Allu Arjun

Raaka
Raaka में दीपिका के रोल पर उठे सवाल, मेकर्स ने तोड़ी चुप्पी

मुंबई, एजेंसियां। हाल ही में अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी की घोषणा के बाद दीपिका पादुकोण  सुर्खियों में हैं। इसी बीच उनकी आगामी फिल्म 'राका' को लेकर कई तरह की अफवाहें सामने आईं। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि प्रेग्नेंसी के कारण फिल्म में उनका रोल छोटा किया जा सकता है या उन्हें रिप्लेस भी किया जा सकता है।   मेकर्स ने अफवाहों को बताया बेबुनियाद इन चर्चाओं पर अब फिल्म की टीम ने स्पष्ट प्रतिक्रिया दी है। मेकर्स ने सभी अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि फिल्म की शूटिंग पूरी तरह योजना के अनुसार चल रही है। उन्होंने साफ किया कि दीपिका का किरदार फिल्म में बेहद अहम है और उनके रोल में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। टीम के मुताबिक, शूटिंग सेट पर ऊर्जा और उत्साह के साथ काम जारी है।   प्रेग्नेंसी के दौरान भी जारी शूटिंग रिपोर्ट्स के अनुसार, दीपिका इस समय भी फिल्म के लिए मेहनत वाले सीन शूट कर रही हैं। इतना ही नहीं, वह अपनी प्रेग्नेंसी के दौरान भी शूटिंग जारी रखने वाली हैं। इससे यह साफ हो गया है कि उनका फिल्म में पूरा और मजबूत रोल बरकरार रहेगा।   फैंस में खुशी का माहौल 19 अप्रैल को रणवीर सिंह और दीपिका ने सोशल मीडिया पर दूसरी प्रेग्नेंसी की खबर साझा की थी। इस पोस्ट में उनकी बेटी दुआ नजर आई, जिसके बाद फैंस और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने उन्हें ढेरों बधाइयां दीं।   ‘राका’ को लेकर बढ़ी उत्सुकता Allu Arjun और निर्देशक Atlee की यह फिल्म खास चर्चा में है। यह दीपिका और अल्लू अर्जुन का पहला साथ काम है। फिल्म का फर्स्ट लुक पहले ही दर्शकों का ध्यान खींच चुका है और इसे 2027 में रिलीज करने की योजना है।

Anjali Kumari अप्रैल 24, 2026 0
Deepika Padukone performing action scene on Raaka set during pregnancy shoot
दीपिका पादुकोण की ‘Raaka’ में भूमिका को लेकर अफवाहों पर विराम, मेकर्स ने कहा–कहीं कोई कटौती नहीं

