राष्ट्रीय

RG Kar case
आरजी कर केस में हाईकोर्ट ने दोबारा  सीबीआई को क्राइम सीन सील करने का दिया आदेश

कोलकाता, एजेंसियां। कोलकाता के चर्चित आरजी कर मेडिकल कॉलेज दुष्कर्म और हत्या मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को कड़े निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने मामले के मुख्य घटनास्थल को दोबारा सुरक्षित तरीके से सील करने का आदेश दिया है। यह निर्देश पीड़िता के परिवार द्वारा दायर नई याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया।   करीब दो वर्ष पहले हुए इस सनसनीखेज मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। मामले के मुख्य आरोपी संजय रॉय को पहले ही आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है, लेकिन पीड़िता के परिवार ने जांच के कुछ पहलुओं पर सवाल उठाते हुए आगे की जांच की मांग की है।   अदालत ने सीबीआई से पूछे तीखे सवाल मंगलवार को जस्टिस शंपा सरकार और जस्टिस तीर्थंकर घोष की विशेष डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई। अदालत ने शुरुआत से ही जांच एजेंसी के रवैये पर सख्त रुख अपनाया। कोर्ट ने सीबीआई से पूछा कि जब एजेंसी ने जांच अपने हाथ में ली थी, तब अस्पताल के किन-किन हिस्सों को सील किया गया था। सीबीआई की ओर से बताया गया कि केवल सेमिनार हॉल को सील किया गया था। इस जवाब पर अदालत ने नाराजगी जताई और पूछा कि क्या अन्य संभावित स्थानों को सुरक्षित करने की जरूरत नहीं समझी गई। कोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि क्या जांच के दौरान किसी समय उस सील को खोला गया था।   सबूतों की सुरक्षा पर हाईकोर्ट की चिंता मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में सबूतों से छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। अदालत ने सीबीआई को निर्देश दिया कि सेमिनार रूम को तुरंत दोबारा सील किया जाए और यदि जांच के लिहाज से अन्य स्थान महत्वपूर्ण हों, तो उन्हें भी सुरक्षित किया जाए।   21 मई को होगी अगली सुनवाई पीड़िता के माता-पिता का दावा है कि इस अपराध में एक से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं। इसी आधार पर उन्होंने आगे की जांच की मांग की है। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 21 मई को निर्धारित की है, जहां सीबीआई और पीड़ित परिवार दोनों की दलीलें सुनी जाएंगी।

Anjali Kumari मई 20, 2026 0
Bengal OBC reservation
बंगाल में ओबीसी आरक्षण पर बड़ा फैसला, कोटा 17% से घटाकर 7% हो गया मुस्लिम समुदाय ओबीसी सूची से बाहर

कोलकाता, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल में ओबीसी आरक्षण को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। राज्य के पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने नई अधिसूचना जारी कर 66 जातियों के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण को 17 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया है। इस बदलाव के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस फैसले को राज्य की भाजपा सरकार और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Suvendu Adhikari की ओर से बड़ा प्रशासनिक सुधार बताया जा रहा है। सरकार का कहना है कि नई नीति का उद्देश्य वास्तव में पिछड़े समुदायों को आरक्षण का लाभ पहुंचाना है।   मुस्लिम समुदायों को ओबीसी सूची से बाहर किया गया नई नीति का सबसे अहम पहलू यह है कि फिलहाल मुस्लिम समुदायों को ओबीसी सूची से बाहर कर दिया गया है। पहले ओबीसी-ए और ओबीसी-बी श्रेणियों में कई मुस्लिम समुदाय शामिल थे और उन्हें आरक्षण का लाभ मिलता था। सरकार का कहना है कि धर्म के आधार पर आरक्षण देना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। अधिकारियों के अनुसार यह फैसला अदालत की टिप्पणियों और कानूनी बाध्यताओं को ध्यान में रखकर लिया गया है।   हाईकोर्ट के फैसले के बाद बढ़ी कार्रवाई इस मुद्दे पर पहले कोलकाता हाई कोर्ट ने कई मुस्लिम समुदायों को ओबीसी सूची में शामिल किए जाने को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया था। बाद में यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।   राज्य सरकार का कहना है कि पिछली सरकारों के दौरान आरक्षण व्यवस्था में कानूनी और सर्वेक्षण संबंधी गंभीर विसंगतियां थीं। भाजपा सरकार के अनुसार संशोधित नीति से उन हिंदू समुदायों को अधिक लाभ मिलेगा जो वास्तव में सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े हैं।   सरकारी नौकरियों और शिक्षा में तुरंत लागू होगी व्यवस्था नई आरक्षण व्यवस्था को सरकारी नौकरियों और उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया में तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्णय लिया गया है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस फैसले का पश्चिम बंगाल की राजनीति पर बड़ा असर पड़ सकता है, क्योंकि राज्य में ओबीसी और अल्पसंख्यक वोट बैंक हमेशा से अहम भूमिका निभाते रहे हैं।

Anjali Kumari मई 20, 2026 0
पशु वध मुद्दे पर घिरीं महुआ मोइत्रा, भाजपा नेता ने दर्ज कराई शिकायत

कोलकाता, एजेंसियां। महुआ मोइत्रा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। कृष्णानगर से तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ पश्चिम बंगाल के करीमपुर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। उन पर पश्चिम बंगाल पशु वध नियंत्रण अधिनियम, 1950 से जुड़े मुद्दे पर विवादित टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है। यह विवाद उनके एक फेसबुक पोस्ट के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने राज्य सरकार के हालिया दिशा-निर्देशों और पशु व्यापार से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए थे। भाजपा नेताओं ने इसे भड़काऊ और सांप्रदायिक माहौल खराब करने वाला बयान बताया है।   भाजपा नेता ने दर्ज कराई शिकायत स्थानीय भाजपा नेता गोलोक बिस्वास ने करीमपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लोगों की भावनाएं भड़काने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की। महुआ मोइत्रा ने 16 मई को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर एक वीडियो पोस्ट किया था। वीडियो में उन्होंने दावा किया कि गौहत्या से जुड़े नए दिशा-निर्देश एक विशेष वर्ग को खुश करने के उद्देश्य से बनाए गए हैं। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों और गोमांस निर्यात पर मिलने वाली सब्सिडी का मुद्दा भी उठाया।   भाजपा ने आरोपों को बताया भ्रामक करीमपुर से भाजपा विधायक Samarendra Nath Ghosh ने महुआ मोइत्रा के आरोपों को गलत और भ्रामक बताया। उन्होंने कहा कि सरकारी निर्देशों में कहीं भी पशु बाजार बंद करने की बात नहीं कही गई है। उनके अनुसार यह कदम भारत-बांग्लादेश सीमा पर गायों की तस्करी रोकने के लिए उठाया गया है। भाजपा नेताओं ने यह भी मांग की है कि यह जांच होनी चाहिए कि क्या सांसद तस्करी से जुड़े तत्वों को समर्थन दे रही हैं।   पहले से जारी है आरोप-प्रत्यारोप राजनीतिक विवाद इससे पहले भी गर्माया हुआ था। भाजपा नेता गोलक बिश्वास ने सोशल मीडिया पर महुआ मोइत्रा के खिलाफ टिप्पणी की थी, जिसके बाद सांसद ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। अब दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप से सीमा क्षेत्र करीमपुर का राजनीतिक माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

Anjali Kumari मई 20, 2026 0
HDFC Bank employees working in hybrid mode amid rising fuel prices and work from home trend
ईंधन संकट के बीच बढ़ा Work From Home का ट्रेंड, HDFC Bank ने दी हाइब्रिड वर्क की सुविधा

HDFC Bank ने अपने कुछ कर्मचारियों को हफ्ते में दो दिन घर से काम करने की अनुमति दे दी है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल रहा है और देश में पेट्रोल-डीजल महंगा हो गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह व्यवस्था फिलहाल 30 दिनों के लिए लागू की गई है, जिसके बाद इसकी समीक्षा की जाएगी। बैंक ने यह सुविधा मुख्य रूप से बिजनेस एनेबलिंग और कॉरपोरेट एनेबलिंग फंक्शंस से जुड़े कर्मचारियों को दी है। किन कर्मचारियों को मिलेगा Work From Home? HDFC Bank के अनुसार हाइब्रिड मॉडल में शामिल विभागों में: ट्रेजरी ऑपरेशंस क्रेडिट अंडरराइटिंग एंड रिस्क ट्रांजैक्शन बुकिंग डिजिटल बैंकिंग IT सर्विसेज जैसे बिजनेस एनेबलिंग फंक्शंस शामिल हैं। वहीं कॉरपोरेट एनेबलिंग फंक्शंस में: ह्यूमन रिसोर्सेज फाइनेंस एंड अकाउंट्स लीगल एंड कंप्लायंस सेक्रेटेरियल और बोर्ड फंक्शंस को शामिल किया गया है। हालांकि बैंक ने साफ किया है कि उसकी सभी शाखाएं और कस्टमर फेसिंग सर्विसेज पहले की तरह सामान्य रूप से काम करती रहेंगी। पीएम मोदी की अपील के बाद बढ़ा Hybrid Work Model प्रधानमंत्री Narendra Modi ने हाल ही में कंपनियों और लोगों से ईंधन बचाने के लिए Work From Home को बढ़ावा देने की अपील की थी। ईरान युद्ध के चलते कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 50% तक तेजी आई है। इसका असर: भारत के आयात बिल चालू खाते के घाटे पेट्रोल-डीजल कीमतों और रुपये की स्थिति पर साफ दिखाई दे रहा है। इसी वजह से कई कंपनियां अब हाइब्रिड वर्क मॉडल की तरफ लौट रही हैं। दूसरे बैंक भी अपना रहे Hybrid Model IndusInd Bank ने भी हाल ही में कुछ कर्मचारियों के लिए हाइब्रिड मॉडल लागू किया है। वहीं Axis Bank में 2021 से ही नॉन-कस्टमर फेसिंग कर्मचारियों के लिए Hybrid Work Policy लागू है, जिसके तहत कर्मचारियों को सप्ताह में सिर्फ दो दिन ऑफिस आना पड़ता है। Zoho ने किया Work From Home से इनकार जहां कई कंपनियां WFH को बढ़ावा दे रही हैं, वहीं Zoho Corporation के फाउंडर Sridhar Vembu ने साफ कहा है कि उनकी कंपनी फिलहाल Work From Home लागू नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि कंपनी ने हाल ही में अपनी WFH पॉलिसी की समीक्षा की थी और निष्कर्ष निकाला कि खासकर रिसर्च और एनालिसिस जैसे क्षेत्रों में आमने-सामने बैठकर काम करने से बेहतर नतीजे मिलते हैं। हालांकि ईंधन बचाने के लिए Zoho: इलेक्ट्रिक बस इलेक्ट्रिक कुकिंग और सोलर एनर्जी जैसे विकल्पों पर काम कर रही है। बढ़ती तेल कीमतों का असर कंपनियों की रणनीति पर ईंधन की बढ़ती कीमतों ने अब कंपनियों की वर्क पॉलिसी पर भी असर डालना शुरू कर दिया है। जहां कुछ कंपनियां कर्मचारियों को घर से काम की सुविधा देकर ट्रैवल कम करना चाहती हैं, वहीं कुछ कंपनियां ऑफिस कल्चर को ज्यादा प्रभावी मान रही हैं। आने वाले समय में तेल की कीमतों और आर्थिक हालात के आधार पर Work From Home और Hybrid Work Model को लेकर और बड़े फैसले देखने को मिल सकते हैं।  

surbhi मई 20, 2026 0
Railway pantry staff serving food to passengers amid debate over rising train meal prices in India
पेट्रोल-डीजल महंगा होने के बाद क्या बढ़ेंगे ट्रेन के खाने के दाम? रेलवे कैटरर्स ने उठाई मांग

