राष्ट्रीय

Parliament Monsoon Session
20 जुलाई से शुरू होगा संसद का मानसून सत्र, 13 अगस्त तक चलेंगी लोकसभा-राज्यसभा की बैठकें

नई दिल्ली, एजेंसियां। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त 2026 तक चलेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने केंद्र सरकार की सिफारिश पर लोकसभा और राज्यसभा की बैठकें बुलाने को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इसकी जानकारी साझा करते हुए कहा कि राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद संसद के दोनों सदनों का मानसून सत्र निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित किया जाएगा।   संसदीय परंपरा के अनुसार  संसदीय परंपरा के अनुसार मानसून सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति के अभिभाषण से होगी। इसके बाद लोकसभा और राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा कराई जाएगी। करीब तीन सप्ताह तक चलने वाले इस सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पेश करने और उन्हें पारित कराने का प्रयास करेगी। इसके साथ ही विभिन्न राष्ट्रीय और जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी दोनों सदनों में विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।   केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अपने बयान में कहा कि मानसून सत्र लोकतांत्रिक विमर्श का महत्वपूर्ण मंच होगा, जहां राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर सार्थक बहस, चर्चा और निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी राजनीतिक दल सकारात्मक सहयोग के साथ संसद की कार्यवाही को सफल बनाने में योगदान देंगे।   इस बार के मानसून सत्र पर राजनीतिक दृष्टि इस बार के मानसून सत्र पर राजनीतिक दृष्टि से भी खास नजर रहेगी। विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी, कृषि, आर्थिक स्थिति, कानून-व्यवस्था और अन्य समसामयिक मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। वहीं सरकार अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने के साथ विभिन्न नीतिगत फैसलों पर सदन की सहमति हासिल करने की कोशिश करेगी।   संसद का यह सत्र कई महत्वपूर्ण विधेयकों, नीति संबंधी चर्चाओं और सरकार-विपक्ष के बीच होने वाली बहस के कारण बेहद अहम माना जा रहा है। ऐसे में आगामी तीन सप्ताह तक देश की राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र संसद भवन रहेगा।

anjali kumari जुलाई 4, 2026 0
Ethanol Blended Petrol
इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल से इंजन खराब नहीं होगा, अफवाहों पर न दें ध्यान: टोयोटा के कंट्री हेड विक्रम गुलाटी

नई दिल्ली, एजेंसियां। इथेनॉल ब्लेंडेड (E20) पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही आशंकाओं के बीच टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के कंट्री हेड और एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट (कॉर्पोरेट अफेयर्स) विक्रम गुलाटी ने स्पष्ट किया है कि E20 ईंधन पूरी तरह सुरक्षित है और इससे वाहनों के इंजन को कोई नुकसान नहीं होता। उन्होंने कहा कि 1 अप्रैल 2023 के बाद भारत में बेचे गए सभी वाहन E20 ईंधन के अनुरूप तैयार किए गए हैं। ऐसे में लोगों को अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय वैज्ञानिक तथ्यों पर विश्वास करना चाहिए।   विक्रम गुलाटी ने बताया  विक्रम गुलाटी ने बताया कि ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) के 2021 के अध्ययन में भी यह सामने आया है कि पुरानी कारों और दोपहिया वाहनों पर भी E20 ईंधन का कोई गंभीर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। उन्होंने माइलेज को लेकर भी फैली भ्रांतियों को खारिज करते हुए कहा कि E20 के इस्तेमाल से माइलेज में केवल 2 से 4 प्रतिशत तक की मामूली कमी आ सकती है, जो सामान्य उपयोग में लगभग नगण्य है।   उन्होंने कहा कि इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। इससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी और विदेशी मुद्रा की बचत होगी। उनके अनुसार, इस योजना से अब तक भारत ने करीब 1.9 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बचाई है, जबकि लगभग 1.60 लाख करोड़ रुपये का लाभ किसानों तक पहुंचा है। गन्ना और अतिरिक्त धान जैसी फसलों का उपयोग इथेनॉल उत्पादन में होने से किसानों की आय बढ़ी है।   E20 ईंधन को लाभकारी बताते हुए गुलाटी ने कहा पर्यावरण के लिहाज से भी E20 ईंधन को लाभकारी बताते हुए गुलाटी ने कहा कि इथेनॉल एक कार्बन-न्यूट्रल ईंधन है। फसलें जितनी कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित करती हैं, ईंधन के रूप में जलने पर लगभग उतनी ही मात्रा वापस वातावरण में जाती है। इससे अतिरिक्त कार्बन उत्सर्जन नहीं होता और प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि इथेनॉल उत्पादन संयंत्र भी आधुनिक तकनीक से संचालित हैं और पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हैं।

anjali kumari जुलाई 4, 2026 0
CM Yogi Adityanath
CM योगी का बड़ा फैसला: पत्रकारों को मिलेगा ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज, आवेदन होगा ऑनलाइन

लखनऊ, एजेंसियां। उत्तर प्रदेश सरकार ने पत्रकारों के लिए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ हासिल करना और आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्य सरकार पत्रकारों के लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल शुरू करने जा रही है। इसके माध्यम से आयुष्मान कार्ड के लिए आवेदन, लंबित मामलों का निस्तारण और आवेदन की निगरानी पहले से अधिक सरल और पारदर्शी होगी।   सूचना निदेशक विशाल सिंह ने बताया  सूचना निदेशक विशाल सिंह ने बताया कि जिन पत्रकारों ने पहले ही आयुष्मान कार्ड के लिए आवेदन किया है, वे अब beneficiary.nha.gov.in पोर्टल पर जाकर अपने आवेदन की स्थिति ऑनलाइन देख सकते हैं। यदि आवेदन में किसी प्रकार की त्रुटि या जानकारी में संशोधन की आवश्यकता है, तो संबंधित जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) कार्यालय से संपर्क कर सुधार कराया जा सकता है। इसके बाद कार्ड जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।   सरकार उन पत्रकारों के लिए भी नई व्यवस्था ला रही है, जिनका अब तक आवेदन नहीं हो सका है या किसी कारण से कार्ड जारी नहीं हुआ है। जल्द शुरू होने वाले विशेष ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पत्रकार अपने जिले के जिला सूचना अधिकारी की सहायता से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। पोर्टल शुरू होने की जानकारी सभी जिलों को उपलब्ध करा दी जाएगी।   आयुष्मान भारत योजना आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में पांच लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार मिलता है। सरकार का मानना है कि आवेदन प्रक्रिया सरल होने से अधिक से अधिक पात्र पत्रकार इस योजना से जुड़ सकेंगे और जरूरत के समय बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। विपरीत परिस्थितियों में काम करने वाले पत्रकारों और उनके परिवारों के लिए यह पहल आर्थिक सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

abhishek singh जुलाई 4, 2026 0
Badrinath Dham
राम मंदिर के बाद अब बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी? कई कर्मचारियों को भेजा गया नोटिस

