मेष राशि - आज के दिन आप काम को अलग रखकर थोड़ा आराम करें और कुछ ऐसा करें जिसमें आपकी दिलचस्पी हो। आज निवेश के जो नए अवसर आपकी ओर आएँ, उनपर विचार करें। लेकिन धन तभी लगाएँ जब आप उन योजनाओं का भली-भांति अध्ययन कर लें। घर वालों के साथ समय बिताना ख़ुशनुमा अनुभव रहेगा। बाहरी चीज़ों का अब कोई ख़ास मायने आपके लिए नहीं बचा है, क्योंकि आप ख़ुद को हमेशा प्यार की ख़ुमारी में महसूस करते हैं। आप ख़ुद को ऊर्जा से सराबोर महसूस कर रहे होंगे। इस ऊर्जा का प्रयोग कामकाज में करें। जिंदगी में चल रही आपाधापी के बीच आज आपको अपने लिए पर्याप्त समय मिलेगा और और आप अपने पसंदीदा कामों को कर पाने में कामयाब हो पाएंगे। एक बढ़िया जीवनसाथी के साथ जीवन वाक़ई अद्भुत लगता है और आज आप इस बात का अनुभव कर सकते हैं।
उपाय :- मांस, मदिरा, हिंसा, परपीड़ा, निंदा का त्याग करना आर्थिक स्थिति के लिए शुभ है।
वृषभ राशि - काम का बोझ आज कुछ तनाव और खीज की वजह बन सकता है। विदेशों में पड़ी आपकी जमीन आज अच्छे दामों में बिक सकती है जिससे आपको मुनाफा होगा। आज आपमें धैर्य की कमी रहेगी। इसलिए संयम बरतें, क्योंकि आपकी तल्ख़ी आस-पास के लोगों को दुःखी कर सकती है। अपने प्रिय की पुरानी बातों को माफ़ करके आप अपनी ज़िंदगी में सुधार ला सकते हैं। जो कला और रंगमंच आदि से जुड़े हैं, उन्हें आज अपना कौशल दिखाने के लिए कई नए मौक़े मिलेंगे। आज रात को जीवनसाथी के साथ खाली वक्त बिताते समय आपको लगेगा कि आपको उन्हें और भी वक्त देना चाहिए। आपका जीवनसाथी आपकी बहुत तारीफ़ करेगा और आप पर बहुत स्नेह उढ़ेलेगा।
उपाय :- बहते जल में श्री-फल(नारियल) प्रवाहित करने से स्वास्थ्य बना रहेगा।
मिथुन राशि - आज आपका आत्मविश्वास और ऊर्जा का स्तर ऊँचा रहेगा। आज के दिन भूलकर भी किसी को पैसे उधार न दें और यदि देना जरुरी हो तो देने वाले से लिखित में लें कि वो पैसा वापस कब करेगा। घर का कुछ समय से टलता आ रहा काम-काज आपका थोड़ा वक़्त ले सकता है। आज अचानक किसी से रोमांटिक मुलाक़ात हो सकती है। यात्राओं से व्यवसाय के नए मौक़े मिलेंगे। पैसा, प्यार, परिवार से दूर होकर आज आप आनंद की तलाश में किसी आध्यात्मिक गुरु से मिलने जा सकते हैं। अपने जीवनसाथी की ख़ूबियों के चलते आप एक बार फिर उनके प्यार में गिरफ़्तार हो सकते हैं।
उपाय :- किन्नरों(बुध नपुंसक है) का भूलकर भी अपमान न करें व यथाशक्ति इनको दान देने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
कर्क राशि - नियमित व्यायाम के माध्यम से वज़न को नियन्त्रित रखें। आपका धन कहां खर्च हो रहा है इसपर आपको नजर बनाए रखने की जरुरत है नहीं तो आने वाले समय में आपको परेशानी हो सकती है। एक बेहतरीन शाम के लिए रिश्तेदार/दोस्त घर आ सकते हैं। नए प्रेम-संबंधों के बनने की संभावना ठोस है, लेकिन व्यक्तिगत और गोपनीय जानकारियों को उजागर करने से बचें। नयी परियोजनाओं और ख़र्चों को टाल दें। दिन की शुरुआत भले ही थोड़ी थकाऊ रहे लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ेगा आपको अच्छे फल मिलने लगेंगे। दिन के अंत में आपको अपने लिए समय मिल पाएगा और आप किसी करीबी से मुलाकात करके इस समय का सदुपयोग कर सकते हैं। आपका जीवनसाथी आपकी कमज़ोरियों को सहलाएगा और आपको सुखद अनुभूति देगा।
