धनबाद

Dhanbad Police Bulldozer Action
धनबाद के वासेपुर में गैंगस्टर प्रिंस खान के ठिकाने पर बुलडोजर, पुलिस ने अवैध निर्माण किया ध्वस्त

धनबाद। झारखंड पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए धनबाद के वासेपुर में फरार गैंगस्टर हैदर अली उर्फ प्रिंस खान के ठिकाने पर बुलडोजर चलाया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासन ने उसके कथित अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश और पहले से चल रही कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई।   संगठित अपराध पर शिकंजा कसने की मुहिम   धनबाद पुलिस का कहना है कि प्रिंस खान लंबे समय से फरार है और उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, फायरिंग और आपराधिक धमकी सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं। हाल के दिनों में कथित रंगदारी और धमकी के मामलों के बाद उसके नेटवर्क पर कार्रवाई और तेज कर दी गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि गैंग के अन्य सदस्यों और सहयोगियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।   सुरक्षा के बीच चला अभियान   बुलडोजर कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। प्रशासन ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया गया और भविष्य में भी संगठित अपराध के खिलाफ ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।

abhishek singh जुलाई 5, 2026 0
Coal Neer water
अब कोयला खदान का पानी बुझाएगा प्यास, सिर्फ 5 रुपये में मिलेगा 20 लीटर ‘कोल नीर’

धनबाद। धनबाद की पहचान लंबे समय से देश की कोयला राजधानी के रूप में रही है। वर्षों तक इन खदानों ने देश को ऊर्जा दी, लेकिन खदानों के बंद होने के बाद अवैध खनन और हादसों की खबरें लगातार सामने आती रहीं। अब इन्हीं बंद खदानों से निकलने वाला पानी लोगों की प्यास बुझाने का काम करेगा। कोल इंडिया की महत्वाकांक्षी ‘कोल नीर’ परियोजना के तहत खदानों के पानी को शुद्ध कर बोतलबंद पेयजल के रूप में बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा।   इस परियोजना के तहत भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल), सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल), साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) और महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) में माइन वाटर बॉटलिंग प्लांट तैयार किए गए हैं। झारखंड में 30 जून को इस योजना के उद्घाटन की संभावना है, जबकि केंद्रीय कोयला मंत्री अगले कुछ दिनों में इसका औपचारिक शुभारंभ कर सकते हैं।   46 खदानों से हर वर्ष लगभग 1,280 लाख  बीसीसीएल की 46 खदानों से हर वर्ष लगभग 1,280 लाख घनमीटर पानी निकलता है। अब इस पानी को अत्याधुनिक फिल्ट्रेशन और रिवर्स ऑस्मोसिस (आरओ) तकनीक से शुद्ध किया जाएगा। गुणवत्ता जांच भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के मानकों के अनुसार होगी, जिसके बाद पानी की बॉटलिंग कर बाजार में भेजा जाएगा। सबसे बड़ी बात यह है कि 20 लीटर ‘कोल नीर’ की कीमत मात्र 5 रुपये तय की गई है, जिससे आम लोगों को बेहद कम कीमत पर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।   कोल इंडिया का मानना हैं  कोल इंडिया का मानना है कि यह परियोजना जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इससे खदानों से निकलने वाले पानी का बेहतर उपयोग होगा, स्थानीय समुदायों को सस्ता और सुरक्षित पेयजल मिलेगा तथा प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा। भविष्य में इस योजना का दायरा अन्य कोयला क्षेत्रों तक बढ़ाने की भी तैयारी है।

anjali kumari जून 30, 2026 0
Crime News
धनबाद में गैंगवार की आहट! राहुल सिंह ने सोशल मीडिया पर प्रिंस खान को दी खुली धमकी

धनबाद। झारखंड के धनबाद में सक्रिय दो कथित आपराधिक गिरोहों के बीच वर्चस्व की लड़ाई एक बार फिर चर्चा में है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वायरल पोस्ट में राहुल सिंह ने गैंगस्टर प्रिंस खान को खुलेआम जान से मारने की धमकी दी है। पोस्ट में राहुल सिंह ने लिखा कि "तुम दुनिया के जिस कोने में रहोगे, वहीं मारेंगे" और अपने देश, काम तथा लोगों से उलझने का परिणाम जल्द भुगतने की चेतावनी दी। इस पोस्ट के वायरल होने के बाद अपराध जगत में हलचल तेज हो गई है और संभावित गैंगवार की आशंकाएं भी बढ़ गई हैं।   धनबाद का जिक्र कर दी चेतावनी, बढ़ी टकराव की चर्चा राहुल सिंह ने अपने पोस्ट में धनबाद का उल्लेख करते हुए प्रिंस खान को होश में रहने की नसीहत भी दी। उसने दावा किया कि "धनबाद से मारते-मारते पाकिस्तान पहुंच जाएंगे।" हालांकि सोशल मीडिया पर किए गए इन दावों और धमकियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। लंबे समय से दोनों कथित गिरोहों के बीच वर्चस्व को लेकर तनाव की चर्चाएं रही हैं और दोनों पर कारोबारियों से रंगदारी मांगने के आरोप भी लगते रहे हैं। ऐसे में सार्वजनिक मंच पर आई यह धमकी दोनों पक्षों के बीच बढ़ते टकराव का संकेत मानी जा रही है।   पुलिस का आधिकारिक बयान नहीं, सुरक्षा एजेंसियां रख रही नजर वायरल पोस्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल झारखंड पुलिस या किसी अन्य जांच एजेंसी की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। सूत्रों के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री की निगरानी की जा रही है और आवश्यक सूचनाएं जुटाई जा रही हैं। पुलिस की ओर से किसी संभावित कार्रवाई या जांच की पुष्टि अभी नहीं की गई है। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर झारखंड में सक्रिय संगठित अपराध, रंगदारी नेटवर्क और सोशल मीडिया के जरिए दी जा रही खुली धमकियों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब सभी की नजर सुरक्षा एजेंसियों की आगामी कार्रवाई और मामले में सामने आने वाले आधिकारिक तथ्यों पर टिकी हुई है।

anjali kumari जून 29, 2026 0
Jharkhand protest news
धनबाद में आजसू का जनाक्रोश मार्च, भ्रष्टाचार और माफिया राज के खिलाफ उलगुलान का ऐलान