देहरादून, एजेंसियां। उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ी के आरोपों के बाद बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो और पत्र वायरल होने के बाद मंदिर समिति ने इसे गंभीरता से लेते हुए आंतरिक जांच समिति गठित करने का निर्णय लिया है। साथ ही संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।   सीसीटीवी फुटेज की हो रही जांच बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि 2 जुलाई से वायरल हो रहे दावों के आधार पर मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई गई। हालांकि उपलब्ध फुटेज पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जानकारी तत्काल समिति के अध्यक्ष को दी गई। अब जांच समिति उपलब्ध साक्ष्यों, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और संबंधित कर्मचारियों के बयानों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।   दोषी पाए जाने पर होगी कड़ी कार्रवाई बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि आरोपों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाएगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर किए जा रहे उस दावे का भी खंडन किया, जिसमें एक कर्मचारी को उनका निजी सचिव बताया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित व्यक्ति समिति का नियमित सरकारी कर्मचारी है, न कि उनका निजी सचिव। अध्यक्ष ने कहा कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या चढ़ावे में गड़बड़ी सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कानून और सेवा नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।   अफवाहों से बचने की अपील मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं और आम लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने तक किसी भी अपुष्ट या भ्रामक जानकारी को साझा करने से बचें। समिति का कहना है कि बदरीनाथ धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए तथ्यों की पुष्टि होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

abhishek singh जुलाई 4, 2026 0
Jairam Ramesh
जयराम रमेश का केंद्र पर हमला, बोले- ''वोट से लेकर चंदे तक सबकी हो रही चोरी'

नई दिल्ली, एजेंसियां। कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इंडिया ब्लॉक ने चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) प्रक्रिया को लेकर चिंता जताते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश को संयुक्त पत्र भेजा है। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली निष्पक्ष नहीं है और इससे चुनावी प्रक्रिया पर जनता का भरोसा कमजोर हो रहा है।   'चुनावी व्यवस्था पर लोगों का भरोसा घट रहा' जयराम रमेश ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर विपक्ष की गंभीर आपत्तियां हैं। उनका दावा है कि देश में चुनावी व्यवस्था पर लोगों का विश्वास लगातार कम हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों के बीच यह धारणा बन रही है कि चुनाव परिणाम पहले से तय होते हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि नतीजे पहले ही तय हैं, तो चुनाव कराने का उद्देश्य क्या रह जाता है।   'ट्रिपल इंजन सरकार' पर साधा निशाना कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह "ट्रिपल इंजन सरकार" है, जहां वोटों की चोरी, सीटों की चोरी और चंदे की चोरी हो रही है। उन्होंने इन आरोपों को कथित राम जन्मभूमि चंदा विवाद से भी जोड़ते हुए सरकार पर पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया।   जयराम रमेश ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कामकाज पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि पश्चिम बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र और हरियाणा जैसे राज्यों में चुनाव आयोग का रवैया निष्पक्ष नहीं रहा और आयोग केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार काम करता दिखाई देता है।   इंडिया ब्लॉक ने CJI से की हस्तक्षेप की मांग यह बयान ऐसे समय आया है जब आम आदमी पार्टी, डीएमके सहित इंडिया ब्लॉक के 23 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय सांसद ने संयुक्त रूप से भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर एसआईआर प्रक्रिया और चुनावी व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर हस्तक्षेप की मांग की है। फिलहाल चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

anjali kumari जुलाई 4, 2026 0
Union Panchayati Raj Minister chairs a national workshop on implementing the 16th Finance Commission recommendations to strengthen rural local bodies across India.
16वें वित्त आयोग की सिफारिशों पर अमल की तैयारी, पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए केंद्र-राज्य मिलकर करेंगे काम

नई दिल्ली: पंचायती राज संस्थाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और ग्रामीण स्थानीय निकायों को अधिक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए शुक्रवार से केंद्र और राज्यों के पंचायती राज मंत्रियों की दो दिवसीय कार्यशाला शुरू हुई। इसमें वर्ष 2026-31 के लिए वित्त आयोग की सिफारिशों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यशाला में ग्रामीण स्थानीय निकाय (RLB) अनुदान की संचालन संबंधी गाइडलाइंस, अनुदान जारी करने की प्रक्रिया, वित्तीय अनुपालन, संस्थागत तैयारियों और पंचायतों द्वारा समयबद्ध एवं प्रभावी धन उपयोग जैसे मुद्दों पर मंथन किया गया। पंचायतों को मिलेगा 4.35 लाख करोड़ रुपये का अनुदान 16वें वित्त आयोग ने ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 4.35 लाख करोड़ रुपये के आवंटन की सिफारिश की है। इसमें— 80 प्रतिशत राशि बेसिक ग्रांट के रूप में 20 प्रतिशत राशि प्रदर्शन आधारित (Performance-based) ग्रांट के रूप में दी जाएगी। यह राशि 15वें वित्त आयोग के 2.36 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले लगभग 84 प्रतिशत अधिक है। पांच वर्षों में बढ़ेगा अनुदान वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार ग्रामीण स्थानीय निकायों को मिलने वाला वार्षिक आवंटन इस प्रकार होगा— 2026-27: ₹55,909 करोड़ 2027-28: ₹71,300 करोड़ 2028-29: ₹92,166 करोड़ 2029-30: ₹1,02,303 करोड़ 2030-31: ₹1,13,558 करोड़ अगर शहरी स्थानीय निकायों के लिए प्रस्तावित ₹2.90 लाख करोड़ को भी शामिल किया जाए, तो स्थानीय निकायों के लिए कुल आवंटन ₹7.91 लाख करोड़ तक पहुंच जाएगा। बिहार और झारखंड को मिलेगा बड़ा फायदा बेसिक ग्रांट के तहत बिहार को पांच वर्षों में कुल ₹41,539 करोड़ मिलेंगे। इसमें— 2026-27: ₹6,670 करोड़ 2027-28: ₹7,404 करोड़ 2028-29: ₹8,218 करोड़ 2029-30: ₹9,122 करोड़ 2030-31: ₹10,125 करोड़ वहीं झारखंड को पांच वर्षों में ₹11,385 करोड़ का बेसिक ग्रांट मिलेगा। इसमें— 2026-27: ₹1,828 करोड़ 2027-28: ₹2,029 करोड़ 2028-29: ₹2,253 करोड़ 2029-30: ₹2,500 करोड़ 2030-31: ₹2,775 करोड़ प्रदर्शन आधारित अनुदान भी मिलेगा 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार प्रदर्शन आधारित अनुदान के तहत— बिहार को ₹10,384 करोड़ झारखंड को ₹2,846 करोड़ दिए जाएंगे। इस योजना में 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकारें उपलब्ध कराएंगी। स्थानीय निकायों की आर्थिक आत्मनिर्भरता पर जोर केंद्र सरकार का उद्देश्य पंचायतों को केवल अनुदान देना नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना भी है। इसके लिए पंचायतों को स्वयं राजस्व जुटाने की क्षमता विकसित करने और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी विशेष बल दिया जाएगा। राज्यों के अनुभव साझा होंगे कार्यशाला की अध्यक्षता केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) ने की। इस दौरान विभिन्न राज्यों की सफल पंचायत मॉडल और बेहतर प्रशासनिक पहल को अन्य राज्यों के साथ साझा किया जा रहा है, ताकि पंचायतों के सुशासन, बुनियादी ढांचे, सार्वजनिक सेवाओं और समावेशी ग्रामीण विकास को नई गति मिल सके।  

