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Students preparing for UGC NET exam with study materials and syllabus focus on Paper 1 strategy
UGC NET 2026: पेपर-1 में सबसे ज्यादा सवाल कहां से आते हैं? 10 बार NET क्वालिफाई कर चुके डॉ. अमित ने बताए सफलता के मंत्र

यूजीसी नेट जून 2026 परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए अब समय बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। National Testing Agency ने परीक्षा का विषयवार शेड्यूल जारी कर दिया है और परीक्षा 22 जून से 30 जून 2026 तक आयोजित की जाएगी। ऐसे में अंतिम दिनों की तैयारी को लेकर 10 बार UGC NET क्वालिफाई कर चुके शिक्षाविद् Dr. Amit Kumar Niranjan ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। पेपर-1 में सबसे ज्यादा वेटेज किन टॉपिक्स का? डॉ. अमित कुमार निरंजन के अनुसार UGC NET पेपर-1 में कुछ ऐसे विषय हैं जिनसे हर साल अच्छी संख्या में प्रश्न पूछे जाते हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: रीजनिंग (Reasoning) अनसीन पैसेज (Reading Comprehension) मैथमैटिकल ऑपरेशंस पर्यावरण अध्ययन (Environmental Studies) बेसिक एप्टीट्यूड आधारित प्रश्न उनका कहना है कि इन विषयों की मजबूत तैयारी उम्मीदवारों को 20 से 25 प्रश्न आसानी से हल करने में मदद कर सकती है, जिससे कुल स्कोर में बड़ा अंतर आ सकता है। अंतिम दिनों में कैसे करें तैयारी? विशेषज्ञों के मुताबिक अब नए टॉपिक शुरू करने के बजाय रिवीजन पर ध्यान देना अधिक फायदेमंद रहेगा। तैयारी के लिए ये रणनीति अपनाई जा सकती है: पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करें। रोजाना मॉक टेस्ट दें। रीजनिंग और मैथ्स की नियमित प्रैक्टिस करें। पर्यावरण और करंट अफेयर्स के महत्वपूर्ण विषयों को दोहराएं। समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान दें। पेपर-1 को हल्के में न लें डॉ. अमित का कहना है कि अधिकांश उम्मीदवारों की पकड़ पेपर-2 पर मजबूत होती है, लेकिन चयन में पेपर-1 की भूमिका बेहद अहम होती है। उनके अनुसार पेपर-1 में 30 से 40 अंक जुटाना कई बार चुनौतीपूर्ण साबित होता है क्योंकि यह परीक्षा उम्मीदवार की विश्लेषणात्मक क्षमता, समझ और तर्कशक्ति को परखती है। इसलिए अंतिम दिनों में पेपर-1 की ज्यादा से ज्यादा प्रैक्टिस करनी चाहिए। परीक्षा पैटर्न में कोई बदलाव नहीं विशेषज्ञों के अनुसार जून 2026 परीक्षा का पैटर्न दिसंबर 2025 सत्र जैसा ही रहेगा। ऐसे में उम्मीदवारों को उसी रणनीति के अनुसार तैयारी जारी रखनी चाहिए। हालांकि उन्होंने सलाह दी है कि इस बार: मैथ्स सेक्शन पर अतिरिक्त फोकस करें। रीजनिंग की अधिक प्रैक्टिस करें। विश्वसनीय और अपडेटेड स्रोतों से करंट अफेयर्स पढ़ें। 22 जून से शुरू होगी परीक्षा National Testing Agency द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार UGC NET जून 2026 परीक्षा 22 जून से 30 जून तक CBT मोड में आयोजित होगी। परीक्षा दो शिफ्ट में होगी: सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक दोपहर 3:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक 80 से अधिक विषयों की परीक्षा निर्धारित तिथियों पर आयोजित की जाएगी। कब आएगी एग्जाम सिटी स्लिप और एडमिट कार्ड? एनटीए के अनुसार परीक्षा शहर की जानकारी देने वाली एग्जाम सिटी स्लिप परीक्षा से लगभग 8 से 10 दिन पहले जारी की जाएगी। 22 जून को परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों की सिटी स्लिप 12 से 14 जून के बीच जारी होने की संभावना है। वहीं एडमिट कार्ड परीक्षा तिथि से कुछ दिन पहले आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएंगे। सफलता के लिए अंतिम सलाह विशेषज्ञों का मानना है कि अंतिम दिनों में घबराने के बजाय स्मार्ट तैयारी करना सबसे जरूरी है। सीमित समय में महत्वपूर्ण विषयों की बार-बार प्रैक्टिस और मॉक टेस्ट से प्रदर्शन बेहतर किया जा सकता है।  

