BCCI

Chennai Super Kings captain Ruturaj Gaikwad during IPL 2026 match after BCCI fined team for slow over rate.
IPL 2026: हार के बाद CSK पर टूटा BCCI का कहर, रुतुराज गायकवाड़ समेत पूरी टीम पर भारी जुर्माना

Chennai Super Kings के लिए आईपीएल 2026 का सीजन बेहद निराशाजनक साबित हुआ। Gujarat Titans के खिलाफ मिली 89 रन की करारी हार के साथ टीम प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई। इसके तुरंत बाद Board of Control for Cricket in India ने स्लो ओवर रेट के मामले में कप्तान Ruturaj Gaikwad और पूरी टीम पर भारी जुर्माना लगा दिया। रुतुराज गायकवाड़ पर लगा 24 लाख का जुर्माना बीसीसीआई के अनुसार यह इस सीजन में दूसरा मौका था जब Chennai Super Kings ने स्लो ओवर रेट नियमों का उल्लंघन किया। नियमों के तहत: कप्तान Ruturaj Gaikwad पर 24 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया प्लेइंग इलेवन के बाकी खिलाड़ियों और इम्पैक्ट प्लेयर कार्तिक शर्मा पर 6 लाख रुपये या मैच फीस का 25% जुर्माना लगाया गया लगातार दूसरी बार नियम टूटने की वजह से सजा और ज्यादा कड़ी हो गई। गुजरात टाइटंस ने खड़ा किया विशाल स्कोर अहमदाबाद में खेले गए मुकाबले में Chennai Super Kings ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन यह दांव पूरी तरह उल्टा पड़ गया। Sai Sudharsan और Shubman Gill ने गुजरात को शानदार शुरुआत दिलाई। साई सुदर्शन – 84 रन शुभमन गिल – 64 रन दोनों ने पहले विकेट के लिए 125 रन की बड़ी साझेदारी की। इसके बाद Jos Buttler ने सिर्फ 27 गेंदों में नाबाद 57 रन बनाकर टीम को 4 विकेट पर 229 रन तक पहुंचा दिया। CSK की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखरी 230 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी Chennai Super Kings की शुरुआत बेहद खराब रही। Sanju Samson पहली ही गेंद पर Mohammed Siraj का शिकार बन गए और गोल्डन डक पर आउट हो गए। इसके बाद टीम लगातार विकेट गंवाती रही। मिडिल ऑर्डर में सिर्फ Shivam Dube ने संघर्ष करते हुए: 17 गेंदों में 47 रन की तेज पारी खेली, लेकिन बाकी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं कर सके। पूरी टीम 13.4 ओवर में सिर्फ 140 रन पर सिमट गई। गुजरात के गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन Gujarat Titans की ओर से गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। Mohammed Siraj – 3 विकेट Kagiso Rabada – 3 विकेट Rashid Khan – 3 विकेट तीनों गेंदबाजों ने मिलकर चेन्नई की बल्लेबाजी पूरी तरह ध्वस्त कर दी। CSK के लिए भूलने वाला सीजन पांच बार की चैंपियन Chennai Super Kings के लिए यह सीजन बेहद खराब रहा। टीम न तो लगातार अच्छा प्रदर्शन कर सकी और न ही प्लेऑफ तक पहुंच पाई। अब इस हार और जुर्माने के बाद टीम मैनेजमेंट और कप्तानी को लेकर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं।  

surbhi मई 22, 2026 0
IPL- 2026
IPL- 2026: CSK की हार के बाद BCCI का बड़ा एक्शन, ऋतुराज समेत पूरी टीम पर जुर्माना

नई दिल्ली, एजेंसियां। CSK का IPL 2026 अभियान गुजरात टाइटंस के खिलाफ करारी हार के साथ लगभग खत्म हो गया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में चेन्नई को 89 रन से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद टीम को एक और बड़ा झटका लगा, जब BCCI ने कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ और पूरी टीम पर भारी जुर्माना लगा दिया।   धीमी ओवर गति पर लगा जुर्माना BCCI ने बताया कि चेन्नई सुपर किंग्स ने गुजरात के खिलाफ मैच में तय समय के भीतर ओवर पूरे नहीं किए। यह इस सीजन दूसरी बार था जब टीम स्लो ओवर रेट की दोषी पाई गई। IPL आचार संहिता के अनुच्छेद 2.22 के तहत कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ पर 24 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। सिर्फ कप्तान ही नहीं, बल्कि प्लेइंग इलेवन और इम्पैक्ट प्लेयर सहित बाकी खिलाड़ियों पर भी छह लाख रुपये या मैच फीस का 25 प्रतिशत, जो भी कम हो, का जुर्माना लगाया गया है।   गुजरात ने हर विभाग में किया दबदबा मैच में Gujarat Titans ने शानदार प्रदर्शन किया। बल्लेबाजी में Sai Sudharsan ने 84 रन, Shubman Gill ने 64 रन और Jos Buttler ने नाबाद 57 रन बनाए। गुजरात ने 20 ओवर में 229 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में चेन्नई की पूरी टीम 13.4 ओवर में 140 रन पर ऑलआउट हो गई। गेंदबाजी में Mohammed Siraj, Kagiso Rabada और Rashid Khan ने तीन-तीन विकेट लेकर CSK की बल्लेबाजी ध्वस्त कर दी।   CSK की सबसे बड़ी हारों में शामिल यह हार IPL इतिहास में चेन्नई सुपर किंग्स की सबसे बड़ी हारों में से एक बन गई। इससे पहले 2013 में Mumbai Indians ने CSK को 60 रन से हराया था। अब प्लेऑफ में पहुंचने की चेन्नई की उम्मीदें भी लगभग खत्म हो चुकी हैं।

