक्षा Nourishing होने के बावजूद breathable feel 7. belif The True Cream Aqua Bomb यह जेल मॉइश्चराइज़र गर्मियों में instant cooling effect देने के लिए जाना जाता है। क्यों पसंद किया जाता है? Niacinamide और Hyaluronic Acid से hydration Skin को fresh और dewy लुक देता है Heatwave और humid मौसम के लिए अच्छा विकल्प गर्मियों में मॉइश्चराइज़र चुनते समय किन बातों का रखें ध्यान? Gel या water-based formulas चुनें Non-comedogenic products लें Hyaluronic Acid और Ceramides वाले options बेहतर रहते हैं Heavy oils और thick creams से बचें
आज के दौर में जहां लोग पतले बालों में वॉल्यूम जोड़ने के तरीके खोजते हैं, वहीं घने बालों वाले लोग अक्सर उन्हें संभालने और हल्का दिखाने के लिए सही हेयरकट की तलाश में रहते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि घने बालों के लिए सही कट वही है, जो वजन कम करते हुए मूवमेंट और नैचुरल फ्लो बनाए रखे। हेयरस्टाइल एक्सपर्ट Tamás Tüzes के अनुसार, “बालों को पूरी तरह कम करना समाधान नहीं है, बल्कि सही जगह से वजन हटाना जरूरी है, ताकि बाल भारी न लगें और आसानी से मूव करें।” पहले समझें अपने बालों का टाइप हेयरकट चुनने से पहले यह जानना जरूरी है कि आपके बाल कितने घने हैं और उनकी बनावट कैसी है। स्टाइलिस्ट Scott Martinez बताते हैं कि बालों की मोटाई स्ट्रैंड के डायमीटर से तय होती है, जबकि Kim Kimble के मुताबिक बालों की डेंसिटी (घनत्व) यह बताती है कि स्कैल्प पर बाल कितने घने हैं। मेंटेनेंस के जरूरी टिप्स नियमित ट्रिमिंग से हेयरकट की शेप बनी रहती है हल्के स्टाइलिंग प्रोडक्ट्स जैसे मूस, कर्ल क्रीम या टेक्सचर स्प्रे का इस्तेमाल करें हेयर मास्क से बालों को हेल्दी बनाए रखें घने बालों के लिए 16 शानदार हेयरकट ऑप्शंस 1. Textured Pixie शॉर्ट और स्टाइलिश लुक के लिए बढ़िया, चेहरे को शार्प बनाता है 2. Curly Wolf Cut कर्ली बालों के लिए ट्रेंडी और वॉल्यूम वाला स्टाइल 3. Feathery Layers हल्के और बाउंसी लुक के लिए क्लासिक ऑप्शन 4. Long Layers + Curtain Bangs हर फेस शेप पर सूट करने वाला सबसे आसान और एलिगेंट स्टाइल 5. Textured Bob घने बालों को कंट्रोल में रखते हुए स्मार्ट लुक देता है 6. Cropped Wolf Cut एज्डी और मॉडर्न लुक, ज्यादा वॉल्यूम पसंद करने वालों के लिए 7. Face-Framing Layers चेहरे को उभारने और लंबाई बैलेंस करने में मददगार 8. Bixie Cut बॉब और पिक्सी का मिक्स, बोल्ड और ट्रेंडी 9. Side Part Style नेचुरल वॉल्यूम को उभारने का आसान तरीका 10. Graduated Bob पीछे से छोटा और आगे लंबा, संतुलित और प्रोफेशनल लुक 11. Lob (Long Bob) मिड-लेंथ बालों के लिए परफेक्ट और मैनेजेबल 12. Classic Long Layers लंबे बालों के लिए टाइमलेस और फ्लोइंग स्टाइल 13. Curtain Bangs हर फेस शेप पर सूट करने वाला सॉफ्ट फ्रेमिंग लुक 14. Marquise Layers चेहरे के फीचर्स को हाईलाइट करने वाला स्टाइलिश कट 15. Butterfly Cut हल्का, लेयर्ड और वॉल्यूम बैलेंस करने वाला ट्रेंड 16. Soft Shag रफ-टफ लेकिन स्टाइलिश, नेचुरल मूवमेंट के लिए बेस्ट क्यों जरूरी हैं लेयर्स? एक्सपर्ट्स के अनुसार, लेयर्स घने बालों के लिए गेम-चेंजर साबित होती हैं। ये न सिर्फ वजन कम करती हैं, बल्कि बालों में मूवमेंट और स्टाइल भी जोड़ती हैं।
