नई दिल्ली/कोलकाता/बेंगलुरु/हैदराबाद: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC (Indian Political Action Committee) के कई ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई दिल्ली, बेंगलुरु और हैदराबाद स्थित कंपनी के दफ्तरों में की गई। अधिकारियों के अनुसार, यह छापेमारी कथित कोयला चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी है। 2,742 करोड़ के घोटाले से जुड़ा मामला ED की यह कार्रवाई करीब 2,742 करोड़ रुपए के कोयला घोटाले से संबंधित बताई जा रही है। इस मामले में CBI ने 27 नवंबर 2020 को FIR दर्ज की थी, जिसके बाद ED ने मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच शुरू की। डायरेक्टर और को-फाउंडर भी जांच के दायरे में छापेमारी के दायरे में कंपनी के को-फाउंडर और डायरेक्टर ऋषि राज सिंह के ठिकाने भी शामिल हैं। इसके अलावा डायरेक्टर प्रतीक जैन पहले से ही जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। ED ने हाल ही में दोनों को बयान दर्ज कराने के लिए समन भी भेजा था। हालांकि, सिंह और जैन ने इन समन को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया, यह कहते हुए कि वे इस समय पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनावी कार्यों में व्यस्त हैं। पहले भी हो चुकी है कार्रवाई इससे पहले जनवरी में ED ने कोलकाता में I-PAC के दफ्तर और प्रतीक जैन के घर पर छापा मारा था। उस दौरान कोलकाता के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास और सॉल्टलेक स्थित ऑफिस में जांच की गई थी। ममता बनर्जी भी पहुंची थीं मौके पर जनवरी में हुई कार्रवाई के दौरान एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला था। छापेमारी सुबह करीब 6 बजे शुरू हुई बाद में कोलकाता पुलिस कमिश्नर मौके पर पहुंचे कुछ ही देर बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद प्रतीक जैन के घर पहुंचीं बताया जाता है कि ममता बनर्जी कुछ समय वहां रुकीं और बाहर निकलते समय उनके हाथ में एक फाइल भी देखी गई। इसके बाद वे I-PAC के दफ्तर भी गईं। TMC के लिए चुनावी रणनीति संभालती है I-PAC I-PAC फिलहाल तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए चुनावी रणनीति और कैंपेन मैनेजमेंट का काम कर रही है। कंपनी डेटा-आधारित चुनावी रणनीति, मीडिया प्लानिंग और वोटर आउटरीच में विशेषज्ञ मानी जाती है। I-PAC का इतिहास I-PAC की शुरुआत 2013 में प्रशांत किशोर और प्रतीक जैन ने की थी पहले इसका नाम Citizens for Accountable Governance (CAG) था बाद में इसे I-PAC नाम दिया गया प्रशांत किशोर के अलग होने के बाद कंपनी की कमान पूरी तरह प्रतीक जैन के पास आ गई आगे क्या? ED की यह कार्रवाई राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर बड़ा असर डाल सकती है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और इसके राजनीतिक निहितार्थ पर सभी की नजर रहेगी।
नई दिल्ली/केरल: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान युद्ध की आड़ में पाकिस्तान कोई “गलत हरकत” करता है, तो भारत उसे पहले से भी ज्यादा कड़ा और निर्णायक जवाब देगा। “पड़ोसी देश साजिश कर सकता है” केरल में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा: “मौजूदा हालात में हमारा पड़ोसी देश साजिश कर सकता है, लेकिन भारत पूरी तरह तैयार है।” ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की दिलाई याद राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को ऑपरेशन सिंदूर की याद दिलाते हुए कहा: भारतीय सेना ने सिर्फ 22 मिनट में जवाबी कार्रवाई की थी पाकिस्तान के अंदर घुसकर 9 आतंकी ठिकानों को तबाह किया गया इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान को सीज़फायर की मांग करनी पड़ी यह ऑपरेशन 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले (25 पर्यटकों की मौत) के बाद शुरू हुआ था। ऊर्जा संकट पर भी दिया भरोसा रक्षा मंत्री ने साफ किया कि: देश में ईंधन और गैस की कोई कमी नहीं है भारत किसी भी ऊर्जा संकट से निपटने के लिए तैयार है होर्मुज जलडमरूमध्य पर नजर उन्होंने बताया कि: भारतीय नौसेना होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले टैंकरों की सुरक्षा कर रही है सरकार पश्चिम एशिया की स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है कूटनीतिक मोर्चे पर भी सक्रिय भारत राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने कूटनीतिक प्रयासों के जरिए खाड़ी क्षेत्र में भारत के हितों की रक्षा कर रहे हैं। पाकिस्तान के दावों पर सवाल पाकिस्तान खुद को अमेरिका-ईरान विवाद में मध्यस्थ बता रहा है लेकिन ईरान ने इन दावों को खारिज कर दिया, जिससे पाकिस्तान की स्थिति कमजोर दिख रही है
नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र के बीच गुरुवार को लोकसभा में CAPF (सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेस) जनरल एडमिनिस्ट्रेशन बिल 2026 पेश किया जाएगा। इससे पहले यह बिल बुधवार को राज्यसभा से पास हो चुका है। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय इसे लोकसभा में पेश कर सकते हैं। कार्यवाही की शुरुआत श्रद्धांजलि से सदन की कार्यवाही गुरुवार को दो पूर्व सांसदों को श्रद्धांजलि देने के साथ शुरू हुई। इसके बाद विधायी कामकाज आगे बढ़ाया गया। CAPF बिल में क्या प्रावधान हैं? इस बिल का मुख्य उद्देश्य CAPF में वरिष्ठ पदों पर डिपुटेशन (प्रतिनियुक्ति) के नियम तय करना है: IG (इंस्पेक्टर जनरल) स्तर के 50% पद डिपुटेशन से भरे जाएंगे ADG (एडिशनल डायरेक्टर जनरल) के कम से कम 67% पद डिपुटेशन से SDG और DG के सभी पद डिपुटेशन से ही भरे जाएंगे विपक्ष का विरोध इस बिल को लेकर विपक्ष ने आपत्ति जताई है। कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने आरोप लगाया कि: “बिल ऐसे दिन लाया गया है जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी असम दौरे पर हैं।” राज्यसभा में आज क्या होगा? राज्यसभा में आज आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती से जुड़ा बिल पेश किया जाएगा, जिसे लोकसभा पहले ही पास कर चुकी है। क्या बढ़ेगा बजट सत्र? आज बजट सत्र का आखिरी दिन माना जा रहा है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक: सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित नहीं किया जाएगा सरकार इसे अप्रैल के तीसरे हफ्ते में फिर बुला सकती है बुधवार को पास हुए अहम बिल आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) बिल 2026 – लोकसभा इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (संशोधन) बिल 2026 – राज्यसभा CAPF जनरल एडमिनिस्ट्रेशन बिल 2026 – राज्यसभा IBC से जुड़ा एक और बिल – राज्यसभा
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक सप्लाई चेन में आई दिक्कतों के बीच भारत सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने कई जरूरी पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर दी है। यह छूट 30 जून 2026 तक लागू रहेगी। क्यों लिया गया यह फैसला? सरकार के मुताबिक: मिडिल ईस्ट संकट से कच्चे माल की सप्लाई प्रभावित हो रही है अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ रही हैं उद्योगों पर लागत का दबाव बढ़ रहा है इन परिस्थितियों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है ताकि देश में उत्पादन और सप्लाई प्रभावित न हो। किन सेक्टरों को होगा फायदा? इस फैसले से कई बड़े उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा: प्लास्टिक और पैकेजिंग टेक्सटाइल इंडस्ट्री फार्मा सेक्टर केमिकल इंडस्ट्री ऑटो पार्ट्स मैन्युफैक्चरिंग सरकार का मानना है कि इससे उत्पादन लागत घटेगी और सप्लाई चेन सुचारू बनी रहेगी। किन उत्पादों पर मिली छूट? सरकार ने जिन प्रमुख पेट्रोकेमिकल्स पर ड्यूटी हटाई है, उनमें शामिल हैं: एनहाइड्रस अमोनिया मेथनॉल टोल्यून स्टाइरीन विनाइल क्लोराइड मोनोमर मोनोएथिलीन ग्लाइकोल (MEG) फिनोल, एसिटिक एसिड, PTA इसके अलावा कई पॉलिमर भी शामिल हैं: पॉलीएथिलीन (PE) पॉलीप्रोपिलीन (PP) पॉलीस्टाइरीन (PS) PVC, PET चिप्स ABS (इंजीनियरिंग प्लास्टिक) आम लोगों को कैसे मिलेगा फायदा? कच्चा माल सस्ता होने से उत्पादन लागत कम होगी इससे प्लास्टिक, पैकेजिंग, कपड़े, दवाइयों जैसी चीजों की कीमतों में राहत मिल सकती है बाजार में सप्लाई बनी रहने से महंगाई पर भी काबू पाने में मदद मिल सकती है