  साउथ सुपरस्टार Allu Arjun और निर्देशक Atlee की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘Raaka’ को लेकर चल रही अटकलों पर आखिरकार विराम लग गया है। अभिनेत्री Deepika Padukone की दूसरी प्रेग्नेंसी की खबर सामने आने के बाद यह चर्चा तेज हो गई थी कि फिल्म में उनका रोल छोटा कर दिया जाएगा या उन्हें रिप्लेस किया जा सकता है। अब फिल्म के निर्माताओं ने इन सभी अफवाहों को खारिज कर दिया है। मेकर्स ने दी सफाई फिल्म से जुड़े सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि ‘Raaka’ की शूटिंग तय योजना के अनुसार जारी है और दीपिका पादुकोण इस प्रोजेक्ट में एक बेहद अहम भूमिका निभा रही हैं। टीम के अनुसार, सेट पर काम पूरी ऊर्जा के साथ चल रहा है और किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। प्रेग्नेंसी के दौरान भी जारी शूटिंग दीपिका पादुकोण ने हाल ही में अपने पति Ranveer Singh के साथ दूसरी प्रेग्नेंसी की घोषणा की, जिससे उनके फैंस काफी खुश हैं। इसके बावजूद, वह ‘Raaka’ की शूटिंग जारी रखे हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभिनेत्री फिल्म में एक्शन सीक्वेंस भी शूट कर रही हैं, हालांकि सभी जरूरी सावधानियों के साथ। पहले भी प्रेग्नेंसी में किया काम यह पहली बार नहीं है जब दीपिका प्रेग्नेंसी के दौरान काम कर रही हैं। इससे पहले, 2024 में अपनी पहली प्रेग्नेंसी के दौरान उन्होंने फिल्म Kalki 2898 AD की शूटिंग की थी और प्रमोशनल इवेंट्स में भी सक्रिय रूप से हिस्सा लिया था। ‘Raaka’ में दूसरी बार Atlee के साथ सहयोग ‘Raaka’ में दीपिका और Atlee की यह दूसरी साझेदारी है। फिल्म का अनाउंसमेंट वीडियो पहले ही रिलीज हो चुका है, जिसमें दीपिका के दमदार एक्शन अवतार की झलक देखने को मिली थी। वहीं, हाल ही में अल्लू अर्जुन के जन्मदिन पर फिल्म से उनका फर्स्ट लुक भी सामने आया, जिसमें उनका फियरस अंदाज नजर आया। इसके अलावा, दीपिका जल्द ही Shah Rukh Khan की फिल्म ‘King’ के कुछ हिस्सों की शूटिंग भी पूरी करेंगी।  

surbhi अप्रैल 23, 2026 0
Allu Arjun outside luxury Mumbai apartment amid reports of shifting from Hyderabad for film shoot
अल्लू अर्जुन के मुंबई शिफ्ट होने की चर्चा तेज, पिता ने किया साफ–हैदराबाद ही है असली घर

  साउथ सिनेमा के सुपरस्टार Allu Arjun इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म ‘राका’ को लेकर सुर्खियों में हैं। इसी बीच उनके मुंबई शिफ्ट होने की खबरों ने भी जोर पकड़ लिया है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि अभिनेता ने मुंबई के पॉश जुहू इलाके में समुद्र के सामने एक लग्जरी अपार्टमेंट किराए पर लिया है, जिसका मासिक किराया करीब 16 लाख रुपये है। हालांकि, इन अटकलों पर अब उनके पिता Allu Aravind ने स्पष्ट प्रतिक्रिया दी है। मुंबई शिफ्ट की खबरों पर क्या बोले पिता? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अल्लू अर्जुन ने जुहू तारा रोड पर लगभग 6,000 वर्ग फुट में फैला एक आलीशान 5BHK अपार्टमेंट किराए पर लिया है। बताया गया कि इस प्रॉपर्टी में स्विमिंग पूल, चार कार पार्किंग जैसी सुविधाएं भी मौजूद हैं और इसके लिए तीन साल का लीज एग्रीमेंट साइन किया गया है। लेकिन इन खबरों को खारिज करते हुए उनके पिता अल्लू अरविंद ने कहा कि अभिनेता का स्थायी ठिकाना Hyderabad ही है। उन्होंने साफ कहा कि फिल्म की शूटिंग के चलते मुंबई में अस्थायी रूप से रहना पड़ सकता है, लेकिन उनका घर और परिवार हैदराबाद में ही है। बच्चों की पढ़ाई और पारिवारिक जुड़ाव को देखते हुए मुंबई शिफ्ट होने का सवाल ही नहीं उठता। जुहू में होंगे इन सितारों के पड़ोसी जिस इलाके में अपार्टमेंट लेने की बात कही जा रही है, वहां कई बड़े सितारे रहते हैं। इसमें Katrina Kaif-Vicky Kaushal और Anushka Sharma-Virat Kohli जैसे नाम शामिल हैं। ऐसे में अगर अल्लू अर्जुन यहां रहते हैं, तो वे बॉलीवुड के कई बड़े चेहरों के पड़ोसी बन सकते हैं। परिवार के लिए लिया गया था अपार्टमेंट? रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि अल्लू अर्जुन चाहते थे कि उनकी पत्नी Sneha Reddy और बच्चे–अल्लू अयान और अल्लू अरहा–स्कूल की छुट्टियों में उनके साथ समय बिता सकें। इसी वजह से उन्होंने समुद्र के सामने वाली प्रॉपर्टी को चुना। हैदराबाद में बन रहा है नया आलीशान घर जहां एक तरफ मुंबई शिफ्ट होने की चर्चा है, वहीं दूसरी तरफ अभिनेता Hyderabad के जुबली हिल्स इलाके में अपने नए लग्जरी घर में शिफ्ट होने की तैयारी कर रहे हैं। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से बने इस घर में जल्द ही भव्य गृह प्रवेश समारोह आयोजित किया जाएगा। वर्कफ्रंट: ‘राका’ और बड़े प्रोजेक्ट्स की तैयारी अल्लू अर्जुन की अगली फिल्म ‘राका’ निर्देशक Atlee के साथ है, जिसमें उनके साथ Deepika Padukone नजर आएंगी। इसके अलावा वह निर्देशक Lokesh Kanagaraj के साथ भी एक बड़े प्रोजेक्ट पर काम करने वाले हैं।  

