क्रिकेट खबर

Phil Salt injured finger during IPL match as RCB faces setback in 2026 season
IPL 2026: RCB को झटका, चोटिल उंगली के स्कैन के लिए इंग्लैंड लौटे Phil Salt, Bethell को मिलेगा लंबा मौका

नई दिल्ली: Indian Premier League 2026 के बीचों-बीच Royal Challengers Bengaluru को बड़ा झटका लगा है। टीम के इन-फॉर्म ओपनर Phil Salt उंगली की चोट के कारण स्कैन के लिए इंग्लैंड लौट गए हैं, जिससे वह पिछले तीन मुकाबलों से बाहर चल रहे हैं। कैसे लगी चोट? जानकारी के मुताबिक, Phil Salt को यह चोट 18 अप्रैल को Delhi Capitals के खिलाफ मैच के दौरान लगी थी। फील्डिंग करते हुए बाउंड्री बचाने के प्रयास में उन्होंने डाइव लगाई, जिसमें उनके बाएं हाथ की उंगली चोटिल हो गई। हालांकि फ्रेंचाइजी ने आधिकारिक तौर पर चोट की प्रकृति का खुलासा नहीं किया है, लेकिन मामला गंभीर माना जा रहा है, इसलिए उन्हें स्कैन के लिए वापस भेजा गया। शानदार फॉर्म में थे Salt चोट से पहले Salt जबरदस्त फॉर्म में थे। उन्होंने 6 पारियों में 202 रन बनाए, वो भी 168.33 के स्ट्राइक रेट के साथ। ऐसे में उनका टीम से बाहर होना RCB के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है। Bethell को मिला मौका Salt की गैरमौजूदगी में Jacob Bethell को टॉप ऑर्डर में मौका दिया गया है। वह Virat Kohli के साथ ओपनिंग कर रहे हैं। हालांकि Bethell अब तक खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए हैं (3 पारियों में 39 रन), लेकिन Salt की अनुपस्थिति में उन्हें और मौके मिलने तय हैं। टीम के पास Jordan Cox भी एक अतिरिक्त बल्लेबाज के रूप में मौजूद हैं। वापसी की उम्मीद बरकरार RCB और खिलाड़ी दोनों को उम्मीद है कि चोट ज्यादा गंभीर नहीं है और Salt इस महीने के भीतर टीम से जुड़ सकते हैं। अगर चोट लंबी चलती है, तो टीम IPL नियमों के तहत रिप्लेसमेंट साइन कर सकती है, लेकिन फिलहाल फ्रेंचाइजी उन्हें पूरा समय देना चाहती है। टीम का माहौल और आगे की चुनौती Salt ने पहले Mo Bobat, Andy Flower और Dinesh Karthik के साथ टीम के माहौल की तारीफ की थी और IPL में अपने फॉर्म को दोबारा हासिल किया था। अब RCB अपने खिताब की रक्षा करने के मिशन में है और Salt की फिटनेस टीम के लिए अहम होगी। ब्रेक के बाद अगला मुकाबला RCB फिलहाल मैचों के बीच छह दिन के ब्रेक पर है। टीम का अगला मुकाबला Lucknow Super Giants के खिलाफ होना है, जो टीम के लिए काफी अहम रहेगा।  

surbhi मई 4, 2026 0
Suryansh Shedge hitting six for Punjab Kings as Ambati Rayudu praises IPL performance
IPL 2026: ‘सिक्स मारने की काबिलियत आधी लड़ाई जिताती है’–सूर्यांश शेडगे पर अंबाती रायुडू की बड़ी टिप्पणी

इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में एक नया नाम तेजी से चर्चा में आ रहा है–Suryansh Shedge। 23 वर्षीय इस युवा बल्लेबाज ने हाल ही में Punjab Kings के लिए शानदार पारी खेलकर अपनी क्षमता का परिचय दिया है। Ambati Rayudu का मानना है कि शेडगे की सबसे बड़ी ताकत उनकी सिक्स मारने की क्षमता है, जो उन्हें टी20 क्रिकेट में खास बनाती है। मुश्किल हालात में दमदार पारी Suryansh Shedge ने Gujarat Titans के खिलाफ 29 गेंदों में 57 रन की तेजतर्रार पारी खेली। जब वह बल्लेबाजी करने आए, तब टीम 36/4 के स्कोर पर संघर्ष कर रही थी। इसके बाद उन्होंने Marcus Stoinis के साथ मिलकर 44 गेंदों में 79 रन की साझेदारी की, जिससे टीम संभल सकी। अपनी पारी में उन्होंने 3 चौके और 5 छक्के लगाए। रायुडू का बड़ा बयान रायुडू ने शेडगे की तारीफ करते हुए कहा, “अगर कोई भारतीय खिलाड़ी IPL में आते ही बड़े शॉट्स आसानी से लगा सकता है, तो समझिए आधी लड़ाई वह पहले ही जीत चुका है। इसके बाद सिर्फ गेम अवेयरनेस की जरूरत होती है।” उन्होंने यह भी याद दिलाया कि शेडगे ने घरेलू क्रिकेट में भी फाइनल मैच जिताने वाली पारी खेली थी, जिससे उनकी मैच विनिंग क्षमता साबित होती है। ‘इंतजार नहीं, तैयारी कर रहा था’ दिलचस्प बात यह है कि शेडगे को इस सीजन में तुरंत मौका नहीं मिला। लेकिन उन्होंने इसे इंतजार नहीं, बल्कि तैयारी का समय बताया। उन्होंने कहा, “मैं इंतजार नहीं कर रहा था, मैं खुद को तैयार कर रहा था। जब भी मौका मिले, मुझे तैयार रहना है–यही मैंने सीखा है।” उन्होंने यह भी बताया कि टीम के कोच Ricky Ponting और कप्तान Shreyas Iyer से लगातार बातचीत ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाया। एक गलती जो भारी पड़ी हालांकि शानदार शुरुआत के बावजूद शेडगे अपनी पारी को अंत तक नहीं ले जा सके। Kagiso Rabada की गेंद पर वह आउट हो गए, जिसे लेकर उन्होंने खुद माना कि वह शॉट खेलने की बजाय छोड़ सकते थे। उन्होंने कहा कि अगर वह टिके रहते तो टीम 20-25 रन और जोड़ सकती थी। सीख और आगे की राह इस मैच में Punjab Kings ने 163 रन बनाए, जो अंततः थोड़ा कम साबित हुआ। हालांकि टीम ने मुकाबले को आखिरी ओवर तक खींचा। शेडगे का मानना है कि हर चुनौती उन्हें बेहतर बनाती है और आगे भी वह हर स्थिति के लिए खुद को तैयार रखते हैं।  

surbhi मई 4, 2026 0
Young cricketer Vaibhav Suryavanshi smashing sixes in IPL 2026 match with aggressive batting style
वैभव सूर्यवंशी की धमाकेदार बल्लेबाजी से मचा हड़कंप, पाकिस्तानी एक्सपर्ट ने किया ‘AI चिप’ वाला चौंकाने वाला दावा

आईपीएल 2026 में उभरते युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत में तहलका मचा दिया है। महज 15 साल की उम्र में जिस आत्मविश्वास और आक्रामक अंदाज में वह बल्लेबाजी कर रहे हैं, उसने न सिर्फ भारतीय फैंस को रोमांचित किया है, बल्कि पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी चर्चा का बड़ा विषय बना दिया है। पाकिस्तानी एक्सपर्ट का हैरान करने वाला बयान पाकिस्तान के चर्चित क्रिकेट विश्लेषक Dr. Nauman Niaz ने सूर्यवंशी की बल्लेबाजी को लेकर बेहद चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह यह युवा खिलाड़ी बल्लेबाजी कर रहा है, उसे देखकर ऐसा लगता है जैसे उसके बल्ले में “AI चिप” लगी हो। नियाज ने मजाकिया लेकिन हैरानी भरे अंदाज में यह भी कहा कि जैसे खिलाड़ियों का डोपिंग टेस्ट होता है, वैसे ही सूर्यवंशी के बल्ले का भी परीक्षण होना चाहिए। हालांकि, उन्होंने इस बयान के साथ खिलाड़ी की जमकर तारीफ भी की और उनकी प्रतिभा को “अविश्वसनीय” बताया। पहले ओवर में चार छक्कों से मचा तहलका 25 अप्रैल को IPL 2026 के एक मुकाबले में सूर्यवंशी ने Sunrisers Hyderabad के खिलाफ मैच की शुरुआत ही तूफानी अंदाज में की। उन्होंने पहले ही ओवर में लगातार चार छक्के जड़कर दर्शकों को हैरान कर दिया। इस दौरान उन्होंने Prafull Hinge की गेंदों पर आक्रामक प्रहार करते हुए मैच का रुख ही बदल दिया। रिकॉर्डतोड़ शतक से बढ़ी चर्चा सूर्यवंशी ने उसी मुकाबले में मात्र 36 गेंदों में शतक जड़ दिया, जो आईपीएल इतिहास के सबसे तेज शतकों में से एक है। इससे पहले भी वह 35 गेंदों में शतक लगाकर सुर्खियां बटोर चुके हैं। उनकी यह लगातार धमाकेदार पारियां यह संकेत दे रही हैं कि भारतीय क्रिकेट को एक नया सुपरस्टार मिल सकता है। Virat Kohli से जुड़ी दिलचस्प तुलना डॉ. नियाज ने एक दिलचस्प तथ्य साझा करते हुए कहा कि जब सूर्यवंशी का जन्म हुआ था, तब विराट कोहली विश्व चैंपियन बन चुके थे। यह तुलना इस युवा खिलाड़ी की नई पीढ़ी की ताकत और तेजी से उभरती प्रतिभा को दर्शाती है। क्या सच में संभव है ‘AI चिप’ वाला दावा? विशेषज्ञों के अनुसार, क्रिकेट में किसी भी तरह की “AI चिप” का इस्तेमाल नियमों के खिलाफ है और तकनीकी रूप से भी ऐसा दावा वास्तविक नहीं माना जाता। इसे अधिकतर खिलाड़ी की असाधारण प्रतिभा को व्यक्त करने के लिए कही गई अतिशयोक्ति के रूप में देखा जा रहा है।  