रांची। ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) अपने 41वें स्थापना दिवस के अवसर पर धनबाद में जनाक्रोश मार्च निकालेगा। पार्टी ने इस मार्च को भ्रष्टाचार, अवैध खनन और कथित माफिया राज के खिलाफ उलगुलान की शुरुआत बताया है। पार्टी के केंद्रीय नेताओं के अनुसार इस कार्यक्रम में आजसू प्रमुख सुदेश महतो, सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी, विधायक निर्मल महतो समेत झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से सभी केंद्रीय नेता तथा हजारों कार्यकर्ता शामिल होंगे।   झारखंड का निर्माण लंबे संघर्ष का परिणाम पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर और हसन अंसारी ने मीडिया से कहा कि झारखंड राज्य का निर्माण लंबे आंदोलन और संघर्ष का परिणाम है, जिसमें आजसू की अहम भूमिका रही है। उन्होंने दावा किया कि 1989 में आजसू के आंदोलन ने केंद्र सरकार को झारखंड मुद्दे पर बातचीत के लिए मजबूर किया था।   वहीं, पार्टी नेताओं ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। उन्होंने कहा कि छात्र, युवा, महिला, आदिवासी, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। साथ ही कोयलांचल क्षेत्र में अवैध खनन और कथित माफिया गतिविधियों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए गए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह जनाक्रोश मार्च आगामी चुनावी रणनीति और विपक्षी राजनीति को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।

anjali kumari जून 22, 2026 0
railway job fraud
धनबाद में रेलवे नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी, फर्जी DRM कर्मचारी बनकर लोगों को करता था गुमराह

धनबाद। झारखंड के धनबाद जिले में रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने खुद को डीआरएम कार्यालय का कर्मचारी बताकर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये ऐंठने वाले एक युवक को हिरासत में लेकर स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया है। आरोपी की पहचान पाथरडीह के भाटडीह निवासी मंटू कुमार के रूप में हुई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।   नौकरी का झांसा देकर वसूले लाखों रुपये प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी खुद को धनबाद रेल मंडल के डीआरएम कार्यालय का कर्मचारी बताता था और रेलवे में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर बेरोजगार युवाओं से मोटी रकम वसूलता था। आरोप है कि वर्द्धमान निवासी कल्पना राय से रेलवे की वेंडिंग मशीन में टिकट जारी करने के कार्य में नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 1.50 लाख रुपये लिए गए। वहीं, जमुई निवासी सूरज भान ठाकुर से भी नौकरी का झांसा देकर 18,700 रुपये ठग लिए गए।   डीआरएम कार्यालय में ही खुल गई पोल बुधवार देर शाम आरोपी एक अन्य युवक को नौकरी दिलाने के बहाने डीआरएम कार्यालय लेकर पहुंचा था। युवक को उसकी गतिविधियों पर संदेह हुआ, जिसके बाद उसने तत्काल आरपीएफ अधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलते ही आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची और मंटू कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।   पूछताछ में कबूला ठगी का आरोप पूछताछ के दौरान आरोपी ने लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने की बात स्वीकार की। उसने आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए बताया कि उसका परिवार पूजा सामग्री की दुकान चलाता है और इसी वजह से उसने ठगी का रास्ता अपनाया। हालांकि पुलिस उसके बयान की सत्यता की जांच कर रही है। फिलहाल आरोपी को स्थानीय थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं।

anjali kumari जून 18, 2026 0
ECL retired employee death
धनबाद में कोयला लदे हाइवा की टक्कर से रिटायर्ड ईसीएल कर्मी की मौत

धनबाद। झारखंड के धनबाद जिले के निरसा थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में ईसीएल (ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) के सेवानिवृत्त कर्मी की मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। यह हादसा निरसा-जामताड़ा रोड स्थित खुशरी मोड़ के पास उस समय हुआ, जब कोयला लदा एक हाइवा स्कूटर सवारों को टक्कर मारते हुए निकल गया।   मृतक की पहचान पांडरा निवासी है   मृतक की पहचान पांडरा निवासी 65 वर्षीय मनोज सिन्हा के रूप में हुई है। वह स्कूटर से निरसा बाजार जा रहे थे। उनके साथ गांव की रहने वाली 62 वर्षीय बीना घोष भी सवार थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, निरसा की ओर से आ रहे हाइवा ने स्कूटर को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में हाइवा का पिछला पहिया मनोज सिन्हा के ऊपर चढ़ गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, गंभीर रूप से घायल बीना घोष को धनबाद के अशर्फी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।   घटना के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए और निरसा-जामताड़ा रोड को जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सड़क जाम के कारण एमपीएल के लिए कोयला और फ्लाई ऐश का परिवहन भी प्रभावित हुआ। स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में भारी वाहनों के लिए अलग एप्रोच रोड बनाने या मौजूदा सड़क का चौड़ीकरण कर ट्रांसपोर्टिंग के लिए अलग मार्ग उपलब्ध कराने की मांग उठाई।   नप्रतिनिधि और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता मौके पर पहुंचे सूचना मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता मौके पर पहुंचे तथा लोगों से बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया। वहीं, निरसा थाना प्रभारी अजीत कुमार भारती ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। दुर्घटना में शामिल वाहन की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

anjali kumari जून 16, 2026 0
Dhanbad district handbook
जनगणना के आंकड़ों से तैयार होगा धनबाद का डिस्ट्रिक्ट हैंडबुक, एक क्लिक में मिलेगी जिले की पूरी जानकारी

धनबाद। धनबाद जिले में जनगणना के प्रथम चरण का कार्य पूरी तरह संपन्न होने के बाद जिला प्रशासन अब डिस्ट्रिक्ट हैंडबुक तैयार करने की प्रक्रिया में जुट गया है। जनगणना के दौरान एकत्र किए गए आंकड़ों के आधार पर तैयार होने वाला यह दस्तावेज जिले की सामाजिक, आर्थिक, भौगोलिक और प्रशासनिक स्थिति का व्यापक विवरण प्रस्तुत करेगा। इसके माध्यम से जिले से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी, जिससे प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ शोध और विकास योजनाओं को भी गति मिलेगी।    पदाधिकारी उमेश लोहरा ने बताया जिला सांख्यिकी पदाधिकारी उमेश लोहरा ने बताया कि जनगणना के प्रथम चरण में प्राप्त आंकड़ों का संकलन और सत्यापन कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। अब इन्हीं प्रमाणित आंकड़ों के आधार पर डिस्ट्रिक्ट हैंडबुक तैयार किया जा रहा है। यह दस्तावेज जिले की वर्तमान स्थिति का आधिकारिक संदर्भ होगा और भविष्य की योजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।   जनसंख्या, सामाजिक संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं हैंडबुक में जिले की जनसंख्या, सामाजिक संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, रोजगार की स्थिति, आधारभूत सुविधाएं, आर्थिक गतिविधियां तथा अन्य महत्वपूर्ण सांख्यिकीय जानकारियां शामिल की जाएंगी। इससे प्रशासनिक अधिकारियों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को जिले की समग्र तस्वीर समझने में सुविधा होगी। विभिन्न विषयों की जानकारी के लिए अलग-अलग स्रोतों पर निर्भर रहने की आवश्यकता भी कम हो जाएगी।   जिला प्रशासन का मानना है कि यह हैंडबुक स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास योजनाएं तैयार करने, संसाधनों के बेहतर उपयोग और नीतिगत निर्णय लेने में एक महत्वपूर्ण आधार दस्तावेज साबित होगा। विभिन्न विभाग इसके माध्यम से क्षेत्रवार आवश्यकताओं का आकलन कर अधिक प्रभावी योजनाएं बना सकेंगे।   अधिकारियों का क्या है कहना? इधर, प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जनगणना के दूसरे चरण की तैयारियां मुख्यालय से दिशा-निर्देश मिलने के बाद शुरू की जाएंगी। अधिकारियों का कहना है कि डिस्ट्रिक्ट हैंडबुक तैयार होने के बाद धनबाद जिले की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का व्यापक विश्लेषण संभव होगा, जिससे विकास कार्यों को अधिक योजनाबद्ध और प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाया जा सकेगा।

anjali kumari जून 16, 2026 0
Dhullu Mahto news
करंट से मृत युवक के परिजनों से मिले सांसद ढुल्लू महतो