surbhi अप्रैल 23, 2026 0
Allu Arjun discussing profit sharing model after Pushpa success
फिक्स सैलरी नहीं लेते Allu Arjun, अपनाया अनोखा बिजनेस मॉडल; ऐसे बने भारत के सबसे महंगे स्टार्स में शामिल

तेलुगु सिनेमा के सुपरस्टार Allu Arjun सिर्फ अपनी दमदार एक्टिंग और स्क्रीन प्रेजेंस के लिए ही नहीं, बल्कि अपने स्मार्ट बिजनेस फैसलों के लिए भी चर्चा में रहते हैं। हाल ही में एक दिग्गज प्रोड्यूसर ने खुलासा किया कि अल्लू अर्जुन किसी फिल्म के लिए फिक्स फीस नहीं लेते, बल्कि एक खास प्रॉफिट-शेयरिंग मॉडल अपनाते हैं, जिसने उन्हें इंडस्ट्री के सबसे ज्यादा कमाई करने वाले एक्टर्स में शामिल कर दिया है। क्या है अल्लू अर्जुन का ‘30 पैसे प्रति रुपये’ मॉडल? जहां ज्यादातर कलाकार फिल्म साइन करते वक्त एक तय रकम लेते हैं, वहीं अल्लू अर्जुन ने इस पारंपरिक सिस्टम को पूरी तरह बदल दिया है। उनका फॉर्मूला बेहद सीधा है–फिल्म जितनी कमाई करेगी, उसका 30% हिस्सा उनका होगा। यानी अगर कोई फिल्म 1000 करोड़ कमाती है, तो करीब 300 करोड़ रुपये उन्हें मिलेंगे। वहीं अगर फिल्म 500 करोड़ कमाती है, तो उनकी कमाई लगभग 150 करोड़ रुपये होगी। रिस्क भी, रिवॉर्ड भी इस मॉडल में जहां कमाई का कोई तय आंकड़ा नहीं होता, वहीं रिस्क भी जुड़ा रहता है। अगर फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन नहीं करती, तो उनकी कमाई भी कम हो जाती है। लेकिन यही जोखिम उन्हें ज्यादा कमाने का मौका भी देता है–खासकर तब, जब फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित होती है। प्रोड्यूसर्स के लिए क्यों फायदेमंद है यह मॉडल? फिल्म निर्माता G Dhananjayan के मुताबिक, यह मॉडल प्रोड्यूसर्स के लिए भी बेहद फायदेमंद है। शुरुआती बजट कम रहता है ज्यादा कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ती ब्याज का बोझ घटता है फिल्म जल्दी मुनाफे में आ जाती है यानी यह मॉडल एक तरह से “विन-विन सिचुएशन” बनाता है, जहां स्टार और प्रोड्यूसर दोनों को फायदा मिलता है। स्टारडम का असर Pushpa 2: The Rule जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के बाद अल्लू अर्जुन का स्टारडम ग्लोबल लेवल पर पहुंच चुका है। यही वजह है कि उनकी फिल्मों की कमाई भी लगातार बढ़ती जा रही है, जिसका सीधा फायदा उन्हें इस मॉडल के जरिए मिलता है।  