उपाय :- नौकरी/बिज़नेस में तरक्की हेतु पानी में लाल चंदन का पाउडर मिलाकर उससे स्नान करें।
सिंह राशि - आलस्य और कम ऊर्जा-स्तर आपके शरीर के लिए ज़हर काम करेंगे। किसी सृजनात्मक काम में ख़ुद को व्यस्त रखना बेहतर रहेगा। साथ ही बीमारी से जूझने के लिए ख़ुद को उत्साहित करते रहें। आज के दिन घर के किसी इलेक्ट्रोनिक सामान के खराब हो जाने की वजह से आपका धन खर्च हो सकता है। छोटे भाई-बहन आपसे राय मांग सकते हैं। आज अपने प्रिय को माफ़ करना न भूलें। दफ़्तर में शांत और संतुष्ट सोच आपके मन को उत्साहित रखेगी। भविष्य की योजनाओं के लिए आपको नए संपर्क बनाने की ज़रूरत है। वे करिअर की तरक़्क़ी में बहुत मददगार रहेंगे। दिन अच्छा है दूसरों के साथ-साथ आप अपने लिए भी वक्त निकाल पाएंगे। जन्मदिन भूलने जैसी किसी छोटी-सी बात को लेकर जीवनसाथी से तक़रार मुमकिन है। लेकिन अन्ततः सब ठीक हो जाएगा।
उपाय :- चटाई का प्रयोग सोने के लिए करने से आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी।
कन्या राशि - कॉफ़ी पीना छोड़ दें, ख़ास तौर पर दिल के मरीज़। आपकी ग़ैर-यथार्थवादी योजनाएँ आपके धन को कम कर सकती हैं। रिश्तेदारों के साथ अपने संबंधों को फिर तरोताज़ा करने का दिन है। आज आपका प्रेमी अपने मनोभावों को आपके सामने खुलकर नहीं रख पाएगा जिसकी वजह से आपको खिन्नता होगी। व्यवसायियों के लिए अच्छा दिन है, क्योंकि उन्हें अचानक बड़ा फ़ायदा हो सकता है। वक्त से बढ़कर कुछ नहीं होता। इसलिए आप वक्त का सदुपयोग करते हैं लेकिन कई बार आपको जीवन को लचीला बनाने की जरुरत भी होती है और अपने घर परिवार के साथ समय बिताने की जरुरत होती है। जीवनसाथी की ख़राब सेहत का असर आपके काम-काज पर भी पड़ सकता है, लेकिन आप किसी तरह चीज़ें संभालने में क़ामयाब रहेंगे।
उपाय :- काले-सफेद तिल आटे में मिलाकर उसकी गोलियां मछलियों में डालने से सेहत अच्छी रहेगी।
तुला राशि - अपने जीवन-साथी के साथ पारिवारिक समस्याओं को साझा करें। एक-दूसरे को फिर से भली-भांति जानने के लिए थोड़ा और वक़्त एक-दूसरे के साथ बिताएँ और ख़ुद की स्नेही जोड़े की छवि को मज़बूत करें। आपके बच्चे भी घर में ख़ुशी और सुकून के माहौल को महसूस कर सकेंगे। इससे आपको एक-दूसरे के साथ व्यवहार में ज़्यादा खुलापन और आज़ादी मिलेगी। जेवर और एंटीक में निवेश फ़ायदेमंद रहेगा और समृद्धि लेकर आएगा। एक पारिवारिक आयोजन में आप सभी के ध्यान का केन्द्र होंगे। दिन को ख़ास बनाने के लिए स्नेह और उदारता के छोटे-छोटे तोहफ़े लोगों को दें। इस राशि के जो लोग रचनात्मक कार्यों से जुड़े हैं उन्हें आज परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आज आपको महसूस हो सकता है कि रचनात्मक कार्य करने से बेहतर नौकरी करना था। प्रेमी को वक्त देने की कोशिश करेंगे लेकिन किसी जरुरी काम के आ जाने के कारण आप उनको समय दे पाने में कामयाब नहीं हो पाएंगे। यह समय जीवन में आपको वैवाहिक जीवन का भरपूर आनन्द देगा।
