फ़ूड रेसिपी

Healthy High-Protein Moong Dal Dhokla Recipe

मानसून में बेसन नहीं, इस एक दाल से बनाएं स्पंजी ढोकला, हर कोई पूछेगा रेसिपी

anmol जुलाई 22, 2026 0
Soft and fluffy moong dal dhokla served with green chutney, a healthy high-protein monsoon breakfast.
Healthy Moong Dal Dhokla Recipe

How to Make Moong Dal Dhokla: अगर आप मानसून के मौसम में हल्का, हेल्दी और प्रोटीन से भरपूर नाश्ता तलाश रहे हैं, तो इस बार बेसन की जगह मूंग दाल से बना ढोकला जरूर ट्राई करें। यह रेसिपी स्वादिष्ट होने के साथ-साथ डाइट और फिटनेस फॉलो करने वालों के लिए भी बेहतरीन विकल्प है। इसकी खासियत है कि यह बिना ज्यादा तेल के तैयार होता है, आसानी से पचता है और सॉफ्ट व जालीदार बनता है।

बारिश के मौसम में अक्सर तली-भुनी चीजें खाने का मन करता है, लेकिन अधिक ऑयली फूड पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ा सकते हैं। ऐसे में मूंग दाल ढोकला एक ऐसा हेल्दी विकल्प है, जो स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन संतुलन देता है। इसमें मौजूद प्रोटीन, फाइबर और आवश्यक पोषक तत्व लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करते हैं और शरीर को ऊर्जा भी प्रदान करते हैं।

यह रेसिपी बच्चों, ऑफिस जाने वालों, फिटनेस लवर्स और वजन नियंत्रित रखने वाले लोगों के लिए भी उपयुक्त मानी जाती है। इसे सुबह के नाश्ते, शाम के स्नैक या टिफिन में भी शामिल किया जा सकता है।

आवश्यक सामग्री

  • 1 कप धुली मूंग दाल (4–5 घंटे भिगोई हुई)
  • 1 इंच अदरक
  • 2 हरी मिर्च
  • 2 बड़े चम्मच दही (वैकल्पिक)
  • 1 छोटा चम्मच नमक
  • 1 छोटा चम्मच चीनी (वैकल्पिक)
  • 1 छोटा चम्मच नींबू का रस
  • 1 छोटा चम्मच ईनो या ½ छोटा चम्मच बेकिंग सोडा
  • 1 बड़ा चम्मच तेल

तड़के के लिए

  • 1 बड़ा चम्मच तेल
  • 1 छोटा चम्मच राई
  • 8–10 करी पत्ते
  • 2 हरी मिर्च (लंबाई में कटी हुई)
  • 1 बड़ा चम्मच सफेद तिल
  • थोड़ा हरा धनिया
  • आवश्यकता अनुसार पानी

बनाने की विधि

1. बैटर तैयार करें

भीगी हुई मूंग दाल का पानी निकालकर अदरक, हरी मिर्च और थोड़ा पानी मिलाकर स्मूद बैटर तैयार करें। इसमें दही, नमक, नींबू का रस और चीनी मिलाकर अच्छी तरह फेंट लें।

2. बैटर को फुलाएं

स्टीम करने से ठीक पहले बैटर में ईनो डालें और ऊपर से थोड़ा पानी डालकर हल्के हाथ से मिलाएं। बैटर तुरंत फूलने लगेगा।

3. स्टीम करें

ग्रीस की हुई प्लेट या ढोकला ट्रे में बैटर डालें। पहले से गर्म स्टीमर में 15–20 मिनट तक मध्यम आंच पर पकाएं। टूथपिक डालकर जांच लें। साफ निकलने पर ढोकला तैयार है।

4. तड़का लगाएं

पैन में तेल गर्म करें। राई चटकाएं, फिर करी पत्ता, हरी मिर्च और तिल डालें। थोड़ा पानी डालकर एक मिनट उबालें और तैयार तड़का ढोकले के ऊपर डाल दें।

5. सर्व करें

ऊपर से हरा धनिया डालकर हरी चटनी या धनिया-पुदीना डिप के साथ गरमागरम परोसें।

अनुमानित पोषण (प्रति सर्विंग)

  • कैलोरी: 180–220 kcal
  • प्रोटीन: 10–12 ग्राम
  • कार्बोहाइड्रेट: 22–25 ग्राम
  • फाइबर: 5–6 ग्राम
  • फैट: 4–6 ग्राम

(पोषण सामग्री उपयोग की गई सामग्री के अनुसार बदल सकती है।)

तैयार होने में कितना समय लगेगा?