surbhi अप्रैल 28, 2026 0
Delhi Capitals net bowler injured after ball hits face during IPL 2026 practice session at Arun Jaitley Stadium
IPL 2026 में दर्दनाक हादसा: दिल्ली कैपिटल्स के नेट गेंदबाज के चेहरे पर लगी गेंद, एम्बुलेंस से अस्पताल भेजा गया

आईपीएल 2026 के बीच एक चिंताजनक घटना सामने आई है, जहां Delhi Capitals के एक नेट गेंदबाज को अभ्यास सत्र के दौरान गंभीर चोट लग गई। यह हादसा नई दिल्ली स्थित Arun Jaitley Stadium में हुआ, जहां टीम आगामी मुकाबले की तैयारी कर रही थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रैक्टिस के दौरान गेंद सीधे गेंदबाज के चेहरे पर आकर लगी, जिससे वह तुरंत जमीन पर गिर पड़ा। चोट इतनी गंभीर थी कि उसके चेहरे से खून बहने लगा और वह दर्द से कराहता नजर आया। मौके पर मौजूद मेडिकल टीम ने बिना देर किए प्राथमिक जांच की और स्थिति को गंभीर देखते हुए खिलाड़ी को एम्बुलेंस के जरिए तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल टीम मैनेजमेंट या फ्रेंचाइजी की ओर से खिलाड़ी की हालत को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे उसकी स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। दिल्ली कैपिटल्स का मौजूदा प्रदर्शन आईपीएल 2026 में दिल्ली कैपिटल्स ने शुरुआत तो मजबूत की थी, लेकिन बाद के मैचों में टीम का प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा है। टीम ने अब तक 6 मुकाबलों में 3 जीत और 3 हार के साथ 6 अंक जुटाए हैं और अंक तालिका में छठे स्थान पर बनी हुई है। अगला मुकाबला और चुनौती दिल्ली कैपिटल्स का अगला मैच Punjab Kings के खिलाफ है, जो इस सीजन शानदार फॉर्म में चल रही है। Shreyas Iyer की कप्तानी में पंजाब की टीम ने 6 में से 5 मैच जीते हैं, जबकि एक मुकाबला बारिश के कारण बेनतीजा रहा। ऐसे में दिल्ली के लिए यह मुकाबला आसान नहीं माना जा रहा।  

surbhi अप्रैल 25, 2026 0
Virat Kohli playing aggressive shot during IPL 2026 match as Dale Steyn praises his batting
विराट कोहली की बल्लेबाजी के मुरीद हुए डेल स्टेन, बोले – ‘फिनिश तक पहुंचने का रास्ता जानते हैं’