surbhi जून 8, 2026 0
Government job recruitment notification board showing multiple vacancies and application deadlines in India 2026
Weekly 7 Govt Jobs 2026: इस हफ्ते खत्म हो रही हैं 7 बड़ी सरकारी भर्तियां, 14 जून से पहले करें आवेदन

सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए जून 2026 का यह सप्ताह बेहद महत्वपूर्ण है। रेलवे, भारतीय सेना, यूपीएससी, बैंकिंग और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में निकली कई बड़ी भर्तियों की आवेदन प्रक्रिया 14 जून तक समाप्त होने वाली है। ऐसे में योग्य अभ्यर्थियों के लिए यह अंतिम मौका है कि वे समय रहते आवेदन पूरा कर लें। 1. UPSSSC टेक्निकल असिस्टेंट ग्रुप-C भर्ती 2026 उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने 2759 पदों पर टेक्निकल असिस्टेंट ग्रुप-C भर्ती निकाली है। योग्यता: बीएससी एग्रीकल्चर, हॉर्टिकल्चर, होम साइंस, कम्युनिटी साइंस या फॉरेस्ट्री अथवा एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग में बीई/बीटेक यूपी पीईटी-2025 उत्तीर्ण अंतिम तिथि: 11 जून 2026 2. रेलवे असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) भर्ती 2026 रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने 11,127 पदों पर असिस्टेंट लोको पायलट भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। योग्यता: 10वीं पास संबंधित ट्रेड में आईटीआई या मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिग्री आयु सीमा: 18 से 30 वर्ष अंतिम तिथि: 14 जून 2026 3. भारतीय सेना TES-56 एंट्री 2026 भारतीय सेना ने 10+2 टेक्निकल एंट्री स्कीम (TES-56) के तहत आवेदन आमंत्रित किए हैं। योग्यता: 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स न्यूनतम 60% अंक JEE Main 2026 में शामिल होना अनिवार्य पद: 90 अंतिम तिथि: 12 जून 2026 4. UPSC NDA-II और CDS-II 2026 संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने NDA-II और CDS-II परीक्षाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। CDS-II कुल पद: 451 NDA-II कुल पद: 394 अंतिम तिथि: 9 जून 2026, शाम 6 बजे तक 5. बैंक ऑफ बड़ौदा अप्रेंटिस भर्ती 2026 बैंक ऑफ बड़ौदा में 5000 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती निकली है। योग्यता: किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक आयु सीमा: 20 से 28 वर्ष अंतिम तिथि: 8 जून 2026 आवेदन शुल्क सामान्य/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस: ₹800 महिला उम्मीदवार: ₹600 एससी/एसटी: ₹200 6. SBI अप्रेंटिस भर्ती 2026 भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने 7150 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती निकाली है। योग्यता: स्नातक नई अंतिम तिथि: 15 जून 2026 7. RRC SECR बिलासपुर अप्रेंटिस भर्ती 2026 दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) बिलासपुर ने 1191 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती निकाली है। योग्यता: 10वीं में कम से कम 50% अंक संबंधित ट्रेड में आईटीआई अंतिम तिथि: 11 जून 2026 8. NALCO नॉन-एग्जीक्यूटिव भर्ती 2026 नेशनल एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (NALCO) ने 268 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। पद: ऑपरेटर माइनिंग मेट जूनियर फोरमैन टेक्नीशियन सहित अन्य योग्यता: 10वीं पास संबंधित ट्रेड में आईटीआई/डिप्लोमा अंतिम तिथि: 10 जून 2026 आवेदन शुल्क: सामान्य/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस: ₹100 एससी/एसटी/पीडब्ल्यूडी: शुल्क मुक्त उम्मीदवारों के लिए जरूरी सलाह इन भर्तियों की अंतिम तिथियां बेहद नजदीक हैं। आवेदन करने से पहले आधिकारिक अधिसूचना को ध्यान से पढ़ें और पात्रता, आयु सीमा, दस्तावेज और शुल्क की जानकारी अवश्य जांच लें। अंतिम दिन वेबसाइट पर अधिक ट्रैफिक की वजह से तकनीकी समस्याएं आ सकती हैं, इसलिए समय रहते आवेदन करना बेहतर रहेगा।  

surbhi जून 8, 2026 0
IPS officer Pratap Gopendra whose journey from a rural childhood to the police service inspires UPSC aspirants.
Success Story: गाय-भैंस चराने से लेकर IPS बनने तक, प्रताप गोपेंद्र की कहानी लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा

UPSC Success Story of IPS Pratap Gopendra: कहते हैं कि मेहनत, धैर्य और सही फैसले इंसान की किस्मत बदल सकते हैं। उत्तर प्रदेश कैडर के IPS अधिकारी प्रताप गोपेंद्र की कहानी इसका जीता-जागता उदाहरण है। एक समय ऐसा था जब उन्हें UPSC जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा अपनी पहुंच से बाहर लगती थी, लेकिन संघर्षों से हार मानने के बजाय उन्होंने लगातार मेहनत की और आखिरकार भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में जगह बनाई। गाय-भैंस चराते हुए बीता बचपन ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े प्रताप गोपेंद्र का बचपन बेहद साधारण परिस्थितियों में गुजरा। उन्होंने आठवीं तक की पढ़ाई बोरी पर बैठकर की। बचपन में वह गाय-भैंस चराते थे और सीमित संसाधनों के बीच अपना जीवन बिताते थे। उस समय उनके सामने कोई बड़ा लक्ष्य नहीं था, लेकिन कठिन परिस्थितियों ने उन्हें मजबूत बनाया। सीमित आय के बावजूद नहीं टूटा हौसला प्रताप गोपेंद्र के पिता एक छोटी डिस्पेंसरी चलाते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी, लेकिन शिक्षा को महत्व दिया जाता था। उन्होंने वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई पूरी की और इसके बाद सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने का फैसला किया। साल 2005 में वह इलाहाबाद (अब प्रयागराज) पहुंचे और UPSC तथा UPPCS की तैयारी शुरू की। एक फैसले ने बदल दी किस्मत शुरुआत में उन्होंने जूलॉजी और बॉटनी विषय चुने, लेकिन इन विषयों में आत्मविश्वास की कमी महसूस हुई। इसके बाद दोस्तों की सलाह पर उन्होंने इतिहास और दर्शनशास्त्र को वैकल्पिक विषय के रूप में चुना। यही फैसला उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। कोचिंग फीस के लिए भी नहीं थे पैसे प्रताप गोपेंद्र के सामने आर्थिक चुनौतियां लगातार बनी रहीं। इतिहास की कोचिंग की फीस 3000 रुपये थी, जो बातचीत के बाद 2500 रुपये कर दी गई। लेकिन एक साथ इतनी रकम देना भी उनके लिए आसान नहीं था। उन्होंने पांच किश्तों में फीस जमा की। इसी दौरान दर्शनशास्त्र के शिक्षक ने उनके उत्तर लेखन की सराहना की, जिससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ा और पहली बार उन्हें लगा कि वह UPSC परीक्षा पास कर सकते हैं। कई असफलताओं के बाद मिली सफलता साल 2008 में उन्होंने पहली बार UPSC प्रीलिम्स और मेन्स परीक्षा पास की, लेकिन इंटरव्यू में चयन नहीं हो सका। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार प्रयास जारी रखा। आखिरकार उन्होंने UPSC परीक्षा में सफलता हासिल की और 2012 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के IPS अधिकारी बने। वर्तमान में DIG के पद पर तैनात आज प्रताप गोपेंद्र पुलिस उप-महानिरीक्षक (DIG) के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनकी संघर्ष से सफलता तक की कहानी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।  

surbhi जून 6, 2026 0
Ranchi University Placement
प्रोफेशनल डिग्री होने के बाद भी कम पैकेज! रांची यूनिवर्सिटी में प्लेसमेंट ड्राइव को लेकर उठ रहे कई  सवाल

