Jharkhand में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र का असर अब राज्य के कई हिस्सों में दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग ने 16 से 21 मई तक झारखंड के कई जिलों में तेज आंधी, वज्रपात और बारिश की संभावना जताई है। इसे देखते हुए 17 और 18 मई के लिए कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 17 मई को इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार 17 मई को Ranchi समेत धनबाद, कोडरमा, हजारीबाग, बोकारो, रामगढ़, गिरिडीह, देवघर, दुमका, जामताड़ा, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। इसके साथ वज्रपात और बारिश की भी संभावना है। स्थिति को देखते हुए इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं राज्य के अन्य हिस्सों में बादल छाए रहने, 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और कहीं-कहीं बारिश व वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। 18 मई को भी खराब रहेगा मौसम 18 मई को भी मौसम में ज्यादा राहत मिलने के संकेत नहीं हैं। मौसम विभाग ने रांची, धनबाद, कोडरमा, हजारीबाग, बोकारो, रामगढ़, चतरा, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई है। इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है और वज्रपात की आशंका भी बनी हुई है। इसलिए इन क्षेत्रों के लिए फिर से ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बाकी जिलों में येलो अलर्ट लागू रहेगा। इन जिलों में लू का असर एक तरफ जहां कई जिलों में बारिश और आंधी का खतरा है, वहीं दूसरी तरफ राज्य के कुछ हिस्सों में गर्मी का असर भी जारी रहेगा। Garhwa, Palamu और Latehar में 16 से 18 मई तक लू चलने की संभावना जताई गई है। वहीं 17 मई को चतरा जिले में भी हीटवेव की स्थिति बन सकती है। मेदिनीनगर के तापमान में बड़ी गिरावट लगातार मौसम बदलने के बीच Medininagar के तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। गुरुवार को यहां अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस था, लेकिन अगले 24 घंटों में तापमान करीब 5 डिग्री गिरकर 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और वज्रपात के समय खुले स्थानों से दूर रहने की अपील की है।
रांची समेत कई जिलों में तेज हवाओं और वज्रपात का खतरा Jharkhand में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। मंगलवार को राजधानी Ranchi समेत कई जिलों में तेज आंधी और बारिश देखने को मिली। खराब मौसम के कारण कई जगहों पर पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। कुछ इलाकों में पेड़ कारों और ई-रिक्शा पर भी गिर पड़े। मौसम विभाग ने 13 और 14 मई के लिए राज्य के कई हिस्सों में येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 18 मई तक राज्य में आंधी, बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का असर बना रह सकता है। इन जिलों में जारी हुआ येलो अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक 13 और 14 मई को पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, हजारीबाग और कोडरमा को छोड़कर बाकी अधिकांश जिलों में मौसम खराब रह सकता है। Ranchi सहित कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 15 मई को ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी 15 मई को मौसम और ज्यादा खराब हो सकता है। मौसम विभाग ने Ranchi, Khunti, Ramgarh, Bokaro, Giridih, Dhanbad, Dumka, Jamtara, Deoghar, Godda, Sahibganj और Pakur में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी, बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है। 18 मई तक जारी रहेगा मौसम का असर मौसम विभाग के अनुसार 17 और 18 मई को भी राज्य के उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। लगातार बदलते मौसम के कारण लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। पलामू में फिर बढ़ी गर्मी एक तरफ राज्य के कई हिस्सों में बारिश हो रही है, वहीं Medininagar में गर्मी का असर बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को यहां अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों में तापमान में 2.2 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है, जिससे लोगों को तेज धूप और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ा। वहीं Bokaro का अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले 24 घंटों में 2.4 डिग्री कम रहा।