Anjali Kumari मई 22, 2026 0
Suryakumar Yadav and Shreyas Iyer during Team India discussions amid T20 captaincy change speculation
टीम इंडिया में बड़ा बदलाव! सूर्यकुमार यादव की जा सकती है कप्तानी, श्रेयस अय्यर बन सकते हैं नए T20 कप्तान

BCCI कर सकती है बड़ा फैसला (BCCI) जल्द ही भारतीय टी20 टीम की कप्तानी में बड़ा बदलाव कर सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक Suryakumar Yadav को टी20 कप्तानी से हटाया जा सकता है, जबकि Shreyas Iyer इस पद के सबसे बड़े दावेदार माने जा रहे हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चयन समिति सूर्यकुमार यादव के हालिया प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं है और अब टीम में नए नेतृत्व की तैयारी की जा रही है। खराब फॉर्म बना बड़ी वजह हालांकि सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीता था, लेकिन बल्लेबाजी में उनका प्रदर्शन लगातार सवालों के घेरे में रहा है। आईपीएल 2026 में भी वह उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। बताया जा रहा है कि मुंबई इंडियंस के लिए इस सीजन 10 मैचों में सूर्यकुमार सिर्फ 195 रन ही बना सके हैं। यही वजह है कि चयनकर्ता अब टीम में बदलाव पर विचार कर रहे हैं। चोट से भी जूझ रहे हैं सूर्यकुमार रिपोर्ट्स के अनुसार सूर्यकुमार यादव पिछले कुछ समय से कलाई की समस्या से परेशान हैं। कहा जा रहा है कि वह दर्द और असहजता के बावजूद लगातार खेल रहे हैं। ऐसे में उनकी फिटनेस को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इतना ही नहीं, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आगामी आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए उनकी टीम में जगह भी पूरी तरह पक्की नहीं मानी जा रही है। श्रेयस अय्यर की शानदार वापसी दूसरी ओर Punjab Kings के कप्तान श्रेयस अय्यर शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। उन्होंने आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स को शुरुआती सात मैचों में छह जीत दिलाई है। साथ ही उन्होंने 9 पारियों में 333 रन भी बनाए हैं। यही कारण है कि चयनकर्ता उन्हें टी20 टीम में वापसी के साथ कप्तानी सौंपने पर विचार कर रहे हैं। दो साल बाद हो सकती है T20 टीम में वापसी श्रेयस अय्यर ने पिछले दो साल से कोई टी20 इंटरनेशनल मुकाबला नहीं खेला है। उनका आखिरी टी20 मैच दिसंबर 2023 में था। इसके बावजूद मौजूदा फॉर्म और नेतृत्व क्षमता के कारण वह कप्तानी की रेस में सबसे आगे बताए जा रहे हैं। सूर्यकुमार का रिकॉर्ड फिर भी शानदार गौरतलब है कि रोहित शर्मा के संन्यास के बाद सूर्यकुमार यादव ने भारत की टी20 टीम की कमान संभाली थी। उनकी कप्तानी में टीम ने अब तक कोई टी20 सीरीज नहीं हारी है। ऐसे में अगर कप्तानी में बदलाव होता है तो यह फैसला काफी चौंकाने वाला माना जाएगा।  

surbhi मई 8, 2026 0
India and Bangladesh cricket team captains shaking hands before a bilateral match, symbolizing renewed sporting ties.India Bangladesh Cricket Relations 2026
भारत-बांग्लादेश क्रिकेट : बिगड़े रिश्तों को सुधारने की कोशिश, BCB का BCCI को खास संदेश

