Bihar News

Bihar Police Recruitment
बिहार पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के 150 पदों पर भर्ती, 9 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन

पटना, एजेंसियां।  बिहार पुलिस में सब-इंस्पेक्टर (SI) बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग (BPSSC) ने गृह विभाग (पुलिस शाखा) के अंतर्गत 150 सब-इंस्पेक्टर पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 9 जुलाई से 9 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। सभी वर्गों के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क 100 रुपये निर्धारित किया गया है।   स्नातक होना अनिवार्य इस भर्ती के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है। आयु और शैक्षणिक योग्यता की गणना 1 अगस्त 2025 को आधार मानकर की जाएगी।   आयु सीमा के अनुसार सामान्य वर्ग के पुरुष उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 37 वर्ष, सामान्य वर्ग की महिलाओं तथा पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों की 40 वर्ष और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 42 वर्ष निर्धारित की गई है।   शारीरिक मानक भी जरूरी सामान्य और पिछड़ा वर्ग के पुरुष अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम लंबाई 165 सेंटीमीटर, जबकि अत्यंत पिछड़ा वर्ग, एससी और एसटी वर्ग के पुरुषों के लिए 160 सेंटीमीटर निर्धारित की गई है। महिला अभ्यर्थियों के लिए सभी वर्गों में न्यूनतम लंबाई 155 सेंटीमीटर तय की गई है। पुरुष उम्मीदवारों के लिए निर्धारित छाती का माप भी अनिवार्य होगा।   तीन चरणों में होगी चयन प्रक्रिया भर्ती प्रक्रिया में सबसे पहले प्रारंभिक परीक्षा आयोजित होगी, जिसमें 200 अंकों के वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे। इसके बाद सफल उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा देनी होगी, जिसमें सामान्य अध्ययन, गणित, तर्कशक्ति, भाषा और बिहार सामान्य ज्ञान के साथ निबंध एवं अनुवाद से जुड़े प्रश्न शामिल होंगे। अंतिम चरण में शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) होगी। तीनों चरणों में सफल अभ्यर्थियों का अंतिम चयन बिहार पुलिस में सब-इंस्पेक्टर पद के लिए किया जाएगा।

anjali kumari जुलाई 4, 2026 0
Sitamarhi Encounter
सीतामढ़ी में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़, एक आरोपी घायल, पांच अपराधी गिरफ्तार

सीतामढ़ी, एजेंसियां। बिहार के सीतामढ़ी जिले के रीगा थाना क्षेत्र में पुलिस और लूट की वारदातों में शामिल बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि मौके से कुल पांच अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उनके पास से हथियार, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल किए गए वाहन भी बरामद किए हैं।    गुप्त सूचना पर पहुंची थी पुलिस   पुलिस को सूचना मिली थी कि रीगा इलाके में कुछ बदमाश किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान एक बदमाश घायल हो गया और बाकी आरोपियों ने आत्मसमर्पण कर दिया।    हथियार और वाहन बरामद   गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक पिस्तौल, कई जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की गई है। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि अन्य आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह किन-किन आपराधिक घटनाओं में शामिल रहा है।    पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जांच   सीतामढ़ी पुलिस के अनुसार गिरफ्तार बदमाशों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। प्रारंभिक जांच में गिरोह के सदस्यों के खिलाफ लूट, रंगदारी और हथियार अधिनियम से जुड़े कई मामलों की जानकारी मिली है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

anjali kumari जुलाई 4, 2026 0
Gold Price
Gold Price: सोना-चांदी की चमक बरकरार, कीमतों में फिर जोरदार उछाल

नई दिल्ली, एजेंसियां। देश में सोना और चांदी की कीमतों में लगातार तेजी का दौर जारी है। सोमवार, 20 अप्रैल को भी दोनों कीमती धातुओं के दामों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत 10 ग्राम पर ₹347 बढ़कर ₹1,52,002 पहुंच गई, जबकि चांदी ₹1,214 महंगी होकर ₹2,51,000 प्रति किलोग्राम के स्तर को पार कर गई। लगातार बढ़ती कीमतों ने निवेशकों के साथ-साथ आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों की भी चिंता बढ़ा दी है।   इस साल रिकॉर्ड तेजी, हजारों रुपये महंगे हुए सोना-चांदी आईबीजेए के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक सोने की कीमत में करीब ₹19,000 प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं, चांदी लगभग ₹21,000 प्रति किलो महंगी हो चुकी है। इस दौरान दोनों धातुओं ने रिकॉर्ड स्तर भी छुआ। 29 जनवरी को चांदी की कीमत ₹3.86 लाख प्रति किलो तक पहुंच गई थी, जो अब तक का उच्चतम स्तर माना जा रहा है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, डॉलर में उतार-चढ़ाव और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग को इस तेजी की प्रमुख वजह माना जा रहा है।   बड़े शहरों में भी ऊंचे दाम, खरीदारी से पहले बरतें सावधानी दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, जयपुर, भोपाल और लखनऊ सहित देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1.55 लाख से ₹1.56 लाख प्रति 10 ग्राम के बीच बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोने के बढ़ते दामों के बीच ग्राहकों को खरीदारी करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। केवल BIS हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना ही खरीदें और खरीदारी से पहले विश्वसनीय स्रोतों से ताजा कीमत की पुष्टि अवश्य करें। इससे नकली आभूषण या गलत मूल्य वसूले जाने जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है।

anjali kumari जुलाई 3, 2026 0
BPSC topper Suditi Bhushan celebrates her State Tax Assistant Commissioner selection a day after her wedding.
मेहंदी का रंग फीका भी नहीं पड़ा और बन गईं अफसर, शादी के अगले ही दिन BPSC में मिली बड़ी सफलता; जानिए सुदिति भूषण की प्रेरणादायक कहानी