धनबाद। धनबाद के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के जयनगर निवासी बिजली मिस्त्री विकास कुमार महतो की मुंबई में काम के दौरान करंट लगने से मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद उनका शव गांव पहुंचने पर शोक का माहौल बन गया। विकास अपने पीछे पत्नी और तीन बेटियों को छोड़ गए हैं।   मुआवजे का भरोसा, पलायन पर जताई चिंता घटना की जानकारी मिलने पर सांसद ढुल्लू महतो मृतक के घर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने महाराष्ट्र के पुलिस अधिकारियों से बातचीत कर कंपनी की जानकारी जुटाने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की। सांसद ने कहा कि झारखंड में पर्याप्त रोजगार के अवसर नहीं होने के कारण युवाओं को दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

anjali kumari जून 13, 2026 0
Annapurna Devi Dhanbad visit
धनबाद दौरे पर केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, स्वच्छता अभियान में लिया हिस्सा

धनबाद। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी शनिवार को धनबाद दौरे पर रहीं। इस दौरान उन्होंने हीरापुर हटिया स्थित महावीर मंदिर और काली मंदिर में पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। इसके बाद स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उसकी साफ-सफाई की और हाथ में झाड़ू लेकर स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में धनबाद सांसद ढुल्लू महतो, विधायक राज सिन्हा सहित भाजपा के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।   मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, राहुल गांधी पर साधा निशाना मीडिया से बातचीत में अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में भारत ने विकास और वैश्विक प्रतिष्ठा के नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं तक पहुंचाना प्राथमिकता रही है। राहुल गांधी के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता विदेशों में भारत की छवि धूमिल करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार राजनीतिक नेतृत्व को देशहित को सर्वोपरि रखना चाहिए।

anjali kumari जून 13, 2026 0
Dhanbad Scorpio Accident
धनबाद में अनियंत्रित स्कॉर्पियो ने मचाई तबाही; एक की मौत, 10 घायल

धनबाद। जिले के राजगंज थाना क्षेत्र स्थित महेशपुर जीटी रोड पर गुरुवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि करीब 10 लोग घायल हो गए। तेज रफ्तार और अनियंत्रित स्कॉर्पियो ने पहले एक कार को जोरदार टक्कर मारी और इसके बाद मौके से भागने के दौरान एक बाइक को भी अपनी चपेट में ले लिया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।   पहले कार से टक्कर, फिर बाइक को रौंदा जानकारी के अनुसार, गया से शादी समारोह से लौट रही स्कॉर्पियो महेशपुर पेट्रोल पंप के पास अनियंत्रित होकर एक बलेनो कार से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को इलाज के लिए धनबाद भेजा गया।   प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दुर्घटना के बाद स्कॉर्पियो चालक वाहन लेकर मौके से भागने लगा। इसी दौरान बरवाअड्डा क्षेत्र में उसने पीछे से एक बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार भूली निवासी इरशाद की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद सरफू अंसारी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल का अस्पताल में इलाज जारी है।   स्कॉर्पियो सवार भी हुए घायल पुलिस के अनुसार, स्कॉर्पियो में सवार सात लोग भी हादसे में घायल हुए हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) भेजा गया है। मृतक इरशाद बस एजेंट के रूप में कार्य करता था और यात्रियों से हिसाब-किताब कर घर लौट रहा था।   पुलिस ने शुरू की जांच राजगंज थाना प्रभारी संजीव झा ने बताया कि घटना में स्कॉर्पियो, कार और बाइक तीनों वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। पुलिस ने सभी वाहनों को जब्त कर लिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के खतरों को उजागर कर दिया है।

abhishek singh जून 12, 2026 0
Jyotsna Kerketta
गैंगस्टर राहुल सिंह ने आदिवासी नेत्री ज्योत्सना केरकेट्टा को धमकाया, इन मुद्दों पर मांगा जवाब

रांची। कुख्यात गैंगस्टर राहुल सिंह ने आदिवासी नेत्री ज्योत्सना केरकेट्टा को धमकी दी है। साथ ही, सोशल मीडिया पर सीएनटी और एसपीटी एक्ट जैसे मुद्दों पर जवाब भी मांगा है। इतना ही नहीं, इस गैंगस्टर ने सोशल मीडिया पर ज्योत्सना केरकेट्टा की एक इमेज भी शेयर की है, जिस पर क्रॉस लगा हुआ है। इसका मतलब साफ है कि उसने आदिवासी नेत्री को किस तरह की धमकी दी है।  राहुल सिंह द्वारा सामाजिक कार्यकर्ता ज्योत्सना केरकेट्टा को सोशल मीडिया के माध्यम से कथित रूप से खुलेआम धमकी देने का मामला सामने आने के बाद से हड़कंप मचा है। जानकारी के अनुसार, राहुल सिंह ने अपने फेसबुक अकाउंट पर ज्योत्सना केरकेट्टा का एक इंटरव्यू साझा किया है। इसके साथ ही उसने ज्योत्सना की एक तस्वीर भी पोस्ट की, जिस पर लाल रंग से क्रॉस का निशान बनाया गया है। पोस्ट में धमकी भरे अंदाज में लिखा गया है कि “ज्योत्सना केरकेट्टा समय रहते सुधर जाओ। आदिवासियों की हितैषी बनती हो और जमीन बेचने की बात करती हो। तुम्हें समझ में आ रहा है कि तुम क्या बोल रही हो? क्या तुम्हारा पूरा झारखंड को बेचने का प्लान है?” कई संगठन उठा रहे आवाज सोशल मीडिया पर की गई इस पोस्ट को लेकर लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है। कई लोगों ने इसे एक महिला सामाजिक कार्यकर्ता को डराने-धमकाने की कोशिश बताया है। वहीं, कुछ संगठनों ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इस संबंध में अब तक पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि ज्योत्सना केरकेट्टा की ओर से इस मामले में कोई शिकायत दर्ज कराई गई है या नहीं। आदिवासी नेतृत्व का दावा तो फिर ऐसा बयान क्यों... राहुल सिंह ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में सीधे ज्योत्सना केरकेट्टा को संबोधित करते हुए कई तीखे सवाल दागे हैं। ज्योत्सना केरकेट्टा से सीधा सवाल पूछा है कि आप आदिवासी समाज की बेटी होने का दावा करती हैं, आदिवासी नेतृत्व की बात करती हैं और झारखंड की पहचान की बात करती हैं, तो फिर ऐसा शब्द या बयान क्यों, जिससे आदिवासी समाज की भावनाएं आहत हों? राहुल सिंह का कहना है कि झारखंड की असली पहचान सिर्फ राजनीति की बिसात बिछाना नहीं है, बल्कि यहां के जल, जंगल, जमीन और ऐतिहासिक कानूनों सीएनटी, एसपीटी की सुरक्षा करना है। उसने ज्योत्सना को सलाह देते हुए कहा कि अगर उनके बयान से लोगों को ठेस पहुंची है, तो उन्हें सामने आकर सफाई देनी चाहिए और यदि गलती हुई है तो माफी मांग लेनी चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से समाज में उनका सम्मान बढ़ेगा, कम नहीं होगा। सीएनटी और एसपीटी एक्ट झारखंड का सुरक्षा कवच पोस्ट में राहुल सिंह ने सीएनटी, एसपीटी के महत्व को रेखांकित करते हुए इसे झारखंड की आत्मा बताया है। राहुल सिंह ने लिखा कि सीएनटी, एसपीटी केवल कोई मामूली कानून नहीं है, बल्कि यह झारखंड के आदिवासी समाज की पहचान, संस्कृति, परंपरा और उनके अधिकारों की सुरक्षा का एक मजबूत कवच है। यह कानून आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखता है। इस गैंगस्टर ने राजनीतिक दलों और नेताओं को चेतावनी दी कि राजनीति करनी है तो जनता के मुद्दों पर करो, लेकिन सीएनटी, एसपीटी और आदिवासी अधिकारों का अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