रांची। रांची विश्वविद्यालय में लंबे समय से निष्क्रिय पड़ा प्लेसमेंट सेल एक बार फिर सक्रिय होता दिखाई दिया, जब विश्वविद्यालय परिसर के जनसंचार विभाग में प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन किया गया। इस अभियान में विभिन्न विभागों और प्रोफेशनल कोर्स के छात्रों ने भाग लिया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे छात्रों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।   15 से 17 हजार रुपये के पैकेज पर उठे सवाल प्लेसमेंट ड्राइव में फ्लिपकार्ट की वेयरहाउस मैनेजमेंट भर्ती प्रक्रिया आयोजित की गई, जिसमें चयनित उम्मीदवारों को 15 से 17 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन का प्रस्ताव दिया गया। खास बात यह रही कि इंटरव्यू में स्नातक छात्रों के साथ-साथ एमबीए जैसे प्रोफेशनल कोर्स के विद्यार्थी भी शामिल हुए। इससे छात्रों के बीच यह सवाल उठने लगा कि उच्च शिक्षा और पेशेवर डिग्री हासिल करने के बावजूद उन्हें कम वेतन वाली नौकरियों के लिए आवेदन क्यों करना पड़ रहा है।   प्रोफेशनल कोर्स, लेकिन कमजोर प्लेसमेंट रिकॉर्ड रांची विश्वविद्यालय में एमबीए, एमसीए, एलएलएम, पत्रकारिता एवं जनसंचार, साइबर सुरक्षा, जैव प्रौद्योगिकी, फैशन डिजाइन, क्लिनिकल साइकोलॉजी, पर्यावरण विज्ञान और योग विज्ञान सहित कई रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं। इसके बावजूद विश्वविद्यालय का प्लेसमेंट रिकॉर्ड अपेक्षाकृत कमजोर रहा है। अधिकांश छात्रों को नौकरी के लिए ऑफ-कैंपस अवसरों, निजी संपर्कों या प्रतियोगी परीक्षाओं पर निर्भर रहना पड़ता है।   छात्रों ने नियमित कैंपस भर्ती की मांग की कई छात्रों ने कहा कि वे पहली बार किसी कैंपस प्लेसमेंट प्रक्रिया का हिस्सा बने हैं। उनका मानना है कि यदि नियमित रूप से कंपनियां विश्वविद्यालय आएं तो छात्रों को रोजगार के लिए बाहर भटकना नहीं पड़ेगा। छात्रों ने बेहतर वेतन और प्रोफाइल वाली कंपनियों को आमंत्रित करने की भी मांग की।   संस्थागत सुधार की जरूरत प्लेसमेंट सेल के समन्वयक के अनुसार, अन्य कंपनियों से भी बातचीत जारी है और भविष्य में अधिक अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि केवल एक-दो प्लेसमेंट ड्राइव पर्याप्त नहीं हैं। उद्योगों के साथ साझेदारी, नियमित कैंपस इंटरव्यू, स्किल ट्रेनिंग और करियर काउंसिलिंग जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत बनाकर ही छात्रों को उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार दिलाया जा सकता है।

Anjali Kumari मई 30, 2026 0
ECE technology, semiconductor chips and AI careers in a modern tech lab
इंजीनियरिंग का नया ‘किंग’ बना ECE, प्लेसमेंट और सैलरी में CSE को दे रहा कड़ी टक्कर