Indian Railway Catering and Tourism Corporation और Indian Railways से जुड़ी खानपान सेवाओं को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। ईरान-इजरायल तनाव के बाद बढ़ती महंगाई और ईंधन कीमतों के बीच अब ट्रेन में मिलने वाला खाना भी महंगा हो सकता है। रेलवे कैटरर्स के संगठन ने खाने-पीने की चीजों के रेट बढ़ाने की मांग की है। रेलवे कैटरर्स ने IRCTC को लिखा पत्र ट्रेनों में खानपान सेवा देने वाले ठेकेदारों के संगठन Indian Railway Mobile Caterers Association ने IRCTC को पत्र लिखकर तत्काल टैरिफ रिवीजन की मांग की है। संगठन के अध्यक्ष शरण बिहारी अग्रवाल ने अपने पत्र में कहा है कि: पेंट्री कार में बिकने वाले खाने-पीने के दाम आखिरी बार 2019 में तय हुए थे तब से खाद्य सामग्री, गैस और ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है कर्मचारियों का वेतन भी बढ़ा है मौजूदा रेट पर क्वालिटी बनाए रखना मुश्किल हो रहा है कैटरर्स का दावा है कि कई वस्तुओं की लागत में 250% तक बढ़ोतरी हो चुकी है। किन ट्रेनों पर पड़ सकता है असर? रेलवे में खानपान सेवाएं मुख्य रूप से दो तरह की होती हैं: 1. प्री-पेड कैटरिंग इनमें यात्री टिकट बुकिंग के दौरान ही खाने का पैसा दे देते हैं। यह सुविधा मुख्य रूप से: Rajdhani Express Shatabdi Express Vande Bharat Express जैसी प्रीमियम ट्रेनों में मिलती है। 2. पोस्ट-पेड कैटरिंग इन ट्रेनों में यात्री खाना खरीदने के बाद भुगतान करते हैं। कैटरर्स संगठन ने दोनों कैटेगरी में कीमतें बढ़ाने की मांग की है। क्या तुरंत बढ़ सकते हैं खाने के दाम? रेलवे से जुड़े जानकारों के अनुसार, पेंट्री कार सेवाओं के टेंडर “फिक्स रेट सप्लाई” मॉडल पर दिए जाते हैं। इसका मतलब है कि: टेंडर अवधि के दौरान तय कीमतें नहीं बदली जा सकतीं पुराने कॉन्ट्रैक्ट में बीच में रेट बढ़ाने का प्रावधान नहीं होता नई कीमतें केवल भविष्य के टेंडर पर लागू हो सकती हैं यानी फिलहाल यात्रियों को तुरंत महंगे खाने का सामना शायद न करना पड़े। अगर घाटा हो रहा है तो क्या करेंगे कैटरर्स? रेलवे अधिकारियों का कहना है कि हर टेंडर में “एग्जिट क्लॉज” मौजूद होता है। यदि किसी ठेकेदार को तय दरों पर काम करना घाटे का सौदा लग रहा है, तो वह कॉन्ट्रैक्ट छोड़ सकता है। अधिकारियों के मुताबिक रेलवे किसी ठेकेदार पर पुराने रेट पर काम जारी रखने का दबाव नहीं बनाता। महंगाई का असर रेलवे सेवाओं तक पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी का असर अब रेलवे कैटरिंग तक पहुंचता दिख रहा है। अगर भविष्य में नए टेंडर्स में कीमतें बढ़ाई जाती हैं, तो यात्रियों को ट्रेन में चाय, नाश्ता और भोजन के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ सकते हैं। हालांकि रेलवे फिलहाल पुराने कॉन्ट्रैक्ट्स के नियमों के तहत ही सेवाएं जारी रखे हुए है।  

surbhi मई 20, 2026 0
Medical stores protest
ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में देशभर में मेडिकल स्टोर बंद

नई दिल्ली, एजेंसियां। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के आह्वान पर आज यानी 20 मई 2026 को देशभर में दवा दुकानों का शटर डाउन रहा। संगठन ने ऑनलाइन दवा बिक्री और कथित नियामक उल्लंघनों के विरोध में 24 घंटे की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। AIOCD का दावा है कि देशभर के लगभग 12.5 लाख दवा विक्रेता इस बंद में शामिल हुए हैं। हालांकि मरीजों को परेशानी से बचाने के लिए आपातकालीन दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है।   ऑनलाइन दवा बिक्री पर उठाए सवाल दवा विक्रेताओं का आरोप है कि ऑनलाइन दवा बिक्री मौजूदा कानूनों और नियमों का उल्लंघन कर रही है। संगठन का कहना है कि इससे पारंपरिक मेडिकल स्टोरों का कारोबार प्रभावित हो रहा है और नकली या खराब गुणवत्ता वाली दवाओं के बाजार में आने का खतरा बढ़ सकता है। AIOCD के अध्यक्ष जगन्नाथ शिंदे ने कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री से संबंधित जीएसआर 817 अधिसूचना कई कानूनी और व्यावहारिक समस्याएं पैदा करती है। उन्होंने सरकार से तत्काल प्रभाव से ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगाने और इस क्षेत्र के लिए स्पष्ट कानून बनाने की मांग की है।   कोरोना काल के बाद बढ़ी ऑनलाइन कंपनियों की सक्रियता संगठन के अनुसार, कोरोना महामारी के दौरान सरकार ने दवाओं की होम डिलीवरी के लिए विशेष अनुमति दी थी। महामारी खत्म होने के बाद भी यह व्यवस्था जारी रही, जिससे बड़ी ऑनलाइन कंपनियों की बाजार में सक्रियता बढ़ गई। दवा विक्रेताओं का कहना है कि भारी छूट और निवेश के दम पर कॉरपोरेट कंपनियां छोटे कारोबारियों के लिए चुनौती बन रही हैं।   सरकार से ये हैं प्रमुख मांगें AIOCD ने सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री पर स्पष्ट नीति लागू करने, अवैध बिक्री पर रोक लगाने और खुदरा दवा विक्रेताओं को प्रतिस्पर्धा में राहत देने की मांग की है। संगठन ने यह भी कहा कि डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवा के समान दूसरे ब्रांड की दवा देने का अधिकार मेडिकल स्टोर संचालकों को मिलना चाहिए। कई बार ज्ञापन देने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर संगठन ने देशव्यापी बंद का फैसला लिया।

Anjali Kumari मई 20, 2026 0
Prime Minister Narendra Modi addresses India-Nordic Summit in Norway alongside Nordic leaders
भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी का बड़ा संदेश, बोले- आतंकवाद पर ‘नो कॉम्प्रोमाइज, नो डबल स्टैंडर्ड्स’

Narendra Modi ने Norway में आयोजित तीसरे India-Nordic Summit के बाद आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश देते हुए कहा कि इस मुद्दे पर किसी भी तरह का समझौता या दोहरा रवैया स्वीकार नहीं किया जा सकता। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आतंकवाद पर हमारा स्पष्ट और एकजुट रुख है — नो कॉम्प्रोमाइज, नो डबल स्टैंडर्ड्स।” भारत और नॉर्डिक देश ‘नेचुरल पार्टनर्स’ पीएम मोदी ने कहा कि भारत और नॉर्डिक देश स्वाभाविक साझेदार हैं और टेक्नोलॉजी दोनों की साझा प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दोनों पक्षों के संबंधों में तेजी से प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि भारत और नॉर्डिक देशों के बीच व्यापार में चार गुना वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि पिछले एक दशक में भारत में नॉर्डिक निवेश 200 प्रतिशत से अधिक बढ़ा है। वैश्विक शांति और नियम-आधारित व्यवस्था पर जोर प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक संघर्षों का जिक्र करते हुए कहा कि चाहे Ukraine का युद्ध हो या पश्चिम एशिया की स्थिति, भारत हमेशा शांति और जल्द समाधान के प्रयासों का समर्थन करता रहेगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक तनाव के दौर में भारत और नॉर्डिक देश मिलकर नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम करेंगे। रिसर्च, स्टार्टअप और इनोवेशन में बढ़ेगा सहयोग पीएम मोदी ने कहा कि अनुसंधान और इनोवेशन भारत-नॉर्डिक साझेदारी का अहम आधार बन चुके हैं। दोनों पक्ष विश्वविद्यालयों, रिसर्च लैब्स और स्टार्टअप इकोसिस्टम के बीच सहयोग को और मजबूत करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि आर्कटिक और ध्रुवीय अनुसंधान के क्षेत्र में साझेदारी को गहरा करने पर सहमति बनी है। स्वच्छ ऊर्जा और ब्लू इकोनॉमी पर खास फोकस शिखर सम्मेलन में स्थिरता, स्वच्छ ऊर्जा, उभरती तकनीक, ब्लू इकोनॉमी और हरित विकास जैसे मुद्दों पर विशेष चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और नॉर्डिक देशों की साझेदारी लगातार अधिक मजबूत और गतिशील होती जा रही है, जो भविष्य में वैश्विक विकास और स्थिरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। स्वीडन, फिनलैंड और डेनमार्क के साथ तकनीकी साझेदारी पीएम मोदी ने कहा कि भारत नॉर्डिक देशों की विशेषज्ञता को अपनी प्रतिभा और नवाचार क्षमता के साथ जोड़कर वैश्विक समाधान विकसित करेगा। उन्होंने कहा कि: Sweden की उन्नत विनिर्माण और रक्षा तकनीक Finland की दूरसंचार और डिजिटल विशेषज्ञता Denmark की साइबर सुरक्षा और स्वास्थ्य तकनीक को भारत की तकनीकी क्षमता के साथ जोड़कर दुनिया के लिए भरोसेमंद समाधान तैयार किए जाएंगे। कौशल विकास और प्रतिभा आवागमन पर भी सहमति प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और नॉर्डिक देशों के बीच कौशल विकास और प्रतिभा आदान-प्रदान के नए अवसर भी विकसित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए साझा दृष्टिकोण पर आधारित है।  

surbhi मई 20, 2026 0
Cartoon depicting Prime Minister Narendra Modi as a snake charmer sparks racism controversy online
पीएम मोदी के ‘स्नेक चार्मर’ कार्टून पर विवाद, नॉर्वे के अखबार पर लगा नस्लवाद का आरोप

