टेक्नोलॉजी

IIT Delhi Startup Unveils 50°C Cooling AC

IIT Delhi और भारतीय स्टार्टअप का इनोवेशन: 50°C में भी कूलिंग देगा नया Split AC, जानें पूरी डिटेल

surbhi मई 2, 2026 0
IIT Delhi and Optimist launch a high-performance split AC designed to cool efficiently even at 50 degrees Celsius
IIT Delhi Optimist 50 Degree Split AC Launch

देश में हर साल बढ़ती गर्मी और हीटवेव के बीच एयर कंडीशनर अब सिर्फ लग्ज़री नहीं, बल्कि जरूरत बन चुका है। ऐसे में IIT Delhi और भारतीय स्टार्टअप Optimist ने मिलकर एक ऐसा 1.5 Ton 5 Star Split AC तैयार किया है, जो 50 डिग्री सेल्सियस तक की भीषण गर्मी में भी कूलिंग देने का दावा करता है। यह इनोवेशन खासतौर पर भारतीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।

एक्सट्रीम हीट के लिए बना खास AC

भारत के कई हिस्सों में गर्मियों में तापमान 45°C से ऊपर पहुंच जाता है, जहां पारंपरिक AC की क्षमता कम होने लगती है।
इस नए AC की खासियतें:

  • 50°C तक भी स्थिर और प्रभावी कूलिंग
  • हाई-एंबिएंट कूलिंग टेक्नोलॉजी
  • लंबे समय तक लगातार चलने की क्षमता
  • गर्म हवा में भी कंप्रेसर की बेहतर परफॉर्मेंस

कंपनी का दावा है कि यह AC सिर्फ ठंडी हवा नहीं देता, बल्कि कठिन मौसम में भी लगातार परफॉर्म करता है, जो इसे बाकी मॉडलों से अलग बनाता है।

रिसर्च-बेस्ड टेक्नोलॉजी, IIT का साथ

इस प्रोजेक्ट को मजबूत बनाने में IIT Delhi की अहम भूमिका रही है।

  • लंबे समय तक रिसर्च और डेवलपमेंट
  • एडवांस लैब टेस्टिंग
  • रियल वर्ल्ड कंडीशन्स में ट्रायल

स्टार्टअप Optimist का कहना है कि इस AC को सिर्फ सैद्धांतिक नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल उपयोग के लिए डिजाइन किया गया है।

संभावित एडवांस फीचर्स (रिपोर्ट्स के आधार पर)

हालांकि कंपनी ने सभी टेक्निकल डिटेल्स सार्वजनिक नहीं की हैं, लेकिन इसमें कुछ आधुनिक फीचर्स होने की उम्मीद है:

  • इन्वर्टर टेक्नोलॉजी (कम बिजली खपत)
  • बेहतर हीट एक्सचेंज सिस्टम
  • मजबूत कंप्रेसर, जो हाई टेम्परेचर में भी काम करे
  • एनर्जी एफिशिएंसी के लिए 5-स्टार रेटिंग

कीमत और वैल्यू फॉर मनी

  • कीमत: लगभग ₹44,490
  • कैटेगरी: प्रीमियम सेगमेंट

इस कीमत में 50°C तक कूलिंग देने का दावा इसे खास बनाता है। आम तौर पर इस रेंज में मिलने वाले AC इतने एक्सट्रीम तापमान के लिए डिजाइन नहीं होते।

किन इलाकों के लिए बेस्ट?

यह AC खासतौर पर उन जगहों के लिए उपयोगी है जहां गर्मी रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचती है:

  • दिल्ली-एनसीआर
  • राजस्थान
  • उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई हिस्से
  • औद्योगिक या गर्म वातावरण वाले इलाके

इसके अलावा, जिन लोगों को 24x7 कूलिंग चाहिए, उनके लिए भी यह एक भरोसेमंद विकल्प हो सकता है।

भारतीय AC मार्केट पर असर

अगर यह टेक्नोलॉजी बड़े पैमाने पर सफल होती है, तो इसके कई बड़े प्रभाव हो सकते हैं:

  • भारतीय कंपनियों की टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी
  • विदेशी ब्रांड्स को कड़ी टक्कर मिलेगी
  • एक्सट्रीम वेदर के लिए नए स्टैंडर्ड सेट होंगे
  • रिसर्च-बेस्ड प्रोडक्ट्स का ट्रेंड बढ़ेगा

यह इनोवेशन “मेक इन इंडिया” और “डिजाइन इन इंडिया” की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा सकता है।

ध्यान रखने वाली बातें

हालांकि यह AC काफी एडवांस बताया जा रहा है, लेकिन खरीदने से पहले कुछ बातों पर ध्यान देना जरूरी है:

  • आपके कमरे का साइज (1.5 टन उपयुक्त है या नहीं)
  • बिजली की खपत और बिल
  • सर्विस नेटवर्क और वारंटी
  • आपके इलाके का वास्तविक तापमान
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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

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यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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9 सेकंड में तबाही! AI एजेंट ने स्टार्टअप का पूरा डेटाबेस किया डिलीट

