Celebrity Gossip

Kangana Ranaut spotted wearing mangalsutra and green bangles, sparking secret wedding rumors on social media
कंगना रनौत के मंगलसूत्र वाले वीडियो ने बढ़ाई हलचल, फैंस बोले- क्या गुपचुप शादी कर ली?

Kangana Ranaut एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन गई हैं। इस बार वजह उनकी कोई फिल्म, बयान या राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि उनका एक वायरल वीडियो है। वीडियो में कंगना हरी चूड़ियां और मंगलसूत्र पहने नजर आ रही हैं, जिसके बाद इंटरनेट पर उनकी शादी को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है। वायरल वीडियो में कंगना एक घर से बाहर निकलती दिखाई दे रही हैं। उनके साथ सिक्योरिटी टीम भी मौजूद थी। अभिनेत्री ने हल्के गुलाबी रंग का सलवार सूट पहन रखा था और बिना मीडिया से बात किए सीधे अपनी कार की ओर बढ़ गईं। हालांकि लोगों की नजर सबसे ज्यादा उनके गले में दिख रहे मंगलसूत्र और हाथों में पहनी हरी चूड़ियों पर गई। सोशल मीडिया पर उठे सवाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई फैंस कंगना के इस लुक को उनकी निजी जिंदगी से जोड़कर देख रहे हैं। कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि क्या अभिनेत्री ने गुपचुप शादी कर ली है। एक यूजर ने कमेंट किया, “मंगलसूत्र देखकर तो लग रहा है शादी हो गई है।” वहीं दूसरे यूजर ने लिखा, “शायद किसी फिल्म की शूटिंग का लुक होगा।” एक अन्य फैन ने मजाकिया अंदाज में कहा, “जो भी खुशकिस्मत इंसान है, भगवान दोनों को खुश रखे।” क्या नए प्रोजेक्ट का हिस्सा है यह लुक? हालांकि सोशल मीडिया पर शादी की चर्चाएं तेज हैं, लेकिन कई लोग इसे कंगना के आने वाले प्रोजेक्ट से भी जोड़ रहे हैं। फैंस का मानना है कि अभिनेत्री इन दिनों अपनी चर्चित फिल्म Queen के सीक्वल की शूटिंग में व्यस्त हो सकती हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म को फिलहाल “Queen Forever” नाम से तैयार किया जा रहा है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि मंगलसूत्र और हरी चूड़ियों वाला यह लुक फिल्म के किसी किरदार का हिस्सा हो सकता है। फिलहाल कंगना रनौत या उनकी टीम की ओर से शादी की खबरों पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में फैंस अभी भी इस वायरल वीडियो के पीछे की सच्चाई जानने का इंतजार कर रहे हैं।  

surbhi मई 22, 2026 0
RJ Mahvash reacts to dating rumours with cricketer Yuzvendra Chahal during a podcast interview.
आरजे माहवश ने युजवेंद्र चहल संग रिश्ते की खबरों पर तोड़ी चुप्पी, कहा- ‘हम सिर्फ अच्छे दोस्त हैं’