भारत के आईटी नियमों और कंटेंट टेकडाउन पॉलिसी को लेकर अमेरिका ने आपत्ति जताई है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) की ताज़ा नेशनल ट्रेड एस्टीमेट रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के डिजिटल नियम विदेशी टेक कंपनियों के लिए व्यापार में बाधा बन रहे हैं। वहीं भारत सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए साफ कहा है कि देश का ‘सामाजिक ताना-बाना’ और सुरक्षा, व्यापारिक हितों से ज्यादा महत्वपूर्ण है। अमेरिका की क्या हैं आपत्तियां? USTR की रिपोर्ट में भारत के डिजिटल नियमों पर कई सवाल उठाए गए हैं: कंटेंट हटाने की समय सीमा अव्यावहारिक बताई गई नियम तोड़ने पर कंपनी अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी को जोखिमपूर्ण बताया कंटेंट टेकडाउन आदेशों में तेजी और कथित ‘राजनीतिक प्रेरणा’ पर चिंता डेटा गवर्नेंस और इंटरनेट शटडाउन को डिजिटल व्यापार के लिए बाधा बताया रिपोर्ट के अनुसार, ये नियम ग्लोबल टेक कंपनियों के लिए भारत में काम करना कठिन बना सकते हैं। भारत का जवाब: ‘सोशल फैब्रिक’ सबसे ऊपर भारत सरकार ने अमेरिकी रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा: “हमारे लिए अपने सामाजिक ताने-बाने की रक्षा करना, किसी भी कंपनी के व्यावसायिक हितों से ज्यादा जरूरी है।” सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि: डीपफेक और फेक न्यूज एक गंभीर खतरा बन चुके हैं सरकार का उद्देश्य इंटरनेट को सुरक्षित और जिम्मेदार बनाना है दुनिया भर में प्लेटफॉर्म भी ऐसे कंटेंट पर सख्ती कर रहे हैं IT नियमों में क्या बदलाव हुए? हाल ही में भारत ने IT नियमों में कुछ अहम संशोधन किए हैं: केवल वरिष्ठ अधिकारी ही टेकडाउन आदेश जारी कर सकते हैं आदेश के लिए स्पष्ट कानूनी आधार देना अनिवार्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को तेजी से कार्रवाई करनी होगी ‘डिजिटल संप्रभुता’ बनाम ‘ट्रेड हित’ पॉलिसी विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद दो अलग सोच के बीच है: अमेरिका: खुला डिजिटल बाजार और कंपनियों की स्वतंत्रता भारत: डिजिटल संप्रभुता और सामाजिक सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, विकासशील देशों के नियामक फैसलों को अक्सर विकसित देशों के नजरिए से आंका जाता है, जिससे ऐसे विवाद सामने आते हैं।
कोलकाता,एजेंसियां। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 से पहले मालदा जिले में SIR (Special Intensive Revision) के लिए गए अधिकारियों को बंधक बनाए जाने की घटना ने बड़ा राजनीतिक और संवैधानिक विवाद खड़ा कर दिया है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहली बार प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी समय पर नहीं दी गई और फिलहाल राज्य की प्रशासनिक मशीनरी उनके नियंत्रण में नहीं है। चुनावी रैली में ममता बनर्जी ने क्या कहा ? मुर्शिदाबाद जिले के सागरदिघी में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि चुनाव आयोग ने चुनाव से पहले प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव किए हैं, जिसके कारण राज्य में कानून-व्यवस्था पर उनका नियंत्रण नहीं रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि “मेरी सारी शक्तियां छीन ली गई हैं” और वर्तमान स्थिति “सुपर राष्ट्रपति शासन” जैसी लग रही है। ममता ने यह भी दावा किया कि उन्हें मालदा की घटना के बारे में आधी रात को एक पत्रकार से पता चला। मुख्यमंत्री ने SIR प्रक्रिया को लेकर क्या कहा ? मुख्यमंत्री ने SIR प्रक्रिया को लेकर भी नाराजगी जताई और कहा कि वह समझ सकती हैं कि लोग क्यों गुस्से में हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि इस पूरे घटनाक्रम के लिए कौन जिम्मेदार है। दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट ने इस घटना को बेहद गंभीर मानते हुए सख्त टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाना केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि न्यायिक संस्थाओं के अधिकारों को चुनौती देने जैसा है। मुख्य न्यायाधीश ने इसे “सोची-समझी और उकसावे वाली कार्रवाई” बताया और कहा कि इसकी जांच CBI या NIA जैसी केंद्रीय एजेंसी से कराई जानी चाहिए।
कोलकाता,एजेंसियां। पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में मतदाता सूची को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। गुरुवार सुबह पुराने मालदा ब्लॉक के मंगलबाड़ी इलाके में लोगों ने फिर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वैध दस्तावेज जमा करने के बावजूद उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। इसी मुद्दे पर नाराज लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-12 (NH-12) को एक बार फिर जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने टायरों में आग लगाई और बांस लगाकर सड़क अवरुद्ध कर दी। स्थिति को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल और केंद्रीय अर्धसैनिक बल (CAPF) की तैनाती की गई है। मालदा पुलिस, स्थानीय प्रशासन और खुफिया शाखा को अलर्ट पर रखा गया है। मालदा-मोथाबारी राज्य राजमार्ग और NH-12 के कई हिस्सों पर सुरक्षा चौकियां स्थापित की गई हैं। बुधवार को कालियाचक में हुए बवाल यह विरोध प्रदर्शन बुधवार को कालियाचक में हुए बवाल के बाद और तेज हो गया। बुधवार को भी लोगों ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के खिलाफ सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया था। उस दौरान सात न्यायिक अधिकारियों को भी प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया था और करीब नौ घंटे तक बंधक बनाए रखा। बाद में जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने इस गंभीर घटना पर पश्चिम बंगाल पुलिस महानिदेशक से रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने खासतौर पर उन मामलों पर चिंता जताई है, जिनमें मतदाताओं को “तार्किक विसंगति” श्रेणी में रखकर उनके नाम सूची से हटाए गए। इस पूरे घटनाक्रम ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है, खासकर ऐसे समय में जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मालदा जिले के बैष्णवनगर में चुनावी रैली करने वाली हैं। अब यह मुद्दा सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप भी लेता दिख रहा है।
कोलकाता,एजेंसियां। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पश्चिम बंगाल के चर्चित कोयला तस्करी मामले में इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) के ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई हैदराबाद, बेंगलुरु और दिल्ली में की गई। बेंगलुरु में कंपनी के को-फाउंडर ऋषिराज सिंह के ठिकानों पर भी तलाशी ली गई। इससे पहले जनवरी में भी ED ने कोलकाता स्थित I-PAC कार्यालय और कंपनी के डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर पर रेड की थी। क्या है पूरा मामला? ED की जांच 2020 में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। जांच एजेंसी के मुताबिक, ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) के लीज़ क्षेत्र से बड़े पैमाने पर अवैध कोयला खनन और चोरी की जा रही थी। इसमें ECL, CISF, रेलवे और अन्य विभागों के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत होने का आरोप है। जांच में अनुप माजी को इस सिंडिकेट का मास्टरमाइंड बताया गया है। ED का दावा है कि अवैध कोयला खनन और तस्करी के जरिए करीब ₹2,742.32 करोड़ के कोयले की हेराफेरी हुई। एजेंसी के अनुसार, इस नेटवर्क से जुड़े कई लोगों ने अपराध से अर्जित रकम (POC) को अलग-अलग माध्यमों से आगे पहुंचाया। जांच में हवाला नेटवर्क के भी अहम सुराग मिले हैं। I-PAC का नाम कैसे जुड़ा? ED के मुताबिक, हवाला के जरिए करोड़ों रुपये के लेन-देन का संबंध I-PAC से सामने आया है। एजेंसी का दावा है कि कथित कोयला तस्करी से जुड़े करीब ₹20 करोड़ के हवाला फंड I-PAC तक पहुंचे। हालांकि, कंपनी ने सभी आरोपों पर कहा है कि उसने जांच में पूरा सहयोग दिया है और आगे भी कानून का सम्मान करते हुए सहयोग करती रहेगी।