Claude AI से चला टूल बना मुसीबत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ताकत जहां कंपनियों के लिए नई संभावनाएं खोल रही है, वहीं एक छोटी सी चूक भारी नुकसान भी पहुंचा सकती है। अमेरिका की कार रेंटल सॉफ्टवेयर कंपनी PocketOS के साथ ऐसा ही हुआ, जब Claude AI पर आधारित एक AI एजेंट ने महज 9 सेकंड में कंपनी का पूरा प्रोडक्शन डेटा डिलीट कर दिया। एक API कॉल और सब कुछ खत्म PocketOS के संस्थापक जेरेमी क्रेन के मुताबिक, AI एजेंट को केवल स्टेजिंग एनवायरनमेंट में एक सामान्य तकनीकी समस्या ठीक करनी थी। लेकिन क्रेडेंशियल एरर आने के बाद एजेंट ने गलत फैसला लेते हुए क्लाउड स्टोरेज वॉल्यूम ही हटा दिया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि एजेंट ने एक अलग फाइल में मौजूद API टोकन का इस्तेमाल किया, जिसके पास अनजाने में प्रोडक्शन डेटा हटाने की भी अनुमति थी। ग्राहकों पर पड़ा सीधा असर PocketOS अमेरिका में कार रेंटल कंपनियों को रिजर्वेशन, पेमेंट, व्हीकल ट्रैकिंग और ग्राहक प्रबंधन सेवाएं देता है। डेटा डिलीट होते ही कई ग्राहकों के रिजर्वेशन गायब हो गए। रेंटल लोकेशन पर पहुंचे ग्राहकों का रिकॉर्ड तक उपलब्ध नहीं था। पिछले तीन महीनों की बुकिंग और नए ग्राहक साइनअप पूरी तरह मिट गए। AI ने खुद स्वीकार की गलती जब जेरेमी क्रेन ने AI एजेंट से पूछा कि आखिर क्या हुआ, तो AI ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। उसने माना कि उसने अनुमान लगाया कि डिलीट किया जा रहा वॉल्यूम केवल स्टेजिंग से जुड़ा है, जबकि वह प्रोडक्शन डेटा था। एजेंट ने यह भी स्वीकार किया कि उसने स्पष्ट निर्देशों का उल्लंघन किया। Railway और Anthropic पर उठे सवाल PocketOS का डेटा Railway क्लाउड प्लेटफॉर्म पर होस्ट किया गया था। क्रेन ने आरोप लगाया कि Railway ने API टोकन की शक्तियों को स्पष्ट रूप से नहीं बताया। Railway के CEO जेक कूपर ने माना कि ऐसी घटना "कभी नहीं होनी चाहिए थी" और कंपनी अब सुरक्षा सुधारों पर काम कर रही है। AI सुरक्षा पर बड़ी चेतावनी यह घटना टेक इंडस्ट्री के लिए गंभीर सबक है। केवल AI निर्देश पर्याप्त नहीं हैं; असली सुरक्षा API, एक्सेस कंट्रोल और मल्टी-लेयर अप्रूवल सिस्टम में होनी चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि विनाशकारी कार्रवाइयों के लिए मानव पुष्टि अनिवार्य होनी चाहिए। पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं PocketOS अकेला मामला नहीं है। हाल के महीनों में कई अन्य AI एजेंट भी गलत फैसलों के कारण प्रोडक्शन डेटा और सिस्टम को नुकसान पहुंचा चुके हैं। AI की क्षमता बनाम विश्वसनीयता प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि AI मॉडल पहले से अधिक सक्षम जरूर हुए हैं, लेकिन उनकी विश्वसनीयता में उतना सुधार नहीं आया है। यही कारण है कि AI को पूरी तरह स्वायत्त बनाना अभी भी बेहद जोखिम भरा माना जा रहा है।  

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User saving car parking location on Google Maps in a large mall parking area
एयरपोर्ट या मॉल की पार्किंग में भूल जाते हैं कार? Google Maps का यह फीचर मिनटों में ढूंढ देगा लोकेशन

बड़ी पार्किंग में कार खड़ी करने के बाद उसकी लोकेशन भूल जाना बेहद आम बात है। खासकर एयरपोर्ट, मॉल, स्टेडियम या मल्टीलेवल पार्किंग में लौटते समय अक्सर लोग अपनी गाड़ी खोजते रह जाते हैं। ऐसे में Google Maps का एक शानदार फीचर आपकी यह परेशानी पूरी तरह खत्म कर सकता है। 'Save Parking Location' फीचर करेगा मदद Google Maps का 'Save Parking Location' फीचर आपकी कार की सटीक लोकेशन सेव कर देता है। गाड़ी पार्क करते ही आप उसकी जगह मैप पर मार्क कर सकते हैं। बाद में सिर्फ एक टैप में आप सीधे अपनी कार तक पहुंच सकते हैं। ऐसे करें इस्तेमाल गाड़ी पार्क करने के बाद Google Maps खोलें। मैप पर दिख रहे नीले लोकेशन डॉट पर टैप करें। "Save your parking" विकल्प चुनें। चाहें तो फ्लोर नंबर, पिलर नंबर या सेक्शन का नाम नोट करें। फोटो भी जोड़ सकते हैं। वापस आने पर सेव लोकेशन खोलें और Directions पर टैप करें। नोट्स और फोटो हैं सबसे बड़ा हथियार इंडोर या बेसमेंट पार्किंग में GPS कभी-कभी पूरी तरह सटीक नहीं होता। ऐसे में "B2, Pillar P17" जैसा नोट या पार्किंग स्पॉट की फोटो बाद में आपकी काफी मदद करती है। यही छोटी सी ट्रिक आपको लंबे समय तक भटकने से बचा सकती है। किन जगहों पर सबसे ज्यादा उपयोगी? यह फीचर खास तौर पर इन जगहों पर बेहद काम आता है: एयरपोर्ट की विशाल पार्किंग शॉपिंग मॉल स्टेडियम मल्टीलेवल बेसमेंट अनजान शहरों की भीड़भाड़ वाली सड़कें कार खोजने की टेंशन खत्म अब पार्किंग में घंटों भटकने की जरूरत नहीं। Google Maps का यह फीचर आपकी कार तक पहुंचने का सबसे आसान, तेज और स्मार्ट तरीका है। अगली बार जब भी किसी बड़ी पार्किंग में जाएं, इस फीचर का इस्तेमाल जरूर करें।  

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