आईपीएल 2026 में विराट कोहली का शानदार फॉर्म जारी है। डेल स्टेन और इयान बिशप जैसे दिग्गज भी उनकी बल्लेबाजी के कायल हो गए हैं। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की गुजरात टाइटंस पर जीत के बाद दोनों ने कोहली की जमकर तारीफ की। ‘कोहली जीनियस हैं’ – डेल स्टेन स्टेन ने कोहली को “जीनियस” बताते हुए कहा कि वह मैच की स्थिति को बेहद शानदार तरीके से पढ़ते हैं। उनके अनुसार, कोहली उन चुनिंदा खिलाड़ियों में से हैं जो शुरुआत से अंत तक रन चेज़ का पूरा रोडमैप तैयार कर लेते हैं। उन्होंने कहा कि कोहली “दुनिया के सबसे बेहतरीन चेज़र” हैं और यह उनकी सबसे बड़ी ताकत है। 81 रन की दमदार पारी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए ओपनिंग करते हुए कोहली ने 44 गेंदों में 81 रन की शानदार पारी खेली। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 184 से ज्यादा रहा। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने आईपीएल 2026 में ऑरेंज कैप की रेस में फिर से बढ़त बना ली है, अब तक 7 पारियों में 328 रन बना चुके हैं। साझेदारी बनी जीत की कुंजी इस मैच में देवदत्त पडिक्कल ने भी 27 गेंदों में 55 रन बनाए। दोनों के बीच 59 गेंदों में 115 रन की साझेदारी हुई, जिसने टीम की जीत की नींव रखी। पडिक्कल ने कहा कि कोहली का जुनून और मेहनत पूरी टीम को प्रेरित करता है और उनका प्रभाव ड्रेसिंग रूम में साफ दिखाई देता है। इयान बिशप ने बताया ‘असाधारण’ इयान बिशप ने कोहली की निरंतरता और खुद को बदलने की क्षमता को “असाधारण” बताया। उन्होंने कहा कि 30 की उम्र पार करने के बाद भी कोहली जिस तरह टी20 जैसे तेज फॉर्मेट में खुद को ढाल रहे हैं, वह बेहद खास है। आंकड़ों में भी नंबर वन कोहली का आईपीएल में रिकॉर्ड पहले से ही शानदार रहा है। 2016 में बनाए गए 973 रन आज भी एक सीजन में सबसे ज्यादा रन का रिकॉर्ड है। पिछले कुछ सीजन में भी उन्होंने लगातार 600+ रन बनाए हैं, जो उनकी स्थिरता को दर्शाता है। खुद कोहली ने क्या कहा? मैच के बाद कोहली ने बताया कि टीम को भरोसा था कि अगर साझेदारी लंबी चली तो लक्ष्य हासिल करना आसान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि पिच बल्लेबाजी के लिए अनुकूल थी और टीम ने बिना दबाव के रणनीति पर अमल किया।  

surbhi अप्रैल 25, 2026 0
Abhishek Sharma celebrates century during IPL 2026 match as Sunrisers Hyderabad defeat Delhi Capitals
SRH vs DC: हालात के मुताबिक बदली रणनीति, अभिषेक शर्मा की तूफानी पारी से हैदराबाद की बड़ी जीत

  आईपीएल 2026 के मुकाबले में Sunrisers Hyderabad ने दमदार प्रदर्शन करते हुए Delhi Capitals को 47 रन से हरा दिया। इस मुकाबले के सबसे बड़े हीरो रहे Abhishek Sharma, जिन्होंने नाबाद 135 रन की विस्फोटक पारी खेलकर मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। हैदराबाद ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 2 विकेट के नुकसान पर 242 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में दिल्ली कैपिटल्स की टीम 195 रन पर सिमट गई। गेंदबाजी में Eshan Malinga ने 4 विकेट लेकर विपक्षी बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। मैच के बाद ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बने अभिषेक शर्मा ने खुलासा किया कि शुरुआत में टीम की योजना पावरप्ले में आक्रामक बल्लेबाजी करने की थी, लेकिन पिच की धीमी प्रकृति को देखते हुए उन्हें अपनी रणनीति बदलनी पड़ी। उन्होंने कहा कि गेंद बल्ले पर आसानी से नहीं आ रही थी, ऐसे में हालात के अनुसार खेलना जरूरी था और यही बदलाव टीम की जीत की बड़ी वजह बना। अभिषेक ने अपनी 68 गेंदों की पारी में 10 चौके और 10 छक्के लगाए, जिससे हैदराबाद को बड़ा स्कोर बनाने में मदद मिली। टीम मैनेजमेंट को दिया श्रेय अभिषेक शर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय टीम मैनेजमेंट को दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने अंदाज में खेलने की पूरी आजादी मिलती है, जो उनके प्रदर्शन को बेहतर बनाती है। उन्होंने कोचिंग स्टाफ और कप्तान का विशेष धन्यवाद करते हुए कहा कि टीम का सकारात्मक माहौल खिलाड़ियों को खुलकर खेलने का आत्मविश्वास देता है। उन्होंने यह भी कहा कि 2024 से टीम के भीतर बना यह माहौल ‘गेमचेंजर’ साबित हुआ है और इसी वजह से खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ दे पा रहे हैं। फैंस के लिए खास ‘एल सेलिब्रेशन’ अपने शतक के बाद किए गए ‘एल सेलिब्रेशन’ पर अभिषेक ने बताया कि यह जश्न वह काफी समय से करते आ रहे हैं और यह खास तौर पर फैंस के लिए है, जो उन्हें हर मैच में जबरदस्त समर्थन देते हैं।  

