BSE Sensex

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सपाट बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 77,186 पर ठहरा, निफ्टी में मामूली गिरावट

मुंबई, एजेंसियां। गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार सीमित दायरे में कारोबार के बाद लगभग सपाट बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स 1 अंक की मामूली बढ़त के साथ 77,186 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 5 अंक फिसलकर 24,072 पर आ गया। दिनभर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन अंत में प्रमुख सूचकांकों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो रियल्टी शेयरों में सबसे अधिक बिकवाली दर्ज की गई, जबकि अन्य सेक्टरों में मिला-जुला रुख देखने को मिला।   वैश्विक बाजारों का हाल  वैश्विक बाजारों का असर भी घरेलू बाजार पर दिखाई दिया। एशियाई बाजारों में कारोबार मिश्रित रहा। हांगकांग का हैंगसेंग 1.33 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे। वहीं, एक दिन पहले अमेरिकी बाजारों में मजबूती रही थी। डाउ जोन्स, नैस्डैक और एसएंडपी 500 सभी बढ़त के साथ बंद हुए, जिससे वैश्विक निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है।   विदेशी निवेशकों (FII/FPI) ने गुरुवार को करीब 740 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 2,928 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर बाजार को सहारा दिया। पिछले सात दिनों में डीआईआई ने 9,177 करोड़ रुपये और पिछले 30 दिनों में 41,028 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की है। इसके मुकाबले एफआईआई लगातार बिकवाली करते रहे हैं।   बाजार विशेषज्ञों का मानना  बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों की नजर अब आगामी तिमाही नतीजों, वैश्विक आर्थिक संकेतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेगी। इन कारकों के आधार पर आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा तय हो सकती है। फिलहाल घरेलू निवेशकों की मजबूत खरीदारी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

abhishek singh जुलाई 16, 2026 0
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शेयर बाजार की मजबूत शुरुआत, सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा उछला; निफ्टी 24,200 के पार

मुंबई, एजेंसियां। घरेलू शेयर बाजार ने आज मजबूत शुरुआत की। कारोबार के शुरुआती सत्र में बीएसई सेंसेक्स 500 अंकों से अधिक चढ़कर 77,500 के ऊपर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 भी 24,200 के स्तर को पार कर गया। बाजार में सबसे ज्यादा खरीदारी बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में देखने को मिली।   वित्तीय शेयरों ने दिखाई मजबूती   बाजार की तेजी में HDFC Life, ICICI Prudential Life, ICICI Lombard और अन्य वित्तीय कंपनियों के शेयरों ने अहम भूमिका निभाई। पहली तिमाही के नतीजों की उम्मीद में निवेशकों ने इन शेयरों में जमकर खरीदारी की, जिससे बैंकिंग और फाइनेंशियल इंडेक्स में अच्छी बढ़त दर्ज हुई।   वैश्विक संकेतों से मिला समर्थन   विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका में उम्मीद से कम महंगाई  के आंकड़े आने के बाद वैश्विक बाजारों का माहौल सकारात्मक हुआ। इससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी की आशंकाएं कम हुईं और भारतीय बाजार को भी मजबूती मिली। हालांकि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम पर बनी हुई है।   आईटी शेयरों पर रहा दबाव   जहां बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में तेजी रही, वहीं कुछ आईटी शेयरों पर दबाव देखा गया। विदेशी टेक कंपनियों के कमजोर आउटलुक का असर भारतीय आईटी सेक्टर पर भी दिखाई दिया। इसके बावजूद व्यापक बाजार में खरीदारी के चलते प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ कारोबार करते रहे।

abhishek singh जुलाई 15, 2026 0
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लाल निशान पर बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 561 अंक टूटा, निफ्टी 24,052 पर बंद

मुंबई, एजेंसियां। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। तीन कारोबारी सत्रों की तेजी के बाद घरेलू बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 561.46 अंक यानी 0.72 फीसदी टूटकर 77,054.94 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 158.95 अंक यानी 0.66 फीसदी की गिरावट के साथ 24,052.05 के स्तर पर आ गया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 614.92 अंक तक फिसलकर 77,001.48 के निचले स्तर पर पहुंच गया।   वित्तीय, ऑटो और आईटी शेयरों में बिकवाली दिनभर के कारोबार में वित्तीय, ऑटो, रियल एस्टेट और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेक्टर के शेयरों पर सबसे अधिक दबाव रहा। सेंसेक्स में शामिल एचसीएल टेक के शेयर 4.42 फीसदी तक टूटे। इसके अलावा बजाज फिनसर्व, इंटरग्लोब एविएशन, भारतीय स्टेट बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा तथा लार्सन एंड टुब्रो के शेयरों में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर भारती एयरटेल, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), सन फार्मा, टाटा स्टील, अडानी पोर्ट्स और इटरनल के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। सुरक्षित माने जाने वाले हेल्थकेयर, फार्मा, एफएमसीजी और चुनिंदा मेटल शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।   कच्चा तेल महंगा, रुपया कमजोर वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 4.26 फीसदी बढ़कर 86.85 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई। वहीं, डॉलर के मुकाबले रुपया 54 पैसे टूटकर 96.22 (अस्थायी) के स्तर पर बंद हुआ। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव से ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने और आयात लागत बढ़ने की आशंका ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसके साथ ही जून में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित महंगाई बढ़कर 9.87 फीसदी होने से भी बाजार का निवेशक भाव कमजोर रहा। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 3,062.27 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना रहा।

abhishek singh जुलाई 14, 2026 0
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भारी गिरावट के बाद शेयर बाजार में जोरदार वापसी, सेंसेक्स 550 अंक से अधिक उछला; निफ्टी 24,000 के पार