Narendra Modi को लेकर नॉर्वे के एक प्रमुख अखबार में प्रकाशित कार्टून पर विवाद गहरा गया है। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने इस कार्टून को नस्लवादी, भारत विरोधी और औपनिवेशिक मानसिकता से प्रेरित बताया है। यह विवाद नॉर्वे के अखबार Aftenposten में प्रकाशित एक कार्टून को लेकर शुरू हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी को ‘स्नेक चार्मर’ यानी सपेरे के रूप में दिखाया गया था। कार्टून में क्या दिखाया गया? कार्टून में पीएम मोदी को हाथ में बीन जैसी पाइप पकड़े दिखाया गया है। सामने लकड़ी के बॉक्स में सांप की जगह पेट्रोल स्टेशन के पाइप जैसा चित्र बनाया गया है। यह कार्टून एक ओपिनियन आर्टिकल के साथ प्रकाशित हुआ था, जिसका शीर्षक था — “एक चालाक और थोड़ा परेशान करने वाला आदमी।” कार्टून सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे भारत की पुरानी और रूढ़िवादी छवि से जोड़ने की कोशिश बताया। सोशल मीडिया पर लोगों का फूटा गुस्सा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और अन्य माध्यमों पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने कहा कि यह कार्टून पश्चिमी देशों की उस पुरानी सोच को दर्शाता है, जिसमें भारत को “सांप-सपेरों का देश” के रूप में देखा जाता था। एक यूजर ने लिखा कि यह चित्रण साफ तौर पर नस्लवादी है और भारत की आधुनिक छवि को कमजोर करने की कोशिश करता है। कुछ लोगों ने कहा कि पश्चिमी मीडिया के कुछ हिस्से आज भी औपनिवेशिक मानसिकता से बाहर नहीं निकल पाए हैं। पीएम मोदी पहले भी उठा चुके हैं यह मुद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार सार्वजनिक मंचों से कह चुके हैं कि दुनिया कभी भारत को “सपेरों का देश” मानती थी, लेकिन अब भारत तकनीक, डिजिटल इनोवेशन और वैश्विक नेतृत्व के क्षेत्र में नई पहचान बना चुका है। इसी वजह से कार्टून को लेकर लोगों की नाराजगी और बढ़ गई है। कई यूजर्स का कहना है कि इस तरह का चित्रण आधुनिक भारत की उपलब्धियों को नजरअंदाज करता है। पत्रकार के सवाल के बाद बढ़ा विवाद यह मामला उस समय और ज्यादा चर्चा में आ गया जब नॉर्वे दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी से मीडिया के सवाल नहीं लेने को लेकर एक पत्रकार ने सार्वजनिक रूप से सवाल उठाया। इसके बाद प्रकाशित कार्टून को कुछ लोगों ने उसी विवाद से जोड़कर देखा, इस मामले पर अभी तक नॉर्वे सरकार या अखबार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।  

surbhi मई 20, 2026 0
Wreckage of Air India AI171 crash and Captain Sumeet Sabharwal amid ongoing investigation debate
AI-171 विमान हादसा: “आखिरी सांस तक कंट्रोल पर थे कैप्टन”, मोर्चरी से सामने आए दावे ने बढ़ाई बहस

Air India Flight AI171 Crash को लेकर एक नया और भावुक दावा सामने आया है। हादसे में अपने परिवार के तीन सदस्यों को खोने वाले गुजरात के खेड़ा निवासी Roman Vohra ने दावा किया है कि उन्होंने मोर्चरी में पायलट Captain Sumeet Sabharwal का शव “बैठी हुई अवस्था” में देखा था और उनके हाथ अब भी विमान के कंट्रोल पर थे। हादसे में गई थी 260 लोगों की जान Air India की फ्लाइट AI-171 12 जून को Sardar Vallabhbhai Patel International Airport से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद मेघानीनगर इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। विमान लंदन जा रहा था। इस भीषण हादसे में विमान में सवार 241 लोगों और जमीन पर मौजूद 19 लोगों की मौत हो गई थी। केवल एक यात्री जीवित बचा था। विमान का संचालन कैप्टन सुमीत सभरवाल और सह-पायलट Clive Kunder कर रहे थे। “मोर्चरी में देखा पायलट का शव” रोमन वोहरा ने बताया कि वह 13 जून को अपने भाई, भतीजी और बुआ के शव की पहचान के लिए अहमदाबाद सिविल अस्पताल की मोर्चरी पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि मेडिकल क्षेत्र से जुड़े होने के कारण उन्हें अंदर जाने की अनुमति मिली थी। उनके अनुसार, कैप्टन सुमीत सभरवाल का शव बाकी शवों से अलग रखा गया था और शरीर कठोर अवस्था में बैठने की मुद्रा में था, मानो वह अभी भी विमान की सीट पर बैठे हों। “पायलट के हाथ कंट्रोल योक पर थे” रोमन वोहरा ने दावा किया कि पायलट के हाथ विमान के कंट्रोल योक पर थे और पैर भी बैठे हुए व्यक्ति की मुद्रा में मुड़े हुए थे। उन्होंने कहा कि यूनिफॉर्म और शरीर की बनावट से उन्होंने पायलट की पहचान की। उनके मुताबिक, शव का आगे का हिस्सा और चेहरा ज्यादा नहीं जला था, जबकि पीठ की ओर अधिक जलने के निशान थे। डीएनए मैच के बाद मिला शव रोमन वोहरा ने बताया कि हादसे के बाद कई दिनों तक परिवार के लोग अस्पताल के बाहर इंतजार करते रहे। बाद में डीएनए मिलान के बाद उनके परिजनों के शव सौंपे गए। उन्होंने कहा कि मेडिकल फील्ड से जुड़े होने के कारण वह शरीर की संरचना और अन्य संकेतों के आधार पर पहचान कर सके कि वह शव कैप्टन सभरवाल का ही था। अमेरिकी लॉ फर्म ने उठाए सवाल अमेरिका की लॉ फर्म Chiunuma Law, जो हादसे में मारे गए 115 लोगों के परिवारों का प्रतिनिधित्व करने का दावा कर रही है, ने मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है। फर्म के केस मैनेजर Ayush Rajpal ने कहा कि यदि पायलट आखिरी समय तक विमान को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे थे, तो केवल अटकलों के आधार पर उन्हें दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हादसे के हर तकनीकी, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और मानवीय पहलू की स्वतंत्र विशेषज्ञों द्वारा जांच होनी चाहिए। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में क्या सामने आया था? Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) ने जुलाई में जारी अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा था कि उड़ान भरने के कुछ सेकंड बाद विमान के इंजन के फ्यूल कंट्रोल स्विच बंद हो गए थे। रिपोर्ट के अनुसार, कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डिंग में एक पायलट दूसरे से पूछता सुनाई देता है कि उसने फ्यूल सप्लाई क्यों बंद की, जबकि दूसरा जवाब देता है कि उसने ऐसा नहीं किया। AAIB के मुताबिक, फ्यूल सप्लाई बंद होने के बाद इंजन की शक्ति तेजी से कम होने लगी थी। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पिछले साल नवंबर में Supreme Court of India ने भी इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि हादसे के लिए किसी ने भी मुख्य पायलट को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। अदालत ने कैप्टन सुमीत सभरवाल के 91 वर्षीय पिता से कहा था कि वह किसी तरह का भावनात्मक बोझ अपने ऊपर न लें।  

surbhi मई 20, 2026 0
Congress leaders Siddaramaiah, D K Shivakumar and Mallikarjun Kharge during meeting over Karnataka leadership issue
कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा फिर तेज, खरगे ने सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के साथ की बैठक

Karnataka में कांग्रेस नेतृत्व को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री Siddaramaiah और उपमुख्यमंत्री D. K. Shivakumar के बीच नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं के बीच कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने दोनों नेताओं के साथ अहम बैठक की। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, खरगे ने सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ Thiruvananthapuram से Bengaluru लौटने के बाद राज्य के ऊर्जा मंत्री K. J. George के आवास पर चर्चा की। सत्ता संघर्ष की अटकलें फिर तेज कर्नाटक कांग्रेस में सत्ता साझाकरण और नेतृत्व परिवर्तन को लेकर लंबे समय से अटकलें लगती रही हैं। पिछले साल नवंबर में कांग्रेस सरकार के आधे कार्यकाल पूरे होने के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई थीं। राजनीतिक गलियारों में लगातार यह चर्चा रही है कि सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच सत्ता साझा करने को लेकर अंदरखाने खींचतान जारी है। बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा? सूत्रों के अनुसार, केरल में नई कांग्रेस सरकार के शपथ ग्रहण समारोह से लौटने के बाद नेताओं की यह अनौपचारिक बैठक हुई। इस दौरान राज्य के हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही अटकलों पर चर्चा की गई। बताया जा रहा है कि पार्टी के कुछ नेता नेतृत्व के मुद्दे पर कांग्रेस हाईकमान से स्पष्ट रुख चाहते हैं। कांग्रेस विधायक ने उठाए सवाल मधुगिरी से कांग्रेस विधायक K. N. Rajanna ने भी संकेत दिया कि नेतृत्व के मुद्दे पर अनौपचारिक चर्चा हुई होगी। उन्होंने कहा, “खरगे, राहुल गांधी, सिद्धारमैया और शिवकुमार सभी केरल में मौजूद थे, तो फिर वहीं चर्चा क्यों नहीं हुई?” राहुल गांधी ने भी मांगी रिपोर्ट सूत्रों के मुताबिक Rahul Gandhi ने राज्य की राजनीतिक स्थिति और अंदरूनी समीकरणों को लेकर वरिष्ठ नेताओं, जिनमें के.जे. जॉर्ज भी शामिल हैं, से फीडबैक मांगा था। कांग्रेस के अंदर अब पार्टी महासचिव K. C. Venugopal के अवकाश से लौटने का इंतजार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दिल्ली में भी अहम बैठकों का दौर शुरू हो सकता है।  

surbhi मई 20, 2026 0
Railway officials removing illegal slums near Bandra Terminus during anti-encroachment drive in Mumbai
मुंबई के बांद्रा स्टेशन पर रेलवे का बड़ा एक्शन, 18% अवैध झोपड़ियां हटाई गईं; आज भी जारी रहेगा अभियान