महाराष्ट्र में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। प्रकाश आबिटकर, जो राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री हैं, ने पुणे के Smt. Kashibai Navale Medical College and General Hospital में ‘माझे गाव, आरोग्य संपन्न गाव’ अभियान का शुभारंभ किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पूरे महाराष्ट्र में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और लोगों की भागीदारी से ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना है। ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था में बदलाव का लक्ष्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री प्रकाश आबिटकर ने विश्वास जताया कि यह अभियान ग्रामीण महाराष्ट्र की स्वास्थ्य व्यवस्था की तस्वीर बदल देगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक को उसके गांव में ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों। मुफ्त सेवाओं और योजनाओं पर जोर मंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के पास पर्याप्त संसाधन और कई प्रभावी योजनाएं मौजूद हैं, जिन्हें लोगों तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से Mahatma Jyotirao Phule Jan Arogya Yojana का उल्लेख करते हुए कहा कि इस पर बड़ी राशि खर्च की गई है और अब इसे सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs) में लागू करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके तहत: ECG और डायलिसिस जैसी सेवाएं मुफ्त दी जा रही हैं जरूरतमंद मरीजों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने पर विशेष फोकस है HPV वैक्सीनेशन पर फैलाई जा रही गलत जानकारी पर चिंता मंत्री ने सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए चल रहे HPV वैक्सीनेशन अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर फैल रही गलत जानकारी को रोकना बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और वैक्सीनेशन को बढ़ावा दें। सफल क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम अभियान के प्रभावी संचालन के लिए कार्यक्रम स्थल पर डिवीजन स्तर की ट्रेनिंग वर्कशॉप का आयोजन भी किया गया। इसमें विभिन्न जिलों के अधिकारियों और कर्मचारियों को अभियान के उद्देश्य, कार्यप्रणाली और जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस कार्यशाला में पुणे, मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, कोल्हापुर, सतारा और सांगली जिलों के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल हुए। जमीनी स्तर पर समितियों की भूमिका अहम पुणे जिला परिषद के अध्यक्ष वीरधवल बाबा जगदाले ने कहा कि मॉडल PHCs के जरिए जिले में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं शुरू की गई हैं। उन्होंने ‘Patient Welfare Committees’ की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि चुनाव के बाद इन समितियों को फिर से सक्रिय करना जरूरी है। वहीं, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजानन पाटिल ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
देशभर में आम लोगों के लिए स्वास्थ्य खर्च एक बार फिर बढ़ने वाला है। National Pharmaceutical Pricing Authority (NPPA) ने थोक महंगाई के आधार पर 760 से अधिक जरूरी दवाओं की कीमतों में 0.6% की बढ़ोतरी की है। यह नई कीमतें 1 अप्रैल 2026 से लागू हो गई हैं। हालांकि यह बढ़ोतरी मामूली लग सकती है, लेकिन विशेषज्ञों और दवा विक्रेताओं को आगे और बड़ी कीमत वृद्धि की आशंका सता रही है। किन दवाओं पर पड़ा असर? इस फैसले का असर उन दवाओं पर पड़ा है जो आम लोगों के लिए बेहद जरूरी हैं। इनमें शामिल हैं: डायबिटीज की दवाएं जैसे मेटफॉर्मिन और इंसुलिन ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों की दवाएं एंटीबायोटिक्स जैसे एजिथ्रोमाइसिन और एमोक्सिसिलिन दर्द निवारक दवाएं जैसे पैरासिटामोल और इबुप्रोफेन मानसिक स्वास्थ्य, दौरे (seizures) और विटामिन्स से जुड़ी दवाएं इसके अलावा, मेडिकल डिवाइस जैसे कोरोनरी स्टेंट की कीमतों में भी संशोधन किया गया है। आगे और बढ़ सकती हैं कीमतें Bengal Chemists and Druggists Association के सचिव पृथ्वी बोस के मुताबिक, केंद्र सरकार ने दवा कंपनियों को कच्चे माल की कीमत बढ़ने पर आगे भी कीमतें बढ़ाने की छूट दी है। उनका कहना है कि अगर कीमतों पर सख्त नियंत्रण नहीं रखा गया, तो इसका सबसे ज्यादा असर मध्यम और निम्न आय वर्ग पर पड़ेगा। कच्चे माल की कीमतों में भारी उछाल पिछले एक महीने में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण फार्मा सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। इससे दवाओं में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल (API) की कीमतें लगभग दोगुनी हो गई हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार: पैरासिटामोल का कच्चा माल ₹250/kg से बढ़कर ₹450/kg तक पहुंच गया है इस स्थिति को देखते हुए दवा कंपनियां कीमतें बढ़ाने और सप्लाई में कमी की चेतावनी दे रही हैं। खुदरा विक्रेताओं की बढ़ी चिंता कोलकाता के दवा विक्रेताओं का कहना है कि लगातार बढ़ती लागत के कारण भविष्य में और कीमत बढ़ सकती है। इससे आम जनता की जेब पर सीधा असर पड़ेगा और जरूरी दवाएं महंगी हो सकती हैं। पहले के मुकाबले कम बढ़ोतरी हालांकि इस बार 0.6% की वृद्धि अपेक्षाकृत कम है। इससे पहले 2022 और 2023 में दवाओं की कीमतों में 10% से ज्यादा तक की बढ़ोतरी देखी गई थी। All India Organisation of Chemists and Druggists के महासचिव राजीव सिंघल के अनुसार, इस साल की बढ़ोतरी सीमित है, लेकिन भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
चेन्नई, एजेंसियां। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के फैंस के लिए बड़ी राहत वाली खबर सामने आई है। टीम के दिग्गज विकेटकीपर-बल्लेबाज MS Dhoni ने अभ्यास शुरू कर दिया है, जिससे उनकी वापसी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हाल ही में CSK द्वारा शेयर किए गए वीडियो और सोशल मीडिया पर वायरल नेट्स सेशन ने यह संकेत दिया है कि धोनी अब रिकवरी की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। धोनी आईपीएल 2026 के शुरुआती मुकाबले में नहीं खेल सके थे। चेन्नई सुपर किंग्स ने पहले आधिकारिक तौर पर बताया था कि वह काफ स्ट्रेन (पिंडली की चोट) के कारण टूर्नामेंट के शुरुआती दो हफ्तों तक टीम से बाहर रह सकते हैं। इसी वजह से वह राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 30 मार्च को खेले गए पहले मैच में प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं थे। वीडियो से मिला पॉजिटिव संकेत, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं अब जो वीडियो सामने आया है, उसमें धोनी किट बैग के साथ मैदान में जाते और हल्का अभ्यास करते नजर आ रहे हैं। इससे यह तो साफ है कि उनकी रिकवरी अच्छी दिशा में है, लेकिन 3 अप्रैल को पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच में उनके खेलने की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में फैंस को अंतिम फैसला मैच डे या टीम अपडेट तक इंतजार करना पड़ सकता है। चेन्नई के अगले दो मैच बेहद अहम चेन्नई सुपर किंग्स का अगला मुकाबला 3 अप्रैल को पंजाब किंग्स के खिलाफ घरेलू मैदान पर होगा। इसके बाद टीम 5 अप्रैल को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) से भिड़ेगी। ऐसे में अगर धोनी फिट घोषित होते हैं, तो उनकी वापसी CSK के लिए बड़ा मनोबल साबित हो सकती है। फिलहाल फैंस की नजर सिर्फ एक सवाल पर टिकी है क्या ‘थाला’ अगला मैच खेलेंगे?