  • तैयारी का समय: 10 मिनट (दाल भिगोने का समय अलग)
  • स्टीमिंग समय: 20 मिनट
  • कुल समय: लगभग 30 मिनट

डाइट और फिटनेस के लिए क्यों है अच्छा?

  • हाई प्रोटीन और हाई फाइबर
  • कम तेल में तैयार होने वाली रेसिपी
  • लंबे समय तक पेट भरा रखने में मददगार
  • वर्कआउट के बाद या हेल्दी ब्रेकफास्ट के लिए उपयुक्त
  • मानसून में हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन

ध्यान रखें :- ढोकला सॉफ्ट बनाने के लिए बैटर ज्यादा पतला न रखें और ईनो मिलाने के तुरंत बाद स्टीम करें। बेहतर स्वाद के लिए ताजा मूंग दाल और कम तेल का उपयोग करें।

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Anmol Manisha

फ़ूड रेसिपी

View more
Restaurant-style Paneer Nirvana served with coconut milk, curry leaves and aromatic South Indian spices.
पनीर की नई रेसिपी ट्राई करें, रेस्टोरेंट जैसा पनीर निर्वाण मिनटों में तैयार

Paneer Nirvana Recipe: अगर आप रोज़ एक जैसी पनीर की सब्जी खाकर बोर हो चुके हैं, तो इस बार घर पर रेस्टोरेंट स्टाइल पनीर निर्वाण जरूर बनाएं। नारियल के दूध, करी पत्ता, कच्चे आम और हल्के मसालों से तैयार यह दक्षिण भारतीय डिश स्वाद और पोषण का बेहतरीन मेल है। कम तेल में बनने वाली यह हाई-प्रोटीन रेसिपी लंच, डिनर या वीकेंड स्पेशल मील के लिए शानदार विकल्प है। पनीर निर्वाण दक्षिण भारत की पारंपरिक फिश निर्वाण से प्रेरित एक शाकाहारी डिश है। समय के साथ यह देशभर के कई प्रीमियम रेस्टोरेंट्स में बेहद लोकप्रिय हो चुकी है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि इसमें पनीर को पहले मसालों में मैरिनेट किया जाता है और फिर नारियल के दूध के साथ धीमी आंच पर पकाया जाता है, जिससे इसका स्वाद बेहद क्रीमी और रिच बन जाता है। पनीर निर्वाण की उत्पत्ति इस डिश की प्रेरणा केरल की पारंपरिक फिश निर्वाण रेसिपी से मानी जाती है। नारियल का दूध, केले का पत्ता और करी पत्ता दक्षिण भारतीय व्यंजनों की पहचान हैं, जो इस डिश को खास स्वाद और खुशबू देते हैं। सबसे ज्यादा कहां पसंद की जाती है? केरल तमिलनाडु कर्नाटक भारत के प्रीमियम साउथ इंडियन रेस्टोरेंट्स फाइन डाइनिंग और फ्यूजन रेस्टोरेंट्स आवश्यक सामग्री मैरिनेशन के लिए 200 ग्राम पनीर (मोटे स्लाइस) 1 छोटा चम्मच हल्दी 2 छोटे चम्मच लाल मिर्च पाउडर 1 छोटा चम्मच काली मिर्च स्वादानुसार नमक आधे नींबू का रस 1 छोटा चम्मच तेल करी पत्ता पकाने के लिए थोड़ा तेल 1 केला पत्ता ½ कप नारियल का दूध 2 हरी मिर्च 1 इंच अदरक थोड़ा कच्चा आम करी पत्ता 1 छोटा चम्मच काली मिर्च बनाने की आसान विधि स्टेप 1: सभी मसालों में पनीर को मिलाकर 10 मिनट तक मैरिनेट करें। स्टेप 2: हल्के तेल में पनीर को दोनों तरफ से हल्का सुनहरा होने तक सेक लें। स्टेप 3: मिट्टी के बर्तन या पैन में केले का पत्ता बिछाकर पनीर रखें। स्टेप 4: ऊपर से नारियल का दूध, अदरक, हरी मिर्च, कच्चा आम, करी पत्ता और काली मिर्च डालें। स्टेप 5: ढक्कन लगाकर धीमी आंच पर 10–12 मिनट पकाएं। स्टेप 6: स्टीम्ड राइस, अप्पम, नीर डोसा या मलाबार परोट्टा के साथ गरमागरम सर्व करें। अनुमानित पोषण (प्रति सर्विंग) कैलोरी: 320–380 kcal प्रोटीन: 18–22 ग्राम कार्बोहाइड्रेट: 8–12 ग्राम फैट: 24–28 ग्राम कैल्शियम: अच्छी मात्रा (पोषण सामग्री उपयोग की गई सामग्री के अनुसार बदल सकती है।) तैयार होने में कितना समय लगेगा? तैयारी: 15 मिनट मैरिनेशन: 10 मिनट पकाने का समय: 15 मिनट कुल समय: लगभग 40 मिनट किन लोगों के लिए है बेहतर? हाई-प्रोटीन डाइट लेने वाले फिटनेस लवर्स शाकाहारी लोग फैमिली लंच और डिनर वीकेंड स्पेशल मील साउथ इंडियन फूड पसंद करने वाले जरूरी टिप्स पनीर को ज्यादा देर तक न पकाएं, इससे वह सख्त हो सकता है। नारियल का दूध हमेशा धीमी आंच पर पकाएं। केले के पत्ते का इस्तेमाल स्वाद और खुशबू दोनों बढ़ाता है। ऊपर से ताजा करी पत्ता और काली मिर्च डालकर सर्व करें। ध्यान रखें: अगर आप लो-फैट डाइट फॉलो कर रहे हैं, तो लो-फैट पनीर और कम मात्रा में नारियल के दूध का इस्तेमाल करें।   