बिहार में भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे के भीतर राज्य के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। कई जिलों में बारिश, तेज हवा और गरज के साथ बादल सक्रिय होंगे, जिससे तापमान में गिरावट आने की संभावना है। मौसम विभाग का ताजा पूर्वानुमान मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, शनिवार को पूर्वी चंपारण और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश की शुरुआत हो सकती है। यह सिस्टम 26 अप्रैल तक पूरे उत्तर बिहार में फैल जाएगा, जिसका असर राजधानी पटना समेत कई जिलों के तापमान पर पड़ेगा। 27 अप्रैल तक उत्तर और दक्षिण बिहार के अधिकांश हिस्सों में बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को तपती गर्मी से राहत मिलेगी। इन 12 जिलों में अलर्ट जारी मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 24 घंटे के दौरान जिन जिलों में बारिश और तेज हवा की चेतावनी दी है, उनमें शिवहर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा, भागलपुर, खगड़िया, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज और अररिया शामिल हैं। इन इलाकों में गरज के साथ बारिश और तेज हवा चलने की संभावना है। किसानों और आम लोगों के लिए सलाह मौसम विभाग ने खासतौर पर किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खराब मौसम के दौरान खेतों में काम करने से बचने और सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की गई है। शुक्रवार को कैसा रहा मौसम शुक्रवार को राज्य के अधिकतर हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। डेहरी में सबसे अधिक 44 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। कई जिलों में लू जैसी स्थिति बनी रही, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पटना का हाल राजधानी पटना में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस रहा। शनिवार को भी तापमान 40 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है, लेकिन रविवार से इसमें धीरे-धीरे गिरावट आएगी।
झारखंड में पिछले कई दिनों से जारी भीषण गर्मी के बीच अब राहत के संकेत मिल रहे हैं। राज्य के विभिन्न हिस्सों में तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ऐसे में India Meteorological Department (आईएमडी) के ताजा पूर्वानुमान ने लोगों को कुछ राहत की उम्मीद दी है। मौसम विभाग के अनुसार, 24, 25 और 26 अप्रैल के दौरान राज्य के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, आंधी और तेज हवाओं की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे तापमान में गिरावट आने के आसार हैं। चार जिलों में लू का अलर्ट जारी हालांकि राहत के संकेतों के बीच मौसम विभाग ने चार जिलों–दुमका, जामताड़ा, धनबाद और बोकारो–में लू (हीटवेव) को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में तापमान काफी ऊंचा रहने की संभावना है, जिससे लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है। कई क्षेत्रों में व्यापक बारिश की संभावना पूर्वानुमान के मुताबिक, 24 अप्रैल को उत्तर-पूर्वी झारखंड के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। वहीं 25 अप्रैल को उत्तर-पूर्वी, दक्षिणी और मध्य क्षेत्रों में भी वर्षा की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि रविवार तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है। तापमान में धीरे-धीरे आएगी गिरावट आईएमडी रांची के उप निदेशक अभिषेक आनंद के अनुसार, अगले तीन दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। लेकिन इसके बाद 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। डाल्टनगंज रहा सबसे गर्म पिछले 24 घंटों में पलामू के डाल्टनगंज में सबसे अधिक 43.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इसके अलावा जमशेदपुर और चाईबासा में 42.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया, जो राज्य में गर्मी की गंभीर स्थिति को दर्शाता है। मौसम का मिला-जुला असर आने वाले दिनों में झारखंड में मौसम का मिश्रित प्रभाव देखने को मिलेगा। एक ओर लू की स्थिति बनी रहेगी, वहीं दूसरी ओर बारिश और तेज हवाएं राहत देने का काम करेंगी। यह बदलाव खासतौर पर किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे समय-समय पर मौसम अपडेट पर नजर रखें और आवश्यक सावधानियां बरतें, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें।