Western Railway ने Bandra Terminus के पास अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया है। Bombay High Court के निर्देशों के बाद शुरू किए गए इस अभियान के पहले दिन करीब 18 प्रतिशत अवैध झोपड़ियों को हटाया गया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई बुधवार को भी जारी रहेगी। 23 मई तक चलेगा अभियान पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी Vineet Abhishek ने बताया कि यह पांच दिवसीय अभियान 23 मई तक चलेगा। अभियान का उद्देश्य लगभग 5,300 वर्ग मीटर रेलवे भूमि को खाली कराना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। रेलवे के अनुसार बांद्रा टर्मिनस के पुनर्विकास के तहत यहां एलिवेटेड रोड, बहुमंजिला इमारतें, आधुनिक प्लेटफॉर्म और रखरखाव सुविधाओं से युक्त एकीकृत परिसर विकसित करने की योजना है। रेलवे भूमि पर बनी थीं 500 झोपड़ियां अधिकारियों के मुताबिक गरीब नगर इलाके में रेलवे की जमीन पर करीब 500 अवैध झोपड़ियां बनी हुई थीं। अभियान के पहले दिन इनमें से लगभग 15 से 18 प्रतिशत झोपड़ियों को खाली कराया गया। रेलवे ने कहा कि कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नागरिक प्रशासन, पुलिस और रेलवे सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त टीम तैनात की गई है। 2017 से चल रही थी कानूनी प्रक्रिया पश्चिम रेलवे के बयान के अनुसार इस मामले में सार्वजनिक परिसर अधिनियम के तहत कार्रवाई 2017 से पहले शुरू की गई थी और 27 नवंबर 2017 को बेदखली के आदेश पारित किए गए थे। रेलवे ने बताया कि इस मामले में लगभग नौ वर्षों तक न्यायिक प्रक्रिया चली, जिसमें Bombay High Court और Supreme Court of India में सुनवाई भी शामिल रही। हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से मिली अनुमति रेलवे अधिकारियों के अनुसार, बॉम्बे हाई कोर्ट ने 29 अप्रैल 2026 को दिए गए अपने आदेश में चिन्हित पात्र संरचनाओं को संरक्षण देते हुए अवैध अतिक्रमण हटाने की अनुमति दी थी। बाद में इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में भी बरकरार रखा गया। रेलवे का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत और मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए की जा रही है।  

surbhi मई 20, 2026 0
CBI officials investigating alleged Army tender corruption case linked to Colonel Himanshu Bali in Kolkata
सेना के टेंडर घोटाले में CBI का बड़ा एक्शन, कोलकाता में तैनात कर्नल हिमांशु बाली गिरफ्तार

Central Bureau of Investigation (CBI) ने सेना के टेंडरों में कथित रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए Colonel Himanshu Bali को गिरफ्तार किया है। कर्नल हिमांशु बाली Fort William स्थित पूर्वी कमान में सेना आयुध कोर में तैनात थे। सूत्रों के मुताबिक, कर्नल बाली पर करीब 50 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है। सीबीआई की एफआईआर में दावा किया गया है कि उन्होंने कानपुर की एक निजी कंपनी को सेना के टेंडर दिलाने में अनुचित लाभ पहुंचाया और इसके बदले रिश्वत स्वीकार की। क्या है पूरा मामला? सीबीआई के अनुसार यह मामला भारतीय सेना की टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि कर्नल हिमांशु बाली ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए एक निजी कंपनी को फायदा पहुंचाया। जांच एजेंसी ने मामले में छापेमारी और शुरुआती जांच के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की। फिलहाल सीबीआई यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस मामले में अन्य अधिकारी या निजी कंपनियां भी शामिल थीं या नहीं। सेना में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा संदेश विशेषज्ञों के मुताबिक सेना जैसे संवेदनशील संस्थान में किसी वरिष्ठ अधिकारी की गिरफ्तारी बेहद गंभीर मामला माना जाता है। यह कार्रवाई रक्षा संस्थानों में पारदर्शिता बनाए रखने और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख का संकेत मानी जा रही है। पूछताछ जारी सीबीआई ने कर्नल हिमांशु बाली से पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि आगे की पूछताछ में टेंडर घोटाले से जुड़े और अहम खुलासे हो सकते हैं।  

surbhi मई 20, 2026 0
Stray cattle standing on road in Chhattisgarh amid delays in Godham shelter scheme implementation
छत्तीसगढ़ में जमीन के इंतजार में अटकी गोधाम योजना, कई जिलों में भूमि की कमी बनी बड़ी चुनौती

Chhattisgarh सरकार की महत्वाकांक्षी गोधाम योजना जमीन आवंटन में हो रही देरी के कारण धीमी पड़ती नजर आ रही है। प्रदेशभर में 1,460 गोधाम स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन कई जिलों में पर्याप्त जमीन उपलब्ध नहीं होने से योजना अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रही है। बेसहारा मवेशियों की बढ़ती समस्या को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रत्येक विकासखंड में 10-10 गोधाम खोलने की योजना बनाई है। हालांकि, Raipur, Bilaspur और Raigarh समेत कई जिलों में अब तक पर्याप्त भूमि का आवंटन नहीं हो पाया है। मुख्यमंत्री ने किया था 29 गोधामों का शुभारंभ मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने 14 मार्च को बिलासपुर से 29 गोधामों का औपचारिक शुभारंभ किया था। सरकार का उद्देश्य सड़कों पर घूम रहे बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय देना और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना है। प्रदेश में आवारा मवेशियों की वजह से सड़क हादसों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इस मुद्दे पर Chhattisgarh High Court ने भी हाल ही में राज्य सरकार से कड़ी टिप्पणी करते हुए पूछा था कि यदि व्यवस्थाएं पर्याप्त हैं तो पशु अब भी सड़कों पर क्यों दिखाई दे रहे हैं। गोधाम के लिए कम से कम एक एकड़ जमीन जरूरी सरकारी योजना के अनुसार प्रत्येक गोधाम में चारा विकास के लिए न्यूनतम एक एकड़ भूमि आवश्यक है। सरकार की ओर से प्रति एकड़ 47 हजार रुपये प्रतिवर्ष की सहायता दी जाएगी। अधिकतम पांच एकड़ भूमि तक 2.35 लाख रुपये वार्षिक सहायता का प्रावधान किया गया है। प्रत्येक गोधाम में लगभग 200 गोवंश रखने की व्यवस्था की जाएगी। कर्मचारियों के लिए मानदेय तय राज्य सरकार ने गोधाम संचालन और पशुओं के संरक्षण के लिए कर्मचारियों का मानदेय भी निर्धारित कर दिया है। गोधाम कर्मचारियों को 10,916 रुपये प्रतिमाह पशुसेवकों (परिचारकों) को 13,126 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। इसके अलावा मवेशियों के चारे और रखरखाव के लिए भी चरणबद्ध आर्थिक सहायता तय की गई है। पहले वर्ष: 10 रुपये प्रति पशु प्रतिदिन दूसरे वर्ष: 20 रुपये प्रति पशु प्रतिदिन तीसरे वर्ष: 30 रुपये प्रति पशु प्रतिदिन चौथे वर्ष: 35 रुपये प्रति पशु प्रतिदिन चारा विकास कार्यक्रम के तहत एक एकड़ भूमि के लिए 47 हजार रुपये और पांच एकड़ तक के लिए 2.85 लाख रुपये की सहायता का प्रावधान किया गया है। जमीन आवंटन बना सबसे बड़ी चुनौती सरकार की योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने में सबसे बड़ी बाधा जमीन की उपलब्धता बनकर सामने आई है। कई जिलों में उपयुक्त भूमि की पहचान और आवंटन की प्रक्रिया अभी भी अधूरी है। ऐसे में गोधाम योजना के लक्ष्य को समय पर पूरा करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।  

surbhi मई 20, 2026 0
Arvind Kejriwal addressing NEET students amid paper leak controversy and exam stress concerns
NEET Paper Leak Case: छात्रों की परेशानी सुन भावुक हुए अरविंद केजरीवाल, कहा- ‘डॉक्टर बनकर ही रहना’

NEET परीक्षा और पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता का माहौल बना हुआ है। इसी बीच Arvind Kejriwal ने NEET छात्रों के समर्थन में भावुक संदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि NEET की तैयारी कर रहे छात्र केवल परीक्षार्थी नहीं, बल्कि उनके अपने बच्चों जैसे हैं और वह उनके भविष्य के लिए उसी तरह संघर्ष कर रहे हैं जैसे कोई पिता अपने बच्चों के लिए करता है। केजरीवाल ने कहा कि उन्हें बड़ी संख्या में छात्रों के संदेश मिले हैं, जिनमें उन्होंने अपनी परेशानियां, मानसिक तनाव और भविष्य को लेकर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि इन संदेशों ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया। “आपका सपना टूटने नहीं देंगे” अरविंद केजरीवाल ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि देश के लाखों छात्र कड़ी मेहनत करके डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं और किसी भी परिस्थिति में उनका यह सपना टूटना नहीं चाहिए। उन्होंने छात्रों से हिम्मत बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि मुश्किल हालात जीवन का हिस्सा हैं, लेकिन मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास से हर चुनौती को पार किया जा सकता है। उन्होंने कहा, “प्रिय NEET छात्रों, आपके इतने सारे संदेशों और आपकी भावनाओं की गहराई ने मुझे बहुत प्रभावित किया है। आपने मुझ पर भरोसा किया। हिम्मत बनाए रखें। एक संकल्प लें कि डॉक्टर बनकर ही रहेंगे। ईश्वर आप सभी का भला करे।” छात्रों के भविष्य को लेकर जताई चिंता केजरीवाल ने कहा कि आज के छात्र ही कल देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाएंगे। देश को ईमानदार, मेहनती और संवेदनशील डॉक्टरों की जरूरत है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य की रक्षा के लिए जो भी लड़ाई जरूरी होगी, उसमें वे उनके साथ खड़े रहेंगे। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ संदेश अरविंद केजरीवाल का यह भावुक संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बड़ी संख्या में छात्रों और अभिभावकों ने उनके बयान को प्रेरणादायक बताते हुए समर्थन दिया है। गौरतलब है कि NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। कई छात्र संगठन और अभिभावक परीक्षा में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।  

surbhi मई 20, 2026 0
West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee during cabinet meeting on revised OBC reservation policy
बंगाल में OBC आरक्षण में बड़ा बदलाव: 17% से घटकर 7% हुआ कोटा, अब सिर्फ 66 जातियां होंगी शामिल