RJ Mahvash और Yuzvendra Chahal पिछले काफी समय से अपने रिश्ते की खबरों को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। सोशल मीडिया पर दोनों के फॉलो और अनफॉलो को लेकर भी कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। अब पहली बार माहवश ने इन खबरों पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है और दोनों के रिश्ते की सच्चाई बताई है। ‘लोग छोटी बातों को बड़ा बना देते हैं’ एक पॉडकास्ट इंटरव्यू के दौरान जब माहवश से सोशल मीडिया पर चहल को अनफॉलो करने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि लोग अक्सर छोटी बातों को जरूरत से ज्यादा बड़ा बना देते हैं। उन्होंने कहा कि दोस्तों के बीच बहस या मतभेद होना सामान्य बात है और कई बार लोग फॉलो-अनफॉलो भी कर देते हैं, लेकिन इसका मतलब हमेशा रिश्ते में कोई बड़ी समस्या नहीं होता। माहवश ने कहा: “दो दोस्तों के बीच कभी बहस हो जाती है और वे एक-दूसरे को फॉलो या अनफॉलो कर देते हैं। मैं हमेशा उन्हें शुभकामनाएं दूंगी और मेरी दुआएं हमेशा उनके साथ रहेंगी।” ‘हमारे बीच कभी दोस्ती से ज्यादा कुछ नहीं था’ जब उनसे पूछा गया कि क्या कभी उनके और चहल के बीच दोस्ती से ज्यादा कुछ था, तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। माहवश ने कहा कि वह हमेशा चहल की अच्छी दोस्त रही हैं और मुश्किल दौर में सिर्फ एक दोस्त की तरह उनके साथ खड़ी थीं। उन्होंने कहा: “ऐसा कभी नहीं था। वह अपने अलगाव के दौर से गुजर रहे थे और उन्हें एक सच्चे दोस्त की जरूरत थी। मैं उनके सपोर्ट सिस्टम की तरह उनके साथ रही।” तलाक की खबरों के बाद शुरू हुई थीं अफवाहें Yuzvendra Chahal और Dhanashree Verma के अलगाव की खबरों के बाद चहल और माहवश को कई बार साथ देखा गया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर दोनों की डेटिंग की चर्चाएं तेज हो गई थीं। हालांकि दोनों लगातार इन खबरों को अफवाह बताते रहे और कहा कि उनके बीच सिर्फ दोस्ती का रिश्ता है। सोशल मीडिया पर फिर बढ़ी चर्चा हाल ही में दोनों के एक-दूसरे को सोशल मीडिया पर फॉलो और अनफॉलो करने की खबरों ने एक बार फिर रिश्ते को लेकर चर्चाएं तेज कर दी थीं। लेकिन माहवश के बयान के बाद अब तस्वीर काफी हद तक साफ होती नजर आ रही है।  

surbhi मई 18, 2026 0
Mouni Roy reacts to divorce rumours with statement asking for privacy and personal space
तलाक की अफवाहों पर मौनी रॉय ने तोड़ी चुप्पी, बोलीं- हमें प्राइवेसी और स्पेस दें

सोशल मीडिया पर लगातार चल रही थीं अलगाव की खबरें Mouni Roy पिछले कुछ दिनों से अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर ऐसी अफवाहें तेज थीं कि उनके और पति Suraj Nambiar के रिश्ते में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि दोनों अलग रह रहे हैं और उनका रिश्ता टूटने की कगार पर पहुंच गया है। अब इन खबरों पर खुद मौनी रॉय ने प्रतिक्रिया दी है। इंस्टाग्राम स्टोरी पर दिया जवाब मौनी रॉय ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए तलाक की अफवाहों पर चुप्पी तोड़ी। उन्होंने मीडिया से अपील करते हुए लिखा कि झूठी खबरें प्रकाशित न की जाएं और उन्हें प्राइवेसी दी जाए। अभिनेत्री ने अपने संदेश में कहा कि उनकी निजी जिंदगी को लेकर गलत खबरें फैलाने से बचा जाए। इसके साथ उन्होंने हाथ जोड़ने वाला इमोजी भी शेयर किया। कैसे शुरू हुई तलाक की चर्चा? इन अफवाहों की शुरुआत तब हुई जब सोशल मीडिया यूजर्स ने नोटिस किया कि मौनी और सूरज इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को फॉलो नहीं कर रहे हैं। इसके बाद मामला और चर्चा में तब आया जब Disha Patani ने भी मौनी को अनफॉलो कर दिया। वहीं, सूरज नांबियार ने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट डिएक्टिवेट कर लिया, जिसके बाद अलगाव की चर्चाओं ने और जोर पकड़ लिया। 2022 में हुई थी शादी Mouni Roy और Suraj Nambiar ने 27 जनवरी 2022 को गोवा में शादी की थी। दोनों की शादी बंगाली और मलयाली रीति-रिवाजों के अनुसार हुई थी। बताया जाता है कि दोनों की पहली मुलाकात साल 2019 में दुबई में न्यू ईयर सेलिब्रेशन के दौरान हुई थी। इसके बाद दोनों करीब आए और फिर शादी के बंधन में बंध गए। फैंस कर रहे रिश्ते के ठीक होने की उम्मीद मौनी के बयान के बाद फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि दोनों के रिश्ते को लेकर फैल रही अफवाहों पर अब विराम लगेगा। सोशल मीडिया पर कई लोग अभिनेत्री के समर्थन में भी नजर आए।  