नई दिल्ली, एजेंसियां। गर्मियों का मौसम शुरू होते ही शरीर को ठंडा रखने वाले देसी और हेल्दी ड्रिंक्स की मांग बढ़ जाती है। तेज धूप, पसीना, थकान और पेट की गर्मी से राहत पाने के लिए लोग तरह-तरह के शरबत और घरेलू पेय का सहारा लेते हैं। ऐसे में सौंफ का शरबत एक बेहद असरदार, स्वादिष्ट और सेहतमंद विकल्प माना जाता है। इसकी ठंडी तासीर न सिर्फ शरीर को ठंडक देती है, बल्कि पाचन तंत्र को भी बेहतर बनाने में मदद करती है। सौंफ का इस्तेमाल भारतीय रसोई में आमतौर पर मसाले और माउथ फ्रेशनर के रूप में किया जाता है, लेकिन गर्मियों में इसका शरबत शरीर के लिए किसी प्राकृतिक कूलर से कम नहीं है। यह ड्रिंक हल्का मीठा, खुशबूदार और काफी रिफ्रेशिंग होता है। खास बात यह है कि इसे घर पर बहुत कम सामग्री में और बेहद आसानी से तैयार किया जा सकता है। क्यों फायदेमंद है सौंफ का शरबत? सौंफ की तासीर ठंडी मानी जाती है, इसलिए यह गर्मियों में शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करती है। इसके सेवन से पेट की जलन, अपच, गैस और भारीपन जैसी समस्याओं में भी राहत मिल सकती है। अगर दिनभर की गर्मी और थकान के बाद कुछ ठंडा और हेल्दी पीना हो, तो सौंफ का शरबत एक शानदार विकल्प हो सकता है। सौंफ का शरबत बनाने के लिए सामग्री • सौंफ – 2 बड़े चम्मच • पानी – 2 कप • चीनी – 3 से 4 बड़े चम्मच (स्वादानुसार) • नींबू का रस – 1 बड़ा चम्मच • काला नमक – 1/2 छोटा चम्मच • इलायची पाउडर – 1/4 छोटा चम्मच • बर्फ के टुकड़े – जरूरत अनुसार घर पर ऐसे बनाएं सौंफ का शरबत इस शरबत को बनाने के लिए सबसे पहले सौंफ को 1 से 2 घंटे के लिए पानी में भिगो दें, ताकि उसका स्वाद और गुण अच्छी तरह निकल आएं। इसके बाद भीगी हुई सौंफ को मिक्सर में डालकर बारीक पीस लें। अब इस मिश्रण को छानकर उसका पानी अलग कर लें। फिर इसमें चीनी डालकर अच्छी तरह घोलें। अब नींबू का रस, काला नमक और इलायची पाउडर मिलाएं। इन सभी चीजों के मिल जाने के बाद इसमें बर्फ के टुकड़े डालें और ठंडा-ठंडा सर्व करें। स्वाद के साथ सेहत भी सौंफ का शरबत सिर्फ एक स्वादिष्ट समर ड्रिंक नहीं, बल्कि एक ऐसा घरेलू पेय है जो शरीर को हाइड्रेट रखने, पाचन सुधारने और गर्मी से राहत देने में मदद कर सकता है। अगर आप इस गर्मी कुछ हेल्दी, देसी और झटपट बनने वाला पेय तलाश रहे हैं, तो सौंफ का शरबत जरूर ट्राई करें।
नई दिल्ली, एजेंसियां। दिनभर की भागदौड़ और थकान के बाद जब रात के खाने की बारी आती है, तो सबसे बड़ा सवाल यही होता है—“आज क्या बनाएं?” ऐसे में अगर कोई ऐसी रेसिपी मिल जाए जो सिर्फ 10 मिनट में तैयार हो, स्वाद में बेहतरीन हो और पेट भी भर दे, तो इससे बेहतर क्या हो सकता है। यही वजह है कि आजकल क्विक रेसिपीज़ सिर्फ ट्रेंड नहीं, बल्कि हर घर की जरूरत बन चुकी हैं। खासकर कामकाजी लोगों, छोटे परिवारों, छात्रों और अकेले रहने वालों के लिए ऐसी डिश किसी राहत से कम नहीं होती। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए आज हम आपको बता रहे हैं एक ऐसी आसान, पौष्टिक और बेहद स्वादिष्ट डिनर रेसिपी के बारे में, जो कम मेहनत में तैयार हो जाती है। इस रेसिपी का नाम है पनीर भुर्जी एक ऐसा देसी स्वाद, जिसे बच्चे और बड़े दोनों ही पसंद करते हैं। पनीर भुर्जी क्यों है बेस्ट 10 मिनट डिनर? पनीर भुर्जी की सबसे खास बात यह है कि इसे बनाने में ज्यादा तैयारी की जरूरत नहीं होती। घर में मौजूद कुछ सामान्य सामग्री और थोड़ा-सा समय—बस इतना ही काफी है। यह डिश हल्की, प्रोटीन से भरपूर और स्वाद में लाजवाब होती है। यही कारण है कि यह रोज़ाना के डिनर, लंच बॉक्स या हल्के रात के खाने के लिए एक बेहतरीन विकल्प मानी जाती है। क्या-क्या लगेगा? इस रेसिपी के लिए आपको चाहिए 200 ग्राम मसल हुआ पनीर, 1 बारीक कटा प्याज, 1 कटा टमाटर, 1 हरी मिर्च, 1 छोटा चम्मच अदरक-लहसुन पेस्ट, आधा छोटा चम्मच हल्दी, आधा छोटा चम्मच लाल मिर्च, स्वादानुसार नमक, 1 बड़ा चम्मच तेल या घी और हरा धनिया। कैसे बनाएं? सबसे पहले कड़ाही में तेल या घी गर्म करें और उसमें जीरा चटकाएं। फिर प्याज डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें। इसके बाद अदरक-लहसुन पेस्ट और हरी मिर्च डालकर एक मिनट पकाएं। अब टमाटर और मसाले डालकर 2-3 मिनट तक अच्छी तरह पकाएं। आखिर में मसल हुआ पनीर डालें और मसाले में अच्छी तरह मिला दें। 2-3 मिनट पकाने के बाद गैस बंद करें और ऊपर से हरा धनिया डाल दें। सर्विंग आइडिया गरमा-गरम पनीर भुर्जी को रोटी, पराठा, ब्रेड या सैंडविच फिलिंग के रूप में परोसा जा सकता है। कम समय में बनने वाली यह रेसिपी स्वाद, सेहत और सुविधा तीनों का परफेक्ट कॉम्बिनेशन है।
मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को जोरदार गिरावट दर्ज की गई। सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन बाजार खुलते ही निवेशकों में घबराहट का माहौल दिखा, जिसका असर प्रमुख सूचकांकों पर साफ नजर आया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 1300 अंकों से अधिक टूट गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 22,250 के नीचे फिसल गया। सुबह करीब 9:39 बजे सेंसेक्स 1,394.38 अंक यानी 1.90 प्रतिशत की गिरावट के साथ 71,739.94 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं, निफ्टी 407.75 अंक यानी करीब 1.80 प्रतिशत टूटकर 22,271.65 के स्तर पर पहुंच गया। बुधवार को बाजार में जो तेजी देखने को मिली थी, वह गुरुवार सुबह खुलते ही पूरी तरह गायब हो गई। वैश्विक तनाव और कमजोर सेंटीमेंट से दबाव बाजार में इस गिरावट की बड़ी वजह वैश्विक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव को माना जा रहा है। खासकर ईरान-अमेरिका तनाव और डोनाल्ड ट्रंप की हालिया टिप्पणियों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती बेचैनी का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा और निवेशकों ने जोखिम वाले निवेश से दूरी बनानी शुरू कर दी। बैंकिंग और फार्मा शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव गुरुवार की गिरावट में बैंकिंग और फार्मा सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहे। इन सेक्टरों के दिग्गज शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली, जिससे बाजार का मूड और कमजोर हो गया। इसके अलावा कई बड़े लार्जकैप और ब्लूचिप शेयर भी लाल निशान में कारोबार करते दिखे।
देशभर में 2 अप्रैल 2026 की सुबह तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के ताजा दाम जारी कर दिए हैं। हर दिन की तरह आज भी फ्यूल की कीमतों में कुछ शहरों में स्थिरता रही, जबकि कुछ इलाकों में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिला। अगर आप आज गाड़ी की टंकी फुल कराने की योजना बना रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले अपने शहर के लेटेस्ट रेट जरूर चेक कर लें। बड़े शहरों में क्या है पेट्रोल का हाल? देश के प्रमुख महानगरों में आज पेट्रोल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। मुंबई में पेट्रोल ₹103.54 प्रति लीटर पर स्थिर है। नई दिल्ली में ₹94.77 प्रति लीटर बना हुआ है। कोलकाता ₹105.41 और चेन्नई ₹101.23 प्रति लीटर पर स्थिर हैं। हालांकि, NCR के शहरों में हल्की राहत देखने को मिली है। गुरुग्राम में ₹0.12 और नोएडा में ₹0.14 की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, बिहार के कुछ शहरों में कीमतों में बढ़ोतरी हुई है- भागलपुर में ₹0.64 और पटना में ₹0.12 की बढ़त दर्ज की गई। डीजल की कीमतों में क्या बदलाव? डीजल के दाम भी आज अधिकतर बड़े शहरों में स्थिर बने हुए हैं। दिल्ली में डीजल ₹87.67 और मुंबई में ₹90.03 प्रति लीटर है। लेकिन बिहार और झारखंड के कुछ जिलों में डीजल महंगा हुआ है- भागलपुर में ₹0.60 और पटना में ₹0.11 की बढ़ोतरी हुई है। दूसरी ओर, कुछ शहरों में राहत भी मिली है- नोएडा और मुजफ्फरपुर में डीजल के दामों में गिरावट दर्ज की गई। क्यों बदलते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम? फ्यूल की कीमतों में उतार-चढ़ाव कई अहम कारकों पर निर्भर करता है- अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमत डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स (VAT और Excise Duty) इन्हीं वजहों से अलग-अलग राज्यों और शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें अलग-अलग होती हैं। SMS से ऐसे चेक करें अपने शहर का रेट आप घर बैठे मोबाइल से भी पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट जान सकते हैं- Indian Oil: “RSP <शहर कोड>” लिखकर 9224992249 पर भेजें BPCL: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें HPCL: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर SMS करें
