Sunrisers Hyderabad ने IPL 2026 के 63वें मुकाबले में Chennai Super Kings को 5 विकेट से हराकर प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की कर ली। लेकिन मैच के बाद सबसे ज्यादा चर्चा जीत से ज्यादा Ishan Kishan के सोशल मीडिया पोस्ट की हो रही है। चेपॉक में मिली इस बड़ी जीत के बाद ईशान किशन ने इंस्टाग्राम पर एक ऐसा कैप्शन पोस्ट किया, जिसे कई फैंस CSK पर सीधा तंज मान रहे हैं। 70 रन की मैच विनिंग पारी चेन्नई के M. A. Chidambaram Stadium में खेले गए मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने शानदार प्रदर्शन किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए CSK ने 20 ओवर में 180 रन बनाए। टीम के लिए Dewald Brevis ने 44 रन और कार्तिक शर्मा ने 32 रन की उपयोगी पारी खेली। जवाब में SRH ने 19 ओवर में 5 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। ईशान किशन ने 47 गेंदों पर 70 रन की शानदार पारी खेली, जबकि Heinrich Klaasen ने 47 रन बनाकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। इंस्टाग्राम पोस्ट ने खींचा ध्यान मैच खत्म होने के बाद ईशान किशन ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा: “One thing louder than the whistle was the bat. Into the playoffs.” इस 12 शब्दों के कैप्शन को सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। कई फैंस इसे CSK के मशहूर नारे “Whistle Podu” पर तंज के तौर पर देख रहे हैं। चेन्नई सुपर किंग्स के घरेलू मुकाबलों में फैंस बड़ी संख्या में व्हिसल लेकर स्टेडियम पहुंचते हैं और टीम को सपोर्ट करते हैं। ऐसे में ईशान का यह पोस्ट सोशल मीडिया पर बहस का विषय बन गया। मैदान पर भी दिखा अलग अंदाज रिपोर्ट्स के मुताबिक, मैच खत्म होने के बाद ईशान किशन ने मैदान पर मौजूद दर्शकों की तरफ व्हिसल बजाने का इशारा किया और फिर हाथ के इशारे से “घर जाने” का संकेत भी दिया। यह मुकाबला CSK के घरेलू मैदान चेपॉक में खेला गया था, इसलिए इस प्रतिक्रिया को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है। शुभमन गिल भी कर चुके हैं ऐसा पोस्ट इससे पहले Shubman Gill भी CSK के खिलाफ जीत के बाद व्हिसल बजाते हुए फोटो पोस्ट कर चुके हैं। अब ईशान किशन का पोस्ट भी उसी तरह वायरल हो रहा है। प्लेऑफ में पहुंची SRH इस जीत के साथ सनराइजर्स हैदराबाद के 13 मैचों में 16 अंक हो गए हैं और टीम पॉइंट्स टेबल में तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। अब SRH की नजरें टॉप-2 फिनिश पर होंगी। वहीं चेन्नई सुपर किंग्स के लिए प्लेऑफ की राह अब बेहद मुश्किल हो गई है।
आईपीएल 2026 का रोमांच अपने चरम पर पहुंच चुका है। लीग स्टेज के 63वें मुकाबले में Sunrisers Hyderabad ने Chennai Super Kings को 5 विकेट से हराकर प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की कर ली। इस जीत के साथ अब प्लेऑफ की तस्वीर लगभग साफ हो गई है और तीन टीमें आधिकारिक तौर पर क्वालीफाई कर चुकी हैं। Royal Challengers Bengaluru पहले ही अंतिम चार में पहुंच चुकी थी, जबकि अब Gujarat Titans और सनराइजर्स हैदराबाद ने भी प्लेऑफ का टिकट हासिल कर लिया है। हालांकि चौथे स्थान की जंग अभी बेहद दिलचस्प बनी हुई है, जहां पांच टीमें अब भी रेस में बनी हुई हैं। पॉइंट्स टेबल में किस टीम की क्या स्थिति? 13 मैचों में 9 जीत और 18 अंकों के साथ आरसीबी अंक तालिका में शीर्ष पर कायम है। गुजरात टाइटंस और सनराइजर्स हैदराबाद दोनों के 16-16 अंक हैं, लेकिन बेहतर नेट रन रेट के चलते गुजरात दूसरे स्थान पर है। चौथे स्थान के लिए सबसे मजबूत दावेदारी फिलहाल Punjab Kings की नजर आ रही है, जिनके 13 अंक हैं। वहीं Rajasthan Royals, चेन्नई सुपर किंग्स, Delhi Capitals और Kolkata Knight Riders भी प्लेऑफ की उम्मीदें बनाए हुए हैं। अपडेटेड IPL 2026 पॉइंट्स टेबल स्थान टीम मैच जीत हार अंक नेट रन रेट 1 RCB (Q) 13 9 4 18 +1.065 2 गुजरात टाइटंस (Q) 13 8 5 16 +0.400 3 सनराइजर्स हैदराबाद (Q) 13 8 5 16 +0.350 4 पंजाब किंग्स 13 6 6 13 +0.227 5 राजस्थान रॉयल्स 12 6 6 12 +0.027 6 चेन्नई सुपर किंग्स 13 6 7 12 -0.016 7 दिल्ली कैपिटल्स 13 6 7 12 -0.871 8 कोलकाता नाइट राइडर्स 12 5 6 11 -0.038 9 मुंबई इंडियंस (E) 12 4 8 8 -0.504 10 लखनऊ सुपर जायंट्स (E) 12 4 8 -0.701 मैच का पूरा हाल चेन्नई सुपर किंग्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट पर 180 रन बनाए। टीम के लिए Dewald Brevis ने सबसे ज्यादा 44 रन बनाए। इसके अलावा कार्तिक शर्मा ने 32, Sanju Samson ने 27 और Shivam Dube ने 26 रनों का योगदान दिया। हैदराबाद की ओर से Pat Cummins ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट झटके, जबकि साकिब हुसैन ने 2 विकेट हासिल किए। 