West Bengal सरकार ने राज्य की OBC आरक्षण व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए आरक्षण को 17% से घटाकर 7% कर दिया है। नई सूची के अनुसार अब केवल 66 जातियां ही OBC आरक्षण के दायरे में रहेंगी। इसके साथ ही धर्म आधारित वर्गीकरण की व्यवस्था भी समाप्त कर दी गई है। राज्य सरकार का कहना है कि यह फैसला Calcutta High Court के 2024 के आदेश के आधार पर लिया गया है। हाईकोर्ट ने 2010 से 2012 के बीच OBC सूची में 77 अतिरिक्त जातियों को शामिल करने की प्रक्रिया को अवैध और असंवैधानिक बताया था। हालांकि, 2010 से पहले OBC सूची में शामिल जातियों का दर्जा बरकरार रहेगा। साथ ही, पहले से OBC कोटे के तहत नौकरी पा चुके लोगों की नियुक्तियों पर भी इस फैसले का कोई असर नहीं पड़ेगा। ममता सरकार की OBC-A और OBC-B व्यवस्था खत्म Mamata Banerjee सरकार ने पहले OBC आरक्षण को दो वर्गों में बांटा था। OBC-A को 10% और OBC-B को 7% आरक्षण दिया जा रहा था। इसी दौरान कई नई जातियों को भी सूची में शामिल किया गया था। इसी व्यवस्था को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट ने 2024 में फैसला सुनाया था। कोर्ट के आदेश के बाद 2010 के बाद जारी करीब 12 लाख OBC प्रमाणपत्र रद्द हो गए थे। नई सूची में किन जातियों को मिला स्थान नई OBC सूची में कपाली, कुर्मी, सुध्राधार, कर्मकार, सूत्रधार, स्वर्णकार, नाई, तांती, धनुक, कसाई, खंडायत, तुरहा, देवांग और गोआला जैसी जातियां शामिल हैं। वहीं पहाड़िया, हज्जाम और चौधुली जैसे तीन मुस्लिम समुदायों को भी सूची में रखा गया है। राज्य मंत्री Agnimitra Paul ने कैबिनेट बैठक के बाद कहा कि सरकार OBC ढांचे की नई समीक्षा करेगी। इसके लिए जांच समिति बनाई जाएगी और जरूरत पड़ने पर कानूनी प्रक्रिया के तहत कुछ समूहों को दोबारा सूची में शामिल किया जा सकता है। बंगाल कैबिनेट के 7 बड़े फैसले सरकारी नौकरियों में उम्र सीमा 5 साल बढ़ी राज्य कैबिनेट ने सरकारी नौकरियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 5 साल बढ़ाने का फैसला किया है। अब ग्रुप-A पदों के लिए उम्र सीमा 41 साल, ग्रुप-B के लिए 44 साल और ग्रुप C-D के लिए 45 साल होगी। यह नियम 11 मई से लागू होगा। भ्रष्टाचार जांच के लिए रिटायर्ड जज की कमेटी सरकार ने संस्थागत भ्रष्टाचार की जांच के लिए Justice Bishwajit Basu की अध्यक्षता में जांच पैनल बनाने को मंजूरी दी है। यह कमेटी सरकारी योजनाओं, निर्माण कार्यों और सेवा वितरण में कथित घोटालों की जांच करेगी। महिलाओं और बच्चियों पर अत्याचार की जांच महिलाओं, बच्चियों, SC-ST और अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े मामलों की जांच के लिए Justice Samapti Chatterjee की अध्यक्षता में दूसरी कमेटी बनाई जाएगी। शिकायत दर्ज कराने के लिए पोर्टल, ईमेल और व्हाट्सऐप सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। धार्मिक आधार पर मिलने वाला मानदेय बंद राज्य सरकार ने 1 जून से इमाम, मुअज्जिन और पुजारियों को दिए जाने वाले सरकारी मानदेय को बंद करने का फैसला लिया है। अभी तक इमामों को 3000 रुपए और मुअज्जिन तथा पुजारियों को 2000 रुपए मासिक सहायता दी जाती थी। महिलाओं को हर महीने 3000 रुपए कैबिनेट ने ‘अन्नपूर्णा योजना’ को मंजूरी दी है। इसके तहत महिलाओं को हर महीने 3000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। योजना का लाभ सीधे बैंक खातों में भेजा जाएगा। महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा 1 जून से महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। हालांकि सरकार ने फिलहाल बसों की संख्या बढ़ाने की कोई घोषणा नहीं की है। 7वें वेतन आयोग को मंजूरी राज्य सरकार ने कर्मचारियों के वेतन संशोधन के लिए 7वें राज्य वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। इसका लाभ सरकारी कर्मचारियों के साथ नगर निकायों और सरकारी शिक्षण संस्थानों के कर्मचारियों को भी मिलेगा।  

surbhi मई 20, 2026 0
Russian President Vladimir Putin and Indian Prime Minister during BRICS Summit discussions in New Delhi
BRICS Summit 2026: सितंबर में भारत आएंगे रूसी राष्ट्रपति पुतिन, नई दिल्ली में होगा शिखर सम्मेलन

रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin सितंबर में भारत दौरे पर आने वाले हैं। वह 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। दक्षिण अफ्रीका में रूसी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी पुष्टि की है। यह एक साल के भीतर पुतिन की दूसरी भारत यात्रा होगी। इससे पहले दिसंबर 2025 में 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए उन्होंने भारत का दौरा किया था। अब वह फिर से भारत में आयोजित होने वाले BRICS Summit में भाग लेने आ रहे हैं। भारत कर रहा है BRICS सम्मेलन की मेजबानी इस वर्ष BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी India कर रहा है। भारत चौथी बार इस संगठन की अध्यक्षता संभाल रहा है। इससे पहले भारत 2012, 2016 और 2021 में BRICS की मेजबानी कर चुका है। नई दिल्ली में होने वाला यह सम्मेलन वैश्विक राजनीति, व्यापार, आर्थिक सहयोग और विकासशील देशों के बीच साझेदारी को मजबूत करने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। BRICS देशों के बीच तेजी से बढ़ा व्यापार हाल ही में गुजरात के गांधीनगर में आयोजित BRICS व्यापार एवं आर्थिक मामलों की बैठक में वाणिज्य सचिव Rajesh Agrawal ने बताया कि BRICS देशों के बीच वस्तु व्यापार में पिछले 21 वर्षों में 13 गुना वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि साल 2003 में BRICS देशों के बीच व्यापार 84 अरब डॉलर था, जो बढ़कर 2024 में 1.17 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच गया। हालांकि, यह अभी भी वैश्विक व्यापार का लगभग 5 प्रतिशत ही है। BRICS में शामिल हुए कई नए देश BRICS संगठन की शुरुआत Brazil, Russia, India, China और South Africa के साथ हुई थी। इसके बाद 2024 में संगठन का विस्तार करते हुए Egypt, Ethiopia, Iran और United Arab Emirates को सदस्य बनाया गया। वहीं, 2025 में Indonesia भी BRICS का सदस्य बन गया। वैश्विक अर्थव्यवस्था में BRICS की बड़ी भूमिका BRICS अब दुनिया की 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह बन चुका है। यह समूह वैश्विक आबादी का लगभग 49.5 प्रतिशत, वैश्विक GDP का करीब 40 प्रतिशत और दुनिया के कुल व्यापार का लगभग 26 प्रतिशत प्रतिनिधित्व करता है। नई दिल्ली में होने वाला BRICS Summit वैश्विक दक्षिण (Global South) की आवाज को मजबूत करने और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।  

surbhi मई 20, 2026 0
Customers buying medicines from a medical store ahead of nationwide pharmacy strike in India
20 मई को मेडिकल स्टोर हड़ताल: देशभर में दवा दुकानों के बंद रहने का ऐलान, जानें क्या रहेगा खुला

देशभर में 20 मई को मेडिकल स्टोर बंद रहने वाले हैं। अखिल भारतीय दवा विक्रेता संगठन (AIOCD) ने ई-फार्मेसी और कॉर्पोरेट कंपनियों की कथित गैर-प्रतिस्पर्धी नीतियों के विरोध में राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। संगठन के मुताबिक इस बंद में देशभर के 15 लाख से अधिक दवा विक्रेता शामिल हो सकते हैं। AIOCD का कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री करने वाली कंपनियां लगातार औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम (Drugs and Cosmetics Act) के नियमों का उल्लंघन कर रही हैं। संगठन का आरोप है कि बिना उचित निगरानी और नियमों के ऑनलाइन दवाओं की बिक्री मरीजों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है। इसी मुद्दे को लेकर दवा विक्रेताओं ने एक दिन की हड़ताल का फैसला लिया है। क्या-क्या रहेगा बंद? हड़ताल के दौरान कई निजी मेडिकल स्टोर और खुदरा दवा दुकानें बंद रह सकती हैं। ऐसे में लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपनी जरूरी दवाएं पहले से खरीद लें ताकि किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। कौन-सी सेवाएं रहेंगी चालू? हालांकि, राहत की बात यह है कि देशभर में प्रमुख फार्मेसी चेन, अस्पतालों से जुड़े मेडिकल स्टोर, जन औषधि केंद्र और अमृत फार्मेसी स्टोर खुले रहेंगे। इससे मरीजों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध होती रहेंगी। कई राज्यों ने हड़ताल से बनाई दूरी कई राज्य स्तरीय फार्मेसी संगठनों ने इस हड़ताल में शामिल न होने का फैसला किया है। पश्चिम बंगाल, केरल, पंजाब, महाराष्ट्र, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़, सिक्किम, उत्तराखंड और लद्दाख के खुदरा फार्मेसी संघों ने लिखित रूप से आश्वासन दिया है कि वे 20 मई को दवाओं की उपलब्धता बाधित नहीं होने देंगे। इन संगठनों का कहना है कि जनहित को देखते हुए दवाओं की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखना जरूरी है। इसलिए उन्होंने बंद से अलग रहने का निर्णय लिया है। लोगों के लिए जरूरी सलाह यदि आप नियमित दवाएं लेते हैं या घर में किसी मरीज के लिए दवाओं की आवश्यकता पड़ती है, तो 20 मई से पहले आवश्यक दवाओं का इंतजाम कर लेना बेहतर होगा। हालांकि अस्पताल आधारित मेडिकल स्टोर और सरकारी फार्मेसी सेवाएं चालू रहेंगी, फिर भी स्थानीय स्तर पर कुछ दवा दुकानों के बंद रहने की संभावना है।  

surbhi मई 20, 2026 0
Vaibhav Suryavanshi
सूर्यवंशी के नाम रिकॉर्डों की झड़ी, एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले दूसरे बैटर, पावरप्ले में 426 रन बनाए