पटना: कहते हैं कि मेहनत और सही समय जब एक साथ मिलते हैं, तो सफलता की कहानी मिसाल बन जाती है। बिहार की राजधानी पटना की रहने वाली सुदिति भूषण ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। शादी के अगले ही दिन उन्हें ऐसी खुशखबरी मिली, जिसने उनके जीवन की नई शुरुआत को और भी यादगार बना दिया। 19 जून 2026 को सुदिति ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर निवासी सौरभ श्रीवास्तव के साथ सात फेरे लिए और 20 जून को घोषित 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा के परिणाम में उनका चयन राज्य कर सहायक आयुक्त (State Tax Assistant Commissioner) के प्रतिष्ठित पद पर हो गया। शादी की खुशियों के बीच मिली इस उपलब्धि ने पूरे परिवार और शुभचिंतकों के उत्साह को दोगुना कर दिया। शादी के अगले दिन मिली जिंदगी की सबसे बड़ी खुशखबरी शादी के समारोह की रस्में अभी पूरी भी नहीं हुई थीं कि अगले दिन बीपीएससी का परिणाम जारी हो गया। रिजल्ट में सुदिति ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य कर सहायक आयुक्त के पद के लिए सफलता हासिल की। दिलचस्प बात यह है कि उनके पति सौरभ श्रीवास्तव भी प्रशासनिक सेवा में हैं और वर्तमान में कार्यपालक दंडाधिकारी (Executive Magistrate) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस तरह यह दंपति अब प्रशासनिक सेवाओं से जुड़ी एक प्रेरणादायक जोड़ी बन गया है। यह पहली सफलता नहीं, पहले भी पास कर चुकी हैं BPSC सुदिति भूषण की यह उपलब्धि अचानक मिली सफलता नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत और निरंतर प्रयास का परिणाम है। इससे पहले उन्होंने 64वीं बीपीएससी परीक्षा भी उत्तीर्ण की थी। उस परीक्षा में उन्होंने पूरे बिहार में 486वीं रैंक हासिल की थी, जिसके आधार पर उन्हें अंचल अधिकारी (CO) का पद मिला था। वर्तमान में वह बक्सर जिले में चकबंदी पदाधिकारी के रूप में कार्यरत थीं। हालांकि, उनका लक्ष्य इससे भी ऊंचा था। उन्होंने नौकरी के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखी और लगातार मेहनत करते हुए दूसरे प्रयास में अपनी रैंक में उल्लेखनीय सुधार कर राज्य कर सहायक आयुक्त का पद हासिल किया। पटना के प्रतिष्ठित संस्थानों से की पढ़ाई मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के बड़का डुमरा गांव की रहने वाली सुदिति की शुरुआती शिक्षा पटना में हुई। उन्होंने सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल, पटना से स्कूली शिक्षा पूरी की। इसके बाद पटना वीमेंस कॉलेज से भूगोल (Geography) ऑनर्स में स्नातक की डिग्री हासिल की। कॉलेज के दिनों से ही उनका सपना सिविल सेवा में जाने का था। उन्होंने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार तैयारी की और अपनी मेहनत के दम पर सफलता प्राप्त की। प्रशासनिक और शैक्षणिक माहौल वाले परिवार से हैं सुदिति सुदिति की सफलता के पीछे उनके परिवार का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके घर का वातावरण शिक्षा और प्रशासनिक सेवाओं से जुड़ा रहा, जिसने उन्हें हमेशा बेहतर करने के लिए प्रेरित किया। उनके पिता डॉ. कृष्ण भूषण प्रसाद भारतीय स्टेट बैंक (SBI) से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। उनकी मां डॉ. निभा श्रीवास्तव आकाशवाणी पटना में उद्घोषिका हैं। उनकी बड़ी बहन मेधा भूषण भारतीय पुलिस सेवा (IPS) की अधिकारी हैं। वहीं उनके छोटे भाई सत्यम भूषण श्रीवास्तव Banaras Hindu University से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। मेहनत और धैर्य की मिसाल सुदिति भूषण की कहानी यह बताती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार जारी रहे, तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है। नौकरी के साथ तैयारी करना, पहले से मिली सरकारी नौकरी के बावजूद बेहतर रैंक के लिए प्रयास जारी रखना और जीवन के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्तिगत अवसर के बीच भी अपनी उपलब्धि हासिल करना उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रमाण है। उनकी सफलता आज हजारों बीपीएससी और सिविल सेवा अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा बन चुकी है।  

surbhi जुलाई 3, 2026 0
Aurangabad Bihar accident
बिहार के औरंगाबाद में स्कूली बच्चों से भरी वैन नहर में गिरी, 14 छात्र घायल

औरंगाबाद,एजेंसियां। बिहार के औरंगाबाद जिले में बुधवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। स्कूली बच्चों को लेकर जा रही एक वैन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे नहर में जा गिरी। हादसे में 14 छात्र घायल हो गए। राहत की बात यह रही कि समय रहते स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।   स्थानीय लोगों ने तुरंत शुरू किया राहत कार्य   प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और वैन में फंसे बच्चों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया।   सभी घायल बच्चों का अस्पताल में इलाज जारी   अधिकारियों के मुताबिक, हादसे में घायल सभी 14 छात्रों का इलाज चल रहा है। अधिकांश बच्चों को मामूली चोटें आई हैं और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं।   हादसे के कारणों की जांच शुरू   प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसा चालक द्वारा वाहन से नियंत्रण खोने के कारण हुआ हो सकता है। हालांकि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि दुर्घटना वाहन की तेज रफ्तार, सड़क की स्थिति या किसी तकनीकी खराबी की वजह से हुई।

anjali kumari जुलाई 1, 2026 0
Bihar Teacher Transfer
बिहार में शिक्षकों के तबादले का नया नियम लागू, ऑनलाइन होगी पूरी प्रक्रिया; जानें 7 श्रेणियां और 5 साल का नियम