मेष राशि - आज का दिन मौज-मस्ती और आनन्द से भरा रहेगा- क्योंकि आप ज़िन्दगी को पूरी तरह जिएंगे। आकस्मिक मुनाफ़े या सट्टेबाज़ी के ज़रिए आर्थिक हालात सुदृढ़ होंगे। जब आप अकेलापन महसूस करें तो अपने परिवार की मदद लीजिए। यह आपको अवसाद से बचाएगा। साथ ही यह समझदारी भरा फ़ैसला लेने में आपकी मदद करेगा। अगर आप अपने प्रिय को पर्याप्त समय न दें, तो वह नाराज़ हो सकता/सकती है। दफ़्तर में आपको पता लग सकता है कि जिसे आप अपना दुश्मन समझते थे, वह दरअस्ल आपका शुभचिंतक है। आपका खाली वक्त आज किसी गैरजरुरी काम में खराब हो सकता है। आपके जीवनसाथी की ओर से मिला कोई ख़ास तोहफ़ा आपके खिन्न मन को ख़ुश करने में काफ़ी मददगार साबित होगा। उपाय :- प्रेमी/प्रेमिका को हरे रंग के कपड़े गिफ्ट में देने से प्रेम सम्बन्ध मजबूत रहेंगे। वृषभ राशि - ख़ुद को परिष्कृत करने की कोशिश कई तरीक़ों से अपना असर दिखाएगी- आप ख़ुद को बेहतर और आत्मविश्वास से भरा हुआ महसूस करेंगे। निवेश करना कई बार आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित होता है आज आपको यह बात समझ में आ सकती है क्योंकि किसी पुराने निवेश से आज आपको मुनाफा हो सकता है। परिवार की स्थिति आज वैसी नहीं रहेगी जैसा आप सोचते हैं। आज घर में किसी बात को लेकर कलह होने की संभावना है ऐसी स्थिति में खुद पर काबू रखें। आपका प्रेमी आज आपकी बातों को सुनने से ज्यादा अपनी बातें कहना पसंद करेगा जिसकी वजह से आप थोड़े खिन्न हो सकते हैं। कुछ लोगों को व्यापारिक और शैक्षिक लाभ मिलेगा। अगर आपके पास हालात से उबरने के लिए दृढ़ इच्छा-शक्ति है, तो कुछ भी असंभव नहीं है। जीवनसाथी के साथ यह दिन और दिनों की अपेक्षा बेहतर गुज़रेगा। उपाय :- पारिवारिक जीवन को अच्छा रखने के लिए बिस्तर पर क्रीम रंग की चादर का प्रयोग करें। मिथुन राशि - आपकी उम्मीद एक महक से भरे हुए ख़ूबसूरत फूल की तरह खिलेगी। निश्चित तौर पर वित्तीय स्थिति में सुधार आएगा- लेकिन साथ ही ख़र्चों में भी इज़ाफ़ा होगी। अनचाहे मेहमानों से शाम को आपका घर भरा रह सकता है। आपका प्रिय आपको ख़ुश रखने के लिए कुछ ख़ास करेगा। अपना रवैया ईमानदार और स्पष्टवादी रखें। लोग आपकी दृढ़ता और क्षमताओं को सराहेंगे। आज आप ऑफिस से घर वापस आकर अपना पसंदीदा काम कर सकते हैं। इससे आपके मन को शांति मिलेगी। आज के दिन आपके और आपके जीवनसाथी के लिए गहरी आत्मीयतापूर्ण बातें का सही समय है। उपाय :- फटे पुराने कपड़े, रद्दी सामान, अखबार आदि को घर से बाहर निकालना पारिवारिक जीवन के लिए अच्छा है। कर्क राशि - ख़ुश हो जाएँ क्योंकि अच्छा समय आने वाला है और आप स्वयं में अतिरिक्त ऊर्जा का अनुभव करेंगे। अपनेे लिए पैसा बचाने का आपका ख्याल आज पूरा हो सकता है। आज आप उचित बचत कर पाने में सक्षम होंगे। लोगों के साथ ठीक तरह से पेश आएँ, ख़ास तौर पर उनके साथ जो आपसे प्यार करते हैं और आपका ख़याल रखते हैं। प्रेम भगवान की पूजा की ही तरह पवित्र है। यह आपको सच्चे अर्थों में धर्म व आध्यात्मिकता की ओर भी ले जा सकता है। कार्यक्षेत्र में हालात आपके पक्ष में रुख़ करते मालूम होंगे। जल्दबाज़ी में फ़ैसले न करें, ताकि ज़िन्दगी में आगे आपको पछताना न पड़े। विवादों की एक लम्बी कड़ी आपके रिश्तों को कमजोर कर सकती है अत: इसे हल्के में लेना ठीक नहीं होगा। उपाय :- दाम्पत्य सुख प्राप्ति के लिए केसर का खाने में प्रयोग करें। सिंह राशि - सुकून हासिल करने लिए कुछ पल क़रीबी दोस्तों के साथ बिताएँ। आर्थिक रुप से आज आप काफी मजबूत नजर आएंगे, ग्रह नक्षत्रों की चाल से आज आपके लिए धन कमाने के कई मौके बनेंगे. आपका ज़्यादातर समय दोस्तों और परिवार के साथ बीतेगा। प्रेम निःसीम होता है, सभी सीमाओं के परे; आपने ये बातें पहले भी सुनी होंगी। लेकिन आज वह दिन है जब आप अगर चाहें तो यह ख़ुद महसूस कर सकते हैं। ऐसे लोगों से हाथ मिलाएँ जो रचनात्मक हैं और जिनके ख़यालात आपसे मिलते हैं। आज आप जीवनसाथी के साथ वक्त बिताने और उनको कहीं घुमाने ले जाने का प्लान करेंगे लेकिन उनकी खराब तबीयत की वजह से यह नहीं हो पाएगा। आप अपने जीवनसाथी के साथ कुछ बहुत रोमांचक काम कर सकते हैं। उपाय :- केले की जड़ को अपने पास रखने से पारिवारिक जीवन अच्छा चलता है। कन्या राशि - दिन की शुरुआत आप योग ध्यान से कर सकते हैं। ऐसा करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा और सारे दिन आपमें ऊर्जा रहेगी। व्यापार को मजबूती देने के लिए आज आप कोई अहम कदम उठा सकते हैं जिसके लिए आपका कोई करीबी आपकी आर्थिक मदद कर सकता है। नाती-पोतों से आज काफ़ी ख़ुशी मिल सकती है। आज का दिन प्रेम के रंगों में डूबा रहेगा लेकिन रात के वक्त किसी पुरानी बात को लेकर आप झगड़ सकते हैं। आपके तारे आज आपको असाधारण शक्ति देंगे, इसलिए ऐसे निर्णय लें जो ज़रूरी हों और आने वाले समय में आपको सही दिशा दे सकें। जिन रिश्तों को आप अहमियत देते हैं उन्हें समय देना भी आपको सीखना होगा नहीं तो रिश्ते टूट सकते हैं। दिन वाक़ई रोमानी है। बढ़िया खाने, महक और ख़ुशी के साथ आप अपने हमदम के साथ बेहतरीन समय बिता सकते हैं। उपाय :- प्रेम सम्बन्धों में मन-मुटाव को दूर करने के लिए अंधे व्यक्ति को भोजन कराएं। तुला राशि - आपको आज महत्वपूर्ण निर्णय लेने होंगे, जिसके चलते आपको तनाव और बेचैनी का सामना करना पड़ सकता है। सट्टेबाज़ी से फ़ायदा हो सकता है। छोटे भाई-बहन आपसे राय मांग सकते हैं। रोमांचक दिन है, क्योंकि आपका प्रिय आपको तोहफ़े/उपहार दे सकता है। अगर आप यक़ीन करते हैं कि वक़्त ही पैसा है तो आपको अपनी क्षमताओं को शीर्ष पर पहुँचाने के लिए ज़रूरी क़दम उठाने होंगे। शाम का वक्त अच्छा रहे इसके लिए आपको दिनभर मन लगाकर काम करने की जरुरत है। आपका जीवनसाथी आपको ख़ुश करने के लिए आज काफ़ी कोशिशें करता नज़र आएगा। उपाय :- लाल रंग की बोतल में पानी भरकर धूप में रखें व उस पानी का सेवन करने से हेल्थ अच्छी रहेगी। वृश्चिक राशि - ख़ुद को किसी रचनात्मक काम में लगाएँ। मानसिक शांति के लिए आपकी खाली बैठने की आदत ख़तरनाक साबित हो सकती है। आपके घर से जुड़ा निवेश फ़ायदेमंद रहेगा। दिन चढ़ने पर किसी पुराने दोस्त से सुखद मुलाक़ात होगी। अचानक हुई रोमांटिक मुलाक़ात आपके लिए उलझन पैदा कर सकती है। तब तक कोई वादा न करें, जब तक आप ख़ुद यह न जानते हों कि आप उसे हर क़ीमत पर पूरा करेंगे। जिन रिश्तों को आप अहमियत देते हैं उन्हें समय देना भी आपको सीखना होगा नहीं तो रिश्ते टूट सकते हैं। आज आपको और आपके जीवनसाथी को प्यार-मुहब्बत के लिए पर्याप्त समय मिल सकता है। उपाय :- अच्छी सेहत के लिए पूर्व की ओर मुख करके भोजन करें। धनु राशि - दूसरों के साथ ख़ुशी बांटने से सेहत और खिलेगी। अपने धन का संचय