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PF का पैसा कैसे निकालें? EPFO Claim का पूरा ऑनलाइन प्रोसेस, जरूरी दस्तावेज और महत्वपूर्ण नियम

abhishek singh जून 25, 2026 0
EPFO PF Claim
EPFO PF Claim Process

नई दिल्ली ,एजेंसियां। अगर आप नौकरी छोड़ चुके हैं या किसी विशेष जरूरत के लिए अपने Employees' Provident Fund (EPF) का पैसा निकालना चाहते हैं, तो अब यह प्रक्रिया काफी आसान हो गई है। Employees' Provident Fund Organisation (EPFO) की ऑनलाइन सुविधा के जरिए घर बैठे कुछ मिनटों में PF क्लेम किया जा सकता है। हालांकि, क्लेम करने से पहले पात्रता, जरूरी दस्तावेज और सही प्रक्रिया जानना बेहद जरूरी है।

 

PF का पैसा कब निकाला जा सकता है?

 

EPFO के नियमों के अनुसार, PF निकासी मुख्य रूप से तीन प्रकार की होती है:

1. फुल PF निकासी (Form 19)

  • नौकरी छोड़ने के बाद।
  • सामान्यतः कम से कम 2 महीने (60 दिन) बेरोजगार रहने पर फुल सेटलमेंट का दावा किया जा सकता है।

2. आंशिक निकासी (Form 31)

नौकरी के दौरान भी कुछ विशेष परिस्थितियों में PF का कुछ हिस्सा निकाला जा सकता है, जैसे:

  • गंभीर बीमारी
  • शादी
  • बच्चों की पढ़ाई
  • घर खरीदना या बनवाना
  • होम लोन चुकाना
  • अन्य स्वीकृत कारण

3. पेंशन निकासी (Form 10C)

यदि आपकी पात्र सेवा अवधि निर्धारित शर्तों के अनुसार है, तो EPS (पेंशन) से संबंधित दावा भी किया जा सकता है।

 

ऑनलाइन PF निकालने के लिए क्या-क्या जरूरी है?

 

ऑनलाइन क्लेम करने से पहले निम्नलिखित चीजें तैयार रखें:

  • UAN (Universal Account Number) सक्रिय होना चाहिए।
  • आधार कार्ड UAN से लिंक होना चाहिए।
  • PAN कार्ड अपडेट और सत्यापित होना चाहिए।
  • बैंक खाता UAN से लिंक और KYC Approved होना चाहिए।
  • आधार से लिंक मोबाइल नंबर चालू होना चाहिए ताकि OTP प्राप्त हो सके।

 

EPFO से ऑनलाइन PF निकालने का पूरा प्रोसेस

 

Step 1: EPFO Member Portal पर लॉगिन करें

अपने UAN, पासवर्ड और कैप्चा की मदद से EPFO Member Portal में लॉगिन करें।

Step 2: KYC जांचें

Manage > KYC में जाकर सुनिश्चित करें कि आधार, PAN और बैंक विवरण Verified हैं।

Step 3: Online Claim विकल्प चुनें

Online Services में जाकर Claim (Form 31, 19, 10C & 10D) पर क्लिक करें।

Step 4: बैंक खाता सत्यापित करें

अपने बैंक खाते के अंतिम 4 अंक दर्ज करके Verify करें।

Step 5: Claim Type चुनें

अपनी आवश्यकता के अनुसार:

  • Form 19 (Full PF)
  • Form 31 (Partial Advance)
  • Form 10C (Pension)

में से सही विकल्प चुनें।

Step 6: Aadhaar OTP से सबमिट करें

Aadhaar से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए OTP को दर्ज करें और क्लेम सबमिट कर दें।

 

कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?

 

ऑनलाइन क्लेम के लिए सामान्यतः ये दस्तावेज/जानकारी जरूरी होती है:

  • आधार कार्ड
  • PAN कार्ड (जहां लागू हो)
  • बैंक खाता विवरण
  • UAN
  • आधार से लिंक मोबाइल नंबर

सरकार ने स्पष्ट किया है कि अधिकांश ऑनलाइन PF निकासी दावों में अलग से दस्तावेज़ जमा कराने की आवश्यकता नहीं होती, यदि KYC पहले से सत्यापित है।

 

PF का पैसा कितने दिनों में खाते में आता है?

 

यदि सभी जानकारी सही है और KYC पूरी तरह अपडेट है, तो अधिकांश ऑनलाइन दावों का निपटारा लगभग 7 से 10 कार्यदिवस में हो जाता है। कुछ मामलों में अतिरिक्त सत्यापन के कारण अधिक समय भी लग सकता है।

 

PF Claim Status कैसे चेक करें?

 

क्लेम जमा करने के बाद:

  • EPFO Member Portal में लॉगिन करें।
  • Online Services → Track Claim Status पर जाएं।
  • यहां आपको क्लेम की वर्तमान स्थिति दिखाई देगी।

 

PF Claim रिजेक्ट होने से कैसे बचें?