181 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी सनराइजर्स हैदराबाद ने 19 ओवर में 5 विकेट गंवाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। Ishan Kishan ने 70 रनों की बेहतरीन पारी खेली, जबकि Heinrich Klaasen ने 47 और Abhishek Sharma ने 26 रन बनाए। चेन्नई के लिए मुकेश चौधरी ने 2 विकेट लिए, लेकिन वह टीम को हार से नहीं बचा सके। अब आईपीएल 2026 का अंतिम लीग चरण बेहद रोमांचक हो गया है, जहां चौथे प्लेऑफ स्थान के लिए हर मुकाबला करो या मरो जैसा होने वाला है।
मुंबई इंडियंस और हार्दिक के बीच सबकुछ ठीक नहीं? आईपीएल 2026 में खराब प्रदर्शन के बीच Hardik Pandya और Mumbai Indians के रिश्तों को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सोशल मीडिया पर हुई गतिविधियों ने फैंस के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक हार्दिक ने इंस्टाग्राम पर मुंबई इंडियंस को पहले अनफॉलो किया और फिर कुछ घंटे बाद दोबारा फॉलो कर लिया। इसके अलावा उन्होंने टीम से जुड़ी कई पोस्ट भी हटाई हैं। इस घटनाक्रम के बाद माना जा रहा है कि टीम मैनेजमेंट और कप्तान के बीच सबकुछ सामान्य नहीं चल रहा। कप्तानी बदलने के बाद से बढ़ी थी नाराजगी गौरतलब है कि 2024 सीजन में मुंबई इंडियंस ने Rohit Sharma की जगह हार्दिक पांड्या को कप्तान बनाया था। इस फैसले के बाद टीम के भीतर मतभेद की खबरें लगातार सामने आती रही हैं। रोहित शर्मा लंबे समय तक टीम के सबसे सफल कप्तान रहे और उनकी कप्तानी में मुंबई ने पांच आईपीएल खिताब जीते थे। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि कुछ वरिष्ठ खिलाड़ी हार्दिक के बजाय रोहित के करीब माने जाते हैं। इनमें Suryakumar Yadav, Tilak Varma और Jasprit Bumrah के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। प्लेऑफ की रेस से बाहर हुई मुंबई आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस का प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा और टीम प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी है। हार्दिक पिछले दो मुकाबलों में चोट के कारण नहीं खेले, जिसके बाद कप्तानी की जिम्मेदारी सूर्यकुमार यादव ने संभाली। सूत्रों के अनुसार हार्दिक ने सोशल मीडिया पर रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव को भी अनफॉलो किया है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। RCB मैच में भी नहीं दिखे हार्दिक Royal Challengers Bengaluru के खिलाफ मुकाबले में भी हार्दिक मैदान पर नजर नहीं आए। बताया गया कि पीठ में दर्द के कारण वह मैच के लिए फिट नहीं थे। हालांकि टीम के साथ रायपुर पहुंचे थे, लेकिन स्टेडियम में उनकी मौजूदगी नहीं दिखी। यह इस सीजन का तीसरा मैच था जिसमें हार्दिक हिस्सा नहीं ले सके। ऐसे में टीम और खिलाड़ी के बीच बढ़ती दूरी को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। अब तक नहीं आया आधिकारिक बयान फिलहाल मुंबई इंडियंस या हार्दिक पांड्या की तरफ से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन सोशल मीडिया पर फॉलो-अनफॉलो की गतिविधियों ने फैंस के बीच नई बहस छेड़ दी है कि क्या अगले सीजन में हार्दिक और मुंबई अलग-अलग रास्ते चुन सकते हैं।
आईपीएल 2026 के 49वें मुकाबले में Sunrisers Hyderabad ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Punjab Kings को 33 रनों से हरा दिया। इस जीत के साथ हैदराबाद की टीम अंक तालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई, जबकि पंजाब किंग्स को लगातार तीसरी हार का सामना करना पड़ा। मुकाबले में सबसे ज्यादा चर्चा ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज Cooper Connolly की रही, जिन्होंने शानदार शतक लगाया, लेकिन उनकी यह पारी टीम को जीत नहीं दिला सकी। हैदराबाद ने खड़ा किया 235 रनों का विशाल स्कोर टॉस जीतकर पंजाब किंग्स ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन हैदराबाद के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। ओपनर Abhishek Sharma और Travis Head ने पहले विकेट के लिए 54 रनों की तेज साझेदारी की। अभिषेक शर्मा ने 35 रन बनाए, जबकि ट्रेविस हेड 38 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद Ishan Kishan और Heinrich Klaasen ने पंजाब के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ा दिया। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए सिर्फ 48 गेंदों में 88 रनों की विस्फोटक साझेदारी की। ईशान किशन ने 55 रनों की पारी में 4 छक्के और 2 चौके लगाए। वहीं क्लासेन ने आक्रामक अंदाज में 69 रन बनाए। अंत में Nitish Kumar Reddy ने नाबाद 29 रन जोड़ते हुए टीम का स्कोर 4 विकेट पर 235 तक पहुंचा दिया। पंजाब की ओर से Arshdeep Singh, Lockie Ferguson, Yuzvendra Chahal और Vijaykumar Vyshak को 1-1 विकेट मिला। पंजाब की शुरुआत रही बेहद खराब 236 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब किंग्स की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। Priyansh Arya सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद Prabhsimran Singh 3 रन और कप्तान Shreyas Iyer 5 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। महज 23 रन पर तीन विकेट गिरने के बाद पंजाब पूरी तरह दबाव में आ गई। हालांकि Marcus Stoinis और कूपर कोनोली ने पारी संभालने की कोशिश की। स्टोइनिस ने 28 रन बनाए। कूपर कोनोली का शानदार शतक एक छोर पर विकेट गिरते रहे, लेकिन कूपर कोनोली लगातार लड़ते रहे। उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 59 गेंदों में नाबाद 107 रन बनाए। उनकी इस पारी में कई बड़े शॉट्स देखने को मिले और उन्होंने पंजाब की उम्मीद आखिर तक जिंदा रखी। Suryansh Shedge ने 25 रन और Marco Jansen ने 19 रन का योगदान दिया, लेकिन टीम जीत तक नहीं पहुंच सकी। पंजाब किंग्स 7 विकेट पर 202 रन ही बना सकी। हैदराबाद की ओर से कप्तान Pat Cummins और Shivam Kumar ने 2-2 विकेट लिए। वहीं Nitish Kumar Reddy, Eshan Malinga और Saqib Hussain को 1-1 सफलता मिली। इस जीत के साथ सनराइजर्स हैदराबाद ने न सिर्फ दो अहम अंक हासिल किए, बल्कि बेहतर नेट रन रेट के दम पर अंक तालिका में शीर्ष स्थान भी कब्जा लिया।
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के एक हाई-स्कोरिंग मुकाबले में Delhi Capitals ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Rajasthan Royals को 7 विकेट से हराकर जोरदार जीत दर्ज की। मुकाबला रोमांच से भरपूर रहा, लेकिन अंत में दिल्ली की मजबूत बल्लेबाजी ने राजस्थान के बड़े स्कोर को भी बौना साबित कर दिया। दिल्ली की आक्रामक शुरुआत ने तय किया मैच 225 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए दिल्ली को KL Rahul (75 रन) और Pathum Nissanka (62 रन) ने शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों की संयमित और आक्रामक पारी ने मैच का रुख शुरू में ही दिल्ली की ओर मोड़ दिया। टीम ने लक्ष्य को 5 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया, जो उनकी बल्लेबाजी की मजबूती को दर्शाता है। रियान पराग की कप्तानी पारी गई बेकार इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए राजस्थान ने 6 विकेट के नुकसान पर 225 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। कप्तान Riyan Parag ने शानदार 90 रन की पारी खेली, जबकि अंत में Donovan Ferreira ने सिर्फ 14 गेंदों में नाबाद 47 रन बनाकर टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया। हार के बाद भावुक हुए पराग मैच के बाद रियान पराग काफी भावुक नजर आए। उनकी आंखें नम हो गईं और उन्होंने स्वीकार किया कि टीम मिडिल ओवर्स में बेहतर गेंदबाजी कर सकती थी। उन्होंने कहा, “मुझे लगा था कि यह एक अच्छा स्कोर है, करीब 200 का स्कोर पर्याप्त होता है, लेकिन हम उसे बचा नहीं सके।” चोट पर भी दिया अपडेट पराग मैच के दौरान हैमस्ट्रिंग चोट के कारण मैदान से बाहर चले गए थे। उन्होंने बताया कि चोट ज्यादा गंभीर नहीं है और वह एक हफ्ते के ब्रेक के बाद वापसी कर सकते हैं। आलोचकों को दिया जवाब अपनी पारी पर बोलते हुए पराग ने कहा कि उन्हें आलोचकों को जवाब देने की जरूरत नहीं है, लेकिन टीम की हार उन्हें सबसे ज्यादा खल रही है।