anjali kumari जून 12, 2026 0
BBCL outsourcing
BBCL आउटसोर्सिंग परियोजना को लेकर धनबाद में बवाल, फायरिंग और मारपीट के आरोप से बढ़ा तनाव

धनबाद। धनबाद के झरिया क्षेत्र स्थित घनुडीह चीनकोठी बस्ती में बुधवार को BBCL आउटसोर्सिंग परियोजना के विस्तार को लेकर विवाद गहरा गया। बस्ती के समीप ओवरबर्डन (ओबी) डंपिंग का विरोध कर रहे ग्रामीणों और कंपनी समर्थक लोगों के बीच कहासुनी के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। ग्रामीणों ने मारपीट और हवाई फायरिंग का आरोप लगाया है, हालांकि पुलिस ने अभी तक फायरिंग की पुष्टि नहीं की है।   ओबी डंपिंग का विरोध बना विवाद की वजह स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि सिंह नेचुरल आउटसोर्सिंग परियोजना के तहत बस्ती के नजदीक ओबी डंपिंग की जा रही थी। ग्रामीण लंबे समय से इसका विरोध कर रहे थे। बुधवार को विरोध के दौरान कंपनी समर्थक लोगों और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस हुई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। ग्रामीणों का कहना है कि विरोध को दबाने के लिए दहशत फैलाने की नीयत से हवाई फायरिंग भी की गई।   मौके पर पहुंचे मेयर और पुलिस अधिकारी घटना की सूचना मिलते ही धनबाद के मेयर संजीव सिंह और घनुडीह ओपी पुलिस घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली। घटनास्थल से एक खोखा मिलने की भी सूचना है, जिसके आधार पर पुलिस जांच कर रही है। हालांकि किसी भी पक्ष की ओर से अब तक लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।   मेयर ने लगाए गंभीर आरोप मेयर संजीव सिंह ने कहा कि ग्रामीणों की आपत्ति के बावजूद विवादित क्षेत्र में ओबी डंपिंग का प्रयास किया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि विरोध कर रहे लोगों के साथ मारपीट हुई और समय पर पुलिस नहीं पहुंचती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक इस मुद्दे पर उच्चस्तरीय बैठक नहीं होती, तब तक विवादित स्थल पर किसी भी प्रकार की ओबी डंपिंग या नए कार्य की अनुमति नहीं दी जाएगी।   पुलिस ने शुरू की जांच ग्रामीण सुनील कुमार मंडल ने आरोप लगाया कि करीब 30 लोगों ने उनके साथ मारपीट की, जिससे उनका हाथ टूट गया। वहीं, सिंदरी एसडीपीओ प्रकाश चंद्र महतो ने कहा कि मारपीट की सूचना मिली है, लेकिन फायरिंग की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और शिकायत मिलने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

anjali kumari जून 10, 2026 0
Dhanbad Home Guard Recruitment
Dhanbad Home Guard Recruitment: प्रोविजनल मेरिट लिस्ट जारी, सत्यापन और मेडिकल जांच के बाद होगा अंतिम चयन

धनबाद। धनबाद जिले में होमगार्ड नव-नामांकन प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों की औपबंधिक (प्रोविजनल) मेधा सूची जारी कर दी गई है। जिला प्रशासन द्वारा सोमवार देर रात जारी इस सूची में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के पुरुष एवं महिला अभ्यर्थियों को विभिन्न श्रेणियों में चयनित किया गया है। हालांकि गृह रक्षा वाहिनी ने स्पष्ट किया है कि यह अंतिम चयन सूची नहीं है और आगे की प्रक्रियाओं के बाद ही नियुक्ति पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।   2023 के विज्ञापन के तहत हुई भर्ती प्रक्रिया होमगार्ड भर्ती के लिए विज्ञापन संख्या-01/2023 के तहत चयन प्रक्रिया संचालित की गई थी। इसके अंतर्गत 6 अप्रैल से 23 अप्रैल तक ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा और हिंदी लेखन क्षमता परीक्षा आयोजित की गई थी। इन चरणों में सफल अभ्यर्थियों के लिए 24 और 25 अप्रैल को तकनीकी दक्षता जांच परीक्षा भी कराई गई, जिसे विशेषज्ञों की टीम ने संपन्न कराया।   संशोधित मेरिट सूची वेबसाइट पर उपलब्ध झारखंड गृह रक्षा वाहिनी, धनबाद ने पूर्व में 4 जून को प्रकाशित सूची में संशोधन करते हुए नई औपबंधिक मेधा सूची जारी की है। अभ्यर्थी इस सूची को जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं। संशोधित सूची में विभिन्न प्रखंडों और शहरी क्षेत्रों के चयनित उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं।   सत्यापन और मेडिकल जांच होगी निर्णायक प्रशासन के अनुसार चयनित अभ्यर्थियों के शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों, अन्य आवश्यक दस्तावेजों, चरित्र सत्यापन और चिकित्सीय परीक्षण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यदि किसी उम्मीदवार द्वारा गलत जानकारी दी गई हो, दस्तावेजों में त्रुटि पाई जाए या वह निर्धारित स्वास्थ्य एवं पात्रता मानकों पर खरा न उतरे, तो उसकी उम्मीदवारी रद्द कर दी जाएगी।   प्रखंडवार चयनित अभ्यर्थियों की संख्या ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्वी टुंडी, टुंडी, बाघमारा, एग्यारकुंड, कलियासोल, निरसा, बलियापुर, गोविंदपुर, तोपचांची और धनबाद ग्रामीण क्षेत्र से बड़ी संख्या में पुरुष एवं महिला अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। वहीं शहरी क्षेत्र में धनबाद और चिरकुंडा के तकनीकी एवं गैर-तकनीकी वर्गों में भी सैकड़ों उम्मीदवारों को प्रोविजनल सूची में स्थान मिला है।   अंतिम सूची का इंतजार अब चयनित अभ्यर्थियों की निगाहें दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल जांच पर टिकी हैं। इन प्रक्रियाओं के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद ही अंतिम चयन सूची जारी की जाएगी और नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