surbhi अप्रैल 22, 2026 0
Young cricketer Vaibhav Suryavanshi smashing sixes during explosive 17-ball 52 run innings in T20 match
15 साल के वैभव सूर्यवंशी का तूफान: 17 गेंदों में 52 रन ठोककर बनाया T-20 वर्ल्ड रिकॉर्ड

भारतीय क्रिकेट में एक नया सितारा तेजी से उभर रहा है। महज 15 साल की उम्र में Vaibhav Suryavanshi ने T-20 क्रिकेट में ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने पूरे क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया है। Rajasthan Royals की ओर से खेलते हुए चेन्नई के खिलाफ मुकाबले में वैभव ने सिर्फ 17 गेंदों में 52 रन की विस्फोटक पारी खेली और अपनी टीम को 8 विकेट से शानदार जीत दिलाई। इस दौरान उन्होंने 4 चौके और 5 छक्के लगाए, यानी अपनी पारी के 52 में से 46 रन केवल बाउंड्री से आए। शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज वैभव ने अपनी पारी की दूसरी ही गेंद पर छक्का जड़कर इरादे साफ कर दिए। उन्होंने Matt Henry की गेंद पर छक्का लगाकर शुरुआत की और फिर लगातार आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 15 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। T-20 में बनाया अनोखा वर्ल्ड रिकॉर्ड इस पारी के साथ वैभव सूर्यवंशी T-20 इतिहास में 15 साल की उम्र में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। अब तक वह इस उम्र में कुल 67 छक्के जड़ चुके हैं, जो अपने आप में एक विश्व रिकॉर्ड है। दिलचस्प बात यह है कि इस उम्र में बाकी खिलाड़ियों के कुल छक्के मिलाकर भी इस आंकड़े के करीब नहीं पहुंचते। IPL में भी बनाया बड़ा रिकॉर्ड वैभव ने IPL में भी एक नया इतिहास रच दिया है। उन्होंने अपनी पहली 8 पारियों में 29 छक्के लगाकर सबसे ज्यादा सिक्स मारने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इस मामले में उन्होंने Jake Fraser-McGurk को पीछे छोड़ा, जिनके नाम 28 छक्के थे। इसके अलावा, वैभव IPL इतिहास में ऐसे पहले खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने एक ही फ्रेंचाइजी के लिए 18 गेंदों से कम में एक से ज्यादा बार अर्धशतक जड़ा है। भविष्य का सुपरस्टार? वैभव की इस धमाकेदार पारी ने यह साफ कर दिया है कि भारतीय क्रिकेट को एक और बड़ा मैच विनर मिल सकता है। इतनी कम उम्र में उनका आत्मविश्वास, शॉट चयन और आक्रामकता उन्हें खास बनाती है।  

surbhi मार्च 31, 2026 0
Sanju Samson speaking about leaving Rajasthan Royals ahead of IPL 2026 season
IPL 2026: “मेरा समय खत्म हो गया था…” – Sanju Samson ने राजस्थान रॉयल्स छोड़ने पर तोड़ी चुप्पी