कैसे करना है यह हुनर आज आप सीख सकते हैं और इस हुनर को सीख कर आप अपना धन बचा सकते हैं। समस्याओं को दिमाग़ से बाहर खदेड़ दें और घर व दोस्तों के बीच अपनी स्थिति सुधारने के बारे में सोचें। आज आप अपने किसी वादे को पूरा नहीं कर पाएंगे जिसकी वजह से आपका प्रेमी आपसे नाराज हो जाएगा। साझीदारी में किसी नई परियोजना को शुरू करने के लिए अच्छा दिन है। इससे सभी को मुनाफ़ा होगा। लेकिन साझीदार से हाथ मिलाने से पहले भली-भांति विचार कर लें। वक्त के साथ चलना आपके लिए अच्छा है लेकिन साथ ही आपको यह समझना भी जरुरी है कि जब कभी आपके पास खाली समय हो अपने करीबियों के साथ वक्त बिताएं। आपके वैवाहिक जीवन से सारा मज़ा खो सा गया मालूम होता है। अपने जीवनसाथी से बात करें और कुछ मस्तीभरी योजना बनाएँ। उपाय :- किचन में बैठकर खाना खाने से प्रेम सम्बन्ध मजबूत होंगे। मकर राशि - आज आपका आत्मविश्वास और ऊर्जा का स्तर ऊँचा रहेगा। अपने धन का संचय कैसे करना है यह हुनर आज आप सीख सकते हैं और इस हुनर को सीख कर आप अपना धन बचा सकते हैं। पारिवारिक मोर्चे पर समस्याएँ मुँह बाए खड़ी हैं। पारिवारिक ज़िम्मेदारियों की अनदेखी आपको सबकी नाराज़गी की केंद्र बना सकती है। बहुत ख़ूबसूरत और प्यारे इंसान से मिलने की प्रबल संभावना है। कारोबारी जितना हो अपने कारोबार से जुड़ी बातों को किसी से शेयर न करें। अगर आप ऐसा करते हैं तो आप बड़ी मुश्किल में पड़ सकते हैं। इस राशि के छात्र-छात्राएं आज अपने कीमती समय का दुरुपयोग कर सकते हैं। आप मोबाइल या टीवी पर आवश्यकता से अधिक समय जाया कर सकते हैं। अपने जीवनसाथी के चलते आप महसूस करेंगे कि स्वर्ग धरती पर ही है। उपाय :- दूध में हल्दी डालकर पीने व नहाने वाले पानी में हल्दी डालकर स्नान करने से पारिवारिक जीवन अच्छा होगा। कुम्भ राशि - आज आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और प्रगति निश्चित है। आर्थिक रुप से आज आप काफी मजबूत नजर आएंगे, ग्रह नक्षत्रों की चाल से आज आपके लिए धन कमाने के कई मौके बनेंगे. आपमें से कुछ गहने या घरेलू सामान ख़रीद सकते हैं। विवादित मुद्दों को उठाने से बचें, अगर आप आज ‘डेट’ पर जा रहे हैं तो। इस राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में आवश्यकता से अधिक बोलने से बचना चाहिए नहीं तो आपकी छवि पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। इस राशि के कारोबारियों को किसी पुराने निवेश की वजह से आज घाटा होने की संभावना है। लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं आज आपको इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। बल्कि आज आप खाली समय में किसी से मिलना जुलना भी पसंद नहीं करेंगे और एकांत में आनंदित रहेंगे। किसी के प्रभाव में आकर आपका जीवनसाथी आपसे झगड़ सकता है, लेकिन प्यार और सद्भाव से मामला सुलझ जाएगा। उपाय :- पीले रंग के जूतों का प्रयोग करने से नौकरी व बिज़नेस में उन्नति होगी। मीन राशि - अपनी सेहत का ख़याल रखें। आज के दिन आपको आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता अहि- मुमकिन है कि आप ज़रूरत से ज़्यादा ख़र्च करें या आपका बटुआ खो भी सकता है- ऐसे मामलों में सावधानी की कमी आपको नुक़सान पहुँचा सकती है। आपको बच्चों के साथ कुछ समय बिताने, उन्हें अच्छे संस्कार देने और उनकी ज़िम्मेदारी समझाने की ज़रूरत है। आपका प्रिय आपसे वादे की मांग करेगा, लेकिन ऐसा वादा न करें जिसे आप पूरा न कर सकें। लाभदायक दिन है, इसलिए कोशिश करें और आगे बढें। अच्छे मौक़े आपका इंतज़ार कर रहे हैं। अचानक आज आप काम से छुट्टी लेने का प्लान बना सकते हैं और अपने परिवार के साथ वक्त बिता सकते हैं। आप अपने वैवाहिक जीवन की सारी ख़राब यादें भूल जाएंगे और आज का भरपूर लुत्फ़ लेंगे। उपाय :- पीपल की जड़ में तेल चढाने से आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। कृपया ध्यान दें यद्यपि शुद्ध राशिफल की पूरी कोशिश रही है फिर भी इन राशिफलों में और आपकी कुंडली व राशि के ग्रहों के आधार पर आपके जीवन में घटित हो रही घटनाओं में कुछ अन्तर हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप किसी ज्योतिषी से अवश्य सम्पर्क करें। किसी भी भिन्नता के लिए IDTV इन्द्रधनुष उत्तरदायी नहीं हैं।
1559 – इटली के जेनोआ क्षेत्र से यहूदियों को निकाला गया। 1679 – मुगल शासक अकबर ने जजिया कर समाप्त किया। 1745 - ऑस्ट्रिया और बवेरिया ने शांति संधि पर हस्ताक्षर किया। 1767 - यीशु की सोसायटी का स्पैनिश साम्राज्य और नेपल्स के साम्राज्य में दमन किया गया। 1787 - न्यायपालिका के एक चार्टर ने आपराधिक और नागरिक अधिकार क्षेत्र के पहले न्यू साउथ वेल्स न्यायालयों की स्थापना के लिए अधिकार प्रदान करने पर हस्ताक्षर किए। 1792 - सिक्का कानून पारित कर दिया गया , संयुक्त राज्य मिंट की स्थापना हुई। 1801 - कोपेनहेगन (द्वितीय गठबंधन युद्ध) की पहली लड़ाई: एडमिरल सर हाइड पार्कर के तहत यूनाइटेड किंगडम की रॉयल नेवी शाही डैनो-नार्वे नेवी को एक युद्धविराम स्वीकार करने के लिए मजबूर किया गया। 1849- ब्रिटिश पंजाब की स्थापना हुई। 1860 - ट्यूरिन में पहली इटली की संसद की बैठक शुरू हुई। 1902 – लॉसएंजिल्स में पहला मोशन पिक्चर थियेटर खुला। 1905 – मिस्र की राजधानी काहिरा और दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन शहर के बीच रेल यातायात शुरु हुआ। 1921 – प्रसिद्ध वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन ने अपने नये 'सापेक्षता के सिद्धांत' विषय पर न्यूयार्क शहर में व्याख्यान दिया। 1942 – कांग्रेस ने क्रिप्स मिशन के प्रस्ताव को खारिज किया। 1945 – सोवियत संघ और ब्राजील के बीच राजनयिक संबंध बहाल हुये। 1970 – 'असम पुनर्गठन अधिनियम' के तहत भारत के उत्तर-पूर्व में मेघालय को स्वायत्तशासी राज्य का दर्जा हासिल हुआ। 1982 – अर्जेंटीना ने दक्षिणी अटलांटिक महासागर में स्थित फॉकलैंड द्वीप समूह पर हमला कर दिया। 1984 – स्क्वाड्रन लीडर राकेश शर्मा, मिशन सोयूज़ टी-11 के तहत अंतरिक्ष जाने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री बने। 1997 – सुमिता सिन्हा ने अपने उपर से 3200 किलोग्राम भार के ट्रक को पार करने की अनुमति देकर रिकार्ड स्थापित किया। 1989 - फिलिस्तीन मुक्ति संगठन के नेता यासर अराफात फिलिस्तीन के राष्ट्रपति निर्वाचित। 1999 - मास्को में स्वतंत्र राष्ट्रों के राष्ट्रकुल (सीआईएस) की शिखर बैठक सम्पन्न। 2001 - नेपाल में माओवादी विद्रोहियों द्वारा 35 पुलिस अधिकारियों की हत्या। 2007 - सोलोमन द्वीप में शक्तिशाली सुनामी आयी। 2008 - कर्नाटक में तीन चरणों में विधान सभा चुनाव कराने की घोषणा। 2008 - रामराव समिति ने रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में रक्षा तकनीकी आयोग गठित करने की सिफारिश की। 2008 - नेपाल में सत्तारूढ़ पार्टियों के शीर्ष नेताओं ने चुनाव से पहले भड़की हिंसा की जांच के लिए 10 सूत्री समझौते पर हस्ताक्षर किए। 2008 - अमेरिका में हावर्ड विश्वविद्यालय से सम्बद्ध हावर्ड बिजनेस स्कूल ने सुश्री अंजली रैना को मुंबई स्थित अपने भारत अनुसंधान केन्द्र का कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया। 2011- भारतीय क्रिकेट टीम ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में श्रीलंका को हराकर आईसीसी विश्व कप, 2011 की ट्रॉफी अपने नाम की। 2013 – पाकिस्तान के पेशावर में बिजली संयंत्र पर हुए हमले में सात लोग मारे गए। 2013 – बर्मा के यांगून में एक मस्जिद के भीतर लगी भीषण आग में 13 बच्चों की मौत हो गई। 2015 – केन्या के गारिसा यूनिवर्सिटी में बंदूकधारियों के हमले में 140 लोग मारे गए। 