भारत और Bangladesh के बीच हालिया तनाव के बाद अब क्रिकेट कूटनीति में नई पहल देखने को मिल रही है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड यानी Bangladesh Cricket Board (BCB) ने Board of Control for Cricket in India को पत्र लिखकर रिश्तों को सुधारने की कोशिश की है। BCCI को भेजा गया विशेष संदेश BCB ने अपने पत्र में साफ संकेत दिया है कि बांग्लादेश की टीम भारत दौरे के लिए तैयार है। साथ ही, उसने भारत को इस साल के अंत में बांग्लादेश आकर द्विपक्षीय सीरीज़ खेलने का न्योता भी दिया है। यह पहल ऐसे समय में हुई है जब मौजूदा वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप चक्र के तहत भारत का बांग्लादेश दौरा प्रस्तावित है, जिससे इस घटनाक्रम का महत्व और भी बढ़ गया है। तनाव के बाद सुलह की कोशिश हाल के महीनों में दोनों देशों के क्रिकेट संबंधों में खटास आ गई थी। Kolkata Knight Riders द्वारा Mustafizur Rahman का आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट खत्म किए जाने के बाद विवाद बढ़ा। इसके जवाब में बांग्लादेश ने टी20 वर्ल्ड कप के लिए भारत आने से इनकार कर दिया था, जिसके चलते International Cricket Council ने उसे टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। इस घटनाक्रम से बांग्लादेश क्रिकेट को बड़ा नुकसान हुआ, जिसके बाद अब बोर्ड ने रिश्ते सुधारने की दिशा में कदम बढ़ाया है। नई व्यवस्था, नई रणनीति बांग्लादेश में हाल ही में क्रिकेट प्रशासन में बड़ा बदलाव हुआ है। पूर्व कप्तान Tamim Iqbal को अंतरिम समिति का प्रमुख बनाया गया है। नई व्यवस्था के तहत BCB अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग बढ़ाने और विवादों से दूर रहने की रणनीति अपना रहा है। ICC तक पहुंचा मामला वहीं, पूर्व बोर्ड प्रमुख Aminul Islam Bulbul ने अपने पद से हटाए जाने के बाद ICC का दरवाजा खटखटाया है, जिससे बांग्लादेश क्रिकेट में प्रशासनिक उथल-पुथल भी सामने आई है। बांग्लादेश का यह कदम साफ संकेत देता है कि वह भारत के साथ क्रिकेट रिश्तों को फिर से पटरी पर लाना चाहता है। अब नजर BCCI के रुख पर होगी कि वह इस प्रस्ताव को किस तरह देखता है। यदि दोनों बोर्ड सहमत होते हैं, तो आने वाले समय में फैंस को एक और रोमांचक द्विपक्षीय सीरीज़ देखने को मिल सकती है।  

surbhi अप्रैल 9, 2026 0
Shane Warne with Rajasthan Royals team during IPL highlighting his legacy and historic franchise deal value
शेन वॉर्न की दूरदर्शिता का कमाल: राजस्थान रॉयल्स की ऐतिहासिक डील से परिवार को मिलेंगे करीब 450 करोड़ रुपये

क्रिकेट इतिहास के महानतम स्पिनरों में शुमार Shane Warne एक बार फिर सुर्खियों में हैं-इस बार अपनी गेंदबाजी नहीं, बल्कि अपनी असाधारण व्यावसायिक समझ के कारण। इंडियन प्रीमियर लीग की फ्रेंचाइजी Rajasthan Royals की हालिया बिक्री ने यह साबित कर दिया है कि वॉर्न मैदान के साथ-साथ रणनीतिक सोच में भी ‘धुरंधर’ थे। 15,000 करोड़ की डील और वॉर्न परिवार को बड़ा फायदा राजस्थान रॉयल्स को हाल ही में करीब 1.63 अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग 15,000 करोड़ रुपये से अधिक) में एक अमेरिकी निवेशक समूह को बेच दिया गया। इस ऐतिहासिक डील के बाद शेन वॉर्न के परिवार को लगभग 450–460 करोड़ रुपये मिलने की संभावना है। यह लाभ किसी संयोग का परिणाम नहीं, बल्कि वॉर्न की वर्षों पहले की गई एक दूरदर्शी रणनीति का नतीजा है। 2008 में रखी थी अनोखी शर्त जब 2008 में IPL के पहले सीजन से पहले वॉर्न ने राजस्थान रॉयल्स के साथ करार किया, तब उन्होंने अपने कॉन्ट्रैक्ट में एक विशेष शर्त शामिल करवाई थी। इस शर्त के तहत उन्हें हर सीजन खेलने के बदले फ्रेंचाइजी में 0.75% इक्विटी (मालिकाना हिस्सा) दिया जाना था। वॉर्न ने टीम के लिए कुल चार सीजन खेले, जिससे उनका हिस्सा बढ़कर 3% हो गया। उस समय उनकी सैलरी करीब 9.35 करोड़ रुपये थी, लेकिन असली निवेश यह इक्विटी साबित हुई। 3% हिस्सेदारी बनी 450 करोड़ की संपत्ति आज जब राजस्थान रॉयल्स की वैल्यू 15,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है, तो वॉर्न की 3% हिस्सेदारी की कीमत लगभग 450–460 करोड़ रुपये हो चुकी है। यह रकम उनके परिवार को IPL 2026 सीजन के बाद मिलने की संभावना है, हालांकि इस डील को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (Board of Control for Cricket in India) की अंतिम मंजूरी मिलना अभी बाकी है। सिर्फ खिलाड़ी नहीं, एक दूरदर्शी लीडर शेन वॉर्न को 2008 में सिर्फ कप्तान ही नहीं, बल्कि टीम के क्रिकेट संचालन का पूरा नियंत्रण दिया गया था। उन्होंने अपनी कप्तानी में राजस्थान रॉयल्स को पहले ही सीजन में चैंपियन बनाकर इतिहास रच दिया। साल 2022 में उनके निधन के बावजूद, उनकी यह रणनीतिक सोच आज भी मिसाल बनी हुई है। यह कहानी दिखाती है कि वॉर्न सिर्फ क्रिकेट के जादूगर ही नहीं, बल्कि एक समझदार निवेशक और दूरदर्शी व्यक्तित्व भी थे।  