IPL 2026 से पहले एक बड़े फैसले ने क्रिकेट फैंस को चौंका दिया था-भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज Sanju Samson का Rajasthan Royals से अलग होना। अब सैमसन ने खुद इस फैसले के पीछे की वजह साफ कर दी है। एक बातचीत में सैमसन ने खुलकर कहा कि उन्होंने टीम इसलिए छोड़ी क्योंकि उन्हें लगा कि राजस्थान रॉयल्स के साथ उनका सफर पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा, “मुझे लगा कि टीम में मेरा समय खत्म हो गया है, इसलिए आगे बढ़ने का फैसला किया।”   8 साल का लंबा सफर, टीम के सबसे बड़े सितारों में शामिल संजू सैमसन ने 2018 से 2025 तक लगातार राजस्थान रॉयल्स का प्रतिनिधित्व किया। इससे पहले भी वह 2013 से 2015 तक टीम का हिस्सा रहे थे। इस दौरान उन्होंने कुल 11 सीजन खेले और टीम के सबसे ज्यादा मैच खेलने और रन बनाने वाले खिलाड़ियों में अपना नाम दर्ज कराया। बीच में उन्होंने 2016-2017 के दौरान Delhi Capitals (तब दिल्ली डेयरडेविल्स) के लिए भी खेला, लेकिन उनकी पहचान सबसे ज्यादा राजस्थान रॉयल्स के साथ ही बनी।   अब नई पारी चेन्नई सुपर किंग्स के साथ IPL 2026 में सैमसन अब Chennai Super Kings की जर्सी में नजर आएंगे। यह बदलाव नवंबर 2025 में एक ट्रेड डील के तहत हुआ था, जिसने क्रिकेट जगत में काफी चर्चा बटोरी थी। सैमसन ने इस नई शुरुआत को लेकर उत्साह भी जताया। उनका कहना है कि हर खिलाड़ी के करियर में एक समय ऐसा आता है जब उसे आगे बढ़ना होता है, और उन्होंने भी वही किया।   पुरानी टीम के खिलाफ खेलना होगा भावनात्मक राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेलने को लेकर सैमसन ने कहा कि यह उनके लिए पहली बार होगा और निश्चित रूप से भावनात्मक पल रहेगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मैदान पर उतरते ही वह भावनाओं को अलग रखकर सिर्फ खेल पर ध्यान देंगे। मैच से पहले और बाद में पुराने साथियों से मिलने की खुशी जरूर होगी, लेकिन खेल के दौरान उनका फोकस पूरी तरह अपनी नई टीम पर रहेगा।   “नई शुरुआत, नया उत्साह” सैमसन ने कहा कि यह उनके करियर की एक नई यात्रा है, जिसे वह पूरे जोश और सकारात्मकता के साथ अपनाना चाहते हैं। राजस्थान रॉयल्स के साथ बिताए गए वर्षों को उन्होंने सम्मान और प्यार के साथ याद किया, लेकिन यह भी साफ कर दिया कि अब वह आगे बढ़ चुके हैं और नई चुनौतियों के लिए तैयार हैं।  

surbhi मार्च 17, 2026 0
South Africa bowler Nqobani Mokoena celebrates wickets as New Zealand all out for 91 in T20 match.
साउथ अफ्रीका के आगे ढही न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी, 91 रन पर ऑलआउट; डेब्यूटेंट मोकोएना बने हीरो

  पांच मैचों की टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में South Africa national cricket team ने New Zealand national cricket team को सात विकेट से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। Bay Oval में खेले गए इस मैच में न्यूजीलैंड की टीम महज 91 रन पर सिमट गई, जो दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उसका दूसरा सबसे छोटा टी20 स्कोर है।   कीवी बल्लेबाजी पूरी तरह फ्लॉप टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजों के सामने मेजबान बल्लेबाज टिक ही नहीं पाए और पूरी टीम सिर्फ 14.3 ओवर में 91 रन पर ऑलआउट हो गई। टीम का कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका। गौरतलब है कि इस सीरीज में न्यूजीलैंड ने ICC Men's T20 World Cup फाइनल खेलने वाली टीम के आठ खिलाड़ियों को आराम दिया है, जिसका असर बल्लेबाजी पर साफ दिखाई दिया।   19 साल के मोकोएना ने डेब्यू में मचाया धमाल दक्षिण अफ्रीका की जीत के असली हीरो 19 वर्षीय डेब्यूटेंट Nqobani Mokoena रहे। उन्होंने अपने पहले अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में 26 रन देकर तीन विकेट झटके और न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। इसके अलावा Gerald Coetzee और Ottniel Baartman ने दो-दो विकेट लिए, जबकि कप्तान Keshav Maharaj ने भी दो सफलताएं हासिल कर कीवी टीम को सस्ते में समेटने में अहम भूमिका निभाई।   17 ओवर से पहले ही हासिल कर लिया लक्ष्य 92 रन के आसान लक्ष्य का पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने 16.4 ओवर में 3 विकेट खोकर जीत दर्ज कर ली। विकेटकीपर बल्लेबाज Connor Esterhuizen ने 48 गेंदों में नाबाद 45 रन की संयमित पारी खेलकर टीम को जीत तक पहुंचाया। डेब्यू मैच में शानदार प्रदर्शन के लिए Nqobani Mokoena को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। मैच के बाद उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करना उनके लिए खास अनुभव रहा और हालात गेंदबाजों के लिए काफी मददगार थे।  