Unknown जून 9, 2026 0
ganga river
गंगा नदी की 10 लाख किमी की 18 लाख जलधाराएं गायब

धनबाद। पिछले 50 वर्षों में गंगा नदी की करीब 18 लाख जलधाराएं गायब हो गई हैं। औसतन 99 प्राकृतिक जलधाराएं रोज गायब हो रही हैं। यह सनसनीखेज खुलासा आईआईटी (IIT) धनबाद के एक शोध में हुआ है। यह अध्ययन संस्थान के पर्यावरण विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. अंशुमाली और उनकी टीम ने किया है। 4 राज्यों में हुआ अध्ययन उन्होंने झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की 7 छोटी नदियों तथा उनके 56 वाटरशेड्स (जलसंभरों) का अध्ययन किया, जो आगे जाकर गंगा नदी में मिलती हैं। टीम ने पाया कि आधी सदी यानी 50 साल में हर दिन करीब 55 किलोमीटर की औसत दर से कुल 10 लाख किलोमीटर की जलधाराएं गुम हो गईं। इस कारण जल-निकास घनत्व भी 2 किमी से घटकर 0.9 किमी रह गया है। अंधाधुंध भूमि उपयोग, कृषि विस्तार, बुनियादी ढांचे का विकास, कोयला व खनिज खनन और अनियंत्रित रेत खनन जैसे कारणों से नदियां लगातार सिकुड़ती गईं।  घट गया रिवर बेसिन का हिस्सा पहले देश की जमीन का 9-10% हिस्सा रिवर बेसिन (नदी घाटियों) में आता था, जो अब घटकर केवल 0.5-3% रह गया है। ऐसे में कृषि, शहरी, औद्योगिक और संरक्षित क्षेत्रों में नदियों को उनके पुराने स्वरूप में लाने के लिए भूमि अधिग्रहण जरूरी हो गया है। 'नमामि गंगे' और 'जल जीवन मिशन' जैसी सरकारी योजनाओं में संशोधन कर यदि नदियों के लिए जमीन अधिग्रहण के प्रावधान को जोड़ दिया जाए, तो इससे प्राकृतिक धाराओं का पुनरुद्धार संभव है। नदियों के प्राकृतिक स्वरूप को बचाने के लिए जमीन का अधिग्रहण जरूरी केंद्र सरकार के पास नदी बेसिनों के नुकसान का सटीक डेटा नहीं है। ऐसे में जरूरी है कि जलधाराओं की संख्या, लंबाई और जल-निकास घनत्व में आई कमी के आधार पर 'नदी लाल सूची' (River Red List) की श्रेणियों और मानदंडों को लागू किया जाए। नदियों के प्राकृतिक स्वरूप को बचाने के लिए जमीन का अधिग्रहण किया जाना चाहिए। साथ ही, एक समर्पित 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' की स्थापना हो, जो वाटरशेड के संदर्भ-वर्ष (Reference Year) और वर्तमान वर्ष के आंकड़े तैयार करे तथा उनकी निरंतर निगरानी करे। भूजल की कमी के साथ बादल फटने, भूस्खलन और बाढ़ जैसी आपदाएं बढ़ी प्रो. अंशुमाली बताते हैं कि उनकी टीम ने 7 प्रमुख वाटरशेड्स (छोटी नदियां) और 56 सब-वाटरशेड्स का अध्ययन किया है। इसमें सामने आया कि वाटरशेड के वृक्षाकार जालतंत्र (Dendritic Drainage Pattern) की बनावट में गिरावट आई है। इसी कारण गंगा नदी बेसिन के क्षेत्रों में बादल फटने, भूस्खलन, अचानक बाढ़ (Flash Floods), भूजल की कमी और मरुस्थलीकरण जैसी पर्यावरणीय आपदाएं तेजी से बढ़ रही हैं।

Unknown मई 26, 2026 0
HIV Positive in Dhanbad
धनबाद में समवैंगिक संबंधों के जरिए HIV पॉजिटिव बनाने का गंदा खेल!

रांची। धनबाद में सोशल मीडिया और डेटिंग प्लेटफॉर्म के जरिए युवकों को अपने संपर्क में लेकर HIV संक्रमण फैलाने का गंभीर मामला सामने आया है। धनबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) के एआरटी सेंटर में काउंसिलिंग के दौरान कई ऐसे मामलों की जानकारी मिली, जिसने स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी है। मामले को HIV की रोकथाम और जागरूकता के लिहाज से गंभीर माना जा रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार कुछ HIV संक्रमित लोग सोशल मीडिया और डेटिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवकों से संपर्क स्थापित कर रहे थे। लंबी बातचीत, वीडियो कॉल और मुलाकातों के जरिए पहले भरोसा बनाया जाता था, जिसके बाद समलैंगिक संबंध स्थापित किए जाने की बात सामने आई है। अधिकारियों का कहना है कि कई मामलों में संक्रमित व्यक्ति अपनी स्वास्थ्य स्थिति छिपाकर संपर्क में आए। जांच के दौरान हुआ खुलासा एआरटी सेंटर से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि काउंसिलिंग के दौरान यह जानकारी सामने आई कि कुछ पीड़ितों को तब संदेह हुआ जब उनकी तबीयत खराब होने लगी या उन्हें जांच कराने की सलाह दी गई। मेडिकल जांच में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद उन्हें पूरी स्थिति का पता चला। कई युवकों ने यह भी बताया कि उन्हें सामने वाले की वास्तविक पहचान और स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी नहीं थी।   लगातार सामने आ रहे नए मामले अधिकारियों के मुताबिक जिले में हर महीने दो से तीन नए एमएसएम (पुरुषों के साथ संबंध रखने वाले पुरुष) वर्ग से जुड़े HIV संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। इनमें शिक्षित और अच्छे परिवारों से आने वाले युवक भी शामिल हैं।  स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जागरूकता की कमी और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बढ़ता संपर्क एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से सोशल मीडिया या डेटिंग ऐप के जरिए बने संबंधों में सतर्कता बरतने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षित व्यवहार, समय पर जांच और सही जानकारी ही HIV संक्रमण को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है। साथ ही लोगों से किसी भी तरह के लक्षण या संदेह होने पर तुरंत जांच कराने की सलाह दी गई है।

Unknown मई 25, 2026 0
AJSU leaders attacked
धनबाद में AJSU नेताओं पर हमला, फायरिंग में छात्र नेता समेत कई घायल