Deepshikha जुलाई 4, 2026 0
Spanish security agencies detain wanted gangster Goldy Dhillon in Madrid following intelligence shared by Punjab Police's Anti-Gangster Task Force.
भारत के इनपुट पर स्पेन में गिरफ्तार हुआ गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों, NIA का ₹10 लाख का इनामी अपराधी जल्द लाया जा सकता है भारत

चंडीगढ़: भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता मिली है। स्पेन की सुरक्षा एजेंसियों ने पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) के इनपुट पर कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों को मैड्रिड से हिरासत में लिया है। लंबे समय से फरार गोल्डी ढिल्लों पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 10 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। सूत्रों के मुताबिक, विदेश में बैठकर भारत में आपराधिक नेटवर्क संचालित करने वाले गोल्डी ढिल्लों की गिरफ्तारी के बाद अब उसे भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। चंडीगढ़ हत्याकांड का बताया जा रहा मास्टरमाइंड जांच एजेंसियों के अनुसार, गोल्डी ढिल्लों 13 जून 2026 को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार मेडिकल हॉल के कैशियर जानकी दास की हत्या की साजिश का मुख्य आरोपी है। बताया जा रहा है कि उसने विदेश में बैठकर इस वारदात की पूरी साजिश रची थी। इसके अलावा वह पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली-एनसीआर और अन्य राज्यों में रंगदारी, टारगेट किलिंग और संगठित अपराध का नेटवर्क संचालित कर रहा था। भारत लाने की तैयारी शुरू स्पेन में हिरासत के बाद अब भारतीय एजेंसियां गोल्डी ढिल्लों के प्रत्यर्पण (Extradition) की प्रक्रिया तेज कर सकती हैं। चंडीगढ़ पुलिस भी उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेकर जानकी दास हत्याकांड में पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के अनुसार, पंजाब पुलिस लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए समन्वय कर रही थी। 2022 में भारत छोड़कर हुआ था फरार गोल्डी ढिल्लों मूल रूप से पंजाब के राजपुरा का रहने वाला है। शुरुआती दौर में उसके खिलाफ मारपीट, धमकी और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हुए थे। बाद में वह रंगदारी, अवैध हथियारों और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में सक्रिय हो गया। बताया जाता है कि वर्ष 2022 में वह भारत छोड़कर विदेश भाग गया था। इसके बाद उसने विदेश से ही पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर सहित कई राज्यों में अपना नेटवर्क मजबूत किया और कारोबारियों से रंगदारी वसूलने लगा। कनाडा की घटनाओं से भी जुड़ा नाम जांच एजेंसियों के मुताबिक, कनाडा में हुई कई फायरिंग की घटनाओं में भी गोल्डी ढिल्लों का नाम सामने आया था। उसके कुछ सहयोगियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनसे पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली थीं। लॉरेंस बिश्नोई गैंग से रहा है संबंध सूत्रों के अनुसार, गोल्डी ढिल्लों पहले लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा हुआ था। हालांकि बाद में दोनों के बीच विवाद बढ़ने के बाद उसने अलग गैंग बनाकर अपना आपराधिक नेटवर्क खड़ा कर लिया। फिलहाल उसके खिलाफ पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली-एनसीआर सहित कई राज्यों में हत्या, रंगदारी, अवैध हथियार और संगठित अपराध से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। अब स्पेन में हुई कार्रवाई के बाद भारतीय एजेंसियां उसके प्रत्यर्पण और आगे की कानूनी कार्रवाई पर काम कर रही हैं।  

Deepshikha जुलाई 4, 2026 0
Delhi Police investigates a bomb threat email case targeting key Indian security and strategic institutions, with officials conducting technical analysis and questioning a suspect.
ISRO-DRDO समेत कई बड़े संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी, दिल्ली पुलिस ने गाजियाबाद के संदिग्ध से की पूछताछ