हेयर ट्रेंड्स बदलते रहते हैं, लेकिन Curtain Bangs ने 2026 में एक बार फिर अपनी मजबूत वापसी दर्ज कराई है। 70 के दशक से प्रेरित यह स्टाइल, जिसे Brigitte Bardot ने आइकॉनिक बनाया था, अब मॉडर्न ट्विस्ट के साथ हर किसी की पसंद बन चुका है। आज के Curtain Bangs पहले की तुलना में ज्यादा सॉफ्ट, नेचुरल और कम मेंटेनेंस वाले हो गए हैं। यह चेहरे को फ्रेम करते हैं और धीरे-धीरे ग्रोथ में भी आसानी से ब्लेंड हो जाते हैं। Curtain Bangs करवाने से पहले क्या जानना जरूरी है? हेयर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आपके बालों की टेक्सचर और डेली रूटीन इस स्टाइल के लिए बेहद अहम हैं। फाइन हेयर: वॉल्यूमाइजिंग प्रोडक्ट्स जरूरी वेवी/कर्ली हेयर: हल्की हीट स्टाइलिंग की जरूरत हर 4–6 हफ्ते में ट्रिम जरूरी, ताकि शेप बना रहे किस फेस शेप पर जचते हैं Curtain Bangs? इस स्टाइल की सबसे बड़ी खासियत इसकी वर्सेटिलिटी है: ओवल, हार्ट और लॉन्ग फेस: परफेक्ट फिट राउंड फेस: लंबी बैंग्स फेस को लंबा दिखाती हैं स्क्वायर फेस: सॉफ्ट लेयर्स जॉ लाइन को बैलेंस करती हैं छोटा माथा: इस स्टाइल से बचना बेहतर घर पर Curtain Bangs स्टाइल करने के 6 एक्सपर्ट टिप्स 1. ‘C’ शेप बनाना सीखें गीले बालों पर राउंड ब्रश और ब्लो ड्रायर से बालों को पहले नीचे और फिर फेस से बाहर की तरफ मोड़ें, जिससे क्लासिक ‘C’ शेप बने। 2. Velcro रोलर ट्रिक अपनाएं ड्रायर के बाद रोलर लगाकर 10 मिनट छोड़ दें। इससे बिना मेहनत के बाउंसी फिनिश मिलेगा। 3. स्ट्रेटनर से सॉफ्ट फ्लिक दें बालों को सीधे नीचे खींचने के बजाय हल्का फ्लिक दें, जिससे नेचुरल लुक बना रहे। 4. ड्राई शैम्पू का इस्तेमाल करें बैंग्स जल्दी ऑयली हो जाते हैं, इसलिए ड्राई शैम्पू वॉल्यूम और फ्रेशनेस बनाए रखता है। 5. हल्के प्रोडक्ट्स चुनें भारी ऑयल या जेल से बचें। लाइट स्प्रे और हल्का पोमेड बेहतर रहेगा। 6. अपने नेचुरल टेक्सचर के साथ काम करें ओवर-स्टाइलिंग से बचें। स्ट्रेट, वेवी या कर्ली–हर टेक्सचर के हिसाब से हल्की स्टाइलिंग करें। क्यों है ये स्टाइल इतना पॉपुलर? Curtain Bangs उन लोगों के लिए परफेक्ट हैं जो बिना ज्यादा कमिटमेंट के नया लुक चाहते हैं। यह स्टाइल सॉफ्टनेस, वॉल्यूम और फेस फ्रेमिंग का शानदार बैलेंस देता है। आज Miley Cyrus और Anne Hathaway जैसे सितारे भी इस ट्रेंड को अपनाकर इसे और लोकप्रिय बना रहे हैं।