मुंबई, एजेंसियां। पिछले कारोबारी सत्र की भारी बिकवाली के बाद गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में मजबूत रिकवरी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 550 अंकों से अधिक चढ़ गया, जबकि एनएसई निफ्टी 24,000 के स्तर के ऊपर पहुंच गया। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों का भरोसा लौटता नजर आया।   एक दिन पहले आई थी बड़ी गिरावट   बुधवार को वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के दबाव में भारतीय शेयर बाजार में तेज बिकवाली हुई थी। सेंसेक्स और निफ्टी में दो प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई थी, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा था।   आज क्यों लौटी बाजार में तेजी?   विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत और निचले स्तरों पर निवेशकों की खरीदारी के चलते बाजार में रिकवरी देखने को मिली। अधिकांश सेक्टरों में खरीदारी रही, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई।   आईटी शेयरों पर बना दबाव   हालांकि बाजार में तेजी रही, लेकिन आईटी सेक्टर अपेक्षाकृत कमजोर दिखाई दिया। तिमाही नतीजों से पहले कुछ प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में दबाव देखने को मिला, जिससे आईटी इंडेक्स पर असर पड़ा।   निवेशकों की नजर इन कारकों पर   बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर कंपनियों के पहली तिमाही के नतीजों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर रहेगी। यही कारक बाजार की अगली दिशा तय कर सकते हैं।   आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?   विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल रहीं और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता बनी रही, तो बाजार में रिकवरी का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है। हालांकि, निवेशकों को उतार-चढ़ाव के बीच सतर्क रहकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।

abhishek singh जुलाई 9, 2026 0
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लाल निशान पर बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 1,677 अंक टूटा, निफ्टी 23,900 के नीचे

मुंबई, एजेंसियां। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा ईरान के साथ युद्धविराम समझौते को समाप्त घोषित किए जाने के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंकाओं ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। इसका असर घरेलू बाजार पर भी दिखा और कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 1,677 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 581 अंक टूटकर 23,900 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे बंद हुआ।   सभी प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली बाजार में चौतरफा बिकवाली का माहौल रहा। सेंसेक्स के सभी 30 शेयर लाल निशान में बंद हुए। बैंकिंग, एफएमसीजी और ऑयल एंड गैस सेक्टर में दो प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक भी करीब दो प्रतिशत तक लुढ़क गए। प्रमुख कंपनियों में जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, मारुति सुजुकी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, कोटक महिंद्रा बैंक और भारती एयरटेल के शेयरों में उल्लेखनीय गिरावट रही।   निवेशकों को भारी नुकसान बाजार में आई इस तेज गिरावट से निवेशकों की करीब 10 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति घट गई। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण घटकर लगभग 470 लाख करोड़ रुपये रह गया। वहीं, बाजार में उतार-चढ़ाव को दर्शाने वाला इंडिया वीआईएक्स सूचकांक 27 प्रतिशत उछल गया, जो निवेशकों के बीच बढ़ी अनिश्चितता और डर को दर्शाता है।   गिरावट की प्रमुख वजहें विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका-ईरान तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड करीब पांच प्रतिशत बढ़कर 78 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। साथ ही यूरोप और एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली। बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच भारतीय रुपया भी डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ।   विशेषज्ञों की सलाह बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अल्पकाल में वैश्विक घटनाक्रम बाजार की दिशा तय करेंगे। हालांकि, भारत के मजबूत आर्थिक आधार और दीर्घकालिक निवेश संभावनाओं को देखते हुए निवेशकों को घबराकर निर्णय लेने के बजाय सतर्कता के साथ लंबी अवधि की रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।

abhishek singh जुलाई 8, 2026 0
America-Pakistan News: अमेरिका के रिपब्लिकन सीनेटर रिक स्कॉट ने अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम (सीजफायर) में पाकिस्तान की संभावित भूमिका पर सवाल उठाते हुए इस्लामाबाद की तीखी आलोचना की है। उन्होंने पाकिस्तान को आतंकवाद और धार्मिक उत्पीड़न से जोड़ते हु
अमेरिकी सीनेटर का पाकिस्तान पर हमला, बोले- जहां छिपा था लादेन, वह शांति का मध्यस्थ नहीं बन सकता

America-Pakistan News: अमेरिका के रिपब्लिकन सीनेटर रिक स्कॉट ने अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम (सीजफायर) में पाकिस्तान की संभावित भूमिका पर सवाल उठाते हुए इस्लामाबाद की तीखी आलोचना की है। उन्होंने पाकिस्तान को आतंकवाद और धार्मिक उत्पीड़न से जोड़ते हुए कहा कि दुनिया को यह नहीं भूलना चाहिए कि पाकिस्तान का अतीत क्या रहा है। शहबाज शरीफ की ईरान यात्रा पर उठाए सवाल सीनेटर रिक स्कॉट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि देते नजर आ रहे हैं। वीडियो में शहबाज शरीफ खामेनेई को एक महान नेता बताते दिखाई देते हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए स्कॉट ने कहा कि पाकिस्तान की यह भूमिका केवल दिखावा है और इसे शांति प्रक्रिया का विश्वसनीय मध्यस्थ नहीं माना जा सकता। "दुनिया याद रखे पाकिस्तान की असली पहचान" रिक स्कॉट ने कहा कि दुनिया को यह नहीं भूलना चाहिए कि पाकिस्तान वही देश है, जहां अल-कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन वर्षों तक छिपा रहा। उन्होंने पाकिस्तान पर धार्मिक अल्पसंख्यकों, खासकर ईसाइयों के खिलाफ ईशनिंदा कानूनों के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसे रिकॉर्ड वाला देश क्षेत्रीय शांति का नेतृत्व करने का दावा नहीं कर सकता। मध्यस्थता की भूमिका पर भी सवाल अमेरिकी सीनेटर ने कहा कि पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ बनने के योग्य नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस्लामाबाद की नीतियां उसे निष्पक्ष भूमिका निभाने से रोकती हैं। स्कॉट ने चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका पाकिस्तान की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है और उसके हर कदम का आकलन किया जा रहा है। ईरान के घटनाक्रम के बीच आया बयान रिक स्कॉट का यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ समेत कई देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच हालिया तनाव तथा क्षेत्रीय कूटनीतिक गतिविधियों को लेकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।  