नई दिल्ली: देश की कई प्रमुख सुरक्षा और रणनीतिक संस्थाओं को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले ईमेल मामले में दिल्ली पुलिस ने जांच तेज कर दी है। इस मामले में पुलिस ने गाजियाबाद निवासी एक संदिग्ध से पूछताछ की है। शुरुआती जांच में सभी धमकियां फर्जी पाई गई हैं, हालांकि पुलिस ईमेल भेजने के उद्देश्य और पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच कर रही है। 29 जून को मिला था धमकी भरा ईमेल 29 जून को विभिन्न सरकारी और सुरक्षा एजेंसियों को एक धमकी भरा ईमेल भेजा गया था। इसमें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO), न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL), रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO), नागरिक उड्डयन मंत्रालय और दिल्ली-न्यूयॉर्क एयर इंडिया फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। ईमेल मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। संबंधित सभी कार्यालयों और परिसरों की तत्काल जांच कराई गई, लेकिन कहीं भी कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। तकनीकी जांच के बाद गाजियाबाद पहुंची पुलिस धमकी भरे ईमेल की तकनीकी जांच के आधार पर दिल्ली पुलिस गाजियाबाद के संयोग नगर स्थित बैंक कॉलोनी पहुंची। यहां 36 वर्षीय निशांत त्यागीसे पूछताछ की गई। पुलिस ने संदिग्ध के घर की तलाशी भी ली, लेकिन वहां से कोई विस्फोटक या आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई। प्रारंभिक जांच में क्या सामने आया? पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला कि संदिग्ध वर्ष 2008 से एक गंभीर बीमारी से पीड़ित है और कई प्रतिष्ठित अस्पतालों में उसका इलाज हो चुका है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि धमकी भरा ईमेल किस उद्देश्य से भेजा गया था और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका है या नहीं। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ISRO मुख्यालय में मच गया था हड़कंप धमकी भरे ईमेल के बाद सबसे अधिक सतर्कता ISRO मुख्यालय में बरती गई। ईमेल मिलते ही अधिकारियों ने तत्काल इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू कर परिसर खाली कराया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। बम निरोधक दस्ता, सुरक्षा एजेंसियां और जांच टीमों ने पूरे परिसर की गहन तलाशी ली, लेकिन जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। जांच जारी दिल्ली पुलिस और अन्य केंद्रीय एजेंसियां अब ईमेल की तकनीकी जांच, डिजिटल ट्रेल और संदिग्ध की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी।  

Deepshikha जुलाई 4, 2026 0
Defence Minister Rajnath Singh chairs a Defence Acquisition Council meeting approving major defence procurement proposals to strengthen India's armed forces.
₹52 हजार करोड़ के हथियार खरीद को मंजूरी, सेना को मिलेंगे ड्रोन रोधी सिस्टम, मिसाइलें और कामिकाजे ड्रोन

नई दिल्ली: भारतीय सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई रक्षा खरीद परिषद (Defence Acquisition Council-DAC) की बैठक में करीब ₹52 हजार करोड़ के अत्याधुनिक हथियारों और रक्षा प्रणालियों की खरीद को मंजूरी दे दी गई। इन प्रस्तावों को एक्सेप्टेंस ऑफ नेसेसिटी (AoN) प्रदान किया गया है, जिसके बाद खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन प्रणालियों के शामिल होने से भारतीय थल सेना, नौसेना और वायुसेना की निगरानी, मारक क्षमता और रक्षा तंत्र पहले से अधिक मजबूत होगा। इन हथियारों की खरीद को मिली मंजूरी DAC ने कई अहम रक्षा प्रणालियों की खरीद को मंजूरी दी है, जिनमें शामिल हैं— आकाश तरंग (AKASH TARANG) एंटी-यूएवी इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम मैन-पोर्टेबल एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (MPATGM) मीडियम रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल (MRSAM) वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम (V-SHORADS) टैंकों के लिए एक्टिव प्रोटेक्शन सिस्टम जेट आधारित कामिकाजे ड्रोन सिस्टम क्या होता है AoN? रक्षा खरीद प्रक्रिया में Acceptance of Necessity (AoN) पहला आधिकारिक चरण होता है। इसका अर्थ है कि सरकार ने संबंधित सैन्य उपकरण की आवश्यकता को मंजूरी दे दी है। इसके बाद टेंडर, तकनीकी मूल्यांकन और खरीद अनुबंध जैसी प्रक्रियाएं शुरू होती हैं। भारतीय सेना को मिलेगी नई तकनीकी ताकत रक्षा मंत्रालय के अनुसार, आकाश तरंग प्रणाली दुश्मन के ड्रोन और मानव रहित हवाई वाहनों (UAV) का पता लगाकर उन्हें निष्क्रिय करने में सक्षम होगी। वहीं MPATGM पैदल सैनिकों को दुश्मन के टैंकों और बख्तरबंद वाहनों को नष्ट करने की क्षमता देगा। MRSAM मध्यम दूरी से आने वाले लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर और मिसाइल जैसे हवाई खतरों से सुरक्षा प्रदान करेगा। V-SHORADS कम दूरी की हवाई सुरक्षा को मजबूत करेगा, जबकि टैंकों के लिए स्वीकृत एक्टिव प्रोटेक्शन सिस्टम एंटी-टैंक मिसाइलों से बेहतर सुरक्षा देगा। इसके अलावा जेट आधारित कामिकाजे ड्रोन कम लागत में अधिक प्रभावी हमले और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमता बढ़ाने में मदद करेंगे। नौसेना के लिए भी कई आधुनिक प्रणालियां मंजूर भारतीय नौसेना के लिए भी कई नई रक्षा प्रणालियों की खरीद को मंजूरी मिली है। इनमें शामिल हैं— मल्टी इन्फ्लुएंस ग्राउंड माइन (MIGM) नेवल शिपबोर्न अनमैन्ड एरियल सिस्टम (NSUAS) इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन सिस्टम के लिए लैंड बेस्ड टेस्टिंग फैसिलिटी (LBTF) रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ये प्रणालियां समुद्री निगरानी, युद्ध क्षमता और नौसैनिक प्लेटफॉर्म के आधुनिकीकरण को नई मजबूती देंगी। वायुसेना को मिलेगा हाई-एल्टीट्यूड सर्विलांस सिस्टम भारतीय वायुसेना के लिए फिक्स्ड विंग हाई एल्टीट्यूड प्सूडो सैटेलाइट (FW-HAPS) की खरीद को भी मंजूरी दी गई है। यह प्रणाली इंटेलिजेंस, सर्विलांस, रिकॉनिसेंस (ISR), दूरसंचार और रिमोट सेंसिंग जैसे मिशनों में वायुसेना की क्षमता बढ़ाएगी। नई सैन्य नेतृत्व टीम की पहली DAC बैठक यह रक्षा खरीद परिषद की पहली बैठक थी, जिसमें नए सैन्य नेतृत्व ने भाग लिया। बैठक में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणी, नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन और हाल ही में पदभार संभालने वाले थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ मौजूद रहे। रक्षा बजट में पहले ही हुआ है बड़ा इजाफा केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए ₹7.85 लाख करोड़ का प्रावधान किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत से अधिक है। इसमें ₹2.19 लाख करोड़ पूंजीगत व्यय के लिए निर्धारित किए गए हैं, जिनका उपयोग लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर, युद्धपोत, पनडुब्बियां, मिसाइल, तोप, स्मार्ट हथियार और विभिन्न मानव रहित प्रणालियों की खरीद पर किया जाएगा.  