पटना, एजेंसियां। बिहार सरकार ने राज्य के शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और डिजिटल बनाने के उद्देश्य से बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली-2026 लागू कर दी है। नई व्यवस्था के तहत अब शिक्षकों को तबादले के लिए जिला या राज्य मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। वे निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर अपने स्थानांतरण का दावा प्रस्तुत कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और अनावश्यक दौड़-धूप समाप्त होगी।   नई नियमावली के तहत  नई नियमावली के तहत शिक्षक स्थानांतरण के लिए सात अलग-अलग श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। इनमें गंभीर बीमारी, दिव्यांगता, पति-पत्नी पदस्थापन, विधवा, तलाकशुदा या एकल अभिभावक, पारस्परिक (म्यूचुअल) स्थानांतरण, समायोजन/समानुपातीकरण और सामान्य स्थानांतरण शामिल हैं। प्रत्येक श्रेणी के लिए अलग-अलग वरीयता तय की गई है।   शिक्षा विभाग ने स्थानांतरण प्रक्रिया शिक्षा विभाग ने स्थानांतरण प्रक्रिया को अंक आधारित प्रणाली से जोड़ा है। गंभीर बीमारियों से पीड़ित शिक्षकों को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलेगी। कैंसर, ओपन हार्ट सर्जरी, अंग प्रत्यारोपण, किडनी प्रत्यारोपण, डायलिसिस, ब्रेन ट्यूमर, प्रमुख न्यूरो सर्जरी, बोन टीबी, गंभीर टीबी और पक्षाघात जैसी गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों को प्राथमिकता सूची में शामिल किया गया है।   नई नीति के अनुसार नई नीति के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में किसी शिक्षक का स्थानांतरण तभी किया जाएगा, जब वह अपने वर्तमान विद्यालय में कम से कम पांच वर्ष की सेवा पूरी कर चुका हो। हालांकि गंभीर बीमारी, दिव्यांगता, पति-पत्नी पदस्थापन और अन्य विशेष परिस्थितियों में पांच वर्ष की अनिवार्य अवधि पूरी होने से पहले भी आवेदन स्वीकार किया जा सकेगा।   पारस्परिक स्थानांतरण के लिए दोनों शिक्षकों की संयुक्त सहमति आवश्यक होगी। दोनों का समान संवर्ग, समान श्रेणी तथा विषयवार पदस्थापन की स्थिति में एक ही विषय का होना अनिवार्य रहेगा। साथ ही गृह जिला से जुड़े सभी नियमों का पालन भी करना होगा। नई स्थानांतरण नीति का उद्देश्य पात्र शिक्षकों को तय मानकों के आधार पर समयबद्ध और निष्पक्ष तरीके से तबादले का लाभ उपलब्ध कराना है।

anjali kumari जून 29, 2026 0
Muzaffarpur crime news
मुजफ्फरपुर में रिटायर्ड शिक्षक को बंधक बनाकर 200 ग्राम सोना-चांदी लेकर फरार हुए बदमाश

मुजफ्फरपुर, एजेंसियां। मुजफ्फरपुर जिले के औराई थाना क्षेत्र के राजखंड गांव में शुक्रवार देर रात चोरी की बड़ी वारदात सामने आई। अज्ञात बदमाशों ने एक सेवानिवृत्त शिक्षक को घर में बंधक बनाकर करीब 200 ग्राम सोने और चांदी के आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, जबकि पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है। घर में अकेले थे बुजुर्ग दंपती जानकारी के अनुसार, राजखंड गांव निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक शंकर दलाल शाही अपनी पत्नी के साथ घर में रह रहे थे। उनका बेटा भारतीय वायु सेना में कार्यरत है और ड्यूटी के कारण घर से बाहर था। देर रात बदमाश घर में घुस आए और बुजुर्ग शिक्षक को बंधक बना लिया। इसके बाद उन्होंने आराम से पूरे घर की तलाशी ली और करीब 200 ग्राम सोने के साथ चांदी के आभूषण समेटकर फरार हो गए।   वारदात के बाद इलाके में दहशत सुबह घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं से स्थानीय लोगों में भय और नाराजगी दोनों है। ग्रामीणों ने पुलिस गश्त बढ़ाने और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं ने लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।   पुलिस जांच में जुटी घटना की सूचना मिलते ही औराई थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर बदमाशों की पहचान करने में जुटी है। आसपास के क्षेत्रों में भी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।   जल्द गिरफ्तारी का दावा औराई थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है। तकनीकी और अन्य साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की पहचान की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले का जल्द खुलासा किया जाएगा और चोरी में शामिल अपराधियों को गिरफ्तार कर कानून के दायरे में लाया जाएगा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

anjali kumari जून 27, 2026 0
Ayodhya land controversy
अयोध्या दान विवाद की गूंज बिहार तक, जदयू-राजद ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की उठाई मांग

पटना, एजेंसियां। अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित दान अनियमितता मामले की गूंज अब बिहार की राजनीति में भी सुनाई देने लगी है। राज्य की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों जदयू (JDU) और राजद (RJD) ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। इस मुद्दे पर दोनों दलों के नेताओं के बयानों के बाद बिहार का राजनीतिक माहौल गरमा गया है।   क्या है पूरा मामला?   अयोध्या में राम मंदिर के लिए प्राप्त दान के प्रबंधन और उपयोग को लेकर कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। मामले की जांच जारी है और इसे लेकर राजनीतिक दल लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।   बिहार में तेज हुई सियासी बयानबाजी   जदयू और राजद के नेताओं ने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। दोनों दलों ने मांग की है कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।   जदयू (JDU) की प्रतिक्रिया   जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने स्पष्ट कहा है कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है, इसलिए केवल एफआईआर (FIR) दर्ज करना काफी नहीं है। दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए।    राजद (RJD) का रुख   राजद के प्रवक्ताओं ने इसे लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की है और आरोप लगाया है कि भगवान के नाम पर राजनीति करने वालों ने दान राशि तक को नहीं छोड़ा। राजद नेताओं ने मांग की है कि छोटे कर्मचारियों के साथ-साथ इस घोटाले के मुख्य साजिशकर्ताओं पर भी शिकंजा कसा जाना चाहिए।   जांच पर टिकी सभी की नजर   फिलहाल इस पूरे मामले की जांच जारी है। जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर राजनीतिक दलों के साथ-साथ आम लोगों की भी नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।

anjali kumari जून 27, 2026 0
Dark rain clouds over Bihar as heavy rain and heat wave alerts issued across multiple districts
बिहार में आज से बदलेगा मौसम का मिजाज, 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 14 जिलों में हीट वेव जैसी स्थिति की चेतावनी