anmol जुलाई 22, 2026 0
Freshly prepared sugar-free Rajasthani Mawa Kachori stuffed with khoya and dry fruits, served on a traditional plate.

घर पर बनाएं राजस्थानी मावा कचौड़ी, शुगर-फ्री रेसिपी जीत लेगी दिल

Crispy homemade poha nuggets served with green chutney and tomato ketchup for a healthy snack.

घर के पोहे से बनाएं मार्केट स्टाइल क्रिस्पी नगेट्स, हर बाइट में मिलेगा नया स्वाद

Soft and fluffy moong dal dhokla served with green chutney, a healthy high-protein monsoon breakfast.

मानसून में बेसन नहीं, इस एक दाल से बनाएं स्पंजी ढोकला, हर कोई पूछेगा रेसिपी

Healthy Indian foods including ragi, sesame seeds and ghee that support children's growth and bone health.
बच्चों की बेहतर ग्रोथ के लिए महंगे हेल्थ ड्रिंक नहीं, रोज डाइट में शामिल करें ये 3 पौष्टिक चीजें

Child Growth Diet Tips: बच्चों की लंबाई और हड्डियों के बेहतर विकास के लिए सिर्फ हेल्थ ड्रिंक पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, नियमित शारीरिक गतिविधि और कैल्शियम, जिंक व विटामिन D से भरपूर खाद्य पदार्थ बच्चों की ग्रोथ में अहम भूमिका निभाते हैं। हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा स्वस्थ रहे, उसकी हड्डियां मजबूत हों और उसकी लंबाई उम्र के अनुसार अच्छी तरह बढ़े। इसी चिंता में कई लोग बाजार में मिलने वाले हेल्थ ड्रिंक और सप्लीमेंट्स का सहारा लेते हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों की ग्रोथ का आधार केवल किसी एक पाउडर या ड्रिंक पर नहीं, बल्कि संतुलित पोषण, पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम और आनुवंशिक (Genetic) कारकों पर भी निर्भर करता है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि बच्चों के भोजन में कैल्शियम, जिंक, विटामिन D, प्रोटीन और हेल्दी फैट्स पर्याप्त मात्रा में शामिल किए जाएं, तो यह हड्डियों के विकास और शरीर की सामान्य वृद्धि में मदद कर सकते हैं। ऐसे कई पोषक तत्व घर की रसोई में मौजूद सामान्य खाद्य पदार्थों से भी मिल सकते हैं। 1. रागी (Finger Millet) रागी को कैल्शियम से भरपूर अनाज माना जाता है। इसमें फाइबर, आयरन और कई जरूरी मिनरल्स भी पाए जाते हैं, जो बच्चों की हड्डियों और शरीर के विकास के लिए उपयोगी हो सकते हैं। कैसे खिलाएं? रागी डोसा रागी चीला रागी रोटी रागी पोरिज रागी इडली 2. तिल (Sesame Seeds) तिल कैल्शियम, जिंक, मैग्नीशियम और हेल्दी फैट्स का अच्छा स्रोत माना जाता है। जिंक शरीर की सामान्य वृद्धि और प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। कैसे खिलाएं? तिल की रोटी तिल का पराठा तिल की चटनी तिल-गुड़ के लड्डू सलाद या दही