Deepshikha जुलाई 4, 2026 0
Prime Minister Narendra Modi inaugurates major infrastructure projects in Rajasthan, including the Pachpadra Greenfield Refinery, Jaipur Metro Phase-2, and the new Jodhpur Airport terminal.
राजस्थान को ₹1 लाख करोड़ की विकास सौगात देंगे पीएम मोदी, पचपदरा रिफाइनरी से मेट्रो और एयरपोर्ट तक बदलेंगे कई आयाम

बालोतरा/जोधपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (4 जुलाई) को राजस्थान दौरे पर राज्य को ₹1 लाख करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। इस दौरान वे बालोतरा में देश की पहली ग्रीनफील्ड रिफाइनरी का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा जयपुर मेट्रो फेज-2 का शिलान्यास और जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का लोकार्पण भी करेंगे। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से राजस्थान के औद्योगिक विकास, रोजगार, परिवहन और बुनियादी ढांचे को नई गति मिलेगी। 13 साल बाद तैयार हुई पचपदरा रिफाइनरी पश्चिमी राजस्थान के बालोतरा स्थित पचपदरा रिफाइनरी परियोजना का शिलान्यास 22 सितंबर 2013 को किया गया था। शुरुआत में इसकी अनुमानित लागत करीब 37 हजार करोड़ रुपये थी, लेकिन वित्तीय मॉडल में बदलाव और अन्य कारणों से परियोजना की लागत बढ़कर लगभग 79,459 करोड़ रुपये हो गई। रिफाइनरी में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) की 74 प्रतिशत और राजस्थान सरकार की 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है। रिफाइनरी की प्रमुख विशेषताएं 9 एमएमटीपीए क्षमता वाली देश की पहली ग्रीनफील्ड रिफाइनरी 2.4 एमएमटीपीए पेट्रोकेमिकल उत्पादन क्षमता निर्माण में 16 लाख घन मीटर कंक्रीट और लगभग 3 लाख मीट्रिक टन स्टील का उपयोग निर्माण के दौरान लगभग 35 हजार लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार 1 लाख से अधिक लोगों के लिए अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर राजस्थान पेट्रो जोन, प्लास्टिक पार्क और डाउनस्ट्रीम उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा जयपुर मेट्रो फेज-2 का होगा शिलान्यास प्रधानमंत्री जयपुर मेट्रो रेल परियोजना के फेज-2 का भी वर्चुअल शिलान्यास करेंगे। इस परियोजना की अनुमानित लागत 13,037 करोड़ रुपये से अधिक है। इसके तहत प्रहलादपुरा से टोड़ी मोड़ तक लगभग 41 किलोमीटर लंबा उत्तर-दक्षिण मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इस कॉरिडोर से शहर के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों सीतापुरा और वीकेआईए को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। एयरपोर्ट के पास भूमिगत मेट्रो स्टेशन भी बनाए जाएंगे, जिससे जयपुर का सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क और मजबूत होगा। जोधपुर एयरपोर्ट को मिलेगा नया टर्मिनल प्रधानमंत्री मोदी जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का भी उद्घाटन करेंगे। वे सुबह लगभग 10:30 बजे जोधपुर वायुसेना एयरपोर्ट पहुंचेंगे और पुराने टर्मिनल से ई-कार्ट के माध्यम से नए टर्मिनल भवन तक जाएंगे। नए टर्मिनल के शुरू होने से यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और जोधपुर की हवाई संपर्क क्षमता में भी विस्तार होगा। राजस्थान के विकास को मिलेगी नई रफ्तार सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं के शुरू होने से राजस्थान में औद्योगिक निवेश, रोजगार, परिवहन और ऊर्जा क्षेत्र को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। विशेष रूप से पचपदरा रिफाइनरी के संचालन से पश्चिमी राजस्थान को पेट्रोकेमिकल हब के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।  

Deepshikha जुलाई 4, 2026 0
Swapan Das Gupta
बंगाल में जारी रहेंगी ममता सरकार की योजनाएं, लाभार्थियों का होगा सत्यापन

कोलकाता, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कार्यकाल में शुरू की गई प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं को जारी रखने का फैसला किया है। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन योजनाओं का लाभ केवल पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए लाभार्थियों की व्यापक जांच कराई जाएगी। सरकार का उद्देश्य फर्जीवाड़े पर रोक लगाकर योजनाओं को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।   वोटर लिस्ट और डोर-टू-डोर सत्यापन से होगी जांच सरकारी अधिकारियों के अनुसार सभी लाभार्थियों के रिकॉर्ड का मिलान अंतिम मतदाता सूची से किया जाएगा। जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हट चुके हैं या जो अपात्र पाए जाएंगे, उन्हें योजनाओं की सूची से बाहर किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर घर-घर जाकर भी सत्यापन किया जाएगा, ताकि सरकारी सहायता केवल वास्तविक और जरूरतमंद लाभार्थियों तक पहुंचे। नवंबर 2025 में विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान करीब 80 लाख संदिग्ध नाम हटाए गए थे, जिनके आधार पर अब कल्याणकारी योजनाओं की भी समीक्षा की जाएगी।   वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने क्या कहा ? राज्य के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने अपने पहले बजट भाषण में संकेत दिया था कि सभी सामाजिक सुरक्षा योजनाएं जारी रहेंगी, लेकिन उनमें पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सुधार किए जाएंगे। इसी क्रम में सरकार ने जनकल्याण शिविरों में प्राप्त नए आवेदनों की जांच शुरू कर दी है। सत्यापन पूरा होने तक वृद्धावस्था और विधवा पेंशन जैसी कुछ योजनाओं के वितरण को अस्थायी रूप से रोका गया है, जबकि कन्याश्री और रूपश्री जैसी योजनाओं की भी कड़ी निगरानी की जा रही है।   वहीं, सरकार ने तृणमूल कांग्रेस की महत्वाकांक्षी 'कृषक बंधु' योजना को बंद कर दिया है। अधिकारियों का दावा है कि इस योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और फर्जी लाभार्थी शामिल थे। इसके स्थान पर भाजपा सरकार नई योजना के तहत प्रत्येक पात्र किसान को सालाना 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता देगी। कृषि विभाग का अनुमान है कि सख्त सत्यापन के बाद मौजूदा लाभार्थियों में से 40 प्रतिशत से अधिक अपात्र नाम हटाए जा सकते हैं।

abhishek singh जुलाई 4, 2026 0
Farmers sow Kharif crops in a rain-deficient field as officials review contingency plans amid weak monsoon conditions and El Niño concerns.
कम बारिश से खरीफ बुवाई प्रभावित, केंद्र ने सूखा प्रभावित जिलों में कंटीजेंसी प्लान सख्ती से लागू करने के दिए निर्देश