surbhi मार्च 25, 2026 0
सूर्यकुमार यादव ने इंटरनेशनल क्रिकेट में पूरे किए 5 साल, फैंस के लिए शेयर किया खास वीडियो
सूर्यकुमार यादव ने इंटरनेशनल क्रिकेट में पूरे किए 5 साल, फैंस के लिए शेयर किया खास वीडियो

नई दिल्ली,एजेंसियां। भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने पांच साल पूरे होने पर सोशल मीडिया पर एक खास वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में उन्होंने अपने अब तक के क्रिकेट सफर को याद करते हुए फैंस और टीम के साथियों का आभार जताया। सूर्यकुमार यादव ने 14 मार्च को यह वीडियो पोस्ट किया, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में उन्होंने कहा कि भारत की जर्सी पहनना उनके लिए एक सपना था, जो पांच साल पहले सच हुआ। उन्होंने इस सफर में साथ देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद किया।वीडियो के कैप्शन में उन्होंने लिखा कि पांच साल पहले उनका एक सपना हकीकत में बदला था और टीम इंडिया के लिए खेलना आज भी उनके लिए गर्व और भावनाओं से भरा अनुभव है।   टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद बढ़ा सूर्या का कद हाल ही में Suryakumar Yadav की कप्तानी में भारतीय टीम ने ICC Men's T20 World Cup 2026 का खिताब अपने नाम किया था। यह जीत भारतीय क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक रही और इसके बाद सूर्या की कप्तानी की भी काफी सराहना हुई।वर्ल्ड कप जीतने के बाद सूर्या फिलहाल छोटे ब्रेक पर हैं। माना जा रहा है कि वह जल्द ही Indian Premier League 2026 की तैयारियों में जुट जाएंगे।   इंटरनेशनल करियर में शानदार प्रदर्शन सूर्यकुमार यादव ने अपने इंटरनेशनल करियर में शानदार प्रदर्शन किया है। अब तक उन्होंने भारत के लिए 37 वनडे, 113 टी20 इंटरनेशनल और एक टेस्ट मैच खेला है। इन मैचों में उन्होंने वनडे क्रिकेट में 773 रन बनाए हैं, जबकि टी20 इंटरनेशनल में उनका प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है। उन्होंने इस फॉर्मेट में 3272 रन बनाए हैं और कई मैचों में टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने एक मैच खेला है, जिसमें आठ रन बनाए थे।   कप्तानी में भी शानदार रिकॉर्ड बतौर कप्तान भी सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड काफी प्रभावशाली रहा है। उन्होंने अब तक 52 टी20 इंटरनेशनल मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी की है। इनमें से 40 मैचों में भारत को जीत मिली है, जबकि सिर्फ आठ मैचों में हार का सामना करना पड़ा।इस तरह उनका जीत प्रतिशत करीब 76.94 रहा है, जो टी20 क्रिकेट में किसी भी कप्तान के लिए बेहद शानदार माना जाता है।   फैंस के लिए खास संदेश टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद भी सूर्यकुमार यादव ने फैंस के लिए एक भावुक संदेश दिया था। उन्होंने कहा था कि यह जीत सिर्फ टीम की नहीं बल्कि पूरे भारत की है।

Ranjan Kumar Tiwari मार्च 14, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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surbhi मई 15, 2026 0