उपाय :- आटे के पेड़े(लोई) में गुड़ रखकर गाय को खिलाने से नौकरी/बिजनेस में उन्नति होगी।
वृश्चिक राशि - विश्वास कीजिए कि ख़ुद पर यक़ीन ही बहादुरी की असली परख है, क्योंकि इसी के बल पर आप लम्बे वक़्त से चली आ रही बीमारी से निजात पा सकते हैं। अगर आप सूझ-बूझ से काम लें, तो आज अतिरिक्त धन कमा सकते हैं। पुराने परिचितों से मिलने-जुलने और पुराने रिश्तों को फिर से तरोताज़ा करने के लिए अच्छा दिन है। आप आज प्यार की मनोदशा में होंगे- और आपके लिए काफ़ी मौक़े भी होंगे। यह दूसरे देशों में व्यावसायिक सम्पर्क बनाने का बेहतरीन समय है। अपने व्यक्तित्व और रंग-रूप को बेहतर बनाने का कोशिश संतोषजनक साबित होगी। आज आप एक बार फिर समय में पीछे जाकर शादी के शुरुआती दिनों के प्यार और रुमानियत को महसूस कर सकते हैं।
उपाय :- अच्छी सेहत के लिए पेड़-पौधों की कोपलें, अंकुर न तोड़ें क्योंकि गुरु ग्रह ब्रह्मा रूप है।
धनु राशि - आपको काफ़ी समय से चल रही बीमारी से छुटकारा मिल सकता है। आपको कमीशन, लाभांश या रोयल्टी के ज़रिए फ़ायदा होगा। आपको कोई अच्छी ख़बर मिल सकती है, जो न केवल आपको बल्कि आपके परिवार को भी रोमांचित कर देगी। आपको अपने रोमांच को नियंत्रित रखने की ज़रूरत है। आप अचानक गुलाबों की ख़श्बू से ख़ुद को सराबोर पाएंगे। यह प्यार की मदहोशी है, इसे महसूस करें। दफ़्तर में आपको कुछ ऐसा काम मिल सकता है, जिसे आप हमेशा से करना चाहते थे। आपका व्यक्तित्व और लोगों से थोड़ा अलग है आप अकेले वक्त बिताना पसंद करते हैं। आज आपको अपने लिए वक्त तो मिलेगा लेकिन ऑफिस की कोई समस्या आपको सताती रहेगी। आज चाहे दुनिया इधर-की-उधर ही क्यों न हो जाए, आप अपने जीवनसाथी की बाहों से दूर नहीं हो सकेंगे।
उपाय :- तांबे या सोने के पात्र में जल पिएं, इससे पारिवारिक जीवन अच्छा रहेगा।
मकर राशि - रुपये-पैसे के हालात और उससे जुड़ी समस्याएँ तनाव का कारण साबित हो सकती हैं। तंग आर्थिक हालात के चलते कोई अहम काम बीच में अटक सकता है। घरेलू काम थका देने वाला होगा और इसलिए मानसिक तनाव की वजह भी बन सकता है। आज आपके दिल की धड़कनें अपने प्रिय के साथ ताल-से-ताल मिलाती मालूम होंगी। जी हाँ, यह प्यार का ही ख़ुमार है। अपनी पेशेवर क्षमताओं को बढ़ाकर आप करिअर में नए दरवाज़े खोल सकते हैं। अपने क्षेत्रे में आपको अपार सफलता मिलने की संभावना भी है। अपनी सभी क्षमताओं को निखारकर औरों से बेहतर बनने की कोशिश करें। किसी नये काम के आगाज के लिए आपको पहले उसके बारे में अनुभवी लोगों से बात करनी चाहिए। अगर आज आपके पास समय है तो उस क्षेत्र के अनुभवी लोगों से मिल लें जो काम आप शुरु करने वाले हैं। शादी के बाद वैवाहिक जीवन में प्यार सुनने में मुश्किल ज़रूर लगता है, लेकिन आप आज महसूस करेंगे कि यह मुमकिन है।