Deepshikha जुलाई 8, 2026 0
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गिरावट के साथ  बंद हुआ शेयर बाजार

मुंबई, एजेंसियां। सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ। निवेशकों की सतर्कता और मेटल तथा रियल्टी सेक्टर में हुई बिकवाली के कारण प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 104 अंक गिरकर 78,181 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 32 अंक कमजोर होकर 24,399 के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि दिनभर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन अंतिम कारोबारी घंटों में बिकवाली का दबाव बढ़ने से बाजार संभल नहीं सका।   मेटल और रियल्टी शेयरों पर दबाव मंगलवार के कारोबार में मेटल और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत और मुनाफावसूली के चलते निवेशकों ने इन सेक्टरों में बिकवाली की। इसके विपरीत IT और कंज्यूमर ड्यूरेबल कंपनियों के शेयरों में खरीदारी बनी रही, जिससे बाजार को कुछ हद तक सहारा मिला। आईटी शेयरों में निवेशकों की रुचि बढ़ने से इस सेक्टर ने बेहतर प्रदर्शन किया।   बाजार में दिनभर रहा उतार-चढ़ाव कारोबार के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में कई बार तेजी और गिरावट का दौर देखने को मिला। हालांकि दिन के अंत में बाजार मामूली नुकसान के साथ बंद हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशक फिलहाल वैश्विक आर्थिक संकेतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और आगामी कॉर्पोरेट तिमाही नतीजों पर नजर बनाए हुए हैं। इसी कारण बाजार में सीमित दायरे में कारोबार देखने को मिल रहा है।   एक दिन पहले बाजार में रही थी जोरदार तेजी गौरतलब है कि सोमवार, 6 जुलाई को शेयर बाजार ने शानदार बढ़त दर्ज की थी। उस दिन सेंसेक्स 521 अंक चढ़कर 78,285 और निफ्टी 160 अंक की तेजी के साथ 24,430 पर बंद हुआ था। लेकिन मंगलवार को मुनाफावसूली और चुनिंदा सेक्टरों में बिकवाली के चलते बाजार की रफ्तार थम गई। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक संकेत और कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे।

abhishek singh जुलाई 7, 2026 0
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शेयर बाजार में दो दिनों की गिरावट के बाद शानदार वापसी, सेंसेक्स 150 अंक से अधिक चढ़ा; निफ्टी 23,900 के पार

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को लगातार दो दिनों की गिरावट के बाद मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 150 अंकों से अधिक उछलकर 76,600 के ऊपर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 भी 23,900 के स्तर के पार कारोबार करता दिखा। ऑटो, फार्मा और मिडकैप शेयरों में खरीदारी से बाजार को समर्थन मिला।   ऑटो और फार्मा शेयरों में जोरदार खरीदारी   बाजार में सबसे अधिक तेजी ऑटो और फार्मा सेक्टर में देखने को मिली। जून महीने के वाहन बिक्री आंकड़ों की उम्मीद में ऑटो शेयरों में खरीदारी बढ़ी, जबकि फार्मा कंपनियों के शेयर भी मजबूती के साथ कारोबार करते रहे। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी शुरुआती बढ़त दर्ज की गई।   वैश्विक संकेतों पर निवेशकों की नजर   विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति, कच्चे तेल की कीमतें और जुलाई महीने के मानसून का प्रदर्शन निवेशकों की चिंता का विषय बने हुए हैं। हालांकि बाजार में घरेलू निवेशकों की खरीदारी ने सकारात्मक माहौल बनाए रखा।   विशेषज्ञों की राय   बाजार विश्लेषकों का मानना है कि निकट भविष्य में सेंसेक्स और निफ्टी में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को वैश्विक घटनाक्रम, कॉरपोरेट नतीजों और आर्थिक आंकड़ों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

abhishek singh जुलाई 1, 2026 0
Stock Market
Stock Market: शेयर बाजार में शानदार तेजी, सेंसेक्स 200 अंक से अधिक उछला, निफ्टी 24,000 के पार

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को मजबूती के साथ कारोबार शुरू किया है। बीएसई सेंसेक्स 200 अंकों से अधिक चढ़कर 77,000 के ऊपर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 ने 24,000 का स्तर पार कर लिया है। पिछले कारोबारी सत्र में हुई गिरावट के बाद आज बाजार में रिकवरी देखने को मिली है।   बैंकिंग और ऑटो शेयरों में खरीदारी   आज के कारोबार में HDFC Bank, Maruti Suzuki और अन्य बैंकिंग शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। HDFC Bank में प्रबंधन स्तर पर हुए बदलाव और Maruti Suzuki के शेयरों में करीब 3% की तेजी ने बाजार को मजबूती दी है। बैंकिंग इंडेक्स भी हरे निशान में कारोबार करता रहा।   वैश्विक संकेतों से मिला सहारा   एशियाई बाजारों में मजबूती, अमेरिकी टेक शेयरों में रिकवरी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से भारतीय बाजार का सेंटीमेंट बेहतर हुआ। ब्रेंट क्रूड 73 डॉलर प्रति बैरल से नीचे रहने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।   इन शेयरों पर रही खास नजर   आज के कारोबार में HDFC Bank, Bajaj Auto, BPCL, Hindustan Unilever, Tata Motors, JSW Energy, Biocon, BHEL और City Union Bank जैसे शेयर निवेशकों के फोकस में रहे। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले सत्रों में इन शेयरों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।   निवेशकों की नजर आगे क्या?   विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों की नजर अब वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों (FII) के निवेश और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी। यदि सकारात्मक माहौल बना रहा तो बाजार में तेजी आगे भी जारी रह सकती है।