में मिलाकर 3. शुद्ध देसी घी विशेषज्ञों के अनुसार सीमित मात्रा में शुद्ध देसी घी हेल्दी फैट्स प्रदान करता है, जो फैट-सॉल्युबल विटामिन्स (जैसे विटामिन D) के अवशोषण में मदद कर सकते हैं। हालांकि इसका सेवन उम्र और जरूरत के अनुसार संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए। कैसे खिलाएं? दाल-चावल पर रोटी पर हल्का घी लगाकर खिचड़ी में दूध में सीमित मात्रा में (यदि डॉक्टर या डाइटिशियन उचित समझें) बच्चों की ग्रोथ के लिए सिर्फ खाना ही नहीं, ये बातें भी जरूरी रोज कम से कम 8–10 घंटे की अच्छी नींद लें। आउटडोर खेल और नियमित एक्सरसाइज करें। सुबह की धूप से प्राकृतिक विटामिन D प्राप्त करें। प्रोटीन युक्त भोजन जैसे दूध, दाल, पनीर, अंडा (यदि खाते हों) भी शामिल करें। जंक फूड और अत्यधिक शुगर वाले पेय सीमित रखें। बच्चों के लिए हेल्दी रेसिपी: रागी-तिल एनर्जी चीला सामग्री 1 कप रागी का आटा 1 बड़ा चम्मच भुना तिल 2 बड़े चम्मच दही बारीक कद्दूकस गाजर बारीक पालक थोड़ा हरा धनिया स्वादानुसार नमक थोड़ा जीरा सेंकने के लिए थोड़ा देसी घी बनाने की विधि सभी सामग्री को मिलाकर गाढ़ा बैटर तैयार करें। 10 मिनट के लिए ढककर रख दें। गर्म तवे पर हल्का घी लगाकर चीले की तरह फैलाएं। दोनों तरफ सुनहरा होने तक सेंक लें। दही या हरी चटनी के साथ गर्मागर्म परोसें। अनुमानित पोषण (प्रति सर्विंग) कैलोरी: 220–260 kcal प्रोटीन: 7–9 ग्राम कैल्शियम: अच्छी मात्रा फाइबर: 4–6 ग्राम ध्यान रखें :- किसी भी एक खाद्य पदार्थ से बच्चों की लंबाई बढ़ने की गारंटी नहीं दी जा सकती। बच्चे की ग्रोथ आनुवंशिक कारकों, संतुलित पोषण, हार्मोन, शारीरिक गतिविधि और संपूर्ण स्वास्थ्य पर निर्भर करती है। यदि बच्चे की लंबाई या विकास को लेकर चिंता हो, तो बाल रोग विशेषज्ञ या योग्य न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह जरूर लें।

anmol जुलाई 22, 2026 0
Freshly cooked tomato masala paratha served with yogurt and chutney for a healthy Indian breakfast.

टमाटर से बनाएं स्वादिष्ट मसाला पराठा, हर बाइट में मिलेगा नया स्वाद

Healthy PCOS-friendly breakfast with oats chilla, eggs, chia pudding and moong dal dosa for hormone balance.

PCOS से हैं परेशान? सुबह खाएं ये 4 सुपरफूड ब्रेकफास्ट, हार्मोन और वजन रहेगा कंट्रोल

Traditional Indian Hari Mirch Ka Halwa garnished with dry fruits, a unique sweet recipe from Rajasthan.

हरी मिर्च का हलवा: राजस्थान की अनोखी मिठाई, जानें आसान रेसिपी और हेल्थ बेनिफिट्स

Traditional Bihari Aloo Kachaloo made with boiled potatoes, mustard oil, green chilies and Indian spices.
मसालों का देसी स्वाद, मिनटों में तैयार होगा चटपटा आलू कचालू