अहमदाबाद में खेले गए Indian Premier League 2026 के मुकाबले में Gujarat Titans और Royal Challengers Bangalore के बीच एक बड़ा विवाद देखने को मिला। मैच के दौरान Jason Holder द्वारा लिया गया कैच चर्चा का केंद्र बन गया, जिस पर अब क्रिकेट एक्सपर्ट्स भी सवाल उठा रहे हैं। क्या सच में क्लीन कैच था? यह घटना उस समय हुई जब Rajat Patidar बल्लेबाजी कर रहे थे। Jason Holder ने दौड़ते हुए शानदार डाइव लगाकर कैच पकड़ा, लेकिन रिप्ले में ऐसा लगा कि स्लाइड करते वक्त गेंद जमीन को छू गई थी। RCB खेमे ने इस फैसले पर कड़ा विरोध जताया, जिसमें Virat Kohli सबसे आगे नजर आए। खिलाड़ियों ने अंपायर से दोबारा जांच की मांग भी की। टीवी अंपायर ने दिया ‘आउट’ का फैसला टीवी अंपायर Abhijit Bhattacharya ने रिप्ले देखने के बाद फैसला सुनाया कि Jason Holder ने गेंद पर पर्याप्त नियंत्रण बना लिया था, इसलिए Rajat Patidar को आउट दिया गया। इस फैसले के बाद RCB का स्कोर 79/3 हो गया। एक्सपर्ट्स की राय: ‘नॉट आउट’ होना चाहिए था मैच के बाद विश्लेषण के दौरान Ian Bishop और Abhinav Mukund ने इस फैसले पर असहमति जताई। इयान बिशप का कहना था कि कैच लेते वक्त सिर्फ गेंद पर नियंत्रण ही नहीं, बल्कि शरीर पर नियंत्रण भी जरूरी होता है। उनके अनुसार, जब होल्डर स्लाइड कर रहे थे, तब पूरी तरह नियंत्रण में नहीं थे और इस दौरान गेंद के जमीन से छूने की आशंका थी। वहीं अभिनव मुकुंद ने साफ कहा, “अगर गेंद जमीन को छूती है, तो वह कैच नहीं माना जाना चाहिए। जो रिप्ले हमने देखा, उसमें साफ लग रहा था कि गेंद जमीन से टकराई।” क्या कहते हैं क्रिकेट के नियम? Marylebone Cricket Club के नियमों के अनुसार, कैच तभी वैध माना जाता है जब फील्डर गेंद और अपने शरीर दोनों पर पूरा नियंत्रण बनाए रखे और गेंद जमीन को छूने से पहले पूरी तरह नियंत्रित हो। इसी नियम की व्याख्या को लेकर यह विवाद खड़ा हुआ है–क्या होल्डर ने गेंद पर पूरा नियंत्रण बना लिया था या नहीं? मैच पर असर इस विवादित फैसले के बाद मैच का रुख पूरी तरह बदल गया। Royal Challengers Bangalore 155 रन पर सिमट गई, जिसे Gujarat Titans ने आसानी से हासिल कर लिया।
Indian Premier League 2026 में Rajasthan Royals के लिए एक बड़ा मैच विनर उभरकर सामने आया है। Shubham Dubey ने पंजाब किंग्स के खिलाफ बेहद दबाव भरे मुकाबले में शानदार पारी खेलकर अपनी टीम को जीत दिलाई और यह साबित किया कि वह मुश्किल परिस्थितियों के खिलाड़ी हैं। नंबर 6 पर आकर पलटा मैच जब राजस्थान को जीत के लिए 36 गेंदों में 72 रन की जरूरत थी, तब शुभम दुबे को नंबर 6 पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया–वो भी Ravindra Jadeja और Dasun Shanaka जैसे खिलाड़ियों से पहले। दुबे ने इस चुनौती को बखूबी निभाते हुए सिर्फ 12 गेंदों में नाबाद 31 रन बनाए और मैच का रुख बदल दिया। Ferreira के साथ मैच जिताऊ साझेदारी उन्होंने Donovan Ferreira के साथ मिलकर 32 गेंदों में 77 रन की अहम साझेदारी की। इस साझेदारी ने न सिर्फ दबाव कम किया, बल्कि राजस्थान को जीत की राह पर ला खड़ा किया। संगकारा ने बताया ‘एक्सेप्शनल’ टीम के हेड कोच Kumar Sangakkara ने दुबे की तारीफ करते हुए कहा कि इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर खेलना सबसे मुश्किल होता है, क्योंकि खिलाड़ी को पहले से पता नहीं होता कि उसे मौका मिलेगा या नहीं। ऐसे में मानसिक रूप से तैयार रहना ही असली चुनौती होती है–और दुबे इसमें सफल रहे। छोटे टूर्नामेंट से IPL तक का सफर 31 वर्षीय शुभम दुबे का सफर संघर्ष से भरा रहा है। उन्होंने विदर्भ के बापुना कप जैसे छोटे टूर्नामेंट्स से पहचान बनाई और फिर Syed Mushtaq Ali Trophy 2023-24 में 73.66 की औसत और 187+ स्ट्राइक रेट के साथ शानदार प्रदर्शन किया। RR का भरोसा और दुबे का प्रदर्शन राजस्थान ने IPL 2024 में उन्हें 5.8 करोड़ रुपये में खरीदा था, हालांकि पहले सीजन में उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले। बाद में टीम ने उन्हें रिलीज कर दोबारा खरीदा, लेकिन भरोसा कायम रखा। अब IPL 2026 में दुबे ने लगातार दो मैचों में दमदार प्रदर्शन किया– लखनऊ के खिलाफ 19* (11 गेंद) पंजाब के खिलाफ 31* (12 गेंद) एक्सपर्ट्स ने भी सराहा पूर्व क्रिकेटर Abhinav Mukund और Piyush Chawla ने भी माना कि दुबे जैसे खिलाड़ी के लिए यह रोल बेहद कठिन होता है, जहां 10-12 गेंदों में 25-30 रन बनाने का दबाव होता है। लेकिन दुबे ने अपनी काबिलियत से साबित कर दिया कि वह गेम को कंट्रोल करना जानते हैं।