साउथ फिल्म इंडस्ट्री की उभरती स्टार Sreeleela एक बार फिर अपने एथनिक स्टाइल से सुर्खियों में हैं। हाल ही में उन्होंने आइवरी रंग की खूबसूरत अनारकली पहनकर यह साबित कर दिया कि किसी आउटफिट की असली ताकत सिर्फ उसकी कढ़ाई या रंग में नहीं, बल्कि उसके डिजाइन और सिल्हूट में भी होती है। यह अनारकली मशहूर डिजाइनर Mrunalini Rao के कलेक्शन से ली गई है, जिसमें क्लासिक एलीगेंस और मॉडर्न टच का बेहतरीन मेल देखने को मिला। डिजाइन और सिल्हूट ने बनाया लुक खास इस तीन-पीस सेट में अनारकली कुर्ता, मैचिंग पैंट और दुपट्टा शामिल है, जिसे मटका सिल्क फैब्रिक में तैयार किया गया है। आउटफिट की सबसे खास बात इसका कॉर्सेट-स्टाइल बॉडीस है, जो फिट होकर नीचे की ओर फ्लोई और वॉल्यूमिनस स्कर्ट में बदल जाता है। फ्लोर-लेंथ अनारकली में चूड़ी स्लीव्स और स्कूप्ड नेकलाइन दी गई है, जो लुक को ग्रेसफुल बनाती है। स्कर्ट को जानबूझकर हल्का रखा गया है, ताकि ध्यान ऊपर की डिटेलिंग पर जाए। जरी-ज़र्दोज़ी और पर्ल वर्क ने जोड़ा रॉयल टच आउटफिट के बॉडीस और स्लीव्स पर फ्लोरल और पैस्ले मोटिफ्स के साथ बारीक ज़र्दोज़ी एम्ब्रॉयडरी की गई है, जिसे पर्ल डिटेलिंग से और भी रिच बनाया गया है। बैक में एक्सपोज्ड कट डिजाइन इस ट्रेडिशनल लुक में हल्का सा बोल्ड एलिमेंट जोड़ता है। दुपट्टे पर स्कैलप्ड बॉर्डर दिया गया है, जो पूरे लुक को कंप्लीट करता है। ज्वेलरी और मेकअप ने बढ़ाई खूबसूरती Bedazzles की ज्वेलरी के साथ उन्होंने लुक को ट्रेडिशनल रखा और चांदबाली ईयररिंग्स पहने। वहीं, न्यूड टोन मेकअप और ग्लॉसी रेड लिप्स ने उनके पूरे स्टाइल को बैलेंस किया। सेलेब्रिटीज में बढ़ रही इस डिजाइन की लोकप्रियता इस अनारकली डिजाइन को कई अन्य सितारों ने भी अपनाया है। Nushrratt Bharuccha ने इसका रेड वर्जन पहना, जबकि Bhumi Pednekar पर्पल वेरिएंट में नजर आईं। यह दिखाता है कि यह डिजाइन हर रंग और पर्सनैलिटी के साथ आसानी से फिट बैठता है। कुल मिलाकर, यह अनारकली इस बात का उदाहरण है कि अगर डिजाइन और कंस्ट्रक्शन मजबूत हो, तो आउटफिट को ज्यादा भारी-भरकम बनाने की जरूरत नहीं पड़ती—सादगी में भी रॉयल लुक हासिल किया जा सकता है।
सोशल मीडिया पर हमेशा चर्चा में रहने वाले Orry एक बार फिर सुर्खियों में हैं-लेकिन इस बार वजह उनका स्टाइल या फोन कवर नहीं, बल्कि उनके sunburned cheeks हैं। हाल ही में एक शादी समारोह में उनकी मौजूदगी के बाद इंटरनेट पर लोगों ने उनके चेहरे की चमक को लेकर सवालों की बाढ़ ला दी। कई यूजर्स ने पूछा कि क्या उन्होंने कोई नया हाईलाइटर या ब्लश लगाया है, या फिर किसी ब्रांड का सीक्रेट छुपा रहे हैं? लेकिन Orry ने खुद इस ‘ग्लो’ का राज खोलते हुए बताया कि यह कोई मेकअप नहीं, बल्कि हल्का सनबर्न और उनकी नेचुरल रेडिएंस है। “नो मेकअप” स्टाइल और बेबाक अंदाज Orry ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में साफ कहा कि वह आमतौर पर मेकअप में विश्वास नहीं रखते, जब तक कि वह किसी प्रोफेशनल जरूरत के लिए न हो। उनका यह बेबाक अंदाज ही उन्हें बाकी से अलग बनाता है। ऑनलाइन मजाक और मीम्स के बीच भी Orry ने इस लुक को पूरे कॉन्फिडेंस के साथ कैरी किया-जो यह दिखाता है कि स्टाइल सिर्फ परफेक्ट दिखने का नहीं, बल्कि खुद को अपनाने का नाम है। सनबर्न भी बन सकता है स्टाइल स्टेटमेंट Orry का यह लुक एक दिलचस्प मैसेज देता है-हर चीज को छुपाने की जरूरत नहीं होती। कभी-कभी “इम्परफेक्शन” ही आपका सबसे बड़ा स्टाइल एलिमेंट बन सकता है। अगर हो जाए सनबर्न, तो ऐसे रखें ख्याल 1. स्किन की सुरक्षा सबसे पहले सनबर्न हो जाने के बाद भी स्किन को और नुकसान से बचाना जरूरी है। अच्छी क्वालिटी का सनस्क्रीन लगाएं धूप से बचें एलोवेरा जेल से स्किन को ठंडक दें 2. ग्लो को अपनाएं हर बार परफेक्ट स्किन जरूरी नहीं। अगर हल्का रेडनेस है, तो उसे छुपाने की बजाय नैचुरल ग्लो की तरह अपनाया जा सकता है जैसे Orry ने किया। 3. हाइड्रेशन है जरूरी सन एक्सपोजर के बाद स्किन ड्राय हो जाती है। Orry के Sunburned Cheeks का ‘Glow’ बना इंटरनेट सेंसेशन, लोग पूछने लगे “कौन सा हाईलाइटर”? सोशल मीडिया पर हमेशा चर्चा में रहने वाले Orry एक बार फिर सुर्खियों में हैं-लेकिन इस बार वजह उनका स्टाइल या फोन कवर नहीं, बल्कि उनके sunburned cheeks हैं। हाल ही में एक शादी समारोह में उनकी मौजूदगी के बाद इंटरनेट पर लोगों ने उनके चेहरे की चमक को लेकर सवालों की बाढ़ ला दी। कई यूजर्स ने पूछा कि क्या उन्होंने कोई नया हाईलाइटर या ब्लश लगाया है, या फिर किसी ब्रांड का सीक्रेट छुपा रहे हैं? लेकिन Orry ने खुद इस ‘ग्लो’ का राज खोलते हुए बताया कि यह कोई मेकअप नहीं, बल्कि हल्का सनबर्न और उनकी नेचुरल रेडिएंस है। “नो मेकअप” स्टाइल और बेबाक अंदाज Orry ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में साफ कहा कि वह आमतौर पर मेकअप में विश्वास नहीं रखते, जब तक कि वह किसी प्रोफेशनल जरूरत के लिए न हो। उनका यह बेबाक अंदाज ही उन्हें बाकी से अलग बनाता है। ऑनलाइन मजाक और मीम्स के बीच भी Orry ने इस लुक को पूरे कॉन्फिडेंस के साथ कैरी किया-जो यह दिखाता है कि स्टाइल सिर्फ परफेक्ट दिखने का नहीं, बल्कि खुद को अपनाने का नाम है। सनबर्न भी बन सकता है स्टाइल स्टेटमेंट Orry का यह लुक एक दिलचस्प मैसेज देता है-हर चीज को छुपाने की जरूरत नहीं होती। कभी-कभी “इम्परफेक्शन” ही आपका सबसे बड़ा स्टाइल एलिमेंट बन सकता है। अगर हो जाए सनबर्न, तो ऐसे रखें ख्याल 1. स्किन की सुरक्षा सबसे पहले सनबर्न हो जाने के बाद भी स्किन को और नुकसान से बचाना जरूरी है। अच्छी क्वालिटी का सनस्क्रीन लगाएं धूप से बचें एलोवेरा जेल से स्किन को ठंडक दें 2. ग्लो को अपनाएं हर बार परफेक्ट स्किन जरूरी नहीं। अगर हल्का रेडनेस है, तो उसे छुपाने की बजाय नैचुरल ग्लो की तरह अपनाया जा सकता है जैसे Orry ने किया। 3. हाइड्रेशन है जरूरी सन एक्सपोजर के बाद स्किन ड्राय हो जाती है। ज्यादा पानी पिएं मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करें कॉन्फिडेंस ही है असली हाईलाइटर Orry का यह वायरल लुक याद दिलाता है कि असली चमक किसी मेकअप प्रोडक्ट से नहीं, बल्कि आत्मविश्वास से आती है। ज्यादा पानी पिएं मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करें कॉन्फिडेंस ही है असली हाईलाइटर Orry का यह वायरल लुक याद दिलाता है कि असली चमक किसी मेकअप प्रोडक्ट से नहीं, बल्कि आत्मविश्वास से आती है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।