नई दिल्ली: देश में सामान्य से कम बारिश और अल नीनो के प्रभाव के कारण खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित होने लगी है। स्थिति की समीक्षा के लिए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में शुक्रवार को उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्षा की कमी से प्रभावित जिलों में जिला स्तर पर कंटीजेंसी प्लान (आकस्मिक योजना) को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए। बैठक में खरीफ बुवाई, मानसून की प्रगति, अल नीनो के संभावित प्रभाव, उर्वरकों की उपलब्धता, खाद्यान्न भंडारण और फसल सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। खरीफ बुवाई में 25 फीसदी की कमी कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष जून तक 236.46 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई हुई थी, जबकि इस वर्ष यह घटकर 182.72 लाख हेक्टेयर रह गई है। यानी पिछले साल की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मानसून की स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ तो कृषि उत्पादन प्रभावित हो सकता है, जिसका असर खाद्य आपूर्ति और महंगाई पर भी पड़ सकता है। मुख्यमंत्रियों के साथ होगी समीक्षा बैठक बैठक में निर्णय लिया गया कि वर्षा की कमी से सबसे अधिक प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ अलग से बैठक कर कंटीजेंसी प्लान के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी। राज्य सरकारों को संभावित सूखे जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए पहले से तैयार रहने के निर्देश दिए जाएंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के प्रभावी क्रियान्वयन और किसानों तक कृषि ऋण की पहुंच बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया। 210 जिले अब भी वर्षा की कमी से प्रभावित कृषि मंत्रालय के अनुसार, देशभर में वर्षा की कमी की आशंका वाले 262 संवेदनशील जिलों की पहचान की गई थी। इनमें से हाल की बारिश के बाद 52 जिलों की स्थिति में सुधार हुआ है, लेकिन 210 जिले अब भी कमजोर मानसून की मार झेल रहे हैं। वहीं, आठ जिले पूरी तरह सूखे जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं। कृषि मंत्री ने दिए सतत निगरानी के निर्देश केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अल नीनो के संभावित प्रभावों पर लगातार नजर रखी जाए और तैयार की गई कार्ययोजना का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर सलाह, बीज, उर्वरक और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। मानसून की प्रगति पर मौसम विभाग की नजर बैठक में भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने जानकारी दी कि अगले दो से तीन दिनों में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में मानसून आगे बढ़ने की संभावना है। पूरे मौसम के दौरान सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान बरकरार है। जलाशयों में जलस्तर चिंता का विषय बैठक में बताया गया कि देश के 166 प्रमुख जलाशयों में जल भंडारण पिछले वर्ष की तुलना में कम है। महाराष्ट्र सहित कुछ राज्यों में हाल में बारिश हुई है, लेकिन जलाशयों का स्तर अभी भी संतोषजनक नहीं माना जा रहा है। सूखे की स्थिति पर लगातार नजर कृषि मंत्रालय ने बताया कि फसल मौसम निगरानी समूह की साप्ताहिक बैठकों के माध्यम से सूखे की स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है। अब तक 15 राज्यों ने इस संबंध में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर दी है। बैठक में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और केंद्रीय शुष्क भूमि कृषि अनुसंधान संस्थान (CRIDA) की तैयारियों की समीक्षा के साथ-साथ दलहन, तिलहन, कपास, बागवानी फसलों की बुवाई, मंडी कीमतों और खाद्यान्नों के बफर स्टॉक की स्थिति का भी आकलन किया गया।  

Deepshikha जुलाई 4, 2026 0
Police investigate a house in Agra after a missing man's body was allegedly found buried beneath the bathroom floor during a murder probe.
आगरा में सनसनी: पति की हत्या कर बाथरूम के फर्श के नीचे दफनाया शव, 45 दिन तक गुमशुदगी का ड्रामा करती रही पत्नी

आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। एक महिला पर अपने पति की हत्या कर शव को घर के बाथरूम के फर्श के नीचे दफनाने का आरोप लगा है। हैरानी की बात यह है कि आरोपी महिला ने खुद ही पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। पुलिस ने जांच के दौरान बाथरूम का फर्श खुदवाया, जहां से शव बरामद हुआ। गुमशुदगी की शिकायत ने खोला हत्या का राज पुलिस के मुताबिक, 45 वर्षीय सुरेंद्र शर्मा के लापता होने की शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस को पत्नी रूबी शर्मा के बयानों पर संदेह हुआ। पूछताछ में विरोधाभास मिलने पर पुलिस ने घर की तलाशी ली और बाथरूम का फर्श खुदवाया, जहां सुरेंद्र का शव दबा मिला। शव दबाकर ऊपर डाल दिया था कंक्रीट सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) अमीषा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रूबी शर्मा ने कथित तौर पर पति की हत्या करने के बाद शव को बाथरूम के फर्श के नीचे दबा दिया और ऊपर से कंक्रीट डालकर सबूत मिटाने की कोशिश की। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या के पीछे की वजह जानने के लिए उससे पूछताछ की जा रही है। शराब और घरेलू विवाद की बात सामने आई प्रारंभिक जांच और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, महिला ने पूछताछ में बताया कि पति की शराब की लत और आए दिन होने वाले घरेलू विवादों से परेशान होकर उसने करीब डेढ़ महीने पहले हत्या की थी। पुलिस अभी इस दावे की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है। पड़ोसियों को पहले से था शक स्थानीय निवासी गौरव दीक्षित ने बताया कि सुरेंद्र शर्मा और उनकी पत्नी के बीच अक्सर झगड़े होते थे। सुरेंद्र मूल रूप से राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले थे और पिछले नौ वर्षों से आगरा की रेणुका धाम कॉलोनी में परिवार के साथ रह रहे थे। पड़ोसियों के मुताबिक, जब सुरेंद्र कई दिनों तक दिखाई नहीं दिए तो उन्होंने रूबी शर्मा से कई बार उनके बारे में पूछा, लेकिन वह हर बार अलग-अलग बहाने बनाकर बात टाल देती थी। इसी वजह से आसपास के लोगों को शक होने लगा था। पुलिस कर रही है मामले की विस्तृत जांच पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पूछताछ के आधार पर हत्या के कारणों और घटनाक्रम की पूरी तस्वीर सामने आएगी।  

Deepshikha जुलाई 4, 2026 0
Devotees visit the Shri Ram Janmabhoomi Temple in Ayodhya as authorities investigate alleged irregularities related to temple donations.
राम मंदिर दान विवाद: RSS ने निष्पक्ष जांच की मांग की, विनय कटियार बोले- पीएम मोदी से की बात