Indian Premier League 2026 सीजन जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, प्लेऑफ की रेस और ज्यादा दिलचस्प होती जा रही है। अब तक 40 मुकाबले खेले जा चुके हैं और हर टीम के लिए समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। मंगलवार को Punjab Kings को Rajasthan Royals के खिलाफ 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा, जो इस सीजन में उनकी पहली हार थी। इस जीत के साथ राजस्थान ने 12 अंक हासिल कर लिए हैं और टॉप-4 की रेस को और भी कड़ा बना दिया है। प्लेऑफ के लिए क्या है गणित? आईपीएल में आमतौर पर 16 अंक प्लेऑफ में जगह पक्की करने के लिए सुरक्षित माने जाते हैं, हालांकि कई बार 14 अंक पर भी टीमें क्वालीफाई कर चुकी हैं। टीमों का मौजूदा समीकरण पंजाब किंग्स (13 अंक) टेबल में टॉप पर मौजूद पंजाब को अब बचे 6 मैचों में से सिर्फ 2-3 जीत की जरूरत है, जिससे उनका प्लेऑफ लगभग तय हो सकता है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (12 अंक) Royal Challengers Bengaluru को बचे हुए 6 मैचों में से कम से कम 2-3 जीत दर्ज करनी होंगी। राजस्थान रॉयल्स (12 अंक) राजस्थान 9 मैच खेल चुका है। अब उसे बाकी 5 मुकाबलों में से कम से कम 2 जीत हासिल करनी जरूरी है। सनराइजर्स हैदराबाद (10 अंक) Sunrisers Hyderabad को सुरक्षित स्थिति में पहुंचने के लिए कम से कम 4 मैच जीतने होंगे। गुजरात टाइटंस (8 अंक) Gujarat Titans को प्लेऑफ में पहुंचने के लिए बचे 6 मैचों में 4-5 जीत दर्ज करनी होगी। चेन्नई सुपर किंग्स (6 अंक) Chennai Super Kings को अब लगभग हर मैच जीतना होगा–कम से कम 6 में से 5 जीत जरूरी है, साथ ही नेट रन रेट भी अहम रहेगा। दिल्ली कैपिटल्स (6 अंक) Delhi Capitals का भी हाल चेन्नई जैसा है–उन्हें लगभग सभी मैच जीतने होंगे। कोलकाता नाइट राइडर्स (5 अंक) Kolkata Knight Riders को प्लेऑफ की उम्मीद जिंदा रखने के लिए सभी मैच जीतने होंगे। मुंबई इंडियंस (4 अंक) Mumbai Indians के लिए अब हर मैच करो या मरो जैसा है–एक भी हार बाहर कर सकती है। लखनऊ सुपर जायंट्स (4 अंक) Lucknow Super Giants पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे है और उसे प्लेऑफ के लिए सभी मैच जीतने होंगे। रेस अभी खुली है इस सीजन की सबसे खास बात यह है कि अभी तक कोई भी टीम आधिकारिक तौर पर प्लेऑफ की दौड़ से बाहर नहीं हुई है। ऐसे में आने वाले मुकाबले हर टीम के लिए बेहद अहम होंगे और नेट रन रेट भी निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
आईपीएल 2026 के मुकाबले में Lucknow Super Giants को Rajasthan Royals के खिलाफ 40 रनों की करारी हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में इंग्लैंड के तेज गेंदबाज Jofra Archer की घातक गेंदबाजी ने लखनऊ की बल्लेबाजी को पूरी तरह से झकझोर दिया। 160 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम मात्र 119 रनों पर सिमट गई। हार के बाद कप्तान Rishabh Pant काफी निराश नजर आए और उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनके पास इस हार का कोई ठोस जवाब नहीं है। “जवाब बाहर नहीं, अंदर ढूंढने होंगे” – पंत मैच के बाद पंत ने स्वीकार किया कि टीम पिच को सही तरीके से समझने में असफल रही। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजी यूनिट ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया, जिससे टीम को भारी नुकसान हुआ। पंत ने कहा, “मेरे पास इस हार का कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। हमें अपने अंदर झांककर सुधार करना होगा। बल्लेबाजों को थोड़ा समय लेकर खेलना चाहिए था।” उन्होंने यह भी माना कि वह खुद अपनी पारी को लंबा नहीं खींच पाए, जो टीम के लिए नुकसानदायक साबित हुआ। पंत के मुताबिक, पूरी बल्लेबाजी इकाई को जिम्मेदारी लेनी होगी और गलतियों से सीखना होगा। गेंदबाजों की तारीफ, उम्मीदें बरकरार पंत ने टीम के गेंदबाजों के प्रदर्शन, खासकर Mohammed Shami की सराहना की। उन्होंने कहा कि कुछ सकारात्मक पहलू भी हैं, जिन पर टीम आगे काम कर सकती है। उन्होंने भरोसा जताया कि अभी टूर्नामेंट में काफी मैच बाकी हैं और टीम वापसी कर सकती है। “पहले से अंदाजा था कि गेंद स्विंग करेगी” – रियान पराग वहीं राजस्थान के कप्तान Riyan Parag ने जीत के बाद कहा कि पिच गेंदबाजों के अनुकूल थी और उन्हें पहले से अंदाजा था कि गेंद स्विंग करेगी। उन्होंने Nandre Burger और जोफ्रा आर्चर की शानदार लाइन-लेंथ की जमकर तारीफ की और टीम के सकारात्मक माहौल को जीत का अहम कारण बताया। ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ जडेजा का खास बयान मैच में अहम भूमिका निभाने वाले Ravindra Jadeja ने नाबाद 43 रन बनाकर ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का खिताब जीता। उन्होंने यह अवॉर्ड अपनी पत्नी रिवाबा जडेजा को समर्पित किया। जडेजा ने कहा कि पिच बल्लेबाजी के लिए आसान नहीं थी और गेंद लगातार सीम और स्विंग कर रही थी। उन्होंने हालात के अनुसार धैर्य से खेलते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