2017- अमरीकी गायक और गीतकार बॉब डिलन ने साहित्य के लिए प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार स्वीकार कर लिया । 2017- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू कश्मीर में देश की सबसे लम्बी, चेनानी-नाशरी सड़क सुरंग राष्ट्र को समर्पित किया। 2019 - पाक में नाबालिग हिंदू बहनों के जबरन धर्मातरण की जांच के लिए आयोग गठित। 2020 - भारत सरकार ने कोविड-19 की स्थिति के बारे में जानने और लोगों को सतर्क करने के लिए आरोग्य सेतु ऐप शुरू किया। 2021 - भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के निकट सभी मुद्दों को तेजी से सुलझाने पर सहमति बनी। 2021 - ताइवान में भीषण ट्रेन हादसा हुआ जिसमें 48 लोगों की मौत व लगभग 118 व्यक्ति घायल हुए। 2022 - भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आर्थिक सहयोग तथा व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किये गये। 2022 - भारत और तुर्कमेनिस्तान आपसी व्यापार और ऊर्जा सहयोग बढाने पर सहमत हुए। 2023 - भारत की जी20 अध्यक्षता के तहत ऊर्जा स्रोतों में बदलाव पर जी20 कार्य समूह (ETWG) की दूसरी बैठक गांधीनगर में शुरू हुई। 2023 - रूस में सैन्य मामलों के ब्लागर की विस्फोट में मौत हुई व 19 लोग घायल हुए। 2023 - पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में द्वितीय जी-20 पर्यटन कार्य समूह की बैठक का उद्घाटन सत्र आयोजित किया गया। 2023 - ISRO ने दोबारा उपयोग में लाए जा सकने वाले प्रक्षेपण यान की स्वतः लैंडिंग मिशन का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। 2 अप्रॅल को जन्मे व्यक्ति 1881 - वी. वी. सुब्रमण्य अय्यर - एक स्वतंत्रता सेनानी और क्रांतिकारी राष्ट्रभक्त थे। 1891 – गोवा के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी टी. बी. कुन्हा का जन्म हुआ। 1902 - बड़े ग़ुलाम अली ख़ाँ शास्त्रीय गायक । 1935 - ए. वी. रामा राव - भारतीय रसायनशास्त्री और आविष्कारक। 1942 - रोशन सेठ हिन्दी फ़िल्मों के एक अभिनेता । 1952 - दीपक पाराशर हिन्दी फ़िल्मों के एक अभिनेता । 1969 - अजय देवगन - भारतीय बॉलीवुड फिल्मों के मशहूर अभिनेता, निर्देशक और निर्माता हैं। 1981 - कपिल शर्मा एक भारतीय हास्य अभिनेता हैं। 1984 - दीप सिद्धू - हिन्दी फ़िल्मों के एक भारतीय अभिनेता हैं। 2 अप्रॅल को हुए निधन 1720 – पेशवा बालाजी विश्वनाथ का निधन हुआ। 1825 - बन्धुल, एक प्रसिद्ध बर्मी (बर्मा) सेनापति था। 1907 - राधाकृष्ण दास - हिंदी, बांग्ला, उर्दू, गुजराती आदि भाषाओं के अच्छे जानकार तथा साहित्यकार थे। 1933 - रणजी, भारतीय क्रिकेट का जादूगर कहा जाता है और उन्हें भारत का सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट खिलाड़ी माना जाता है का गुजरात के जामनगर में निधन हुआ। 2005 – पिछले 400 सालों में पोप बनने वाले पहले गैर इतालवी नागरिक पोप जॉन पॉल द्वितीय का निधन हुआ। 2020 - भाई निर्मल सिंह खालसा एक प्रख्यात गुरबाणी गायक थे। 2021 - वैलेन्टिन अफोनिन, रूसी फुटबॉल डिफेंडर का 81 वर्ष की आयु में निधन हुआ। 2022 - चिली के फुटबॉल स्ट्राइकर लियोनेल सांचेज़ का 85 वर्ष की आयु में निधन हुआ। 2023 - पूर्व भारतीय क्रिकेटर सलीम अज़ीज़ दुर्रानी (88) का गुजरात के जामनगर में कैंसर से निधन हुआ। 2 अप्रॅल के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव भगवान अजितनाथ जी मोक्ष कल्याणक (जैन , चैत्र शुक्ल पंचमी)। गुरु श्री हरगोविन्द जी ज्योति ज्योत (प्राचीनमतानुसार)। महान संत श्री अमर शहीद कंवरराम साहब की 140वीं जयंती (सिंधी समाज)। अभिनेता श्री अजय देवगन जन्म दिवस। क्रिकेटर रणजी (कुमार रणजीत सिंह) स्मृति दिवस। आर्मी वॉर कॉलेज (एडब्ल्यूसी) महू जयन्ती (55वीं)। विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस। कृपया ध्यान दें यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए IDTV इन्द्रधनुष की कोई जिम्मेदारी नहीं है।
दिनांक - 02 अप्रैल 2026 दिन - गुरूवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - उत्तरायण ऋतु - वसंत ॠतु मास - चैत्र पक्ष - शुक्ल तिथि - पूर्णिमा सुबह 07:41 तक तत्पश्चात प्रतिपदा नक्षत्र - हस्त शाम 05:38 तक तत्पश्चात चित्रा योग - ध्रुव दोपहर 02:20 तक तत्पश्चात व्याघात राहुकाल - दोपहर 02:15 से शाम 03:48 तक* सूर्योदय - 05:42 सूर्यास्त - 06:04 दिशाशूल - दक्षिण दिशा मे व्रत पर्व विवरण- व्रत पूर्णिमा,चैत्री पूर्णिमा,वैशाख स्नान आरम्भ, श्रीहनुमाजी का प्राकट्य दिवस विशेष - पूर्णिमा एवं व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में आ गए। इस बार मामला ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज नेता बीजू पटनायक को लेकर दिए गए उनके बयान से जुड़ा है। पिछले सप्ताह मीडिया से बातचीत के दौरान की गई टिप्पणी पर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली, जिसके बाद अब दुबे को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी। निशिकांत दुबे ने 1 अप्रैल को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मीडिया से बातचीत के दौरान वह नेहरू-गांधी परिवार के संदर्भ में अपनी बात रख रहे थे, लेकिन उसे बीजू पटनायक के खिलाफ टिप्पणी के रूप में समझ लिया गया। दुबे ने अपनी पोस्ट में क्या लिखा? अपने पोस्ट में दुबे ने लिखा कि, “पिछले हफ्ते मीडिया से बात करते हुए मैंने नेहरू-गांधी परिवार के कारनामों के क्रम में पूर्व मुख्यमंत्री और भारत के अग्रणी नेताओं में स्थान रखने वाले आदरणीय श्री बीजू पटनायक जी के संदर्भ में जो कहा, उसका गलत मतलब निकाला गया। पहले तो यह वक्तव्य मेरा व्यक्तिगत है। नेहरू जी पर मेरे विचार को बीजू पटनायक पर समझा गया। निशिकांत दुबे ने अपने बयान पर मांगी माफी विवाद बढ़ने के बाद निशिकांत दुबे ने अपने बयान पर बिना शर्त माफी भी मांगी। उन्होंने लिखा कि बीजू बाबू हमेशा सम्मानित और ऊंचे कद के नेता रहे हैं और रहेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनके बयान से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो वह उसके लिए खेद प्रकट करते हैं। बीजू पटनायक ओडिशा की राजनीति और देश की सार्वजनिक जीवन में एक बेहद सम्मानित नाम रहे हैं। ऐसे में उनके बारे में किसी भी विवादित टिप्पणी पर स्वाभाविक रूप से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। फिलहाल, दुबे की माफी के बाद यह मामला कुछ शांत होता दिख रहा है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा अभी भी जारी है।
दिसपुर, एजेंसियां। असम विधानसभा चुनाव के बीच राजनीतिक हलचल तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भी चुनावी मैदान में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। गांडेय विधायक कल्पना सोरेन ने बुधवार को असम के चबुआ विधानसभा क्षेत्र में पहुंचकर पार्टी प्रत्याशी भूबेन मुरारी के समर्थन में जोरदार प्रचार अभियान चलाया। उनके दौरे ने इलाके में चुनावी माहौल को और गरमा दिया है। कल्पना सोरेन और जोबा माझी प्रचार के दौरान कल्पना सोरेन के साथ सांसद जोबा माझी भी मौजूद रहीं। दोनों नेताओं ने चबुआ के चाय बागान क्षेत्रों का दौरा किया और वहां काम कर रहे मजदूरों से सीधे बातचीत की। इस दौरान उन्होंने मजदूरों की रोजमर्रा की परेशानियों को करीब से समझने की कोशिश की। मजदूरों ने भी खुलकर अपनी समस्याएं सामने रखीं। इनमें कम मजदूरी, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, खराब आवास व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं का अभाव जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। कल्पना सोरेन ने कहा कल्पना सोरेन ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि झामुमो सिर्फ चुनावी वादों की राजनीति नहीं करती, बल्कि जमीन से जुड़े मुद्दों को उठाने में विश्वास रखती है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे भूबेन मुरारी को भारी मतों से जीताकर विधानसभा भेजें, ताकि क्षेत्र के विकास और मजदूर वर्ग की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित हो सके।