पटना: बिहार में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार आज से राज्य के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू हो सकता है। जहां सीमांचल और उत्तर बिहार के कुछ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, वहीं दक्षिण बिहार के कई जिले अभी भी गर्मी और हीट वेव जैसी परिस्थितियों का सामना करेंगे। मौसम विभाग ने अलग-अलग जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। इन 6 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार सीमांचल और उत्तर-पूर्वी बिहार के छह जिलों में भारी बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना है। भारी बारिश की चेतावनी वाले जिले: Madhubani Supaul Araria Kishanganj Purnia Katihar इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। साथ ही बिजली गिरने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की भी संभावना जताई गई है। 14 जिलों में हीट वेव जैसी स्थिति दूसरी ओर दक्षिण और मध्य बिहार के कई जिलों में अभी भी उमस भरी गर्मी और हीट वेव जैसी स्थिति बनी रह सकती है। मौसम विभाग ने जिन जिलों के लिए चेतावनी जारी की है, उनमें शामिल हैं: Buxar Bhojpur Patna Begusarai Arwal Jehanabad Nalanda Sheikhpura Lakhisarai Nawada Gaya Aurangabad Kaimur Rohtas हालांकि इन इलाकों में भी बादल छाए रहने, गरज के साथ छींटे पड़ने और बिजली चमकने की संभावना बनी हुई है। बिहार में क्यों दिख रहा है दो तरह का मौसम? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राज्य में फिलहाल दो अलग-अलग मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। उत्तर बिहार और सीमांचल क्षेत्र में बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त हवाएं पहुंच रही हैं, जिससे बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। वहीं मध्य और दक्षिण बिहार में अभी भी गर्म और शुष्क हवाओं का प्रभाव बना हुआ है, जिसके कारण लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर बिहार से पूर्वी बिहार तक ट्रफ रेखा सक्रिय है। इसके प्रभाव से अगले कुछ दिनों में दक्षिण बिहार में भी मानसून की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। लोगों के लिए जरूरी सलाह मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों में जाने से बचें। बिजली चमकने पर पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। तेज गर्मी वाले जिलों में पर्याप्त पानी पीते रहें। किसानों को मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है। अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में मानसून बिहार के और अधिक हिस्सों में सक्रिय हो सकता है, जिससे तापमान में गिरावट और गर्मी से राहत मिलने की संभावना है।  

surbhi जून 25, 2026 0
Bihar Teacher Transfer Policy
बिहार के लाखों शिक्षकों को बड़ी राहत, नई ट्रांसफर नीति को मिली मंजूरी

पटना, एजेंसियां।  बिहार सरकार ने राज्य के शिक्षकों के लिए नई स्थानांतरण (ट्रांसफर) नीति को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से राज्यभर के बड़ी संख्या में शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है। नई नीति के तहत पारदर्शी और ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से तबादले किए जाएंगे, जिससे लंबे समय से लंबित मांग पूरी हो सकेगी।   कैबिनेट बैठक में लिया गया बड़ा फैसला   राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में शिक्षक स्थानांतरण नीति को मंजूरी दी गई। सरकार का कहना है कि इससे शिक्षकों को पारिवारिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों के अनुसार स्थानांतरण का अवसर मिलेगा तथा स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता का बेहतर संतुलन बनाया जा सकेगा।   ऑनलाइन प्रक्रिया होगी लागू   नई व्यवस्था के तहत आवेदन और स्थानांतरण प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जाएगा। इससे शिक्षकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।   शिक्षकों में खुशी का माहौल   लंबे समय से शिक्षक संगठन स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग कर रहे थे। सरकार के इस फैसले के बाद शिक्षकों में खुशी का माहौल है और इसे शिक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।   शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा लाभ   विशेषज्ञों का मानना है कि नई नीति से स्कूलों में शिक्षकों का बेहतर वितरण होगा और छात्रों को भी इसका लाभ मिलेगा। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में शिक्षकों की उपलब्धता संतुलित करने में यह एक अहम कदम साबित हो सकता है।

anjali kumari जून 25, 2026 0
Dark clouds and rainfall over Bihar as IMD issues heatwave and rain alerts across several districts.
Bihar Rain Alert: बिहार के 14 जिलों में आज लू का खतरा, फिर अगले 6 दिनों तक आंधी-बारिश का दौर; IMD ने जारी की चेतावनी

पटना: बिहार में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार राज्य में फिलहाल दो तरह की परिस्थितियां देखने को मिलेंगी। एक ओर दक्षिण और मध्य बिहार के कई जिलों में हीट वेव जैसी स्थिति बनी रहेगी, वहीं उत्तर और मध्य बिहार के कई इलाकों में बारिश, तेज हवा और वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम से जुड़ी सलाहों का पालन करने की अपील की है। इन 14 जिलों में लू का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार बक्सर, भोजपुर, अरवल, जहानाबाद, पटना, नालंदा, शेखपुरा, नवादा, बेगूसराय, लखीसराय, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और गया में आज हीट वेव जैसी स्थिति बनी रह सकती है। इन जिलों में लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी गई है। इन जिलों में बारिश और तेज हवा की संभावना उत्तर और मध्य बिहार के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इनमें शामिल जिले हैं: पूर्वी चंपारण पश्चिम चंपारण शिवहर सीतामढ़ी मधुबनी सुपौल अररिया किशनगंज गोपालगंज सारण सीवान मुजफ्फरपुर वैशाली दरभंगा समस्तीपुर सहरसा मधेपुरा पूर्णिया कटिहार इन इलाकों में गरज के साथ बारिश, बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। अगले 24 घंटे बाद बदलेगा मौसम मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटे में राज्य के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 25 जून से कई जिलों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 30 जून तक उत्तर बिहार, सीमांचल और कोसी क्षेत्र में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। तापमान में 2 से 4 डिग्री तक गिरावट के आसार लगातार बारिश के कारण अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे भीषण गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने किसानों को खराब मौसम के दौरान खुले खेतों में काम नहीं करने और बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। पटना में देर रात हुई झमाझम बारिश राजधानी पटना और आसपास के इलाकों में बुधवार देर रात मौसम ने अचानक करवट ली। करीब 20 मिनट तक तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई, जिससे लंबे समय से पड़ रही उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली। बारिश के बाद शहर के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।  