आईपीएल के इस हाई-स्कोरिंग मुकाबले में Punjab Kings ने धमाकेदार बल्लेबाजी के दम पर Lucknow Super Giants को 54 रन से हराकर शानदार जीत दर्ज की। मैच के बाद कप्तान Shreyas Iyer ने टीम के युवा सितारों की खुलकर तारीफ की और खासतौर पर प्रियांश आर्य और कूपर कोनोली की साझेदारी को जीत की असली वजह बताया। आर्य-कोनोली की साझेदारी ने पलटा मैच दूसरे विकेट के लिए प्रियांश आर्य और कूपर कोनोली के बीच 182 रन की जबरदस्त साझेदारी ने मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया। आर्य ने 93 रन की शानदार पारी खेली, जबकि कोनोली ने 87 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। अय्यर ने कहा, “दोनों के बीच पार्टनरशिप शानदार रही। कुछ शॉट तो सच में होश उड़ा देने वाले थे, खासकर तेज गेंदबाजों के खिलाफ बैक-फुट से सीधे शॉट खेलना काबिल-ए-तारीफ था। बीच के ओवरों में जिस तरह का संयम दिखाया गया, वह कमाल था।” ‘छक्कों की चुनौती’ और इनाम में बल्ला मैच के दौरान कप्तान अय्यर ने खिलाड़ियों को एक दिलचस्प चुनौती भी दी। उन्होंने बताया, “मैंने आर्य और कोनोली से कहा कि देखते हैं कौन ज्यादा छक्के मारता है। इनाम के तौर पर मेरा बल्ला मिलेगा। यह सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन इससे टीम का माहौल हल्का और सकारात्मक बना रहता है।” खिलाड़ियों को आजादी देना ही सफलता की कुंजी अय्यर ने अपनी कप्तानी शैली पर भी खुलकर बात की। उनका मानना है कि खिलाड़ियों को खुलकर खेलने की आजादी देने से वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा, “मैं खिलाड़ियों को यह नहीं बताता कि उन्हें कैसे खेलना है। उनका अपना तरीका होता है। कोच Ricky Ponting मैच से पहले खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हैं और फिर खिलाड़ी मैदान पर अपना कमाल दिखाते हैं।” पंजाब किंग्स की टॉप पर मजबूत पकड़ इस जीत के साथ पंजाब किंग्स ने 6 में से 5 मैच जीतकर 11 अंकों के साथ पॉइंट्स टेबल में शीर्ष स्थान पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। वहीं लखनऊ सुपर जायंट्स की लगातार तीसरी हार ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मैच का हाल पहले बल्लेबाजी करते हुए पंजाब किंग्स ने 7 विकेट के नुकसान पर 254 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में Lucknow Super Giants 20 ओवर में 5 विकेट पर 200 रन ही बना सकी। एलएसजी के लिए Rishabh Pant ने 43 रन, Aiden Markram ने 42 रन, Mitchell Marsh ने 40 रन और Ayush Badoni ने 35 रन का योगदान दिया, लेकिन टीम लक्ष्य से काफी दूर रह गई।
आईपीएल 2026 के 22वें मुकाबले में Kolkata Knight Riders (KKR) को Chennai Super Kings (CSK) के खिलाफ 32 रनों से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही KKR के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज हो गया, जो टीम के इतिहास में पहली बार देखने को मिला है। इतिहास में पहली बार बना ये अनचाहा रिकॉर्ड यह IPL इतिहास का पहला मौका है जब KKR अपनी शुरुआती 5 मैचों में एक भी जीत दर्ज नहीं कर सकी है। टीम ने अब तक 5 मुकाबले खेले हैं, जिसमें 4 में हार और 1 मुकाबला बेनतीजा रहा है। इस खराब शुरुआत ने टीम की रणनीति और प्रदर्शन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मैच का पूरा हाल चेन्नई के एमए चिदंबरम क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में CSK ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 192 रन बनाए। CSK की ओर से संजू सैमसन – 48 रन डेवाल्ड ब्रेविस – 41 रन आयुष म्हात्रे – 38 रन ने अहम योगदान दिया, जबकि कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ सस्ते में आउट हो गए। KKR की बल्लेबाजी रही फ्लॉप 193 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए KKR की शुरुआत बेहद खराब रही। फिन एलन – 1 रन सुनील नरेन – 24 रन कप्तान अजिंक्य रहाणे – 24 रन मिडिल ऑर्डर भी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। रिंकू सिंह – 6 रन कैमरून ग्रीन – 0 रन हालांकि, रोवमैन पॉवेल (31 रन) और रमनदीप सिंह (35 रन) ने 63 रनों की साझेदारी कर कुछ उम्मीद जगाई, लेकिन टीम को जीत तक नहीं पहुंचा सके। KKR 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 160 रन ही बना सकी। CSK की घातक गेंदबाजी CSK की ओर से नूर अहमद ने 21 रन देकर 3 विकेट लिए अंशुल कंबोज ने 2 विकेट चटकाए और KKR की बल्लेबाजी को पूरी तरह से दबाव में रखा। KKR के लिए यह सीजन अब तक बेहद निराशाजनक रहा है। शुरुआती 5 मैचों में जीत का खाता न खुलना टीम के लिए बड़ा झटका है। अगर टीम को प्लेऑफ की दौड़ में बने रहना है, तो आने वाले मैचों में रणनीति और प्रदर्शन दोनों में बड़ा बदलाव करना होगा।