surbhi मार्च 16, 2026 0
Gambhir Defends Arshdeep Throw in T20 World Cup Final Row
T20 वर्ल्ड कप फाइनल विवाद: अर्शदीप के थ्रो पर बोले गौतम गंभीर-‘देश के लिए खेलते समय आक्रामकता स्वाभाविक’

  ICC Men's T20 World Cup 2026 के फाइनल में भारत की जीत के बीच घटी एक घटना पर अब भारतीय टीम के हेड कोच Gautam Gambhir का बड़ा बयान सामने आया है। तेज गेंदबाज Arshdeep Singh द्वारा न्यूजीलैंड के बल्लेबाज Daryl Mitchell की ओर गेंद फेंकने की घटना को लेकर उन्होंने कहा कि देश के लिए खेलते समय खिलाड़ियों में आक्रामकता दिखना स्वाभाविक है।   फाइनल में हुआ था विवाद फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम एकतरफा जीत की ओर बढ़ रही थी, तभी न्यूजीलैंड की पारी के दौरान एक विवाद खड़ा हो गया। 11वें ओवर में अर्शदीप की गेंद पर डेरिल मिचेल ने सामने की ओर शॉट खेला, जो एक टप्पा खाकर सीधे गेंदबाज के हाथ में आ गया। इसके बाद अर्शदीप ने गेंद मिचेल की दिशा में जोर से फेंक दी, जो सीधे उनके हाथ में लगी। इस घटना के बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच कुछ देर कहासुनी भी हुई। मामला बढ़ता देख भारतीय कप्तान Suryakumar Yadav और अंपायरों को बीच-बचाव करना पड़ा। बाद में अर्शदीप और कप्तान ने मिचेल से माफी भी मांगी।   गंभीर का बयान इस पूरे विवाद पर बोलते हुए Gautam Gambhir ने कहा कि खिलाड़ियों का आक्रामक होना गलत नहीं है। उन्होंने कहा, “जब आप अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहे होते हैं तो आक्रामकता दिखाना स्वाभाविक है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। कोई भी गेंदबाज लगातार छक्के खाना पसंद नहीं करता और मैं अपने खिलाड़ियों से इसी तरह की प्रतिक्रिया की उम्मीद करता हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि यदि अर्शदीप माफी नहीं भी मांगते तो उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं होती, हालांकि उन्होंने यह भी माना कि माफी मांगना अच्छी बात है।   ICC ने लगाया जुर्माना इस घटना के बाद International Cricket Council (ICC) ने अर्शदीप सिंह पर आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना लगाया। साथ ही उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट प्वाइंट भी जोड़ा गया है। अर्शदीप को ICC के आचार संहिता के अनुच्छेद 2.9 का दोषी पाया गया, जो अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान किसी खिलाड़ी की ओर खतरनाक या अनुचित तरीके से गेंद या अन्य क्रिकेट उपकरण फेंकने से संबंधित है। अर्शदीप सिंह ने अपनी गलती स्वीकार कर ली थी, जिसके कारण मामले की औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी। मैदान पर मौजूद अंपायर Richard Illingworth और Alex Wharf सहित मैच अधिकारियों ने इस घटना को लेकर रिपोर्ट दर्ज की थी। ICC के नियमों के अनुसार लेवल-1 के उल्लंघन पर खिलाड़ी को आधिकारिक चेतावनी से लेकर मैच फीस का 50 प्रतिशत तक जुर्माना और एक या दो डिमेरिट प्वाइंट दिए जा सकते हैं।  

surbhi मार्च 11, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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surbhi मई 15, 2026 0