अयोध्या: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे को लेकर सामने आए कथित अनियमितताओं के मामले ने नया राजनीतिक और सामाजिक मोड़ ले लिया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि बजरंग दल के संस्थापक और पूर्व भाजपा सांसद विनय कटियार ने दावा किया है कि उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत की है। इस बीच, उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जो कथित वित्तीय अनियमितताओं और दान प्रबंधन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। RSS ने संयम बरतने की अपील की RSS के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने हिंदू समाज से अपील करते हुए कहा कि मामले को लेकर धैर्य बनाए रखें और किसी भी अफवाह या भड़काऊ प्रचार से बचें। उनके अनुसार, कुछ हिंदू विरोधी और राष्ट्र विरोधी ताकतें इस विवाद का फायदा उठाकर समाज में भ्रम फैलाने की कोशिश कर सकती हैं। 'मंदिर प्रबंधन की कमियां दूर हों' होसबाले ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को इस पूरे मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंदिर के प्रबंधन और व्यवस्था में यदि कहीं कोई कमी है तो उसे जल्द दूर किया जाना चाहिए, ताकि करोड़ों श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रहे। विनय कटियार ने ट्रस्ट के पुनर्गठन की मांग की पूर्व भाजपा सांसद और बजरंग दल के संस्थापक विनय कटियार ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पुनर्गठन की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने इस पूरे मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चर्चा की है। कटियार ने यह भी कहा कि जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है। उनके इस बयान पर अब तक सरकार या जांच एजेंसियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। अब तक आठ गिरफ्तार, दो पदाधिकारियों ने दिया इस्तीफा पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारी चंपत रायऔर अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। SIT कर रही है पूरे मामले की जांच उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) दान प्रबंधन, वित्तीय लेन-देन और कथित अनियमितताओं से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज अयोध्या राम मंदिर आंदोलन से जुड़े संगठनों और नेताओं के बयान सामने आने के बाद यह मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल सभी की नजर SIT की जांच और उसकी रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिससे पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।  

Deepshikha जुलाई 4, 2026 0
Security personnel outside Kashi Vishwanath Temple after an accidental firearm discharge near Gate No. 4, where three people sustained minor injuries.
काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर-4 पर चली गोली, कार्बाइन गिरने से हुआ हादसा; तीन लोग घायल

वाराणसी: काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर-4 के पास शनिवार सुबह अचानक गोली चलने से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ड्यूटी पर तैनात एक पीएसी जवान की कार्बाइन हाथ से छूटकर सड़क पर गिर गई, जिसके बाद उससे अचानक फायर हो गया। यह घटना शनिवार सुबह करीब 7:30 बजे की बताई जा रही है। गोली चलने की आवाज सुनते ही मंदिर परिसर और आसपास मौजूद श्रद्धालुओं में कुछ देर के लिए दहशत फैल गई। तीन लोग हुए घायल प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक, गोली के छर्रे लगने से तीन लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं। घायलों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। राहत की बात यह है कि घटना में किसी की जान नहीं गई। हादसे के कारणों की जांच शुरू पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में यह मामला कार्बाइन के अचानक गिरने के बाद अनजाने में फायर होने का प्रतीत हो रहा है। घटना की वास्तविक वजह जानने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है। मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था सामान्य घटना के तुरंत बाद सुरक्षा कर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया। मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था सामान्य कर दी गई है और श्रद्धालुओं के दर्शन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद घटना के कारणों और जिम्मेदारी को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।  

Deepshikha जुलाई 4, 2026 0
Amarnath Yatra 2026
आतंकियों की हर साजिश होगी नाकाम: अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में तैनात हुए बम खोजी डॉग स्क्वॉड

नई दिल्ली, एजेंसियां। वार्षिक अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई 2026 से आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है। लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस बार अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने अपनी विशेष K9 डॉग स्क्वॉड टीमों को यात्रा मार्गों, बेस कैंपों और पवित्र गुफा क्षेत्र में तैनात किया है। इन विशेष रूप से प्रशिक्षित स्निफर और ट्रैकर डॉग्स का मुख्य कार्य विस्फोटकों का पता लगाना, संदिग्ध वस्तुओं की पहचान करना और यात्रा मार्गों को सुरक्षित बनाना है।   क्या है यह चार पैरों वाले ‘K9 योद्धा’? CRPF के ये चार पैरों वाले ‘K9 योद्धा’ बम निरोधक दस्तों और क्विक रिएक्शन टीम (QRT) के साथ मिलकर बालटाल और पहलगाम मार्गों, ट्रांजिट कैंपों, काफिले के रास्तों, हेलीपैड तथा संवेदनशील स्थलों पर लगातार एंटी-सबोटाज जांच कर रहे हैं। इसके अलावा, कठिन पहाड़ी इलाकों में खोज एवं बचाव अभियानों के लिए भी इन डॉग्स को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।   सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए K9 टीमों के साथ निगरानी ड्रोन, सीसीटीवी कैमरे, फेसियल रिकग्निशन सिस्टम और आधुनिक सर्विलांस तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे पूरे यात्रा मार्ग पर बहु-स्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है।   पूर्व महानिरीक्षक आर.के. यादव के अनुसार CRPF के पूर्व महानिरीक्षक आर.के. यादव के अनुसार, K9 इकाइयों की तीव्र सूंघने की क्षमता उन्हें पारंपरिक तरीकों की तुलना में कहीं अधिक तेजी से विस्फोटकों और छिपे हुए खतरों का पता लगाने में सक्षम बनाती है। यही वजह है कि हर संवेदनशील स्थान पर तीर्थयात्रियों के पहुंचने से पहले डॉग स्क्वॉड द्वारा गहन जांच की जा रही है।   इस वर्ष की 57 दिवसीय अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने "ऑपरेशन शिव" के तहत एक लाख से अधिक सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया है। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 670 से अधिक कंपनियां, सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर बहु-स्तरीय सुरक्षा ग्रिड में कार्य कर रही हैं, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण में बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकें।

anjali kumari जुलाई 4, 2026 0
Mamata Banerjee Abhishek Banerjee
शहीद दिवस रैली अवमानना मामला: कलकत्ता हाईकोर्ट ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी से मांगा जवाब