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में Lucknow Super Giants ने Kolkata Knight Riders को आखिरी गेंद तक चले मैच में 3 विकेट से हरा दिया। इस जीत के हीरो बने युवा बल्लेबाज Mukul Chaudhary, जिनकी नाबाद अर्धशतकीय पारी ने मैच का पूरा रुख बदल दिया। दबाव में खेली मैच जिताऊ पारी मुकुल चौधरी ने अपनी पारी की शुरुआत बेहद धीमी की, पहली 8 गेंदों में केवल 2 रन। लेकिन इसके बाद उन्होंने आक्रामक अंदाज अपनाते हुए 7 छक्कों की मदद से नाबाद 54 रन ठोक दिए। खास बात यह रही कि उन्होंने Vaibhav Arora की गेंद पर Mahendra Singh Dhoni के स्टाइल में शानदार हेलीकॉप्टर शॉट खेलकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। आखिरी ओवर का रोमांच एलएसजी को अंतिम ओवर में 14 रन की जरूरत थी। चौधरी ने दबाव झेलते हुए पांचवीं गेंद पर छक्का लगाकर स्कोर बराबर किया और आखिरी गेंद पर एक रन लेकर टीम को यादगार जीत दिलाई। संजीव गोयनका का वायरल रिएक्शन जैसे ही जीत मिली, टीम के मालिक Sanjiv Goenka अपनी खुशी को रोक नहीं पाए। वह मैदान पर दौड़ते हुए पहुंचे और मुकुल चौधरी को गले लगा लिया। यह भावुक पल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। टीम का योगदान एलएसजी के लिए Ayush Badoni ने भी 54 रनों की अहम पारी खेली, जिससे टीम मुकाबले में बनी रही। वहीं कप्तान Rishabh Pant और अन्य बल्लेबाज सस्ते में आउट हो गए थे, लेकिन चौधरी और बडोनी की साझेदारी ने मैच पलट दिया। KKR की पारी पहले बल्लेबाजी करते हुए केकेआर ने 4 विकेट पर 181 रन बनाए। Ajinkya Rahane और Angkrish Raghuvanshi ने शानदार साझेदारी की, जबकि अंत में Rovman Powell और Cameron Green ने टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। हालांकि, एलएसजी के गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में वापसी करते हुए केकेआर को 200 के पार जाने से रोक दिया।
आईपीएल 2026 के 14वें मुकाबले में Delhi Capitals और Gujarat Titans आमने-सामने होंगे, लेकिन इस हाई-वोल्टेज मैच से पहले सबसे बड़ा सवाल मौसम को लेकर है। हाल ही में बारिश के कारण कई मुकाबले प्रभावित हुए हैं, ऐसे में फैंस की नजरें अब दिल्ली के आसमान पर टिकी हैं। यह मुकाबला Arun Jaitley Stadium में खेला जाएगा, जहां बीती रात तेज बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार दोपहर 1 बजे के आसपास बारिश की संभावना करीब 47% तक पहुंच सकती है, खासकर 1 से 3 बजे के बीच हल्की से मध्यम बारिश की आशंका जताई गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि शाम के समय मौसम के साफ रहने की उम्मीद है। मैच के दौरान बारिश की संभावना काफी कम बताई जा रही है, लेकिन आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। तापमान 17 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जिससे खिलाड़ियों को ज्यादा परेशानी नहीं होगी। दिल्ली की नजरें जीत की हैट्रिक पर Delhi Capitals इस मैच में जीत की हैट्रिक लगाने के इरादे से उतरेगी। टीम के लिए समीर रिजवी शानदार फॉर्म में हैं, जबकि KL Rahul और नीतीश राणा की फॉर्म चिंता का विषय बनी हुई है। गेंदबाजी में मुकेश कुमार और कुलदीप यादव ने अब तक अच्छा प्रदर्शन किया है। गुजरात को पहली जीत की तलाश दूसरी ओर Gujarat Titans इस सीजन में अब तक जीत का खाता नहीं खोल पाई है। टीम को अपने कप्तान Shubman Gill की वापसी से मजबूती मिलने की उम्मीद है। साई सुदर्शन ने बल्ले से प्रभावित किया है, लेकिन बाकी बल्लेबाजों का साथ नहीं मिल पाया। गेंदबाजी में राशिद खान और मोहम्मद सिराज जैसे बड़े नाम अब तक उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए हैं, जिससे टीम दबाव में है। क्या पूरा मैच होगा? मौसम के मौजूदा पूर्वानुमान को देखें तो फैंस को पूरा 20 ओवर का मैच देखने को मिल सकता है। हालांकि, मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए हल्की देरी या बाधा से इनकार नहीं किया जा सकता।