Computer Science Engineering को लंबे समय तक इंजीनियरिंग की सबसे लोकप्रिय ब्रांच माना जाता रहा। हर छात्र का सपना CSE में एडमिशन लेना और बड़ी टेक कंपनियों में नौकरी पाना होता था। लेकिन अब तस्वीर तेजी से बदलती नजर आ रही है। इंजीनियरिंग की दुनिया में एक नई ब्रांच तेजी से उभरकर सामने आई है, जिसने प्लेसमेंट और करियर ग्रोथ के मामले में सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यह ब्रांच है Electronics and Communication Engineering यानी ECE। क्यों बढ़ रहा है ECE का क्रेज? दुनिया अब सिर्फ ऐप्स और वेबसाइट्स तक सीमित नहीं रह गई है। टेक्नोलॉजी का फोकस तेजी से हार्डवेयर, चिप डिजाइन, स्मार्ट डिवाइसेस और कम्युनिकेशन सिस्टम्स की ओर बढ़ रहा है। आज जिन तकनीकों की सबसे ज्यादा चर्चा है, उनमें शामिल हैं: 5G और 6G नेटवर्क Artificial Intelligence (AI) Internet of Things (IoT) Semiconductor Technology Robotics और Automation इन सभी सेक्टर्स की नींव इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन पर टिकी हुई है। यही वजह है कि कंपनियां अब ऐसे इंजीनियर्स की तलाश में हैं जो सिर्फ कोडिंग ही नहीं, बल्कि हार्डवेयर और सिस्टम लेवल टेक्नोलॉजी को भी समझते हों। AI ने बढ़ाई CSE छात्रों की चिंता पिछले कुछ वर्षों में AI टूल्स ने कोडिंग इंडस्ट्री को काफी बदल दिया है। कई बेसिक प्रोग्रामिंग और ऑटोमेशन वाले काम अब AI खुद करने लगा है। इसके चलते IT सेक्टर में पहले जैसी बड़े स्तर की हायरिंग में कुछ धीमापन देखने को मिला है। दूसरी तरफ ECE छात्रों की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। खासकर सेमीकंडक्टर, एम्बेडेड सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक्स डिजाइनिंग कंपनियां तेजी से भर्ती कर रही हैं। बड़े कॉलेजों में ECE छात्रों का शानदार प्लेसमेंट अब यह सिर्फ चर्चा तक सीमित नहीं है। देश के कई बड़े इंजीनियरिंग संस्थानों के प्लेसमेंट आंकड़े भी ECE की बढ़ती ताकत को दिखा रहे हैं। Indian Institute of Technology BHU, National Institute of Technology Rourkela और IIIT Hyderabad जैसे संस्थानों में ECE छात्रों को शानदार पैकेज मिले हैं। कई कोर इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप डिजाइन कंपनियां अब करोड़ों के ऑफर तक दे रही हैं। खास बात यह है कि कई कॉलेजों में ECE का एवरेज पैकेज अब CSE के बराबर या उससे भी ज्यादा पहुंच चुका है। ECE छात्रों के लिए कहां हैं मौके? ECE करने वाले छात्रों के लिए करियर के कई नए रास्ते खुल रहे हैं: Semiconductor Industry Chip Design Companies Telecom Sector AI Hardware Development Robotics Embedded Systems Space और Defense Technology भारत सरकार भी सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर पर तेजी से फोकस कर रही है, जिससे आने वाले वर्षों में ECE इंजीनियर्स की मांग और बढ़ सकती है। क्या ECE भविष्य की सबसे मजबूत ब्रांच बन सकती है? विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाला समय सिर्फ सॉफ्टवेयर का नहीं, बल्कि Software + Hardware Integration का होगा। ऐसे में ECE जैसी ब्रांच छात्रों को ज्यादा विविध और भविष्य-केंद्रित अवसर दे सकती है। हालांकि, करियर चुनते समय सिर्फ ट्रेंड नहीं बल्कि अपनी रुचि और स्किल्स को प्राथमिकता देना भी बेहद जरूरी है।  

surbhi मई 20, 2026 0
Income Tax Department office building representing Office Superintendent government job under SSC CGL recruitment.
इनकम टैक्स विभाग में Office Superintendent की नौकरी क्यों है खास? जानिए सैलरी, काम और चयन प्रक्रिया