झारखंड में अप्रैल की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। राजधानी Ranchi में तापमान तेजी से बढ़ रहा है, जिससे आम लोगों की परेशानी भी बढ़ने लगी है। मौसम के इस अचानक बदलाव ने संकेत दे दिए हैं कि इस साल गर्मी जल्दी और ज्यादा असरदार हो सकती है। रांची में पारा 37.8°C के पार बुधवार को रांची का अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटों में 2.6 डिग्री की बढ़ोतरी दर्शाता है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को झुलसाना शुरू कर दिया है। दो दिन लू चलने की चेतावनी मौसम विभाग के अनुसार 17 और 18 अप्रैल को रांची सहित राज्य के 13 जिलों में लू चलने की संभावना है। इन दिनों में दोपहर के समय बाहर निकलना खतरनाक साबित हो सकता है, क्योंकि गर्म हवाएं और तेज धूप शरीर पर सीधा असर डालेंगी। उत्तर-पूर्वी इलाकों में हल्की राहत जहां एक ओर राज्य के ज्यादातर हिस्सों में गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा, वहीं 16 और 17 अप्रैल को उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में आंशिक बादल और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि रांची और आसपास के इलाकों में मौसम शुष्क ही बना रहेगा। मेदिनीनगर सबसे ज्यादा गर्म झारखंड में सबसे ज्यादा तापमान Medininagar में दर्ज किया गया, जहां पारा 42.6 डिग्री तक पहुंच गया। इसके अलावा Jamshedpur में 40.2°C और Bokaro में 38.2°C तापमान रिकॉर्ड किया गया। राज्य के सभी जिलों में तापमान अब 33 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह मौसम विभाग ने लोगों को तेज धूप और लू से बचने की सलाह दी है। खासतौर पर दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें, सिर ढककर निकलें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। India Meteorological Department (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 14 अप्रैल को जहां एक ओर कई राज्यों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की गई है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर और मध्य भारत के बड़े हिस्से भीषण गर्मी की चपेट में आने वाले हैं। इन राज्यों में तूफान और बारिश का अलर्ट IMD ने West Bengal, Sikkim, Assam, Meghalaya, Nagaland, Mizoram, Tripura, Karnataka और Kerala में तेज बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है। इन इलाकों में 40 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, साथ ही बिजली गिरने का भी खतरा है। किसानों को खास सतर्कता बरतने और खुले में काम करने से बचने की सलाह दी गई है। उत्तर भारत में बढ़ेगी गर्मी Delhi-NCR, Uttar Pradesh, Bihar, Madhya Pradesh और Rajasthan में अब गर्मी का प्रकोप तेज होने वाला है। दिल्ली में तापमान 36–38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि लखनऊ और भोपाल जैसे शहरों में भी पारा 38 डिग्री के करीब रहने का अनुमान है। पहाड़ी राज्यों में बदलेगा मौसम Himachal Pradesh, Uttarakhand और Jammu and Kashmir में 14 से 17 अप्रैल के बीच मौसम करवट ले सकता है। कई इलाकों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में तेज बारिश West Bengal और Assam में तेज बारिश, आंधी और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। इन इलाकों में 50 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। दक्षिण भारत में भी असर Kerala और Tamil Nadu के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है, जिससे गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि, राज्य के कई हिस्सों में तापमान में 2-3 डिग्री तक बढ़ोतरी भी दर्ज की जा सकती है। प्रमुख शहरों का तापमान (14 अप्रैल) दिल्ली: 37°C / 23°C मुंबई: 32°C / 27°C चेन्नई: 34°C / 27°C कोलकाता: 37°C / 27°C लखनऊ: 38°C / 24°C पटना: 37°C / 22°C भोपाल: 38°C / 26°C जयपुर: 37°C / 24°C
झारखंड में आने वाले दिनों में मौसम तेजी से बदलने वाला है। एक ओर जहां तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है, वहीं दूसरी ओर 27 और 28 मार्च को बारिश और मेघ गर्जन की संभावना जताई गई है। भारतीय मौसम विभाग ने इसे लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। तापमान में तेज बढ़ोतरी के संकेत मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों में राज्य के अधिकतम तापमान में 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है। 24 से 26 मार्च तक मौसम शुष्क रहेगा, जिससे गर्मी का असर और बढ़ेगा। 