anjali kumari जून 30, 2026 0
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शेयर बाजार में शानदार तेजी, सेंसेक्स 200 अंक से अधिक उछला, निफ्टी 24,000 के पार

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को मजबूती के साथ कारोबार शुरू  किया है । बीएसई सेंसेक्स 200 अंकों से अधिक चढ़कर 77,000 के ऊपर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 ने 24,000 का स्तर पार कर लिया है। पिछले कारोबारी सत्र में हुई गिरावट के बाद आज बाजार में रिकवरी देखने को मिली है।   बैंकिंग और ऑटो शेयरों में खरीदारी   आज के कारोबार में HDFC Bank, Maruti Suzuki और अन्य बैंकिंग शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। HDFC Bank में प्रबंधन स्तर पर हुए बदलाव और Maruti Suzuki के शेयरों में करीब 3% की तेजी ने बाजार को मजबूती दी है। बैंकिंग इंडेक्स भी हरे निशान में कारोबार करता रहा।   वैश्विक संकेतों से मिला सहारा   एशियाई बाजारों में मजबूती, अमेरिकी टेक शेयरों में रिकवरी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से भारतीय बाजार का सेंटीमेंट बेहतर हुआ। ब्रेंट क्रूड 73 डॉलर प्रति बैरल से नीचे रहने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।   इन शेयरों पर रही खास नजर   आज के कारोबार में HDFC Bank, Bajaj Auto, BPCL, Hindustan Unilever, Tata Motors, JSW Energy, Biocon, BHEL और City Union Bank जैसे शेयर निवेशकों के फोकस में रहे। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले सत्रों में इन शेयरों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।   निवेशकों की नजर आगे क्या?   विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों की नजर अब वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों (FII) के निवेश और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी। यदि सकारात्मक माहौल बना रहा तो बाजार में तेजी आगे भी जारी रह सकती है।

abhishek singh जून 30, 2026 0
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Stock Market: शेयर बाजार की सुस्त शुरुआत, सेंसेक्स फिसला

मुंबई, एजेंसियां। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार, 29 जून 2026 को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सुस्त और मिले-जुले रुख के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में बढ़त दर्ज करने के बाद बीएसई सेंसेक्स लाल निशान में फिसल गया, जबकि एनएसई निफ्टी 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर बने रहने में सफल रहा। निवेशकों ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सतर्क रुख अपनाया, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला।   सुबह के कारोबार में सेंसेक्स 47.96 अंक यानी 0.06 फीसदी की गिरावट के साथ 77,052.51 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं, निफ्टी 13.55 अंक यानी 0.06 फीसदी की बढ़त के साथ 24,069.55 पर बना रहा। इस दौरान इटरनल और ट्रेंट के शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए टॉप गेनर्स की सूची में जगह बनाई।   ईरान-अमेरिका तनाव का बाजार पर असर बाजार की सुस्त शुरुआत के पीछे सबसे बड़ी वजह ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ा भू-राजनीतिक तनाव रहा। सप्ताहांत में दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हल्की तेजी देखने को मिली। तेल महंगा होने की आशंका ने निवेशकों को सतर्क कर दिया, जिसका असर घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत पर भी दिखाई दिया।   विशेषज्ञों का नजरिया अब भी सकारात्मक हालांकि बाजार की शुरुआत कमजोर रही, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार की दीर्घकालिक और निकट अवधि की तस्वीर अब भी मजबूत बनी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के 24,000 के स्तर से ऊपर बने रहने की संभावना है। उनका मानना है कि यदि भू-राजनीतिक तनाव कम होता है, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आती है और भारतीय रुपये में मजबूती बनी रहती है, तो बाजार को आगे भी समर्थन मिलता रहेगा।   वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले संकेत भी निवेशकों के लिए उत्साहजनक रहे। हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स करीब 1.9 फीसदी की बढ़त के साथ सबसे मजबूत रहा। चीन का शंघाई कंपोजिट और ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 भी बढ़त में कारोबार करते दिखे। वहीं, अमेरिकी एसएंडपी 500 फ्यूचर्स और यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स में भी मजबूती दर्ज की गई।   कुल मिलाकर, आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर निवेशकों की नजर रहेगी, क्योंकि यही बाजार की अगली दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

anjali kumari जून 29, 2026 0
Stock Market
The Bonus Market Update: तेजी के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 109 अंक चढ़ा; निफ्टी 24,050 के पार बंद