धनबाद। धनबाद में आजसू नेताओं पर हमला हुआ है।  लोयाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत बांसजोड़ा में आजसू नेताओं की बैठक के दौरान अचानक हुए हमले से इलाके में सनसनी फैल गई। बैठक के बीच अज्ञात अपराधियों ने हमला बोल दिया जिसके बाद वहां अफरा-तफरी और भगदड़ की स्थिति बन गई। मिली जानकरी के अनुसार घटना के दौरान फायरिंग भी हुई जिसमें एक युवक घायल हो गया, जबकि कई कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई। बैठक के दौरान हुआ हमला हमले में आजसू छात्र नेता हीरालाल महतो समेत कई समर्थकों को चोटें आई हैं। बताया जा रहा है कि बैठक में हाल के दिनों में मिल रही धमकियों और इलाके में कथित कोयला कारोबार से जुड़े विवादों को लेकर चर्चा हो रही थी। इसी दौरान हमला कर दिया गया। फायरिंग में घायल युवक की पहचान किशन रजवार के रूप में हुई है। उसे इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और लोगों में दहशत देखी जा रही है। पुलिस कर रही मामले की जांच लोयाबाद थाना प्रभारी टीकू प्रसाद ने फायरिंग की घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस मामले की जांच में जुटी है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया गया। ग्रामीण एसपी ने कहा कि हमले में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और घटना के पीछे की वजहों की भी जांच की जा रही है। एहतियात के तौर पर इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।

Unknown मई 21, 2026 0
Dhanbad coal protest
धनबाद में अवैध कोयला खनन के खिलाफ ग्रामीणों ने  किया प्रदर्शन

धनबाद। धनबाद जिले के रामकनाली ओपी क्षेत्र स्थित केशलपुर में अवैध कोयला खनन के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। गांव की मुखिया प्रेमलता कुमारी  के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अवैध खनन स्थलों पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने उन मुहानों को बंद करने की कोशिश की, जहां बोरे में बड़ी मात्रा में कोयला जमा किया गया था।   बमबाजी से फैली दहशत ग्रामीणों के विरोध से बौखलाए अवैध कोयला कारोबारियों ने इलाके में दहशत फैलाने के लिए बमबाजी की। इस घटना के बाद माहौल और तनावपूर्ण हो गया। गुस्साए ग्रामीणों ने कथित तौर पर मजदूरों को ढोने वाली एक ऑटो में तोड़फोड़ भी की। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।   भू-धंसान और हादसे का डर ग्रामीणों का कहना है कि अवैध कोयला खनन से उनके गांव का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। लगातार जमीन के नीचे से कोयला निकाले जाने के कारण भू-धंसान का खतरा बढ़ रहा है। लोगों ने आशंका जताई कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो सोनारडीह के टंडाबाड़ी जैसी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग की।   पुलिस और ग्रामीणों के बीच बहस अवैध खनन बंद कराने की मांग को लेकर ग्रामीण रामकनाली ओपी पहुंचे, जहां पुलिस जवानों और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस हुई। कुछ समय तक ओपी परिसर में हंगामे जैसी स्थिति बनी रही। बाद में सूचना मिलने पर ओपी प्रभारी Alisha Kumari मौके पर पहुंचीं और लोगों को शांत कराया।   शिकायत के बाद कार्रवाई ग्रामीणों की लिखित शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने अवैध उत्खनन पर रोक लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी। प्रशासन ने मामले की जांच और निगरानी बढ़ाने का आश्वासन दिया है।

Unknown मई 21, 2026 0
Ragini Singh controversy
रागिनी सिंह पर टिप्पणी से धनबाद में बवाल, बीजेपी महानगर जिला अध्यक्ष श्रवण राय का फूंका पुतला

धनबाद। धनबाद में रागिनी सिंह के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विधायक के समर्थकों और बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने रणधीर वर्मा चौक पर विरोध-प्रदर्शन करते हुए बीजेपी महानगर जिला अध्यक्ष श्रवण राय का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने उनके इस्तीफे की मांग भी की।   प्रदर्शन के दौरान लगे तीखे नारे विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। “श्रवण राय हाय-हाय”, “महिला सम्मान से खिलवाड़ बंद करो” और “रागिनी सिंह के सम्मान में हम सब मैदान में” जैसे नारों से रणधीर वर्मा चौक गूंज उठा। समर्थकों का आरोप है कि श्रवण राय ने सार्वजनिक मंच से महिला जनप्रतिनिधि के खिलाफ अनुचित टिप्पणी की, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।   आभार यात्रा के दौरान हुई थी कथित टिप्पणी जानकारी के अनुसार, सांसद ढुल्लू महतो की आभार यात्रा के दौरान श्रवण राय ने कथित रूप से रागिनी सिंह पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद से ही विधायक समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई थी। मंगलवार को इसी विरोध के तहत बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए।   महिला नेताओं ने जताई नाराजगी प्रदर्शन में शामिल बीजेपी नेता रश्मि  और सुनीता साहू ने कहा कि महिलाओं के सम्मान से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रागिनी सिंह लगातार क्षेत्र की समस्याओं को उठाती रही हैं और विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।   कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी समर्थकों ने बीजेपी नेतृत्व से मांग की कि श्रवण राय सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और उन्हें जिलाध्यक्ष पद से हटाया जाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस घटना के बाद बीजेपी संगठन के भीतर भी हलचल तेज हो गई है।

Unknown मई 21, 2026 0
Dhanbad landslide
धनबाद में फिर भू-धसान, बना गोफ, लोग दहशत में

धनबाद। धनबाद के केंदुआडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत कुसुंडा के गोधर 6 नंबर एरिया स्थित सब स्टेशन के पीछे बीती रात अचानक भू-धसान हुआ। तेज धमाके के साथ जमीन धंस गई और वहां एक बड़ा गोफ बन गया। इस घटना से आसपास के तीन घरों में दरारें आ गईं, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। घर छोड़कर भागे लोग घटना के तुरंत बाद, स्थानीय लोग अपने-अपने घरों से सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। लोगों ने बताया कि जमीन धंसने के बाद इलाके से जहरीली गैस का रिसाव भी हो रहा है, जिससे भय का माहौल और बढ़ गया है। पूरा क्षेत्र डेंजर जोन घोषित सूचना मिलने पर केंदुआडीह थाना प्रभारी प्रमोद पाण्डेय मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) प्रबंधन ने इस क्षेत्र को डेंजर जोन घोषित कर दिया है। नाराज ग्रामीणों ने बीसीसीएल प्रंबधन को कोसा स्थानीय ग्रामीणों ने इस घटना के लिए बीसीसीएल प्रबंधन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि गोधर इलाके में पहले भी कई बार भू-धसान की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। सुरक्षित स्थान पर आवास की मांग पीड़ित शिवनंदन पासवान और पार्वती देवी ने प्रशासन एवं बीसीसीएल से सुरक्षित स्थान पर आवास उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, गोधर इलाके में लगभग 250 परिवार रहते हैं, जिनकी जान लगातार हो रहे भू-धसान से जोखिम में है। लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि घटना के काफी देर बाद तक न तो बीसीसीएल प्रबंधन और न ही प्रशासन के अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे।