surbhi मई 14, 2026 0
Actress Mouni Roy posing at an event amid rumors about her relationship with Suraj Nambiar
तलाक की अफवाहों के बीच वायरल हुआ Mouni Roy का पुराना बयान, बोली थीं- “लड़ाई को लंबा खींचने का क्या फायदा”

सोशल मीडिया पर चर्चा में Mouni Roy और Suraj Nambiar टीवी और बॉलीवुड अभिनेत्री Mouni Roy इन दिनों अपनी निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर उनके और पति Suraj Nambiar के रिश्ते को लेकर अलगाव की अफवाहें तेजी से फैल रही हैं। दरअसल, फैंस ने नोटिस किया कि दोनों ने इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को अनफॉलो कर दिया है। वहीं, ऐसी भी चर्चा है कि सूरज नांबियार का इंस्टाग्राम अकाउंट दिखाई नहीं दे रहा, जबकि मौनी ने अपने प्रोफाइल से शादी की कुछ तस्वीरें हटा दी हैं। इसके बाद सोशल मीडिया पर दोनों के रिश्ते को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं। वायरल हुआ मौनी रॉय का पुराना इंटरव्यू इसी बीच Mouni Roy का एक पुराना बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। एक इंटरव्यू में उन्होंने शादी के बाद रिश्तों में आने वाले मतभेदों को लेकर अपनी राय रखी थी। उन्होंने कहा था, “लड़ाई या बहस को लंबा खींचने का क्या मतलब है? शादी के बाद आप बहुत जल्दी एक मिडिल ग्राउंड पर आ जाते हैं, जो बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड के रिश्ते में इतना आसान नहीं होता।” मौनी ने यह भी कहा था कि रिश्ते को मजबूत बनाए रखने के लिए ज्यादा प्यार, समझदारी और एक-दूसरे का साथ देना जरूरी होता है। अब तक नहीं आया कोई आधिकारिक बयान अलगाव की खबरों के बीच ना तो Mouni Roy और ना ही Suraj Nambiar ने किसी तरह का आधिकारिक बयान जारी किया है। हालांकि, बुधवार को मौनी ने अपनी करीबी दोस्त रूपाली कडयान के जन्मदिन पर सोशल मीडिया पोस्ट शेयर किया। अलगाव की अफवाहों के बाद यह उनका पहला पोस्ट माना जा रहा है। 2022 में हुई थी शादी Mouni Roy और Suraj Nambiar ने 27 जनवरी 2022 को गोवा में शादी की थी। दोनों की शादी मलयाली और बंगाली रीति-रिवाजों से संपन्न हुई थी। शादी के दौरान हल्दी, संगीत और पूल पार्टी जैसी कई रस्में भी हुई थीं, जिनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं। टीवी से फिल्मों तक बनाया खास मुकाम Mouni Roy टीवी इंडस्ट्री का बड़ा नाम मानी जाती हैं। उन्होंने Naagin, Devon Ke Dev...Mahadev और Kasturi जैसे लोकप्रिय शोज में काम किया है। इसके अलावा वह Brahmastra, Gold और Made in China जैसी फिल्मों में भी नजर आ चुकी हैं। हाल ही में उन्होंने रियलिटी शो Temptation Island India को होस्ट किया था।  

surbhi मई 13, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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वरिष्ठ संपादक एवं प्रतिष्ठित पत्रकार दीपेश कुमार का हृदयाघात से निधन

anjali kumari जून 24, 2026 0