 

  • UAN और आधार में नाम, जन्मतिथि और अन्य विवरण एक जैसे रखें।
  • बैंक खाता और IFSC सही दर्ज करें।
  • PAN और Aadhaar KYC पूरी तरह Approved रखें।
  • केवल पात्रता के अनुसार सही Claim Form चुनें।
  • OTP उसी मोबाइल नंबर पर आएगा जो आधार से लिंक है।
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यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

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Air India and IndiGo aircraft stop on the same taxiway at Ahmedabad Airport, avoiding a possible collision.
अहमदाबाद एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला, आमने-सामने आ गए एअर इंडिया और इंडिगो के विमान

  अहमदाबाद: गुजरात के अहमदाबाद एयरपोर्ट पर बुधवार शाम एक बड़ा विमान हादसा टल गया, जब एअर इंडिया और इंडिगो के दो यात्री विमान एक ही टैक्सीवे पर आमने-सामने आ गए। स्थिति गंभीर होने से पहले ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और पायलटों की सतर्कता से दोनों विमानों को रोक लिया गया, जिससे संभावित दुर्घटना टल गई। सूत्रों के मुताबिक, दोनों विमानों के बीच लगभग 200 मीटर की दूरी रह गई थी। घटना के बाद विमानन सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। कैसे हुई चूक? जानकारी के अनुसार, मुंबई से अहमदाबाद पहुंची एअर इंडिया की फ्लाइट AI-2493 लैंडिंग के बाद पार्किंग बे की ओर जा रही थी। इसी दौरान विमान निर्धारित मार्ग से हटकर गलत दिशा में मुड़ गया और उस टैक्सीवे पर पहुंच गया, जहां से मुंबई रवाना होने वाली इंडिगो की फ्लाइट 6E-5160 रनवे की ओर बढ़ रही थी। कुछ ही क्षणों में दोनों विमान एक-दूसरे के सामने आ गए। स्थिति को भांपते हुए दोनों विमानों की आवाजाही तत्काल रोक दी गई। समय रहते टला संभावित हादसा एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, यदि दोनों विमानों को समय पर नहीं रोका जाता तो गंभीर दुर्घटना हो सकती थी। एयर ट्रैफिक कंट्रोल की निगरानी और पायलटों की तत्परता के कारण दोनों विमान सुरक्षित दूरी पर रुक गए। बाद में एअर इंडिया के विमान को विशेष टोइंग वाहन की मदद से खींचकर सही पार्किंग बे तक पहुंचाया गया। इसके बाद इंडिगो की उड़ान को रनवे की ओर बढ़ने की अनुमति दी गई। एअर इंडिया ने स्वीकार की गलती घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए एअर इंडिया ने बयान जारी कर कहा कि मुंबई से अहमदाबाद पहुंची फ्लाइट AI-2493 लैंडिंग के बाद टैक्सी करते समय अनजाने में गलत दिशा में मुड़ गई थी। एयरलाइन ने स्पष्ट किया कि इस घटना के दौरान यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा पूरी तरह सुरक्षित रही तथा किसी भी प्रकार का जोखिम उत्पन्न नहीं हुआ। कंपनी ने कहा कि मामले की जानकारी संबंधित विमानन नियामक अधिकारियों को दे दी गई है और आंतरिक जांच भी शुरू कर दी गई है। इंडिगो ने क्या कहा? इंडिगो ने अपने बयान में बताया कि उसकी फ्लाइट 6E-5160 अहमदाबाद से मुंबई के लिए रवाना होने की तैयारी कर रही थी और टैक्सीवे पर आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान दूसरी एयरलाइन का विमान गलत दिशा में आ गया। एयरलाइन के अनुसार, दोनों विमानों को सुरक्षित दूरी पर रोक दिया गया। एअर इंडिया के विमान को हटाए जाने के बाद इंडिगो की उड़ान निर्धारित प्रक्रिया के तहत रवाना हुई और सुरक्षित रूप से मुंबई पहुंच गई। विमानन नियामक एजेंसियों ने शुरू की जांच घटना के बाद विमानन सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि टैक्सींग के दौरान एअर इंडिया का विमान निर्धारित मार्ग से कैसे भटक गया और क्या इसमें मानवीय त्रुटि, संचार की समस्या या किसी अन्य तकनीकी कारण की भूमिका थी। विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट संचालन में टैक्सीवे पर होने वाली ऐसी घटनाएं अत्यंत गंभीर मानी जाती हैं और इन्हें "रनवे या टैक्सीवे इन्कर्शन" श्रेणी में रखा जाता है। दोनों विमान एयरबस A320 श्रेणी के थे जानकारी के अनुसार, घटना में शामिल दोनों विमान एयरबस A320 श्रेणी के नैरो-बॉडी यात्री विमान थे। यह विमान घरेलू और छोटी से मध्यम दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जाते हैं। इन विमानों में सामान्यतः 150 से 180 यात्रियों के बैठने की क्षमता होती है। घटना के समय दोनों विमानों में कितने यात्री सवार थे, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। एयरबस A320 क्यों है खास? नैरो-बॉडी डिजाइन: विमान में एक सिंगल गलियारा होता है। 150-180 यात्रियों की क्षमता: घरेलू और क्षेत्रीय उड़ानों के लिए उपयुक्त। कम ईंधन खपत: एयरलाइंस के लिए किफायती संचालन। 3,000 से 6,000 किमी तक की उड़ान क्षमता। दुनिया के सबसे लोकप्रिय यात्री विमानों में शामिल।

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