Income Tax Department में नौकरी करना आज भी लाखों युवाओं का सपना माना जाता है। अच्छी सैलरी, सरकारी सुविधाएं और सम्मानजनक पद के कारण इस विभाग की नौकरियों का काफी क्रेज रहता है। हाल ही में एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद “Office Superintendent” पद चर्चा में आ गया है, जिसके बारे में कई अभ्यर्थी जानकारी जुटा रहे हैं। यह पद Central Board of Direct Taxes (CBDT) के अंतर्गत आता है और इसे Staff Selection Commission की SSC CGL परीक्षा के जरिए भरा जाता है। ग्रुप-B की प्रतिष्ठित पोस्ट Income Tax Department में Office Superintendent एक Group-B Non-Gazetted पद होता है। यह Pay Level-6 के अंतर्गत आता है और इसमें प्रशासनिक व सुपरवाइजरी जिम्मेदारियां निभानी होती हैं। यह नौकरी उन उम्मीदवारों के लिए काफी आकर्षक मानी जाती है जो सरकारी सेक्टर में स्थिर करियर और बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस चाहते हैं। क्या होता है Office Superintendent का काम? इस पद पर नियुक्त कर्मचारी विभाग के प्रशासनिक कार्यों की निगरानी करता है। ऑफिस के संचालन को व्यवस्थित रखना इसकी मुख्य जिम्मेदारी होती है। प्रमुख जिम्मेदारियां ऑफिस के दैनिक कार्यों की निगरानी कर्मचारियों के कार्यों का समन्वय प्रशासनिक रिपोर्ट तैयार करना विभागीय प्रक्रियाओं और रिकॉर्ड का प्रबंधन ऑफिस मैनेजमेंट से जुड़े कार्यों को संभालना यह पूरी तरह प्रशासनिक और सुपरवाइजरी प्रकृति की नौकरी होती है। कितनी मिलती है सैलरी? Office Superintendent पद पर शुरुआती बेसिक पे ₹35,400 प्रति माह होती है। इसके अलावा HRA, DA और अन्य सरकारी भत्ते भी मिलते हैं। अनुमानित सैलरी स्ट्रक्चर वेतन विवरण राशि शुरुआती बेसिक पे ₹35,400 प्रति माह HRA, DA और अन्य भत्ते नियमानुसार अनुमानित इन-हैंड सैलरी ₹48,000 से ₹58,000 प्रति माह मेट्रो शहरों में पोस्टिंग होने पर HRA ज्यादा मिलने के कारण इन-हैंड सैलरी ₹60,000 के करीब भी पहुंच सकती है। कैसे बन सकते हैं Office Superintendent? इस पद पर चयन के लिए उम्मीदवारों को SSC CGL परीक्षा पास करनी होती है। मेरिट और पोस्ट प्रेफरेंस के आधार पर उम्मीदवारों को विभाग और पद आवंटित किए जाते हैं। जरूरी योग्यता किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन SSC CGL परीक्षा में सफलता मेरिट लिस्ट में अच्छा प्रदर्शन क्यों लोकप्रिय है यह नौकरी? इस पद की लोकप्रियता के पीछे कई वजहें हैं: आकर्षक सरकारी सैलरी स्थिर और सुरक्षित करियर प्रमोशन के अच्छे अवसर केंद्रीय सरकारी कर्मचारी के लाभ बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस इसी वजह से हर साल लाखों उम्मीदवार SSC CGL परीक्षा देकर इनकम टैक्स विभाग में नौकरी पाने का सपना देखते हैं।  

surbhi मई 19, 2026 0
Candidates applying online for UP Cooperative Bank recruitment 2026 with over 2000 vacancies
यूपी सहकारी बैंक में 2000+ पदों पर बंपर भर्ती: बैंकिंग से टेक्निकल तक सुनहरा मौका, जानें पूरी प्रक्रिया

सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। Uttar Pradesh Cooperative Institutional Service Board (UPCISB) ने वर्ष 2026 के लिए व्यापक भर्ती अभियान की घोषणा की है। इस भर्ती के तहत कुल 2085 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी, जिसमें बैंकिंग, नॉन-बैंकिंग और टेक्निकल क्षेत्रों के विविध पद शामिल हैं। यह भर्ती उन उम्मीदवारों के लिए खास अवसर है, जो वित्तीय संस्थानों या तकनीकी सेवाओं में अपना करियर बनाना चाहते हैं। आवेदन प्रक्रिया 25 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है और उम्मीदवार 15 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। किन-किन पदों पर भर्ती? इस भर्ती अभियान के तहत कई महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति की जाएगी: बैंकिंग सर्विस: क्लर्क, कैशियर, जूनियर मैनेजर नॉन-बैंकिंग सर्विस: एडमिनिस्ट्रेटिव असिस्टेंट, ऑफिस मैनेजर टेक्निकल सर्विस: आईटी ऑफिसर, सिविल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से जुड़े पद वैकेंसी का पूरा विवरण मैनेजर – 65 पद जूनियर मैनेजर – 486 पद बैंक सहायक / कैशियर – 887 पद कंप्यूटर मैनेजर – 10 पद जनरल मैनेजर – 42 पद अकाउंटेंट – 24 पद असिस्टेंट अकाउंटेंट – 34 पद अकाउंट क्लर्क – 2 पद स्टेनोग्राफर – 23 पद जूनियर असिस्टेंट – 45 पद टाइपिस्ट – 71 पद असिस्टेंट इंजीनियर (सिविल) – 32 पद असिस्टेंट इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) – 2 पद जूनियर इंजीनियर (सिविल) – 211 पद जूनियर इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) – 7 पद योग्यता और आयु सीमा बैंकिंग पदों के लिए किसी भी विषय में स्नातक (Graduation) आवश्यक है, जबकि कुछ पदों पर कॉमर्स या गणित पृष्ठभूमि को प्राथमिकता दी जा सकती है। टेक्निकल पदों के लिए संबंधित क्षेत्र में बीटेक या डिप्लोमा अनिवार्य होगा। आयु सीमा से जुड़ी विस्तृत जानकारी आधिकारिक नोटिफिकेशन में उपलब्ध है। कैसे करें आवेदन? उम्मीदवार UPCISB Official Website पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया इस प्रकार है: वेबसाइट पर जाएं और भर्ती लिंक पर क्लिक करें नया रजिस्ट्रेशन करें लॉगिन कर आवेदन फॉर्म भरें जरूरी दस्तावेज अपलोड करें ऑनलाइन फीस जमा करें फॉर्म सबमिट कर प्रिंट निकाल लें क्यों खास है यह भर्ती? इतनी बड़ी संख्या में पदों की घोषणा यह दर्शाती है कि सहकारी बैंकिंग सेक्टर में रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। यह भर्ती न केवल फ्रेशर्स बल्कि अनुभवी उम्मीदवारों के लिए भी एक बड़ा अवसर है।  