मुंबई, एजेंसियां। 25 जून 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती के साथ कारोबार का समापन किया। दिनभर के उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों की खरीदारी से बाजार हरे निशान में बंद हुआ। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 109.25 अंक यानी 0.14 फीसदी की बढ़त के साथ 77,100.47 अंक पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 34.35 अंक चढ़कर 24,056.00 के स्तर पर पहुंच गया।   बाजार की तेजी में सबसे बड़ा योगदान ऑटो, रियल्टी, बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और सीमेंट सेक्टर के शेयरों का रहा। खासतौर पर महिंद्रा एंड महिंद्रा और मारुति के शेयर करीब 4-4 फीसदी तक उछले, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। बैंकिंग शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिसने प्रमुख सूचकांकों को मजबूती दी।   मेटल और मीडिया सेक्टर में दिखी मुनाफावसूली हालांकि बाजार का समग्र रुख सकारात्मक रहा, लेकिन मेटल और मीडिया सेक्टर के शेयरों में निवेशकों ने मुनाफावसूली की। इसके चलते इन सेक्टरों में हल्की कमजोरी दर्ज की गई, जबकि अन्य प्रमुख सेक्टरों में खरीदारी बनी रही।   वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत अंतरराष्ट्रीय बाजारों से भी भारतीय बाजार को समर्थन मिला। एसएंडपी 500 फ्यूचर्स और नैस्डैक 100 फ्यूचर्स में बढ़त दर्ज की गई, जबकि यूरोपीय बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार रहा। जापान का टोपिक्स इंडेक्स बढ़त में रहा, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग और ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 इंडेक्स कमजोरी के साथ कारोबार करते दिखे।   विशेषज्ञों का मानना है कि ऑटो, बैंकिंग और रियल्टी जैसे प्रमुख सेक्टरों में लगातार निवेश यह संकेत देता है कि निवेशकों का भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास संभावनाओं पर भरोसा बरकरार है। ऐसे में निकट भविष्य में बाजार का रुख सकारात्मक बने रहने की उम्मीद जताई जा रही है।

anjali kumari जून 26, 2026 0
Indian stock market screen showing Sensex and Nifty trading higher during early session on 24 June 2026.
बाजार में फिर लौटी रौनक! सेंसेक्स 76,395 और निफ्टी 23,867 पर, निवेशकों की उम्मीदें बढ़ीं

मुंबई: बुधवार, 24 जून 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने मिले-जुले वैश्विक संकेतों के बीच सकारात्मक शुरुआत की। अमेरिकी बाजारों में कमजोरी के बावजूद घरेलू बाजार में खरीदारी का माहौल देखने को मिला, जिससे शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। सुबह करीब 9:30 बजे तक बीएसई सेंसेक्स 194 अंकों की बढ़त के साथ 76,395 पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 करीब 41 अंकों की मजबूती के साथ 23,867 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। शुरुआती कारोबार में बाजार का हाल इंडेक्स स्तर (सुबह 9:30 बजे) BSE Sensex 76,395 NSE Nifty 50 23,867 बाजार में तेजी का मुख्य कारण आईसीआईसीआई बैंक, इंफोसिस, टेक महिंद्रा और एलएंडटी जैसे दिग्गज शेयरों में खरीदारी रही। एनएसई के 15 सेक्टोरल इंडेक्स में से 11 बढ़त के साथ खुले। प्राइवेट बैंक, आईटी और हेल्थकेयर सेक्टर ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। वैश्विक संकेतों से क्यों बना दबाव? हालांकि घरेलू बाजार में मजबूती दिखी, लेकिन वैश्विक स्तर पर कुछ ऐसे कारक हैं जो निवेशकों की चिंता बढ़ा रहे हैं। अमेरिकी बाजारों में गिरावट पिछले कारोबारी सत्र में अमेरिकी बाजारों में बिकवाली देखने को मिली। खासकर टेक शेयरों में कमजोरी के कारण Nasdaq और S&P 500 दबाव में रहे। एशियाई बाजारों का मिश्रित रुख जापान और चीन के बाजारों में सुस्ती रही, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स करीब 3 प्रतिशत की मजबूती के साथ कारोबार करता नजर आया। ब्याज दरों को लेकर चिंता बाजार में यह आशंका बनी हुई है कि साल के अंत तक ब्याज दरों में बढ़ोतरी हो सकती है। इसी वजह से निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। आगे क्या रहेगा निफ्टी और सेंसेक्स का रुख? मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, फिलहाल बाजार एक अहम मोड़ पर खड़ा है। निफ्टी के लिए महत्वपूर्ण स्तर 23,900 के ऊपर टिकने पर निफ्टी 24,000 से 24,050 तक पहुंच सकता है। यदि दबाव बढ़ता है तो 23,640 तक गिरावट संभव है। सेंसेक्स के लिए अहम स्तर 76,500 का स्तर बाजार की अगली दिशा तय करने वाला माना जा रहा है। किन सेक्टरों में दिखा दबाव? आज के कारोबार में ऑटो, मेटल और मीडिया सेक्टर में कमजोरी देखने को मिली। वहीं बैंकिंग, आईटी और हेल्थकेयर शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही। निवेशकों के लिए क्या है सलाह? विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में संतुलित स्थिति बनी हुई है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचना चाहिए और अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार ही निवेश करना चाहिए। कच्चे तेल और सोने की कीमतों में आ रहे बदलाव भी आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।  

surbhi जून 24, 2026 0
Share Market
लाल निशान पर बंद हुआ बाजार, सेंसेक्स 607 अंक टूटा, निफ्टी 154 अंक फिसला