उपाय :- खोटा सिक्का नदी में बहाने से स्वास्थ्य बेहतर होगा।
कुम्भ राशि - बिना वजह अपनी आलोचना करते रहना आत्मविश्वास को कम कर सकता है। ख़ास लोग ऐसी किसी भी योजना में रुपये लगाने के लिए तैयार होंगे, जिसमें संभावना नज़र आए और विशेष हो। अपने क़रीबी लोगों के सामने ऐसी बातें उठाने से बचें, जो उन्हें उदास कर सकती हैं। आज किसी ऐसे इंसान से मिलने की संभावना है जो आपके दिल को गहराई से छूएगा। बहादुरी भरे क़दम और फ़ैसले आपको अनुकूल पुरुस्कार देंगे। जिंदगी में चल रही आपाधापी के बीच आज आपको अपने लिए पर्याप्त समय मिलेगा और और आप अपने पसंदीदा कामों को कर पाने में कामयाब हो पाएंगे। आपको महसूस होगा कि आपका जीवनसाथी इससे बेहतर पहले कभी नहीं हुआ।
उपाय :- 'ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः' इस मंत्र का 11 बार उच्चारण करने से पारिवारिक जीवन अच्छा रहेगा।
मीन राशि - कुछ तनाव और मतभेद आपको चिड़चिड़ा और बेचैन बना सकते हैं। व्यापार को मजबूती देने के लिए आज आप कोई अहम कदम उठा सकते हैं जिसके लिए आपका कोई करीबी आपकी आर्थिक मदद कर सकता है। अगर आप पार्टी करने की सोच रहे हैं, तो अपने अपने अच्छे दोस्तों को बुलाएँ। ऐसे कई लोग होंगे, जो आपका उत्साह बढाएंगे। आज के दिन किसी के साथ छेड़खानी करने से बचें। आज कार्यालय में आपको कुछ अच्छा समाचार सुनने को मिल सकता है। आप खुद को समय देना जानते हैं और आज तो आपको काफी खाली समय मिलने की संभावना है। खाली समय में आज आप कोई खेल-खेल सकते हैं या जिम जा सकते हैं। जीवनसाथी के कारण कुछ नुक़सान हो सकता है।
उपाय :- बहते जल में श्री-फल(नारियल) प्रवाहित करने से स्वास्थ्य बना रहेगा।
कृपया ध्यान दें
यद्यपि शुद्ध राशिफल की पूरी कोशिश रही है फिर भी इन राशिफलों में और आपकी कुंडली व राशि के ग्रहों के आधार पर आपके जीवन में घटित हो रही घटनाओं में कुछ अन्तर हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप किसी ज्योतिषी से अवश्य सम्पर्क करें। किसी भी भिन्नता के लिए IDTV इन्द्रधनुष उत्तरदायी नहीं हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
चेन्नई, एजेंसियां। दक्षिण भारतीय सुपरस्टार विजय ने मनोरंजन जगत से राजनीति में कदम रखकर नया इतिहास रच दिया है। फरवरी 2024 में अपनी राजनीतिक पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam (टीवीके) की घोषणा करने वाले विजय अब तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। 27 महीनों के भीतर उन्होंने राजनीति में ऐसी पकड़ बनाई कि पारंपरिक दलों को कड़ी चुनौती मिल गई। लोकसभा चुनाव से पहले किया था पार्टी का एलान विजय ने 2 फरवरी 2024 को सोशल मीडिया के जरिए अपनी पार्टी लॉन्च की थी। हालांकि उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव नहीं लड़े और न ही किसी पार्टी का समर्थन किया। उनका पूरा फोकस 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव पर था। राजनीति में आने के साथ ही विजय ने फिल्मों से दूरी बनाने का फैसला भी किया। फैन क्लब बना राजनीतिक ताकत विजय लंबे समय से अपने फैन क्लब “विजय मक्कल इयक्कम” के जरिए सामाजिक और जनसेवा के कार्यों से जुड़े रहे। बाढ़ पीड़ितों की मदद से लेकर सामाजिक अभियानों तक उनकी सक्रियता ने जनता के बीच मजबूत आधार तैयार किया। अक्टूबर 2024 में विक्रवंडी में हुई टीवीके की पहली बड़ी रैली में भारी भीड़ उमड़ी, जिसने विजय की लोकप्रियता का संकेत दे दिया था। विवादों और चुनौतियों का भी किया सामना राजनीतिक सफर के दौरान विजय को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। 2025 में करूर रैली के दौरान भगदड़ की घटना ने बड़ा विवाद खड़ा किया। इस हादसे में कई लोगों की मौत हुई थी, जिसके बाद विजय ने पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता दी। मामले की जांच सीबीआई तक पहुंची और विजय से भी पूछताछ हुई। आखिरी फिल्म के बाद पूरी तरह राजनीति पर फोकस फिल्म Jana Nayagan को विजय की आखिरी फिल्म माना जा रहा है। अब उन्होंने पूरी तरह राजनीति को अपना भविष्य बना लिया है। शानदार चुनावी जीत के बाद विजय आज तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं।
भारत सरकार की प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजना Atal Pension Yojana को शुरू हुए 11 साल पूरे हो गए हैं। साल 2015 में शुरू की गई यह योजना अब करोड़ों लोगों के बुढ़ापे का सहारा बन चुकी है। खासकर असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले गरीब, मजदूर, रेहड़ी-पटरी वाले और छोटे कामगारों के लिए यह योजना बड़ी राहत साबित हुई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 31 मार्च 2026 तक इस योजना से करीब 8.96 करोड़ लोग जुड़ चुके हैं। वित्त वर्ष 2026 में रिकॉर्ड 135.14 लाख नए सब्सक्राइबर शामिल हुए, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। 2047 तक ‘Insurance for All’ लक्ष्य की दिशा में बड़ा कदम Narendra Modi ने साल 2047 तक “Insurance for All” का लक्ष्य रखा है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए 9 मई 2015 को Atal Pension Yojana की शुरुआत की गई थी। धीरे-धीरे यह योजना भारत की सबसे बड़ी गारंटीकृत पेंशन योजनाओं में शामिल हो गई है। योजना के तहत जमा राशि और निवेश को देखें तो इसका Asset Under Management (AUM) अब ₹51,416 करोड़ तक पहुंच चुका है। किन लोगों के लिए शुरू की गई थी योजना? यह योजना मुख्य रूप से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए बनाई गई थी। ऐसे लोग जिनके पास रिटायरमेंट या बुढ़ापे में आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं होता, उन्हें सामाजिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से इसे शुरू किया गया। इसमें 18 से 40 वर्ष तक की आयु का कोई भी भारतीय नागरिक, जिसके पास बैंक या डाकघर में खाता हो, शामिल हो सकता है। हालांकि 