जयपुर, एजेंसियां। राजस्थान रॉयल्स ने IPL 2026 के 64वें मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स को 7 विकेट से हरा दिया। जयपुर में खेले गए मैच में वैभव सूर्यवंशी ने रिकॉर्ड्स की झड़ी लगा दी। मंगलवार को वैभव सूर्यवंशी एक सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले दूसरे बैटर बन गए। उन्होंने आंद्रे रसेल का रिकॉर्ड तोड़ा। वैभव ने बतौर भारतीय एक सीजन के पावरप्ले में सबसे ज्यादा रन बना डाले। उनके नाम अब 426 रन हो गए हैं।   वैभव सूर्यवंशी ने इस सीजन पावरप्ले में 426 रन बनाए वैभव IPL के एक सीजन के पावरप्ले में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए। उन्होंने इस सीजन पावरप्ले में 426 रन बनाए हैं। इस लिस्ट में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी डेविड वॉर्नर नंबर-1 पर हैं। वॉर्नर ने 2016 में पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। सूर्यवंशी एक सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले दूसरे बैटर वैभव एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए। उन्होंने इस सीजन अब तक 53 सिक्स लगाए हैं। वैभव ने आंद्रे रसल (52 सिक्स) को पीछे छोड़ा। इस सूची में पहले नंबर पर क्रिस गेल हैं, जिन्होंने 2012 में बेंगलुरु के लिए 59 छक्के लगाए थे।  सूर्यवंशी ने तीसरी बार इनिंग में 10+ सिक्स लगाए वैभव IPL की एक पारी में सबसे ज्यादा 10 या इससे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ियों में दूसरे नंबर पर पहुंच गए। उन्होंने लखनऊ के खिलाफ 10 या इससे ज्यादा सिक्स लगाए। वैभव ने तीसरी बार एक पारी में 10 से ज्यादा छक्के लगाए। इस लिस्ट में क्रिस गेल नंबर एक पर है, जिन्होंने 4 बार यह कारनामा किया है। इसके अलावा सूर्यवंशी दूसरे ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने IPL के एक ही सीजन में दो बार 10 या उससे ज्यादा सिक्स लगाए हैं।  सूर्यवंशी सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट से रन बनाने वाले बल्लेबाज वैभव IPL के एक सीजन में सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट से बैटिंग करने वाले बल्लेबाज बने। उन्होंने इस सीजन 236.3 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। यह IPL के एक सीजन में कम से कम 500 रन बनाने वाले बल्लेबाजों में सबसे ज्यादा है। इससे पहले आंद्रे रसेल के नाम यह रिकॉर्ड था, जिन्होंने 2019 में 204.8 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए थे। राजस्थान ने एक IPL सीजन के पावरप्ले में सबसे ज्यादा सिक्स लगाए वैभव के कारण राजस्थान एक सीजन में पावरप्ले में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाली टीम बन गई। टीम ने लखनऊ के खिलाफ पहले 6 ओवर में 3 सिक्स लगाकर इस सीजन कुल 60 सिक्स पूरे कर लिए। इसस पहले यह रिकॉर्ड सनराइजर्स हैदराबाद के नाम था, जिसने 2024 में 59 छक्के लगाए थे।

Anjali Kumari मई 20, 2026 0
JDU MP Khiru Mahto
जदयू सांसद खीरू महतो ने स्टेशनों के नाम बदलने की मांग की

नई दिल्ली, एजेंसियां। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सदस्य खीरू महतो ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित रेल भवन में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार से मुलाक़ात की। इस दौरान उन्होंने धनबाद रेल मंडल अंतर्गत चैनपुर आरओबी के निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराने की मांग की। उन्होंने गिरिडीह जिला में स्थित हज़ारीबाग़ से 150 किमी दूर हज़ारीबाग़ रोड स्टेशन का नाम सरिया एवं रामगढ़ ज़िले में पड़ने वाले राजधानी रांची से 70 किमी दूर रांची रोड स्टेशन का नाम बदलकर रामगढ़ रोड करने की मांग की। रेल यात्रियों को होता है भ्रम उन्होंने कहा कि इससे रेल यात्रियों को स्टेशन के नाम को लेकर भ्रम एवं असुविधा नहीं होगी। खीरू महतो ने रांची से नई दिल्ली के लिए राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन को प्रतिदिन चलाने एवं उसके समय में परिवर्तन करते हुए नई दिल्ली की तरह रांची से भी संध्या 4.10 मिनट पर करने का आग्रह किया। इस दौरान जदयू नेता श्रवण कुमार भी मौजूद रहे।

Anjali Kumari मई 20, 2026 0
Today Horoscope
Today Horoscope: आज का राशिफल 20 मई 2026, बुधवार