surbhi जून 24, 2026 0
Bollywood actor Pankaj Tripathi arrives in Patna after his brother Vijendranath Tripathi was injured in an alleged attack.
भाई पर जानलेवा हमले के बाद पटना पहुंचे पंकज त्रिपाठी, जानें कैसी है विजेंद्रनाथ त्रिपाठी की हालत

Pankaj Tripathi Brother Attack: बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी के परिवार से जुड़ी एक चिंताजनक खबर सामने आई है। उनके बड़े भाई विजेंद्रनाथ त्रिपाठी पर बिहार के गोपालगंज जिले में कथित तौर पर जानलेवा हमला किया गया। इस घटना के बाद घायल विजेंद्रनाथ त्रिपाठी को बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया, जहां उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। भाई पर हमले की खबर मिलते ही अभिनेता पंकज त्रिपाठी भी तुरंत पटना पहुंच गए। भाई की हालत स्थिर, अस्पताल में मौजूद हैं पंकज त्रिपाठी सूत्रों के मुताबिक, हमले में विजेंद्रनाथ त्रिपाठी को कई चोटें आई हैं, लेकिन फिलहाल उनकी स्थिति खतरे से बाहर है। पंकज त्रिपाठी इस समय अपने परिवार के साथ हैं और अस्पताल में भाई की देखरेख कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस घटना से अभिनेता काफी व्यथित हैं और फिलहाल किसी से बातचीत नहीं कर रहे हैं। जमीन विवाद को लेकर हुआ हमला स्थानीय पुलिस के अनुसार, यह घटना गोपालगंज जिले के बेलसंड तिवारी टोला गांव में रविवार देर रात हुई। बताया जा रहा है कि जमीन विवाद के कारण यह हमला किया गया। जानकारी के अनुसार, विजेंद्रनाथ त्रिपाठी रात में भोजन के बाद घर के बाहर टहल रहे थे, तभी आरोपी राजेश साह ने उन पर हमला कर दिया। आरोप है कि आरोपी ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद उन्हें पहले गोपालगंज मॉडल अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन स्थिति को देखते हुए बाद में पटना के एक बड़े अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। आरोपी गिरफ्तार, पुलिस कर रही जांच गोपालगंज पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी राजेश साह को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस उससे सख्ती से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस घटना में अन्य लोगों की भूमिका तो नहीं थी। गोपालगंज के एसपी विनय तिवारी के अनुसार, आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। हालांकि, अब तक परिवार की ओर से कोई औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आसपास के क्षेत्रों में भी संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।  

surbhi जून 23, 2026 0
Bihar theft case
बिहारः तेज प्रताप के आवास से 20 लाख नगद समेत कई सामान हुए चोरी

पटना, एजेंसियां। जनशक्ति जनता दल के सुप्रीमो तेज प्रताप यादव के घर में चोरी हो गई है। चोरी के बाद तेज प्रताप रात में ही सचिवालय थाना जाकर एफआईआर दर्ज करवाया। उन्होंने अपने ही PA मोतीलाल राय पर 20 लाख कैश समेत कीमती सामान चोरी करने के आरोप लगाए हैं।  पीए पर लगाया चोरी का आरोप एफआईआर दर्ज करवाते समय तेज प्रताप ने पीए पर चोरी का आरोप लगाया। उनके मुताबिक, 20 लाख कैश के अलावा 4 आईफोन, मैकबुक, आईपैड, सोने की चेन-अंगूठी चोरी हुई है। उन्होंने दावा किया कि मेरे ड्राइवर अनिल यादव और उनके साथ रहने वाले विशाल ने पीए मोतीलाल राय को एक बैग के साथ आवास की बाउंड्री फांदकर भागते हुए देखा है। इसलिए उनके मुताबिक, दोनों व्यक्ति इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी गवाह हैं कि चोरी मोतीलाल ने ही चोरी की है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई में जुट गई है।  क्या-क्या हुआ चोरी तेज प्रताप ने बताया कि अलमारी से लगभग 20 लाख रुपये रखे हुए थे जो पार्टी फंड की राशि थी। 2 तोला सोने की चेन, 1 सोने की अंगूठी, Sony की 4 पेन ड्राइव, 2 हार्ड डिस्क, 1 iPad, 1 MacBook लैपटॉप, 1 Lenovo लैपटॉप, 4 iPhone और 17 Pro Max मोबाइल फोन चोरी हो गए हैं। तेज प्रताप ने तुरंत जांच की मांग की तेज प्रताप ने इस मामले में तत्काल प्रभाव से विधि सम्मत जांच की मांग की है। साथ ही पीए मोतीलाल की गिरफ्तारी के साथ चोरी गये सामान की बरामदगी की भी मांग की है। एफआईआर के बाद पुलिस ने आवास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश देनी शुरू कर दी है। इस घटना के बाद बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है। वहीं आरजेडी नेता भी इस विश्वासघात करार दिया है।

anjali kumari जून 23, 2026 0
Gopalganj dancer murder case
गोपालगंज डांसर हत्याकांड में मुख्य आरोपी समेत तीन गिरफ्तार, हत्या में इस्तेमाल पिस्टल और कारतूस बरामद