surbhi अप्रैल 20, 2026 0
Allu Sirish and Nayanika Reddy at their grand wedding with South film stars
साउथ स्टार अल्लू सिरीश ने नयनिका रेड्डी संग रचाई शादी, समारोह में पहुंचे चिरंजीवी से लेकर अल्लू अर्जुन तक कई बड़े सितारे

  परिवार और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में हुई शादी तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री के अभिनेता Allu Sirish ने 6 मार्च 2026 को अपनी मंगेतर Nayanika Reddy के साथ शादी कर ली। यह विवाह समारोह बेहद निजी लेकिन भव्य अंदाज में आयोजित किया गया, जिसमें परिवार के सदस्यों और साउथ सिनेमा के कई नामी सितारों ने शिरकत की। कई महीनों की तैयारियों और प्री-वेडिंग समारोहों के बाद यह जोड़ा आखिरकार शादी के बंधन में बंध गया। खूबसूरत सजावट और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच आयोजित इस समारोह की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।   शादी में साउथ सिनेमा के दिग्गज सितारों की मौजूदगी इस खास मौके पर साउथ फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े सितारे शामिल हुए। सुपरस्टार Chiranjeevi भी समारोह में पहुंचे और उन्होंने दूल्हा-दुल्हन को आशीर्वाद दिया। इसके अलावा अभिनेता Varun Tej अपनी पत्नी Lavanya Tripathi के साथ शादी में शामिल हुए। दोनों को समारोह के बाद हाथों में हाथ डाले बाहर निकलते हुए देखा गया।   अल्लू अर्जुन ने संभाली मेहमानों की मेजबानी दूल्हे के बड़े भाई और सुपरस्टार Allu Arjun पूरे समारोह में मेहमानों की मेजबानी करते नजर आए। वह पारंपरिक सफेद और गोल्डन आउटफिट में दिखे। उनकी पत्नी Sneha Reddy नीले और सुनहरे रंग की सिल्क साड़ी में बेहद खूबसूरत लग रही थीं। खास बात यह भी रही कि इसी दौरान इस जोड़े ने अपनी शादी की 15वीं सालगिरह भी सेलिब्रेट की।   राम चरण और उपासना ने भी दी शुभकामनाएं शादी समारोह में हाल ही में माता-पिता बने Ram Charan और उनकी पत्नी Upasana Kamineni भी पहुंचे और नवविवाहित जोड़े को शुभकामनाएं दीं। इसके अलावा Pawan Kalyan, Raashi Khanna, Suriya, Sai Dharam Tej और निर्देशक Lokesh Kanagaraj समेत कई अन्य फिल्मी हस्तियां भी इस मौके पर मौजूद रहीं।   हैदराबाद में भव्य रिसेप्शन का आयोजन शादी के बाद नवदंपती ने Hyderabad में एक भव्य रिसेप्शन भी आयोजित किया। इस कार्यक्रम में फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नामों के साथ-साथ समाज और व्यवसाय जगत के प्रतिष्ठित लोगों ने भी हिस्सा लिया। अल्लू सिरीश और नयनिका रेड्डी की इस शाही शादी ने साउथ फिल्म इंडस्ट्री में खूब सुर्खियां बटोरी हैं और फैंस भी सोशल मीडिया पर इस जोड़े को लगातार बधाइयां दे रहे हैं।  

surbhi मार्च 7, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

Indian delegation at international cyber security meeting after India assumed CCDB chairmanship role
राष्ट्रीय

भारत को मिली बड़ी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी, संभाला CCDB के अध्यक्ष का पद

surbhi मई 15, 2026 0