इस मौके पर झामुमो नेताओं ने यह भी साफ किया कि पार्टी असम में स्थानीय और जनजीवन से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दे रही है। खासकर चाय बागान मजदूरों, गरीब तबकों और वंचित समुदायों के अधिकारों को लेकर पार्टी अपनी मजबूत राजनीतिक उपस्थिति दर्ज कराना चाहती है। कल्पना सोरेन और जोबा माझी के इस दौरे से साफ है कि झामुमो असम चुनाव में भी ग्राउंड कनेक्ट बनाने की कोशिश में जुटी है। आने वाले दिनों में विभिन्न राजनीतिक दलों के बड़े नेताओं के दौरे के साथ चुनाव प्रचार और तेज होने की संभावना है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत के तेल बाजार को लेकर अमेरिका के कथित दबाव पर रूस ने खुलकर प्रतिक्रिया दी है। भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलिपोव ने साफ कहा है कि मॉस्को किसी भी तरह के बाहरी दबाव को स्वीकार नहीं करता और भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का सम्मान करता है। उनके इस बयान ने ऐसे समय में खास महत्व हासिल कर लिया है, जब वैश्विक ऊर्जा बाजार पश्चिम एशिया के तनाव और भू-राजनीतिक खींचतान से प्रभावित है। डेनिस अलिपोव ने कहा डेनिस अलिपोव ने कहा कि अमेरिका की ओर से भारत के बाजार में रूस के लिए बाधाएं खड़ी करने की कोशिशें अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कूटनीतिक संबंधों की स्वस्थ परंपरा के खिलाफ हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि “दबाव बनाकर व्यापार कराना सही तरीका नहीं है।” उनके मुताबिक, भारत अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर फैसले लेने वाला देश है और नई दिल्ली की यही नीति उसे वैश्विक मंच पर अलग पहचान देती है। रूसी राजदूत ने यह भी स्पष्ट किया रूसी राजदूत ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत और रूस के बीच ऊर्जा सहयोग लगातार मजबूत हुआ है। खासकर कच्चे तेल के क्षेत्र में दोनों देशों की साझेदारी पिछले कुछ समय में और गहरी हुई है। उन्होंने कहा कि भारत को रूस से तेल आपूर्ति में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है और दोनों देश इस सहयोग को आगे भी जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। रूस का मानना है कि यह संबंध केवल व्यापारिक नहीं, बल्कि रणनीतिक भरोसे पर आधारित है। अलिपोव ने पश्चिम एशिया में जारी संकट का जिक्र करते हुए कहा कि मौजूदा हालात ने ऊर्जा बाजार को अस्थिर बना दिया है। तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव, आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव और वैश्विक शिपिंग मार्गों पर तनाव ने स्थिति को और जटिल बनाया है। उन्होंने इस पूरी परिस्थिति को “ऑयल डिसरप्शन डिप्लोमेसी” का हिस्सा बताते हुए संकेत दिया कि भू-राजनीति अब ऊर्जा बाजार को सीधे प्रभावित कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूसी यात्रा पर इस बीच, उन्होंने भारत-रूस संबंधों के भविष्य को लेकर भी सकारात्मक संकेत दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संभावित रूस यात्रा पर उन्होंने कहा कि मॉस्को इस साल उनकी यात्रा का दिल से स्वागत करेगा। राजदूत ने यह भी याद दिलाया कि भारत और रूस के बीच वार्षिक शिखर बैठक की परंपरा दोनों देशों की गहरी रणनीतिक साझेदारी का प्रमाण है। कुल मिलाकर, रूस का यह बयान सिर्फ तेल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की विदेश नीति की स्वायत्तता और वैश्विक ऊर्जा समीकरणों में उसकी बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित करता है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
UPSC CSE Result 2025: देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक Civil Services Examination का अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है। Union Public Service Commission ने शुक्रवार 6 मार्च 2026 को UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट घोषित किया। इस परीक्षा में अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल किया है। परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अब आयोग की आधिकारिक वेबसाइट UPSC Official Website पर जाकर फाइनल मेरिट लिस्ट देख सकते हैं। 958 उम्मीदवारों का हुआ चयन यूपीएससी द्वारा जारी फाइनल रिजल्ट के अनुसार इस वर्ष कुल 958 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति विभिन्न केंद्रीय सेवाओं में उनकी रैंक और पसंद के आधार पर की जाएगी। फाइनल रिजल्ट उम्मीदवारों के लिखित परीक्षा (Main Exam) और पर्सनैलिटी टेस्ट (Interview) में प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है। इन प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए होता है चयन यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से देश की कई प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं— भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) भारतीय पुलिस सेवा (IPS) भारतीय विदेश सेवा (IFS) भारतीय राजस्व सेवा (IRS) भारतीय व्यापार सेवा सहित अन्य ग्रुप A और ग्रुप B सेवाएं 979 पदों को भरने का लक्ष्य सिविल सेवा परीक्षा 2025 के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 979 रिक्त पदों को भरा जाना है। ऐसे चेक करें UPSC CSE 2025 का रिजल्ट उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स के माध्यम से अपना रिजल्ट देख सकते हैं— आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं होमपेज पर “Examination” टैब पर क्लिक करें “Active Examinations” या “What’s New” सेक्शन में जाएं Civil Services Examination Final Result 2025 लिंक पर क्लिक करें मेरिट लिस्ट की PDF खुल जाएगी Ctrl + F दबाकर अपना नाम या रोल नंबर सर्च करें 15 दिन में जारी होगी मार्कशीट यूपीएससी के अनुसार सभी उम्मीदवारों की मार्कशीट रिजल्ट जारी होने के 15 दिनों के भीतर आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। उम्मीदवार इसे 30 दिनों तक ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। पिछले साल का कट-ऑफ पिछले वर्ष का अंतिम कट-ऑफ इस प्रकार था— जनरल: 87.98 EWS: 85.92 OBC: 87.28 SC: 79.03 ST: 74.23 आयु सीमा क्या है यूपीएससी की अधिसूचना के अनुसार उम्मीदवार की आयु 1 अगस्त 2024 तक कम से कम 21 वर्ष और अधिकतम 32 वर्ष होनी चाहिए। यानी उम्मीदवार का जन्म 2 अगस्त 1992 से 1 अगस्त 2003 के बीच होना चाहिए। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन तीन चरणों—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू—को पार कर बहुत कम उम्मीदवार ही अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं। UPSC CSE 2025 टॉप-20 उम्मीदवारों की सूची रैंक रोल नंबर नाम 1 1131589 अनुज अग्निहोत्री 2 4000040 राजेश्वरी सुवे एम 3 3512521 अकांश ढुल 4 0834732 राघव झुनझुनवाला 5 0409847 ईशान भटनागर 6 6410067 जिनिया अरोड़ा 7 0818306 ए आर राजा मोहिद्दीन 8 0843487 पक्षल सेक्रेटरी 9 0831647 आस्था जैन 10 1523945 उज्ज्वल प्रियांक 11 1512091 यशस्वी राज वर्धन 12 0840280 अक्षित भारद्वाज 13 7813999 अनन्या शर्मा 14 5402316 सुरभि यादव 15 3507500 सिमरनदीप कौर 16 0867445 मोनिका श्रीवास्तव 17 0829589 चितवन जैन 18 5604518 श्रुति आर 19 0105602 निसार दिशांत अमृतलाल 20 6630448 रवि राज