मुंबई, एजेंसियां। पिछले पांच कारोबारी सत्रों से जारी तेजी पर शुक्रवार को विराम लग गया। वैश्विक संकेतों और आईटी सेक्टर में तेज बिकवाली के चलते भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुआ। BSE Sensex 607.08 अंक यानी 0.78 फीसदी की गिरावट के साथ 76,802.90 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 154.90 अंक यानी 0.64 फीसदी फिसलकर 24,013.10 के स्तर पर आ गया। इस गिरावट से निवेशकों की धारणा पर असर पड़ा और बाजार में मुनाफावसूली देखने को मिली।   आईटी सेक्टर बना गिरावट की सबसे बड़ी वजह बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव आईटी शेयरों की बिकवाली से आया। वैश्विक आईटी कंपनी Accenture द्वारा राजस्व वृद्धि का अनुमान घटाकर 3-4 फीसदी किए जाने के बाद भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी आईटी इंडेक्स 5.5 फीसदी से अधिक टूट गया। Infosys के शेयर करीब 8 फीसदी और Tata Consultancy Services (TCS) के शेयर लगभग 6 फीसदी तक लुढ़क गए, जिससे पूरे बाजार पर दबाव बना रहा।   रिलायंस की AGM पर रही नजर, रुपया हुआ मजबूत दिनभर निवेशकों की नजर Reliance Industries की 49वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) पर भी रही। कंपनी ने Jio Platforms के आईपीओ के लिए सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर दाखिल करने की घोषणा की, हालांकि इसके बावजूद रिलायंस का शेयर हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ। दूसरी ओर, बैंकिंग और वित्तीय शेयरों ने बाजार को कुछ सहारा दिया।   शेयर बाजार में कमजोरी के बावजूद विदेशी मुद्रा बाजार से राहत मिली। भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 7 पैसे मजबूत होकर 94.33 (अनंतिम) पर बंद हुआ। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निफ्टी के लिए 24,000 का स्तर बेहद अहम है। यदि यह स्तर टूटता है तो अगले सप्ताह बाजार में बिकवाली का दबाव और बढ़ सकता है। ऐसे में निवेशकों को वैश्विक संकेतों और आईटी कंपनियों के आगामी तिमाही नतीजों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

abhishek singh जून 19, 2026 0
Share Market
बढ़त के साथ बंद हुआ शेयर बाजार , सेंसेक्स 254 अंक चढ़ा, निफ्टी 24150 के पार

नई दिल्ली, एजेंसियां। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को शानदार वापसी दर्ज की। शुरुआती गिरावट के बाद मजबूत खरीदारी के दम पर बाजार लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुआ। दिन के अंत में बीएसई सेंसेक्स 254.36 अंक (0.32%) की बढ़त के साथ 77,409.98 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 82.30 अंक (0.34%) चढ़कर 24,168 के स्तर के पार पहुंच गया।   सुबह दबाव में खुला बाजार, दिन में हुई तेज रिकवरी   कारोबार की शुरुआत में बाजार लाल निशान में खुला था, जिसका कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सख्त टिप्पणियां और ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की आशंका रही। हालांकि, जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, निवेशकों की चौतरफा खरीदारी ने बाजार को मजबूती दी और शुरुआती दबाव पूरी तरह खत्म हो गया।   सेक्टोरल प्रदर्शन रहा मिश्रित लेकिन मजबूत बाजार में अधिकतर सेक्टर हरे निशान में बंद हुए। रियल्टी, हेल्थकेयर, केमिकल्स और फार्मा सेक्टर ने तेजी को सबसे अधिक सपोर्ट दिया। बैंकिंग सेक्टर में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिसने बाजार को स्थिरता प्रदान की। हालांकि, आईटी सेक्टर आज सबसे बड़ा पिछड़ने वाला क्षेत्र रहा, जहां भारी बिकवाली के कारण दबाव बना रहा।   इन स्टॉक्स ने दिखाया दम कुछ प्रमुख शेयरों ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया। मैक्स हेल्थकेयर के शेयरों में करीब 6% की तेजी देखी गई, जबकि इंडिगो के शेयरों में भी मजबूत बढ़त दर्ज की गई।   कच्चे तेल में गिरावट से मिला सपोर्ट बाजार की मजबूती का एक बड़ा कारण कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भी रहा। इससे घरेलू अर्थव्यवस्था को राहत मिली और निवेशकों का भरोसा बढ़ा। सस्ते तेल और चुनिंदा खरीदारी ने बाजार को वैश्विक दबाव से बचाने में अहम भूमिका निभाई। लगातार पांचवें दिन की तेजी इस बात का संकेत है कि घरेलू बाजार की बुनियाद मजबूत बनी हुई है और निवेशक अभी भी भारतीय इक्विटी में भरोसा बनाए हुए हैं।

abhishek singh जून 18, 2026 0
Stock Market
Stock Market: तेजी के साथ बंद हुआ शेयर बाजार

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। वैश्विक संकेतों के मजबूत रहने और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव कम होने की खबरों के बीच सेंसेक्स 736.38 अंक की बढ़त के साथ 76,264.33 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 231 अंक चढ़कर 23,853.90 के स्तर पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में बाजार ने 1,000 से अधिक अंकों की शुरुआती बढ़त भी दर्ज की।   रुपये में मजबूती, डॉलर के मुकाबले 47 पैसे की बढ़त विदेशी मुद्रा बाजार में भी भारतीय रुपये ने मजबूती दिखाई। सोमवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 47 पैसे मजबूत होकर बंद हुआ। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक तनाव में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से रुपये को समर्थन मिला है।   कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की खबरों के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर पड़ा। ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 5 प्रतिशत गिरकर 82.90 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई, जो पिछले तीन महीनों का निचला स्तर माना जा रहा है। इससे भारत जैसी आयात-निर्भर अर्थव्यवस्थाओं को राहत मिलने की उम्मीद है।   एशियाई बाजारों में भी मजबूत तेजी वैश्विक बाजारों में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई 225 सूचकांक करीब 5 प्रतिशत तक उछले, जबकि हांगकांग और शंघाई के बाजार भी तेजी के साथ बंद हुए। घरेलू बाजार में ट्रेंट, मारुति, बजाज फिनसर्व और अल्ट्राटेक सीमेंट जैसे शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली।   विशेषज्ञों की राय और बाजार की स्थिति बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका-ईरान समझौते की संभावनाओं से वैश्विक जोखिम कम हुआ है, जिसका सीधा फायदा इक्विटी बाजारों को मिला है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारत में महंगाई पर दबाव घटने और आर्थिक स्थिरता में सुधार की उम्मीद है। हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने हाल ही में 1,082 करोड़ रुपये की बिकवाली की है, जो बाजार के लिए सतर्क संकेत माना जा रहा है।   कुल मिलाकर, वैश्विक सकारात्मक संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे सत्र में तेजी दर्ज की गई और निवेशकों की धारणा मजबूत बनी रही।

anjali kumari जून 15, 2026 0
Stock Market
Stock Market: हरे निशान पर खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा उछला