मेष राशि - आपका बच्चों जैसा भोला स्वभाव फिर सतह पर आ जाएगा और आप शरारती मनोदशा में होंगे। आज आपको भूमि, रिअल-एस्टेट या सांस्कृतिक परियोजनाओं पर ध्यान केन्द्रित करने की ज़रूरत है। कुछ दिनों से आपका व्यक्तिगत जीवन ही आपके ध्यान का केंद्र रहा है। लेकिन आज आप सामाजिक कार्यों पर ज़्यादा ध्यान देंगे और ज़रूरतमंदों की मदद करने की कोशिश करेंगे। अपने प्रिय की बातों के प्रति आप ज़रूरत से ज़्यादा संवेदनशील रहेंगे- आपको अपने जज़्बात पर क़ाबू रखने की ज़रूरत है और ऐसा कुछ करने से बचें जो मामले को और भी बिगाड़ दे। तब तक कोई वादा न करें, जब तक कि आप पूरी तरह उसे पूरा करने में सक्षम न हों। इस राशि के जातक खाली वक्त में आज किसी समस्या का समाधान निकालने की कोशिश कर सकते हैं। रोज़मर्रा की ज़रूरतें पूरी न होने से आपके वैवाहिक जीवन में तनाव संभव है। खाना, साफ़-सफ़ाई या कोई और घरेलू चीज़ इसका कारण हो सकती है। उपाय :- किन्नरों को पैसे देने व उनकी सेवा करने से लव लाइफ अच्छी रहेगी।   वृषभ राशि - कार्यक्षेत्र में वरिष्ठों का दबाव और घर में अनबन के चलते आपको तनाव का सामना करना पड़ सकता है- जो काम में आपकी एकाग्रता को भंग करेगा। आज के दिन आप धन से जुड़ी समस्या के कारण परेशान रह सकते हैं। इसके लिए आपको अपने किसी विश्वास पात्र से सलाह लेनी चाहिए। परिवार के सदस्यों का आपके जीवन में विशेष महत्व होगा। अपने प्रिय को समझने की कोशिश करें, नहीं तो मुश्किल में फँस सकते हैं। दफ़्तर में आपके दुश्मन भी आज आपके दोस्त बन जाएंगे - आपके सिर्फ़ एक छोटे-से अच्छे काम की बदौलत। खाली वक्त का आज आप सदुपयोग करेंगे और उन कामों को पूरा करने की कोशिश करेंगे जो बीते दिनों पूरे नहीं हो पाए थे। कहते हैं कि स्त्रियाँ शुक्र और परुष मंगल ग्रह के रहने वाले हैं, लेकिन आज के दिन विवाहित शुक्र और मंगल एक-दूसरे में घुल जाएंगे। उपाय :- कांसे के एक गोल टुकड़े को हरे कपड़े में लपेटकर जेब में रखने से आर्थिक स्थिति सुधरेगी।   मिथुन राशि - हर इंसान को ग़ौर से सुनें, हो सकता है आपको अपनी समस्या का समाधान मिल जाए। समय और धन की कद्र आपको करनी चाहिए नहीं तो आने वाला वक्त परेशानियों भरा रह सकता है। रिश्तेदारों और दोस्तों से अचानक उपहार मिलेगा। अपने प्रिय की पुरानी बातों को माफ़ करके आप अपनी ज़िंदगी में सुधार ला सकते हैं। आप किसी बड़े व्यावसायिक लेन-देन को अंजाम दे सकते हैं और मनोरंजन से जुड़ी किसी परियोजना में कई लोगों का संयोजन कर सकते हैं। समय का सदुपयोग करना सीेखें। यदि आपके पास खाली वक्त है तो कुछ रचनात्मक करने की कोशिश करें। वक्त को बर्बाद करना अच्छी बात नहीं है। आपका जीवनसाथी बिना जाने कुछ ऐसा ख़ास काम कर सकता है, जिसे आप कभी भुला नहीं पाएंगे। उपाय :- चाँदी का कड़ा धारण करना आर्थिक स्थिति को बेहतर करेगा।   कर्क राशि - आउटडोर खेल आपको आकर्षित करेंगे- ध्यान और योग आपको फ़ायदा पहुँचाएंगे। आज किसी करीबी से आपका झगड़ा हो सकता है और बात कोर्ट कचहरी तक जा सकती है। जिसकी वजह से आपका अच्छा खास धन खर्च हो सकता है। अगर आज आप किसी को सलाह देते हैं, तो ख़ुद लेने के लिए भी तैयार रहें। दूसरों की दख़लअन्दाज़ी गतिरोध पैदा कर सकती है। जो अपने काम पर एकाग्र रहेंगे, उन्हें पुरस्कार और फ़ायदा दोनों ही मिलेंगे। जो लोग बीते कुछ दिनों से काफी व्यस्त थे उन्हें आज अपने लिए फुर्सत के पल मिल सकते हैं। आपके जीवनसाथी की सुस्ती आपके कई कामों पर पानी फेर सकती है। उपाय :- प्रेमी/प्रेमिका से मिलने जाने से पूर्व सफेद चंदन का टीका मस्तक पर करके जाने से प्रेम सम्बन्ध मजबूत होंगे।   सिंह राशि - जीत का जश्न आपके दिल को ख़ुशी से भर देगा। इस उत्साह को दोगुना करने के लिए आप अपनी ख़ुशी में दोस्तों को भागीदार बना सकते हैं। अगर आप अपनी रचनात्मक प्रतिभा को सही तरीक़े से इस्तेमाल करें तो वह काफ़ी फ़ायदेमंद साबित होगी। आपका मज़ाकिया स्वभाव आपके चारों ओर के वातावरण को ख़ुशनुमा बना देगा। आपके ज़हन में काम का दबाव होने के बावजूद आपका प्रिय आपके लिए ख़ुशी के पलों को लाएगा। आज के दिन आपका कठिन परिश्रम फलदायी सिद्ध होगा। जिन रिश्तों को आप अहमियत देते हैं उन्हें समय देना भी आपको सीखना होगा नहीं तो रिश्ते टूट सकते हैं। आपके वैवाहिक जीवन में शारीरिक सुख के नज़रिए से कुछ ख़ूबसूरत परिवर्तन हो सकता है। उपाय :- अच्छे प्रेम सम्बन्धों के लिए सफेद रुमाल जेब में रखकर जाएं परन्तु ध्यान रहे कि रुमाल गन्दा न हो।   कन्या राशि - अपने ख़राब मूड को शादीशुदा ज़िंदगी में तनाव का कारण न बनने दें। इससे बचने की कोशिश करें, नहीं तो बाद में पछताना पड़ेगा। जिन लोगों ने किसी अनजान शख्स की सलाह पर कहीं निवेश किया था आज उन्हें उस निवेश से फायदा होने की पूरी संभावना है। ग़लत बातों को ग़लत वक़्त पर कहने से बचें। जिन्हें आप चाहते हैं, उनका दिल दुखाने से बचें। आपके प्यार के रिश्ते में एक जादूई एहसास छा रहा है, इसकी ख़ूबसूरती महसूस करें। संतोषजनक परिणाम पाने के लिए काम को योजनाबद्ध तरीक़े से करें, दफ़्तर की परेशानियों को हल करने में आपको मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है। कुछ लोगों के लिए आकस्मिक यात्रा दौड़-भाग भरी और तनावपूर्ण रहेगी। आज के दिन आपका वैवाहिक जीवन एक ख़ूबसूरत बदलाव से गुज़रेगा। उपाय :- काले धतूरे के बीज शिवलिंग पर चढ़ाने से स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।   तुला राशि - दोस्त आपका परिचय किसी ख़ास इंसान से कराएंगे, जो आपकी सोच पर गहरा प्रभाव डालेगा। आज आप अपने घर केे सदस्यों को कहीं घुमाने ले जा सकते हैं और आपका काफी धन खर्च हो सकता है। विवाद, मतभेद और दूसरों की आपमें कमियाँ निकालने की आदत को नज़रअन्दाज़ करें। आप जहाँ हैं वहीं रहेंगे, बावजूद इसके प्यार आपको एक नए और अनोखे लोक में ले जाएगा। साथ ही आज आप रोमानी सफ़र पर भी जा सकते हैं। साझीदारी की परियोजनाएँ सकारात्मक परिणाम से ज़्यादा परेशानियाँ देंगी। कोई आपका बेजा फ़ायदा उठा सकता है और उसे ऐसा करने देने के लिए आप ख़ुद से ही नाराज़ हो सकते हैं। दिन उम्दा है, आज के दिन अपने लिए समय निकालें और अपनी कमियों और खुबियों पर गौर फर्माएं। इससे आपके व्यक्तित्व में सकारात्मक परिवर्तन आएंगे। विवादों की एक लम्बी कड़ी आपके रिश्तों को कमजोर कर सकती है अत: इसे हल्के में लेना ठीक नहीं होगा। उपाय :- सुबह उठते ही ज़मीन पर पाँव रखने से पहले भूमि (क्योंकि मंगल भूमिपुत्र है) को प्रणाम करने से नौकरी/ बिज़नेस में तरक्की होगी।   वृश्चिक राशि - धैर्य बनाए रखें, क्योंकि आपकी समझदारी और प्रयास आपको सफलता ज़रूर दिलाएंगे। जो उधारी के लिए आपके पास आएँ, उन्हें नज़रअन्दाज़ करना ही बेहतर रहेगा। आपके बच्चे के पुरुस्कार वितरण समारोह का बुलावा आपके लिए ख़ुशनुमा एहसास रहेगा। वह आपकी उम्मीदों पर खरा उतरेगा और आप उसके ज़रिए अपने सपने साकार होते हुए देखेंगे। आपके ईमानदार और ज़िंदादिल प्यार में जादू करने की ताक़त है। कार्यालय में सबकुछ आपके पक्ष में जाता नज़र आ रहा है। आज आपको ढेरों दिलचस्प निमंत्रण मिलेंगे- साथ ही आपको एक आकस्मिक उपहार भी मिल सकता है। आप और आपका जीवनसाथी मिलकर वैवाहिक जीवन की बेहतरीन यादें रचेंगे। उपाय :- अपने इष्टदेव को पीले पुष्प चढ़ाएं, इससे आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी।   धनु राशि - सकारात्मक विचारों को ही दिमाग़ में आने दें। आर्थिक पक्ष के मजबूत होने की पूरी संभावना है। अगर आपने किसी शख्स को पैसा उधार दिया था तो आज आपको वो पैसा वापस मिलने की उम्मीद है। पारिवारिक तनावों को अपनी एकाग्रता भंग न करने दें। बुरा दौर ज़्यादा सिखाता है। उदासी के भंवर में ख़ुद को खोकर वक़्त बर्बाद करने से बेहतर है कि ज़िंदगी के सबक़ को जानने और सीखने की कोशिश की जाए। आज प्रेम-संबंधों में अपने स्वतन्त्र विवेक का इस्तेमाल कीजिए। हालाँकि वरिष्ठों से कुछ विरोध के स्वर सुनाई देंगे- लेकिन फिर भी आपको दिमाग़ ठण्डा रखने की ज़रूरत है। किसी भी स्थिति में आपको अपने समय का ख्याल रखना चाहिए याद रखिये अगर समय की कद्र नहीं करेंगे तो इससे आपको ही नुक्सान होगा। यह दिन आपके जीवन में वसंत-काल की तरह है - रोमानी व प्यार से भरा; जहाँ सिर्फ़ आप और आपका जीवनसाथी साथ हों। उपाय :- हाथी के पाँव की मिटटी नीले कपड़े में बाँधकर घर में रखने से नौकरी व बिज़नेस में तरक्की होगी।   मकर राशि - भागमभाग भरे दिन के बावजूद आपकी सेहत पूरी तरह दुरुस्त रहेगी। कोई पुराना मित्र आज आपसे आर्थिक मदद मांग सकता है और यदि आप उसकी आर्थिक मदद करते हैं तो आपके आर्थिक हालात थोड़े तंग हो सकते हैं। आपका लापरवाह रवैया आपके माता-पिता को दुःखी कर सकता है। कोई भी नयी परियोजना शुरू करने से पहले उनकी राय भी जान लें। सावधान रहें, क्योंकि प्यार में पड़ना आज के दिन आपके लिए दूसरी कठिनाइयाँ खड़ी कर सकता है। अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल पेशेवर मामलों को सहजता से सुलझाने में करें। आज आप अपने जीवनसाथी के साथ आज समय गुजारेंगे लेकिन किसी पुरानी बात के फिर से सामने आने की वजह से आप दोनों के बीच कहासुनी होने की आशंका है। संभव है कि शुरुआत में जीवनसाथी की ओर से आपको कम ध्यान मिले; लेकिन दिन के अन्त तक आपको महसूस होगा कि वह आपके लिए ही कुछ-कुछ करने में व्यस्त था। उपाय :- गंगाजल को घर में छिड़कना पारिवारिक जीवन में सुख शांति देगा।   कुम्भ राशि - आपमें आज चुस्ती-फुर्ती देखी जा सकती है। आपका स्वास्थ्य आज पूरी तरह से आपका साथ देगा। जिन लोगों को आप जानते हैं, उनके ज़रिए आपको आमदनी के नए स्रोत मिलेंगे। परिवार के सदस्यों के साथ कुछ आराम के पल बिताएँ। प्रेम-जीवन में आशा की नयी किरण आयेगी। भागीदार आपकी योजनाओं और व्यावसायिक ख़यालों के प्रति उत्साही होंगे। इस राशि के जातक आज के दिन अपने भाई-बहनों के साथ घर पर कोई मूवी या मैच देख सकते हैं। ऐसा करके आप लोगों के बीच प्यार में इजाफा होगा। आज आप अपने जीवनसाथी से काफ़ी आत्मीय बातचीत कर सकते हैं। उपाय :- प्रेमी/प्रेमिका को चाँदी का शुद्ध कड़ा धारण करना चाहिए, इससे प्रेम सम्बन्ध अच्छे होंगे।   मीन राशि - शारीरिक और मानसिक लाभ के लिए ध्यान व योग करना उपयोगी रहेगा। कुछ ज़रूरी योजनाएँ क्रियान्वित होंगी और ताज़ा आर्थिक मुनाफ़ा पहुँचाएंगी। घर में उल्लास का माहौल आपके तनावों को कम कर देगा। आप भी इसमें पूरी सहभागिता करें और महज़ मूक दर्शक न बने रहें। आज आप महसूस करेंगे कि प्यार दुनिया में हर मर्ज़ की दवा है। आज आपने जो नई जानकारी हासिल की है, वह आपको अपने प्रतिस्पर्धियों पर बढ़त दिलाएगी। पैसा, प्यार, परिवार से दूर होकर आज आप आनंद की तलाश में किसी आध्यात्मिक गुरु से मिलने जा सकते हैं। जीवनसाथी की वजह से आपको महसूस होगा कि उनके लिए दुनिया में आप ही सबसे महत्वपूर्ण हैं। उपाय :- अच्छी सेहत के लिए पूर्व की ओर मुख करके भोजन करें।   कृपया ध्यान दें यद्यपि शुद्ध राशिफल की पूरी कोशिश रही है फिर भी इन राशिफलों में और आपकी कुंडली व राशि के ग्रहों के आधार पर आपके जीवन में घटित हो रही घटनाओं में कुछ अन्तर हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप किसी ज्योतिषी से अवश्य सम्पर्क करें। किसी भी भिन्नता के लिए IDTV इन्द्रधनुष  उत्तरदायी नहीं हैं।

Anjali Kumari मई 20, 2026 0
Important Events
Important Events: 20 मई की महत्त्वपूर्ण घटनाएं