surbhi मई 6, 2026 0
Students checking JEE Main 2026 results online on laptop with exam stress and anticipation
JEE Main Session 2 Result 2026 आज जारी होने की संभावना, लाखों छात्रों का इंतजार खत्म–जानें Advanced की अहम तारीखें

देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में से एक JEE Main के सेशन 2 का रिजल्ट आज, 20 अप्रैल 2026 को जारी किया जा सकता है। National Testing Agency (NTA) किसी भी समय परिणाम घोषित कर सकता है, जिससे लाखों उम्मीदवारों का इंतजार खत्म होने वाला है। इस बार परीक्षा 2 अप्रैल से 9 अप्रैल 2026 के बीच आयोजित की गई थी, जबकि प्रोविजनल आंसर की 11 अप्रैल को जारी की गई थी। अब सभी की नजरें रिजल्ट पर टिकी हैं, जो आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। कहां और कैसे चेक करें रिजल्ट रिजल्ट जारी होते ही उम्मीदवार jeemain.nta.nic.in पर जाकर अपना स्कोरकार्ड देख सकते हैं। चेक करने के आसान स्टेप्स: ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं “JEE Main Session 2 Result 2026” लिंक पर क्लिक करें Application Number और Date of Birth दर्ज करें Submit पर क्लिक करें स्क्रीन पर रिजल्ट दिखाई देगा, इसे डाउनलोड और प्रिंट कर लें परीक्षा से जुड़े अहम अपडेट JEE Main Session 2 के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक चली थी। परीक्षा शहर की जानकारी 22 मार्च को जारी हुई थी, जबकि एडमिट कार्ड परीक्षा से तीन दिन पहले उपलब्ध कराए गए थे। अब अगला लक्ष्य: JEE Advanced 2026 JEE Main में सफल उम्मीदवारों के लिए अगला कदम JEE Advanced है, जो देश के प्रतिष्ठित IITs में प्रवेश का रास्ता खोलता है। महत्वपूर्ण तारीखें: आवेदन शुरू: 23 अप्रैल 2026 आवेदन की अंतिम तिथि: 2 मई 2026 फीस जमा करने की आखिरी तारीख: 4 मई 2026 एडमिट कार्ड जारी: 11 मई 2026 परीक्षा तिथि: 17 मई 2026 रिजल्ट: 1 जून 2026 आगे की रणनीति क्या हो? जिन छात्रों का JEE Main में अच्छा स्कोर है, उनके लिए अब समय बेहद महत्वपूर्ण है। Advanced परीक्षा का स्तर अधिक चुनौतीपूर्ण होता है, इसलिए: कॉन्सेप्ट क्लियर रखें पिछले वर्षों के पेपर्स हल करें टाइम मैनेजमेंट पर ध्यान दें

surbhi अप्रैल 20, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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