Unknown मई 19, 2026 0
Prince khan gang
प्रिंस खान गैंग की कमान अब भाई गोपी के हाथों में

धनबाद। वासेपुर के कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के सबसे बड़े राजदार मेजर उर्फ सैफी की गिरफ्तारी के बाद अब धनबाद पुलिस के रडार पर प्रिंस खान का भाई गोपी है। पुलिस ने प्रिंस खान के पूरे सिंडिकेट को नेस्तनाबूद करने की तैयारी कर लीहै। पूछताछ में सैफी ने चौंकाने वाला खुलासा किया है कि प्रिंस खान अब दुबई छोड़कर पाकिस्तान में आतंकियों की पनाह में पहुंच चुका है। अब उसका भाई गोपी खान दुबई से ही बैठकर इस पूरे गैंग को ऑपरेट कर रहा है। प्रिंस का साला रितिक और आदिल भी इस समय दुबई में ही मौजूद हैं।   प्रिंस खान के परिवार और करीबियों पर शिकंजा इस नए इनपुट के बाद पुलिस अब प्रिंस खान के परिवार और उसके करीबियों पर शिकंजा कसने जा रही है। सैफी ने कबूला है कि रंगदारी से वसूली गई करोड़ों रुपये की रकम को प्रिंस ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर चल-अचल संपत्तियों में निवेश किया है। इस खुलासे के बाद गैंग को आर्थिक रूप से मदद करने वाले तमाम रिश्तेदार अब जांच के दायरे में आ गए हैं।    माता-पिता के बयानों पर पुलिस को शक मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बीते दिनों प्रिंस के माता-पिता से करीब 5 घंटे तक कड़ी पूछताछ की थी। हालांकि, उन्होंने दावा किया है कि उनका अपने बेटों से कोई संबंध नहीं है, लेकिन पुलिस को उनके इस बयान पर भरोसा नहीं है। पुलिस कमिश्नर और संबंधित एजेंसियां सैफी से मिले इनपुट्स के आधार पर शहर में सक्रिय गैंग के स्लीपर सेल और अपराधियों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी और कड़ियों का सत्यापन कर रही हैं।   केंद्रीय एजेंसियों की मदद लेगी धनबाद पुलिस पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रिंस खान के इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों (जैसे एनआईए या सीबीआई) की मदद ली जा रही है। पुलिस का मानना है कि दुबई में बैठा गोपी खान नेटवर्क को फिर से जीवित करने की कोशिश कर रहा है। गोपी के खिलाफ हत्या, रंगदारी, फायरिंग और धमकी देने के 30 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। गोपी के खिलाफ सख्त इंटरनेशनल एक्शन के लिए धनबाद पुलिस जल्द ही पुलिस मुख्यालय को पत्र भेजेगी।   बंटी और गॉडविन पर पुलिस की नजर हाल के दिनों में कई नए मुकदमों में नामजद होने के बावजूद प्रिंस का भाई बंटी फिलहाल जमानत पर जेल से बाहर है। पुलिस को अंदेशा है कि वह भी अपने भाइयों की तरह देश छोड़कर भागने की फिराक में हो सकता है, लिहाजा उस पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। वहीं, चाईबासा जेल में बंद गॉडविन पर भी कड़ी नजर है, क्योंकि पुलिस को शक है कि वह जेल के भीतर से ही नए अपराधियों को प्रिंस के गैंग में शामिल करने का खेल रच रहा है। जेल प्रशासन से गॉडविन से मिलने आने वाले हर शख्स का ब्योरा मांगा गया है।   व्यवसायी ने खुद को गैंग से अलग बताया इधर, वासेपुर-भूली रोड के रहने वाले कबाड़ गोदाम संचालक सैयद मोहम्मद आरिफ खान उर्फ गोल्डन ने सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से खुद पर लग रहे आरोपों का खंडन किया है। उनका कहना है कि वे प्रिंस के गुर्गे नहीं हैं, बल्कि एक साधारण व्यवसायी हैं, जो कड़ी मेहनत से परिवार चलाते हैं। उनका इस आपराधिक सिंडिकेट से कोई लेना-देना नहीं है। हालांकि पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है।

Unknown मई 19, 2026 0
Dhanbad mafia
कोयलांचल का काला इतिहास धनबाद में माफिया राज का आतंत