Spicy Bihari Aloo Kachaloo Recipe: उबले आलू, सरसों के तेल, हरी मिर्च और देसी मसालों से तैयार बिहारी स्टाइल आलू कचालू एक झटपट बनने वाली पारंपरिक रेसिपी है। इसे स्नैक, सलाद या साइड डिश के रूप में परोसा जा सकता है। अगर आपको चटपटा और देसी स्वाद पसंद है, तो बिहारी स्टाइल आलू कचालू आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है। यह बिहार की लोकप्रिय स्ट्रीट फूड और घरेलू रेसिपी है, जिसे उबले आलू, सरसों के तेल, नींबू, हरी मिर्च और मसालों के साथ तैयार किया जाता है। इसका तीखा-खट्टा स्वाद हर उम्र के लोगों को पसंद आता है। यह रेसिपी केवल 15–20 मिनट में तैयार हो जाती है और शाम के नाश्ते, लंच के साथ साइड डिश या बारिश के मौसम में चाय के साथ भी शानदार लगती है। आलू कचालू के लिए सामग्री 4 मध्यम आकार के उबले आलू 2 हरी मिर्च (बारीक कटी) 1 छोटा प्याज (बारीक कटा) 2 बड़े चम्मच हरा धनिया 1 छोटा चम्मच भुना जीरा पाउडर ½ छोटा चम्मच काला नमक स्वादानुसार साधारण नमक ½ छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर ½ छोटा चम्मच चाट मसाला 1–2 छोटे चम्मच सरसों का तेल 1 बड़ा चम्मच नींबू का रस बनाने की विधि सबसे पहले उबले हुए आलू छीलकर हाथ से हल्का-हल्का मसल लें। अब इसमें प्याज, हरी मिर्च, हरा धनिया, भुना जीरा, काला नमक, लाल मिर्च, चाट मसाला और स्वादानुसार नमक डालें। इसके बाद सरसों का तेल और नींबू का रस डालकर सभी सामग्री को अच्छी तरह मिला लें। 5 मिनट के लिए ढककर रखें ताकि मसालों का स्वाद अच्छी तरह आलू में समा जाए। तैयार है बिहारी स्टाइल चटपटा आलू कचालू। प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण (लगभग) कैलोरी: 180–220 kcal कार्बोहाइड्रेट: 32–35 ग्राम प्रोटीन: 3–4 ग्राम फैट: 4–6 ग्राम फाइबर: 4–5 ग्राम किसके लिए अच्छा विकल्प? शाम के हेल्दी स्नैक के रूप में बच्चों और युवाओं के लिए त्योहार या फैमिली गेट-टुगेदर में हल्का लेकिन स्वादिष्ट नाश्ता पसंद करने वालों के लिए यात्रा के दौरान झटपट बनने वाले भोजन के रूप में किन लोगों को सीमित मात्रा में खाना चाहिए? डायबिटीज के मरीज (पोर्टियन कंट्रोल के साथ) वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोग हाई ब्लड प्रेशर वाले लोग नमक कम रखें एसिडिटी या पेट की समस्या वाले लोग मिर्च और सरसों का तेल कम इस्तेमाल करें अलग-अलग राज्यों में किस नाम से जाना जाता है? बिहार: आलू कचालू / आलू का चोखा (मसालेदार रूप) झारखंड: आलू चोखा या मसाला आलू उत्तर प्रदेश: आलू चाट या कचालू दिल्ली और उत्तर भारत: मसाला आलू / आलू चाट पश्चिम बंगाल: आलू माखा (हल्के मसालों के साथ) ओडिशा: आलू माखा नेपाल के कुछ क्षेत्रों में: आलु अचार स्वाद बढ़ाने के टिप्स सरसों के तेल को हल्का गर्म करके ठंडा होने के बाद डालें। ऊपर से अनारदाना पाउडर या भुना हुआ जीरा डालने से स्वाद और बढ़ जाता है। चाहें तो उबले हुए चने या मूंगफली भी मिला सकते हैं। ध्यान दें: यह रेसिपी सामान्य जानकारी के लिए है। यदि आप किसी विशेष डाइट या स्वास्थ्य संबंधी समस्या से जूझ रहे हैं, तो अपने पोषण विशेषज्ञ या डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही भोजन का चुनाव करें।  

anmol जुलाई 21, 2026 0
Healthy Indian breakfast made with makhana, almonds, poppy seeds, moong dal and daliya in a bowl.

झटपट बनाएं हेल्दी ब्रेकफास्ट, बादाम-खसखस और मखाने से तैयार यह पौष्टिक रेसिपी दिनभर रखेगी एनर्जेटिक

Assorted instant monsoon snacks including aloo tikki, rava toast, masala papad, Maggi bites and roasted makhana.

बारिश में पकौड़ों से हो गए हैं बोर? सिर्फ 15 मिनट में बनाएं ये 5 इंस्टेंट स्नैक्स, स्वाद ऐसा कि हर कोई पूछेगा रेसिपी

Healthy high-protein breakfast with scrambled egg bread and tofu bread served on a plate.

Breakfast Protein Special: सुबह की शुरुआत करें हाई-प्रोटीन ब्रेकफास्ट से, ट्राई करें स्क्रैम्बल्ड एग ब्रेड और टोफू ब्रेड, जानें कितनी कैलोरी और क्यों है हेल्दी

0 Comments

Top week

CBI investigation into the NEET-UG paper leak case involving a doctor from Latur
राष्ट्रीय

NEET-UG पेपर लीक मामला: CBI का बड़ा दावा, लातूर के डॉक्टर ने 5 लाख लेकर परीक्षा से पहले दिखाया केमिस्ट्री का पेपर

kalpana जुलाई 17, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?