गोपालगंज, एजेंसियां। बिहार के गोपालगंज जिले में चर्चित ट्रांसजेंडर डांसर सोनू गोंड हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कटेया थाना क्षेत्र के पटोहवा गांव में बारात के दौरान हुई इस सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी शैलेश सिंह समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्टल और दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस इस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।   थानाध्यक्ष के नेतृत्व में हुई कार्रवाई कटेया थानाध्यक्ष अवधेश कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और उसके साथियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई अहम जानकारियां दीं, जिसके आधार पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त हथियार और कारतूस बरामद किए। बरामदगी के बाद पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।   एसडीपीओ ने दी कार्रवाई की जानकारी हथुआ के एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता ने बताया कि घटना के बाद से ही पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। तकनीकी और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर छापेमारी अभियान चलाया गया, जिसके बाद मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि पूछताछ जारी है और घटना में शामिल अन्य आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।   बारात में डांस कार्यक्रम के दौरान हुई थी हत्या गौरतलब है कि तीन दिन पहले पटोहवा गांव में एक बारात के दौरान आयोजित डांस कार्यक्रम में ट्रांसजेंडर डांसर सोनू गोंड प्रस्तुति दे रहे थे। इसी दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने उन पर गोली चला दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया था। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद घटना के पीछे की पूरी साजिश का खुलासा किया जाएगा।

anjali kumari जून 22, 2026 0
Bihar case
Bihar: खान सर की गिरफ्तारी पर रोक बरकरार

पटना, एजेंसियां। पटना के चर्चित कोचिंग विवाद मामले में शनिवार को पटना सिविल कोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें खान सर को अदालत से अंतरिम राहत मिली है। पटना सिविल कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक को अगले आदेश तक जारी रखने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने उनके तीन स्टाफ के खिलाफ भी किसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक बरकरार रखी है। मामले की अगली सुनवाई अब 25 जून को होगी।  पुलिस ने पेश की अपडेट पुलिस डायरी सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत में अपडेटेड केस डायरी पेश की, जिसमें दहशत फैलाने के उद्देश्य से फायरिंग किए जाने का उल्लेख किया गया। हालांकि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फिलहाल खान सर और उनके स्टाफ को मिली अंतरिम राहत जारी रखी। वहीं, खान सर के दोनों सुरक्षा गार्डों को 25 जून तक न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया गया है। उनकी जमानत याचिका पर भी उसी दिन सुनवाई होगी। रोशन आनंद का आरोप बता दें कि 2 जून की रात खान ग्लोबल स्टडीज के बाहर हुए हंगामे के दौरान दोनों गार्डों पर फायरिंग करने का आरोप लगा था। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि यह कार्रवाई खान सर के निर्देश पर हुई थी, जिसके बाद उन्हें भी एफआईआर में नामजद किया गया। इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद को जमानत मिल चुकी है। रौशन आनंद लगातार पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाते रहे हैं, जबकि खान सर की ओर से सभी आरोपों को पहले ही निराधार बताया जा चुका है।

anjali kumari जून 20, 2026 0
Bihar e-bus project
बिहार के छह शहरों में दौड़ेंगी 400 इलेक्ट्रिक बसें, जुलाई से शुरू होगी ई-बस सेवा

पटना, एजेंसियां।  बिहार में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत राज्य के छह प्रमुख शहरों में 400 अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा। इस परियोजना के लिए बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी), परिवहन विभाग और ग्रीनसेल मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड के बीच कंसेशन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। पहले चरण में जुलाई से 200 इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन शुरू होगा।   योजना के तहत 35 और 42 सीटर वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और पूर्णिया में चलाई जाएंगी। इनमें 50 बसों को विशेष रूप से ‘पिंक बस’ के रूप में संचालित किया जाएगा, ताकि महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का बेहतर विकल्प मिल सके।   यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं नई ई-बसों को आधुनिक तकनीक और सुरक्षा सुविधाओं से लैस किया जाएगा। प्रत्येक बस में सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस आधारित रियल-टाइम ट्रैकिंग सिस्टम, पैनिक बटन, पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम, फायर सेफ्टी किट, फर्स्ट एड किट और मोबाइल चार्जिंग पॉइंट जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे यात्रियों की सुरक्षा और यात्रा का अनुभव पहले से अधिक बेहतर होगा।   चार्जिंग नेटवर्क और बस टर्मिनलों का होगा विस्तार ई-बसों के सुचारु संचालन के लिए राज्य के छह प्रमंडलों में आधुनिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। प्रत्येक 50 बसों के लिए बस डिपो में आठ फास्ट चार्जर लगाए जाएंगे, जिनकी मदद से बसें लगभग डेढ़ घंटे में पूरी तरह चार्ज हो सकेंगी। इसके साथ ही बीएसआरटीसी 31 बस डिपो और बस स्टैंड का पीपीपी मॉडल पर आधुनिकीकरण भी कर रहा है।   परिवहन मंत्री ने कहा कि इस योजना से प्रदूषण कम होगा, डीजल पर निर्भरता घटेगी और लोग निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करेंगे। सरकार का मानना है कि ई-बस सेवा से बिहार के प्रमुख शहरों में यातायात व्यवस्था और सार्वजनिक परिवहन दोनों में उल्लेखनीय सुधार होगा।

anjali kumari जून 20, 2026 0
Bihar tender scam
बिहार टेंडर घोटाला: दो और IAS अधिकारियों पर SVU का शिकंजा, घर पहुंचकर खंगाले दस्तावेज