1293 – जापान के कामाकुरा में आए भूकंप में 30 हजार लोगों की मौत हुई। 1310 – दोनों पैरों के लिए जूते का निर्माण किया गया। 1378 – दक्षिण भारत के दक्कन प्रांत के शासक बहमनी सुल्तान दाउद की हत्या। 1498 – वास्कोडिगामा भारत पहुँचे।  1609 – विलियम शेक्सपियर की कविताओं के पहले संग्रह का लंदन में प्रकाशन हुआ। 1677 – छत्रपति शिवाजी महाराज ने जिंगी का किला जीता। 1784 - पेरिस में ग्रेट ब्रिटेन और डच गणराज्य के साम्राज्य के बीच औपचारिक रूप से चौथे एंग्लो-डच युद्ध समाप्त होने के बीच एक संधि पर हस्ताक्षर किए गए। 1825 - चार्ल्स एक्स फ्रांस के राजा बने। 1864 - वर्जीनिया के वेयर बॉटम चर्च में लड़ाई से 1,400 मारे गए। 1867 - रानी विक्टोरिया द्वारा रचित कला और विज्ञान फाउंडेशन के रॉयल अल्बर्ट हॉल का उद्घाटन किया गया। 1873 – सैन फ्रैंसिस्कों के बिजनेसमैन लेवी स्ट्रॉस और दर्जी जेकब डेविस को जीन्स का पेटंट दिया गया। 1882 - गोत्थार्ड रेल सुरंग एंट्री स्विट्जरलैंड और इटली को खोला गया। 1891 – थॉमस एडिसन के प्रोटोटाइम काइनेटोस्कोप को नेशनल फेडरेशन के सामने पहली बार सार्वजनिक रूप से पेश किया। 1902 – क्यूबा को संयुक्त राज्य अमेरिका से आजादी मिली। 1902 – टॉमस एस्ट्राडा पाल्मा देश के पहले राष्ट्रपति बने। 1923 – स्टेनली बाल्डविन ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने। 1926 - रेलवे श्रम अधिनियम पारित किया गया। 1927 - बोइंग 40 ए कंपनी द्वारा निर्मित पहला यात्री एयरलाइन पहली बार उड़ाया गया। 1927 – सऊदी अरब को ब्रिटेन से स्वतंत्रता मिली। 1965 – पाकिस्तान का बोइंग 720-बी विमान मिस्र के काहिरा में दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से 121 लोगों की मौत हुई। 1965 – कमांडर एम.एस. कोहली के नेतृत्व में पहला भारतीय दल माउंट एवरेस्ट सम्मेलन में पहुँचा। 1965 – ब्रिटिश पुलिस को अपराधियों के खिलाफ आंसू गैस के गोले छोड़ने की अनुमति मिली। 1972 – कैमरून ने अपने संविधान को अंगीकार किया। 1972 – तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने दूसरे हावड़ा ब्रिज का शिलान्यास किया। 1983 – दक्षिण अफ्रीका की प्रशासनिक राजधानी प्रीटोरिया में कार बम धमाके में 16 लोगों की मौत हुई। 1990 – हबल स्पेस टेलीस्कोप ने अंतरिक्ष से पहली तस्वीरों भेजी। 1995 - रूस द्वारा मानव रहित अंतरिक्ष 'स्पेक्त्र' का सफल प्रक्षेपण। 1998 – मल्टीबैरल रॉकेट प्रणाली ‘पिनाका’ का परीक्षण। 1999 - कुर्द विद्रोही नेता सेमडिम साकिक को मृत्युदंड की सज़ा। 2000 - फिजी में बंदूक़धारियों के नेता जार्ज स्पेट ने देश के अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। 2001 - अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान ने हिन्दुओं की अलग पहचान के लिए ड्रेस कोड बनाया। 2002 – पुर्तगाल ने पूर्वी तिमोर की स्वतंत्रता को मान्यता प्रदान की। 2003 - पाकिस्तान ने उग्रवादी संगठन हिज्बुल मुजाहिद्दीन पर प्रतिबंध लगाया। 2004 - ताइवान में नवगठित सरकार ने शपथ ग्रहण की। 2004 - यूरोपीय संघ के बाद अमेरिका ने भी कृषि निर्यात सब्सिडी कम करने की घोषणा की। 2006 - चीन ने कहा ताइवान विश्व स्वास्थ्य संगठन की सदस्यता का पात्र नहीं। 2011- प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मध्य प्रदेश के बीना में हज़ारों करोड़ की लागत से बनी ऑयल रिफ़ाइनरी देश को समर्पित की। यह भारत पेट्रोलियम लिमिटेड, ओमान ऑयल कम्पनी तथा मध्य प्रदेश सरकार के प्रयासों से बनी विश्व स्तरीय परियोजना है। 2011- झारखंड की पर्वतारोही प्रेमलता अग्रवाल ने दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वत शिखर माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली सबसे उम्रदराज़ भारतीय महिला होने का गौरव हासिल करते हुए पर्वतारोहण के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा। 2012 – इटली में आए भूकंप में 27 लोगों की मौत हो गई। 2019 - भारत ने किलोग्राम, केल्विन, मोल और एंपीयर जैसी माप इकाइयों के लिए नए मानक अपनाए। 2020 - भीषण चक्रवाती तूफान एम्फन सुंदरबन के पास पश्चिम बंगाल तट से टकराया। प.बं. में पांच लाख से अधिक और ओडिसा में एक लाख 58 हजार से ज्‍यादा लोगों को सुरक्षित स्‍थानों पर पहुंचाया गया। एम्फन ने कोलकाता समेत बंगाल के कई जिलों में भीषण तबाही मचाई और तूफान की चपेट में आने से 72 लोगों की जान चली गई।  2020 - अमरीकी सीनेट ने चीन की कं‍पनियों को स्‍टॉक एक्‍सचेंज से हटाने का विधेयक पारित किया। सीनेट ने आज सर्वसम्‍मति से इस विधेयक को मंजूरी दी। 2020 - अमेरिकी विदेश विभाग ने ताइवान को 18 एमके-48 मॉड 6 टॉरपीडो और संबंधित उपकरणों की बिक्री को मंजूरी दी। इस सौदे की लागत करीब 18 करोड़ डालर होगी।  2021 - केरल में एलडीएफ सरकार का शपथ ग्रहण हुआ। पिनराई विजयन ने लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। 2021 - तमिलनाडु सरकार  ने ब्लैक फंगस संक्रमण (म्यूकरमाइकोसिस) को महामारी घोषित किया। 2021 - इजरायल और हमास के बीच 11 दिनों से जारी संघर्ष आखिरकार सीजफायर पर जाकर शांत हुआ। 2022 - भारत के पहले समर्पित खगोल विज्ञान अभियान-एस्ट्रोसैट दूरबीन ने पांच सौवीं बार ब्लैक होल बनते हुए देखा। 2022 - भारत का पड़ोसी देश श्रीलंका अपने इतिहास में पहली बार दिवालिया हुआ। 2023 - प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जापान के हिरोशिमा में तीसरे क्वाड राजनेता शिखर सम्मेलन में भाग लिया व महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया। 2023 - कर्नाटक में सिद्दारमैया ने मुख्यमंत्री और डीके शिवकुमार ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली व 8 विधायक मंत्री बने। 2023 - वायुसेना ने लगातार हादसों के बाद MIG-21 के पूरे बेड़े की उड़ान पर रोक लगाई। 2023 - असम के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड लागू करने की घोषणा हुई। 2024 - लाई चिंग-ते ने ताइवान के 8वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। 2024 - छत्तीसगढ़ के कवर्धा में खाई में पिकअप पलटने से 15 की मौत व 10 जख्मी हुए।   20 मई को जन्मे व्यक्ति   1734 - मधुमक्खी पालन के प्रणेता एंटोन जानसा का जन्म हुआ। 1900- सुमित्रानंदन पंत- प्रसिद्ध हिन्दी कवि। 1910- रामकिंकर बैज- पद्म भूषण से सम्मानित प्रसिद्ध मूर्तिकार। 1918 - “परमवीर चक्र सम्मानित” मेजर पीरू सिंह शेखावत का जन्म झूंझनू राजस्थान में हुआ। 1926 - गोदे गंगाराजू मुरहारी - भारतीय राजनीतिज्ञ व तीन सत्रों तक राज्य सभा के सदस्य रहे। 1939 - बालानाथन "बालू" महेंद्रन निर्देशक । 1941- गोह चोक टोंग- सिंगापुर के दूसरे प्रधानमंत्री। 1966 - मणीन्द्र अग्रवाल भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर के संगणक विज्ञान एवं अभियान्त्रिकी विभाग में पद्म श्री सम्मानित प्रोफेसर हैं। 1977 - अंजुम चोपड़ा -  भारत की राष्ट्रीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्‍तान।   20 मई को हुए निधन   1506 - क्रिस्टोफ़र कोलम्बस - महान नाविक जिसने अमेरिका को खोजा। 1766 - मल्हारराव होल्कर - इंदौर के होल्कर वंश के प्रवर्तक थे।  1929- राजकुमार शुक्ल- स्वतंत्रता सेनानी एवं चंपारण सत्याग्रह के प्रमुख लोगों में से एक। 1932 - विपिन चन्द्र पाल - भारत में 'क्रान्तिकारी विचारों के जनक'। 1957 - टी. प्रकाशम, प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और आंध्रा राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री। 1972 - गयाप्रसाद शुक्ल 'सनेही', ब्रजभाषा के प्रसिद्ध कवि। 1994 - कासू ब्रह्मानंद रेड्डी - आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री। 2012 - लीला दुबे - एक प्रसिद्ध मानव विज्ञानी और नारीवादी विद्वान। 2015 - सुधा शिवपुरी अभिनेत्री। 2023 - अमेरिकी लेखक व खेल स्तम्भकार रिचर्ड लोवेल हम्मेल (77) का निधन हुआ। 2023 - इतालवी साइकिल चालक सैंटी रानूची (89) का निधन हुआ। 2023 - अमेरिकी स्‍पीड स्‍केटर टेरी मैकडेर्मोट (82) का निधन हुआ। 2024 - जर्मन फुटबॉल खिलाड़ी कार्ल-हेंज श्नेलिंगर (85) का निधन हुआ।   20 मई के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव   मेला चनानी माता जी। गुरु श्री हरगोविंद जी गुरयाई दिवस (प्राचीनमतानुसार)। मेजर श्री पीरू सिंह शेखावत जयन्ती (परमवीर चक्र सम्मानित)। श्री कासू ब्रह्मानंद रेड्डी पुण्य दिवस। श्री टंगटूरी प्रकाशम स्मृति दिवस। श्री विपिन चंद्र पाल स्मृति दिवस। विश्व मधुमक्खी दिवस (संयुक्त राष्ट्र)। विश्व मेट्रोलॉजी दिवस (World Metrology Day)। कृपया ध्यान दें  यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए IDTV इन्द्रधनुष की कोई जिम्मेदारी नहीं है।

Anjali Kumari मई 20, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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