मुंबई, एजेंसियां। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने जोरदार शुरुआत की। ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से जारी तनाव कम होने की खबर के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा और इसका असर घरेलू बाजार पर साफ दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 1000 अंकों से अधिक की तेजी के साथ खुला, जबकि एनएसई निफ्टी 330 अंकों से ज्यादा चढ़कर कारोबार करता नजर आया। विदेशी मुद्रा बाजार में भी सकारात्मक माहौल रहा और रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 53 पैसे मजबूत होकर खुला।   इन शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा तेजी सेंसेक्स में सूचीबद्ध कंपनियों में इंडिगो, इटरनल, बजाज फाइनेंस और एशियन पेंट्स के शेयरों में सबसे अधिक तेजी दर्ज की गई। वहीं, निफ्टी में श्रीराम फाइनेंस, इंडिगो, इटरनल, बजाज फाइनेंस और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल (TMPV) के शेयर प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे। बाजार में खरीदारी का माहौल बनने से अधिकांश सेक्टर हरे निशान में कारोबार करते दिखाई दिए।   एशियाई बाजारों में भी लौटी मजबूती अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की घोषणा के बाद एशियाई बाजारों में भी शानदार तेजी देखने को मिली। जापान का निक्केई सूचकांक चार प्रतिशत से अधिक चढ़कर नई ऊंचाई पर पहुंच गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी 4.3 प्रतिशत मजबूत हुआ, जबकि ऑस्ट्रेलिया का ASX200 भी अच्छी बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। वैश्विक निवेशकों ने इस घटनाक्रम को सकारात्मक संकेत के रूप में लिया।   कच्चे तेल की कीमतों में राहत वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड की कीमत 3.45 डॉलर घटकर 83.88 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 3.95 डॉलर टूटकर 80.93 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। तेल की कीमतों में नरमी से भारत जैसे आयातक देशों को राहत मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह गिरावट जारी रहती है तो आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर भी इसका सकारात्मक असर पड़ सकता है। हालांकि, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सामान्य होने में अभी कुछ समय लग सकता है।

anjali kumari जून 15, 2026 0
Share Market
शेयर बाजार गुलजार, सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार तेजी

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को शानदार शुरुआत करते हुए निवेशकों को राहत दी। वैश्विक स्तर पर सकारात्मक माहौल, अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की उम्मीद तथा कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली। कारोबार के शुरुआती घंटों में बीएसई सेंसेक्स 850 अंकों से अधिक उछलकर करीब 74,700 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी भी लगभग 23,400 के स्तर के करीब कारोबार करता दिखाई दिया। दोनों प्रमुख सूचकांकों में एक प्रतिशत से अधिक की तेजी ने निवेशकों के मजबूत भरोसे का संकेत दिया।   किन सेक्टर्स ने सबसे ज्यादा दम दिखाया? बाजार की इस रैली में लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों ने सकारात्मक प्रदर्शन किया। रियल्टी सेक्टर सबसे बड़ा गेनर रहा, जबकि ऑटो, मीडिया और फाइनेंशियल सर्विसेज शेयरों में भी अच्छी खरीदारी दर्ज की गई। बैंकिंग शेयरों ने बाजार को मजबूत सहारा दिया, वहीं एफएमसीजी, फार्मा और हेल्थकेयर जैसे डिफेंसिव सेक्टरों में भी लगातार बढ़त बनी रही। हालांकि, आईटी सेक्टर का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा और इसमें केवल मामूली तेजी देखने को मिली।   दुनियाभर के बाजारों का क्या है हाल ? वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों ने भी भारतीय बाजार की तेजी को बल दिया। एशियाई बाजारों में जापान का टोपिक्स इंडेक्स और ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 उल्लेखनीय बढ़त के साथ कारोबार करते रहे। वहीं, हैंग सेंग फ्यूचर्स, एसएंडपी 500 फ्यूचर्स और यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स भी हरे निशान में रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी है। यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं और विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है, तो आने वाले कारोबारी सत्रों में भी भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिल सकता है।

abhishek singh जून 12, 2026 0
Stock market screen showing Sensex and Nifty gains with Reliance Industries leading the rally.
Share Market Update: शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स 400 अंक उछला, रिलायंस में सबसे ज्यादा बढ़त