1 अक्टूबर 2022 से आयकरदाता लोगों को इस योजना से बाहर कर दिया गया है। योजना में क्या मिलते हैं फायदे? Atal Pension Yojana के तहत 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर हर महीने ₹1,000 से लेकर ₹5,000 तक की गारंटीकृत पेंशन मिलती है। यह पेंशन केंद्र सरकार द्वारा सुनिश्चित की जाती है। योजना के प्रमुख लाभ: 60 साल की उम्र के बाद आजीवन मासिक पेंशन सब्सक्राइबर की मृत्यु के बाद पति या पत्नी को समान पेंशन दोनों की मृत्यु के बाद नामांकित व्यक्ति को जमा राशि वापस ऑटो डेबिट सुविधा के जरिए आसान भुगतान मासिक, त्रैमासिक और अर्धवार्षिक भुगतान विकल्प जरूरत के अनुसार योगदान राशि बढ़ाने या घटाने की सुविधा क्यों बढ़ रही है योजना की लोकप्रियता? भारत तेजी से जनसांख्यिकीय बदलाव के दौर से गुजर रहा है। अनुमान है कि साल 2050 तक देश की करीब 20% आबादी 60 वर्ष से अधिक आयु की हो जाएगी। ऐसे में बुढ़ापे की आर्थिक सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि Atal Pension Yojana जैसी योजनाएं भविष्य में करोड़ों लोगों को आर्थिक सुरक्षा देने में अहम भूमिका निभाएंगी।
लखनऊ, एजेंसियां। उत्तर प्रदेश सरकार की ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ योजना के तहत बिजनौर जिले के नजीबाबाद की प्रसिद्ध सोन पापड़ी को विशेष पहचान मिली है। योगी सरकार इस पारंपरिक मिठाई को देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है। इस फैसले से स्थानीय व्यापारियों और मिठाई कारोबारियों में उत्साह का माहौल है। करीब 75 साल पुरानी इस मिठाई की शुरुआत चतुर्वेदी मिष्ठान भंडार ने की थी, जिसने इसकी पारंपरिक रेसिपी और स्वाद को पीढ़ियों तक संभालकर रखा। महीन परतों और खास स्वाद की वजह से मशहूर नजीबाबाद की सोन पापड़ी अपनी मुलायम बनावट, महीन परतों और मुंह में घुल जाने वाले स्वाद के लिए जानी जाती है। बेसन, मेवा और इलायची के संतुलित मिश्रण से तैयार होने वाली यह मिठाई लोगों की पहली पसंद बनी हुई है। समय के साथ इसकी पैकेजिंग और डिजाइन में बदलाव किए गए, लेकिन इसके असली स्वाद को बरकरार रखा गया है। 15 फ्लेवर में उपलब्ध, चार महीने तक रहती है सुरक्षित आज बाजार में सोन पापड़ी करीब 15 अलग-अलग वैरायटी में उपलब्ध है। इसमें चॉकलेट, ड्राई फ्रूट्स और कई अन्य फ्लेवर शामिल हैं। पहले यह मिठाई केवल गोल आकार में बनती थी, लेकिन अब चौकोर और डिजाइनर कटिंग में भी बिक रही है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह चार महीने तक खराब नहीं होती, जिससे इसे दूर-दराज और विदेशी बाजारों में भेजना आसान हो गया है। रोजगार और एक्सपोर्ट को मिलेगा बढ़ावा जिलाधिकारी जसजीत कौर के अनुसार, आधुनिक पैकेजिंग तकनीक के जरिए सोन पापड़ी को ग्लोबल एक्सपोर्ट के लिए तैयार किया जा रहा है। इस पहल से करीब 500 परिवारों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि नजीबाबाद की यह पारंपरिक मिठाई अब बिजनौर की नई पहचान बनकर उभरेगी।