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पाकिस्तान के उभरते सितारे Sahibzada Farhan को शानदार प्रदर्शन का बड़ा इनाम मिला है। International Cricket Council (ICC) ने उन्हें फरवरी 2026 के लिए ‘मेन्स प्लेयर ऑफ द मंथ’ चुना है। यह सम्मान उन्हें ICC Men's T20 World Cup 2026 में उनके धमाकेदार प्रदर्शन के लिए दिया गया है, जहां उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से रिकॉर्ड बुक में खास जगह बना ली। रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन से जीता दिल साहिबजादा फरहान ने पूरे टूर्नामेंट में कुल 383 रन बनाए, जो इस एडिशन में सबसे ज्यादा रहे। उन्होंने दो शतक लगाए वह टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में एक ही संस्करण में दो शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए उनका पहला शतक नामीबिया के खिलाफ आया, जहां उन्होंने 58 गेंदों में 100 रन ठोके। दूसरा शतक श्रीलंका के खिलाफ पल्लेकेले में आया, जिसमें उन्होंने अपने ओपनिंग पार्टनर Fakhar Zaman के साथ 176 रन की शानदार साझेदारी की। टीम के लिए अकेले संभाला मोर्चा पूरे टूर्नामेंट में फरहान ने पाकिस्तान की बल्लेबाजी की जिम्मेदारी लगभग अकेले ही संभाली। मुश्किल परिस्थितियों में भी उनकी निरंतरता और आक्रामकता ने उन्हें इस अवॉर्ड का सबसे मजबूत दावेदार बनाया। फरहान ने अवॉर्ड मिलने पर कहा कि यह उनके लिए “अविश्वसनीय एहसास” है और दुनियाभर के फैंस का समर्थन इसे और खास बनाता है। PCB विवादों के बीच आई राहत टूर्नामेंट से पाकिस्तान के बाहर होने के बाद Pakistan Cricket Board (PCB) पर खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई की खबरें सामने आई थीं। हालांकि बोर्ड ने इन दावों को खारिज कर दिया और कहा कि कोई दंडात्मक कदम नहीं उठाया गया है, लेकिन भविष्य में जवाबदेही सुनिश्चित करने के उपाय किए जाएंगे। ऐसे माहौल में फरहान का यह अवॉर्ड पाकिस्तान क्रिकेट के लिए एक बड़ी सकारात्मक खबर बनकर सामने आया है।
Indian Premier League 2026 के आगाज से पहले राजस्थान रॉयल्स ने बड़ा फैसला लेते हुए संजू सैमसन के बाद टीम की कमान रियान पराग को सौंप दी है। इस फैसले ने क्रिकेट जगत में चर्चा तेज कर दी, जिस पर अब टीम के हेड कोच कुमार संगकारा ने खुलकर अपनी बात रखी है। खराब प्रदर्शन के बाद बड़े बदलाव IPL 2025 में राजस्थान रॉयल्स का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था। टीम ने केवल 4 मैच जीते, जबकि 10 मुकाबलों में हार झेलनी पड़ी और अंक तालिका में 9वें स्थान पर रही। इसी खराब प्रदर्शन के बाद फ्रेंचाइजी ने टीम संयोजन और नेतृत्व दोनों में बड़े बदलाव करने का निर्णय लिया। टीम को संतुलित करने पर फोकस कुमार संगकारा के अनुसार, इस बार टीम ने अपनी कमजोरियों पर खास काम किया है। स्पिन विभाग को मजबूत करने के लिए रवि बिश्नोई को शामिल किया गया ऑलराउंडर विकल्प बढ़ाने के लिए रवींद्र जडेजा और सैम करन को टीम में जोड़ा गया इन बदलावों से टीम को संतुलन और लचीलापन मिलने की उम्मीद है, खासकर विदेशी खिलाड़ियों के चयन में। रियान पराग को कप्तान क्यों चुना गया? कप्तानी के फैसले पर संगकारा ने साफ कहा कि यह पूरी तरह योग्यता और नेतृत्व क्षमता के आधार पर लिया गया निर्णय है। उन्होंने बताया कि रियान पराग को उन्होंने किशोर उम्र से देखा है और अब उनमें काफी परिपक्वता आ चुकी है। संगकारा के मुताबिक, पराग में टीम को साथ लेकर चलने की क्षमता है दबाव में निर्णय लेने की समझ विकसित हुई है वे एक जिम्मेदार खिलाड़ी और इंसान के रूप में उभरे हैं उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चयन में किसी क्षेत्रीय पहचान या अन्य बाहरी कारकों का कोई असर नहीं था। चयन प्रक्रिया रही कड़ी राजस्थान रॉयल्स ने नए कप्तान के चयन के लिए कई खिलाड़ियों पर विचार किया और एक सख्त इंटरव्यू प्रक्रिया अपनाई। अंत में टीम मैनेजमेंट इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि रियान पराग ही इस भूमिका के लिए सबसे उपयुक्त हैं। आगे की राह टीम मैनेजमेंट और कोचिंग स्टाफ को भरोसा है कि रियान पराग की कप्तानी में टीम बेहतर प्रदर्शन करेगी। संगकारा ने कहा कि योजना बनाना जरूरी है, लेकिन असली सफलता मैदान पर प्रदर्शन से तय होगी। टीम का फोकस अब खिलाड़ियों के बीच तालमेल और आत्मविश्वास बढ़ाने पर है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।