धनबाद। धनबाद की धरती के भीतर दबा 'काला सोना' यानी कोयला, जितना कीमती है, उसके ऊपर का इतिहास  उतना ही रक्तरंजित रहा है। कोयले ने यहां की मिट्टी को सिर्फ काला ही नहीं, बल्कि रक्तरंजित भी किया है। 'नोटों की चाहत' और वर्चस्व की ऐसी जंग, जिसने कभी लाठियों के दम पर मजदूरों को हांका, तो कभी अत्याधुनिक बंदूकों से समानांतर सरकार चलाई। आज के संगठित अपराध की जड़ें असल में दशकों पुराने उस 'माफिया कल्चर' में छिपी हैं, जहां कोयला मालिकों के मुखौटे ही यहां के असली कानून बन गए थे। वर्चस्व की जंग और माफिया राज का उदय धनबाद में 1960 के समय लठैतों के दौर से संगठित अपराध तक आज भी कायम है। आज कोयला माफिया सरकार और हुक्मरानों के करीबी बनकर उसी तरह कोयले को लूट कर रहे हैं, जैसे कोल इंडिया के अधीन से पहले कंपनी राज में लूट की जाती थी। तरीका एक ही जैसा है, बस आधुनिक युग में कोयले के लुटेरे अपग्रेड हो गए हैं। मौजूदा समय में धनबाद जिले के बाघमारा, निरसा, झरिया, समेत कई इलाकों के अवैध कोयला उत्खनन के लिए हिट लिस्ट में शामिल हैं। यहां कोयला माफियाओं के खिलाफ खड़े होने वाले लोगों का हश्र बहुत बुरा होता है। फिर चाहे कोई जिला प्रशासन या पुलिस के अधिकारी हो या फिर बीसीसीएल के या सीआईएसफ के जवान या अधिकारी। कोयला माफिया इनपर टूट कर पड़ जाते है। जानलेवा हमला किया जाता है। लेकिन, कोयला माफियाओं का कुछ नहीं होता। हां दिखावे के लिए केस दर्ज किया जाता है, लेकिन किसी की कोई गिरफ्तारी नहीं होती।  पुलिस-प्रशासन पर कोयला माफियाओं का हमला 2025 में जून-जुलाई के समय बाघमारा में पुलिस के एक डीएसपी पर कोयला माफियाओं ने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इससे पहले सीआईएसफ की एक महिला अधिकारी समेत 8 जवानों को कोयला माफियाओं ने जानलेवा हमला कर घायल कर दिया था। अभी हाल ही में झरिया के बोर्रागढ़ में कोयला माफियाओं ने एक एसआई और उनकी पत्नी के साथ बीच सड़क पर मारपीट की। इतना ही नहीं पुलिस अधिकारी की पत्नी के साथ बदसलूकी की गई। पीड़ित महिला इंसाफ के लिए अपने ही डिपार्टमेंट के लोगों पास हाथ जोड़ती रही, लेकिन हुआ बस वही जो वर्षों से होता रहा है बस खानापूर्ति। यह एक उदाहरण है। ऐसी कई घटनाएं है जो धनबाद में लगभग हर दिन घटती है। 1960 के दशक की तरह ही दबदबा बनाए रखने की कोशिश अब सवाल उठता है कि धनबाद में कोयला माफिया इतने बेखौफ क्यों है? कहां से इन्हें इतनी शक्ति मिलती है, जो किसी को भी अपना निशाना बना देते है। इन्हें कानून का डर क्यों नहीं है। बीते मंगलवार को देर रात भी गिरिडीह जिले में बेखौफ कोयला चोरों ने सीसीएल के सुरक्षा गार्ड पर हमला किया। हमले में एक व्यक्ति की मौत की सूचना है, जबकि कई लोग घायल हैं। कोयला माफियाओं का यह तरीका भी ठीक उसी तरह का है, जैसे धनबाद के कोयला माफियाओं का अब तक रहा है। कोयला माफियाओं के इस दबंग प्रवृति और हिंसक मानसिकता को समझने के लिए धनबाद के पिछले 60 सालों के इतिहास को खंगाला होगा। इसमें जो सच्चाई निकल कर आती है, वह बिल्कुल हैरान करने वाली है। कोयले में वर्चस्व और अवैध कारोबार की कहानी आज से 60 साल पहले ही लिखी गई है। आज का आपराधिक इतिहास भी ठीक उसी तरह चल रहा है जैसे 1960 के दशक में था। रातोरात नहीं खड़ा हुआ माफिया साम्रज्य 1960 के समय यूपी और बिहार में एक कहावत खूब मशहूर थी कि यहां नोट हवा में उड़ते हैं, बस पकड़ने की अक्ल होनी चाहिए। लेकिन, इतिहास गवाह है कि इन उड़ते नोटों को पकड़ने की चाहत ने इस पूरे क्षेत्र को अपराध और आतंक की ऐसी भट्ठी में झोंक दिया, जिसकी आंच आज भी महसूस की जाती है। कोयले की कालिख से उपजा यह माफिया राज कोई रातों-रात खड़ा हुआ तंत्र नहीं है, बल्कि यह दशकों के शोषण, राजनीतिक शह और वर्चस्व की लड़ाई का परिणाम है। निजी स्वामित्व और 'लठैत संस्कृति' की शुरुआत 1960 के दशक से पहले, जब कोयला खदानें निजी हाथों में थीं, तब अपराध का स्वरूप आज जैसा जटिल नहीं था। उस दौर में खदान मालिक मजदूरों से जबरन काम लेने और उन्हें डराने-धमकाने के लिए 'लठैत' पालते थे। ये लठैत खदान मालिकों के मुख्य हथियार होते थे, जिनका काम उत्पादन बढ़ाना और विरोध के स्वर को दबाना था। इसी दौर ने धनबाद में उस 'बाहुबल' की नींव रखी, जो आगे चलकर संगठित माफिया के रूप में विकसित हुआ। बीपी सिन्हा का दौर और बाहरी अपराधियों का आगमन वह समय बीपी सिन्हा के वर्चस्व का था। प्रशासन से लेकर सरकार तक उनकी तूती बोलती थी। जैसे-जैसे रेल संपर्क बढ़ा और बोकारो-सिंदरी जैसे औद्योगिक केंद्रों की चर्चा फैली, धनबाद अपराधियों के लिए 'एल डोराडो' यानी सोने की लंका बन गया। बिहार और उत्तर प्रदेश के शातिर अपराधी नाम बदलकर यहां की कोलियरियों में मजदूर बनकर रहने लगे। धनबाद के पुराने लोगों के अनुसार उस समय कोयला माफियाओं के पाले अपराधी स्थानीय गुंडों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देते और फिर वापस अपने राज्यों में सुरक्षित छिप जाते थे। 1960 से 1972 के बीच अपराध का ग्राफ जिस तेजी से बढ़ा, उसने धनबाद की सामाजिक संरचना को बदलकर रख दिया। कोयला माफियाओं के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले दर्जनों लोगों की हत्याएं हुई। कई लोगों के शव जलते कोयले के बॉयलर में झोंक दिये गये, तो कई लोगों को खदान के अंदर ही दफन कर दिया गया। जिस फिर कोई नहीं ढूंढ पाया। राष्ट्रीयकरण: जब मजदूर संघ बने अपराध के 'अड्डे'.... कोयला उद्योग के राष्ट्रीयकरण (1971-73) के बाद उम्मीद थी कि स्थितियां बदलेंगी, लेकिन हुआ इसके ठीक उलट। राष्ट्रीयकरण के बाद मजदूर संगठनों की बाढ़ आ गई। जल्द ही इन संगठनों का अपराधीकरण शुरू हो गया और यहीं से 'समानांतर सरकार' चलने की परंपरा शुरू हुई। रात के सन्नाटे में पत्थर मारकर दरवाजे तोड़ने वाले डकैत अब सूट-बूट पहनकर ठेकेदारी और रंगदारी के बड़े खेल में शामिल हो गए।   सिन्हा बनाम सिंह: वर्चस्व का वह रक्तरंजित अध्याय धनबाद का इतिहास बीपी सिन्हा और सूर्यदेव सिंह के बीच की तनातनी के बिना अधूरा है। कभी सिन्हा के समर्थक रहे सूर्यदेव सिंह ने जब अपनी अलग राह चुनी, तो कोयलांचल ने वह दौर देखा जहां गोलियां बात करती थीं। फौज की नौकरी छोड़कर आए लोग माफिया समूहों में भर्ती होने लगे और अत्याधुनिक हथियारों ने लाठियों की जगह ले ली। बीपी सिन्हा की हत्या ने इस वर्चस्व की जंग में अंतिम मुहर लगा दी। उनकी मौत के बाद सूर्यदेव सिंह का उदय हुआ और धनबाद में 'किंगमेकर' की भूमिका में एक नया नेतृत्व उभरा, जिसने राजनीति और अपराध के गठजोड़ को नई ऊंचाइयां दीं। जो आज भी कायम है। विरासत के इस बोझ से छुटकारा मुश्कल आज भी धनबाद का कोयलांचल उसी रक्तरंजित विरासत का बोझ ढो रहा है। अपहरण, रंगदारी और वर्चस्व की यह लड़ाई पीढ़ी दर पीढ़ी चलती आ रही है। कोयलांचल में अपराध की जड़ें इतनी गहरी हैं, क्योंकि इनके पीछे 'नोटों की वह चाहत' है जो कभी खत्म नहीं होती। जब तक कोयले के वैध-अवैध कारोबार में पारदर्शिता नहीं आएगी और राजनीतिक संरक्षण का खात्मा नहीं होगा, तब तक धनबाद की हवाओं में बारूद की गंध और कोयले की कालिख बरकरार रहेगी।

Unknown मई 15, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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abhishek singh जुलाई 2, 2026 0

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