27-28 मार्च को बारिश और गरज के आसार 27 और 28 मार्च को झारखंड के कई हिस्सों में अचानक मौसम बदल सकता है। इस दौरान मेघ गर्जन, तेज हवाएं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। येलो अलर्ट का मतलब है कि मौसम सामान्य जीवन को प्रभावित कर सकता है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। तेज धूप से बढ़ेगा UV किरणों का खतरा भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि साफ आसमान और तेज धूप के कारण अल्ट्रावॉयलेट (UV) किरणों का प्रभाव बढ़ सकता है। खासतौर पर दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बाहर निकलना जोखिम भरा हो सकता है। इन जिलों में बढ़ी गर्मी राज्य के कई जिलों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है: सरायकेला: 34.4°C (सबसे अधिक) मेदिनीनगर: 33.6°C जमशेदपुर: 33.5°C बोकारो: 33.1°C रांची: 27.9°C (4.2 डिग्री की बढ़ोतरी) चाईबासा में 35°C तक पहुंच सकता है पारा कोल्हान क्षेत्र के चाईबासा में अगले 24 घंटों में तापमान 34 से 35 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है। रात की ठंडक अब धीरे-धीरे खत्म हो रही है और गर्मी का असर बढ़ने लगा है। कई जिलों में 36-37°C तक जाएगा तापमान देवघर, धनबाद, जामताड़ा और गोड्डा में तापमान 35-36 डिग्री तक पहुंच सकता है। वहीं चतरा, गढ़वा और पलामू में पारा 36 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। दक्षिणी झारखंड के सिंहभूम इलाके में तापमान 37 डिग्री तक जा सकता है। 29 मार्च से फिर साफ होगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, 29 मार्च के बाद फिर से मौसम साफ हो जाएगा और शुष्क स्थिति लौट आएगी। लोगों के लिए जरूरी सलाह दोपहर में तेज धूप से बचें अधिक मात्रा में पानी पिएं हल्के और ढीले कपड़े पहनें बाहर निकलते समय सिर ढकें बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें
उत्तर भारत में मार्च के आखिर में अचानक बदले मौसम ने सभी को हैरान कर दिया है। दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में लगातार बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि ने भीषण गर्मी से राहत तो दी है, लेकिन इसके पीछे का कारण असामान्य और दुर्लभ माना जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बार एक बेहद खास और लंबा सिस्टम सक्रिय हुआ है, जिसने अफगानिस्तान से लेकर भारत तक करीब 1000 किलोमीटर लंबी बादलों की सीधी पट्टी बना दी है। क्या है इस अचानक बदलाव की वजह? इस मौसम परिवर्तन की मुख्य वजह एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ है, जो इस समय उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर बना हुआ है। यह ऊपरी हवा में बनने वाला चक्रवाती सिस्टम है, जो बारिश, तेज हवाएं और ठंडक लेकर आता है। इसकी वजह से 40 से 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं, कई जगहों पर ओले गिरे हैं और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी भी हुई है। क्यों खास है इस बार का सिस्टम? आमतौर पर पश्चिमी विक्षोभ सर्दियों (दिसंबर से फरवरी) तक सीमित रहते हैं। लेकिन इस बार का सिस्टम कई मायनों में अलग है- यह एक सीधी ट्रफ (रेखा) के रूप में फैला है करीब 1000 किमी लंबा है मार्च के अंत में भी बेहद सक्रिय है सामान्यतः इस समय तक जेट स्ट्रीम कमजोर होकर उत्तर की ओर खिसक जाती है, जिससे ऐसे सिस्टम दुर्लभ हो जाते हैं। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। कहां से मिल रही है इतनी नमी? इस शक्तिशाली सिस्टम को नमी कई समुद्री स्रोतों से मिल रही है- भूमध्य सागर कैस्पियन सागर काला सागर फारस की खाड़ी और अरब सागर इन सभी स्रोतों से आई नमी ने इस सिस्टम को और मजबूत बना दिया है, जिससे व्यापक बारिश हो रही है। दिल्ली में टूटा 3 साल का रिकॉर्ड दिल्ली में मार्च महीने में हुई इस बारिश ने पिछले तीन साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। तापमान में करीब 7 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई है, जिससे मौसम ठंडा हो गया है। क्या यह ‘न्यू नॉर्मल’ बन रहा है? मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में मौसम के पैटर्न तेजी से बदल रहे हैं। ग्लोबल वार्मिंग और जेट स्ट्रीम के व्यवहार में बदलाव के कारण अब पश्चिमी विक्षोभ का असर पहले से ज्यादा लंबे समय तक देखने को मिल रहा है। जो सिस्टम पहले फरवरी तक खत्म हो जाते थे, वे अब मार्च और अप्रैल तक सक्रिय रह रहे हैं। आगे क्या रहेगा मौसम का हाल मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत में बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद एक और हल्का पश्चिमी विक्षोभ 22 मार्च के आसपास दस्तक दे सकता है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।