कोलकाता, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने शहीद दिवस रैली से जुड़े कथित अवमानना मामले में दोनों नेताओं से जवाब तलब किया है। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि वे निर्धारित समय के भीतर अपना हलफनामा दाखिल करें।    क्या है पूरा मामला?   याचिकाकर्ता का आरोप है कि शहीद दिवस रैली के आयोजन के दौरान हाईकोर्ट के पहले जारी निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। इसी आधार पर अदालत में अवमानना याचिका दायर की गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित पक्षों से जवाब मांगा था।    हाईकोर्ट ने मांगा हलफनामा   सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को निर्देश दिया कि वे आरोपों पर अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए हलफनामा दाखिल करें। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 17 अगस्त की नई तारीख भी तय की है, जहां दोनों पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी।

abhishek singh जुलाई 4, 2026 0
West Bengal Police Transfer
पश्चिम बंगाल पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 16 डीएसपी और 108 थाना प्रभारियों के हुए तबादले

कोलकाता, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल सरकार ने कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। राज्य पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार 16 डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) और 108 थाना प्रभारियों का तबादला किया गया है। इस फैसले को आगामी प्रशासनिक चुनौतियों और कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।    कई जिलों में बदले गए प्रमुख अधिकारी   तबादला सूची में कोलकाता, हावड़ा, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, हुगली, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर सहित कई जिलों के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। राज्य सरकार का कहना है कि यह बदलाव पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से किया गया है।    कानून-व्यवस्था पर रहेगा फोकस   सूत्रों के मुताबिक, संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह फेरबदल किया गया है। नए अधिकारियों को जल्द कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध नियंत्रण की रणनीति को और प्रभावी बनाया जा सके।    पुलिस मुख्यालय ने जारी किए आदेश   राज्य पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई तैनाती पर योगदान देने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस व्यापक फेरबदल से पुलिस प्रशासन की कार्यक्षमता और समन्वय में सुधार होगा।

abhishek singh जुलाई 4, 2026 0
Amarnath Yatra
अमरनाथ यात्रियों के नाम पीएम मोदी का विशेष पत्र, पांच संकल्पों के साथ स्वच्छ और सुरक्षित यात्रा का दिया संदेश

नई दिल्ली, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के नाम एक विशेष पत्र लिखकर उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। पत्र में उन्होंने अमरनाथ यात्रा को भारत की आध्यात्मिक विरासत, सांस्कृतिक एकता और सेवा भाव का प्रतीक बताते हुए श्रद्धालुओं से पांच संकल्प लेने की अपील की है। यह संदेश यात्रा के दोनों आधार शिविरों बालटाल और नुनवान (पहलगाम) में श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया गया।   पीएम ने यात्रियों से लिए पांच संकल्प   अपने पत्र में प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान स्वच्छता बनाए रखने, पर्यावरण संरक्षण, सुरक्षा नियमों का पालन करने, 'वोकल फॉर लोकल' को बढ़ावा देने और राष्ट्र सेवा की भावना के साथ यात्रा पूरी करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बाबा बर्फानी की यात्रा केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का भी अवसर है।   स्थानीय लोगों से खरीदारी की भी अपील   प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं से जम्मू-कश्मीर के स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने और स्थानीय कारोबारियों से खरीदारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और क्षेत्र के लोगों की आजीविका को भी समर्थन मिलेगा।   यात्रा से जुड़े सभी कर्मियों का जताया आभार   प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड, जम्मू-कश्मीर प्रशासन, सुरक्षा बलों, स्वास्थ्य कर्मियों और स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षित, मंगलमय और सफल यात्रा की कामना करते हुए कहा कि अमरनाथ यात्रा देश की एकता और आध्यात्मिक शक्ति का जीवंत प्रतीक है।

anjali kumari जुलाई 4, 2026 0
NHM Doctors Strike
दिल्ली में NHM डॉक्टरों की हड़ताल, वेतन और 7वें वेतन आयोग की मांग को लेकर सेवाएं प्रभावित

नई दिल्ली, एजेंसियां। राजधानी दिल्ली में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के डॉक्टरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक दिवसीय हड़ताल की। डॉक्टरों ने नियमित वेतन, सेवा सुरक्षा और 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। हड़ताल का असर राजधानी के कई सरकारी अस्पतालों और मोहल्ला क्लीनिकों की स्वास्थ्य सेवाओं पर देखने को मिला।   वेतन और सेवा शर्तों को लेकर नाराजगी   प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि वे वर्षों से संविदा पर काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें नियमित कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने समय पर वेतन भुगतान, 7वें वेतन आयोग का लाभ, नौकरी की सुरक्षा और स्थायी नियुक्ति की मांग दोहराई। डॉक्टरों का कहना है कि कई बार सरकार के सामने मांगें रखने के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।   स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा असर   हड़ताल के कारण कई सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में ओपीडी सेवाएं प्रभावित रहीं। हालांकि, आपातकालीन सेवाओं को जारी रखा गया ताकि गंभीर मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो। मरीजों को सामान्य जांच और परामर्श के लिए इंतजार करना पड़ा।    सरकार से जल्द समाधान की उम्मीद   NHM डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया तो भविष्य में आंदोलन और तेज किया जा सकता है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि डॉक्टरों की मांगों पर विचार किया जा रहा है और जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।

anjali kumari जुलाई 4, 2026 0
Dattatreya Hosabale
RSS ने अयोध्या दान विवाद पर तोड़ी चुप्पी, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पारदर्शिता की मांग

नई दिल्ली, एजेंसियां। अयोध्या राम मंदिर के दानपात्र से कथित धन गबन के मामले पर पहली बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। संघ ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे करोड़ों राम भक्तों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। साथ ही, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।   दान विवाद पर जताई गहरी चिंता   RSS के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और दान से जुड़ी अनियमितताओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को सख्त सजा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।   ट्रस्ट से कमियां दूर करने की अपील   RSS ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से मंदिर प्रबंधन में यदि कोई खामियां हैं तो उन्हें तत्काल दूर करने की अपील की। संघ का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है।   'विवाद का गलत फायदा न उठाएं'   RSS ने अपने बयान में लोगों से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि इस घटना का इस्तेमाल समाज में विभाजन पैदा करने या धार्मिक भावनाएं भड़काने के लिए नहीं होना चाहिए। संगठन ने आरोप लगाया कि कुछ "राष्ट्रविरोधी और हिंदू विरोधी ताकतें" इस विवाद का लाभ उठाने की कोशिश कर रही हैं।

abhishek singh जुलाई 4, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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दिल्ली में 50 लाख की रंगदारी की साजिश का खुलासा, कारोबारी की पत्नी निकली मास्टरमाइंड

abhishek singh जून 30, 2026 0

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