पटना, एजेंसियां।  बिहार में सरकारी टेंडरों में कथित कमीशनखोरी के मामले की जांच तेज हो गई है। मुख्य आरोपी रिशुश्री की गिरफ्तारी के बाद स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) अब उन अधिकारियों और लोगों तक पहुंच रही है, जिनके नाम पूछताछ के दौरान सामने आए हैं। इसी क्रम में निलंबित आईएएस अधिकारी अभिलाषा शर्मा और योगेश सागर के आवासों पर जांच टीम ने पहुंचकर दस्तावेजों की पड़ताल की। वहीं रिशुश्री से जुड़ी कंपनी मातृस्वा इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक पवन कुमार के घर भी छापेमारी की गई।   विदेश यात्राओं और खर्च की हो रही जांच एसवीयू की टीम ने अभिलाषा शर्मा के सरकारी आवास पर पहुंचकर उनके पासपोर्ट, विदेश यात्राओं और यात्रा खर्च से जुड़े दस्तावेज मांगे। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उनकी विदेश यात्राओं का खर्च किसने वहन किया। जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि कहीं इन यात्राओं को रिशुश्री ने प्रायोजित तो नहीं किया था। साथ ही यह भी खंगाला जा रहा है कि अभिलाषा शर्मा जिन विभागों में तैनात थीं, वहां से रिशुश्री को किसी प्रकार का लाभ मिला या नहीं।   रिशुश्री की डायरी और योगेश सागर के रिकॉर्ड खंगाले एसवीयू रिशुश्री की डायरी में दर्ज उपहारों और कथित लेन-देन की भी जांच कर रही है। दूसरी ओर, निलंबित आईएएस अधिकारी योगेश सागर के आवास पर पहुंची टीम ने कई अहम दस्तावेजों की जांच की। सूत्रों के अनुसार, जांच अधिकारी करीब दो दर्जन सवालों की सूची के साथ पहुंचे थे और रिशुश्री से उनके संभावित संबंधों की पड़ताल की।   कंपनी के निदेशक भी जांच के घेरे में जांच एजेंसी ने मातृस्वा इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक पवन कुमार के घर भी दस्तक दी। यहां सरकारी टेंडरों, अनुबंधों, भुगतान और वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। गौरतलब है कि रिशुश्री की गिरफ्तारी के बाद अभिलाषा शर्मा और योगेश सागर को बिना शोकॉज नोटिस के निलंबित कर दिया गया था। अब एसवीयू पूरे मामले की कड़ियां जोड़ते हुए जांच को आगे बढ़ा रही है।

anjali kumari जून 20, 2026 0
Anant Singh convoy accident
तेज रफ्तार में अनंत सिंह के काफिले की चार गाड़ियां आपस में टकराईं, विधायक पूरी तरह सुरक्षित

पटना, एजेंसियां। बिहार के मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह गुरुवार देर रात एक सड़क हादसे में बाल-बाल बच गए। पटना लौटने के दौरान उनके काफिले की चार गाड़ियां आपस में टकरा गईं। राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में किसी भी व्यक्ति को गंभीर चोट नहीं आई और विधायक अनंत सिंह पूरी तरह सुरक्षित हैं। हालांकि हादसे में काफिले की चार गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं।   शादी समारोह से लौट रहा था काफिला जानकारी के अनुसार, अनंत सिंह मोकामा विधानसभा क्षेत्र के बादपुर गांव में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वह देर रात अपने काफिले के साथ पटना लौट रहे थे। काफिले में सबसे आगे विधायक की कार चल रही थी, जबकि अन्य वाहन उनके पीछे थे।   सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकराई गाड़ी बताया जा रहा है कि काफिले की गाड़ियां तेज रफ्तार से आगे बढ़ रही थीं। इसी दौरान विधायक की कार आगे निकल गई, लेकिन उसके पीछे चल रही एक गाड़ी सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई। अचानक ब्रेक लगने के कारण पीछे आ रही तीन अन्य गाड़ियां भी एक-दूसरे से भिड़ गईं। यह हादसा अथमलगोला थाना क्षेत्र के सबनिमा पेट्रोल पंप के पास फोरलेन पर हुआ।   घटना के बाद रुके विधायक, लिया हालचाल हादसे की सूचना मिलते ही अनंत सिंह मौके पर रुके और काफिले में मौजूद लोगों का हालचाल लिया। जब यह स्पष्ट हो गया कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई है, तब वह वहां से रवाना हो गए।   पुलिस ने दी जानकारी अथमलगोला थाना अध्यक्ष राहुल कुमार नवनीत ने बताया कि अनंत सिंह की कार दुर्घटनाग्रस्त नहीं हुई है। काफिले की चार अन्य गाड़ियां आपस में टकराने से क्षतिग्रस्त हुई हैं। दुर्घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। क्षतिग्रस्त वाहनों को फोरलेन के किनारे हटाकर यातायात सामान्य कर दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

anjali kumari जून 19, 2026 0
Bihar Weather update
Bihar Weather update: बिहार में मौसम का कहर, वज्रपात से दो युवकों की मौत

पटना, एजेंसियां। बिहार में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राज्य के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और वज्रपात का दौर जारी है। इस बीच अररिया जिले में ठनका (वज्रपात) गिरने की दो अलग-अलग घटनाओं में दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने राज्य के 15 जिलों में तेज बारिश, मेघगर्जन और आंधी को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है।   अररिया में वज्रपात से दो युवकों की मौत अररिया जिले के फारबिसगंज प्रखंड के सैफगंज पंचायत में 22 वर्षीय टिवंकल कुमार खेत में भैंस चरा रहे थे। इसी दौरान तेज बारिश और गरज के बीच बिजली गिरने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। दूसरी घटना रानीगंज प्रखंड के डुमरिया गांव में हुई, जहां 12 वर्षीय मोहम्मद गुड्डू भी भैंस चराते समय वज्रपात की चपेट में आ गए। दोनों घटनाओं के बाद इलाके में शोक का माहौल है।   15 जिलों में तेज बारिश और आंधी की चेतावनी मौसम विभाग के अनुसार सहरसा, दरभंगा, मधुबनी, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, सुपौल, मधेपुरा, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण तथा बांका समेत 15 जिलों में तेज बारिश, मेघगर्जन और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। बांका जिले के लिए विशेष रूप से येलो अलर्ट जारी किया गया है।   दक्षिण बिहार में गर्मी, लोगों से सतर्क रहने की अपील दूसरी ओर गया, औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर, नवादा, अरवल, भोजपुर और बक्सर जैसे दक्षिण बिहार के जिलों में बारिश कम होने से गर्मी और उमस बनी हुई है। इन इलाकों में अधिकतम तापमान 38 से 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग ने किसानों, मजदूरों और आम लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और जलभराव वाले स्थानों से दूर रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

anjali kumari जून 18, 2026 0
Bihar constable recruitment scam
बिहार सिपाही भर्ती परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा, दूसरे के नाम पर परीक्षा देने पहुंचे दो युवक गिरफ्तार