नई दिल्ली: घरेलू शेयर बाजार में आज सकारात्मक शुरुआत देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 400 अंक से अधिक की तेजी के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी50 इंडेक्स 23,300 के स्तर को पार कर गया। सुबह करीब 9:45 बजे सेंसेक्स 430.61 अंक यानी 0.58 फीसदी की बढ़त के साथ 74,349.37 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 114.45 अंक या 0.49 फीसदी चढ़कर 23,356.55 अंक पर पहुंच गया। इस बीच भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 0.2 फीसदी कमजोर होकर 95.54 पर खुला। पिछले कारोबारी सत्र में रुपया 95.35 के स्तर पर बंद हुआ था। रिलायंस इंडस्ट्रीज में सबसे ज्यादा तेजी सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 22 शेयर हरे निशान में खुले। सबसे ज्यादा बढ़त रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में दर्ज की गई, जो करीब 1.5 फीसदी मजबूत हुए। इसके अलावा इन शेयरों में भी तेजी रही: हिंदुस्तान यूनिलीवर भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) इन्फोसिस ट्रेंट स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) लार्सन एंड टुब्रो (L&T) एचडीएफसी बैंक टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) इन शेयरों में रही कमजोरी दूसरी ओर कुछ प्रमुख शेयरों में गिरावट भी देखने को मिली। इनमें शामिल हैं: बजाज फिनसर्व पावरग्रिड टेक महिंद्रा एचसीएल टेक महिंद्रा एंड महिंद्रा सन फार्मा मारुति सुजुकी मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन ब्रॉडर मार्केट में भी मिश्रित रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.01 फीसदी की बढ़त रही। निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.25 फीसदी मजबूत हुआ। सेक्टरवार प्रदर्शन आज के कारोबार में FMCG सेक्टर सबसे मजबूत रहा। निफ्टी FMCG इंडेक्स में लगभग 1 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा: आईटी सेक्टर में खरीदारी प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में मजबूती ऑयल एंड गैस सेक्टर में बढ़त वहीं, मेटल और ऑटो सेक्टर में दबाव देखने को मिला। कच्चे तेल की कीमतों में भी बढ़ोतरी पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में हल्की तेजी देखी गई है। ब्रेंट क्रूड 0.65 फीसदी बढ़कर 92.04 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इंडियन बास्केट की कीमत 1.31 फीसदी बढ़कर 97.19 डॉलर प्रति बैरल हो गई। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव आने वाले दिनों में भारतीय बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।  

surbhi जून 10, 2026 0
Share Market
सपाट के साथ बंद हुआ शेयर बाजार

मुंबई, एजेंसियां। गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में दिनभर भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन कारोबार के अंत में प्रमुख सूचकांक लगभग सपाट स्तर पर बंद हुए। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली और आरबीआई की आगामी मौद्रिक नीति बैठक को लेकर निवेशकों में सतर्कता का माहौल बना रहा। कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स ने 74,544.24 अंक का उच्चतम और 73,807.30 अंक का न्यूनतम स्तर छुआ। दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स 13.84 अंक यानी 0.02 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 74,360.01 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी भी 10.95 अंक या 0.05 प्रतिशत चढ़कर 23,416.55 अंक पर बंद होने में सफल रहा। इन शेयरों ने संभाला बाजार सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में टाइटन, आईटीसी, टेक महिंद्रा, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), आईसीआईसीआई बैंक और इटरनल के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इन शेयरों ने बाजार को गिरावट से उबारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दूसरी ओर, इन्फोसिस, बजाज फिनसर्व, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचसीएल टेक और अदाणी पोर्ट्स जैसे शेयर दबाव में रहे और नुकसान के साथ बंद हुए। एफआईआई की बिकवाली बनी चिंता बाजार पर विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव लगातार बना हुआ है। एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार को एफआईआई ने 5,616.56 करोड़ रुपये मूल्य की इक्विटी की बिक्री की थी। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है। आरबीआई के फैसले पर टिकी निगाहें विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार ने निचले स्तरों से अच्छी रिकवरी दिखाई है, लेकिन निवेशकों की नजर अब शुक्रवार को आने वाले आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के फैसले पर है। यही फैसला आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय कर सकता है। फिलहाल निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और किसी बड़े संकेत का इंतजार कर रहे हैं।

Unknown जून 4, 2026 0
Stock Market
Stock Market: गिरावट के साथ शुरू हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 350 अंक टूटा

मुंबई, एजेंसियां। मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में गिरावट देखने को मिली। निवेशकों की सतर्कता और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच बाजार की शुरुआत नकारात्मक रही। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 350 अंक तक टूट गया, जबकि एनएसई निफ्टी भी 23,300 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। इससे बाजार में निवेशकों की चिंता बढ़ती दिखाई दी।   सेंसेक्स और निफ्टी का ताजा हाल सुबह 9:25 बजे तक सेंसेक्स 302.16 अंक यानी 0.40 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,965.18 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 105 अंक यानी 0.45 प्रतिशत गिरकर 23,277.60 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार के अधिकांश प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली का दबाव देखा गया, जिससे प्रमुख सूचकांकों पर असर पड़ा।   एशियाई बाजारों का भी कमजोर प्रदर्शन भारतीय बाजारों के साथ-साथ एशियाई शेयर बाजारों में भी कमजोरी दर्ज की गई। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और निवेशकों के सतर्क रुख के कारण अधिकांश एशियाई सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। इसका असर घरेलू बाजार की निवेशक धारणा पर भी पड़ा।   रुपये में हल्की मजबूती शेयर बाजार में गिरावट के बावजूद भारतीय मुद्रा रुपये ने मजबूती दिखाई। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 16 पैसे मजबूत होकर 95.03 के स्तर पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।   निवेशकों के लिए संकेत विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों के रुख और घरेलू आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी। फिलहाल निवेशकों को सतर्कता बरतने और गुणवत्ता वाले शेयरों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी जा रही है। लगातार पांच दिनों की गिरावट ने बाजार की कमजोर धारणा को उजागर किया है, हालांकि दीर्घकालिक निवेशकों के लिए यह अवसर भी साबित हो सकता है।

Unknown जून 2, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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