सिवान, एजेंसियां। बिहार में सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। सिवान जिले में केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) द्वारा आयोजित परीक्षा के दौरान दो फर्जी अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपी दूसरे अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचे थे। पुलिस ने उनके पास से फर्जी दस्तावेज, एक ही परीक्षा के दो अलग-अलग प्रवेश पत्र और अन्य संदिग्ध कागजात बरामद किए हैं।   दो परीक्षा केंद्रों से हुई गिरफ्तारी यह कार्रवाई 17 जून को प्रथम और द्वितीय पाली की परीक्षा के दौरान सरस्वती शिशु मंदिर परीक्षा केंद्र और दाउद मेमोरियल उर्दू गर्ल्स हाई स्कूल परीक्षा केंद्र पर की गई। परीक्षा केंद्रों पर तैनात दंडाधिकारी और पुलिस टीम ने संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर दोनों अभ्यर्थियों को पकड़ लिया। पूछताछ में उन्होंने अपनी वास्तविक पहचान बताई और परीक्षा में फर्जी तरीके से शामिल होने की बात स्वीकार की।   पहले भी दे चुके थे परीक्षा गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पटना जिले के पीरपुरा थाना क्षेत्र निवासी सियाराम कुमार और जहानाबाद जिले के मखदूमपुर थाना क्षेत्र निवासी गौतम कुमार के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी 14 जून को मोतिहारी और गोपालगंज में आयोजित इसी भर्ती परीक्षा में भी शामिल हो चुके थे। इससे पुलिस को संगठित परीक्षा गिरोह की आशंका है।   नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस तलाशी के दौरान दोनों के पास से एक ही परीक्षा के दो अलग-अलग प्रवेश पत्र मिले, जिनमें जन्मतिथि अलग-अलग दर्ज थी। सभी संदिग्ध दस्तावेज जब्त कर लिए गए हैं। सिवान पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब इस फर्जीवाड़े से जुड़े पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी है।   सिवान के एसपी पुरन कुमार झा ने कहा कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि परीक्षा में किसी भी तरह की अनियमितता या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस नियंत्रण कक्ष के हेल्पलाइन नंबर 9031683607 या निकटतम थाने को दें।

anjali kumari जून 18, 2026 0
Donald Trump and Masoud Pezeshkian reach a digital peace agreement to reopen the Strait of Hormuz and ease Middle East tensions.
अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर लगी मुहर, ट्रंप बोले- ‘It's Signed!’

  अमेरिका और ईरान के बीच कई महीनों से जारी तनाव के बाद आखिरकार शांति समझौते पर मुहर लग गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने युद्ध समाप्त करने, क्षेत्रीय तनाव कम करने और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के लिए एक डिजिटल मेमोरैंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। समझौते पर हस्ताक्षर के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप काफी उत्साहित नजर आए। जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या डील साइन हो गई है, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "It's Signed!" डिजिटल हस्ताक्षर से लागू हुआ समझौता अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के अनुसार, बुधवार (17 जून) को राष्ट्रपति ट्रंप और मसूद पेजेशकियन ने डिजिटल माध्यम से समझौते पर हस्ताक्षर किए। इससे पहले रविवार को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकर कालिबाफ भी इलेक्ट्रॉनिक तरीके से इस दस्तावेज पर हस्ताक्षर कर चुके थे। हस्ताक्षर के तुरंत बाद यह समझौता प्रभावी हो गया, जिसके कारण इस सप्ताह स्विट्जरलैंड में प्रस्तावित औपचारिक हस्ताक्षर समारोह को रद्द कर दिया गया। होर्मुज स्ट्रेट फिर से खोलने पर बनी सहमति समझौते के तहत ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही सामान्य करने पर सहमत हुआ है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति का प्रमुख केंद्र माना जाता है और दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल का परिवहन इसी रास्ते से होता है। होर्मुज स्ट्रेट के खुलने से वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता आने और तेल की कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। ईरान को मिलेगी प्रतिबंधों में राहत समझौते के तहत ईरान पर लगाए गए कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में राहत देने और उसके तेल निर्यात को फिर से शुरू करने का रास्ता भी खुल सकता है। माना जा रहा है कि इससे ईरानी अर्थव्यवस्था को बड़ी राहत मिलेगी और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को भी मजबूती मिलेगी। वर्साय पैलेस में हार्ड कॉपी पर भी किए हस्ताक्षर अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार रात फ्रांस के वर्साय पैलेस में आयोजित एक डिनर कार्यक्रम के दौरान समझौते की हार्ड कॉपी पर भी आधिकारिक हस्ताक्षर किए। उस समय फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी मौजूद थे। व्हाइट हाउस ने इस साइनिंग का वीडियो भी जारी किया है, जिसमें ट्रंप डिनर टेबल पर दस्तावेज पर हस्ताक्षर करते नजर आ रहे हैं। कई महीनों की तनातनी और सैन्य तनाव के बाद हुआ यह समझौता अमेरिका और ईरान के रिश्तों में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम माना जा रहा है। इसके साथ ही पश्चिम एशिया में शांति और वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता की नई उम्मीद भी जगी है।  

Deepshikha जून 18, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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abhishek singh जुलाई 2, 2026 0